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L01-501, वो नंबर जिसके कारण 34 दिन बाद मिली लड़की की लाश: बॉयफ्रेंड ने की थी हत्या, खुद भी मरा

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक लड़के ने शक के कारण अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी और बाद में खुद भी ट्रेन से कूद कर मर गया। शुरू में पुलिस इसके तार नहीं जोड़ पाई, लेकिन जब छानबीन बढ़ी तो दोनों का कनेक्शन सामने आया। पुलिस को लड़के के फोन से एक नोट भी मिला जिसमें उसने लड़की की लाश किस पेड़ के पास है इस बारे में लिखा था।

पुलिस ने उस कोड को खोजा और एक माह बाद जाकर लड़की का शव गली अवस्था में जंगलों से मिला।

जानकारी के अनुसार, वैष्णवी डेटा साइंस की छात्रा और कलंबोली की रहने वाली थीं। दिसंबर में जब वह अचानक गायब हुईं तो उनकी माँ अरुणा ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 12 दिसंबर, 2023 को थाने में दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि 12 दिसंबर की सुबह 10 बजे वो सायन में एसआईईएस कॉलेज के लिए निकली थीं, लेकिन घर वापस नहीं लौटी।

पुलिस ने बहुत कोशिश की लेकिन वैष्णवी का पता नहीं लग पाया। यही वजह रही कि ये केस 6 जनवरी,2024 को क्राइम ब्रॉन्च की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के हवाले कर दिया गया था। इस बीच, नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारम्बे ने केस की जाँच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई।

इसके बाद AHTU ने जाँच-पड़ताल शुरू की। सबसे पहले मृतक छात्रा वैष्णवी बाबर के मोबाइल की टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज हासिल किया गया। इसमें पता चला कि बाबर और उसका 24 साल का ब्वॉयफ्रैंड वैभव बुरुंगले 12 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक खारघर पहाड़ियों में थे।

जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि कलंबोली के रहने वाले वैभव बुरुंगले ने 12 दिसंबर को शाम 5 बजे सानपाड़ा के जुईनगर रेलवे स्टेशन में चलती लोकल ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की थी। वाशी जीआरपी ने बुरुंगले की मौत के मामले में आकस्मिक मौत का केस दर्ज किया था।

आगे पड़ताल में पता चला कि दोनों में पाँच साल से रिश्ता था और मृतका के घरवाले दोनों के अलग जाति के होने से इस रिश्ते से खुश नहीं थे। इसी वजह से वो ब्वॉयफ्रैंड वैभव बुरुंगले से रिश्ता खत्म करना चाहती थी।

हालाँकि पुलिस को मिले बुरुंगले के खुदकुशी नोट में पता चला कि उसे वैष्णवी के दूसरे से डेटिंग का शक था। इसी वजह से उसने सामान पैक करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सेल्फ-लॉकिंग नायलॉन केबल ज़िप से वैष्णवी का गला घोंट उसे मार डाला था।

एएचटीयू के सीनियर इंस्पेक्टर अतुल अहेर ने कहा, “बुरुंगले के फोन की जाँच करने पर, हमें एक नोट मिला था। इसमें कहा गया था कि उसने खारघर पहाड़ियों पर लड़की का गला घोंट दिया था और उसकी लाश को झाड़ियों में फेंक दिया था। उसने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि उसे उस पर किसी और के संग डेटिंग का शक था।”

उन्होंने आगे बताया कि बुरुंगले ने अपने खुदकुशी नोट में एक खास कोड L01-501 का भी जिक्र किया था। ये कोड खारघर पहाड़ियों पर वृक्षारोपण संपदा में से एक में एक विशिष्ट पेड़ पर वन विभाग ने दर्ज किया था।

सीनियर इंस्पेक्टर अहेर के मुताबिक, इस कोड L01-501 को डिकोड करने के लिए टीम ने 6 जनवरी से पहाड़ियों की खोज शुरू की। इस खास कोड के पेड़ को खोजने के लिए रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच टीम खारघर पहाड़ियों के जंगलों में जाती थी।

अहेर ने आगे बताया कि यही नहीं टीम ने पहाड़ियों की झाड़ियों और घाटियों में इस कोड को खोजने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। आखिरकार, घटना के 34 दिनों बाद 16 जनवरी, 2024 को वैष्णवी बाबर की लाश खारघर तलहटी में ओवे कैंप के पास कोड नंबर L01-501 पेड़ के नीचे मिली।

उन्होंने बताया कि लाश की पहचान मृतका बाबर के माता-पिता ने उसके लापता होने वाले दिन पहनी पोशाक और उसके कॉलेज के आईडी कार्ड की डोरी और कलाई घड़ी से की। पुलिस ने बाबर की लाश की तलाश के लिए लोनावाला के स्वैच्छिक बचाव दल की मदद ली थी।

इसके साथ ही फायर ब्रिगेड, सिडको और वन विभाग का भी सहयोग लिया गया था। मृतका बाबर के परिवार में उसके स्कूल बस चालक पिता, गृहिणी माँ, दुबई में नौकरी करने वाली एक बड़ी बहन और एक 10 साल का छोटा भाई है। सीनियर इंस्पेक्टर अहेर के मुताबिक, बुरुंगले ने एचएससी तक पढ़ा था और छोटी-मोटी नौकरियाँ करता था। वह अपने माता-पिता और बड़े भाई के साथ रहता था।

पाकिस्तानी क्रिकेटर आजम खान के मोटापे का न्यूजीलैंड में बना मजाक… एंट्री होने पर स्टेडिम में बजा ‘Big Show’ वाला गाना, फैन्स झुंझलाए

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम इन दिनों न्यूजीलैंड में हैं। वहाँ उन्होंने टी-20 सीरीज में 3-0 से हारकर खुद की फजीहत कराई है। वहीं न्यूजीलैंड ने उनके खिलाड़ी का बीच मैदान पर मजाक बनाया है।

एक वीडियो सामने आई है जिसमें पाकिस्तानी क्रिकेटर आजम खान मैच खेलने के लिए पिच पर आ रहे हैं। इस दौरान पीछे से उनके मोटापे का मजाक उड़ाते हुए बिग शो का थीम सॉन्ग बजता दिखाई देता है।

ये घटना है 17 जनवरी 2024 को ड्यूनडिन में खेले गए तीसरे टी-20 मैच की है। पाकिस्तानी क्रिकेटर को मैदान में आते देखा जा सकता है और पीछे जो गाना बजता है वो बिग शो का एंट्री सॉन्ग्र है

इस थीम सॉन्ग को सुनने के बाद पाकिस्तानी बहुत आहत हुए। उन्होंने इस हरकत को घटिया बताया। और न्यूजीलैंड को टैग कर करके पूछा कि उनके खिलाड़ी के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया है।

मालूम हो कि पाकिस्तानी फैन्स जिस मैच में हुई इस हरकत से नाराज हैं उसमें आजम खान ज्यादा देर टिक भी नहीं पाए। 10 रन के बाद उन्हें आउट कर दिया गया। वहीं पूरी पाकिस्तान टीम 20 ओवर में 179 रन बना पाई जबकि टारगेट 224 का था।

गौरतलब है कि आजम खान को लगातार उनके हेवी शरीर के कारण ट्रोल किया जाता है। कोई आलू कहता है, कोई लड्डू, कोई हाथी कहता है। इस बार उनकी तुलना बिग शो से कर दी गई, जिनका असली नाम पॉल डोनाल्ड वाइट-2 है। उन्हें उनके बड़े आकार के कारण जाना जाता है।

उनकी हाइट 7 फीट 2 इंच है और वजन 230 किलो। जब भी वह WWE में आते थे तो उनके लिए एक थीम सॉन्ग बजता था जो काफी मशहूर था। न्यूजीलैंड-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज के दौरान वही सॉन्ग आजम के लिए बजा।

अजीब बात ये है कि एक ओर जहाँ क्रिकेट में फिट रहने को सबसे जरूरी बताया जाता है। वहीं आजम के ट्रेनर शहजर मोहम्मद कहते हैं कि अगर आजम खान ने अपना वजन एकदम से गिरा लिया तो वो बॉल हिट करने की पावर खो देंगे। इससे उन्हें ताकत मिलती है।

बता दें कि पहली बार नहीं है जब क्रिकेट पिच पर इस तरह WWE का कोई थीम सॉन्ग बजा हो। इससे पहले जब 2022 में न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स पाकिस्तान के खिलाफ मैच में मैदान पर आए थे तो उनके लिए जॉन सेना का थीम सॉन्ग बजा था।

