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‘समझो वो यार का सताया हुआ है… ‘: पढ़ाने की बजाय ठुमके लगाती हैं सरकारी स्कूल की शिक्षिकाएँ, रील्स लाइक करने के लिए छात्रों की पिटाई भी

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में स्थित एक स्कूल की शिक्षिकाओं पर सोशल मीडिया रील्स को लाइक और शेयर करने के लिए विद्यार्थियों पर दबाव डालने का आरोप लगा है। विद्यार्थियों का कहना है कि पोस्ट लाइक और शेयर नहीं करने पर टीचर मारने की धमकी देती हैं। इस पूरे मामले में विद्यार्थियों के माता-पिता ने कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील अंतर्गत खुंगावली गाँव के सरकारी प्राथमिक स्कूल का है। आरोप है कि स्कूल में तैनात 4 महिला शिक्षक बच्चों को पढ़ाने की जगह दिनभर इंस्टाग्राम रील्स और वीडियो बनाने में व्यस्त रहती हैं। इस दौरान स्कूल के पुरुष टीचर कैमरा पकड़कर वीडियो बनाते हैं। फिर इन वीडियो को एक यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया जाता है।

आरोपित महिला टीचर्स ने जिन गानों पर रील्स बनाई हैं वह शिक्षा या ज्ञान से जुड़े नहीं, बल्कि शराब से लेकर इश्क-मोहब्बत से जुड़े हुए हैं। इनमें से एक गाना है ‘शराब पीते-पीते जिसके हाथ काँपते हों, समझो वो यार का सताया हुआ है’। वहीं, एक अन्य गाना है ‘खबर ये आई है बहारों से कोई तुमसा नहीं…’। इसी तरह ‘घर आजा परदेशी’ और ‘मैं नाचूँ आज छम-छम’ जैसे गानों में रील्स बनाई जा रही हैं।

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय की एक छात्रा का कहना है कि स्कूल टाइम में ही टीचर रील्स बनाती हैं और बच्चों से कहती हैं ‘लाइक और शेयर करो, नहीं करोगे तो मारेंगे’। एक अन्य छात्रा का आरोप है कि टीचर रील्स बनाने के साथ ही उससे रोटियाँ और अन्य लड़कियों से चाय बनवाती हैं।

छात्रा ने यह भी कहा कि चाय बनवाने के बाद वह बर्तन साफ करने के लिए कहती हैं। वहीं, सातवीं क्लास के एक छात्र ने कहा कि रील्स बनवाने के अलावा टीचर ने एक बार उससे टॉयलेट में पानी डलवाया था। कहा था कि 2 रुपए वाली बिस्किट खिलाएँगी, लेकिन ये सब गाँव के लोगों को मत बताना।

वहीं एक अन्य छात्र ने कहा कि जब लड़के हेम सिंह सर को बुलाने जाते हैं तो वो कहते हैं कि पहले जलेबी ख़ालूँ फिर आता हूँ। महिला टीचर्स के रील बनाते समय हेम सर मोबाइल पकड़ते है। पूजा, अंबिका गोयल, नीतू कश्यप और पूनम सिंह मैडम नाचती हैं।

हालाँकि आरोपित टीचर्स ने खुद पर लगे इन आरोपों की जानकारी होने से भी इनकार किया है। कलेक्टर से शिकायत के बाद मामले की जाँच खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी आरती गुप्ता को सौंपी गई है। गुप्ता ने कहा कि वह जाँच कर रही हैं। जाँच पूरी होने के बाद ही कुछ कह पाएँगी।

हल्दी किसानों के लिए ‘National Turmeric Board’, जनजातीय देवियों सम्मक्का-सारक्का के नाम पर ट्राइबल यूनिवर्सिटी: तेलंगाना में PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (1 अक्टूबर, 2023) को तेलंगाना में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और विशाल जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में तेलंगाना के लोगों ने लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनाव में भाजपा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यहाँ जो जनसैलाब दिख रहा है, उससे वो आश्वस्त हैं कि तेलंगाना के लोगों ने बदलाव का अपना इरादा पक्का कर लिया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने जनता से स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़ने का आह्वान करते हुए ये भी कहा कि वे भी 1 घंटा निकाल कर इस अभियान में शामिल हों। प्रधानमंत्री ने इस दौरान एक बड़ी घोषणा की कि भारत सरकार मुलुगु जिले में जो सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना करने जा रही है, उसका नाम जनजातीय देवियाँ सम्मक्का-सारक्का के नाम पर रखा जाएगा। महबूबनगर में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर के जरिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में आवाजाही बहुत आसान होने वाली है।

