Home Blog Page 1508

गुजरात वाइब्रेंट समिट के 20 साल पूरे, बोले PM मोदी- निवेशकों को धमकाया जाता था, मैंने निराशा से बाहर निकाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिवसीय दौरे (26 और 27 सितंबर) पर हैं। पीएम मोदी ने आज बुधवार (27 सितंबर, 2023) को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा, पीएम मोदी छोटा उदेपुर के बोडेली में 5 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

‘ब्रांडिंग नहीं बॉन्डिंग का आयोजन’ 

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह सिर्फ ब्रांडिंग का आयोजन नहीं, बल्कि बॉन्डिंग का आयोजन है। मेरे लिए यह मजबूत बॉन्ड का प्रतीक है। यह मेरे और गुजरात के सात करोड़ नागरिक के सामर्थ्य से जुड़ा हुआ है।”

‘निवेश को लेकर माहौल बिगाड़ने की हुई थी कोशिश’

इस अवसर बोलते हुए पीएम ने कहा कि आज वाइब्रेंट गुजरात वटवृक्ष बन चुका है। जब मैंने इस समिट की शुरुआत की तो केंद्र के मंत्री इस आयोजन में शामिल नहीं होना चाहते थे। निवेश को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। गुजरात को उस दौर में अस्थिर करने की कोशिश की गई। निवेशकों को यहाँ निवेश न करने के लिए धमकाया जाता था।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैंने उस दौर में देश के दूसरे राज्यों को न्योता दिया। हमने राज्यों को कहा कि आइए और इस कार्यक्रम में राज्य का स्टॉल लगाकर फायदा उठाइए। हरियाणा, ओड़िशा और कई राज्यों ने इसका फायदा उठाया।

गोधरा को भी PM मोदी ने किया याद 

वाइब्रेंट गुजरात समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने गोधरा कांड को भी याद किया और कहा, “गोधरा कांड के बाद पूरे गुजरात में हिंसा भड़क उठी थी। उस समय एक मुख्यमंत्री के रूप में मेरे पास ज्यादा अनुभव नहीं था। फिर भी मुझे गुजरात की जनता पर बहुत भरोसा था। कुछ लोग अपना एजेंडा चला रहे थे। उन्होंने गुजरात को बदनाम करने की साजिश रची और लोगों ने नकारात्मकता फैलाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने सोचा कि गुजरात नष्ट हो गया है, लेकिन हमारी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया और गुजरात को इस नकारात्मकता से उबारने के लिए सही निर्णय लिए।”

‘गुजरात को संकट से निकालने का लिया था संकल्प’

पीएम मोदी ने समिट में आगे कहा, “जो लोग एजेंडा लेकर चलते थे वे उस समय भी घटनाओं का अपने तरीके से आँकलन करने में जुटे हुए थे। कहा गया कि गुजरात से युवा, व्यापारी, उद्योग सब पलायन कर जाएँगे। दुनिया में गुजरात को बदनाम करने की साजिश रची गई। कहा गया गुजरात कभी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाएगा। उस संकट में मैंने संकल्प लिया कि चाहे परिस्थितियाँ जैसी भी हो गुजरात को इससे बाहर निकालकर रहूँगा। भयंकर दिनों से कैसे गुजरात को निकाला है और आज गुजरात कहाँ पहुँच गया है। जीवन में इससे बड़ा संतोष और क्या हो सकता है।”

उन्होंने यह भी  कहा कि हमने न केवल गुजरात का पुनर्विकास किया बल्कि इसके भविष्य के बारे में भी सोचा, हमने इसके लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात’ को एक प्रमुख माध्यम बनाया. ‘वाइब्रेंट गुजरात’ को गुजरात के आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक माध्यम बनाया गया और एक चैनल बनाया गया।

सड़क पर अर्धनग्न बच्ची, खून से लथपथ कपड़े, प्राइवेट पार्ट पर घाव… CCTV से खुलासा – बलात्कार के बाद 8 किलोमीटर भटकती रही, बताया – माँ से भी हुई दरिंदगी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक नाबालिग लड़की से हैवानियत किए जाने का मामला सामने आया है। अर्धनग्न अवस्था में 12 वर्षीया बच्ची शहर की सड़कों पर काफी देर तक भटकते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाती रही। उसके प्राइवेट पार्ट पर घाव दिख रहे थे। पुलिस ने पीड़िता को अस्पताल पहुँचाया। बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसकी माँ के साथ भी गलत काम हुआ है। बच्ची मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की बताई जा रही है।

