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‘हमारे आराध्य के टेंट में दर्शन की दशकों पुरानी पीड़ा दूर होगी’: महाराष्ट्र में PM मोदी ने देश की सबसे बड़ी हाउसिंग सोसाइटी का किया उद्घाटन, 90000 परिवारों को घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (19 जनवरी, 2024) को महाराष्ट्र के सोलापुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने 90,000 से भी अधिक वंचितों को उन्हें अपना घर दिया। साथ ही उन्होंने ‘अमृत 2.0’ योजना की शुरुआत भी की, जिसके तहत शहरों-कस्बों का कायाकल्प किया जा रहा है। ‘अटल मिशन’ भी इसी का हिस्सा है। उन्होंने 2000 करोड़ रुपए से भी अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उद्घाटन किया। सोलापुर में ‘रायनगर हाउसिंग सोसाइटी’ में 15,000 लोगों को घर सौंपा गया।

ये देश की सबसे बड़ी हाउसिंग सोसाइटी है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय हम सभी के लिए भक्ति-भाव से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को वो ऐतिहासिक क्षण आने वाला है, जब हमारे भगवान राम अपने भव्य मंदिर में विराजने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे आराध्य के दर्शन टेंट में करने की दशकों पुरानी पीड़ा अब दूर होने जा रही है। पीएम ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले कुछ संतों के मार्ग दर्शन में वो अपने यम नियमों में व्यस्त हैं और वो उसका कठोरता से पालन भी कर रहा हैं।

बकौल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये भी संयोग है कि उनके अनुष्ठान की शुरुआत महाराष्ट्र के नासिक से पंचवटी की भूमि से हुई। पीएम मोदी ने इस पर ख़ुशी जताई कि कि सोलापुर के हजारों गरीबों और मजदूर साथियों के लिए उनकी सरकार ने जो संकल्प लिया था, वह आज पूरा हो रहा है। पीएम आवास योजना के तहत बनी देश की सबसे बड़ी सोसाइटी का लोकार्पण पर उन्होंने कहा, “मैं आज देखकर आया और मैंने सोचा काश… मुझे भी बचपन में ऐसे घर में रहने का मौका मिला होता।”

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार पहले दिन से प्रयास कर रही है कि श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए देश में सुशासन हो, देश में ईमानदारी का राज हो। ये रामराज्य ही है जिसने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की प्रेरणा दी है। 2014 में सरकार बनते ही मैंने कहा था – मेरी सरकार गरीबों के लिए समर्पित सरकार है। इसीलिए, हमने एक के बाद एक ऐसी योजनाएँ लागू कीं, जिनसे गरीबों की मुश्किलें कम हों और उनका जीवन आसान बने।”

उन्होंने इस दौरान लोगों को समझाया कि 2 प्रकार के विचार रहते हैं – एक राजनीतिक उल्लू सीधा करने के लिए लोगों को भड़काते रहो। उन्होंने आगे बताया कि उनका मार्ग है – Dignity of labour, अर्थात आत्मनिर्भर श्रमिक और गरीबों का कल्याण। प्रधानमंत्री ने याद किया कि हमारे देश में लंबे समय तक ‘गरीबी हटाओ’ के नारे लगते रहे लेकिन गरीबी नहीं हटी। उन्होंने याद किया कि गरीबों के नाम पर योजनाएँ तो बनाई जाती थीं, लेकिन उनका लाभ गरीबों को नहीं मिलता था। उनके हक का पैसा बिचौलिये लूट जाते थे। पहले की सरकारों की नीति, नीयत और निष्ठा कठघरे में थी।

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वकर्मा साथियों का जीवन बदलने के लिए उनकी सरकार ने ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ बनाई है। इस योजना के तहत इन साथियों को ट्रेनिंग दी जा रही है, आधुनिक उपकरण दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर भारत बनाना जरूरी है, और आत्मनिर्भर भारत बनाने में हमारे छोटे, लघु और कुटीर उद्योगों की बहुत बड़ी भागीदारी है। उन्होंने समझाया कि इसी कारण केंद्र सरकार MSMEs को और छोटे उद्योगों को लगातार बढ़ावा दे रही है।

पीएम मोदी ने कहा, “केंद्र में हमारी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत, दुनिया की टॉप तीन अर्थव्यवस्था में शामिल होने वाला है। मैंने देशवासियों को गारंटी दी है कि आने वाले मेरे टर्म में, मैं भारत को दुनिया के पहले तीन देशों में लाकर खड़ा करूँगा। जिन्हें कभी किसी ने पूछा नहीं, उन्हे मोदी ने पूजा है! जिन्हें कभी किसी ने पूछा नहीं, उन्हें मोदी ने पूछा है!” पीएम मोदी सोलापुर के बाद कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए निकल गए। 3 राज्यों में आज ुका धुआँधार कार्यक्रम है।

