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‘बस एक ट्वीट दिखा दो, जिसमें तुमने भारत या भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की’: आरफा खानम की ‘इस्लामी गिल्ली’ विदेशी क्रिकेटर ने उड़ाई

भारत और हिन्दू धर्म को लेकर अक्सर नफरत फैलाने वाली ‘The Wire’ की तथाकथित पत्रकार आफरा खानम शेरवानी ने इस बार गलत पंगा ले लिया। लोग इसीलिए ऐसा कह रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर उनके हर प्रोपेगंडा को ध्वस्त कर रहे हैं। जब आरफा खानम ने ऑनलाइन आलोचना को ‘लिंचिंग’ बता कर उन पर निशाना साधा, तो दानिश कनेरिया ने साफ़ कर दिया कि इन शब्दों का इस्तेमाल कर के उनके खिलाफ प्रोपेगंडा नहीं चलेगा।

आरफा खानम शेरवानी का ‘विक्टिम कार्ड’

असल में, जब आरफा खानम शेरवानी ने खुद के भारतीय होने पर शर्मिंदगी जताई तो दानिश कनेरिया ने कह दिया कि वो पाकिस्तान आ जाएँ। इसे आरफा सांप्रदायिक बताने लगीं। जवाब मिलने पर उन्होंने कहा कि उस ट्वीट का हर एक शब्द कम्युनल था। आरफा खानम शेरवानी का मानना है कि किसी भारतीय मुस्लिम को पाकिस्तान जाने के लिए कहना उतना ही सांप्रदायिकता और बहुसंख्यकवादी है, जितना किसी पाकिस्तानी हिन्दू को धर्मांतरण के लिए कहना।

उन्होंने लिखा कि इसका अर्थ हुआ किसी अल्पसंख्यक को ये कहना कि तुम यहाँ से संबंध नहीं रखते हो, जब तक कि तम बहुसंख्यक धर्म में कन्वर्ट नहीं हो जाते। हालाँकि, ये अलग बात है कि भारत में मुस्लिमों की जितनी जनसंख्या है, लगभग 190 देशों की कुल आबादी भी उतनी नहीं है। भारत में मुस्लिम दूसरे सबसे बड़े बहुसंख्यक हैं, अल्पसंख्यक नहीं। सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, यहूदी या फिर ईसाई समाज तक की तरफ से इस तरह से अल्पसंख्यक-बहुसंख्यक वाला प्रोपेगंडा नहीं चलाया जाता रहा है, जबकि इस्लामी गिरोह के लिए ये आम हथियार है।

दानिश कनेरिया ने आरफा खानम शेरवानी को जवाब देते हुए लिखा, “मैं धर्मांतरण, बहुसंख्यकवाद, हिन्दुओं, भारतीय मुस्लिमों या धर्म/मजहब की बात ही नहीं कर रहा हूँ। मैं सीधे-सीधे तुम्हारी वफादारी के बारे में बात कर रहा हूँ। चलो, एक स्पष्ट जवाब के साथ इस बहस को खत्म करते हैं – मुझे सिर्फ एक ट्वीट ऐसा दिखा दो जिसमें तुमने भारत या इसकी संस्कृति की प्रशंसा की है।” आरफा खानम शेरवानी अब लगातार अपने समर्थन में गिरोह विशेष के लोगों द्वारा किए जा रहे ट्वीट्स को रीट्वीट कर रही हैं।

आरफा खानम शेरवानी आज धर्मांतरण की बात कर रही हैं, लेकिन पाकिस्तान में हर महीने 20-25 हिन्दू लड़कियों के अपहरण, इस्लामी धर्मांतरण और निकाह की घटनाएँ होती हैं तो वो चुप रहती हैं। पाकिस्तान के ही ‘औरत फाउंडेशन’ और ‘मूवमेंट फॉर सॉलिडेरिटी एन्ड पीस’ का कहना है कि हर साल 1000 लड़कियों के साथ ऐसी क्रूरता होती है। हाल ही में रजीता मेघवार कोल्हि नामक दलित लड़की के साथ यही हुआ।अपहरण के बाद के पास जाने के लिए वो रोती रहीं, लेकिन पाकिस्तान की पुलिस या न्यायपालिका भी हिन्दू विरोधी ही है। आरफा इस पर भी चुप रहती हैं।

दानिश कनेरिया ने अब भी स्पष्ट कहा है कि उनका जन्म पाकिस्तान में हुआ, उन्होंने क्रिकेट पाकिस्तान के लिए खेला और आज भी वो एक पाकिस्तानी के रूप में गौरव महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ तुच्छ लोगों ने उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव किया, लेकिन इसके लिए वो सभी को दोष नहीं दे सकते। उन्होंने साफ़ कहा कि वो अपने देश को गाली नहीं दे सकते। हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा कि उनके समुदाय के साथ कुछ गलत होता है तो वो चुप भी नहीं रहेंगे, बल्कि आवाज़ उठाएँगे।

दानिश कनेरिया ने कर दिया है ‘इलाज’

अब आपको बताते हैं कि ये सब शुरू कैसे हुआ। असल में आरफा खानम शेरवानी ने ट्वीट कर के लिखा, “विश्व कप के मैचों के दौरान कई फैंस के निंदनीय व्यवहार से एक भारतीय के रूप में मुझे शर्म महसूस हो रही है, मैं इससे लज्जित हूँ। खेल का उद्देश्य था लोगों को एक साथ लाना, लेकिन इसे लेकर गंदा, असुरक्षित भावना और बहुसंख्यकवाद मोदी-RSS द्वारा पिछले 10 साल में बनाए गए माहौल का प्रतीक है।” उनका इशारा भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान अहमदाबाद में फैंस द्वारा ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को लेकर था।

हालाँकि, अरफ़ा खानम शेरवानी पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान द्वारा मैदान पर ही नमाज पढ़े जाने को लेकर खामोश रहती हैं। पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बार उन्हें जवाब देते हुए कहा, “अगर तुम एक भारतीय के रूप में शर्म महसूस कर रही हो तो मेरे देश पाकिस्तान में आ जाओ। भारत को तुम्हारे जैसे लोगों की ज़रूरत ही नहीं है। मैं आश्वस्त हूँ कि भारत में कई लोगों को तुम्हें पाकिस्तान भेजना का खर्च उठाने में ख़ुशी होगी।”

जैसे ही लोगों ने आरफा खानम शेरवानी को जवाब देना शुरू किया, उन्होंने ‘विक्टिम कार्ड’ निकाल लिया। उन्होंने दावा किया कि दानिश कनेरिया ने उनकी ‘ऑनलाइन लिंचिंग’ के लिए भीड़ छोड़ दी है और वो ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें दुःख है कि कई धर्मों के फैंस द्वारा जिस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को प्यार किया गया वो अब एक सांप्रदायिक ट्रोल बन गया है। इसके बाद आरफा ने पाकिस्तान जाने से भी इनकार कर दिया और कहने लगीं कि ‘अपने देश’ को छोड़ कर दुनिया में कहीं नहीं जाएँगी।

इसके बाद दानिश कनेरिया ने आरफा खानम शेरवानी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों (भीड़, लिंच, धार्मिक, ट्रोल) पर कटाक्ष किया। उन्होंने साफ़ कहा कि उनके खिलाफ इन प्रोपेगंडा शब्दों का इस्तेमाल न किया जाए। दानिश कनेरिया ने पूछा कि क्या उन्होंने अपने ट्वीट में कहीं भी सांप्रदायिकता की बात की? दानिश ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद दानिश कनेरिया ने उनसे स्पष्ट जवाब माँगा है कि क्या उन्होंने कभी भारत या उसकी संस्कृति की तारीफ की है, एक बार भी?

दुर्गा पूजा करने पर कट्टर मुस्लिमों ने दानिश कनेरिया को दी गाली =

याद दिलाते चलें कि दानिश कनेरिया द्वारा नवरात्रि के दिनों में देवी माँ के साथ फोटो डालने पर इस्लामी ट्रोल गाली-गलौज पर उतर आए। देवी माँ की पूजा करने पर मुस्लिम अकाउंट उन्हें वतन गद्दार बता रहे हैं। एक यूजर ने उन्हें ‘सूअर’ की भी गाली दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दानिश कनेरिया पाकिस्तान में रह कर भी अपने हिन्दू रीति रिवाजों को मान रहे हैं। दानिश ने देवीमंत्र के साथ एक फोटो एक्स पर डाली तो आमिर खान ने लिखा, “आप सूअर जैसे लगते हो!”

फैसी मलिक नाम के एक अकाउंट ने लिखा, “एक बार फ़िक्सर, हमेशा फ़िक्सर!” आमिर खान ने ही लिखा कि यदि दानिश अब भी क्रिकेट खेल रहे होते सबसे गन्दी शकल उन्हीं की होती। अरशद नाम के एक ट्रोल ने लिखा कि फ़िक्सर भगवान से माँग रहा है। फैसी मलिक ने कनेरिया द्वारा देवी की आरती की वीडियो ट्विटर पर डालने पर उन्हें वतन गद्दार बता दिया। ‘मिस्टर रेजर’ नाम के अकाउंट ने हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि क्या बूतों की पूजा कर रहा है, मुस्लिम बन जा, जिद छोड़ दे।

शहजादी का होना था निकाह, बाल-बच्चेदार अजहरुद्दीन ने होटल में बुलाकर मार डाला: घरवालों को कॉल कर लाश ले जाने को कहा

23 साल की शहजादी का निकाह तय था। 35 साल के आशिक अजहरुद्दीन ने आखिरी बार मिलने के बहाने होटल में बुलाया और हत्या कर दी। फिर शहजादी के घरवालों को कॉल कर लाश ले जाने को कहा। घटना 22 अक्टूबर 2023 की है। मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का है।

हत्या के बाद से बाल बच्चेदार अजहरुद्दीन फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गाजियाबाद के वेबसिटी थाना क्षेत्र की है। हापुड़ के धौलाना इलाके की रहने वाली शहजादी लगभग 4 साल पहले गाजियाबाद के अजहरुद्दीन से मिली थी। उम्र में लगभग 13 साल का फर्क होने के बावजूद थोड़े समय की मुलाकात के बाद दोनों में प्यार हो गया। कुछ दिनों तक दोनों लिव इन रिलेशन में भी रहे। अजहरुद्दीन पहले से शादीशुदा और बाल-बच्चेदार था। शहजादी से मिलने के बाद उसने अपनी बीवी और बच्चों को छोड़ दिया था।

इस बीच शहजादी के घर वालों ने उसका निकाह तय कर दिया। शहजादी का निकाह 14 नवंबर 2023 को दिल्ली के एक युवक से होना तय था। पहले से नशीले पदार्थों की तस्करी में नामजद रहा अजहरुद्दीन इससे नाराज था। वहीं शहजादी अपने नए रिश्ते से खुश थी। अजहरुद्दीन ने लड़की को अंतिम बार मिलने के बहाने 20 अक्टूबर को डासना स्थित होटल अनंत में बुलाया।

अजहरुद्दीन की बातों में शहजादी आ गई। अपने घर में बिना किसी को बताए अजहरुद्दीन से मिलने निकल पड़ी। घर में उसने अपनी किसी सहेली से मिलने की बात कही थी। रविवार (22 अक्टूबर) की सुबह अजहरुद्दीन ने शहजादी के घर पर कॉल किया। फोन पर उसने कहा, “सब खत्म हो गया है। शहजादी की लाश डासना के अनंत होटल में पड़ी है। उसे ले जाना।” इस कॉल पर जब लड़की के घर वाले होटल पहुँचे तो कमरे में शहजादी की लाश पड़ी मिली।

मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस होटल में पहुँच कर जाँच-पड़ताल में जुट गई। मृतका के मुँह से झाग आ रहा था। पुलिस को आशंका है कि शहजादी की हत्या या तो गला दबा कर की गई है या जहर दे कर। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अजहरुद्दीन को नामजद करते हुए हत्या की FIR दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद हत्या की असल वजह की जानकारी मिल पाएगी। फरार अजहरुद्दीन की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है।

स्कूल-कॉलेज में हिन्दू धर्म को अपमानित करने के पीछे कैसी मानसिकता: जय श्री राम का नारा भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में लगाया जाएगा?

भारत में और वह भी उत्तर प्रदेश में जहाँ पर एक योगी मुख्यमंत्री का शासन है, क्या वहाँ पर भी यह हो सकता है कि जय श्री राम के नारे लगाने पर बच्चों के विरुद्ध कार्यवाही हो जाए? क्या जय श्री राम का नारा लगाने पर बच्चों को कॉलेज के किसी प्रोग्राम में स्टेज से उतारा जा सकता है? क्या जय श्री राम का नारा लगाने को लेकर कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी भी की जा सकती है? और क्या अगर ऐसा कहीं हुआ भी है, तो फिर उसे ठीक भी ठहराया जा सकता है?

यदि यह कहा जाए कि यह सब हुआ और उत्तर प्रदेश में हुआ, तो सहज विश्वास नहीं होगा क्योंकि यह हमारी अपेक्षा से परे है। लेकिन सच यही है कि यह हुआ है गाज़ियाबाद के एबीईएस कॉलेज में। यहाँ पर एक बच्चे ने मंच पर चढ़कर साथियों का अभिवादन करते हुए जय श्री राम कह दिया। और उसके ऐसा करते ही उसे एक शिक्षिका द्वारा मंच से नीचे उतार दिया गया।

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर शोर मचा, वैसे ही लोगों ने विरोध करना आरम्भ कर दिया। प्रश्न जायज भी है कि आखिर क्यों प्रभु श्री राम का नारा लगाने पर विरोध हो? और ऐसा क्या गलत कह और कर दिया था?

लोगों ने शोर मचाया और उसके बदले में आरोपी शिक्षिका ममता गौतम ने वीडियो जारी करके अपनी सफाई दी। यह सफाई कम और उस विद्यार्थी पर आक्षेप अधिक थी। इसमें उन्होंने कहा कि चूँकि वह सनातनी परम्परा को मानने वाली हैं और शारदीय नवरात्रि में वह विधि-विधान से पूजा करती हैं, अत: प्रभु श्री राम को लेकर न ही उन्हें कोई समस्या है और न ही होगी।

परन्तु यह सफाई क्या उस पीड़ा को कम कर सकती है, जो लाखों हिन्दू लोगों को हुई कि लड़के को जय श्री राम बोलने को लेकर मंच से नीचे उतार दिया गया? हालाँकि जब मामला बढ़ा तो कॉलेज की ओर से जाँच की गई और जाँच के बाद 2 शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया।

बात सिर्फ एबीईएस कॉलेज तक सीमित नहीं है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आधुनिक इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम हरिजन ने तो यहाँ तक कह दिया कि वो भगवान राम और भगवान कृष्ण यदि अभी होते तो दोनों को जेल भेज देते। अब ऐसे में प्रश्न कई उठते हैं। सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी कुछ प्रश्न हैं:

  1. क्या कथित पढ़ाई का झंडा उठाने वाले लोग हिन्दू जड़ों से कटे हुए लोग होते हैं?
  2. क्या जैसे-जैसे इंसान किताबें पढ़ता जाता है, वह अपनी हिन्दू पहचान से विमुख होता जाता है?
  3. यदि ऐसा नहीं है तो क्या कारण है कि स्कूल और कॉलेज जैसे शिक्षा के संस्थानों में बहुसंख्यक हिन्दू धर्म को निरंतर अपमानित किया जाता है?
  4. आखिर क्यों ऐसी घटनाएँ होती हैं, जिनके चलते हिन्दू समाज को न्याय के लिए शोर मचाना पड़ता है?

एक और प्रश्न: जय श्री राम का नारा भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में लगाया जाएगा?

वाघ-बकरी चाय के मालिक पराग देसाई की मौत, सड़क पर कुत्तों ने कर दिया था हमला: ब्रेन हेमरेज के कारण वेंटीलेटर पर थे

गुजरात की मशहूर ‘वाघ बकरी’ चाय कंपनी के मालिक और कार्यकारी निदेशक पराग देसाई का रविवार (22 अक्टूबर, 2023) को अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 49 वर्षीय देसाई ब्रेन हेमरेज के कारण अस्पताल में भर्ती थे। वह काफी दिनों से वेंटीलेटर पर थे। वह उस समय घायल हो गए थे जब स्ट्रीट डॉग्स ने उनपर हमला कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 15 अक्टूबर को जब वह सड़क पर कुत्तों से बचने की कोशिश कर रहे थे, तब देसाई अपने घर के बाहर गिर गए और उन्हें ब्रेन हैमरेज हो गया। एक सुरक्षा गार्ड ने परिवार को घटना के बारे में सूचना दी और देसाई को इलाज के लिए पास के शेल्बी अस्पताल ले जाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन की निगरानी के बाद उन्हें सर्जरी के लिए ज़ाइडस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। वह पिछले एक हफ्ते से अस्पताल में वेंटीलेटर पर थे। वहीं रविवार देर रात स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उनकी मौत हो गई। 

वाघ-बकरी ग्रुप के कार्यकारी निदेशक पराग देसाई परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य थे, जो 1892 में नारनदास देसाई द्वारा स्थापित कंपनी के व्यवसायों को सँभालते थे। देसाई के परिवार में उनकी पत्नी विदिशा और बेटी परीशा हैं।

चाय के स्वाद के विशेषज्ञ थे पराग देसाई

पराग और उनके चचेरे भाई पारस 1990 के दशक में पारिवारिक व्यवसाय में शामिल हुए थे। पराग, लॉन्ग आइलैंड यूनिवर्सिटी, यूएसए से एमबीए करने के बाद वाघ बकरी टी ग्रुप के बोर्ड में दो कार्यकारी निदेशकों में से एक थे। वह कंपनी की बिक्री, विपणन और निर्यात को संभालते थे। बताया जाता है कि देसाई को चाय की काफी अच्छी परख थी। वह एक कुशल कारोबारी होने के साथ ही चाय के विशेषज्ञ भी थे।

‘ऑपरेशन अजय’ के तहत अब तक 6 उड़ान, 1300+ भारतीय लौट चुके हैं स्वदेश: नेपाल के भी लोगों को ला रही है मोदी सरकार

7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर इस्लामी संगठन हमास ने हमला किया था। इसके बाद से जारी जंग के बीच 1300 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। इन्हें सुरक्षित घर लाने के लिए मोदी सरकार ‘ऑपरेशन अजय’ चला रही है। इसके तहत 22 अक्टूबर को 143 लोगों को लेकर छठा विमान तेल अवीव से नई दिल्ली पहुँचा। इनमें में दो नेपाली नागरिक भी हैं।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर बताया है, “ऑपरेशन अजय के तहत छठा विमान नई दिल्ली में उतरा है। विमान में दो नेपाली नागरिकों सहित 143 लोग सवार थे। एयरपोर्ट पर इनका स्वागत केंद्रीय मंत्री फगन सिंह कुलस्ते ने किया।”

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन अजय’ आतंकवादी संगठन हमास और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध में फँसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार का चलाया ऑपरेशन हैं। ये ऑपरेशन 12 अक्टूबर को शुरू किया गया था।

इससे पहले 17 अक्टूबर 2023 को 286 लोगों को इजरायल से भारत लाया गया था। इनमें 18 नेपाली नागरिक थे। कुल पाँच विशेष उड़ानों के जरिए करीब 1200 लोग स्वदेश वापस लौट चुके थे।

फिलिस्तीन के आम लोगों के लिए भारत मदद भी भेज रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि वायुसेना के C-17 फ्लाइट का इस्तेमाल कर भारत ने फिलिस्तीन को 6.5 टन मेडिकल सामग्रियाँ और 32 टन आपदा में काम आने वाली राहत सामग्रियाँ भेजी हैं। मदद सामग्री मिस्र (Egypt) के एल-एरिश एयरपोर्ट पर उतारी गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि केंद्र सरकार हमास से इजराइल की जंग के बीच हालात का आकलन कर रही है। उन्होंने कहा, ” शुक्र है कि मुझे किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। एक भारतीय नागरिक घायल हो गया है और उसे चिकित्सा देखभाल मिल रही है, और मैं समझता हूँ कि उनकी हालत अब स्थिर है।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, “गाजा में करीब चार भारतीय नागरिक हैं। हमारे पास सटीक संख्या नहीं है और हम सहयोग कर रहे हैं। वेस्ट बैंक में 12-13 भारतीय नागरिक हैं। गाजा से बाहर निकलना थोड़ा मुश्किल है। रिपोर्ट है कि कुछ लोग पहले ही वहाँ से निकल चुके हैं, लेकिन हम इसकी पुष्टि होने का इंतजार करेंगे।”

गौरतलब है कि भारत ने तुर्किए में भूकंप के दौरान ‘ऑपरेशन दोस्त’, यमन में ‘ऑपरेशन राहत’, नेपाल में ‘ऑपरेशन मैत्री’, दक्षिण सूडान में ‘ऑपरेशन संकट मोचन’, यूक्रेन में ‘ऑपरेशन गंगा’ और अब भारत ने इजरायल फिलिस्तीन युद्ध के बीच छठा ऑपरेशन अजय शुरू किया है। अब तक हमास के हमले में इजरायल में कम से कम 1,400 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए हैं।

‘यदि आज राम और कृष्ण होते तो जेल भेजता’: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर ने की आपत्तिजनक टिप्पणी, पहले भी कर चुका है ‘शिवलिंग पर पेशाब’ करने का दावा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित इलाहबाद यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने भगवान राम और कृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। आरोपित का नाम विक्रम हरिजन है जो आधुनिक इतिहास विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। विक्रम ने अपने X एकाउंट पर राम और कृष्ण को जेल भेजने की बात कही है। इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद ने रविवार (22 अक्टूबर, 2023) को प्रोफेसर विक्रम पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा कर FIR दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

यह मामला कर्नलगंज थानाक्षेत्र का है। विश्व हिन्दू परिषद प्रयागराज के पदाधिकारी शुभम ने आरोपित प्रोफेसर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में शुभम ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम हरिजन आए दिन अपने X हैंडल से हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया करते हैं। प्रोफेसर द्वारा भगवाम राम और कृष्ण के खिलाफ लिखे शब्दों से शुभम ने न सिर्फ आम जनता बल्कि इलाहबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी आक्रोशित बताया है।

शिकायतकर्ता ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने आरोपित प्रोफेसर के खिलाफ IPC की धारा 153 A, 295 A और IT एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

क्या कहा था प्रोफेसर विक्रम ने

दरअसल, प्रोफेसर डॉ विक्रम ने 22 अक्टूबर, 2023 (रविवार) को सुबह 7:37 पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “यदि आज प्रभु श्री राम होते तो मैं ऋषि शम्भुक का वध करने के लिए उनको मैं आईपीसी की धारा 302 के तहत जेल भेजता और यदि आज कृष्णा होते तो महिलाओं के साथ सेक्सुअल हैरेसमेंट के केस के लिए उनको भी मैं जेल में भेजता?”

थोड़े ही समय में ये ट्वीट वायरल हो गया और लोग प्रोफेसर पर कार्रवाई की माँग करने लगे। राव सनी सिंह अहीर ने लिखा, “आप मेरे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर है आपका सम्मान करता था पर अब आप के खिलाफ FIR करूँगा, किस प्रमाण के आधार पर हमारे कुल पुरुष, ब्राह्मण वाद के घोर विरोधी, प्रजा पालक, नारी रक्षक अभीर कुल दीपक द्वारिका नरेश महाक्षत्रप कृष्ण को बलात्कारी बता रहे है? अहीरो की देन है कि आप सुरक्षित हैं।” सनी ने प्रोफेसर से ट्वीट डिलीट करने के लिए कहा। हालाँकि, प्रोफेसर विक्रम ने अभी तक अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया है।

पहले भी विवादों में रहे हैं प्रोफेसर विक्रम

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रोफेसर विक्रम हरिजन इससे पहले भी हिन्दू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं। साल 2019 में प्रोफेसर विक्रम हरिजन ने एक बयान में कहा था कि वो अपने गाँव के पास बने मंदिर के शिवलिंग पर पेशाब कर चुके हैं। हालाँकि इस बयान के बाद काफी समय तक प्रोफेसर अवकाश पर रहे। उन्होंने यूनिवर्सिटी में अपने मॉबलिन्चिग की आशंका भी जताई थी।

बता दें कि प्रोफेसर विक्रम ने दिल्ली के JNU से PHD की है। फीस वृद्धि के मुद्दे पर वो प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ देखे गए थे। इस वजह से विक्रम को यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से कारण बताओं नोटिस भी जारी हुई थी। एक अन्य पुराने वीडियो में आरोपित प्रोफेसर को हिन्दू धर्म और शास्त्रों को खत्म करने का भाषण मंच से देते हुए देखा जा सकता है। X हैंडल @itsme7999999 द्वारा 4 अक्टूबर 2023 को शेयर किए गए इस वीडियो में मंच पर गौतम बुद्ध और डॉ भीमराव अम्बेडकर की तस्वीरें लगी हैं।

20 अक्टूबर 2023 को प्रोफेसर विक्रम हरिजन ने मनुस्मृति को शूद्र और महिला विरोधी बताया था। तब उन्होंने कहा था कि अगर वो जज होते तो मनु को फाँसी पर चढ़ा देते। अपने इस बयान को प्रोफेसर ने X हैंडल के टॉप पर पिन किया है।

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में हुए थे शामिल

जिस प्रोफेसर पर लगातार हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप है वो राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में खुद के शामिल होने का दावा करते हैं। 16 सितंबर, 2023 को प्रोफेसर विक्रम हरिजन ने अपनी और राहुल गाँधी की तस्वीर अपने X हैंडल पर साझा की है। खुद प्रोफेसर ने वह तस्वीर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की बताई है।

राहुल गाँधी से मुलाकात के अनुभवों को साझा करते हुए प्रोफेसर ने लिखा, “मैं भी राहुल जी से बागपत में मिला था। सर ने पूछा था कि कॉन्ग्रेस में क्या खामियाँ हैं, मेरी कम्युनिटी के बारे मे पूछा, बहन मायावती के राजनीत के बारे में, भारत जोड़ो यात्रा के ग्राउंड पर प्रभाव. आज क्या मोदी साहेब ऐसा सवाल कर सकते हैं?”

कॉलेज से घर लौट रही विवाहिता से उसके पति के सामने ही 5 लोगों ने किया रेप, फिर UPI से ट्रांसफर करवाए पैसे: ओडिशा की घटना

ओडिशा के ढेंकानाल जिले से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहाँ कॉलेज में पढ़ने वाली एक शादीशुदा छात्रा से 5 लोगों ने उसके पति के आगे ही सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता कॉलेज में छुट्टी के बाद अपने पति के साथ घर लौट रही थी। आरोपितों ने पीड़िता से मारपीट और लूट भी की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला उड़ीसा के ढेंकानाल जिले का है। यहाँ के बरुआ भुवन थाना क्षेत्र में कॉलेज में पढ़ने वाली एक विवाहिता पढ़ाई के बाद कलियापानी स्थित अपने घर लौट रही थी। महिला का पति उसके साथ था। बाइक सवार दम्पति जब शाम के समय काजू जंगल के पास पहुँचे तो वहाँ मौजूद 5 लोगों ने उन्हें रोक लिया। महिला और उसके पति को को अपने साथ घसीट कर जंगल के अंदर ले गए। यहाँ सभी ने बारी-बारी से पीड़िता से उसके पति के आगे ही दुष्कर्म किया।

बताया जा रहा है कि इस दौरान पीड़िता को उसके पति ने बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकाम रहा। विरोध करने पर पाँचों आरोपितों ने महिला और उसके पति की पिटाई भी की। जाते-जाते आरोपित महिला और उसके पति का पर्स और मोबाइल भी लूट ले गए। घटनास्थल से जैसे-तैसे निकल कर दोनों पीड़ित भुवन पुलिस स्टेशन पहुँचे। यहाँ महिला ने अपने साथ हुई वारदात की FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया और मामले की जाँच शुरू कर दी है।

कलिंगा न्यूज़ के मुताबिक आरोपितों ने पीड़ितों के पास कैश न मिलने पर एक खाते में UPI के जरिए पैसे भी ट्रांसफर करवाए। पुलिस ने टीमों का गठन कर अज्ञात आरोपितों की पहचान और तलाश शुरू कर दी ही। अभी तक किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। ऑपइंडिया ने इस मामले की और अधिक जानकारी के लिए SHO भुवन के आधिकारिक मोबाइल नंबर और थाने के लैंडलाइन पर कॉल किया। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

यदि नाम बदल ले विकिपीडिया तो 1 अरब डॉलर देंगे एलन मस्क, जानिए ट्विटर के मालिक ने सुझाया कौन सा नाम

ट्विटर को खरीदकर उसे ‘एक्स (X)’ की पहचान देने वाले दिग्गज कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) ने विकिपीडिया (Wikipedia) को एक अरब डॉलर देने की पेशकश की है। लेकिन इसके लिए उन्होंने इस ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया यानी विश्वकोश के सामने कुछ शर्तें रखी हैं। इसमें विकिपीडिया का नाम बदलकर ‘डिकिपीडिया (Dickipedia)’ करना शामिल है।

ये से किसी से छिपा नहीं है कि मस्क को लेफ्ट लिबरल मीडिया के आलोचक रहे हैं। ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया का वामपंथी पूर्वाग्रह भी जगजाहिर है। वे पहले भी सूचनाओं में हेराफेरी और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए विकिपीडिया और उसके एजेंडाबाज संपादकों को लताड़ लगा चुके हैं।

विकिपीडिया लगातार डोनेशन की अपील करता रहता है। मस्क को यह भी नापसंद है। उन्होंने 22 अक्टूबर 2023 को अपने एक पुराने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए क​हा कि अगर विकिपीडिया अपना नाम बदलकर ‘डिकिपीडिया’ कर ले तो वह उन्हें एक अरब डॉलर देंगे। पुराने ट्वीट में उन्होंने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया था जिस पर लिखा था ‘विकिपीडिया बिक्री के लिए नहीं है’। स्लीपिंग फेस इमोजी के साथ मस्कर ने इसे ट्वीट किया था।

मस्क ने विकिपीडिया का नाम बदलकर ‘डिकिपीडिया’ करने पर एक अरब डॉलर की पेशकश की जानकारी को विकी पेज पर जोड़ने के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि साइट का नाम बदलने की उनकी पेशकश ‘सटीकता के लिए’ है। यह बताती है कि विकिपीडिया के बारे में मस्क क्या राय रखते हैं।

जब पत्रकार एड क्रैसेनस्टीन ने विकिपीडिया से यह कहते हुए पेशकर स्वीकार करने के लिए कहा कि वे पैसे इकट्ठा करने के बाद वापस अपने नाम पर लौट सकते हैं, तो एलन मस्क ने कहा कि नया नाम कम से कम 1 साल तक रखना होगा। मस्क ने उन्हें जवाब दिया, “कम से कम एक साल। मेरा मतलब है, मैं मूर्ख नहीं हूँ।”

गौरतलब है कि एलन मस्क एक बिजनेस मैग्नेट हैं। वे इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला, अंतरिक्ष यान निर्माता स्पेसएक्स के चीफ हैं तो स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा, इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म बोरिंग और सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्विटर) भी संचालित करते हैं। वे न्यूरालिंक, ओपनएआई और पे पाल के को फाउंडर भी हैं।

इजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत ने शुरू की ₹3.5 लाख करोड़ की IMEEC परियोजना, फुजैरा से हाइफा तक होगा माल ट्रांसपोर्ट, इन देशों को मिलेगा लाभ

इजरायल हमास के बीच दो सप्ताह से युद्ध जारी है। पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल है लेकिन इसी दौरान भारत ने इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEEC) पर काम शुरू कर दिया है।  3.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश वाली इस परियोजना को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है पूरी परियोजना  

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत मध्य पूर्व यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEEC) के तहत भारतीय बंदरगाहों से शिप से संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तक माल ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। इसके बाद वहाँ से कंटेनरों को ट्रेन के जरिए इजरायल में हाइफा तक ले जाना है। हाइफा से, कंटेनर इटली, फ्रांस, यूके और अमेरिका के साथ यूरोप तक जाएँगे। भारत की इस रणनीतिक परियोजना में यूरोपीय देश भी शामिल हैं। मिस्र और उत्तरी अफ्रीका के बंदरगाहों तक भी माल पहुँचाने की योजना इस परियोजना का हिस्सा है। 

इस कॉरिडोर के बारे में जानकारी देते हुए रेलमंत्री अश्विन वैष्णव ने बताया, “3.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश में कई परियोजनाएँ शामिल हैं जो पाइपलाइन में हैं या जिन्हें हाल ही में मंजूरी दी गई है। इसमें 4,500 करोड़ रुपए  का सोन नगर-अंडाल लिंक अपग्रेड भी शामिल है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना का एक प्रमुख तत्व होने जा रहे हैं क्योंकि माल तेजी से आगे बढ़ सकता है।”

रेल मंत्री ने वहीं आशंका जताई कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते इस परियोजना के आगे बढ़ने पर कुछ संदेह उठाया गया था, लेकिन मोदी सरकार ने कहा है कि सभी देशों से बेहतर संबंधों के चलते इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम आठ बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी में सुधार के लिए अपना निवेश बढ़ाएँगे ताकि हम देश के किसी भी हिस्से से 36 घंटे के भीतर इन बंदरगाहों तक पहुँच सकें। और IMEEC का उपयोग करके अपना माल पश्चिम एशिया और यूरोप में तेजी से भेज सकें।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी की भारत की तारीफ

चूँकि इस परियोजना का लाभ अमेरिका को भी मिलने वाला है। जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति ने तारीफ की है। पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने IMEEC को मध्य पूर्व के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में बताया था।

जो बाइडेन का कहना है, “अमेरिका और पूरे क्षेत्र में हमारे साझेदार मध्य पूर्व के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं। एक ओर जहाँ मध्य पूर्व अधिक स्थिर है, अपने पड़ोसियों से बेहतर जुड़ा हुआ है, और भारत, मध्य पूर्व और यूरोप रेल कॉरिडोर जैसी नवीन परियोजनाओं के माध्यम से नए बाजार और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही इस कॉरिडोर के जरिए कनेक्ट होने पर शिकायतें और युद्ध कम हो जाएँगे। इससे मध्य पूर्व के लोगों को फायदा होगा और इससे हमें भी फायदा होगा।”

IMEEC का दीर्घकालिक होगा प्रभाव

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस परियोजना को भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि IMEEC भारत की ऐसी पहल है जिसका प्रभाव लम्बे समय तक रहेगा। इसका महत्व दीर्घकालिक है।

हालाँकि, निर्मला सीतारमण ने भी मध्य पूर्व के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की थी। उनका कहना था कि हम इसके बारे में सोच सकते हैं लेकिन हम सभी हितधारकों के साथ जुड़े रहेंगे। यह परियोजना सिर्फ तत्काल के लिए नहीं है, हमने इसे दीर्घकालिक हित के साथ शुरू किया है। इस योजना का एक प्रमुख तत्व माल की आवाजाही को परेशानी मुक्त बनाना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के साथ-साथ परियोजना का हिस्सा बनने वाले अन्य देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल में सभी बंदरगाहों और रेलवे यार्डों पर स्टैंडर्ड वाले उपकरण रखने होंगें। भारत में सील किए गए कंटेनर IMEEC के रास्ते किसी भी देश में खोले बिना पश्चिम एशिया और यूरोप तक सीधे ले जाए जा सकते हैं।

वर्ल्ड कप में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया, टूर्नामेंट में अब तक अजेय थी कीवी टीम: मोहम्मद शमी ने मारा पंजा, शतक से चूके विराट कोहली

भारत ने ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रविवार (22 अक्टूबर, 2023) को अपना पाँचवाँ मैच खेला। दोनों ही टीमें टूर्नामेंट में अब तक अजेय थीं। इस मैच में न्यूजीलैंड ने 273 रन बनाए थे, जिसे भारत ने । जहाँ विराट कोहली ने 104 गेंदों में 95 रन बनाए, वहीं रवींद्र जडेजा ने 43 गेंदों पर 35 रन बना कर उनका अंत में अच्छा साथ दिया। अंत-अंत तक विराट कोहली के शतक को लेकर सस्पेंस बना रहा, लेकिन वो आउट हो गए।

भारत ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी चुनी। भारत की शुरुआत अच्छी रही। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी की बदौलत 19 रनों पर ही न्यूजीलैंड के 2 विकेट गिर गए। लेकिन, इसके बाद डेरिल मिशेल और रचिन रवींद्र ने 159 रनों की बड़ी पार्टनरशिप की। जहाँ रवींद्र ने 75 रन जड़े, वहीं डेरिल मिशेल ने शानदार शतक लगाते हुए 130 रन बनाए। इसके बाद ग्लेन फिलिप्स के 23 रनों को छोड़ दें तो न्यूजीलैंड का कोई भी बल्लेबाज कुछ नहीं कर पाया।

जिन दोनों बल्लेबाजों ने सबसे ज़्यादा रन बनाए, उन्हें तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आउट किया। उन्होंने 10 ओवर में 54 रन देकर कुल 5 विकेट झटके। मोहम्मद शमी को इस मैच में शार्दुल ठाकुर की जगह लाया गया था। वहीं स्पिनर कुलदीप यादव ने 2 विकेट झटके। जसप्रीत बुमराह को एक ही विकेट मिला, लेकिन वो किफायती रहे और 10 ओवर में मात्र 45 रन ही खर्च किए। रवींद्र जडेजा को कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने भी 10 ओवर में मात्र 48 रन ही दिए।

इस मैच में हार्दिक पंड्या की जगह सूर्यकुमार यादव को खिलाया गया था। स्कोर का पीछा करने उतरे भारत की तरफ से कप्तान रोहित शर्मा ने धुआँधार शुरुआत की। उन्होंने 40 गेंदों में 46 रन बनाए। इसके बाद शुभमन गिल भी 31 गेंदों में 26 रन बना कर चलते बने। श्रेयस अय्यर ने भी 29 गेंदों में 33 रन बना कर अच्छा योगदान दिया। 128 रन पर भारत के 3 विकेट थे, जिसके बाद विराट कोहली और KL राहुल ने अच्छी साझेदारी की। उन्होंने 35 गेंदों पर 27 रनों की पारी खेली।