1 कर्नल और 2 सुरक्षाकर्मियों की गोली मार हत्या: पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक के बाद ईरान में आतंकी हमला, जैश उल-अदल ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान-ईरान सीमा से सटे आतंकवादी समूह जैश उल-अदल के आतंकियों ने ईरान के एक सैन्य अधिकारी और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के कर्नल हुसैन अली जवीदंफर (Colonel Hossein Ali Javidanfar) और उनके साथ के 2 सुरक्षाकर्मियों की हत्या ईरान द्वारा पाकिस्तान के अंदर घुस कर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए की गई एयरस्ट्राइक के ठीक एक दिन बाद की गई है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) के सैन्य अधिकारी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर ये जानलेवा हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे अशांत दक्षिणपूर्वी प्रांत में किया गया। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बुधवार (17 जनवरी 2024) को ये जानकारी दी। हमलावारों की पहचान करने और उनका पीछा करने की कोशिशें जारी हैं।

आतंकवादी समूह जैश उल-अदल (Jaish al-Adl) ने 17 जनवरी 2024 को ही इस हमले की जिम्मेदारी भी ले ली। यह वही आतंकी समूह है, जिसके ठिकानों को बर्बाद करने के लिए ईरान की वायुसेना ने पाकिस्तान में घुस कर बमबारी की।

दरअसल ईरान ने पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में आतंकवादी समूह जैश उल-अदल के दो ठिकानों पर एक दिन पहले ही हवाई हमला किया था। ईरान के हमलों को अवैध बताते हुए पाकिस्तान ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के सामने विरोध दर्ज कराया था। साथ ही गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी जारी की थी।

इस हमले की बौखलाहट में पाकिस्तान ने उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने का हवाला देकर तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला डाला और इस्लामाबाद से ईरानी राजदूत को भी निष्काषित कर डाला है।

क्या है जैश उल-अदल (Jaish al-Adl), कहाँ है इसका ठिकाना

ईरान का कहना है कि पाकिस्तान की सीमा का इस्तेमाल बलूचिस्तान प्रांत से ऑपरेट करने वाला आतंकवादी समूह जैश उल-अदल कर रहा है। साल 2012 में बना ये आतंकी संगठन अपनी अधिकांश आतंकी गतिविधियों का संचालन पाकिस्तान से करता है। ईरान के अनुसार जैश-उल-अदल आतंकवादी समूह का बलूचिस्तान के सीमावर्ती शहर पंजगुर में ठिकाने हैं।

अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के मुताबिक, जैश अल-अदल सिस्तान-बलूचिस्तान में सक्रिय बेहद सक्रिय और प्रभावशाली सुन्नी आतंकवादी समूह है। रिपोर्ट के मुताबिक, जैश उल-अदल नाम के आतंकी संगठन ने पहले पाकिस्तान से सटे सीमा क्षेत्र में ईरानी सुरक्षा बलों पर हमले किए थे।

यह वही इस्लामी आतंकी समूह है, जिसने दिसम्बर 2023 में ईरान के हिस्से में पड़ने वाले बलूचिस्तान प्रांत में एक पुलिस थाने पर हमला किया था। इस हमले में 11 पुलिसकर्मी मारे गए थे। पाकिस्तान के भीतर घुस कर किया गया हवाई हमला इसी की प्रतिक्रिया में ईरानी वायुसेना ने किया है।

रुई में बाँधा शव, तेल डाल जला दिया, निहत्थों के सीने पर दागी गोली : कारसेवक बलिदानियों को याद कर रो पड़ीं साध्वी ऋतंभरा, कहा- राम मंदिर कोई सामान्य मंदिर नहीं

अयोध्या में राम मंदिर बनने पर हर जगह उत्साह है। लोग तैयारी में जुटे में हैं कि 22 जनवरी को जब प्रभु श्रीराम अपने धाम लौटेंगे तो घर-घर दीवाली मनेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं प्रभु श्रीराम को उनका सही स्थान मिलना या उनका मंदिर बनना इतनी आसान बात नहीं थी। ये संभव हो पाया है सिर्फ कारसेवकों के बलिदान से।

कारसेवकों के साथ आज से 32 साल पहले कितनी वीभत्सता हुई होगी इसका हम लोग अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों में कई बातें प्रकाशित हैं जिन्हें पढ़कर उस समय का अंदाजा लगा सकते हैं लेकिन बर्बरता के बारे में यदि जानना है तो फिर प्रत्यक्षदर्शियों से पूछिए या फिर कारसेवकों के परिवारों से।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत वायरल है। इसमें दिखाया जा रहा है कि अयोध्या में कारसेवकों को गोलियों से छलनी कर करके सरयू नदी में बहा दिया गया था। बाद में उनका शव बड़ी मशक्कत के बाद निकला। कुछ शव पहचान आ रहे थे और कुछ इतने गल गए थे कि पता तक नहीं लग पा रहा था। वो एक कंकाल हो चुके थे। शेयर होती वीडियो बेहद डरावनी है और मन में सवाल छोड़ती है कि आखिर उन कारसेवकों के साथ हुआ क्या होगा।

राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी साध्वी ऋतंभरा ने हाल ही में इस संबंध में सुशांत सिन्हा के साक्षात्कार में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि ये मंदिर सामान्य मंदिर नहीं है। 500 साल तक लगातार हिंदुओं ने एक जगह माथा टेका, वहाँ परिक्रमा की, मंदिर के लिए संकल्प लिए। ये भारतीयों के खंडित स्वाभिमान की पुन: स्थापना है।

उनसे जब पूछा गया कि जब कारसेवकों पर गोली चली तो क्या नहीं लगा कि ये तो चरम हो गया। इस पर साध्वी ऋतंभरा कहती हैं कि उनके सीने पर गोली उतारी गई थी। रेत की बोरियाँ भरकर उनके सरयू में डुबोया गया। गुरू भाई को उठाकर ले गए उसमें उन्होंने रुई बाँधी और फिर तेल डालकर उन्हें जला डाला गया, बेटियों के छाती में छल्ले दागे गए थे। साध्वी ऋतंभरा कहती हैं कि उन निहत्थों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। घर के चिराग जब घर को आग लगाते तब बहुत बुरा लगता है।

इसी तरह राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे उन सभी लोगों के बयान प्रासंगित हो गए हैं जिन्होंने उस नरसंहार को करीब से देखा। राम मंदिर आंदोलन को करीब से रिपोर्ट करने वाले महेंद्र त्रिपाठी उन्हीं लोगों में से एक हैं। वो आज भी कारसेवकों की तस्वीर देखते-दिखाते रोने लगते हैं।

लल्लनटॉप से की बातचीत की एक छोटी क्लिप में वो कारसेवकों के साथ हुई बर्बरता की तस्वीरें दिखाकर कहते हैं- “मैंने ये सब खुद फोटो खींची थीं। सरदार परम सिंह भुल्लर को मैंने लिखा है- कारसेवकों का हत्यारा। जब मुझे किसी ने इसके बारे में बताया तो मैंने फोटो के साथ ये लिखकर रखा ताकि लोगों को पता रहे गोली कौन चलवाया।”

महेंद्र कहते हैं, “आज 32 वर्ष बीत गए हैं लेकिन जब-जब मैं ये बातें याद करता हूँ तो मेरे रौंगते खड़े हो जाते हैं। कई दिनों तक मैं सो नहीं पाता था। मुझे लगता था कारसेवकों को मेरे आगे गोली चल रही है। मैं उन्हें बचा रहा हूँ।” इतना कहकर वो फफक पड़ते हैं।

मालूम रहे कि राम मंदिर वाकई कोई सामान्य मंदिर नहीं है। ये एक कई पूरी पीढ़ी का संघर्ष है जिसे आज चरितार्थ होते देखा जा रहा है। कारसेवकों का बलिदान है जिन्हें 32 वर्ष बाद जाकर सम्मान मिला है। उन परिवारों के आँसुओं का हिसाब है जो इस मंदिर के लिए लोगों ने बहाये। ऑपइंडिया उन लोगों के दर्द पर ग्राउंड रिपोर्ट्स भी कर रहा है। आप इस लिंक पर क्लिक कर उसे पढ़ सकते हैं।

केरल में ऊँट पर बारात! अरब के लोगों की नकल कर निकाह करने चला रिजवान, हाइवे को कर दिया जाम: पुलिस ने लाठी फटकार कर छुड़ाया जाम

भारत में अरबी लोगों की नकल करने का एक अजीब नमूना सामने आया है। केरल के कन्नूर में रिजवान नाम के एक शख्स ने अपने निकाह में ऊँट पर बैठकर बारात निकाली। इसकी वजह से पूरा ट्रैफिक जाम हो गया। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और दूल्हे समेत 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है।

वैसे तो भारत में अरब के मुस्लिमों की नकल करने के अनेक उदाहरण मौजूद हैं, लेकिन स्थान और परिस्थिति देखने के बावजूद ऐसा करने की यह घटना अपने आप में अनूठा है। घुटने तक पजामा, सिर पर अरबियों की तरह का खास स्कार्फ और अन्य चीजें लेकर केरल जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऊँट पर बारात निकलना अपने आप में अचंभित करने वाला है।

