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शाम का भूला सुबह ही आ जाए तो उसे राहुल गाँधी कहते हैं: प्रणब मुखर्जी ने कहा था, जिसे AM/PM का पता नहीं, वो प्रधानमंत्री कार्यालय कैसे संभालेगा – किताब में खुलासा

  • कॉन्ग्रेस के ‘युवा’ नेता राहुल गाँधी पीएम मैटेरियल हैं।
  • राहुल गाँधी विदेश में पढ़े-लिखे हैं, इसलिए प्रधानमंत्री बनने की क्षमता उनमें है।

ऊपर जो 2 वाक्य हैं, वो सिर्फ उदाहरण भर। ऐसे 10-20 लाइन आपको हर कॉन्ग्रेसी या कथित लिबरल सुनाते रहते हैं, सोशल मीडिया पर लिखते रहते हैं। राहुल गाँधी की असली सच्चाई लेकिन बताई है शर्मिष्ठा मुखर्जी ने। राहुल गाँधी मतलब नेहरू-गाँधी खानदान वाला अहंकार, राहुल गाँधी मतलब सरेआम भारत के प्रधानमंत्री को अपमानित करने वाला। राहुल गाँधी मतलब राजनीतिक की जीरो समझ।

PRANAB, MY FATHER: A Daughter Remembers नाम की एक किताब है। इसको लिखा है शर्मिष्ठा मुखर्जी ने। राहुल गाँधी पर डायरेक्ट इतने बड़े-बड़े आरोप लगाने वालीं आखिर कौन हैं ये शर्मिष्ठा मुखर्जी? इसका जवाब है – शर्मिष्ठा मुखर्जी खुद भी कभी कॉन्ग्रेसी नेता रही हैं। एक पीढ़ी ऊपर देखें तो वो उस प्रणब मुखर्जी की बेटी हैं, जो एक समय में कॉन्ग्रेस के सबसे बड़े नेता तो जरूर थे लेकिन नेहरू-गाँधी परिवार की मानसिकता के कारण उन्हें प्रधानमंत्री बनने नहीं दिया गया।

शर्मिष्ठा मुखर्जी की किताब, कॉन्ग्रेस/राहुल-विरोधी?

एक समय की बात है। तब भारत के राष्ट्रपति थे प्रणब मुखर्जी। और राहुल गाँधी सिर्फ सांसद। कोई भी सांसद भारत के राष्ट्रपति से ऐसे ही मुँह उठा कर मिलने नहीं जा सकता है। लेकिन राहुल गाँधी अपने को ‘कोई भी सांसद’ समझते नहीं थे शायद। एक दिन सुबह-सुबह पहुँच गए राष्ट्रपति भवन। प्रणब मुखर्जी तब मुगल गार्डन (जिसका नाम अब बदल कर अमृत उद्यान कर दिया गया है) में टहल रहे थे। टहलने के पसंदीदा काम पर ब्रेक लगने से वो झल्लाए जरूर लेकिन मिल लिए। सांसद और राष्ट्रपति के इस मिलन की असली कहानी इससे भी मजेदार है।

सांसद राहुल गाँधी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलना था शाम में… लेकिन पहुँच गए सुबह ही। हुआ यह कि राहुल गाँधी के ऑफिस ने शाम की जगह सुबह का प्लान बता दिया था सांसद महोदय को। इस पूरे मामले पर जब शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिताजी से पूछा तो उनका जवाब व्यंग्य से भरा हुआ था:

“अगर राहुल का दफ्तर ‘AM’ और ‘PM’ के बीच अंतर नहीं कर सकता है तो वह भविष्य में प्रधानमंत्री कार्यालय को संचालित करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?”

राहुल गाँधी अहंकारी… लेकिन राजनीतिक कौशल जीरो

राहुल गाँधी को लेकर प्रणब मुखर्जी क्या सोचते थे, यह उनकी डायरी से स्पष्ट है। शर्मिष्ठा मुखर्जी की किताब के अनुसार उनके पिताजी ने लिखा है – “राहुल के अंदर गांधी-नेहरू वंश से होने वाला सारा अहंकार भरा हुआ है, लेकिन बिना राजनीतिक कौशल के।”

कोई भी नेता अगर अपराधी साबित हो जाए तो उसे तुरंत अयोग्य घोषित कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा एक फैसला दिया था। मनमोहन सिंह की तब देश में सरकार थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पलटने के लिए यूपीए कैबिनेट एक अध्यादेश लेकर आई थी। राहुल गाँधी कैबिनेट में थे भी नहीं, सिर्फ सांसद थे। लेकिन फिर से वही बात… वो खुद को शायद ‘कोई भी सांसद’ समझते नहीं थे। इस अध्यादेश की प्रेस कॉन्फ्रेस में बिना बुलाए पहुँच इसे बेहूदा बताया था, कूड़े में फेंकने लायक कहा था। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रणब मुखर्जी ने क्या कहा था, पढ़ने लायक है:

“राहुल गाँधी खुद को समझता क्या है? वो तो कैबिनेट मंत्री भी नहीं। फिर कैबिनेट के फैसले को सार्वजनिक रूप से कूड़े के लायक बताने वाला वो है कौन? विदेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री को इस तरह से वो अपमानित कैसे कर सकता है, उसका अधिकार क्या है?”

