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ताज की परवाह नहीं, तलवार को देते हैं तरजीह: रवींद्र जडेजा की MLA पत्नी की फोटो हुई वायरल, नेटीजन्स बोले- ये है सच्चा सनातनी जोड़ा

भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी ने हाल में सोशल मीडिया पर अपने पति के साथ एक फोटो डाली। इस फोटो में रिवाबा के बगल में उनके पति और हाथ में तलवार है। भारतीय परिधान में रिवाबा का यह लुक देखकर नेटीजन्स खुश हो गए। कमेंट सेक्शन में उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। इनमें से कुछ लोग इस जोड़े को सनातनी जोड़ा होने का उत्तम उदाहरण भी बता रहे हैं।

रिवाबा ने अपनी तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “कभी ताज की परवाह नहीं की, हमेशा तलवार को तरजीह दी।” इस फोटो को रिवाबा ने अपने इंस्टाग्राम अकॉउंट, एक्स अकॉउंट और फेसबुक अकॉउंट सबपर शेयर किया है।

कमेंट में लोगों ने ज्यादातर ‘जय राजपूताना, जय भवानी, जय पृथ्वीराज चौहान’ नाम से कमेंट किया।

कुछ ने उन्हें सनातनी होने का सबसे उत्तम उदाहरण बताया। तो एक ने लिखा- शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान अगर हर हिंदू को हो जाए तो देश हिंदू राष्ट्र बन जाएगा।

बता दें कि रवींद्र जडेजा की ‘तलवारबाजी’ वाले अंदाज की कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। जब भी मैच में वो बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो वो तलवार की तरह बैट को घुमाकर अपनी खुशी जाहिर करते रहते हैं। रिवाबा की फोटो पर भी लोग उनके उसी अंदाज को याद कर रहे हैं।

हालाँकि कुछ लोग हैं जो यहाँ भी घृणा दिखाने आ गए और फोटो को सीधे वर्ल्ड कप से जोड़ दिया। जैसे एक यूजर ने लिखा- भाई रवीन्द्र थोड़ा आईपीएल जैसा वर्ल्ड कप फाइनल में खेल लेता तो शायद देश का नाम हो जाता।

एक एरिसटल नाम के एक्स अकॉउंट से कहा गया, तलवार कहाँ चलाओगे, चुप-चाप काम कर लो। वर्ल्ड कप में तो खेला नहीं गया।

बर्थडे मनाने दुबई जाना चाहती थी, पति के मना करने पर मारी घूँसा… टूट गए नाक और दाँत, हुई मौत: पत्नी पुणे से गिरफ्तार

अपनी पत्नी को घुमाने के लिए दुबई नहीं ले जाना एक व्यक्ति के लिए काल साबित हो गया। इससे नाराज पत्नी ने पति के चेहरे पर इतनी जोर से घूँसा मारा कि ना सिर्फ उसकी नाक और दाँत टूट गए, बल्कि वह व्यक्ति खून फेंककर मौत की मुँह में समा गया। पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मामला महाराष्ट्र के पुणे का है। घटना शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को पुणे के वनावडी इलाके में स्थित एक पॉश आवासीय सोसायटी में स्थित अपार्टमेंट में हुई। दरअसल, पत्नी अपना जन्मदिन मनाने के लिए दुबई जाना चाहती थी, लेकिन पति ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद गुस्से में आकर पत्नी ने पति के चेहरे पर मुक्का मार दिया।

मृतक की पहचान निर्माण उद्योग के व्यवसायी निखिल खन्ना के रूप में हुई है। 36 वर्षीय निखिल ने 6 साल पहले 38 साल साल की रेणुका से प्रेम विवाह किया था। रेणुका जन्मदिन मनाने के लिए दुबई नहीं ले जाने और जन्मदिन एवं शादी की सालगिरह पर महंगे गिफ्ट नहीं देने से वह नाराज थी।

वनावडी पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, “प्राथमिक जाँच में पता चला है कि दंपति के बीच झगड़ा हुआ था। रेणुका कुछ रिश्तेदारों का जन्मदिन मनाने के लिए दिल्ली जाना चाहती थी। इसके लिए भी निखिल तैयार नहीं थे। इसलिए भी रेणुका अपने पति से काफी नाराज थी।”

पुलिस ने आगे बताया कि लड़ाई के दौरान रेणुका ने निखिल के चेहरे पर मुक्का मारा। मुक्का इतना जोरदार था कि निखिल की नाक और कुछ दांत टूट गए। काफी खून बहने के कारण निखिल बेहोश हो गए। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से ही निखिल की मौत हो गई। हालाँकि, पोस्‍टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण सामने आएगा।

