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एयरपोर्ट के लिए कैब बुक की, रास्ते में रिवॉल्वर सटा कार छीनी, हाइवे पर घसीटा: 5 बच्चों के पिता बृजेंद्र को मोहम्मद आरिफ और मेहराज सलमानी ने मार डाला

दिल्ली के महिपालपुर इलाके में एनएच-8 पर कार से एक व्यक्ति को घसीटे जाने का वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में मेरठ के मोहम्मद आरिफ और मेहराज सलमानी को गिरफ्तार किया है। जो व्यक्ति वीडियो में सड़क पर घसीटता हुआ दिख रहा है, उनकी पहचान बृजेंद्र शाह के तौर पर हुई है।

मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले बृजेंद्र फरीदबाद में अपने परिवार के साथ रहते थे। कैब चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। आरिफ और सलमानी ने मंगलवार (10 अक्टूबर 2023) की रात उनकी कैब साकेत से इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बुक थी। रास्ते में पिस्टल सटाकर कार छीनने की कोशिश की। इसी दौरान उन्हें हाइवे पर घसीटा गया और बाद में उनकी मौत हो गई।

आरिफ और सलमानी पर पहले से भी कई केस दर्ज हैं। वारदात वाली रात दोनों ने कार ऑनलाइन 450 रुपए में बुक की थी। जब कार दिल्ली कैंट इलाके में पहुँची तो दोनों ने बृजेंद्र की कनपटी पर पिस्टल तान दी और उन्हें नीचे उतार दिया। नीचे उतरने के बाद कार बचाने की कोशिश में बृजेंद्र लड़खड़ा कर गिर पड़े और कार में फँस गए। आरोपित करीब एक किलोमीटर तक उनको घसीटते रहे।

जिस गाड़ी को बृजेंद्र चला रहे थे, वह राज किशोर के नाम से है। राज किशोर ने ऑपइंडिया को बताया कि बृजेंद्र उनके पारिवारिक सदस्य जैसे थे। वे पहले ऑटो चलाया करते थे। बाद में उनसे लेकर कार चलाने लगे। इस कार का अभी 7 लाख रुपए का लोन है, जिसकी किश्त बृजेंद्र ही भर रहे थे। उन्होंने बताया कि बृजेंद्र 3 बेटियों और 2 बेटों के पिता थे। परिजन उनका शव लेकर मोतिहारी के अपने गाँव चले गए हैं। वहीं उनका अंतिम संस्कार होगा।

मेरठ पुलिस के मुताबिक 34 वर्षीय मेहराज सलमानी और 24 वर्षीय आसिफ मूल रूप से किठौर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। मेहराज पर 7 और आसिफ पर 10 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अवैध हथियार, गैंगस्टर जैसे केस शामिल हैं। दोनों का आपराधिक क्षेत्र दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ रहा है। मेहराज फिलहाल मेरठ के लोहिया नगर में रहता है। वहीं आसिफ नोएडा के भंगेल इलाके में रहता है। दोनों को 11 सितंबर 2023 (बुधवार) को मेरठ के लिहाड़ी थाना क्षेत्र से पकड़ा गया था। इनके पास से बृजेंद्र शाह की लूटी कार भी बरामद कर ली गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना दिल्ली के वसंत कुञ्ज नार्थ थाना क्षेत्र की है। जिस जगह ये वीडियो शूट किया गया वह महिलपालपुर इलाका है। इस वीडियो में सफेद रंग की एक स्विफ्ट डिजायर कार तेजी से सड़क पर दौड़ती दिख रही है। कार के ड्राइवर साइड की तरफ एक व्यक्ति फँसा दिख रहा है। कार ड्राइवर उस व्यक्ति को सड़क पर घसीटता ले जाता दिख रहा। 36 सेकेंड के इस वीडियो को पीछे से आ रही एक कार के अंदर बैठे व्यक्ति ने बनाया था।

दिल्ली पुलिस दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के DCP मनोज सी ने पत्रकारों से बताया कि मंगलवार की रात लगभग 11:20 पर पुलिस को इस घटना के संबंध में फोन पर जानकारी मिली थी। पुलिस जब नेशनल हाइवे 8 पर पहुँची तो वहाँ सर्विस लेन पर एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल पड़ा मिला था। पीड़ित की पहचान फरीदाबाद निवासी बृजेंद्र के तौर पर हुई थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा IPC 302 और 201 के तहत केस दर्ज किया था।

विदेशी संस्थानों से न्यूजक्लिक ने लिए ₹38 करोड़, CBI ने FIR में ‘चीनी एजेंट’ की कारस्तानी खोली: जेल में बंद हैं मालिक प्रबीर पुरकायस्थ

भारत में चीन से पैसा लेकर प्रोपगैंडा चलाने वाले न्यूज वेब पोर्टल न्यूजक्लिक के विरुद्ध सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR की कॉपी सामने आई है। इसमें न्यूजक्लिक पर विदेशी संस्थानों से ₹38.05 करोड़ फंड लेने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले सीबीआई ने 11 अक्टूबर 2023 को एक FIR दर्ज करके दिल्ली स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी की थी।

सामने आई FIR की कॉपी के अनुसार, सीबीआई ने यह मामला विदेशी चंदा लेने के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर दर्ज किया है। इस मामले में न्यूजक्लिक के प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ, PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, नेविल रॉय सिंघम और जेसन फिचर एवं अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि मार्च 2018 से लेकर अब तक मेसर्स PPK न्यूजक्लिक स्टूडियोज ने जस्टिस एंड एजुकेशन फंड USA, द ट्राईकॉन्टिनेंटल लिमिटेड इनकॉर्पोरेशन USA से, GSPAN लिमिटेड लायबल्टी कम्पनी USA और सेंट्रो पॉपुलर डेमिडास ब्राजील से कुल ₹28.46 करोड़ का विदेशी फंड प्राप्त किया।

इसके अतिरिक्त, मेसर्स वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLC ने न्यूजक्लिक को 9.59 करोड़ रुपए विदेशी निवेश के रूप में दिए, जो कि FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) 2010 कानून का उल्लंघन है। इस प्रकार न्यूजक्लिक ने विदेशी संस्थानों से कुल ₹38.05 करोड़ की धनराशि ली।

इस फंड के एवज में न्यूजक्लिक ने सेवाएँ उपलब्ध करने का दावा किया था। हालाँकि, पूछताछ और छापे के दौरान कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला कि न्यूज़क्लिक ने इन सभी संस्थाओं को कोई सुविधाएँ उपलब्ध कराई थीं।

न्यूजक्लिक ने इस पैसे को लेकर यह भी दावा किया कि उसे यह धनराशि पीपल्स डिस्पैच नाम के एक पोर्टल पर कंटेंट अपलोड करने के लिए मिला था। हालाँकि, इस पीपल्स डिस्पैच पोर्टल का मालिकाना हक प्रबीर पुरकायस्थ और PPK न्यूजक्लिक के पास ही है।

ऐसे में न्यूजक्लिक के कर्मचारी यह बताने में असफल रहे कि एक ही कम्पनी के मालिकाना हक वाले पोर्टल पर कंटेंट डालने के लिए उन्होंने विदेशी संस्थाओं से ₹28.46 करोड़ क्यों लिए? जाँच के दौरान कहा गया कि पीपल्स डिस्पैच का मालिकाना हक तो PPK न्यूजक्लिक के पास है लेकिन उसके जस्टिस एंड एजुकेशन फंड के बीच एक हुए एक समझौते के तहत यह पैसे पोर्टल पर लेख और वीडियो प्रकाशित करने के लिए दिए गए।

सीबीआई ने अपनी जाँच में इस दावे को झूठा पाया। सीबीआई ने बताया कि समझौते में किस प्रकार का कंटेंट अपलोड होगा, इसको लेकर कोई बात नहीं की गई थी। आगे सीबीआई ने बताया जस्टिस एंड एजुकेशन फंड ऐसे किसी समझौते में शामिल नहीं हो सकती थी, जिसमें ऐसी किसी वेबसाइट पर कंटेंट अपलोड किया जाए जो कि उनके मालिकाना हक वाली ना हो।

सीबीआई ने कहा कि इस बात की संभावना है कि जस्टिस एंड एजुकेशन फंड द्वारा भेजे गए दान के पैसे को न्यूजक्लिक द्वारा सर्विस चार्ज के रूप में दिखाया गया, ताकि FCRA कानून से बचा जा सके। जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED ) ने भी बताया था कि न्यूजक्लिक को लगभग ₹38 करोड़ की विदेशी धनराशि मिली है।

सीबीआई ने अपनी जाँच में यह भी पाया कि जो धनराशि न्यूजक्लिक को जस्टिस एंड एजुकेशन फंड के माध्यम से भेजी गई थी वह दरअसल नेविल रॉय सिंघम की है। नेविल रॉय सिंघम प्रबीर पुरकायस्थ का करीबी है और चीन का प्रोपगैंडा चलाता है।

न्यूजक्लिक का मालिक प्रबीर पुरकायस्थ इस समय न्यायिक हिरासत में है। पुरकायस्थ को 3 अक्टूबर 2023 को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुरकायस्थ को गिरफ्तार करने के साथ ही दिल्ली पुलिस ने न्यूजक्लिक के दफ्तर को सील कर दिया था।

युद्ध के बीच भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अजय’: इजरायल में रहते हैं 18000 भारतीय, स्वदेश लाने का मिशन शुरू

इज़रायल ने फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास पर हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच दुनिया का हर देश वहाँ फँसे अपने लोगों को निकालने का रास्ता खोज रहा है। भारत ने बुधवार (11 अक्टूबर 2022) को ऐलान किया है कि वह गुरुवार (12 अक्टूबर 2023) से इज़रायल और फिलिस्तीन में फँसे अपने नागरिकों को लाने के लिए ऑपरेशन ‘अजय’ शुरू कर रहा है।

भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस संबंध में जानकारी पोस्ट की है। ऑपरेशन अजय के तहत भारत सरकार विशेष चार्टर्ड उड़ानों के जरिए भारतीय नागरिकों को वापस लाएगी। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना के जहाजों को भी सेवा में लगाया जाएगा।

एक्स हैंडल की पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, “हमारे जो नागरिक इजरायल से वापस आना चाहते हैं, उनकी वापसी की सुविधा के लिए ऑपरेशन अजय लॉन्च कर रहा हूँ। विशेष चार्टर उड़ानें और अन्य व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। हम विदेश में अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”

इजरायल की राजधानी तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने कहा कि उसने गुरुवार को खास उड़ान से भारत लौटने वाले रजिस्टर्ड भारतीय नागरिकों के पहले बैच को ईमेल कर दिया गया है। वहीं, अन्य रजिस्टर्ड लोगों के लिए आगे की उड़ानों से उन्हें वापस लाने के लिए मैसेज भेजा जाएगा।

वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार की शाम को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद से भी बात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, “हमने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर चर्चा की और संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।” दरअसल, इजरायल में 18 हजार भारतीय रहते हैं। इनमें नौकरी करने वालों से सलेकर छात्र और व्यापारी भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर हमला कर नागरिकों की हत्याएँ करने के बाद अरब देश के किसी विदेश मंत्री के साथ भारत के विदेश मंत्री की ये पहली बातचीत थी। दरअसल यूएई और बहरीन ने इजरायल पर हमलों के लिए हमास की आलोचना की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि भारत ने गाजा सहित इज़रायल और फिलिस्तीन में फँसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए आकस्मिक तौर पर योजनाएँ शुरू की हैं। वहीं, वहाँ फँसे भारतीय नागरिकों के लिए 24 घंटे मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका मकसद मौजूदा हालात की निगरानी, जानकारी और मदद देना है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नई दिल्ली में कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए 1800118797 (टोल-फ्री), +91-11 23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, +919968291988 पर कॉल किया जा सकता है। इसके साथ ही [email protected] पर भी संपर्क किया जा सकता है।

इसके अलावा, तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने 24 घंटे की आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है, जिस तक 972-35226748, 972-543278392, [email protected] के जरिए पहुँचा जा सकता है। इसके अलावा, रामल्ला में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने 24 घंटे की आपातकालीन हेल्पलाइन भी स्थापित की है। इस पर +970-592916418 (व्हाट्सएप भी) [email protected] के जरिए संपर्क किया जा सकता है।

बता दें कि इससे पहले सूडान संघर्ष के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत ने अप्रैल 2023 में ऑपरेशन कावेरी चलाया था। इसमें देश के जांबाजों ने केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं, बल्कि दूसरे देश के नागरिकों को भी वहाँ से निकाला था। दुनिया भर में इस ऑपरेशन की सराहना हुई थी।

इजरायल ने अपने लोगों की हत्याओं का जवाब हमास के शासन वाली गाजा पट्टी पर बड़े पैमाने पर बमबारी से दिया। उसने फ़िलिस्तीनी तटीय क्षेत्र के आसपास अपने सैन्य बलों को इकट्ठा भी किया है। इज़रायल ने कहा है कि हमास ने लगभग 150 लोगों को बंधक बनाया है। इनमें कम से कम 14 थाई, दो मैक्सिकन और अज्ञात संख्या में अमेरिकी और जर्मन शामिल हैं।

उधर, लेबनान के साथ उत्तरी सीमा पर ईरान समर्थित शिया आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह के साथ कई दिनों तक लगातार गोलाबारी के बाद इज़राजल को कई मोर्चे युद्ध लड़ना पड़ रहा है। हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने बुधवार को इज़राइल पर मिसाइलें दागीं। वहीं, इज़राइली सेना ने कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में आतंकी संगठन की सैन्य निगरानी चौकियों पर हमला किया।

हमास के इस्लामी आतंकियों ने बच्चों-नवजातों के सिर काटे: PM नेतन्याहू के प्रवक्ता ने की पुष्टि, इजरायली सेना बोली- यह जंग नहीं, नरसंहार है

दक्षिणी इजरायल के केफर अजा के किबुत्ज में छोटे बच्चों और नवजातों के सिर कटे शव मिले हैं। इसकी पुष्टि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता ताल हेनरिक ने की है। इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमलों के बाद जब इजरायली सुरक्षा बल इस इलाके में पहुँचे थे तो उन्हें करीब 40 बच्चों के क्षत-विक्षत शव मिले थे।

इन खबरों को हमास ने खारिज किया था। कुछ मीडिया रिपोर्टों में भी दावा किया गया था कि बच्चों के सिर काटे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अब सीएनएन ने नेतन्याहू के प्रवक्ता के हवाले से इसकी पुष्टि कर दी है।

इजरायल में इस्लामी आतंकियों द्वारा किए गए इस निर्मम कृत्य की जानकारी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रवक्ता टाल हेनरिक ने दी है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि इलाके का नियन्त्रण वापस लेने के बाद पहुँचे इजरायली सुरक्षा बलों को इन बच्चों के शव बरामद हुए हैं।

कफार में क्लियरेंस ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे इजरायली सेना के अफसर इताई वेरुव ने कहा, “यह एक युद्ध नहीं है, ना ही यह जंग का मैदान है। आपने देखा कि बच्चों, उनके माता-पिता को उनके बेडरूम, बम शेल्टर में मार दिया गया। यह एक जंग का मैदान नहीं, बल्कि एक नरसंहार है। यह एक आतंकी घटना है। यह कुछ ऐसा है जो मैंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।”

इजरायल में हुए इस नरसंहार का उल्लेख अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी किया है। व्हाइट हाउस में यहूदियों को संबोधित करते हुए बायडेन ने बच्चों का सिर काटे जाने की बर्बरता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुझे भी इतनी क्रूरता की उम्मीद नहीं थी। लेकिन अब स्पष्ट है कि हमास के आतंकियों ने बच्चों तक को नहीं छोड़ा और उनके सिर काट दिए।

उल्लेखनीय है कि इस संबोधन के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बायडेन ने सिर कटे बच्चों की तस्वीरें देखी हैं। लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा है कि बायडेन का बयान इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रवक्ता की पुष्टि और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित था।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर अचानक हमला किया था। इन हमलों में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 3000 लोग घायल हैं। मृतकों में 22 अमेरिकी सहित कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं। इन हमलों के जवाब में इजरायल ने गाजा के भीतर बम बरसा कर कई मस्जिदों और आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया है। इजरायल के इन हमलों में अब तक लगभग 1000 फिलीस्तीनी आतंकी मारे गए हैं।

‘अचानक से चीख-पुकार मची और लोग मुझ पर गिर पड़े’: बिहार में पटरी से उतरे नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के 21 डिब्बे, 4 मौतें

दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस के 21 डिब्बे बुधवार (11 अक्टूबर 2023) की रात बिहार के बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्टेशन के नजदीक पटरी से उतर गए। हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई है। 70 अन्य घायल हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि बचाव अभियान पूरा हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री और बक्सर के सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने गुरुवार की सुबह घटनास्थल का दौरा किया। रेलवे ने यात्रियों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक दुर्घटना रात 9:53 बजे हुई। 23 कोच वाली दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस बुधवार सुबह 7:40 बजे दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से चली थी। रात करीब 9.53 बजे रघुनाथपुर स्टेशन के पास ट्रेन के 21 डिब्बे पटरी से उतर गए।

रेल मंत्री वैष्णव ने देर रात एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया, “राहत और बचाव कार्य पूरा हो चुका है। सभी कोचों की जाँच की गई। यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेन भी पहुँच गई है। इसे कुछ ही मिनटों में शुरू हो जाना चाहिए।” उन्होंने कहा है कि ट्रेन के पटरी से उतरने की वजहों का पता लगाया जाएगा।

वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा है, “यह एक दुखद घटना है। मैंने कल रात रेल मंत्री, डीएम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मुख्य सचिव और डीजीपी को घटना की जानकारी दी और लोगों से दुर्घटना स्थल पर पहुँचने और मदद करने का आग्रह किया। मैं सहयोग के लिए सभी स्थानीय निवासियों को धन्यवाद देता हूँ। घटना के पीछे के कारणों की जाँच की जा रही है।”

इस हादसे को लेकर पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपए और घायलों को 50000 रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई को ब्रह्मपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक घायल यात्री ने बताया, ”मैं एसी कोच में था। अचानक से चीख-पुकार मच गई। लोग चिल्ला रहे थे। कई लोग मुझ पर गिर पड़े।”

रेलवे ने यात्रियों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये पटना के लिए 9771449971, दानापुर के लिए 8905697493, आरा के लिए 306182542 और 7759070004 हैं।

क्रिकेटर रिंकू सिंह ने अलीगढ़ के अपने गाँव में बनवाया कुलदेवी का मंदिर, IPL के 5 छक्कों ने दिलाई थी पहचान: एशियन गेम्स से भी विजेता बनकर लौटे हैं

क्रिकेटर रिंकू सिंह ने अलीगढ़ जिले स्थित अपने गाँव में कुलदेवी के मंदिर का निर्माण करवाया है। इस पर करीब 11 लाख रुपए का खर्च आया है। अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने अलीगढ़ के कमालपुर गाँव में इस मंदिर का निर्माण करवाया है।

क्रिकेटर रिंकू सिंह के परिवार की कुलदेवी माँ चौडेरे देवी हैं। उन्होंने कुलदेवी से आईपीएल और भारतीय क्रिकेट टीम में अच्छे प्रदर्शन के लिए मनोकामना माँगी थी। मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होनी अभी बाकी है।

रिंकू सिंह के बड़े भाई सोनू सिंह ने बताया कि इस मंदिर में 16 अक्टूबर 2023 को मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। लेकिन रिंकू प्राण-प्रतिष्ठा के समय नहीं होंगे। वह इस समय दिलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं। दिलीप ट्रॉफी खेलने के बाद वे दीपावली के मौके पर अपने घर अलीगढ़ लौटेंगे। मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा उनके परिवार द्वारा की जाएगी।

रिंकू सिंह ने आईपीएल 2023 में अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियाँ खेली थी। गुजरात टाइटंस के विरुद्ध अंतिम ओवर में उन्होंने पाँच छक्के लगाए थे। उन्होंने इस पारी में 21 गेंदों में 48 रन बनाए थे। इस प्रदर्शन के बाद उनकी काफी चर्चा हुई थी।

रिंकू सिंह को उनके अच्छे प्रदर्शन के चलते चीन में एशियाई खेलों में ऋतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाली टीम का हिस्सा भी बनाया गया था। रिंकू सिंह ने एशियाई खेलों के क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबले में नेपाल के विरुद्ध मात्र 15 गेंदों में 37 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। इस टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।

26 वर्ष के रिंकू सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी साधारण है। उनके पिता खानचन्द्र सिंह रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी का काम करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इसी काम से परिवार को पाला है, इसलिए वह यह काम नहीं छोड़ेंगे। रिंकू की माँ एक गृहिणी हैं। रिंकू कुल पाँच भाई-बहन हैं।

आदिल ने दुकान में खींच कर दलित लड़के के साथ किया कुकर्म, फिर पी लिया ज़हर: जहाँ चल रहा इलाज, वहाँ मौजूद है यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एक नाबालिग दलित बच्चे के साथ कुकर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम आदिल राशिद है। नामजद होने के बाद आदिल ने जहरीला पदार्थ खा लिया है, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई है। आरोपित को हिरासत में लेकर पुलिस ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना मंगलवार (10 अक्टूबर 2023) की है। आदिल कुछ ही दिनों पहले एक मामले में जमानत पर बाहर आया है।

घटना बिलारी थाना क्षेत्र की है। पीड़ित दलित बच्चे की माँ ने पुलिस में तहरीर दी है। ऑपइंडिया के पास मौजूद शिकायत की कॉपी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को 9 वर्षीय पीड़ित बच्चा कुछ काम से राशन डीलर की दुकान पर गया था। इसी दौरान पीड़ित बच्चा वाल्मीकि बस्ती में स्थित आदिल किराना स्टोर पहुँचा।

आदिल ने बच्चे को अपनी दुकान के अंदर बुलाया। अंदर बुलाने के लिए आदिल ने बच्चे को 50 रुपए का लालच दिया था। जब बच्चा अंदर जाने में संकोच कर रहा था, तब आदिल उसे खींचकर अंदर ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। आदिल से बचकर जैसे-तैसे बच्चा घर पहुँचा तो उसने सारी घटना बताई।

पीड़ित बच्चे की माँ ने बताया कि घर आकर उसके बेटे ने बताया कि उसे दर्द हो रहा है। इसके साथ ही उसने अपनी माँ से आदिल की सारी करतूत भी बताई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। बच्चे के परिजनों का कहना है कि आरोपित पक्ष ने केस को रफा-दफा करने का उस पर दबाव भी बनाया।

पुलिस ने इस शिकायत पर IPC की धारा 377 (अप्राकृतिक दुष्कर्म), पॉक्सो एक्ट की धारा के साथ-साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(va) के तहत FIR दर्ज कर लिया है। वहीं, पुलिस ने पीड़ित बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उसका इलाज करवाया। बच्चे की माँ ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मुरादाबाद के पत्रकार सुमित टंडन ने ऑपइंडिया से बताया कि केस में अपनी नामजदगी होने के बाद आरोपित आदिल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। फ़िलहाल आदिल को पुलिस कस्टडी में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसकी हालत फ़िलहाल स्थिर बताई जा रही है।

वार्ड पार्षद तारिक ने बच्ची के अस्मत की कीमत लगाई ₹10000: मदरसे के हाफिज ने किया बलात्कार तो बैठी थी पंचायत, कहा गया – दवा खाओ, गर्भपात कराओ

बिहार के सहरसा जिले में एक मदरसे में रविवार (8 अक्टूबर, 2023) को नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया था। रेप का आरोप मदरसे में पढ़ाने वाले हाफिज पर लगा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 साल की रेप पीड़िता गर्भवती हो गई थी। पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले मोहम्मद इम्तियाज़ उर्फ़ चुन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का एबॉर्शन करवाया गया है। फिलहाल पीड़िता का अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। इस केस को रफा-दफा करने के लिए मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा पंचायत भी बुलाई गई थी।

लड़की की माँ का ये भी आरोप है कि आरोपित हाफिज उनकी बेटी को किसी से बताने पर जान से मार डालने की भी धमकी दिया करता था। पीड़िता की माँ के मुताबिक जब उन्हें अपनी बेटी के गर्भवती होने की जानकारी मिली तो वो रोने लगी थीं। उन्होंने इस बात का भी दावा किया कि मोहम्मद इम्तियाज के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के बाद कुछ लोगों ने पंचायत भी जमा की थी। इस पंचायत में पीड़िता के परिजनों को 10 हजार रुपए में समझौता करना का भी दबाव दिया गया था।

पीड़िता की माँ के मुताबिक, आरोपित हाफिज को बचाने के लिए जुटी इस पंचायत में तारिक, मुमताज, अंजार, शमशेर, मुन्ना और छोटकन आदि मौजूद थे। इन लोगों में तारिक वार्ड कमिश्नर (वार्ड पार्षद) बताया जा रहा है। इन सभी ने पीड़िता के परिजनों पर समझौते का दबाव दिया। साथ ही अबॉर्शन के लिए दवा आदि खाने की भी सलाह दी। आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र की है। यहाँ एक 13 साल की लड़की अपनी नानी के घर पर रहती थी। लड़की के माता-पिता दिल्ली में मजदूरी का काम करते थे। पीड़िता घर के पास ही के एक मदरसे में पढ़ने जाती थी। इस मदरसे में हाफिज मोहम्मद इम्तियाज उर्फ़ चुन्ना पढ़ाता था। इम्तियाज पिछले 3 माह से पीड़िता से लगातार रेप कर रहा था। इस वजह से लड़की गर्भवती हो गई थी। उसकी तबियत अक्सर खराब रहने लगी।

पहले तो असलियत से अनजान लड़की की नानी ने अपने स्तर पर इलाज करवाने की कोशिश की लेकिन उसका फायदा नहीं हुआ। दिल्ली से लड़की के माता-पिता को बुलवाया गया। पीड़िता ने खुद को गर्भवती बताते हुए इसका गुनहगार मदरसे में पढ़ाने वाले मोहम्मद इम्तियाज को बताया। लड़की ने आरोपित हाफिज के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है। पीड़िता की माँ के मुताबिक, वो मदरसे में अपनी बेटी को दीनी तालीम लेने के लिए भेजा करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इम्तियाज ने उनकी बेटी से डरा-धमका कर रेप किया था।

CEOs ने चेताया तो हार्वर्ड के छात्रों ने फिलिस्तीन के समर्थन से मारी पलटी, नौकरी का सताया डर: छात्रा ने कहा था- यहूदियों का कर दो सफाया

इस्लामी आतंकी संगठन हमास की बर्बरता के बाद इजरायल द्वारा फिलिस्तीन के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई जारी है। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के सैन डिएगो के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय का एक 13 साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मुस्लिम छात्रा जुमना इमाद अलबहरी यहूदियों के लिए नफरत प्रदर्शित कर रही है।

दूसरी तरफ, मैसाचुसेट्स के कैंब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने नौकरी न मिलने की फिक्र में आनन-फानन में हमास को समर्थन देने से अपने पाँव खींच लिए हैं। ये दोनों ही घटनाएँ उस वक्त बहुत अहमियत रखती हैं, जब अमेरिका खुलकर इजरायल के समर्थन में आ गया है।

दरअसल, जब हमास के आंतकियों ने इज़रायल पर हमला किया था, तब हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र समूहों ने फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया था। छात्र संगठनों अपने बयान में इज़रायल को दोषी ठहराते हुए उस पर ज़मीन छीनने, हवाई हमले करने और फ़िलिस्तीनियों की हत्याएँ करने का आरोप लगाया था।

उन्होंने अपने बयान में लिखा था, “फ़िलिस्तीनियों को धीमी और अचानक, दोनों तरह से मौत के हालात में जीने के लिए मजबूर किया गया है।” हालाँकि, विश्वविद्यालय की अध्यक्ष क्लाउडिन गे ने हमास के आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों के बयान की भी आलोचना की।

इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि दुनिया भर में हमास के हमले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है। कई बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के सीईओ, खासकर यहूदियों ने इशारा किया है कि वो हमास का समर्थन करने वालों को नौकरी देने से गुरेज करेंगे। इसके बाद कुछ छात्र संगठनों ने अपने बयान वापस ले लिए।

अब बात कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की मुस्लिम छात्रा जुमना इमाद अलबहरी से शुरू करते हैं। इस छात्रा का 2010 का एक वीडियो अभी वायरल हो रहा है। इसमें ये छात्रा विश्वविद्यालय में यहूदियों के प्रति नफरत जताते हुए लेबनान के शिया इस्लामी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के नेता के लिए अपना समर्थन जता रही है।

इस दौरान जुमना ने विश्वविद्यालयों के मुस्लिम छात्र संघों (MSA) के बारे में अमेरिका के कन्सर्वेटिव लेखक और एक्टिविस्ट डेविड होरोविट्ज़ से उनकी राय पूछी थी। होरोविट्ज ने ‘डेविड होरोविट्ज फ्रीडम सेंटर’ की स्थापना की है। वो फ्रंटपेज मैगज़ीन के संपादक और ‘डिस्कवर द नेटवर्क्स’ के निदेशक भी हैं।

‘डिस्कवर द नेटवर्क्स’ राजनीतिक वामपंथी विचारधारा से जुड़े व्यक्तियों और समूहों पर नज़र रखने का काम करता है। वहीं, MSA की स्थापना जनवरी 1963 में इलिनोइस विश्वविद्यालय, अर्बाना-शैंपेन में ‘उत्तरी अमेरिका में इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए’ की गई थी। साल 2004 में एफबीआई जाँच में एमएसए का मिस्र के इस्लामी आतंकी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़े होने का खुलासा हुआ था। अमेरिका और कनाडा में 600 MSA हैं और इन्हें मुस्लिम ब्रदरहुड अपना संगठन माना था।

तो MSA को लेकर सवाल करने वाली मुस्लिम छात्रा जुमना होरोविट्ज़ के साथ बातचीत में आतंकी संगठन हमास की निंदा करने को लेकर टालमटोल कर रही थी। हालाँकि, होरोविट्ज़ अपने सवाल पर दृढ़ रहे, लेकिन जुमना ने हमास की निंदा नहीं की। इस पर होरोविट्ज ने चिंता जाहिर की थी। अंत में जब हॉरोविट्ज़ ने उससे पूछा कि क्या वह हिज़्बुल्लाह के नेता के यहूदियों के प्रति शत्रुतापूर्ण इरादों की निंदा करेगी या वह ऐसे इरादों के ‘पक्ष’ में है। इस पर जुमना ने कहा कि वह ‘इसके लिए’ है।

उधर, हार्वर्ड अंडरग्रेजुएट नेपाली स्टूडेंट एसोसिएशन भी फिलिस्तीन के समर्थन में दिए अपने बयान से पीछे हट गया। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उसने लिखा, “हमें खेद है कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ ऐतिहासिक अन्याय की तरफ ध्यान खींचने के लिए हालिया बयान पर सह-हस्ताक्षर किए। हमारी सच्ची शांति की इच्छा को इज़राइल पर हुए हिंसक हमले के लिए एक मौन समर्थन के तौर पर लिया गया है।”

ऐसे ही एक अन्य संगठन हार्वर्ड घुंघरू ने भी बयान से समर्थन वापस ले लिया। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में समूह ने लिखा, “हम, हार्वर्ड अंडरग्रेजुएट घुंघरू, हार्वर्ड फिलिस्तीनी समिति के दिए गए बयान पर सह-हस्ताक्षर करने के लिए माफी माँगना चाहते हैं और हमने औपचारिक तौर से अपने हस्ताक्षर वापस ले लिए हैं।

फोटो साभार: हार्वर्ड

हार्वर्ड की अध्यक्ष क्लॉडाइन गे ने छात्र समूहों के जारी बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, “जैसा कि हाल के दिनों की घटनाओं की गूंज अभी भी सुनाई पड़ रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं हमास आतंकियों के जुल्मों की निंदा करती हूँ। इस तरह की अमानवीयता घिनौनी है, भले ही इस क्षेत्र में लंबे वक्त से चले आ रहे संघर्षों की उत्पत्ति के बारे में किसी का निजी नजरिया कुछ भी हो।”

गौरतलब है कि बयान वापस लेने का यह सिलसिला कॉर्पोरेट्स द्वारा हमास समर्थक छात्रों को नौकरी नहीं देने के फैसले के बाद शुरू हुआ। पर्सिंग स्क्वॉयर के सीईओ बिल एकमैन ने बुधवार (10 अक्टूबर 2023) को एक्स पर लिखा कि उनसे कई सीईओ ने पूछा है कि हार्वर्ड ऐस हर संगठन के उन सदस्यों की लिस्ट जारी करेगा, जिन्होंने हमास के जघन्य कृत्यों के लिए इज़राइल को इकलौता ज़िम्मेदार बताते हुए लेटर जारी किया है। उन्होंने आगे कि यह पक्का करने के लिए था कि इन सीईओ में से कोई भी अनजाने में उनके किसी भी सदस्य को नौकरी पर न रखे।

उन्होंने आगे कहा, “यदि उनके सदस्य जारी किए गए पत्र का समर्थन करते हैं तो हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि उनके विचार सार्वजनिक तौर पर सामने आ सकें। आतंकवादियों के कामों का समर्थन करने वाले बयान जारी करते वक्त किसी को भी कॉर्पोरेट ढाल के पीछे छिपने के काबिल नहीं होना चाहिए, क्योंकि अब हमें पता चला है कि उन्होंने (हमास ने) कल्पना से परे कामों के साथ-साथ बच्चों के भी सिर काटे हैं।”

सिक्सर का ‘कप्तान’… दुनिया में सबसे ज़्यादा छक्के जड़ने वाले खिलाड़ी बने रोहित शर्मा, वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा शतक भी ‘हिटमैन’ के ही: अफगानिस्तान की बुरी हार

भारत ने ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के अपने दूसरे मैच में अफगानिस्तान को बुरी तरह हरा दिया। इस जीत के हीरो रहे जसप्रीत बुमराह और रोहित शर्मा। जहाँ रोहित शर्मा ने 84 गेंदों पर 131 रन बनाए, वहीं जसप्रीत बुमराह ने 10 ओवर में मात्र 39 रन देकर 4 विकेट झटके। हार्दिक पंड्या को भी 2 विकेट मिले। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा दिया, जिसे 35 ओवर में चेज कर के भारत ने उसे पूरे 8 विकेट से हरा दिया।

भारत की तरफ से ईशान किशन ने भी 47 गेंदों में 47 रन बनाए। स्पिनर राशिद खान ने उन्हें आउट किया। वहीं अफगानिस्तान की तरफ से कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी ने 80 रनों की पारी खेली तो अज़्मतुल्लाह ओमरज़इ ने 62 रन बनाए। वहीं इस मैच की दूसरी पारी पूरी तरह कप्तान रोहित शर्मा के नाम रही, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा छक्के उन्हीं के हैं।

विराट कोहली ने जब मात्र 63 गेंदों में शतक पूरा किया, उस दौरान पवेलियन रूम में बैठे विराट कोहली भी उछल पड़े। रोहित शर्मा ने अपनी पारी में 16 चौके और 5 छक्के जड़े। उन्हें भी राशिद खान ने ही अपनी फिरकी में फँसाया। रोहित शर्मा ने इससे पहले राशिद खान के एक ओवर में उन्हें लगातार 4,4,6 जड़ा। ये वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा का 7वाँ शतक है। उन्होंने ये कारनामा मात्र 19 पारियों में कर दिखाया है। वर्ल्ड कप के मैचों में उनसे ज़्यादा शतक किसी के नहीं हैं।

वहीं पूर्व कप्तान विराट कोहली ने इस मैच में अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने 56 गेंदों पर 55 रन जड़े और भारत को जीत की ओर लेकर गए। जहाँ रोहित शर्मा वनडे वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बने, वहीं अगर ODI और T20 को मिला दें तो वो विराट कोहली वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। मैच में विकट कोहली और नवीन-उल-हक़ को हाथ मिलाते हुए भी देखा गया। IPL 2023 के दौरान दोनों के बीच का झगड़ा काफी सुर्खियाँ बना था।