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‘महिलाओं-बच्चों का अपहरण किया, ताकि उनका बलात्कार कर सकें’: कैमरे में कैद हुई फिलिस्तीनी आतंकियों की करतूत, इजरायल में अब विपक्ष भी ‘सरकार’

इजरायल ने तस्वीरें जारी कर के बताया है कि कैसे हमास के आतंकियों ने देश में घुस कर आम लोगों के साथ क्रूरता की। वो घर-घर गए और लोगों को ज़िंदा जला दिया। घरों को ही फूँक दिया गया। कई जगह पूरे परिवार को ही खत्म कर दिया गया, छोटे-छोटे बच्चों को भी। किब्बुत्ज़ बीरी में सबसे ज़्यादा तबाही मचाई गई। इजरायल में अब इस आपात स्थिति से निपटने के लिए वहाँ का विपक्ष भी सरकार में शामिल हो गया है। बेन्नी गांट्ज़ की ‘नेशनल यूनिटी पार्टी’ सरकार में शामिल होगी और एक नई ‘वॉर कैबिनेट’ का निर्माण होगा।

वहीं हमास की तरफ से रॉकेट दाग कर अब सीधे इजरायल की राजधानी तेल अवीव को निशाना बनाया जा रहा है। एक बार फिर से इजरायल में सायरनों की आवाज़ गूँज रही है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास, ISIS से भी ज़्यादा बुरा है। दक्षिणी इजरायल के सेदेरोट में एक स्कूल को भी निशाना बनाया गया है। वहीं मिस्र ने UN के साथ मिल कर गाज़ा में रफह सीमा के जरिए मदद पहुँचाने की योजना बनाई है।

वहीं अब इजरायल की सेना IDF ने लेबनान के आतंकी संगठन हिज़्बुल्ला के ठिकानों को भी तबाह किया गया है। IDF ने बताया है कि गाज़ा स्थित आतंकियों पर हजारों बम लगातार गिराए जा रहे हैं, दिन और रात की परवाह किए बिना। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने इजरायल को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। गाज़ा की सीमा पर इजरायल की सेना और हमास आतंकियों के बीच भयंकर गोलीबारी हुई है। कई देशों के विदेश अधिकारी भी इजरायल पहुँचे हैं और अपना समर्थन दिया है।

बता दें कि इजरायल के किब्बुत्ज़ में 40 बच्चों को हमास के आतंकियों ने मार डाला था। इजरायल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर में एक घर का कमरा अस्त-व्यस्त दिख रहा है, साथ ही खून के धब्बे चारों तरफ फैले हुए हैं। वहीं एक वीडियो सामने आया है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि उसमें मौजूद फिलिस्तीनी कह रहा है कि वो महिलाओं को अपने साथ ले जाते हैं, ताकि उनके साथ बलात्कार कर सकें। इसमें वो बच्चों तक के साथ बलात्कार करने की बात कर रहा है।

जुलूस, पटाखे, गाड़ियों का काफिला… अतीक अहमद के 2 बेटों के छूटने का कुछ ऐसे मना जश्न, ‘बाल सुधार गृह’ में माँगते थे कड़ाही चिकन और मटन बिरयानी

बीते दिनों में एक हत्याकांड में मार दिए गए माफिया अतीक अहमद के 2 बेटे अहजम और आबान को ‘बाल सुधार गृह’ से छोड़ दिया गया है। दोनों के बाहर निकलने पर अतीक के समर्थकों और गाँव वालों ने जुलूस जैसा निकाला और सड़कों पर पटाखे फोड़े।

24 फरवरी 2023 को माफिया अतीक अहमद ने राजू पाल की हत्या प्रयागराज में करवा दी थी। इस हत्या में उसके गुर्गे और एक बेटा सद्दाम शामिल थे। सद्दाम को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था जबकि अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ की हत्या अस्पताल के बाहर कर दी गई थी।

अतीक अहमद के इन दोनों बेटों को नाबालिग होने के कारण मार्च में ‘बाल संरक्षण गृह’ में भेजा गया था। इन्हें छोड़ने को लेकर अतीक की बहन परवीन अहमद कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने बाल कल्याण समिति से इनको छोड़ने को लेकर फैसला लेने को कहा था। ‘बाल कल्याण समिति’ ने शाम को इनको छोड़ने का आदेश दिया जिसके पश्चात दोनों अपनी बुआ के गाँव हटवा पहुँचे। दोनों के छूटने पर बड़ी संख्या में इनके शागिर्द मौजूद रहे और गाड़ी के साथ ही जुलूस की शक्ल में गाँव तक ले गए।

इनके काफिले में कई गाड़ियाँ और मोटरसाइकिलें शामिल थी। इसी घटना की वायरल वीडियो में कुछ लोग घोड़ा लेकर पहुँचे थे। दोनों भाइयों के बारे में बाल सुधार गृह से भी अब कई सूचनाएँ सामने आ रही हैं। एक खबर के अनुसार, दोनों भाई बाल सुधार गृह में कढ़ाई चिकन और मटन बिरयानी माँगते थे। दोनों भाइयों ने बाल सुधार गृह में फ़ोन की भी माँग की थी। हालाँकि, इनकी किसी भी माँग पर ध्यान नहीं दिया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस अब दोनों भाइयों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और उनसे मिलने के लिए आने जाने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि महीनों से फरार अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी अपने बेटों से मिलने आ सकती है।

‘इस्लामी आक्रांताओं के डर से मुस्लिम बने थे हमारे पूर्वज’: बरेली में खुशबू बानो ने अपनाया हिन्दू धर्म… अगत्स्य मुनि आश्रम में विकास के साथ लिए 7 फेरे

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया है। महिला का नाम खुशबू बानो था, जो अब खुशबू के नाम से जानी जाएगी। खुशबू ने विशाल नाम के युवक से शादी भी कर ली है। बुधवार (11 सितंबर 2023) को यह विवाह अगत्स्य मुनि आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ। खुशबू के मुताबिक, उसके पूर्वज इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचार से मुस्लिम बने थे। नए दम्पति ने अपनी ऑनर किलिंग की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

अगत्स्य मुनि आश्रम के पुजारी केके शंखधर ने बताया कि 24 वर्षीया खुशबू बानो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली है। उसके अब्बा का नाम मंसूर अली है। 6 अक्टूबर 2023 को खुशबू ने बरेली के जिलाधिकारी (DM) को घर वापसी का प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में खुशबू ने खुद को बचपन से हिन्दू धर्म की अनुयायी बताया है। खुशबू के अनुसार इतिहास में उनके पूर्वज मुगलों के अत्याचारों की वजह से मुस्लिम बने थे। खुद को बालिग और भला-बुरा सोचने में सक्षम बताते हुए उसने कहा कि यह फैसला उसने बिना किसी दबाव के लिया है।

घर वापसी और शादी के बाद खुशबू ने 6 अक्टूबर को ही बरेली के भोजीपुरा थाने में अपनी और अपने पति विशाल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। खुशबू ने बताया कि उसने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ विशाल से शादी की है। खुशबू ने अपने परिजनों से अपनी व अपने पति के ऑनर किलिंग की आशंका जताई है। इस प्रार्थना पत्र में खुशबू ने खुद के वैदिक धर्म में घर वापसी का भी जिक्र किया है। उसने कहा कि मुस्लिम धर्म में महिलाओं की इज्जत नहीं है।

खुशबू और विशाल लगभग 4 साल पहले सोशल मीडिया से एक दूसरे के सम्पर्क में आए थे। थोड़े समय की बातचीत के बाद दोनों में प्यार हो गया। दोनों छिपकर मिलने लगे। खुशबू के घर वालों को ये रिश्ता नागवार गुजरा तो उन्होंने उस पर तमाम बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। इस बीच विशाल ने हिन्दू शेर सेना नाम के संगठन को सम्पर्क किया। हिन्दू शेर सेना ने इस प्रेमी जोड़ी का परिचय अगत्स्य मुनि आश्रम से करवाया। आखिरकार दोनों का विवाह बुधवार (11 सितंबर) को वेदमंत्रों के बीच वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न हुआ।

ऑपइंडिया से बात करते हुए हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिन्दू ने कहा कि अपनी मर्जी से घर वापसी करने वालों के लिए वो और उनका संगठन हमेशा तैयार रहेगा। साथ ही उन्होंने नए दम्पति को सुरक्षा दिलाने के लिए DGP उत्तर प्रदेश को पत्र लिखने का भी आश्वासन दिया है।

लड़कियाँ मारती थीं सुट्टा, बुजुर्ग ‘शहंशाह’ ने कैफे ही फूँक डाला: कहा – ‘सिगरेट पीने वाली महिलाओं को सबक सिखाया, ये समाज सुधार’

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बुजुर्ग ने अजीब-ओ-गरीब काम किया है। लड़कियों और औरतों के सिगरेट पीने से नाराज इस शख्स ने सबक सिखाने के लिए एक कैफे को आग के हवाले कर दिया। इसमें कैफे मालिक को लगभग 4 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है।

दिलचस्प बात ये हैं कि ये उम्रदराज शख्स सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के शहंशाह फिल्म के किरदार से खासे प्रभावित थे और उसी तरह से समाज में सुधार लाना चाहते थे। कैफे में आग लगाते वक्त ये बुजुर्ग सीसीटीवी फुटेज की वजह से पकड़ में आए और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दरअसल इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र के स्काई कॉर्पोरेट के कैफे में ये हादसा हुआ। कैफे में आग लगने का कारण जानने के लिए इसे चलाने वाले शुभम चौधरी ने सीसीटीवी फुटेज चेक करवाई। इसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति आग लगाकर जाता हुआ नजर आया।

इसके बाद कैफे संचालक चौधरी ने लसूड़िया पुलिस से इसकी शिकायत की। इसके आधार पर थाना प्रभारी तारे सोनी ने टीम का गठन कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। बुजुर्ग की पहचान स्ट्रीट नंबर 78 में रहने वाले विजय माठे के तौर पर की गई है।

आरोपित विजय ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कैफे में लड़कियाँ सिगरेट पीती हैं, जो उन्हें पसंद नहीं था। इसे लेकर उन्हें गुस्सा था। आरोपित विजय ने बताया कि सिगरेट पीने वाली लड़कियों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने कैफे को फूँक दिया।

उन्होंने ये भी बताया कि वो अमिताभ बच्चन की फिल्म शहंशाह के किरदार विजय श्रीवास्तव से प्रभावित हैं और समाज में सुधार लाना चाहते हैं। बता दें कि बुधवार 11 अक्टूबर 2023 को अमिताभ बच्चन 81 साल के हो गए हैं और फिल्म शहंशाह में उनके किरदार की काफी तारीफ हुई थी।

उधर, कैफे संचालक ने बताया कि आरोपित विजय कई दिनों से कैफे के नजदीक घूमते नजर आए थे। इसे लेकर वहाँ खड़े कस्टमर ने भी कई बार शिकायत की थी। लोग उन्हें बुजुर्ग होने की वजह से नहीं टोकते थे। कैफे संचालक के मुताबिक, इस आगजनी में लगभग तीन से चार लाख रुपए सामान जलकर खाक हो गया। 

‘ज़िंदा है मेरी बेटी’: जिस जर्मन महिला की लाश को नग्न कर निकाली परेड, उसकी माँ को अभी भी आस; ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्ला रहे थे आतंकी

इजरायल में शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को हमास के हमले के बाद एक वीडियो सामने आई थी जिसमें इस्लामी आतंकी एक महिला के शरीर को पिकअप ट्रक में डाल कर परेड कराते दिखे थे। बाद में इस महिला की पहचान शानी लौक के तौर पर हुई थी जो एक जर्मन टैटू कलाकार थीं।

माना जा रहा था कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने शानी को अगवा करने के बाद मार दिया है। वीडियो में दिख रहा उनका शरीर भी मृतप्राय ही था। अब शानी की माँ रिचर्डा लौक ने दावा किया है कि उनकी बेटी गाजा के भीतर है और ज़िंदा है।

इस्लामी आतंकियों ने शानी को दक्षिणी गाजा के किब्बुत्ज़ में हो रहे एक म्यूजिक फेस्टिवल से अगवा किया था। इस म्यूजिक फेस्टिवल में 260 से अधिक लोगों को गाजा ने मौत के घाट उतार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को अगवा कर लिया था। यह म्यूजिक फेस्टिवल गाजा की सीमा से मात्र 3 किलोमीटर दूर हो रहा था।

शानी भी उनमें से एक थी जिन्हें अगवा करके गाजा के भीतर ले जाया गया था। गाजा आतंकियों ने शानी के नग्न शरीर को अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ के बीच में परेड कराई थी जहाँ लोगों ने उनके शरीर पर थूका तक था। शानी की पहचान उनके शरीर पर बने हुए टैटू से की गई थी।

हमास के आतंकियों ने दावा किया था कि जिस शरीर को उन्होंने प्रदर्शित किया है वह इजरायली सेना की एक महिला सैनिक का है। हालाँकि, हमास का यह दावा बाद में झूठा साबित हुआ था। शानी की माँ ने भी उनकी शिनाख्त की थी। अब शानी की माँ ने दावा किया है कि उनकी बेटी जीवित है और गाजा के एक अस्पताल में भर्ती है। शानी की माँ ने एक वीडियो रिकॉर्ड करके दावा किया है कि शानी गाजा के भीतर बने एक इंडोनेशियाई अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें सर में गंभीर चोट आई है।

अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल‘ द्वारा प्रकाशित एक वीडियो में शानी की माँ दावा करती हैं कि शानी जिन्दा है और वह जर्मनी की सरकार से अपील करती हैं कि शानी को जल्द से जल्द गाजा से बाहर निकाला जाए।

शानी के परिवार ने इससे पहले दावा किया था शानी के बैंक ने उन्हें बताया है कि उनका क्रेडिट कार्ड गाजा में उपयोग किया गया है। आशंका जताई गई है कि शानी का कार्ड उपयोग करके हमास के आतंकियों ने पैसे निकाले हैं। शानी का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ नाचते दिखती हैं। माना जा रहा है कि यह वीडियो म्यूजिक फेस्टिवल पर हुए हमास के हमले से कुछ समय पहले का है।

शानी के माँ के दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमास ने भी इस विषय में कोई जानकारी नहीं दी है कि उसके द्वारा अपहरण किए गए लोगों की स्थिति वर्तमान में कैसी है और कितने लोग जीवित हैं।

यूपी में छेड़खानी का विरोध करने पर नाबालिग छात्रा को ट्रेन के आगे फेंका, दोनों पैर और एक हाथ कटे: CM योगी ने ₹5 लाख दिए

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक छात्रा को चलती ट्रेन के आगे फेंकने का मामला सामने आया है। इस घटना में छात्रा के दोनों पैर कट गए हैं। लड़की के पिता ने घटना के पीछे छेड़खानी करने वाले शोहदों के होने का आरोप लगाया है। शासन ने घटना का संज्ञान लेते हुए छात्रा का बेहतर इलाज करवाने के साथ ही 5 लाख रुपए की राहत राशि देने का आदेश दिया है। अभी तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय SHO सहित 3 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। घटना मंगलवार (10 अक्टूबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बरेली के थाना क्षेत्र सीबीगंज की है। यहाँ क्लास 12 की एक छात्रा सीबीगंज बाजार में कोचिंग करने जाया करती थी। इस बीच उसे गाँव का ही एक युवक आते-जाते छेड़ा करता था। आरोपित का नाम विजय मौर्य है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने विजय मौर्य के घरवालों से इस बात की शिकायत की थी। फिर भी विजय मौर्य नहीं माना। मंगलवार को लड़की खड़ौआ रेलवे क्रॉसिंग के पास लहुलुहान हालत में मिली। लड़की के दोनों पैर कट चुके थे। कई हड्डियाँ भी टूटी मिलीं।

छात्रा के परिजनों का आरोप है कि विजय मौर्य और उसके एक साथी ने छात्रा से छेड़खानी की। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसे ट्रेन के आगे धकेल दे दिया। इस मामले की थाने में तहरीर दी गई है। तहरीर के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित विजय मौर्य सहित एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी के घटनास्थल पर मौजूदगी आदि के बारे में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर जाँच की जा रही है।

वहीं, केस में लापरवाही बरतने के आरोप में SHO सीबीगंज के साथ एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने छात्रा का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। शासन की तरफ से इलाज के लिए 5 लाख रुपए की राशि भी मंजूर हुई है। घायल पीड़िता का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल लड़की की हालात गंभीर बताई जा रही है।

7 मस्जिद, इस्लामी यूनिवर्सिटी… इजरायल ने आतंक के हर अड्डे को किया ‘समतल’, वीडियो में देखें कैसे मिट्टी में मिल गए ये इबादतगाह

इजरायल की वायुसेना ने कहा है कि उसने गाजा शहर के अंदर इस्लामिक विश्वविद्यालय को अपने हवाई हमले का निशाना बनाया है। इजरायली वायु सेना ने कहा है कि यह विश्वविद्यालय हमास के इंजीनियरों के लिए ट्रेनिंग केंद्र का काम कर रहा था। इस पर इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने बमबारी कर इसे जमींदोज कर दिया है।

यह विश्वविद्यालय हमास के राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने और इजरायल के खिलाफ उपयोग किए जाने वाले हथियार बनाने का बड़ा केंद्र थी। इजरायल की वायु सेना ने इस शिक्षण संस्थान पर बमबारी का वीडियो भी जारी किया है।

वायु सेना ने इस बमबारी का वीडियो भी जारी किया है। इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था जिसके जवाब में अब वह गाजा पर बम बरसा कर आतंकियों का सफाया कर रहा है।

