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जमीन पर पगड़ी, पेशाब में दाढ़ी, हँसती नर्सें… ब्रिटेन के अस्पताल में सिख रोगी के साथ होता था भेदभाव, धर्म के कारण किया प्रताड़ित

इंग्लैंड के एक अस्पताल में नर्सों ने एक सिख रोगी को प्रताड़ित किया, उसकी दाढ़ी को प्लास्टिक के दस्तानों से बाँधा और उसे मूत्र में छोड़ दिया। नर्सों ने सिख रोगी के साथ यह सलूक नस्लीय आधार पर किया।

सिख रोगी को ऐसा खाना दिया गया जो कि वह धार्मिक कारणों से खा नहीं सकता था। यह सारे खुलासे समाचार पत्र ‘द इंडिपेंडेंट‘ ने एक डोजियर के हवाले से किए हैं। यह डोजियर नर्सिंग एंड मिडवाईफरी काउंसिल (NMC) ने बनाया था। यह संस्था ब्रिटेन में सभी नर्सों और अस्पतालों में सेवाएं देने वाले सहायक स्टाफ की नियामक है।

इस डोजियर में ब्रिटेन के अस्पतालों में नस्लीय भेदभाव को लेकर जानकारी दी गई है। डोजियर में यह भी कहा गया है कि जिस सिख रोगी के साथ यह बदसलूकी हुई, उसकी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

रोगियों के साथ नस्लीय आधार पर अस्पतालों में भेदभाव करने वाली नर्सों एवं अन्य कर्मचारियों पर शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। भेदभाव करने वाले कर्मचारी लगातार नस्लीय आधार पर रोगियों को प्रताड़ित करते रहे।

जिस सिख रोगी को प्रताड़ित किया गया उसके परिवार को उसकी पगड़ी जमीन पर पड़ी मिली और दाढ़ी प्लास्टिक के दस्तानों से बाँधी हुई मिली। दाढ़ी और पगड़ी दोनों, ही सिख धर्म में पवित्र हैं। पगड़ी को जमीन पर ऐसी जगह डाला गया था जहाँ रोगी का हाथ नहीं पहुँच सकता था।

सिख रोगी ने यह सारी समस्या पंजाबी भाषा में लिखे एक नोट में बताई थी, बाद में इस रोगी की मृत्यु हो गई थी। उसने यह भी बताया कि उसको जानबूझकर अस्पताल के कर्मचारियों ने ऐसा खाना दिया जो कि वह धार्मिक कारणों से खा नहीं सकता था और उसके बुलाने पर भी कोई सहायता के लिए नहीं आता था। नर्सें भी उस पर हँसती थी।

इस मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपित नर्सें लगातार काम का रही हैं। प्रताड़ना का यह मामला सामने आने के बाद NMC ने इसको ऐसे ही रफा-दफा कर दिया और नर्सें छोड़ दी गईं। अब इस मामले की दोबारा जाँच की बात हो रही है।

सिख रोगी के साथ प्रताड़ना के अलावा ब्रिटेन के अस्पतालों में अश्वेत समुदाय के साथ भेदभाव की बात सामने आई हैं, जिसके अंतर्गत अस्पताल में काम करने वाले इस समुदाय के लोगों को समय पर प्रमोशन ना देने और प्रताड़ना के विरुद्ध बोलने ना देने के आरोप हैं। अस्पतालों में काम करने वाले अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भी भेदभाव होता रहा है।

NMC की रजिस्ट्रार एंड्रिया सुट्क्लिफ़ ने इस मामले पर कहा है, “मै इस बात के लिए माफ़ी माँगती हूँ कि किसी को भी NMC के अंतर्गत नस्लीय का सामना करना पड़ा है। हम NMC को नस्लीय भेदभाव से मुक्त संस्था बनाना चाहते हैं और उसके लिए अभी काफी काम बाकी है।”

जिनकी शादी में जलकर मर गए 100, अब अपने समाज को मुँह नहीं दिखाना चाहता वह जोड़ा: कहा- हादसे से हम शर्मिंदा, छोड़ देंगे शहर

इराक के उस ईसाई जोड़े ने अपने शहर को छोड़ने का फैसला किया, जिनकी शादी में जलकर 100 लोगों की मौत हो गई थी। इस जोड़े का कहना है ​कि वे हादसे से दुखी और शर्मिंदा हैं। अपने समाज को अब मुँह नहीं दिखाना चाहते।

इराक के निनेवेह प्रांत के हमदानिया जिले में 27 सितंबर 2023 को यह हादसा हुआ था। शादी समारोह समारोह स्थल पर आतिशबाजी के कारण आग लगने से करीब सौ लोगों की मौत हो गई थी। यह शादी रेवान (27) और हनीन (18) के बीच हो रही थी। भीषण आग में दूल्हा-दुल्हन जीवित बच गए थे। हादसे के समय शादी हॉल में 900 से अधिक लोग मौजूद थे।

हादसे के वायरल वीडियो में दूल्हा-दुल्हन को नाचते देखा जा सकता है। तभी हॉल की छत से से आग के शोले बरसना चालू हो जाते हैं। इस भीषण अग्निकांड में दूल्हा के परिवार के 15 जबकि दुल्हन के परिवार के 10 सदस्यों की भी मौत हो गई है।

अग्निकांड में बचने वालों ने बताया है कि शादी समारोह के दौरान महिला-पुरुष और बच्चे सभी मौजूद थे। घटना में 150 से अधिक घायल हैं। दुल्हन के भी पैरों में भगदड़ के कारण चोट लगी है। कई घायलों की स्थिति गंभीर है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। बुरी तरह जलने के कारण कुछ शव के पहचान में भी समस्या आ रही है।

इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सूडानी ने स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री से हालातों का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई करने को कहा है। दूल्हे ने समाचार वेबसाइट स्काई न्यूज को बताया कि आतिशबाजी के दौरान होने वाले खतरों को लेकर उन्होंने हॉल के प्रबंधकों से बात की थी। लेकिन उनका कहना था कि पटाखे इलेक्ट्रिक हैं और इनसे कुछ नहीं होता है। दूल्हे-दुल्हन का कहना है कि वह इस घटना के बाद दुखी और शर्मिंदा हैं। अब अपना शहर छोड़ कर कहीं बाहर चले जाएँगे, क्योंकि वह अपने समाज को मुँह नहीं दिखाना चाहते।

बताया जा रहा है कि जहाँ यह शादी समारोह हो रहा था उस इमारत की छत में ऐसी सामग्री लगी थी जो बहुत जल्द आग पकड़ती है। दूल्हे ने भी बताया कि शादी समारोह के दौरान एक बार बिजली गई और जब दोबारा वापस आई तो आग लग गई। इमारत में आग बुझाने वाले यन्त्र भी नहीं थे।

इराक के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के लिए यह घटना काफी दुखद है। एक अनुमान के अनुसार, इराक में मात्र 1.5 लाख ईसाई बचे हुए हैं। दो दशक पहले इनकी संख्या इसकी 10 गुना थी।

बांग्लादेशी दिलरुबा 3 बच्चों के साथ पहुँची UP, अब्दुल ने बताया था खुद को कुँवारा… बीवी ने काटा हंगामा, बेटे ने भी अब्बू का प्लान किया फेल

बांग्लादेश की एक महिला अपने प्रेमी से मिलने उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में पहुँच गई। महिला का नाम दिलरुबा है, जो 3 बच्चों की माँ है। दिलरुबा जिस युवक से मिलने आई थी, उसका नाम अब्दुल करीम है। दिलरुबा को टिकटॉक पर मिले करीम ने खुद को कुँवारा बताया था।

