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‘तुम्हारा टाइम खत्म’ : बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री को मिली जान से मारने की धमकी, आरोपित बिहार से गिरफ्तार; खुद को बताया बिश्नोई गैंग का मेंबर

मध्य प्रदेश पुलिस ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री को ई-मेल के जरिए जान से मार डालने की धमकी देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का मेंबर बताया था और 10 लाख रुपए फिरौती माँगी थी। शनिवार (9 दिसंबर 2023) को गिरफ्तार आरोपित का नाम आकाश कुमार है जो बिहार के नालंदा का रहने वाला है। आकाश कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इंटरपोल की मदद भी ली। आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित आकाश मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के शंकरडीह क्षेत्र का रहने वाला है। फिलहाल वो राजधानी पटना के कंकरबाग इलाके में रह रहा था। आकाश की गिरफ्तारी भी पटना से ही हुई है। आरोपित ने एक फर्जी ई-ेमल ID बना कर 19 अक्टूबर 2023 को बागेश्वर धाम की आधिकारिक ID पर मेल किया। ई मेल में आकाश ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का बताते हुए 10 लाख रुपए फिरौती माँगी थी। पैसे देने के लिए 1 दिन का समय देते हुए बाद में जान से मार डालने की धमकी दी गई थी।

बागेश्वर धाम की तरफ से इस मामले की FIR छतरपुर जिले के थाना बमीठा में दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने 20 अक्टूबर 2023 को ही FIR दर्ज कर के फ़ौरन ही कार्रवाई भी शुरू कर दी। बागेश्वर धाम की तरफ से कोई जवाब न मिलने पर आकाश ने 22 अक्टूबर 2023 को एक बार फिर से ई-मेल किया। इस ई-मेल में आरोपित ने टाइम खत्म होने की धमकी दी। आखिरकार छतरपुर पुलिस ने इंटरपोल से सम्पर्क किया। स्विट्जरलैंड तक की जाँच एजेंसियों ने इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस का सहयोग किया। इसी सहयोग की वजह से आखिरकार छतरपुर पुलिस पटना में आरोपित आकाश को पकड़ने में कामयाब रही।

पुलिस ने आरोपित से उसका मोबाइल बरामद कर लिया है जिसे जाँच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। आरोपित पर IPC की धारा 387 और 507 के तहत कार्रवाई की गई है। आकाश को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

सुविधाओं में बढ़ोतरी, सुलभ यात्रा और सुंदर दृश्य: 2 साल में काशी विश्वनाथ बना सबसे लोकप्रिय तीर्थस्थल, दर्शन करने पहुँचे 12.92 करोड़ श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम मंदिर में पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड 12.92 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अकेले सावन महीने में ही 1.6 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर पहुँचे। इस साल जनवरी 2023 से दिसंबर तक मंदिर में 5.3 करोड़ श्रद्धालु पहुँचे हैं। आँकड़ों के मुताबिक, विशेष अवसरों और सावन के पवित्र महीने के दौरान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि 13 दिसंबर 2021 से 6 दिसंबर 2023 तक 12 करोड़ 92 लाख 24 हजार से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर चुके हैं। दिसंबर के अंत तक यह संख्या 13 करोड़ को पार करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट ने पर्यटकों और भक्तों के लिए सुविधाओं में कई गुना बढ़ोतरी की है, जिसकी वजह से भक्तों की यात्रा परेशानी से मुक्त हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए की गई सुविधाओं में गर्मी, ठंड और बारिश के दौरान चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए जर्मन हैंगर, चटाई, कूलर, पीने का पानी, व्हीलचेयर, चिकित्सा सुविधाएं समेत अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से बदल गया सबकुछ

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2021 में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, और तब से महादेव के भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। पहले, मंदिर का क्षेत्रफल केवल 3000 वर्ग फुट था। साल 2021 में इसे लगभग 5 लाख वर्ग फुट तक बढ़ा दिया गया, जिसके बाद से मंदिर परिसर में ही एक समय में 50,000 से 75,000 भक्त आ जाते हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में इतने भक्तों का पहुँचना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो दर्शाता है कि यह भारत के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक बन गया है।

जानें कौन हैं कॉन्ग्रेस सांसद धीरज साहू… जिनके ठिकानों पर IT छापे में मिला नोटों का पहाड़, गिनते-गिनते मशीनें भी खराब, ₹300 करोड़ से ज्यादा बरामद

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में करारी हार के बाद साल 2024 लोकसभा चुनावों से पहले कॉन्ग्रेस पार्टी को उनके ही सांसद धीरज प्रसाद साहू ने और मुसीबत में डाल दिया है। आयकर विभाग ने 9 दिसंबर 2023 को झारखंड कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों पर छापेमारी के बाद सैकड़ों करोड़ रुपए कैश और अन्य बेहिसाब सम्पत्तियाँ बरामद की हैं। कॉन्ग्रेस सांसद की संपत्ति की जाँच अभी भी जारी है जिस से बरामदगी की राशि और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों से 300 करोड़ रुपए से अधिक बेनामी सम्पत्ति बरामद होने का मामला चर्चा में आते ही कॉन्ग्रेस ने खुद को इस विवाद से अलग करने का प्रयास किया। कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने X हैंडल से कहा कि उनकी पार्टी का अपने ही सांसद के इन कारनामों से कोई लेना-देना नहीं है। बकौल जयराम रमेश सांसद साहू ही बता सकते हैं कि उन्होंने इतना पैसा कैसे और कहाँ से जुटाया। उन्होंने अपनी पार्टी के आरोपित सांसद से इस मामले में सफाई देने की भी अपेक्षा की।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग की छापेमारी से बरामद हुआ पैसा ओडिशा स्थित बुद्धा डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और उसके जुड़े संगठनों से संबंधित है। कॉन्ग्रेस सांसद धीरज साहू का कोई बंटी नाम का सहयोगी भी प्रकाश में आया है जो ओडिशा के कई हिस्सों में शराब कारोबार को संभालता है। बंटी के घर से कैश भरे उन्नीस बैग मिले हैं। इस कैश को गिनने के लिए तीन दर्जन मशीनें लगाई गईं हैं जिसमें से कुछ गिनती के तौर खराब भी हो गईं थीं। इसी खराबी के चलते बरामदगी गिनने में अतिरिक्त समय लगा।

बोलांगीर में भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक भगत बेहेरिया ने कथित तौर पर बताया है कि बैंक को नोटों से भरे कुल 176 बैग मिले हैं। इन नोटों को गिनने के लिए 25 काउंटिंग मशीनों के साथ 50 कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।

कौन हैं धीरज प्रसाद साहू

धीरज प्रसाद साहू का परिवार पुराना कॉन्ग्रेसी है। राज्यसभा की वेबसाइट के मुताबिक धीरज साहू अपने परिवार को आजादी के समय से ही कॉन्ग्रेस से जुड़ा बताते हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि वो साल 1978 में जेल भरो आंदोलन का हिस्सा भी थे। वो बुद्धा डिसिलरिज ग्रुप की कंपनी की बलदेव साहू इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड में पार्टनर हैं। धीरज प्रसाद ने अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत साल 1977 में नेशनल लीडर यूनियन ऑफ इंडिया (चीनी कम्युनिस्ट पार्टी) के एक मेंबर के तौर पर शुरू किया था। धीरे-धीरे वो इस क्षेत्र में मंझते चले गए बाद में कॉन्ग्रेस ज्वाइन कर लिया।

धीरज ने झारखंड कॉन्ग्रेस के बड़ी बड़े दायित्व भी संभाले हैं। साल 2009 में धीरज साहू पहली बार उपचुनाव में राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसी पद पर साल 2010 में फिर उनका चयन हुआ। मई 2018 में वह तीसरी बार झारखंड से कॉन्ग्रेस पार्टी से राज्यसभा गए। साल 2010 से अब तक सांसद साहू ने राज्यसभा में कुल 630 सवाल किए हैं। ये प्रश्न नवीनतम कवच सुरक्षा प्रणाली, धान की खरीद, राष्ट्रीय राजमार्ग, कोयला खनन, हवाई अड्डों के निजीकरण आदि मामलों से जुड़े हैं।

धीरज प्रसाद साहू ने नवंबर 2022 में राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी हिस्सा लिया था। अपने X हैंडल पर धीरज ने इस यात्रा में अपनी भागीदारी की कुछ तस्वीरें भी शेयर की थीं। इसके बाद फरवरी 2023 में साहू ने इसी यात्रा का एक वीडियो शेयर करते हुए इसे बेहद सफल और इसमें शामिल होना अपने लिए गर्व का विषय बताया था।

नकदी बरामद होने पर कॉन्ग्रेस पर भाजपा हमलावर

कॉन्ग्रेस सांसद के ठिकानों से बरामद हुई अकूत बेनामी सम्पत्ति के बाद भाजपा लगातार कॉन्ग्रेस की आलोचना कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X हैंडल से दैनिक भास्कर की इस मैटर पर छपी रिपोर्ट का हवाला दिया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस की कथनी और करनी में दिखे फर्क पर व्यंग किया और कहा कि वो उन पैसों को लौटाने की गारंटी लेते हैं जो जनता से लूटा गया है।

भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने इस मामले की जाँच ED (प्रवर्तन निदेशालय) से करवाने की माँग की है। उन्होंने दावा किया है कि गहराई से जाँच होने पर कॉन्ग्रेस सांसद धीरज के पास अभी और अघोषित सम्पत्ति निकलेगी। निशिकांत ने राहुल गाँधी की यात्रा को ‘भ्रष्टाचारी जोड़ो यात्रा’ बताया। वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मीडिया से कहा, ”मोहब्बत की दुकान पर भ्रष्टाचार का कारोबार चल रहा है।” उन्होंने इस मुद्दे पर कॉन्ग्रेस द्वारा सफाई की माँग की। स्मृति ईरानी ने इन नेताओं को गाँधी परिवार का ATM बताया।

पत्नी की उम्र 18+ है तो ‘मैरिटल रेप’ कोई अपराध नहीं: इलाहाबाद HC की टिप्पणी, आरोपित पति के ऊपर से धारा 377 हटाई

देश में मैरिटल रेप पर छिड़ी बहस और सर्वोच्च न्यायालय में दायर कई याचिकाओं के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में कहा है कि मैरिटल रेप को रेप नहीं माना गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है, ऐसे में किसी को इस मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए ‘मैरिटल रेप’ के आरोपित को धारा 377 के आरोपों बरी कर दिया। हालाँकि इस मामले से जुड़ी दो अन्य धाराओं 498-ए (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और आईपीसी की धारा 323 (चोट पहुँचाने) में आरोपित को दोषी ठहराया है।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ में चल रही थी। लाइव लॉ के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की उम्र अगर 18 वर्ष से अधिक है, तो पति को वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) के मामले में अपराधी नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में पीड़ित ने मारपीट, क्रूरता के साथ ही अप्राकृतिक यौन अत्याचार के आरोप लगाए थे। कोर्ट ने कहा कि अभी तक देश में वैवाहिक बलात्कार को अपराध नहीं माना गया है।

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएँ लंबित, दोषी नहीं ठहरा सकते

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाईयों का जिक्र भी किया। हाई कोर्ट ने कहा कि अभी कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है और सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला नहीं आया है। जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई फैसला नहीं करती है, तब तक पत्नी की उम्र 18 वर्ष या अधिक होने की स्थिति में वैवाहिक बलात्कार के लिए कोई दंड नहीं निर्धारित नहीं है।

इसी लिए इस मामले में वो आरोपित को धारा 377 के मामले में दोषी नहीं ठहरा रही। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की पिछली टिप्पणी का समर्थन करते हुए यह भी कहा कि वैवाहिक रिश्ते में किसी भी ‘अप्राकृतिक अपराध’ (धारा 377 के तहत) के लिए कोई जगह नहीं है।

इस मामले में पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसका वैवाहिक रिश्ता अपमानजनक था और पति ने उसके साथ दुर्व्यवहार और जबरदस्ती की। उसने अप्राकृतिक यौनाचार भी किया था। हालाँकि हाईकोर्ट ने अप्राकृतिक यौनाचार को गलत तो बताया, लेकिन कोई सजा देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने दो अन्य आरोपों को सही पाया है और आरोपित को दोषी ठहराया है।

बता दें कि इस साल की शुरुआत से सुप्रीम कोर्ट में मैरिटल रेप को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। जिसमें केंद्र सरकार ने वैवाहिक बलात्कार जैसे टर्म का विरोध किया है। सरकार ने कोर्ट से कहा है कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने से समाज प्रभावित हो सकता है।

विद्युत जामवाल ने इंस्टा पर शेयर की न्यूड फोटोज, हैरान होकर लोगों ने पूछा- टारजन हो या रणवीर सिंह…

बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। ये तस्वीरें बिलकुल न्यूड हैं इसलिए लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं। जामवाल ने अपनी तीन फोटोज डालकर बताया है कि कैसे वो पिछले 14 साल से ऐसा हर वर्ष कर रहे हैं और इसी में उनको सुकून मिलता है। एक फोटो में वो नदी किनारे बैठे हैं, एक में वो नदी में हैं और एक में वो पेड़ के नीचे आग जलाकर कुछ बना रहे हैं।

उन्होंने लिखा- “हिमालय पर्वतमाला में मेरी वापसी – ‘परमात्मा का निवास’ 14 साल पहले शुरू हुई थी। इससे पहले कि मुझे एहसास होता, हर साल 7-10 दिन अकेले बिताना मेरे जीवन का अभिन्न अंग बन गया। जंगल में आकर, मुझे अपना एकांत ढूँढना और ‘मैं कौन नहीं हूँ’ को जानने के महत्व को महसूस करना पसंद है, जो कि ‘मैं कौन हूँ’ को जानने के साथ-साथ शांति में खुद की रक्षा करने का पहला कदम है।”

आगे वह बोले, “मैं अपने कम्फर्ट जोन के बाहर सबसे अधिक आरामदायक हूँ। मैं प्रकृति की प्राकृतिक आवृत्ति के साथ तालमेल बिठाता हूँ और मैं खुद को सैटेलाइट डिश एंटीना के रूप में कल्पना करता हूँ। यहीं पर मैं वह ऊर्जा पैदा करता हूँ, जिसके साथ मैं खुद को घेरना चाहता हूँ और घर वापस आना चाहता हूँ। अपने जीवन में एक नए अध्याय का अनुभव करने के लिए तैयार हूँ – पुनर्जन्म।”

इस पोस्ट के साथ विद्युत जामवाल ने अपनी नई फिल्म का ऐलान किया और बताया अब वो अपने अगले चैप्टर- क्रैक के लिए तैयार और उत्साहित हैं। ये फिल्न 23 फरवरी 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

विद्युत जामवाल की इस फोटो को देखने के बाद लोग अलग अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ उनकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ उनका मजाक उड़ा रहे हैं। कोई उन्हें टारजन बोल रहा है तो कोई मोगली बता रहा है। तो कोई कह रहा है – तुम भी रणवीर सिंह की तरह हरकत करने लग गए यार।

रणवीर सिंह का न्यूड फोटोशूट

बता दें कि साल 2022 में रणवीर सिंह भी न्यूड फोटोशूट के कारण चर्चा में आए थे। उन्होंने जुलाई 2022 में एक पेपर मैगज़ीन के लिए रणवीर सिंह ने एक फोटोशूट करवाया था। इसी फोटोशूट की तस्वीरें वायरल होने के बाद जगह-जगह बवाल हुआ था। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर बहस होने लगी थी।

भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए श्याम मंगाराम फाउंडेशन नामक गैर-सरकारी संस्था ने मुंबई के चेम्बूर पुलिस स्टेशन में अश्लीलता फैलाने की शिकायत दर्ज करवाई थी और कई जगह एक्टर का विरोध हुआ था। जिसके बाद रणवीर सिंह ने पुलिस में सफाई देते हुए 29 अगस्त 2022 को बयान दिया था कि एक्टर ने फोटशूट कराते समय अंडरवियर पहना हुआ था, लेकिन लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी।

स्कूल में राम-राम बोलने पर प्रिंसिपल ने दी बहन की गाली: साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल का टीचर मोहम्मद अदनान बर्खास्त, प्रिंसिपल पर कार्रवाई कब?

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक स्कूल के अंदर अपने टीचर को राम-राम बोलने पर एक छात्र को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रिंसिपल ने पहले छात्र और बाद में उनके परिजनों को गालियाँ दीं। हिन्दू संगठनों ने स्कूल के आगे प्रदर्शन किया और मामले में शामिल सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। फिलहाल मोहम्मद अदनान नाम के एक टीचर को बर्खास्त कर दिया गया है।

स्कूल प्रशासन ने इस मामले में लिखित माफीनामा भी जारी किया है। विवाद साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल का है, जो कि अलीगढ़ की नूरुल उलूम एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है। घटना शुक्रवार (8 दिसंबर 2023) की बताई जा रही है।

यह मामला हाथरस जिले के चंदपा थानाक्षेत्र का है। 8 दिसंबर 2023 को स्कूल के गेट से एक छात्र के भाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में खुद को गजेंद्र सिंह सिसोदिया बता रहा व्यक्ति साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल के गेट पर खड़ा दिखाई दिया। गजेंद्र ने बताया कि उनके भाई ने अपनी क्लास में पढ़ाने आए टीचर से राम-राम कह दी थी। टीचर ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया और वो क्लास खत्म होने के बाद चला गया। टीचर का नाम मोहम्म्द अदनान बताया जा रहा। आरोप है कि टीचर ने इस बात को लेकर प्रिंसिपल सलमान किदवई से शिकायत की।

गजेंद्र सिसोदिया का आरोप है कि टीचर मोहम्म्द अदनान की शिकायत के बाद प्रिंसिपल सलमान किदवाई क्लास में आए। इसके बाद क्लास में सलमान किदवाई ने कहा, “ये क्या गंदगी फैला रहे हो। ये क्या टट्टी सा मुँह लेकर राम-राम कर देते हो। बहन#द हम अलीगढ़ से टीचर बुला-बुला कर ला रहे हैं और तुम यहाँ गंदगी फैला रहे हो। कोई भी यहाँ राम-राम वैगरह नहीं कहेगा।”

गजेंद्र का दावा है कि स्कूल में ‘सलाम वाले क़ुम’ और ‘नमस्ते’ ही करने के लिए कहा जाता है। गजेंद्र के अनुसार पीड़ित छात्र कक्षा 11 में पढ़ता है।

गजेंद्र ने बताया कि जब वो इसकी शिकायत करने गए तो उनको धक्के मार कर निकाल दिया गया। इस दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड पर भी आरोप है कि उसने पीड़ित अभिभावक को गालियाँ देते हुए कहा कि राम-राम क्या मतलब है?

शुक्रवार को इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद हाथरस के हिन्दू संगठनों में नाराजगी फैल गई। शनिवार (9 दिसंबर) को तमाम हिन्दू संगठन के पदाधिकारी साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल के गेट पर जमा हो गए। उन्होंने वहाँ हनुमान चालीसा पढ़ी और जय श्री राम के नारे लगाए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और हालात को संभाला।

हिन्दू संगठन के लोग स्कूल प्रिंसिपल और आरोपित टीचर पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जाँच दल का गठन कर दिया है। इसी दौरान स्कूल प्रिंसिपल सलमान किदवई ने मीडिया को बताया कि राम-राम के अभिवादन पर आपत्ति जताने वाले टीचर मोहम्मद अदनान को नौकरी से निकाल दिया गया है। साथ ही उन्होंने 30 साल से चल रहे साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल की तारीफ में कसीदे गढ़ते हुए वहाँ का माहौल धर्म निरपेक्ष बताया।

स्कूल प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए लिखित माफीनामा भी जारी किया है। इस माफीनामे में दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा भी दिया गया है।

बताते चलें कि साईमा मंसूर पब्लिक स्कूल मूलतः अलीगढ़ की नूरुल उलूम एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है। बच्चों को शिक्षा देने का दावा करने वाली नूरुल उलूम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष नसीम अहमद, उपाध्यक्ष सनाउल्लाह खान और सचिव नफीस अहमद हैं। इस संस्थान का रजिस्ट्रेशन जनवरी 1998 में हुआ था।

साकिब नाचन गिरफ्तार: गाँव भारत में… लेकिन बना दिया था उसे ‘अल-शाम’ (सीरिया का आजाद-क्षेत्र), बम धमाके से कर चुका है 12 की हत्या

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शनिवार (9 दिसंबर 2023) को देश के कई इलाकों में दबिश दी। इसी दबिश के दौरान महाराष्ट्र से भी कई संदिग्धों को उठाया गया है, जिसमें एक साकिब नाचन भी है। साकिब इससे पहले भी आतंकी वारदातों को अंजाम देने के चलते 2 अलग-अलग मामलों में अदालत से सजा पा चुका है। उसका बेटा भी NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

अब्बा-औलाद की इस जोड़ी पर अन्य कट्टरपंथियों के साथ मिल कर भारत में ISIS का नेटवर्क खड़ा करने और आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। साकिब नाचन के षड्यंत्र का लेवल ऐसे समझ सकते हैं कि उसने महाराष्ट्र के एक गाँव पडघा को ‘अल-शाम’ घोषित कर दिया था। ‘अल-शाम’ का मतलब होता है: ग्रेटर-सीरिया, आजाद-क्षेत्र। मतलब गाँव भले ही भारत में है, लेकिन उस गाँव में इस्लामी शरिया कानून चलाता था साकिब नाचन।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार किया गया 63 वर्षीय साकिब NIA की नजर में मुख्य साजिशकर्ता है। वह मूल रूप से मुंबई के ठाणे जिले के बोरीवली का रहने वाला है। नाचन 3 बच्चों का अब्बा है, जिसमें 2 बेटे और एक बेटी शामिल हैं। साकिब प्रतिबंधित आतंकी संगठन SIMI (सिमी) का सचिव भी रह चुका है। साकिब का कनेक्शन भगोड़े आतंकी जाकिर नाइक से भी है। वह युवाओं को जिहाद के लिए उकसाता था और खलीफा का राज लाने के लिए ‘बैयत’ (कसम) दिलाता था।

आरोप है कि साकिब युवाओं को ISIS के तौर-तरीके सिखाने का प्रयास कर था, जिससे देश में आतंकी वारदातों को अंजाम दिया जा सके। साकिब पर जाँच एजेंसियों की नजर साल 1990 से थी। उस पर आतंकवाद से जुड़े दर्जनों केस दर्ज हैं, जिसमें से 2 में उसे अदालत से भी सजा मिल चुकी है। साकिब को साल 1997 में भारत में आतंकी वारदातों की साजिश रचने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। तब साकिब का खालिस्तानी आतंकियों से भी कनेक्शन सामने आया था।

इसके बाद साकिब को मुंबई में साल 2002-03 के दौरान हुए 3 बम धमाकों में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित बनाया था। एक दर्जन लोगों की जान लेने वाले ये धमाके मुंबई सेंट्रल, विलेपार्ले और मूलुंड में हुए थे। धमाकों में 100 से अधिक लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में भी साल 2016 में साकिब को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई। पहली और दूसरी सजाएँ एक साथ चलने की वजह से साकिब 2017 में जेल से रिहा हो गया।

साकिब बम बनाने में माहिर माना जाता है। वह अन्य युवाओं को न सिर्फ बम बनाने बल्कि उसका परीक्षण और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ब्लास्ट करने की भी ट्रेनिंग देता है। वहीं साकिब का बेटा शामिल नाचन भी अपने अब्बा के नक्शेकदम पर चल रहा है। अगस्त 2023 में ही NIA शामिल नाचन को गिरफ्तार कर चुकी थी।

शामिल और उसका अब्बा साकिब ने अपने मुंबई बोरीवली स्थित घर को आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर पॉइंट के तौर पर प्रयोग किया था। शामिल नाचन जुल्फिकार अली बड़ोड़ावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिल कर ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहा था। इस गैंग में इमरान खान और मोहम्मद यूनुस साकी ‘अल सूफा आतंकवादी संगठन के सदस्य थे, जो फरार चल रहे थे।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में ‘कनाडा कनेक्शन’: जिन दोनों ने चलाई गोली, चडीगढ़ में धराए, पासपोर्ट-वीजा का लालच देकर करवाया मर्डर

जयपुर में बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड की जाँच कर रही राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दोनों शूटरों सहित 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी चडीगढ़ से हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने भी सहयोग किया है। आरोपितों के नाम नितिन फौजी और रोहित राठौर हैं। गिरफ्तार हुआ तीसरा आरोपित उधम है, जो फरारी के दौरान दोनों शूटरों के साथ मौजूद मिला। गिरफ्तारी शनिवार (9 दिसंबर 2023) को हुई है। जल्द ही पुलिस इनसे पूछताछ में नए खुलासे कर सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में शामिल नितिन फौजी और रोहित राठौर की लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। पुलिस ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रान्च के साथ मिल कर दबिश दी। सूचना सही पाई गई और दोनों शूटर सेक्टर 22-A के एक होटल में मिले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

नितिन फौजी और रोहित राठौर को अब आगे की पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया जा रहा है। पुलिस इन दोनों से वो हथियार भी बरामद करने का प्रयास करेगी, जिससे इन्होंने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर 17 फायर किए थे।

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद शूटरों ने हथियार छिपा दिए थे। ऐसा सड़क मार्ग की नाकेबंदी और रेल मार्ग पर सघन चेकिंग कर रही पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया था।

फरारी के दौरान दोनों शूटर लगातार मोबाइल का प्रयोग कर रहे थे। पुलिस इसी सर्विलांस के जरिए आरोपितों तक पहुँच पाई। जयपुर में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद शूटर सबसे पहले हरियाणा के हिसार गए थे। हिसार से दोनों मनाली पहुँचे। यहाँ से ये हिमाचल प्रदेश के ही मंडी जिले में गए थे।

मंडी से दोनों आरोपित नितिन फौजी और रोहित राठौर चंडीगढ़ आए थे। यहाँ दोनों ने सेक्टर 22-A में एक होटल लिया था। दोनों शूटरों के साथ होटल में उधम भी मिला। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पूछताछ में यह भी पता चला है कि नितिन फौजी को रोहित गोदारा ने कनाडा में स्थाई तौर पर बसाने का झूठा लालच दिया था। उसे सुखदेव की हत्या के बाद पासपोर्ट और वीजा देने का वादा किया गया था।

नितिन फौजी का नाम 9 नवंबर 2023 को हरियाणा में हुई एक चोरी के दौरान प्रकाश में आया था। जब पुलिस नितिन फौजी को पकड़ने गई तब वो गोलियाँ बरसाते हुए वहाँ से भाग गया था। नितिन को लगने लगा था कि अब न तो उसकी नौकरी बच पाएगी और न ही उसके परिवार वाले उसे स्वीकार करेंगे। इसी वजह से रोहित गोदारा, वीरेंद्र चरण और रोनी ने मिल कर उसे कनाडा भेजने का लालच दिया और सुखदेव की हत्या करने के लिए तैयार किया। नितिन साल 2019 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था और फिलहाल उसकी पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में थी।

बताते चलें कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद पुलिस ने पहली गिरफ्तारी के तौर पर रामवीर को पकड़ा था। रामवीर नितिन फौजी का सहपाठी है और हत्या के बाद उसी ने रोहित राठौर और नितिन को अपनी बाइक पर बिठा कर बगरू टोल प्लाजा के आगे रोडवेज बस पकड़ाई थी। 23 वर्षीय रामवीर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला है। इसी जिले में नितिन फौजी का भी गाँव है। रामवीर पर दोनों शूटरों की जयपुर में रहने-खाने आदि की भी व्यवस्था करवाने का आरोप है।

बताते चलें कि मंगलवार (5 दिसंबर 2023) को पौने 2 बजे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके जयपुर स्थित आवास पर गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अब तक रोहित गोदारा का नाम प्रमुखता से आ रहा है, जिसका सुखदेव सिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। रोहित को लॉरेंस विश्नोई गैंग का मेंबर माना जाता है।

‘हमारा इनके बिजनेस से लेना-देना नहीं’ : कॉन्ग्रेस पार्टी ने IT रेड के बाद अपने ही सांसद धीरज साहू से किया किनारा, जयराम रमेश ने पूछा- इतना कैश कहाँ से आया

कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड के दौरान 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बरामद होने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने उनके बिजनेस से किनारा कर लिया है।

धीरज साहू के खिलाफ चल रही आईटी विभाग की कार्रवाइयों को देख कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने आज एक्स अकॉउंट पर लिखा,

“सांसद धीरज साहू के बिज़नेस से भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है। सिर्फ़ वही बता सकते हैं, और उन्हें यह स्पष्ट करना भी चाहिए, कि कैसे आयकर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया जा रहा है।”

बता दें कि झारखंड से कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर बुधवार तक हुई आयकर विभाग की छापेमारी में ₹300 करोड़ की नकद बरामदगी हो चुकी थी। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इतने नोट मिले हैं कि अब तक नोटों की गिनती चल रही है और शायद यह आँकड़ा ₹500 करोड़ के पार भी जा सकता है। नोटों की गिनती पूरी होने में 2 दिन और लग सकते हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया कि धीरज साहू के ओडिसा, झारखंड और पश्चिम बंगाल स्थित ठिकानों से इतना नकद पैसा मिला है कि उसकी गिनती करना आयकर विभाग को मुश्किल हो रही है। इन नोटों की गिनती के लिए आयकर विभाग को हैदराबाद और भुवनेश्वर से अतिरिक्त मशीने मँगानी पड़ी हैं। 6 छोटी और 6 बड़ी मशीनों की मदद से इन नोटों को गिना जा रहा है।

नोटों की मात्रा इतनी ज्यादा है कि इसे गिनते-गिनते अब तक कई मशीनें खराब हो चुकी हैं। बाकी मशीनें भी लगातार गिनती के कारण गर्म हो जा रही हैं। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि अब तक की गिनती से मात्र 35% नोट ही गिने जा सके हैं और जब तक यह गिनती 100% होगी, तब तक आँकड़ा कहीं ऊपर पहुँच चुका होगा।

500 वर्षों की प्रतिक्षा अब खत्म होने को है… राम मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर आई सामने, लाइटिंग-फिटिंग का काम भी पूरा

अयोध्या में बन रहे प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य जोरो-शोरो पर है। अगले महीने यहाँ प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इससे पहले मंदिर के गर्भगृह की पहली तस्वीर सामने आई है।

मंदिर के गर्भगृह की भव्य तस्वीर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोशल मीडिया पर शेयर की।

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि प्रभु श्री रामलला का गर्भ गृह स्थान बनकर लगभग तैयार है। हाल ही में लाइटिंग-फिटिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। आपके साथ कुछ छायाचित्र साझा कर रहा हूँ।

इन तस्वीरों को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कोई इसे अलौकिक-अद्भुत कह रहा है। तो कोई इसे देख कह रहा है कि 500 साल का इंतजार अब खत्म होने को है। जय सिया राम।

इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ श्रेक्ष के एक्स अकॉउंट से राम मंदिर की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए बताया गया था कि राम मंदिर के निर्माण की कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है।

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन होना है जिसके कारण जल्दी से जल्दी बचा काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। प्रथम तल का काम पूरा हो चुका है।

ये भी मालूम हो कि राम मंदिर के लिए तीन अलग अलग कलाकार राम लला की मूर्ति बना रहे हैं, जो भी सबसे उत्तम होगी उसके साथ राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इन मूर्तियों में अब सिर्फ फिनिशिंग करनी बाकी है।

जानकारी के मुताबिक इनमें एक मूर्ति तो राजस्थान के मार्बल मकराना से बन रही है जबकि बाकी दो के लिए कर्नाटक के पत्थर इस्तेमाल में लाएगए हैं। इसके अलावा नेपाल, ओडिशा और महाराष्ट्र से पत्थर लाकर इन मूर्तियों को गढ़ने का प्रयास किया गया था लेकिन वो पत्थर मूर्ति के हिसाब से ठीक नहीं बैठे।

गौरतलब है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा होगा। इसके लिए तैयारियाँ जोरों-शोरों से हो रही हैं। इस अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। इनके अतिरिक्त 3000 वीआईपी समेत 7000 निमंत्रण भेजे गए हैं। इनमें कारसेवकों का परिवार भी हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए अपनी जान गवा दी। ट्रस्ट का कहना है कि आयोजन में 10 हजार से 15000 लोगों के आने का इंतजाम होगा।

ये भी मालूम हो कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 86 साल के पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित कराएँगे। बता दें कि जब महाराष्ट्र के ब्राह्मणों ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करने से मना कर दिया था, तब पंडित दीक्षित के पूर्वजों ने उनका राजतिलक किया था।