इजरायल ने इस हमले के बाद से गाजा में स्थित 7 मस्जिदों पर भी बमबारी कर के आतंक के अड्डों को समतल कर दिया है। इजरायल का कहना है कि इन मस्जिदों में आतंकी शरण लेते हैं और यहीं से इजरायल के विरुद्ध आतंक की तैयारी होती थी। इजरायल की वायु सेना ने अल-अब्बास, अल-सूसी, अल-यारमौक, अल-अमीन मोहम्मद, अहमद यासीन, अल-हबीब मोहम्मद और अल गरबी मस्जिदों पर बमबारी करके उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया है।

गाजा में स्थित मस्जिदों के अलावा अन्य कई ठिकानों तथा प्रमुख इमारतों पर भी बमबारी की है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 2300 से अधिक निशानों पर बमबारी की जा चुकी है। इजरायली सुरक्षा बलों ने हमास की आतंकी सैन्य टुकड़ी अल कासम ब्रिगेड के सरगना मोहम्मद दायफ के घर पर भी बम बरसाए हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में आतंकी दायफ के पिता समेत अन्य परिवारीजनों की मृत्यु हो गई है।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि घायल होने वालों की संख्या भी बढ़कर 3000 के आसपास पहुँच गई है। इजरायल पर भी गाजा की तरफ से लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं।

इजरायल की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई में लगभग 1000 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि 5,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इजरायल द्वारा गाजा की नाकाबंदी कर दी गई है। गाजा में बिजली, पानी और गैस की भी आपूर्ति रोक दी गई है और मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जल्द ही गाजा अँधेरे में डूब जाएगा। इजरायल ने गाजा में जिस मस्जिदों को ध्वस्त किया है, वो हैं –

अल-अमीन मुहम्मद मस्जिद खान यूनिस में स्थित है। दक्षिणी गाजा पट्टी में स्थित इस मस्जिद को इजरायल ने ध्वस्त कर दिया:

इसके बाद इजरायल ने अल-सौसी मस्जिद को गिराया। यहाँ पर शाति कैम्प भी स्थित है, जहाँ कई आतंकी मौजूद थे। इसमें कहाँ 10 लोग मारे गए, वहीं 60 घायल भी हुए। इजरायली वायुसेना ने इसे निशाना बनाया।

वहीं वहाँ से थोड़ी ही दूरी पर स्थित अल-कार्बी मस्जिद पर भी बम बरसाए गए।

इतना ही नहीं, गाजा स्थित अल-यरमूक मस्जिद को भी इजरायल ने ध्वस्त किया और ये नज़ारा भी वीडियो में दिखा।

इजरायल के फाइटर जेट्स ने अल-अब्बास मस्जिद को भी मिट्टी में मिला दिया। इस दौरान धुएँ का भयंकर गुब्बार उठता हुआ दिखा।

इजरायल ने शती कैम्प स्थित ही ‘द वेस्टर्न मॉस्क’ को भी नहीं छोड़ा।

गाजा सिटी स्थित अहमद यासीन मस्जिद को भी इजरायल ने ध्वस्त किया।

‘ये हमारा इलाका है, गरबा करोगे तो पत्थर मारेंगे’: नवरात्रि की तैयारी कर रहे थे जनजातीय समाज के लोग, इस्लामी कट्टरपंथियों ने धमकाया

गुजरात के भरूच जिले के एक गाँव में जनजातीय समाज के लोगों को नवरात्रि में गरबा करने को लेकर धमकी देने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने इसे अपना इलाका बताते हुए गरबा आयोजन करने पर पत्थरबाजी की बात कही है।

मामला आमोद तालुका के इखर गाँव का है। भरूच जिले का यह इलाका मुस्लिम आबादी की अधिकता वाला है। रिपोर्टों के मुताबिक, इखार गाँव के जनजातीय समाज के लोगों ने इस संबंध में कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। इसमें कहा गया है कि गाँव के मुस्लिम नेता ने नवरात्रि नहीं मनाने की धमकी दी है।

जनजातीय समाज के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर प्रशासन से न्याय की माँग की है। साथ ही बताया है कि उनके समुदाय के युवकों को गाली देते हुए जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।