उन्होंने बताया कि इसके कारण इन तीनों राज्यों में व्यापार, पर्यटन और उद्योग-धंधों को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस दौरान कृष्णा स्टेशन से हैदराबाद (काचेगुडा) – रायचूर – हैदराबाद (काचेगुडा) ट्रेन सेवा का उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री ने 13,500 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने हल्दी किसानों के लिए ‘National Turmeric Board’ के गठन की बड़ी घोषणा भी की।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के बाद हल्दी की डिमांड बढ़ी, इसीलिए हल्दी किसानों को ये सरकार का बहुत बड़ा तोहफा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन सम्मक्का-सारक्का का जिक्र किया, उनका कोया जनजातीय समाज में बड़ा स्थान है और उनकी पूजा की जाती है। हर साल उनके सम्मान में त्योहार मनाया जाता है। पीएम ने कहा कि हम अपने अन्नदाताओं को सम्मान दे रहे हैं, उनकी मेहनत का सही मूल्य दे रहे हैं।

वहीं उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में कॉन्ग्रेस की सरकार के समय तेलंगाना के किसानों से धान की MSP पर खरीद पर 3400 करोड़ खर्च किए गए थे लेकिन भाजपा की सरकार में 1 साल में 27,000 करोड़ रुपए किसानों के लिए खर्च किए हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान जानकारी दी कि 2014 में एलपीजी कनेक्शनों की संख्या लगभग 14 करोड़ थी, अब यह बढ़कर 32 करोड़ से ज्यादा हो गई है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की धरती वीरांगनाओं की धरती है, यहाँ की माताओं-बहनों के वोट ने मोदी को मजबूत किया है, जिसने देश भर की महिलाओं को सशक्त किया।

कनाडा की राह पर पाकिस्तान, भारत और R&AW पर मढ़ा मस्जिद के पास हुए धमाके का दोष: अब तक 60 की जा चुकी है जान

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 29 सितम्बर 2023 को मस्तुंग शहर में रबीउल अव्वल के जलसे के दौरान हुए विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। दरअसल, आत्मघाती हमलावर ने भीड़ में खुद को उड़ा लिया था। बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान में यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले जनवरी में पेशावर में हुए आत्मघाती हमले में 84 लोग मारे गए थे।

पाकिस्तान द्वारा पाले गए आतंकियों के भस्मासुर बन जाने पर अब पाकिस्तान सरकार ने इसका दोष भारत पर मढ़ना शुरू कर दिया। वहाँ की कार्यवाहक सरकार में मंत्री सरफराज बुगती ने भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) पर आरोप लगाते हुए कहा, “इस धमाके के पीछे रॉ है। हम एक देश के तौर पर सभी आतंकियों को खत्म करेंगे।”

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने भी छिपे शब्दों में बुगती वाले आरोप दोहराए। मुनीर ने कहा कि मस्तुंग में धमाका करने वाले पाकिस्तान और यहाँ के लोगों के दुश्मनों के भाड़े के लड़ाका थे। आसिम मुनीर इस दौरान बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में घायलों का हालचाल लेने पहुँचे थे।

यह कुछ-कुछ वैसा ही है जैसे बीते दिनों कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारतीय एजेंसियों पर लगाया था। भारत ने इसे नकारते हुए इसके ठोस सबूत सामने रखने को कहा था। हालाँकि, जस्टिन ट्रूडो ऐसा नहीं कर सके।

हालाँकि, बलूचिस्तान में होने वाले अधिकांश हमलों के पीछे बलोच लड़ाका समूहों का हाथ होता है। बलूचिस्तान की आजादी से चिढ़ी पाकिस्तानी सेना ना सिर्फ बलूच समूहों, बल्कि निर्दोष महिलाओं एवं बच्चों का भी दमन करती रहती है। यही कारण है कि ये समूह पाक सेना, सार्वजनिक स्थानों और चीनी नागरिकों पर भी हमले करते रहते हैं।

पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन के अनुसार, मस्तुंग में हुए धमाके में हमलावर मस्जिद के पास हो रहे जलसे में सुरक्षा के लिए लगी पुलिस की गाड़ी के पास पहुँच गया था, उसने वहीं पर खुद को उड़ा लिया, जिससे उस डीएसपी की भी मृत्यु हो गई जो उस गाड़ी में था।

पाकिस्तान के मंत्री भले ही इस आतंकी हमले का आरोप भारत पर लगाकर अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास किया हो, लेकिन वह इस संबंध में कोई भी सबूत सामने नहीं रख पाए। भारत लम्बे समय से पाकिस्तान के इन आरोपों का खंडन करता आया है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तून्ख्वाह राज्य में 29 सितम्बर को ही एक अन्य धमाके में पाँच लोगों की मौत हो गई थी। यह धमाका एक पुलिस थाने की मस्जिद को निशाना बनाकर किया गया था।

वर्तमान में पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति काफी बिगड़ी हुई है, बीते 24 घंटे में ही पाकिस्तान के प्रांत पंजाब के मियांवाली में भी एक आतंकी हमला हुआ, जिसमें एक पुलिसकर्मी मारा गया। इसके अतिरिक्त एक दिन पहले अफगानिस्तान सीमा से सटे झोब इलाके में हुए एक हमले में 4 सैनिक मारे गए थे।

