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‘भारत माता की जय अनुचित कार्य’: राजस्थान के मिशनरी स्कूल ने अभिभावकों को भेजा नोटिस, 8 छात्रों को किया निलंबित

राजस्थान के बाराँ जिले के अंता में स्थित इमैनुएल स्कूल अपने एक फैसले के कारण विवादों में है। स्कूल ने 8 छात्रों को सिर्फ इसीलिए निलंबित कर दिया, क्योंकि उन्होंने ‘भारत माता की जय’ कहा था। स्थानीय भाजपा नेताओं ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि छात्रों को ‘भारत माता की जय’ कहने से रोका गया और एक सप्ताह के लिए 8 छात्रों को निलंबित किया गया। इसके विरोध में परिजनों ने विद्यालय पहुँच कर विरोध प्रदर्शन किया।

अंता के नव-निर्वाचित भाजपा विधायक कँवर लाल मीणा ने भी स्कूल प्रबंधन को फोन कर के कहा है कि वो छात्रों का निलंबन वापस ले। MLA ने पूछा कि आखिर ‘भारत माता की जय’ कहने से छात्रों को क्यों रोका गया? असल में बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की निंदा करते हुए एक जुलूस निकाला गया था। साथ ही विरोध प्रदर्शन भी चल रहा था, जो स्कूल के पास पहुँचा तो छात्रों ने भी समर्थन में नारेबाजी की।

इन छात्रों में शरद सोनी, कार्तिक मीणा, सौरभ मालव, तक्षित मालव, प्रेम गुर्जर, यथार्थ कुमावत, जतिन और हर्षित नागर शामिल थे। ये सभी कक्षा 9 में पढ़ते हैं। इन्होंने बाहर आकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन की बात करते हुए इन्हें नोटिस जारी कर दिया। अभिभावकों को भेजे गए पत्र में कहा गया कि कई बार समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने, छात्रों का उचित मार्गदर्शन करें ताकि वो विद्यालय में कोई अनुचित कार्य न करें।

परिजन जब बात करने पहुँचे तो विद्यालय प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। भाजपा कार्यकर्ताओं की माँग है कि ‘इमैनुएल मिशन स्कूल’ को मिली मान्यता रद्द की जाए। बाराँ के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को भी पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में पीड़ित छात्रों ने कहा है कि इस फैसले से वो अवसाद में हैं, ऐसे में उन्हें राहत प्रदान की जाए। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में संपत नेहरा और रोहित गोदारा जैसे लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के नाम सामने आए हैं।

43 गेंद में 193 रन: छक्के-चौके से बनाए 188 रन, दौड़ कर सिर्फ 5 रन – ये है नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

हमजा सलीम डार नाम के एक खिलाड़ी ने क्रिकेट जगत में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। हमजा ने 43 गेंदों में 193 रन जड़ दिए हैं। हमजा ने एक लीग मुकाबले के दौरान यह कमाल किया। हमजा ने यह रिकॉर्ड यूरोपियन क्रिकेट के अंतर्गत स्पेन की टी10 क्रिकेट लीग में बनाया है। इस दौरान हमजा ने छक्कों और चौकों की मदद से 188 रन बनाए और मात्र पाँच रन ही सिंगल और डबल से बनाए।

यह मैच यूरोपियन क्रिकेट के अंतर्गत स्पेन की दो क्लब टीमों – कैटालुनिया जैगुआर्स और सोहाल हॉस्पिटलटेट के बीच हो रहा था। इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए कैटालूनिया की टीम की तरफ से हमजा सलीम डार ने यह रिकॉर्ड कायम किया।

28 वर्षीय हमजा सलीम डार अपनी टीम कैटालूनिया जैगुआर्स की तरफ से ओपनिंग करने उतरे थे। इसके पश्चात उन्होंने विरोधी टीम सोहाल हॉस्पिटलटेट के गेंदबाजों को कूटना चालू किया। हमजा ने इस पारी के में 43 गेंदों में ही 193 रन जड़ दिए। उन्होंने पारी के दौरान 22 छक्के और 14 चौके मारे।

सोहाल की तरफ से गेंदबाजी कर रहे गेंदबाजों की हमजा सलीम के विरुद्ध हालत खराब हो गई। सोहाल के एक गेंदबाज मोहम्मद वारिस को तो दो ओवर में 73 रन हमजा ने जड़े। सोहाल के किसी भी गेंदबाज की इकॉनमी 22 से नीचे नहीं रही। हमजा की इस पारी की बदौलत उनकी टीम ने इस मैच में 257 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया।