OYO में मोईन खान ने नाबालिग लड़की का किया रेप, फिर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया: MP में लव जिहाद, आरोपित गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के इंदौर में 17 साल की नाबालिग लड़की से रेप करने वाले मोईन खान को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। आरोप है कि मोईन खान ने पहले तो नाबालिग से रेप किया, फिर उसका वीडियो बनाया और बाद में ब्लैकमेल करके लड़की पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा। मोईन ने पीड़िता के मन में इतना खौफ भर दिया था कि वो अपने घर से निकलने से भी डरती थी।

पूरा मामला के इंदौर के परदेशीपुरा थाने का है। लड़की के पिता ने इस संबंध में लाल गली निवासी मोईन खान के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने केस को रेप, पॉक्सो एक्ट और लवजिहाद की धाराओं में दर्ज किया। फिर नाबालिग लड़की से बंद कमरे में महिला पुलिस अधिकारियों ने बयान लिए। छानबीन के बाद आरोपित को हिरासत में लिया गया और 14 जनवरी, 2024 को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, लड़की के पिता ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में बताया था कि उनकी 12 वीं में पढ़ने वाली लड़की घर में लंबे वक्त से गुमसुम रहती थी। पूछने पर पता चला कि मोईन खान उसे परेशान कर रहा है। पिता का ये भी आरोप था कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपित ने अपने प्रेम जाल में फँसाया था। 17 सितंबर, 2023 को मोईन उनकी बेटी को उसके बर्थडे के दो महीने बाद परदेशीपुरा के बिचौली मर्दाना इलाके के ओयो होटल में लेकर गया था। वहाँ उसने उनकी नाबालिग बेटी से जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

जब बेटी ने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी और संबंध बनाने का वीडियो बनाया। मोईन खान पर उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उसने उनकी बेटी के इस वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी भी दी थी और घर छोड़ते वक्त उसे दोबारा मिलने का दबाव बनाया था। साथ ही इस्लाम कबूलने को कहा था।

लड़की के पिता के अनुसार, जब वो इस संबंध में शिकायत करने गए तो काफी देर उनकी सुनवाई नहीं हुई। बाद में हिंदू समूहों के विरोध के बाद पीड़ित नाबालिग लड़की के परिवारवालों की बात पुलिस ने सुनी गई। हिंदू कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि मोईन खान ने लड़की के पिता के खाते से 25,000 रुपए उड़ा लिए थे। इसके बाद भी उसने लड़की को बदनाम करने के लिए वीडियो बनाया।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि लड़की के पिता से मोईन खान ने और 5 लाख रुपए की माँग की थी। इसके साथ ही आरोपित ने उनकी नाबालिग बेटी पर इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर कर लव जिहाद को अंजाम दिया था।

पाकिस्तानियों के कहने पर नेहरू हटवा रहे थे रामलला को, जिस ऑफिसर ने कॉन्ग्रेसी PM-CM दोनों को दिखाया ठेंगा… उन्हें रात में निकाल दिया सरकारी आवास से

आज रामलला के आगमन से पहले केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार में जो उत्साह दिख रहा है वैसा पहले कभी किसी सरकार का नहीं था। एक समय था जब केंद्र की नेहरू सरकार ने उत्तर प्रदेश की सरकार को कहा था कैसे भी करके रामलला की मूर्ति हटवाई जाए। 1949 के इस वाकये का जिक्र 2024 में किया है पूर्व केंद्रीय संस्कृति सचिव राघवेंद्र सिंह ने।

उन्होंने बताया कि कैसे 1949 में रामलला की मूर्ति हटाने के लिए केंद्र ने यूपी सरकार को आदेश दिए थे, जिसकी वजह से उनके दादाजी, गुरु दत्त सिंह जो कि तत्कालीन फैजाबाद (अब अयोध्या), सिटी मजिस्ट्रेट और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट थे, उन्हें बहुत दबाव झेलना पड़ा था।

वह बताते हैं कि उस समय यूपी के मुख्मंत्री गोविंद वल्लभ पंत थे। बाबरी ढाँचे में रामलला की मूर्ति प्रकट होने से हर जगह इसकी बात थी। इसी बीच पाकिस्तान ने अपने रेडियो पर खबर चलाई कि विभाजन के बाद समुदाय विशेष की जो जगहें खाली थीं उसपर हिंदू कब्जा कर रहे हैं। इस खबर से नेहरू सरकार को काफी फर्क पड़ा। उन्होंने वल्लभ सरकार से रामलला की मूर्ति हटाने को सुनिश्चित करने को कहा था।

