Home Blog Page 1331

जिस कॉन्ग्रेस MP ने खुद पर ₹2.36 करोड़ का कर्ज बताया, उनके ठिकानों से ट्रक में भरकर नोट ले गया IT: कैश से भरी थी 9 आलमारी, 2 दिन में भी पूरी नहीं हुई गिनती

कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं धीरज कुमार साहू। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इनसे जुड़े करीब 10 ठिकानों पर आयकर विभाग (IT Department Raid) ने छापा मारा है। छापेमारी की कार्रवाई 6 दिसंबर 2023 को शुरू हुई जो अब तक जारी है। इस दौरान इतना कैश मिला है कि विभाग को ट्रक में लोड कर ले जाना पड़ा है।

रिपोर्टों के अनुसार दो दिन बाद भी नोटों की गिनती का काम पूरा नहीं हो पाया है। कुछ रिपोर्टों में अब तक 150 करोड़ तो कुछेक में 200 करोड़ रुपए की गिनती होने की बात कही गई है। कहा गया है कि कुल कैश करीब 300 करोड़ रुपए तक निकल सकता है।

रिपोर्ट यह भी बताते हैं कि 9 आलमारी मिली हैं जिनमें नोटों के बंडल भरे हुए थे। 8 दिसंबर को ऐसी ही कुछ आलमारी की तस्वीर भी सामने आई थी। इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिली है कि पैसा गिनते-गिनते मशीन भी खराब हो जा रही हैं। कहा जा रहा है कि यह देश में वैध तरीकों से जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम हो सकती है।

इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलना इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि 2018 के चुनावी हलफनामे में साहू ने अपने ऊपर 2.36 करोड़ रुपए का कर्ज बताया था। कुल संपत्ति 34 करोड़ बताई थी। 2016-17 में जो इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसमें अपनी आमदनी एक करोड़ रुपए से कुछ ही अधिक बताई थी।

साहू का यह राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल है। पहली बार वे जून 2009 में चुनकर आए। फिर 2010 और उसके बाद 2018 में तीसरी बार संसद के उच्च सदन में पहुँचे। वे झारखंड की चतरा सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। पर दोनों ही बार उन्हें हार मिली।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस सांसद की कंपनी के कई खातों को फ्रीज कर दिया है। इतनी बड़ी रकम की बरामदगी को देखते हुए केस में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की एंट्री भी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कॉन्ग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके रिश्तेदारों का शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप देशी शराब बनाने का काम करती है। इस धंधे में कंपनी करीब चार दशक से है। कंपनी का नाम धीरज साहू के पिता बदलेव साहू के नाम पर है। कॉन्ग्रेस सांसद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कंपनी में शामिल हैं।

करणी सेना अध्यक्ष को मारने के बाद किराए की कार से भागे थे हत्यारे, ड्राइवर आया सामने: कहा- गोगामेड़ी मर्डर का वीडियो देख पता चली सच्चाई

राजस्थान की राजधानी जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह की गोगामेड़ी की हत्या में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। गोगामेड़ी के हत्यारों को अपनी अपनी कार से सुजानगढ़ पहुँचाने वाले ड्राइवर ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है। उसने बताया कि किस तरह वे उसकी गाड़ी में बैठकर भागे थे।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए संदिग्धों को अपनी कार से छोड़ने वाले ड्राइवर योगेश शर्मा ने कहा, “मैं अस्पताल गया हुआ था। मेरे पर एक लड़के का कॉल आया, जो मेरे ही साथ रहता है। उसे इस घटना (गोगामेड़ी की हत्या) के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने कॉल करके कहा कि दो सवारी छोड़नी है सुजानगढ़ तो मैंने बोला कि ठीक है छोड़ दूँगा। वहाँ गए तो वे पीछे वाली (कार की) सीट पर बैठ गए। एक और था। एक लड़का पीछे बैठ गया और एक आगे। मैंने बोला कि आप दोनों चल लो, नाइट का टाइम है। आपने कॉल किया तो साथ में चल चलो, सेफ्टी रहेगी। हम चल दिए।”

