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कोर्ट ने राहुल गाँधी को किया तलब, अमित शाह पर की थी अपमानजनक टिप्पणी: कॉन्ग्रेस लोगों से माँग रही मदद, कहा- कम से कम ₹138 दीजिए

राहुल गाँधी के खिलाफ कोर्ट ने समन जारी कर 6 जनवरी 2024 को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। वहीं, राहुल गाँधी की पार्टी ने लोगों से चंदा माँगना भी शुरू कर दिया है। कॉन्ग्रेस का दावा है कि चंदे के पैसों से जनता भाजपा का विरोध कर सकती है और कॉन्ग्रेस को मजबूत बना सकती है।

सुल्तानपुर एमएपी-एमएलए कोर्ट ने किया तलब

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एक कोर्ट ने राहुल गाँधी को यह समन भेजा है। साल 2018 में कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए बेंगलुरु में चुनाव प्रचार करते समय राहुल गाँधी ने मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी की थी और उन्हें हत्यारा बताया था। यह मामला पाँच साल से चल रहा है। अब जाकर कोर्ट ने उन्हें समन भेजा है।

कोर्ट ने राहुल गाँधी को 6 जनवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा है। उनके खिलाफ उस समय बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष रहे विजय मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने राहुल गाँधी को आज (16 दिसंबर 2023) को तलब किया था, लेकिन वो कोर्ट में हाजिर नहीं हो पाए। इसके बाद कोर्ट ने 6 जनवरी को अगली तारीख दे दी है।

इस मामले में अधिवक्ता संतोष पांडेय का कहना है कि मामला 4 अगस्त 2018 को दर्ज कराई गई थी। इस मामले में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले तो राहुल गाँधी अधिकतम 2 साल की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी कोर्ट में पेश होकर अपनी जमानत ले लें। अगर वे नहीं आते हैं तो कोर्ट उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

कॉन्ग्रेस पार्टी का डोनेशन ड्राइव

इस बीच, शनिवार (16 दिसंबर 2023) को कॉन्ग्रेस पार्टी ने डोनेशन ड्राइव चलाने का ऐलान किया है। कॉन्ग्रेस पार्टी का कहना है कि बीजेपी से लड़ने के लिए उसे आम लोगों से मदद की जरूरत है। पार्टी चूँकि 138 साल पुरानी हो गई है, इसलिए लोग 138 रुपए, 1380 रुपए, 13800 रुपए, 138000 रुपए या इसी अनुपात में जितना चाहे उतना चंदा दे सकते हैं।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने कहा है कि ये डोनेशन ड्राइव 18 दिसंबर 2023 से शुरू की जाएगी। इसके लिए कॉन्ग्रेस ने एक्स पर अजय माकन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते वीडियो शेयर किया गया है और लिखा है, “हम Donate for Desh के नाम से एक क्राउड फंडिंग कैंपेन शुरू करने जा रहे हैं, जिसे 18 दिसंबर 2023 को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लॉन्च करेंगे।”

इसमें आगे कहा गया है, “आप हमारी वेबसाइट http://donateinc.in. या http://inc.in के जरिए पैसे डोनेट कर सकते हैं। इसके साथ ही आप हमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI, RTGS, NEFT या QR कोड स्कैन करके भी डोनेट कर सकते हैं। डोनेट करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से ज्यादा होनी चाहिए।”

कॉन्ग्रेस पार्टी की डोनेशन ड्राइव की शुरुआत 18 दिसंबर से होगी। इसकी शुरुआत पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। बताते चलें कि देश की सत्ता में सबसे लंबे समय तक रहने वाली कॉन्ग्रेस निराशा के सागर में डूबती दिख रही है। सत्ता से लगभग 10 तक दूर रहने के बाद अब वह लोगों से चंदा माँगने लगी है। इस तरह कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं के दुर्दिन शुरू हो गए हैं।

खुद को PMO का डॉक्टर कहता था ईशान बुखारी, NIA अधिकारियों को बताता था करीबी: 7 लड़कियों से कर चुका है निकाह, ओडिशा STF ने दबोचा

ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने शुक्रवार (15 दिसंबर 2023) को कश्मीर के एक वॉन्टेड अपराधी सैयद ईशान बुखारी को जाजपुर से गिरफ्तार कर लिया। बुखारी के पास से पुलिस ने कई संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं। खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का डॉक्टर बताने वाले आरोपित का कनेक्शन पाकिस्तान के अलावा देश के कई चरमपंथी संगठनों से बताया जा रहा है। ईशान बुखारी द्वारा कई लड़कियों को धोखा देकर निकाह करने की भी जानकारी सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओडिशा STF को जाजपुर जिले में किसी संदिग्ध के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर STF की टीम ने शुक्रवार को जाजपुर जिले की पुलिस के साथ मिलकर नेउलपुर गाँव में दबिश दी। यहाँ टीम को 37 साल का एक संदिग्ध मिला, जिसने अपना नाम सैयद ईशान बुखारी बताया। उसकी तलाशी लेने पर कई संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं।

उसके पास से विभिन्न प्रकार के कई पहचान पत्र, हस्ताक्षर वाले कोरे कागज/बॉन्ड/एफिडेविट, ब्लैंक चेक, चेकबुक, आधार कार्ड, ATM कार्ड, विजिटिंग कार्ड के अलावा कुछ प्रमाण पत्र और संदिग्ध कागजात बरामद हुए हैं। बरामद किए गए प्रमाण पत्रों में विभिन्न संस्थानों के मेडिकल की फर्जी डिग्रियाँ भी बताई जा रही हैं।