हमजा सलीम डार के नाम अब सबसे कम गेंदों में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड हंगरी के लियु डू प्लोय के नाम था। डू प्लोय ने अक्टूबर 2023 में 40 गेंदों में 163 रनों की नाबाद पारी खेली थी जो कि अभी तक रिकॉर्ड मानी गई थी लेकिन हमजा ने दो महीनों के भीतर यह रिकॉर्ड धराशायी कर दिया।

हमजा सलीम डार के साथ खेल रहे उनकी ही टीम के साथी यासिर अली ने 19 गेंदों में 58 रनों की पारी खेली। हमजा का स्ट्राइक रेट इस 193 रन की पारी के दौरान 448.8 का रहा है। इसका मतलब है कि उन्होंने औसतन हर गेंद पर 4 रन से अधिक बनाए।

हमजा की इस धुआँधार पारी की मदद से कैटालुनिया जैगुआर्स ने सोहाल हॉस्पिटलटेट को 153 रनों से हरा दिया जो कि जवाबी पारी में मात्र 104 रन ही बना सकी। हमजा की यह पारी अब सोशल मीडिया पर वायरल है। हमजा सलीम ने इस मैच में मात्र बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाया। 193 रन बनाने के बाद सोहाल के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए हमजा ने 3 विकेट भी निकाले।

दहेज के कारण टूटा निकाह, इंजेक्शन लगाकर मर गई डॉक्टर शाहना: सुसाइड नोट में बता गई पैसों का कितना लालची था रुवैस

केरल की डॉक्टर शाहना की आत्महत्या के मामले में अब सुसाइड नोट सामने आया है। डॉक्टर शाहना के बॉयफ्रेंड रुवैस ने शाहना के परिवार से 150 तोला सोना, एक BMW गाड़ी और ₹50 लाख नकद और 15 एकड़ जमीन दहेज़ के रूप में माँगे थे, यह माँग पूरी ना कर पाने से दुखी डॉक्टर शाहना ने आत्महत्या कर ली थी।

इस मामले में शाहना के बॉयफ्रेंड डॉक्टर रुवैस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर शाहना ने इस सुसाइड नोट में डॉक्टर रुवैस को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। शाहना के इस सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

डॉक्टर शाहना ने लिखा है, “आज मैं अपनी जिन्दगी उसकी (डॉक्टर रुवैस) दहेज़ की इच्छा के कारण खत्म कर रही हूँ। वह मुझसे निकाह का वादा करके मेरी जिन्दगी खराब करना चाहता था। यह सही है कि मेरा परिवार उसके द्वारा माँगी गई जमीन और सोना देने में समर्थ नहीं हैं।”

शाहाना ने यही मैसेज रिकॉर्ड करके रुवैस के फ़ोन पर भेजा था। रुवैस ने यह मैसेज अपने फ़ोन से डिलीट कर दिए थे। एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि केरल पुलिस ने पहले रुवैस अहमद को बचाने का भी प्रयास किया था। पुलिस ने मामला उठने से पहले रुवैस अहमद का नाम और डॉक्टर शाहना अहमद की आत्महत्या में उनके रोल को छुपाया था।

गौरतलब है कि डॉक्टर शाहना तिरुवनंतपुरम के सरकारी मे़डिकल कॉलेज के सर्जरी डिपार्टमेंट में पोस्टग्रेजुएशन कोर्स कर रही थीं। उन्होंने रुवैस से निकाह के सपने देखे थे, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने खुद को एनेथिसिया की हाई डोज इंजेक्शन से लेकर आत्महत्या कर ली। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस आत्महत्या मामले में जाँच के आदेश दे दिए थे।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहना के परिवार में उनकी अम्मी और दो भाई-बहन हैं। उनके अब्बू गल्फ में काम करते थे जिनकी 2 साल पहले मौत हो गई थी। डॉ शाहना के परिजनों ने बताया था कि डॉ रुवैस के परिवार ने उनसे 150 तोले सोने के गहने, 15 एकड़ जमीन और बीएमडब्लू कार दहेज में माँगी थी।

लेकिन डॉ शाहना का परिवार 50 तोले सोने के गहने, 50 लाख रुपए और कार देने में समर्थ था। जब ऐसे में उन्होंने कहा कि वो डिमांड पूरी नहीं कर सकते तो डॉ रुवैस के घरवालों ने रिश्ता तोड़ दिया। स्थानीयों की मानें तो महिला डॉक्टर इस रिश्ते के टूटने से बहुत दुखी हुईं और उदास रहने लगीं। बीच में वो किसी से बात भी नहीं करती थी। अचानक उन्होंने आत्महत्या का फैसला लिया और अपनी जान दे दी

स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से दहेज के आरोपों पर एक रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक विभाग भी मामले में कार्रवाई पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। आरोपित बॉयफ्रेंड पर आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया है। जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को आदेश दिया है कि 14 दिसंबर तक आयोग रिपोर्ट सौंपी जाए।

