Home Blog Page 1332

टूट गया KCR का बायाँ कूल्हा, अब होगी ट्रांसप्लांट सर्जरी: हार के बाद अपने फार्महाउस में गिर गए तेलंगाना के पूर्व CM, PM मोदी ने जताया दुःख

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘भारत राष्ट्र समिति (BRS)’ के मुखिया के चंद्रशेखर राव (KCR) हैदराबाद स्थित अपने आवास में बाथरूम में गिर कर चोटिल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सिकंदराबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की है।

जानकारी के अनुसार, BRS सुप्रीमो तेलंगाना में हुई हार के बाद तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के अर्रावल्ली स्थित अपने फार्महाउस में रह रहे थे। इससे पहले उन्होंने तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाईं सौन्दरराजन को अपना इस्तीफ़ा अपने सचिव के माध्यम से सौंप दिया था और मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया था।

सिद्दीपेट में वह 3 दिसम्बर के नतीजों के बाद पहुँचे थे। यहाँ बृहस्पतिवार (7 दिसम्बर, 2023) को बाथरूम में पैर फिसलने से वह चोटिल हो गए। केसीआर की बेटी और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य के कविता ने बताया है कि पूर्व मुख्यमंत्री को कूल्हे में चोट लगी है।

उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “बीआरएस सुप्रीमो केसीआर गारू (तेलुगु में किसी को सम्मानजनक तरीके से पुकारने के लिए ‘गारू’ शब्द का उपयोग करते हैं) को हल्की चोट आई है और वह वर्तमान में डॉक्टरों की देखरेख में हैं। लगातार मिल रहे समर्थन और प्रार्थनाओं के बल पर डैड जल्द ही स्वस्थ होंगे। हम आपके प्रेम के आभारी हैं।”

उनके स्वास्थ्य के विषय में जारी किए गए बुलेटिन में के कविता ने कहा है कि केसीआर के सीटी स्कैन करने पर बाएँ कूल्हे में चोट सामने आई है। इसके लिए उनके बाएँ कूल्हे की प्रत्यारोपण सर्जरी करनी होगी। इस प्रकार उनके सही होने में 6 से 8 सप्ताह लग जाएँगे।

केसीआर के चोटिल होने की खबर पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके जल्द ही स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं यह जानकर दुखी हूँ कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री श्री केसीआर गारू को चोट लगी है। मैं उनकी अच्छी सेहत और जल्द ठीक होने की कामना करता हूँ।”

विपक्ष के नेताओं में अभी तक केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस मामले पर ट्वीट किया है। अरविन्द केजरीवाल ने ‘X’ पर लिखा, “मैं केसीआर के चोटिल होने के बारे में सुनकर चिंतित हूँ, मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।”

हाल ही में सम्पन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनावों में केसीआर की पार्टी को करारी हार का सामना कॉन्ग्रेस के हाथों करना पड़ा है। 3 दिसम्बर 2023 को आए नतीजों में केसीआर की बीआरएस को 119 में से 39 जबकि विजयी कॉन्ग्रेस को 64 सीट मिली हैं। केसीआर को तेलंगाना की कामारेड्डी सीट पर भाजपा के केवीआर रेड्डी के हाथों भी हार झेलनी पड़ी है।

बाजे रे बाजे रे ढोल बाजे… UNESCO की विरासत सूची में गुजरात का ‘गरबा’ शामिल, उत्सव में डूबे लोग न्यूयॉर्क में झूमे

गुजरात के प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य गरबा को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक (UNESCO) संगठन ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है।

इस घोषणा के बाद फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (FIA) एनवाई-एनजे-सीटी-एनई ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर पर कई समूहों और भारतीय महावाणिज्य दूतावास के समर्थन के साथ एक स्मारक गरबा समारोह का आयोजन किया।

इस आयोजन में भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में गरबा खेलते नजर आए। सुन सकते हैं पीछे ढोल बाजे गाना बज रहा है और दूसरी ओर वहाँ रहने वाले भारतीय उसपर झूम रहे हैं।

वीडियो को देखने के बाद भारत बैठे लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस खबर को सुन भारत को इनक्रेडिबल इंडिया कहा जा रहा है। लोग खुशी में कहीं गरबा खेल रहे हैं तो कहीं उससे जुड़ी फोटो वीडियोज देख आनंद ले रहे हैं।

यूनेस्को वेबसाइट पर गरबा को लेकर कहा गया कि यह एक भक्तिपूर्ण नृत्य है। इसे नवरात्रि के त्योहार पर किया जाता है जो आदिशक्ति को समर्पित है। यह नृत्य कलश के चारों ओर होता है जिसमें लौ जलती है। इसके अलावा वहाँ देवी माँ अम्बा की एक तस्वीर भी होती है।

बता दें कि यूनेस्कों ने जिस लिस्ट में गरबा नृत्य को शामिल किया है उसमें भारत की परंपराओं या सांस्कृतिक आयोजन जैसे कि रामलीला, वैदिक मंत्रोच्चार, कुंभ मेला और दुर्गा पूजा को भी पहले जगह मिली है। गरबा के इस लिस्ट में शामिल होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में गरबा का शामिल होना हमारी संस्कृति की एक सुंदरता है। हमें इसका सम्मान करते हुए आने वाली पीढ़ी के लिए इसका संरक्षण करना चाहिए।”

राजस्थान गए राजनाथ सिंह, खट्टर को भेजा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ देखेंगे अर्जुन मुंडा: BJP ने तीनों राज्यों के लिए तय किए पर्यवेक्षक, अब होगा CM का फैसला

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत के बाद मुख्यमंत्रियों के नामों को लेकर भाजपा में मंथन जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात के बाद अब तीनों राज्यों के लिए पार्टी ने पर्यवेक्षक के नाम का ऐलान कर दिया है। राजस्थान के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ दो और लोगों के नाम शामिल हैं।

वहीं, भाजपा ने मध्य प्रदेश में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, के. लक्ष्मण और आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ में अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल और दुष्यंत कुमार गौतम को पर्यवेक्षक के पद के लिए नियुक्त किया है।

ये पर्यवेक्षक तीनों राज्यों में विधायक दल के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। इन तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इन राज्यों में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बिना सीएम चेहरे के चुनाव लड़ा था। इन चुनावों में मुख्य चेहरा नरेंद्र मोदी थे।

राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद प्रदेश में तनाव में है। इसके साथ क्षत्रिय समाज में इसको खासा आक्रोश है। ऐसे में राजनाथ सिंह का नाम पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करके माहौल को भाँपने की कोशिश भी की जा रही है।

भाजपा इन राज्यों में ऐसे मुख्यमंत्री का चुनाव करना चाहती है, जो साल 2024 के लोकसभा चुनावों में भी प्रभावकारी हो और अधिकतम सीटें जितवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इसके साथ ही स्थानीय समीकरण और बगावत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के नामों पर मुहर लगेगी।

बताते चलें कि भाजपा के 11 सांसदों ने विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है। इनमें कई नाम मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में शामिल हैं। राजस्थान में दीया कुमारी, गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यवर्धन सिंह राठौर, वसुंधरा राजे, महंत बालकनाथ, भूपेंद्र यादव, ओम बिरला, सीपी जोशी का नाम सीएम पद की दौड़ में शामिल है।

वहीं, मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, ज्योतिरादित्य सिंधिंया रेस में हैं। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सीएम पद के प्रमुख दावेदार हैं। इसके अलावा, रेणुका सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और ओपी चौधरी का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालाँकि, ये नाम सिर्फ चर्चा में हैं।

‘आपत्तिजनक, घृणास्पद, अनैतिक और आपराधिक कृत्य, महुआ मोइत्रा को संसद से निकाला जाए’: लोकसभा में पेश हुई एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट, बोलीं TMC सांसद – माँ दुर्गा आ गई हैं

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में फँसी हुई हैं। अब शुक्रवार (8 दिसंबर, 2023) को संसद में एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पेश हुई है, जिसे इस मामले की जाँच सौंपी गई थी। वहीं महुआ मोइत्रा ने चुनौती देते हुए कहा है कि अब लोग महाभारत का युद्ध देखेंगे। उन्होंने कहा, “माँ दुर्गा आ गई हैं, हम देखेंगे। जो लोग कपड़े छीनने में लगे हुए हैं, वो अब महाभारत का युद्ध देखेंगे।” उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये बातें कही।

महुआ मोइत्रा ने इस दौरान रामधारी सिंह दिनकर की ‘रश्मिरथी’ की पंक्ति भी उद्धृत की – ‘जान नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।’ कमिटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर और अपराजिता सारंगी ने ये रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा को संसद से निलंबित किए जाने की संस्तुति की गई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई के आरोपों के आधार पर इस मामले को उठाया था। महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर देहाद्राई ने बताया था कि कैसे कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के इशारों पर महुआ मोइत्रा ने संसद में अडानी समूह को निशाना बनाया।

अब संसद की आचार समिति की रिपोर्ट लोकसभा में टेबल की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने बुरा आचरण किया है, जिसके लिए उन्हें कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उनकी करतूतों को गंभीर रूप से आपत्तिजनक, अनैतिक और घृणास्पद और आपराधिक माना गया है। साथ ही भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि वो एक समयसीमा तय कर के उनके खिलाफ जाँच पूरी करवाए। कॉन्ग्रेस सांसद प्रणीत कौर, जिन्हें पार्टी निलंबित कर चुकी है – उन्होंने भी इस रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया।

वहीं समिति में शामिल विपक्षी दलों के 4 सांसदों ने इस रिपोर्ट से आपत्ति जताई है। इस रिपोर्ट को 4 दिसंबर को ही पेश किया जाना था, लेकिन ये अब आया है। महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने संसद के लॉगिन का अपना आईडी-पासवर्ड उक्त कारोबारी को दे रखा था, जो दुबई से सवाल अपलोड करता था। इसके बदले उन्होंने कैश और महँगे-महँगे तोहफे लिए। पर्स से लेकर फोन और जूते तक लेने की बात कही जा रही है। इसी बीच दर्शन हीरानंदानी ने पीएम मोदी में भरोसा जताते हुए कहा था कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें जाल में फँसाया।

चूल्हे में भून कर जब मार डाला था नवजात को, तब हँस रहा था जो पत्रकार… अब खुद मारा गया: रो रहे जुबैर-राणा और वामपंथी गैंग

इजराइल-हमास युद्ध में रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) नाम का एक कथित पत्रकार मारा गया। रेफात की मौत 7 दिसंबर 2023 को हवाई हमले के दौरान हुई। हमास का समर्थन और प्रचार करना, इसके उलट इजरायल के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाना और यहूदी-विरोधी बातें लिखना – मारे गए रेफात की कथित पत्रकारिता इन्हीं बातों के आसपास घूमती थी।

भारत में रह कर यहीं की रोटी खाने वाले ऐसे बहुत हैं जो ज्ञात-अज्ञात कारणों से फिलिस्तीन की सहलाते रहते हैं, उसके लिए आँसू बहाते हैं। मोहम्मद जुबैर ने इजराइल को बदनाम करने के लिए रेफात अल-अरीर की मौत का सहारा लिया।

सहानुभूति बटोरने के लिए जुबैर ने ट्वीट कर लिखा, “रेफात अल-अरीर को आज इजराइल ने मार डाला।” इस ट्वीट में जुबैर ने रेफात का हाल में दिए एक इंटरव्यू वीडियो को भी लगाया है। इसमें वो इजराइल हमले में गाजा के सभी लोगों के मारे जाने के डर से रो रहा है। हास्यास्पद यह है कि इसी शख्स ने माइक्रोवेव अवन में जला कर मार डाले गए इजरायली बच्चे की मौत का मजाक उड़ाया था।

मोहम्मद जुबैर ने ट्वीट किया तो राणा अयूब कैसे पीछे रहती! उसने भी रोना चालू रखा… बिल्कुल एकसमान अंदाज में। उसने ट्वीट किया, “और उन्होंने उसे मार डाला।”

29 अक्टूबर 2023 को डोविड इफ्यून नाम के एक पत्रकार ने खबर दी कि हमास के इस्लामी आतंकियों ने एक इजरायली यहूदी बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। बच्चे की जली हुई लाश माइक्रोवेव अवन में मिली। ट्विटर इस खबर का मजाक उड़ाते हुए रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) ने लिखा था – “बेकिंग पाउडर के साथ या उसके बिना।”

बच्चे की मौत पर जिसको सूझा मजाक… वो खुद मारा गया

आपको बता दें कि केक जैसी चीज बनाने के लिए बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। मतलब इस्लामी आतंकी हमास का समर्थक रेफात एक मरे हुए बच्चे की तुलना खाने लायक सामग्री से कर रहा था। लेकिन गाजा वाले हिस्से पर जब इजरायली सेना ने तबाही मचानी शुरू की तो रेफात को मौत का डर सताने लगा, विदेशी-वामपंथी मीडिया को रो-रो कर इंटरव्यू देने लगा।