शर्मा ने आगे बताया, “इसके बाद उन्होंने लाडनू पुलिया के पास के पेट्रोल पंप पर हमें 1500 रुपए दे दिए। वहाँ से तेल डलवा करके हम सुजानगढ़ की ओर रवाना हो गए। रास्ते में वो बोले हमें सलासर छोड़ दो… हिसार छोड़ दो…. तो हम बोले कि भइया एक बार बताओ की जाना कहाँ है। तो वो बोला कि हमें हिसार छोड़ दो। तो मैंने बोला कि हिसार के ज्यादा पैसे लगते हैं तो बोला कि 10 हजार… 15 हजार… 20 हजार लग जाएँ, हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमें हिसार छोड़ दो। तो मैंने बोला कि हमारे घर वाले अलाउ नहीं करते हैं 10 बजे रात के बाद में। तो वो बोले कि ठीक है फिर सुजानगढ़ की ओर चलो, वहाँ से कोई साधन देखते हैं।”

घटना के बारे में आगे बताते हुए कार ड्राइवर योगेश शर्मा ने कहा, “हम बोले कि भइया ट्रेन में चले जाओ तो वो बोले कि हम ट्रेन में नहीं जाएँगे। हम बस में जाएँगे या टैक्सी में जाएँगे आराम से। तो उनको फिर एक बस दिख गई सुजानगढ़ बस स्टैंड पर। वहाँ उन्होंने गाड़ी रुकवा ली और वहीं वे बस के कंडक्टर से बात करने लगे कि हमें हिसार जाना है। तो कंडक्टर बोला कि हिसार नहीं जाएँगे तो वे धरवाड़ जैसा ही कुछ बात करने लग गए।”

उनके गंतव्य तक जाने को लेकर ड्राइवर ने कहा, “उन्होंने ऐसा कोई आभास नहीं होने दिया कि वे इतना बड़ा अपराध करके आए हैं। वे नॉर्मली और फ्रेंडली बात करते जा रहे थे। वे हरियाणवी में बात कर रहे थे। मैंने पूछा भी कि भइया इधर किस लिए आए हो। वे थोड़ी देर बात किए और फिर चुपचाप बैठ गए। फिर हम भी नॉर्मल होकर गाड़ी चलाने लग गए। जैसे ही हम लाडनूँ के पास आ गए तो वे बार-बार बोलने लगे कभी सालासर, कभी सुजानगढ़, कभी हिसार… फिर हमने वहीं सुजानगढ़ में ड्रॉप कर दिया।”

अपराध में बारे में बता चलने पर ड्राइवर ने बताया, “दूसरे दिन पता चला। हमें बताया गया कि आज मार्केट बंद है। आज किसी की हत्या हुई है। न्यूज देखा तो लगा कि ये तो रात वाले लड़के हैं, जिनको ड्रॉप किया था। फिर मैंने अपने घर पर बताई थी सारी घटना। फिर मैंने अपने एक अंकल को फोन करके पूछा कि क्या करना चाहिए तो उन्होंने बताया कि पुलिस की हेल्प करनी चाहिए थाने में जाकर। फिर वहाँ जाकर CI साहब को पूरी घटना बताई थी। जब मैं जा रहा था कि उस दोस्त मुझे रास्ते में मिल गया, जिसने मुझे कॉल किया था। मैं वहाँ खड़ा था तो पुलिस की गाड़ी आई और हम दोनों को एसपी ऑफिस ले गई।”

इस घटना में शामिल शूटरों की पहचान राजस्थान पुलिस ने रोहित मकराणा और नितिन फौजी के रूप में की है। जिस तीसरे व्यक्ति को हमलावर बताया जा रहा है, उसका नाम नवीन शेखावत है। हालाँकि, सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि नवीन शेखावत हमलावरों को पकड़ने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन हमलावरों ने उसे भी गोली मार दी थी।

इस मामले में लापरवाही के आरोप में SHO सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। गोगामेड़ी की हत्या की हत्या के बाद अभी भी इलाके में तनाव में है। करणी सेना ने न्याय की माँग की है। गोगामेड़ी की हत्यारों का एनकाउंटर करने की माँग लगातार बढ़ रही है।