इस घटना के बाद वनावडी पुलिस ने रेणुका के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जाँच और पूछताछ के लिए पुलिस ने रेणुका को गिरफ्तार कर लिया है।

‘आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में हम दुनिया में किसी से कम नहीं’: PM मोदी ने स्वदेशी ‘तेजस’ में भरी उड़ान, HAL की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का किया निरीक्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में उड़ान भरी है। उन्होंने इस दौरान भारतीय वायुसेना के लिए विमान और इसके उपकरण बनाने वाले ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)’ के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भी दौरा किया। HAL फ़िलहाल जैगुआर (अपग्रेड के साथ), मिराज (अपग्रेड के साथ), किरण, HS-748, AN-32 और MiG 21 जैसे विमानों के लिए ‘द रिपेयर ओवरहॉल (ROH)’ प्रोग्राम चला रहा है। पीएम मोदी ने बेंगलुरु में HAL की उस फैसिलिटी का भी निरीक्षण किया जहाँ ‘तेजस’ का निर्माण किया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (25 नवंबर, 2023) को ‘तेजस’ में उड़ान भरी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारी मेहनत और लगन के कारण हम आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में विश्व में किसी से कम नहीं हैं। उनका ये दौरा उस दिन हो रहा है, जब राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। उधर ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मैच में भारत की हार के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी उन पर हमलावर है और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी भी उन्हें ‘पनौती’ बता कर आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं।

भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के क्रम में मोदी सरकार रक्षा के क्षेत्र में भी स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहित कर रही है। ‘तेजस’ एक हल्का लड़ाकू विमान है जिसे खरीदने के लिए कई देशों ने रुचि दिखाई है। अमेरिकी दिग्गज रक्षा कंपनी ‘GE Aerospace’ के साथ मिल कर HAL ने Mk-II-Tejas बनाने के लिए भी करार दिया है। पीएम मोदी ने अमेरिका दौरे में इस करार को फाइनल किया गया था। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया था कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 2022-23 में 15,290 करोड़ रुपए रहा

पीएम मोदी ने इस उड़ान की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “‘तेजस’ में सॉर्टी (उड़ान) सफलतापूर्वक पूरा किया। मेरा अनुभव एकदम समृद्ध रहा, जिसने हमारे देश की स्वदेशी क्षमताओं में मेरा मेरे विश्वास को और मजबूत करने का कार्य किया है। इसने साथ ही मेरे देश की क्षमताओं को लेकर मुझे गौरव और आशा की एक नई भावना से भर दिया।” प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना, DRDO और HAL के साथ ही समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी।

इस्लाम कबूलो, बीमारी ठीक होगी: हिंदू महिला सहित पूरा परिवार बना मुस्लिम, हज से लौट झाड़फूँक के बहाने मौलवी सरफराज जुटा धर्मान्तरण में

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मौलवी पर हिन्दू महिला को इस्लाम कबूल करवाने का आरोप लगा है। पीड़िता का नाम मीनू है, जिसके परिवार के बाकी सदस्यों पर भी दबाव बनाकर उन्हें मुस्लिम बना दिया गया था। महिला के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को पुलिस ने आरोपित मौलवी को गिरफ्तार कर लिया। मौलवी का नाम सरफराज है, जो पहले भी धोखाधड़ी जैसे केस में नामजद है। पुलिस मामले में जाँच और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक यह मामला थानाक्षेत्र नंदग्राम का है। यहाँ के आश्रम रोड निवासी अक्षय 23 नवंबर 2023 (गुरुवार) को थाने पहुँचे। उन्होंने पुलिस में मौलवी सरफराज के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में अक्षय ने बताया कि उनकी माँ साल 2017 में शारीरिक और मानसिक तौर पर काफी परेशान थीं। इस बीच उन्हें किसी ने झाड़फूँक के लिए मौलवी सरफराज के बारे में बताया।

शिकायत में पीड़ित ने आगे बताया कि लोगों की बातों पर विश्वास करके वो सरफराज के पास गए। शुरुआत में मौलवी ने झाड़फूँक की लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ। तब उसने पीड़ित परिवार को बताया कि जब तक वो हिन्दू धर्म में रहेंगे, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी।

जल्द फायदे के लिए सरफराज ने अक्षय के परिवार को इस्लाम कबूलने की सलाह दी। अक्षय और उनके परिवार ने मौलवी की बातों में आकर घर के मंदिर से देवी-देवताओं की तस्वीरों को हटा दिया और तमाम काम इस्लामी तौर-तरीके से करने लगे।

मौलवी के बरगलाने पर अक्षय के परिवार वाले अपने नाबालिग बच्चों को भी इस्लामी तौर-तरीके सिखाने लगे थे। शिकायत में दावा किया गया है कि मौलवी सरफराज ने अपने पास आने वाले अन्य लोगों को भी अपना धर्म त्याग कर इस्लाम कबूल करने के लिए कहता है। ऐसा करने पर वो सभी मुसीबतों को दूर करने का झाँसा देता है।

पुलिस ने इस मामले की FIR दर्ज करते हुए आरोपित मौलवी की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार 24 नवंबर को सरफराज को गाजियाबाद से ही दबोच लिया गया। लगभग 36 वर्षीय मौलवी सरफराज के अब्बा का नाम शमशाद अली है, जो गाजियाबाद के ही बापूधाम इलाके का रहने वाला है।

पुलिस से पूछताछ में मौलवी सरफराज ने बताया कि कई वर्षों पहले उसने हज किया था। वहाँ से लौटने के बाद वो झाड़फूँक के काम में लग गया। खुद को झाड़फूँक के काम में 8 साल से बताते हुए सरफराज ने पुलिस के आगे कबूल किया कि वो इलाज के नाम पर अन्य धर्म के लोगों को इस्लाम कबूल करने के लिए उकसाया करता है।

ACP नंदग्राम के मुताबिक आरोपित इससे पहले भी धाना मधुबन से धोखाधड़ी के एक मामले में नामजद है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई कर रही है।

‘मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएँ बांग्लादेशी घुसपैठिए, जाकिर भाई से जाकर मिलें’: TMC नेता का वीडियो वायरल, BJP ने कार्रवाई की माँग की

भारत में आगामी लोकसभा चुनावों से पहले तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक नेता के बयान ने विवाद पैदा कर दिया है। टीएमसी नेता रत्ना बिस्वास ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की मतदाता सूची में बांग्लादेशियों को शामिल करने की बात कही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में टीएमसी नेता एवं पूर्व पंचायत प्रधान रत्ना कह रही हैं, “इस क्षेत्र में कई बांग्लादेशी रहते हैं। जो लोग बांग्लादेश से यहाँ आए हैं और उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने में दिक्कत आती है तो उन्हें जाकिर भाई से संपर्क करना चाहिए। ऐसे सभी लोगों को इस कार्यालय से संपर्क करना चाहिए… यह काम तेजी से किया जाना चाहिए।”

यह वीडियो वायरल होने के बाद विवाद हो गया है। विवाद के बाद स्थानीय पंचायत समिति के पूर्व अध्यक्ष जाकिर हुसैन ने दावा किया, “रत्ना बिस्वास का यह मतलब नहीं था। मेरे क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश लोग 1960-65 से पहले यहाँ आए थे। 1990 के बाद कई लोगों को मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इनके नाम पहले मतदाता सूची में थे।”

जाकिर हुसैन ने आगे कहा, “दरअसल उन्होंने (रत्ना बिस्वास ने) इन्हीं लोगों की मदद करने की बात कही है। हम निश्चित रूप से आम लोगों को मतदाता सूची में सुधार सहित सेवाएँ निःशुल्क प्रदान करते हैं और यह सब कानून के अनुसार किया जाता है। उन्होंने गलत तरीके से उन सभी को बांग्लादेशी बताया है।”

मतदाता सूची में बांग्लादेशियों के नाम जोड़ने की कोशिश पर भाजपा ने तृणमूल कॉन्ग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस पहले से ही ऐसे मतदाता पहचान पत्र बनाने का काम कर रही है। घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाते हैं।” उन्होंने इस मामले की जाँच की माँग की है।

बता दें कि पिछले साल मई में पता चला कि बनगाँव दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद अलो रानी सरकार बांग्लादेश की नागरिक हैं। यह खुलासे तब हुए जब उन्होंने चुनाव परिणाम और उक्त निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा नेता स्वपन मजूमदार की जीत को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी। याचिका पर न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी ने सुनवाई की।

इस पर कोर्ट ने कहा था कि नामांकन दाखिल करने की तारीख, चुनाव की तारीख और परिणाम की घोषणा की तारीख पर अलो रानी सरकार बांग्लादेश की नागरिक थीं। कोर्ट ने आगे कहा, “याचिकाकर्ता के स्वयं के दस्तावेज़ को देखने से पता चलता है कि याचिकाकर्ता को 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ने का कोई अधिकार नहीं था।”

मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा था, “चूँकि वह भारत की नागरिक नहीं हैं, इसलिए वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 के साथ पढ़े गए संविधान के अनुच्छेद 173 के संदर्भ में किसी राज्य की विधायिका में चुने जाने के योग्य नहीं होगी।” लो रानी ने दावा किया था कि बांग्लादेश में उनके पति के पैतृक स्थान के वोटर लिस्ट में गलत तरीके से उनका नाम शामिल हो गया था।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा था कि टीएमसी नेता अलो रानी सरकार की शादी 1980 के दशक में बांग्लादेश के नागरिक हरेंद्र नाथ सरकार से हुई थी, जिसके बाद वो कुछ वक्त के लिए बांग्लादेश गई थीं। हालाँकि, जब पति से नहीं बनी तो वो फिर से भारत चली आईं। अपने हलफनामे में अलो रानी ने 5 नवंबर 2020 को वोटर लिस्ट और बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईसी) से अपना नाम कैंसिल कराने के लिए अप्लाई किया था। 29 जून 2021 को वरिष्ठ जिला चुनाव अधिकारी (बरिसाल) ने बांग्लादेश की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाने की सिफारिश की थी।

उल्लेखनीय है कि आलो रानी सरकार ने 31 मार्च 2021 को बनगाँव दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था। इसके लिए मतदान 22 अप्रैल 2021 को हुआ था और 2 मई को इसके रिजल्ट आए। चुनाव के दौरान टीएमसी की नेता बांग्लादेशी नागरिक थीं। भारत में दोहरी नागरिकता वाले लोग चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। अ

पाकिस्तान में मीरा स्कूल की स्थापना, जीवन प्रभु को समर्पित: जानें कौन थे साधु वासवानी, जिनके लिए योगी सरकार ने घोषित किया ‘नो नॉन-वेज डे’

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 25 नवंबर को ‘नो नॉन-वेज डे’ की घोषणा की है। यानी आज के दिन प्रदेश में कहीं नॉन वेज नहीं बिकेगा। हर माँस की दुकानें और बूचड़खाने बंद रहेंगे। सरकार ने यह फैसला साधु टीएल वासवानी की जयंती को देखकर लिया। जिसके बाद विशेष सचिव धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया।

अब इस फैसले से कुछ लोग बहुत परेशान हैं। शायद जानना भी चाहते हों कि आखिर साधु टीएल वासवानी कौन हैं जिनकी वजह से पूरे प्रदेश में नॉन वेज पर रोक लगा दी गई। तो आइए थोड़ा साधु टीएल वासवानी के बारे में जानते हैं…

कौन थे साधु टीएल वासवानी

साधु टीएल वासवानी का पूरा नाम साधु थानवरदास लीलाराम वासवानी था। वह एक शिक्षाविद् थे। उनका जन्म पाकिस्तान के सिंध में हुआ था। उन्होंने दसवीं पास करके 1899 में बम्बई विश्वविद्यालय से बीए किया और 1902 में वहीं से एमए करके जीवन प्रभु सेवा को समर्पित कर दिया।

इसके बाद उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में मीरा आंदोलन की शुरुआत की। साथ ही पाकिस्तान के हैदराबाद में सेंट मीरा स्कूल की स्थापना की। मगर, विभाजन के बाद वह पुणे चले आए। बाद में उनके जीवन और शिक्षण को समर्पित एक संग्रहालय, दर्शन संग्रहालय को दिया।

हालाँकि उनकी माँ की इच्छा थी कि बेटा सफल हो इसलिए उन्होंने माँ की बात रखने के लिए कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन कॉलेज में इतिहास और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में एक पद स्वीकार कर लिया। लेकिन गृहस्थ जीवन में वह कभी नहीं बसे। कई समय तक मेट्रोपॉलिटन कॉलेज में इतिहास और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में एक पद स्वीकार किया।

1910 में वह गुरु प्रोमोथोलाल सेन के साथ मुंबई से बर्लिन गए। वहाँ उन्होंने विश्व धर्म कॉन्ग्रेस में भारत के प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलनस शांति और भारत की मदद का संदेश दिया। उनके जीवन को समर्पित दर्शन संग्रहालय 2011 में पुणे में खोला गया।

नो नॉन-वेज डे क्यों?

साधु टीएल वासवानी चूँकि अपने शाकाहारी जीवन की हमेशा वकालत करते थे इसलिए ‘साधु वासवानी मिशन’ के जरिए 25 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय माँस रहित दिवस मनाया जाने लगा। अब इसी आधार पर इस पर योगी सरकार ने भी राज्य में 25 नवंबर को नो नॉन वेज डे की घोषणा की है।

B.Tech वाले लारेब हाशमी ने बस कंडक्टर का गला काटा: वीडियो वायरल, कहा – ‘इंशाअल्लाह मार देंगे… हुकूमत मोदी-योगी की लेकिन राज सिर्फ मुस्तफा का’

