बिहार के सहरसा जिले में एक मदरसे में रविवार (8 अक्टूबर, 2023) को नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया था। रेप का आरोप मदरसे में पढ़ाने वाले हाफिज पर लगा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 साल की रेप पीड़िता गर्भवती हो गई थी। पुलिस ने मदरसे में पढ़ाने वाले मोहम्मद इम्तियाज़ उर्फ़ चुन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का एबॉर्शन करवाया गया है। फिलहाल पीड़िता का अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। इस केस को रफा-दफा करने के लिए मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा पंचायत भी बुलाई गई थी।
लड़की की माँ का ये भी आरोप है कि आरोपित हाफिज उनकी बेटी को किसी से बताने पर जान से मार डालने की भी धमकी दिया करता था। पीड़िता की माँ के मुताबिक जब उन्हें अपनी बेटी के गर्भवती होने की जानकारी मिली तो वो रोने लगी थीं। उन्होंने इस बात का भी दावा किया कि मोहम्मद इम्तियाज के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के बाद कुछ लोगों ने पंचायत भी जमा की थी। इस पंचायत में पीड़िता के परिजनों को 10 हजार रुपए में समझौता करना का भी दबाव दिया गया था।
पीड़िता की माँ के मुताबिक, आरोपित हाफिज को बचाने के लिए जुटी इस पंचायत में तारिक, मुमताज, अंजार, शमशेर, मुन्ना और छोटकन आदि मौजूद थे। इन लोगों में तारिक वार्ड कमिश्नर (वार्ड पार्षद) बताया जा रहा है। इन सभी ने पीड़िता के परिजनों पर समझौते का दबाव दिया। साथ ही अबॉर्शन के लिए दवा आदि खाने की भी सलाह दी। आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र की है। यहाँ एक 13 साल की लड़की अपनी नानी के घर पर रहती थी। लड़की के माता-पिता दिल्ली में मजदूरी का काम करते थे। पीड़िता घर के पास ही के एक मदरसे में पढ़ने जाती थी। इस मदरसे में हाफिज मोहम्मद इम्तियाज उर्फ़ चुन्ना पढ़ाता था। इम्तियाज पिछले 3 माह से पीड़िता से लगातार रेप कर रहा था। इस वजह से लड़की गर्भवती हो गई थी। उसकी तबियत अक्सर खराब रहने लगी।
पहले तो असलियत से अनजान लड़की की नानी ने अपने स्तर पर इलाज करवाने की कोशिश की लेकिन उसका फायदा नहीं हुआ। दिल्ली से लड़की के माता-पिता को बुलवाया गया। पीड़िता ने खुद को गर्भवती बताते हुए इसका गुनहगार मदरसे में पढ़ाने वाले मोहम्मद इम्तियाज को बताया। लड़की ने आरोपित हाफिज के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है। पीड़िता की माँ के मुताबिक, वो मदरसे में अपनी बेटी को दीनी तालीम लेने के लिए भेजा करती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इम्तियाज ने उनकी बेटी से डरा-धमका कर रेप किया था।
इस्लामी आतंकी संगठन हमास की बर्बरता के बाद इजरायल द्वारा फिलिस्तीन के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई जारी है। इस बीच संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के सैन डिएगो के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय का एक 13 साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मुस्लिम छात्रा जुमना इमाद अलबहरी यहूदियों के लिए नफरत प्रदर्शित कर रही है।
दूसरी तरफ, मैसाचुसेट्स के कैंब्रिज स्थित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने नौकरी न मिलने की फिक्र में आनन-फानन में हमास को समर्थन देने से अपने पाँव खींच लिए हैं। ये दोनों ही घटनाएँ उस वक्त बहुत अहमियत रखती हैं, जब अमेरिका खुलकर इजरायल के समर्थन में आ गया है।
