Home Blog Page 1330

सांसदी खत्म होते ही ‘मुस्लिम मुस्लिम’ चिल्लाई महुआ मोइत्रा, पैसे लेकर अडानी के खिलाफ करती थी सवाल: एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन

संसद में प्रश्न पूछने के बदले नकदी और महँगे-महँगे तोहफे लेने की आरोपित महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता चली गई है। जाँच के बाद एथिक्स कमिटी ने उनके खिलाफ रिपोर्ट लोकसभा की टेबल पर पेश की थी। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें संसद से निकालने का फैसला सुनाया। महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से 2019 में TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के टिकट पर सांसद बनी थीं। अब संसद ने उन्हें ‘कैश फॉर क्वेरी’ घोटाले का दोषी माना है।

इस फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए महुआ मोइत्रा भड़क गईं। उन्होंने दावा किया कि कहीं किसी भी प्रकार के कैश या गिफ्ट लेने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर निकाला गया है कि उन्होंने संसद की अपनी लॉगिन आईडी-पासवर्ड शेयर किया जबकि संसद में इस संबंध में कोई नियम-कानून नहीं है। उन्होंने संसद को ‘कंगारू कोर्ट’ बताते हुए कहा कि ये दिखाता है कि मोदी सरकार के लिए अडानी कितने महत्वपूर्ण हैं, एक महिला सांसद की आवाज़ दबाई जा रही है।

उन्होंने इस दौरान कथित कोयले घोटाले का जिक्र करते हुए गौतम अडानी को घेरा और आरोप लगाया कि वो सभी पोर्ट्स को खरीद रहे हैं और इसके लिए उन्हें क्लियरेंस भी मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने रमेश बिधूड़ी द्वारा दानिश अली पर टिप्पणी का मामला भी उठाया और कहा कि भाजपा ने एक भी मुस्लिम को संसद में नहीं भेजा है। महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर अल्पसंख्यकों और महिलाओं का विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी उम्र 49 साल है और अगले 30 वर्षों तक वो भाजपा के साथ लड़ाई लड़ेंगी।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म किए जाने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया। उससे पहले एथिक्स कमिटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने लोकसभा में रिपोर्ट टेबल की। कॉन्ग्रेस और TMC के सदस्यों ने इस रिपोर्ट की कॉपी पढ़ने के लिए हंगामा भी किया। इससे पहले तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर माँग की थी कि वो रिपोर्ट पढ़ने के लिए संससदों को 48 घंटे का समय दें।

संसद सदस्यता खत्म किए जाने के दौरान बताया गया कि महुआ मोइत्रा ने न सिर्फ संसद का अपमान किया है, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया है। उन्हें विशेषाधिकार हनन और अनैतिक कृत्य का दोषी भी पाया गया। वहीं कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार जल्दबाजी कर रही है। वहीं महुआ मोइत्रा का कहना है कि उन्हें झुकाने के लिए हर नियम तोड़ दिया गया। इस पूरे मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खासे मुखर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने बुरा आचरण किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उनकी करतूतों को गंभीर रूप से आपत्तिजनक, अनैतिक और घृणास्पद और आपराधिक माना गया है। साथ ही भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वो एक समयसीमा तय कर के उनके खिलाफ जाँच पूरी करवाए। महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर देहाद्राई ने बताया था कि कैसे कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारों पर महुआ मोइत्रा ने संसद में अडानी समूह को निशाना बनाया।

‘मेरे पास शब्द नहीं, ये बहुत सुंदर है’ : नए संसद भवन को देख मोहित हुईं पद्मश्री सुधा मूर्ति, कहा- मैं पूरा दिन यहाँ बिताना चाहती हूँ

इंफोसिस के नारायणमूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने पहली बार संसद का दौरा किया। सुधा मूर्ति संसद के नए और पुराने भवन को देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की।

समाचार एजेंसी एएऩआई से बता करते हुए उन्होंने कहा, “यह सच में बहुत सुंदर है…मेरे पास शब्द नहीं है कि मैं इनका वर्णन करूँ। मैं इसे बहुत लंबे समय तक देखना चाहती हूँ। जैसे कोई सपना पूरा हुआ हो। बहुत सुंदर है। कला, संस्कृति और भारतीय साहित्य- सब कुछ सुंदर है।”