यह मामला बीते रविवार (14 जनवरी 2024) का है। कन्नूर के वरम इलाके में दूल्हा बना रिजवान अपनी बारात ऊँट पर निकाली। यहाँ बाकायदा बैंड-बाजे के साथ बारात दुल्हन के घर जा रही थी। मेन हाईवे पर जब बारात पहुँची तो कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाले रोड पर जाम लग गया। ऊँट पर बैठे दूल्हे के टशन को देखने के लिए लोग रुक जा रहे थे।

इसके कारण हाईवे पर लंबी जाम लग गई। मामला जब हद से बाहर हो गया तो स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने बारातियों को तितर-बितर करने के लिए लाठियाँ भाँजनी पड़ी। तब जाकर बाराती और भीड़ तितर-बितर हुए और ट्रैफिक शुरू हुआ।

कन्नूर की चक्कराक्कल पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने दूल्हे रिजवान समेत 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर तंज कसे जा रहे हैं कि केरल जैसे प्राकृतिक सौंदर्य वाली जगह पर ऊँट पर बारात निकालने की क्यों जरूरत पड़ी।

भाजपा सांसद निरंजन ज्योति की गाड़ी की अपहरण की कोशिश, गनर को धक्का देकर गाड़ी लेकर युवक ने भागने की कोशिश की: यूपी में मामला दर्ज

बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोपित साध्वी निरंजन ज्योति की गाड़ी से गनर को धक्का देने के बाद उनकी गाड़ी को लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया और आखिरकार पकड़ लिया। इस बाबत बंथरा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

ये मामला लखनऊ का है, जहाँ मंगलवार (16 जनवरी 2023) को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं फतेहपुर की मौजूदा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति दिल्ली से लखनऊ पहुँची थीं। उन्हें रिसीव करने के लिए उनकी फ्लीट लखनऊ एयरपोर्ट आ रही थी। जब फ्लीट लखनऊ के बंथरा थाना इलाके में स्थित न्यू प्रधान ढाबा के पास चाय पीने के लिए उतरी तो उनकी गाड़ी पर कब्जे की कोशिश की गई।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित ने गाड़ी में बैठे गनर को धक्का देकर बाहर गिरा दिया और गाड़ी लेकर भागने लगा। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने गाड़ी को घेरकर आरोपित को पकड़ लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया। साध्वी निरंजन ज्योति के ड्राइवर चेतराम ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय गाड़ी में सुरक्षाकर्मी और और अन्य स्टाफ बैठे हुए थे।

हालाँकि, घटना के समय निरंजन ज्योति गाड़ी में नहीं थीं। बंथरा थाने के प्रभारी हेमंत राघव ने बताया कि साध्वी निरंजन ज्योति के चालक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में युवक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपित का मानसिक संतुलन ठीक नहीं होने की बात कही है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि आरोपित ने जबरदस्ती गाड़ी का अपहरण करने की कोशिश की। वो पूरा हट्टा-कट्टा है। उसे काबू करने के लिए 5-6 लोगों की जरूरत पड़ी। उसके गले में सोने की चेन थी, और वो सफेद कपड़े पहने था। ये तो अब जाँच के बाद ही पता चलेगा कि वो क्या चाहता था।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर हमले की साजिश का पर्दाफाश: यूपी ATS ने ISIS के इनामी आतंकी फैज़ान को दबोचा, AMU से कर रहा था पढ़ाई

इस्लामी आतंकी संगठन ISIS से जुड़े एक संदिग्ध आतंकवादी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। यूपी एटीएस ने आतंकी फैजान बख्तियार को गिरफ्तार किया है। फैजान पर 25 हजार रुपए का ईनाम रखा गया था। फैजान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से पढ़ाई कर रहा था। वो यहाँ AMU के कट्टरपंथी छात्र संगठन सामू (SAMU) के साथ ही ISIS से भी जुड़ा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैजान बख्तियार ISIS के अलीगढ़ मॉड्यूल का हिस्सा है। वो AMU से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा है। यहाँ उसने मास्टर ऑफ सोशल वर्क में एडमिशन लिया था और वो स्टूडेंट्स ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (SAMU) से जुड़कर आईएसआईएस के के काम को आगे बढ़ा रहा था। उसने रिजवान के जरिए आईएसआईएस के प्रति निष्ठा की भी शपथ (बैयत) ली थी।