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बी-टेक के एक छात्र ने इंजीनियरिंग कॉलेज के बस कंडक्टर की गर्दन धारदार हथियार से काट दी है। आरोपित छात्र का नाम लारेब हाशमी है, जिसे पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। हाशमी के पैर में पुलिस की गोली लगी है।

अपना वीडियो वायरल करके लारेब हाशमी ने कंडक्टर हरकेश विश्वकर्मा पर हमले की वजह उनके द्वारा किया गया इस्लाम का अपमान बताया है। हालाँकि बस ड्राइवर इसे किराए को लेकर हुआ विवाद बता रहे हैं। गंभीर रूप से घायल हरकेश का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना शुक्रवार (24 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला प्रयागराज जिले के यमुना पार इलाके में थाना औद्योगिक क्षेत्र का है। शुक्रवार को सिविल लाइंस इलाके से एक इलेक्ट्रिक बस सवारी के साथ करछना की तरफ निकली। इस बस को ड्राइवर मंगला प्रसाद यादव चला रहे थे जबकि कंडक्टर के तौर पर 24 वर्षीय हरकेश विश्वकर्मा मौजूद थे। इसी बस में यूनिटेड इंजीनिरिंग कॉलेज में बी-टेक फर्स्ट ईयर का 20 वर्षीय छात्र लारेब हाश्मी भी सवार हुआ। बस चलने के थोड़े समय बाद कंडक्टर ने हाशमी से भाड़ा माँगा। ड्राइवर मंगला प्रसाद के मुताबिक किराया कम ज्यादा-होने के मुद्दे पर हाशमी और कंडक्टर में विवाद हो गया।

कुछ ही समय की बहस के बाद जब बस लारेब हाशमी के कॉलेज गेट पर पहुँची, तब उसने अपने बैग में छिपा हुआ चापड़ (धारधार हथियार) निकाल लिया। उसने सबके आगे ही कंडक्टर हरकेश पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले के दौरान खासतौर पर कंडक्टर की गर्दन को निशाना बनाया गया।

अचानक हुए इस हमले से बाकी सवारियाँ दहशत में आ गईं। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले आरोपित अपने कॉलेज के गेट से अंदर घुस गया। बस कंडक्टर मंगला प्रसाद ने कुछ सहयोगियों के साथ हरकेश को अस्पताल में भर्ती करवाया।

फिलहाल हरकेश की हालत गंभीर है। उनका इलाज स्वरूप रानी अस्पताल प्रयागराज में चल रहा है। वहीं मामले की सूचना पर पुलिस ने हमलावर की तलाश शुरू की। उसे चांडी बंदरगाह के पास गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में चापड़ बरामद करने के लिए उसे ले जाने के दौरान उसने छिपा कर रखी एक बंदूक से पुलिस पर हमला किया।

सतकर्ता की वजह से इस हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। आरोपित को काबू करने के लिए आत्मरक्षा में चली गोली लारेब के पैर में लगी और वो घायल हो गया। फ़िलहाल लारेब का इलाज भी अस्पताल में करवाया जा रहा है।

वायरल वीडियो में बताया इस्लाम का अपमान

इस घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो आरोपित लारेब हाशमी का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में आरोपित इस्लामी वेशभूषा में दिख रहा है और अपने द्वारा किए गए हमले की वजह इस्लाम का अपमान बता रहा है।

वीडियो की शुरुआत में हाशमी ने कहा, “अस्सलाम वाले कुम रहमतुल्लाह बरकात हु। वो मुसलमानों को गाली दे रहा था। हजरत ए खालिद बिन वलीद रज़ी अल्लाह ताला अन्हु की बरकत से मैंने उस हरामजादे को मारा है। इंशाअल्लाह वो बचेगा नहीं। इंशाअल्लाह वो मरेगा।”

इसी वीडियो में आरोपित ने आगे कहा, “यहाँ से फनाज तक, पूरी दुनिया तक ये गरीब नवाज की दर का कुत्ता पैगाम दे रहा कि जिसने हुजूर के खिलाफ बात की है, लब्बैक या रसूलअल्लाह हम जिएँगे आपके लिए, मरेंगे आपके लिए। इंशाअल्लाह मार देंगे। तो ये रसम है कि हुकूमत मोदी की है योगी की है, नहीं हमारे दिलों पर राज सिर्फ मुस्तफा का चलता है। इंशाअल्लाह अंतरिम मारेंगे।”

इसी के साथ हमलावर कई बार लब्बैक का नारा लगाता है। वो बाकी मुस्लिमों से जान और माल हुजूर के लिए कुर्बान करने की भी अपील करता है। वीडियो के अंत में आरोपित अल्लाह हु अकबर के नारे लगाते हुए पंजाबी भाषा में बोलता है। हालाँकि ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। DCP यमुनापार के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है। लारेब मूलतः प्रयागराज के ही सोराँव इलाके का रहने वाला है। उसका अब्बा मुर्गी बेचता है।

राजस्थान विधानसभा में ‘भूतों का साया’: श्मशान और बच्चों के कब्रिस्तान का है कनेक्शन, नहीं बैठ सके 200 MLA कभी भी एक साथ

राजस्थान की विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, लेकिन इस बार भी सिर्फ 199 सीटों पर ही मतदान हो रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि श्रीगंगानगर जिले के करणपुर विधानसभा सीट से विधायक और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया है। इस कारण से चुनाव आयोग ने इस सीट पर मतदान को फिलहाल को स्थगित कर दिया गया है।

गुरमीत सिंह 75 साल के थे। उन्हें 12 नवंबर 2023 को दिल्ली के AIIMS के जेरिएट्रिक मेडिसिन वॉर्ड में भर्ती कराया गया था। उनका सेप्टिक शॉक और गुर्दे की बीमारी के साथ सेप्सिस से मौत हो गई। वे हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित थे। गुरमीत सिंह की मौत के बाद अब करणपुर विधानसभा सीट पर बाद में मतदान होगा। इसका निर्णय चुनाव आयोग लेगा।

यह पहली बार नहीं है कि 199 सीटों पर ही मतदान हो रहा है। इससे पहले साल 2018 में रामगढ़ के बासपा प्रत्याशी लक्ष्मण का निधन हो गया था। इसके बाद पहले इस विधानसभा सीट पर मतदान नहीं हुआ था। इसी तरह से साल 2013 में चुरू से बसपा प्रत्याशी जगदीश मेघवाल का निधन हो गया था। इस कारण इस सीट पर मतदान नहीं हुआ था।

इसे संयोग कहें या कुछ और, लेकिन हकीकत यही है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव का इतिहास रहा है कि यहाँ कभी भी सभी 200 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव नहीं हुए हैं। किसी न किसी प्रत्याशी की मौत के कारण एक ना एक सीट पर मतदान को स्थगित करना ही पड़ा है।

इस प्रथा को लेकर लोगों का एक अलग तर्क है। प्रगतिशील इसे अंधविश्वास से जोड़ सकते हैं। वहीं, परंपरा में विश्वास करने वाले इसके दूसरा तर्क दे सकते हैं। विधानसभा चुनाव में मतदान से पहले किसी न किसी प्रत्याशी की मौत की पीछे लोग राजस्थान के नए विधानसभा भवन को शापित होने की बात कहते हैं।

नए विधानसभा भवन के शापित होने की बात प्रदेश के कई विधायक भी कह चुके हैं। राजस्थान विधानसभा का नया भवन साल 2001 में बना था। इसके बाद से नए भवन 200 विधायक एक साथ कभी नहीं हो पाए। विधायक रहते हुए कई नेताओं की मौत भी हो गई है। पिछले साल विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन के बाद भी यह बात उठी थी।

शर्मा के निधन के बाद पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान ने कहा था कि राजस्थान विधानसभा का नया भवन ‘शापित’ है और इसमें भूतों का साया है। उन्होंने इस विधानसभा भवन में पूजा-पाठ करने की माँग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन किसानों की जमीन पर यह भवन बना है, उन्हें ​मुआवजा नहीं दिया गया है। किसानों को जब तक मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक भवन में 200 विधायकों की संख्या पूरी नहीं होगी।

हबीबुर्रहमान ने कहा था, “विधानसभा की बिल्डिंग में कोई न कोई ऐसी आत्मा बैठी है, जिसे यह लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है। इसीलिए यहाँ कभी सभी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठ सके। विधानसभा भवन में अनुष्ठान करवाया जाना चाहिए। जो भी आत्मा है, उसकी संतुष्टि के लिए उपाय करना चाहिए।”

इस पूर्व विधायक ने पिछले साल कहा था, “जब हरिशंकर भाभड़ा पुरानी विधानसभा में स्पीकर थे, तब विधानसभा की इस नई बिल्डिंग बनाने के लिए डेलिगेशन ने दौरा किया था। उस डेलिगेशन में मैं भी था। विधानसभा की इस जमीन पर एक तरफ नगर निगम कचरा डालता था। एक तरफ श्मशान था। दूसरी तरफ बच्चों का कब्रिस्तान। एक तरफ लोग खेती करते थे, एक कुंआ भी था।”

हबीबुर्रहमान ने आगे दावा किया था, जब यह जमीन अधिग्रहित की गई थी, उस समय किसानों से मुआवजे का वादा किया गया होगा। जिन किसानों से जमीन ली गई, उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया गया। उस वक्त हमारे पास कई बुजुर्ग लोग आए थे। बिना मुआवजे के कई लोगों की मौत हो चुकी है।”

उन्होंने कहा था कि यहाँ पर किसी की तो बद्दुआ है। जब विधानसभा भवन बन रहा था, तब निर्माणाधीन भवन की लिफ्ट में गिरने से भी कुछ मजूदरों की मौत हुई थी। बता दें कि मौजूदा कॉन्ग्रेस नेता हबीबुर्रहमान उस वक्त भाजपा से विधायक थे। उन्होंने कहा था कि भवन में पूजा-पाठ करवाया जाना चाहिए और किसानों को मुआवजा देना चाहिए।

तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में भी इस भवन में पूजा पाठ करवाने की माँग उठी थी। फरवरी 2018 में बजट सत्र के दौरान तत्कालीन सरकार के मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने विधानसभा भवन में पूजा-पाठ करवाने की माँग की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नए विधानसभा भवन में कभी भी 200 विधायक साथ नहीं बैठे हैं। कभी किसी विधायक की मृत्यु हो गई तो कभी किसी को जेल जाना पड़ा। कभी ऐसा भी हुआ है कि कोई विधायक संसद सदस्य चुन लिया गया तो कभी किसी विधायक को राज्यपाल बनाकर भेज दिया गया।

दरअसल, राजस्थान विधानसभा के नए भवन का निर्माण साल 1994 में शुरू हुआ था और मार्च 2001 में बनकर तैयार हुआ था। इस भवन को राजधानी जयपुर में लालकोठी के पास 16.96 एकड़ भूमि पर बनाया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस विधानसभा भवन में एक साथ 260 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

साल 2001 में जब इस भवन का उद्घाटन किया जाना था, तब भी अपशगुन हुआ था। 25 फरवरी 2001 को तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायण को इस भवन का उद्घाटन करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उद्घाटन समारोह से ठीक पहले ही राष्ट्रपति बीमार पड़ गए। इस कारण वे उद्घाटन नहीं आ सके और बिना उद्घाटन के लिए नया भवन शुरू हो गया। 

कहा जाता है कि विधानसभा भवन के पास ही एक श्मशान स्थल है। इस श्मशान घाट को लेकर भी लोग भवन पर सवाल उठाते रहे रहे हैं। दूसरी बात भवन की जमीन को लेकर है। कहा जाता है कि जिन किसानों की जमीन लेकर यह भवन बना है, उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया गया। इस कारण कई किसानों की जीविका हमेशा के लिए छिन गई थी।

खैर, जो भी हो लेकिन सच्चाई यही है कि राजस्थान के इस नए विधानसभा भवन में कभी भी सभी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठे। इसके साथ ही पिछले 15 सालों से कभी भी सभी 200 सीटों पर एक साथ मतदान नहीं हो पाया है।

कोरोना के बाद चीन में फैली ‘निमोनिया’ बीमारी, 1 दिन में 7000+ केस: WHO ने रिपोर्ट माँगी, अलर्ट हुई भारत सरकार

कोरोना महामारी के बाद चाइना में फैल रहे H9N2 श्रेणी के निमोनिया वायरस के बारे में सुनकर एक बार फिर दुनिया के अलग-अलग देशों में डर बैठ गया है। 2 दिन पहले ही खबर आई थी कि 24 घंटे में वहाँ इस बीमारी से पीड़ित 13 हजार संदिग्ध मिले और अब भी वहाँ की हालत खराब ही है एक दिन में 7000 से ज्यादा केस आ रहे हैं। अस्पतालों में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहाँ की स्थिति देखते हुए डॉक्टरों ने भारतीयों को सचेत करना शुरू कर दिया है।

बच्चों को बचाएँ

NDTV रिपोर्ट के अनुसार, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ अजय शुक्ला ने बताया कि चीन में फैली बीमारी से पीड़ित अभी भारत में कोई बच्चा नहीं है। हालाँकि वह लोगों से अपील करते हैं कि सांस संबंधी बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए साफ-सफाई पर ध्यान दें।

डॉक्टर शुक्ला ने कहा, “मैं बस लोगों को सावधान रहने की सलाह दूँगा। साफ-सफाई रखें और यदि आपको लगता है कि कोई है, जिसे यह साँस संबंधी बीमारी या संक्रमण है, क्योंकि इनमें से बहुत से मामले वायरल हैं और वे दूसरे इसकी चपेट में आ सकते हैं, तो दूसरों से दूरी बनाए रखने का प्रयास करें।”

