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पंजाब जेल में करणी सेना अध्यक्ष की हत्या की साजिश, 10 महीने पहले ही राजस्थान पुलिस के पास थी सूचना: 2 शूटर गिरफ्तार, राजस्थान बंद का आह्वान

राजस्थान में ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद 2 शूटर्स को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य व्यक्ति नवीन सिंह शेखावत मौके पर ही मौत हो गई थी। अब सामने आया है कि पंजाब के बठिंडा जेल में बंद संपत नेहरा ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी। वो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का गैंगस्टर है। राजस्थान पुलिस को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। जयपुर पुलिस ने अपील की है कि शांति बनाए रखा जाए।

राजस्थान पुलिस ने आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की फर्जी खबर न फैलाई जाए। DGP उमेश मिश्रा ने जानकारी दी कि हरियाणा में उनके समकक्ष से बातचीत की गई है। सीमाओं पर निगरानी रखी जा रही है। अपराधियों को पकड़ने के लिए माहिर माने जाने वाले ADG (कानून व्यवस्था) दिनेश MN की छुट्टी को रद्द कर दिया गया है। बीकानेर में भी दबिश दी जा रही है। रोहित गोदारा का वहाँ प्रभाव है, जिसने इस हत्याकांड की फेसबुक के माध्यम से जिम्मेदारी ली है।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के एक परिचित अजीत भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जयपुर के अलावा जोधपुर, कुचामन, जैसलमेर, कोटा और बूंदी जैसे इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। उदयपुर और सिरोही में भी बंद का ऐलान किया गया है। राजपूत समाज ने बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को राजस्थान में बंद का आह्वान किया है। व्यापार मंडल से भी पुलिस संवाद कर रही है। लोगों की माँग है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उच्च न्यायालय के जज से इस मामले की जाँच कराई जाए।

पुलिस ने जयपुर के झोटवाड़ा निवासी रोहित राठौड़ को गिरफ्तार किया है। वो मूल रूप से नागौर के मकराना का रहने वाला है। वहीं हरियाणा के महेंद्रगढ़ के रहने वाले नितिन फौजी को भी गिरफ्तार किया गया है। बाड़मेर, चूरू और राजसमंद में भी विरोध प्रदर्शन चालू है और बाजार बंद करवा दिए गए हैं। बता दें कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर में घुस कर हत्यारों ने बातचीत करते-करते अचानक 20 सेकेण्ड में ताबड़तोड़ 17 राउंड फायरिंग कर डाली जिसमें उनकी मौत हो गई।

वीडियो में देखा जा सकता है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के सामने 2 युवक बैठ कर उनसे बातचीत कर रहे होते हैं, बगल में नवीन शेखावत बैठा होता है। वो एक कॉल रिसीव करते हैं तभी सामने बैठे युवक गोलियाँ बरसाने लगते हैं। नवीन शेखावत को ही गोली मारी जाती है। हमलावर जाते-जाते करणी सेना के अध्यक्ष के सिर में भी गोली मार कर जाते हैं। उनका गार्ड उन्हें बचाने की कोशिश करता है लेकिन सफल नहीं हो पाता। गोगामेड़ी आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद हुए विरोध प्रदर्शन और ‘पद्मावत’ को लेकर निर्देशक संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने के कारण चर्चा में आए थे।

फरवरी 2023 का एक पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पंजाब पुलिस द्वारा राजस्थान पुलिस को संपत नेहरा द्वारा जेल से सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रचने की जानकारी दी गई है। सूचना में बताया गया था कि राजस्थान में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए इस हत्या की साजिश रची जा रही थी। सूचना में ये भी बताया गया था कि संपत नेहरा ने इस काम के लिए AK-47 का जुगाड़ भी कर लिया है।

CM के लिए चुने गए रेवंत रेड्डी तो सोनिया गाँधी बन गईं ‘तेलंगाना की माँ’: जिसे KCR सरकार ने 7 बार करवाया हाउस अरेस्ट, उसी ने ठोक दी BRS की ताबूत में कील