‘मेरे साथ जो हुआ वो रेप से कम नहीं’: पहले कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीटा फिर पार्टी ने भी बाहर निकाला: अर्चना गौतम के बुजुर्ग पिता के साथ भी हुई थी बदसलूकी

कॉन्ग्रेस नेता अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ 29 सितंबर को दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर बदसलूकी हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद कॉन्ग्रेस ने अर्चना गौतम को पार्टी से बाहर कर दिया है। उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस का कहना है कि अर्चना को अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। लेकिन उन्होंने जवाब दिया। इसलिए 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।

दिल्ली में कॉन्ग्रेस कार्यालय के बाहर हुई घटना के बाद 30 सितंबर को पार्टी की ओर से जारी एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पूर्व विधायक औए कॉन्ग्रेस की अनुशासन समिति के सदस्य श्याम किशोर शुक्ला के नाम से वायरल लेटर में 8 जून, 2023 की तारीख लिखी हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल लेटर

इस लेटर में कहा गया है कि अनुशासनहीनता के लिए अर्चना गौतम को 31 मई, 2023 को पत्र भेजा गया था। इस पत्र में एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था। लेकिन जवाब नहीं दिया गया। इसलिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के किए निष्कासित किया जाता है।

इसको लेकर मेरठ से कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला का कहना है कि अर्चना गौतम को पार्टी ने जून में ही निष्कासित कर दिया था। वहीं दिल्ली से कॉन्डली सीट से कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक अमरीश सिंह गौतम ने भी सोशल मीडिया पर यूपी कॉन्ग्रेस द्वारा जारी लेटर शेयर किया। साथ ही उन्होंने लिखा कि अर्चना गौतम को 6 साल पहले पार्टी से बाहर किया जा चुका है। वह पब्लिसिटी स्टंट करने के लिए पार्टी कार्यालय गईं थीं।

हालाँकि, इन तमाम बातों के बीच राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक में इस बात की चर्चा है कि कॉन्ग्रेस ने अर्चना गौतम को अभी निष्कासित कर पुरानी डेट का लेटर जारी किया है। इस बीच खबर है कि 30 सितंबर को मेरठ कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्चना गौतम के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दी है। इसमें कहा गया है कि अर्चना लोगों को फर्जी केस लगाने की धमकी देकर डराती हैं।

‘मेरे साथ जो हुआ वो रेप से कम नहीं’: अर्चना गौतम

वहीं कॉन्ग्रेस कार्यालय में हुई घटना को लेकर अर्चना गौतम ने कहा कि वह तो महिला आरक्षण बिल पास होने की बधाई देने गई थी। लेकिन वहाँ उनके साथ अचानक से क्या होने लगा यह उन्हें समझ नहीं आ रहा था। वह भागकर किसी सुरक्षित स्थान में जाना चाहती थीं म लोगों से मदद की गुहार लगा रहीं थीं। लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।

अर्चना ने आगे कहा है कि हो सकता है कि उनका प्लान रहा हो कि इस भीड़ में उनका मर्डर हो जाए। वहाँ मौजूद लोग कुछ भी कर सकते थे। एसिड भी डलवा सकते थे। कॉन्ग्रेस कार्यालय में जो कुछ हुआ वह ऑन रोड रेप से कम नहीं है। अर्चना का दावा है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं से बचने के लिए वह वहाँ खड़ी गाड़ियों के दरवाजे में हाथ मार रहीं थीं। लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। ये सब कुछ होने के बाद पार्टी की ओर से किसी ने फोन कर उनका हाल भी नहीं पूँछा।

बता दें कि 29 सितंबर को अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ बदसलूकी कर रही है। इस दौरान उनके पिता जमीन पर गिर जाते हैं। अर्चना गौतम अपने पिता के लिए पानी माँगती हुई मिन्नतें करती हैं, लेकिन कोई पानी तक नहीं देता। वीडियो में उन्हें चीखते-चिल्लाते हुए भी देखा जा सकता है।

अर्चना गौतम का दावा है कि वह संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ पास होने पर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गाँधी को बधाई देने पहुँची थी। गौरतलब है कि अर्चना गौतम ‘बिग बॉस 16’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस की टिकट पर हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। पार्टी ने उन्हें प्रियंका गाँधी के अभियान ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का चेहरा भी बनाया था। लेकिन अब कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्चना और उनके पिता के साथ बदसलूकी कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

हज के नाम पर जाते हैं, भीख माँगते हैं… सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट से 16 पाकिस्तानियों को उतारा गया, खाड़ी मुल्क में 90% भिखारी पाकिस्तान के

पाकिस्तान के मुल्तान शहर से सऊदी अरब जा रहे प्लेन से 16 भिखारियों को ज़बरदस्ती नीचे उतार दिया गया। इन लोगों पर आरोप है कि ये उमराह करने के नाम पर पाकिस्तान से सऊदी अरब जाते हैं, वहाँ वो भीख माँगकर देश को शर्मिंदा करते हैं। इस बारे में एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब में उमराह के लिए जाने वाले अधिकांश पाकिस्तानी केवल भीख माँगने के लिए जाते हैं। अधिकारी ने कहा कि ये लोग सऊदी अरब में अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के साथ रहते हैं और उन्हें भीख माँगने के लिए भेजते हैं। इस मामले का खुलासा पाकिस्तानी सीनेट की एक बैठक के दौरान हुआ।

सीनेट की स्टैंडिंग कमेटी के सामने खुलासा, शर्मिंदा हुए पाकिस्तानी

पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना दो दिन पहले की है जिसमें 16 लोगों को प्लेन से उतारा गया। पाकिस्तान के मुल्तान एयरपोर्ट पर जिस ग्रुप को प्लेन से उतारा गया है, उसमें एक बच्चा, 11 महिलाएँ और चार पुरुष शामिल हैं। ये उसी ग्रुप का हिस्सा है, जो उमराह के नाम पर सऊदी अरब जाकर भीख माँगते हैं। इस बारे में पाकिस्तानी सीनेट की ओवरसीज पाकिस्तानियों के मामले की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में विभाग के सेक्रेटरी जीशान खानजादा ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि सऊदी अरब और अन्य मिडिल ईस्ट देशों में जाकर पाकिस्तानी भीख माँगते हैं।

अधिकारी ने कहा कि इन लोगों ने सऊदी अरब में भीख माँगने के लिए एक संगठित प्रणाली विकसित कर ली है। वे सऊदी अरब में रहने वाले पाकिस्तानियों और अन्य मुस्लिम देशों के निवासियों से भीख माँगते हैं।

घूस देकर भी मिडिल ईस्ट जाने को तैयार हैं पाकिस्तानी

खानजादा ने कहा कि इस बारे में इराक और सऊदी अरब के राजनयिक तक शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने कहा पाकिस्तानी कैदियों की वजह से जेलों के भरने की शिकायत की है, क्योंकि पाकिस्तानी अवैध तरीकों से भी इन देशों में घुस रहे हैं। इसके लिए पाकिस्तान के लोग 5 लाख रुपए घूस तक देने के लिए तैयार हैं कि उन्हें पाकिस्तान से बाहर किसी देश में घुसने का मौका मिल सके। एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कमिटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे राणा महमूदुल हसन काकर ने कहा कि जापान में जब 3.40 लाख स्किल्ड लोगों की जरूरत थी, तब सिर्फ 200 पाकिस्तानी ही वहाँ गए थे, वो भी तब जब पाकिस्तान में 50 हजार से ज्यादा इंजीनियर बेरोजगार घूम रहे हैं।

सभी नहीं जाते भीख माँगने

अधिकारी ने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए पाकिस्तान सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को भीख माँगने को अपराध बनाना चाहिए और उन लोगों को सजा देनी चाहिए जो इसमें शामिल हैं। पाकिस्तान में कुछ लोगों ने अधिकारी के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक सऊदी अरब में उमराह करने के लिए जाते हैं और वे केवल भीख माँगने के लिए नहीं जाते हैं। सऊदी अरब में लोगों ने पाकिस्तानी अधिकारी के आरोपों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह समस्या दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रभावित कर सकती है।

90 प्रतिशत भिखारी पाकिस्तानी

सऊदी अरब सरकार भी इस समस्या से अवगत है। सऊदी अरब सरकार ने भीख माँगने वालों पर नकेल कसने के लिए कदम उठाए हैं। सऊदी अरब सरकार ने भीख माँगने वालों को गिरफ्तार करने और उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया है। बता दें कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच उमराह यात्रा के लिए एक समझौता है। इस समझौते के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को सऊदी अरब में उमराह करने के लिए वीजा मिलता है। हालाँकि, अब सामने आ रहा है कि सऊदी अरब में भीख माँगने वाले 90 प्रतिशत लोग पाकिस्तानी हैं।

राम-राम भाई सारे ने… जानें कौन है वो फिटनेस इन्फ्लुएंसर, जिसके साथ PM मोदी ने वीडियो बना कर दिया स्वच्छता का सन्देश: गीता और शिव पुराण पढ़ते हैं अंकित बैयनपुरिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छांजलि’ कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार (1 अक्टूबर, 2023) को श्रमदान किया। इसका वीडियो उन्होंने शेयर किया है। वीडियो में वह सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अंकित बैयनपुरिया के साथ नजर आए। इस दौरान पीएम मोदी ने अंकित से बात की। वीडियो में दोनों को झाड़ू लगाकर सफाई करते देखा जा सकता है।

पीएम मोदी ने ’75 डे हार्ड चैलेंज’ पूरा करने वाले अंकित बैयनपुरिया से बातचीत और स्वच्छता अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। साथ ही लिखा, “आज देश स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। मैंने और अंकित बैयनपुरिया ने भी वही किया है। स्वच्छता के अलावा, हमने इसमें फिटनेस और खुशहाली पर भी बात की है। यह सब स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिए है।”