इसके बाद तत्कालीन फैजाबाद (अब अयोध्या), सिटी मजिस्ट्रेट गुरुदत्त ने इस मामले पर संज्ञान तो लिया लेकिन जैसा कि सरकार चाहती थी कि 22-23 दिसंबर 1949 को प्रकट हुई मूर्ति को तुरंत हटाया जाए, वैसा नहीं हो सका। राघवेंद्र बताते हैं कि ये सब सिर्फ इसलिए था क्योंकि पाकिस्तान ने अपने रेडियो से इस मामले पर खबर चला दी थी।

बाद में उनकी ये खबर आग की तरह फैली और दिल्ली तक पहुँची। राघवेंद्र बताते हैं कि केंद्र के निर्देश थे इसलिए राज्य सरकार रामलला की मूर्ति को कैसे भी हटवाना चाहती थी। वह कहते हैं,

“जब मेरे दादा ने इस पर अपने तरीके से रिपोर्ट किया तो यह उनके (सरकार के) खिलाफ गया। जब इस बारे में केंद्र सरकार को पता चला तो वहाँ से कुछ स्पष्ट निर्देश आए। केंद्र से मिले निर्देश के आधार पर तत्कालीन यूपी के सीएम गोविंद बल्लभ पंत ने तत्काल जिला मुख्यालय फैजाबाद को संदेशा भिजवाया।”

इसके बाद जब पंत फैजाबाद (अब अयोध्या) आए। उन्हें लेने गुरुदत्त पहुँचे और रास्ते में ही उन्हें मिलकर ये समझाया कि रामभक्त केंद्र और यूपी सरकार की मंशा जान चुके हैं। ऐसे में मूर्ति को नहीं हटाया जा सकता। अगर हुआ तो कानून व्यवस्था बिगड़ेगी।

उन्होंने पंत को सारी संभव स्थिति समझाई और ये भी कहा कि फैजाबाद में उनका रुकना ठीक नहीं हो सकता। उनकी बात पर बहस गर्म हो गई। पंत को लगा कि न तो गुरु दत्त उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रहे हैं और न ही रामलला की मूर्ति हटा रहे हैं।

गुरुदत्त समझ गए थे सही बात कहने के बदले उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। मगर फिर भी उन्होंने सीएम को उस जगह जाने की इजाजत नहीं दी। बाद में उन्होंने अपने आप इस्तीफा दे दिया।

इन फैसलों के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफा देते ही बाद में उनका सामान देर रात उनके सरकारी आवास से निकालकर रोड पर रख दिया। उन्होंने सारी रात रोड पर बिताई। इसके बाद वो अपने दोस्त भगवती बाबू के के फ्लैट पर रहे। पूर्व सचिव कहते हैं कि उनके दादा ने अपने निर्णय की यह कीमत चुकाई थी। लेकिन आज वो पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं तो लगता है कि ये कितना बहादुरी से भरा और जरूरी निर्णय था।

सीन1: भगवान राम मांसाहारी | सीन2: ‘जय श्री राम’ लिख कर माफी – बुरके में नमाज पढ़ बिरयानी बनाने वाली ब्राह्मण लड़की ‘नयनतारा’ ने माँगी माफी

फिल्म ‘अन्नपूर्णी (Annapoorani)’ की अभिनेत्री नयनतारा ने ‘जय श्री राम’ लिख कर माफी माँगी है। उनकी इस फिल्म पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लगे थे। यह फिल्म भगवान राम को मांसाहारी बताने के साथ ही कुकिंग शो में बिरयानी बनाने से पहले नमाज पढ़ती ब्राह्मण लड़की जैसे सीन की वजह से विवादों में घिर गई थी।

‘जवान’ फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आ चुकी नयनतारा ने अपने इंस्टा अकाउंट पर लिखा है कि उनका इरादा किसी को भी ठेस पहुँचाने का नहीं था।

विवाद के बाद इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स से हटा लिया गया था। इस फिल्म पर FIR तक दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर भी इस फिल्म को काफी विरोध झेलना पड़ा था। नयनतारा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर माफीनामा लिखने से पहले सबसे ऊपर जय श्री राम लिखा है।

इसके आगे उन्होंने लिखा, “मैं इस नोट को बहुत भारी मन से और सच्ची इच्छा के साथ हमारी फिल्म ‘अन्नपूर्णी’ को लेकर पैदा हुए हालात को लेकर लिख रही हूँ। मैं सभी देशवासियों से कहना चाहूँगी कि मेरा और मेरी टीम का इरादा किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँचाने का नहीं था।”

उन्होंने आगे लिखा, “हम इस मुद्दे की गंभीरता से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। एक ऐसी इंसान होने के नाते, जो पूरी तरह से भगवान में विश्वास करती है और देश भर के मंदिरों में अक्सर जाती है, मैं जानबूझ कर ऐसा कभी नहीं करूँगी।”

नयनतारा ने आगे लिखा, “मेरी वजह से जिस किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुँची हो, मैं उन सभी से दिल से पूरी संजीदगी से माफी माँगती हूँ। बीते दो दशकों में मेरे फिल्म इंडस्ट्री के सफर में मेरा एक ही इरादा रहा है, सकारात्मकता फैलाने का और एक-दूसरे से सीखने का।”

अन्नपूर्णी (Annapoorani) में आपत्तिजनक क्या-क्या?