अब्दुल करीम के घर पर हंगामा शुरू हुआ तो मामला उत्तर प्रदेश पुलिस की जानकारी में आया। आखिरकार एक लम्बी जद्दोजहद के बाद महिला वापस अपने देश लौट गई। दिलरुबा भारत 26 सितंबर 2023 को पहुँची थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला श्रावस्ती जिले के थानाक्षेत्र मल्हीपुर का है। यहाँ के गाँव भरथा रोशनगढ़ में अब्दुल करीम अपनी बीवी शकीना बानो और 8 साल के बेटे मोहम्मद शादाब के साथ रहता है। परिवार का गुजारा चलाने के लिए वह बेकरी पर काम करता है। खाली समय में वो टिकटॉक (जब यह चायनीज ऐप भारत में चलता था) चलाया करता था।

टिकटॉक पर ही अब्दुल करीम की बातचीत बांग्लादेश की रहने वाली दिलरुबा शमी से हुई। वह चटगाँव की रहने वाली थी। दिलरुबा के शौहर सैफुद्दीन की कोरोना काल में मौत हो गई थी। शौहर की मौत के बाद दिलरुबा अपने 3 बच्चों को पाल रही थी।

बताया जा रहा है कि अब्दुल करीम ने दिलरुबा से बातचीत के दौरान खुद को कुँवारा बताया था। थोड़े ही समय में अब्दुल और दिलरुबा में प्यार हो गया। दोनों ने जल्द मिलने का वादा किया। इसी वादे को पूरा करते हुए दिलरुबा 26 सितंबर को बांग्लादेश से टूरिस्ट वीजा पर भारत आ गई।

बांग्लादेश से आकर दिलरुबा भारत में सबसे पहले कोलकाता पहुँची। कोलकता से लखनऊ पहुँच कर दिलरुबा अपने बच्चों के साथ जैसे-तैसे बहराइच पहुँची। यहाँ 2 दिनों तक होटल में रुक कर वो लोगों से पता पूछते हुए आखिरकार अब्दुल करीम के गाँव पहुँच ही गई।

जब दिलरुबा अब्दुल के घर पहुँची तो वहाँ हंगामा खड़ा हो गया। अब्दुल करीम की बीवी शकीला किसी भी हाल में दिलरुबा को अपने साथ रखने को तैयार नहीं थी। अब्दुल का 8 वर्षीय बेटा शादाब भी अपने अब्बू का विरोध कर रहा था।

खुद दिलरुबा भी यह जान कर हैरान थी कि उसका प्रेमी शादीशुदा और बाल-बच्चेदार है। इस बीच शकीना ने अपने मायके वालों को खबर कर दी। मायके वालों ने पुलिस को बांग्लादेशी महिला के आने की सूचना दे दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने दिलरुबा से पूछताछ शुरू कर दी।

बहराइच के एडिशनल एसपी प्रवीण कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महिला वैध कागजातों के साथ भारत आई थी। फिलहाल दिलरुबा अपने तीनों बच्चों के साथ वापस बांग्लादेश लौट गई है। दिलरुबा ने अब्दुल करीम को झूठा और धोखेबाज इंसान बताया।

इस्लामी टोपी लगाए लड़के से मारपीट: जिस घटना के सहारे फैलाया गया हिन्दू विरोधी प्रोपेगंडा, उसे अंजाम देने वाला निकला मोहम्मद फैसल

उत्तर प्रदेश के कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक व्यक्त टोपी लगाए लड़के के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद फैसल नामक आरोपित को हिरासत में लिया है। लेकिन इस्लामवादी इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर ‘पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर’ ने 30 सितंबर को ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर की थी। इसमें लिखा था, “जाजमऊ थानाक्षेत्र का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक व्यक्ति एक बच्चे को पीटते हुए दिख रहा है। प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर थाना जाजमऊ पुलिस टीम द्वारा आरोपी मोहम्मद फैसल पुत्र अशरफ को हिरासत में ले लिया गया है, प्रकरण में FIR दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।”

इस पोस्ट के साथ ही पुलिस ने मोहम्मद फैसल की एक तस्वीर भी शेयर की थी। इसमें वह सलाखों के पीछे घुटने टेक कर हाथ जोड़े नजर आ रहा है।

