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साकिब नाचन गिरफ्तार: गाँव भारत में… लेकिन बना दिया था उसे ‘अल-शाम’ (सीरिया का आजाद-क्षेत्र), बम धमाके से कर चुका है 12 की हत्या

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शनिवार (9 दिसंबर 2023) को देश के कई इलाकों में दबिश दी। इसी दबिश के दौरान महाराष्ट्र से भी कई संदिग्धों को उठाया गया है, जिसमें एक साकिब नाचन भी है। साकिब इससे पहले भी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के चलते 2 अलग-अलग मामलों में अदालत से सजा पा चुका है। उसका बेटा भी NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

अब्बा-औलाद की इस जोड़ी पर अन्य कट्टरपंथियों के साथ मिल कर भारत में ISIS का नेटवर्क खड़ा करने और आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। साकिब नाचन के षड्यंत्र का लेवल ऐसे समझ सकते हैं कि उसने महाराष्ट्र के एक गाँव पडघा को ‘अल-शाम’ घोषित कर दिया था। ‘अल-शाम’ का मतलब होता है: ग्रेटर-सीरिया, आजाद-क्षेत्र। मतलब गाँव भले ही भारत में है, लेकिन उस गाँव में इस्लामी शरिया कानून चलाता था साकिब नाचन।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार किया गया 63 वर्षीय साकिब NIA की नजर में मुख्य साजिशकर्ता है। वह मूल रूप से मुंबई के ठाणे जिले के बोरीवली का रहने वाला है। नाचन 3 बच्चों का अब्बा है, जिसमें 2 बेटे और एक बेटी शामिल हैं। साकिब प्रतिबंधित आतंकी संगठन SIMI (सिमी) का सचिव भी रह चुका है। साकिब का कनेक्शन भगोड़े आतंकी जाकिर नाइक से भी है। वह युवाओं को जिहाद के लिए उकसाता था और खलीफा का राज लाने के लिए ‘बैयत’ (कसम) दिलाता था।

आरोप है कि साकिब युवाओं को ISIS के तौर-तरीके सिखाने का प्रयास कर था, जिससे देश में आतंकी वारदातों को अंजाम दिया जा सके। साकिब पर जाँच एजेंसियों की नजर साल 1990 से थी। उस पर आतंकवाद से जुड़े दर्जनों केस दर्ज हैं, जिसमें से 2 में उसे अदालत से भी सजा मिल चुकी है। साकिब को साल 1997 में भारत में आतंकी वारदातों की साजिश रचने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। तब साकिब का खालिस्तानी आतंकियों से भी कनेक्शन सामने आया था।

इसके बाद साकिब को मुंबई में साल 2002-03 के दौरान हुए 3 बम धमाकों में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित बनाया था। एक दर्जन लोगों की जान लेने वाले ये धमाके मुंबई सेंट्रल, विलेपार्ले और मूलुंड में हुए थे। धमाकों में 100 से अधिक लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में भी साल 2016 में साकिब को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई। पहली और दूसरी सजाएँ एक साथ चलने की वजह से साकिब 2017 में जेल से रिहा हो गया।

साकिब बम बनाने में माहिर माना जाता है। वह अन्य युवाओं को न सिर्फ बम बनाने बल्कि उसका परीक्षण और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ब्लास्ट करने की भी ट्रेनिंग देता है। वहीं साकिब का बेटा शामिल नाचन भी अपने अब्बा के नक्शेकदम पर चल रहा है। अगस्त 2023 में ही NIA शामिल नाचन को गिरफ्तार कर चुकी थी।

शामिल और उसका अब्बा साकिब ने अपने मुंबई बोरीवली स्थित घर को आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर पॉइंट के तौर पर प्रयोग किया था। शामिल नाचन जुल्फिकार अली बड़ोड़ावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिल कर ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहा था। इस गैंग में इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी ‘अल सूफा आतंकवादी संगठन के सदस्य थे, जो फरार चल रहे थे।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में ‘कनाडा कनेक्शन’: जिन दोनों ने चलाई गोली, चडीगढ़ में धराए, पासपोर्ट-वीजा का लालच देकर करवाया मर्डर