उधर, गोगामेड़ी की बेटी उर्वशी ने कहा कि वह और उनका परिवार डरने वाला नहीं है। पिता के मौत के बाद अब वह करणी सेना की कमान संभालेंगी। उर्वशी ने कहा कि अब चारों तरफ पुलिस ही पुलिस दिख रही है और उनके पिता ने सुरक्षा की माँग थी तो उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। पंजाब पुलिस ने राजस्थान की पुलिस को एक अलर्ट भेजा था, जिसमें गोगामेड़ी की जान को खतरा बताया गया था। बता दें कि प्रदेश के डीजीपी उमेश मिश्रा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सबको सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

‘छेड़खानी कर रहे थे शशि थरूर, देख रही थी महुआ मोइत्रा’: TMC सांसद के एक्स ने पोस्ट डिलीट कर लिखा- इन्हें संसद नहीं, जेल में होना चाहिए

तृणमूल कॉन्ग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले उनके पूर्व मित्र सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने एक्स अकॉउंट पर कॉन्ग्रेस नेता शशि को लेकर बड़ा ट्वीट किया है।

जय अनंत ने 8 दिसंबर को किए गए एक ट्वीट में लिखा, “शशि थरूर को जेल में होना चाहिए, न कि संसद में।” उनका यह पोस्ट उनके द्वारा किए गए एक पहले ट्वीट से जुड़ा था जिसे उन्होंने डिलीट कर दिया।

अपने पुराने पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया था कि महुआ मोइत्रा और उनके सामने शशि थरूर ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी और महुआ इस मुद्दे पर चुप रही थीं।

डिलीट किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट ऑपइंडिया पर सेव हैं। देख सकते हैं कि जय अनंत ने लिखा- महुआ ने जो ‘नारीविरोधियों’ पर अपनी टिप्पणी की, वो हास्यास्पद है और दिखाता है कि वो कितनी ज्यादा पाखंडी हैं।

पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया है, “मैंने और महुआ ने 11 अक्टूबर 2022 को दिल्ली के ताज चैंबर में खुद एक महिला के साथ शशि थरूर को छेड़छाड़ करते हुए देखा था। लेकिन तब महुआ ने शशि के उस बर्ताव की पोल खोलने से महुआ ने मुझे रोका…मुझे यकीन है महुआ बता सकती है कि उसने ऐसा क्यों किया था।”

कुछ देर बाद जय ने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया। मगर पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

बता दें कि जय अनंत और महुआ मोइत्रा कथिततौर पर एक दूसरे के साथ रिश्ते में थे। जय अनंत ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों कुछ आरोप लगाए थे जिसके बाद मोइत्रा को लोकसभा एथिक्स कमेटी और सीबीआई जाँच का सामना करना पड़ा था। इस मामले को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जोरो शोरों से उठाया था। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा एथिक्स कमेटी को भी शिकायत दी थी कि दुबई के कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा को लग्जरी आइटम्स तोहफे में दिए थे ताकि वो महुआ के संसद लॉग इन से अपने सवाल पूछ सकें।

‘मुझे प्यार करो, बाथरूम चलो…’: बिहार के मेडिकल कॉलेज में परीक्षा पास करने की शर्त, छात्राओं की शिकायत पर FIR दर्ज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है नालंदा। यहीं पर वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी नाम का मेडिकल कॉलेज है। यह मेडिकल कॉलेज छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण को लेकर चर्चा में है।

छात्राओं ने एचओडी समेत 5 लोगों पर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। बिहार पुलिस ने एक्स/ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए बताया है कि इस मामले में एचओडी विजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर निर्मल कुमार, डॉक्टर जितेश, डॉक्टर अजय कुमार और क्लर्क निरंजन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छात्राओं का कहना है कि एचओडी ने परीक्षा में पास करने के लिए उन्हें अपने कमरे में बुलाकर किस करने की कोशिश की। आरोपितों ने उनसे बाथरूम चलने को कहा। कहा कि मुझे प्यार करो तो पास करेंगे। छात्राओं ने अश्लील बात करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है।