ISIS के अलीगढ़ मॉड्यूल से जुड़े आतंकियों की धरपकड़ के बाद उसका नाम सामने आया था, लेकिन वो फरार हो गया था। उस पर यूपी एटीएस ने 25 हजार का ईनाम भी रखा था। अब्दुल समद मलिक पर भी 25 हजार का ईनाम घोषित है। दोनों के नाम अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक की गिरफ्तारी के बाद सामने आए थे। 24 साल का फैजान मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है।

ये सभी आतंकी अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विघ्न डालना चाहते थे। उन्होंने देश के कई इलाकों में आतंकी हमलों की साजिश रची थी। इसके लिए उन्होंने कई इलाकों की रेकी भी कर रखी थी। हालाँकि, पहले से ही सतर्क सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले साल अक्टूबर-नवंबर से इनकी गिरफ्तारियाँ शुरू कर दी थी। इसके बाद यह पूरा मॉड्यूल ध्वस्त हो गया।

फैज़ान और अब्दुल हैं मुल्जिम नंबर 7 और 8

ऑपइंडिया ने अपनी रिपोर्ट में अब्दुल समद और फैजान बख्तियार दोनों के बारे में बताया था। ऑपइंडिया ने 13 नवंबर 2023 की रिपोर्ट में अब्दुल समद मलिक और फैज़ान बख्तियार का जिक्र किया था। फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मलिक के खिलाफ UP ATS ने 3 अक्टूबर 2023 को लखनऊ में FIR दर्ज करवाई थी। इस FIR में 10 आरोपित नामजद हैं, जबकि 11 वें नंबर पर अन्य दर्ज किया गया है।

अब्दुल समद मलिक इस केस में 6वें और फैज़ान बख्तियार 7वें नंबर के आरोपित हैं। इन दोनों का पता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के ‘वीएम हॉल’ बताया गया है। इन सभी आतंकियों पर IPC की धारा 121- A, 122 के साथ विधि विरुद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1967 के तहत कार्रवाई की गई है।

ATS की FIR के मुताबिक, फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मलिक सोशल मीडिया के साथ कई अन्य माध्यमों से ISIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहे थे। ये दोनों अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कई युवाओं को कट्टरपंथ की राह पर धकेलने की कोशिशों में जुटे थे। इस मॉड्यूल के 8 आतंकियों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस गैंग की सक्रियता ख़ास कर अलीगढ़, संभल, प्रयागराज, लखनऊ, रामपुर और कौशाम्बी आदि जिलों में थी। अन्य आतंकियों के साथ अब्दुल समद और फैज़ान बख्तियार भी कई ऐप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के फरमान पर भारत विरोधी काम कर रहे थे। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

ATS ने अपनी FIR में माना है कि फैज़ान और अब्दुल सहित इसके बाकी SAMU ग्रुप के साथ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसी साजिश रच रहे थे। इस साजिश को अंजाम देने के लिए घातक हथियार भी जमा करने में जुटे हुए थे। इनके निशाने पर देश के कई हिस्से थे, जहाँ ये अपनी आतंकी करतूतों को अंजाम दे सकें।

तेलंगाना में सरकार बनते ही कॉन्ग्रेस ने अडानी से किया करार, ₹12400 करोड़ के निवेश के लिए डील: पत्रकार ने पूछा सवाल तो खिसिया कर चिदंबरम ने खिसका दी माइक

राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के अन्य नेता गौतम अडानी को भला-बुरा कहते रहते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका नाम गलत तरीके से पेश करते हैं। वहीं अब उनकी ही पार्टी की सरकार अडानी के साथ डील कर रही है, निवेश के लिए अडानी के साथ हाथ मिला रही है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के साथ तस्वीर भी सामने आई है। अडानी समूह और तेलंगाना की कॉन्ग्रेस सरकार के बीच 4 MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, 2024’ में हुए इन करारों के तहत अडानी समूह तेलंगाना में 12,400 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। बुधवार (17 जनवरी, 2024) को कंपनी ने एक बयान जारी कर के ये जानकारी दी। बता दें कि WEF का मौजूदा संस्करण स्विट्जरलैंड के दावोस में हो रहा है। तेलंगाना में 100 MW का एक डेटा सेंटर बन रहा है, जिसमें अडानी समूह 5000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। ये 5-7 तक रिन्यूवेबल इनर्जी से चलता रहेगा।