रेफात अल-अरीर यहूदियों और इजरायल से कितनी नफरत करता था, उसके लिए 1 या 2 ट्वीट काफी नहीं हैं। वो कभी इजरायल के नेताओं को हिटलर के समान बताता था। कभी वो यहूदीवाद और नाजीवाद को एक ही बताता है।

यह जानना भी जरूरी है कि रेफात खुले तौर पर हमास का समर्थन और प्रचार करता था। उसके अनुसार इस्लामी आतंकी संगठन हमास को ‘फँसाने’ के लिए इजराइल ने अपने ही नागरिकों को मार डाला।

जिस कॉन्ग्रेस MP ने खुद पर ₹2.36 करोड़ का कर्ज बताया, उनके ठिकानों से ट्रक में भरकर नोट ले गया IT: कैश से भरी थी 9 आलमारी, 2 दिन में भी पूरी नहीं हुई गिनती

कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं धीरज कुमार साहू। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इनसे जुड़े करीब 10 ठिकानों पर आयकर विभाग (IT Department Raid) ने छापा मारा है। छापेमारी की कार्रवाई 6 दिसंबर 2023 को शुरू हुई जो अब तक जारी है। इस दौरान इतना कैश मिला है कि विभाग को ट्रक में लोड कर ले जाना पड़ा है।

रिपोर्टों के अनुसार दो दिन बाद भी नोटों की गिनती का काम पूरा नहीं हो पाया है। कुछ रिपोर्टों में अब तक 150 करोड़ तो कुछेक में 200 करोड़ रुपए की गिनती होने की बात कही गई है। कहा गया है कि कुल कैश करीब 300 करोड़ रुपए तक निकल सकता है।

रिपोर्ट यह भी बताते हैं कि 9 आलमारी मिली हैं जिनमें नोटों के बंडल भरे हुए थे। 8 दिसंबर को ऐसी ही कुछ आलमारी की तस्वीर भी सामने आई थी। इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिली है कि पैसा गिनते-गिनते मशीन भी खराब हो जा रही हैं। कहा जा रहा है कि यह देश में वैध तरीकों से जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम हो सकती है।

इतनी बड़ी मात्रा में नकद मिलना इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि 2018 के चुनावी हलफनामे में साहू ने अपने ऊपर 2.36 करोड़ रुपए का कर्ज बताया था। कुल संपत्ति 34 करोड़ बताई थी। 2016-17 में जो इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसमें अपनी आमदनी एक करोड़ रुपए से कुछ ही अधिक बताई थी।

साहू का यह राज्यसभा में तीसरा कार्यकाल है। पहली बार वे जून 2009 में चुनकर आए। फिर 2010 और उसके बाद 2018 में तीसरी बार संसद के उच्च सदन में पहुँचे। वे झारखंड की चतरा सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। पर दोनों ही बार उन्हें हार मिली।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने कॉन्ग्रेस सांसद की कंपनी के कई खातों को फ्रीज कर दिया है। इतनी बड़ी रकम की बरामदगी को देखते हुए केस में प्रवर्तन निदेशालय ईडी की एंट्री भी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कॉन्ग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू और उनके रिश्तेदारों का शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप देशी शराब बनाने का काम करती है। इस धंधे में कंपनी करीब चार दशक से है। कंपनी का नाम धीरज साहू के पिता बदलेव साहू के नाम पर है। कॉन्ग्रेस सांसद के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्य भी कंपनी में शामिल हैं।

करणी सेना अध्यक्ष को मारने के बाद किराए की कार से भागे थे हत्यारे, ड्राइवर आया सामने: कहा- गोगामेड़ी मर्डर का वीडियो देख पता चली सच्चाई