दरअसल, जब हमास के आंतकियों ने इज़रायल पर हमला किया था, तब हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र समूहों ने फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया था। छात्र संगठनों अपने बयान में इज़रायल को दोषी ठहराते हुए उस पर ज़मीन छीनने, हवाई हमले करने और फ़िलिस्तीनियों की हत्याएँ करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने अपने बयान में लिखा था, “फ़िलिस्तीनियों को धीमी और अचानक, दोनों तरह से मौत के हालात में जीने के लिए मजबूर किया गया है।” हालाँकि, विश्वविद्यालय की अध्यक्ष क्लाउडिन गे ने हमास के आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि छात्र संगठनों के बयान की भी आलोचना की।
इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि दुनिया भर में हमास के हमले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है। कई बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के सीईओ, खासकर यहूदियों ने इशारा किया है कि वो हमास का समर्थन करने वालों को नौकरी देने से गुरेज करेंगे। इसके बाद कुछ छात्र संगठनों ने अपने बयान वापस ले लिए।
अब बात कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की मुस्लिम छात्रा जुमना इमाद अलबहरी से शुरू करते हैं। इस छात्रा का 2010 का एक वीडियो अभी वायरल हो रहा है। इसमें ये छात्रा विश्वविद्यालय में यहूदियों के प्रति नफरत जताते हुए लेबनान के शिया इस्लामी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के नेता के लिए अपना समर्थन जता रही है।
Time to resurface this harrowing exchange between David Horowitz and a student at the University of California San Diego in 2010. pic.twitter.com/YPnqKJCzMo
इस दौरान जुमना ने विश्वविद्यालयों के मुस्लिम छात्र संघों (MSA) के बारे में अमेरिका के कन्सर्वेटिव लेखक और एक्टिविस्ट डेविड होरोविट्ज़ से उनकी राय पूछी थी। होरोविट्ज ने ‘डेविड होरोविट्ज फ्रीडम सेंटर’ की स्थापना की है। वो फ्रंटपेज मैगज़ीन के संपादक और ‘डिस्कवर द नेटवर्क्स’ के निदेशक भी हैं।
‘डिस्कवर द नेटवर्क्स’ राजनीतिक वामपंथी विचारधारा से जुड़े व्यक्तियों और समूहों पर नज़र रखने का काम करता है। वहीं, MSA की स्थापना जनवरी 1963 में इलिनोइस विश्वविद्यालय, अर्बाना-शैंपेन में ‘उत्तरी अमेरिका में इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए’ की गई थी। साल 2004 में एफबीआई जाँच में एमएसए का मिस्र के इस्लामी आतंकी संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़े होने का खुलासा हुआ था। अमेरिका और कनाडा में 600 MSA हैं और इन्हें मुस्लिम ब्रदरहुड अपना संगठन माना था।
तो MSA को लेकर सवाल करने वाली मुस्लिम छात्रा जुमना होरोविट्ज़ के साथ बातचीत में आतंकी संगठन हमास की निंदा करने को लेकर टालमटोल कर रही थी। हालाँकि, होरोविट्ज़ अपने सवाल पर दृढ़ रहे, लेकिन जुमना ने हमास की निंदा नहीं की। इस पर होरोविट्ज ने चिंता जाहिर की थी। अंत में जब हॉरोविट्ज़ ने उससे पूछा कि क्या वह हिज़्बुल्लाह के नेता के यहूदियों के प्रति शत्रुतापूर्ण इरादों की निंदा करेगी या वह ऐसे इरादों के ‘पक्ष’ में है। इस पर जुमना ने कहा कि वह ‘इसके लिए’ है।
उधर, हार्वर्ड अंडरग्रेजुएट नेपाली स्टूडेंट एसोसिएशन भी फिलिस्तीन के समर्थन में दिए अपने बयान से पीछे हट गया। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में उसने लिखा, “हमें खेद है कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ ऐतिहासिक अन्याय की तरफ ध्यान खींचने के लिए हालिया बयान पर सह-हस्ताक्षर किए। हमारी सच्ची शांति की इच्छा को इज़राइल पर हुए हिंसक हमले के लिए एक मौन समर्थन के तौर पर लिया गया है।”
ऐसे ही एक अन्य संगठन हार्वर्ड घुंघरू ने भी बयान से समर्थन वापस ले लिया। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में समूह ने लिखा, “हम, हार्वर्ड अंडरग्रेजुएट घुंघरू, हार्वर्ड फिलिस्तीनी समिति के दिए गए बयान पर सह-हस्ताक्षर करने के लिए माफी माँगना चाहते हैं और हमने औपचारिक तौर से अपने हस्ताक्षर वापस ले लिए हैं।
