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‘कॉन्ग्रेस मतलब बर्बादी, 60 साल में बुंदेलखंड को सिर्फ सूखा दिया’: हाथ छाप की गारंटी के खतरे PM मोदी ने मध्य प्रदेश को बताए

मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जोरों पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाजपा की जीत को सुनिश्चित करने के लिए पूरे दमखम के साथ जुड़े हैं। उन्होंने बुधवार (8 नवंबर 2023) को दमोह में एक रैली को संबोधित किया और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। गाँधी परिवार को लेकर उन्होंने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रिमोट से चलते हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “छत्तीसगढ़ में सट्टेबाजी है और राजस्थान में कॉन्ग्रेस के कुकर्मों की ‘लाल डायरी’ है… कॉन्ग्रेस का मतलब है ‘बर्बादी की गारंटी’। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस ने झूठे वादों की झड़ी लगा दी है। पार्टी जानती है कि मध्य प्रदेश के युवा उनके भ्रष्टाचार के ट्रैक रिकॉर्ड के कारण उन पर भरोसा नहीं करते। 2018 में उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया, लेकिन किसानों ने वादा निभाया 15 महीने तक इंतजार किया और फिर भी कुछ नहीं किया गया।”

नोटबंदी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जो लोग नोट के गद्दों पर सोते थे, उनकी नींद उड़ गई थी। मुझे भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कॉन्ग्रेस मुझे सौ-सौ गालियाँ देती हैं। जो मुझे गालियाँ देते हैं, ये सारे लोग किसी न किसी घोटाले में फँसे हुए हैं। ये लोग चाहे कितनी भी गालियाँ दें, भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं रुकेगी।”

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने इस साल मध्य प्रदेश के लोगों को हजारों करोड़ रुपए भेजे हैं। अगर कॉन्ग्रेस यहाँ गलती से भी आ गई तो 85 प्रतिशत कमीशन तय है। कॉन्ग्रेस फिर से मध्य प्रदेश को बीमारु राज्य बना देगी। उन्होंने युवाओं और गरीबों को कॉन्ग्रेस से सावधान रहने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य गरीब का विकास है। कॉन्ग्रेस को लोगों ने 60 साल मौका दिया, लेकिन कॉन्ग्रेस ने बुंदेलखंड को सिर्फ सूखा दिया। उन्होंने कहा, “ये (कॉन्ग्रेस के नेता) किसानों का कर्ज माफ करने की बात करते हैं, लेकिन वे वर्षों तक किसानों को ठगते रहे। ये चुनाव सिर्फ विधायक चुनने के लिए नहीं है, ये प्रदेश के विकास के लिए है।”

पीएम मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे के पाँच पांडव वाले बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके रिमोट के सेल जब तक चलते हैं, तब वह सनातन की बुराई करने लगते हैं। जैसे ही सेल खत्म होते हैं, वह पाँच पांडव की बात करने लगते हैं। पीएम ने कहा कि ‘हमें गर्व है कि हम पाँच पांडवों की राह पर चल रहे हैं’।

पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम भारत की एक गाथा- बुंदेले हर बोलो, हम बचपन में सुनते थे और एक गाथा आज हम दुनिया को सुना रहे हैं। भारत का ये गौरवगान आज संभव न हो पाता, अगर MP का इतना आशीर्वाद मुझ पर न होता। मोदी सिर्फ और सिर्फ आपका सेवक है। आपका जीवन बेहतर हो, आपके जीवन से मुश्किलें कम हो, यही मेरी प्राथमिकता है।”

वो रथयात्रा जिसकी धूल लोग सर से लगाते थे… करिश्मा ऐसा कि गाँधी-नेहरू भी फीके: 96 के हुए लालकृष्ण आडवाणी, बोले PM मोदी – उनके दूरदर्शी नेतृत्व से आगे बढ़ा देश

भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी आज (8 नवम्बर, 2023) को 96 साल के हो गए हैं। श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए रथ यात्रा निकाल कर आंदोलन खड़ा करने और भाजपा को सत्ता में लाने वाले क्षत्रप आडवाणी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन्मदिन की बधाई दी है।

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवम्बर, 1927 को अविभाजित भारत के कराची शहर में हुआ था। वह सिंधी समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं। पहले जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी की रीढ़ बनने वाले आडवाणी बँटवारे के बाद भारत आ गए थे।

आज से 33 वर्ष पहले यानी 1990 में आडवाणी ने हिन्दुओं को जोड़ने और राम मंदिर निर्माण की माँग के लिए गुजरात के सोमनाथ से अयोध्या तक के लिए रथ यात्रा निकाली। यह 25 सितम्बर को सोमनाथ से निकली थी और इसको अलग-अलग प्रदेशों से होते हुए 30 अक्टूबर, 1990 को अयोध्या पहुँचना था।

इस यात्रा के सारथी वही नरेंद्र मोदी थे, जो आज देश के प्रधानमंत्री हैं। उस समय वे गुजरात भाजपा के संगठन महामंत्री हुआ करते थे। असल में, राष्ट्रीय स्तर पर मोदी का अवतरण इसी रथ यात्रा के जरिए हुआ था। दूसरी तरफ जेपी आंदोलन से निकले नेता लालू यादव को अब इस बात की चिंता सता रही थी कि अब आंदोलन का प्रभाव खत्म हो चुका है और उनका वोटबैंक कहीं खिसक ना जाए। मंडल आरक्षण की राजनीति भी ढीली पड़ रही थी।

इन सबसे पार पाने के लिए लालू ने ‘सेक्युलरिज्म’ शब्द का सहारा लिया। उन्होंने इसी के बहाने आडवाणी की इस रथ यात्रा के पहिए रोक दिए। इस एक कदम का इतना प्रभाव हुआ कि देश कि सत्ता में बैठे प्रधानमंत्री वीपी सिंह की सरकार गिर गई। यह सत्ता ऐसे ही नहीं डोली थी। रथ यात्रा का प्रभाव ही इतना था कि यह जहाँ से निकलता था वहाँ इस पर फूलों की बरसात होती थी। लोग जहाँ से रथ निकलता था वहाँ की मिट्टी अपने माथे पर लगाते थे।

दिल्ली में बैठ कर मानसून के जाने और मशहूर गुलाबी ठंड आने का इंतजार कर रहे राजनीतिक पत्रकार और पंडित चकित थे। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गाँधी की रैलियाँ देखी थीं, इंदिरा गाँधी का करिश्मा देखा था लेकिन ऐसी कोई रथयात्रा नहीं देखी थी कि जिसकी धूल लोग माथे पर लगाएँ।

इस यात्रा की पूरी जिम्मेदारी वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी पर ही थी। हेमंत शर्मा ने अपनी किताब ‘युद्ध में अयोध्या’ में मोदी को इस यात्रा का रणनीतिकार और शिल्पी बताया है। यात्रा के मार्ग और कार्यक्रम को लेकर औपचारिक तौर पर सबसे पहले जानकारी भी मोदी ने ही 13 सितंबर, 1990 को दी थी। कहा जाता है कि इस यात्रा की हर सूचना जिस एक शख्स के पास होती थी वे मोदी ही थे।

यात्रा को रोका जाना दिखाता है कि सेक्यूलर जमात पर किस कदर समुदाय विशेष का मसीहा बनने का भूत सवार था। ‘युद्ध में अयोध्या’ के मुताबिक, 19 अक्टूबर, 1990 को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के सुंदरनगर गेस्ट हाउस में एक बैठक हुई। बैठक में शामिल होने के लिए आडवाणी रथ यात्रा धनबाद में छोड़कर आए थे। बैठक तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की पहल पर हुई थी। आडवाणी ने कहा कि वे सरकार गिराना नहीं चाहते। यदि सरकार अध्यादेश लाकर विवादित ढाँचे के आसपास की जमीन विहिप या उसके प्रतिनिधि को सौंपती है तो बीजेपी उसका समर्थन करेगी।