डॉक्टरों का कहना है कि साँस संबंधी बीमारी से बचने के लिए आपको N95 और N99 मास्क का उपयोग करना चाहिए। साथ ही समय-समय पर अपने हाथ धोएँ और सुरक्षित, स्वस्थ व्यवहार बनाए रखें। इसी तरह डॉक्टरों का बच्चों को लेकर सलाह है कि अगर बच्चे स्कूल जा रहे हैं, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें खाँसी, जुकाम, बुखार या अन्य कोई लक्षण तो नहीं है? उनसे बात करें और पूछें कि क्या उनकी कक्षा में कोई बच्चा इस बीमारी से पीड़ित है? यदि ऐसा होता है, तो स्कूल टीचर को इसके बारे में सूचित करें और यदि आपका बच्चा बीमार है तो उसे स्कूल न भेजें।

भारत बीमारी से निपटने के लिए तैयार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस विषय पर बैठक कर कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय उत्तरी चीन में बच्चों में एच9एन2 मामलों के फैलने और श्वसन संबंधी बीमारियों के समूहों पर बारीकी से नजर रख रहा है। मंत्रालय ने इस बीमारी के बारे में बताने के साथ यह भी कहा था कि भारत मौजूदा स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार है।

WHO की चिंता

बता दें कि चीन में फैल रही ये रहस्यमयी बीमारी ने WHO की चिंता को भी बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) चीन पर इसके प्रकोप पर अधिक विवरण प्रदान करने और अप्रत्याशित वृद्धि के परिणामस्वरूप बेहतर प्रतिक्रिया तंत्र की तलाश करने के लिए दबाव डाल रहा है।

चीन ने अक्टूबर में दी थी वायरस की जानकारी

इस बीमारी के बारे में चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने 13 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना दी थी। बताया गया कि कुछ समय से साँस लेने संबंधी बीमारियों, विशेष रूप से इनफ्लूएँजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया, छोटे बच्चों को प्रभावित करने वाला एक सामान्य जीवाणु संक्रमण और श्वसन सिंकाइटियल वायरस में वृद्धि देखी जा रही है। इसके बाद धीरे-धीरे इस बीमारी पर खबरें आने लगीं। चाइना के नेशनल रेडियो ने भी बताया कि कि बीजिंग चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल में प्रतिदिन औसतन 7,000 मरीज भर्ती होते हैं, जो अस्पताल की क्षमता से अधिक है।

राजस्थान में 199 सीटों पर मतदान जारी, 1862 उम्मीदवारों का भाग्य तय करेंगे 5.25 करोड़ मतदाता: PM मोदी ने की अधिकतम वोटिंग की अपील

200 सीटों वाली राजस्थान की विधानसभा चुनाव के लिए आज शनिवार (25 नवंबर 2023) को मतदान शुरू हो गया है। हालाँकि, मतदान सिर्फ 199 सीटों पर ही हो रहा है। इस चुनाव में भाजपा और राज्य में सत्ताधारी कॉन्ग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए आज वोट डाले जाएँगे। सभी मतदाताओं से मेरा निवेदन है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर वोटिंग का नया रिकॉर्ड बनाएँ। इस अवसर पर पहली बार वोट देने जा रहे राज्य के सभी युवा साथियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएँ।”

मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, जो शाम को 6 बजे तक जारी रहेगा। इसके नतीजे 3 दिसंबर 2023 को घोषित होंगे। उधर, राज्य के मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता अशोक गहलोत ने उनकी सरकार ने पिछले पाँच सालों में जो विकास किया है और जनता को गारंटियाँ दी हैं, उसको देखते हुए मतदाता कॉन्ग्रेस को फिर से चुनेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार राजस्थान में पाँच में सत्ता बदलने का रिवाज टूटेगा।

राजस्थान में कुल 1862 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 5,25,38,105 मतदाता कर रहे हैं। इन मतदाताओं में 18-30 आयु वर्ग के 1,70,99,334 मतदाता हैं। वहीं, 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 22,61,008 है, जो इस बार नए मतदाता के रूप में जुड़े हैं। राज्य में कुल 36,101 स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 10,501 मतदान केंद्र शहरी इलाकों में और 41,006 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में बनाए गए हैं।

बता दें कि राजस्थान की विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। श्रीगंगानगर की करणपुर सीट पर कॉन्ग्रेस प्रत्याशी एवं मौजूदा विधायक गुरमीत सिंह कूनर का निधन हो गया है। इस कारण से इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया है। इस कारण शनिवार को सिर्फ 199 सीटों पर मतदान हो रहे हैं। दरअसल, राजस्थान में चुनाव के दौरान किसी न किसी प्रत्याशी की मौत हो जाती है। यही कारण है कि हर बार एक सीट पर देर से चुनाव होता है।