फोटो साभार: हार्वर्ड
हार्वर्ड की अध्यक्ष क्लॉडाइन गे ने छात्र समूहों के जारी बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, “जैसा कि हाल के दिनों की घटनाओं की गूंज अभी भी सुनाई पड़ रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं हमास आतंकियों के जुल्मों की निंदा करती हूँ। इस तरह की अमानवीयता घिनौनी है, भले ही इस क्षेत्र में लंबे वक्त से चले आ रहे संघर्षों की उत्पत्ति के बारे में किसी का निजी नजरिया कुछ भी हो।”
गौरतलब है कि बयान वापस लेने का यह सिलसिला कॉर्पोरेट्स द्वारा हमास समर्थक छात्रों को नौकरी नहीं देने के फैसले के बाद शुरू हुआ। पर्सिंग स्क्वॉयर के सीईओ बिल एकमैन ने बुधवार (10 अक्टूबर 2023) को एक्स पर लिखा कि उनसे कई सीईओ ने पूछा है कि हार्वर्ड ऐस हर संगठन के उन सदस्यों की लिस्ट जारी करेगा, जिन्होंने हमास के जघन्य कृत्यों के लिए इज़राइल को इकलौता ज़िम्मेदार बताते हुए लेटर जारी किया है। उन्होंने आगे कि यह पक्का करने के लिए था कि इन सीईओ में से कोई भी अनजाने में उनके किसी भी सदस्य को नौकरी पर न रखे।
I have been asked by a number of CEOs if @harvard would release a list of the members of each of the Harvard organizations that have issued the letter assigning sole responsibility for Hamas’ heinous acts to Israel, so as to insure that none of us inadvertently hire any of their… https://t.co/7kzGOAGwp9
उन्होंने आगे कहा, “यदि उनके सदस्य जारी किए गए पत्र का समर्थन करते हैं तो हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि उनके विचार सार्वजनिक तौर पर सामने आ सकें। आतंकवादियों के कामों का समर्थन करने वाले बयान जारी करते वक्त किसी को भी कॉर्पोरेट ढाल के पीछे छिपने के काबिल नहीं होना चाहिए, क्योंकि अब हमें पता चला है कि उन्होंने (हमास ने) कल्पना से परे कामों के साथ-साथ बच्चों के भी सिर काटे हैं।”
भारत ने ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के अपने दूसरे मैच में अफगानिस्तान को बुरी तरह हरा दिया। इस जीत के हीरो रहे जसप्रीत बुमराह और रोहित शर्मा। जहाँ रोहित शर्मा ने 84 गेंदों पर 131 रन बनाए, वहीं जसप्रीत बुमराह ने 10 ओवर में मात्र 39 रन देकर 4 विकेट झटके। हार्दिक पंड्या को भी 2 विकेट मिले। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा दिया, जिसे 35 ओवर में चेज कर के भारत ने उसे पूरे 8 विकेट से हरा दिया।
भारत की तरफ से ईशान किशन ने भी 47 गेंदों में 47 रन बनाए। स्पिनर राशिद खान ने उन्हें आउट किया। वहीं अफगानिस्तान की तरफ से कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी ने 80 रनों की पारी खेली तो अज़्मतुल्लाह ओमरज़इ ने 62 रन बनाए। वहीं इस मैच की दूसरी पारी पूरी तरह कप्तान रोहित शर्मा के नाम रही, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा छक्के उन्हीं के हैं।
विराट कोहली ने जब मात्र 63 गेंदों में शतक पूरा किया, उस दौरान पवेलियन रूम में बैठे विराट कोहली भी उछल पड़े। रोहित शर्मा ने अपनी पारी में 16 चौके और 5 छक्के जड़े। उन्हें भी राशिद खान ने ही अपनी फिरकी में फँसाया। रोहित शर्मा ने इससे पहले राशिद खान के एक ओवर में उन्हें लगातार 4,4,6 जड़ा। ये वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा का 7वाँ शतक है। उन्होंने ये कारनामा मात्र 19 पारियों में कर दिखाया है। वर्ल्ड कप के मैचों में उनसे ज़्यादा शतक किसी के नहीं हैं।
वहीं पूर्व कप्तान विराट कोहली ने इस मैच में अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने 56 गेंदों पर 55 रन जड़े और भारत को जीत की ओर लेकर गए। जहाँ रोहित शर्मा वनडे वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बने, वहीं अगर ODI और T20 को मिला दें तो वो विराट कोहली वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। मैच में विकट कोहली और नवीन-उल-हक़ को हाथ मिलाते हुए भी देखा गया। IPL 2023 के दौरान दोनों के बीच का झगड़ा काफी सुर्खियाँ बना था।