कॉन्ग्रेस पार्टी ने घोषणा कर दी है कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वो फ़िलहाल राज्य में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। मुख्यमंत्री पद का दायित्व मिलने की घोषणा के बाद रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया के माध्यम से आलाकमान का धन्यवाद दिया। उन्होंने इस दौरान सोनिया गाँधी को ‘हम सब की प्रिय तेलंगाना की माँ’ तक बता दिया। वहीं उन्होंने प्रियंका गाँधी को करिश्माई नेता करार दिया। रेवंत रेड्डी ने इस दौरान कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया।

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में चुनाव प्रचार के दौरान अपने भाषणों के माध्यम से जनता से संपर्क साधा और KCR की सरकार पर हमलावर रहे। उन्हें 1 दिन की जेल भी हुई थी। चेरलापल्ली सेन्ट्रल जेल से निकलने के बाद उन्होंने ऐलान किया था कि वो ये सुनिश्चित करेंगे कि मुख्यमंत्री KCR के लिए तेलंगाना में कोई राजनीतिक जमीन न बचे। रेवंत रेड्डी ने ABVP से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 2017 में कॉन्ग्रेस में आने से पहले लंबे समय तक TDP में रहे।

2021 में उन्होंने पार्टी ने जब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी तब संगठन में कई लोग उन्हें जानते तक नहीं थे। दिसंबर 2018 में जब उन्होंने केसीआर के कोसी दौरे के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था तो उन्हें हाउस अरेस्ट में डाल दिया गया था। मार्च 2020 में KCR के बेटे KTR के नए-नए बने फार्महाउस के ऊपर से ड्रोन उड़ने के लिए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में रखा गया। दिसंबर 2020 से लेकर मार्च 2023 तक 7 बार तेलंगाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में रखा।

जुलाई 2021 में तेलंगाना में जमीनों के ई-ऑक्शन में 1000 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपों के बाद उन्होंने प्रदर्शन का ऐलान किया, तो उन्हें जुबली हिल्स स्थित उनके आवास में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया। उसी साल दिसंबर में भूपलपल्ली में धान खरीद के मुद्दे पर किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। मार्च 2022 में उन्हें ओस्मानिया यूनिवर्सिटी में जाने से रोक दिया गया। उस दौरान कई परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के बाद राज्य में आंदोलन तेज़ था।

वित्तीय आयोग द्वारा ग्राम पंचायत को फंड न देने के बाद सरपंचों ने आंदोलन किया था, उसमें भी उन्हें रेवंत रेड्डी का साथ मिला और उस दौरान उन्हें फिर हाउस अरेस्ट किया गया। न सिर्फ BRS, बल्कि अपनी पार्टी के लोग भी उनके पीछे लगे थे। आलाकमान से शिकायत की गई कि वो एकतंत्रीय व्यवस्था चलाते हैं और अपने समर्थकों को आगे बढ़ाते हैं। कुछ नेताओं ने पार्टी छोड़ भी दी। कर्नाटक में जीत से भी तेलंगाना में कॉन्ग्रेस को फायदा मिला।

वहीं भाजपा ने जुलाई 2023 में अचानक से फायरब्रांड नेता बंदी संजय कुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर उनकी जगह केंद्रीय मंत्री G किशन रेड्डी को भेज दिया। इससे भाजपा का चुनावी अभियान कमजोर पड़ा। रेवंत रेड्डी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता पार्टी के नेता रहे जयपाल रेड्डी की भतीजी से शादी की है। छात्र नेता के रूप में ही उन्होंने महबूबनगर में गाँवों में पाँव जमाने शुरू कर दिए थे। TDP ने उन्हें कोदंगल में अपना आधार मजबूत करने का अवसर दिया। अब वो तेलंगाना के मुख्यमंत्री बन रहे हैं।

मेरे अब्बा को ऐसे राज्य की जेल में भेजो, जहाँ BJP की सरकार न हो… UP जेल में हो सकती है हत्या: सुप्रीम कोर्ट पहुँचा माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा

उत्तर प्रदेश के माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वो उसके अब्बा को बांदा के बजाय किसी ऐसी राज्य की जेल में ट्रांसफर करने का आदेश दें, जहाँ भाजपा की सरकार न हो। अपनी याचिका में उमर अंसारी ने आशंका जताई है कि बांदा जेल में उसके अब्बा की हत्या भी हो सकती है। उमर ने उत्तर प्रदेश सरकार पर अपने पूरे परिवार के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। याचिका सोमवार (4 दिसंबर 2023) को लगाई गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमर अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बांदा जेल में उसके अब्बा की जान को खतरा है। याचिका में आगे बताया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस छोटे-मोटे अपराध करने वाले कुछ किराए के अपराधियों को बांदा जेल ले जाकर जेल के अंदर ही मुख्तार अंसारी की हत्या करवा सकती है। पुलिस पर ये भी आरोप लगाया गया है कि वो जेल में इन अपराधियों को हथियार पहुँचा सकती है। इस घटना को गैंगवार का भी नाम देने की आशंका जताई गई है।

उमर अंसारी के मुताबिक कृष्णानंद राय हत्याकांड में शामिल तमाम आरोपितों की एक के बाद एक हो रही हत्याओं से वो और मुख्तार अंसारी काफी परेशान हैं। बताते चलें कि मुख्तार अंसारी भी कृष्णानंद राय हत्याकांड में मुख्य आरोपित है।

याचिका में दावा यह भी किया गया है कि 18 मई 2023 को मुख्तार अंसारी की बैरक में कुछ संदिग्ध लोग भी आए थे। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 3 मई 2023 दिए गए उस आदेश का भी हवाला दिया गया है, जिसमें माफिया मुख्तार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश मिले थे।

अपनी याचिका में उमर अंसारी ने आगे बताया है कि उसके अब्बा की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश शासन इसे सुरक्षा में चूक का नाम देकर रफा-दफा करने का प्रयास कर सकती है। याचिकाकर्ता ने समाधान के तौर पर मुख्तार को ऐसे राज्य की जेल में ट्रांसफर करने की माँग की है, जहाँ भाजपा की सरकार न हो।

माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार न सिर्फ उसके अब्बा बल्कि पूरे परिवार का उत्पीड़न कर रही है। उमर ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी गुहार लगाई है कि उसके अब्बा की अदालतों में सुनवाई पेशी नहीं बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करवाई जाए।

उमर अंसारी ने अपनी माँगों के समर्थन में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या का हवाला दिया और बताया कि कैसे इन दोनों को पुलिस सुरक्षा में मार दिया गया था। अपनी याचिका को उमर ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मिला अधिकार बताया।

दलित लड़की को जबरन खिलाया गोमांस, इस्लामी धर्मांतरण और यौन शोषण भी: अपहरण कर ले जा रहे थे शोएब के परिवार वाले, तभी आ गई यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ शोएब नाम के एक व्यक्ति पर एक दलित लड़की के धर्मांतरण का आरोप लगा है। पीड़िता के पिता ने यह भी बताया है कि उनकी बेटी को जबरन गोमांस खिलाया गया और यौन शोषण किया गया। सोमवार (4 दिसंबर, 2023) को पुलिस ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच और कार्रवाई की जा रही है। नामजद आरोपितों में महिलाएँ भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला हरदोई जिले के थाना क्षेत्र सुरसा के एक गाँव का है। पीड़िता का पिता परिवार पालने के लिए हरियाणा के सोनीपत जिले की एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। 17 जून, 2023 को उसकी 18 वर्षीय बेटी को सोनीपत से ही उत्तर प्रदेश के ही फ़िरोज़ाबाद जिले का रहने वाला शोएब अपने साथ बहला-फुसला कर भगा ले गया। पीड़ित परिवार ने अपने स्तर पर लड़की की काफी खोजबीन की लेकिन उनको सफलता नहीं मिल पाई।