दरअसल, 30 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में फैसल अपनी बाइक से आता है नजर आता है। इसके बाद बाइक से उतरते ही वह टोपी लगाए लड़की की ओर बढ़ता है। फिर वह लड़के पर लात-घूँसों की बौछार कर देता है। फैसल पीड़ित को काफी देर तक मारता रहता है। इस दौरान कुछ लोग पीड़ित को बचाने की कोशिश करते भी नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद इस्लामवादी इस मामले को सांप्रदायिक रंग देकर विवाद पैदा करने की कोशिश में जुट गए। ‘द मुस्लिम 786’ नामक यूजर ने लिखा कि एक दबंग ने पुलिस की जीप के सामने ही मुस्लिम युवक को थप्पड़ मार और लातों से कुचला। बेशक यहाँ पर इस्लामवादी ने हिंदू नहीं लिखा था लेकिन मुस्लिम को थप्पड़ मारे लिखकर अपना एजेंडा सेट करने की कोशिश की।

पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

वहीं एक अन्य इस्लामवादी ने लिखा कि ये लोग पागल हो गए हैं और दंगा करवाना चाहते हैं। मुस्लिम की खामोशी का फायदा उठा रहे हैं। यही नहीं उस यूजर ने पुलिस को अपशब्द कहे।

पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

सलीम खान राणा नामक यूजर ने लिखा, “पुलिस में भी तो काफ़िर ही हैं।” सलीम ने ‘भी’ शब्द का उपयोग कर पहले तो आरोपितों को गैर-मुस्लिम बताया फिर पुलिस को काफ़िर बता दिया।

तथाकथित ‘पत्रकार’ और झूठ फैलाते हुए कई बार पकड़ा जा चुका अली सोहराब ने भी पीड़ित को ‘मुस्लिम युवक’ लिखकर यह बताने की कोशिश की है कि आरोपित किसी अन्य धर्म से है। वरना मुस्लिमों के क्राइम में तो यह चूँ भी नहीं बोलता।

पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

सलीम खान राना ने एक अन्य पोस्ट में सभी गैर-मुस्लिमों के नरसंहार की धमकी दी। उसने लिखा, “जिस दिन मुस्लिम मैदान में आ जाएगा, काफ़िर दहशत में मर जाएगा।”

देखिए सवालों के आगे कैसे ‘पागल हुए’ दानिश अली: आतंकी के जनाजों में भीड़ के सवाल पर भड़के, पत्रकार ने घर में घुस कर गिनाई मुस्लिमों द्वारा मॉब लिंचिंग की घटनाएँ

बहुजन समाज पार्टी (BSP) का सांसद दानिश अली ऑन कैमरा बेनकाब हो गए। एक टीवी इंटरव्यू के लिए उनके घर पहुँचे वरिष्ठ पत्रकार से वो रिकॉर्डिंग के दौरान ही भिड़ गया, लेकिन वरिष्ठ पत्रकार के सामने उसकी दाल नहीं गली। उन्होंने खिसिया कर वरिष्ठ पत्रकार पर ही अनर्गल बयानबाजी शुरू कर दी, लेकिन जब पत्रकार ने उनसे याकूब मेमन से संबंधित सवाल पूछा, तो वो निरुत्तर हो गया और भाग खड़ा हुआ।

ये वही सांसद दानिश अली है, जिसपर संसद में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी भड़क गए थे। दानिश अली ने लोकसभा में पीएम मोदी को गाली दी थी, जिसके कारण बिधूड़ी अपना आपा खो बैठे थे, और उस पर जमकर भड़ास निकाली थी। अब वो हिंदी खबर के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार अतुल अग्रवाल से भिड़ गया।

दरअसल, अतुल अग्रवाल ने उनसे राजस्थान में मुस्लिमों द्वारा की गई मॉब लिंचिंग पर सवाल पूछा था, जिसके जवाब में वो बातों को इधर-उधर घुमाने लगे। इसके बाद ही वरिष्ठ पत्रकार ने उनसे पूछ लिया कि आतंकी याकूब मेमन की अंतिम यात्रा में 2 लाख मुस्लिम क्यों पहुँचे थे? इसके बाद वो निरुत्तर हो गया।

