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‘कम्युनिस्ट नेताओं की शह पर उठाई जा रहीं मुस्लिम लड़कियाँ, गैर-मुस्लिमों से कर दे रहे शादी’: केरल में ‘लव जिहाद’ और इस्लामी हिंसा के बीच मौलाना का CPM पर हमला

बीते कुछ समय से केरल में मुस्लिमों द्वारा हिंसा और ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आए हैं, जिससे यहाँ गैर-मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी रहती हैं। इन सब के बीच केरल के मौलाना का कहना है कि मुस्लिम लड़कियाँ गैर मुस्लिमों द्वारा जान बूझ कर फँसाई जा रही हैं और उनका मजहब परिवर्तन करवाया जा रहा है।

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा की सुन्नी युवजन सभा के सचिव मौलाना नासर फैजी कूडथई ने 6 दिसम्बर, 2023 को कोझिकोड में यह बयान दिया है। उसने केरल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार पर मुस्लिम लड़कियों की दूसरे धर्मों में शादी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं।

मौलाना नासर ने कहा है कि मुस्लिम लड़कियाँ उठाई जा रही हैं और गैर-मुस्लिमों से ब्याही जा रही हैं। उसने मुस्लिम समुदाय को इससे बचने और सेक्युलरिज्म के नाम पर चलाई जाने वाली सीपीएम की चालों से सावधान रहने को कहा। मौलाना नासर ने कहा, “बीते दिनों में हमने अंतरधार्मिक शादियों को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक रणनीति को देखा है। संविधान यह अधिकार देता है कि मुस्लिम, मुस्लिम से और हिन्दू, हिन्दू से विवाह करे। लेकिन कुछ मूर्खों को यह लगता है कि भारतीय संस्कृति को तभी बढ़ावा मिलेगा जब हिन्दू-मुस्लिम विवाह हो।”

आगे मौलाना नासर ने कहा, “मुस्लिम लड़कियाँ पार्टी और अखबार के दफ्तरों, CPM, DYFI और SFI के नेताओं की शह पर उठाई जा रही हैं और उनका विवाह गैर मुस्लिमों से किया जा रहा है। मह्ल्लू (मस्जिद) कमेटियों को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।”

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा के केरल की पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ सम्बन्ध हैं। यह पार्टी केरल में कॉन्ग्रेस के UDF गठबंधन में शामिल है। केरल में वर्ष 2016 से ही कॉन्ग्रेस सत्ता से बाहर है और कम्युनिस्ट सरकार के विपक्ष में है।

यह पहली बार देखा गया है कि किसी मुस्लिम मौलाना ने अंतरधार्मिक विवाहों के विरोध में आवाज उठाई हो। यह बात ध्यान देने वाली है कि केरल में लगातार हिन्दू महिलाओं के साथ ‘लव जिहाद‘ के मामले सामने आते रहे हैं। सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि केरल के ईसाई समुदाय के लोगों ने भी ईसाई लड़कियों के मुस्लिम लड़कों द्वारा फँसाए जाने को लेकर आवाज उठाई है।

ऐसे मामलों में मुस्लिम युवक हिन्दू लड़कियों को झूठी पहचान के आधार पर प्यार के नाम पर फंसाते हैं और बाद में उनका इस्लाम में परिवर्तन करवाते हैं। ऐसा करने पर उन्हें आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। इस काम में कई इस्लामिक संस्थाएँ और कई मुस्लिम देश लगे हुए हैं।

बीते दिंनों जब केंद्र सरकार ने संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया था तब भी हिन्दू लड़कियों को धर्मान्तरित करने के ऐसे ही कई मामले प्रकाश में आए थे। PFI लगातार मुल्सिम युवाओं से आह्वान करती थी कि वह हिन्दू लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित करें। PFI ने ऐसा करने वाले लड़कों के लिए ₹2 लाख नकद, एक दुकान और एक घर का पुरष्कार रखा हुआ था। इन सबके पीछे केरल में अंदर तक पहुँच चुका इस्लामिक कट्टरपंथ है। इसको मुख्यधारा की मीडिया द्वारा इतना प्रकाश में नहीं लाया जाता।

रेगिस्तान में दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पार्क, 2 करोड़ घरों को बिजली: गौतम अडानी बोले – अंतरिक्ष से भी दिखेगा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए संकल्पित