केस दर्ज करने के बाद जाँच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है। एक ऑटो ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है। घटना सोमवार (25 सितंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला थाना क्षेत्र महाकाल का है। सोमवार को पुलिस को यहाँ के बड़नगर रोड स्थित दांडी आश्रम के पास एक घायल बच्ची के पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुँची और सूचना सही पाई गई। बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे। वह अर्धनग्न अवस्था में थी और कपड़े खून से सने हुए थे। पुलिस ने पीड़िता को फ़ौरन अस्पताल पहुँचाया। बच्ची बेहद डरी हुई थी। वह ठीक से बोल नहीं पा रही थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी माँ के साथ भी दरिंदगी होने की जानकारी दी। हालाँकि, पीड़िता की माँ का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने फ़ौरन केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। बच्ची को खून पुलिस वालों ने दिया। बच्ची को बेहतर इलाज के लिए इंदौर भेजा गया है। वहाँ मेडिकल के बाद डॉक्टरों ने पीड़िता के साथ रेप होने की पुष्टि की। दूसरी तरफ CCTV फुटेज खँगाले जाने लगे। इन फुटेज में बच्ची घंटों से उज्जैन के अलग-अलग इलाकों में बदहवास हो कर भटकती और लोगों से मदद माँगती दिखाई दे रही है। लगभग 8 किलोमीटर की दूरी नाबालिग पीड़िता ने पैदल ही घायल हालत में तय की। इस दौरान वह सांवराखेड़ी मार्ग, तिरुपति ड्रीम्स, हाटकेश्वर विहार कॉलोनी सहित चिंतामण ब्रिज मार्ग पर भटकती रही।

पुलिस ने अपनी जाँच का दायरा बढ़ाते हुए 72 घंटों की CCTV फुटेज निकलवाई। इस फुटेज में एक व्यक्ति बच्ची के साथ हाटकेश्वर मार्ग पर दिखा। जाँच के दौरान वह संदिग्ध ऑटो ड्राइवर निकला जिसे हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है। अन्य अन्य फुटेज सोमवार की सुबह लगभग 5 बज कर 52 मिनट का मिला है। इस फुटेज में उज्जैन की ड्रीम्स कॉलोनी से हड़बड़ा कर गुजर रही बच्ची से एक वृद्ध व्यक्ति ने सवाल-जवाब किया। बच्ची ने बस इतना बताया कि कुछ लोग उसके पीछे लगे हैं। इतना कह कर वो आगे बढ़ गई।

अभी तक हुई जाँच में पीड़िता के उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के किसी हिस्से की निवासी होने की अपुष्ट जानकारी मिली है। मध्य प्रदेश पुलिस ने पुष्टि के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को सम्पर्क किया है। पीड़िता के मूल पते की तस्दीक करवाई जा रही है। अभी तक पीड़िता की माँ का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस बच्ची के ठीक होने की प्रतीक्षा कर रही है। पीड़िता उज्जैन क्यों, कहाँ और किसके पास आई थी इसकी भी जानकारी अभी तक पुलिस को नहीं मिल पाई है। केस भी अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया है।

जिस IAS अधिकारी के VIP कुत्ते के लिए स्टेडियम से बाहर कर दिए जाते थे खिलाड़ी, उनको मोदी सरकार ने किया जबरन रिटायर

IAS अधिकारी रिंकू दुग्गा (Rinku Dugga) को केंद्र सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दे दिया है। दुग्गा और उनके पति आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार पिछले साल दिल्ली के एक स्टेडियम में कुत्ता घुमाने को लेकर विवादों में आए थे। इसके बाद दुग्गा का अरुणाचल प्रदेश तो खिरवार का लद्दाख ट्रांसफर कर दिया गया था। अब दुग्गा को जबरन रिटायरमेंट दे दिया गया है।

आईएएस अधिकारी रिंकू दुग्गा को सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति उनके करियर के रिकॉर्ड के आधार पर दिया है। अभी वे अरुणाचल प्रदेश के इंडिजिनियस अफेयर्स डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सिक्रेटरी के तौर पर तैनात थीं। इंडियन एक्सप्रेस ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया है कि रिंकू दुग्गा को फंडामेंटल रूल्स (एफआर) 56 (जे), केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) पेंशन नियम, 1972 के नियम 48 के तहत रिटायर किया गया है।

सरकार किसी भी अधिकारी को रिकॉर्ड के आधार पर जनहित में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे सकती है। इस मामले में अभी अधिकारी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। आईएएस रिंकू दुग्गा और उनके पति संजीव खिरवार दोनों ही अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एवं केंद्र शाषित (AGMUT) काडर के 1994 बैच के अधिकारी हैं।

गौरतलब है कि पिछले साल दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम का एक वीडियो वायरल हुआ था। दिल्ली सरकार के अधीन आने वाला यह स्टेडियम 2010 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बना था। वीडियो में आईएएस को कुत्ते के साथ स्टेडियम में टहलते देखा गया था। उस समय खिरवार दिल्ली के प्रधान सचिव (राजस्व) थे।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक कोच के हवाले से बताया था, “हम पहले यहाँ 8-8:30 बजे तक ट्रेनिंग कराते थे। लेकिन अब हमें शाम के 7 बजते ही स्टेडियम छोड़ने के लिए कहा जाता है ताकि अधिकारी अपने कुत्ते को टहला सकें। इस वजह से हमारी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस पर असर पड़ रहा है।” हालाँकि खिरवार ने इन आरोपों को सरासर गलत बताया था। उनका कहना था कि वे ‘कभी-कभी’ अपने पालतू कुत्ते को स्टेडियम में टहलाने के लिए ले जाते हैं। लेकिन इससे एथलीटों के प्रैक्टिस पर कोई असर पड़ने से उन्होंने इनकार किया था।