इस बीच रविवार (3 दिसंबर, 2023) को अपहृता लड़की खुद ही अपने गाँव हरदोई चली आई। यहाँ आ कर उसने बताया कि शोएब उसे ले कर फ़िरोज़ाबाद गया था। यहाँ पीड़िता को इस्लाम कबूल करवाया गया और गोमांस खिलाया गया। आरोपित ने पीड़िता से निकाह कर के उसका यौन शोषण भी किया। आरोप है कि पीड़िता को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने में शोएब और उसका पूरा परिवार भी शामिल था। रविवार को जैसे-तैसे मौक़ा पा कर पीड़िता पहले अपनी मौसी के घर और फिर वहाँ से अपने हरदोई स्थित गाँव में आ गई। यहाँ उसने परिजनों को आपबीती बताई।

पीड़िता को घर में न पा कर शोएब और उसके परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इसी तलाश में वो सभी पीड़िता के हरदोई स्थित गाँव तक पहुँच गए। थोड़े समय तक रेकी के बाद यहाँ शोएब और उसके घर वाले लड़की को उसके घर से जबरन अपने साथ ले जाने लगे। इसी बीच दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी। पुलिस ने फ़ौरन मौके पर पहुँच कर विवाद कर रहे 3 लोगों को हिरासत में ले लिया। बाकी अन्य लोग पुलिस को देख कर भाग खड़े हुए।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने शोएब, नजमा खां, आकिब, रेशमा, मेहराज और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन सभी पर IPC की विभिन्न धाराओं के साथ SC/ST एक्ट और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। 3 लोगों के हिरासत में होने की खबर है। हरदोई के एडिशनल MP नृपेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जाँच और जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

मस्जिद की लाउडस्पीकर से तेज आवाज में देते थे अजान, कई बार समझाया, नहीं माने तो सीतापुर पुलिस ने मौलवी-मुतवल्ली पर की FIR

तय मानक से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर उत्तर प्रदेश की सीतापुर पुलिस ने एक मस्जिद के मौलवी और मुतवल्ली पर एफआईआर दर्ज की है। मौलवी का नाम अब्दुल्ला, जबकि मुतवल्ली का नाम बब्बू खान है।

जिस मस्जिद से तेज आवाज में लाउडस्पीकर से अजान दी जा रही थी वह पुलिस लाइन के ही पास है। आवाज कम करने को लेकर मौलवी और मुतवल्ली को पुलिस ने कई बार समझाया। लेकिन इन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद रविवार (3 दिसंबर 2023) को इन पर FIR दर्ज की गई।

मामला सीतापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मामले में शिकायतकर्ता खुद पुलिस है। चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अश्मित भारती ने अपने ही थाने में इसकी तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर को वे अपने क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पता चला कि पुलिस लाइन के बगल बनी मस्जिद में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाया जा रहा है। बकौल चौकी इंचार्ज इस वजह से मस्जिद के आसपास रहने वालों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था।

पुलिस लाइन के पास बनी इस मस्जिद में मौलवी के तौर पर सीतापुर का ही रहने वाला दीन मोहम्मद का बेटा अब्दुल्ला और मुतवल्ली के रूप में इसी जिले का निवासी सरताज का बेटा बाबू खान नियुक्त है। सब इंस्पेक्टर अश्मित के मुताबिक इन दोनों को पहले भी कई बार माइक की आवाज को मानकों के हिसाब से रखने के लिए समझाया गया था। हालाँकि इसका दोनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। पुलिस ने अब्दुल्ला और बब्बू खान की इस हरकत को उत्तर प्रदेश शासन की नियामवली और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना है।

पुलिस ने दोनों आरोपितों पर IPC की धारा 188 के साथ ध्वनि प्रदूषण नियमन व नियंत्रण नियम 2000 की धारा 5/6 के तहत कार्रवाई की है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। बताते चलें कि मज़हबी स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस 15 दिनों के विशेष अभियान पर है। सीतापुर जिले में इस अभियान के तहत अब तक 12 लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं, जबकि 356 माइकों की आवाज कम कराई गई है।

‘सचिन पायलट के हर मूवमेंट पर थी नजर, फोन भी हुआ टैप’: राजस्थान कॉन्ग्रेस में अब पोल खोल, गहलोत के OSD रहे लोकेश शर्मा का चौंकाने वाला खुलासा