इजरायल ने तस्वीरें जारी कर के बताया है कि कैसे हमास के आतंकियों ने देश में घुस कर आम लोगों के साथ क्रूरता की। वो घर-घर गए और लोगों को ज़िंदा जला दिया। घरों को ही फूँक दिया गया। कई जगह पूरे परिवार को ही खत्म कर दिया गया, छोटे-छोटे बच्चों को भी। किब्बुत्ज़ बीरी में सबसे ज़्यादा तबाही मचाई गई। इजरायल में अब इस आपात स्थिति से निपटने के लिए वहाँ का विपक्ष भी सरकार में शामिल हो गया है। बेन्नी गांट्ज़ की ‘नेशनल यूनिटी पार्टी’ सरकार में शामिल होगी और एक नई ‘वॉर कैबिनेट’ का निर्माण होगा।
वहीं हमास की तरफ से रॉकेट दाग कर अब सीधे इजरायल की राजधानी तेल अवीव को निशाना बनाया जा रहा है। एक बार फिर से इजरायल में सायरनों की आवाज़ गूँज रही है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास, ISIS से भी ज़्यादा बुरा है। दक्षिणी इजरायल के सेदेरोट में एक स्कूल को भी निशाना बनाया गया है। वहीं मिस्र ने UN के साथ मिल कर गाज़ा में रफह सीमा के जरिए मदद पहुँचाने की योजना बनाई है।
वहीं अब इजरायल की सेना IDF ने लेबनान के आतंकी संगठन हिज़्बुल्ला के ठिकानों को भी तबाह किया गया है। IDF ने बताया है कि गाज़ा स्थित आतंकियों पर हजारों बम लगातार गिराए जा रहे हैं, दिन और रात की परवाह किए बिना। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने इजरायल को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। गाज़ा की सीमा पर इजरायल की सेना और हमास आतंकियों के बीच भयंकर गोलीबारी हुई है। कई देशों के विदेश अधिकारी भी इजरायल पहुँचे हैं और अपना समर्थन दिया है।
Just when you think it can't get worse. A Hamas terrorist admits their true motive for kidnapping women and children — rape. pic.twitter.com/tk8BgfG1R9
बता दें कि इजरायल के किब्बुत्ज़ में 40 बच्चों को हमास के आतंकियों ने मार डाला था। इजरायल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर में एक घर का कमरा अस्त-व्यस्त दिख रहा है, साथ ही खून के धब्बे चारों तरफ फैले हुए हैं। वहीं एक वीडियो सामने आया है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि उसमें मौजूद फिलिस्तीनी कह रहा है कि वो महिलाओं को अपने साथ ले जाते हैं, ताकि उनके साथ बलात्कार कर सकें। इसमें वो बच्चों तक के साथ बलात्कार करने की बात कर रहा है।
बीते दिनों में एक हत्याकांड में मार दिए गए माफिया अतीक अहमद के 2 बेटे अहजम और आबान को ‘बाल सुधार गृह’ से छोड़ दिया गया है। दोनों के बाहर निकलने पर अतीक के समर्थकों और गाँव वालों ने जुलूस जैसा निकाला और सड़कों पर पटाखे फोड़े।
24 फरवरी 2023 को माफिया अतीक अहमद ने राजू पाल की हत्या प्रयागराज में करवा दी थी। इस हत्या में उसके गुर्गे और एक बेटा सद्दाम शामिल थे। सद्दाम को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था जबकि अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या अस्पताल के बाहर कर दी गई थी।
अतीक अहमद के इन दोनों बेटों को नाबालिग होने के कारण मार्च में ‘बाल संरक्षण गृह’ में भेजा गया था। इन्हें छोड़ने को लेकर अतीक की बहन परवीन अहमद कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने बाल कल्याण समिति से इनको छोड़ने को लेकर फैसला लेने को कहा था। ‘बाल कल्याण समिति’ ने शाम को इनको छोड़ने का आदेश दिया जिसके पश्चात दोनों अपनी बुआ के गाँव हटवा पहुँचे। दोनों के छूटने पर बड़ी संख्या में इनके शागिर्द मौजूद रहे और गाड़ी के साथ ही जुलूस की शक्ल में गाँव तक ले गए।
#प्रयागराज इसे छूटने की खुशी कहेंगे या बाहुबल का प्रदर्शन….?