उन्होंने कहा, “मुझे नई बिल्डिंग अच्छी लगी, मैंने दोनों बिल्डिंग को पहली बार देखा, आर्ट-कल्चर इंडियन हिस्ट्री सब कुछ है। सब कुछ बहुत बढ़िया है। सब कुछ अच्छे तरीके से रखा गया है व्यवस्थित ढंग से। मैं पूरा दिन बिताना चाहती थी यह सब देखने के लिए जो देखा उसे मैंने एंजॉय किया।” जब उनसे पूछा गया कि क्या आप वो राजनीति में आना चाहती हैं तो इसके जवाब में उन्होंने कहा- “मैं जो हूँ उसमें खुश हूँ।”

बता दें कि सुधा मूर्ति की पहचान सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका के तौर पर होती है। वह पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकी हैं। उन्होंने 8 उपन्यास लिखे हैं। वह ऑटो निर्माता इंजीनियर और लोकोमोटिव कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर भी हैं। उनके पति जहाँ इंफोसिस कंपनी के संस्थापक हैं तो बेटी अक्षता नारायण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं। शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धि की बात करें तो उन्होंने बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी, हुबली से इलेक्टिकल इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। उस समय भी वह इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं।

करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के बाद 2 बेटी (चीनू+ उर्वशी) भी चर्चा में: एक का साजिश में आया नाम, दूसरी ने कहा- अब मैं सँभालूँगी पिता की विरासत

राजस्थान के जयपुर में घर में घुस कर हुई ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों संपत राय और रोहित गोदारा का नाम सामने आया है। अब इसमें एक चीनू नाम की लड़की का नाम भी सामने आ रहा है। राजस्थान पुलिस की एनकाउंटर में मारे गए आनंदपाल सिंह की बेटी चीनू अब उसके गैंग को दुबई से ऑपरेट कर रही है। आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद उनके शव के साथ गोगामेड़ी ने लंबा प्रदर्शन किया था।

वहीं रोहित गोदारा बीकानेर के कालू थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वो भी दुबई से ही गैंग चला रहा है। संपत राय पंजाब के बठिंडा के सेन्ट्रल में में बंद है, जिसे अब रोपड़ पुलिस लेकर गई है। संपत नेहरा का एक करीबी था अंकित भादू। उसके खिलाफ सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित टिप्पणी की थी। वो बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसके बाद भी गोगामेड़ी ने कुछ टिप्पणी की थी। तभी से संपत नेहरा उन्हें मरवाना चाहता था।

इस हत्याकांड की जाँच के लिए बनाई गई SIT के ADG (क्राइम) दिनेश MN ने बताया कि अब तक 200 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। रोहित गोदारा के करीबी वीरेंद्र चारण की भी इस हत्याकांड में भूमिका का शक है। वो राजू ठेहट हत्याकांड में भी आरोपित है। उससे जुड़े 60 लोगों से पूछताछ की गई है। वहीं दोनों शूटरों रोहित राठौड़ और नितिन फौजी की तो तलाश है ही। वहीं चीनू का नाम भी राजू ठेहट हत्याकांड में आया था।

आनंदपाल सिंह की छोटी बेटी योगिता कँवर नागौर के साँवराद में परिवार के साथ रहती है, वहीं चीनू को पढ़ने के लिए दुबई भेजा गया था जहाँ से वो वापस ही नहीं आई। वो कई मामलों में वॉन्टेड है और इसीलिए पिता के अंतिम संस्कार तक में नहीं आई। राजू ठेहट हत्याकांड में पकड़े गए शक्ति सिंह ने चीनू का नाम लिया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के लिए उनके घर में घुसने के लिए उनके परिचित नवीन सिंह शेखावत को जरिया बनाया गया था। हमलावरों ने मौके पर ही उसे भी मार डाला था।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के अंतिम संस्कार के बाद उनकी बेटी उर्वशी मीडिया के सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनके पिता को गद्दारों ने मारा है, लेकिन वो मरे नहीं बल्कि अमर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार किसी से डरने वाला नहीं है। उर्वशी ने कहा कि पाकिस्तान तक से उनके पिता को धमकी मिली, लेकिन राजस्थान सरकार ने सुरक्षा नहीं दी। उर्वशी ने कहा कि पिता की तरह वो भी लोगों की मदद के लिए खड़ी रहेंगी। उन्होंने हत्यारों के एनकाउंटर की माँग की। उन्होंने कहा कि हम नहीं डरेंगे, परिवार नहीं डरेगा।