दैनिक भास्कर ने एक छात्रा के हवाले से बताया ​है कि मेडिकल कॉलेज में 6 दिसंबर 2023 को मौखिक परीक्षा थी। छुट्टी होने के बाद छात्राएँ अपने कमरे पर चली गईं। इसके बाद उन्हें फोन कर कॉलेज बुलाया गया। कॉलेज आने पर एचओडी इन छात्राओं को एक-एक कर कमरे में बुलाया और अश्लील हरकत की।

छात्रा के अनुसार, “सर ने कहा तुम्हारे इतने कम नंबर आए हैं। क्या करोगी। पास होगी या फेल। मैंने कहा पास होना है। वे बोले-उधर चलो, बाथरूम की ओर। मैंने मना किया तो जबरदस्ती पकड़ लिया। मैं रोने लगी तो मुझे छोड़ दिया। डॉक्टर अजय कुमार, डॉक्टर जीतेश कुमार ने मुझे पकड़ रखा था।”

एक अन्य छात्रा के अनुसार घटना के वक्त आरोपित नशे की हालत में थे। उससे पूछा गया कि यदि उसे टॉप कर दिया गया तो बदले में वह क्या करेगी। कथित तौर पर डॉक्टर निर्मल कुमार ने उससे पैर छुकर आशीर्वाद लेने को कहा। लेकिन पैर छुने को वह जैसी ही झुकी उसे पकड़ कर किस करने की कोशिश की। पीड़ित छात्राएँ ओटी असिस्टेंट की पढ़ाई कर रही हैं।

छात्राओं का यह भी आरोप है कि शुरुआत में उनके आरोप को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया। हालाँकि स्थानीय ओपी प्रभारी अनीता कुमारी ने इस आरोप को गलत बताया है। कहा है कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि मामले की जाँच के लिए जिलाधिकारी ने एक टीम का गठन किया है।

54 बच्चों की जगह, रखे गए 100 नवजात… 24 घंटे में 9 की मौत: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में मातम

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में 24 घंटों में 9 नवजात बच्चों और एक 2 साल के बच्चे की मौत होने से हल्ला मच गया। परिजनों का जहाँ पूरे दिन रो रोकर बुरा हाल रहा। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने इस संबंध में जाँच समिति गठित की। ये घटना मेडिकल कॉलेज के SNCU वार्ड की है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस वार्ड में 54 बच्चों को रखने की क्षमता थी, लेकिन इसमें 100 बच्चों को एडमिट किया गया था। इसकी वजह से संभावना है कि शायद बच्चों में इंफेक्शन फैल गया।

सूत्रों के जरिए यह भी रिपोर्ट्स में बताया गया कि वार्ड के जिन बच्चों ने दम तोड़ा उनमें से तीन बच्चे ही अस्पताल में पैदा हुए थे जबकि बाकी रेफर होकर गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल लाए गए थे। वहीं 2 साल के बच्चे के लिए बताया गया कि न्यूरॉजिकल समस्या के कारण इलाज अस्पताल में पहले से ही चल रहा था। कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।

मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट ने इन मौतों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार, ये सत्य है कि अस्पताल में 9 बच्चों ने अपनी जान गवाई। हमने प्रारंभिक जाँच के लिए कमेटी गठित की है। हमें जो प्राथमिक रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर मैं आपको बताता हूँ कि ज्यादातर बच्चे कुपोषित थे। एक बच्चे को गंभीर दिल की बीमारी थी जिसे इलाज देने के लिए हमारे पास न समय था न संसाधन।”

उन्होंने बताया, “एक अन्य समस्या जो अस्पताल को देखनी पड़ रही है वो ये कि जांगीपुर के अस्पताल में रेनोवेशन हो रहा है तो वहाँ के सारे केस यहाँ आते हैं। हम अपना उत्कृष्ट देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन बच्चों में ज्यादातर कुपोषित होते हैं या फिर अंडरवेट। इसलिए बड़ा मुश्किल होता है ऐसे बच्चों को बचा पाना। हम मजबूर हैं एक बेड पर एकसे ज्यादा मरीज रखने पर।”