1 दिसंबर 2023 को सिनेमाघरों में और 29 दिसंबर 2023 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी यह फिल्म। इस फिल्म की कहानी में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया था। इसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग आलोचना कर रहे थे।

इस फिल्म में नयनतारा (Nayanthara) एक ऐसी महिला का किरदार निभाती है, जो एक मंदिर में पुजारी की बेटी होती है। फिल्म के कुछ सीन में नयनतारा को मंदिर के कपड़ों में दिखाया गया है। लेकिन बिरयानी बनाने से पहले इसी ब्राह्मण लड़की को बुरका पहन कर नमाज पढ़ते भी दिखाया है। साथ ही भगवान राम को मांसाहारी बताया गया है।

इस फिल्म के खिलाफ शिकायत करने वाले लोगों ने इसे हिंदू धर्म के परंपराओं का अपमान बताया था। इस फिल्म के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत दर्ज की गई थी। फिल्म निर्माताओं ने आलोचनाओं के बाद माफी माँगी थी और कहा था कि वो इसे एडिट कर फिर से रिलीज करेंगे।

जब सांसद ही नहीं रहीं तो बंगला किस बात के लिए मिले, हाई कोर्ट ने ठुकराई महुआ की याचिका, खाली करना होगा बंगला

संसद से निष्कासित तृणमूल कॉन्ग्रेस की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने महुआ को दिल्ली का सरकारी बंगला खाली करने के मामले में कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया है। इससे पहले 16 जनवरी, 2024 को महुआ को घर खाली करने का नोटिस मिला था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने महुआ की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा, “याचिकाकर्ता को सरकारी बंगला इसलिए मिला था क्योंकि वह सांसद थीं। उनके संसद से निकाले जाने के बाद उनका यह पद चला गया है। कोर्ट के पास ऐसा कोई नियम नहीं है, जो किसी सांसद के संसद से निकाले जाने के बाद उसके सरकारी घर में रहने सम्बन्धी मसलों से निपटता हो।”

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि उनके संसद से निकाले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी रोक नहीं लगाई है, इसलिए बंगले से उनको बाहर किए जाने के मामले में उन्हें वह कोई भी राहत संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत नहीं दे सकता। उनकी सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका की सुनवाई 24 जनवरी, 2024 को होगी।

संपदा निदेशालय (डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स) ने मंगलवार (16 जनवरी 2024) को उन्हें सरकारी बंगले से बेदखल करने का नोटिस जारी किया था। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व टीएमसी एमपी महुआ मोइत्रा से सांसद के तौर पर उन्हें आवंटित हुए सरकारी बंगले को तुरंत खाली करने को कहा गया था।

बताते चलें कि उन्हें 8 दिसंबर, 2023 को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद संसद की हाउसिंग कमिटी ने महुआ को एक महीने के अंदर 7 जनवरी 2024 तक बंगला खाली करने को कहा था। बकायदा महुआ को 11 दिसंबर 2023 को केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने पत्र भेजकर इस आदेश से अवगत कराया था। इसके बाद 12 दिसंबर को उन्हें तीसरा नोटिस दिया गया, लेकिन इस आदेश को चुनौती देने के लिए वो 18 दिसंबर 2023 को दिल्ली हाई कोर्ट जा पहुँची थीं।

दिल्ली HC में डाली गई याचिका में महुआ ने कहा था, ”उन्हें (महुआ को) सरकारी घर खाली करने का आदेश वक्त से पहले दिया गया है, क्योंकि याचिकाकर्ता के निष्कासन की वैधता अभी देश के सुप्रीम कोर्ट के सामने लंबित है।”

दिल्ली हाई कोर्ट को दी गई याचिका में महुआ ने डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स के 11 दिसंबर के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हो सकता तो कम से कम उन्हें उनके सरकारी आवास में वैकल्पिक तौर पर 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने तक रहने की मंजूरी दी जाए।

हाई कोर्ट को दी गई याचिका में टीएमसी नेता महुआ ने ये तक कह डाला था, “मुझे 2019 के आम चुनावों में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर पहली बार लोकसभा भेजा गया था। टीएमसी ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भी वहाँ से अपना उम्मीदवार बनाया है।”

हाई कोर्ट ने उन्हें 4 जनवरी 2024 को सुनवाई का वक्त दिया था। महुआ की अर्जी पर सुनवाई के बाद जज ने बताया कि केंद्र सरकार की संपत्ति के लिए निदेशालय में आवेदन किया जाना चाहिए, कोर्ट इसमें कुछ नहीं कर सकता।