वीडियो की शुरुआत में पीएम मोदी अंकित से बात करते हुए कहते हैं, “राम-राम सारा नै। अंकित आज हम आपसे कुछ सीखेंगे। फिटनेस के लिए आप इतनी मेहनत करते हैं. उसमें ये स्वच्छता अभियान कैसे मदद करेगा?” इसके जवाब में अंकित कहते हैं, “वातावरण को स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है। वातावरण स्वच्छ तो हम स्वस्थ हैं।”

इसके बाद पीएम मोदी अंकित से उनके जिले सोनीपत और उसके गाँवों में स्वच्छता के प्रति लोगों का विश्वास कैसा है। इस पर अंकित कहते हैं कि अब लोग थोड़ा सा ज्यादा ध्यान दे रहे स्वच्छता की तरफ। फिर पीएम अंकित से उनकी फिजिकल एक्टिविटी के लिए टाइम देने को लेकर सवाल करते हैं। इसके जवाब में अंकित कहते हैं कि वह दिन में चार से पाँच घंटे फिजिकल एक्टिविटी करते हैं। अंकित ने कहा कि वह पीएम मोदी को देखकर भी मोटिवेट होते हैं।

इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक्सरसाइज कम कर पाते हैं, लेकिन इससे अधिक वह अनुशासन पर ध्यान देते हैं। हालाँकि, आजकल वह खाने की टाइमिंग और सोने में अनुशासन नहीं कर पा रहे हैं। इसके बाद अंकित कहते हैं कि पूरे देश को सुलाने के लिए आपको जागना पड़ता है। फिर पीएम मोदी ने कहा कि आपने सोशल मीडिया का पॉजिटिव तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। ये आपने दिखाया है। आपके कारण काफी युवा और बड़ी-बड़ी जिम में जाने वाले लोग भी अब आपको फॉलो करते हैं।

पीएम मोदी ने कहा है कि उन्होंने भारत मंडपम में भी एक दीवार में योग के सभी आसन बताए गए हैं। उसमें एक क्यूआर भी लगा है, जिसे स्कैन कर उस आसन की जानकारी हासिल की जा सकती है। पीएम ने अंकित से उनके ’75 डे हार्ड चैलेंज’ को लेकर भी बात की। अंकित ने कहा कि इसमें 5 नियमों का पालन करना पड़ता है। पहला यह कि दो टाइम वर्क आउट।

दूसरा कम से कम 4 लीटर पानी, तीसरा एक बुक पढ़नी है कम से कम 10 पेज, पहले उन्होंने श्रीमद्भागवत गीता पढ़ी थी अब शिवपुराण पढ़ रहे हैं। चौथा नियम स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करनी है और पाँचवा नियम अपनी प्रोग्रेस देखने के लिए सेल्फी लेनी है। इस दौरान अंकित बैयनपुरिया को पीएम के साथ सेल्फ़ी लेते भी देखा जा सकता है।

कौन है अंकित बैयनपुरिया

‘राम-राम भाई सारा नै’ की टैग लाइन के लिए मशहूर अंकित बैयनपुरिया एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 50 लाख फॉलोवर्स और यूट्यूब पर 17 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। डिलीवरी बॉय से प्रधानमंत्री मोदी से मिलने तक का सफर तय करना अंकित के लिए आसान नहीं था।

हरियाणा के सोनीपत जिले के बयानपुर गाँव के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे अंकित बैयनपुरिया का असली नाम अंकित सिंह है। लेकिन अपने गाँव के नाम बयानपुर के चलते उन्होंने नाम बदलकर अंकित बैयनपुरिया रख लिया। अंकित के पिता किसान और माँ हाउस वाइफ हैं।

अंकित बैयनपुरिया ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई बयानपुर लहरारा के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद 11वीं और 12वीं के लिए वह सोनीपत चले गए, जहाँ एक सरकारी स्कूल में एडमिशन लेकर आर्ट से 12वीं पास की। इसके बाद महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक से आर्ट में ही ग्रेजुएशन भी किया।

अंकित बैयानपुरिया ने यूँ तो साल 2013 में यूट्यूब चैनल बनाया था, लेकिन 4 साल बाद यानी साल 2017 में उन्होंने अपना पहला वीडियो अपलोड किया था। उनके इस चैनल का नाम ‘हरियाणवी खागड़’ था। इसमें वह फनी वीडियो शेयर किया करते थे। हालाँकि, साल 2020 कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान उन्होंने फनी वीडियो की जगह फिटनेस, वर्कआउट और डाइट से जुड़े वीडियो बनाने शुरू किए। इसके साथ ही उन्होंने अपने चैनल का नाम बदलकर ‘Ankit Baiyanpuriya’ कर दिया।

इसके बाद अंकित लगातार फिटनेस को लेकर वीडियो बनाते गए और धीरे-धीरे उनके चैनल पर सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ती गई। वह अपने चैनल पर पारंपरिक कुश्ती, रस्सी के सहारे चढ़ने और दौड़ने समेत अन्य चीजों की ट्रेनिंग भी देते हैं। इसके अलावा वह अपने गाँव बायनपुर में कोच कृष्णा पहलवान के साथ भी ट्रेनिंग करते हैं। इसी साल जून में उनके यूट्यूब पर 1 लाख सब्सक्राइबर पूरे हुए थे। इसके चलते उन्हें सिल्वर प्ले बटन मिला था।