‘अडानी ग्रुप’ के चेयरमैन गौतम अडानी ने गुजरात में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी पार्क की तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इस पर गर्व जताया कि वो ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में भारत की प्रभावशाली प्रगति में वो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पार्क बना रहे हैं, जो कि एक विशाल प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि रण के रेगिस्तान जैसे चुनौतीपूर्ण स्थान पर ये ग्रीन एनर्जी पार्क 726 स्क्वायर किलोमीटर का एरिया कवर करेगा।

उन्होंने खास जानकारी दी कि ये अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा। इससे 30GW बिजली जेनरेट होगी, जिसका फायदा 2 करोड़ घरों को मिलेगा। वहीं यहाँ से 150 किलोमीटर दूर स्थित मुंद्रा को अपनी कर्मभूमि बताते हुए गौतम अडानी ने कहा कि हम सौर एवं पवन ऊर्जा के लिए दुनिया के सबसे व्यापक एवं एकीकृत रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की यात्रा में ये एक बड़ा मील का पत्थर है।

साथ ही उन्होंने इन दोनों परियोजनाओं को भारत द्वारा गठित ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के प्रति अडानी समूह की प्रतिबद्धता का उदाहरण भी करार दिया। अगर ये दोनों प्रोजेक्ट पूरे हो जाते हैं तो हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत क्रांति की नई गाथा लिखेगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इस तरह की परियोजना से वहाँ रह रहे लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। ‘अडानी समूह’ तमाम आरोपों के बावजूद सफलता के साथ इन प्रोजेक्ट्स को पूरा कर रहा है।

वहीं स्टॉक मार्केट में भी अडानी समूह के शेयरों में जबरदस्त उछाल जारी है। बीते 7 सत्रों में अडानी समूह का मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया है और कंपनी समूह का कुल मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। अमेरिका की DFC (इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन) ने हिंडेनबर्ग की अडानी के खिलाफ आई रिपोर्ट को बेतुका करार दिया है। रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अडानी ग्रीन ने 1.36 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा ली है।

जिन 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को सुनाई गई थी मौत की सज़ा, अब उन्हें मिला काउंसलर एक्सेस, राजदूत कर सकेंगे बात: क़तर के अमीर के साथ दिखे थे PM मोदी

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी देश कतर में फाँसी की सजा पाए 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को काउंसिलर एक्सेस मिल गया है। इसका अर्थ है कि उन्हें अब कतर में मौजूद भारतीय राजदूत से बातचीत करने का मौक़ा मिल रहा है। यह जानकारी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय ने दी है।

कतर की एक अदालत ने 26 अक्टूूबर, 2023 को भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई थी। बता दें कि साल 2022 में क़तर की एक कंपनी में काम करने वाले इन अधिकारियों पर जासूसी का आरोप लगाकर वहाँ की इस्लामी सरकार ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। ये सभी पूर्व अधिकारी वहाँ की ‘अल दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज’ (ADGTCS) नाम की कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

इस मामले को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अजीब बताते हुए आगे अपने नौसैनिकों को यहाँ से छुड़वाने के लिए कतर के हाईकोर्ट में इस फैसले के विरोध में अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने अब बताया है कि एक अपील इन नौसैनिकों के परिवार जबकि एक अपील इन नौसिनिकों की तरफ से डाली गई थी।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन अपील पर 2 सुनवाई हो चुकी हैं और भारत समेत कतर में मौजूद विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया है कि 3 दिसम्बर, 2023 को जेलों में बंद नौसैनिकों को भारत के राजदूत से मिलने का मौका मिला था।

विदेश मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए जा रहे प्रयासों के विषय में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है। उन्होंने कहा कि आपने दुबई COP28 की मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री को कतर के अमीर तमीम बिन हमाद के साथ देखा होगा। इस दौरान दोनों के बीच आपसी सहयोग और हमारे लोगों की कतर में सुरक्षा को लेकर बातचीत हुई है।

बीते दिनों भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन नौसौनिकों के परिवारों से मिले थे। उन्होंने इन परिवारों को पूरी सहायता का भरोसा दिया था। इसके पश्चात इनको सुनाए गए फाँसी के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल हुई थी जिसमें विदेश मंत्रालय ने मदद दी थी।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त, 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है। इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारतीय अधिकारियों पर आरोप

दरअसल, भारतीय नौैसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन वीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर की एक निजी फर्म दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम करते थे।

डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन दाहरा का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयरफोर्स के एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराती थी। अजमी को भी भारतीयों के साथ 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के पहले नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, इन भारतीयों को इजरायल के लिए एक सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने साल 2020 में इटली में बनी हाईटेक सबमरीन खरीदने के लिए एक समझौता किया था। ट्राइस्टे स्थित जहाज बनाने वाली कंपनी ‘फिनकेंटियरी एसपीए’ के साथ यह समझौता हुआ था।

कतर ने समझौते के तहत चार कॉर्वेट (जहाज़ का एक प्रकार) और एक हेलीकॉप्टर का ऑर्डर भी दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को कतर में नौसेना का एक बेस बनाना था। इसके साथ ही नौसैनिक बेड़े की देखरेख भी करनी थी। इसके लिए कतर ने जिस दाहरा कंपनी को यह काम दिया, उसमें ये सभी भारतीय काम कर रहे थे।

‘सनातन में आकर आज़ाद महसूस कर रही हूँ’: घर-वापसी कर सूफ़िया बनीं ‘अंजलि’, मंदिर में हिन्दू युवक को चुना जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सूफ़िया नामक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया है। सूफ़िया का नया नाम ‘अंजलि’ रखा गया है। हिन्दू धर्म अपनाने के बाद उन्होंने विजय को अपना जीवनसाथी चुना और टिकरा मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से शादी रचाई। विजय और सूफ़िया लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और उनमें प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को दोनों ने VHP (विश्व हिन्दू परिषद) और ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शादी की।

‘बजरंग दल’ के जिला संयोजक आशुतोष वर्मा ने अपनी निगरानी में शादी की रस्में पूरी करवाई। वो इससे पहले 9 शादियाँ करा चुके हैं। जिला सुरक्षा प्रमुख नरेंद्र कुमार, बिसवाँ प्रखंड अध्यक्ष राम अकबाल, सांडा प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, बिसवां प्रखंड संयोजक रामसागर, सांडा प्रखंड संयोजक राजपाल दुर्गा और बिसवां प्रखंड दुर्गा वाहिनी राम लली भी इस दौरान वहाँ मौजूद रहे। विजय बेनीपुर के रहने वाले हैं। दोनों पहले से शादी करना चाहते थे।

हालाँकि, दोनों के ही परिवार वालों ने उनकी शादी कराने से इनकार कर दिया था। सूफ़िया ने कहा कि वो सनातन धर्म में आकर वो आज़ाद महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में किसी प्रकार की बंदिश नहीं है। सूफ़िया जहाँ 29 वर्ष की है, वहीं विजय की उम्र 39 वर्ष है। आशुतोष शर्मा ने बताया कि ये उन्होंने 10वीं शादी कराई है। उन्होंने बताया कि इसमें पहले कोर्ट मैरिज कराई जाती है, उसके बाद हिन्दू रीति-रिवाज से मंदिर में शादी करवाई जाती है।

इसी तरह सितंबर 2023 में बदायूँ के अर्जुन सागर के प्यार में 18 साल की मुस्कान अली घर-वापसी कर मुस्कान सागर बन गईं। उन्होंने हिन्दू धर्म अपनाकर बरेली के मणिनाथ स्थित अगस्त मुनि आश्रम में हिंदू रीति रिवाज से अपने प्रेमी अर्जुन के साथ सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बँध गईं। आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखदार ने पहले दोनों का गंगाजल से शुद्धिकरण किया, और उसके बाद मंत्र उच्चारण कर हिंदू रीति रिवाज से शादी कराई।

150 तोला सोना, 15 एकड़ जमीन और 1 BMW… निकाह के लिए रुवैस ने माँगा इतना दहेज कि 26 साल की डॉक्टर शाहना ने कर ली सुसाइड

केरल में एक 26 साल की महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। डॉक्टर का नाम शाहना था। वह तिरुवनंतपुरम के सरकारी मे़डिकल कॉलेज के सर्जरी डिपार्टमेंट में पोस्टग्रेजुएशन कोर्स कर रही थीं। बताया जा रहा है कि शाहना के बॉयफ्रेंड डॉ ईए रुवैस ने निकाह के लिए दहेज की माँग की थी जिसके कारण दुखी होकर डॉ शाहना ने यह कदम उठाया।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस आत्महत्या मामले में जाँच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने बॉयफ्रेंड के खिलाफ केस दर्ज करके उसे हिरासत में ले लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहना के परिवार में उनकी अम्मी और दो भाई-बहन हैं। उनके अब्बू गल्फ में काम करते थे जिनकी 2 साल पहले मौत हो गई थी।

