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पति के साथ सेक्स कर रही थी बायडेन की पार्टी की उम्मीदवार, लोगों ने देखा लाइव: चुनाव प्रचार पर निकलीं तो मिला जबर्दस्त समर्थन

अमेरिका के वर्जीनिया में चुनाव प्रचार एक अलग ही लेवल पर पहुँच गया है। यहाँ सोमवार (11 सितम्बर, 2023) को वर्जीनिया के विधायिका (लेजिस्लेटिव) के चुनाव में एक जो बायडेन की पार्टी डेमोक्रेट की महिला उम्मीदवार का उसके पति के साथ सेक्स सम्बन्ध बनाते हुए वीडियो का लाइव प्रसारण हो गया। वाशिंगटन पोस्ट सहित कुछ मीडिया रिपोर्ट में यौन सम्बन्ध की लाइव स्ट्रीमिंग को चुनावी फायदे के लिए उपयोग करने की बात कही जा रही है क्योंकि वीडियो को लाइव करने के बाद देखने वालों से चुनाव के लिए धन की माँग भी की गई थी। वहीं कई रिपोर्ट में दावा है कि वीडियो लीक हुआ है, जिसे विरोधी रिपब्लिकन पार्टी द्वारा बदनाम करने के लिए किया गया है।

हालाँकि, अब इस मामले में मंगलवार को जो खबर आई है उसके अनुसार वर्जीनिया की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को महिलाओं और राज्य सीनेटर एल लुईस लुकास आदि डेमोक्रेटस का ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है। 

बता दें वर्जीनिया की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार का नाम सुज़ाना गिब्सन, जो पेशे से एक नर्स हैं, साथ ही दो बच्चों की माँ भी हैं। सुजाना ने जून में डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीती और राज्य के सबसे प्रतिस्पर्धी जिलों में से एक वर्जीनिया में रिपब्लिकन व्यवसायी डेविड ओवेन के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। इस चुनाव में लाइव सेक्स वीडियो के अलावा सुजाना को एक एबॉर्शन राइट एक्टिविस्ट (गर्भपात के अधिकार के लिए लड़ने वाली महिला) के रूप में भी लोगों का समर्थन मिल रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, लोगों ने सुजाना को लाइव स्ट्रीम के बाद भारी मात्रा में चुनाव लड़ने के लिए धन देकर मदद की। दरअसल, अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में गर्भपात के लिए शख्त कानून है। यहाँ रेयर मामलों में ही गर्भपात की इजाजत है। 

हालाँकि, इस मामले में सुजाना के समर्थन में आए दूसरे डेमोक्रेट सीनेटर लुकास ने कहा कि उनका मानना ​​है कि सेक्स वीडियो सुजाना गिब्सन को शर्मिंदा करने और उनके चुनाव अभियान को नुकसान पहुँचाने  के लिए एक रिपब्लिकन द्वारा लीक किया गया था।

लुकास ने कहा, “वे (रिपब्लिकन) किसी भी उम्मीदवार के बारे में ऐसी किसी भी चीज़ की तलाश कर रहे हैं जो उन्हें लगता है कि मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है। यह सब इस बात से संबंधित है कि सीनेट का नियंत्रण किसे मिलने वाला है और सदन का नियंत्रण किसे मिलने वाला है। सारा मामला महज नियंत्रण का है।”

वर्जीनिया में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच काँटे की इस चुनावी लड़ाई में इस सेक्स वीडियो लीक कांड के बाद सुजाना के समर्थन में डेमोक्रेटिक महिला उम्मीदवारों के लिए वकालत करने वाले समूह एमिली लिस्ट ने भी गिब्सन का बचाव किया।

बता दें कि सेक्स वीडियो लीक होने के बाद वर्जीनिया में चुनाव का पूरा नैरेटिव ही बदलता नजर आ रहा है। जहाँ कुछ राजनितिक विश्लेषक इसे बड़ा गेम मान रहे हैं वहीं कुछ का कहना है कि यह कदम राजनीति को और नीचे ले जाने वाला है। चुनाव में नीतियों पर बात न होकर सेक्स वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। 