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला… रामलला का प्रथम दरश पाकर भाव-विभोर हुए रामभक्त, गर्भगृह में विराजमान हुए प्रभु

अयोध्या में राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा से पहले एक सुखद तस्वीर रामभक्तों के लिए सामने आई है। ये तस्वीर है रामलला की मूर्ति के प्रथम दर्शन की। बताया जा रहा है कि भगवान राम को गर्भगृह में विराजमान कर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में पूरे चार घंटे लगे।

पहले मूर्ति को अनाज, फल और सुगंधित जल में काफी देर रखा गया था। उसके बाद रीति-रिवाज के साथ इसे गर्भग्रह में विराजमान करवाया गया। जब प्रभु अपने स्थान पहुँच गए तब उनकी पहली झलक सामने आई है।

प्रभु की मूर्ति को वस्त्र से भी ढका गया है। प्राण-प्रतिष्ठा वाले दिन सबको देखने को मिलेगी। हालाँकि रामभक्त इस तस्वीर को देखकर भी बेहद भावुक हैं। हर कोई अपने तरह से इस मूर्ति को देख भावनाएँ व्यक्त कर रहा है।

लोग लिख रहे हैं

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,
कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी,
अद्भुत रूप बिचारी।

इसी के साथ मालूम हो कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी जी महाराज ने ये भी बताया है कि रामलला की पुरानी मूर्ति को भी 20 जनवरी को ही गर्भ ग्रह में स्थापित किया जाएगा क्योंकि वह भगवान की चल प्रतिमा है। इस तरह दोनों मूर्तियों से गर्भग्रह सुशोभित होगी।

बता दें कि रामलला की नई मूर्ति को बनाने वाले कर्नाटक अरुण योगीराज हैं। देश के लिए उन्होंने जो काम किया है उससे उनकी कला पर किसी को संदेह नहीं है। लेकिन, बस सब प्रभु को देखने के लिए लालायित हैं।

देश भर में दीवाली वाला माहौल है। 22 जनवरी को केंद्र ने इस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में हर जगह हाफ डे की छुट्टी दे दी है। आदेश में कहा गया है कि दोपहर 2:30 बजे तक देश भर के सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। ये छुट्टी प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखकर दी गई है।

इसके अलावा यूपी में तो इस दिन हर जगह छुट्टी ऐलान है। साथ ही शराब बेचने पर भी रोक है। कई जगह मीट माँस की दुकान खोलने से भी मना किया गया। यूपी के अलावा छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भी प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन स्कूल-कॉलेज बंद करने की बात है।

गौरतलब है कि रामलला की नई मूर्ति के गर्भग्रह में स्थापित होने से पहले पहले भगवान की एक छोटी मूर्ति को पालकी में विराजित करके मंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया। शुरू में प्लान किया गया था कि इस मूर्ति को नगर भ्रमण करवाया जाएगा मगर फिर सुरक्षा व्यवस्था के चलते उस कार्यक्रम को रद्द किया गया और रामलला को मंदिर में घुमाकर उनके दर्शन हुए।

‘PM मोदी के लिए जान देने के लिए तैयार हूँ, पूरा किया 500 साल पुराना सपना’: बोलते-बोलते रो पड़ीं बुजुर्ग अम्मा, कहा – हमारा पूरा जीवन उन्हें लग जाए

भगवान राम की अयोध्या नगरी में रामलला विराजमान अपने भव्य मंदिर में विराज रहे हैं। पूरे देश में राम भक्ति की भावना उफान पर है। इस बीच, एक बुजुर्ग महिला का वीडियो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो पीएम मोदी के लिए जान देने तक की बात कह रही हैं। उनका कहना है कि मोदी ने मंदिर बनवा दिया, 500 सालों का इंतजार खत्म करा दिया, उन्हें अब कुछ नहीं चाहिए।

इस वीडियो में बुजुर्ग बता रही हैं कि वो जालौन जिले की रहने वाली हैं, लेकिन यहीं अयोध्या में काफी समय से हैं। वो कनक भवन के पीछे धर्मशाला में रहती हैं। एबीपी न्यूज के वायरल वीडियो में वो कहती हैं, “मोदी के लिए हम जान दे दें। मोदी के लिए जान देने को तैयार हैं। 500 साल की मन्नत पूरी हुई। जय हो प्रभु की। हमारा पूरा जीवन मोदी को जाए। मोदी को मिले सब कुछ।” इस वीडियो में बात करते हुए दादी अम्मा काफी इमोशनल हो जाती हैं और रो पड़ती हैं। उनकी बातों में राम मंदिर बनने का संतोष झलकता है।