PRANAB, MY FATHER: A Daughter Remembers

अब करते हैं किताब की बात। प्रणब मुखर्जी को डायरी लिखने की आदत थी। उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता की डायरी के हिस्सों और पिता-पुत्री संवाद को ही किताब की शक्ल दी है। इसलिए नाम भी किताब का कुछ ऐसा ही रखा है, जिससे वो भाव निकल कर आ रहे हैं। हिंदी में यह मोटा-मोटी कुछ ऐसा होगा – ‘प्रणब, मेरे पिता: बेटी की यादों में’ (PRANAB, MY FATHER: A Daughter Remembers)

इस किताब को पब्लिश किया है रूपा पब्लिकेशन ने। 11 दिसंबर 2023 को इसे लॉन्च किया जाना है। शर्मिष्ठा मुखर्जी के अनुसार अपने पिता प्रणब मुखर्जी की डायरी और पिता-पुत्री संवाद के अलावा कुछ हिस्सों के लिए उन्होंने खुद रिसर्च भी की है इसे लिखने में।

आपको बता दें कि इसी किताब में शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दावा किया है कि सोनिया गाँधी ने उनके पिता को प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया। किताब में इसका भी जिक्र है कि राहुल गाँधी के बार-बार गायब होकर विदेश पर निकल जाने की आदत से प्रणब मुखर्जी खफा रहते थे। उनके अनुसार राजनीति मतलब 247365 दिन वाला जॉब। ऐसे में देश की जनता के बीच से गायब हो जाना मतलब राजनीतिक मोर्चे पर हार।

‘हिन्दू मंदिरों में लूटी जाती है बहन-बेटियों की इज्जत, होती है हत्या’: अरविंद केजरीवाल के विधायक ने उगला ज़हर, लोगों को भड़काते हुए कहा – वहाँ जाना बंद करो

‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे राजेन्द्र पाल गौतम ने हिन्दू धर्म और हिन्दू मंदिरों के विरुद्ध एक बार फिर जहर उगला है। राजेन्द्र पाल का कहना है कि मंदिरों में जाने पर लोगों की हत्या होती है और बहन बेटियों की इज्जत लूटी जाती है। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

दिल्ली सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेन्द्र पाल गौतम इस वीडियो में कहते हुए दिखते हैं, “आप ऐसी चीजों में भरोसा मत करो जो आपको नुकसान पहुँचाती हो। आप एक बात बताइए, अगर कहीं मंदिर में जाने से हमारे लोगों की हत्या होती हो, अगर मूर्ति छू लेने से हमारे युवाओं की हत्या हो गई हो, तो आप ऐसी जगह क्यों जाते हो जहाँ आपका अपमान हो।”

आगे राजेन्द्र पाल गौतम इस वीडियो में आगे कहते हैं, “जहाँ आपकी बहन-बेटी की इज्जत लूटी जाए, जहाँ आपका क़त्ल कर दिया जाए, जहाँ अपमान हो वहाँ जाना बंद कर दो।” अब राजेंद्र गौतम के लगभग 30 सेकंड इस वीडियो पर प्रश्न उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो हरियाणा के सोनीपत जिले का है जहाँ वह लहराड़ा गाँव में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस प्रश्न उठाया है कि आखिर खुद को कट्टर हनुमान भक्त बताने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजेन्द्र पाल गौतम को अपनी पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं कर रहे हैं जो कि लगातार हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलते आए हैं।

हालाँकि, यह कोई पहली बार नहीं है कि राजेन्द्र पाल गौतम ने हिन्दू धर्म पर विवादित बयान दिया हो या हिन्दू धर्म का अपमान किया हो। इससे पहले वह कई मौकों पर ऐसा ही कर चुके हैं। अक्टूबर 2022 में एक हिन्दू विरोधी कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उन्हें दिल्ली सरकार के मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ा था।

अक्टूबर 2022 में AAP नेता ने झंडेवालान में आयोजित जिस कार्यक्रम में शामिल हुए थे उसमें 10,000 हिंदुओं का धर्मांतणरण हुआ था। शपथ में कहते सुना गया था – “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को दिलाते हुए कहा था, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, AAP के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए थे। उनके इस वीडियो के कारण केजरीवाल को गुजरात में काफी विरोध झेलना पड़ा था। राजेन्द्र पाल गौतम ने इसके पश्चात इस्तीफ़ा दिया था।

नवम्बर 2022 में राजेन्द्र पाल गौतम ने भारत में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बनाने को लेकर भी बयान दिया था। प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ की एंकर आरफा खान शेरवानी के साथ के इंटरव्यू में राजेन्द्र पाल ने कहा था, “इस देश के 110 करोड़ लोग अनुसूचित जाति/जनजाति समाज से हैं, वो सभी 5-6 वर्षों में बौद्ध धर्म अपना लेंगे। उसके बाद देखते हैं कि कौन बहुसंख्यक होता है।”

जनवरी 2023 में एक कार्यक्रम में राजेन्द्र पाल ने श्रीरामचरितमानस पर भी विवादित बयान दिया था। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह कहते हुए दिखते हैं, “क्या रामचरितमानस में नहीं लिखा है ‘ढोल गँवार शूद्र पशु नारी ये सब ताड़न के अधिकारी।’ वो व्याख्या कर रहे हैं कि ताड़न का मतलब देखना है, जबकि क्लीयर है कि ताड़न का मतलब पीटना। यदि इसका मतलब देखना ही है तो क्या नारी को घूरना चाहिए? क्या पीटना चाहिए? आपके धर्मशास्त्र हमें इंसान का दर्जा देने को तैयार नहीं है।”

