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‘दिल दिल पाकिस्तान’ रोहित शर्मा ने नहीं बजने दिया स्टेडियम में, पाकिस्तान को हराने के लिए बाकी कप्तानों से एकदम अलग सोच: पढ़िए माइकल वॉन का खुलासा

क्रिकेट विश्व कप – 2023 के 12वें मैच में भारत ने पाकिस्तान को 19 ओवर शेष रहते हुए 7 विकेट से हरा दिया। भारत से बुरी तरह से हार जाने के बाद, पाकिस्तान के खिलाड़ियों और प्रबंधन के पास कोई खास बहाना नहीं बचा था, फिर भी वे बड़ी मेहनत से बहाना ढूँढने में कामयाब रहे। मैच के बाद बोलते हुए, पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर ने शिकायत की कि उन्हें मैच के दौरान कहीं भी डीजे की धुन ‘दिल दिल पाकिस्तान’ सुनने को नहीं मिली। 

अपनी अजीबोगरीब टिप्पणी से मिकी आर्थर पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों के मजाक का विषय बन गए हैं। आर्थर के इस अतरंगी बहाने के बारे में बात करते हुए, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं, यह रोहित शर्मा का मास्टरस्ट्रोक रहा और इस कदम ने उन्हें गेम जीता दिया। जिसका पाकिस्तान के कोच ने बाद में इसका संकेत भी दिया, कुछ नहीं रोहित ने ही डीजे वाले से साफ़-साफ़ कहा- बस करो ‘दिल दिल पाकिस्तान’ मत चलाओ।”

एशेज विजेता कप्तान ने आगे कहा, “अगर वे ‘दिल दिल पाकिस्तान’ बजाते, तो पाकिस्तान जीत जाता। मैच से पहले वह गाना न बजाएँ। सुनिश्चित करें कि वे उस प्रेरणादायक गीत को न सुनें जो स्पष्ट रूप से उन्हें इतना अच्छा खेलने के लिए प्रेरित करता है।”

आर्थर पर कटाक्ष करते हुए इस खास रणनीति के लिए रोहित शर्मा की प्रशंसा करते हुए वॉन ने कहा, “यही वह चतुराई थी। ज्यादातर कप्तान ऐसी चीजों के बारे में नहीं सोचते। डीजे, संगीत, रोहित अपने समय से आगे हैं।”

दरअसल, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वॉन ऑस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट के साथ ‘क्लब प्रेयरी फायर’ पॉडकास्ट के दौरान बोल रहे थे। ऐसे में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट अपने हमवतन और अब पाकिस्तान के कोच मिकी आर्थर पर किए गए इस क्रूर कटाक्ष पर अपनी हँसी नहीं रोक सके।

वॉन ऐसे अकेले पूर्व क्रिकेटर नहीं हैं जो भारत से हार के बाद मिकी आर्थर द्वारा बनाए गए अजीब बहाने पर हँस रहे हैं। बल्कि ऑस्ट्रेलिया से पाकिस्तान की हार के दौरान, पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी बहाना बनाया और पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान जब पाकिस्तान विकेट लेने के लिए संघर्ष कर रहा था, तब डीजे से ‘दिल दिल पाकिस्तान’ गाना बजाने के लिए कहा।

गौरतलब है कि अपने पहले 2 मैच जीतने के बाद, पाकिस्तान अब बैक-टू-बैक दो मैच हार गया है और यहाँ तक कि उसका नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में मिकी आर्थर उम्मीद कर रहे होंगे कि वे जल्दी से वापसी कर सकें और फिर से जीतना शुरू कर सकें ताकि लोग उनके अजीब बहाने को भूल जाएँ।

जस्टिन ट्रुडो गए मस्जिद में अपनापन दिखाने, कट्टर मुस्लिम भीड़ ने दी गालियाँ, बेइज्जती के बाद मुँह लटका कर बाहर निकले

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को अपने देश की एक मस्जिद में लोगों से औपचारिक मुलाकात के लिए गए थे। इस दौरान वहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों के भारी विरोध का सामना उन्हें करना पड़ा। मस्जिद में मौजूद भीड़ ने इजरायल-हमास युद्ध में ट्रूडो के रुख और बयान की आलोचना की। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री से उनका बयान वापस लेने की माँग भी की गई।

कनाडा की न्यूज़ एजेंसी द टोरंटो सन के मुताबिक शुक्रवार को एक मस्जिद में जाने के दौरान जस्टिन ट्रूडो को ‘शर्म करो-शर्म करो’ जैसी नारेबाजी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मस्जिद में मौजूद और विरोध में शामिल एक व्यक्ति को कार्यक्रम के आयोजकों से यह माँग करते भी सुना गया कि जस्टिन ट्रुडो को माइक पर बोलने की अनुमति न दी जाए। हालाँकि जस्टिन ट्रुडो को माइक दिया गया। अपने सम्बोधन में कनाडा के PM ने कहा, “इस कठिन समय में अपने साथ प्रार्थना की अनुमति देने का धन्यवाद।”

इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हिजाब पहनी एक महिला को हाथ में तख्ती लिए देखा जा सकता है। तख्ती में ‘गाजा में नरसंहार रोको’ लिखा हुआ है। साथ ही कई अन्य लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जस्टिन ट्रुडो को चिढ़ाते भी दिखे।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जस्टिन ट्रुडो के दौरे की पुष्टि की है। कनाडा के मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी मुस्लिमों के प्रति अपनापन दिखाने के मकसद से था।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक जस्टिन ट्रुडो इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर काफी चिंतित हैं। इसी के साथ ही शांति स्थापना में कनाडा द्वारा अधिकतम सहयोग का भी एलान किया गया है।

चित्र साभार- X/@AhmarSKhan

बताते चलें कि कनाडा ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान देश में मौजूद इस्लामी कट्टरपंथियों को संतुष्ट करने के लिए तमाम कदम उठाए हैं। इसमें कनाडा की मीडिया को हमास के लड़ाकों को आतंकी न कहने के निर्देश भी शामिल हैं। इसी साल अक्टूबर के महीने में ही यहाँ के ओंटारियो के मिसिसॉगा में सेलिब्रेशन स्क्वायर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीनी और तालिबानी आपस में भिड़ गए थे।

‘जय श्री राम’ का विरोध करने वाली 2 प्रोफेसरों को ABES कॉलेज ने किया निलंबित: डायरेक्टर ने खुद जारी किया बयान, 24 घंटे में जाँच समिति ने दे दी रिपोर्ट

गाजियाबाद के ABES कॉलेज में ‘जय श्री राम’ बोलने पर छात्र को प्रताड़ित करने के मामले में कार्रवाई हुई है। कॉलेज के मैनेजमेंट ने 2 महिला प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है। इनके नाम ममता गौतम और श्वेता शर्मा है। शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) को इस एक्शन की पुष्टि ABES कॉलेज के प्रोफेसर और डॉयरेक्टर संजय कुमार सिंह ने की है।

ABES कॉलेज के डॉयरेक्टर डॉक्टर संजय कुमार सिंह ने इस जानकारी को संस्थान के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। 59 सेकेण्ड के वीडियो में उन्होंने अपना परिचय देते हुए बताया, “मेरे संज्ञान में कल एक वीडियो आया था। उस वीडियो के आधार पर हमने एक उच्च स्तरीय जाँच कमेटी का गठन किया था। कॉलेज प्रशासन ने इस कमेटी को 24 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। कमेटी द्वारा दिए गए संस्तुति के आधार गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करने वाली 2 फैकेल्टी को सस्पेंड किया जाता है।”

निलंबित की गईं ममता गौतम ABES कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थीं। वहीं कार्रवाई की जद में आईं श्वेता शर्मा इसी कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग में ही असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर थीं। ममता का टीचिंग क्षेत्र में 16 साल और श्वेता का 12 साल का अनुभव है। 21 अक्टूबर को ही सुबह ABES कॉलेज की वेबसाइट हैक हो गई थी। तब हैकर ने ममता गौतम को शूपर्णखा के रूप में दिखाया था। साथ ही पूरी वेबसाइट के होमपेज पर जय श्री राम लिख दिया था। हालाँकि दोपहर बाद यह वेबसाइट अपने असली रूप में वापस आ गई थी।

गौरतलब है कि कुछ ही समय पहले ममता गौतम ने वीडियो जारी कर के अपने खिलाफ टिप्पणी करने वालों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। तब उन्होंने खुद को सनातनी बताते हुए पीड़ित छात्र में ही सारी कमी गिना दी थी।

बताते चलें कि 20 अक्टूबर 2023 को गाज़ियाबाद के ABSE कॉलेज में हो रहे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने मंच से जय श्री राम कहा था। इसके बाद वहाँ मौजूद एसोसिएट प्रोफेसर ममता गौतम ने छात्र को डांट कर मंच से नीचे उतार दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिन्दू संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामा होने के बाद प्रोफेसर ममता ने अपने ऊपर टिप्पणी करने वालों पर कोर्ट कार्रवाई की धमकी दी थी।

‘सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए ओबीसी का राग’: अखिलेश यादव ने कॉन्ग्रेस पर फिर साधा निशाना, I.N.D.I. गठबंधन में बढ़ रहे हैं टूट के आसार

भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को मात देने के लिए विपक्षी दलों द्वारा बनाए गए ताजा-तरीन I.N.D.I. गठबंधन में टूट के आसार बढ़ते जा रहे हैं। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बीच जारी बयानबाजी इसी ओर इशारा कर रही है। अखिलेश यादव ने कॉन्ग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज कॉन्ग्रेस पिछड़ा वर्ग (OBC) का राग अलाप रही है, लेकिन ये वही कॉन्ग्रेस है जिसने जाति जनगणना के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे।

अखिलेश ने कहा, “कॉन्ग्रेस अब मुखर हुई है। ये वही कॉन्ग्रेस पार्टी है जिसने जाति जनगणना के आँकड़े नहीं दिए, जाति जनगणना नहीं होने दिए। ये चमत्कार है, क्योंकि अब सबको अहसास हो गया है कि जब तक पिछड़े-दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक भाइयों का साथ नहीं लोगे, आप कामयाब नहीं होगे।”

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी खुद कहते हैं कि हम पिछड़े हैं। पिछड़े, दलित, आदिवासी और कुछ अगड़े जाति जनगणना की माँग कर रहे हैं तो उसमें क्या बात है। ये चमत्कार है कि कॉन्ग्रेस भी चमत्कार में आ गई कि उन्हें भी जाति जनगणना चाहिए, क्योंकि वो जानते हैं कि वो वोट जो उनसे जुड़ते थे अब वो उनके साथ नहीं है।”

अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के ‘अखिलेश-वखिलेश’ वाले बयान पर भी सीधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिसके नाम में ही कमल हो तो वो वखिलेश ही कहेंगे, अखिलेश तो नहीं कहेंगे। कमलनाथ को छोटा नेता बताते हुए उन्होंने कहा, “मैं कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं से अपील करूँगा कि अपने छोटे नेताओं से इस तरह के बयान न दिलवाएँ।”

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कहा, “ये बात तो ठीक कही उन्होंने… वखिलेश कौन है… अखिलेश तो है ना… तो अगर ये बातें कहेंगे तो समाजवादी पार्टी भी इन बातों को कह सकती है, लेकिन हम उन उलझनों में नहीं फँसना चाहते हैं। कमलनाथ जी से हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। नाम देखो उनका कितना अच्छा है। जिनके नाम में ही कमल हो तो वो वखिलेश ही कहेंगे, अखिलेश तो नहीं कहेंगे ना।” 

दरअसल, कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सारे सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि कॉन्ग्रेस ने वहाँ समाजवादी पार्टी को 6 सीटें देने की बात कही थी, लेकिन सारे सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। अखिलेश कहा था, “अगर उन्हें पता होता कि राज्यों के स्तर पर गठबंधन नहीं है तो वो कभी किसी बैठक में जाते ही नहीं।”

इसके बाद समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी और कई 31 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व्याजी गोंड ने कहा है कि समाजवादी पार्टी सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की कोशिश कर रही है। अभी तक 31 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की जा चुकी है।

इसके बाद पत्रकारों ने कमलनाथ से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पहुँचे कमलनाथ ने कहा था कि राज्य में माहौल बहुत अच्छा है। टिकट घोषित होने के बाद फोन कॉल आ रहे हैं और लोग बता रहे हैं कि काफी उत्साह है। कॉन्ग्रेस उम्मीद से भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे अखिलेश यादव के ‘विश्वासघात’ वाले आरोप पर सवाल पूछा। इस पर कमलनाथ ने अखिलेश यादव को लेकर कुछ ऐसे बोला, जैसे अखिलेश यादव की कोई हैसियत ही न हो। उन्होंने छूटते ही कहा, “अरे भई छोड़ो अखिलेश अखिलेश…”।

92 साल के जिस लेखक ने टीपू सुल्तान को साबित किया मजहबी उन्मादी, उनकी कालजयी रचना पर बनेगी ‘महाभारत’: विवेक अग्निहोत्री ने की नई फिल्म की घोषणा

कन्नड़ के साहित्य जगत में एक बहुत बड़े नाम हैं – SL भैरप्पा। 2023 में पद्म भूषण, 2016 में पद्मश्री और 2015 में साहित्य अकादमी फेलोशिप से उन्हें भारत सरकार ने सम्मानित किया। उनकी एक पुस्तक कालजयी रचना मानी जाती है, जिसका नाम है – ‘पर्व’। आज ये पुस्तक खासा चर्चा में है, क्योंकि शनिवार (21 अक्टूबर, 2023) को निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री इस पर फिल्म बना रहे हैं। फिल्म का नाम होगा – PARVA – AN EPIC TALE OF DHARMA (पर्व – एन एपिक टेल ऑफ धर्मा)।

‘पर्व’ उपन्यास पर आधारित ये 3 फिल्मों की श्रृंखला होगी। महाभारत इतिहास है या फिर किंवदंती? इसी सवाल का जवाब तलाशेगी ये फिल्म। विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म की घोषणा करते हुए कहा कि इसका एक कारण है कि क्यों ‘पर्व’ को मास्टरपीसों का भी मास्टरपीस कहा जाता है। आखिर ‘पर्व’ है क्या? इसका जवाब देते हुए उन्होंने फिल्म की घोषणा वाला वीडियो भी शेयर किया है, जिसे उन्होंने खुद नैरेट किया है। इस वीडियो में वो SL भैरप्पा के साथ करार पर हस्ताक्षर करते दिख रहे हैं।

विवेक अग्निहोत्री इस वीडियो में वरिष्ठ लेखक के पाँव छू कर उनका आशीर्वाद लेते हुए भी दिख रहे हैं। इस फिल्म का लेखन विवेक अग्निहोत्री और प्रकाश बेलावड़ी मिल कर करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार रहे प्रकाश बेलावड़ी कई फिल्मों में बतौर अभिनेता नज़र आ चुके हैं। वहीं विवेक अग्निहोत्री हाल ही में आई फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ की सफलता से भी उत्साहित हैं। ‘द वैक्सीन वॉर’ फिल्म ने मसाला मूवी न होते हुए भी अपना बजट निकाल लिया। साथ ही इसे अगले साल कई अवॉर्ड्स मिलने की भी संभावना है।

‘पर्व – एन एपिक टेल ऑफ धर्मा’ की घोषणा वाले वीडियो में विवेक अग्निहोत्री कहते हैं, “कहते हैं, ऐसी कोई कहानी नहीं जिसका स्रोत महाभारत में न हो। क्या महाभारत मात्र एक काव्य है, या भारत की चेतना? फिर भी सदियों से एक प्रश्न उठता आया है कि महाभारत एक इतिहास है या फिर किंवदंती? 17 वर्षों के कठिन रिसर्च के बाद पद्म भूषण डॉ SL भैरप्पा ने एक पुस्तक की रचना की – ‘पर्व’। कुछ तो कारण होगा कि इसे मास्टरपीसों का भी मास्टरपीस बोला जाता है।”

वीडियो में विवेक अग्निहोत्री आगे बताते हैं कि इस पुस्तक का भारत की कई भाषाओं में अनुवाद हुआ, इसके अंग्रेजी, रूसी, चीनी, मेंडेरियन और संस्कृत भाषाओं में भी अनुवाद हो चुका है। निर्देशक ने बताया कि हर भाषा में ये पुस्तक बेस्टसेलर रही। उन्होंने इस पर प्रसन्नता और गौरव जताया कि इसे बड़े पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी SL भैरप्पा ने उन्हें सौंपी है। उन्होंने बड़ी जानकारी दी कि PARVA – AN EPIC TALE OF DHARMA पर काम शुरू हो चुका है। फिल्म का निर्माण उनके प्रोडक्शन हाउस ‘I am Buddha’ के बैनर तले किया जाएगा। पल्लवी जोशी इसकी निर्माता होंगी।

SL भैरप्पा के बारे में बता दें कि वो कन्नड़ साहित्य के उन चुनिंदा लेखकों में से एक हैं जिन्होंने खुल कर लिखा कि मैसूर का शासक टीपू सुल्तान एक मजहबी उन्मादी था जो हिन्दुओं को देखना भी नहीं चाहता था। कर्नाटक सरकार द्वारा आज भी फ़ारसी शब्द ‘बिन’ (बेटा) के इस्तेमाल के खिलाफ भी उन्होंने आवाज़ उठाई थी। उनका कहना था कि टीपू सुल्तान के समय हिन्दुओं र अत्याचार के लिए ये नियम शुरू किया गया था। उन्होंने ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर साबित किया कि टीपू सुल्तान हिन्दुओं का जबरन धर्मांतरण कराता था।

‘अल्लाह इजरायल को तबाह ओ बर्बाद कर दे’: जुमे की नमाज के बाद जमशेदपुर में मुस्लिम भीड़, इजरायली सामानों के बहिष्कार का एलान

झारखंड के जमशेदपुर में कट्टर मुस्लिम भीड़ ने इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं। शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को यह भीड़ जुमे की नमाज़ के बाद ईदगाह मैदान में जुटी थी। इस जमावड़े का नेतृत्व तंजीम अहले सुन्नत ओ जमात नाम के संगठन ने किया था। इस दौरान मस्जिद के मुफ़्ती ने बाकी लोगों के साथ मिल कर मज़हबी नारेबाजी के बीच इजरायल के बर्बाद होने की दुआ की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जमशेदपुर के मानगो इलाके का है। यहाँ के आज़ादनगर स्थित ईदगाह मैदान में शुक्रवार को दोपहर में भीड़ जमा होने लगी। जमा हो रही भीड़ में मौजूद लोगों के हाथों में तख्तियाँ थीं। इन तख्तियों पर ‘लब्बैक या अक्सा’ लिखा हुआ था। कई पोस्टरों में अल अक्सा मस्जिद का चित्र छपा हुआ था और कुछ में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर छपी थी, जिस पर किलर (कातिल) लिखा हुआ था।

लगभग 100 लोगों की इस भीड़ ने इजरायल के विरोध और फिलिस्तीन के पक्ष में जबरदस्त नारेबाजी की। इस भीड़ ने ‘जालिम अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘जालिम इजरायल मुर्दाबाद’, ‘मुस्लिम हुक्मरानों की गैरत मुर्दाबाद’, ‘सऊदी हुकूमत मुर्दाबाद’, ‘मुस्लिम लीग मुर्दाबाद’, ‘ब्रिटेन मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। नारेबाजी के लिए माइक और लाऊडस्पीकर का प्रयोग किया गया।

मुफ़्ती और संगठन के सदस्यों के लिए बाकायदा ईदगाह मैदान में मंच लगाया गया था। इस मंच से मुफ्ती जियाउल मुस्तफा ने कहा:

“हम सब अल्लाह से दुआ करते हैं कि अल्लाह इजरायल को तबाह ओ बर्बाद कर दें।”

बाद में इस प्रदर्शन के आयोजकों ने मीडिया को सम्बोधित किया। शहर की मदीना मस्जिद के इमाम मुफ्ती अब्दुल मालिक मिस्बाही के मुताबिक लगभग 12 दिनों से फिलिस्तीन पर इजरायल ने दहशतगर्दी की इंतिहां कर रखी है। इमाम के मुताबिक, “मैं कहता हूँ कि हमास ने इजरायल पर हमला किया। कोई भी बहादुर होता है, वो बहादुरी से लड़ता है। औरतों और बच्चों पर हमला करना दहशतगर्दी है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से माँग की है कि इजरायल के हमलों को जल्द से जल्द रोका जाए।

मुफ़्ती अब्दुल मालिक ने दुनिया भर के मुसलमानों से कहा कि वो सभी इजरायल में बने सामानों का बहिष्कार करें। इस कार्य्रकम में शामिल तंजीम अहले सुन्नत ओ जमात के महासचिव मुफ्ती जियाउल मुस्तफा ने अल्लाह से इजरायल के तबाह होने की दुआ की। उन्होंने भारत सरकार से भी माँग की है कि वो इस मामले में हस्तक्षेप करके फिलिस्तीनियों को उनका हक दिलाए। सभा के अंत में फिलिस्तीनियों के लिए उलामा-ए-केराम की स्पेशल दुआ भी पढ़ी गई।

‘श्री राम के नाम से चिढ़े सिर्फ राक्षस’: ABES कॉलेज की वेबसाइट हैक, प्रोफेसर ममता गौतम की नाक कटी तस्वीर, भगवान राम ताने हैं तीर

गाजियाबाद के जिस इंजीनियरनिंग कॉलेज ABSE में जय श्री राम के नारे बोलने पर छात्र को मंच से उतारा गया था, वहाँ की वेबसाइट हैक हो गई है। वेबसाइट पर बड़े-बड़े अक्षरों में जय श्री राम लिख दिया गया है। साथ ही नारे का विरोध करने वाली प्रोफेसर ममता गौतम को शूर्पणखा के रूप में दिखाया गया है। यह घटना विवाद के एक दिन बाद यानी शनिवार (21 अक्टूबर 2023) की है।

ABSE कॉलेज की वेबसाइट का एड्रेस https://abes.ac.in/ है। हैकर ने वेबसाइट के ऊपर अंग्रेजी में बड़े-बड़े अक्षरों में जय श्री राम लिखा है। इसके अलावा हिंदी में भी जय श्री राम के साथ ‘श्री राम के नाम से चिढ़ें सिर्फ राक्षस’ लिख दिया गया है।

हैक होने के बाद ABES कॉलेज की वेबसाइट ऐसी दिख रही

होमपेज की स्क्रीन के एक कोने में भगवान राम की तस्वीर है जबकि दूसरे कोने में महिला प्रोफेसर ममता गौतम का एडिटेड चित्र लगा हुआ है। एडिटेड फोटो में ममता गौतम को शूर्पणखा के तौर पर दिखाया गया है। तस्वीर में ममता गौतम की नाक भी काट दी गई है।

हैक हुई वेबसाइट पर भगवान राम के चित्र को कुछ इस तरह से डिजायन किया गया है कि वो शूर्पणखा बनी एसोसिएट प्रोफेसर ममता गौतम पर तीर चलाते जैसे दिख रहे हैं। ममता गौतम का पहनावा भी रामायण धारावाहिक जैसा कर दिया गया है।

तस्वीर के बीच में बाला यानि X हैंडल @erbmjha का ट्वीट भी दिखाई दे रहा है। इस ट्वीट में उस वीडियो का जिक्र है, जहाँ ममता गौतम के द्वारा जय श्री राम का नारा लगाने वाले छात्र को बेइज्जत कर के मंच से उतार दिया था। अभी तक फिलहाल इस मामले में ABSE कॉलेज की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

गौरतलब है कि 20 अक्टूबर 2023 को गाज़ियाबाद के ABSE कॉलेज में हो रहे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने मंच से जय श्री राम कहा था। इसके बाद वहाँ मौजूद एसोसिएट प्रोफेसर ममता गौतम ने छात्र को डाँट कर मंच से नीचे उतार दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिन्दू संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामा होने के बाद प्रोफेसर ममता ने अपने ऊपर टिप्पणी करने वालों पर कोर्ट कार्रवाई की धमकी दी थी। हालाँकि कॉलेज प्रबंधन ममता गौतम की हरकत की जाँच करवा रहा है।

वेबसाइट हैक होने और मीडिया में इसकी रिपोर्ट छपने के कुछ देर बाद कॉलेज की टेक टीम के द्वारा इसे रिकवर कर लिया गया। अभी तक कॉलेज प्रशासन की ओर से हैक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

पहले ‘जय श्री राम’ का विरोध, अब कोर्ट-कचहरी की धमकी: ABES कॉलेज की महिला प्रोफेसर ने छात्र को ही बताया गलत, डायरेक्टर ने बिठाई जाँच

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 20 अक्टूबर 2023 (शुक्रवार) को ABES कॉलेज का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें मंच पर खड़े एक छात्र द्वारा जय श्री राम का नारा लगाने पर ममता गौतम नाम की महिला प्रोफेसर ने उसके साथ न सिर्फ बदतम्मीजी की थी बल्कि उसे मंच से नीचे उतार दिया था। इस मामले में हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद अब अरोपित महिला प्रोफेसर ने अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने खुद को सनातनी बताया है, जय श्री राम का नारा भी लगाया। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर गौतम के खिलाफ जाँच बिठा दी है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।

ABES कॉलेज के वायरल वीडियो पर विवाद बढ़ता देख प्रोफेसर ममता गौतम ने 20 अक्टूबर को 1 मिनट 55 सेकेण्ड का अपना एक वीडियो जारी किया। शुरुआत में अपना परिचय देने एक बाद उन्होंने कहा कि जय श्री राम के नारे से उन्हें, उनके सहयोगियों या ABES संस्थान को कोई दिक्कत न तो है और न ही कभी होगी। हालाँकि ममता गौतम ने पीड़ित छात्र पर ही सारा दोष मढ़ने की कोशिश की। ममता के मुताबिक छात्र उनकी सहयोगी से बहुत ज्यादा बहस कर रहा था, जिस वजह से उन्होंने ऐसा एक्शन लिया।

प्रोफेसर ममता के मुताबिक वो अपने बारे में हो रही जातिगत टिप्पणियों से काफी परेशान हैं। उन्होंने खुद को बृज क्षेत्र में जन्मीं सनातनी ब्राह्मण बताया। बकौल ममता वो 9 दिन तक शारदीय नवरात्रि में व्रत रखती हैं। महिला प्रोफेसर के अनुसार उनके बर्ताव वाला वीडियो वायरल करना भी गलत है क्योंक इससे वो मानसिक तौर पर बहुत परेशान हो गई हैं। वीडियो में प्रोफेसर ने भविष्य में अपने खिलाफ जातीय या धार्मिक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कोर्ट जाने की भी धमकी दी। वीडियो का अंत उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाते हुए किया।

ABES कॉलेज प्रबंधन कर रही जाँच

मामले के तूल पकड़ने एक बाद ABES कॉलेज के डायरेक्टर सामने आए हैं। उन्होंने इस मामले का संज्ञान लेकर जाँच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। डायरेक्टर संजय कुमार के मुताबिक जाँच महिला प्रोफेसर के बर्ताव को लेकर करवाई जा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि जय श्री राम का नारा लगाने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बकौल संजय कुमार जाँच रिपोर्ट्स के तथ्य सामने आने पर शत-प्रतिशत एक्शन लिया जाएगा।

बताते चलें कि जय श्री राम नारे के विरोध के बाद सोशल मीडिया पर चर्चित हुईं ममता गौतम ABES कॉलेज में रसायन विज्ञान की असोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने PHD और MSC की डिग्री ली है। ममता गौतम पिछले 16 वर्षों से अध्यापन के क्षेत्र में हैं।

सेना के जवानों के मोबाइल में वायरस भेजता, फिर संवेदनशील जानकारियाँ चुराता: गुजरात ATS ने पाकिस्तानी जासूस को किया गिरफ्तार

गुजरात एटीएस ने शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। वहीं, उसके संपर्क में रहने वाले अन्य व्यक्तियों का भी पता लगाया जा रहा है। इसके लिए ATS जगह-जगह छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार शख्स भारत में एक पाकिस्तान के लिए काम कर रहा था और भारत की महत्वपूर्ण सूचनाएँ हस्तांतरित कर रहा था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी शख्स गुजरात के आणंद के तारापुर में रह रहा था। वह वह पाकिस्तानी नागरिक से भारतीय नागरिक बना है। उसके पास से पैसे और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी ISI के लिए काम करने वाला यह जासूस भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों के फोन से छेड़छाड़ करता था।

एटीएस को सैन्य खुफिया जानकारी कि 55 वर्षीय पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (PIO) लाभशंकर दुर्योधन माहेश्वरी सेना के जवानों और अधिकारियों को निशाना बना रहा है। आरोपित ह्वाट्सऐप के जरिए सेना के जवानों और उनके परिजनों से संपर्क करता था।

संपर्क में आ जाने और बातचीत होने के बाद आरोपित संवेदनशील जानकारियाँ चुराने के लिए वह उनके मोबाइल पर रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT) मैलवेयर भेजता था। माहेश्वरी खुद को आर्मी पब्लिक स्कूल का अधिकारी बताकर सेना के जवानों के परिवारों को निशाना बना रहा था।

एटीएस के पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट के अनुसार, आरोपित भारतीय सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था। वह जामनगर के रहने वाले मुहम्मद सकलैन थाईम के नाम से जारी किया गया था और अजगर हाजीबाई के मोबाइल फोन पर सक्रिय था। इसके बाद पाकिस्तानी दूतावास से जुड़े एक व्यक्ति के निर्देश पर डिवाइस को माहेश्वरी के पास आणंद पहुँचाया गया, ताकि उसे वह पाकिस्तान भेज सके।

SP जाट ने कहा कि लाभशंकर माहेश्वरी एक पाकिस्तानी नागरिक है। वह साल 1999 में भारत आया था। बाद में उसे भारतीय नागरिकता मिल गई। हालाँकि, उसका पूरा परिवार अभी भी पाकिस्तान में ही रहता है। माहेश्वरी ने अपने परिवार से मिलने के लिए पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था।

वीज़ा प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए माहेश्वरी को पाकिस्तानी दूतावास में काम करने वाले एक व्यक्ति से मिलवाया गया था। अधिकारी ने बताया कि वह लगातार उस व्यक्ति के संपर्क में था, जिसने उसकी बहन और भतीजी को वीजा दिलाने में भी मदद की थी।

SP जाट ने कहा, “पाकिस्तान दूतावास में काम करने वाले व्यक्ति ने लाभशंकर को उस सिम कार्ड को प्राप्त करने और अपने फोन पर व्हाट्सएप इंस्टॉल करने के बाद उस सिम को अपनी बहन के साथ पाकिस्तान भेजने का निर्देश दिया। वह व्हाट्सएप नंबर अभी भी पाकिस्तान में सक्रिय है और वे भारतीय सेना के जवानों के परिवार के सदस्यों को निशाना बना रहे हैं।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृहजिले में पहली बार दौड़ेगी एक्सप्रेस ट्रेन: 4 नई ट्रेनों की घोषणा, लंबे समय से हो रही थी माँग

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गृह जिले मयूरभंज में पहली बार एक्सप्रेस ट्रेन भी चलेगी। रेल मंत्रालय ने इस बारे में फैसला किया है। मोदी सरकार इस आदिवासी बहुल जिले को ध्यान में रखकर काम कर रही थी। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब ओडिशा का मयूरभंज जिला कोलकाता के साथ ही टाटानगर और राउरकेला से सीधे जुड़ जाएगा। इसके लिए चार ट्रेनों की मंजूरी दी गई है।

मयूरभंज को चार ट्रेनों की सौगात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पैतृक जिले मयूरभंज, ओडिशा से चार जोड़ी नई ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी है। ये नई ट्रेनें मयूरभंज को कोलकाता, राउरकेला और टाटानगर से जोड़ेंगी। नई ट्रेनों की मंजूरी मयूरभंज के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग है। मयूरभंज के लोग बेहतर रेल संपर्क की कमी का सामना कर रहे थे, जिससे उन्हें अन्य हिस्सों के साथ यात्रा करना मुश्किल हो रहा था।

नई ट्रेनों से मयूरभंज के लोगों को ओडिशा और भारत के अन्य हिस्सों में आसानी से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और आदिवासी बहुल जिले के विकास में मदद मिलेगी।

रेलवे ने की इन ट्रेनों को चलाने की घोषणा

कोलकाता-बादामपहाड़-कोलकाता साप्ताहिक एक्सप्रेस

बादामपहाड़-राउरकेला-बादामपहाड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस

राउरकेला-टाटानगर-राउरकेला (सप्ताह में 6 दिन)

टाटानगर-बादामपहाड़-टाटानगर (सप्ताह में 6 दिन)

आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर गंभीर मोदी सरकार

मयूरभंज से नई ट्रेनों की मंजूरी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इससे आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और विकास में बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नई ट्रेनों की मंजूरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए भी एक प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं। यह दर्शाता है कि सरकार आदिवासी समुदायों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। नई ट्रेनों की मंजूरी भारत सरकार की आदिवासी क्षेत्रों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

नई ट्रेनों से मयूरभंज के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य अवसरों तक पहुँचने में आसानी होगी। नई ट्रेनों से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आदिवासी समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।