STF के DIG जयनारायण पंकज के मुताबिक, बरामद कागजातों को जब्त करके जाँच करवाई जा रही है। इन कागजातों की तादाद 100 से अधिक है। पुलिस की पड़ताल में पकड़ा गया ईशान बुखारी मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का निवासी निकला। उसका घर हांडवाडा के पास पीर मोहल्ले में है। उसके खिलाफ कश्मीर पुलिस ने फ्रॉड और जालसाजी का केस दर्ज कर रखा है, जिसमें उसकी तलाश थी।

बुखारी साल 2018 से ही ओडिशा में रह रहा था। उसने जाजपुर में खुद को न्यूरो स्पेशलिस्ट डॉक्टर बता रखा था। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि ईशान खुद को कभी सेना का तो कभी प्रधानमंत्री कार्यालय का डॉक्टर भी बताता था। कई बार उसने खुद को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के एक सीनियर अधिकारी का करीबी भी बताया था।

सैयद ईशान बुखारी का केरल से भी कनेक्शन सामने आया है। वह केरल के एक संदिग्ध व्यक्ति से फोन के जरिए जुड़ा हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपित के आतंकी संगठनों से जुड़ाव के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इस मामले में अब ओडिशा STF कश्मीर पुलिस और NIA के सम्पर्क में है।

पूछताछ में यह भी पता चला है कि बुखारी रंगीन मिजाज का शख्स है। उसने अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, कैनेडियन हेल्थ सर्विस, वैलोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज आदि से डॉक्टरी की डिग्री एवं सर्टिफिकेट दिखाकर लगभग 6 से 7 लड़कियों को फँसाकर उनसे निकाह कर रखा है। इसके अलावा, भी वह सोशल मीडिया पर कई लड़कियों के साथ रोमांटिक रिलेशन में जुड़़ा हुआ है। ये लड़कियाँ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों की बताई जा रही हैं।

पुलिस ईशान बुखारी के मामले को हर एंगल से पड़ताल कर रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि गिरफ्तार ईशान बुखारी पाकिस्तान का जासूस हो। ईशान का मोबाइल भी जब्त कर के फोरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है।

महिला टीचर ने छात्र को फाँसा और घर से लेकर कार तक में बनाने लगी संबंध: ट्रैकिंग ऐप की मदद से छात्र की माँ ने रंगरेलियाँ मनाते हुए पकड़ा, मामला दर्ज

बेटा स्कूल तो जाता था, लेकिन उसका गेम्स का शौक जा चुका था। पढ़ाई पर भी उसका ध्यान नहीं रह गया था। ऐसे में माँ को चिंता हुई कि उसका बेटा ‘बहक’ कैसे रहा है। बेटे के बारे में अफवाहें भी उड़ रही थीं कि उसका स्कूल की ही एक टीचर से संबंध हो गया है। बेटा अभी-अभी बालिग हुआ था। ऐसे में माँ ने बेटे को ट्रैक करते हुए टीचर को एक्सपोज कर दिया।

माँ ने पाया कि साइंस पढ़ाने वाली महिला टीचर 18 साल के उसके बेटे को प्रेमजाल में फाँसकर यौन संबंध बनाती थी। जब उसके बेटे का खेलने का समय होता था, उस दौरान महिला शिक्षिका उसे अपने घर बुलाती थी और लड़के के साथ रंगरेलियाँ मनाती थी। आखिरकार माँ ने एक ऐप की मदद से अपने बेटे को शिक्षिका की चंगुल से बाहर निकाला।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य के कार्लोट शहर में साउथ मैक्लेनबर्ग हाईस्कूल है। यहाँ की 26 साल की शिक्षिका गैब्रिएला कार्टया-नेफेल्ड ने 18 साल के अपने छात्र को प्रेमजाल में फँसा लिया। इसकी जानकारी छात्र ने अपने घर पर नहीं दी, लेकिन उसके बारे में अफवाहें उड़ने लगीं। ऐसे में छात्र की माँ ने लाइफ360 नाम के एक ऐप का सहारा लिया।

WSOC-TV की रिपोर्ट में बताया गया है कि माँ ने इस ऐप के जरिए अपने बेटे की ट्रैकिंग करनी शुरू कर दी। उसने पाया कि रग्बी खेलने के समय में उसका बेटा खेल के मैदान से दूर पार्क रोड पर है। उसकी माँ तुरंत उस जगह पहुँची और अपने बेटे को एक कार में शिक्षिका के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया। उसने दोनों की वीडियो बना ली और तस्वीरें खींच ली।

छात्र की माँ ने फोन करके वहाँ पुलिस को बुला लिया। इसके बाद शिक्षिका गैब्रिएला कार्टया-नेफेल्ड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस पूरी घटना को स्थानीय पत्रकार हंटर सएंज ने कवर किया। उन्होंने महिला शिक्षक से पत्रकारों के सवाल-जवाब को भी पोस्ट किया है। महिला को 1 दिसंबर 2023 को अदालत में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

अभियोजक ने अदालत को बताया कि महिला शिक्षिका ने अक्टूबर से लेकर अब तक छात्र के साथ कम से कम 5 बार शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन यह संख्या 100 बार से कम है। अभियोजक ने यह भी कहा कि शिक्षिका ने छात्र की माँ के घर के अंदर, कार में और अपने घर में छात्र के साथ संबंध बनाए हैं।