Live मैच में पाकिस्तानियों के लिए TV स्क्रीन पर लिख दिया ‘गंदी गाली/आतंकी’, बवाल होने पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने माँगी माफी

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया में खेलने गई है। दोनों टीमें जब एक प्रैक्टिस मैच खेल रही थी, तो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए स्कोरबोर्ड पर ‘पाकी’ लिखा गया। ‘पाकी’ शब्द आम तौर पर बहुत गंदी गाली या आतंकी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसे नस्लीय माना जाता है। इसके बाद बवाल हुआ। Live टीवी पर इस गलती (या शायद जानबूझकर) के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को माफी माँगनी पड़ी।

पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज होनी है। इसके पहले पाकिस्तानियों और ऑस्ट्रेलिया की प्राइम मिनिस्टर XI टीम के बीच एक वार्म-अप (प्रैक्टिस मैच) मैच खेला जा रहा है। 4 दिनों का यह मैच 6 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए ‘पाकी’ शब्द का इस्तेमाल इसी मैच में हुआ।

कैनबरा के मैनुका ओवल स्टेडियम (Canberra Manuka Oval) में पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया की प्राइम मिनिस्टर XI टीम के बीच जैसे ही वार्म-अप (प्रैक्टिस मैच) मैच शुरू हुआ, बवाल हो गया। मैच के शुरू होते ही इसमें जहाँ स्कोरबोर्ड दिखाया जा रहा था, वहाँ पाकिस्तान क्रिकेट टीम या पाक क्रिकेट टीम की जगह ‘पाकी’ लिखा गया।

Live मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए स्कोरबोर्ड पर ‘पाकी’ लिखने की गलती पर ध्यान दिलाया डैनी सईद नाम के एक पत्रकार ने। जैसे ही इस मामले पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को चलाने वाली संस्था, जैसे इंडियन क्रिकेट टीम के लिए BCCI) का ध्यान गया, उन्होंने टीवी प्रसारण में इस गलती को सुधारा, माफी माँगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा:

“स्कोरबोर्ड से संबंधित ग्राफिक डाटा प्रदान करने वाली एक कंपनी के स्वचालित फीड से लिया जा रहा था। पाकिस्तान के साथ इससे पहले हुए मैचों में इसे नहीं लिया गया था। यह स्पष्ट रूप से खेदजनक था, गलती सामने आते ही हमने इसे स्वचालित फीड की जगह मैन्युअल रूप से ठीक कर लिया।”

खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के बीच तीसरे दिन का खेल चल रहा है। पहले खेलते हुए पाकिस्तान ने 9 विकेट खोकर 391 रन बनाए और पारी समाप्त की। ऑस्ट्रेलिया इसके जवाब में 3 विकेट खोकर 300 रन बना चुकी है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम जब 3 टेस्ट मैचों की इस सीरीज को खेलने ऑस्ट्रेलिया गई तो ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुँचा। यहाँ तक की सपोर्ट स्टाफ भी नहीं। इस कारण से पाकिस्तान की टीम को मजदूर की तरह अपना सामान खुद ही ट्रक में लोड करना पड़ा था। इसको लेकर वायरल वीडियो के नीचे सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे थे कि पाकिस्तानियों की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो गई।

BBC पर लाइव समाचार पढ़ने आई महिला एंकर, करने लगी अश्लील इशारे: बवाल के बाद बोली- वह प्राइवेट जोक था, संस्थान ने कहा- लेंगे एक्शन

बीबीसी के लाइव शो में टीवी एंकर अभद्र इशारा करती देखी गईं। बीबीसी की इस एंकर का नाम मरियम मोशरी है। मोशरी ने लाइव टीवी पर मिडल फिंगर दिखाई। इसके बाद उनकी यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। बवाल बढ़ने पर मोशरी ने तो इस मामले में माफी माँगी ही, साथ में बीबीसी को भी इस हरकत के कारण शर्मिंदगी में माफी माँगनी पड़ी।