कंपनी ने कहा है कि इसके माध्यम से वो लगभग 600 लोगों के लिए प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी करेगी। इसके अलावा ‘अडानी ग्रीन एनर्जी’ ने भी 5000 करोड़ रुपए का निवेश का निर्णय लिया है। 2 स्टोरेज प्रोजेक्ट्स की स्थापना की जाएगी। ये 850 MW और 500 MW के होंगे। इन्हें क्रमशः कोयाबस्तगुडेम और नचाराम में स्थापित किया जाएगा। वहीं ‘अम्बुजा सीमेंट्स’ भी 1400 करोड़ रुपए की लागत से 6 MTPA प्लांट्स स्थापित करेगा, जिससे 4000 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

अगले 5 वर्षों में इस यूनिट की स्थापना कर दी जाएगी। इसके लिए 70 एकड़ जमीन का आवंटन किया जाएगा। वहीं ‘अडानी डिफेन्स सिस्टम एन्ड टेक्नोलॉजीज’ अभी अगले 10 वर्षों में, रिसर्च, डेवलपमेंट, डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और ‘अडानी ऐरोस्पेस पार्क’ में काउंटर ड्रोन मिसाइल सिस्टम के इंटीग्रेशन सहित अन्य कार्यों के लिए 1000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसमें भी 1000 रोजगार का सृजन होगा। इस तरह अडानी समूह तेलंगाना के विकास में योगदान देगा।

वहीं जब पूर्व केंद्रीय मंत्री P चिदंबरम से इस सम्बन्ध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने माइक सुप्रिया श्रीनेत की तरफ खिसका दिया। पी चिदंबरम से पूछा गया कि कॉन्ग्रेस नेता अडानी पर सवाल उठा रहे हैं और तेलंगाना की सरकार अडानी के साथ MoU साइन कर रही है। चिदंबरम द्वारा माइक खिसकाने के बाद सुप्रिया श्रीनेत कहने लगीं कि ये मैनिफेस्टो लॉन्च को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस है और सवाल इसी पर केंद्रित रखे जाने चाहिए, ये एक बड़ी चीज है।

चेहरा महिला MLA का, न्यूड वीडियो किसी और का… ऋतु बनावत हुईं डीपफेक का शिकार, अश्लील क्लिप वायरल: कहा- यह मेरा चरित्र हनन

हाल ही में राजस्थान कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन का अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। अब राज्य की एक महिला विधायक का अश्लील क्लिप वायरल हो रहा है। यह विधायक हैं ऋतु बनावत। उन्होंने खुद को डीपफेक का शिकार बताते हुए वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है।

बयाना की निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने इसको लेकर भरतपुर के एसपी से शिकायत की है। उन्होंने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भी पत्र लिखा है। रिपोर्ट के अनुसार बनावत का फेक वीडियो करीब 5 दिनों से सोशल मीडिया में चल रहा है। यह संज्ञान में आने के बाद उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया है।

ऋतु बनावत ने इसे अपना ​चरित्र हनन करार दिया है। कहा है कि फेक वीडियो के जरिए उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने की को​शिश की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें एक महिला की न्यूड फोटोज पर डीपफेक की मदद से बनावत की तस्वीर लगा दी गई है।

बनावत ने कहा है कि जब डीपफेक की मदद से उन जैसी महिला के साथ इस तरह की गंदी हरकत की जा रही है तो सामान्य महिलाओं की स्थिति को लेकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि बनावत हालिया विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा पहुँची हैं। 2018 में वह चुनाव हार गईं थी। इस बार बीजेपी ने उनको टिकट नहीं दिया था। इसके बाद वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरीं। उन्होंने कॉन्ग्रेस के अमर सिंह जाटव को 40 हजार से अधिक वोटों से हराया था। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने बीजेपी सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया था। शपथ लेने के लिए वे खुद ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा पहुंची थी। इसके कारण भी वह पिछले दिनों सुर्खिंयों में थीं।

उल्लेखनीय है कि डीपफेक की मदद से फेक वीडियो वायरल करने का यह पहला मामला नहीं है। सचिन तेंदुलकर भी पिछले दिनों इसके शिकार हुए थे। अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सचिन ने कहा था, “टेक्नोलॉजी का इस प्रकार का दुरुपयोग बिल्कुल गलत है। आप सब से विनती है कि ऐसे वीडियो या एप या विज्ञापन आपको अगर नजर आए तो उन्हें तुरंत रिपोर्ट करें।”