‘रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं’ – इस मुहावरे को गलत साबित किया बल्लेबाज दीपेंद्र सिंह ने… जब तक क्रिकेट खेला जाएगा, यह रिकॉर्ड नहीं टूटेगा

नेपाल की क्रिकेट टीम ने T20 मैच में मंगोलिया को बड़े अंतर से मात दी है। इतना ही नहीं, नेपाल ने T20 अंतरराष्ट्रीय में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया – पूरे 314 रन, वो भी मात्र 3 विकेट पर। 2 बल्लेबाज इसमें सबसे अहम रहे। एक तो कुशल मल्ला, जिन्होंने मात्र 50 गेंदों में 137 रनों की पारी खेली। लेकिन, अंत में उतरे दीपेंद्र सिंह ने जो पारी खेली, वो सबसे ज़्यादा चर्चा में है। ये मैच बुधवार (27 सितंबर, 2023) को एशियन गेम्स 2023 के तहत चीन के हैंगझोउ में खेला गया।

दीपेंद्र सिंह ने मात्र 9 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। 10 गेंदों में खेली गई 52 रनों की पारी में उन्होंने 8 छक्के उड़ा डाले। वहीं रोहित पौडेल ने भी 27 गेंदों में 61 रनों की पारी खेली, जिसमें उन्होंने 2 चौके और 6 छक्के लगाए। वहीं जहाँ तक कुशल मल्ला के शतक की बात है, उन्होंने 8 चौके और 12 छक्के लगाए। नेपाल ने ये स्कोर तब खड़ा कर दिया, जब 7.2 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर इसने 66 रन ही बनाए थे। दोनों ओपनर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे, तब भी नेपाल ने ये कर दिखाया।

दीपेंद्र सिंह ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो शायद ही कभी टूटे। 9 गेंदों पर अर्धशतक मारने के लिए किसी भी बल्लेबाज को सभी गेंदों पर छक्के लगाने होंगे, या फिर 8 पर चक्का और 1 पर चौका जड़ना होगा। कोई इस रिकॉर्ड की बराबरी तो कर सकता है, लेकिन इसे तोड़ना लगभग असंभव है। हाँ, अगर गेंदबाज बीच में नो बॉल फेंकता है तो और बल्लेबाज सभी गेंदों पर छक्के पर छक्का जड़ते जा रहा है, तब ये रिकॉर्ड टूट सकता है। दीपेंद्र सिंह की ये नाबाद पारी कमाल की रही।

314 रनों के विशाल स्कोर को चीज करने उतरी मंगोलिया की टीम 13.1 ओवर में मात्र 41 रनों पर ही ढेर हो गई। इसके 5 बल्लेबाज शून्य रन के आँकड़े पर आउट होकर चलते बने। एक बल्लेबाज ने 10 रन मारा, जो सर्वाधिक रहा। बाकी सभी सिंगल डिजिट स्कोर में आउट हुए। 23 वर्षीय दीपेंद्र सिंह ने गेंदबाजी करते हुए भी एक विकेट झटका। 300 के पार रन वनडे में भी अच्छे माने जाते हैं, यहाँ नेपाल ने T20 में इससे ज्यादा ठोक दिए।

मणिपुर में जुलाई से गायब 2 मैतेई छात्रों की लाश की तस्वीरें वायरल, CBI करेगी जाँच: बोले CM बीरेन सिंह- हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने दो लापता छात्रों की हत्या के मामले में राज्य की जनता को विश्वास दिलाया है कि आरोपितों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में केंद्र और राज्य साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं यहाँ फिर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों की वजह से एक बार फिर से इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं। राज्य में इंटरनेट सेवाएँ 1 अक्टूबर, 2023 की शाम 7:45 बजे तक निलंबित रहेंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार 27 सितंबर से लेकर 29 सितंबर, 2023 तक स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।

हाल ही में शनिवार 23 सितंबर, 2023 को ही राज्य में लंबे समय के बाद इंटरनेट सेवाएँ बहाल की गई। लेकिन इसके तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर 6 जुलाई को लापता हुए दो मैतई छात्रों की लाशों की तस्वीरें वायरल होने के बाद इस पूर्वोत्तर राज्य में तनाव का माहौल है। लोग विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं।

ऐसे में राजधानी इंफाल में इन छात्रों की हत्या पर विरोध प्रदर्शन कर रही भीड़ पर पुलिस को लाठियाँ भाजनी पड़ी। इसमें 30 छात्र घायल हो गए। आखिरकार फिर से राज्य में मंगलवार (26 सितंबर) से 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई।

केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे काम

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने दो छात्रों की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर मंगलवार 26 सितंबर की रात पोस्ट किया, “लापता छात्रों के दुखद निधन के संबंध में कल सामने आई परेशान करने वाली खबर को लेकर मैं राज्य के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि राज्य और केंद्र सरकार दोनों अपराधियों को पकड़ने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस महत्वपूर्ण जाँच में और तेजी लाने के लिए केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) एक विशेष टीम के साथ 27 सिंतबर सुबह एक विशेष उड़ान से इंफाल पहुँच रहे हैं। उनकी मौजूदगी में इस मामले को तेजी से हल करने के लिए हमारे अधिकारियों की प्रतिबद्धता दिखती है। मैं लगातार माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संपर्क में हूँ, ताकि अपराधियों का पता लगाएँ और उन्हें न्याय के कठघरे में लाएँ।”

सीबीआई की स्पेशल टीम करेगी जाँच

बता दें कि सीबीआई के स्पेशल डॉयरेक्टर अजय भटनागर दो छात्रों की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए आज बुधवार (27 सितंबर) को स्पेशल फ्लाइट से मणिपुर पहुँच रहे हैं। इस टीम में उनके साथ ज्वाइंट डॉयरेक्टर घनश्याम उपाध्याय भी होंगे जो अभी इंफाल में है।

इस टीम में खास अपराधों, क्राइम सीन रिक्रिएशन, इंट्रोगेशन और टेक्निकल सर्विलाँस में माहिर आधिकारी शामिल होंगे। इसके साथ ही सीबीआई की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबरोटरी के एक्सपर्ट भी होंगे।

राज्य में स्कूल भी हैं बंद

मणिपुर से जुलाई से लापता दो छात्रों की लाशों की फोटो सोशल मीडिया पर सोमवार (25 सितंबर) को वायरल हुई थी। दोनों छात्रों की पहचान 20 साल के फिजाम हेमजीत और 17 साल के हिजाम लिनथोइनगांबी के रूप में हुई। इन मृतक छात्रों में से एक छात्र नाबालिग बताया जा रहा है।

इसी मामले को लेकर मणिपुर में मैतई समुदाय के छात्र विरोध में उतर आए हैं। इस वजह से एक बार फिर पूरे राज्य में तनाव बढ़ गया है। सैकड़ों छात्र विरोध में इंफाल में सड़कों पर उतर आए हैं। इन विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के पुलिस ने मंगलवार 26 सिंतबर को पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें 30 से अधिक छात्र घायल हो गए।

मंगलवार को ही प्रर्दशनकारियों ने सीएम के आवास की तरफ भी मार्च की कोशिश की थी। सुरक्षा बलों ने आँसू गैस और स्मोक बम छोड़ कर भीड़ को तितर बितर किया। इस मामले को सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया है।

गौरतलब है कि मणिपुर हाईकोर्ट के गैर आदिवासी या जनजाति मैतेई समुदाय को राज्य के अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने के फैसले के बाद ही जातीय संघर्ष का शिकार है। इससे वहाँ कुकी और मैतेई समुदाय के लोग आपस में जातीय संघर्ष में उलझे हुए हैं।

‘मनोज झा की जीभ खींचकर फेंक देता’: RJD सांसद की ‘ठाकुर’ वाली कविता पर भड़के आनंद मोहन, विधायक बेटे ने कहा- यह दोगलापन है

राज्यसभा में राजद के सांसद मनोज झा ने एक कविता पढ़ी, जिसके बाद उनकी ही पार्टी के विधायक ने इस पर आपत्ति जताई है। जहाँ राजद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से उनका वीडियो शेयर करते हुए इसे शानदार और दमदार बताया, वहीं शिवहर से विधायक चेतन आनंद ने इसकी आलोचना की है। बता दें कि चेतन आनंद बिहार के दिग्गज नेता आनंद मोहन और उनकी पत्नी लवली आनंद के बेटे हैं। आनंद और लवली, दोनों सांसद रह चुके हैं। मनोज ठाकुर जो को कविता पढ़ी, वो कुछ इस प्रकार थी:

चूल्हा मिट्टी का, मिट्टी तालाब की, तालाब ठाकुर का।
भूख रोटी की, रोटी बाजरे की, बाजरा खेत का।
खेत ठाकुर का, बैल ठाकुर का, हल ठाकुर का।
हल की मूठ पर हथेली अपनी, फ़सल ठाकुर की।
कुआँ ठाकुर का, पानी ठाकुर का, खेत-खलिहान ठाकुर के, गली-मुहल्ले ठाकुर के, फिर अपना क्या?
गाँव? शहर? देश?