जयपुर में बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड की जाँच कर रही राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों सहित 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी चडीगढ़ से हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने भी सहयोग किया है। आरोपितों के नाम नितिन फौजी और रोहित राठौर हैं। गिरफ्तार हुआ तीसरा आरोपित उधम है, जो फरारी के दौरान दोनों शूटरों के साथ मौजूद मिला। गिरफ्तारी शनिवार (9 दिसंबर 2023) को हुई है। जल्द ही पुलिस इनसे पूछताछ में नए खुलासे कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में शामिल नितिन फौजी और रोहित राठौर की लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। पुलिस ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रान्च के साथ मिल कर दबिश दी। सूचना सही पाई गई और दोनों शूटर सेक्टर 22-A के एक होटल में मिले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

नितिन फौजी और रोहित राठौर को अब आगे की पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया जा रहा है। पुलिस इन दोनों से वो हथियार भी बरामद करने का प्रयास करेगी, जिससे इन्होंने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर 17 फायर किए थे।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद शूटरों ने हथियार छिपा दिए थे। ऐसा सड़क मार्ग की नाकेबंदी और रेल मार्ग पर सघन चेकिंग कर रही पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया था।

फरारी के दौरान दोनों शूटर लगातार मोबाइल का प्रयोग कर रहे थे। पुलिस इसी सर्विलांस के जरिए आरोपितों तक पहुँच पाई। जयपुर में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद शूटर सबसे पहले हरियाणा के हिसार गए थे। हिसार से दोनों मनाली पहुँचे। यहाँ से ये हिमाचल प्रदेश के ही मंडी जिले में गए थे।

मंडी से दोनों आरोपित नितिन फौजी और रोहित राठौर चंडीगढ़ आए थे। यहाँ दोनों ने सेक्टर 22-A में एक होटल लिया था। दोनों शूटरों के साथ होटल में उधम भी मिला। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में यह भी पता चला है कि नितिन फौजी को रोहित गोदारा ने कनाडा में स्थाई तौर पर बसाने का झूठा लालच दिया था। उसे सुखदेव की हत्या के बाद पासपोर्ट और वीजा देने का वादा किया गया था।

नितिन फौजी का नाम 9 नवंबर 2023 को हरियाणा में हुई एक चोरी के दौरान प्रकाश में आया था। जब पुलिस नितिन फौजी को पकड़ने गई तब वो गोलियाँ बरसाते हुए वहाँ से भाग गया था। नितिन को लगने लगा था कि अब न तो उसकी नौकरी बच पाएगी और न ही उसके परिवार वाले उसे स्वीकार करेंगे। इसी वजह से रोहित गोदारा, वीरेंद्र चरण और रोनी ने मिल कर उसे कनाडा भेजने का लालच दिया और सुखदेव की हत्या करने के लिए तैयार किया। नितिन साल 2019 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और फिलहाल उसकी पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में थी।

बताते चलें कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद पुलिस ने पहली गिरफ्तारी के तौर पर रामवीर को पकड़ा था। रामवीर नितिन फौजी का सहपाठी है और हत्या के बाद उसी ने रोहित राठौर और नितिन को अपनी बाइक पर बिठा कर बगरू टोल प्लाजा के आगे रोडवेज बस पकड़ाई थी। 23 वर्षीय रामवीर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला है। इसी जिले में नितिन फौजी का भी गाँव है। रामवीर पर दोनों शूटरों की जयपुर में रहने-खाने आदि की भी व्यवस्था करवाने का आरोप है।

बताते चलें कि मंगलवार (5 दिसंबर 2023) को पौने 2 बजे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके जयपुर स्थित आवास पर गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अब तक रोहित गोदारा का नाम प्रमुखता से आ रहा है, जिसका सुखदेव सिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। रोहित को लॉरेंस विश्नोई गैंग का मेंबर माना जाता है।