दानिश अली का ये इंटरव्यू काफी कहासुनी के बीच कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। इस घटना को टीवी चैनल पर भी प्रसारित किया गया, जिसकी क्लिप खुद वरिष्ठ पत्रकार अतुल अग्रवाल ने एक्स पर शेयर की है। उन्होंने लिखा, “बिधूड़ी ने लोकसभा में जिसे गरियाया, उसी सांसद दानिश अली ने कैमरे पर LIVE पागलपन दिखाया। राजस्थान में मुसलमानों की मॉब-लिंचिंग तो गिनाई, आतंकी याकूब के जनाजे में मुस्लिम भीड़ क्यों आई? ‘हिन्दी ख़बर’ के सवालों पर माइक निकाल के फेंका, प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल को कहा गोदी मीडिया।”

हालाँकि, अतुल अग्रवाल ने उसकी कुंडली उसी के घर में बैठकर सभी को गिना दिया। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में यही दानिश अली ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने पर भड़क गए थे। इसके अलावा वो पहले भी कई विवादों में घिरे रहे हैं। वो खुद को टीपू सुल्तान का ‘प्राउड फॉलोवर’ बताता है। ऑपइंडिया ने इनकी पूरी कुंडली का ब्यौरा कुछ समय पहले प्रकाशित भी किया था।

बता दें कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को संसद में ही आतंकवादी कह दिया था, जिसके बाद दानिश अली से राहुल गाँधी ने भी मुलाकात की थी। हालाँकि, भाजपा सांसद निशिकांत ठाकुर ने एक पत्र लिखकर रमेश बिधूड़ी का बचाव किया था और बताया था कि वो दानिश क्यों भड़के थे। उन्होंने बताया था कि दानिश ने प्रधानमंत्री को गाली दी थी, जिसके बाद रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली को खूब खरी-खोटी सुनाई थी।

शादीशुदा हारून गाजी ने ‘रोहित’ बन हिन्दू लड़की को फाँसा, होटल ले जाकर करता था सेक्स: राज़ खुलने पर कह रहा – ‘इस्लाम अपनाओ, वरना वायरल कर दूँगा वीडियो’

उत्तर प्रदेश के मेरठ में लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। आरोप है कि हारून नामक युवक ने अपना नाम ‘रोहित’ बताते हुए हिंदू लड़की को प्यार के जाल में फँसाया। फिर शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। लड़की को जब हारून की सच्चाई का पता चला तो वह उसके अश्लील फोटो, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाली पीड़ित का कहना है कि उसे रॉन्ग नंबर से एक फोन आया था। फोन करने वाले ने अपना नाम रोहित बताया था। इसके बाद दोनों के बीच बातें होने लगीं और फिर एक-दूसरे से मिलने भी लगे। इसी दौरान हारून ने मीठी-मीठी बातें कर पीड़िता को अपने प्रेम के जाल में फँसा लिया।

पुलिस को दी अपनी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 27 नवंबर, 2021 को हारून उसे एक होटल में ले गया। इसके बाद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी साल किसी काम से वह प्रयागराज गई थी। हारून भी उसके साथ चला गया। दोनों वहाँ होटल में रुके थे। आरोपित ने एक बार फिर लड़की को झाँसा दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

इसी बीच लड़की को उसकी सच्चाई पता चल गई। सामने आया कि जिसे वह ‘रोहित’ समझकर शादी के सपने देख रही थी वह तो हारून गाजी है। यही नहीं पीड़िता का आरोप है कि ‘रोहित’ बने हारून ने उसे कहा था कि वह अविवाहित है। लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद पता चला है कि हारून पहले से ही शादीशुदा है।

पीड़िता ने कहा कि जब उसने इस बारे में हारून से बात की तो वह उसे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने लगा। बात न मानने पर अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देने लगा। बात जब हद से अधिक बढ़ गई तो लड़की ने हारून से परेशान होकर मेरठ के लोहिया थाने में आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इस मामले में मेरठ सिटी एसपी पीयूष सिंह ने हारून के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज है। आगे की जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।