कहा जाता है कि वीपी सिंह नहीं चाहते थे कि मुलायम अकेले मुस्लिमों का मसीहा बने, इसलिए उनके निर्देश पर लालू यादव ने बिहार में ही आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया। हेमंत शर्मा ने ‘युद्ध में अयोध्या’ में लिखा है – वीपी सिंह ने एक तीर से दो शिकार किए। आडवाणी को गिरफ्तार करवा मुलायम को पटखनी दी।

आडवाणी की इस रथ यात्रा का प्रभाव था कि पूरे देश से कारसेवक अयोध्या में जुटने लगे। कारसेवक इस बात पर अडिग थे कि मंदिर निर्माण तो होकर रहेगा चाहे तत्कालीन प्रदेश सरकार कितना भी जोर लगा ले।

इसी कड़ी में 30 अक्टूबर, 1990 को अयोध्या में कारसेवकों पर गोली भी चली जिसमें कोठारी बन्धु समेत तमाम कारसेवक मारे गए। एक कारसेवक ने मरते हुए अपने खून से सड़क पर ‘जय श्री राम’ लिखा। यात्रा शुरू होने के बाद एक ओर देश के करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के सेवक आडवाणी खड़े थे तो दूसरी तरफ वीपी सिंह, मुलायम सिंह और लालू यादव जैसे नेता कैसे अधिकाधिक मुस्लिम वोट बटोरे जाएं इसके लिए आपस में ही होड़ कर रहे थे।

इस यात्रा के दो सालों बाद बाबरी को भी कारसेवकों ने गिराया और कोर्ट में अपने अधिकार की जमीन के लिए लड़ते भी रहे। आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बन रहा है। जनवरी 2024 में वह भक्तों के दर्शन के लिए तैयार हो जाएगा। लालकृष्ण आडवाणी, स्वर्गीय अशोक सिंहल और स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी उस पीढ़ी में हिन्दू स्वाभिमान जगा रहे थे जिसको दशकों से नेहरू के आदर्शवाद और इंदिरा के साम्यवाद के प्रेम के बूटों तले रौंद दिया गया था।

‘कहीं भी बलात्कार हो, उसमें साधु शामिल होता है’: असम में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाला कॉन्ग्रेस MLA आफताबुद्दीन मोल्ला गिरफ्तार

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाले कॉन्ग्रेस विधायक आफताबुद्दीन मोल्ला (Aftabuddin Mollah) को असम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोल्ला पर हिंदू संतों, पुजारियों और नामघरिया के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। उसके खिलाफ दिसपुर थाने में धार्मिक भावनाओं को आहत करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।

असम के DGP जीपी सिंह 8 नवम्बर 2023 को बताया कि आरोपित आफताबुद्दीन मोल्ला के खिलाफ असम के दिसपुर थाने में IPC की धारा 295(a), 153A(1)(b) और 505(2) के तहत केस दर्ज हुआ है। आरोपित विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शिकायतकर्ता गुवाहाटी के रहने वाले दीपक कुमार दास हैं। शिकायत में दीपक ने विधायक के बयान से अपनी धार्मिक भावनाएँ आहत होने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असम के जलेश्वर से विधायक आफताबुद्दीन मोल्ला ने 4 नवम्बर 2023 को गोलपारा में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “कहीं भी बलात्कार हो उसमें साधु या नामघरिया (वैष्णव मठों की देखरेख करने वाले) शामिल होते हैं। वे हिंदू पुजारियों के गुनाहों को छिपाने के लिए मुस्लिमों पर आरोप लगाते हैं।”

उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। कथित तौर पर सभा में शामिल कुछ लोगों ने ताली बजाकर कॉन्ग्रेस विधायक के इस बयान का समर्थन भी किया। मंच पर मुस्लिम समाज और कॉन्ग्रेस से जुड़े लोग मौजूद थे।

मोल्ला पर कार्रवाई की माँग करते हुए बीजेपी ने कहा है कि कॉन्ग्रेस का इतिहास ही हिन्दू विरोधी है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो जारी कर कहा है कि इससे पहले भी कॉन्ग्रेस ने हिन्दू आतंकवाद, राम को काल्पनिक बताना, श्रीकृष्ण द्वारा जिहाद सिखाना जैसी हरकतें करती आई है।

‘मेरे घर में घुस गई महुआ मोइत्रा, धमकाया’: पूर्व पार्टनर ने दिल्ली पुलिस से की शिकायत, कहा- झूठे मुकदमे दर्ज कराने की साजिश रच रहीं हैं TMC सांसद

तृणमूल कॉन्ग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा पर उनके पूर्व प्रेमी जय अनंत देहाद्राई ने अपने घर में चोरी से घुसने का आरोप लगाया है। जय अनंत देहाद्राई ने दिल्ली पुलिस को लिखे गए एक पत्र में महुआ के घर में घुसने और अपने ऊपर झूठे मुकदमों का खतरा बताया है।

बताया जाता है कि जय अनंत सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं और महुआ मोइत्रा के पूर्व प्रेमी हैं। जय अनंत द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ के खिलाफ पैसे और गिफ्ट लेकर संसद में प्रश्न पूछने के आरोप लगाए हैं। इसकी जाँच वर्तमान में संसद की आचार समिति कर रही है। महुआ आचार समिति की एक बैठक में भी हंगामा काट चुकी हैं।

जय अनंत देहाद्राई ने दिल्ली हौज ख़ास थाने के SHO को लिखे गए पत्र में बताया है, “वह मेरे खिलाफ पहले भी झूठी शिकायतें कर कर चुकी हैं। इसमें उन्होंने मुझ पर चोरी से घुसने और धमकाने का आरोप लगाया था लेकिन अक्टूबर 2023 में यह शिकायत लिखित तौर पर वापस ले ली थी। इसीलिए यह मेरे लिए चिंता का विषय है।”

आगे उन्होंने अपने शिकायती पत्र में लिखा है, “सांसद महुआ मोइत्रा 5 नवंबर, 2023 और 6 नवंबर, 2023 को बिना बताए मेरे घर पर क्रमशः सुबह 11 बजे और 9 बजे आईं। इस बात का पूरा अंदेशा है कि उनका एकमात्र उद्देश्य मेरे खिलाफ झूठे मुकदमे करना था। मैंने पहले भी इस विषय में दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है।”

जय अनंत ने दिल्ली पुलिस से माँग की है कि वह इस मामले की जाँच करें। इसे पहले देहाद्राई महुआ पर अपना रॉटविलर पालतू कुत्ता चुराने का आरोप लगाया है। देहाद्राई को महुआ को बीते दिनों अपना ‘जिल्टेड एक्स’ बताया था। गौरतलब है कि महुआ पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और गिफ्ट लेकर अडानी समूह के विषय में संसद में प्रश्न पूछने का आरोप है। इस सम्बन्ध में दर्शन हीरानंदानी ने भी एक पत्र जारी करके कहा था कि उन्होंने महुआ को पैसे दिए हैं।

महुआ पर अपनी संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड की जानकारी दर्शन से साझा करने का आरोप है, जिसको वह स्वयं स्वीकार कर चुकी हैं।

सदन में ‘गंदी बात’ पर बिहार के CM नीतीश कुमार ने माँगी माफी, विधानसभा में महिला विधायकों ने ‘भीतर मत घुसाओ, बाहर कर दो’ बयान पर घेरा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने बयान के लिए माफी माँग ली है। 8 नवंबर 2023 को विधानसभा पहुँचने पर महिला विधायकों ने उनका घेराव भी किया था। दरअसल 7 नवंबर को जनसंख्या नियंत्रण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने विधानमंडल के दोनों सदन में आपत्तिजनक बातें की थी। इसके बाद से उनसे माफी और इस्तीफे की माँग हो रही थी।

नीतीश कुमार ने कहा, “मेरे मन से अगर कोई सी बात आ गई। अगर मेरी कोई बात कहना गलत था तो मैं माफी माँगता हूँ और अगर किसी को मेरी बात बुरी लगी है तो मैं शब्द वापस लेता हूँ। यदि कोई मेरी निंदा करता है तो मैं उनका अभिनन्दन करता हूँ।”

इससे पहले बिहार विधान परिषद की सदस्य भाजपा नेता निवेदिता सिंह उनके इस बयान को काला धब्बा बताया था। नीतीश के बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग कि अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी उनसे माफी की माँग की थी। बिहार भाजपा ने उनको बी ग्रेड फ़िल्में देखने वाला बताया था।

नीतीश कुमार ने 7 नवम्बर 2023 को पहले बिहार विधानसभा और फिर विधानपरिषद में महिलाओं की शिक्षा और उसके जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

वहीं विधानपरिषद में उन्होंने कहा था, “उसी समय लड़की भी जब पढ़ी-लिखी रहती है तो कहती है कि ठीक है, रात में करो लेकिन अपना जो तुमको निकलने लगे तो बाहर निकाल कर फेंक दो। यही कर के लड़की सब अब सबको समझा रही है। ज़रा जान लीजिए। लड़की सब सभी को समझाती है कि अपने पति को कंट्रोल में रखिए।”

अब उन्होंने मीडिया के सामने इन बयानों पर माफी माँग ली है। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उनका यह कहते हुए बचाव किया था कि वह सेक्स एजुकेशन की बात कर रहे थे। इसके विषय में बात होने पर लोग शर्माते हैं।

फातिमा को इंजीनियर अब्बा ने ही मार डाला, क्योंकि गैर मुस्लिम से करती थी बात: पहले रॉड से पीटा, फिर मुँह में डाल दिया जहर

43 साल का अबीज मोहम्मद इंजीनियर है। उसे अपनी ही 14 साल की बेटी फातिमा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कथित तौर पर उसने पहले फातिमा को लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा, फिर उसे कीटनाशक पिला दिया। फातिमा का ‘गुनाह’ यह था कि वह एक गैर मुस्लिम लड़के से बात करती थी। घटना केरल के एर्नाकुलम की है।

फातिमा की 7 नवंबर 2023 को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उस पर हत्यारे अब्बा का कहर 29 अक्टूबर 2023 को टूटा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एर्नाकुलम जिले के अलुवा पश्चिम थाना क्षेत्र में रहने वाला 2 बच्चों का अब्बा अबीज मोहम्मद केरल विद्युत् बोर्ड का स्टाफ है। अबीज की 14 साल की बेटी एक गैर मुस्लिम लड़के से बात करती थी। यह लड़का 12वीं कक्षा का छात्र है।

बेटी का दूसरे मजहब के लड़के से बात करना अबीज को पसंद नहीं था। उसने बेटी को इस लड़के से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी। 29 अक्टूबर 2023 को अबीज ने फातिमा को फोन पर किसी से बात करते देखा। उसने अपनी बेटी का फोन चेक किया तो कॉल उसी लड़के की निकली। इस बात से नाराज हो कर उसने बेटी की लोहे की रॉड से बुरी तरह से पिटाई की। बाद में उसने फातिमा के मुँह में जबरन जहर डाल दिया। फातिमा की अम्मी ने अपने शौहर को रोकने की बहुत कोशिश की। इन कोशिशों के बावजूद थोड़ा जहर फातिमा के पेट में चला गया।

अबीज द्वारा जहर खिलाए जाने के चलते फातिमा को उल्टियाँ होना शुरू हो गई। आनन-फानन में फातिमा को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत खराब होने पर फातिमा को कोच्चि के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। 1 नवंबर को फातिमा की अम्मी ने पुलिस में अपने शौहर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने यह केस IPC की धारा 342, 324, 326 A और 307 के तहत दर्ज किया और अबीस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने जाँच के दौरान अस्पताल में जा कर फातिमा का बयान दर्ज किया। इस बीच मंगलवार (7 नवम्बर 2023) को फातिमा की इलाज के दौरान मौत हो गई। फातिमा के शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।

भीतर, बाहर, घुसाओ… नीतीश कुमार को सुन रोने लगी महिला MLC, तेजस्वी यादव बोले- यह सेक्स एजुकेशन, गलत मतलब न निकालें

जनसंख्या नियंत्रण को समझाने के क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 नवंबर 2023 को विधानमंडल के दोनों सदनों में कुछ ऐसा कह दिया जिसके लिए अब उनसे माफी की माँग की जा रही है। हालाँकि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इसे ‘सेक्स एजुकेशन’ बताकर उनके बयान का बचाव किया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि नीतीश कुमार से इस बयान को लेकर माफी की माँग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में दिया गया नीतीश का बयान इस देश की हर महिला के सम्मान और स्वाभिमान के खिलाफ है। यह घटिया बयान हमारे समाज पर एक गहरा धब्बा है।

वहीं बिहार विधान परिषद में भाजपा पार्षद निवेदिता सिंह नीतीश के इस बयान पर दुखी होकर रोने लगीं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “ये क्लास है क्या? यहाँ नियम बनता है, संविधान बनता है, कानून बनाए जाते हैं। यहाँ सेक्सुअल क्लास हो रहा है क्या? यहाँ किसी का सेक्सुअल हैरासमेंट हुआ है क्या?”

आगे उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ऐसा बयान कर रहे हैं जैसे खुद के साथ घटित हो रही हो घटना। बड़ा प्रैक्टिकल तरीके से मुख्यमंत्री बता रहे थे और कहीं से सम्बन्ध नहीं था इस विषय का। हम सब मुख्यमंत्री को सुनने के लिए बैठे हुए थे, ये जातीय गणना के बारे में सुनने के लिए। हम उसका स्वागत करते हैं। अब उन्होंने पूरे ही सेनेरियो को ही चेंज कर दिया। अब इसके लिए जितनी भी निंदा की जाए मुख्यमंत्री की, उतना कम है। आज का दिन बिहार विधान परिषद के लिए काला धब्बा है।”

बिहार भाजपा ने भी नीतीश पर हमला बोलते हुए एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “भारत की राजनीति में नीतीश बाबू जैसा अश्लील नेता देखा नहीं होगा। नीतीश बाबू के दिमाग में एडल्ट ‘B Grade’ फिल्मों का कीड़ा घुस गया है। सार्वजनिक रूप से इनके द्विअर्थी संवादों पर पाबंदी लगानी चाहिए। लगता है संगत का रंगत चढ़ गया है!”

जहाँ कई नेताओं ने नीतीश कुमार के इस बयान की आलोचना की वहीं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इसके बचाव में उतर आए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार विधानसभा में सेक्स एजुकेशन के बारे में बात कर रहे थे। जब भी सेक्स एजुकेशन को लेकर बात होती है तो लोग शर्माते हैं। इसका गलत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

आरक्षण की सीमा बढ़ कर होगी 75 प्रतिशत! जाति जनगणना के बाद CM नीतीश कुमार का ऐलान, विधानसभा में लाया जाएगा प्रस्ताव

बिहार में जातिगत जनगणना के निष्कर्षों के आधार पर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कई बड़ी घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक योजना बनाई जाएगी। इस योजना के तहत, प्रत्येक परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों को प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया जाएगा। बिहार सरकार का दावा है कि आरक्षण की सीमा बढ़ाने से आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों को अधिक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार जातिगत जनगणना एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस जनगणना से बिहार के लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर पता चलेगा। इस जनगणना के आधार पर, सरकार नए नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करेगी।

नीतीश कुमार ने कहा कि गरीब परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा गरीब परिवारों को जमीन खरीदने और घर बनाने के लिए भी 40-40 हजार की मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले 5 सालों में ये खर्च किया जाएगा, जिसमें 40-50 हजार करोड़ का खर्च आएगा। नीतीश कुमार ने कहा कि अगर केंद्र सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे देती है, तो ये काम जल्दी भी हो जाएगा।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें सीधा आरक्षण 65 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए रखा गया 10 प्रतिशत आरक्षण जारी रहेगा।

नीतीश कुमार ने विधानसभा में चर्चा के दौरान आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 50 से 65 करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस के 10 फीसदी को मिलाकर आरक्षण 75 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया है। चर्चा के दौरान सीएम नीतीश ने कहा कि आरक्षण बढ़ाने के लिए सलाह ली जाएगी। इस प्रस्ताव के मुताबिक, एससी वर्ग को फिलहाल मिलने वाले 16 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। इसके साथ ही एसटी वर्ग के आरक्षण को एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा। वहीं, ईबीसी (अत्यंत पिछड़ा) और ओबीसी को मिलाकर 43 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। अभी ये 30 प्रतिशत है।

बता दें कि मंगलवार (7 नवंबर, 2023) बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना के आँकड़ों के बाद अब विधानसभा के पटल पर पूरे बिहार की शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का आँकड़ा रखा। ये आँकड़ा जातिवार है। बिहार में कुल 2 करोड़ 76 लाख 68 हजार 930 परिवार हैं, जिसमें से 94 लाख 42 हजार 786 परिवार गरीब हैं। ये कुल परिवारों का 34.13 प्रतिशत आँकड़ा है। इस गणना के हिसाब से बिहार में सामान्य वर्ग के कुल 43 लाख 28 हजार 282 परिवार हैं, जिसका 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गरीबी में जीवन यापन कर रहा है।

बिहार विधानमंडल के पटल पर रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में पिछड़ा वर्ग के कुल 33.16 प्रतिशत, सामान्य वर्ग के कुल 25.09 प्रतिशत, अति पिछड़ा वर्ग के 33.58 प्रतिशत, अनुसूचित जाति वर्ग के 42.93 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति वर्ग के कुल 42.7 प्रतिशत परिवार गरीब हैं। यही नहीं, सामान्य वर्ग में भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत जैसे तीन सबसे समृद्ध बताई जाने वाली जातियों के करीब 25 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं।

छात्रों को धर्म-विचारधारा के आधार पर प्रताड़ित करती थी हमास समर्थक प्रोफेसर, लड़कियों को लुक्स को लेकर करती थी अपमानित: महिला आयोग ने चेताया – 1 सप्ताह में करो कार्रवाई

हरियाणा स्थित OP जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में समीना दलवई नामक एक महिला प्रोफेसर द्वारा क्लासरूम में सबके सामने छात्रों की निजता भंग करने का आरोप लगा है। उक्त प्रोफेसर हमास का समर्थन और ‘जय श्री राम’ से नफरत करने के लिए भी कुख्यात रही हैं। उन्होंने छात्रों के सामने ही छात्र-छात्राओं की Bumble (डेटिंग एप) आईडी खोल कर प्रदर्शित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने चु%या जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। अब हरियाणा की राज्य महिला आयोग की टीम इसकी जाँच करने पहुँची है।

आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें आयोग की टीम OP जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में जाँच करते हुए दिख रही है। वो खुद भी वहाँ गई थीं। उन्होंने जानकारी दी है कि इस दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रोफेसर समीना दलवई द्वारा प्रताड़ना और प्राइवेसी के उल्लंघन की पुष्टि की है। इन छात्र-छात्राओं से सोमवार (7 नवंबर, 2023) को उन्होंने मुलाकात की। उन्होंने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस संबंध में जानकारी दी है।

रेणु डब्ल्यू भाटिया ने लिखा, “ये देखना काफी दिल तोड़ने वाला है कि एक संस्थान अपने छात्रों को सुरक्षित जगह मुहैया कराने में नाकाम रहा, जहाँ वो अपनी प्रताड़ना के खिलाफ शिकायत तक दर्ज करा सकें और उन्हें इसके बदले और प्रताड़ित न किया जाए। ये सुरक्षित व्यवस्था बनाने के लिए हरियाणा की राज्य महिला आयोग को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुलपति प्रोफेसर सी राजकुमार ने बताया कि उन्हें इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं थी।”

हालाँकि, हरियाणा की राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि इस दौरान VC राजकुमार ने कहा कि आरोपित महिला प्रोफेसर की तरफ से उन्हें माफीनामा मिला है। हालाँकि, बताया गया है कि इस मामले में सिर्फ वो ही आरोप नहीं हैं जो सार्वजनिक हैं। छात्रों के साथ उनके धर्म और उनकी विचारधारा के आधार पर भेदभाव किया जाता है। लड़कियों को उनके लुक्स और शारीरिक बनावट के आधार पर अपमानित किया जाता है। उन्हें एक वस्तु की तरह ट्रीट किया जाता है।

इसे संविधान के अनुच्छेद-14 का स्पष्ट उल्लंघन बताया जा रहा है। महिला आयोग ने यूनिवर्सिटी को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया है, ऐसा न होने की स्थिति में कमीशन खुद कार्रवाई करेगा और प्रकरण को अपने हाथ में लेगा। रेणु भाटिया ने कहा कि इन छात्रों को जो मानसिक प्रताड़ना मिली है वो विश्वास से परे है। उन्होंने शिक्षा को राजनीति से मिलाने की निंदा करते हुए कहा कि लड़कियाँ डेटिंग एप्स पर अपना पीछा किए जाने के कारण डरी हुई हैं।

छात्रों को कुछ ईमेल भी महिला प्रोफेसर की तरफ से भेजे गए जो भेदभाव वाले हैं। महिला आयोग ने इसे मूलभूत अधिकारों का भी उल्लंघन माना है। आयोग ने कहा कि हम शिक्षा के नाम पर घृणा की खेती की अनुमति नहीं दे सकते और कार्रवाई करनी होगी। बता दें कि वायरल एक वीडियो क्लिप में दिखता है कि स्मार्ट टीवी पर एक लड़की का बम्बल अकाउंट खुला हुआ है और वह लेक्चर दे रही हैं। टीवी के पास लगे बोर्ड में ‘मल्लू’, ‘आयु’, ‘जगह’ और ‘फ्रेशर’ जैसे शब्द लिखे गए हैं। एक अन्य वीडियो में दिखता है कि समीना ने एक लड़के की आईडी टीवी पर खोली हुई है और हाँ या ना में जवाब माँग रही हैं।

‘पटाखा बैन पूरे देश में लागू, सिर्फ दिल्ली-NCR नहीं’: दीपावली से पहले सुप्रीम कोर्ट का फरमान, कहा – वायु एवं ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए उठाए जाएँ कदम

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर बैन को लेकर दिया गया आदेश पूरे देश पर लागू होता है, किसी भी अन्य जगह पर आदेश लागू करने के लिए नया आदेश निकालने की जरूरत नहीं है। इसका मतलब है कि पटाखों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और उसके पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कारण बताते हुए पूरे देश में अब ये बैन लागू हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पूरे देश में पटाखों पर बैन लगा दिया है। यह आदेश सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पूरे देश पर लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पटाखों से होने वाला प्रदूषण गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। पटाखों से होने वाला वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और प्रकाश प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान सरकार को निर्देश देने की माँग को लेकर ये याचिका जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ में दायर हुई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि बेरियम पटाखों पर प्रतिबंध और वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के मामले में नए निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है। उसका पिछला आदेश देश के सभी राज्यों के लिए बाध्यकारी हैं।

जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा, “इस समय, किसी विशेष आदेश की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इस न्यायालय ने याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कई आदेश पारित किए हैं, जहाँ वायु के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण को कम करने और उससे बचने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में भी वही आदेश लागू होंगे। ऐसे में हम स्पष्ट कहते हैं कि राजस्थान राज्य भी इस पर ध्यान देगा और न केवल त्योहारी सीजन के दौरान बल्कि पूरे साल वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए सभी कदम उठाएगा।

बता दें कि साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्देश पारित किए थे कि दिवाली से पहले पटाखों में प्रतिबंधित रसायनों का उपयोग न किया जाए। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया था कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है और केवल उन्हीं पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है जिनमें बेरियम का इस्तेमाल होता है। वहीं, 2018 के एक अन्य आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के बाद ग्रीन पटाखों को जलाने की अनुमति है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण से लोगों को साँस की समस्या, दिल की समस्या, और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। पटाखों से होने वाला ध्वनि प्रदूषण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। पटाखों का उपयोग केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया जा सकता है। इन कार्यक्रमों में भी पटाखों का उपयोग सीमित मात्रा में किया जाएगा। पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा दी गई है।