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लखनऊ के सरकारी स्कूल में नमाज: इंचार्ज मीरा यादव सस्पेंड, सहायक अध्यापिका तहजीब फातिमा, शिक्षामित्र ममता मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं को नमाज़ पढ़ाने का मामला सामने आया है। इस मामले में हुई विभागीय जाँच में 3 कर्मचारियों को दोषी पाया गया है। स्कूल की इंचार्ज मीरा यादव को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं सहायक अध्यापिका तहजीब फातिमा और शिक्षामित्र ममता मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। शनिवार (21 अक्टूबर 2023) को इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला लखनऊ के ठाकुरगंज थानाक्षेत्र का है। यहाँ के नेपियर रोड पर एक सरकारी प्राइमरी स्कूल है, जहाँ लगभग 106 छात्र-छात्राएँ पढ़ाई करते हैं। स्कूल के आसपास मिश्रित आबादी है। विद्यालय में मुस्लिम छात्रों की संख्या अधिक होने का भी दावा किया जा रहा है। शनिवार को यहाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में दीवार के पास कुछ छात्राएँ हिजाब में दिख रही हैं। वो एक जगह खड़ी हो कर नमाज़ पढ़ती दिख रही हैं।

यह वीडियो एक दिन पहले शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को हुई जुमे की नमाज़ का बताया जा रहा। इसे स्कूल की बॉउंड्री से बाहर खड़े होकर किसी व्यक्ति ने बनाया था। वीडियो बनाने वाले ने ये नजारा पहली बार देखने का दावा किया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्कूल में हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। हिन्दू संगठन के लोग जब स्कूल पहुँचे, तब उन लोगों की इंचार्ज मीरा यादव से बहस भी हुई। इस बहस का भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

मीरा यादव तो विरोध कर रहे लोगों को ही हड़काती नजर आईं। उन्होंने कॉल करके अधिकारियों को बुलाने की धमकी भी दी थी। साथ ही स्कूल में नमाज़ का विरोध कर रहे लोगों से कहा था, “दिमाग खराब कर रखा है। खाला जी का घर समझ रखा है क्या, जो चले आए।” इंचार्ज मीरा यादव ने विरोध करने वाले लोगों पर बच्चों की पढ़ाई डिस्टर्ब करने का आरोप लगाया और 3 बजे के बाद आने के लिए कहा।

विवाद बढ़ने के बाद यह मामला लखनऊ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार के संज्ञान में आया। उन्होंने फ़ौरन ही इस मामले में जाँच कमिटी का गठन करते हुए जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। जाँच कमिटी ने अपनी रिपोर्ट BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) को सौंप दी। इस रिपोर्ट में स्कूल की इंचार्ज मीरा यादव के साथ सहायक अध्यापिका तहजीब फातिमा और शिक्षामित्र ममता मिश्रा को भी दोषी बताया गया।

जाँच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाने पर अधिकारियों ने इंचार्ज मीरा यादव को निलंबित करते हुए ममता मिश्रा और तहजीब फातिमा को चेतावनी जारी की है। मामले की विस्तृत जाँच अभी जारी है। जाँच अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार को यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए 15 दिनों में अधिकारियों के पास भेजनी है। निलंबित मीरा यादव को उनके पद से हटा कर ब्लॉक संसाधन केंद्र अटैच कर दिया गया है।

‘गाजा से रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह (अल्लाह के अलावे किसी की पूजा/इबादत नहीं)’ – मुंबई में चिल्लाई मुस्लिम भीड़, सपा नेता अबू आज़मी का है रोल

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को फिलिस्तीन के समर्थन में कट्टर मुस्लिम भीड़ ने प्रदर्शन किया। इस भीड़ का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी कर रहे थे। इस दौरान मौजूद लोगों ने इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। इसी के साथ AMU की तरह यहाँ भी ‘लब्बैक या अक्सा’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ के नारे लगे। इसी कार्यक्रम में अबू आज़मी ने राम मंदिर पर भी टिप्पणी की।

सोशल मीडिया के X प्लेटफॉर्म पर अफ़जाल ने अपने हैंडल @afzalstxr से इस प्रर्दशन के वीडियो 20 अक्टूबर को रात लगभग 11:40 पर शेयर किया है। इस वीडियो में कैप्शन के तौर पर उन्होंने मुंबई वालों को एकजुट होकर फिलिस्तीन के साथ खड़ा बताया है। साथ ही उन्होंने 2 बार फ्री फिलिस्तीन लिखते हुए ट्विटर पर गाजापट्टी से जुड़े वायरल टैग भी लगाए हैं। इन टैग में बमबारी में ध्वस्त अस्पताल का भी जिक्र है, जिसके लिए इजरायल ने हमास को जिम्मेदार ठहराया है।

18 सेकंड लम्बे इस वीडियो में भीड़ में कई लोग फिलिस्तीन के झंडे लहराते दिखाई दे रहे। पहले काफी देर तक नारेबाजी में ‘लब्बैक या अक्सा’ बोला जाता है। इसका हिंदी में अर्थ है कि ‘अल अक्सा मस्जिद, मैं तुम्हारे लिए हाजिर हूँ।’ वहीं इसी वीडियो के अंत में भीड़ ने ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ का नारा लगाया।

नीचे लगे दूसरे वीडियो में और भी स्पष्ट सुना जा सकता है। इसमें बोला जा रहा है: “तेरा-मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह… गाजा से है रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह।”

ला इलाह इल्ललाह मुस्लिमों के कलमा तय्यब से ली गई एक लाइन है। इसका मतलब है कि अल्लाह के सिवाय कोई और पूजा या इबादत करने योग्य नहीं है। इस नारेबाजी का अर्थ होता है कि ‘हम कलमे की बुनियाद पर एक हैं।’

3 दिन पहले ही किया था प्रदर्शन का एलान

फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी के साथ हुए इस प्रर्दशन की घोषणा सपा नेता अबू आज़मी ने 17 अक्टूबर को ही कर दी थी। तब उन्होंने अपने X हैंडल पर पोस्टर शेयर करते हुए मुंबई के मरीन लाइन क्षेत्र में शाम 7 बजे सभी से इस्लाम जिमखाना पर जमा होने की अपील की थी। अबू आज़मी द्वारा शेयर हुए पोस्टर का स्लोगन था, “फिलिस्तीन के लिए दुआ करें।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रदर्शन में अबू आज़मी ने भगवान राम के मंदिर पर टिप्पणी की और अपनी आस्था मस्जिद में दिखाई। साथ ही आज़मी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के खिलाफ भी बयानबाजी की थी।

AMU से लेकर झारखंड तक एक जैसे नारे

इससे पहले फिलिस्तीन के समर्थन में मुस्लिम भीड़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) और झारखंड के जमशेदपुर में नारेबाजी कर चुकी है। AMU में भी इसी तरह ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या ला इलाह इल्ललाह’ के नारे लगे थे। वहीं ‘लब्बैक या अक्सा’ का नारा न सिर्फ मुंबई, AMU और झारखंड में लग रहा बल्कि इसे दुनिया के कई देशों में हो रहे प्रदर्शनों में सुना जा सकता है।

4 साल की बच्ची से केरल में रेप: CCTV में पीड़िता को कारखाने के पीछे ले जाते दिखा असम का सजालल, बच्ची की माँ के साथ करता था काम

केरल के पेरम्बवूर से 4 वर्ष की एक बच्ची के साथ यौन दुष्कर्म का मामला सामने आया है। बच्ची लकड़ी के प्लाईवुड कारखाने पर काम करने वाली एक प्रवासी महिला की है, जिसके साथ यौन अपराध किया गया।

इस मामले में पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया था और पूछताछ के बाद एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है जिसका संबंध असम से है। जानकारी के अनुसार, बच्ची ने अपनी माँ से दर्द की शिकायत की, जिसके पश्चात वह उसे अस्पताल लेकर पहुँची। अस्पताल में बच्ची के साथ यौन दुष्कर्म का मामला खुला।

बताया गया कि बच्ची स्कूल से वापस आने के बाद अपनी माँ के पास प्लाईवुड कारखाने पर जाती थी। इसी दौरान शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को आरोपित ने बच्ची को फैक्ट्री के पीछे ले जाकर दुष्कर्म किया। मीडिया रिपोर्ट में पहले 2 लोगों के गिरफ्तारी की खबर आई थी – सजालल और उबैदुल्लाह। बाद की मीडिया रिपोर्ट में एक की गिरफ्तारी कंफर्म हुई है।

जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, उसका नाम सजालल है और वह पीड़िता की माँ के साथ ही काम करता है। पुलिस द्वारा सीसीटीवी खँगालने पर वह घटना के समय बच्ची को कारखाने के पीछे ले जाते हुए दिखता है। उसने दो सप्ताह पहले ही इस फैक्ट्री में काम करना चालू किया था।

इस मामले में बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के पश्चात पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। एर्नाकुलम ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने इस मामले में बताया कि बच्ची ने आरोपित की पहचान फोटो से की है। बच्ची का बयान भी दर्ज कर लिया गया है।

विवेक कुमार ने यह भी बताया कि इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं। इस घटना में भी पीड़िता और आरोपित दोंनों ही प्रवासी हैं। इलाके में प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करवाया जा रहा है और अब तक 1.2 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है। इससे उनके आपराधिक रिकॉर्ड आदि को जानने में मदद मिलेगी।

‘अगर फिरोज जेल से बाहर आया तो मुझे मार देगा’: भुज की हिंदू पीड़िता ऑपइंडिया से बोली- उसने मेरा मंदिर तोड़ा, नमाज पढ़वाई और जबरन मांस खिलाया

हाल ही में गुजरात में कच्छ के भुज से एक हिंदू महिला पर मुस्लिम पति द्वारा बेरहमी से अत्याचार करने का मामला सामने आया है। पीड़िता को उसके पति फिरोज ने इस कदर पीटा कि महिला का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह भी आरोप है कि फिरोज पीड़िता को अन्य व्यक्तियों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था और इनकार करने पर उसे बेरहमी से पीटता था।

इस संंबंध में ऑपइंडिया ने पीड़िता से बातचीत की। पीड़िता ने बताया कि वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से उसकी पिटाई की गई है, उसे ठीक होने में काफी समय लगेगा। अस्पताल में उसकी माँ देखभाल कर रही है।

पीड़िता ने अपनी हालत के बारे में बताते हुए कहा, “मुझे इतना पीटा गया है कि मैं खड़ा भी नहीं हो पा रही हूँ। गर्दन और पीठ में दर्द होता है। इसलिए मुझे एक तरफ लेटना पड़ता है। कई जगह से शरीर की चमड़ी फट गयी है।”

पहले भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन फिरोज की धमकी के कारण वापस लेना पड़ा

पीड़िता ने कहा, “जब मैं अस्पताल गई तो वहाँ के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। फिर फिरोज के खिलाफ मामला दर्जकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया में सब कुछ उजागर होने के बाद पुलिस भी पूछताछ के लिए आ रही है। बाहर आते ही वह मुझे मारने आएगा। वह मुझ पर सौ फीसदी हमला करेगा। उसका दिमाग ऐसा है कि उसे पता ही नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है।”

यह पूछे जाने पर कि क्या फ़िरोज़ का व्यवहार पहले से ही ऐसा है, उसने कहा, “उसका व्यवहार पहले से ही ऐसा है। जब से मेरी शादी हुई है, तब से वह मारपीट करता था। मैंने उस डिवीजन पुलिस स्टेशन में दो बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने केस वापस नहीं लिया तो वह मुझे और मेरे 14 साल के बेटे को मार डालेगा। फ़िरोज़ के डर से मुझे केस वापस लेना पड़ा।”

बातचीत के दौरान पीड़िता ने बताया कि पहले उसकी शादी सुरेंद्रनगर में उसी समुदाय के एक युवक से हुई थी। शादी के बाद उसे एक बेटा भी हुआ, लेकिन पति से अनबन के कारण वह अपने मायके लौट आईं। बाद में फिरोज ने उसे प्रेम जाल में फँसाया और दोनों ने बाद में शादी कर ली।

अपने बेटे के व्यवहार के बारे में बात करते हुए महिला कहती है, “मेरा बेटा फिरोज से बहुत डरता है। वह (फ़िरोज़) हमेशा अपनी जेब में एक तेज़ चाकू रखता है। इसलिए मेरा बेटा हमारे साथ नहीं रहता। जब फ़िरोज़ बाहर होता है तो मेरा बेटा दो-तीन घंटे मेरे साथ रहता है और जब वह आता है तो बेटा मेरी माँ के घर चला जाता है।”

मौलवी के सामने निकाह किया, लेकिन दस्तावेज पेश नहीं किए क्योंकि मैं हिंदू हूँ

फ़िरोज़ से निकाह के बारे में बताते हुए पीड़िता ने कहा, “वह मुझे एक मौलवी के पास ले गया और वहाँ मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कराया गया। हालाँकि, उसने कहा कि शादी के बाद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। मौलवी ने कहा कि चूँकि लड़की हिंदू है, इसलिए वह उसकी मदद नहीं कर सकता।”

महिला नेआगे कहती है कि यही कारण है कि उसके पास शादी का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है, जबकि यह शादी हो चुकी है। इतना ही नहीं, पीड़िता ने हिंदू होने की वजह से फिरोज द्वारा दी जाने वाली प्रताड़ना के बारे में भी जानकारी दी।

मेरा मंदिर तोड़ा, मांस खाने पर मजबूर किया गया और नमाज पढ़ने को विवश किया

निकाह के बाद फ़िरोज़ द्वारा दी गई यातनाओं के बारे में पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया, “मैं अपना मंदिर लेकर गई थी और शुरुआत में पूजा-पाठ करती थी। मुझे माताजी में आस्था है। इसलिए मैं माताजी की पूजा करती थी, लेकिन एक दिन फिरोज ने भगवान और मंदिर सहित सब कुछ फेंक दिया।”

पीड़िता ने आगे बताया, “वह कहता था कि अब तुम अपना यह नाटक बंद करो। अब तुम्हारा नाटक यहाँ नहीं चलेगा। जब रमज़ान का महीना आता था तो वह मुझसे कहता था कि तुम काफ़िर हो। तुम माँ-बेटे ‘दाल-भात’ (मांसाहार न खाने के अर्थ में) हो। वह यह भी कहता था कि अगर तुमने किसी मुस्लिम से शादी की है तो तुम्हें नमाज पढ़नी होगी।”

इतना ही नहीं, पीड़िता को मांस खाने के लिए भी मजबूर किया गया। पीड़िता ने आगे कहा, “मैं मांस नहीं खाती, इसलिए वह हमेशा मुझे ‘दाल-भात’ कहकर मेरा और मेरे बेटे का अपमान करता था। वह कई बार मुझे मांस खाने के लिए मजबूर किया था। वह कहता था कि अगर तुम यह नहीं खाओगी तो तुम मुसलमान नहीं बनोगी।”

मांसाहार को लेकर अपने विरोध के बारे में पीड़िता ने आगे बताया, “मांस को लेकर मैंने उसका विरोध किया और नॉनवेज खाने या पकाने से इनकार कर दिया। मैंने कहा कि अगर वह चाहें तो मैं न तो मांस खाऊँगी और न ही पकाऊँगी। मैंने कहा दिया था कि मांस खाना है तो बाहर खाओ, लेकिन मुझे और बेटे को मजबूर मत करो।”

बचाव में आए हिंदू संगठनों ने दी हिम्मत: पीड़िता

पीड़िता ने आगे कहा, “मेरी हालत के बारे में पता चलते ही विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के भाई मुझसे मिलने आए। वे लगातार मेरे संपर्क में हैं और मेरी मदद कर रहे हैं। संस्थाओं ने मुझे प्रोत्साहित किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। हिंदू भाई लगातार मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं, लेकिन मुझे एक ही डर है कि अगर फिरोज जेल से बाहर आया तो मुझ पर दोबारा हमला करेगा। मेरी एक ही माँग है कि वह कभी जेल से बाहर न आए।”

अंत में हिंदू पीड़िता ने कहा, “मैं नहीं चाहती कि मेरे किसी अन्य हिंदू बेटे और बेटी को वह दर्द सहना पड़े, जो मैंने सहा है। वे इस तरह मुस्लिम युवकों के जाल में ना फँसें। मैं चाहती हूँ कि मेरा यह संदेश ऑपइंडिया के माध्यम से हर हिंदू बेटे-बेटी तक पहुँचे।”

पीड़िता की पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

भुज की इस हिंदू पीड़िता के साथ हुई बर्बरता का खुलासा तब हुआ, जब उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूजर द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में एक युवा महिला को सोते हुए और बेरहमी से पीटते हुए दिखाया गया है। महिला की पीठ पर काले धब्बे पड़ गए हैं और चमड़े भी कई जगह से फट गई है। वीडियो में दिखे दृश्य विचलित करने वाले थे।

सोशल मीडिया पर बताया गया कि ये लड़की गुजरात के भुज की रहने वाली है। घटना की पुष्टि बाद में तब हुई, जब पीड़िता ने खुद मीडिया के सामने आकर बयान दिया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। वहीं, आरोपी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

देवर से शादी के लिए 2 भाभियों ने मचाया रोना-धोना, सड़क पर ही दोनों में हो गई भिड़ंत: जानिए बिहार के वीडियो के पीछे की कहानी

बिहार के नालंदा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके पढ़-सुनकर आप चौंक जाएँगे। दरअसल, एक ही देवर से दो भाभियाँ शादी। करना चाहती थीं। शादी की योजना भी बन गई, लेकिन शादी हो पाती, उससे पहले ही योजना लीक हो गई। इसका परिणाम ये हुआ कि दोनों सरेआम लड़ पड़ीं।

आपने प्यार-मोहब्बत की बहुत सी कहानियाँ सुनी होंगी, लेकिन ये कहानी एकदम अलग है। अलग इसलिए है कि इसमें शादी करने की इच्छा रखने वाली दो अपनी भाभियाँ हैं और एक कुँवारा देवर है। दोनों उस देवर से शादी करने को इच्छुक थीं। मामला खुला तो जिसने भी ये कहानी सुनी, वो सन्न रह गया। कोर्ट परिसर में दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई।

मामला नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र का है। मलामा गाँव निवासी महेंद्र पासवान के तीन बेटे हैं। दो बेटों की शादी हो चुकी है और सबसे छोटा बेटा अभी कुंवारा है। कुछ साल पहले शादीशुदा मंझले बेटे की मौत हो गई। इसके बाद युवक अपनी विधवा भाभी से शादी करने के लिए तैयार हो गया।

देवर ने अपनी विधवा भाभी से शादी करने के लिए उसे कोर्ट बुलाया। विधवा भाभी कोर्ट पहुँच भी गई। इसी दौरान उस लड़के की सबसे बड़ी भाभी भी वहाँ पहुँच गई। उसने इस शादी को लेकर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया। दरअसल, वह भी इस लड़के से शादी करना चाहती थी।

दोनों भाभियाँ इस शादी को लेकर आपस में बहस करने लगीं। हालात मारपीट तक पहुँच गए। इससे आसपास के लोग तमाशबीन बनकर देखते रहे। बाद में महिला पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और एक महिला को थाने के लेकर चली गई।

दरअसल, जिस देवर से दोनों महिलाएँ शादी करना चाहती हैं, उसका नाम हरेंद्र पासवान है। हरेंद्र के मंझले भाई की मौत हो गई है और उसके तीन बच्चे हैं। परिवार की स्थिति सँभालने के लिए हरेंद्र अपनी विधवा भाभी से शादी के लिए राजी हो गया। वहीं, संपत्ति के चक्कर में बड़े भाई की पत्नी भी हरेंद्र से शादी करना चाहती है। इसी बात को लेकर पूरा विवाद हुआ।

बाद में पुलिसकर्मियों के सहयोग से दोनों पक्षों को शांत कराया गया और फिर विधवा भाभी से हरेंद्र की शादी कराई गई। वहीं, बड़ी भाभी को पुलिस अपने साथ लेकर गई। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘मेरे कुत्ते को घर में कैद किया, ताकि CBI को रोक सके’: अधिवक्ता ने महुआ मोइत्रा को घेरा, कमिश्नर से शिकायत – TMC सांसद के इशारे पर धमका रहा दिल्ली पुलिस का SHO

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने उनके पालतू कुत्ते को चुरा लिया है। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके कुत्ते को कैद कर लिया गया है। अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उनके एक हितैषी ने उन्हें जानकारी दी है कि उनके कुत्ते ‘हेनरी’ को जानबूझकर टेलीग्राफ लेन आवास में कैद कर के रखा गया है, ताकि CBI को भीतर घुसने से रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि ‘हेनरी’ एक रोटवीलर नस्ल का बड़ा कुत्ता है, जो वैसे तो सीधा-सादा है, लेकिन वो मजबूत रक्षात्मक स्वभाव का भी है। उन्होंने कहा कि वो उसकी सुरक्षा को लेकर सही में चिंतित हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल से भी शिकायत की है। वहीं उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को पत्र लिख कर खुद की जान को भी खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि वो एक चिंताजनक परिस्थिति में ये पत्र लिख रहे हैं।

पुलिस को भेजे गए पत्र में जय अनंत देहाद्राई ने लिखा है कि CBI को उन्होंने जो शिकायत भेजी गई थी उसके बाद से उन्हें खतरा है। उन पर शिकायत वापस लेने के दबाव बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें नुकसान पहुँचाने की धमकियाँ दी गईं, फिर भी वो तैयार नहीं हुए। उन्होंने बताया कि शिकायत वापस लेने पर उनका कुत्ता वापस करने का वादा भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोधियों को दबाने के लिए अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करना महुआ मोइत्रा की पुरानी आदत रही है।

वकील ने बाराखंभा रोड पुलिस थाने के SHO महावीर सिंह पर महुआ मोइत्रा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महावीर सिंह ने उन्हें 8 बार फोन कॉल किया और कहा, ‘दबाना पड़ेगा (मामले को)’। साथ ही महुआ मोइत्रा की शिकायतों पर आधार बना कर उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी। उन पर डील करने के दबाव बनाए गए। उन्होंने बताया कि उन्हें अनजान नंबरों से धमकियाँ भी आ रही हैं। उन्होंने अपने चैंबर के सहयोगी वकीलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

फिलिस्तीन के समर्थन में लंदन में सड़कों पर उतरी लाखों की मुस्लिम भीड़: भारत के केरल, कश्मीर और मुंबई में भी इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी

इजरायल-हमास युद्ध अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं विश्व के कई देशों में इजरायल के विरोध और फिलिस्तीन के समर्थन में मुस्लिमों द्वारा लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कहीं युद्ध विराम की माँग हो रही है तो कोई इजरायल को मिटाने का ही सपना देख रहा है।

इस बीच इजरायल द्वारा गाजा पर की जा रही बमबारी बंद करने की माँग को लेकर हजारों फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) को लंदन और अन्य शहरों में मार्च किया। साथ ही भारत में भी जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, केरला और मुंबई में मुस्लिमों द्वारा प्रदर्शन किया गया। 

लंदन की सड़कों पर फिलिस्तीन के समर्थन में उतरी लाखों की मुस्लिम भीड़

पहले बात करते हैं लंदन की, जहाँ व्हाइटहॉल की ओर मार्च करने से पहले लंदन के हाइड पार्क के पास मार्बल आर्क में फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च करने के लिए करीब एक लाख की भीड़ सड़कों पर उतरकर मध्य लंदन में घूमती रही। यह आँकड़ा वहाँ की मेट्रोपोलिटन पुलिस द्वारा दिया गया है जो भीड़ की भयावहता को भी दर्शाती है।

हाथों में फ़िलिस्तीनी झंडा लहराते हुए लंदन की सड़कों पर उतरी मुस्लिमों की यह भारी भीड़ गाजा पर इजरायली हमले को रोकने की माँग करती रही। भीड़ ने हमास द्वारा दक्षिणी इजरायल में आतंकी हमले के बाद  इजरायल द्वारा शुरू किए गए नाकाबंदी और हवाई हमलों को समाप्त करने का आह्वान किया।

जहाँ शुरू में यही समूह हमास के आतंकी हमले पर खुशियाँ मना रहे थे वहीं अब इजरायल द्वारा की जा रही कार्रवाई से बेचैन होकर हर दिन युद्ध विराम की माँग कर रहे हैं। हमास और इजरायल के बीच जारी इस युद्ध ने दुनिया भर में तनाव बढ़ा दिया है।  और पूरे विश्व में यहूदियों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। फिर भी इजरायल हमास द्वारा अपने नागरिकों के मारे जाने और बंधकों को छुड़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

वहीं ब्रिटेन में मुस्लिम भीड़ द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन ने यहूदी समुदाय की चिंता को बढ़ा दिया है। लंदन के मेट्रोपॉलिटन पुलिस बल का कहना है कि पिछले साल की तुलना में अक्टूबर में यहूदी विरोधी अपराधों की रिपोर्ट में 13 गुना वृद्धि देखी गई है। 

केरल के पलक्कड़ में भी फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च 

केरल में भी फिलिस्तीन के समर्थन में मुस्लिम भीड़ द्वारा सड़क पर उतरकर मार्च किया गया। केरल के पल्लकड़ में इजरायल के विरोध और हमास के समर्थन में उतरी मुस्लिम भीड़ ने यहाँ गलती से इटली का झंडा उठा रखा था।  जिसका सोशल मीडिया एक्स पर मजाक भी उड़ाया गया। साथ ही इस बात पर चिंता भी व्यक्त की गई कि कैसे भारत में हजारों की संख्या में मुस्लिम भीड़ सड़कों पर उतरकर खुलेआम हमास और फिलिस्तीन का समर्थन कर रही है। 

केरल में इजरायल के विरोध और फिलिस्तीन के समर्थन में नारेबाजी भी की गई।

मुंबई में मुस्लिम नेताओं ने किया फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च 

आज जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से महबूबा मुफ़्ती द्वारा फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने की खबर आई। जिसमें उन्होंने इजरायल को जालिम बताते हुए युद्ध विराम की माँग की। उन्होंने विश्व के नेताओं से इजरायल को गाजा पर हमला करने से रोकने की भी अपील की। 

वहीं मुंबई से भी या खबर आई कि वहाँ भी मुस्लिमों द्वारा फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च किया गया है। मुंबई में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन का नेतृत्व किया। अबू आजमी ने राम मंदिर पर कमेंट किया और मस्जिद में अपनी आस्था पर जोर दिया। मुंबई में इजरायल के खिलाफ एक रिज्यूलेशन भी पास किया गया। वहीं आरएसएस के खिलाफ भी बयानबाजी की गई। 

गौरतलब है कि हूती आतंकियों ने भी हमास के पक्ष में इजरायल पर हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं सउदी अरब और इरान जैसे एक दूसरे के धुर विरोधी देश भी इस मामले में दुश्मनी भूल कर फिलिस्तीन के साथ खड़े हो गए हैं।

BJP नेता को गिरफ्तार कर ले गई तमिलनाडु पुलिस, कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज: मुस्लिमों ने किया था प्रदर्शन, 5 भाजपा वर्कर भेजे गए जेल

भाजपा नेता अमर प्रसाद रेड्डी को तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) को गिरफ्तार किया गया। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने उस JCB मशीन पर हमला कर के उसे नुकसान पहुँचाया, जिसे चेन्नई में गाड़े गए एक ‘अवैध पोल’ को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा लाया गया था। इस पोल को झंडा लगाने के लिए चेन्नई में K अन्नामलाई के घर के बाहर गाड़ा गया था। बता दें कि अन्नामलाई राज्य में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तमिलनाडु पुलिस के अधिकारी अमर प्रसाद रेड्डी को लेकर जाते हुए दिख रहे हैं। अमर प्रसाद रेड्डी प्रदेश भाजपा ‘स्पोर्ट्स एंड स्किल डेवलपमेंट सेल’ के अध्यक्ष हैं। तांबरम पुलिस का कहना है कि ‘ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC)’ से इस पोल को लगाने के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। ये 45 फ़ीट ऊँचा है। शुक्रवार की शाम अन्नामलाई के घर के परिसर की बॉउंड्री के ठीक बाहर इसे लगाया गया था।

स्थानीय प्रशासन का दावा है कि ये फ्लैग पोल हाई वोल्टेज के तारों के काफी नजदीक था और और इससे लोगों को असुविधा हो रही थी। कॉर्पोरेशन और पुलिस ने मिल कर इसे हटाने का निर्णय लिया। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी इस गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए कहा कि अमर प्रसाद रेड्डी की गिरफ़्तारी के बाद हमें फिर से ये स्मरण करना चाहिए कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ सुरक्षित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम मजबूती के साथ उनकी रिहाई की माँग करते हैं।

पुलिस का कहना है कि जब पोल को हटाने की कार्रवाई हो रही थी, उस समय 110 भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस का कहना है कि समझाने के बावजूद वो बहस करते रहे, जिसके बाद कुछ को गिरफ्तार किया गया और थोड़ी देर बाद जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें से 5 को जुडिशल कस्टडी में रिमांड पर भेज दिया गया है। अमर प्रसाद रेड्डी, अन्नामलाई की राज्यव्यापी यात्रा के सह-संयोजक भी हैं।

वहीं तमिलनाडु में BJP के कोषाध्यक्ष SR शेखर ने आरोप लगाया है कि इस झंडे वाले पोल का विरोध करने के लिए लगभग 100 मुस्लिम अन्नामलाई के घर के बाहर जमा हो गए थे। पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया। इसमें भाजपा नेता विविन भास्करन गंभीर रूप से घायल हो गए। अमर प्रसाद रेड्डी ने उनका वीडियो शेयर करते हुए तमिलनाडु पुलिस को सत्ताधारी डीएमके का एजेंट करार दिया था। इलाके में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

‘CBI-CBI सुनकर थक गया हूँ…’: निशिकांत दुबे ने लोकपाल से की महुआ मोइत्रा की शिकायत, कैश-तोहफे लेकर सवाल पूछने के मामले में फँसी हैं TMC सांसद

पैसे और उपहार लेकर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी के लिए संसद में सवाल पूछने वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले की शिकायत अब लोकपाल से की है।

सांसद दुबे शनिवार (21 अक्टूबर 2023) को मामले को भ्रष्टाचार निरोधी प्राधिकरण लोकपाल के पास गए और कैश-फॉर-क्वेरी विवाद में मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने एक एक्स पोस्ट में कहा, “CBI-CBI सुनते सुनते थक गया हूँ। आज लोकपाल को शिकायत दर्ज करा दिया। सांसद-मंत्री का भ्रष्टाचार लोकपाल ही देखता है। सीबीआई ही उसका माध्यम है।”

इसके पहले दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की जाँच कराने के लिए एक ‘जाँच समिति‘ गठित करने का आग्रह किया था। इसके साथ ही उन्होंने महुआ को सदन से तत्काल निलंबित करने की भी माँग की थी। दुबे ने मोइत्रा पर ये आरोप वकील जय अनंत देहाद्राई की चिट्ठी के आधार पर लगाया है।

अपने पत्र में दुबे ने कहा है कि हाल तक मोइत्रा द्वारा संसद में पूछे गए 61 सवालों में से 50 अडानी समूह पर केंद्रित थे। उन्होंने लिखा, “संसदीय प्रश्न पूछकर एक व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के व्यावसायिक हितों को हासिल करने और उनकी रक्षा करने के लिए महुआ मोइत्रा द्वारा रची गई आपराधिक साजिश के बारे में कोई संदेह नहीं है, जो 12 दिसंबर 2005 के ‘कैश फॉर क्वेरी’ प्रकरण की याद दिलाता है।”

इसके बाद बिरला ने मामले को संसदीय आचार समिति के पास भेज दिया। भाजपा सांसद विनोद सोनकर की अध्यक्षता वाली आचार समिति ने निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ सबूतों के साथ 26 अक्टूबर 2023 को बुलाया है। देहाद्राई सांसद महुआ के पूर्व पार्टनर हैं और कुत्ता हेनरी को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा है।

वहीं, दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों पर महुआ मोइत्रा ने इसे अपमानजनक, झूठा, निराधार बताया है। इतना ही नहीं, उन्होंने एडवोकेट देहाद्राई, सासंद दुबे और कुछ मीडिया संस्थानों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है। इस पर एक सुनवाई हो चुकी है, जिसमें महुआ के वकील शंकरनारायणन ने इस केस से अपना नाम वापस ले लिया।

वहीं, दर्शन हीरानंदानी ने एक पत्र के माध्यम से अपने बयान में बताया था कि वो अक्सर महुआ मोइत्रा की संसद वाली आईडी से लॉगिन करते थे, क्योंकि सांसद ने उन्हें अपना पासवर्ड दिया हुआ था। उन्होंने बताया था कि वो संसद में महुआ मोइत्रा की तरफ से सवाल भी अपलोड करते थे। आरोप है कि इन सवालों के माध्यम से उद्योगपति गौतम अडानी और उनकी कंपनी समूह पर निशाना साधा जाता था।

‘ABES कॉलेज से सीखे AMU’: PhD छात्रा बोली – यहाँ पीड़ित लड़कियों का होता है उत्पीड़न, प्रोफेसर अफीफुल्लाह पर यौन शोषण का आरोप

सोशल मीडिया में चर्चित गाजियाबाद के ABES कॉलेज प्रकरण में जाँच कमेटी की 24 घंटे के अंदर हुई संस्तुति के बाद 2 महिला प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। श्वेता शर्मा और ममता गौतम नाम की इन महिला प्रोफेसरों पर एक युवक को जय श्री राम बोलने पर अपमानित कर के मंच से भगाने का वीडियो वायरल हुआ था। अब इस कार्रवाई के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की एक यौन शोषण पीड़िता छात्रा का बयान सामने आया है। छात्रा ने ABES कॉलेज प्रबंधन की तारीफ करते हुए AMU के मैनेजमेंट को उनसे शिक्षा लेने की सलाह दी है।

वीडियो जारी करने वाली लड़की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की पीएचडी छात्रा है। छात्रा ने वीडियो में कहा कि कहाँ गाजियाबाद का एक ABES कॉलेज है जहाँ पुरुष छात्र की शिकायत पर 2 महिला प्रोफेसर सस्पेंड कर दी गईं और कहाँ AMU है जहाँ यौन शोषण की शिकार छात्रा को ही प्रताड़ना दी जा रही है। छात्रा ने ABES कॉलेज की जाँच कमेटी को सैल्यूट किया और AMU की जाँच कमेटी पर लानत भेजी है।

पीड़िता ने अपने साथ AMU की कई लड़कियों को यौन शोषण की शिकार बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यहाँ की ICC (आंतरिक जाँच कमेटी) उन सभी को क्लीन चिट देने के लिए तैयार बैठी रहती है जो छात्रों का शोषण करते हैं। आरोप है कि उलटे अपने शोषण की शिकायत करने वाली छात्राओं को यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा परेशान किया जाता है। छात्रा ने AMU के प्रशासनिक अधिकारियों को सलाह दी कि वो मैनेजमेंट चलाना और छात्रों के हितों का ध्यान रखना थोड़े समय के लिए गाजियाबाद के ABES कॉलेज से सीख लें।

क्या था पीड़िता का मामला

गौरतलब है कि छात्रा ने मई 2023 में अपने प्रोफेसर और वाइल्ड लाइफ साइंस डिपार्टमेंट के हेड अफीफुल्लाह खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इन आरोपों के लगने के बाद AMU प्रशासन ने 8 लोगों की एक आंतरिक जाँच कमेटी गठित की थी। इन 8 सदस्यों के अलावा 9वीं सदस्या उरूज नाम की प्रोफेसर है जो पीड़िता के खिलाफ गवाह हैं। साथ ही प्रोफेसर उरूज की ही शिकायत पर पीड़िता छात्रा पर एक FIR भी दर्ज हुई है जिसे पीड़िता अफीफुल्लाह के केस में समझौते के लिए दबाव बताया है।

आखिरकार जुलाई 2023 में अलीगढ़ पुलिस की जाँच में आरोपित प्रोफेसर अफीफुल्लाह पर चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में आरोपित पर IPC की धारा 354 (क) के तहत कार्रवाई की गई है। पीड़िता छात्रा ने चार्जशीट लगने के बाद प्रोफेसर अफीफुल्लाह को क्लीन चिट देने वाली कमेटी और गवाह उरूज पर भी कार्रवाई की माँग की है। छात्रा ने प्रोफेसर अफीफुल्लाह को निलंबित करने की माँग के साथ शासन को पत्र लिखने का भी ऐलान किया है।

क्या है ABES कॉलेज विवाद

बताते चलें कि 20 अक्टूबर 2023 को गाज़ियाबाद के ABES कॉलेज में हो रहे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने मंच से जय श्री राम कहा था। इसके बाद वहाँ मौजूद एसोसिएट प्रोफेसर ममता गौतम ने छात्र को डाँट कर मंच से नीचे उतार दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिन्दू संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामा होने के बाद प्रोफेसर ममता ने अपने ऊपर टिप्पणी करने वालों पर कोर्ट कार्रवाई की धमकी दी थी। हालाँकि, कॉलेज प्रबंधन ने जाँच के बाद आरोपित प्रोफेसर ममता गौतम और श्वेता शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।