‘हमारा इनके बिजनेस से लेना-देना नहीं’ : कॉन्ग्रेस पार्टी ने IT रेड के बाद अपने ही सांसद धीरज साहू से किया किनारा, जयराम रमेश ने पूछा- इतना कैश कहाँ से आया

कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड के दौरान 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद होने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने उनके बिजनेस से किनारा कर लिया है।

धीरज साहू के खिलाफ चल रही आईटी विभाग की कार्रवाइयों को देख कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने आज एक्स अकॉउंट पर लिखा,

“सांसद धीरज साहू के बिज़नेस से भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ़ वही बता सकते हैं, और उन्हें यह स्पष्ट करना भी चाहिए, कि कैसे आयकर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया जा रहा है।”

बता दें कि झारखंड से कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर बुधवार तक हुई आयकर विभाग की छापेमारी में ₹300 करोड़ की नकद बरामदगी हो चुकी थी। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इतने नोट मिले हैं कि अब तक नोटों की गिनती चल रही है और शायद यह आँकड़ा ₹500 करोड़ के पार भी जा सकता है। नोटों की गिनती पूरी होने में 2 दिन और लग सकते हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया कि धीरज साहू के ओडिसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल स्थित ठिकानों से इतना नकद पैसा मिला है कि उसकी गिनती करना आयकर विभाग को मुश्किल हो रही है। इन नोटों की गिनती के लिए आयकर विभाग को हैदराबाद और भुवनेश्वर से अतिरिक्त मशीने मँगानी पड़ी हैं। 6 छोटी और 6 बड़ी मशीनों की मदद से इन नोटों को गिना जा रहा है।

नोटों की मात्रा इतनी ज्यादा है कि इसे गिनते-गिनते अब तक कई मशीनें खराब हो चुकी हैं। बाकी मशीनें भी लगातार गिनती के कारण गर्म हो जा रही हैं। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि अब तक की गिनती से मात्र 35% नोट ही गिने जा सके हैं और जब तक यह गिनती 100% होगी, तब तक आँकड़ा कहीं ऊपर पहुँच चुका होगा।

500 वर्षों की प्रतिक्षा अब खत्म होने को है… राम मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर आई सामने, लाइटिंग-फिटिंग का काम भी पूरा

अयोध्या में बन रहे प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य जोरो-शोरो पर है। अगले महीने यहाँ प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इससे पहले मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर सामने आई है।

मंदिर के गर्भगृह की भव्य तस्वीर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया पर शेयर की।

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि प्रभु श्री रामलला का गर्भ गृह स्थान बनकर लगभग तैयार है। हाल ही में लाइटिंग-फिटिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। आपके साथ कुछ छायाचित्र साझा कर रहा हूँ।

इन तस्वीरों को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कोई इसे अलौकिक-अद्भुत कह रहा है। तो कोई इसे देख कह रहा है कि 500 साल का इंतजार अब खत्म होने को है। जय सिया राम।

इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ श्रेक्ष के एक्स अकॉउंट से राम मंदिर की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए बताया गया था कि राम मंदिर के निर्माण की कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है।

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन होना है जिसके कारण जल्दी से जल्दी बचा काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। प्रथम तल का काम पूरा हो चुका है।

ये भी मालूम हो कि राम मंदिर के लिए तीन अलग अलग कलाकार राम लला की मूर्ति बना रहे हैं, जो भी सबसे उत्तम होगी उसके साथ राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इन मूर्तियों में अब सिर्फ फिनिशिंग करनी बाकी है।

जानकारी के मुताबिक इनमें एक मूर्ति तो राजस्थान के मार्बल मकराना से बन रही है जबकि बाकी दो के लिए कर्नाटक के पत्थर इस्तेमाल में लाएगए हैं। इसके अलावा नेपाल, ओडिशा और महाराष्ट्र से पत्थर लाकर इन मूर्तियों को गढ़ने का प्रयास किया गया था लेकिन वो पत्थर मूर्ति के हिसाब से ठीक नहीं बैठे।