क्या कहा डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने

वहीं अब इस मामले में सुजाना का बयान भी आ गया है जिसमें उन्होंने उनके पति के साथ सेक्स वीडियो लीक को गटर छाप राजनीति कहा है। 

सुजाना ने अपने बयान में कहा, “इससे मैं डरने वाली नहीं और न मुझे यह चुप करा पाएगा। मेरे राजनीतिक विरोधियों और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों ने यह साबित कर दिया है कि वे मुझ पर और मेरे परिवार पर हमला करने के लिए इस हद तक गिरने को तैयार हैं क्योंकि जब महिलाएँ बोलती हैं तो उन्हें चुप कराने के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं है जिसे वे पार नहीं करेंगे।”

इस मामले में गिब्सन ने कहा, “सेक्स वीडियो को लीक करना मेरी गोपनीयता के अधिकार पर अवैध आक्रमण है जो मुझे और मेरे परिवार को अपमानित करने के लिए किया गया है।” गिब्सन के वकील, डैनियल पी. वॉटकिंस ने कहा कि वीडियो का प्रसार वर्जीनिया के रिवेंज पोर्न कानून का उल्लंघन है, जो जबरदस्ती, परेशान करने के इरादे से किसी अन्य व्यक्ति की नग्न या सेक्स वीडियो को दुर्भावनापूर्ण रूप से प्रसारित करना या बेचना अपराध है।

वॉटकिंस ने 2021 वर्जीनिया कोर्ट ऑफ अपील्स के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सहमति से यौन संबंध के दौरान भी अपनी प्रेमिका को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करना गैरकानूनी था, भले ही उसने अन्य लोगों को वीडियो न दिखाया हो। 

‘सनातन को खत्म करना चाहता है INDI गठबंधन, उन्हें रोकना होगा’: मध्य प्रदेश को PM मोदी ने दी ₹50000 करोड़ की सौगात, बोले- कॉन्ग्रेस ने बुंदेलखंड को पानी के लिए तरसाया​

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार (14 सितंबर 2023) को मध्य प्रदेश के बीना पहुँचे। वहाँ प्रधानमंत्री ने बीना रिफाइनरी में ‘पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स’ और राज्य भर में 10 नई औद्योगिक परियोजनाओं सहित 50,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं का रिमोट बटन दबाकर शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने कहा कि घमंडिया I.N.D.I. गठबंधन सनातन को खत्म करना चाहता है।

सनातन धर्म को नष्ट करना चाहता है विपक्षी गठबंधन

बीना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ऐसे दल भी हैं, जो देश को समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। इन्होंने मिलकर एक I.N.D.I. ALLIANCE (गठबंधन) बनाया है। इसको कुछ लोग घमंडिया गठबंधन भी कहते हैं। इनका नेता तय नहीं है। नेतृत्व पर भ्रम है, लेकिन मुंबई में बैठक में इन्होंने अपनी नीति और रणनीति बना ली है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “इनकी नीति-रणनीति भारत की संस्कृति पर हमला करने की है। I.N.D.I. गठबंधन की रणनीति भारत की संस्कृति और आस्था पर हमला करने की नीति है। I.N.D.I. गठबंधन की नीयत है कि भारत को जिस विचारों, संस्कारों, परंपराओं ने हजारों वर्ष से जोड़ा है उसे तबाह कर दो…।”

पीएम मोदी ने कहा कि “पीएम मोदी ने बीना में कहा, “जिस सनातन को गाँधी जी ने जीवन पर्यंत माना, जिन भगवान श्रीराम ने उनको जीवन भर उनको प्रेरणा दी। उनके आखिरी शब्द बनें- हे राम। जिस सनातन ने उन्हें अपृश्यता के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए प्रेरित किया। ये I.N.D.I. गठबंधन के लोग, ये घमंडिया गठबंधन के लोग उस सनातन परंपरा को समाप्त करना चाहते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “यह INDI ALLIANCE (गठबंधन) ‘सनातन धर्म’ को नष्ट करना चाहते हैं। आज उन्होंने सनातन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कल वे हम पर हमले बढ़ा देंगे। देश भर के सभी ‘सनातनियों’ और हमारे देश से प्यार करने वाले लोगों को सतर्क रहना होगा। हमें ऐसे लोगों को रोकना होगा…।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “जिस सनातन से प्रेरित होकर स्वामी विवेकानंद ने समाज की विभिन्न बुराइयों के प्रति लोगों को जागृत किया, जिस सनातन से प्रेरित होकर लोकमान्य तिलक ने माँ भारती की स्वतंत्रता का बीड़ा उठाया, गणेश पूजा को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा, सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा बनाई… आज उसी सनातन को ये I.N.D.I. गठबंधन तहस-नहस करना चाहता है।”

कॉन्ग्रेस ने बुंदेलखंड को पानी के लिए तरसाया था

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने मध्य प्रदेश को भय से मुक्ति दिलाई, क़ानून व्यवस्था को स्थापित किया। लोगों को ध्यान होगा कि कैसे कॉन्ग्रेस ने बुंदेलखंड को पानी के लिए तरसा दिया था। आज की सरकार में हर घर तक सड़क, बिजली पहुँच रही है… आज बड़े-बड़े निवेशक मध्य प्रदेश आना चाहते हैं, नई-नई फैक्ट्री लगाना चाहते हैं। अगले कुछ सालों में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास की नई ऊँचाईयाँ छूने जा रहा है।”

इतना तो कई राज्यों का बजट भी नहीं होता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “ये परियोजनाएँ इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास को ऊर्जा देंगी। इन परियोजनाओं पर केंद्र सरकार 50,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने वाली है। आप कल्पना करें कि इतने रुपए हमारे देश के कई राज्यों का कुल बजट भी नहीं होता, जितना आज एक कार्यक्रम के लिए भारत सरकार लगा रही है।”

भारत से हार के बाद दामाद शाहीन पर भड़के शाहिद अफरीदी, कहा- घटिया लाइन-लेंथ थी उसकी, नसीम से ही कुछ सीख लेते

एशिया कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपने दामाद और तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी को लताड़ लगाई है। उन्हें साथी गेंदबाज नसीम शाह से सीख लेने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि भारत 20-25 ओवर में ही मैच जीत गया था।

पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा टीवी से बात करते हुए शाहिद अफरीदी ने कहा, “कुछ लोग सोशल मीडिया पर टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने को लेकर सवाल कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हमें सही तरीके से गेंदबाजी करनी चाहिए थी। जैसे नसीम शाह ने शुरू की थी। यदि शाहीन भी वैसे ही करता तो अच्छा होता। हम उम्मीद करते हैं कि वह शुरुआती कुछ ओवरों में विकेट निकाले।” (इस बातचीत को वीडियो में 27 सेकंड के बाद से सुना जा सकता है)

शहीद अफरीदी ने शाहीन अफरीदी की लाइन-लेंथ को लेकर कहा, “भारत के खिलाफ मैच में उसकी लाइन और लेंथ बिल्कुल भी ठीक नहीं थी। जिस एरिया पर उसको बॉलिंग करनी चाहिए थी, उस जगह पर वह नहीं कर पाया। शुरुआत के 1-2 ओवर में जब उसे विकेट नहीं मिलती है तो फ्रस्टेशन होता है। उसकी इमेज इस तरह की बन गई है।”

उन्होंने कहा है, “शाहीन अफरीदी को अपनी लाइन और लेंथ पर सुधार करना पड़ेगा। ऐसा नहीं कह सकते कि आपने एक-दो ओवर में अच्छी गेंदबाजी नहीं की तो अपने आप से नाराज हो गए। क्रिकेट में एक्सक्यूज और सॉफ्ट कॉर्नर ढूँढ़े जाते हैं। मुझे लगता है कि उन्हें दोबारा फोकस से गेंदबाजी करनी चाहिए थी। जिस तरह से उसने अपना दूसरा स्पेल शुरू किया वह बहुत अच्छा था। उसी लाइन-लेंथ पर फोकस करें।”