​गरबा आयोजन पर मंडप उखाड़ने और पथराव की धमकी

जमीनी हकीकत पता करने के लिए ऑपइंडिया ने इखार गाँव में हर साल नवरात्रि का आयोजन करने वाले शैलेश वसावा से बात की। शैलेश ने बताया, “हर साल की तरह इस साल भी हम नवरात्रि आयोजन के लिए अपने गाँव की खुली जगह की सफाई कर रहे थे। मेरे साथ गाँव के कुछ अन्य युवक भी थे। जब हम सफाई कर रहे थे, तभी पास में रहने वाले मोहसिन अली खान पठान और अली हसन पठान आकर हमें माँ-बहन की गालियाँ देने लगे।”

वासवा ने बताया कि उनके गाँव में ज्यादातर आबादी मुसलमानों की है। मुस्लिम बहुल इस गाँव में जनजातीय समाज के हिंदू भी रहते हैं। उन्होंने कहा, “वे आए और हमारे साथ दुर्व्यवहार करने लगे। हमने उनसे कहा हम एक साथ गाँव में रहते हैं तो आप ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं? यह सुनकर मुस्लिम नेता और भड़क गए और बोले- जिसे बुलाना है बुलाओ। यह हमारा इलाका है। हम तुम लोगों को यहाँ नवरात्रि नहीं मनाने देंगे।”

शैलेश वासवा के मुताबिक मुस्लिमों ने उन्हें बुरी तरह धमकाया। धमकी देते हुए कहा, “अगर तुमने गरबा किया तो हम मंडप उखाड़ देंगे और पथराव करेंगे।” वासवा के मुताबिक, गाँव में हिंदुओं की आबादी बहुत कम है और उनके पास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कोई अन्य जगह भी नहीं है।

हिंदू महिलाओं से अभद्र व्यवहार का भी आरोप

ऑपइंडिया को नवरात्रि के आयोजक शैलेश वसावा ने ये बताया, “यह पहली बार नहीं है कि गाँव के मुस्लिमों ने हिंदूओं के साथ तरह का व्यवहार किया है। इससे पहले भी ये लोग ऐसे कई काम कर चुके हैं।” उन्होंने बताया, “एक बार उन्होंने उस जगह को तोड़ दिया जहाँ माता रानी का गरबा और पवित्र दीपक रखा गया था, लेकिन हमने शिकायत नहीं की क्योंकि हमें उनके बीच रहना था। हम अपने त्योहारों या पवित्र अवसरों पर उत्सव मनाने के लिए उसी जगह का इस्तेमाल करते रहे हैं और हर बार वो मुश्किलें खड़ी करते हैं। इस बार भी उन्होंने नवरात्रि मंडप न बनाने और गरबा का आयोजन न करने की धमकी दी है।”

शैलेश वासवा का यह भी कहना है कि हिंदू महिलाओं के साथ स्थानीय मुस्लिम कई बार अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। उनकी संख्या अधिक होने के कारण कोई कुछ नहीं कह पाता है। उन्होंने बताया, “उनकी धमकियों से हम चिंतित हैं। वे भविष्य में हमें नुकसान पहुँचा सकते हैं। प्रशासन से हमारी माँग है कि हमें सुरक्षा और न्याय दी जाए।”

इस घटना के सामने आने के बाद भरूच की वीर बिरसा ब्रिगेड और जनजातीय समाज के कई संगठन एकजुट हो गए हैं। इन संगठनों ने जिला कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर धमकी देने वाले मुस्लिम नेताओं पर कार्रवाई की माँग की है।

देवरिया में बच्चों को खींचकर लाई दुबे परिवार पर हमला करने आई भीड़ और मार दिया: पड़ोसी ने उकसाया था, प्रेमचंद यादव की पत्नी का झूठ भी आया सामने

उत्तर प्रदेश के देवरिया में हुए जघन्य हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हत्याकांड में आरोपित पक्ष के प्रेमचन्द यादव की पत्नी ने पाँच लोगों की हत्या के आरोपितों को बचाने के लिए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की है। वहीं, जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि रामायण पाल ने उग्र भीड़ को हमले के लिए उकसाया था। बच्चों को एक जगह घसीट कर लाया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई।

प्रेमचंद यादव की पत्नी शीला यादव ने कहा था कि जब वह 2 अक्टूबर 2023 को सुबह चाय लेकर पहुँची तो उनके पति प्रेमचन्द यादव के फोन पर किसी का कॉल आया। इसके बाद वे उठकर चले गए। अब पुलिस जाँच में सामने आया है कि कथित समय पर प्रेमचन्द को कोई फ़ोन नहीं आया था। मृतक की पत्नी झूठ बोल रही हैं।