‘तुरंत हटाओ गौतम गंभीर के खिलाफ वीडियो’: S श्रीसंत को लीगल नोटिस, बोले गौती – युवराज सिंह पर नहीं होती बात क्योंकि उनके पास अच्छी PR एजेंसी नहीं

हाल ही में पूर्व क्रिकेटरों गौतम गंभीर और S श्रीसंत के बीच झगड़े की खबर ने खूब सुर्खियाँ बटोरी। श्रीसंत का आरोप है कि गंभीर ने उन्हें कई बार ‘फ़िक्सर’ कहा है और साथ ही आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। अब जहाँ ‘लेजेंड्स लीग क्रिकेट’ (LLC) जिसके मैच में ये झगड़ा हुआ उसके प्रबंधन ने S श्रीसंत को नोटिस भेजा है वहीं गौतम गंभीर ने ANI पर स्मिता प्रकाश के साथ एक पॉडकास्ट में खुद को लेकर हुए कई विवादों पर बात की और सवालों के जवाब दिए।

लेजेंड्स लीग क्रिकेट: S श्रीसंत को लीगल नोटिस

LLC कमिश्नर ने S श्रीसंत को कानूनी नोटिस भेजा है और कहा है कि गौतम गंभीर के साथ झगड़े को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर जो वीडियो डाले हैं उन्हें वो तुरंत हटाएँ। ‘इंडिया कैपिटल्स’ और ‘गुजरात टाइटंस’ के बीच हुए एलिमिनेटर मैच में ये बहस हुई थी। श्रीसंत ने वीडियो के जरिए गौतम गंभीर पर गाली देने का आरोप लगाया। LLC ने मामले में जाँच का आश्वासन दिया है। संस्था ने कहा है कि करार के तहत खिलाड़ियों के दायित्व और आचार नीति के तहत इस मामले को देखा जा रहा है।

‘लेजेंड्स लीग क्रिकेट’ के CEO एवं सह-संस्थापक रमन रहेजा ने ये जानकारी दी। TOI ने अपनी खबर में बताया है कि LLC ने नोटिस में कहा है कि चर्चाएँ तभी शुरू होंगी जब श्रीसंत वीडियो हटाएँगे। उस दौरान बीच-बचाव करने वाले अंपायरों ने जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें फ़िक्सर वाले आरोप का जिक्र नहीं है। श्रीसंत ने गंभीर को पूर्णरूपेण अभिमानी और असभ्य करार दिया था। उनकी पत्नी विधिता ने भी गंभीर की निंदा की। उन्होंने कहा कि श्रीसंत से ये जानना ये हैरान करने वाला है कि उनके साथ वर्षों तक खेल चुका कोई खिलाड़ी इतना नीचे गिर सकता है।

उन्होंने कहा कि पालन-पोषण मायने रखता है और जब ग्राउंड पर इस तरह के मामले सामने आते हैं तो ये दिखने लगता है।

ANI पॉडकास्ट में गौतम गंभीर का ‘PR’ वाला तंज

उधर गौतम गंभीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘पनौती’ कहे जाने वाले सवाल का जवाब दिया। बता दें कि अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया से हुए ODI क्रिकेट विश्व कप के सेमीफइनल मैच के दौरान पीएम मोदी भी दर्शक दीर्घा में मौजूद थे, और भारत की हार के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने उनके लिए ‘पनौती’ शब्द का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था।

गौतम गंभीर ने कहा कि ये जो शब्द का इस्तेमाल किया गया, ये किसी के भी खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे ख़राब शब्द हो सकता है, खासकर देश के प्रधानमंत्री के लिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में पाकिस्तान के साथ हुए सेमीफइनल में तत्कालीन पीएम डॉ मनमोहन सिंह भी मौजूद थे और उस दौरान अगर हम ये मैच हारे होते तो मनमोहन सिंह आकर खिलाड़ियों से आकर मिलते तो इसमें क्या खराबी होती? उन्होंने IPL 2023 में नवीन उल हक़ के साथ हुए विवाद पर भी टिप्पणी की।

गौतम गंभीर ने कहा कि वो चूँकि टीम के मेंटर (लखनऊ सुपर जायंट्स/LSG के) थे, ऐसे में ये नहीं हो सकता कि कोई भी चल कर आए और उनके खिलाड़ियों को कुछ कहने लगे। गौतम गंभीर ने कहा कि जब तक मैच चल रहा था, उनका कोई अधिकार नहीं था हस्तक्षेप करने का, लेकिन खेल खत्म होने के बाद उनके खिलाड़ी से बहस करे तो फिर उनका काम है हस्तक्षेप करना। 2011 में श्रीलंका के खिलाफ हुए फाइनल मैच में गौतम गंभीर ने 97 रनों की पारी खेली थी जबकि विजयी छक्का लगाने वाले MS धोनी ने 91 रन मारे थे।

गौतम गंभीर अक्सर कहते रहे हैं कि कैसे इस मैच में उनकी पारी की बात नहीं की जाती। इस पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जब ये लोग टैग देते हैं न ‘अंडररेटेड’ वाला और कहते हैं कि कितनी अंडररेटेड पारी है, कितने ‘अंडररेटेड’ प्लेयर हैं – ये वही लोग हैं जो अनदेखा करते हैं और सही मूल्यांकन नहीं करते। युवराज सिंह पर उन्होंने पूछा कि जो खिलाड़ी ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ हुआ उसे लेकर कितने लोग बात करते हैं, केवल इसीलिए क्योंकि उसके पास अच्छी PR एजेंसी नहीं है?

उन्होंने कहा कि ब्रॉडकास्टर कभी प्यार एजेंसी नहीं हो सकती, उसे हमेशा निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसे ज़्यादा दिखाया जाएगा, वो ब्रांड बन जाएगा। बता दें कि MS धोनी पर गौतम गंभीर अप्रत्यक्ष रूप से कई आरोप लगाते रहे हैं। 2011 के फाइनल में धोनी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे थे। पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर अक्सर कई मुद्दों पर मुखर रहते हैं और बेबाक राय रखते रहते हैं। वर्ल्ड कप की कमेंट्री के दौरान भी वो खासे चर्चा में रहे थे।

जो विदेशों में करते हैं विवाह, उनको PM मोदी ने दिखाया आईना: कहा- वेड इन इंडिया, उत्तराखंड में सजा निवेश का मंच

उत्तराखंड में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राजधानी देहरादून में 8-9 दिसंबर को आयोजित हो रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन आज (8 दिसंबर 2023) प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा की।

उत्तराखंड सरकार ने लक्ष्य रखा है कि वह इस समिट के माध्यम से राज्य ₹2.5 लाख करोड़ का निवेश लाए। इस समिट में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा पतंजलि समूह से बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण, अडानी समूह से गौतम अडानी के बेटे प्रणव अडानी समेत कई देश-विदेश के बड़े कारोबारी पहुँचे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस समिट का उद्घाटन करने के बाद कहा, “देवभूमि उत्तराखंड में आकर मेरा मन धन्य हो जाता है। कुछ वर्ष पहले जब मैं बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए निकला था, तो अचानक मेरे मुँह से निकला था कि 21वीं सदी का ये तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी है कि अपने उस कथन को मैं लगातार चरितार्थ होते हुए देख रहा हूँ।”

प्रधानमंत्री ने उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग से मजदूरों को सफलतापूर्वक बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “बीते दिनों उत्तरकाशी ही में सुरंग में फँसे श्रमिक भाइयों को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मैं राज्य सरकार और प्रशासन को उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए बधाई देता हूँ।”

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लिए एक कविता भी कही, “जहाँ अंजुलि में गंगाजल हो, जहाँ हर एक मन बस निश्चल हो, जहाँ गाँव-गाँव में देशभक्त हो, जहाँ नारी में सच्चा बल हो, उस देवभूमि का आशीर्वाद लिए मैं चलता जाता हूँ, इस देवभूमि के ध्यान से मैं धन्य सदा हो जाता हूँ, हे देवभूमि मैं तुमको शीश नवाता हूँ।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहाँ कारोबारी लोग मौजूद हैं। यह लोग सभी चीजों का विश्लेषण करते हैं। उन्होंने कहा, “अगर हम देश का विश्लेषण करेंगे तो आपको सब जगह आशा, आत्मविश्वास, अवसर और नीतियों से चल रही सरकार दिखेगी।”

उन्होंने कहा कि भारत के लोग अब अस्थिरता नहीं चाहते। वह स्थिर सरकार चाहते हैं। उन्होंने उत्तराखंड के पिछले चुनावी नतीजों का जिक्र किया और कहा कि जनता ने मजबूत सरकार के लिए जनादेश दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान यह भी कहा, “मेरे तीसरे कार्यकाल में देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यस्था बन जाएगा।” उन्होंने उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि हमारी सोच है हम सीमावर्ती गाँवों को आखिरी गाँव नहीं बल्कि पहला गाँव बनाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने यहाँ ‘हाउस ऑफ़ हिमालयाज’ ब्रांड नेम का भी उद्घाटन किया। इसके अंतर्गत अब उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को इसी के तहत बेचा जाएगा। अभी तक यह अलग-अलग नाम से बाजार में उपलब्ध थे।

उन्होंने इस दौरान देश में दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने के अभियान को लेकर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के सशक्त होने से यह लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ की तरह देश में ‘वेड इन इंडिया’ का अभियान चलाने की अपील की। इसके तहत लोग विदेश ना जाकर भारत में ही शादी करें।