गेंदबाजी में सुधार करने की सलाह देते हुए शाहिद अफरीदी ने कहा, “कभी-कभार जरूरी नहीं है कि आपको विकेट मिल ही जाए। सामने बैट्समैन हैं वो भी तैयारी करके आए हुए हैं। उसे अपनी लाइन और लेंथ पर फोकस करना होगा। दो नई गेंदें होती हैं, आप अच्छी जगह पर गेंद करो, बैट्समैन से थोड़ा दूर करोगे तो आउट कर पाओगे। जितना आप नए बॉल से बैट्समैन को अधिक खिलाएँगे विकेट का उतना ही अधिक चांस बनेगा। आपने बॉलिंग ही अच्छी नहीं की। नसीम शाह वाली लेंथ पर बॉलिंग करते जिस तरह से उसने की है।”

सुपुर्दे खाक हुए बलिदानी DSP हुमायूँ भट्ट, साल भर पहले हुआ था निकाह; 2 महीने की है बेटी: अनंतनाग एनकाउंटर में कर्नल और मेजर भी हुए थे वीरगति को प्राप्त

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में मंगलवार (12 सितंबर, 2023) को भारतीय सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 2 आतंकियों को मार गिराया गया। भारतीय सुरक्षा बल के 3 जवानों को भी वीरगति मिली थी। बलिदान हुए जवानों में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह और मेजर आशीष धोंचक के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस के डिप्टी एसपी हुमायूँ भट्ट शामिल हैं। हुमायूँ का अंतिम संस्कार 13 सितंबर की रात को ही कर दिया गया है।

DSP हुमायूँ सहित अन्य बलिदानी जवानों को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धांजलि अर्पित की। हुमायूँ का अंतिम संस्कार 13 सितंबर 2023 को बड़गाम जिले में हुआ। उनके जनाजे में कई गणमान्य लोग शामिल हुए और उसे कंधा दिया। गमगीन माहौल में हुए अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुमायूँ जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में बतौर DSP पिछले 3 साल से तैनात थे। वह मूल रूप से पुलवामा के त्राल इलाके के निवासी थे। फिलहाल हुमायूँ का परिवार श्रीनगर एयरपोर्ट के पास मौजूद VIP कॉलोनी हुमहामा में रहता है। हुमायूँ के पिता ने बताया कि गोली लगने के बाद अधिक खून बन जाना उनके बेटे की मौत की वजह बनी।

हुमायूँ एक देशभक्त परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता गुलाम हसन भी जम्मू-कश्मीर पुलिस में DIG पद से रिटायर हुए थे। हुमायूँ भट्ट की पिछले साल ही एक प्रोफेसर से शादी हुई थी। उनकी एक बेटी है, जिसकी उम्र 2 साल है। हुमायूँ के पिता ने भी अपने बेटे को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

पिछले साल भी आतंकी बना था हमलावर

कश्मीर में अनंतनाग क्षेत्र के पत्रकार रोहिल बशीर ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि DSP हुमायूँ भट्ट सहित सेना के 2 अधिकरियों पर हमला करने वाला एक हमलावर जुलाई 2022 में आतंकवाद से जुड़ा था। इसका नाम उज़ैर खान है।

उजैर ने लगभग सवा साल पहले प्रतिबंधित TRF संगठन ज्वॉइन किया था। वह कोकानाग इलाके के नगाम का रहने वाला था। माना जा रहा है कि इसी संगठन ने इसी साल 4 अगस्त को कुलगाम जिले में सेना की एक टुकड़ी पर हमला किया था।

20 रहस्यमयी बैग के साथ G20 में आया था चीन का दल, महिला अधिकारी कर रही थी नेतृत्व: संदिग्ध उपकरणों का पता लगाने में जुटी है भारतीय एजेंसियाँ