हालाँकि, मनोज झा ने ‘दलित साहित्यकार’ ओमप्रकाश वाल्मीकि द्वारा लिखित इस कविता को पढ़ते समय कहा था कि इसका संबंध किसी जाति विशेष से नहीं है, लेकिन कई राजपूत संगठनों ने सोशल मीडिया में इस पर आपत्ति जताई। नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप 11 मिनट के बाद उन्हें आप इस कविता को पढ़ते हुए देख सकते हैं। इसमें उन्होंने लिखा था कि इस कविता में जो प्रतीक हैं, वो किसी जाति विशेष के लिए नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि हम सबके अंदर एक ठाकुर है जो न्यायालयों, विश्वविद्यालयों और संसद में बैठा हुआ है।

साथ ही कविता पढ़ते के बाद उन्होंने कहा था, “वो ठाकुर मैं भी हूँ। वो ठाकुर विधायिका को कंट्रोल करता है। उस ठाकुर को मारो, जो हमारे अंदर है।” अब विधायक चेतन आनंद ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि राज्यसभा में ठाकुरों के ऊपर कविता पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ये लोग खुद को समाजवाद के सिपाही समझते हैं और आश्चर्य इससे भी होता है कि उन्होंने कहा कि वो जात-पात पर नहीं जा रहे हैं और बाद में ठाकुरों को ही गुंडा बना दिया।

चेतन आनंद ने इसे ‘दोगलापन’ बताते हुए कहा कि ये सबको पता है कि देश भर में ठाकुर टाइटल कौन लोग यूज करते हैं। उन्होंने पूछा कि आपको ठाकुरों से क्या एलर्जी है? दुनिया में इतनी सारी कविताएँ हैं, कभी आपने उनका इस्तेमाल नहीं किया? उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों पर भी नकारात्मक कविताएँ हैं, लेकिन वो इन्हें सही नहीं मानते। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों पर अगर कविता पढ़ी होती तो बनगाँव जहाँ वो रहते हैं, वहाँ उन्हें लोग घुसने नहीं देंगे। चेतन आनंद ने स्पष्ट किया कि किसी को सॉफ्ट टारगेट बनाए जाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चेतन आनंद ने कहा, “जो वहाँ पर हमारे समाज के लोग बैठे हुए थे, वो पक्ष में हों या विपक्ष में, जो वहाँ बैठ कर ये सब सुन रहे थे, अगर हम उस समय सदन में होते तो धरना देते, विरोध प्रदर्शन करते और इन्हें बोलने नहीं देते, चुपचाप सुनने नहीं देते। हमारी पार्टी A to Z फ़ॉर्मूला पर चलती रही है, जिसे लोग बिगाड़ना चाहते हैं। सवर्णों के खिलाफ मंत्रियों के बयान आए। समाजवाद हमेशा A to Z के साथ आएगा। समाजवाद का अर्थ है सबको साथ लेकर चलना।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि हम उनमें से नहीं हैं जो चूड़ी पहन कर चुपचाप बैठ जाएँ, हम खुल कर और जम कर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सब कान खोल कर सुन लें कि पार्टी फोरम में भी इसे रखा जाएगा कि किसी जाति को निशाना बना कर राजनीति नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि गलतबयानी करने वालों को जनभावनाओं से खिलवाड़ न कर के माफ़ी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज बैकवर्ड-फॉरवर्ड से देश ऊपर उठ चुका है। उन्होंने पूछा कि अगर आपको खून की ज़रूरत पड़ गई तो आप ये देखिएगा कि वो ठाकुर का है या नहीं है?

उन्होंने कहा कि ठाकुर का अर्थ होता है देने वाला, भगवान श्रीकृष्ण को भी ठाकुर बोला जाता है, और आप ठाकुर बोलने चले हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप इतने समाजवादी हैं तो अंदर के ब्राह्मण को मारने की बात कीजिए। उन्होंने निशाना साधा कि आप ‘मनोज झा’ लिखते हैं, सरनेम भी, जबकि हम ‘चेतन आनंद’ लिखते हैं, जिसमें कोई सरनेम नहीं है। चेतन आनंद ने कहा कि उन पर धिक्कार है, जो संसद में इस कविता को सुन रहे थे और मजे ले रहे थे।

इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और पूछा कि खुद को राजपूत बताने वाले लोग कहाँ है, वो पॉपकॉर्न भी लेकर आ जाते और मजे करते। उन्होंने पूछा कि क्या इसीलिए लोग आपको चुन कर के भेजते हैं? वहीं उनके पिता और हाल ही में आजीवन कारावास की सज़ा काट कर निकले आनंद मोहन ने कहा कि अगर वो राज्यसभा में होते तो मनोज झा की जीभ खींच कर आसान की तरफ उछाल देते। उन्होंने पूछा कि मनोज झा अपने नाम में ‘झा’ क्यों लगाते हैं?

महिषी से विधायक और शिवहर से सांसद रहे आनंद मोहन ने कहा कि रामायण में ठाकुर, महाभारत में ठाकुर, मंदिर में ठाकुर है, कहाँ-कहाँ से भगाओ? वहीं जदयू प्रवक्ता सुनील कुमार सिंह ने भी कहा कि मनोज झा को भारत के इतिहास में ठाकुरों का बलिदान नहीं पता है। उन्होंने कहा, “हमने बलिदान दिया, सिर कटाया, हमारे घर की स्त्रियाँ सती हुईं। किसी ने ये भी कहा है कि मैथिल ब्राह्मण और नाग में पहले मैथिल ब्राह्मण को मारो। ये उपयोग हो सकता है क्या?”