डॉ शाहना के परिजनों ने बताया कि डॉ रुवैस के परिवार ने उनसे 150 तोले सोने के गहने, 15 एकड़ जमीन और बीएमडब्लू कार दहेज में माँगी थी। लेकिन डॉ शाहना का परिवार 50 तोले सोने के गहने, 50 लाख रुपए और कार देने में समर्थ था। जब ऐसे में उन्होंने कहा कि वो डिमांड पूरी नहीं कर सकते तो डॉ रुवैस के घरवालों ने रिश्ता तोड़ दिया।

स्थानीयों की मानें तो महिला डॉक्टर इस रिश्ते के टूटने से बहुत दुखी हुईं और उदास रहने लगीं। बीच में वो किसी से बात भी नहीं करती थी। अचानक उन्होंने आत्महत्या का फैसला लिया और अपनी जान दे दी। उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके लिखा था- हर कोई सिर्फ पैसा ही चाहता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से दहेज के आरोपों पर एक रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक विभाग भी मामले में कार्रवाई पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। आरोपित बॉयफ्रेंड पर आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया है। जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को आदेश दिया है कि 14 दिसंबर तक आयोग रिपोर्ट सौंपी जाए।

TV एक्टर ने एक परिवार पर फिल्मी स्टाइल में बरसाई गोलियाँ, पड़ोसी के बेटे की मौत: पेड़ को लेकर हुआ था विवाद, हीरो भूपेंद्र सिंह सहित 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में टीवी एक्टर भूपेन्द्र सिंह को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर एक पेड़ को लेकर हुए विवाद में अपने पड़ोसी के बेटे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। इस घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। फायरिंग की यह घटना 3 दिसंबर 2023 की है।

जानकारी के अनुसार मधुबाला, काला टीका और एक हसीना थी जैसे टीवी शो में काम कर चुके भूपेन्द्र सिंह बिजनौर के कुआँखेड़ा खदरी के रहने वाले हैं। यहाँ उनका एक फार्म हाउस है। इसके बगल में उनके पड़ोसी गुरदीप सिंह की कृषि भूमि है। इसकी मेड़ पर स्थित एक यूकेलिप्टिस के पेड़ को लेकर उनका अपने गोविन्द सिंह से विवाद है।

बताया गया है कि इस पेड़ को काटने को लेकर गुरदीप सिंह और उसके परिवार ने भूपेन्द्र से मना किया जिसके बाद दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। झगड़ा मारपीट तक बढ़ गया जिसमें भूपेन्द्र अपने नौकरों समेत गुरदीप सिंह के परिवार के साथ भिड़ गए। मामला और बढ़ने पर भूपेन्द्र ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाल इस परिवार पर फायरिंग चालू कर दी। इसमें गुरदीप के बेटे गोविन्द की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

इस गोलीबारी में गोविन्द सिंह के पिता गुरदीप सिंह, उनकी पत्नी बीरो बाई और दूसरा बेटा अमरीक बूटा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इनका इलाज किया जा रहा है। गोविन्द सिंह की बहन ने पास के खेतों में भाग कर अपनी जान बचाई।

पुलिस ने मृतक के चाचा प्रीतम सिंह की शिकायत के आधार पर इस मामले में मुकदमा पंजीकृत किया है। इस मामले में भूपेन्द्र सिंह के अलावा 3 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। भूपेन्द्र सिंह के पास से लाइसेंसी बन्दूक भी बरामद कर सीज कर दी गई है। घटनास्थल का मुआयना डीआइजी जी मुनिराज ने भी किया है। अभी इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार इस विवाद का समय से निपटारा नहीं करने के कारण तीन पुलिसकर्मियों को भी फायरिंग की इस घटना के बाद सस्पेंड किया गया है। जिन्हें सस्पेंड किया गया है उनमें थाना प्रभारी सुमित राठी, हल्का दारोगा यासीन अली और बीट सिपाही कृष्ण कुमार शामिल हैं। मामले में नगीना के सीओ संग्राम सिंह की भूमिका की जाँच एसपी देहात को दी गई है।