नई दिल्ली में संपन्न हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए चीनी दल की संदिग्ध हरकतों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार चीनी दल होटल ताज पैलेस के कमरे में ’20 रहस्यमयी बैग’ ले जाने पर अड़ा था।

इन बैग्स की जाँच से इनकार किए जाने के कारण पैदा हुई टकराव की स्थिति में सुरक्षा अधिकारियों के साथ बहस करने वाले चीनी दल का नेतृत्व एक महिला अधिकारी कर रही थी। इस दल में दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के भी दो-तीन अधिकारी शामिल थे।

कई घंटों के विवाद के बाद चीनी दल संदिग्ध बैग अपने देश के दूतावास ले जाने पर सहमत हुआ था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया है कि जब ये बैग दूतावास ले जाए जा रहे तो एक विशेष एस्कॉर्ट टीम साथ भेजी गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बैग्स दूतावास की जगह किसी और जगह न ले जाया जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार काफी अजीब तरह के होने के कारण इन बैग्स की तरफ सुरक्षाकर्मियों का ध्यान गया था। एक सूत्र के हवाले से बताया गया है, “बैग्स की लंबाई और चौड़ाई करीब 1×1 मीटर थी। यह 10 इंच मोटा दिख रहा था।”

इन बैग्स में किस तरह के उपकरण थे यह स्पष्ट नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार इन संदिग्ध उपकरणों की पहचान के प्रयास अब भी किए जा रहे हैं। खुफिया अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या ये उपकरण ‘ऑफ-द-एयर’ टाइप के सर्विलांस और जैमर थे। एक चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी SIG-INT (सिग्नल-इंटेलिजेंस) की जानकारी जुटाने वाले उपकरणों की सप्लाई करने को लेकर दुनिया भर में जानी भी जाती है।

रिपोर्ट के अनुसार विवाद के दौरान भारतीय एजेंसियों की लगातार नजर होटल के छठे फ्लोर पर स्थित उस कमरे पर बनी हुई थी जिसमें ये बैग रखे गए थे। कमरे के बाहर तीन लोगों की तैनाती थी। इन जवानों को हर घंटे बदला जा रहा था। ऐसा करीब 12 घंटे तक चला।

एक सूत्र के हवाले से मीडिया संस्थान ने कहा है कि वियना कन्वेंशन के कारण विमान से उतारने के बाद इन बैग्स की जाँच नहीं की गई थी। वियना कन्वेंशन डिप्लोमेटिक प्रोटोकॉल से संबंधित है।

वैसे जी 20 के लिए चीनी दल का विशेष विमान की जगह चार्टर्ड प्लेन से आना भी भारतीय एजेंसियों के लिए चौंकाने वाला था। चीन के राष्ट्रपति शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। उनकी जगह प्रधानमंत्री ली कियांग अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। इस पूरे विवाद पर चीन की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है।

संदिग्ध बैग के साथ चीनी दल के नई दिल्ली आने का खुलासा टीओआई ने ही किया था। अपनी पहली रिपोर्ट में मीडिया संस्थान ने बताया था कि यह विवाद 7 सितंबर 2023 को हुआ था।

इसके अनुसार होटल के स्टाफ को रूम विजिट के दौरान बैग में संदिग्ध उपकरण होने का संदेह हुआ। उसने इसकी जानकारी ऊपर के लोगों को दी। इसके बाद चीनी स्टाफ से इस बैग को स्कैनर से ​गुजारने को कहा गया है। लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके कारण करीब 12 घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

चीन की यह हरकत इसलिए भी संदेह पैदा कर रही है, क्योंकि ताज पैलेस होटल में ही ब्राजील के राष्ट्रपति ठहरे हुए थे। जी-20 के अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी ब्राजील ही करेगा। ताज पैलेस होटल के पास ही आईटीसी मौर्य होटल भी है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित कई अन्य देशों के प्रमुख ठहरे हुए थे।

जिस स्कूल में सब ‘जीसस की संतान’, वहाँ छात्रों के माथे से हटवाए तिलक: विरोध पर हापुड़ के सेंट एंथोनी स्कूल ने पहले धमकाया, फिर माँगी माफी