विधानसभा चुनावों में पराजय के बाद अब राजस्थान में कॉन्ग्रेस सरकार की करतूतों की पोल उनके अपने ही खोल रहे हैं। सचिन पायलट की निगरानी किए जाने का चौंकाने वाला खुलासा लोकेश शर्मा ने किया है। शर्मा निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष कार्याधिकारी (OSD) रह चुके हैं।

शर्मा के अनुसार पायलट के हर मूवमेंट पर नजर रखी जाती थी। उनका फोन टैप कराया गया था। सचिन पायलट का कहना है कि वे इस मुद्दे को पार्टी विधायक दल की बैठक में उठाएँगे। शर्मा ने इससे पहले चुनावों में कॉन्ग्रेस की हार का कसूरवार भी गहलोत को ही बताया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार पायलट की निगरानी और फोन टैप किए जाने के उनके समर्थकों के आरोपों को लेकर शर्मा से सवाल किया गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा, “ये तो निश्चित रूप से सबके सामने था कि वे कहाँ जा रहे थे, किससे मिल रहे थे, किससे बात कर रहे थे, इस पर नजर रखी गई थी।”

लोकेश शर्मा ने का यह भी कहना है कि उन्होंने कुछ विधायकों के टिकट काटने और सचिन पायलट द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह मुख्यमंत्री गहलोत को दी थी। उन्होंने कहा, “अपने सर्वेक्षणों के आधार पर, मैंने मुख्यमंत्री से कहा था कि उन्हें मौजूदा विधायकों को बदलने की जरूरत है। उन्हें सचिन पायलट द्वारा उठाए गए पेपर लीक मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए। लेकिन उनकी आपसी लड़ाई ने उस चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान पहुँचाया, जिसे हम जीत सकते थे।”

लोकेश शर्मा ने बताया कि अशोक गहलोत ने उनके सुझावों पर कोई एक्शन नहीं लिया। कॉन्ग्रेस आलाकमान को गलत रिपोर्ट भेजकर अँधेरे में रखा है। इसी कारण से पार्टी राज्य में हारी। लोकेश बीकानेर या भीलवाड़ा से लड़ना चाहते थे लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। गौरतलब है कि राजस्थान विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की करारी हार हुई है। पाँच साल सत्ता में रहने के बाद अब 2023 के विधानसभा चुनाव में मात्र 69 सीटें मिली हैं। भाजपा ने 115 सीटों के साथ राज्य में स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है।

गौरतलब है कि लोकेश बीकानेर या भीलवाड़ा से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव में पार्टी को महज 69 सीटें मिलने के बाद से उन्होंने मोर्चा खोल रखा है। नतीजों के बाद उन्होंने कहा था, “तीसरी बार लगातार सीएम रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिए पर लाकर खड़ा कर दिया। आज तक पार्टी से सिर्फ लिया ही लिया है, लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए गहलोत।”

आगे उन्होंने लिखा था,”आलाकमान के साथ फरेब, ऊपर सही फीडबैक न पहुँचने देना, किसी को विकल्प तक न बनने देना, अपरिपक्व और अपने फायदे के लिए जुड़े लोगों से घिरे रहकर आत्ममुग्धता में लगातार गलत निर्णय और आपाधापी में फैसले लिए जाते रहना, तमाम फीडबैक और सर्वे को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी और अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को उनकी स्पष्ट हार को देखते हुए भी टिकट दिलवाने की जिद, आज के ये नतीजे तय थे।”

4 राज्यों में पार्टी साफ, साथी छोड़ रहे साथ, पर राहुल गाँधी अपनी ही धुन में: संसद सत्र के बीच जा रहे टूर पर विदेश

राहुल गाँधी एक बार फिर से कॉन्ग्रेस पार्टी को बीच मँझधार में छोड़ कर विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं। 2 दिन पहले ही आए चुनाव परिणामों में कॉन्ग्रेस पार्टी की छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बुरी हार हुई है। संसद का शीतकालीन सत्र भी 1 दिन पहले ही शुरू हुआ है। I.N.D.I. गठबंधन की बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को प्रस्तावित बैठक से एक के बाद एक घटक दल किनारा कर रहे हैं। इन सबके बीच राहुल गाँधी विदेश यात्रा के लिए उड़ान भर रहे हैं।