गौरतलब है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा होगा। इसके लिए तैयारियाँ जोरों-शोरों से हो रही हैं। इस अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। इनके अतिरिक्त 3000 वीआईपी समेत 7000 निमंत्रण भेजे गए हैं। इनमें कारसेवकों का परिवार भी हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी जान गवा दी। ट्रस्ट का कहना है कि आयोजन में 10 हजार से 15000 लोगों के आने का इंतजाम होगा।

ये भी मालूम हो कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 86 साल के पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित कराएँगे। बता दें कि जब महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करने से मना कर दिया था, तब पंडित दीक्षित के पूर्वजों ने उनका राजतिलक किया था।

इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर अजमल शरीफ ने पहले डाला RIP पोस्ट, फिर कर ली सुसाइड: घरवाले बोले- नौकरी न मिलने से डिप्रेस था

कोच्चि के अलुवा इलाके में एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अजमल शेरिफ ने कथिततौर पर नौकरी न मिलने के कारण से आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले अजमल ने इंस्टा पर एक पोस्ट डाला जिसमें लिखा था- RIP अजमल।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अजमक को शुक्रवार शाम करीब साढ़े 6 बजे उसके घर के कमरे में फंदे पर लटका पाया गया।

बता दें कि इंस्टा पर एक्टिव अजमल के 14 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स थे। उसके अकॉउंट पर बड़ी-बड़ी गाड़ियों के साथ फोटो डली हैं। इसके अलावा उसने कुछ ऐसी फोटोज भी डाली थी जिनमें कैप्शन में दुबई लिखा था।

आखिरी पोस्ट में अजमल ने आत्महत्या करने से पहले- RIP अजमल शेरिफ 1995-2023 लिखा था। इसके साथ उसने एक फोटो पोस्ट की थी।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, उसके परिजनों ने बताया कि अजमल शेरीफ के पास अच्छी नौकरी नहीं थी, इसी वजह से उसने आत्महत्या की।

गौरतलब है कि अजमल शेरिफ से पहले एक प्रांशु नाम के इंस्टा इन्फ्लुएंसर ने भी आत्महत्या कर ली थी। वह मात्र 16 साल का था। जिसे लेकर बताया गया था कि उसकी पोस्ट पर हेट कमेंट आने के बाद वह डिप्रेस हुआ और उसने सुसाइड का कदम उठाया।

15 साल पुराना प्रण पूरा हुआ… कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के हारने की खुशी में बुजुर्ग ने सिर मुंडवाया: कहा- उसने मुझे झापड़ मारकर भगाया था

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में एक कॉन्ग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह की हार से खुश हो कर एक बुजुर्ग ने मुंडन करवा लिया है। बुजुर्ग का कहना है कि उनका बदला पूरा हो गया है। यह घटना मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सदर विधानसभा की है।

यहाँ शिवपुरी की पिछोर तहसील के जराय गाँव के रहने वाले गोविन्द सिंह लोधी ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह उर्फ़ कक्का जू की हार पर अपना मुंडन करवाया है। केपी सिंह को भाजपा के देवेन्द्र कुमार जैन ‘पट्टे वाले’ ने शिकस्त दी है।

गोविन्द लोधी का कहना है कि उन्होंने प्रण ले रखा था कि जिस भी दिन केपी सिंह यहाँ से विधानसभा चुनाव हारेंगे और उनकी सत्ता खत्म होगी उस दिन वह अपना मुंडन करवाएँगे। इसके पीछे गोविन्द लोधी का एक डेढ़ दशक पुराना कटु अनुभव है, जिसके कारण उन्होंने यह प्रण लिया था।

दरअसल, 2008 में गोविन्द सिंह लोधी का एक सम्पत्ति से जुड़ा विवाद हो गया था। उनके भाई की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी और उनकी जमीन एक महिला ने अपने नाम करवा ली थी। इसी सम्बन्ध में गोविन्द सिंह लोधी अपनी फ़रियाद स्थानीय विधायक केपी सिंह उर्फ़ कक्का जू के पास पहुँचे थे।