इसके बाद केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ऐसे मामलों को कठोरता से निपटने के लिए जल्द कानून लाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “AI द्वारा संचालित DeepFakes और गलत सूचनाएँ भारतीय उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और विश्वास के लिए खतरा हैं। ये नुकसान पहुँचाती हैं और कानून का उल्लंघन करती हैं। इन्हें प्लेटफॉर्म को रोकना और हटाना ही होगा।”

‘श्रीकृष्ण की है मथुरा, जन्मभूमि पर होना चाहिए भव्य मंदिर’: अयोध्या पहुँचीं हेमा मालिनी की दो टूक, बोलीं – जो प्राण प्रतिष्ठा में नहीं आ रहे ये उनका नुकसान

मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी का कहना है कि मथुरा श्रीकृष्ण की है और वहाँ भगवान का भव्य मंदिर ज़रूर होना चाहिए। उनसे पूछा गया था कि क्या मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर एक भव्य कृष्ण मंदिर होना चाहिए? अयोध्या में हेमा मालिनी ने ये बयान दिया।

बताते चलें कि 75 साल की अनुभवी अभिनेत्री बुधवार (17 जनवरी, 2024) को यहाँ राम मंदिर समारोह से पहले अयोध्या में ‘रामायण’ की थीम पर एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत करने के लिए मौजूद रही।

सांसद हेमा मालिनी कहना हैं, “यह निश्चित रूप से वहाँ ये होना चाहिए। मथुरा और वृंदावन मंदिरों के शहर हैं। यहाँ बहुत सारे मंदिर हैं, लेकिन वर्षों पहले कृष्ण जन्मस्थान को नष्ट कर दिया गया था। और वहाँ एक मस्जिद बनाई गई थी। इसलिए लोगों को एतराज है।”

उन्होंने आगे कहा कि अच्छा होगा अगर इसका समाधान हो जाए क्योंकि यह भगवान कृष्ण का है। ‘जन्मस्थान’ भगवान कृष्ण की जगह है। वहाँ एक सुंदर मंदिर है। लेकिन अगर कुछ और किया जाए तो बहुत बेहतर होगा।

हेमा मालिनी ने विपक्ष के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को बीजेपी का कार्यक्रम कहे जाने को लेकर कहा, “उन्हें विपक्ष में रहते हुए कुछ न कुछ कहना था। वे राम मंदिर का विरोध करने के लिए भी तैयार हो गए। हम सभी भारतीय हैं और हमें इस पर गर्व होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि इससे जुड़ना जरूरी है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह किसने किया। विपक्ष को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। बकौल हेमा मालिनी, अगर वे नहीं आ रहे हैं तो यह उनका नुकसान है। जो लोग आ रहे हैं उनके लिए यह अच्छा है और जो नहीं आ रहे हैं उनके लिए यह नुकसान है।

बताते चलें कि अयोध्या जन्मभूमि विवाद के बाद, हिंदू समुदाय अब वाराणसी में ज्ञानवापी और मथुरा में कृष्ण जन्म भूमि के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। कृष्ण जन्म भूमि को लेकर 16 जनवरी, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर स्थित शाही ईदगाह ढाँचे के सर्वे पर रोक लगा दी।

दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 14 दिसम्बर, 2023 को फैसला देते हुए इस मामले में एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करके सर्वे की इजाजत दी थी। मुख्य केस में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की माँग की गई है, यह दावा करते हुए कि इसका निर्माण कृष्ण जन्मभूमि पर किया गया था।

इस स्थल को कृष्ण जन्मभूमि घोषित करने वाली एक अन्य जनहित याचिका 2022 में खारिज कर दी गई। याचिकाकर्ता या हिंदू पक्ष का दावा है कि 1618 में ओरछा के राजा वीर सिंह बुंदेला द्वारा निर्मित एक मंदिर को मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश के तहत 1670 में शाही ईदगाह मस्जिद के निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिया गया था।

फरवरी 1670 का आधिकारिक अदालत बुलेटिन इन दावों का समर्थन करता है। उन्होंने कमल के आकार के स्तंभ की मौजूदगी पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि आमतौर पर ये हिंदू मंदिरों में देखा जाता है। इसके साथ ही मस्जिद परिसर के अंदर हिंदू धार्मिक प्रतीकों और नक्काशी की तरफ ध्यान दिलाया है।

दूसरी तरफ प्रतिवादी शाही ईदगाह मस्जिद समिति और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का तर्क है कि मस्जिद विवादित भूमि के तहत नहीं आती है और ये मंदिर के अस्तित्व से संबंधित दावों पर विवाद की बात हैं।