53 वर्षीय भूपेन्द्र सिंह टीवी की दुनिया में काफी जाना-माना नाम हैं। वर्ष 2015 में चालू हुए काला टीका टीवी सीरियल में वह विश्वजीत के रूप में छोटे पर्दे पर आए थे। उनका टीवी करियर लगभग 2 दशक लंबा रहा है।

कर्नाटक विधानसभा से वीर सावरकर की तस्वीर हटा सकती है कॉन्ग्रेस: मंत्री प्रियांक खड़गे बोले – वो घृणा भड़काने वाले; नेहरू की तस्वीर लगाने के लिए स्पीकर कर रहे विचार

कर्नाटक में वीर सावरकर को लेकर विवाद छिड़ गया है। वहाँ की विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर लगी है। अब कर्नाटक में IT एवं ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय सँभाल रहे प्रियांक खड़गे ने कहा है कि विधानसभा में सावरकर की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये उनकी सशक्त राय है। उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा को अगर समस्या है तो ये उनकी समस्या है। उन्होंने वीर सावरकर की विचारधारा को घृणा भड़काने वाला और विभाजन पैदा करने वाला करार दिया।

दिसंबर 2022 में जब इस तस्वीर का अनावरण हुआ था, उस समय राज्य में भाजपा की सरकार थी। हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेताओं ने तब भी इसकी आलोचना की थी। साथ ही इसे एकपक्षीय फैसला बताया है। ‘सुवर्ण विधानसभा’ के चैंबर में ये तस्वीर लगी हुई है। इसमें कई अन्य दिवंगत राष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें लगी हुई हैं। अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया कह रहे हैं कि स्पीकर UT खदेर इस संबंध में निर्णय लेंगे कि सावरकर की तस्वीर को विधानसभा से हटाना है या नहीं।

वीर सावरकर के अलावा स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, BR आंबेडकर, महात्मा गाँधी, बसवेश्वर और सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीरें भी लगाई गई थी। शीतकालीन सत्र के शुरू होने से ठीक पहले इन तस्वीरों का आवरण किया गया था। कर्नाटक के विधानसभा अध्यक्ष कह चुके हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर विधानसभा में लगाने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है। ऐसे में चर्चा चालू हो गई है कि वीर सावरकर की तस्वीर का क्या होगा।

इससे पहले प्रियांक खड़गे ने कहा था, “सावरकर का योगदान क्या है? कॉन्ग्रेस के दफ्तर में आयोजित एक प्रेस बैठक में मैंने डेढ़ घंटे इस पर बात की। भाजपा बताए कि सावरकर को ‘वीर’ वाला उपनाम कैसे मिला? किसने दिया? भाजपा बोले कि सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन नहीं मिलती थी। वो वीर नहीं थे, मैं चुनौती देता हूँ। ये मेरा स्टैंड है, सरकार का नहीं। मैं तो उनकी फोटो हटा देता।” इसी तरह कॉन्ग्रेस MLC बीके हरिप्रसाद ने भी कहा कि सावरकर का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान जीरो है।

कॉन्ग्रेस सांसद के ठिकानों पर IT रेड, नोटों की मिली इतनी गड्डियाँ… गिनते-गिनते मशीनें खराब: पैसों से भरी आलमारी की तस्वीर देखी आपने

झारखंड के कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग को छापेमारी में करोड़ों की नकदी मिली है। यहाँ अलमारियों में भर कर पैसा रखा गया था जिसका कोई हिसाब किताब नहीं था। अब आयकर ने यह बरामदगी की है। उनके अन्य कई ठिकानों पर छापेमारी अब भी जारी है।

आयकर विभाग ने यह छापेमारी झारखंड और ओडिशा के कई शहरों में की है। सांसद धीरज साहू के राँची और लोहरदगा स्थित आवास के अतिरिक्त उनके नजदीकियों के ओडिशा के बोलांगीर, संबलपुर और कालाहांडी में स्थित ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है। यह टीम बुधवार (6 दिसंबर 2023) से ही छापेमारी कर रही है।

धीरज साहू से सम्बंधित बौध डिस्टलरी में भी आयकर विभाग ने छापा मारा है। इन सब ठिकानों से आयकर विभाग को इतना नकदी मिली है कि उसे गिनने के लिए मशीने कम पड़ रही हैं। एक अलमारी की तस्वीर भी सामने आई है जिसमें नोटों की गड्डियाँ रखी हुई देखी जा सकती हैं।

रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कल तक केवल ₹50 करोड़ की गिनती हो पाई थी जिसके बाद मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। अभी भी गिनती जारी है, कुछ मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि यह आँकड़ा सैकड़ों करोड़ में जा सकता है।

ओडिशा के भीतर हुई छापेमारी में यह जानकारी सामने आई है कि यह धीरज साहू के करीबी डब्ल्यू साहू के ठिकानों पर हुई है जिनका ओडिशा के भीतर शराब का बड़ा कारोबार है। यहाँ बौध डिस्टलरी के रायगढ़, बोलांगीर और संबलपुर स्थित यूनिट पर छापेमारी हुई हुई है।

यह छापेमारी आयकर विभाग की ओडिशा, कोलकाता और झारखंड की आयकर विभाग की टीम कर रही हैं। रांची स्थित आवास पर हुई छापेमारी में टीम ने यहाँ काम करने वाले स्टाफ को अंदर घुसने नहीं दिया और उन्हें नोटिस देकर लौटा दिया।

धीरज साहू वर्ष 2018 से झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। इससे पहले भी एक बार वह कॉन्ग्रेस से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वह राज्य में कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार हैं। हालाँकि अब उनके ओडिशा और झारखंड स्थित ठिकानों से करोड़ों की नकदी बरामद हो रही है। जल्द ही इससे जुड़ी अन्य जानकारियाँ सामने आएँगी।

दुबई-पाकिस्तान के नंबरों से धमकी, नाराज़ था रोहित गोदारा भी: करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के लिए शादी के कार्ड को बनाया हथियार, दारू पीकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर आए थे हत्यारे

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आया। पंजाब के बठिंडा स्थित सेन्ट्रल जेल में बंद संपत नेहरा ने इस हत्याकांड की पूरी साजिश रची। ये पूरी कहानी 6 साल पहले जाती है, जब 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर हुआ था। उनके शव के साथ दोस्त सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने प्रदर्शन किया था और पूरे राज्य में आंदोलन खड़ा कर दिया था, जिसके बाद हुए चुनावों में वसुंधरा राजे की सरकार चली गई।

संपत नेहरा को रूपनगर (रोपड़) की पुलिस लेकर गई है। उसे प्रोडक्शन वॉरंट पर ले जाया गया है। हालाँकि, ये साफ़ नहीं है कि उन्हें किस मामले में ले जाया गया है। 10 महीने पहले पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सूचना भेज कर आगाह किया था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रची जा रही है। जेल में बंद कई अन्य गैंगस्टरों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है, उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। संपत नेहरा के दोस्त रोहित गोदारा ने फेसबुक के माध्यम से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है।

मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई, उसी साल दिसंबर में राजू ठेहट की हत्या हुई, फरवरी 2023 में मंदीप तूफ़ान और मनमोहन मोहना की, मई 2023 में टिल्लू तजपुरिया की, सितंबर 2023 में सुक्खा दुनुके की, अक्टूबर 2023 में दीपक मान की और अब 5 दिसंबर, 2023 को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की। इन सभी हत्याओं में कातिलों ने खुल कर जिम्मेदारी ली। इन सबके पीछे लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों ने जिम्मेदारी ली। 2017 में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने ‘करणी सेना’ को तोड़ कर ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ बनाई थी और इसके अध्यक्ष बने।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में भी लगे थे। आनंदपाल सिंह के बाद राजू ठेहट भी उनका दोस्त बना। उसे भी घर में घुस कर गोली मारी गई थी। करीब डेढ़ साल पहले रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पहली बार दुबई और पाकिस्तान के नंबरों से कॉल कर के धमकी दी थी। उसे लगता था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सिर्फ राजपूतों की मदद करते हैं, जाटों की नहीं। राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी दी तो उन्होंने खुद ही कुछ गनर रख लिया था। इनमें से अधिकतर छुट्टी पर थे और चुनाव के कारण उनके हथियार जमा कर लिए गए थे, ऐसे में उस समय 1 ही गनर मौजूद था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनके परिचित नवीन शेखावत को उन तक पहुँचने का जरिया बनाया। नवीन शेखावत के कजिन की शादी थी, जिसका कार्ड देने उन्हें सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के पास जाना था। ये बात रोहित गोदारा और संपत सिंह को पता थी। तभी से जाल बिछाना शुरू कर दिया गया। नवीन शेखावत की कपड़ों की दुकान थी। नागौर के रोहित राठौड़ और हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नितिन फौजी जिसका ससुराल अलवर में ही, दोनों ने नवीन शेखावत को भरोसे में लेकर उनसे दोस्ती थी।