उर्वशी ने कहा कि उनके पिता सर्व समाज के लिए खड़े रहते थे और वो किसी को भी ज़रूरत पड़े तो वो रात को भी खड़ी मिलूँगी। उन्होंने कहा कि अभी पुलिस ही पुलिस चारों तरफ दिख रही है, लेकिन उनके पिता को सुरक्षा नहीं दी गई। हत्या के 1 दिन पहले उनकी पिता से बाद हुई थी। हत्या के समय वो स्कूल में थी। उन्होंने कहा कि उनके पिता कहते थे कि राजनीति में आगे रहना है और मैं उसे पूरा करूँगी। उन्होंने पॉलिटिक्स को अपना लक्ष्य करार दिया।

वहीं आनंदपाल सिंह की बेटी चरणजीत सिंह ने इन आरोपों को नकार दिया है। एक वीडियो जारी कर के उन्होंने कहा है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी उनके लिए हमेशा आदरणीय थे और उनकी हत्या से उन्हें दुःख हुआ है।

मैं विद्यार्थी परिषद का ऑर्गेनिक प्रोडक्ट: ABVP के राष्ट्रीय अधिवेशन में बोले अमित शाह- राजकोट अधिवेशन में पीछे बैठने वाला आज मुख्य अतिथि बन गौरवान्वित

दिल्ली के बुराड़ी स्थित डीडीए मैदान में आयोजित भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन में शुक्रवार (8 दिसंबर 2023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे। अमित शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान वे बेहद भावुक नजर आए।

कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं आज यहाँ राष्ट्रीय अधिवेशन के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कितना गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, इसे मैं आपको नहीं बता सकता। ये अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जिसकी शुरुआत राजकोट अधिवेशन में पंडाल के अंत में बैठकर हुई और आज वो मुख्य अतिथि बनकर यहाँ खड़ा है।”

खुद को विद्यार्थी परिषद का ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बताते हुए अमित शाह ने कहा, “हर चुनौतियों के सामने विद्यार्थी परिषद हिमालय की तरह डटकर खड़ी रहती है और उस समस्या का समाधान करती है। जब तक भारत प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर और संपन्न नहीं होता तब तक हमें रुकना नहीं है और इसमें युवाशक्ति की भूमिका महत्त्वपूर्ण होगी।”

उन्होंने कहा, “हमारी विरासत ही हमारे आधुनिक विकास की कुंजी है। आज भारत एक वैश्विक ताकत बन रहा है। आने वाले 25 वर्षों में आपको करोड़ों लोगों के विकसित भारत के स्वप्न को पूरा करना है। भारत का समय आ गया है और हर समस्या के समाधान के लिए विश्व आज भारत की ओर देख रहा है।”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन एबीवीपी को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “आपको तो रास्ता तलाशने की भी जरूरत नहीं है, 75 वर्षों में विद्यार्थी परिषद की पीढ़ियों ने ज्ञान, शील, एकता का जो रास्ता बनाकर रखा है, उसी रास्ते पर आपको चलना है। आपको सिर्फ संकल्प लेने की आवश्यकता है।”

बता दें कि एबीवीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत गुरुवार (7 दिसंबर 2023) को हुई। इसकी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद (एनईसी) की बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक पहल’ और ‘भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक श्रीराम मंदिर’ शीर्षक पर प्रस्ताव पारित किए गए। एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री हुशियार सिंह मीणा और अंकिता पवार ने राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में दोनों प्रस्ताव रखे थे।

पहले दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दत्ताजी डिडोलकर को समर्पित चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन और सामूहिक वंदे मातरम का पगान हुआ। इस अधिवेशन में 8500 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान 150 दृष्टिहीन छात्रों ने तिरंगे की आकृति बनाकर सामूहिक वंदे मातरम गान का नेतृत्व किया।

भारत में हर साल बनेंगे 5 करोड़ Iphone, 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार: एप्पल को टाटा कैसे देगी रफ्तार रिपोर्ट में बताया

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कम्पनी एप्पल आगामी वर्षों में भारत में 5 करोड़ आईफोन (एप्पल का स्मार्टफोन) का निर्माण करेगी। यह उसके कुल वार्षिक निर्माण का 25% होगा। इस प्रकार दुनिया उपयोग होने वाले एक चौथाई आईफोन भारत में निर्मित होंगे।