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक मिशनरी स्कूल में हिन्दू छात्रों की प्रताड़ना का मामला सामने आया है। टीचरों पर हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने और छात्रों के माथे पर लगे तिलक हटाने का आरोप है। दावा है कि यहाँ छात्रों को ईसाई बनने का लालच भी दिया जाता है। हिन्दू संगठनों ने बुधवार (13 सितंबर 2023) को घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया है। पीड़ितों के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी मामले की शिकायत की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना हापुड़ जिले के देहात थाना क्षेत्र के ततारपुर की है। यहाँ स्थित सेंट एंथोनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को कई छात्रों के परिजन शिकायत लेकर पहुँचे। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल के कुछ टीचरों उनके बच्चों के माथे से तिलक पोछ दिए। हाथों में बँधी राखी काटकर कूड़ेदान में फेंक दी। आरोप यह भी है कि जब छात्रों ने टीचरों की इस हरकत का विरोध किया तब हिन्दू देवी-देवताओं के लिए अपमानजनक शब्द बोले गए।

अभिभावकों का यह भी आरोप है कि छात्रों को धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने इसके बारे में घर में किसी को बताया तो उनके नाम काट दिए जाएँगे। मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल में हिन्दू संगठनों का जमावड़ा हुआ। विश्व हिन्दू परिषद नेता गिरीश त्यागी ने आरोप लगाया है कि स्कूल के अंदर ईसाई मिशनरियों से जुड़े लोगों द्वारा छात्रों के धर्मान्तरण का प्रयास किया जाता है। उन्होंने स्कूल के अंदर हिन्दू छात्रों के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रशासन से आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की है।

अभिभावकों और हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपित टीचरों को बुलवाया। बताया जा रहा कि दुबारा ऐसा न करने का भरोसा देते हुए आरोपित टीचरों ने माफी माँगी। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। पीड़ित छात्रों के परिजनों ने इस घटना की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल, चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन और बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है। हापुड़ के एडिशनल एसपी मुकेश चंद के मुताबिक शिकायत मिलने पर मामले की सत्यता परख कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रार्थना के बीच में जीजस और अंत में आमीन

हापुड़ के जिस सेंट एंथोनी स्कूल की यह घटना है, उसकी प्रार्थना में सभी छात्रों को जीसस की संतान बताया जाता है। साथ ही प्रार्थना का अंत आमीन के साथ किया जाता है। स्कूल के परिचय में ही क्रॉस को आत्मविश्वास और बलिदान का प्रतीक बताया गया है।

बहन नहीं ‘परिवार’ का हिस्सा: कर्नाटक हाई कोर्ट, भाई की मौत के बाद अनुकंपा पर सरकारी नौकरी के दावे को किया खारिज

कर्नाटक हाई कोर्ट ने भाई की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने की एक बहन के दावे को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि शादीशुदा भाई के परिवार का बहन हिस्सा नहीं होती।

कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की बेंच ने तुमकुरु की रहने वाली 29 साल की पल्लवी जीएम की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। पल्लवी के भाई की 2016 में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। वे बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड यानी बीईएससीओएम (BESCOM) में जूनियर लाइन मैन थे।

पल्लवी की याचिका को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक सिविल सेवा (अनुकंपा आधार पर नियुक्ति) नियम, 1999 के तहत एक बहन को ‘परिवार’ की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया है। लिहाजा बहन को भाई की मौत के बाद उसकी जगह अनुकंपा पर नौकरी पाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नियम 2(1)(बी) में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी नौकरी में रहते हुए यदि किसी पुरुष की मृत्यु होती है तो उसके आश्रित या साथ रह रहे लोगों, मसलन उसकी विधवा, बेटा/बेटी को ही परिवार का सदस्य माना जाएगा।

अदालत ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के परिवार का सदस्य किसे माना जाएगा यह पहले से ही कानूनी तौर पर परिभाषित है। ऐसे में अदालत किसी व्यक्ति को परिवार की परिभाषा में न तो जोड़ सकती है और न ही हटा सकती है।