5 साल पहले भारतीय सेना में शामिल हुआ नितिन फौजी इसीलिए छुट्टी लेकर भी आया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने से पहले इन्होंने 5000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से स्कॉर्पियो किराए पर ली थी और इन्होंने वहाँ जाने से पहले शराब पी। कई CCTV कैमरे होने के बावजूद शूटरों को इसका कोई खौफ नहीं था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी का कार्ड दिए जाने के बाद इधर-उधर की बात हुई और फिर जब सुखदेव सिंह गोगामेड़ी अपने फोन में व्यस्त हुए उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई।

लॉरेंस बिश्नोई 4 साल पहले भी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को हत्या की धमकी दे चुका था। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिल कर सुरक्षा की माँग की थी। उनके दोस्त का दावा है कि पहले भी उन पर हमले हो चुके थे। सूरजपाल अम्मू ने कहा कि देश की समझदार जनता वोट के जरिए कॉन्ग्रेस को जवाब दे रही है, क्योंकि उसने अपराधियों को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि गोगामेड़ी के निवेदन और पंजाब पुलिस से ख़ुफ़िया इनपुट के बावजूद अशोक गहलोत सरकार ने कुछ नहीं किया।

तमिलनाडु सरकार आखिर है कहाँ? : चेन्नई बाढ़ पर DMK का रवैया देख भड़कीं हिरोइन अदिति बालान, बताया- पानी में तैर रहे मरे जानवर

‘मिचौंग’ तूफान के कारण चेन्नई में आई बाढ़ से स्थिति बदहाल है। ऐसे में एक्ट्रेस अदिति बालान ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाने का आरोप लगाया है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने दावा किया कि वो जब बाढ़ प्रभावित इलाके में परिवारों की मदद कर रहीं थीं कि तभी उनसे कहा गया कि वो मुख्यमंत्री के काफिले के लिए जगह छोड़ें।

एक्स पर अपनी बात रखते हुए अदिति बालान ने लिखा, “जब मैं बाढ़ में फँसे परिवार को वहाँ से निकालने के लिए उनका इंतजार कर रही थी तब सीएम स्टालिन के काफिले की वजह से मुझसे मेरी कार हटाने के लिए कहा गया।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने पूछा- “सरकार आखिर कहाँ हैं? मैं राधाकृष्णन नगर, तिरुवामियूर गई, इस क्षेत्र के आसपास के इलाकों का पानी भी इसी क्षेत्र में डाल दिया गया। पानी में मरे हुए जानवर तैर रहे थे। हमें 2 बच्चों और उनकी दादी को बचाने के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस बीच, 6 पुलिसकर्मियों के साथ एक नाव एक प्रभावशाली महिला को लेने के लिए कोट्टूरपुरम में रिवर व्यू रोड पर पहुँची।”

एक्ट्रेस ने बताया कि जब वो प्रभावित लोगों की मदद कर रही थीं, उस दौरान उन्हें छह पुलिसकर्मी बोट से आते दिखे जो कोत्तूर पुरम में एक रसूख वाली महिला की मदद करने आ रहे थे। अदिति बालान ने कहा राधाकृष्णन नगर में कुछ नहीं बदला है। लोग अब भी वहाँ फँसे हुए हैं। उन्होंने चेन्नई पुलिस से पूछा कि क्या कोई वहाँ आ रहा है।

एक पोस्ट में अदिति ने पूछा कि अगर डीएमके सरकार का कोई शख्स आ ही नहीं रहा तो आखिर उन्हें चुना क्यों गया था।

एक्ट्रेस विनोधिनी वैद्यनाथन ने हालातों को देखकर इसे भयावह मिसमैनेजमेंट बताया। उन्होंने कहा कि कोई हेल्पलाइन नंबर काम नहीं कर रहा है। उन्होंने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज देखने में आ रहा है कि हर स्तर पर कितना भ्रष्टाचार बढ़ गया है। वह बोलीं- 2015 के हालात अब से बहुत बेहतर थे।

बता दें कि चेन्नई में मिचौंग तूफान के चलते अब तक 8 लोगों की मौत हो गई हैं। स्कूल-कॉलेज सब बंद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीएम स्टालिन ने अंतरिम राहत के लिए 5060 करोड़ रुपए की माँग की है।