यह जानकारी अमेरिका के समाचार पत्र द वाल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दी गई है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान में एप्पल सालाना 20 करोड़ आईफोन का निर्माण करता है। इनमें से अधिकाँश का निर्माण चीन में होता आया है। बीते कुछ वर्षों से यह तस्वीर बदलना चालू हो गई है।

भारत का भी इस निर्माण में हिस्सा अब बढ़ने लगा है, वर्तमान में यह लगभग 5% है। एप्पल लगातर भारत में अपनी निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा दे रहा है। एप्पल का निर्माण करने वाली ताईवानी कम्पनियाँ फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन भारत में आईफोन का निर्माण करती हैं।

यह कम्पनियाँ बेंगलुरु और चेन्नई में अपने नए प्लांट लगा रही हैं। अब टाटा समूह भी इस निर्माण क्षेत्र में उतर गया है। टाटा समूह ने हाल ही में एक अन्य ताईवानी कम्पनी विसट्रॉन के बेंगलुरु स्थित आईफोन प्लांट का अधिग्रहण किया था। टाटा ने यह अधिग्रहण लगभग ₹1100 करोड़ में किया था।

इस प्रकार टाटा आईफोन निर्माण करने वाली पहली भारतीय कम्पनी बन गई थी। अब टाटा कंपनी एक बड़ा आईफोन निर्माण प्लांट तमिलनाडु के होसूर में लगाने की योजना बना रही है जहाँ लगभग 50,000 लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इसमें 20 आईफोन असेम्बली लाइन होंगी और इसके अगले एक से डेढ़ वर्ष में चालू हो जाने की संभावना है।

एप्पल के आईफोन के साथ ही इसके अन्य पार्ट के भारत में निर्माण को लेकर भी काम हो रहा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में सामने आई है कि एप्पल भारत में कई निर्माण कम्पनियों को उसकी बैटरियों के निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इस संबंध में एक प्लांट हरियाणा के मानेसर में लगने भी वाला है।

एप्पल वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्यातक है। वर्ष 2022-23 में इसने ₹40,000 करोड़ के आईफोन भारत से निर्यात किए थे जबकि वर्ष 2023-24 के पहले सात महीनों में ही ₹40,000 करोड़ से अधिक के स्मार्टफ़ोन निर्यात कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 खत्म होने तक इसके लगभग ₹1 लाख करोड़ होनी की संभावना भी जताई जा रही है।

भारत में निर्माण बढ़ाने के पीछे एप्पल का यह लक्ष्य है कि वह चीन पर अपनी निर्भरता को कम करे। दरअसल, कोरोना महामारी और उसके बाद आई अस्थिरता के कारण एप्पल केवल अपने निर्माण के लिए चीन पर निर्भर नहीं रहना चाहता। भारत, चीन की जगह अच्छा विकल्प है क्योंकि श्रमिक सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं और साथ ही सरकार इसे प्रोत्साहन दे रही है।

केन्द्रीय आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बयान में कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में 50 बिलियन डॉलर (लगभग ₹5.5 लाख करोड़) के स्मार्टफोन का निर्माण होगा। उन्होंने यह भी बताया कि 2023-24 की पहली छमाही में 6.53 बिलियन डॉलर (लगबग ₹52 हजार करोड़) के स्मार्टफ़ोन निर्यात कर चुका है।

भारत बीते कुछ वर्षों में स्मार्टफ़ोन निर्यात में आत्मनिर्भर हो चुका है। हाल ही में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि अब देश में उपयोग होने वाले 99.2% स्मार्टफोन भारत में ही निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने एक आँकड़ा भी पेश किया था जिसमें बताया गया था कि बीते 9 वर्षों में देश में स्मार्टफोन का निर्माण 9 गुना बढ़ चुका है।

टूट गया KCR का बायाँ कूल्हा, अब होगी ट्रांसप्लांट सर्जरी: हार के बाद अपने फार्महाउस में गिर गए तेलंगाना के पूर्व CM, PM मोदी ने जताया दुःख

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘भारत राष्ट्र समिति (BRS)’ के मुखिया के चंद्रशेखर राव (KCR) हैदराबाद स्थित अपने आवास में बाथरूम में गिर कर चोटिल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सिकंदराबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है।