इस समिट के आयोजन के पहले दिन ही प्रणव अडानी ने राज्य में नई परियोजनाएँ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह रुड़की में लगे अम्बुजा सीमेंट के प्लांट की क्षमता बढ़ाएँगे। इसके लिए ₹300 करोड़, हरिद्वार-देहरादून के बीच ग्राइंडिंग यूनिट के लिए ₹1400 करोड़ और कुमाऊं क्षेत्र में ₹800 करोड़ से स्मार्ट मीटर लगाएँगे।

रोजमर्रा के उत्पाद बनाने वाली कम्पनी आईटीसी के मुखिया ने कहा कि वो ₹4,000 करोड़ के पल्प मिल लगाएँगे। पतंजलि से बाबा रामदेव ने कहा कि वह राज्य में दस हजार करोड़ का निवेश करेंगे। इस समेत में घोषित होने वाले निवेशों को धामी सरकार एक साल के भीतर जमीन पर उतारने की योजना बना रही है।

‘2 मिनट के मजे के लिए सेक्स…’: कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा किशोरियों पर की गई थी टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, कहा- उपदेश देने से बचें

कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा किशोरियों को ‘दो मिनट के सुख के लिए सेक्स से बचने’ की सलाह देने पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है। शीर्ष न्यायालय ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि न्यायाधीशों से उपदेश देने की अपेक्षा नहीं की जाती है। दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने POCSO के मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की थी।

दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस चित्तरंजन दास और पार्थ सारथी सेन ने 18 अक्टूबर 2023 को नाबालिग से रेप के दोषी एक युवक को बरी करते यह यह टिप्पणी की थी। युवक को जिससे रेप का दोषी ठहराया गया था, उसका नाबालिग लड़की के साथ ‘रोमांटिक सम्बन्ध’ रहे थे।

हाईकोर्ट की भाषा पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के कुछ हिस्से बेहद आपत्तिजनक और अनुचित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायाधीशोें से ये उम्मीद नहीं की जाती कि वे अपने निजी विचार रखें या भाषण दें। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किशोरों के अधिकारों का पूरी तरह उल्लंघन है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस पंकज मित्तल की खंडपीठ ने राज्य सरकार सहित कई लोगों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाएगी या नहीं। बेंच अब इस मामले पर शनिवार (9 दिसंबर 2023) को विचार करेगी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि लड़कियों को अपनी यौन इच्छाओं को नियंत्रण में रखना चाहिए और दो मिनट के आनंद के फेर में नहीं पड़ना चाहिए। पीठ ने कहा था कि लड़कियाँ अपनी यौन इच्छाओं को नियंत्रित करें, क्योंकि मुश्किल से दो मिनट का सुख पाकर लड़कियाँ समाज की नजरों में गिर जाती हैं।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि यह युवा लड़कियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने शरीर की अखंडता, गरिमा को बनाएँ रखें। लड़कों को नसीहत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि लड़कों को भी लड़कियों की गरिमा की इज्जत करनी चाहिए और लड़कों के दिमाग को इस तरह से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए कि वे महिलाओं की इज्जत करें।

हाई कोर्ट ने इस तरह के मामलों में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की थी। इसके साथ ही 16 साल से अधिक उम्र के किशोरों के बीच सहमति से सेक्स की स्थिति में इसे अपराध की श्रेणी से हटाने का सुझाव दिया था।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा था, “हमें कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि केवल एक लड़की ही दुर्व्यवहार का शिकार होती है। क्योंकि लड़के भी दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं। माता-पिता के मार्गदर्शन के अलावा, इन पहलुओं और रिप्रोडक्टिव हेल्थ और हाइजीन पर जोर देने वाली यौन शिक्षा हर स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा होनी चाहिए।”

कोर्ट ने बताया था यौन इच्छाओं के जागृत होने का कारण

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था, “प्रमुख एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन है, जो मुख्य रूप से पुरुषों में वृषण (Testicle) और महिलाओं के अंडाशय (Ovaries) से और पुरुषों और महिलाओं दोनों में अधिवृक्क ग्रंथियों (Adrenal Glands) से थोड़ी मात्रा में स्रावित होता है। हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्लैंड्स टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को नियंत्रित करते हैं, जो मुख्य रूप से (पुरुषों में) सेक्स या कामेच्छा के लिए जिम्मेदार होता है।”