वरिष्ठ पत्रकार विकास भदौरिया ने ट्विटर पर लिखा, “दादी अम्मा के इस वीडियो ने दुनिया भर में धूम मचा दी है, पीएम नरेंद्र मोदी के लिए ये दादी अम्मा प्राण देने को तैयार हैं, मोदी को अपनी उम्र लग जाए, ये दुआ दे रही है, वजह है मोदी ने अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम का मंदिर निर्माण करवाया है, 500 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत हुआ है। अम्मा को सुनिए। भावनाओं के ज्वार को सुनिए, समझिए और महसूस कीजिए।” वहीं, कुँवर अजय प्रताप सिंह लिखते हैं, “ये आस्था है राम मंदिर से देश के लोगों की। हम धन्य पीढ़ी हैं, जो अपनी आँखों से मंदिर बनते देख रहे हैं।”

बता दें कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। 16 जनवरी से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान 22 जनवरी तक चलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 22 जनवरी को रामलला अपने स्थान पर विराजमान होंगे। पूरे देश में लोग अपने घरों में दिवाली मनाएंगे। हर तरफ मंगलगीत अभी से गाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया भी भगवान राम की भक्ति में मशगूल है। ऐसे में इन बुजुर्ग का वीडियो वायरल होना, इस बात की गवाही है कि लोग राम मंदिर के बनने से कितने खुश हैं। वैसे, आम भक्त भी 23 जनवरी से रामलला के दर्शन कर सकेंगे।

पद्मनाभस्वामी मंदिर से रामलला के लिए आ रहा विशेष भेंट ‘ओणाविल्लू’, जीवंत होगी सदियों पुरानी परंपरा: वामन अवतार और महाबली से जुड़ा है इतिहास

अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चल रहा है। भगवान राम के 5 वर्षीय बालक स्वरूप की मूर्ति अब मंदिर में पहुँच चुकी है। उनसे जुड़े प्रतिष्ठान अयोध्या में चल रहे हैं। इस बीच, केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की तरफ से रामलला के लिए ‘विशेष भेंट’ भेजी जा रही है। ये विशेष भेंट धनुष ‘ओणाविल्लू’ है, जिसमें चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण गाथा दिखाई जाती है।

गुरुवार (18 जनवरी, 2024) को पद्मनाभ मंदिर के पूर्वी द्वार पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में ‘ओणाविल्लू’ को ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के पदाधिकारी को सौंपा दिया गया। इसके बाद इसे प्लेन के माध्यम से कोच्चि से अयोध्या लाना है।

ओणाविल्लू क्या है?

‘ओणाविल्लू’ तीन सदी पुरानी परंपरा के तहत भगवान श्री पद्मनाभ को समर्पित एक औपचारिक भेंट है। स्थानीय लोग हर साल ‘तिरुओणम’ के पवित्र मौके पर भगवान पद्मनाभ मंदिर में यह भेंट चढ़ाते हैं। भक्तों द्वारा पवित्र माना जाने वाला ‘विल्लू’ धनुष के आकार में लकड़ी से बना होता है जिसके दोनों तरफ भगवान विष्णु के अवतारों को दर्शाया जाता है। यही विल्लू ओणम के पर्व के अवसर पर भगवान को समर्पित किया जाता है, इसलिए इसे ‘ओणाविल्लू’ कहा जाता है।

माना जाता है कि ओणाविल्लू केरल के सबसे पुराने मंदिर अनुष्ठानों में से एक है। ये उतना पुराना है, जितना कि पद्मनाभस्वामी मंदिर। ओणाविल्लू का समर्पण कुछ समय के लिए रुक गया, लेकिन वीरा इरावी वर्मा के शासनकाल के दौरान 1424 ईस्वी में इसे फिर से शुरू किया गया। साल 1731 में जब त्रावणकोर के राजा मार्तंड वर्मा ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया, तो विलायिल वीदु के आनंद मुथसारी पद्मनाभम मंदिर के ‘स्थापती’ थे। मंदिर के पूर्वी प्रवेश द्वार पर मुथसारी की एक छोटी मूर्ति भी है।

इसे बनाने का अधिकार करमना मेलारनूर विलायिल विदु परिवार को दिया गया है। ये परिवार पारंपरिक रूप से मंदिर में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस परिवार के अलावा किसी अन्य के पास ‘ओणाविल्लू’ बनाने का अधिकार नहीं है।

ओणाविल्लू से जुड़ी किवदंती

ओणाविल्लू की कथा महाबली से जुड़ी हुई है। जब वामन ने विश्वरूप के माध्यम से अपनी असली पहचान दिखाई, तो महाबली ने भगवान विष्णु से अपने सभी 10 अवतार और संबंधित कहानियाँ दिखाने का अनुरोध किया। इस पर भगवान विष्णु ने विश्वकर्मा को बुलाया। ऐसा माना जाता है कि यह विश्वकर्मा ही थे जिन्होंने सबसे पहले ओणाविल्लू का निर्माण किया था। भगवान विष्णु ने महाबली को हर वर्ष समय-समय पर अवतार चित्र बनाकर दिखाने का भी वचन दिया।

तब से ही हर साल ओणम के मौके पर पद्मनाभस्वामी के मंदिर में ‘ओणाविल्लू’ का समर्पण किया जाता है। ओणाविल्लू के निर्माण के दौरान इसे बनाने वाला परिवार 41 दिनों तक संयम का पालन करता है। ओणाविल्लू का समर्पण सुबह लगभग 5 बजे होता है। मंदिर के सामने इसका भव्य तरीके से स्वागत किया जाता है। फिर प्रत्येक जोड़ी को मंदिर में अलग-अलग मूर्तियों को समर्पित किया जाता है।

ओणाविल्लू से जुड़ी खास जानकारियाँ

ओणाविल्लू कदम्ब और महगनी की लकड़ी से बनाया जाता है। ओणाविल्लू की लंबाई में भी अंतर होता है, जो साढ़े तीन फीट, चार फीट और साढ़े चार फीट के होते हैं। इसका डिज़ाइन उस नाव पर आधारित है जिस पर मंदिर का ‘थजिकाकुदम’ रखा गया है। इनमें दशावतारम विल्लू, अनंतशयनम विल्लू, श्रीराम पट्टाभिषेकम विलु, कृष्णलीला विलु, सस्था विल्लू और विनायक विलु शामिल हैं। इन्हें रंगने के लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

ओणाविल्लू के निर्माण के दौरान परिवार 41 दिनों तक संयम का पालन करता है। ओणाविल्लू का समर्पण सुबह लगभग 5 बजे होता है। मंदिर के सामने इसका भव्य तरीके से स्वागत किया जाता है। फिर प्रत्येक जोड़ी को मंदिर में अलग-अलग मूर्तियों को समर्पित किया जाता है।

‘ओणाविल्लू’ की लंबाई में मुख्य अंतर

मुख्य देवता अनंतपद्मनाभन (भगवान विष्णु) के लिए अनंतशयनम विल्लू को 4.5 फीट आकार की लकड़ी पर बनाया जाता है। इसके बाद नरसिम्हामूर्ति (दशावतारम विल्लू), श्री राम (श्री राम पट्टाभिषेकम विल्लू) और शास्ता को 4 फीट लंबी लकड़ी पर बनाया जाता है। लंबाई में तीसरे नंबर पर श्री कृष्ण (श्री कृष्णलीला विल्लू) और विनायक (गणेश विल्लू) को 3.5 फीट आकार की लकड़ी पर बनाया जाता है। सभी की चौड़ाई समान .75 इंच होती है।

मूल रूप से ‘अनंतशयनम विल्लू’, दशावतारम विलु’, और ‘श्रीकृष्णलीला विलु’ को पद्मनाभस्वामी मंदिर में पेश किया जाता था, लेकिन समय-समय पर अन्य देवताओं के लिए ओणाविल्लू का निर्माण किया जाता है।

बता दें कि पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और भगवान राम को भी भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और पुराणों में भी इसका जिक्र है। पद्मनाभस्वामी मंदिर को दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है।

‘ये मियाँ यात्रा है, जहाँ-जहाँ मुस्लिम वहीं जा रहे राहुल गाँधी’: CM सरमा ने देश के ‘सबसे भ्रष्ट परिवार’ पर साधा निशाना, बोले – डुप्लीकेट नाम लेकर घूम रहे

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कॉन्ग्रेस नेता और सांसद राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा‘ पर हमला बोला है। उन्होंने इसे ‘मियाँ यात्रा’ करार दिया है। उन्होंने साथ ही गाँधी परिवार को देश में सबसे भ्रष्ट परिवार बताया है। उनके यह आरोप तब सामने आए हैं जब कॉन्ग्रेस की यह यात्रा असम में प्रवेश कर चुकी है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मेरे हिसाब से देश का सबसे भ्रष्ट परिवार गाँधी परिवार है। इस देश में बोफोर्स से लेकर भोपाल गैस कांड के एंडरसन को भगाने तक देश का सबसे भ्रष्ट परिवार गाँधी परिवार है। वह भ्रष्ट ही नहीं डुप्लीकेट भी हैं, उनका पारिवारिक नाम गाँधी है ही नहीं, डुप्लीकेट नाम लेकर घूम रहे हैं। डुप्लीकेट लाइसेंस में पकड़ लेता था लेकिन डुप्लीकेट नाम लेने से क्या होता है।”