कन्हैया मित्तल पर पंजाब में ईसाई संगठनों ने दर्ज कराई FIR, कहा- चर्च में आ कर माँगे माफी: भजन गायक ने आरोपों को बताया सनातन की सेवा से हटाने की साजिश

प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के खिलाफ पंजाब के जालंधर में ईसाई संगठनों की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। उन पर ईसाई मत को नीचा दिखाने और अपमानित करने का आरोप लगाया है। भजन गायक ने इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है।

FIR मंगलवार (26 सितंबर 2023) को दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह केस जालंधर के थाना लांबड़ा में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता पंजाब क्रिश्चियन लीडरशिप के चेयरमैन पास्टर हरजोत सेठी और पंजाब के अध्यक्ष सुरजीत थापर हैं।

FIR में कन्हैया मित्तल के दिल्ली के रोहिणी इलाके में 12 अगस्त 2023 को हुए एक कार्यक्रम का जिक्र है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में कन्हैया मित्तल ने ईसामसीह को छोटा साबित करने के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस कायर्क्रम की वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। शिकायतकर्ताओं ने खुद को कन्हैया मित्तल के शब्दों से आहत बताया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि कन्हैया मित्तल लोगों से 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के दिन तुलसी का पौधा लगाने की अपील करते हैं। मित्तल के भाषणों की वीडियो क्लिप भी शिकायतकर्ताओं ने पेन ड्राइव में अपलोड कर पुलिस को सौंपी है। पंजाब पुलिस ने पेश सबूतों को पर्याप्त मानते हुए IPC की धारा 295- A के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जाँच के लिए केस दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कन्हैया मित्तल ने अपने कायर्क्रम में महादेव शिव को ईसा मसीह का भी पिता कहा था।

ऑपइंडिया ने इस मामले में विस्तृत जानकारी के लिए जालंधर पुलिस को सम्पर्क करने की कई बार कोशिश की। लेकिन बात नहीं हो पाई। ऑपइंडिया ने इस मामले में भजन गायक कन्हैया मित्तल से भी बात की। उन्होंने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कहा कि सनातन का कार्य करने से उन्हें रोकने के लिए ये साजिश रची जा रही है। लेकिन वे आजीवन हिन्दू धर्म के प्रति समर्पित रहेंगे। उसकी सेवा करते रहेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि जालंधर पुलिस कमिश्नर की कॉल आने के बाद उन्होंने वीडियो बना कर क्षमा याचनी की थी। इससे ईसाइयों का एक धड़ा संतुष्ट भी था।

केस के पीछे AAP नेता

कन्हैया मित्तल ने हमें बताया कि जिस हरजोत सेठी की शिकायत पर उनके ऊपर FIR दर्ज हुई है, वह आम आदमी पार्टी (AAP) का नेता है। भजन गायक ने आरोपों से खुद के बेहद आहत बताते हुए सरकार से संरक्षण की माँग की है।

हरजोत कर रहे इंकार पर फेसबुक पर AAP का प्रचार

ऑपइंडिया ने पास्टर हरजोत सेठी से भी बात की। उन्होंने आप के साथ संबंधों से इनकार किया है। उन्होंने कहा, “मैं एक पादरी हूँ और मेरा काम राजनीति के बजाय ईसाइयत की शिक्षा देना है।” हालाँकि जब हमने हरजोत सिंह की फेसबुक प्रोफ़ाइल खंगाली तो आम आदमी पार्टी के पोस्टरों में बाकायदा उनकी फोटो दिखी। 3 जुलाई 2021 को शेयर की गई एक तस्वीर को तो उन्होंने बाकायदा कवर फोटो भी बना रखा है।

इसके अलावा भी कई अन्य फेसबुक पोस्ट में पास्टर हरजोत सेठी आम आदमी जिंदाबाद का हैशटैग भी दिए हैं।

चर्च में आ कर माफ़ी माँगे कन्हैया मित्तल

हरजोत सेठी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए यह भी बताया कि कन्हैया मित्तल जिस कथित माफ़ी माँगे जाने का दावा कर रहे हैं वो वीडियो किसी कार में बैठ कर बनाई गई है। ऐसी वीडियो को स्वीकार न किए जाने की बात कहते हुए हरजोत सेठी ने कहा कि कन्हैया मित्तल को चर्च में आ कर माफ़ी माँगनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से कन्हैया मित्तल की गिरफ्तारी की माँग की।

‘ये सबसे बड़े फ्रॉड, कसाइयों को बेचते हैं गाय’: मेनका गाँधी के आरोपों को इस्कॉन ने बताया झूठा, कहा- वे जीवनभर हमारी गोशाला में रहते हैं

