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मुस्लिम आरक्षण संविधान विरोधी…इसे खत्म कर देंगे: तेलंगाना में गृहमंत्री अमित शाह और CM योगी ने भरी हुंकार, कहा- पिछड़े वर्ग को रिजर्वेशन देंगे

तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ‘मिशन तेलंगाना’ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुस्लिम आरक्षण’ पर अपना रुख साफ कर दिया है। शुक्रवार (24 नवंबर,2023) को चुनावी प्रचार करने पहुँचे गृहमंत्री शाह ने कहा कि अगर बीजेपी यहाँ सत्ता में आई तो वो मुस्लिम आरक्षण खत्म कर देगी। वहीं शनिवार (25 नवंबर,2023) को वहाँ पहुँचे सीएम योगी ने कुमुरम भीम आसिफाबाद की रैली में कहा कि मुस्लिम आरक्षण संविधान विरोधी है। किसी भी स्थिति में इसे लागू नहीं होने देना चाहिए।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री शाह ने शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को निजामाबाद में चुनावी जनसभा की। इसके बाद उन्होंने चुनावी राज्य तेलंगाना में रोड शो किए। इस दौरान एक रोड शो में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता शाह ने कहा, “हमने बहुत सारे वादे किए हैं। उनमें से एक ये है कि सीएम पिछड़ा वर्ग से बनाया जाएगा। हम मुस्लिम आरक्षण खत्म कर एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण देंगे। हमने मडिगा समुदाय को शीर्ष आरक्षण का भी वादा किया है।”

उन्होंने आगे कहा, ”हमने राज्य की गरीब महिलाओं को एक साल में चार गैस सिलेंडर मुफ्त देने का भी वादा किया है। जितना भी भ्रष्टाचार हुआ है उस पर हम एक जाँच आयोग बिठाएँगे और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा देंगे।”

वहीं, शनिवार (25 नवंबर 2023) को सीएम योगी ने कुमुरम भीम आसिफाबाद और वेमुलावाड़ा में बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में की गई रैली में कहा कि भाजपा मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने और इस चार फीसदी आरक्षण को एससी/एसटी और ओबीसी वर्गों के कल्याण के लिए देने के लिए प्रतिबद्ध है। तेलंगाना के वेमुलावाड़ा में लोगों ने सकारात्मक बदलाव के वादे को पहचानते हुए बीजेपी को अपना समर्थन देने का वादा किया है।

उन्होंने आगे कहा, “तुष्टिकरण का सबसे गंदा खेल देखना हो तो तेलंगाना में देख सकते हैं। समाज को बाँटने के लिए और अपने स्वार्थ के लिए कोई सरकार किस हद तक गिर सकती है उदाहरण यहाँ पर मुस्लिम आरक्षण के रूप में हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी तेलंगानावासियों से एक वादा करती है कि भाजपा को जिताइए, मुस्लिम आरक्षण का खात्मा भारतीय जनता पार्टी करेगी।”

बता दें कि तेलंगाना में 119 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 30 नवंबर को मतदान होगा और 3 दिसंबर को चुनाव के नतीजों का ऐलान होगा। इस राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस, कॉन्ग्रेस और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। राज्य के कुल 3.17 करोड़ वोटर्स इन पार्टियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

छोटे कपड़ों में बिस्तर पर लेट गई, हाथ-पैर हिला गंदे इशारे… बॉडी किसी का, चेहरा आलिया भट्ट का: डीपफेक का एक और हिरोइन बनी शिकार

पिछले दिनों कई बॉलीवुड अभिनेत्रियाँ DeepFake वीडियोज का शिकार बनीं थीं। इसी लिस्ट में अब आलिया भट्ट का नाम भी जुड़ गया है। हाल में उनका चेहरा इस्तेमाल करके एक अश्लील वीडियो बनाई गई। इस वीडियो में लड़की को अपने पैर और अपना शरीर हिलाकर गंदे इशारे करते देखा जा सकता है।

वीडियो में लड़की ने फ्लोरल प्रिंट वाली स्लीवलेस टॉप और शॉर्ट्स को पहना है। उसे क्लीवेज शो करते और बिस्तर पर हिलते वीडियो में देखा जा सकता है।

हालाँकि ये वीडियो देखने से ही फेक लग रही है। लेकिन फिर भी कुछ अंजान यूजर हो सकते हैं जो इसे सच समझ लें इसलिए जानना जरूरी है कि एआई जनरेटेड वीडियो में आलिया का चेहरा लगाया गया है जबकि बाकी वीडियो किसी और की है।

इस वीडियो को pauseshooter नाम के इंस्टा अकॉउंट ने अपने शेयर किया है। कैप्शन में लिख दिया गया है- ‘आलिया भट्ट मेक्स मी हॉर्नी’ इस अकॉउंट और भी अन्य महिलाओं की फोटो है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट के भी डीपफेक का शिकार होने से फिर से साइबर सिक्योरिटी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

गौरतलब है कि सबसे पहले रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो सामने आया था। इस पर सबसे पहले अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट डालकर विरोध दर्ज करा कानूनी कार्रवाई की माँग उठाई थी।

तब सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि इस वीडियो को लेकर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे सभी डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को कभी टूटने नहीं देगी।

हालाँकि, इसके बाद कटरीना कैफ, काजोल और सारा तेंदुलकर, टीवी एक्ट्रेस जन्नत जुबेर और अनुष्का सेन की भी डीपफेक वीडियो वायरल हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डीपफेक पर फिक्र जताई थी।

इसके बाद IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव डीपफेक पर 10 दिनों में कानून बनाने की बात कही। वहीं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) को डीपफेक की निगरानी के लिए एक अधिकारी को नियुक्त करने की बात कही। यह अधिकारी डीपफेक से जुड़े मामलों में FIR दर्ज कराने में आम लोगों की मदद करेगा।

डीपफेक है क्या

डीपफेक तकनीक से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर दो लोगों के चेहरे को आपस में बदला जाता है। हालाँकि इस काम में लंबा वक्त लगता है, क्योंकि जिस शख्स का चेहरा लगाना होता है उससे मिलते-जुलते हजारों फोटो वीडियो ‘एनकोडर’ नाम के एक AI प्रोग्राम पर चलाए जाते हैं।

इस तकनीक से दोनों चेहरों की बेहतरीन समानताओं को तलाशा जाता है। इसके बाद यह तकनीक इन चेहरों को सबसे बेस्ट समानता के आधार पर एक कंप्रेस्ड इमेज बनाती है। फिर इसके बाद AI तकनीक ‘डीकोडर’ से चेहरा तलाशने को कहा जाता है। तब कहीं जाकर डीपफेक वीडियो तैयार होती हैं।

दिव्य कपोल, मंद मुस्कान, नीले शरीर पर पीताम्बर… इंदिरा गाँधी को कर दिया था कभी आँख के लिए इनकार, अब स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया भगवान राम का रूप

भगवान राम के स्वरुप को लेकर किसे जिज्ञासा नहीं होगी? हर कोई उस स्वरुप का निहारना चाहता होगा। भगवान राम के दिव्य स्वरुप पर मीडिया समूह आजतक के ‘साहित्य आजतक’ कार्यक्रम में शनिवार (25 नवंबर, 2023) के एक सेशन में वेद-वेदांत, शास्त्र मर्मज्ञ, राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने जनता के सामने अपने भाव प्रकट किए। 

इस कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने राम मंदिर से चर्चा शुरू करते हुए कहा कि जनवरी में राम मंदिर का उद्घाटन होना है। इसे उन्होंने जीवन का सबसे महत्तम क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उसी समय वे  75 साल के हो जाएँगे। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को मंच से याद करते हुए कहा, “1984 से अब तक राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ा रहा और पुलिस के डंडे खाए। गवाही भी दी और हमको हमारी रामजन्म भूमि मिल गई।”

उन्होंने अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि रामजन्म भूमि के इस आंदोलन के समय जब सभी पीछे हट गए थो तो उन्होंने कहा था, “मैंने भगवान राम का नमक खाया है मैं गवाही दूँगा।” लोगों ने कहा कि आपके पास आँखे नहीं हैं तो गवाही कैसे देंगे? ऐसे में उन्होंने कहा, “शास्त्र ही सबके नेत्र हैं जिसके पास शास्त्र नहीं वो अंधा है।”

इसलिए वह खुद को और उनके आस-पास के लोग कभी उन्हें अंधा नहीं मानते। हर कक्षा में 99 प्रतिशत अंक लाने वाले रामानंदाचार्य बिना आँखों के भी सब देख लेते हैं। क्योंकि शास्त्र को वह अपनी आँखें मानते हैं और वह तो उनकी जिह्वा से बहती है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने इसी मंच से एक और घटना को याद करते हुए बताया कि एक बार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने उनसे कहा था, “मैं आपकी आँखे ठीक करा सकती हूँ” तो उन्होंने बताया कि मैंने जवाब में कहा था, “मैं इस संसार को नहीं देखना चाहता हूँ।”

जो भीतर उतर गया हो, जिसने मन की आँखों से संसार को देखना सीख लिया हो वह अंतर्दृष्टि की ही बात करता है ऐसा उनके वक्तव्य से भी स्पष्ट होता है। 

जब उनसे पूछा गया- भगवान राम कैसे दिखते हैं?

‘साहित्य आजतक’ के इस कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि साधारण लोगों ने तो केवल तस्वीरें और मूर्तियाँ देखी हैं। आप बताएँ कि भगवान राम कैसे दिखते हैं? इसपर जगदगुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, “मैंने भगवान राम को बहुत निकट से देखा है। मैं उन्हें रमणीकता से देखता हूँ, दिव्य कपोल, मंद मुस्कान, नीले शरीर पर पितांबर, मानो तिसी के फूल पर किसी ने सरसों का पराग लेप दिया हो।”

इसी मंच से उस घटना का भी उन्होंने जिक्र किया जब भगवान राम के बालस्वरूप ने उनका पथ-प्रदर्शन किया। उन्होंने उस घटना पर बात करते हुए कहा, “मैंने तो भगवान राम को देखा है। एक घटना बताता हूँ, कोई असत्य न समझे, मैं झूठ नहीं बोलता। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मेरी कथा थी तब टेंट में रहना पड़ता था। सुबह के समय सभी साथी काम में व्यस्त थे। तभी मैं लघुशंका को जाते हुए रास्ता भूल गया। वहाँ मैंने देखा कि 3 साल का बच्चा मुझे हाथ पकड़कर बाथरूम में ले गया और क्रिया संपन्न होने के बाद मुझे वापस लेकर आया। मैंने उसे पकड़ना चाहा तो वह पकड़ में नहीं आया। आज भी मैं उस राजाधिराज राम के चरणों में झुकना और उन्हें दुलारना चाहता हूँ।”

गाड़ी पर कंट्रोल न खोएँ, नहीं तो हो सकता है मोए-मोए… जानें भारत में क्यों वायरल है सर्बिया का ये गाना, दिल्ली पुलिस से लेकर इंस्टाग्राम तक पर रील्स की बाढ़

ट्विटर पर आज Moye-Moye गाना ट्रेंड पर है। लोग इस हैशटैग के अतर्गत अलग-अलग रील्स डाल रहे हैं। इनमें कुछ ओरिजनल कंटेंट हैं तो कुछ मीम आधारित। इस ट्रेंडिंग ऑडियो पर दिल्ली पुलिस ने भी एक वीडियो बनाई है। इसमें पुलिस ने एक बाइक स्टंट दिखाने वाली वीडियो शेयर की।

इस वीडियो को जनहित में जारी किया गया, लेकिन मजेदार ढंग से। दिल्ली पुलिस ने लिखा है- “गाड़ी पर कंट्रोल न खोएँ, नहीं तो हो सकता है मोए-मोए।”

बता दें कि ‘मोए-मोए’ गाने को तेया डोरा ने गाया है। इसका असली उच्चारण ‘मोजे मोर’ है। इसको तेरा ने सर्बियाई रैपर स्लोबोदान वेल्कोविक कोबी की मदद से लिखा है। म्यूजिक वीडियो को अब तक 57 लाख से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। एल्बम का नाम Dzanum है जोकि दर्द भरे इमोशन के साथ गाया गया था। मगर टिकटॉक और इंस्टा पर आते ही इसे मजाकिया अंदाज में शेयर किया जाने लगा।

दिल्ली पुलिस की तरह सामान्य यूजर्स भी इस गाने पर ताबड़तोड़ रील्स बना रहे हैं। जैसे वर्ड कप के मुद्दे पर ये रील बहुत वायरल हो रही है।

एक जुदाई फिल्म की क्लिप शेयर करके दिखाया जा रहा है कि इंजीनियर से शादी करने पर क्या हो सकता है।

कुछ लोग ट्विटर पर मोए-मोए गाने के पीछे शोले फिल्म के गब्बर को भी लगा रही है और कह रहे हैं कि यहाँ से ये ट्रेंड शुरू हुआ था।

जिन्हें नहीं पता है उन्हें बता दें कि ‘मोए-मोए’ गाने पर आजकल एक ही तरह की रील्स डाली जा रही हैं जिसमें मजाकिया अंदाज में दिखाया जाता है कि दूसरे व्यक्ति के पास कोई अंग नहीं है और इसका दुख दिखाने के लिए लोग मोए-मोए गाने पर नाचने लगते हैं।

इस ट्रेंड का हिस्सा होने के लिए कुछ लोग अश्लील वीडियो भी बनाते हैं।

दलित किन्नर पर इस्लाम कबूलने का दबाव, इनकार करने पर पिटाई: पूजा-पाठ से नाराज मुस्लिम किन्नरों का है मेवात कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में दलित समाज से ताल्लुक रखने वाली मुस्कान नाम की एक किन्नर पर धर्मान्तरण का दबाव डालने का मामला सामने आया है। मुस्कान ने शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को कौशर अली और गुड्डू नाम के 3 अन्य किन्नरों के खिलाफ पुलिस में नामजद तहरीर दी। शिकायत में इस्लाम कबूल करने से इंकार करने पर पीड़िता की पिटाई का भी आरोप है।

मामला मुजफ्फरनगर जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र का है। गाँव नावला की रहने वाली मुस्कान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि वह हिन्दू है और हमेशा से सनातन धर्म के मुताबिक जीवन गुजरती आ रही है। उसका कहना है कि पूजा-पाठ से कुछ मुस्लिम किन्नर नाराज रहा करते थे। इसमें प्रीति, कौशर अली और गुड्डू नाम प्रमुख हैं।

पीड़िता मुस्कान ने बताया कि कौशर अली लोगों को अपना नाम गीता बताता है। वहीं, प्रीति मुस्लिम और मूलतः बिहार की रहने वाली है, लेकिन उसने भी अपना हिंदू नाम रखा हुआ है। मुस्कान का दावा है कि प्रीति पहले पुरुष था और उसके 2 बच्चे भी हैं। बाद में वो ऑपरेशन कराकर किन्नर बन गया। वहीं, गुड्डू मेवात का रहने वाला है।

मुस्कान का यह भी दावा है कि पिछले कई वर्षों से उस पर आरोपितों द्वारा इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जा रहा है। जब उसने ऐसा करने से मना किया तो उसके साथ अत्याचार किया जाने लगा। अपनी शिकायत में पीड़िता ने कहा कि शुक्रवार को कौशर अली, गुड्डू और प्रीति ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर पीड़िता पर जानलेवा हमला कर दिया।

इस हमले में पीड़िता को गंभीर चोटें भी आई। पीड़िता का दावा है कि डॉक्टरों ने उसके सिर में टाँके भी लगाए हैं। इसके अलावा, बेहतर इलाज के लिए उसे मेरठ शिफ्ट किया जा रहा है। मुस्कान का दावा है कि हमलवारों ने उसके सारे गहने और अन्य जरूरी सामान भी छीन लिए।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। ऑपइंडिया से बात करते हुए मुस्कान ने बताया कि आरोपित कौशर अली आपराधिक सोच वाला है और उस पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं।

दूसरे पक्ष ने भी मुस्कान किन्नर के खिलाफ मंसूरपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। वादी किन्नर प्रीती ने अपनी शिकायत में मुस्कान पर साथियों सहित अपनी पिटाई का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जाँच कर रही है।

प्रीति के बारे में पीड़िता मुस्कान ने बताया कि वो बिहार से मुज़फ्फरनगर आकर किराए के मकान में रहता है और रोज रात को उसके घर पर असामाजिक तत्व शराब आदि पीने के लिए जुटते हैं। मुस्कान के मुताबिक, आरोपित उसके इलाके पर कब्ज़ा करने की फिराक में भी हैं।

‘सब निराश थे, 5-6 मिनट में PM मोदी ने दे दिया मोटिवेशन’: सूर्यकुमार यादव ने याद किया वर्ल्ड कप हार के बाद का सीन, सहवाग बोले – मैंने किसी देश के नेता को ऐसा करते नहीं देखा

टीम इंडिया ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार गई, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों को ढाँढस बँधाने के लिए ड्रेसिंग रूम में पहुँचे। इस दौरान पीएम मोदी ने तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को भी गले लगाया, जिसके वीडियो और तस्वीरें सामने आई थीं। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी उन्होंने मुस्कुराने के लिए कहा। अब पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 सीरीज के लिए टीम इंडिया के कप्तान बनाए गए सूर्यकुमार यादव ने पीएम मोदी की तारीफ़ की है।

बहुत बढ़िया काम कर रहे PM मोदी: वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि बहुत कम ऐसे मौके होते हैं जब किसी देश के प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं और उनका उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि खासकर उन्होंने ऐसा नहीं देखा कि कोई टीम हारी हो और वहाँ के प्रधानमंत्री उनसे मिले हों। उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से मिल कर पीएम मोदी ने बहुत बढ़िया जेस्चर दिखाया, उत्साह बढ़ाया क्योंकि जब आप वर्ल्ड कप फाइनल जैसा मैच हारते हैं तो आपको अपने फैंस और दोस्तों से समर्थन की ज़रूरत होती है।

लंबे समय तक बतौर सलामी बल्लेबाज भारत के लिए खेल चुके वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि इससे खिलाड़ी प्रेरित होंगे और आगे आने वाले मैचों में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जो फाइनल हम जीत नहीं पाए, वो अगली बार जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हार का कारण कोई एक व्यक्ति नहीं है, यही टीम जब अच्छा खेल रही थी तो हम तारीफ कर रहे थे। ओलंपिक, एशियन और पैरा खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी की मुलाकात पर भी उन्होंने टिप्पणी की।

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि इससे खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है, चाहे वो किसी भी क्षेत्र का खिलाड़ी हो – क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी या एथलेटिक्स। सहवाग ने कहा कि ये एक बहुत ही बढ़िया कार्य है जो हमारे प्रधानमंत्री कर रहे हैं। बता दें कि वीरेंद्र सहवाग टेस्ट मैचों में भारत के लिए 2 बार तिहरा शतक जड़ चुके हैं। मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ और चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने ये कारनामा किया था।

: सूर्यकुमार यादव

वहीं सूर्यकुमार यादव ने कहा कि वर्ल्ड कप के फाइनल में हार के बाद हमलोग निराश हैं, सभी लोग निराश हैं। उन्होंने भारत और दुनिया भर में फैंस के समर्थन के लिए भी उन्हें धन्यवाद किया। सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि अंत में ये खेल है जो हमें बहुत कुछ सिखाता है कि आगे कैसे जाना है। उन्होंने कहा कि आपलोग का जो प्यार है, वो हमेशा बनाए रखिए। उन्होंने याद किया कि कैसे वर्ल्ड कप की हार के बाद सभी जब बैठे हुए थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ड्रेसिंग रूम में आए।

सूर्यकुमार यादव ने कहा, “पीएम मोदी सबसे मिले, उन्होंने सभी को प्रेरित किया। उन्होंने सभी से मिल कर कहा – ये स्पोर्ट्स है, उतार-चढ़ाव आता रहता ज़िन्दगी में। थोड़ा समय तो लगेगा ही इससे बाहर आने के लिए। 5-6 मिनट के लिए पीएम मोदी का मिलना बहुत ही प्रेरक था। देश के नेता का आना बहुत बड़ी बात थी। हमने उनकी बातों को अच्छे से सुना, उनके साथ थोड़ा समय बिताया। अगले टूर्नामेंट्स में हम अच्छा खेलने की कोशिश करेंगे। अगले साल एक और ICC टूर्नामेंट आने वाला है।”

‘मैं मोदी साहब की बहुत इज्जत करता हूँ, इसलिए मेरा वोट BJP को’: बॉलीवुड ऐक्टर पीयूष मिश्रा ने कहा- 10 साल में कर दिया चमत्कार

वामपंथी से ताजा-ताजा दक्षिणपंथी बने बॉलीवुड ऐक्टर पीयूष मिश्रा आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूब बड़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पिछले 10 सालों में जो कुछ भी हुआ है, वह चमत्कारिक है। पीएम मोदी की का गुणगान करते हुए मिश्रा ने कहा कि उनका वोट पीएम और बीजेपी को जाएगा।

राजनैतिक विचारधारा के सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा, “मेरी विचारधारा कुछ नहीं है साहब। मैं मोदी साहब को फॉलो करता हूँ। उनकी मोदी साहब की जबरदस्त इज्जत करता हूँ। मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूँ। 2014 से 2023 तक जो कुछ हिंदुस्तान में हुआ, वह चमत्कार है।”

वामपंथ से अचानक दक्षिणपंथ की ओर मुड़ने के सवाल पर ऐक्टर ने कहा, “मैं बीजेपी का नहीं हूँ। मैं कॉन्ग्रेस का नहीं हूँ, लेकिन मेरा वोट जाएगा क्योंकि मोदी साहब हैं। इसलिए मेरा वोट बीजेपी को जाएगा, सिर्फ इसलिए। एक व्यक्ति के तौर मैं उस बंदे की बहुत इज्जत करता हूँ। हाँ भक्त तो मैं ईश्वर को छोड़कर किसी का भी नहीं हूँ।”

आजतक के एक कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा ने कहा कि जब वे वामपंथी थे तो उनके लिए बहुत अलग तरह का अनुभव था। उन्होंने कहा, “अच्छा हुआ। बहुत सारा काम हो गया उस चक्कर में। काम बाहर नहीं आया, असल में ये गलती हो गई। उस समय तबीयत ये थी कि एक काम कर दो, उसके बाद अगला काम करना शुरू करो।”

उन्होंने कहा, “वामपंथी था तब भी अच्छे दिन थे, लेकिन बदमाश हैं ये लोग। बहुत बदमाश हैं ये लोग बहुत बदमाश हैं। सारा खून पी लिया मेरा। खून पी लिए ये साले।” इस दौरान उन्होंने अपने गाए हुए गाने ‘हुस्ना’ और ‘एक बगल में चाँद होगा’ का भी जिक्र किया।

बिस्तर पर शौच करने पर सेबिन क्रिश्चिन ने बुजुर्ग पिता का गला दबा कर मार डाला: हत्या से पहले लात-घूसों से पीटा, पुलिस से बोला – गुस्से में था

केरल के अलाप्पुझा में सेबिन क्रिश्चियन (26) नाम के शख्स ने अपने बुजुर्ग दिव्यांग पिता सेबिस्टियन (65) को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। बुजुर्ग की गलती बस इतनी थी कि उन्होंने बिस्तर पर शौच कर दिया था और खाना खाने से मना कर रहे थे। इतनी सी बात पर नाराज होकर उनके बड़े बेटे ने उनकी जान ले ली।

पुलिस जाँच में सेबिन का अपराध सामने आने के बाद उसे शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोर्ट में भेजकर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस आगे की जाँच के लिए उसकी हिरासत बढ़वाने की याचिका कोर्ट में दायर करेगी।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक “सेबिन ने पिता सेबस्टियन पर हिंसक हमला किया था। पहले उसने उनके सिर पर वॉकर से हमला किया। इससे वो बिस्तर से गिर गए। इस पर भी आरोपित नहीं रुका और उसने पिता को थप्पड़ और लात मारना जारी रखा। उनके दर्द से चिल्लाने पर सेबिन ने उनका गला दबा दिया।”

पुलिस के मुताबिक, आरोपित बेटे ने बताया कि उसने ये कदम गुस्से में उठाया था।

दरअसल अलाप्पुझा में पुन्नप्रा के रहने वाले सेबेस्टियन ने बिस्तर पर शौच करने के बाद कुछ भी खाने से इनकार कर दिया था। इससे बेटा सेबिन गुस्से में आग बबूला हो उठा और उसने मंगलवार (21 नवंबर,2023) को उनकी जान ले ली।

हत्या का राज तब खुला जब बुधवार (22 नवंबर,2023) को आरोपित बेटा सेबिन उन्हें वंदनम मेडिकल कॉलेज लेकर गया। उसने डॉक्टरों को बताया कि उसके पिता सेबस्टियन को बिस्तर से गिरने के बाद चोटें आई हैं। हालाँकि चेक अप के दौरान डॉक्टरों को उनकी मौत पर संदेह हो गया। जाँच की गई तो साफ हुआ कि ये सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या है।

मेडिकल जाँच में मौत की वजह सिर और गर्दन पर घातक चोटों को बताया गया। इसके बाद पुन्नप्रा स्टेशन हाउस ऑफिसर लाइसाद मुहम्मद के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इसकी जाँच की।

कई साल पहले हुई एक कार हादसे के बाद से सेबेस्टियन बिस्तर पर पड़े रहने को मजबूर थे। तब से उनकी पत्नी ही उनकी देखभाल करती थी, लेकिन पत्नी की आठ महीने पहले ही कैंसर से मौत गई थी। इसके बाद से सेबेस्टियन के बच्चे उनकी देखभाल करता था।

2.2 करोड़ रुपए में एक दवा बेचती थी विदेशी कंपनी, अब मिलेगी सिर्फ ₹2.5 लाख में: दुर्लभ बीमारियों की दवा देश में विकसित, खर्च 100 से 60 गुना कम

करोड़ रुपए की दवाई के बारे में सुने हैं कभी? दुर्लभ बीमारियों को ठीक करने के लिए इतनी महँगी दवाएँ बेचती थीं विदेशी कंपनियाँ। अब नहीं चलेगा ऐसा। क्यों? क्योंकि भारत ने इनकी सस्ती दवाएँ विकसित कर ली हैं। केंद्र सरकार की यह सफल योजना उन मरीजों के लिए रामबाण होगी, जो कम पैसों के कारण ऐसी बीमारियों के कारण मरने को मजबूर होते थे।

भारत ने चार दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने में कामयाबी हासिल की है। पहले विदेशों से मँगाने पर इन दवाओं की सालाना कीमत करोड़ों रुपए तक चली जाती थी। अब ये 100 से 60 गुना कम कीमत पर मरीजों को मुहैया हो पाएँगी। यह चमत्कार एक दिन में नहीं हुआ है। भारत में साल भर पहले 13 प्रकार की दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने पर काम शुरू हुआ था।

13 दुर्लभ बीमारियों में से चार बीमारियों की दवा बना ली गई है। इससे इलाज का खर्च करोड़ों रुपए से सिमट कर लाख रुपए तक पहुँच जाएगा। सरकार की इन दवाओं को जन औषधि केंद्र तक भी पहुँचाने की योजना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार (24 नवंबर,2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्योग जगत के साथ मिलकर 13 दुर्लभ बीमारियों की दवाएँ भारत में बनाने का फैसला लिया था। इनमें से अब तक 4 दुर्लभ बीमारियों की सस्ती और प्रभावी दवाएँ देश के लोगों को मिल सकेंगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया के मुताबिक, चार दुर्लभ बीमारियों से संबंधित 8 दवाओं को भारत में विकसित कर लिया गया है। इनमें से 4 दवाओं को बाजार के लिए उपलब्ध करा दिया गया है और बाकी चार तैयार दवाओं को भी नियामक की रजामंदी मिलते ही बाजार में उतार दिया जाएगा।

बाकी बची अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाएँ बनाने पर भी काम तेजी से किया जा रहा है। इन दवाओं के अलावा सिकल-सेल (Sickle cell) बीमारी का सिरप बनाने पर भी काम चल रहा है। सिकल सेल रोग (एससीडी) खून के विकारों का एक समूह है, जो आमतौर पर विरासत (पीढ़ी दर पीढ़ी जो बीमारी ट्रांसफर होती जाती है) में मिलता है।

गौरतलब है कि देश में लगभग 8.4 करोड़ से लेकर 10 करोड़ दुर्लभ बीमारियों के मरीज़ हैं। इन दुलर्भ बीमारियों यानी रेयर डिजीज की 80 फीसदी बीमारी वंशानुगत होती है, जो रोगी को बचपन में ही अपनी गिरफ्त में ले लेती है।

भारत ने जिन चार दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने में सफलता हासिल की है, वो इस प्रकार है:

  • Tyrosinemia Type 1 : इस बीमारी में Nitisinone नाम की कैप्सूल का सालाना खर्च पहले करीब 2.2 करोड़ रुपए था, जो अब करीब 2.5 लाख रुपए होगा।
  • Gaucher : इस बीमारी के लिए Eliglustat नाम की कैप्सूल का सालाना खर्च 1.8 से 3.6 करोड़ रुपए का आता था। अब यह सिर्फ 3 से 6 लाख रुपए में हो जाएगा।
  • Wilson : इस रोग के लिए Trientine नाम की दवाई विदेश से आती थी। इसका सालाना खर्च पड़ता था 2.2 करोड़ रुपए। अब महज 2.2 लाख रुपए ही खर्च बैठेगा।
  • Dravet-Lennox Gastaut Syndrome : इसके लिए Cannabidiol नाम की दवा आती थी। सालाना खर्च होता था करीब 7 से 34 लाख रुपए। अब खर्च होगा सिर्फ 1 से 5 लाख रुपए।

अगले कुछ महीनो में अन्य 4 दुर्लभ बीमारियों Phenylketonutoria, Hyperammonemia, Cytic Fibrosis, Sickle Cell की दवाएँ भी बाजार में आने वाली हैं – सस्ती, देशी और प्रभावी दवाएँ।

मुख मैथुन कम्युनिकेशन का बेहतरीन माध्यम, चौड़ी ललाट वाली महिलाएँ कामातुर: प्रोफेसर इफ्तिखार यही पढ़ाता था, केरल में कॉलेज की छात्राओं ने दी शिकायत

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी साहित्य पढ़ाने वाले सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद पर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का आरोप है प्रोफेसर अहमद इरोटिक प्रोएट्री की क्लास को सेक्सुअल कमेंट और अश्लील चर्चा का आधार बना दिया। इस दौरान इफ्तिखार ने महिलाओं को यौन तृप्ति की वस्तु के रूप में भी प्रदर्शित किया।

ये सभी विद्यार्थी MA अंग्रेजी प्रथम वर्ष के हैं। उनकी क्लास इसी साल सितंबर 2023 में ही शुरू हुई थी। विद्यार्थियों का कहना है कि 13 नवंबर को इफ्तिखार अहमद ने एक अर्ध बेहोश छात्रा को क्लास रूम और विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर में गलत तरीके से छुआ।

छात्रा का कहना है कि जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया तो उन्होंने इफ्तिखार अहमद के खिलाफ 16 नवंबर 2023 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वहीं, छात्राओं और हेल्थ सेंटर की महिला अधिकारी का कहना है कि जिस दिन यह घटना हुई थी, उस दिन इफ्तिखार अहमद शराब के नशे में थे।

ऑनमनोरमा की खास रिपोर्ट के मुताबिक, क्लास के कुल 41 विद्यार्थियों में से 33 विद्यार्थियों ने प्रोफेसर के खिलाफ 7 पेज की एक शिकायत लिखी और उस पर अपने-अपने हस्ताक्षर किए। इस शिकायत-पत्र में विद्यार्थियों उन 31 घटनाओं का जिक्र किया है, जिसे इफ्तिखार अहमद ने क्लासरूम और कैंपस में अंजाम दिया था।

शिकायत में छात्राओं ने कहा है कि 13 नवंबर को इफ्तिखार अहमद की पेपर का इंटरनल एक्जाम देते हुए एक छात्रा बेहोश हो गई। उसका ब्लड शुगर लेवल नीचे आ गया। अहमद के PhD स्कॉलर ने अहमद को बुलाया और वे वहाँ ऑफिस स्टाफ शिल्पा के साथ आए।

इस दौरान अहमद बार-बार अपनी बाँहों में लेकर उसे उठाने की कोशिश की, उसके कंधों को पकड़ कर झकझोरा और चेहरे पर पानी का छींटा मारक उसे अपने हाथों से चारों तरफ मिलाया। इस दौरान लड़की को पहली बार असहजता महसूस हुई। हेल्थ सेंटर में ले जाने के बाद भी अहमद लड़की का कभी हाथ पकड़ते तो कभी पैर। उसे हर तरह से छूने की कोशिश की।

हेल्थ सेंटर की स्टाफ ने भी कहा कि अहमद ने लड़की को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करते रहे। इस दौरान बेहोशी की हालत में भी लड़की उन्हें धक्के देकर खुद से दूर रखने की कोशिश करती दिख रही थी। महिला अधिकारी का कहना था कि अहमद का व्यवहार अनुचित था।

इतना ही नहीं, छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।”

क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।” अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी।

अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

छात्र-छात्राओं की शिकायत के बावजूद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आंतरिक जाँच पूरी होने तक इफ्तिखार अहमद को निलंबित नहीं किया है। हालाँकि, अंग्रेजी विभाग की डीन डॉक्टर आशा ने इफ्तिखार अहमद को जाँच पूरी होने तक छात्राओं से दूर रहने के लिए कहा है। हालाँकि, इफ्तिखार विभाग में नजर आते हैं।