राजेन्द्र पाल गौतम लगातार ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं जहाँ हिन्दू धर्म, मंदिरों और ग्रन्थों के विरुद्ध अपमानजनक बातें की जाती हैं। अब मंदिरों में बलात्कार और हत्या वाले वीडियो को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल या पार्टी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं सामने आया है। राजेन्द्र पाल गौतम ने भी अब तक इस बयान पर माफ़ी नहीं माँगी है।

‘प्रणब मुखर्जी ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया’: अपने ही दिवंगत नेता को भला-बुरा कह रहे कॉन्ग्रेसी, किताब में राहुल गाँधी पर खुलासों से भड़की पार्टी

दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने ‘Pranab, My Father: A Daughter Remembers’ नामक पुस्तक लिखा है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को लेकर कुछ ऐसे खुलासे हुए हैं जिसके बाद कॉन्ग्रेस नेता बिफर गए हैं। हालाँकि, 2 साल पहले सक्रिय राजनीति छोड़ चुकीं शर्मिष्ठा मुखर्जी का कहना है कि वैचारिक रूप से वो कॉन्ग्रेस पार्टी में विश्वास करती हैं, क्योंकि ये पार्टी लिबरल और सेक्युलर विचारधारा पर चलती है।

साथ ही उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस अब वही सब कुछ कर रही है, जिसका आरोप वो भाजपा पर लगाती रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस का आलाकमान ऐसे किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करता, जो अपने अलग विचार रखता हो। उन्होंने कॉन्ग्रेस आलाकमान और उसके समर्थकों पर असहिष्णुता का आरोप मढ़ा। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ये भी बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा उनके पिता के पाँव छूटे थे, निजी मुलाकातों में भी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वैचारिक पक्षों के 2 लोगों ने अच्छे से साथ काम किया, ये आश्चर्यजनक था।

इस किताब से खुलासा हुआ है कि प्रणब मुखर्जी मानते थे कि राहुल गाँधी को और परिपक्व होने की ज़रूरत है। वो राहुल गाँधी को ‘विनम्र’ और ‘काफी सवाल पूछने’ वाला तो मानते थे, लेकिन कहते थे कि उन्हें राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की ज़रूरत है। शर्मिष्ठा ने एक घटना का जिक्र भी किया है। एक बार सुबह-सुबह राहुल गाँधी अमृत उद्यान (तब मुग़ल गार्डन) प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुँच गए। प्रणब मुखर्जी सुबह टहलने और अपनी पूजा के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान नहीं पसंद करते थे।

जब उन्होंने प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की तो पता चला कि ये बैठक शाम में तय थी, लेकिन राहुल गाँधी के कार्यालय ने उन्हें सुबह का समय बता दिया। प्रणब मुखर्जी ने तब कहा था कि राहुल गाँधी का दफ्तर जब AM और PM का अंतर नहीं समझता, तो एक दिन वो PMO कैसे चलाएँगे? प्रणब मुखर्जी मानते थे कि राहुल गाँधी में उनके पूर्वजों जैसा ही दम्भ है लेकिन वैसी क्षमता नहीं है। साथ ही उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होकर सरकार का अनुभव लेने की सलाह भी उन्होंने दी थी।

इन खुलासों पर भड़के ‘अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स एन्ड एम्प्लाइज कॉन्ग्रेस’ के अध्यक्ष उदित राज ने कहा, “कॉन्ग्रेस ने ही प्रणब मुखर्जी जी को फ़र्श से अर्श तक पहुँचाया और उसी में बुराई देखी। मोदी जी में अच्छाई देखी जिनकी इन्हें बनाने में कोई भूमिका न थी। इसे कहते हैं जिस थाली में खाया और उसी में छेद कर दिया। कॉन्ग्रेस की गलती रही हो कि जिसका वोट बैंक न हो उसे अर्श तक पहुँचाया। बड़े काबिल थे तो बंगाल में कॉन्ग्रेस को खड़ा किए होते।”

इसी तरह राज्यसभा में कॉन्ग्रेस के उप-नेता प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि दुनिया गाँधी के निर्देश पर ही प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी ने ही प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनाया था। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी को हमेशा वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री के रूप में रखा गया। उन्होंने याद दिलाया कि शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता की ही आलोचना कर दी थी, जब वो नागपुर गए थे। बता दें कि राष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा कर चुके प्रणब मुखर्जी ने जून 2018 में RSS मुख्यालय पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया था।

तालियों की गड़गड़ाहट, फूलों का हार और भारत माता की जय के नारे: 3 राज्यों में जीत के बाद इस तरह BJP सांसदों ने किया PM मोदी का स्वागत, Video

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन राज्यों में जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने पीएम मोदी का अभिवादन किया। संसदीय सत्र से पहले हुई पार्टी की बैठक में नरेंद्र मोदी को देख पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनका स्वागत किया। इसकी एक वीडियो भी सामने आई है।

भाजपा के सांसद बैठक में चिल्लाए– “मोदी जी का स्वागत है।” इसके बाद सबने उनके लिए तालियाँ बजाईं। उनका स्वागत फूलों के हार और शॉल से जेपी नड्डा द्वारा किया गया।

इसकी वीडियो भाजपा ने सोशल मीडिया पर भी डाली है। इसमें सांसदों को तालियों के साथ कहते सुना जा सकता है- स्वागत है भाई स्वागत है पीएम मोदी का स्वागत है। इसके अलावा मोदी का मतलब गारंटी और भारत माता की जय के नारे भी लगाते सुने जा सकते हैं।

बता दें कि भाजपा द्वारा यह बैठक तीन राज्यों में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद वहाँ मुख्यमंत्रियों के चुनाव को लेकर थी। इसे संसद भवन परिसर के बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था।

