Friday, July 19, 2024
Homeराजनीतिअचानक हार्ट अटैक से हो रही युवाओं की रहस्यमयी मौतों के पीछे कोरोना वैक्सीन?...

अचानक हार्ट अटैक से हो रही युवाओं की रहस्यमयी मौतों के पीछे कोरोना वैक्सीन? संसद में उठा सवाल तो सरकार ने दे दिया जवाब, ICMR के अध्ययन से बड़ा खुलासा

पिछले दिनों सामने आए वीडियो में कहीं शादी में दुल्हन की मृत्यु हो गई, कहीं नाचते-नाचते युवक की, कहीं छींक आते गिर कर मौत हो गई तो कहीं कोई व्यक्ति खेलते-खेलते ही चल बसा।

पिछले कुछ महीनों में अचानक से हार्ट अटैक से मौत की कई खबरें सामने आई हैं। कई ऐसे वीडियो आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि युवाओं को अचानक से हार्ट अटैक आ गए और उनकी मौत हो गई। इससे एक प्रकार के भय का माहौल बना। अब संसद में भी ये मामला उठा है। सोशल मीडिया का एक धड़ा इसके लिए कोरोना वैक्सीन को जिम्मेदार ठहरा रहा था। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने संसद के शीतकालीन सत्र के दर्जन खुद ही इसका जवाब दिया है।

बता दें कि ‘भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)’ ने एक अध्ययन किया है और पाया है कि हार्ट अटैक के कारण हो रही रहस्यमयी मौतों के पीछे कोरोना वैक्सीन नहीं है। भारत सरकार ने शुक्रवार (8 दिसंबर, 2023) को इसे साफ़ कर दिया है। पिछले दिनों सामने आए वीडियो में कहीं शादी में दुल्हन की मृत्यु हो गई, कहीं नाचते-नाचते युवक की, कहीं छींक आते गिर कर मौत हो गई तो कहीं कोई व्यक्ति खेलते-खेलते ही चल बसा। इन सभी वीडियो के बाद तरह-तरह की चर्चाएँ जोर पकड़ने लगीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया है कि कोविड-19 महामारी के बाद अचानक से अस्पताल में भर्ती होने के पीछे परिवार का मेडिकल इतिहास और एक खास प्रकार की जीवनशैली है। उनसे सवाल किया गया था कि क्या अचानक हो रही मौतों और कोरोना वैक्सीन के बीच कोई तार है? जिन लोगों को कोरोना हुआ था, उनमें से कुछ की अचानक मौतें हुई हैं। ICMR ने 18-45 वर्ष आयु समूह में अध्ययन कर के निष्कर्ष निकाला है कि इसमें वैक्सीन का कोई रोल नहीं है।

मंत्री द्वारा दी गई जानकारी की मानें तो ये पाया गया कि कोविड​​-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक प्राप्त करने से रहस्यमयी अचानक मृत्यु की संभावना कम हो गई, जबकि पिछली कोरोना महामारी में अस्पताल में भर्ती, अचानक मृत्यु का पारिवारिक इतिहास, मृत्यु से 48 घंटे पहले अत्यधिक शराब पीना, का उपयोग मनोरंजक दवा/पदार्थ और मृत्यु/हार्ट अटैक से 48 घंटे पहले तीव्र तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करना इन सबका कारण पाया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पुरी के जगन्नाथ मंदिर का 46 साल बाद खुला रत्न भंडार: 7 अलमारी-संदूकों में भरे मिले सोने-चाँदी, जानिए कहाँ से आए इतने रत्न एवं...

ओडिशा के पुरी स्थित महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर के भीतरी रत्न भंडार में रखा खजाना गुरुवार (18 जुलाई) को महाराजा गजपति की निगरानी में निकाल गया।

1 साल में बढ़े 80 हजार वोटर, जिनमें 70 हजार का मजहब ‘इस्लाम’, क्या याद है आपको मंगलदोई? डेमोग्राफी चेंज के खिलाफ असम के...

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तथ्यों को आधार बनाते हुए चिंता जाहिर की है कि राज्य 2044 नहीं तो 2051 तक मुस्लिम बहुल हो जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -