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‘सब निराश थे, 5-6 मिनट में PM मोदी ने दे दिया मोटिवेशन’: सूर्यकुमार यादव ने याद किया वर्ल्ड कप हार के बाद का सीन, सहवाग बोले – मैंने किसी देश के नेता को ऐसा करते नहीं देखा

टीम इंडिया ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल ऑस्ट्रेलिया से हार गई, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों को ढाँढस बँधाने के लिए ड्रेसिंग रूम में पहुँचे। इस दौरान पीएम मोदी ने तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को भी गले लगाया, जिसके वीडियो और तस्वीरें सामने आई थीं। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को भी उन्होंने मुस्कुराने के लिए कहा। अब पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 सीरीज के लिए टीम इंडिया के कप्तान बनाए गए सूर्यकुमार यादव ने पीएम मोदी की तारीफ़ की है।

बहुत बढ़िया काम कर रहे PM मोदी: वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि बहुत कम ऐसे मौके होते हैं जब किसी देश के प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं और उनका उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि खासकर उन्होंने ऐसा नहीं देखा कि कोई टीम हारी हो और वहाँ के प्रधानमंत्री उनसे मिले हों। उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से मिल कर पीएम मोदी ने बहुत बढ़िया जेस्चर दिखाया, उत्साह बढ़ाया क्योंकि जब आप वर्ल्ड कप फाइनल जैसा मैच हारते हैं तो आपको अपने फैंस और दोस्तों से समर्थन की ज़रूरत होती है।

लंबे समय तक बतौर सलामी बल्लेबाज भारत के लिए खेल चुके वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि इससे खिलाड़ी प्रेरित होंगे और आगे आने वाले मैचों में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जो फाइनल हम जीत नहीं पाए, वो अगली बार जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हार का कारण कोई एक व्यक्ति नहीं है, यही टीम जब अच्छा खेल रही थी तो हम तारीफ कर रहे थे। ओलंपिक, एशियन और पैरा खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी की मुलाकात पर भी उन्होंने टिप्पणी की।

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि इससे खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है, चाहे वो किसी भी क्षेत्र का खिलाड़ी हो – क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी या एथलेटिक्स। सहवाग ने कहा कि ये एक बहुत ही बढ़िया कार्य है जो हमारे प्रधानमंत्री कर रहे हैं। बता दें कि वीरेंद्र सहवाग टेस्ट मैचों में भारत के लिए 2 बार तिहरा शतक जड़ चुके हैं। मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ और चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने ये कारनामा किया था।

: सूर्यकुमार यादव

वहीं सूर्यकुमार यादव ने कहा कि वर्ल्ड कप के फाइनल में हार के बाद हमलोग निराश हैं, सभी लोग निराश हैं। उन्होंने भारत और दुनिया भर में फैंस के समर्थन के लिए भी उन्हें धन्यवाद किया। सूर्यकुमार यादव ने आगे कहा कि अंत में ये खेल है जो हमें बहुत कुछ सिखाता है कि आगे कैसे जाना है। उन्होंने कहा कि आपलोग का जो प्यार है, वो हमेशा बनाए रखिए। उन्होंने याद किया कि कैसे वर्ल्ड कप की हार के बाद सभी जब बैठे हुए थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ड्रेसिंग रूम में आए।

सूर्यकुमार यादव ने कहा, “पीएम मोदी सबसे मिले, उन्होंने सभी को प्रेरित किया। उन्होंने सभी से मिल कर कहा – ये स्पोर्ट्स है, उतार-चढ़ाव आता रहता ज़िन्दगी में। थोड़ा समय तो लगेगा ही इससे बाहर आने के लिए। 5-6 मिनट के लिए पीएम मोदी का मिलना बहुत ही प्रेरक था। देश के नेता का आना बहुत बड़ी बात थी। हमने उनकी बातों को अच्छे से सुना, उनके साथ थोड़ा समय बिताया। अगले टूर्नामेंट्स में हम अच्छा खेलने की कोशिश करेंगे। अगले साल एक और ICC टूर्नामेंट आने वाला है।”

‘मैं मोदी साहब की बहुत इज्जत करता हूँ, इसलिए मेरा वोट BJP को’: बॉलीवुड ऐक्टर पीयूष मिश्रा ने कहा- 10 साल में कर दिया चमत्कार

वामपंथी से ताजा-ताजा दक्षिणपंथी बने बॉलीवुड ऐक्टर पीयूष मिश्रा आजकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूब बड़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पिछले 10 सालों में जो कुछ भी हुआ है, वह चमत्कारिक है। पीएम मोदी की का गुणगान करते हुए मिश्रा ने कहा कि उनका वोट पीएम और बीजेपी को जाएगा।

राजनैतिक विचारधारा के सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा, “मेरी विचारधारा कुछ नहीं है साहब। मैं मोदी साहब को फॉलो करता हूँ। उनकी मोदी साहब की जबरदस्त इज्जत करता हूँ। मैं उन्हें बहुत पसंद करता हूँ। 2014 से 2023 तक जो कुछ हिंदुस्तान में हुआ, वह चमत्कार है।”

वामपंथ से अचानक दक्षिणपंथ की ओर मुड़ने के सवाल पर ऐक्टर ने कहा, “मैं बीजेपी का नहीं हूँ। मैं कॉन्ग्रेस का नहीं हूँ, लेकिन मेरा वोट जाएगा क्योंकि मोदी साहब हैं। इसलिए मेरा वोट बीजेपी को जाएगा, सिर्फ इसलिए। एक व्यक्ति के तौर मैं उस बंदे की बहुत इज्जत करता हूँ। हाँ भक्त तो मैं ईश्वर को छोड़कर किसी का भी नहीं हूँ।”

आजतक के एक कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा ने कहा कि जब वे वामपंथी थे तो उनके लिए बहुत अलग तरह का अनुभव था। उन्होंने कहा, “अच्छा हुआ। बहुत सारा काम हो गया उस चक्कर में। काम बाहर नहीं आया, असल में ये गलती हो गई। उस समय तबीयत ये थी कि एक काम कर दो, उसके बाद अगला काम करना शुरू करो।”

उन्होंने कहा, “वामपंथी था तब भी अच्छे दिन थे, लेकिन बदमाश हैं ये लोग। बहुत बदमाश हैं ये लोग बहुत बदमाश हैं। सारा खून पी लिया मेरा। खून पी लिए ये साले।” इस दौरान उन्होंने अपने गाए हुए गाने ‘हुस्ना’ और ‘एक बगल में चाँद होगा’ का भी जिक्र किया।

बिस्तर पर शौच करने पर सेबिन क्रिश्चिन ने बुजुर्ग पिता का गला दबा कर मार डाला: हत्या से पहले लात-घूसों से पीटा, पुलिस से बोला – गुस्से में था

केरल के अलाप्पुझा में सेबिन क्रिश्चियन (26) नाम के शख्स ने अपने बुजुर्ग दिव्यांग पिता सेबिस्टियन (65) को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। बुजुर्ग की गलती बस इतनी थी कि उन्होंने बिस्तर पर शौच कर दिया था और खाना खाने से मना कर रहे थे। इतनी सी बात पर नाराज होकर उनके बड़े बेटे ने उनकी जान ले ली।

पुलिस जाँच में सेबिन का अपराध सामने आने के बाद उसे शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोर्ट में भेजकर उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस आगे की जाँच के लिए उसकी हिरासत बढ़वाने की याचिका कोर्ट में दायर करेगी।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक “सेबिन ने पिता सेबस्टियन पर हिंसक हमला किया था। पहले उसने उनके सिर पर वॉकर से हमला किया। इससे वो बिस्तर से गिर गए। इस पर भी आरोपित नहीं रुका और उसने पिता को थप्पड़ और लात मारना जारी रखा। उनके दर्द से चिल्लाने पर सेबिन ने उनका गला दबा दिया।”

पुलिस के मुताबिक, आरोपित बेटे ने बताया कि उसने ये कदम गुस्से में उठाया था।

दरअसल अलाप्पुझा में पुन्नप्रा के रहने वाले सेबेस्टियन ने बिस्तर पर शौच करने के बाद कुछ भी खाने से इनकार कर दिया था। इससे बेटा सेबिन गुस्से में आग बबूला हो उठा और उसने मंगलवार (21 नवंबर,2023) को उनकी जान ले ली।

हत्या का राज तब खुला जब बुधवार (22 नवंबर,2023) को आरोपित बेटा सेबिन उन्हें वंदनम मेडिकल कॉलेज लेकर गया। उसने डॉक्टरों को बताया कि उसके पिता सेबस्टियन को बिस्तर से गिरने के बाद चोटें आई हैं। हालाँकि चेक अप के दौरान डॉक्टरों को उनकी मौत पर संदेह हो गया। जाँच की गई तो साफ हुआ कि ये सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या है।

मेडिकल जाँच में मौत की वजह सिर और गर्दन पर घातक चोटों को बताया गया। इसके बाद पुन्नप्रा स्टेशन हाउस ऑफिसर लाइसाद मुहम्मद के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इसकी जाँच की।

कई साल पहले हुई एक कार हादसे के बाद से सेबेस्टियन बिस्तर पर पड़े रहने को मजबूर थे। तब से उनकी पत्नी ही उनकी देखभाल करती थी, लेकिन पत्नी की आठ महीने पहले ही कैंसर से मौत गई थी। इसके बाद से सेबेस्टियन के बच्चे उनकी देखभाल करता था।

2.2 करोड़ रुपए में एक दवा बेचती थी विदेशी कंपनी, अब मिलेगी सिर्फ ₹2.5 लाख में: दुर्लभ बीमारियों की दवा देश में विकसित, खर्च 100 से 60 गुना कम

करोड़ रुपए की दवाई के बारे में सुने हैं कभी? दुर्लभ बीमारियों को ठीक करने के लिए इतनी महँगी दवाएँ बेचती थीं विदेशी कंपनियाँ। अब नहीं चलेगा ऐसा। क्यों? क्योंकि भारत ने इनकी सस्ती दवाएँ विकसित कर ली हैं। केंद्र सरकार की यह सफल योजना उन मरीजों के लिए रामबाण होगी, जो कम पैसों के कारण ऐसी बीमारियों के कारण मरने को मजबूर होते थे।

भारत ने चार दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने में कामयाबी हासिल की है। पहले विदेशों से मँगाने पर इन दवाओं की सालाना कीमत करोड़ों रुपए तक चली जाती थी। अब ये 100 से 60 गुना कम कीमत पर मरीजों को मुहैया हो पाएँगी। यह चमत्कार एक दिन में नहीं हुआ है। भारत में साल भर पहले 13 प्रकार की दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने पर काम शुरू हुआ था।

13 दुर्लभ बीमारियों में से चार बीमारियों की दवा बना ली गई है। इससे इलाज का खर्च करोड़ों रुपए से सिमट कर लाख रुपए तक पहुँच जाएगा। सरकार की इन दवाओं को जन औषधि केंद्र तक भी पहुँचाने की योजना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने शुक्रवार (24 नवंबर,2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्योग जगत के साथ मिलकर 13 दुर्लभ बीमारियों की दवाएँ भारत में बनाने का फैसला लिया था। इनमें से अब तक 4 दुर्लभ बीमारियों की सस्ती और प्रभावी दवाएँ देश के लोगों को मिल सकेंगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया के मुताबिक, चार दुर्लभ बीमारियों से संबंधित 8 दवाओं को भारत में विकसित कर लिया गया है। इनमें से 4 दवाओं को बाजार के लिए उपलब्ध करा दिया गया है और बाकी चार तैयार दवाओं को भी नियामक की रजामंदी मिलते ही बाजार में उतार दिया जाएगा।

बाकी बची अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाएँ बनाने पर भी काम तेजी से किया जा रहा है। इन दवाओं के अलावा सिकल-सेल (Sickle cell) बीमारी का सिरप बनाने पर भी काम चल रहा है। सिकल सेल रोग (एससीडी) खून के विकारों का एक समूह है, जो आमतौर पर विरासत (पीढ़ी दर पीढ़ी जो बीमारी ट्रांसफर होती जाती है) में मिलता है।

गौरतलब है कि देश में लगभग 8.4 करोड़ से लेकर 10 करोड़ दुर्लभ बीमारियों के मरीज़ हैं। इन दुलर्भ बीमारियों यानी रेयर डिजीज की 80 फीसदी बीमारी वंशानुगत होती है, जो रोगी को बचपन में ही अपनी गिरफ्त में ले लेती है।

भारत ने जिन चार दुर्लभ बीमारी की दवाई बनाने में सफलता हासिल की है, वो इस प्रकार है:

  • Tyrosinemia Type 1 : इस बीमारी में Nitisinone नाम की कैप्सूल का सालाना खर्च पहले करीब 2.2 करोड़ रुपए था, जो अब करीब 2.5 लाख रुपए होगा।
  • Gaucher : इस बीमारी के लिए Eliglustat नाम की कैप्सूल का सालाना खर्च 1.8 से 3.6 करोड़ रुपए का आता था। अब यह सिर्फ 3 से 6 लाख रुपए में हो जाएगा।
  • Wilson : इस रोग के लिए Trientine नाम की दवाई विदेश से आती थी। इसका सालाना खर्च पड़ता था 2.2 करोड़ रुपए। अब महज 2.2 लाख रुपए ही खर्च बैठेगा।
  • Dravet-Lennox Gastaut Syndrome : इसके लिए Cannabidiol नाम की दवा आती थी। सालाना खर्च होता था करीब 7 से 34 लाख रुपए। अब खर्च होगा सिर्फ 1 से 5 लाख रुपए।

अगले कुछ महीनो में अन्य 4 दुर्लभ बीमारियों Phenylketonutoria, Hyperammonemia, Cytic Fibrosis, Sickle Cell की दवाएँ भी बाजार में आने वाली हैं – सस्ती, देशी और प्रभावी दवाएँ।

मुख मैथुन कम्युनिकेशन का बेहतरीन माध्यम, चौड़ी ललाट वाली महिलाएँ कामातुर: प्रोफेसर इफ्तिखार यही पढ़ाता था, केरल में कॉलेज की छात्राओं ने दी शिकायत

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी साहित्य पढ़ाने वाले सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद पर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का आरोप है प्रोफेसर अहमद इरोटिक प्रोएट्री की क्लास को सेक्सुअल कमेंट और अश्लील चर्चा का आधार बना दिया। इस दौरान इफ्तिखार ने महिलाओं को यौन तृप्ति की वस्तु के रूप में भी प्रदर्शित किया।

ये सभी विद्यार्थी MA अंग्रेजी प्रथम वर्ष के हैं। उनकी क्लास इसी साल सितंबर 2023 में ही शुरू हुई थी। विद्यार्थियों का कहना है कि 13 नवंबर को इफ्तिखार अहमद ने एक अर्ध बेहोश छात्रा को क्लास रूम और विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर में गलत तरीके से छुआ।

छात्रा का कहना है कि जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया तो उन्होंने इफ्तिखार अहमद के खिलाफ 16 नवंबर 2023 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वहीं, छात्राओं और हेल्थ सेंटर की महिला अधिकारी का कहना है कि जिस दिन यह घटना हुई थी, उस दिन इफ्तिखार अहमद शराब के नशे में थे।

ऑनमनोरमा की खास रिपोर्ट के मुताबिक, क्लास के कुल 41 विद्यार्थियों में से 33 विद्यार्थियों ने प्रोफेसर के खिलाफ 7 पेज की एक शिकायत लिखी और उस पर अपने-अपने हस्ताक्षर किए। इस शिकायत-पत्र में विद्यार्थियों उन 31 घटनाओं का जिक्र किया है, जिसे इफ्तिखार अहमद ने क्लासरूम और कैंपस में अंजाम दिया था।

शिकायत में छात्राओं ने कहा है कि 13 नवंबर को इफ्तिखार अहमद की पेपर का इंटरनल एक्जाम देते हुए एक छात्रा बेहोश हो गई। उसका ब्लड शुगर लेवल नीचे आ गया। अहमद के PhD स्कॉलर ने अहमद को बुलाया और वे वहाँ ऑफिस स्टाफ शिल्पा के साथ आए।

इस दौरान अहमद बार-बार अपनी बाँहों में लेकर उसे उठाने की कोशिश की, उसके कंधों को पकड़ कर झकझोरा और चेहरे पर पानी का छींटा मारक उसे अपने हाथों से चारों तरफ मिलाया। इस दौरान लड़की को पहली बार असहजता महसूस हुई। हेल्थ सेंटर में ले जाने के बाद भी अहमद लड़की का कभी हाथ पकड़ते तो कभी पैर। उसे हर तरह से छूने की कोशिश की।

हेल्थ सेंटर की स्टाफ ने भी कहा कि अहमद ने लड़की को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करते रहे। इस दौरान बेहोशी की हालत में भी लड़की उन्हें धक्के देकर खुद से दूर रखने की कोशिश करती दिख रही थी। महिला अधिकारी का कहना था कि अहमद का व्यवहार अनुचित था।

इतना ही नहीं, छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।”

क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।” अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी।

अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

छात्र-छात्राओं की शिकायत के बावजूद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आंतरिक जाँच पूरी होने तक इफ्तिखार अहमद को निलंबित नहीं किया है। हालाँकि, अंग्रेजी विभाग की डीन डॉक्टर आशा ने इफ्तिखार अहमद को जाँच पूरी होने तक छात्राओं से दूर रहने के लिए कहा है। हालाँकि, इफ्तिखार विभाग में नजर आते हैं।

प्लेन को आना होता है भारत, पहुँच जाता है ईरान: खाड़ी के इस्लामी देशों में पहुँचते ही जहाज खो रहे सिग्नल, DGCA ने जारी की चेतावनी

भारतीय विमान मध्य पूर्व के आसमान में अपना सिग्नल खो रहे हैं और कई नागरिक उड़ानें इस क्षेत्र में रास्ता भटक जा रही हैं। यह कोई साजिश है या तकनीकी समस्या इसका अभी तक पता नहीं लग पाया है। लेकिन नागरिक विमानों का जीपीएस सिग्नल बंद होने के बाद ‘फ्लाइंग ब्लाइंड’ को लेकर सिविल एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस के लिए एडवाइजरी जारी की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी कई रिपोर्ट्स आई हैं जिनमें मिडिल ईस्ट के आसमान में, खासकर ईरान की सीमा के नजदीक नागरिक विमानों का जीपीएस सिग्नल गड़बड़ी दिखा रहा है। जिससे विमान भटककर ईरान की सीमा में पहुँच जा रहे हैं। ऐसे में कई पायलट्स, कंट्रोलर्स और अन्य कई अधिकारियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की है।

डीजीसीए के अनुसार, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) के जाम और स्पूफिंग के कारण भारतीय विमानों के सिग्नलों में समस्या आ रही है। ऐसे में डीजीसीए की एडवाइजरी में इसे बड़ा खतरा बताया गया है और ये भी बताया गया है कि ऐसी स्थिति में भारतीय एयरलाइंस के विमानों को क्या करना चाहिए।

कई कमर्शियल फ्लाइट्स में आई समस्या

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीजीसीए के सर्कुलर में कहा गया है कि एविएशन इंडस्ट्री को नई चुनौती का सामना करना पड़ा है, जिसमें ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम जाम हो रहा है या फिर फर्जी सिग्नल दिखा रहा है। डीजीसीए ने जैमिंग और स्पूफिंग की इस चुनौती को देखते हुए खतरे की मॉनिटरिंग और विश्लेषण करने वाला नेटवर्क बनाने की माँग की है।

बता दें कि सितंबर, 2023 से ही कई कमर्शियल फ्लाइट्स में यह समस्या आई है, जिसमें ईरान के नजदीक विमानों का नेविगेशन सिस्टम काम करना बंद कर देता है और उसमें गड़बड़ी आ जाती है। बीते दिनों तो एक विमान जीपीएस सिग्नल में गड़बड़ी के चलते बिना इजाजत ईरान की वायुसीमा में ही प्रवेश कर गया। 

कैसे आ रही है जीपीएस सिग्नल में गड़बड़ी 

रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व के आसमान में उड़ान भरते वक्त विमानों को एक नकली जीपीएस सिग्नल मिलता है। यह सिग्नल विमानों के सिस्टम को दिखाता है कि विमान अपने तय वायुमार्ग से मीलों अलग उड़ान भर रहे हैं। कई बार यह सिग्नल इतने मजबूत होते हैं कि इनसे विमान के पूरे सिस्टम की इंटीग्रिटी प्रभावित होती है। इसके चलते कुछ ही मिनट में विमान का इनर्शियल रेफरेंस सिस्टम (IRS) अस्थिर हो जाता है और विमान की नेविगेशन की क्षमता प्रभावित होती है। उत्तरी इराक और अजरबैजान के व्यस्त रूट पर एरबिल के नजदीक यह समस्या बार-बार आ रही है।

जीपीएस स्पूफिंग और जैमिंग क्या है?

जीपीएस स्पूफिंग और जैमिंग की बात करें तो जब कोई नकली जीपीएस सिग्नल भेजने के लिए ट्रांसमीटर का उपयोग करता है, जो रिसीवर एंटीना को भेजे गए मूल सिग्नल को भटका देता है। इसमें हवाई जहाज़ को गलत सिग्नल भेजकर उसे मार्ग से भटका दिया जाता है। 

दूसरी ओर, जैमिंग, जीपीएस सिग्नलों की रुकावट को संदर्भित करता है, जिसके कारण हवाई जहाज बिना नेविगेशन के अंधाधुंध उड़ सकता है। इसमें में जैमिंग अधिक सामान्य घटना है, जबकि स्पूफिंग अधिक खतरनाक है और विमानन क्षेत्र में गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

हालाँकि, अभी तक इस समस्या का पता नहीं चल पाया है लेकिन माना जा रहा है कि विमानों के सिग्नल में गड़बड़ी की वजह मध्य पूर्व में तैनात मिलिट्री इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सिस्टम की वजह से यह गड़बड़ी हो सकती है।

जिस हिन्दू कंडक्टर के ‘सर तन से जुदा’ की कोशिश, उसका परिवार बेहद गरीब: 1 साल पहले हुई थी शादी, रोडवेज के साथी कर्मचारी उठा रहे इलाज का खर्च

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) को B.Tech के छात्र लारेब हाशमी ने सरकारी बस के कंडक्टर हरिकेश विश्वकर्मा पर चापड़ से हमला कर दिया। बाद में पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान आरोपित लारेब हाशमी को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान हाशमी ने SHO की गोली मार हत्या का भी प्रयास किया था। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित हरकेश के पिता ने बताया कि वो एक गरीब परिवार से हैं। इलाज का ख़र्च उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के कर्मचारी उठा रहे हैं।

लारेब हाशमी पर हरिकेश के पिता रामशिरोमणि विश्वकर्मा ने FIR दर्ज करवाई है। इस FIR में राम शिरोमणि ने बताया है कि लारेब हाशमी ने उनके बेटे पर किराए के विवाद में हमला किया है। इस हमले में हरिकेश की गर्दन के अलावा हाथों पर भी चोटें आई हैं। हमले के दौरान बस में सवार अन्य यात्री भाग खड़े हुए थे। यात्री नंदन यादव ने हरिकेश को अस्पताल भर्ती करवाया। ऑपइंडिया से बात करते हुए रामशिरोमणि विश्वकर्मा ने बताया कि उनके बेटे की हालत में सुधार हो रहा है और अब हरिकेश ने थोड़ा-बहुत बोलना भी शुरू कर दिया है।

2 साल पहले मिली नौकरी, साल भर पहले हुई थी शादी

ऑपइंडिया से बात करते हुए हरिकेश के पिता ने बताया कि वो बेहद गरीब परिवार से हैं। 24 साल के हरिकेश ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ITI की डिग्री भी ली। 2 साल पहले प्रयागराज में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के साथ ही उनको कंडक्टर की नौकरी मिल गई थी। लगभग 1 साल पहले हरिकेश की शादी भी हुई थी। रामशिरोमणि के मुताबिक, उनका परिवार काफी कुछ हरिकेश की कमाई पर निर्भर था। हमसे बात करते हुए हरिकेश के पिता रामशिरोमणि भावुक हो कर रोने लगे।

रोडवेज विभाग के कर्मचारी उठा रहे इलाज का ख़र्च

हरिकेश मूलतः प्रयागराज जिले के थाना सरायममरेज के गाँव सेमरी के रहने वाले हैं। उनके पिता ने ऑपइंडिया को बताया कि उनके बेटे का इलाज स्वरूपरानी अस्पताल प्रयागराज में चल रहा है। इलाज का ख़र्च हरिकेश के साथ उनके विभाग में काम करने वाले सहकर्मी उठा रहे हैं। जब हमने उनसे हमले की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि वो नहीं जानते कि लारेब हाशमी द्वारा उनके बेटे के खिलाफ दिखाई गई ऐसी बेरहमी की वजह क्या है। पुलिस ने हरिकेश की पिता की शिकायत पर लारेब हाशमी के खिलाफ IPC की धारा 307 (जान से मार डालने का प्रयास) के तहत कार्रवाई की है।

हरिकेश को काट कर फिर SHO पर चलाई गोली

लारेब हाशमी के खिलाफ औद्योगिक क्षेत्र में 2 अलग-अलग FIR दर्ज हुई है। पहली FIR घायल हरिकेश के पिता ने दर्ज करवाई है। वहीं दूसरा केस औद्योगिक थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी सुभाष कुमार सिंह ने दर्ज करवाया है। इस FIR में उन्होंने बताया है कि उन्होंने यूनाइटेड कॉलेज के गेट से लगभग 100 मीटर की दूरी पर शाम 5 बजे के लगभग आरोपित लारेब हाशमी को गिरफ्तार किया था। जब हाशमी से घटना में प्रयुक्त चापड़ के विषय में पूछा गया तो उसने चांडी बंदरगाह के पास झाडी में छिपाने की जानकारी दी।

पुलिस टीम लारेब को लेकर घटनास्थल पर चापड़ बरामद करने गई। शाम लगभग 7 बज कर 7 मिनट पर लारेब ने पुलिस से गाड़ी रोकने को कहा। गाड़ी रुकी तो हाशमी एक जगह चापड़ होने की बात कह कर चलने लगा। 50-60 कदम आगे जा कर उसने पुलिस से अपना हाथ छुड़ाया और भागने लगा। जब पुलिस ने हाशमी का पीछा किया तब वो अँधेरे का फायदा उठा कर एक झाडी के पीछे गया। यहाँ से उसने हथियार निकाला और पुलिस पर फायर झोंक दिया। गोली थाना प्रभारी के कान से पास से गुजरी जिस से वो बाल-बाल बच गए।

इसी हमले में SOG प्रभारी सब इंस्पेक्टर रणजीत सिंह भी जैसे तैसे बच पाए। पुलिस के मुताबिक यह गोली हाशमी ने अपने पास छिपा कर रखी 32 बोर की पिस्टल से चलाई थी। आत्मरक्षा में पुलिस की तरफ से हुई जवाबी कार्रवाई में हाशमी के पैर में गोली लगी और जो नीचे गिर पड़ा। गोली लगने के बाद पुलिस ने हाशमी को काबू किया और उस से पास ही रखा चापड़ बरामद किया। पुलिस ने इस मामले में लारेब हाशमी पर IPC की धारा 307 के साथ आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 3/25/27 के तहत केस दर्ज किया है। लारेब हाशमी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

बदन पर साड़ी, मुँह पर मेकअप और लड़के से लड़की बनने वाली REEL: नेगेटिव कमेंट्स देख 16 साल के प्रांशु ने की आत्महत्या, माँ बोली- मेरा बेटा होनहार था

मध्य प्रदेश के उज्जैन में खुद को मेकअप ऑर्टिस्ट कहने वाले 16 साल के प्रांशु ने 21 नवंबर 2023 को खुदकुशी कर ली। नाबालिग की सुसाइड को लेकर एक्टर, डॉक्टर और ट्रांसवुमन त्रिनेत्र हलदर गुम्माराजू ने अपने इंस्टा अकाउंट @trintrin पर दावा किया है कि प्रांशु यादव नाम के आर्टिस्ट ने ये कदम इसलिए उठाया क्योंकि लोग उनकी रील पर नफरत भरे कॉमेंट्स लिखते थे।

प्रांशु के इंस्टाग्राम अकॉउंट (@glamitupwithpranshu) पर उनकी मेकअप और ब्यूटी से जुड़ी रील्स हैं। इस दीवाली पर भी उन्होंने साड़ी में एक इंस्टाग्राम ट्रांजिशन रील पोस्ट की थी। इसी पर आए कॉमेंट्स को देखते हुए दावे हो रहे हैं कि उनकी आत्महत्या की यही वजह है।

हालाँकि, एक रिपोर्ट के मुताबिक, नागझिरी पुलिस थाना इंचार्ज कमल सिंह गहलोत ने कहा कि आत्महत्या के पीछे की सही वजह अभी तक पता नहीं चली है और मामले की जाँच जारी है। पुलिस ने उनके पिता राजेंद्र यादव और परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों के बयान ले लिए हैं।

कई LGBTQIA+ अधिकार समूहों ने दावा किया है कि प्रांशु समलैंगिक थे, लेकिन ऑपइंडिया को उनके इंस्टाग्राम आईडी पर कहीं भी इस संबंध में ऐसा कुछ नहीं लिखा मिला। प्रांशु ने अपने आपको एक मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर इंस्टा पर पेश किया हुआ था।

‘मेड इन हेवन’ वेब सीरीज की एक्टर त्रिनेत्र हलदर गुम्माराजू ने दावा किया कि प्रांशु का इंस्टाग्राम हैंडल का कॉमेंट सेक्शन 4,000 से अधिक होमोफोबिक यानी गे समुदाय को लेकर नापसंदगी और पूर्वाग्रह वाले कॉमेंट्स से भरा था।

उनका दावा है कि इन कॉमेंट्स ने ही प्रांशु को आत्महत्या के लिए उकसाया। प्रांशु के इंस्टाग्राम हैंडल ‘glamitupwithpranshu’ पर 16,500 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

एक्टर त्रिनेत्र ने कहा कि मेटा के मालिकाना हक वाले इंस्टाग्राम जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म LGBTQ समुदाय के लोगों को एक सेफ स्पेस देने में बार-बार नाकाम रहे हैं और दावा किया कि #JusticeForPranshu पर कोई पोस्ट नहीं है क्योंकि कुछ समुदाय दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं।”

प्रांशु की मौत के बाद एलजीबीटीक्यू समुदाय के कई सदस्यों ने अपना दुख जाहिर करते हुए और इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक जैसे सोशल प्लेटफार्मों को साइबरबुलिंग से निपटने में नाकाफी बताया है।

मृतक प्रांशु की माँ प्रीति यादव कहती हैं, “इस बात पर कोई ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है कि एक 16 साल के बच्चे को कुछ ऐसा करने के लिए जो न केवल उसे पसंद था, बल्कि वो उसमें अच्छा भी था के लिए ऑनलाइन नफरत भरे कॉमेंट्स का सामना करना पड़ा ? इस नकारात्मकता को परखने और कम करने की जरूरत है। मेरा बच्चा बेहद होनहार था। उसने कुछ भी ग़लत नहीं किया। मुझे उस पर गर्व है।”

वो आगे कहती हैं, “हर बच्चा अपने में अनोखा है और मैंने अपने बच्चे को वैसे ही स्वीकार किया जैसे वो था। मैं हमेशा उसके साथ खड़ा रहती थी। काश, उसने मुझे वह मौका दिया होता, मैं अब बेहद अकेला महसूस करती हूँ।”

गौरतलब है कि 2021 में मेटा छोड़ने वाले एक्स मेटा एक्जीक्यूटिव आर्थर बेजर ने दावा किया कि इंस्टाग्राम किशोरों किशोरों के लिए अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर में जनता को गुमराह कर रहा है। बेजर ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सीनेटरों से कहा था कि इंस्टाग्राम 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सही नहीं है।

पुलिस की गिरफ्त से शानू कुरैशी को छुड़ा ले गई भीड़, ताबड़तोड़ बरसाए पत्थर: वर्दी फाड़ी, गाड़ी तोड़ी, नोच लिए नेम्प्लेट्स

उत्तर प्रदेश के आगरा में दबिश के दौरान पुलिस पर हमला किया गया है। हमला फरार चल रहे वारंटी शानू कुरैशी की गिरफ्तारी की कोशिशों के दौरान हुआ। पुलिस शानू के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद उसे तामील कराने गई थी।

इस हमले में पुलिसकर्मियों की वर्दी को फाड़ दिया गया और उनकी नेमप्लेट नोच ली गई। भीड़ ने पत्थरबाजी की और पुलिस के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिसकर्मियों को जान से मार डालने की धमकी भी दी गई है। हमले का आरोप शानू कुरैशी उसके अब्बा हाजी मोहम्मद, शानू के भाई के अलावा इमरान, गुलफाम, असलम, तोतला पठान और नदीम आदि के साथ 20-25 अज्ञात लोगों पर लगा है। घटना शुक्रवार (24 नवंबर, 2023) की है।

यह मामला आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र का है। हमले का शिकार हुए सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में अरुण कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम लगभग 6:40 पर वो अपने साथ हेड कॉन्स्टेबल वीरपाल को ले कर शानू कुरैशी नाम के आरोपित की तलाश में उसके आगरा स्थित घर खातीपाड़ा गए थे। शानू के खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वॉरंट जारी कर रखा है। शानू कुरैशी अपने घर पर ही स्थित लोहे की दुकान पर बैठा मिला जिसे फ़ौरन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

शानू की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मौके पर उसके घर वाले पहुँच गए। उन्होंने पुलिस की वो बाइक खींच कर नीचे गिरा दी जिस से शानू को ले जाया जा रहा था। इसी के साथ आरोपित के घर वालों ने शोर मचा कर मीट आदि की दुकान पर बैठे अन्य लोगों को भी बुला लिया। मौके पर जमा भीड़ ने पुलिस वालों को धमकी दी कि अगर वो शानू को नहीं छोड़ेंगे तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। इस दौरान भीड़ में मौजूद लोग हिंसा पर उतारू हो गए। उन्होंने पुलिस वालों को गालियाँ दीं और उनके साथ मारपीट भी शुरू कर दी।

पुलिस ने शानू कुरैशी को नहीं छोड़ा तो हमलावर भीड़ ने उनकी वर्दियों को फाड़ डाला और नेम प्लेट नोच लीं। इस हंगामे के चलते अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। आसपास के दुकानदारों ने दुकानें बंद कर लीं। पुलिस ने हमलावरों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहे। हमलावरों ने पुलिस को निशाना बना कर पत्थरबाजी की जिस से सरकारी बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार और कॉन्स्टेबल वीरपाल को सामान्य चोटें आईं। दोनों को प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई।

चोटिल सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार की तहरीर पर शानू कुरैशी, उसके अब्बा हाजी मोहम्मद, उसके एक भाई, तोतला पठान, इमरान कुरैशी, गुलफाम, असलम, इमरान कुरैशी के भाई और नदीम को नामजद किया गया है। केस में 20 से 25 अज्ञात हमलावरों का भी जिक्र है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 148, 323, 506, 332 और 353 के साथ आपराधिक कानून (संसोधन) अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत FIR दर्ज की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। केस दर्ज होने के बाद आरोपित फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रहीं हैं।

रोहित-कोहली को टीम इंडिया से गुडबाय कैसे करवाएँ, हार्दिक पंड्या को शोएब अख्तर ने बताया: बिक जाएगा ‘गुजरात टाइटंस’ का कप्तान?

बतौर कप्तान एक नई फ्रैंचाइजी ‘गुजरात टाइटंस’ को IPL का ख़िताब जिताने वाले हार्दिक पंड्या क्या इस टीम से अलग होने वाले हैं? खबरों की मानें तो ऐसा ही कुछ होने वाला है। ESPN की खबर के अनुसार, हार्दिक पंड्या अब उसी टीम में जाने वाले हैं जहाँ से उन्होंने 2015 में अपना आईपीएल करियर शुरू किया था। इसके लिए ‘मुंबई इंडियंस’ 15 करोड़ रुपए ‘गुजरात टाइटंस’ को देने वाली है। ट्रांसफर फी का 50% हार्दिक पंड्या की जेब में जाएगा। अगर ये सफल होता है तो IPL के इतिहास का सबसे बड़ा प्लेयर ट्रेड होगा

ये खबर उस समय आई है जब भारत ODI वर्ल्ड कप हार चुका है और अगले साल T20 विश्व कप के लिए टीम कैसी होगी इस पर मंथन चल रहा है। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने भी बयान दिया है। टीम इंडिया में ट्रांजिशन का फेज चल रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 सीरीज में भी अधिकतर नए खिलाड़ियों को ही डाला गया है।अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में होना है जब तक रोहित शर्मा 40 के हो चुके होंगे और विराट कोहली 39 के।

बतौर टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का सफर भी खत्म हो चुका है। शोएब अख्तर ने कहा है कि रोहित शर्मा जैसा ओपनर भारत को अब नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के अंदर अभी काफी क्रिकेट बचा हुआ है। शोएब अख्तर ने हार्दिक पंड्या को अगला संभावित कप्तान बताते हुए कहा कि उन्हें ये सुनिश्चित करना होगा कि रोहित शर्मा किस तरह से सम्मानजनक तरीके से अपने करियर खत्म करें। उन्होंने इसके लिए उदाहरण दिया कि कैसे धोनी ने सचिन और फिर सचिन ने कोहली को हैंडल किया।

शोएब अख्तर ने कहा, “अब ये हार्दिक पंड्या के ऊपर है कि वो 2 महान खिलाड़ियों (रोहित और कोहली) को कैसे भेजना चाहते हैं। उन्हें नीचा भी न दिखाया जाए और सम्मानजनक तरीके से गुडबाय किया जाए। हार्दिक पंड्या उन दोनों की वजह से ही टीम में हैं। उन्हें टीम में जिस तरह से फेवर मिला है, उसे उन्हें चुकता करना चाहिए। दोनों भारतीय क्रिकेट के लेजेंड्स हैं, इसीलिए उन्हें जाने से पहले सम्मान दिया जाना चाहिए।” हार्दिक पंड्या अक्सर चोटिल रहते हैं, ऐसे में अब देखना है कि अगला कप्तान किसे बनाया जाता है।