इस बैठक में पीएम मोदी ने तीनों राज्यों में मिली जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा इस जीत के लिए राज्य के तमाम कार्यकर्ताओं ने आहुति दी है। सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया गया है। पीएम ने कहा ये जीत किसी एक की मेहनत नहीं है। पार्टी जीती इसके लिए सबकी जय-जयकार होनी चाहिए। जातियाँ में नहीं बँटना चाहिए। हमारी जाति युवा, महिला, गरीब और किसान की है।

‘दगा कर शेर को गीदड़ों ने मारा है, यहाँ से हिलना नहीं’: दहाड़ी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी, हत्या की FIR में अशोक गहलोत का भी नाम

राजस्थान के जयपुर में  ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद आज (7 दिसंबर 2023) उनका अंतिम संस्कार होना तय हुआ है। गोगामेड़ी हत्याकांड में पुलिस ने 28 घंटे बाद FIR लिखी। मृतक की पत्नी शीला शेखावत ने यह प्राथमिकी दर्ज करवाई। FIR में शीला शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान के डीजीपी का का नाम लिया।

उन्होंने शिकायत में कहा कि इन लोगों को हर जगह से सूचना आ रही थी कि गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रची जा रही है। लेकिन फिर भी इन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। शीला शेखावत ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए प्रदर्शनकारियों से माँग की कि जब तक आरोपितों का एनकाउंटर नहीं हो जाता तब तक धरने से हिलें नहीं। आश्वासन देकर भगाने का प्रयास हो रहा है।

उन्होंने अपने पति की हत्या पर कहा- “दगा करके शेर (सुखदेव) को गीदड़ो ने मारा है। इसलिए जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं यहाँ से हिलना नहीं है। अगर, आंदोलन उग्र करना पड़ा तो वह भी करेंगे।”

अशोक गहलोत को मिले थे हत्या की साजिश के इनपुट

FIR में सुखदेव सिंह की पत्नी ने बताया कि उनके पति की जान को पिछले दो सालों से लगातार जान का खतरा था। इसे लेकर सुखदेव ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पुलिस महानिदेशक सहित कई उच्चाधिकारियों को 24 फरवरी 2023 और 25 मार्च 2023 को पत्र भी लिखा था।

एटीएस जयपुर ने भी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेंस) राजस्थान को बताया था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को मारने का षडयंत्र रचा जा रहा है। ऐसे ही पंजाब पुलिस ने भी 14 फरवरी 2023 को डीजीपी राजस्थान को इस संबंध में पत्र लिखकर ‘साजिश’की सूचना दी थी। लेकिन, इन सब इनपुट्स के बाद भी सुखदेव सिंह को सुरक्षा नहीं दी गई। शीला शेखावत ने इस मामले में आरोपितों के एनकाउंटर की माँग की है।

गैंगस्टर ने लिया गहलोत के बेटे का नाम

वहीं इस बीच हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर रोहित गोदारा का कथितौर पर नया पोस्ट आया है। इसमें उसने हत्या की वजह बताते हुए कहा है कि उनका डिस्ट्रिब्यूशन से जुड़े किसी मामले में गोगामेड़ी के साथ विवाद हुआ था। जिसमें उन लोगों को पूर्व सीएम गहलोत के बेटे वैभव ने शामिल कराया था। इस पोस्ट में आरोप है कि गहलोत का बेटा उन लोगों से वसूली का हिस्सा लेता था जिसके उनके पास सबूत भी हैं।

वायरल होता गैंगस्टर का पोस्ट

5 दिन से कर रहे शूटर सुखदेव सिंह की रेकी

बता दें कि हत्या को अंजाम देने से पहले आरोपित 5 दिन से करणी सेना अध्यक्ष की रेकी कर रहे थे। इसके बाद ही उन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया। गोली चलाने वाले दो आरोपितों में से एक का नाम रोहित राठौड़ है तो दूसरे का नाम नितिन फौजी है।

लग्जरी गाड़ियों का शौक रखने वाले रोहित राठौड़ के ऊपर नाबालिग से रेप का केस भी दर्ज है जिसके कारण वह 5 साल जेल में था। जमानत मिलने के बाद वह आर्म्स एक्ट में अरेस्ट हुआ। इसके अलावा उसपर मारपीट के भी केस थे। इसी तरह दूसरा शूटर नितिन फौजी था, जो भारतीय सेना में नौकरी करता था। वो इस हत्या को अंजाम देने के लिए छुट्टी लेकर आया था। इसके बाद 9 नवंबर को गायब हुआ और फिर सीधे 5 दिसंबर को करणी अध्यक्ष को गोली मारते दिखा।

UP में अब परमानेंट नौकरी के लिए नहीं देनी पड़ेगी उर्दू इमला की परीक्षा, उर्दू-फारसी घटेगा इस्तेमाल: 115 साल पुराना नियम बदलेगी योगी सरकार

रकबा, बैनामा, रहन, साकिन, खुर्द… ऐसे ढेरों उर्दू-फारसी के शब्द हैं, जिनका आप अर्थ भले न जानते हो पर रजिस्ट्री के दस्तावेजों में इनसे आपका पाला पड़ता होगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इन शब्दों को हटाने और इनकी जगह हिंदी के सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 में बदलाव किया जाएगा।

इसके अलावा अब सब रजिस्ट्रार को उर्दू इमला की परीक्षा भी नहीं देनी होगी। अब तक लोक सेवा आयोग से चुनकर आने के बाद भी स्थायी नौकरी के लिए सब रजिस्ट्रार को यह परीक्षा पास करनी होती थी। ऐसा सरकारी दस्तावेजों में उर्दू-फारसी के शब्दों के इस्तेमाल के कारण था।