इसके बाद, 27 जून, 2023 को अंकित बैयनपुरिया ने ’75 डे हार्ड चैलेंज’ की शुरुआत की। यह चैलेंज साल 2020 में अमेरिकी बिजनेसमैन और लेखक एंडी फ्रिसेला ने शुरू किया था। उन्होंने यह चैलेंज 11 सितंबर को पूरा किया था। इस चैलेंज के दौरान अंकित सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। फिर क्या था, देखते ही देखते उनके इंस्टाग्राम पर फ़ॉलोअर्स की संख्या लाखों के पार पहुँच गई। उन्होंने एक महीन के अंदर ही 3.7 मिलियन फ़ॉलोअर्स का आँकड़ा पार कर लिया था। यह सिलसिला 5 मिलियन फॉलोवर्स पूरे होने के बाद भी जारी है।

45 नहीं, अब मात्र 14 मिनट में सफाई: ‘वन्दे भारत’ में भारत दोहराएगा जापान वाला ‘चमत्कार’, रेल मंत्री ने किया शुभारंभ

भारतीय रेलवे अब अपनी नई वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को 14 मिनट में साफ़ करने की पहल शुरू की गई है। साफ़-सफाई को लेकर रेलवे द्वारा पहली बार ऐसा कोई अभियान चालू किया जा रहा है। अभी इन ट्रेनों की सफाई में अधिक समय लगता है।

इसकी शुरुआत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 अक्टूबर से कर दी है। इसके अंतर्गत देश में चलने वाली 34 वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को उनकी यात्रा समाप्त होने के बाद मात्र 14 मिनट में साफ़ किया जाएगा। अभी इस काम में कम से कम 45 मिनट लगते हैं।

’14 मिनट में चमत्कार’ वाली यह योजना देश भर के 29 स्टेशनों पर लागू की जाएगी, जहाँ से यह 29 वन्दे भारत ट्रेन चलती हैं। यह अभियान रविवार से शुरू होकर आगे जारी रहेगा और इसे कुछ महीनों के बाद अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा।

इससे साफ़ सफाई में लगने वाला समय भी बचेगा और साथ ही ट्रेने अपनी अगली यात्रा के लिए जल्दी तैयार हो सकेंगी। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जापान की बुलेट ट्रेनों को मात्र सात मिनट में साफ़ किया जाता है। इसे ‘सात मिनट में चमत्कार’ कहा जाता है। इसके अंतर्गत जापानी बुलेट ट्रेनों को साफ़ करने वाले कर्मचारी ट्रेन की सभी कुर्सियों, मेजों और पर्दों को सही करने के साथ ही सीटों को दूसरी दिशा यानी यात्रा की दिशा में भी घुमाते हैं।

दिल्ली, चेन्नई, राँची समेत अन्य स्टेशनों पर इस पहल का सफलतापूर्वक उदाहरण जनता के सामने रखा गया। वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को ‘वन्दे वीर’ (वन्दे भारत ट्रेन की सफाई करने वाले कर्मचारियों को यह नाम दिया गया है।) द्वारा कुशलतापूर्वक साफ़ किया गया।

दूसरे मजहबों पर बनाया ऐसा कार्टून तो जीवन से हो जाएँगे ‘आज़ाद’: उज्जैन में रेप पर हिन्दू घृणा वाला प्रोपेगंडा, मदरसों में यौन शोषण पर कभी बनाया मस्जिद को निशाना?

उज्जैन का जो वीडियो सामने आया है और जिस प्रकार उस बच्ची को अपने अंगों को ढककर इतने किलोमीटर चलना पड़ा, उससे हर कोई स्तब्ध है। हर कोई जैसे प्रश्न पूछ रहा है कि आखिर यह क्या था और यह क्यों है? इस मामले में जो सबसे अधिक सीमा पार की है, वह की है कथित सेक्युलर लोगों ने, क्योंकि एक तो नगरी है महाकाल की उज्जैन और दूसरा वहाँ पर भाजपा की सरकार है। जहाँ पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार होती है, वहाँ के अपराधों पर शोर और गैर-भाजपा सरकारों के यहाँ हो रहे अपराधों पर चुप्पी इनकी विशेषता होती है।

हाल ही में केरल में एक नहीं बल्कि 2 बच्चियों के साथ बलात्कार की घटना हुई। एक की हत्या कर दी गई मगर एक बच गई। फिर भी मीडिया में इन घटनाओं की चर्चा नहीं है और दोनों ही घटनाओं में आरोपित पहले भी अपराधों के कारण जेल जा चुके थे। फिर भी मीडिया में इन मामलों को लेकर शोर नहीं होता। शोर केवल तभी होता है जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार वाला राज्य हो। जैसे ही इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, उसके बाद ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के कार्टूनिस्ट ने हिन्दुओं को लेकर एक निहायत ही अपमानजनक कार्टून पोस्ट किया।