जानकारी के मुताबिक, शिक्षिका ने कार को अपने घर के पास ही खड़ी की थी और उसी कार में वह छात्र के साथ संबंध बना रही थी। इस मामले में डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने कहा कि अभियोजकों ने छात्र और शिक्षक दोनों से पूछताछ की है। शिक्षिका पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।

जाँच के बाद पिछले माह के अंत में शिक्षिका गैब्रिएला कार्टया-नेफेल्ड को मैक्लेनबर्ग काउंटी जेल ले जाया गया। हालाँकि, बाद में उसे जमानत मिल गई। इस मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर 2023 को होगी। सुनवाई के दौरान शिक्षिका को अदालत में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।

यह ऐप जितना पॉपुलर है, उतना ही विवादित है। लाइफ 360 को बनाने वाली कंपनी के बोर्ड में फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग की बहन रैंडी डायरेक्टर है। अमेरिका में अपने बच्चों पर निगाह रखने के लिए माता-पिता इस ऐप का खूब इस्तेमाल करते हैं। लाइफ 360 के लगभग 5 करोड़ सक्रिय मासिक यूजर हैं।

इस वर्ष इसकी 300 मिलियन डॉलर (लगभग 2500 करोड़ रुपए) की कमाई होने की उम्मीद थी। हालाँकि, आलोचकों ने इस ऐप की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और डेटा प्राइवेसी को लेकर प्रश्नचिह्न लगाए। यहाँ तक कहा गया कि मानव तस्कर इस ऐप का इस्तेमाल करके पीड़ितों की निगरानी कर सकते हैं।

रियासुद्दीन और कमरुद्दीन ने छेड़खानी का आरोप लगाकर दलित के घर पर किया हमला, जातिसूचक दीं गालियाँ: दोनों पक्ष ने दर्ज कराई FIR

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दलित और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच विवाद की खबर है। मुस्लिम पक्ष ने घर की महिलाओं को छेड़ने का आरोप लगाया है। वहीं, दलित समुदाय ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए अपने साथ मारपीट की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज करके 2 आरोपितों को शांतिभंग की धाराओं में चालान किया है।

मामला बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर गाँव का है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से आने वाले विजय कुमार ने अपनी FIR में विजय ने बताया कि 13 दिसंबर 2023 की दोपहर उसके गाँव के रहने वाले रियासुद्दीन उर्फ गब्बर, कमरुद्दीन, बसरूद्दीन और उसका बेटा भूरा उसके घर आ धमके। इन सभी ने अपने परिवार की लड़की से छेड़खानी का झूठा आरोप लगाकर पीड़ित को जातिसूचक गालियाँ दीं और लाठी-डंडे से लेकर हमला बोल दिया।

विजय का कहना है कि उसे बचाने के लिए उसके चाचा गिरधारी आए तो हमलावरों ने उन्हें भी मारा-पीटा। मोहल्ले के लोग जमा होने लगे तो जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपित भाग निकले। विजय की शिकायत पर पुलिस ने रियासुद्दीन, भूरा, कमरुद्दीन और बसरूद्दीन पर IPC की धारा 323, 452, 504 और 506 के अलावा SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग अपने हाथों में लाठी-डंडे लिए हुए हैं और वो किसी व्यक्ति की पिटाई कर रहे हैं। इसी दौरान वहाँ गाली-गलौज भी हो रही है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कुछ महिलाएँ वहाँ उपस्थित हैं।

वहीं, विजय की FIR के लगभग 1 घंटे बाद मुस्लिम पक्ष ने भी दलित पक्ष पर उसी भोजीपुरा थाने में FIR दर्ज करवाई। इस FIR में एक महिला ने विजय पर खुद को गलत नीयत से पकड़ने और इसकी शिकायत करने पर उसके घर वालों द्वारा अपने परिजनों से मारपीट का आरोप लगाया है।

इस FIR में विजय, लक्ष्मण, गिरधारी और महेंद्र को नामजद किया गया है। इन सभी पर IPC की धारा 323, 504 और 354 (क) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास दोनों पक्षों की FIR कॉपी मौजूद है। वहीं, बरेली पुलिस ने कहा कि इस विवाद में 2 आरोपितों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

‘मुनव्वर फारूकी ने मुझसे किया था निकाह का वादा’ : बिग बॉस-17 में वाइल्ड कार्ड एंट्री से पहले आयशा खान का दावा, बोलीं- शो में जाकर मँगवाऊँगी माफी

कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला मुनव्वर फारूकी फिर चर्चा में है। दरअसल, इन दिनों वो बिग बॉस में है, जहाँ अब एक वाइल्ड कार्ड की एंट्री होने वाली है। इस वाइल्ड कार्ड का नाम है- आयशा खान है। जिन्होंने घर में जाने से पहले दावा किया है कि वो बिग बॉस में मुनव्वर के कई राज खोलने जा रही हैं। उनकी एंट्री से पहले आई वीडियो में आयशा ने कहा कि फारूकी जैसे नजर आते हैं वैसे बिलकुल नहीं हैं।

कलर्स टीवी ने इस वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट को लेकर अपने X हैंडल पर लिखा, “क्या इस वाइल्ड कार्ड एंट्री से खुल जाएँगे बिग बॉस के घर में मुनव्वर के सारे राज़? देखिए बिग बॉस-17, सोम-शुक्र रात 10 बजे और शनिवार-रविवार रात 9:30 बजे सिर्फ कर्लस और जियो सिनेमा पर।”

इसके साथ ही उनकी एट्री फोटो शूट की एक वीडियो क्लिप भी हैं। जिसमें आयशा खान अपना परिचय देते हुए फारूकी के साथ अपने रिश्ते का खुलासा करती नजर आ रही है। इस वीडियो क्लिप में वो कहती दिखती हैं, “मेरा नाम आयशा खान है। एक कंटेस्टेंट हैं मुनव्वर फारूकी। मेरी उनके साथ हिस्ट्री है (मेरा उनके साथ अतीत में रिश्ता रहा है) जैसा वो दिखाते हैं वैसा कहीं से भी नहीं है।”

वो आगे कहती हैं,”शो पर आप कह रहे हैं कि आप कमिटेडेड हैं। मुझसे कह रहे थे आई लव यू, आप जैसी लड़की से तो शादी करनी चाहिए।” आयशा अपनी बात जारी रखते हुए कहती हैं, “गलतियों की माफी होती है गुनाहों की नहीं। जो उन्होंने किया है वो गुनाह है, जब मैं शो में जाऊँगी तो मैं उनकी माफी चाहती हूँ।”

अब देखना ये है कि फारूकी आयशा के आरोपों को स्वीकार करेंगे या उनसे माफी माँगेंगे। खैर ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन खबरों के मुताबिक मुनव्वर फारूकी ने आयशा को कहा था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड नाजिला सीताशी से ब्रेकअप कर लिया है।

आयशा के मुताबिक,जबकि ये बात सच नहीं थी। इसके साथ ही मुनव्वर फारूकी ने आयशा को म्यूजिक वीडियो में काम देने की बात भी कही थी, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।

बताते चलें कि आयशा खान ने एक हालिया इंटरव्यू के दौरान मुनव्वर फारूकी का नाम लिए बगैर उन पर उनकी गर्लफ्रेंड नाजिला सीताशी और उनके साथ टू-टाइमिंग का आरोप जड़ा था।

इसमें आयशा ने दावा किया था कि बिग बॉस शो का एक कंटेस्टेंट तलाकशुदा और एक बेटे का पिता है। वो कंटेंस्टेंट अपनी गर्लफ्रेंड सहित उन्हें भी डेट कर रहा था। आयशा खान के इन आरोपों ने एंटरटेनमेंट की दुनिया में हलचल मचा दी थी।

इसके बाद ही उन्हें बिग बॉस के मेकर्स ने भी शो में आने का न्यौता मिला था। दरअसल मुनव्वर फारूकी लंबे वक्त से एक्ट्रेस नाजिला सीताशी के साथ रिश्ते में रहे और दोनों ने अपने रिश्ते का खुलासा सोशल मीडिया पर भी किया था।

उनके बिग बॉस-17 कटेस्टेंट बनते ही दोनों के रिश्ते में खटास आने की खबरें भी सुर्खियों में रही। इन सबके बीच नाजिला सीताशी ने अपना सोशल मीडिया इंस्टाग्राम हैंडल भी डिलीट कर दिया था।

ये पहली बार नहीं है जब फारूकी चर्चा में हैं।दरअसल मुनव्वर फारूकी अपने अटपटे और अभद्र बयानों और कामों से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। कभी वो देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते हैं तो कभी दुर्गा पूजा में गरबा खेलने जा पहुँचते हैं।

बताते चलें कि विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने साल 2022 में रियलिटी शो लॉक अप के पहले भाग में जीत हासिल की थी। इस शो में मुनव्वर फारूकी ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए थे।

इस शो में उन्होंने बचपन में खुद के साथ यौन शोषण होने और अपनी माँ के तेजाब पीने जैसे खुलासे किए। मुनव्वर फारूकी अपनी असल जिंदगी में अपनी बीवी और बच्चों से अलग रहते हैं।

बिग बॉस-17 में उन्होंने अपनी एक्स वाइफ मिखाइल को लेकर कहा था कि उनकी पत्नी ने उन्हें बगैर बताए दूसरी शादी कर ली। उन्होंने कहा था, “उसने शादी कर ली थी और मुझे इस बारे में पता तक नहीं था।”

उपराष्ट्रपति होकर भी हामिद अंसारी करते थे मुख्तार की मदद: भाजपा MLA सुशील सिंह का दावा; गैंगस्टर को एक और केस में हुई साढ़े 5 साल की सजा

वाराणसी की MP-MLA कोर्ट ने माफिया मुख़्तार अंसारी को शुक्रवार (15 दिसंबर 2023) को साढ़े 5 साल की जेल सजा और 10 हजार रुपए का जुर्माना ठोका है। यह सजा 1997 में व्यापारी और VHP पदाधिकारी नन्द किशोर रूंगटा के परिजनों को धमकाए जाने के मामले में दी गई है। सजा सुनते ही मुख़्तार रहम की भीख माँगने लगा। वहीं, भाजपा विधायक सुशील सिंह ने ऑपइंडिया से बातचीत में मुख़्तार को देशद्रोही बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख़्तार की पेशी जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई गई। न्यायाधीश उज्ज्वल उपाध्याय द्वारा सजा सुनाते ही मुख़्तार ने अपना माथा पकड़ लिया और सिर झुका कर बैठ गया। वह न्यायाधीश से बोला, “जज साहब, इतना तो रहम कर दीजिए कि मेरी सभी सजाएँ एक साथ चलें।” मुख़्तार की सजा जेल में उसके द्वारा बिताए गए समय में एडजस्ट की जाएगी।

बताते चलें कि साल 1997 में VHP नेता नन्दकिशोर रूंगटा का अपहरण मुख़्तार के गुर्गों ने कर लिया था। विहिप नेता की पत्नी अपने पति को छुड़ाने के लिए पैरवी कर रही थीं। इसी पैरवी के खिलाफ मुख़्तार अंसारी ने पूरे रूंगटा परिवार को बम से उड़ा देने की धमकी दी थी। तब पीड़ित परिवार ने वाराणसी के भेलूपुर थाने में FIR दर्ज करवाई थी।

दरअसल, मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मामलों में पिछले 15 महीनों में से सात सजाएँ मिल चुकी हैं। उसे अलग-अलग मामलों और कोर्ट में 2 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा मिल चुकी है। फिलहाल उस पर दर्ज 65 मामलों में से 21 पर कोर्ट में सुनवाई जारी है। मुख्तार इस समय बांदा जेल में बंद है और उस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

अपराधी ही नहीं देशद्रोही भी है मुख़्तार अंसारी

ऑपइंडिया की टीम ने इस साल मई में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों का दौरा किया था। वाराणसी, मऊ, गाजीपुर और चंदौली… ये वो जिले हैं, जो कभी मुख़्तार अंसारी के अपराध से बुरी तरह से प्रभावित रहे हैं। इस दौरे में टीम की मुलाकात चंदौली के सैदराजा विधानसभा से भाजपा विधायक सुशील सिंह से हुई थी।

भाजपा विधायक सुशील सिंह ने मुख़्तार अंसारी को अपराधी ही नहीं, बल्कि देशद्रोही भी बताया था। उन्होंने कहा था कि मुख़्तार अंसारी ने ना सिर्फ हर तरह के अपराध किए हैं, बल्कि सेना की LMG (लाइट मशीनगन) भी गायब करने जैसा अपराध किया है।

अपनों की मौत नहीं देखी, इसलिए दर्द का एहसास नहीं

भाजपा विधायक सुशील ने हमें आगे बताया कि मुख़्तार और उसका परिवार राजनीति के साथ अपराध में भी आगे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्तार अपराध इसलिए करता गया, क्योंकि उसके परिवार में किसी की अकाल मौत नहीं हुई। बकौल सुशील सिंह, अगर मुख़्तार अंसारी के घर का कोई व्यक्ति मारा गया होता तो शायद उसे अपनों को खोने का एहसास होता।

सपा सरकार ने बढ़ाया अपराधी का मनोबल

भाजपा विधायक सुशील सिंह ने कहा था कि मुख़्तार अंसारी ने अपने कम-से-कम 100 राजनैतिक विरोधियों की हत्या करवाई है। आरोप है कि ये हत्याएँ समाजवादी पार्टी की सरकार के संरक्षण में होती रहीं। बकौल सुशील सिंह मुख़्तार अंसारी के निशाने पर अधिकतर हिन्दू ही रहे हैं और हिन्दुओं को वो हिन्दू से ही क़त्ल करवाता था।

तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी थाने पर करते थे फोन

भाजपा MLA सुशील सिंह ने बताया कि मुख़्तार अंसारी के अपराधों को जैसे समाजवदी पार्टी लखनऊ से बढ़ावा देती थी, वैसे ही कॉन्ग्रेस उसे दिल्ली से संरक्षण दिया करती थी। बकौल सुशील सिंह, कॉन्ग्रेस पार्टी ने मुख़्तार के ही कहने पर उनके पूरे परिवार पर मकोका लगवा दिया था।

तत्कालीन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का नाम लेते हुए भाजपा विधायक ने आरोप लाया कि वो थाने पर कॉल करके मुख्तार अंसारी की पैरवी करते थे। इसके साथ ही हामिद अंसारी मुख्तार के विरोध में खड़े होने वाले लोगों पर थाने में कहकर केस भी दर्ज करवाया करते थे।

मोदी और योगी का हमेशा आशीर्वाद रहा

सुशील सिंह ने आगे बताया कि मुख़्तार अंसारी सपा और कॉन्ग्रेस जैसे अपने राजनैतिक सरपरस्तों के साथ मिलकर अपने विरोधियों की न सिर्फ हत्या करवा देता था, बल्कि उन पर कई केस लगवाकर उनको मानसिक तौर पर भी तोड़ देता था। सुशील सिंह ने कहा कि इस बुरे समय में भी उन्हें नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद मिला, जिसके दम पर उन्होंने मुख्तार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखा।

भाजपा MLA के चाचा का भी कत्ल करवा चुका है मुख़्तार

भाजपा विधायक सुशील सिंह ऑपइंडिया से बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उनके बेगुनाह चाचा सतीश सिंह की हत्या भी मुख़्तार अंसारी ने करवा दी थी। सतीश सिंह किसान थे। यह हत्या लोगों के मन में डर बैठाने के लिए कराई गई थी। बकौल सुशील सिंह, कृष्णानंद राय की हत्या भी मुख़्तार अंसारी ने दशहत कायम करने के लिए करवाई थी।

मेरी खुद की हत्या की थी तैयारी

सुशील सिंह ने साल 2004 को याद करते हुए कहा कि जब मनोज सिन्हा गाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे, सुशील सिंह गाजीपुर में उनके चुनाव प्रचार में गए थे। उनका आरोप है कि तब उनकी हत्या करने के लिए पुलिस ने घेर लिया था। जब सुशील सिंह वहाँ से निकल गए, तब भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को पकड़ कर थाने में बंद रखा गया और टॉर्चर किया गया। अपना खुद का जीवन बचना सुशील सिंह ने ईश्वर की कृपा बताया।