8 दिसंबर से उनका दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों का दौरा शुरू हो रहा है, जिसका आगाज वो मलेशिया से करेंगे। वो उस दिन कुलालम्पुर में लैंड करेंगे और 10 दिसंबर तक वहाँ निवास करेंगे। इसके अगले दिन वो सिंगापुर तक रहेंगे जहाँ उन्हें 12 दिसंबर तक रहना है। 13 दिसंबर को वो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के दौरे पर पहुँच जाएँगे। वहाँ वो 1 दिन ही रहेंगे। अगले ही दिन वो वियतनाम के लिए उड़ान भरेंगे। आखिरकार 15 दिसंबर को राहुल गाँधी की वतन वापसी होगी और वो दिल्ली के लिए निकलेंगे।

बताया जा रहा है कि राहुल गाँधी इन देशों में विश्विद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को संबोधित करेंगे। वियतनाम में कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकात होगी। 16 दिसंबर को उन्हें MP/MLA कोर्ट ने भी पेश होने के लिए समन जारी किया है। बेंगलुरु में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, ये मामला उसी से जुड़ा है। अभी तक पार्टी ने ये नहीं बताया है कि वो कोर्ट में पेश होंगे या नहीं।

मध्य प्रदेश में कमलनाथ, राजस्थान में अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व के खिलाफ पार्टी में आवाज़ उतरी है, ऐसे में राहुल गाँधी की अनुपस्थिति में क्या पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कॉन्ग्रेस में ‘चलता है’ वाले रुख पर ही काम करेंगे, ये चर्चा का विषय है। एक तरफ भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कमर कस ली है, कॉन्ग्रेस के राहुल गाँधी भारत में ही नहीं रहेंगे। हाँ, विदेश में दिए गए उनके विवादित बयानों से कॉन्ग्रेस पार्टी को यहाँ ज़रूर नुकसान हो सकता है।

स्टालिन के मंत्री बेटे ने सनातन धर्म को बताया था डेंगू-मलेरिया, अब उनके MP ने उत्तर भारत को कहा ‘गौमूत्र राज्य’: BJP की जीत से संसद में बौखलाए

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के सांसद DNV सेंथिलकुमार S ने मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को कुछ ऐसा कह दिया, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने हिंदीभाषी क्षेत्रों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली। संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा केवल ‘गौमूत्र राज्यों’ में ही जीत सकती है, दक्षिण भारत में नहीं। उन्होंने ‘हिंदी हार्टलैंड’ कहे जा रहे राज्यों पर ये टिप्पणी की। बता दें कि भाजपा ने ताज़ा विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बड़ी जीत दर्ज की है।

इसके बाद भाजपा नेताओं ने कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी से पूछा है कि क्या वो I.N.D.I. गठबंधन के अपने साथी द्वारा उत्तर भारतीयों को लेकर दिए गए इस बयान से सहमत हैं? जम्मू कश्मीर से जुड़े 2 बिलों पर चर्चा करते हुए DNV सेंथिलकुमार S ने ये टिप्पणी की। याद दिला दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन के बेटे और राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन भी सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बता कर इसे खत्म करने की बातें कर चुके हैं, जिसके बाद उनका खासा विरोध हुआ था।

अब उनकी पार्टी के सांसद ने कहा है, “जनता को सोचना चाहिए कि भाजपा की ताकत केवल हिंदी हार्टलैंड में चुनाव जीतना है, जिसे हम सामान्य तौर पर ‘गौमूत्र राज्यों’ के नाम से जानते हैं।” बता दें कि तेलंगाना में कॉन्ग्रेस की जीत के बाद भाजपा विरोधी तत्व उत्तर-दक्षिण का विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर आपको बहुतेरे ऐसे पोस्ट्स मिल जाएँगे जिनमें दक्षिण भारत को अच्छा और उत्तर भारत को इस आधार पर ख़राब बताया जा रहा है कि दक्षिण के किसी भी राज्य में भाजपा की सरकार नहीं है।