‘द टेलीग्राफ’ ने वामपंथी संपादक को बनाया ‘एडिटर एट लार्ज’, मोदी विरोधियों को आ रही साजिश की बू: संकर्षण ठाकुर बने नए एडिटर

वामपंथी विचारधारा की तरफ झुकाव रखने वाले अखबार ‘द टेलीग्राफ’ के संपादक आर राजगोपाल का प्रमोशन हो गया है। एबीपी ग्रुप ने उन्हें एडिटर से ‘एडिटर एट लार्ज’ के पद पर प्रमोट कर दिया है। शनिवार (20 सितंबर, 2023) को उन्हें प्रमोशन मिला। राजगोपाल ने साल 1996 में ‘द टेलीग्राफ’ ज्वॉइन किया था और 2016 में वो एडिटर बने थे। करीब 9 साल तक वो इस पद पर रहे और अब उन्हें प्रमोट कर दिया गया है।

संकर्षण ठाकुर को बनाया गया एडिटर

‘द टेलीग्राफ’ के स्वामित्व वाले आनंद बाज़ार पत्रिका (ABP) समूह द्वारा प्रकाशित एक नोटिस में इस बदलाव की जानकारी दी गई। आर राजगोपाल की जगह संकर्षण ठाकुर को एडिटर पर पद नियुक्त किया गया है। नोटिस के मुताबिक, ठाकुर और राजगोपाल दोनों अखबार के मुख्य संपादक और प्रकाशक को रिपोर्ट करना जारी रखेंगे। घटनाक्रम सामने आने के बाद सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आशंका जताई है कि राजगोपाल को पीएम मोदी की वजह से संपादक पद से हटाया गया।

सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “टेलीग्राफ निश्चित रूप से आशा की आखिरी उम्मीद खत्म होती नजर आ रही है, ये ‘मोदीफाइड’ मीडिया की तरफ बढ़ता कदम है। मुझे उम्मीद है कि संकर्षण भी साहसिक पत्रकारिता की अगुवाई करेंगे।”

वामपंथी मीडिया का रोना भी शुरू

सीमा सेनगुप्ता नाम की ‘पत्रकार’ ने आर राजगोपाल को ‘द टेलीग्राफ’ के संपादक पद से हटाने के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। ये अलग बात है कि वो अब वो उसी संस्थान में ‘एडिटर एट लार्ज’ बनकर काम कर रहे हैं, संस्थान में बने हुए हैं लेकिन एक अलग रोल में।

बता दें कि आर राजगोपाल पूर्व में ‘द इकोनॉमिस्ट टाइम्स’ और ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के पॉलिटिकल बीट पर काम कर चुके हैं। वो मूल रूप से मलयाली भाषी हैं, लेकिन पूरा जीवन अंग्रेजी पत्रकारिता को समर्पित रहे हैं।

नए एडिटर ने बदला अपना ट्विटर बायो

इस बीच, ‘द टेलीग्राफ’ के नए एडिटर संकर्षण ठाकुर ने अपना ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) बायो अपडेट किया है और अखबार का ई-पेपर पोस्ट किया है। जैसा कि ई-पेपर से साफ है कि टेलीग्राफ अपने राजनीतिक विचारों को बदलता नहीं दिख रहा है, वो पहले की तरह ही लेफ्ट लाइन पर पत्रकारिता करता रहेगा।

तनवीर बना ‘तुषार झा’, इरशाद बना ‘गिरीश भारद्वाज’… गाजियाबाद के मंदिर में मुस्लिमों ने की घर-वापसी, कहा – पूर्वजों ने मजबूरी में कबूला था इस्लाम, हमें गलती का एहसास

उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में एक बच्चे समेत 4 लोगों ने इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपना लिया है। ‘हिंदू रक्षा दल’ नामक संगठन ने स्थानीय मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से यज्ञ-हवन कराकर इनकी घर वापसी कराई। घर-वापसी करने वाले लोगों ने सनातन धर्म में वापसी पर खुशी जताई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘हिंदू रक्षा दल’ ने घर-वापसी का यह कार्यक्रम गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में स्थित भोजपुरा मंदिर में 29 सितंबर को आयोजित किया था। इसके लिए मंदिर में ही यज्ञ-हवन कराया गया। फिर सनातन पद्धति से पूजा-पाठ कराकर सनातन धर्म में वापसी कराई गई। 

इसके साथ इन सभी का नामकरण भी हुआ। इसमें तनवीर को ‘तुषार झा’ और उसके बेटे हुसैन को ‘युवराज’ नाम दिया गया। वहीं इरशाद को ‘गिरीश भारद्वाज’ और मीना का नाम ‘सूरजमुखी’ रखा गया है। घर-वापसी करने वाले लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने किसी मजबूरी के चलते इस्लाम कबूल कर लिया था। लेकिन अब गलती का एहसास होने के बाद वह फिर से हिंदू धर्म अपना रहे हैं। साथ ही कहा कि अब कसम खाई है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी और सनातन धर्म का पालन करते रहेंगे।

घर-वापसी का यह कार्यक्रम आयोजित करने वाले ‘हिंदू रक्षा दल’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी उर्फ पिंकी भैया भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जो लोग भी अपने मजहब को छोड़कर सनातन धर्म अपनाना चाहते हैं ‘हिंदू रक्षा दल’ उनका स्वागत करेगा। जो लोग घर वापसी करेंगे उनकी सुरक्षा और साथ देने की जवाबदेही तय की जाएगी। 

भूपेंद्र चौधरी ने आगे कहा कि घर वापसी का कार्य हर सनातनी को अपने जीवन में करना चाहिए। इस तरह के कार्यक्रम आगामी भविष्य में भी होते रहेंगे। जहाँ हिंदू एकजुट होता है वहाँ हमेशा ही शांति का माहौल होता है। शांति भंग हो ही नहीं सकती। ऐसे इलाकों में हिंदू धर्म हर हिंदुओं की बहन-बेटियाँ हर तरह से सुरक्षित रहती हैं।

‘ये सुकेश से बढ़िया है’: जैकलीन फर्नांडिस ने हॉलीवुड के एक्शन हीरो के साथ डाली तस्वीर तो मीका सिंह ने कसा तंज, फिर डिलीट किया ट्वीट

श्रीलंकाई मूल की बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस द्वारा हॉलीवुड एक्शन अभिनेता जीन क्लौड वान दामे (Jean Claude Van Damme) के साथ फोटो डालने पर गायक मीका सिंह ने तंज कस दिया। उन्होंने इस फोटो को था महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जोड़ दिया।

जैकलिन ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक फोटो डाली थी जिसमें वह जीन क्लौड के साथ खड़ी हैं। उन्होंने इस फोटो पर लिखा, “लीजेंड के साथ, इस कोलैब का इंतजार नहीं हो रहा।” इसी ट्वीट पर मीका सिंह ने तंज कसते हुए लिखा, “आप बहुत सुन्दर दिख रही हैं, और वो (जीन क्लौड) सुकेश से बढ़िया है।” हालाँकि, बाद में मीका ने यह ट्वीट हटा लिया।

मीका का इशारा ठग सुकेश चंद्रशेखर की तरफ था जो कि वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। सुकेश का कथित तौर पर जैकलिन के साथ प्रेम प्रसंग था जिसकी कुछ तस्वीरें भी बाहर आई थीं। सुकेश लगातार सुर्खियाँ बटोरने के लिए जेल के भीतर से उलटे-सीधे दावे करता रहता है।

मीका का ट्वीट (चित्र साभार: इंडिया टुडे)

सुकेश को फोर्टिस अस्पताल के पूर्व मालिक शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने फर्जी आवाज निकालने वाले मोबाइल सॉफ्टवेयर के सहारे अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपए की वसूली की।