इनके काफिले में कई गाड़ियाँ और मोटरसाइकिलें शामिल थी। इसी घटना की वायरल वीडियो में कुछ लोग घोड़ा लेकर पहुँचे थे। दोनों भाइयों के बारे में बाल सुधार गृह से भी अब कई सूचनाएँ सामने आ रही हैं। एक खबर के अनुसार, दोनों भाई बाल सुधार गृह में कढ़ाई चिकन और मटन बिरयानी माँगते थे। दोनों भाइयों ने बाल सुधार गृह में फ़ोन की भी माँग की थी। हालाँकि, इनकी किसी भी माँग पर ध्यान नहीं दिया गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस अब दोनों भाइयों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और उनसे मिलने के लिए आने जाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि महीनों से फरार अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी अपने बेटों से मिलने आ सकती है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया है। महिला का नाम खुशबू बानो था, जो अब खुशबू के नाम से जानी जाएगी। खुशबू ने विशाल नाम के युवक से शादी भी कर ली है। बुधवार (11 सितंबर 2023) को यह विवाह अगत्स्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ। खुशबू के मुताबिक, उसके पूर्वज इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचार से मुस्लिम बने थे। नए दम्पति ने अपनी ऑनर किलिंग की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
अगत्स्य मुनि आश्रम के पुजारी केके शंखधर ने बताया कि 24 वर्षीया खुशबू बानो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली है। उसके अब्बा का नाम मंसूर अली है। 6 अक्टूबर 2023 को खुशबू ने बरेली के जिलाधिकारी (DM) को घर वापसी का प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में खुशबू ने खुद को बचपन से हिन्दू धर्म की अनुयायी बताया है। खुशबू के अनुसार इतिहास में उनके पूर्वज मुगलों के अत्याचारों की वजह से मुस्लिम बने थे। खुद को बालिग और भला-बुरा सोचने में सक्षम बताते हुए उसने कहा कि यह फैसला उसने बिना किसी दबाव के लिया है।
घर वापसी और शादी के बाद खुशबू ने 6 अक्टूबर को ही बरेली के भोजीपुरा थाने में अपनी और अपने पति विशाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। खुशबू ने बताया कि उसने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ विशाल से शादी की है। खुशबू ने अपने परिजनों से अपनी व अपने पति के ऑनर किलिंग की आशंका जताई है। इस प्रार्थना पत्र में खुशबू ने खुद के वैदिक धर्म में घर वापसी का भी जिक्र किया है। उसने कहा कि मुस्लिम धर्म में महिलाओं की इज्जत नहीं है।
खुशबू और विशाल लगभग 4 साल पहले सोशल मीडिया से एक दूसरे के सम्पर्क में आए थे। थोड़े समय की बातचीत के बाद दोनों में प्यार हो गया। दोनों छिपकर मिलने लगे। खुशबू के घर वालों को ये रिश्ता नागवार गुजरा तो उन्होंने उस पर तमाम बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। इस बीच विशाल ने हिन्दू शेर सेना नाम के संगठन को सम्पर्क किया। हिन्दू शेर सेना ने इस प्रेमी जोड़ी का परिचय अगत्स्य मुनि आश्रम से करवाया। आखिरकार दोनों का विवाह बुधवार (11 सितंबर) को वेदमंत्रों के बीच वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न हुआ।
ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिन्दू ने कहा कि अपनी मर्जी से घर वापसी करने वालों के लिए वो और उनका संगठन हमेशा तैयार रहेगा। साथ ही उन्होंने नए दम्पति को सुरक्षा दिलाने के लिए DGP उत्तर प्रदेश को पत्र लिखने का भी आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बुजुर्ग ने अजीब-ओ-गरीब काम किया है। लड़कियों और औरतों के सिगरेट पीने से नाराज इस शख्स ने सबक सिखाने के लिए एक कैफे को आग के हवाले कर दिया। इसमें कैफे मालिक को लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।
दिलचस्प बात ये हैं कि ये उम्रदराज शख्स सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के शहंशाह फिल्म के किरदार से खासे प्रभावित थे और उसी तरह से समाज में सुधार लाना चाहते थे। कैफे में आग लगाते वक्त ये बुजुर्ग सीसीटीवी फुटेज की वजह से पकड़ में आए और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के स्काई कॉर्पोरेट के कैफे में ये हादसा हुआ। कैफे में आग लगने का कारण जानने के लिए इसे चलाने वाले शुभम चौधरी ने सीसीटीवी फुटेज चेक करवाई। इसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति आग लगाकर जाता हुआ नजर आया।
इसके बाद कैफे संचालक चौधरी ने लसूड़िया पुलिस से इसकी शिकायत की। इसके आधार पर थाना प्रभारी तारे सोनी ने टीम का गठन कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। बुजुर्ग की पहचान स्ट्रीट नंबर 78 में रहने वाले विजय माठे के तौर पर की गई है।
आरोपित विजय ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कैफे में लड़कियाँ सिगरेट पीती हैं, जो उन्हें पसंद नहीं था। इसे लेकर उन्हें गुस्सा था। आरोपित विजय ने बताया कि सिगरेट पीने वाली लड़कियों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने कैफे को फूँक दिया।
उन्होंने ये भी बताया कि वो अमिताभ बच्चन की फिल्म शहंशाह के किरदार विजय श्रीवास्तव से प्रभावित हैं और समाज में सुधार लाना चाहते हैं। बता दें कि बुधवार 11 अक्टूबर 2023 को अमिताभ बच्चन 81 साल के हो गए हैं और फिल्म शहंशाह में उनके किरदार की काफी तारीफ हुई थी।
उधर, कैफे संचालक ने बताया कि आरोपित विजय कई दिनों से कैफे के नजदीक घूमते नजर आए थे। इसे लेकर वहाँ खड़े कस्टमर ने भी कई बार शिकायत की थी। लोग उन्हें बुजुर्ग होने की वजह से नहीं टोकते थे। कैफे संचालक के मुताबिक, इस आगजनी में लगभग तीन से चार लाख रुपए सामान जलकर खाक हो गया।
इजरायल में शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को हमास के हमले के बाद एक वीडियो सामने आई थी जिसमें इस्लामी आतंकी एक महिला के शरीर को पिकअप ट्रक में डाल कर परेड कराते दिखे थे। बाद में इस महिला की पहचान शानी लौक के तौर पर हुई थी जो एक जर्मन टैटू कलाकार थीं।
माना जा रहा था कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने शानी को अगवा करने के बाद मार दिया है। वीडियो में दिख रहा उनका शरीर भी मृतप्राय ही था। अब शानी की माँ रिचर्डा लौक ने दावा किया है कि उनकी बेटी गाजा के भीतर है और ज़िंदा है।
इस्लामी आतंकियों ने शानी को दक्षिणी गाजा के किब्बुत्ज़ में हो रहे एक म्यूजिक फेस्टिवल से अगवा किया था। इस म्यूजिक फेस्टिवल में 260 से अधिक लोगों को गाजा ने मौत के घाट उतार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा कर लिया था। यह म्यूजिक फेस्टिवल गाजा की सीमा से मात्र 3 किलोमीटर दूर हो रहा था।
⚡️Reports that Hamas wasn't targeting civilians at the music festival – The IDF were shooting at Hamas FROM the crowd of civilians.