राजस्थान की राजधानी जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह की गोगामेड़ी की हत्या में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। गोगामेड़ी के हत्यारों को अपनी अपनी कार से सुजानगढ़ पहुँचाने वाले ड्राइवर ने इस घटना के बारे में जानकारी दी है। उसने बताया कि किस तरह वे उसकी गाड़ी में बैठकर भागे थे।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए संदिग्धों को अपनी कार से छोड़ने वाले ड्राइवर योगेश शर्मा ने कहा, “मैं अस्पताल गया हुआ था। मेरे पर एक लड़के का कॉल आया, जो मेरे ही साथ रहता है। उसे इस घटना (गोगामेड़ी की हत्या) के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने कॉल करके कहा कि दो सवारी छोड़नी है सुजानगढ़ तो मैंने बोला कि ठीक है छोड़ दूँगा। वहाँ गए तो वे पीछे वाली (कार की) सीट पर बैठ गए। एक और था। एक लड़का पीछे बैठ गया और एक आगे। मैंने बोला कि आप दोनों चल लो, नाइट का टाइम है। आपने कॉल किया तो साथ में चल चलो, सेफ्टी रहेगी। हम चल दिए।”

शर्मा ने आगे बताया, “इसके बाद उन्होंने लाडनू पुलिया के पास के पेट्रोल पंप पर हमें 1500 रुपए दे दिए। वहाँ से तेल डलवा करके हम सुजानगढ़ की ओर रवाना हो गए। रास्ते में वो बोले हमें सलासर छोड़ दो… हिसार छोड़ दो…. तो हम बोले कि भइया एक बार बताओ की जाना कहाँ है। तो वो बोला कि हमें हिसार छोड़ दो। तो मैंने बोला कि हिसार के ज्यादा पैसे लगते हैं तो बोला कि 10 हजार… 15 हजार… 20 हजार लग जाएँ, हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमें हिसार छोड़ दो। तो मैंने बोला कि हमारे घर वाले अलाउ नहीं करते हैं 10 बजे रात के बाद में। तो वो बोले कि ठीक है फिर सुजानगढ़ की ओर चलो, वहाँ से कोई साधन देखते हैं।”

घटना के बारे में आगे बताते हुए कार ड्राइवर योगेश शर्मा ने कहा, “हम बोले कि भइया ट्रेन में चले जाओ तो वो बोले कि हम ट्रेन में नहीं जाएँगे। हम बस में जाएँगे या टैक्सी में जाएँगे आराम से। तो उनको फिर एक बस दिख गई सुजानगढ़ बस स्टैंड पर। वहाँ उन्होंने गाड़ी रुकवा ली और वहीं वे बस के कंडक्टर से बात करने लगे कि हमें हिसार जाना है। तो कंडक्टर बोला कि हिसार नहीं जाएँगे तो वे धरवाड़ जैसा ही कुछ बात करने लग गए।”

उनके गंतव्य तक जाने को लेकर ड्राइवर ने कहा, “उन्होंने ऐसा कोई आभास नहीं होने दिया कि वे इतना बड़ा अपराध करके आए हैं। वे नॉर्मली और फ्रेंडली बात करते जा रहे थे। वे हरियाणवी में बात कर रहे थे। मैंने पूछा भी कि भइया इधर किस लिए आए हो। वे थोड़ी देर बात किए और फिर चुपचाप बैठ गए। फिर हम भी नॉर्मल होकर गाड़ी चलाने लग गए। जैसे ही हम लाडनूँ के पास आ गए तो वे बार-बार बोलने लगे कभी सालासर, कभी सुजानगढ़, कभी हिसार… फिर हमने वहीं सुजानगढ़ में ड्रॉप कर दिया।”

अपराध में बारे में बता चलने पर ड्राइवर ने बताया, “दूसरे दिन पता चला। हमें बताया गया कि आज मार्केट बंद है। आज किसी की हत्या हुई है। न्यूज देखा तो लगा कि ये तो रात वाले लड़के हैं, जिनको ड्रॉप किया था। फिर मैंने अपने घर पर बताई थी सारी घटना। फिर मैंने अपने एक अंकल को फोन करके पूछा कि क्या करना चाहिए तो उन्होंने बताया कि पुलिस की हेल्प करनी चाहिए थाने में जाकर। फिर वहाँ जाकर CI साहब को पूरी घटना बताई थी। जब मैं जा रहा था कि उस दोस्त मुझे रास्ते में मिल गया, जिसने मुझे कॉल किया था। मैं वहाँ खड़ा था तो पुलिस की गाड़ी आई और हम दोनों को एसपी ऑफिस ले गई।”

इस घटना में शामिल शूटरों की पहचान राजस्थान पुलिस ने रोहित मकराणा और नितिन फौजी के रूप में की है। जिस तीसरे व्यक्ति को हमलावर बताया जा रहा है, उसका नाम नवीन शेखावत है। हालाँकि, सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि नवीन शेखावत हमलावरों को पकड़ने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन हमलावरों ने उसे भी गोली मार दी थी।