पुलिस ने इस दावे की पड़ताल के लिए प्रेमचन्द यादव के नम्बर की CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाया है। इसमें यह स्पष्ट हो गया कि प्रेमचन्द यादव के फ़ोन पर 1 अक्टूबर 2023 की रात से 2 अक्टूबर 2023 की सुबह तक कोई फ़ोन नहीं आया था। पुलिस ने प्रेमचन्द का फोन अभी बरामद नहीं किया है, नम्बर की जाँच में यह जानकारी सामने आई है।

पड़ोसी रामायण ने उकसाया, बच्चों को घसीट लाए

दैनिक जागरण के अनुसार, जाँच में यह बात भी सामने आई है कि सत्य प्रकाश दुबे के पड़ोसी रामायण पाल के ललकारने पर आरोपित उग्र हुए थे और घर में घुसकर सत्य प्रकाश और उनके परिवार की हत्या की थी। नरसंहार के मुख्य आरोपित फतेहपुर के टोला अभयपुर के रहने वाले नवनाथ मिश्रा ने पुलिस को यह जानकारी दी है।

सत्यप्रकाश के घर पहुँची भीड़ ने उनके पूरे परिवार पर ईंट-पत्थर और धारदार हथियारों से हमला किया था। मरने वालों में सत्य प्रकाश दुबे, उनका बेटा गाँधी, बेटी सलोनी, बेटी नंदिनी और पत्नी किरण शामिल है। सत्य प्रकाश के पुत्र अनमोल को भीड़ ने मरा समझ कर छोड़ दिया था। अभी उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि सत्य प्रकाश दुबे के दरवाजे पर प्रेमचंद यादव क्या करने गया था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेमचंद की हत्या के बाद पड़ोसी रामायण ने फोन करके अभयपुर के लोगों को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद भारी संख्या में पहुँचे लोग सत्य प्रकाश दुबे के घर पर पहुँचे और शव को देखकर 15 मिनट तक रोते रहे।

इसी दौरान पड़ोसी रामायण पाल ने कहा कि ‘क्या रो रहे हो, दुबे परिवार के सभी आरोपित घर में ही छिपे हैं’। इतना सुनते ही लोग भड़क उठे और फिर सत्य प्रकाश के मकान पर पथराव और तोड़फोड़ करने लगे। इसके बाद घर में घुसकर दुबे के परिजनों की हत्या करने लगे। जब बच्चों ने छिपने का प्रयास किया तो उन्हें खींच एक जगह लाया गया और फिर मार दिया गया।

क्या है मामला

गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को देवरिया जनपद के रुद्रपुर के फतेहपुर लेहड़ा गाँव में हत्याकांड हुआ था, जहाँ एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई थी। यह हत्या दबंग पक्ष के लोगों ने जमीन विवाद में मार दिया था। इसके पहले दबंग परिवार में एक हत्या कर दी गई थी। इस तरह पूरी घटना में कुल 6 लोग मारे गए।

जानकारी के अनुसार, दबंग पक्ष प्रेमचन्द यादव और पीड़ित परिवार सत्य प्रकाश दुबे के बीच लम्बे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। प्रेमचन्द 2 अक्टूबर को सुबह सत्य प्रकाश के घर पहुँचे थे, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी, मारपीट हुई और फिर हत्या की बात कही जा रही है।

प्रेमचन्द की हत्या की खबर सुनकर उनका छोटा भाई रामजी यादव, पिता रामभवन यादव और ड्राईवर नवनाथ मिश्रा उर्फ़ पट्टू समेत बड़ी संख्या में भीड़ सत्य प्रकाश के घर पर पहुँच गई थी। नवनाथ मिश्रा ने दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी। मिश्रा ने दुबे की बेटी सलोनी को भी गोली मारी थी, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार होने वालों में मृतक प्रेमचन्द यादव का छोटा भाई रामजी यादव, उसका पिता रामभवन यादव और ड्राइवर एवं हत्याकांड का मुख्य आरोपित नवनाथ मिश्रा भी शामिल हैं।

इस कांड के बाद प्रेमचन्द यादव की दबंगई की बातें सामने आई थीं। यह भी सामने आया था कि उनका घर जमीन पर कब्जा करके बनवाया गया है। प्रेमचन्द यादव का घर बुलडोजर से गिराने की माँग की गई थी। इसको लेकर पुलिस और राजस्व विभाग ने उसके घर की दो बार पैमाइश भी की थी।

इस पैमाइश का सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया है। सपा कार्यकर्ताओं के इस विरोध के कारण पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा था। इस घटना के बाद अब फतेहपुरा गाँव में जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने धारा 144 लागू कर दी है।