दरअसल, जो क्लिप वायरल हो रही उसमें दिख रहा है कि लाइव शो शुरू होने से पहले काउंटडाउन हो रहा था कि तभी स्क्रीन पर मोशरी नजर आई। अचानक मोशरी ने सिर उठाया और आँखे बड़ी करके मिडल फिंगर दिखाई। इसके बाद वह न्यूज पढ़ने लगीं।

मोशरी की हरकत का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ और उनसे सवाल शुरू हुए उन्होंने इस कारनामे को एक निजी मजाक बता दिया। मोशरी ने कहा, “यह एक निजी मजाक था। मैंने सोचा नहीं था कि यह कैमरे में कैद हो जाएगा। जब हम काउंटडाउन संख्या वन पर पहुँचे तो मैंने एक मजाक के रूप में अपनी उंगली घुमाई और मुझे एहसास नहीं हुआ कि यह कैमरे में कैद हो जाएगी। यह टीम के साथ एक प्राइवेट जोक था और मुझे बहुत खेद है कि यह ऑन एयर चला गया! यह मेरा इरादा नहीं था कि ऐसा हो। मुझे खेद है कि मैंने किसी को नाराज या परेशान किया। मैं दर्शकों या किसी व्यक्ति को नहीं दिखा रही थी। यह एक मूर्खतापूर्ण मजाक था जो मेरे कुछ दोस्तों के लिए था।”

इस घटना के बाद हो रही फजीहत के बाद बीबीसी ने भी खेद व्यक्त किया है। बीबीसी ने कहा,” यह एक अस्वीकार्य घटना थी। हम इसके लिए माफी माँगते हैं। हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे।”

बता दें कि लाइव शो में अक्सर एंकरों से गलतियाँ होती रहती है। लेकिन इस तरह अश्लील इशारे करना इन गलतियों में नहीं आता, ये साफ दिख रहा है कि बिन बात के किया गया। मोशरी से पहले बीबीसी के एक और एंकर चर्चा में आए थे। उनपर एक किशोर की अश्लील तस्वीरें मंगाने का आरोप लगा था, जिसके बदले एंकर उसे पैसे भी देता था। किशोर के परिवार को जब पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत बीबीसी को दी और बीबीसी ने उस एंकर को सस्पेंड किया।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान, संसद पर हमला कर के लूँगा हत्या की साजिश का बदला’: पन्नू की गीदड़ भभकी पर बोला विदेश मंत्रालय – नहीं देना चाहते भाव

प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरवतपन्त सिंह पन्नू की भारतीय संसद उड़ाने की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे लोग मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी बाते करते रहते हैं और हम यहाँ बात करके उन्हें प्रासंगिकता नहीं देना चाहते।

गौरतलब है कि हाल ही में पन्नू ने एक वीडियो जारी करके संसद पर हमले की बरसी 13 दिसम्बर को संसद उड़ाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया संवाद में जवाब दिया है। गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2001 को पाँच इस्लामी आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षा बलों के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

इस वीडियो में पन्नू ने कहा था कि वह 13 दिसम्बर या उससे पहले संसद भवन पर हमला करके उसके हत्या की योजना बनाने का बदला लेगा। उसने दावा किया था कि दिल्ली खालिस्तान बनेगा। वह पहले भी ऐसी धमकियों वाले वीडियो जारी करता रहा है।

अब विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा है, “हम इन धमकियों को गंभीरता से लेते हैं लेकिन हम ऐसे लोगों के बारे में यहाँ बात करके उन्हें ज्यादा विश्वसनीयता नहीं देना चाहते जो ऐसी धमकियाँ देकर काफी मीडिया कवरेज पाते हैं।”

उन्होंने आगे इस मामले में कहा, “हम इन खतरों को गंभीरता से लेते हैं और हमने इस मामले से अमेरिका और कनाडा को अवगत करवाया है। कट्टरपंथी और आतंकी मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी धमकियाँ देते रहते हैं।” विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह यहाँ हमारी एजेंसियों द्वारा वांछित है और हम अन्य देशों से उसे कानून तक लाने के लिए सहायता माँग चुके हैं।