इसी साल कर्नाटक में भी कॉन्ग्रेस ने जीत दर्ज की है। वहीं तमिलनाडु में कॉन्ग्रेस सत्ता की साझीदार है। DNV सेंथिलकुमार S ने कहा, “आप (भाजपा) दक्षिण भारत में नहीं आ सकते। आपने सभी परिणाम देखे हैं कि केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में क्या हुआ। हम वहाँ काफी मजबूत हैं। हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर आप इन राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने का फैसला ले लें ताकि आप वहाँ अप्रत्यक्ष रूप से शासन कर सकें, क्योंकि आप कभी वहाँ अपने पाँव जमाने और नियंत्रण स्थापित करने का सपना भी नहीं देख सकते।”

तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष K अन्नामलाई ने इस बयान को संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि DMK नेताओं के बयानों का स्तर गिरता ही जा रहा है और उनका घमंड पार्टी के धरातल में जाने का एक मुख्य कारण होगा। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उत्तर भारतीयों को डीएमके नेताओं ने पानी-पूरी बेचने वाला से लेकर शौचालय बनाने वाला तक कहा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे DMK के कुशासन की वजह से चेन्नई डूब रही है। उन्होंने कहा कि शायद डीएमके सांसद ये भूल गए हैं कि पुडुचेरी में भाजपा शासन में है और कर्नाटक में हाल तक उसका शासन था।

अडानी में अमेरिका ने भी जताया भरोसा, कहा- हिंडनबर्ग के आरोप निराधार: श्रीलंका में बंदरगाह बनाने को फंड भी देगा, कंपनी के शेयर बने रॉकेट

अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर का आरोप लगाया था। लेकिन अमेरिका ने अब इन आरोपों को निराधार बताया है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि वह भारतीय कंपनी को श्रीलंका में बंदरगाह बनाने के लिए 553 मिलियन डॉलर (करीब ₹4500 करोड़ रुपए) भी देगा।

अमेरिका से क्लीनचिट मिलने का असर 5 दिसंबर 2023 को अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी तेजी के तौर पर भी देखी गई। तीन दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के अगले दिन जब बाजार खुले थे तो सेंसेक्स और निफ्टी अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर भी पहुँच गए थे।

गौरतलब है कि जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने भारतीय कारोबारी अडानी समूह पर आरोप लगाए थे कि वह अवैध तरीके से अपने शेयर के दाम बढ़ा रहा है और कई जगह पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी कर रहा है। अडानी समूह पर इतिहास का सबसे बड़ा गड़बड़झाला करने का आरोप लगाया था। इसके पश्चात भारत में भी विपक्ष ने अडानी समूह पर काफी हल्ला मचाया था।

लेकिन अमेरिकी सरकार के इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन ने अपनी जाँच में इन आरोपों को निराधार पाया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि हिंडनबर्ग के आरोपों का कोई असर अडानी पोर्ट्स में निवेश पर नहीं पड़ेगा। अडानी समूह की यही कम्पनी श्रीलंका में नए पोर्ट के विकास का प्रोजक्ट देख रही है। इसके विकास के लिए अमेरिकी सरकार ने 553 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4.5 हजार करोड़) के निवेश की बात कही है।

अडानी समूह कोलम्बो बंदरगाह पर एक नए टर्मिनल पोर्ट का निर्माण कर रही है। इस टर्मिनल का लक्ष्य बढ़ती अर्थव्यस्थाओं की तरफ जाने वाले समुद्री यातायात को बढ़ावा देना है। इससे इस क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव भी बढ़ेगा। गौरतलब है कि श्रीलंका में प्रभाव को लेकर भारत और चीन आमने-सामने रहे हैं।

अमेरिका भारत के समर्थन में है। इसी के चलते पिछले माह अमेरिका के IDFC ने अडानी समूह को 553 मिलियन डॉलर का नया कर्ज देने की घोषणा की थी। अडानी के यह पोर्ट विकसित करने से जहाँ भारत और अमेरिका को रणनीतिक बढ़त मिलेगी, वहीं श्रीलंका की बिगड़ी आर्थिक हालत भी सुधरेगी।