जानकारी के अनुसार, BRS सुप्रीमो तेलंगाना में हुई हार के बाद तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के अर्रावल्ली स्थित अपने फार्महाउस में रह रहे थे। इससे पहले उन्होंने तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाईं सौन्दरराजन को अपना इस्तीफ़ा अपने सचिव के माध्यम से सौंप दिया था और मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया था।

सिद्दीपेट में वह 3 दिसम्बर के नतीजों के बाद पहुँचे थे। यहाँ बृहस्पतिवार (7 दिसम्बर, 2023) को बाथरूम में पैर फिसलने से वह चोटिल हो गए। केसीआर की बेटी और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य के कविता ने बताया है कि पूर्व मुख्यमंत्री को कूल्हे में चोट लगी है।

उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “बीआरएस सुप्रीमो केसीआर गारू (तेलुगु में किसी को सम्मानजनक तरीके से पुकारने के लिए ‘गारू’ शब्द का उपयोग करते हैं) को हल्की चोट आई है और वह वर्तमान में डॉक्टरों की देखरेख में हैं। लगातार मिल रहे समर्थन और प्रार्थनाओं के बल पर डैड जल्द ही स्वस्थ होंगे। हम आपके प्रेम के आभारी हैं।”

उनके स्वास्थ्य के विषय में जारी किए गए बुलेटिन में के कविता ने कहा है कि केसीआर के सीटी स्कैन करने पर बाएँ कूल्हे में चोट सामने आई है। इसके लिए उनके बाएँ कूल्हे की प्रत्यारोपण सर्जरी करनी होगी। इस प्रकार उनके सही होने में 6 से 8 सप्ताह लग जाएँगे।

केसीआर के चोटिल होने की खबर पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके जल्द ही स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं यह जानकर दुखी हूँ कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री श्री केसीआर गारू को चोट लगी है। मैं उनकी अच्छी सेहत और जल्द ठीक होने की कामना करता हूँ।”

विपक्ष के नेताओं में अभी तक केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस मामले पर ट्वीट किया है। अरविन्द केजरीवाल ने ‘X’ पर लिखा, “मैं केसीआर के चोटिल होने के बारे में सुनकर चिंतित हूँ, मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।”

हाल ही में सम्पन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनावों में केसीआर की पार्टी को करारी हार का सामना कॉन्ग्रेस के हाथों करना पड़ा है। 3 दिसम्बर 2023 को आए नतीजों में केसीआर की बीआरएस को 119 में से 39 जबकि विजयी कॉन्ग्रेस को 64 सीट मिली हैं। केसीआर को तेलंगाना की कामारेड्डी सीट पर भाजपा के केवीआर रेड्डी के हाथों भी हार झेलनी पड़ी है।

बाजे रे बाजे रे ढोल बाजे… UNESCO की विरासत सूची में गुजरात का ‘गरबा’ शामिल, उत्सव में डूबे लोग न्यूयॉर्क में झूमे

गुजरात के प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य गरबा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक (UNESCO) संगठन ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है।

इस घोषणा के बाद फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (FIA) एनवाई-एनजे-सीटी-एनई ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर कई समूहों और भारतीय महावाणिज्य दूतावास के समर्थन के साथ एक स्मारक गरबा समारोह का आयोजन किया।

इस आयोजन में भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में गरबा खेलते नजर आए। सुन सकते हैं पीछे ढोल बाजे गाना बज रहा है और दूसरी ओर वहाँ रहने वाले भारतीय उसपर झूम रहे हैं।

वीडियो को देखने के बाद भारत बैठे लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस खबर को सुन भारत को इनक्रेडिबल इंडिया कहा जा रहा है। लोग खुशी में कहीं गरबा खेल रहे हैं तो कहीं उससे जुड़ी फोटो वीडियोज देख आनंद ले रहे हैं।

यूनेस्को वेबसाइट पर गरबा को लेकर कहा गया कि यह एक भक्तिपूर्ण नृत्य है। इसे नवरात्रि के त्योहार पर किया जाता है जो आदिशक्ति को समर्पित है। यह नृत्य कलश के चारों ओर होता है जिसमें लौ जलती है। इसके अलावा वहाँ देवी माँ अम्बा की एक तस्वीर भी होती है।