दरअसल इस मामले में याचिकाकर्ता ने सिंगल जज बेंच के 30 मार्च, 2023 के आदेश को चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने भी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की माँग वाली याचिका खारिज कर दी थी।

पल्लवी के वकील ने अदालत में तर्क दिया था कि वह अपने भाई पर निर्भर थी। इस आधार पर वह अनुकंपा पर नौकरी पाने की हकदार हैं। बीईएससीओएम के वकील ने कानूनी तौर पर परिवार की परिभाषा का हवाला देते हुए इसका विरोध किया।

हाई कोर्ट ने माना कि मृत कर्मचारी के परिवार का एक सदस्य अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का दावा कर सकता है। लेकिन उसे भी मृत कर्मचारी पर आश्रित होने का पुख्ता सबूत देना होता है। इस मामले में पल्लवी ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर पाईं जिससे यह साबित हो सके कि वह अपने मृत भाई पर आश्रित थीं। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक के परिवार के वित्तीय संकट में होने के भी कोई प्रमाण नहीं हैं।

2 आईटी पार्क, 6 इंडस्ट्रियल पार्क, पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स… मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ को आज ₹57000 करोड़ की सौगात देंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (14 सितंबर 2023) को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होंगे। दोनों राज्यों को करीब 57000 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। मध्य प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की परियोजनाओं की वे आधारशिला रखेंगे।

पीएम मोदी ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कहा है, “मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मेरे परिवारजनों के लिए कल (गुरुवार) का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों ही राज्यों के चौतरफा विकास के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। इसी कड़ी में कल कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का सौभाग्य मिलेगा। इससे यहाँ रहने वाले लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के नए-नए द्वार खुलेंगे।”

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश में PM मोदी 50,700 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। बीना जिले में मौजूद रिफाइनरी के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का भूमिपूजन करेंगे। रतलाम जिले में पावर एन्ड एनर्जी रिन्यूवल मैनुफैक्चरिंग जोन (विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण क्षेत्र) के नींव का पत्थर भी रखा जाना प्रस्तावित है। यह निर्माण रतलाम के नर्मदापुरम स्थित मेगा इंडस्ट्रियल पार्क में प्रस्तावित है।

इनके अलावा मध्य प्रदेश के अंदर 2 आईटी पार्कों की भी सौगात दी जाएगी। ये पार्क इंदौर में होंगे। साथ ही पूरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 6 अन्य इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएँगे। वहीं छत्तीसगढ़ के निवासियों को 6350 करोड़ रुपए की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। ये परियोजनाएँ रेलवे क्षेत्र के लिए होंगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक PM मोदी गुरुवार सुबह लगभग 11:15 पर मध्य प्रदेश के बीना पहुँचेंगे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक बीना रिफायनरी MP का सबसे बड़ा हब होगा। उन्होंने यहाँ लगभग 15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई है। CM शिवराज सिंह ने मोदी के दौरे से पहले बीना रिफायनरी और कार्यक्रम स्थल का का खुद निरीक्षण भी किया।

ED ने जेडीयू MLC राधा चरण सेठ को किया गिरफ्तार, विभिन्न ठिकानों पर 20 अधिकारियों ने की छापेमारी: मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार के आरा से जेडीयू के एमएलसी राधा चरण साह उर्फ सेठ को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने नोटिस दिया था। पूछताछ के बाद अधिकारियों ने बुधवार (13 सितंबर 2023) को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूरे दिन उनके ठिकानों पर टीम ने छापेमारी की थी और उनके खातों से जुड़े कई सवाल पूछे थे।

गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी की टीम ने जब राधा चरण सेठ को गिरफ्तार किया, तब उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उनकी तबीयत को देखते हुए सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच उन्हें अस्पताल ले जाया गया और उनका मेडिकल कराया गया।