भंसाली को थप्पड़, कॉन्ग्रेस से माँगा टिकट, बसपा से चुनाव लड़े… विवाद हुआ तो बना ली अलग करणी सेना, 20 सेकेंड में मारी 17 गोलियाँ

राजस्थान के जयपुर में करणी सेना का अध्यक्ष सुखदेव सिंह शेखावत ‘गोगामेड़ी’ की मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को घर में घुस कर हत्या कर दी गई। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि उनसे बातचीत करते-करते 3 बदमाशों ने 20 सेकेण्ड में उन पर 17 राउंड गोलीबारी की। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी 2013 में चूरू के भादरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके थे। वहीं अब वो कॉन्ग्रेस पार्टी से टिकट चाहते थे, लेकिन आवेदन के बावजूद नहीं मिला।

अपने अंतिम ट्वीट में उन्होंने राजस्थान में पार्टी की हार के बाद गलत टिकट वितरण के लिए कॉन्ग्रेस आलाकमान को संज्ञान लेने के लिए कहा था। हालिया चुनाव में उनकी पत्नी सुशीला कँवर ने भी नामांकन दाखिल किया था लेकिन फिर पर्चा वापस ले लिया था। सुखदेव सिंह गोगामेडा की पहली पत्नी पुलिस में थी, जिससे इनका तलाक हो गया था। उन्होंने करणी सेना से विवाद के बाद ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ का गठन किया था। 2017 में वो एक घटना की वजह से चर्चा में आए थे।

असल में उस समय जयगढ़ में ‘पद्मावत’ फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान करणी सेना ने वहाँ हमला बोल दिया और निर्देशक संजय लीला भंसाली का बाल पकड़ कर उन्हें थप्पड़ तक मार दिया गया था। शूटिंग स्थल पर तोड़फोड़ भी की गई थी। देश भर में इसका बाद फिल्म का विरोध चालू हो गया था और राजपूत युवकों में गोगामेड़ी लोकप्रिय हो गए थे। राजपूत समाज के बड़े नेता रहे लोकेन्द्र सिंह कालवी ने करणी सेना में गोगामेड़ी की एंट्री करवाई थी।

उनका भी इसी साल निधन हो चुका है। लेकिन, बाद में उन दोनों में ही विवाद हो गया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2003 में हत्या और 2013 में आर्म्स एक्ट के मामले में वो दोषी ठहराए जा चुके हैं। वहीं बलात्कार का भी एक मामला दर्ज हुआ था जो झूठा साबित हुआ था। करीब 8 महीने पहले उन्होंने बागेश्वर धाम वाले बाबा पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन करते हुए कहा था कि अगर किसी की हिम्मत हो तो उन्हें गिरफ्तार कर के बताए।

ये भी सामने आया है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट चाहते थे, जो उन्हें नहीं मिल पाया था। जब 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर हुआ था, तब उन्होंने मामले की CBI जाँच की माँग करते हुए तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया था। आनंदपाल की माँ को ढाँढस बँधाते हुए सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की तस्वीर भी सामने आई थी। भड़काऊ भाषणों और उपद्रव के कारण सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की नागौर पुलिस को तलाश थी।

उस समय उन्हें नोहर थाने में हिस्ट्रीशीटर बताया गया था। पुलिस की दबिश के बाद वो गायब हो गए थे। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दबंगई के कारण उनके कई फैंस बनते चलते गए। अब उनके ही ड्राइंग रूम में उनकी हत्या कर दी गई है। वहीं उनकी हत्या की जिम्मेदारी जिस रोहित गोदारा ने ली है, उस पर 32 मामले दर्ज हैं। सीकर में राजू ठेहट की हत्या में भी वो वॉन्टेड है। पंजाब में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी उनका नाम सामने आया है। जून 2023 में ‘पवन’ नाम से फर्जी पासपोर्ट बना कर वो दुबई भाग गया था।