केपी सिंह ने गोविंद सिंह लोधी की समस्या नहीं सुनी और नाम पता पूछ कर भगा दिया। केपी सिंह ने गोविन्द सिंह लोधी को इस दौरान एक तमाचा भी जड़ दिया। इसी कारण से आहत गोविन्द सिंह लोधी ने तय किया था कि जब भी केपी सिंह हारा तो वह अपना सिर मुंडवाएँगे। इस बार जब ऐसा हुआ तो उन्होंने सिर मुंडवाकर अपनी खुशी जाहिर की।

केपी सिंह 6 बार से शिवपुरी जिले की ही पिछौर सीट विधायक थे। वह वर्ष 1993 से विधानसभा चुनाव जीत रहे थे। हालाँकि, इस बार के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस ने उन्हें शिवपुरी सदर से टिकट दिया जहाँ वह भाजपा के देवेन्द्र जैन के हाथों चुनाव हार गए। देवेन्द्र जैन को इस विधानसभा चुनाव में 1.12 लाख वोट मिले जबकि केपी सिंह को मात्र 69,000 वोट ही मिले।

जिन केपी सिंह पर बुजुर्ग ने चाँटा मारने का आरोप लगाते हुए उनके हारने पर मुंडन करवाया है, वह पहले विवादित बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने सितम्बर 2023 में एक बयान में कहा था कि जिन महिलाओं के पति बूढ़े होते हैं उनके साथ सोने दूसरे मर्द आते हैं। उनके अपने पतियों से कुछ होता नहीं है। उनके इस बयान पर उनका काफी विरोध हुआ था, इसके बाद उन्होंने माफ़ी भी माँग ली थी।

मुस्लिम युवती आयशा से बनी अक्षता, वैदिक रीति-रिवाजों से की बजरंग दल के कार्यकर्ता से शादी: कर्नाटक का मामला

कर्नाटक के सुरकथल में एक मुस्लिम युवती ने इस्लाम छोड़ कर हिन्दू युवक से विवाह कर लिया। युवक हिन्दू संगठन बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। दोनों की विवाह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं। यह मामला कर्नाटक के दक्षिण कर्नाटक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसे कुछ मीडिया पोर्टल ने ‘रिवर्स लव जिहाद’ कह दिया है। लेकिन ये मालूम हो कि लव जिहाद उसे कहा जाता है जहाँ व्यक्ति मजहब और पहचान छिपाकर किसी को प्रेम में फँसाए। लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के सुरकथल के रहने वाले आयशा और प्रशांत भंडारी लम्बे समय से प्रेम सम्बन्ध में थे। दोनों विवाह करना चाहते थे। इसके लिए युवक प्रशांत भंडारी आयशा की माँ से बात भी करने गया था। हालाँकि, आयशा की माँ ने दोनों के धर्म अलग-अलग होने के कारण इस शादी के लिए हामी नहीं भरी।

प्रशांत भंडारी ने आयशा की माँ से 30 नवम्बर, 2023 को बातचीत की थी। आयशा की माँ के ना मानने पर आयशा अगले दिन 1 दिसम्बर, 2023 को प्रशांत भंडारी के साथ चली गई। इसके पश्चात दोनों ने वैदिक रीति से विवाह कर लिया। आयशा ने अपना इस्लामिक नाम छोड़ कर हिन्दू नाम ‘अक्षता’ अपना लिया।

दोनों के विवाह की कई फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं। आयशा के परिजनों ने इस मामलें में पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज करवाई थी लेकिन अक्षता (पहले आयशा) और प्रशांत भंडारी हिन्दू कार्यकर्ताओं के साथ थाने में पहुँच कर अपनी शादी के बारे में जानकारी दे चुके हैं।

अक्षता (पहले आयशा) और प्रशांत भंडारी ने पुलिस को बताया है कि वह दोनों पिछले तीन वर्ष से प्रेम सम्बन्ध में हैं। अक्षता के परिवार के विवाह को लेकर राजी ना होने को लेकर उन दोनों ने यह कदम उठाया है।