मैं मायावती की पार्टी का MLA था, फिर भी वो मुख्तार के साथ खड़ी हो गईं

सुशील सिंह ने साल 2009 के चुनाव की याद भी दिलाई। तब वाराणसी में भाजपा की तरफ से मुरली मनोहर जोशी और मुख़्तार अंसारी के बीच लोकसभा चुनाव में मुकाबला चल रहा था। सुशील सिंह तब बहुजन समाज पार्टी से विधायक हुआ करते थे।

उनका आरोप है कि मायावती ने मुख़्तार अंसारी के कहने पर रातों-रात उन पर कई केस केवल इसलिए लाद दिए, ताकी आगे चलकर सुशील सिंह की हत्या करवाई जा सके। सुशील सिंह ने यह स्वीकार किया कि तब वो हिंदूवादी सोच के चलते मुख़्तार अंसारी का विरोध और मुरली मनोहर जोशी का समर्थन कर रहे थे।

अभी भी मुख़्तार की जड़ें मौजूद

भाजपा MLA सुशील सिंह ने दावा किया था कि भले ही सरकार बदलने से माफिया मुख़्तार कमजोर हो गया है, लेकिन उसकी जड़ें अभी भी मौजूद हैं। सुशील सिंह ने माना कि कई पीड़ित अभी भी मुख़्तार के डर से मुँह खोलने से कतरा रहे हैं।

मैसूर एयरपोर्ट का रखो टीपू सुल्तान नाम: कर्नाटक में कॉन्ग्रेस MLA ने पेश किया प्रस्ताव, BJP नेताओं ने विरोध करते हुए कहा- वो हिंदुओं का आदर्श नहीं हो सकता

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस पार्टी का टीपू सुल्तान से प्यार फिर उमड़ा है। कॉन्ग्रेस के विधायक ने मैसूर एयरपोर्ट का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा है। इस प्रस्ताव को रखने वाले कॉन्ग्रेसी विधायक का नाम प्रसाद अब्बय्या। वो हुबली-धारवाड़ (पूर्व) सीट से विधायक है। विधानसभा में इस मामले पर बोलते हुए विधायक प्रसाद अब्बय्या ने कहा, “मैं मैसूर हवाई अड्डे का नाम टीपू सुल्तान हवाई अड्डे के नाम पर रखने का प्रस्ताव करता हूँ।”

प्रसाद अब्बय्या ने कई एयरपोर्ट्स के नाम को बदलने का प्रस्ताव रखा। प्रसाद ने आगे कहा, “अपने हुबली हवाई अड्डे के लिए हम इसका नाम संगोल्ली रायन्ना रखना चाहते हैं। हम बेलगावी हवाई अड्डे का नाम कित्तूर रानी चेन्नम्मा के नाम पर, शिवमोग्गा हवाई अड्डे का नाम राष्ट्रकवि कुवेम्पु के नाम पर और विजयपुर हवाई अड्डे का नाम जगज्योति बसवन्ना के नाम पर रखना चाहते हैं।” विधायक अब्बय्या ने कहा कि विधानसभा में सभी ने इन नामों का प्रस्ताव रखा। इस बारे में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विशेष संज्ञान ले रहे हैं और केंद्र सरकार को सिफारिशें भेज रहे हैं।

इस प्रस्ताव का बीजेपी ने तीखा विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच विधानसभा में बहस हो गई। बीजेपी नेताओं ने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदुओं के लिए आदर्श कतई नहीं हो सकता। टीपू सुल्तान का व्यक्तित्व विवादास्पद रहा है। लोग उसे एक क्रूर शासक मानते हैं। इस प्रस्ताव ने टीपू सुल्तान के चरित्र और उनके शासनकाल के बारे में बहस को फिर से शुरू कर दिया है। टीपू सुल्तान के चरित्र और उनके शासनकाल के बारे में बहस और भी तेज हो सकती है। यह बहस कर्नाटक में राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।

बता दें कि जिस टीपू सुल्तान को कॉन्ग्रेस स्वतंत्रता सेनानी बताने में जुटी है उसकी क्रूरता इतिहास के पन्नों में साफ दर्ज हैं। कॉन्ग्रेस हमेशा टीपू का नाम ले लेकर चुनावी राजनीति करने की कोशिश करती है लेकिन क्या आप जानते हैं दूसरा पक्ष उसका विरोध क्यों करता है?

हिंदुओं पर अत्याचार के लिए कुख्यात टीपू सुल्तान

दरअसल टीपू सुल्तान को लेकर किताबों में ये बात कही जाती रही हैं कि उसने ब्राह्मणों और राजाओं की बेटियों को अपहरण करके उन्हें इस्लाम सिखवाने के लिए कैद करवा दिया था। उन महिलाओं को ये तक नहीं पता होता कि बाहर के जीवन में क्या चल रहा है और जीवन को कैसे जीते हैं। उसके हरम में 601 औरतें थी। इनमें 333 उसकी और 268 उसके अब्बा की थीं।

ईसाइयों पर भी टीपू सुल्तान आए दिन अत्याचार करता था। उसने हजारों ईसाईयों को कई वर्षों तक बंधक बना कर प्रताड़ित किया था। ‘Moon-o-theism, Volume II‘ में योएल नटन लिखते हैं कि एक बार तो उसने हजारों ईसाइयों को 338 किलोमीटर तक चलवाया, जिसमें 6 सप्ताह लगे। कई बीच में ही मर गए। अंत में उनमें से कई महिलाओं और लड़कियों को उसकी फौज में बाँटा गया।

19वीं सदी में ब्रिटिश सरकार के अधिकारी और लेखक विलियम लोगान ने अपनी किताब मालाबार मैनुएल में भी बताया है कि कैसे टीपू सुल्तान ने 30 हजार सैनिकों के साथ कालीकट में मंदिर और चर्चों को तुड़वा दिया था। हिंदुओं और ईसाइयों की मुस्लिमों से शादी करवाई थी।