‘वन्दे भारत’ के बाद अब भगवा ‘साधारण’ एक्सप्रेस ट्रेन, डिजाइन वही लेकिन किराया होगा कम: जल्द होगा ट्रायल, जानिए इंजन से लेकर डिब्बों तक के बारे में

भारतीय रेलवे जल्द ही आम आदमी के लिए नई ‘वन्दे साधारण एक्सप्रेस’ चलाने वाला है। इस ट्रेन को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह ट्रेन आपको पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी।

प्रीमियम ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ चालू करने के बाद भारतीय रेलवे ने साधारण ट्रेनों में यात्रा करने वालों के लिए जुलाई में घोषणा की थी। बताया गया था कि इन ट्रेनों को ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ जैसा ही बनाया जाएगा। यह नॉन-AC ट्रेन होंगी और इनका किराया भी ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ से कम होगा। इन ट्रेनों को अभी ‘वन्दे साधारण’ ट्रेन कहा जा रहा है।

अब इन ट्रेनों के बारे में और जानकारी सामने आई है। सबसे पहली ट्रेन की तस्वीरें भी सामने आई हैं। बताया गया है कि इन ट्रेनों में कुल 22 डिब्बे होंगे। 22 में से 12 डिब्बे स्लीपर, 8 डिब्बे द्वितीय श्रेणी (बैठने वाले) और 2 डिब्बे लगेज रैक के होंगे।

इस ट्रेन में दोनों तरफ एक-एक इंजन लगाया जाएगा। ट्रेन को पुश-पुल तकनीक पर चलाया जाएगा ताकि यह ज्यादा रफ़्तार में चले। पुश-पुल के अंतर्गत आगे वाला इंजन गाड़ी को खींचता है जबकि पीछे लगा हुआ इंजन धक्का लगाता है। यह ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ से अलग तकनीक है। वन्दे भारत में इंजन के लिए अलग से कोई कोच नहीं होता बल्कि सभी डिब्बे ‘सेल्फ-प्रोपेल्ड’ (खुद से चलने वाले/स्वचालित) होते हैं।

इस ट्रेन के दोनों इंजन WAP-5 सीरीज के होंगे। यह इंजन भारतीय रेलवे की मध्यम दूरी की तेज चलने वाली गाड़ियों में लगाए जाते हैं। इस ट्रेन की अधिकतम रफ़्तार 130 किलोमीटर/घंटा होगी जबकि ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ 160 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार से चलने में सक्षम हैं।

इस ट्रेन का डिजाइन भी अभी चलने वाली अन्य ट्रेनों से अलग होगा। इन ट्रेनों को ‘वन्दे भारत’ की तरह ही अलग तरीके से डिजाइन किया जाएगा। अभी सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि पहली ‘वन्दे साधारण’ ट्रेन को भगवा और ग्रे रंग में रंगा गया है।

भगवा रंग का इस्तेमाल इससे पहले केरल के कासरगोड से तिरुवनंतपुरम के बीच चलने वाली ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस‘ में किया गया था। इसकी सोशल मीडिया पर लोगों ने काफी तारीफ़ की थी। इस ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर माह के अंत तक शुरू हो जाने की आशा की जा रही है।

इंजन और ट्रेन के सभी डिब्बों के तैयार होने के बाद इसका ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल में सब कुछ सही रहने पर इसको आम जनता के लिए चलाया जा सकता है। अभी यह पक्का नहीं है कि इसका नाम ‘वन्दे साधारण’ ही होगा या फिर ट्रेन को चालू करते समय कोई बदलाव किया जाएगा।

‘वन्दे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने के बाद लगातार यह माँग की जा रही थी कि कम पैसे में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी रेलवे अच्छी सुविधाओं वाली आरामदायक ट्रेन लेकर आए। इसी को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन बनाई गई हैं।

भारत में पहली ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ फरवरी 2019 में नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलाई गई थी। इसके पश्चात ट्रेन में और सुधार करके ‘वन्दे भारत 2.0’ लाई गई थी। अब तक 34 ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ चलाई जा चुकी हैं। अभी चलाई जाने वाली ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ में केवल चेयरकार (कुर्सीयान) ही होते हैं जबकि भविष्य में इसमें स्लीपर डिब्बे भी होंगे। रेलवे ने यह योजना बनाई है कि आने वाले समय में देश में 200 नई ‘वन्दे भारत एक्सप्रेस’ चलाई जाएँ। इसके लिए निविदाएँ भी जारी कर दी गई हैं।