लव जिहाद और रिवर्स लव जिहाद

कुछ मीडिया पोर्टल्स का दावा है कि हिन्दू संगठनों ने इस मामले को ‘रिवर्स लव जिहाद’ के तौर पर पेश किया है। गौरतलब है कि ‘लव जिहाद‘ आमतौर पर ऐसे मामलो को कहा जाता हैं जहाँ मुस्लिम लड़के हिन्दू या अन्य धर्मों की लड़कियों को अपने प्रेम जाल में अपनी पहचान छुपा कर फँसाते हैं और फिर उनका इस्लाम में धर्मांतरण करवा देते हैं। उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक समेत पूरे भारत से आए दिन लव जिहाद के ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।

मायावती की BSP में रहकर कॉन्ग्रेस से नजदीकी… बसपा ने सांसद दानिश अली को तत्काल किया सस्पेंड: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का लगा आरोप

मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने अमरोहा से अपने सांसद दानिश अली को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के साथ बढ़ती दानिश अली की करीबियों से बसपा नाराज हो गई और उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। दानिश साल 2019 में बसपा में शामिल हुए थे जिसके बाद उन्होंने अमरोहा से चुनाव लड़ा और कॉन्ग्रेस के सचिन चौधरी और बीजेपी के कंवर सिंह को हराकर सांसद बने।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बहुजन समाज पार्टी ने सांसद दानिश अली को पार्टी से निकालने की जानकारी देते हुए उन्हें पत्र में कहा-

“आपको (दानिश अली) अनेकों बार मौखिक रूप से से कहा गया कि आप पार्टी की नीतियों विचारधारा एवं अनुशासन के विरुद्ध जाकर कोई भी बयानबाजी व कृत्य आदि न करें परंतु इसके बाद भी आप लगातार पार्टी के विरुद्ध जाकर कार्य करते आ रहे हैं।”

बसपा ने दानिश अली को याद दिलाया कि कैसे बसपा में एंट्री देकर उन्हें लोकसभा तक पहुँचाया गया, लेकिन फिर भी वह पार्टी विरोधी बातें करते रहे। पत्र में लिखा गया,

“यहाँ आपको यह भी बताना जरूरी है कि सन 2018 तक आप देवगौड़ा की जनता पार्टी के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे तथा कर्नाटक में सन् 2018 के आम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और जनता पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा गया था। इस गठबंधन में देवगौड़ा के अनुरोध पर आपको अमरोहा से बसपा प्रत्याशी के रूप में टिकट दिया गया और इस टिकट के दिए जाने के पहले देवगौड़ा ने यह आश्वासन दिया था कि बसपा को टिकट न मिलने के बाद बसपा की सभी नीतियों व निर्देशों का सदैव पालन करेंगे और पार्टी के हित में ही कार्य करेंगे। इस आश्वासन को आपने भी उनके समक्ष दोहराया था।

इसी आश्वासन के बाद ही आपको बसपा की सदस्यता ग्रहण कराई गई थी और अमरोहा से चुनाव लड़ाकर तथा जिताकर लोकसभा में भेजा गया था। लेकिन आप अपने दिए गए वादों को भूलकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। अत: अब पार्टी के हित में आपको बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।”

बता दें कि दानिश अली को पार्टी से निकालने के पीछे बड़ा कारण उनकी कॉन्ग्रेस से बढ़ रही नजदीकियों को बताया जा रहा है। पिछले दिनों राम बिधूड़ी स उनसे मिलने राहुल गाँधी भी उनके आवास पर गए थे। वहीं कॉन्ग्रेस के ही अजय राय ने भी उनके मुलाकात की थी

‘पहला शौहर छोड़कर मैंने कर लिया दूसरा निकाह… मुसलमान बनकर खुश हूँ’: केरल की हादिया चर्चा में लौटी, मुस्लिम सहेलियों की संगत में अपनाया था इस्लाम