इसमें हिन्दुओं को गौमाता की पूजा करते हुए और बच्ची को एक तरफ जाते हुए दिखाया गया था। ऐसा दिखाया था जैसे कि हिन्दुओं की पूजा के कारण ही इस बच्ची के साथ यह हुआ हो। इस कार्टून के बाद लोगों ने प्रश्न किया कि पहले जाँच तो लेते? यह कार्टून पूरी तरह से हिन्दुओं के प्रति घृणा से भरा कार्टून था। मगर इससे क्या फर्क पड़ता है! क्या उज्जैन में केवल हिन्दू ही रहते हैं? या फिर महाकाल की नगरी होने के कारण ऐसा किया गया?

खैर, यह कथित सेक्युलर कलाकारों की चाल होती है। सभी को कठुआ वाला मामला याद होगा, जिसमें कला का प्रयोग बच्ची को न्याय दिलाने के स्थान पर महादेव के विकृत चित्र साझा करने आरम्भ कर दिए गए थे। यह भी देखा जाना चाहिए कि जो शोर मचा रहे हैं क्या वह वास्तव में न्याय के लिए है या फिर राजनीतिक अकाउंट सेटल करने के लिए? राजस्थान में एक बच्ची को भट्ठी में मारकर डाल दिया गया था, परन्तु न्याय के लिए शोर मचाने वाले लोग उधर नहीं पहुँचे थे।

मदरसों में यौन शोषण के इतने मामले आते हैं, मगर क्या कभी किसी कार्टूनिस्ट ने या किसी कलाकार ने मस्जिद को निशाना बनाया? क्या उनके मजहबी यकीनों पर कार्टून बनाए? नहीं बनाए! और न ही बनाएँगे! क्योंकि हिन्दू धर्म के अतिरिक्त किसी और धार्मिक मत पर कुछ कहने का, अपमान करने का परिणाम उन्हें पता है। उन्हें पता है कि जिस अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात वह दिनभर करते हुए हिन्दू धर्म को कोसते हैं, उसे यदि किसी और मत के लिए प्रयोग कर लिया तो वह जीवन से ही कहीं आजाद न हो जाएँ।

क्रान्ति का अर्थ केवल हिन्दू धर्म को कोसा जाना न हो कर रह जाए, यह सुनिश्चित करना होगा और हिन्दू धर्म से घृणा करने वाले लोग अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी केवल हिन्दुओं तक ही सीमित न करें, यह आवाज बार-बार उठानी होगी।

जिसने रची 26/11 की साजिश, उसे ‘अज्ञात बंदूकधारियों’ ने मार डाला: पाकिस्तान में 2 आतंकी मौलानाओं की हत्या, हाफिज सईद के बेटे के मारे जाने की भी खबर

पाकिस्तान में रहकर भारत में हमले करवाने वाले आतंकी अब डर के साये में जी रहे हैं। पाकिस्तान आए दिन बाइक सवार हमलावर किसी ना किसी आतंकी की गोली मारकर हत्या कर रहे हैं। सबसे ताजा उदाहरण पाकिस्तान के कराची में मारे गए आतंकी कैसर फारूक का है। खबर यह भी है कि आतंकी हाफिज सईद का बेटा भी मार दिया गया है।

कैसर फारूक वर्ष 2008 में हुए मुंबई हमलों की साजिश रचने का आरोपित था। उसे 30 सितम्बर 2023 को कराची की एक व्यस्त सड़क के किनारे गोली मार दी गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। उसकी हत्या का एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है। वह आतंकी हाफिज सईद का करीबी था।

फारूक की हत्या को कराची की पुलिस ने लूट के दौरान हुई हत्या बताया है। कराची पुलिस द्वारा पाकिस्तानी अखबार डॉन को दी गई सूचना के अनुसार, फारूक की हत्या ‘मोटरसाइकल सवारों’ ने इसलिए कर दी, क्योंकि लूट के दौरान उनके पास कुछ नहीं मिला था।

फारूक की हत्या से मात्र कुछ दिन पहले ही एक अन्य आतंकी की भी कराची में ‘अनजान मोटरसाइकिल सवारों’ ने हत्या कर दी थी। 12 सितम्बर 2023 को कराची में लश्कर से जुड़े एक आतंकी मौलाना जियाउर रहमान की भी इसी तरीके से हत्या कर दी गई थी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, जियाउर रहमान कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में टहल रहा था, तभी बाइक पर सवार बंदूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी। कराची पुलिस को इस हत्या की जानकारी 12 सितम्बर को मिली थी, घटनास्थल से 11 गोलियाँ बरामद की गई थीं।

जियाउर रहमान की हत्या को पुलिस ने आतंकी हमला बताया था। रहमान लश्कर से लम्बे समय से जुड़ा था और मजहबी काम करता था। रहमान और फारूक की हत्या भी उसी तरह हुई है, जैसे मार्च में इंडियन एयरलाइन्स के विमान IC-814 का एक अपहरणकर्ता आतंकी मिस्त्री ज़हूर इब्राहिम की हुई थी। उसे भी बाइक सवार बन्दूकधारियों ने मारा था।

इसके अलावा, इसी वर्ष मई माह में खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवार और अल बद्र के आतंकी खालिद रजा की भी हत्या इसी तरह से हुई थी। अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि ये हत्याएँ गैंगवार का नतीजा है।

क्या हाफिज सईद का बेटा भी मारा गया?