बता दें कि यूनेस्कों ने जिस लिस्ट में गरबा नृत्य को शामिल किया है उसमें भारत की परंपराओं या सांस्कृतिक आयोजन जैसे कि रामलीला, वैदिक मंत्रोच्चार, कुंभ मेला और दुर्गा पूजा को भी पहले जगह मिली है। गरबा के इस लिस्ट में शामिल होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में गरबा का शामिल होना हमारी संस्कृति की एक सुंदरता है। हमें इसका सम्मान करते हुए आने वाली पीढ़ी के लिए इसका संरक्षण करना चाहिए।”

राजस्थान गए राजनाथ सिंह, खट्टर को भेजा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ देखेंगे अर्जुन मुंडा: BJP ने तीनों राज्यों के लिए तय किए पर्यवेक्षक, अब होगा CM का फैसला

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत के बाद मुख्यमंत्रियों के नामों को लेकर भाजपा में मंथन जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात के बाद अब तीनों राज्यों के लिए पार्टी ने पर्यवेक्षक के नाम का ऐलान कर दिया है। राजस्थान के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ दो और लोगों के नाम शामिल हैं।

वहीं, भाजपा ने मध्य प्रदेश में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, के. लक्ष्मण और आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ में अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और दुष्यंत कुमार गौतम को पर्यवेक्षक के पद के लिए नियुक्त किया है।

ये पर्यवेक्षक तीनों राज्यों में विधायक दल के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। इन तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इन राज्यों में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ा था। इन चुनावों में मुख्य चेहरा नरेंद्र मोदी थे।

राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद प्रदेश में तनाव में है। इसके साथ क्षत्रिय समाज में इसको खासा आक्रोश है। ऐसे में राजनाथ सिंह का नाम पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करके माहौल को भाँपने की कोशिश भी की जा रही है।

भाजपा इन राज्यों में ऐसे मुख्यमंत्री का चुनाव करना चाहती है, जो साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भी प्रभावकारी हो और अधिकतम सीटें जितवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इसके साथ ही स्थानीय समीकरण और बगावत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के नामों पर मुहर लगेगी।

बताते चलें कि भाजपा के 11 सांसदों ने विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है। इनमें कई नाम मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में शामिल हैं। राजस्थान में दीया कुमारी, गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौर, वसुंधरा राजे, महंत बालकनाथ, भूपेंद्र यादव, ओम बिरला, सीपी जोशी का नाम सीएम पद की दौड़ में शामिल है।

वहीं, मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, ज्योतिरादित्य सिंधिंया रेस में हैं। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सीएम पद के प्रमुख दावेदार हैं। इसके अलावा, रेणुका सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और ओपी चौधरी का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालाँकि, ये नाम सिर्फ चर्चा में हैं।

‘आपत्तिजनक, घृणास्पद, अनैतिक और आपराधिक कृत्य, महुआ मोइत्रा को संसद से निकाला जाए’: लोकसभा में पेश हुई एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट, बोलीं TMC सांसद – माँ दुर्गा आ गई हैं

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में फँसी हुई हैं। अब शुक्रवार (8 दिसंबर, 2023) को संसद में एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पेश हुई है, जिसे इस मामले की जाँच सौंपी गई थी। वहीं महुआ मोइत्रा ने चुनौती देते हुए कहा है कि अब लोग महाभारत का युद्ध देखेंगे। उन्होंने कहा, “माँ दुर्गा आ गई हैं, हम देखेंगे। जो लोग कपड़े छीनने में लगे हुए हैं, वो अब महाभारत का युद्ध देखेंगे।” उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये बातें कही।

महुआ मोइत्रा ने इस दौरान रामधारी सिंह दिनकर की ‘रश्मिरथी’ की पंक्ति भी उद्धृत की – ‘जान नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।’ कमिटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर और अपराजिता सारंगी ने ये रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा को संसद से निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई के आरोपों के आधार पर इस मामले को उठाया था। महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर देहाद्राई ने बताया था कि कैसे कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारों पर महुआ मोइत्रा ने संसद में अडानी समूह को निशाना बनाया।

अब संसद की आचार समिति की रिपोर्ट लोकसभा में टेबल की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने बुरा आचरण किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उनकी करतूतों को गंभीर रूप से आपत्तिजनक, अनैतिक और घृणास्पद और आपराधिक माना गया है। साथ ही भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वो एक समयसीमा तय कर के उनके खिलाफ जाँच पूरी करवाए। कॉन्ग्रेस सांसद प्रणीत कौर, जिन्हें पार्टी निलंबित कर चुकी है – उन्होंने भी इस रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया।

वहीं समिति में शामिल विपक्षी दलों के 4 सांसदों ने इस रिपोर्ट से आपत्ति जताई है। इस रिपोर्ट को 4 दिसंबर को ही पेश किया जाना था, लेकिन ये अब आया है। महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने संसद के लॉगिन का अपना आईडी-पासवर्ड उक्त कारोबारी को दे रखा था, जो दुबई से सवाल अपलोड करता था। इसके बदले उन्होंने कैश और महँगे-महँगे तोहफे लिए। पर्स से लेकर फोन और जूते तक लेने की बात कही जा रही है। इसी बीच दर्शन हीरानंदानी ने पीएम मोदी में भरोसा जताते हुए कहा था कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें जाल में फँसाया।

चूल्हे में भून कर जब मार डाला था नवजात को, तब हँस रहा था जो पत्रकार… अब खुद मारा गया: रो रहे जुबैर-राणा और वामपंथी गैंग

इजराइल-हमास युद्ध में रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) नाम का एक कथित पत्रकार मारा गया। रेफात की मौत 7 दिसंबर 2023 को हवाई हमले के दौरान हुई। हमास का समर्थन और प्रचार करना, इसके उलट इजरायल के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाना और यहूदी-विरोधी बातें लिखना – मारे गए रेफात की कथित पत्रकारिता इन्हीं बातों के आसपास घूमती थी।

भारत में रह कर यहीं की रोटी खाने वाले ऐसे बहुत हैं जो ज्ञात-अज्ञात कारणों से फिलिस्तीन की सहलाते रहते हैं, उसके लिए आँसू बहाते हैं। मोहम्मद जुबैर ने इजराइल को बदनाम करने के लिए रेफात अल-अरीर की मौत का सहारा लिया।

सहानुभूति बटोरने के लिए जुबैर ने ट्वीट कर लिखा, “रेफात अल-अरीर को आज इजराइल ने मार डाला।” इस ट्वीट में जुबैर ने रेफात का हाल में दिए एक इंटरव्यू वीडियो को भी लगाया है। इसमें वो इजराइल हमले में गाजा के सभी लोगों के मारे जाने के डर से रो रहा है। हास्यास्पद यह है कि इसी शख्स ने माइक्रोवेव अवन में जला कर मार डाले गए इजरायली बच्चे की मौत का मजाक उड़ाया था।

मोहम्मद जुबैर ने ट्वीट किया तो राणा अयूब कैसे पीछे रहती! उसने भी रोना चालू रखा… बिल्कुल एकसमान अंदाज में। उसने ट्वीट किया, “और उन्होंने उसे मार डाला।”

29 अक्टूबर 2023 को डोविड इफ्यून नाम के एक पत्रकार ने खबर दी कि हमास के इस्लामी आतंकियों ने एक इजरायली यहूदी बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। बच्चे की जली हुई लाश माइक्रोवेव अवन में मिली। ट्विटर इस खबर का मजाक उड़ाते हुए रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) ने लिखा था – “बेकिंग पाउडर के साथ या उसके बिना।”

बच्चे की मौत पर जिसको सूझा मजाक… वो खुद मारा गया

आपको बता दें कि केक जैसी चीज बनाने के लिए बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। मतलब इस्लामी आतंकी हमास का समर्थक रेफात एक मरे हुए बच्चे की तुलना खाने लायक सामग्री से कर रहा था। लेकिन गाजा वाले हिस्से पर जब इजरायली सेना ने तबाही मचानी शुरू की तो रेफात को मौत का डर सताने लगा, विदेशी-वामपंथी मीडिया को रो-रो कर इंटरव्यू देने लगा।

रेफात अल-अरीर यहूदियों और इजरायल से कितनी नफरत करता था, उसके लिए 1 या 2 ट्वीट काफी नहीं हैं। वो कभी इजरायल के नेताओं को हिटलर के समान बताता था। कभी वो यहूदीवाद और नाजीवाद को एक ही बताता है।

यह जानना भी जरूरी है कि रेफात खुले तौर पर हमास का समर्थन और प्रचार करता था। उसके अनुसार इस्लामी आतंकी संगठन हमास को ‘फँसाने’ के लिए इजराइल ने अपने ही नागरिकों को मार डाला।