मुस्लिम सहेलियों की संगत में रहकर अखिला से हादिया बनी केरल की एक युवती फिर चर्चा में है। हादिया ने साल 2017 में बताया था कि उसने शफीन जहाँ से निकाह कर लिया है। हालाँकि जब कोर्ट में इस संबंध पर सवाल उठे तो वो सुप्रीम कोर्ट तक गई और अपना निकाह जायज मनवाया। लेकिन अब खबर आ रही है कि हादिया ने अपने पहले शौहर को छोड़ एक दूसरे मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है। उसने इस बाबत एक वीडियो भी जारी किया है और कहा है कि मैं मुसलमान की तरह रह कर खुश हूँ।

हादिया का मामला मीडिया में साल 2017 में देश में चर्चा में आया था जब उसके पिता के एम अशोकन ने जनवरी 2016 में केरल हाई कोर्ट के सामने उसकी गुमशुदगी को लेकर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत याचिका लगाई थी। अशोकन का कहना था कि उनकी बेटी अखिला, जो कि तमिलनाडु के सालेम में रह कर मेडिकल की पढ़ाई करती थी, बीते कुछ दिनों से गायब हो गई है।

इस मामले में 19 जनवरी 2019 को अखिला हाई कोर्ट के सामने खुद पेश हो गई थी और बताया था कि उसने इस्लाम अपना लिया है। उसने इस्लाम अपनाने के पीछे अपने साथ रहने वाली दो बालिकाओं की जीवन शैली को आदर्श बताया था। यह दोनों मुस्लिम थीं। अखिला का कहना था कि उसने बिना किसी दबाव के इस्लाम अपनाया है। इस कारण से अखिला के पिता की याचिका को रद्द कर दिया गया था।

इसके बाद वह एक इस्लामिक संगठन सत्य सारणी के साथ रहने लगी थी। इसके 6 महीने पश्चात उसके पिता ने एक और याचिका लगाई थी कि उनकी बेटी को विदेश ले जाने के प्रयास हो रहे हैं। हालाँकि उसने कोर्ट में आकर बताया कि वह शफी जहाँ नाम के एक आदमी से निकाह कर चुकी है।

इस निकाह के मामले में अखिला के परिवार के किसी व्यक्ति को नहीं पता था। अखिला ने इस निकाह का प्रमाण पत्र पेश किया था उसे केरल हाईकोर्ट ने मानने से इंकार करते हुए निकाह को अप्रभावी घोषित कर दिया था। उसका पति शफी जहाँ कट्टरपंथी विचारों वाला था।

बाद में इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया था जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि अखिला शफीन जहाँ के साथ रह सकती है। उन्होंने इस निकाह को वैध बता दिया था। NIA ने भी इस मामले की जाँच यह पता लगाने के लिए की थी कि अखिला पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव बनाया गया था।

अब इस मामले में नया मोड़ आया गया है। 8 दिसम्बर, 2023 को अखिला के पिता अशोकन ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका केरल हाईकोर्ट के सामने लगाई। इसके बाद हादिया, जो कि एक होम्योपैथी डॉक्टर है, उसने एक वीडियो 9 दिसम्बर, 2023 को जारी किया है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस वीडियो में हादिया ने कहा है, “संविधान ने हर व्यक्ति को यह अधिकार दिया है कि वह शादी करे और तलाक ले सके। यह सामान्य बात है। मुझे समझ नहीं आता कि मेरे मामले में समाज इतना परेशान क्यों है? मैं एक वयस्क हूँ जो कि निर्णय लेने में सक्षम हूँ। मैं जब शफी जहाँ के साथ निकाह में नहीं रह सकी तो उससे बाहर निकल आई। अब मैंने अपने पसंद के एक आदमी से विवाह कर लिया है। मैं खुश हूँ और एक मुस्लिम के रूप में रह रही हूँ। मेरे माता-पिता भी मेरे दूसरे निकाह के बारे में जानते हैं।”

पैगंबर मोहम्मद के नाम पर काटा था टीचर का सर: एक लड़की सहित 6 स्टूडेंट दोषी करार… लेकिन एक भी नहीं जाएगा जेल