सोशल मीडिया पर लगातार यह दावे किए जा रहे हैं कि लश्कर-ए-तैयबा और जमात उद दावा के सरगना और आतंकी हाफिज सईद का बेटा कमालुद्दीन सईद मार दिया गया है। पहले उसके कार सवार हमलावरों द्वारा अपहृत किए जाने की खबर आई थी।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह दावा किया है कि कमालुद्दीन को 26 सितम्बर 2023 को पेशावर से कुछ कार सवार हमलावरों ने अगवा कर लिया। कमालुद्दीन, हाफिज सईद का छोटा बेटा है। इस अपहरण के बाद ही यह दावा किया गया कि उसकी हत्या हो गई है।

29 सितम्बर को कई सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पहले ट्विटर) पर किए गए दावों में कहा गया कि कई दिनों तक गायब रहने के बाद अब हाफिज सईद के बेटे कमालुद्दीन की लाश बरामद हुई है। उसे अपहरणकर्ताओं ने मार दिया है।

हालाँकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के किसी भी समाचार पत्र या सरकारी एजेंसी ने इस अपहरण एवं हत्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कमालुदीन को लेकर लगातार अब कयास लगाए जा रहे हैं। इन सब के बीच हाफिज सईद जेल में है, उसे बीते वर्ष 33 वर्ष की कैद सुनाई गई थी।

कलावा पहनने पर हाथ तोड़ा, जबरन लगवाए ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे, जूठे बर्तन साफ़ कराए, देवी-देवताओं की तस्वीरें फाड़ी: कश्मीरी छात्रों का अत्याचार

झाँसी के बरुआसागर स्थित नवोदय विद्यालय के छात्र माइग्रेशन पर जम्मू-कश्मीर के राजौरी भेजे गए थे। वहाँ छात्र झाँसी आए हुए थे। 28 सितंबर को खबर आई कि झाँसी के बच्चों के साथ राजौरी में बदसलूकी हुई है, जिसके बाद झाँसी के बच्चों ने कश्मीरी छात्रों के साथ बदसलूकी की थी। मामला आगे बढ़ा तो जाँच बैठी और दोनों तरफ के छात्रों को उनके मूल स्कूल बुला लिया गया। राजौरी से वापस आए झाँसी नवोदय स्कूल के बच्चों ने आपबीती सुनाई, जिसमें एक छात्र का हाथ सिर्फ इसलिए तोड़ दिया गया था, कि उसने हाथ में कलावा पहना था।

यही नहीं, झाँसी स्कूल के छात्रों से राजौरी के छात्र जबरन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगवाते थे और विरोध करने पर उन्हें पीटते थे।

ये मामला सामने आने के बाद से प्रशासन भी हैरान है। कहाँ तो छात्रों को एक जगह से दूसरी जगह भेजा गया था सामाजिक अध्ययन के लिए, उनकी जीवनशैली को समझने के लिए, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए, लेकिन उनके साथ कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, वो हैरान करने वाला है। ‘अमर उजाला‘ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरसराय के नुनार खैर के निवासी छात्र दीपक कुमार ने बताया कश्मीरी छात्र उनसे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगवाते थे। मना करने पर पीटते थे और अपने जूठे बर्तन साफ कराते थे।

शिक्षक नहीं सुनते थे शिकायत, छात्र का हाथ तोड़ डाला

दीपक कुमार ने बताया कि वो शिक्षकों से शिकायत करते थे, तो वो स्थानीय छात्रों की ही सुनते थे। विपुल नाम के छात्र ने बताया कि भगवान की फोटो लगाने पर फाड़ दिया जाता था। एक छत्रा ऋतिक का हाथ तोड़ दिया, क्योंकि उसने हाथ में कलावा बाँधा था। झाँसी से 20 छात्रों को राजौरी भेजा गया था, लेकिन सभी बच्चे जो खुश होकर गए थे, वो परेशान होकर वापस आए हैं। इस मामले में स्कूल में छात्रों के साथ पूछताछ की गई, तो ये हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है।

28 सितंबर को हुआ था बवाल

बता दें कि 28 सितंबर को झाँसी के नवोदय विद्यालय में कश्मीरी छात्रों पर हमलों की खबरें मीडिया में आई थी, जिसमें बताया गया था कि कश्मीर में छात्रों के साथ दुर्व्यवहार से स्थानीय छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। इस हंगामे के बाद माइग्रेशन प्रोग्राम रद्द कर दिया गया, और दोनों ही तरफ के छात्रों को उनकी मूल जगह पर बुला लिया गया।