जानकारी के अनुसार, योगी सरकार उत्तर प्रदेश में होने वाली रजिस्ट्रियों के लिए वर्ष 1908 में बने रजिस्ट्रेशन एक्ट को बदलने जा रही है। यह कानून अंग्रेजों द्वारा लाया गया था। इस एक्ट के तहत उर्दू-फ़ारसी को सरकारी कामकाज में बढ़ावा दिया गया था। इसी कारण से अधिकांश रजिस्ट्रियों में उर्दू और फ़ारसी के काफी शब्द होते हैं।

यह शब्द इतने जटिल होते हैं कि आम हिंदी भाषी जनता को समझ नहीं आते हैं। उर्दू-फारसी के इस्तेमाल के चलते रजिस्ट्री करने वाले अफसरों को भी इन्हें सीखना पड़ता है। इसके लिए सब रजिस्ट्रार स्तर से भर्ती होने वाले अफसरों को उर्दू इमला की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।

इन अफसरों को उर्दू इसलिए सिखाई जाती है क्योंकि रजिस्ट्रियों में अभी तक बड़े स्तर पर उर्दू-फारसी शब्द का इस्तेमाल होता रहा है। इस परीक्षा में अभ्यर्थी उर्दू लिखना, बोलना, व्याकरण और अनुवाद जैसी चीजें सीखते हैं। हालाँकि योगी सरकार अब इसे नई टेक्नोलॉजी से बदलने वाली है।

उर्दू सीखने की यह अवधि दो वर्ष होती है और इस दौरान चयनित अभ्यर्थी प्रोबेशन पर रहते हैं। इसके बिना सीखे अभ्यर्थियों की नौकरी स्थायी नहीं की जाती। योगी सरकार ने निर्णय लिया है कि इस उर्दू की परीक्षा को अब सामान्य कम्प्यूटर ज्ञान से बदला जाएगा।

इससे अभ्यर्थियों को भी आसानी होगी और साथ ही जनता को सरकारी कागजों की भाषा समझने में आसनी होगी। अभी तहसीलों में होने वाली सम्पत्ति की रजिस्ट्रियाँ, कोर्ट में किए जाने वाले मुकदमों और थानों में लिखी जाने वाली शिकायतों में बड़े स्तर पर फ़ारसी शब्दों का इस्तेमाल होता है।

‘नापाक औरत से बच गया तू’: सिंगर हिमांशी खुराना से ‘अलग धर्म’ के कारण आसिम रियाज का ब्रेकअप, कट्टरपंथी दिखा रहे नफरत

बिग बॉस 13 शो के दौरान एक दूसरे के साथ रिलेशनशिप में आने वाले आसिम रियाज और हिमांशी खुराना का ब्रेकअप हो गया है। इस संबंध में उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी। हिमांशी खुराना ने बताया कि एक दूसरे के धर्म का सम्मान करते हुए वह दोनों एक दूसरे से अलग हो गए है। उनके इस पोस्ट के बाद आसिम के फैंस उन्हें ट्रोल करने में लगे हैं।

हिमांशी ने अपने सोशल मीडिया अकॉउंट एक्स पर एक पोस्ट डालते हुए बताया-

“हाँ, हम लोग अब साथ में नहीं हैं। जितना भी हमने साथ में समय बताया वो बहुत बढ़िया था लेकिन अब हमारा साथ खत्म हो गया है। हमारा सफर बहुत बढ़िया था और अब हम जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। अपने अलग-अलग धर्मों का सम्मान करते हुए अपनी धार्मिक मान्यताओं के मद्देनजर हम अपना प्रेम कुर्बान कर रहे हैं। हमारे मन में एक दूसरे के खिलाफ कुछ नहीं है। आपसे अनुरोध है हमारी निजता का सम्मान करें।”

हिमांशी ने अपने एक और पोस्ट में लिखा है कि उन दोनों ने बहुत कोशिश की लेकिन उनको कोई हल नहीं मिला। वह लिखती हैं, “हमने प्रयास किया… पर हमें हमारी जिंदगी के लिए कोई समाधान नहीं मिला… आप एक दूसरे को प्यार करते हो लेकिन किस्मत आपका खुशी से साथ नहीं देती… कोई नफरत नहीं है बस प्यार है…. इसे परिपक्व निर्णय कहते हैं।”

हिमांशी खुराना ने जहाँ आसिम के साथ अपने ब्रेक पर दो पोस्ट डाले हैं वहीं आसिम रियाज का अभी तक इस मुद्दे पर कोई रिएक्शन नहीं आया है। हिमांशी के पोस्ट देखने के बाद आसिम के फैंस उन्हें खरी खोटी सुना रहे हैं।

मोइन खान ने लिखा- आंटी जब आपने 4 साल पहले प्यार किया जब नहीं लगा था आपको धर्म का… अब फेम मिल गया तो अलग मजहबों का टैग लगा दिया।

मोहम्मद अजीम ने लिखा- बहुत सही किया आसिम, नापाक औरत से बच गया मेरा भाई।

बता दें कि हिमांशी खुराना एक पंजाबी सिख परिवार से हैं जबकि आसिम रियाज कश्मीरी मुस्लिम। दोनों की मुलाकाता बिग बॉस में हुई थी। आसिम को वहीं हिमांशी पसंद आ गई थीं और आसिम के लिए हिमांशी ने अपना पुराना BF तक छोड़ दिया था। बिग बॉस से निकलने के बाद दोनों के साथ में कई गाने भी आए। मगर अब धर्म को वजह बताकर दोनों ने रास्ते अलग कर लिए हैं।