इस्कॉन ने सांसद मेनका गाँधी द्वारा बूचड़खानों को गाय बेचने के आरोपों को निराधार और झूठा बताते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने मंगलवार (26 सितंबर, 2023 ) को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात पर जोर दिया कि संस्था गौवंश बेचती नहीं बल्कि वह गाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए उच्च मानक अपनाती है। वहीं मेनका गाँधी का एक क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें वह इस्कॉन पर बूचड़खानों को सूखी गायें और बछड़े बेचने का आरोप लगा रही हैं। 

क्या है मामला 

दरअसल, सुल्तानपुर से सांसद मेनका गाँधी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह यह कहती नजर आ रहीं हैं, “मैं आपको बता देती हूँ, सबसे बड़े धोखेबाज जो हैं वह है इस्कॉन, मैं उनके अनंतपुर गौशाला गई जहाँ एक भी सूखी गाय हमें नहीं मिली, मतलब सब सूखी गायें और बछड़े बूचड़खानों को बेचे गए। इसका मतलब इस्कॉन इनको बूचड़खानों को बेच रहा है। जितने इन्होने ऐसी गायों को बेचा होगा उतना किसी ने नहीं।”

इसी क्लिप में मेनका गाँधी ने इस्कॉन का मजाक भी उड़ाया है। वह मॉक करते हुए कहती हैं कि जो सड़क पर जाकर हरे रामा-हरे कृष्णा करते हैं। यह वही लोग हैं जो दूध-दूध करते हैं। ये बूचड़खानों को गायें बेच रहे हैं। जबकि गौशाला चलाने के लिए उन्हें सरकारों से कई लाभ मिलते हैं।

इस्कॉन ने किया मेनका गाँधी के आरोपों का खंडन 

मेनका गाँधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्कॉन के राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने कहा कि मेनका गाँधी का एक वीडियो जिसमें वह इस्कॉन पर आरोप लगा रही हैं, उनके संज्ञान में आया है। उनके आरोप झूठे हैं। संस्था आखिरी साँस तक गायों और बैलों की सेवा करता है और उन्हें कभी भी कसाइयों को नहीं बेचता है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने इस मामले में एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा, “श्रीमती मेनका गाँधी के अप्रमाणित और झूठे बयानों पर प्रतिक्रिया: इस्कॉन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर गाय और बैल की सुरक्षा और देखभाल में सबसे आगे रहा है। यहाँ गायों और बैलों की जीवनपर्यंत सेवा की जाती है, उन्हें कसाइयों को नहीं बेचा जाता है।”

अपने आधिकारिक बयान में, इस्कॉन ने बताया, “इस्कॉन ने दुनिया के कई हिस्सों में गाय संरक्षण का बीड़ा उठाया है, जहाँ गोमांस एक मुख्य आहार है। भारत के भीतर, इस्कॉन 60 से अधिक गौशालाएँ चलाता है जो सैकड़ों पवित्र गायों और बैलों की रक्षा करती हैं और उनका जीवनभर देखभाल करती हैं। वर्तमान में इस्कॉन की गौशालाओं में कई लावारिस, घायल पाए जाने वाले या वध से बचाए जाने के बाद हमारे पास लाए गए गायों की देखभाल की जाती है। 

उन्होंने यह भी कहा कि उसके पास गाय की देखभाल/संरक्षण के उच्च मानक हैं, संगठन गाय की पूजा की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है और किसानों को गाय की देखभाल की तकनीकों पर प्रशिक्षण दे रहा है।

इस्कॉन ने अपने बयान में कहा कि वे अपने खिलाफ मेनका गाँधी के बयानों से हैरान हैं। वहीं एक अन्य ट्वीट में, इस्कॉन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इस बात को उजागर करने के लिए एक पशु चिकित्सक का एक पत्र शेयर किया जिसमें अनंतपुर गौशाला में भी कई बैल और दूध न देने वाली गायों की सेवा की बात सामने आई है। 

पत्र में बताया गया है, “गौशाला दूध देने वाली गायों के साथ-साथ 76 बैल और 246 गैर-दूध देने वाली गायों की प्रेम और भक्ति के साथ सेवा करती हैं।”

बीजेपी से कार्रवाई की माँग 

इसी विवाद में इस्कॉन के और प्रवक्ता राधा रमण दास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिख, “वह एक चिड़चिड़ी महिला है जो सब झूठ बोलती है। अगर वह अपने गलत बयानों के लिए माफी नहीं माँगती हैं तो हम उन पर मुकदमा करेंगे। उनके बेटे को पहले ही भाजपा से बाहर कर दिया गया है और ऐसा लग रहा है कि वह भी बाहर जा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म विरोधी पार्टियों में जल्दी प्रवेश पाने के लिए सनातनी संगठन को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है। हम उन्हें इस्कॉन को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। बीजेपी से अनुरोध है कि उनके खिलाफ कार्रवाई करे। मोहम्मद जुबैर जैसे जिहादियों द्वारा उनका समर्थन करना ही पूरी कहानी बयाँ करता है। 