आगे उन्होंने कहा, “इनकी यह यात्रा न्याय यात्रा नहीं बल्कि मिया यात्रा है। जहाँ-जहाँ मियाँ (मुस्लिम) लोग रहेंगे वहीं यह यात्रा जाएगी।” असम में मियाँ उन मुस्लिमों को उन्हें हैं जो बांग्लादेश से अवैध रूप से सीमा पार करके असम में आए हैं। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि हम किसी को जाने से रोक नहीं रहे लेकिन एक समुदाय को छोड़ कर और कोई लोग उनकी यात्रा में नहीं जाना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे उस समुदाय का नाम लेने में भी कोई समस्या नहीं है और अब तो वह भी नहीं जाना चाहते।

इससे पहले राहुल गाँधी ने भी हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार पर हमला बोला। उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा 18 जनवरी, 2024 को नागालैंड से असम में पहुँची है। यहाँ राहुल गाँधी ने सिवासनगर में एक रैली में कहा कि देश में सबसे भ्रष्ट सरकार असम की सरकार है, हम यह मुद्दा इस यात्रा में उठाएँगे। कॉन्ग्रेस नेता और सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि असम सरकार उनकी यात्रा में बाधाएँ डाल रही है और यह प्रयास कर रही है कि उनकी यात्रा असम में सफल नहीं हो।

गौरतलब है कि राहुल गाँधी कि यह भारत जोड़ो न्याय यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर से चालू हुई है। यह यात्रा असम में 25 जनवरी तक रहेगी। इस दौरान राहुल गाँधी की यह यात्रा 14 जिलों से गुजरेगी। इसके बाद यात्रा पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर जाएगी। राहुल की यह यात्रा देश के 15 राज्यों से होते हुए 20 मार्च, 2024 को मुंबई में समाप्त होगी।

इंडिगो पर ठोका गया ₹1.20 करोड़ का जुर्माना, मुंबई एयरपोर्ट को भी देना होगा ₹90 लाख का फाइन: रनवे पर खाना खाते यात्रियों का वीडियो हुआ था वायरल

ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सेफ्टी (BCAS) ने बुधवार (17 जनवरी, 2024) को इंडिगो पर 1.2 करोड़ रुपए और छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMI एयरपोर्ट) पर 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। हवाई अड्डे पर यात्रियों द्वारा सड़क पर खाना खाते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। साथ ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी मुंबई एयरपोर्ट पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

बता दें कि 15 जनवरी को इंडिगो की उड़ान में 12 घंटे से अधिक की देरी का सामना करने के बाद यात्रियों को हवाई अड्डे के रनवे पर बैठकर खाना खाते देखा गया था। नियमों का उल्लंघन करने पर एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर भी जुर्माना लगाया गया।

एयरपोर्ट पर जुर्माना क्यों लगाया गया?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीएएस ने इंडिगो पर 1.2 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। DGCA ने मुंबई एयरपोर्ट पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जबकि बीसीएएस ने एयरपोर्ट पर 60 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जिससे जुर्माना राशि बढ़कर 90 लाख रुपए हो गई। बुधवार को यात्रियों को सड़क पर बैठकर भोजन करते हुए दिखाने वाले एक वीडियो के वायरल होने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा इंडिगो और मुंबई हवाई अड्डे दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।

इस नोटिस में मंत्रालय ने कहा था कि ‘अगर तय समय में जवाब नहीं मिला तो वित्तीय दंड समेत प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की जाएगी।’ इस नोटिस पर मिले जवाब असंतोषजनक होने पर अधिकारियों ने जुर्माना लगाया।

इंडिगो ने पहले घटना की आंतरिक जाँच कराने की घोषणा की थी। पर्याप्त जुर्माना लगाए जाने के बाद एयरलाइंस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इंडिगो ने एक बयान में कहा, “मुंबई के हवाई अड्डा सुरक्षा समूह (ASG) को भी स्थिति के बारे में पहले से सचेत नहीं किया गया था।” इस घटना का वीडियो उस क्लिप के कुछ घंटों बाद आया है जिसमें एक यात्री द्वारा केबिन क्रू के साथ उड़ान भरने में देरी को लेकर मारपीट किए जाने की क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गई थी।

अब DGCA और BCAS ने इस घटना में शामिल मुंबई एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस पर जुर्माना लगाया है।

स्पाइसजेट और एयर इंडिया पर भी जुर्माना लगाया गया

डीजीसीए ने स्पाइसजेट और एयर इंडिया पर जुर्माना भी लगाया है। दोनों को 30-30 लाख रुपए देने को कहा गया है। दिल्ली में कोहरे के कारण उनकी उड़ानों में देरी हुई। वे कोहरे के लिए तैयार नहीं थे, जिसके चलते डीजीसीए ने उन पर जुर्माना लगाया है। इन एयरलाइंस पर आरोप है कि उन्होंने कोहरे के दिनों में कैट III ट्रेनिंग पाए पायलटों को ड्यूटी पर तैनात नहीं किया। CAT III ट्रेनिंग प्राप्त पायलटों को कम रोशनी में भी उड़ान भरने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।