‘महंत बालकनाथ CM, किरोड़ीलाल मीणा और दीया कुमारी डिप्टी CM’: BJP के नाम से सोशल मीडिया में वायरल प्रेस नोट की जानिए हकीकत

हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शानदार जीत हासिल की है। अब लोग इन राज्यों के अगले मुख्यमंत्री का नाम जानने को उत्सुक है। इसी बीच सोशल मीडिया में बीजेपी के नाम से एक प्रेस नोट वायरल हुआ है जिसके अनुसार महंत बालकनाथ योगी राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

इस प्रेस नोट में किरोड़ी लाल मीणा और दीया कुमारी के नाम के आगे उप मुख्यमंत्री लिखा हुआ है। इस प्रेस नोट पर भारतीय जनता पार्टी का नाम है। उसका कमल निशान है। उसके केंद्रीय कार्यालय का पता लिखा हुआ है। 6 दिसंबर 2023 की तारीख के साथ जारी प्रेस नोट पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी के तौर पर अरुण सिंह का नाम और हस्ताक्षर है।

इस प्रेस नोट को सोशल मीडिया में कई हैंडल से शेयर किया गया है। @neetenbiswas1 (सुल्तानपुर टाइम्स) नाम के X हैंडल ने शाम 6:33 पर इसे शेयर करते हुए लिखा है, “राजस्थान के मुख्यमंत्री महंत बालकनाथ योगी।”

वेरिफाइड हैंडल वाली रौनक चौधरी ने भी इसे अपने X हैंडल पर शेयर किया है। साथ ही उन्होंने नेटिज़ेंस से इसकी सच्चाई पूछी है।

अशरफ ने भी इसी पत्र को शेयर किया है। उसने लिखा है, “राजस्थान के मुख्यमंत्री बाबा बालकनाथ, उपमुख्यमंत्री किरोड़ीलाल मीना, उपमुख्यमंत्री दीयाकुमारी।”

बताते चलें कि महंत बालकनाथ योगी राजस्थान की तिजारा विधानसभा सीट से जीत कर विधायक बने हैं। वे अलवर से सांसद भी हैं। विधानसभा चुनाव में उन्हें कुल 110209 वोट मिले हैं। वहीं उनके निटकतम प्रतिद्वंदी कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रत्याशी इमरान खान को 104036 वोट मिले हैं।

वहीं दीया कुमारी विद्याधर नगर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुईं हैं। यह इस विधानसभा चुनाव में राजस्थान में सबसे बड़ी जीत है। दीया कुमारी को कुल 158516 वोट मिले। यहाँ दीया कुमारी का मुकाबला कॉन्ग्रेस के सीताराम अग्रवाल से हुआ, जिन्हें कुल 89780 वोट ही मिल पाए। दीया कुमारी भी भारतीय जनता पार्टी से वर्तमान में राजसमंद से लोकसभा सांसद हैं। वहीं डॉ. किरोणी लाल मीणा राजस्थान की सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से जीत कर विधायक बने हैं। उन्होंने यहाँ कॉन्ग्रेस के दानिश अबरार को 22510 वोटों से हराया है। डॉ. मीणा भी भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं।

बताते चलें कि इस बार विधानसभा चुनाव में कई सांसदों को बीजेपी ने मैदान में उतारा था। इनमें से 12 चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। चुनाव जीत कर आए इन सांसदों में से 11 ने बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को संसद की सदस्य्ता से इस्तीफा दे दिया है। इनमें दीया कुमारी और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा शामिल हैं। महंत बालकनाथ ने फिलहाल संसद सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। पर जल्द ही उनके इस्तीफे की भी चर्चा है।

भाजपा ने लिस्ट को बताया फर्जी

इस्तीफे के बाद ही यह प्रेस नोट वायरल हुआ। बालकनाथ को शुरुआत से ही सीएम की रेस में बताया जा रहा है। लेकिन राजस्थान बीजेपी ने अपने आधिकारिक X/ ट्विटर हैंडल से पोस्ट कर इस प्रेस नोट को फेक बताया है।

स्पष्ट है कि बीजेपी ने राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे इसका अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है। न ही इस बात का फैसला किया है कि राज्य में उपमुख्यमंत्री होंगे या नहीं।

मौलवी ने मजार पर बुला कबूल करवाया इस्लाम, पीड़िता का दावा- एक बेटी से रेप किया, अब दूसरी बेटी माँग रहे: विरोध करने पर थूक चटवाया

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक हिन्दू परिवार के सामूहिक धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। आरोप एक मजार पर रहने वाले मौलवी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने न सिर्फ उनकी बेटी के साथ रेप किया, बल्कि खुद उसके साथ भी अश्लील हरकतें की।

विरोध करने पर पीड़िता की बाल पकड़ कर पिटाई की गई और थूक भी चटवाया गया। इस दौरान मजार न आने पर पीड़िता को जान से मार डालने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार (5 दिसंबर 2023) को FIR दर्ज कर 1 आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

यह केस प्रयागराज जिले के कर्नलगंज थाना क्षेत्र का है। यहाँ 3 दिसंबर 2023 को एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता द्वारा बताया गया कि उनके पिता की प्रयागराज में मिठाई की दुकान है। यहाँ पर काफी पहले मुश्ताक नाम का मौलवी आता था। मुश्ताक ने खुद को झाड़-फूँक करने वाला बताया। मुश्ताक ने छोटा बघाड़ा स्थित एक मजार का जिक्र करते हुए उसे ‘चमत्कारी’ बताया और वहाँ आ कर चादरपोशी की सलाह दी। ऐसा करने पर मुश्ताक ने तमाम मुसीबतों से छुटकारा पाने का झाँसा दिया।

मुश्ताक की बातों में आ कर पीड़िता के पिता ने बघाड़ा की मजार पर जा कर चादर चढ़ाया। यहाँ पर मौलवी मुश्ताक ने मौत का डर दिखा कर उन्हें और पीड़िता को इस्लाम कबूल करवा दिया। थोड़े समय बाद मुश्ताक पीड़िता पर हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा न करने, घर के अंदर मजारनुमा चौकी बनवाने और सिर्फ मजार को पूजने का दबाव बनाने लगा। वह पीड़िता को मजार पर आने के लिए मजबूर करते हुए ऐसा न करने पर पूरे परिवार की बीमारी और मौत का भय दिखाने लगा। उसने कुछ लोगों के नाम भी बताए जिनकी नाफरमानी की वजह से मौत हो चुकी थी।

मौलवी मुश्ताक के दबाव में पीड़िता के पिता (अब स्वर्गीय) ने घर में मजारनुमा चौकी बनवा डाली। थोड़े समय बाद मौलवी मुश्ताक पीड़िता की बेटी को मजार पर लाने का दबाव बनाया। यहाँ उसने एक कमरे में पीड़िता की बेटी के बलात्कार किया। बेटी ने जब अपनी माँ को मौलवी मुश्ताक की करतूत बताई तो पीड़िता ने विरोध किया। तब मौलवी ने कहा कि उसने ही जादू से पीड़िता के पिता को मारा है और अब वही जादू वो रेप की शिकार बेटी पर भी करेगा। 28 दिसंबर 2012 को पीड़िता की बेटी की मृत्यु हो गई। ऑपइंडिया से बातचीत में पीड़िता ने मृत्यु की वजह दोनों किडनी फेल होना बताया।

मौलवी मुश्ताक ने इस मौत को भी अपना ही कहर बताया और आगे से मजार पर रुपया-पैसा चढ़ाते रहने का दबाव बनाया। डर से पीड़िता ऐसा ही करती रही और अपने जेवर तक मजार पर चढ़ा आई। साल 2023 में मौलवी मुश्ताक की मौत हो गई। इस बीच 22 अक्टूबर 2023 को मुश्ताक के 3 बेटे अकरम, जुनैद और फैजान 2 अन्य अज्ञात लोगों को लेकर पीड़िता के घर आ धमके। उन्होंने बताया कि उनके अब्बा का मौत से पहले फरमान था कि अगर पीड़िता मजार आना बंद कर दे तो उसे घसीट कर लाना।

घर आए सभी आरोपितों ने पीड़िता को माँ-बहन की गालियाँ दी और जल्द से जल्द मजार पर आने की धमकी दी। इन धमकियों से डर कर पीड़िता 23 अक्टूबर को शाम 4 बजे बघाड़ा इलाके में मौजूद मजार पर पहुँच गई। कुछ समय पहले मर चुके मौलवी मुश्ताक के 2 बेटों अकरम और जुनैद ने पीड़िता को बाल पकड़ कर पीटा। इसके बाद तीनों ने एक कमरे में पीड़िता को बंधक बना कर उससे थूक चटवाया। साथ ही प्राइवेट पार्ट्स पर बुरी नीयत से हाथ फेरा।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आगे बताया है कि अकरम और जुनैद ने पीड़िता पर दबाव बनाया कि वो अपनी दूसरी बेटी को भी मजार पर लाना शुरू करे। पीड़िता का दावा है कि मजार से जुड़े आरोपितों के चंगुल में उनके अलावा कई अन्य महिलाएँ भी फँसी हैं जो धर्मान्तरण, ठगी और रेप का शिकार हो रही हैं। बकौल पीड़िता अन्य महिलाएँ डर और लाज की वजह से मुँह नहीं खोल पा रहीं हैं। इस साजिश में मौलवी मुश्ताक का पूरा परिवार शामिल बताया गया है, जिसमें नाती-पोते भी शामिल हैं। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने मामले में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रयागराज के कर्नलगंज थाना पुलिस ने अकरम, जुनैद और फैज़ान को नामजद करते हुए 2 अन्य अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है। मामले में IPC की धारा 147, 323, 506, 504, 342 और 354 (क) के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए SHO कर्नलगंज ने बताया कि अकरम को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जाँच जारी है।

मजार कर सिखाते थे चोरी करना

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता से बात की। पीड़िता ने बताया कि मजार पर उसे चोरी करना सिखाया जाता था। मौलवी मुश्ताक उनसे कहता था कि भले ही कहीं से पैसे चुरा कर लाओ, पर लेकर आओ। उसके अनुसार मजार के एक कोने में ऐसी जगह है जहाँ कोई महिला चीखे भी तो किसी को सुनाई न दे। पीड़िता का यह भी दावा है कि उसने मजार पर ज्यादातर विधवा महिलाओं को जाते देखा है।