इस मामले में लापरवाही के आरोप में SHO सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। गोगामेड़ी की हत्या की हत्या के बाद अभी भी इलाके में तनाव में है। करणी सेना ने न्याय की माँग की है। गोगामेड़ी की हत्यारों का एनकाउंटर करने की माँग लगातार बढ़ रही है।

उधर, गोगामेड़ी की बेटी उर्वशी ने कहा कि वह और उनका परिवार डरने वाला नहीं है। पिता के मौत के बाद अब वह करणी सेना की कमान संभालेंगी। उर्वशी ने कहा कि अब चारों तरफ पुलिस ही पुलिस दिख रही है और उनके पिता ने सुरक्षा की माँग थी तो उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। पंजाब पुलिस ने राजस्थान की पुलिस को एक अलर्ट भेजा था, जिसमें गोगामेड़ी की जान को खतरा बताया गया था। बता दें कि प्रदेश के डीजीपी उमेश मिश्रा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सबको सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

‘छेड़खानी कर रहे थे शशि थरूर, देख रही थी महुआ मोइत्रा’: TMC सांसद के एक्स ने पोस्ट डिलीट कर लिखा- इन्हें संसद नहीं, जेल में होना चाहिए

तृणमूल कॉन्ग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले उनके पूर्व मित्र सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने एक्स अकॉउंट पर कॉन्ग्रेस नेता शशि को लेकर बड़ा ट्वीट किया है।

जय अनंत ने 8 दिसंबर को किए गए एक ट्वीट में लिखा, “शशि थरूर को जेल में होना चाहिए, न कि संसद में।” उनका यह पोस्ट उनके द्वारा किए गए एक पहले ट्वीट से जुड़ा था जिसे उन्होंने डिलीट कर दिया।

अपने पुराने पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया था कि महुआ मोइत्रा और उनके सामने शशि थरूर ने एक महिला से छेड़छाड़ की थी और महुआ इस मुद्दे पर चुप रही थीं।

डिलीट किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट ऑपइंडिया पर सेव हैं। देख सकते हैं कि जय अनंत ने लिखा- महुआ ने जो ‘नारीविरोधियों’ पर अपनी टिप्पणी की, वो हास्यास्पद है और दिखाता है कि वो कितनी ज्यादा पाखंडी हैं।

पोस्ट में जय अनंत ने दावा किया है, “मैंने और महुआ ने 11 अक्टूबर 2022 को दिल्ली के ताज चैंबर में खुद एक महिला के साथ शशि थरूर को छेड़छाड़ करते हुए देखा था। लेकिन तब महुआ ने शशि के उस बर्ताव की पोल खोलने से महुआ ने मुझे रोका…मुझे यकीन है महुआ बता सकती है कि उसने ऐसा क्यों किया था।”

कुछ देर बाद जय ने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया। मगर पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

बता दें कि जय अनंत और महुआ मोइत्रा कथिततौर पर एक दूसरे के साथ रिश्ते में थे। जय अनंत ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पिछले दिनों कुछ आरोप लगाए थे जिसके बाद मोइत्रा को लोकसभा एथिक्स कमेटी और सीबीआई जाँच का सामना करना पड़ा था। इस मामले को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जोरो शोरों से उठाया था। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा एथिक्स कमेटी को भी शिकायत दी थी कि दुबई के कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने महुआ मोइत्रा को लग्जरी आइटम्स तोहफे में दिए थे ताकि वो महुआ के संसद लॉग इन से अपने सवाल पूछ सकें।

‘मुझे प्यार करो, बाथरूम चलो…’: बिहार के मेडिकल कॉलेज में परीक्षा पास करने की शर्त, छात्राओं की शिकायत पर FIR दर्ज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है नालंदा। यहीं पर वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान, पावापुरी नाम का मेडिकल कॉलेज है। यह मेडिकल कॉलेज छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण को लेकर चर्चा में है।

छात्राओं ने एचओडी समेत 5 लोगों पर छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। बिहार पुलिस ने एक्स/ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए बताया है कि इस मामले में एचओडी विजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर निर्मल कुमार, डॉक्टर जितेश, डॉक्टर अजय कुमार और क्लर्क निरंजन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार छात्राओं का कहना है कि एचओडी ने परीक्षा में पास करने के लिए उन्हें अपने कमरे में बुलाकर किस करने की कोशिश की। आरोपितों ने उनसे बाथरूम चलने को कहा। कहा कि मुझे प्यार करो तो पास करेंगे। छात्राओं ने अश्लील बात करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया है।

दैनिक भास्कर ने एक छात्रा के हवाले से बताया ​है कि मेडिकल कॉलेज में 6 दिसंबर 2023 को मौखिक परीक्षा थी। छुट्टी होने के बाद छात्राएँ अपने कमरे पर चली गईं। इसके बाद उन्हें फोन कर कॉलेज बुलाया गया। कॉलेज आने पर एचओडी इन छात्राओं को एक-एक कर कमरे में बुलाया और अश्लील हरकत की।

छात्रा के अनुसार, “सर ने कहा तुम्हारे इतने कम नंबर आए हैं। क्या करोगी। पास होगी या फेल। मैंने कहा पास होना है। वे बोले-उधर चलो, बाथरूम की ओर। मैंने मना किया तो जबरदस्ती पकड़ लिया। मैं रोने लगी तो मुझे छोड़ दिया। डॉक्टर अजय कुमार, डॉक्टर जीतेश कुमार ने मुझे पकड़ रखा था।”

एक अन्य छात्रा के अनुसार घटना के वक्त आरोपित नशे की हालत में थे। उससे पूछा गया कि यदि उसे टॉप कर दिया गया तो बदले में वह क्या करेगी। कथित तौर पर डॉक्टर निर्मल कुमार ने उससे पैर छुकर आशीर्वाद लेने को कहा। लेकिन पैर छुने को वह जैसी ही झुकी उसे पकड़ कर किस करने की कोशिश की। पीड़ित छात्राएँ ओटी असिस्टेंट की पढ़ाई कर रही हैं।

छात्राओं का यह भी आरोप है कि शुरुआत में उनके आरोप को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया। हालाँकि स्थानीय ओपी प्रभारी अनीता कुमारी ने इस आरोप को गलत बताया है। कहा है कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि मामले की जाँच के लिए जिलाधिकारी ने एक टीम का गठन किया है।

54 बच्चों की जगह, रखे गए 100 नवजात… 24 घंटे में 9 की मौत: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में मातम

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में 24 घंटों में 9 नवजात बच्चों और एक 2 साल के बच्चे की मौत होने से हल्ला मच गया। परिजनों का जहाँ पूरे दिन रो रोकर बुरा हाल रहा। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने इस संबंध में जाँच समिति गठित की। ये घटना मेडिकल कॉलेज के SNCU वार्ड की है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस वार्ड में 54 बच्चों को रखने की क्षमता थी, लेकिन इसमें 100 बच्चों को एडमिट किया गया था। इसकी वजह से संभावना है कि शायद बच्चों में इंफेक्शन फैल गया।

सूत्रों के जरिए यह भी रिपोर्ट्स में बताया गया कि वार्ड के जिन बच्चों ने दम तोड़ा उनमें से तीन बच्चे ही अस्पताल में पैदा हुए थे जबकि बाकी रेफर होकर गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल लाए गए थे। वहीं 2 साल के बच्चे के लिए बताया गया कि न्यूरॉजिकल समस्या के कारण इलाज अस्पताल में पहले से ही चल रहा था। कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।

मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट ने इन मौतों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार, ये सत्य है कि अस्पताल में 9 बच्चों ने अपनी जान गवाई। हमने प्रारंभिक जाँच के लिए कमेटी गठित की है। हमें जो प्राथमिक रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर मैं आपको बताता हूँ कि ज्यादातर बच्चे कुपोषित थे। एक बच्चे को गंभीर दिल की बीमारी थी जिसे इलाज देने के लिए हमारे पास न समय था न संसाधन।”

उन्होंने बताया, “एक अन्य समस्या जो अस्पताल को देखनी पड़ रही है वो ये कि जांगीपुर के अस्पताल में रेनोवेशन हो रहा है तो वहाँ के सारे केस यहाँ आते हैं। हम अपना उत्कृष्ट देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन बच्चों में ज्यादातर कुपोषित होते हैं या फिर अंडरवेट। इसलिए बड़ा मुश्किल होता है ऐसे बच्चों को बचा पाना। हम मजबूर हैं एक बेड पर एकसे ज्यादा मरीज रखने पर।”