इतना ही नहीं, ये भी कहा जाता है कि टीपू सुल्तान के राज्य में तीन हजार ब्राह्मणों ने इसलिए आत्महत्या कर ली थी क्योंकि वो उन्हें जबरन मुस्लिम बनाना चाहता था। टीपू पर आरोप लगते रहे हैं कि उसने भारत में तबाही मचाने के लिए अफगानिस्तान के सुल्तान जमान शाह को बुलाया था। वह हिंदुओं के गाँव, महिलाओं और बच्चों सबको मारता था। लाखों हिंदू उसके अत्याचार का शिकार हो चुके हैं।

बेरोजगारी के कारण हुई संसद में घुसपैठ: आरोपितों के बचाव में तर्क, राहुल गाँधी ने मोदी सरकार को घेरा; फोन जलाने वाला महेश गिरफ्तार

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में छठें आरोपित महेश कुमावत को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने ललित झा के साथ ही पुलिस थाने में आत्म-समर्पण किया था। हालाँकि गिरफ्तारी की सूचना दिल्ली पुलिस ने शनिवार (16 दिसंबर 2023) को दी।

ये वही महेश कुमावत है, जिसने दिल्ली से भागने के बाद ललित झा को राजस्थान में आश्रय दिया और बाकी के चार आरोपितों का फोन तोड़कर सबूत मिटाने में भी शामिल रहा। उसके गिरफ्तारी के अलावा इस मामले पर खबर है कि विपक्षी संसद सुरक्षा चूक केस को आधार बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं। राहुल गाँधी ने इतने गंभीर मामले पर कहा है कि ये सबकुछ बेरोजगारी की वजह से हुआ है।

बता दें कि, इस मामले में गिरफ्तार छठाँ आरोपित महेश कुमावत राजस्थान के नागौर जिले का रहने वाला है। वो भी 13 दिसंबर को दिल्ली में था। वही ललित झा को राजस्थान लेकर गया था और छिपने में मदद की थी। ललित झा के साथ मिलकर महेश ने सभी चार लोगों के मोबाइल फोनों को तोड़ दिया था और सारे सबूत मिटा दिए थे। महेश लगातार नीलम के संपर्क में भी था, जो संसद के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार हुई थी

ललित झा और महेश कुमार ने एक साथ दिल्ली में पुलिस के सामने आत्म समर्पण किया था। महेश के कजिन कैलाश से भी पुलिस ने पूछताछ की थी, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

राहुल गाँधी ने संसद में सुरक्षा चक्र तोड़ने को दी अलग दिशा

राहुल गाँधी ने संसद की सुरक्षा भेदने के मामले को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मोदी की नीतियों के कारण देश के नागरिकों को रोजगार नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी के कारण ही सुरक्षा में सेंध लगाई गई। राहुल गाँधी ने आगे कहा कि भारत की आबादी इस वक्त सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी से जूझ रही है। राहुल ने कहा, “सुरक्षा में चूक वास्तव में हुई है, लेकिन मुद्दा यह है कि ऐसा क्यों हुआ? मुख्य मुद्दा बेरोजगारी है। मोदी जी की नीतियों के कारण भारत के लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है।”

दिल्ली पुलिस ने बताया विदेशी साजिश

संसद में चूक मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया है कि ये आरोपित संसद परिसर में 7 स्मोक कैन लेकर घुसे थे। इन्होंने परिसर में उत्पात मचाने से पहले इंटरनेट से कई चीजें सीखी थीं। बातचीत के लिए यह सिग्नल ऐप का प्रयोग करते थे। ललित झा पर पुलिस को संदेह है कि उसने लोगों का ब्रेनवॉश किया। पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी कि इस कृत्य के जरिए ललित झा अपने सह-आरोपितों के साथ देश में अराजकता पैदा करना चाहता था। इनका मकसद था कि ये कैसे भी करके सरकार से अपनी माँगें पूरी करवा सकें। पुलिस अब इस मामले में आतंकी कनेक्शन और विदेशी फंडिंग वाले एंगल की जाँच कर रही है।

अडानी समूह की मीडिया क्षेत्र में एक और छलांग: BQ प्राइम और NDTV के बाद IANS में खरीदी बड़ी हिस्सेदारी, प्रबंधन पर नियंत्रण

रिलांयस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के बाद अब अडानी समूह के प्रमुक गौतम अडानी भी मीडिया में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं। हाल ही में गौतम अडानी समूह ने एनडीटीवी का अधिग्रहण किया था। अब इस समूह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बड़े हिस्से का अधिग्रहण किया। हालाँकि, सौदा कितने में हुआ, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

समूह के मीडिया कारोबार का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने एक विनियामक फाइलिंग (Regulatory Filing) में कहा, “उसकी सहायक कंपनियों में से एक एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) ने आईएएनएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इक्विटी शेयरों में 50.50 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल कर ली है।”

इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि आईएएनएस पर अब AMNL का नियंत्रण होगा और IANS अब उसकी सहायक कंपनी होगी। फाइलिंग में कहा गया है, “आईएएनएस के सभी परिचालन और प्रबंधन का नियंत्रण एएमएनएल के पास होगा और एएमएनएल को IANS के सभी निदेशकों को नियुक्त करने का अधिकार होगा।”