पहले प्यार से बात, फिर शुरू होता है डर का खेल

पीड़िता ने आरोपितों का एक बहुत बड़ा गैंग बताया है। उसने बताया कि आरोपित पहले हिन्दुओं की दुकानों या मकान आदि पर भाईचारे की बात कर के आते है और फिर उनको सब धर्म एक जैसा बता कर एकाध बार चादर चढ़ाने के लिए कहते हैं। बकौल पीड़िता जब कोई उनकी मजार पर थोड़े समय के लिए चला जाता है तब उसको आना बंद करने पर मरने और बीमार कर देने का भय दिखाया जाता है। पीड़िता ने ऑपइंडिया को एक वीडियो भी भेजा जिसमें वो मजार पर पुलिस लेकर पहुँची है। इस दौरान पीड़िता की दूसरे पक्ष से बहस भी हो रही थी।

देवी-देवताओं की पूजा करोगे तो हमें बता देंगे जिन्न

पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया कि मौलवी मुश्ताक और उसके बेटों द्वारा उन्हें जिन्नों का डर दिखाया जाता था। आरोपित कहते थे कि इस्लाम कबूल करने के बाद अगर पीड़िता के घर में कभी हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा हुई तो जिन्न सारी बात बता देंगे। साथ ही मौलवी ने अपने गुलाम जिन्नों को बहुत ताकतवर और किसी को भी बीमार करने या मार देने में सक्षम बताया था। दावा यह भी है कि आरोपित मर्दों से बात व्यवहार बना कर सीधे घर की महिलाओं तक पहुँच जाते हैं।

2015 में टाल दिया था पुलिस ने, योगी सरकार में हो रही सुनवाई

पीड़िता ने हमें बताया कि उसने इस मजार के खिलाफ साल 2015 में ही आवाज बुलंद की थी। तब पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दी थी और मजार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की माँग की थी। बकौल पीड़िता तब वो SP सिटी से मिली थीं जिन्होंने उसे थाना कर्नलगंज भेज दिया था। लेकिन कर्नलगंज के तत्कालीन प्रभारी ने आरोपितों पर कोई केस न बनने की बात कह कर पीड़िता को वापस लौटा दिया था।

पीड़िता का यह भी दावा है कि साल 2015 में कोई एक्शन न होने के बाद मौलवी मुश्ताक और उसके बेटों ने उन्हें धमकी दी थी कि पुलिस और प्रशासन उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकती। हालाँकि पीड़िता ने हमें आगे बताया कि अब योगी सरकार में उनकी सुनवाई हो रही है और पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़िता ने प्रशसन से सभी आरोपितों को जेल भेजने और कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की उम्मीद जताई।

लाल चौक पर तिरंगा लहराने के बाद से ही करणी सेना के अध्यक्ष को मिल रही थी धमकियाँ, हत्या की जाँच के लिए SIT: जयपुर आ सकती NIA भी

राजस्थान के जयपुर में मंगलवार (5 दिसंबर 2023) को ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जाँच के लिए राजस्थान पुलिस ने SIT का गठन किया है।

रिपोर्टों के अनुसार गोगामेड़ी को पाकिस्तान से भी जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके कारण केस NIA को सौंपे जाने की भी संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 अगस्त 2018 को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी करणी सेना के अन्य सदस्यों के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। यहाँ उन्होंने श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराया था।

बताया जा रहा है कि इसके बाद से उनको लगातार धमकियाँ दी जा रही थी। खुद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने पाकिस्तान से धमकियाँ मिलने की शिकायत प्रशासन से की थी। इसके चलते ही वे लंबे समय से पुलिस सुरक्षा की माँग कर रहे थे। इस बावत उन्होंने साल 2022 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

सुखदेव सिंह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो प्रशासन पर अपनी सुरक्षा को ले कर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे। वीडियो में वे कह रहे हैं कि प्रशासन यह तक जाँच नहीं करा रहा है कि उनको मिल रहीं धमकियाँ पाकिस्तान से हैं या किसी ने इंटरनेट कॉल के जरिए दी हिअ। इसी वीडियो में उन्होंने भारत के भी कुछ नंबरों से खुद को धमकियाँ मिलने की बात कही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी हत्या की जाँच NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) को दी जा सकती है। जल्द ही NIA के 4 सदस्यों की टीम के जयपुर पहुँचने की बात भी कही जा रही है।

भाजपा नेता राजेंद्र राठौर ने भी केंद्रीय गृहमंत्री को एक पत्र लिख कर मामले की जाँच NIA से कराए जाने की माँग की है। वहीं राजस्थान पुलिस ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड की जाँच के लिए SIT का गठन कर दिया है। इस विशेष जाँच दल का नेतृत्व जयपुर पुलिस के एडिशनल कमिश्नर कैलाश चंद विश्नोई कर रहे हैं।

इस मामले में 2 शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। एक मकराना का रोहित और दूसरा हरियाणा स्थित महेंद्रगढ़ का नितिन फौजी। नितिन फौजी भारतीय सेना में है। उसने ही करणी सेना के अध्यक्ष के सिर में गोली मारी थी। वो पंजाब के बठिंडा के जेल में बंद संपत नेहरा से संपर्क में था, जिसने इस हत्याकांड की साजिश रची।

संपत नेहरा को लॉरेंस बिश्नोई का ‘मैनेजर’ कहा जाता है। पहले वो राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी हुआ करता था, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के DAV कॉलेज में लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। गैंगस्टर रोहित गोदारा के गुर्गों से भी पूछताछ चल रही है, जिसने फेसबुक के माध्यम से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। राजस्थान में संपत नेहरा और रोहित गोदारा ने मिल कर कई वारदातों को अंजाम दिया है।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के लिए उनके ही पुराने गनर को माध्यम बना कर बदमाश उनके घर में घुसे थे। एक डील का लालच दिया गया था। बातचीत के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल किया गया था।