बांबिया, लॉरेंस बिश्नोई, अर्श डल्ला गैंग… खालिस्तानी-गैंगस्टर नेक्सस पर NIA की बड़ी कार्रवाई, 6 राज्यों में 51 जगहों पर छापेमारी

खालिस्तानी-गैंगस्टर गठजोड़ का खात्मा करने के लिए लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में वो बांबिया, लॉरेंस और अर्श डल्ला से जुड़े तीन केसों में छह राज्यों में 51 जगहों पर बड़ी छापेमारी कर रही है। इसके तहत पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान की कई लोकेशन पर जाँच एजेंसी की छापेमारी जारी है। पंजाब में 30, राजस्थान में 13, हरियाणा में 4, उत्तराखंड में 2 और दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 1-1 जगह पर बुधवार (27 सितंबर, 2023) को भी छापेमारी जारी है।

रिपोर्ट में सूत्रों के मुताबिक, खालिस्तान से संबंध रखने वाले हवाला ऑपरेटरों और गैंगस्टरों के लॉजिस्टिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने वालों को पकड़ने के लिए ये छापेमारी की जा रही है। एनआईए ने बीते हफ्ते ही आतंकी गैंगस्टर नेक्सस को नेस्तानाबूद करने के लिए की 43 मोस्ट वांटेड की लिस्ट जारी की थी।

जारी है एनआईए की छापेमारी

बुधवार को भी एनआईए की एक टीम राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के सूरतगढ़ और राजियासर में छापेमारी कर रही है। सूरतगढ़ में एक छात्र नेता के आवास पर छापेमारी चल रही है। पंजाब के मोगा और भटिंडा तो उत्तराखंड के देहरादून और बाजपुर में भी छापेमारी जारी है।

एनआईए ने 43 वांटेड की लिस्ट के जारी होने के कुछ दिन बाद ही ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, दुबई, पाकिस्तान और अन्य देशों में रहने वाले 19 भगोड़े खालिस्तानी आतंकवादियों की ये सूची जारी की। इनकी संपत्ति जब्त होने की कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन 19 भगोड़ों के खिलाफ आतंक विरोधी कानून UAPA के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन पर विदेश से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलाने का आरोप लगाया गया है।

इसी कड़ी में 23 सितंबर को कनाडा में रहने वाले एनआईए ने प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के सदस्य खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की चंडीगढ़ और अमृतसर की संपत्तियों को जब्त कर लिया गया था।

एनआईए ने रखा 10 लाख का इनाम

एनआईए ने आतंकवादी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा और लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 10-10 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है। वह कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़ा हुआ है। उस पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है।

गणेश विसर्जन से लौट रही हिंदू लड़की को अफजाल ने छेड़ा, पेशी के दौरान भागने की कोशिश; UP पुलिस ने मारी गोली: पीड़िता ने लगा ली थी फाँसी, चल रहा इलाज

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गणेश विसर्जन से लौट रही नाबालिग हिंदू लड़की से छेड़छाड़ करने वाला मोहम्मद अफजाल पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। इधर, छेड़छाड़ से आहत पीड़िता ने फाँसी लगा कर जान देने की कोशिश की थी। उसका भी इलाज चल रहा है।

घटना सोमवार (25 सितंबर 2023) की है। गणेश विसर्जन की यात्रा से लौट रही नाबालिग से अफजाल ने छेड़छाड़ की। आहत हो नाबालिग ने अगले दिन मंगलवार को अपने घर में फाँसी लगा कर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने उसे बचा लिया। घटना के बाद पुलिस ने अफजाल को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से वह घायल हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र की है। सोमवार को यहाँ गणेश विसर्जन का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में हिन्दू समाज के लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे थे। इसी कार्यक्रम में हिन्दू समाज की एक 14 वर्षीया नाबालिग किशोरी भी मौजूद थी। जब वह विसर्जन के बाद अपने घर लौट रही थी तो रास्ते में मोहम्मद अफजाल ने उससे छेड़खानी की। लड़की ने इस हरकत का विरोध तो आसपास के लोग जमा हो गए। उन्होंने आरोपित की पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

बताया जा रहा है कि इस घटना से लड़की को काफी धक्का लगा। घर आकर वह वह गुमसुम रहने लगी। अगले दिन मंगलवार को उसने खुद को कमरे में बंद कर के गले में फाँसी का फंदा डाल लिया। परिजनों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने दरवाजा तोड़ लड़की को नीचे उतारा। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ रेफर किया गया है। फिलहाल लड़की की हालात स्थिर बताई जा रही है। घटना से नाराज परिजनों ने आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है।

26 सितंबर 2023 को पुलिस आरोपित अफजाल को कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस की गाड़ी के आगे जानवरों का झुंड आ गया। गाड़ी धीमे होते देख अफजाल ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। उसने साथ चल रहे सिपाही की पिस्टल भी छीन ली। भागने के दौरान अफजाल ने पुलिस पर गोलियाँ चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई जो अफजाल के पैर पर लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। इस मामले में पुलिस आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई कर रही है।