विज्ञान की बात करते हुए उच्च न्यायालय ने आगे कहा था, “इसका अस्तित्व शरीर में है, इसलिए जब संबंधित ग्रंथि उत्तेजना से सक्रिय हो जाती है, तो यौन इच्छा जागृत होती है। लेकिन संबंधित जिम्मेदार ग्रंथि का सक्रिय होना स्वचालित नहीं है। क्योंकि इसे हमारी दृष्टि, श्रवण, कामुक सामग्री पढ़ने और विपरीत लिंग के साथ बातचीत से उत्तेजना की आवश्यकता होती है। यौन इच्छा हमारी अपनी क्रियाओं से जागृत होता है।”

कलकत्ता हाईकोर्ट के अनुसार, “किशोरों में सेक्स सामान्य है लेकिन यौन इच्छा या ऐसी इच्छा की उत्तेजना व्यक्ति, शायद पुरुष या महिला, के कुछ कार्यों पर निर्भर होती है। इसलिए, यौन इच्छा बिल्कुल भी सामान्य और आदर्श नहीं है। अगर हम कुछ क्रियाएँ  बंद कर देते हैं, तो यौन इच्छा की उत्तेजना सामान्य नहीं रह जाती, जैसा कि हमारी चर्चा में वकालत की गई है।”  

कॉन्ग्रेस सांसद के ₹200 करोड़ PM मोदी ने देश को दिखाया, कहा – पाई-पाई लौटानी पड़ेगी: यूजर्स बोले इमोजी हुआ अब EMODI

झारखंड में कॉन्ग्रेस सांसद धीरज साहू के ठिकाने से 200 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के ‘भाषणों’ को सुनें। जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है।” इस ट्वीट में उन्होंने इमोजी भी लगाई है, जो चर्चा का विषय बन रहा है। लोग कहने लगे कि अब से इमोजी को ‘इमोडी’ कहा जाना चाहिए।

इससे पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस पार्टी की बुरी हार के बाद उनके द्वारा बनाए जा रहे बहानों पर ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार शिव अरूर ने वीडियो बनाया था, जिसे शेयर करते हुए पीएम मोदी ने इमोजी का इस्तेमाल किया था। वहीं धीरज साहू की बात करें तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में उनके 10 ठिकानों पर छापेमारी हुई है। कैश इतना ज़्यादा है कि गिनती लगातार जारी है। देश में इतनी नकदी आज तक कभी जब्त नहीं की गई।

धीरज साहू के रिश्तेदार वर्षों से शराब के कारोबार में है। इनमें से एक कंपनी है ‘बलदेव साहू एन्ड ग्रुप ऑफ कंपनीज’। 40 साल पहले इसने ओडिशा में देशी शराब बनानी शुरू की गई थी। इसी कंपनी से जुड़ी कई कंपनियाँ हैं – बौद्ध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (BDPL), क्वालिटी बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड (QBPL) और किशोर प्रसाद विजय प्रसाद बेवरेज प्राइवेट लिमिटेड (KPVPBPL)। चतरा से 2 बार लोकसभा का चुनाव हार चुके धीरज साहू तीसरी बार राज्यसभा संसद बने हैं।

उनके पिता राय साहब बलदेव साहू भी उद्योगपति हुआ करते थे। 64 वर्षीय धीरज साहू के भाई दिवंगत शिव प्रसाद साहू राँची से लोकसभा सांसद रहे हैं। 2018 के राज्यसभा चुनाव में धीरज साहू ने अपनी संपत्ति 38 करोड़ रुपए बताई थी। उनसे जुड़ी कंपनियों के खातों को फ्रीज़ कर दिया गया है और ED की भी इस मामले में एंट्री हो सकती है। 157 बैगों में भर कर ट्रक से रुपए लाए गए हैं। झारखंड के कई अन्य कारोबारी और अधिकारी भी IT की रडार पर हैं।

झारखंड के एक अन्य उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा (आरसी रुंगटा) के व्यापारिक समूह के 18 और उनके सहयोगी ‘ग्रीन टेक’ के 25 समेत कुल 43 ठिकानों पर छापेमारी चल रहा है। अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में CBI ने भी 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। धीरज साहू के यहाँ 9 आलमीरों में नोटों की गड्डियाँ भरी हुई थी। वहीं झारखंड के पेयजल मंत्री और झामुमो नेता ने उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि बिजनेसमैन के यहाँ पैसे नहीं मिलेंगे तो कहाँ मिलेंगे, उनका कच्चा व्यवसाय है और हर रोज करोड़ों रुपए आते हैं।

जिनके पूर्वजों ने किया था शिवाजी महाराज का राजतिलक, वे अयोध्या के भव्य राम मंदिर में कराएँगे रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा: PM मोदी भी बनेंगे साक्षी

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा होगा। इसके लिए तैयारियाँ जोरों-शोरों से हो रही हैं। इस अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 86 साल के पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित कराएँगे। बता दें कि जब महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करने से मना कर दिया था, तब पंडित दीक्षित के पूर्वजों ने उनका राजतिलक किया था।

पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित का छत्रपति शिवाजी महाराज से गहरा नाता है। शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक पंडित गागा भट्ट ने किया था। पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित 17वीं शताब्दी के उन्हीं गंग भट्ट उर्फ गागा भट्ट के वंशज हैं। अब ये राम मंदिर में रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा वैदिक रीति-रिवाज से कराएँगे।

गंग भट्ट का परिवार सदियों पुरानी परंपराओं और वैदिक अनुष्ठान का ज्ञाता है। उनकी वंशावली में इसका प्रमाण मिला है। मथुरानाथ दीक्षित के मुताबिक, उनका परिवार महाराष्ट्र के सोलापुर का रहने वाला है। बाद में यह परिवार उत्तर प्रदेश के काशी (वर्तमान में वाराणसी) में स्थानांतरित हो गया था।

पंडित लक्ष्मीकांत के बेटे सुनील लक्ष्मीकांत दीक्षित के अनुसार, उनका परिवार महाराष्ट्र के सोलापुर के जेउर गाँव से है। उनके पूर्वज काशी जाकर बस गए थे और वहाँ जाकर उन्होंने हिन्दू परंपराओं और अनुष्ठानों को जीवन समर्पित कर दिया। सुनील के अनुसार, उनके पिता श्रोता, स्मार्ता, यज्ञ, अभिषेक और अन्य अनुष्ठान कराने के विशेषज्ञ हैं।

सुनील लक्ष्मीकांत दीक्षित बताते हैं कि उनके पिता पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित ने वेदों और अनुष्ठानों का ज्ञान अपने चाचा गणेश दीक्षित जावजी भट्ट से लिया है। उनके पिता संगवेद विद्यालय में शुक्ल यजुर्वेद में पढ़ाई की और उसी संस्थान में अध्यापन का कार्य भी किया। अब उनकी उम्र 86 वर्ष है।

रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा के लिए पंडित लक्ष्मीकांत और 121 अन्य विद्वान अनुष्ठान कराएँगे। इनमें से 40 से ज्यादा विद्वान काशी के हैं। वहीं, पंडित लक्ष्मीकांत ने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा कराने का मौका मिलने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि काशी के महान साधु-संतों के आशीर्वाद के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है और इसका वह निर्वहन करेंगे।

शिवाजी महाराज का कराया था राजतिलक

बता दें कि आज से 344 साल पहले 6 जून 1674 को शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। भवन सिंह राणा ने अपनी किताब में लिखा है कि जब शिवाजी महाराज को राजतिलक करने की बारी आई तो स्थानीय ब्राह्मणों ने यह कहते हुए राज्याभिषेक करने से मना कर दिया कि वे क्षत्रिय कुल से नहीं आते हैं। ब्राह्मणों का कहना था कि शिवाजी महाराज कुर्मी जाति से आते हैं और राजा बनने का अधिकार सिर्फ क्षत्रियों को है।

हालाँकि, उस दौरान शिवाजी महाराज ने कहा था कि उनका परिवार राजस्थान के सिसोदिया से रक्त संबंध रखता है, लेकिन स्थानीय ब्राह्मण मानने को तैयार नहीं थे। बाद में शिवाजी महाराज ने एक दल महाराणा प्रताप के के राजपरिवार से मिलने के लिए उदयपुर भेजा। उन्होंने भी स्वीकार किया कि शिवाजी महाराज उनके खानदान से संबंध रखते हैं।

बाद में उदयपुर राजपरिवार के सलाह पर उस दल को काशी के मशहूर गंग भट्ट परिवार के भेजा और उन्होंने शिवाजी महाराज का राजतिलक करने को तैयार हुए। उन्होंने महाराष्ट्र पहुँचकर स्थानीय ब्राह्मणों के विरोध के बावजूद शिवाजी महाराज का राजतिलक किया। शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक पूरे वैदिक रीति-रिवाज़ों से हुआ।

सांसदी खत्म होते ही ‘मुस्लिम मुस्लिम’ चिल्लाई महुआ मोइत्रा, पैसे लेकर अडानी के खिलाफ करती थी सवाल: एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद एक्शन

संसद में प्रश्न पूछने के बदले नकदी और महँगे-महँगे तोहफे लेने की आरोपित महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता चली गई है। जाँच के बाद एथिक्स कमिटी ने उनके खिलाफ रिपोर्ट लोकसभा की टेबल पर पेश की थी। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें संसद से निकालने का फैसला सुनाया। महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से 2019 में TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के टिकट पर सांसद बनी थीं। अब संसद ने उन्हें ‘कैश फॉर क्वेरी’ घोटाले का दोषी माना है।

इस फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए महुआ मोइत्रा भड़क गईं। उन्होंने दावा किया कि कहीं किसी भी प्रकार के कैश या गिफ्ट लेने का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ इस आधार पर निकाला गया है कि उन्होंने संसद की अपनी लॉगिन आईडी-पासवर्ड शेयर किया जबकि संसद में इस संबंध में कोई नियम-कानून नहीं है। उन्होंने संसद को ‘कंगारू कोर्ट’ बताते हुए कहा कि ये दिखाता है कि मोदी सरकार के लिए अडानी कितने महत्वपूर्ण हैं, एक महिला सांसद की आवाज़ दबाई जा रही है।

उन्होंने इस दौरान कथित कोयले घोटाले का जिक्र करते हुए गौतम अडानी को घेरा और आरोप लगाया कि वो सभी पोर्ट्स को खरीद रहे हैं और इसके लिए उन्हें क्लियरेंस भी मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने रमेश बिधूड़ी द्वारा दानिश अली पर टिप्पणी का मामला भी उठाया और कहा कि भाजपा ने एक भी मुस्लिम को संसद में नहीं भेजा है। महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर अल्पसंख्यकों और महिलाओं का विरोधी बताते हुए कहा कि उनकी उम्र 49 साल है और अगले 30 वर्षों तक वो भाजपा के साथ लड़ाई लड़ेंगी।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म किए जाने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया। उससे पहले एथिक्स कमिटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने लोकसभा में रिपोर्ट टेबल की। कॉन्ग्रेस और TMC के सदस्यों ने इस रिपोर्ट की कॉपी पढ़ने के लिए हंगामा भी किया। इससे पहले तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर माँग की थी कि वो रिपोर्ट पढ़ने के लिए संससदों को 48 घंटे का समय दें।

संसद सदस्यता खत्म किए जाने के दौरान बताया गया कि महुआ मोइत्रा ने न सिर्फ संसद का अपमान किया है, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया है। उन्हें विशेषाधिकार हनन और अनैतिक कृत्य का दोषी भी पाया गया। वहीं कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार जल्दबाजी कर रही है। वहीं महुआ मोइत्रा का कहना है कि उन्हें झुकाने के लिए हर नियम तोड़ दिया गया। इस पूरे मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे खासे मुखर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने बुरा आचरण किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उनकी करतूतों को गंभीर रूप से आपत्तिजनक, अनैतिक और घृणास्पद और आपराधिक माना गया है। साथ ही भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वो एक समयसीमा तय कर के उनके खिलाफ जाँच पूरी करवाए। महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर देहाद्राई ने बताया था कि कैसे कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारों पर महुआ मोइत्रा ने संसद में अडानी समूह को निशाना बनाया।

‘मेरे पास शब्द नहीं, ये बहुत सुंदर है’ : नए संसद भवन को देख मोहित हुईं पद्मश्री सुधा मूर्ति, कहा- मैं पूरा दिन यहाँ बिताना चाहती हूँ

इंफोसिस के नारायणमूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने पहली बार संसद का दौरा किया। सुधा मूर्ति संसद के नए और पुराने भवन को देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की।

समाचार एजेंसी एएऩआई से बता करते हुए उन्होंने कहा, “यह सच में बहुत सुंदर है…मेरे पास शब्द नहीं है कि मैं इनका वर्णन करूँ। मैं इसे बहुत लंबे समय तक देखना चाहती हूँ। जैसे कोई सपना पूरा हुआ हो। बहुत सुंदर है। कला, संस्कृति और भारतीय साहित्य- सब कुछ सुंदर है।”

उन्होंने कहा, “मुझे नई बिल्डिंग अच्छी लगी, मैंने दोनों बिल्डिंग को पहली बार देखा, आर्ट-कल्चर इंडियन हिस्ट्री सब कुछ है। सब कुछ बहुत बढ़िया है। सब कुछ अच्छे तरीके से रखा गया है व्यवस्थित ढंग से। मैं पूरा दिन बिताना चाहती थी यह सब देखने के लिए जो देखा उसे मैंने एंजॉय किया।” जब उनसे पूछा गया कि क्या आप वो राजनीति में आना चाहती हैं तो इसके जवाब में उन्होंने कहा- “मैं जो हूँ उसमें खुश हूँ।”

बता दें कि सुधा मूर्ति की पहचान सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका के तौर पर होती है। वह पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित की जा चुकी हैं। उन्होंने 8 उपन्यास लिखे हैं। वह ऑटो निर्माता इंजीनियर और लोकोमोटिव कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर भी हैं। उनके पति जहाँ इंफोसिस कंपनी के संस्थापक हैं तो बेटी अक्षता नारायण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी हैं। शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धि की बात करें तो उन्होंने बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी, हुबली से इलेक्टिकल इंजिनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था। उस समय भी वह इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं।