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सवाल के बदले कैश-तोहफा कांड में फँसीं महुआ मोइत्रा से उनकी पार्टी ने भी किया किनारा: अलग-थलग पड़ीं TMC सांसद, अब बर्खास्तगी की माँग

तृणमूल कॉन्ग्रेस ने अपनी लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा से पूरी तरह दूरी बना रखी है। जो भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ‘संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने’ के आरोपों का सामना कर रही  हैं। इस मामले में उनपर और कई आरोप सामने आए हैं लेकिन पार्टी महुआ से एक दूरी बनाए हुए हैं। वहीं यह बात भी सामने आई है कि उनका जिला नेतृत्व भी उनसे नाराज है। 

ऐसे में TMC नेता कुणाल घोष ने शनिवार (21 अक्टूबर, 2023 ) को कहा, “संबंधित व्यक्ति ही इन मुद्दों का जवाब दे सकता है।” TMC के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने एएनआई को बताया, “इस विशेष मुद्दे पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमारे पास इस पर कहने के लिए कुछ नहीं है, तृणमूल कॉन्ग्रेस एक भी शब्द नहीं कहेगी। हमारे पास कहने के लिए कुछ नहीं है और कोई टिप्पणी नहीं है। संबंधित व्यक्ति मुद्दों को समझा सकता है या जवाब दे सकता है, लेकिन तृणमूल कॉन्ग्रेस नहीं।”

बीजेपी ने महुआ मोइत्रा को घेरा

वहीं अब लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ सवालों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों पर तृणमूल कॉन्ग्रेस की चुप्पी पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि तृणमूल यह स्पष्ट किए बिना ‘कोई टिप्पणी नहीं’ नहीं कह सकती कि क्या उनकी चुप्पी का मतलब महुआ मोइत्रा के ‘उल्लंघनों’ को स्वीकार करना है।

पार्टी से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने अभी तक महुआ मोइत्रा को बर्खास्त क्यों नहीं किया है, भाजपा नेता ने पूछा कि क्या पार्टी मोइत्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से डरती है क्योंकि पार्टी के पास छिपाने के लिए कुछ है। पूनावाला ने कहा, “शायद पार्टी के लोग इसे जानते थे या इसका समर्थन करते थे? टीएमसी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।”

बीजेपी नेता ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा, “क्या इसका मतलब यह है कि टीएमसी स्वीकार करती है कि महुआ मोइत्रा ने रिश्वत के बदले में एक प्रतिद्वंद्वी कॉर्पोरेट इकाई द्वारा विदेश से काम करने के लिए अपना लॉग इन देने सहित कई गंभीर उल्लंघन किए थे?” 

महुआ मोइत्रा हुईं अपनी ही पार्टी में अलग-थलग

इस पूरे मामले में TMC का कोई टिप्पणी न देना इस बात का संकेत भी है कि पार्टी ने इस विवाद से दूरी बना ली है। वहीं इस मामले में महुआ मोइत्रा आरोप सामने आने के बाद भी इस जिद पर अड़ी हुईं हैं कि वह किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने के लिए तैयार हैं, चाहे वह संसद की आचार समिति हो या सीबीआई।

राशन वितरण घोटाला में पहले से ही फँसी है पार्टी 

तृणमूल का इस मामले से दूरी बनाने को इस घटना से भी जोड़कर देखा जा रहा है कि पार्टी और राज्य सरकार पहले से ही स्कूल की नौकरियों, नगर पालिकाओं की नौकरियों, कोयला और पशु तस्करी जैसे कई कथित घोटालों से घिरी हुई है, जिसमें नया-नया शामिल राशन वितरण घोटाला भी है। ऐसे में महुआ मोइत्रा का पैसे लेकर सवाल पूछने का मुद्दा TMC के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन गया है। जिससे पार्टी एक दूरी बनाती हुई नजर आ रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके पहले महुआ मोइत्रा द्वारा माँ काली पर दिए गए विवादित बयान को लेकर पैदा हुए विवाद के दौरान तृणमूल नेतृत्व ने उन्हें चेताया था और कहा था कि भविष्य में इस तरह की कोई बयानबाजी न करें। ऐसे में इस नए विवाद में पार्टी ने महुआ को अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए छोड़ दिया है।

जिला नेतृत्व पहले से महुआ मोइत्रा से है नाराज 

पार्टी या TMC कार्यकर्ताओं या नेताओं के महुआ के साथ न होने की वजह नदिया जिले में पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह और जिला नेताओं का महुआ से खफा होना भी बताया जा रहा है। नदिया जिला नेतृत्व के एक वर्ग की ओर से पहले से ही मोइत्रा के खिलाफ उनके निर्वाचन क्षेत्र को ज्यादा समय नहीं देने की शिकायतें पार्टी नेतृत्व को मिली थीं। जिससे मोइत्रा के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण पहले से ही मौजूद था। वहीं इस मामले ने स्थिति और ख़राब कर दी है। 

महुआ मोइत्रा ने उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली

ओम बिरला को लिखे पत्र में, दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई से प्राप्त एक पत्र का हवाला दिया और कहा कि वकील ने ‘पुख्ता’ सबूत साझा किए हैं कि महुआ मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से ‘नकद’ और ‘उपहार’ के रूप में रिश्वत ली है। वहीं दुबे के पत्र के जवाब में, मोइत्रा ने कहा था कि सांसदों के सभी संसदीय कार्य निजी सहायक (पीए), सहायकों, प्रशिक्षुओं और बड़ी टीम द्वारा किए जाते हैं। 

बता दें कि लोकसभा की आचार समिति ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर शिकायत के संबंध में इस महीने के अंत में मौखिक साक्ष्य के लिए भाजपा सांसद और वकील जय अनंत देहाद्राई को बुलाया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि टीएमसी सांसद की ‘संसद में कैश फॉर क्वेरी’ मामले में सीधी भागीदारी है। 

‘पाकिस्तान आ जाओ, भारत को तुम्हारी ज़रूरत नहीं’: इस बार Pak के क्रिकेटर ने ही कर दिया आरफा खानम शेरवानी का ‘इलाज’, कह रही थी – भारतीय होकर शर्मिंदा हूँ

भारत के मीडिया गिरोह की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी अक्सर कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। प्रोपेगंडा पोर्टल ‘The Wire’ में काम करने वाली अरफ़ा खानम शेरवानी का इस बार एक पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ही ‘इलाज’ कर दिया है। पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर ने उन्हें ऐसा जवाब किया कि लोग वाह-वाह करने लगे। दरअसल, भारत में चल रहे वनडे वर्ल्ड कप को लेकर आरफा खानम शेरवानी देश के खिलाफ नकारात्मक माहौल बना रही थी।

उन्होंने ट्वीट कर के लिखा, “विश्व कप के मैचों के दौरान कई फैंस के निंदनीय व्यवहार से एक भारतीय के रूप में मुझे शर्म महसूस हो रही है, मैं इससे लज्जित हूँ। खेल का उद्देश्य था लोगों को एक साथ लाना, लेकिन इसे लेकर गंदा, असुरक्षित भावना और बहुसंख्यकवाद मोदी-RSS द्वारा पिछले 10 साल में बनाए गए माहौल का प्रतीक है।” उनका इशारा भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान अहमदाबाद में फैंस द्वारा ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को लेकर था।

हालाँकि, अरफ़ा खानम शेरवानी पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान द्वारा मैदान पर ही नमाज पढ़े जाने को लेकर खामोश रहती हैं। पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस बार उन्हें जवाब देते हुए कहा, “अगर तुम एक भारतीय के रूप में शर्म महसूस कर रही हो तो मेरे देश पाकिस्तान में आ जाओ। भारत को तुम्हारे जैसे लोगों की ज़रूरत ही नहीं है। मैं आश्वस्त हूँ कि भारत में कई लोगों को तुम्हें पाकिस्तान भेजना का खर्च उठाने में ख़ुशी होगी।”

जैसे ही लोगों ने आरफा खानम शेरवानी को जवाब देना शुरू किया, उन्होंने ‘विक्टिम कार्ड’ निकाल लिया। उन्होंने दावा किया कि दानिश कनेरिया ने उनकी ‘ऑनलाइन लिंचिंग’ के लिए भीड़ छोड़ दी है और वो ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें दुःख है कि कई धर्मों के फैंस द्वारा जिस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को प्यार किया गया वो अब एक सांप्रदायिक ट्रोल बन गया है। इसके बाद आरफा ने पाकिस्तान जाने से भी इनकार कर दिया और कहने लगीं कि ‘अपने देश’ को छोड़ कर दुनिया में कहीं नहीं जाएँगी।

इसके बाद दानिश कनेरिया ने आरफा खानम शेरवानी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों (भीड़, लिंच, धार्मिक, ट्रोल) पर कटाक्ष किया। उन्होंने साफ़ कहा कि उनके खिलाफ इन प्रोपेगंडा शब्दों का इस्तेमाल न किया जाए। दानिश कनेरिया ने पूछा कि क्या उन्होंने अपने ट्वीट में कहीं भी सांप्रदायिकता की बात की? दानिश ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया। बता दें कि आरफा खानम शेरवानी अक्सर आतंकी घटनाओं पर चुप्पी साध लेती हैं या फिर इस्लामी कट्टरपंथियों का बचाव करती दिखती हैं।

‘तुम सू%र हो’: पाकिस्तान के हिन्दू क्रिकेटर ने की दुर्गा पूजा तो भड़के कट्टरपंथियों ने बताया ‘वतन का गद्दार’, कहा – ‘बूत की पूजा मत करो, मुस्लिम बन जाओ’

पाकिस्तानी हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया के ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर नवरात्रि के दिनों में देवी माँ के साथ फोटो डालने पर इस्लामी ट्रोल गाली-गलौज पर उतर आए। मात्र एक फोटो के कारण दानिश को भला-बुरा कहा गया। तस्वीर में दानिश कनेसिया दुर्गा पूजा के कार्यक्रम में हिस्सा लेते दिख रहे हैं।

देवी माँ की पूजा करने पर मुस्लिम अकाउंट उन्हें वतन गद्दार बता रहे हैं। एक यूजर ने उन्हें ‘सूअर’ की भी गाली दी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दानिश कनेरिया पाकिस्तान में रह कर भी अपने हिन्दू रीति रिवाजों को मान रहे हैं।

दानिश ने देवीमंत्र के साथ एक फोटो एक्स पर डाली तो आमिर खान ने लिखा, “आप सूअर जैसे लगते हो!”

फैसी मलिक नाम के एक अकाउंट ने लिखा, “एक बार फ़िक्सर, हमेशा फ़िक्सर!”

आमिर खान ने ही लिखा कि यदि दानिश अब भी क्रिकेट खेल रहे होते सबसे गन्दी शकल उन्हीं की होती।

अरशद नाम के एक ट्रोल ने लिखा कि फ़िक्सर भगवान से माँग रहा है।

अली नाम के एक ट्रोल ने उन पर फिक्सिंग का आरोप लगा दिया।

फैसी मलिक ने कनेरिया द्वारा देवी की आरती की वीडियो ट्विटर पर डालने पर उन्हें वतन गद्दार बता दिया।

‘मिस्टर रेजर’ नाम के अकाउंट ने हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि क्या बूतों की पूजा कर रहा है, मुस्लिम बन जा, जिद छोड़ दे।

नवेद ने दानिश को भिखारी पाकिस्तानी और सुअर की संज्ञा दी। अयान खान नाम के अकाउंट ने भी उन्हें वतन फरोश की संज्ञा दी।

दानिश कनेरिया के लिए यह घृणा कोई नई बात नहीं है। उन पर लगातार हिन्दू होने के कारण दबाव डाला जाता रहा है। उन्होंने खुद कई बार बताया है कि उनकी टीम के सदस्य ही उनसे कहा करते थे कि वह मुस्लिम बन जाएँ।

इससे पहले भी जब दानिश ने कभी हिन्दू देवी देवताओं का नाम सार्वजनिक मंच पर लिया है तो मुस्लिम ट्रोल उन्हें परेशान करते आए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने पर भी उन्हें ट्रोल किया गया था।

‘जानवर, लाश और बच्ची से सेक्स जायज, नहाना भी ज़रूरी नहीं’: दारुल उलूम में बच्चों को दी जा रही यही शिक्षा, मौलाना की किताब पर NCPCR का एक्शन

प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद एक बार फिर से चर्चा में है। दरअसल, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने शरई मसलों पर लिखी गई एक किताब ‘बहिश्ती जेवर’ के फतवों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए देवबंद के डीएम और एसपी को नोटिस भेजा था। इसमें दारुल उलूम देवबंद में बच्चों को दी जा रही तालीम पर सवाल उठाए गए थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए शासन ने देवबंद की वेबसाइट से उन विवादित अंशो को हटवा दिया है। जिसकी जानकरी अधिकारियों ने आयोग को 19 अक्टूबर, 2023 को दी।

शासन द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए NCPCR के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने रविवार (22 अक्टूबर, 2023) को पोस्ट किया, “नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के तौर तरीक़े बताने वाली मौलाना अशरफ़ अली थानवी की किताब बाहिश्ती ज़ेवर,मदरसा दारुल उलूम देवबंद सहारनपुर द्वारा फ़तवे जारी करने व बच्चों को सिखाने के काम में ली जा रही थी। जिस पर NCPCR ने संज्ञान ले कर ज़िला प्रशासन को नोटिस जारी किया था। ज़िला प्रशासन सहारनपुर ने तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुए अवगत करवाया है कि उक्त किताब का उपयोग बंद करवा दिया गया है व संबंधित फ़तवे भी दारुल उलूम देवबंद की वेबसाइट से हटवा दिए गए हैं। शेष जाँच जारी है।”

दरअसल, दारुल उलूम के मदरसों में ऐसा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा था, जिसमें कई विवादित संदर्भ व फतवे शामिल थे। जैसे जानवरों से रेप, मृत महिलाओं और नाबालिग बच्चियों से यौन सम्बन्ध के तौर तरीके बताए गए थे एवं उन्हें जायज ठहराया गया था। यहाँ तक कि नहाना भी जरुरी नहीं था। जिस पर दिल्ली की सामाजिक संस्था मानुषी सदन ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में शिकायत की थी। इसके बाद ही NCPCR की नोटिस के बाद अब इसे वेबसाइट व पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।

बता दें कि मानुषी सदन संस्था ने गत 7 जुलाई, 2023 को शिकायत की थी कि इस्लामिक विद्वान दिवंगत मौलाना अशरफ अली थानवी की 100 साल पुरानी किताब “बहिश्ती जेवर” के जरिए दारुल उलूम छात्रों को नाबालिगों पर आपराधिक हमले, अवैध संबंध, दुष्कर्म और नाबालिगों की शादी की पढ़ाई करा रहा है।

जिसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सहारनपुर के डीएम व एसएसपी को जाँच करने व दारुल उलूम की वेबसाइट पर उपलब्ध ऐसी विवादित सामग्री को हटाने के लिए कहा था। साथ ही अधिकारियों को आयोग में तलब भी किया था।

आयोग की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया था कि बच्चों को दारुल उलूम की तरफ से जारी फतवों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चों को वो फतवे पढ़ाए जा रहे हैं जो वेबसाइट पर मौजूद हैं। और यह बाल अधिकार के खिलाफ है। 

आयोग ने कहा कि उन्हें दारुल उलूम देवबंद की तरफ से जारी फतवों के खिलाफ एक शिकायत भी मिली है। फतवे में ‘बहिश्ती जेवर’ नामक पुस्तक का जिक्र है, जो बच्चों के लिए आपत्तिजनक, अनुचित और अवैध है। 

इसी मामले में 19 जुलाई, 2023 को बाल संरक्षण आयोग के निर्देश पर एसडीएम संजीव कुमार के नेतृत्व में सीओ रामकरण सिंह, डीआईओएस योगराज सिंह, डीएसओ डॉ. विनिता, बीईओ डॉ. संजय डबराल की टीम दारुल उलूम पहुँची थी। टीम ने संस्था के नायब मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी और सद्र-मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात की थी और पूरे मामले की जाँच की थी।

गौरतलब है कि इस मामले में दारुल उलूम के जिम्मेदारों ने टीम को बताया था कि पुस्तक से संस्था का कोई वास्ता नहीं है। जिसके बाद उन्हें वेबसाइट से हटवा दिया गया। वहीं अब 19 अक्टूबर, 2023 को आयोग में प्रस्तुत होकर अधिकारियों ने बताया कि चार सदस्यीय टीम की जाँच के बाद विवादित सभी फतवों और पुस्तक को दारुल उलूम समेत अन्य सभी वेबसाइट से हटवा दिया गया है।

नवरात्रि में भजन कर रहा था हिन्दू परिवार, लाठी-डंडे लेकर आई मुस्लिम भीड़ ने पीटा: पूजा कर रही लड़कियों से छेड़खानी, घर में घुस कर हिंसा और गाली-गलौज

उत्तर प्रदेश के आगरा में दलित परिवार पर हमले की घटना सामने आई है। अब तक इस मामले में आगरा पुलिस ने कुल 5 आरोपितों को हिरासत में लिया है। इनके नाम सालुद्दीन, जाहिल, नाज़िम, हासिम और फ़ाज़िल हैं। पीड़ित परिवार के मुताबिक, शुक्रवार (20 अक्टूबर, 2023) को नवरात्रि में माँ दुर्गा की पूजा करने के लिए जा रहीं उनके घर की लड़कियों पर मुस्लिम पक्ष के 11 लोगों ने हमला किया था। इस हमले के दौरान आरोपितों ने पीड़ितों के घर में घुस कर छेड़खानी भी की।

पुलिस फरार चल रहे आरोपितों की तलाश कर रही है। पीड़ित परिवार ने वीडियो जारी कर के खुद को पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट बताया है।

यह मामला आगरा के थाना क्षेत्र बरहन का है। शिकायतकर्ता एक महिला है जिसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित परिवार मोहल्ले में नवरात्रि की पूजा में मूर्ति स्थापित करता है। शुक्रवार रात लगभग 8 बजे पीड़ित परिवार पंडाल में भजन गा रहा था। इसी दौरान उसी गाँव के शकील और शाहरुख़ वहाँ पहुँच गए। दोनों ने पीड़ितों को माँ-बहन की गालियाँ देना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में आरजू खान, आमिल, पप्पा, फ़ाज़िल, वारशी, भूरा, आदिल, शारुख और एहसान का बेटा राहुल भी वहाँ आ धमके।

शिकायत में बताया गया है कि सभी आरोपितों के हाथों में लाठी-डंडे थे। इन सभी ने दुर्गा पंडाल में बैठी महिलाओं को बेरहमी से पीटा। माँ के भजन गा रहीं लड़कियों से छेड़खानी भी गई गई। अचानक हुए इस हमले के बाद पीड़ित परिवार अपने घरों की तरफ भागे। आरोपितों ने पीछा किया और दलितों को घर में घुस कर मारा। शोरगुल सुन कर जब आसपास के लोग जुटने लगे तो हमलावर जान से मारने की धमकियाँ देते हुए वहाँ से भाग निकले। इस हमले में पीड़ित परिवार के पुरुष और महिलाओं दोनों के घायल होने का दावा किया गया है।

घायलों को इलाज के लिए भेजा गया है। सभी को मामूली चोटें आईं हैं जिनका मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है। इस शिकायत पर पुलिस ने सभी 11 हमलावरों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 149, 323, 504, 506, 354 और 452 के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। अब तक कुल 5 आरोपितों को हिरासत में लिया गया है जिसमें 2 नामजद जाहिल और फ़ाज़िल शामिल हैं। पुलिस इस मामले की जाँच के साथ फरार अन्य आरोपितों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।

पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित संतुष्ट

ऑपइंडिया को पीड़ित परिवार की तरफ से एक वीडियो मिला है। वीडियो में पीड़ितों ने बताया कि उन पर हमले के बाद लगभग 10 मिनट के आसपास पुलिस पहुँच गई थी। पीड़ितों ने यह भी बताया कि वो इस मामले में आगरा पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से संतुष्ट हैं।

‘वैलेंटाइन नहीं, नवरात्रि में करो सेटिंग’: अभिनेत्री ने गरबा कार्यक्रम में किया शक्ति के आराधना के पर्व का अपमान, आक्रोशित लोग बोले- माफी माँगो

गुजरात सहित पूरे देश में इस समय नवरात्रि का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है। खासतौर से गुजरात में तो गरबा माता के नाम से ही जुड़ गया है। दिन भर के काम, व्यवसाय या पढ़ाई के बाद लोग चाहे कितने भी थके हुए क्यों न हों, जब शाम होती है, तो वे पारम्परिक कपड़ों में विभिन्न मैदानों, पूजा पंडालों में माँ दुर्गा को खुश करने की पूरी कोशिश करते हैं। उत्सव मनाते हैं, गरबा करते हैं। इस बीच नडियाद से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गुजराती एक्ट्रेस उर्वशी सोलंकी को हिंदुओं के इस पवित्र त्योहार को बदनाम करने वाला बयान देते हुए देखा और सुना जा सकता है। 

वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला गरबा के मंच से माइक्रोफोन में कुछ कह रही है। सामने बड़ी संख्या में गुजराती गरबा खेलते नजर आ रहे हैं। वह बोलती हैं, “गुजरात में किसी लड़की को आई लव यू कहने के लिए हम वैलेंटाइन का नहीं बल्कि नवरात्रि का इंतजार करते हैं।”

ये आवाज किसी और की नहीं बल्कि गुजराती अभिनेत्री उर्वशी सोलंकी की है। उर्वशी कहती हैं, ”गुजरात का गरबा पूरी दुनिया में मशहूर है। गुजरात में अगर किसी लड़की को आई लव यू कहना हो तो हम वैलेंटाइन डे का नहीं, बल्कि नवरात्रि का इंतज़ार करते हैं।”

जिसके बाद बात को पर्याप्त समर्थन न मिलने पर उर्वशी भीड़ से पूछती हैं, “सही है? इनमें से कितने लोगों ने इन 4 दिनों में कहा?” हालाँकि, भीड़ की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आती।

वह आगे कहती हैं, ”आप 9 दिनों तक गरबा खेलते हैं और आखिरी दिन भले ही आप सिंगल हों, आपने निश्चित रूप से गरबा खेला है तो नौवे दिन….”

समर्पण एजुकेशन ट्रस्ट था आयोजक 

गुजरात का यह वीडियो वायरल है। वहीं ऑपइंडिया गुजराती की पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो नडियाद के माँ शक्ति गरबा उत्सव का है। गरबा का आयोजन समर्पण एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से किया गया था।

गरबा का यह उत्सव समर्पण एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया था

नाराज नेटिज़न्स ने अभिनेत्री को कहा- ‘बेवकूफ महिला’ 

इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में काफी गुस्सा है। ज्यादातर लोग एक्ट्रेस से माफी की माँग कर रहे हैं। 

प्राप्ति (@i_am_prapti) नाम की एक्स अकाउंट यूजर ने पोस्ट किया, “उर्वशी सोलंकी के लिए ‘सेटिंग’ नवरात्रि का त्योहार है। अगर आप नवमी के दिन भी सिंगल हैं तो समझिए कि आपने गरबा खेल लिया है। ये बेन भी जानती है कि पंचर बेटे हमारी हिंदू बेटियों को फँसाने के लिए ‘भेष बदलकर’ गरबा में पहुँचते हैं। फिर क्या होता है? मूर्ख महिला।”

@just_hu_ नाम के एक यूजर ने पोस्ट किया, “नवरात्रि माँ जगत अम्बाजी की शक्ति की पूजा का त्योहार है, कोई मजाक नहीं। वाकई इस महिला की मानसिकता पर दया आती है।”

धवल प्रजापति (@DhavalP0673838) नाम के एक यूजर ने एक्ट्रेस से माफी की माँग करते हुए लिखा, “उर्वशी नाम की एक गुजराती एक्ट्रेस ने हमारे त्योहार पर शर्मनाक टिप्पणी की, सनातन धर्म का अपमान करने के लिए हम उनसे माफी की माँग करते हैं।”

कई अन्य लोगों की तरह, @bdholariaya नाम के एक यूजर ने भी कलाकार से माफी की माँग करते हुए लिखा, “वास्तव में माफी माँगनी चाहिए।”

गौरतलब है कि रविवार (22 अक्टूबर, 2023) दोपहर 12 बजे तक न तो एक्ट्रेस और न ही आयोजकों ने माँ के इस पवित्र त्योहार के इस तरह के अपमान के लिए माफी माँगी है। 

‘4 बच्चों का बाप हो या 40 का, निकाह तो इसी से करूँगी’: दुकानदार शाहनवाज से निकाह के लिए अड़ी हिन्दू लड़की, परिवार वाले करते रहे गुहार

हरियाणा के फरीदाबाद में हिन्दू कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी ने शाहनवाज नाम के एक युवक को ‘लव जिहाद’ के आरोप में पकड़ कर पुलिस के हवाले किया है। आरोप है कि पहले से 4 बच्चों का अब्बा शाहनवाज 21 साल की हिन्दू लड़की से लम्बे समय से अफेयर में था। लड़की शाहनवाज से किसी भी हाल में निकाह करने पर आमादा थी। ऐसा न होने पर वो अपने घर वालों से आत्महत्या की धमकी दिया करती थी। शाहनवाज के साथ आई लड़की ने हिन्दू संगठन के सदस्यों से नोकझोंक भी की। घटना शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) की है।

‘फरीदाबाद न्यूज़’ पर LIVE दिखाए गए पूरे घटनाक्रम को ‘गोरक्षा बजरंग फ़ोर्स संगठन’ के अध्यक्ष बिट्टू बजरंगी ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। आरोपित शाहनवाज फरीदाबाद का ही निवासी है। जब बिट्टू बजरंगी शाहनवाज के पास पहुँचे तब ‘गोरक्षा बजरंग फ़ोर्स’ के सदस्यों से उलझने लगी। लड़की ग्रेजुएशन द्वितीय वर्ष की छात्रा है। खुद को 25 साल की बताते हुए लड़की ने कहा कि उसे पता है कि शाहनवाज शादीशुदा है लेकिन उसके बाल-बच्चेदार होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

हालाँकि, कोर्ट में ही लड़की का भाई इस निकाह का विरोध कर रहा था। इस मामले पर शाहनवाज खुद को बेकसूर बताते हुए लड़की पर ही निकाह का दबाव बनाने का आरोप लगाता रहा। शाहनवाज ने बताया कि उसका अपनी पहली बीवी से तलाक नहीं हुआ है लेकिन वो लड़की के कहने पर अदालत आया है। कोर्ट में मौजूद लड़की के भाई राहुल ने रोते हुए बताया कि उनकी बहन कॉलेज की छात्रा है। बकौल राहुल, उन्होंने पूरे परिवार के साथ अपनी बहन को इज्जत न उछालने की दुहाई दी लेकिन इसका कोई असर लड़की पर नहीं पड़ा।

जब पत्रकारों ने निकाह करने पहुँची लड़की से पूछा कि शाहनवाज़ में आखिर क्या अच्छा है, तो जवाब आया, “क्यों बताऊँ।” बिट्टू बजरंगी ने बताया कि वो अदालत में लड़की के परिजनों की माँग पर आए थे। लड़की के भाई ने आरोप लगाया कि शाहनवाज ने कुछ खिला-पिला कर उनकी बहन का ब्रेनवॉश कर डाला है। लड़की के घर के आगे आरोपित शाहनवाज की दुकान है। पीड़ित भाई के मुताबिक वो और उनके पिता ड्यूटी चले जाते थे इस बीच उनकी बहन शाहनवाज के चंगुल में फँस गई। लड़की के भाई ने ही शाहनवाज को कोर्ट में निकाह के बहाने से बुलवाया था।

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी बिट्टू बजरंगी से ली। बिट्टू ने हमें बताया कि लड़की का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है जो फिलहाल फरीदाबाद के गाँधी कॉलोनी में रहता है। लड़की के घर के ठीक सामने शाहनवाज ने बिजली के पार्ट्स बेचने की दुकान खोल रखी है। बिट्टू ने हमें बताया कि लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने बाद में शाहनवाज को छोड़ दिया। हालाँकि कानूनन ये शादी नहीं हो पाई और लड़की को भी उसके घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया है।

‘यहाँ ब्लैक में कच्ची कलियाँ मँगाई जा रही, $डी पहचानने के 330 नुस्खे…’: कॉमेडियन ने वेश्यावृत्ति को बताया ‘कूल’, बोलीं – यहाँ फ्रेशर्स चाहिए

सोशल मीडिया के दौर में गंभीरता की आशा ना करें! इस बात को पूरी तरीके से ‘कूल’ कॉमेडियन विदुषी स्वरूप ने चरितार्थ किया है। कॉमेडियन विदुषी स्वरूप ‘वेश्यावृत्ति’ को कूल मानती हैं। वह इसे अन्य किसी भी नौकरी-धंधे से तुलना कर रही हैं।

कॉमेडियन विदुषी स्वरूप की एक क्लिप वायरल हो रही है, इसमें वह वेश्यावृत्ति जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक उड़ाती दिखती हैं। वह वीडियो में कहती हैं, “मुझे ना वेश्यावृत्ति बड़ा कूल प्रोफेशन लगता है। मैं प्रूव करूँगी कैसे! वेश्यावृत्ति में एक्सपीरियंस (अनुभव) को लेकर कोई पक्षपात नहीं है।” इस वीडियो में वो शुरू में कहती हैं – “यहाँ बैठीं सभी वेश्याएँ चीयर करें। $डी पहचानने के 330 नुस्खे।”

आगे विदुषी छोटी बच्चियों के वेश्यावृत्ति में धकेले जाने को लेकर संवेदनहीनता से कहती हैं, “उनको फ्रेशर्स चाहिए, वो ब्लैक में कच्ची कलियाँ मँगवा रहे हैं। वेश्यावृत्ति अकेला ऐसा धंधा है जहाँ सीईओ से ज्यादा इंटर्न कमा रहे हैं।” यहाँ उन्होंने वेश्यावृत्ति में मानव तस्करी के जरिए धकेली जाने वाली बच्चियों को ‘ब्लैक में मँगाई जाने वाली कच्ची कलियाँ’ बता दिया है।

उनका कहना है कि वेश्यावृत्ति करने वालों को शेखों के साथ दुबई ट्रिप मिल रही हैं। हालाँकि, विदुषी का यह ‘कूल’ दावा सच्चाई से कोसों दूर है जहाँ हजारों बच्चियों और महिलाओं को जीविकोपार्जन के लिए देह बेचनी पड़ती है।

एक अन्य वीडियो में विदुषी इंजीनियरों के काम को वेश्यावृत्ति से भी खराब बताया है। विदुषी का कहना है कि वेश्यावृत्ति का धंधा गाली नहीं है लेकिन यदि कभी किसी धंधे को गाली देनी हो तो यह इंजीनियर होने चाहिए।

विदुषी की इस संवेदनहीनता को लेकर अब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। इन्स्टाग्राम पर गौतम नाम के एक यूजर ने लिखा, “इस देश में महिला कॉमेडियन आखिर फनी क्यों नहीं होती हैं?”

कुछ अन्य यूजर्स ने इंजीनियरिंग पर मजाक बनाने को लेकर अपना गुस्सा जताया और कहा कि विदुषी स्वरुप अपने खुद के धंधे का बचाव कर रही हैं। एक यूजर ने लिखा कि कॉमेडी करना आपका हिडेन टैलेंट है, इसे छुपा कर ही रखें।

वेश्यावृत्ति को कूल बताने को लेकर एक यूजर हिमांशु सिंह ने इन्स्टाग्राम पर लिखा कि आप फिर इसे शुरू कर दें, कॉमेडी आपसे हो नहीं रही हैं।

ट्विटर पर एक यूजर ने विदुषी को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता दिया।

सरकारी परीक्षाओं में हिजाब की अनुमति, कुर्ता पर प्रतिबंध: कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार का फैसला, स्कूल-कॉलेजों में बुर्के के लिए राज्य भर में हुई थी हिंसा

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद अब हिजाब और बुर्के की एंट्री भी हो गई है। कर्नाटक में मई 2023 में कॉन्ग्रेस की जीत हुई थी और सरकार बदलने के बाद सिद्दारमैया मुख्यमंत्री बने थे। अब जानकारी दी गई है कि ‘कर्नाटक एग्जामिनेशंस अथॉरिटी’ द्वारा विभिन्न भर्तियों के लिए ली जाने वाली परीक्षाओं में हिजाब की अनुमति होगी। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री MC सुधाकर ने कहा है कि हिजाब या बुर्के पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाने से लोगों के व्यक्तिगत अधिकरण का हनन होगा।

कर्नाटक में स्कूल-कॉलेजों में बुर्का पहनने की अनुमति के लिए भाजपा सरकार के समय भी उपद्रव हुआ था और इस्लामी कट्टरपंथियों ने जम कर प्रदर्शन किया था। वो यूनिफॉर्म को धता बता कर बुर्के में कक्षाओं में बैठने की अनुमति चाहते थे। अब KEA ने कहा है कि हिजाब वाली छात्राएँ परीक्षा केंद्र पर तय समय से 1 घंटे पहले पहुँच जाएँ, ताकि उनकी अच्छी तरह जाँच की जा सके। 2021 में उडुपी से शुरू हुए हिजाब विवाद के बाद भाजपा को मुस्लिम महिलाओं की विरोधी पार्टी साबित करने की कोशिश हुई थी।

बता दें कि विभिन्न सरकारी संस्थाओं में कर्नाटक में 670 वैकेंसी आई है और उनमें भर्ती के लिए परीक्षाएँ होने वाली हैं। 28-29 अक्टूबर, 2023 को इसके लिए परीक्षाएँ आयोजित की जाएँगी। वहीं पुरुष अभ्यर्थियों को हाफ स्लीव वाले शर्ट और प्लेन ट्राउजर पहनने के लिए कहा गया है। उनमें पॉकेट नहीं होने चाहिए। फुल स्लीव शर्ट, कुर्ता-पायजामा और जींस पर प्रतिबन्ध है। हालाँकि, हिजाबी छात्राओं के लिए भी कुछ दिशानिर्देश तय किए गए हैं।

हिजाब पहन कर आने वाली महिला अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वो जींस या फुल स्लीव वाले शर्ट पहनने से बचें। इसके बाद आलोचना भी हो रही है कि अगर कुर्ता-पायजामा पर प्रतिबंध है तो फिर हिजाब की अनुमति क्यों दी गई है? जिस तरह बुर्के के लिए राज्य में तनाव का माहौल बनाया गया था और चुनाव से पहले मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिए मंच तैयार किया गया था, उसके बाद इस तरह के निर्णय पर सवाल उठना लाजिमी है।

हाथ-पाँव तोड़ कर बिठा दो… आजम खान को सताया एनकाउंटर का डर, बीच में बैठने से भी किया इनकार: अलग-अलग जेल में शिफ्ट किए गए बाप-बेटे

दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में  समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तंजीन फातिमा को कोर्ट ने सात-सात साल की सजा सुनाई है। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर तीनों को सीधे रामपुर जेल भेजा गया था। जहाँ से रविवार (22 अक्टूबर, 2023)  को आजम खान और उनके बेटे को अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया गया। उनकी शिफ्टिंग के आदेश प्रशासन को शनिवार को ही मिल गए थे।

वहीं सपा नेता आजम खान को जेल जाते वक्त एनकाउंटर का डर सता रहा था। उन्होंने कहा, “हमारा एनकाउंटर भी हो सकता है।”

हरदोई शिफ्ट किए गए अब्दुल्ला आज़म

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब्दुल्ला आजम को आज सुबह भारी सुरक्षा के बीच जिला कारागार हरदोई में शिफ्ट किया गया है। इस बीच जब अब्दुल्ला से पत्रकारों ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं इस मामले में जेलर संजय सिंह ने बताया कि अब्दुल्ला को रामपुर से सुबह हरदोई जेल लाया गया है। दरअसल, आजम खान की ससुराल हरदोई के बिलग्राम में है इसलिए उनके बेटे को उनके ननिहाल वाले जनपद की जिला कारागार में शिफ्ट किया गया है। हरदोई में हाई सिक्योरिटी बैरक नहीं है इसलिए उन्हें आम बंदियों की तरह सामान्य बैरक में रखा गया है। 

सीतापुर जेल दोबारा पहुँचे आजम खान को सता रहा एनकाउंटर का डर 

सपा नेता आजम खान को रविवार की सुबह सीतापुर की जेल ले जाया गया। आजम खान 17 माह बाद एक बार फिर से सीतापुर जेल पहुँचे हैं। बता दें इसी जेल में वह 27 माह तक बंद रहने के बाद 20 मई 2022 को रिहा हुए थे और एक बार फिर से उन्हें यहा लाया गया है।

वहीं सुबह जब उन्हें रामपुर जेल से सीतापुर के लिए शिफ्ट किया जा रहा था तब आजम खान ने एनकाउंटर की आशंका जताते हुए कहा था कि कुछ भी हो सकता है। यहाँ तक कि उन्होंने पुलिस की गाड़ी में बीच में बैठने से भी मना कर दिया। इससे कुछ देर के लिए पुलिस अधिकारी भी सकते में आ गए। उन्होंने कहा कि हाथ पैर तोड़कर बैठा दो, ऐसे नहीं बैठूँगा। हालाँकि, बाद में वह किनारे ही बैठकर गए। 

रामपुर जेल में ही रहेंगी तंजीन फातिमा 

रामपुर जेल में अपने पति और बेटे के साथ रह रहीं डा. तंजीन फातिमा अब जेल में अकेले ही रहेंगी। शासन ने उनको रामपुर की जेल में ही रखने का फैसला लिया है।

क्या है पूरा मामला 

गौरतलब है कि दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एमपीएलए कोर्ट ने बुधवार को सपा नेता आजम खान, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने तीनों पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने उनको जेल भेजने के आदेश कर दिए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनको रामपुर जेल में भेज दिया था। 

दरअसल, बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में गंज थाने में सपा नेता आजम खान के बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो जन्म प्रमाणपत्र होने का मामला दर्ज कराया था। जिसमें सपा नेता आजम खान और उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा को भी आरोपित बनाया गया था। 

चार्जशिट के अनुसार, रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी एक जन्म प्रमाणपत्र में, अब्दुल्ला आजम की जन्म तिथि एक जनवरी, 1993 बताई गई थी तो दूसरे प्रमाणपत्र के अनुसार उनका जन्म 30 सितंबर, 1990 को लखनऊ में हुआ था। इस मामले में आजम खान और उनकी पत्नी पर आरोप था कि अब्दुल्ला ने अपने दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाए हैं, जिनमें एक रामपुर नगरपालिका परिषद से, जबकि दूसरा प्रमाणपत्र लखनऊ नगर निगम से बनवाया और इनका समय-समय पर गलत इस्तेमाल किया।