शानी भी उनमें से एक थी जिन्हें अगवा करके गाजा के भीतर ले जाया गया था। गाजा आतंकियों ने शानी के नग्न शरीर को अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ के बीच में परेड कराई थी जहाँ लोगों ने उनके शरीर पर थूका तक था। शानी की पहचान उनके शरीर पर बने हुए टैटू से की गई थी।
?‼️ O corpo da mulher morta por terroristas palestinos que foi visto neste vídeo é de Shani Louk, de 30 anos, era uma cidadã alemã que visitava Israel para participar do festival de música pela paz realizado perto da fronteira de Gaza. #Israel#Gazapic.twitter.com/zwqDFsKJOM
हमास के आतंकियों ने दावा किया था कि जिस शरीर को उन्होंने प्रदर्शित किया है वह इजरायली सेना की एक महिला सैनिक का है। हालाँकि, हमास का यह दावा बाद में झूठा साबित हुआ था। शानी की माँ ने भी उनकी शिनाख्त की थी। अब शानी की माँ ने दावा किया है कि उनकी बेटी जीवित है और गाजा के एक अस्पताल में भर्ती है। शानी की माँ ने एक वीडियो रिकॉर्ड करके दावा किया है कि शानी गाजा के भीतर बने एक इंडोनेशियाई अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें सर में गंभीर चोट आई है।
अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल‘ द्वारा प्रकाशित एक वीडियो में शानी की माँ दावा करती हैं कि शानी जिन्दा है और वह जर्मनी की सरकार से अपील करती हैं कि शानी को जल्द से जल्द गाजा से बाहर निकाला जाए।
शानी के परिवार ने इससे पहले दावा किया था शानी के बैंक ने उन्हें बताया है कि उनका क्रेडिट कार्ड गाजा में उपयोग किया गया है। आशंका जताई गई है कि शानी का कार्ड उपयोग करके हमास के आतंकियों ने पैसे निकाले हैं। शानी का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ नाचते दिखती हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो म्यूजिक फेस्टिवल पर हुए हमास के हमले से कुछ समय पहले का है।
शानी के माँ के दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमास ने भी इस विषय में कोई जानकारी नहीं दी है कि उसके द्वारा अपहरण किए गए लोगों की स्थिति वर्तमान में कैसी है और कितने लोग जीवित हैं।
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक छात्रा को चलती ट्रेन के आगे फेंकने का मामला सामने आया है। इस घटना में छात्रा के दोनों पैर कट गए हैं। लड़की के पिता ने घटना के पीछे छेड़खानी करने वाले शोहदों के होने का आरोप लगाया है। शासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए छात्रा का बेहतर इलाज करवाने के साथ ही 5 लाख रुपए की राहत राशि देने का आदेश दिया है। अभी तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय SHO सहित 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। घटना मंगलवार (10 अक्टूबर 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बरेली के थाना क्षेत्र सीबीगंज की है। यहाँ क्लास 12 की एक छात्रा सीबीगंज बाजार में कोचिंग करने जाया करती थी। इस बीच उसे गाँव का ही एक युवक आते-जाते छेड़ा करता था। आरोपित का नाम विजय मौर्य है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने विजय मौर्य के घरवालों से इस बात की शिकायत की थी। फिर भी विजय मौर्य नहीं माना। मंगलवार को लड़की खड़ौआ रेलवे क्रॉसिंग के पास लहुलुहान हालत में मिली। लड़की के दोनों पैर कट चुके थे। कई हड्डियाँ भी टूटी मिलीं।
छात्रा के परिजनों का आरोप है कि विजय मौर्य और उसके एक साथी ने छात्रा से छेड़खानी की। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसे ट्रेन के आगे धकेल दे दिया। इस मामले की थाने में तहरीर दी गई है। तहरीर के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित विजय मौर्य सहित एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी के घटनास्थल पर मौजूदगी आदि के बारे में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर जाँच की जा रही है।
थाना सीबीगंज #bareillypolice क्षेत्रान्तर्गत हुई घटना के संबंध में परिजन की तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस टीम द्वारा दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर की जा रही अग्रिम कार्यवाही के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बरेली की बाइट। #UPPolicehttps://t.co/FDwM9jfH7spic.twitter.com/NwQlXz88dO
वहीं, केस में लापरवाही बरतने के आरोप में SHO सीबीगंज के साथ एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने छात्रा का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। शासन की तरफ से इलाज के लिए 5 लाख रुपए की राशि भी मंजूर हुई है। घायल पीड़िता का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल लड़की की हालात गंभीर बताई जा रही है।
इजरायल की वायुसेना ने कहा है कि उसने गाजा शहर के अंदर इस्लामिक विश्वविद्यालय को अपने हवाई हमले का निशाना बनाया है। इजरायली वायु सेना ने कहा है कि यह विश्वविद्यालय हमास के इंजीनियरों के लिए ट्रेनिंग केंद्र का काम कर रहा था। इस पर इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने बमबारी कर इसे जमींदोज कर दिया है।
यह विश्वविद्यालय हमास के राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने और इजरायल के खिलाफ उपयोग किए जाने वाले हथियार बनाने का बड़ा केंद्र थी। इजरायल की वायु सेना ने इस शिक्षण संस्थान पर बमबारी का वीडियो भी जारी किया है।
वायु सेना ने इस बमबारी का वीडियो भी जारी किया है। इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था जिसके जवाब में अब वह गाजा पर बम बरसा कर आतंकियों का सफाया कर रहा है।
इजरायल ने इस हमले के बाद से गाजा में स्थित 7 मस्जिदों पर भी बमबारी कर के आतंक के अड्डों को समतल कर दिया है। इजरायल का कहना है कि इन मस्जिदों में आतंकी शरण लेते हैं और यहीं से इजरायल के विरुद्ध आतंक की तैयारी होती थी। इजरायल की वायु सेना ने अल-अब्बास, अल-सूसी, अल-यारमौक, अल-अमीन मोहम्मद, अहमद यासीन, अल-हबीब मोहम्मद और अल गरबी मस्जिदों पर बमबारी करके उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया है।
गाजा में स्थित मस्जिदों के अलावा अन्य कई ठिकानों तथा प्रमुख इमारतों पर भी बमबारी की है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 2300 से अधिक निशानों पर बमबारी की जा चुकी है। इजरायली सुरक्षा बलों ने हमास की आतंकी सैन्य टुकड़ी अल कासम ब्रिगेड के सरगना मोहम्मद दायफ के घर पर भी बम बरसाए हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में आतंकी दायफ के पिता समेत अन्य परिवारीजनों की मृत्यु हो गई है।
इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि घायल होने वालों की संख्या भी बढ़कर 3000 के आसपास पहुँच गई है। इजरायल पर भी गाजा की तरफ से लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं।
इजरायल की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई में लगभग 1000 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि 5,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इजरायल द्वारा गाजा की नाकाबंदी कर दी गई है। गाजा में बिजली, पानी और गैस की भी आपूर्ति रोक दी गई है और मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जल्द ही गाजा अँधेरे में डूब जाएगा। इजरायल ने गाजा में जिस मस्जिदों को ध्वस्त किया है, वो हैं –
अल-अमीन मुहम्मद मस्जिद खान यूनिस में स्थित है। दक्षिणी गाजा पट्टी में स्थित इस मस्जिद को इजरायल ने ध्वस्त कर दिया:
Israeli occupation warplanes completely destroyed Al-Amin Muhammad Mosque in Khan Yunis, southern Gaza Strip. pic.twitter.com/4tPcWg5y7r
इसके बाद इजरायल ने अल-सौसी मस्जिद को गिराया। यहाँ पर शाति कैम्प भी स्थित है, जहाँ कई आतंकी मौजूद थे। इसमें कहाँ 10 लोग मारे गए, वहीं 60 घायल भी हुए। इजरायली वायुसेना ने इसे निशाना बनाया।
The fourth mosque Israel obliterates in 48 hours.
10 people killed, 60 wounded in the bombing of Al-Sousi mosque near the Shati camp today. pic.twitter.com/NAH0NSXagj