साल 2020 में एक झूठे ईशनिंदा के मामले में पेरिस के टीचर सैमुअल पैटी का दिनदहाड़े सिर कलम करके हत्या की गई थ। अब उसी मामले में फ्रांस कोर्ट ने 6 किशोरों को दोषी माना है। इनमें एक वो नाबालिग लड़की भी शामिल है जिसने इस्लामी कट्टरपंथियों के बीच यह अफवाह फैलाई थी कि सैमुअल पैटी ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया।

फ्रांस कोर्ट ने 3 साल तक इस केस में जाँच पड़ताल के बाद इन छह किशोरों को दोषी करार दिया। इनमें फर्जी जानकारी फैलाने वाली लड़की तो शामिल है ही, साथ में वो छात्र भी हैं जिन्होंने हमलावरों को सैमुअल पैटी की पहचान कराई थी। घटना के वक्त ये सब 14-15 साल के थे, तो अदालत ने इन्हें दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई, लेकिन फिर ये भी बताया कि इनमें से किसी को जेल नहीं जाना होगा। खबरों में कहा गया है कि शायद सजा को बदल दिया गया है या सस्पेंड कर दिया गया है।

गौरतलब है कि पेरिस में अक्टूबर 16, 2020 को पैगंबर मोहम्मद के नाम पर सैम्युल पैटी नामक शिक्षक की हत्या की गई थी। उनकी हत्या के बाद उस स्कूल को भी धमकी मिली थी, जहाँ वह पढ़ाया करते थे।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने स्कूल में लिखा था “तुम सभी मारे जाओगे। सैमुअल पैटी.. अल्लाहु अकबर”। इसके अलावा सैमुअल के पिता को भी धमकाया गया था कि जिस तरह सैमुअल को मारा है उन्हें भी मारा जाएगा।

कट्टरपंथियों ने इस कृत्य को ईशनिंदा की सजा के नाम पर जायज ठहराने की कोशिश की थी। मगर हकीकत में सैमुअल ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया ही नहीं था। इस संबंध में खबर घटना के एक साल बाद आई थी।

7 मार्च 2021 को 13 साल की उस लड़की ने इस बात को स्वीकार किया था कि उसने अपने अब्बा के गुस्से से बचने के लिए अपने शिक्षक पर तोहमत लगाई थी जबकि हकीकत यह थी कि वह उस दिन क्लास में ही नहीं थी। फ्रांसीसी अखबर Le Parisien में बताया गया था कि लड़की ने न्यायाधीश के सामने घटना को लेकर कहा कि उसने अपने अब्बा से झूठ बोला था कि उसे क्लास से बाहर भेजा गया जबकि वास्तविकता में वह उस दिन कक्षा में भी मौजूद नहीं थी।

दरअसल, बच्ची नहीं चाहती थी कि उसके घर में ये बात पता चले कि उसे क्लास में अनुपस्थित होने के कारण निलंबित कर दिया गया था। इसलिए उसने अपने टीचर को लेकर कहानी गढ़ी। लड़की ने अपने अब्बा को बताया कि पैटी ने मुस्लिम छात्रों को कक्षा छोड़ कर जाने को कहा क्योंकि वह एक पाठ पढ़ाते हुए शार्ली एब्दो न्यूजपेपर में छपे पैगंबर मोहम्मद के व्यंगात्मक चित्र को दिखा रहे थे।

लड़की के कोर्ट में दिए इस बयान के बाद स्पष्ट हुआ था कि कैसे इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक मौका पाते ही एक टीचर को मौत के घाट उतारा। इस पूरे हमले में उस बच्ची का अब्बू भी शामिल था जिसने झूठी जानकारी फैलाई थी। कोर्ट में अभियोजन पक्ष का ये भी दावा है कि दोनों के बीच सीधा संपर्क था। हत्यारे ने पैटी को मारने से पूर्व लड़की के पिता को एक मैसेज किया था कि वह पैटी को किचन वाले चाकू से मारने वाला है।