हालाँकि, अडानी एंटरप्राइजेज ने ये खुलासा नहीं किया है इस हिस्सेदारी के लिए उसने कितनी रकम दी है। अडानी समूह के मुताबिक, “एएमएनएल ने IANS और उसके शेयरधारक संदीप बामजई के साथ शेयरहोल्डर्स एग्रीमेेंट पर हस्ताक्षर किया है। इसमें IANS को लेकर दोनों के बीच परस्पर अधिकारों को बारे में बताया गया है।”

अगर IANS की वित्तीय हालत की बात की जाए तो पिछले वित्त वर्ष में उसका राजस्व ठीक-ठाक रहा। वित्त वर्ष 2022-2023 (अप्रैल 2022 से लेकर मार्च 2023 तक) में आईएएनएस का कुल राजस्व 11.86 करोड़ रुपए रहा था।

बताते चलें कि अडानी ने बीते साल मार्च में बिजनेस और फायनांस की खबरों के लिए मशहूर डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म बीक्यू प्राइम (BQ Prime) की कंपनी को खरीदा था। बीक्यू प्राइम को क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया (Quintillion Business Media) चलाती है। ये मीडिया उद्योग में उसका पहला कदम था।

इसके बाद दिसंबर 2022 में अडानी समूह ने ब्रॉडकास्टर एनडीटीवी (NDTV) में लगभग 65% हिस्सेदारी हासिल कर ली। ये खरीदारी भी AMNL के जरिए की गई थी। बता दें कि अडानी ने 1988 में कमोडिटी व्यापारी के रूप में शुरुआत की थी। इसके बाद 13 बंदरगाहों और आठ हवाईअड्डों के साथ बुनियादी ढाँचे में भारत के सबसे बड़े निजी खिलाड़ी बनकर उभरे।

पिछले कुछ वर्षों में अडानी समूह ने कोयला, ऊर्जा वितरण, डेटा सेंटर से लेकर तमाम क्षेत्रों में कदम रखा है। अडानी समूह ने हाल ही में सीमेंट और ताँबे के उत्पादन में कदम रखकर अपनी व्यवसायिक गतिविधियों में विविधता ला दी है। इसने एक निजी नेटवर्क स्थापित करने के लिए 5G टेलीकॉम स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई और अधिग्रहण भी किया।

श्रेयस तलपड़े की हालत स्थिर, 48 घंटे बाद परिवार को देख मुस्कुराए: पत्नी ने ली राहत की सांस, शूटिंग के वक्त पड़ा था दिल का दौरा

बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े को दिल का दौरा पड़ने के दो दिन बाद अब अच्छी खबर आई है। उनकी की हालत में सुधार हो रहा है। वो 48 घंटे बाद शनिवार (16 दिसंबर,2023) सुबह अपने परिवार को देखकर मुस्कुराए। इसके बाद उनके परिवार सहित उनके फैंस ने भी राहत की सांस ली।

उनके परिवार के एक सदस्य ने एंटरटेनमेंट पोर्टल को बताया, “श्रेयस अब बेहतर है। वह ठीक हो रहे हैं और सर्जरी भी ठीक रही। आज सुबह उसने हमारी ओर देखा और मुस्कुराया। ये हम सभी के लिए राहत की बात थी। वह खुद कुछ दिनों में आपसे बात करेंगे।”

वहीं शुक्रवार (15 दिसंबर,2023) को श्रेयस तलपड़े की पत्नी दीप्ति ने भी एक बयान जारी कर उनकी सेहत के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि अभिनेता की हालात अब स्थिर हैं।

दीप्ति तलपड़े ने लिखा, “मैं अपने पति को हालिया हुई सेहत की परेशानी को लेकर फिक्र जताने और उनकी सेहतमंदी के लिए शुभकामनाएँ भेजने वालों का दिल से शुक्रिया करना चाहती हूँ। मुझे सभी को यह बताते हुए राहत मिल रही है कि उनकी हालत अब स्थिर है और कुछ दिनों में उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।”

दीप्ति ने आगे लिखा, “इस दौरान मेडिकल टीम की असाधारण देखभाल और वक्त पर प्रतिक्रिया ने उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है और हम उनकी विशेषज्ञता के लिए आभारी हैं। हम आपसे हमारी निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हैं क्योंकि उनकी रिकवरी जारी है। आपका अटूट समर्थन संकट के इस वक्त में हम दोनों को मजबूत बनाए रखने का जबरदस्त जरिया रहा है।”

बताते चलें कि 47 साल के श्रेयस तलपड़े को गुरुवार (14 दिसंबर, 2023) को दिल का दौरा पड़ा था। वो इस दिन मुंबई में अपनी आने वाली फिल्म वेलकम 3 सीरीज की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग कर रहे थे। वेलकम 3 आने वाले साल 2024 में क्रिसमस पर रिलीज़ होनी है।

शूटिंग के बाद घर पहुँचने पर उन्होंने बेचैनी की शिकायत की और जमीन गिर पड़े। इसके बाद तलपड़े को अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उनको दिल का दौरा पड़ा और तुरंत उनकी एंजियोप्लास्टी की गई।

तलपड़े की आने वाली फिल्म में उनके अलावा अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और तुषार कपूर भी अहम रोल में हैं। वेलकम 3 में अरशद वारसी और संजय दत्त भी नजर आएँगे।

वेलकम फ्रैंचाइज़ी की दो मूल फ़िल्में 2007 और 2015 में रिलीज़ हुईं थी। इन फिल्मों में, नाना पाटेकर और अनिल कपूर की जोड़ी ने उदय भाई और मजनू भाई के किरदार निभाए थे।