गौरतलब है कि पन्नू की धमकी अमेरिका के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के एक अफसर ने एक भारतीय निखिल गुप्ता को पन्नू को मरवाने के लिए कहा था। इस मामले में विदेश मंत्रालय पहले ही एक जाँच कमिटी गठित कर चुका है।

अमेरिका में भी इस मामले को कोर्ट में ले जाया गया है और निखिल गुप्ता को अमेरिका ने गिरफ्तार भी किया है। अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाया था कि 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) में पन्नू को मारने के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी गई थी जो कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का एजेंट था।

संसद पर हमला करने की धमकी देने वाले वीडियो में पन्नू इसी हत्या की साजिश की बात कर रहा था। पन्नू पूर्व में भी ऐसे ही वीडियो जारी करता रहा है। इससे पहले उसने एअर इंडिया के विमानों को उड़ाने की धमकी भी दी थी।

‘फ& ऑफ, तुम फ़िक्सर हो’: S श्रीसंत के वीडियो के बाद गौतम गंभीर का ‘अटेंशन’ वाला पोस्ट, बोले पूर्व तेज़ गेंदबाज – ‘अंपायरों से भी बदतमीजी, सीनियरों का नहीं करते सम्मान’

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज S श्रीसंत ने गुरुवार (7 दिसंबर, 2023) को टीम में साथ खेल चुके पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। S श्रीसंत ने आरोप लगाया है कि लेजेंड्स लीग क्रिकेट मैच के दौरान गौतम गंभीर ने उन्हें ‘फ़िक्सर’ कहा। ‘इंडियन कैपिटल्स’ और ‘गुजरात जायंट्स’ के बीच एक मैच के दौरान दोनों में तगड़ी बहस हो गई थी, जिसके बाद अंपायरों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। श्रीसंत ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर ये बातें कही।

S श्रीसंत ने बताया, “वो लगातार मुझे फ़िक्सर-फ़िक्सर कहते रहे। सेन्ट्रल विकेट पर लाइव टीवी के दौरान उन्होंने मुझे कहा – फ& ऑफ, तुम फ़िक्सर हो। मैं बस उनसे इतना कह रहा था कि आप क्या कह रहे हो? मैं मजाकिया लहजे में सिर्फ हँस रहा था। जब अंपायरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उनके साथ भी इन्होंने इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया।” सोशल मीडिया पर श्रीसंत के आरोपों के वायरल होने के बाद गौतम गंभीर ने भी एक तस्वीर पोस्ट की।

उन्होंने इस मामले पर प्रत्यक्ष रूप से किसी को कुछ नहीं कहा। अपनी तस्वीर लगा कर पूर्व क्रिकेटर ने लिखा, “जब दुनिया केवल एटेंशन को लेकर सीमित रह गई हो, आप मुस्कुराइए।” श्रीसंत का दावा है कि उन्होंने किसी कड़े शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, गौतम गंभीर ने स्थिति बिगाड़ी। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वो सिक्सर-सिक्सर बोल रहे थे, लेकिन वो कह रहे थे – ‘तू फ़िक्सर है।’ श्रीसंत ने कहा कि ये बात करने का कोई तरीका नहीं है।

उन्होंने ये भी कहा कि वो इस मामले को यहीं खत्म करना चाहते हैं लेकिन लोग गौतम गंभीर को बचाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं निवेदन करता हूँ कि एक्स्ट्रा पेड PR के कामों पर भरोसा न करें।” बता दें कि S श्रीसंत पर फिक्सिंग के आरोपों के कारण BCCI ने लाइफटाइम बैन लगाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में इस बैन को खत्म कर दिया। याद दिला दें कि 2011 में ODI वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में ये दोनों ही खिलाड़ी शामिल रहे थे।

वहीं ताज़ा मैच के बाद श्रीसंत ने वीडियो जारी कर समर्थन के लिए फैंस को धन्यवाद करते हुए गौतम गंभीर को ‘मिस्टर फाइटर’ कहा था, जो हमेशा अपने साथियों से लड़ते रहते हैं। श्रीसंत ने कहा था कि गौतम गंभीर अपने वरिष्ठों, जैसे वीरेंद्र सहवाग का भी सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि बिना उकसाए जाने के बावजूद उन्होंने अब ऐसे शब्द का प्रयोग किया है जो नहीं कहा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि वो दुःखी हैं और उनके परिवार को भी इससे ठेस पहुँची है।

‘सत्ता आती-जाती है, लेकिन देश महत्वपूर्ण है’: अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस की दो टूक, कहा – नवाब मलिक का गठबंधन में आना ठीक नहीं, वो जमानत पर बाहर

उद्धव ठाकरे की सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर एनसीपी विधायक नवाब मलिक के अजित पवार गुट को समर्थन देने से महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। नवाब मलिक की विधानसभा में उपस्थिति को लेकर उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखा है।

उन्होंने नवाब मलिक को गठबंधन में लेने को गलत ठहराया है। दरअसल, जेल से मेडिकल आधार पर जमानत पाए एनसीपी नेता नवाब मलिक हाल ही में नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र में पहुँचे थे और महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ बैठे दिखे थे। इससे यह भी स्पष्ट हुआ था कि नवाब मलिक शरद पवार के साथ नहीं बल्कि अजित पवार के साथ हैं। गौरतलब है कि अजित पवार एनसीपी के अधिकांश विधायकों को साथ लेकर जुलाई 2022 में महाराष्ट्र की शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए थे।

नवाब मलिक को फरवरी 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम से संबंधित एक सम्पत्ति को कम स्टाम्प ड्यूटी पर उसकी बहन हसीना पार्कर के साथ मिलकर खरीदा और इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग हुई। नवाब मलिक को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अगस्त 2023 में अंतरिम जमानत दी गई थी।

नवाब मलिक की विधानसभा में उपस्थिति को लेकर विपक्ष ने भी प्रश्न उठाए थे कि पहले भाजपा और शिवसेना इनका विरोध कर रहे थे और अब यह इनके साथ कैसे बैठे हुए हैं। शिवसेना ने इसको लेकर देवेन्द्र फडनवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कुछ पुराने वीडियो भी चलाए थे। इसी को लेकर अब फडणवीस ने पत्र लिखा है।

उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने लिखा है, “पूर्व मंत्री एवं विधानसभा सदस्य नवाब मलिक आज विधानमंडल आए और कार्यवाही में भाग लिया। उन्हें विधान सभा का सदस्य होने के नाते इसका अधिकार भी है। मेरी उनसे कोई निजी शत्रुता नहीं है, मैं इसे शुरू में ही स्पष्ट कर देता हूँ। हालाँकि, जिस तरह से उन पर आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए हमारा मानना ​​है कि उन्हें हमारे गठबंधन में शामिल करना उचित नहीं होगा।”

आगे उन्होंने लिखा, “सत्ता आती है और जाती है। लेकिन सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण देश है। वह केवल मेडिकल आधार पर जमानत पर बाहर हैं। अगर उन पर लगे आरोप साबित नहीं हुए तो हमें उनका स्वागत करना चाहिए। हालाँकि, हमारी स्पष्ट राय है कि ऐसे आरोप लगने पर उन्हें गठबंधन का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।”

उन्होंने यह भी लिखा कि अजित पवार को यह पूरा अधिकार है कि वह किसे अपनी पार्टी में ले या नहीं, इससे गठबंधन में भी कोई समस्या नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हर घटक दल को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है, इसलिए वह इसका विरोध करते हैं।

उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की सरकार पर नवाब मलिक को मंत्रिमंडल से ना हटाने के फैसले को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “हम तत्कालीन मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) और महा विकास अघाड़ी सरकार से सहमत नहीं हो सकते जिन्होंने नवाब मलिक पर देशद्रोह के आरोप लगने के बाद भी उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए रखा।” देवेन्द्र फडनवीस के इस पत्र पर एनसीपी के अजित पवार गुट और अजित पवार का क्या रुख होगा यह देखने वाली बात होगी।