अदिति सिंह ने यह धनराशि अपने पति शिवेंद्र सिंह की जमानत करवाने के लिए दी थी। सुकेश ने इसी पैसे से जैकलिन को कई महँगे गिफ्ट भी दिए। जैकलिन पर भी इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था, वर्तमान में वह जमानत पर बाहर हैं।

इस मामले में जैकलिन फर्नांडिस ने मोरक्कन मूल की अभिनेत्री नोरा फतेही का भी नाम लिया था। जैकलिन ने एक पत्र लिख कर कहा था कि नोरा फतेही ने सुकेश से महँगे गिफ्ट लिए और वह सरकारी गवाह भी बना दी गई हैं जबकि उन्हें (जैकलिन को) आरोपित बनाया गया है। नोरा फतेही ने इस मामले में जैकलिन पर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था।

सुकेश ने जेल के भीतर से यह आरोप भी लगाया था उसके पास इस बात के सबूत हैं कि सत्येन्द्र जैन और अरविन्द केजरीवाल के कहन पर उसने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के दफ्तर में 15 करोड़ रुपए पहुँचाए थे।

‘भारत में लागू हो शरिया’: सपा संसद ST हसन की माँग, कहा – पॉर्न देखने से शरीर में बनते हैं विशेष हार्मोन, जो बलात्कार के लिए करता देता है मजबूर

समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने माँग की है कि भारत में शरिया कानून लागू कर दिया जाए, इससे रेप जैसी वारदातों पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। एसटी हसन ने तर्क दिया है कि शरिया कानून लागू होने की वजह से सऊदी अरब में महिलाओं के खिलाफ एक भी अपराध नहीं होते।

उन्होंने कहा कि पॉर्न साइटों पर बैन लगा देने से भी रेप की वारदातें नहीं होंगी। हालाँकि, भारत में अश्लीलता फैलाने वाली बहुत सारी वेबसाइटें ब्लॉक्ड हैं।

पॉर्न पर बैन लगाने का दिया अजीब तर्क

मुरादाबाद से सपा सांसद एसटी हसन का कहना है कि चार लड़के खेतों में ग्रुप में बैठकर पॉर्न देखते हैं और कोई लड़की सामने से गुजरती है, तो उसका रेप कर देते हैं। उनका कहना है कि ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि जवान लड़के-लड़कियाँ पॉर्न और गंदी फिल्मों को देखते हैं तो उनके शरीर के अंदर एक विशेष किस्म का हार्मोन बनता है, जो उन्हें बलात्कार करने के लिए मजबूर करता है। ऐसे में वो अपराधिक घटना को अंजाम दे देते हैं। इसलिए देश में पॉर्न साइटों पर रोक लगनी चाहिए।

शरिया के समर्थन में तर्क

मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन ने कहा कि रेप की घटनाओं पर रोक के लिए शरीयत कानून को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शरीयत के मुताबिक सजा देने से इस तरह के अपराध को अंजाम देने वालों में खौफ का माहौल बनेगा, जिससे इस तरह की वारदातें रूकेंगी।

सपा सांसद ने मामले को लेकर सऊदी अरब का उदाहरण भी दिया। सपा सांसद ने कहा कि सऊदी अरब में रेप, चोरी, हत्या की घटनाएं क्यों नहीं होती? फिर उन्होंने जवाब दिया कि क्योंकि वहाँ इस तरह के अपराधों को अंजाम देने पर सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने ये भी कहा कि हमारे देश में कानून के लचीला होने का लोग फायदा उठाते हैं और रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराते हैं।

एसटी हसन ने कहा कि रेप की धारा 376 का देश में काफी दुरुपयोग हो रहा है, किस तरह से लोग एक दूसरे को फँसाने के लिए अपनी बहन बेटियों से झूठे आरोप लगवाकर इस धारा का दुरुपयोग कर रहे हैं। हसन ने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में इस्लाम और मुस्लिम के खिलाफ राजनीति हो रही है।