सुबह 4 बजे से चल रही थी छापेमारी

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह से ही उनके ठिकानों पर छापेमारी चल रही थी। ईडी की टीम के 20 अफसरों की टीम ने सुबह से ही उनके घर, होटल और अनाईठ स्थित फार्म हाउस पर छापेमारी की। इस दौरान स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवाब भी मौजूद रहे। 8 महीने में यह तीसरी छापेमारी थी।

कई गड़बड़ियों के चलते हुई गिरफ्तारी

जानकारी के मुताबिक, राधा चरण साह उर्फ सेठ के कई व्यवसाय हैं। उन पर बालू के अवैध खनन और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े आरोप हैं। राधा चरण और उनके बेटे कन्हैया प्रसाद दोनों से ही एक सप्ताह पहले ईडी ने पटना में पूछताछ की थी। उनके पास आय से अधिक संपत्ति मिली है। साथ ही टैक्स चोरी से जुड़े आरोप भी लगे हैं।

लालू प्रसाद के करीबी थे राधाचरण

राधा चरण सेठ जेडीयू में आने से पहले राष्ट्रीय जनता दल में थे। उन्हें लालू प्रसाद यादव का खास माना जाता था। वो पिछले काफी समय से एजेंसी के रडार पर थे और करीब 15 दिनों से ईडी की टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। बताया जा रहा है कि फरवरी माह में भी उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। उस दौरान काफी अघोषित संपत्ति का पता चला था।

राधा चरण ने बिहार के आरा, पटना सहित विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, मुंबई, बेंगलुरु सहित विभिन्न राज्यों के कई शहरों में प्रॉपर्टी खरीदी है। ईडी का कहना है कि छापेमारी के दौरान कई ऐसे कागजात मिले थे, जिनमेें कोडवर्ड में जानकारी लिखी गई थी।

भोपाल में पहली रैली, न्यूज़ एंकरों के बॉयकॉट की भी योजना: शरद पवार के घर पर I.N.D.I. गठबंधन की बैठक, सीट बँटवारे पर हुआ ये फैसला

दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I. Alliance के समन्वय समिति की बैठक शरद पवार के घर पर हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में TMC नेता अभिषेक बनर्जी को छोड़कर 12 दलों के नेता शामिल हुए। समन्वय समिति की इस बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों में रैलियों के आयोजन पर सहमति बनी, जिसमें पहली रैली मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जाएगी।

सीट बँटवारे पर हुई अहम चर्चा

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैंने यह बात रखी है कि I.N.D.I. गठबंधन के दलों के पास जो सीट पहले से ही हैं उन पर चर्चा नहीं की जानी चाहिए, जब तक जिस पार्टी के पास सीट है वह उसे छोड़ना न चाहे। भाजपा, एनडीए और गठबंधन के बाहर के दलों के पास जो सीटें हैं, उनके बँटवारे पर चर्चा करनी चाहिए।”

भोपाल में पहली रैली का आयोजन

कॉन्ग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कमिटी ने फैसला किया है कि पहली संयुक्त रैली अक्टूबर के पहले सप्ताह में भोपाल में होगी। इसमें महँगाई, बेरोजगारी और भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दे उठाए जाएँगे। समन्वय समिति ने सीटों का बँटवारा तय करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। यह निर्णय लिया गया कि सदस्य दल बातचीत करेंगे और जल्द से जल्द निर्णय लेंगे।

मीडिया को लेकर बड़ा फैसला

इस बैठक में आम चीजें तो शामिल हैं ही, मीडिया को लेकर भी खास रणनीति पर चर्चा हुई है। कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि I.N.D.I. गठबंधन की मीडिया सब-कमिटी उन न्यूज एंकरों की सूची बनाए, जिनके शो में गठबंधन की खबर नहीं दिखायी जाती। उनके शो पर I.N.D.I. गठबंधन के दल अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेंगे।

I.N.D.I. Alliance की तरफ से जारी संयुक्त बयान

I.N.D.I. गठबंधन की बैठक में शामिल हुए ये नेता

आज की बैठक में एनसीपी की तरफ से शरद पवार, कॉन्ग्रेस के केसी वेणुगोपाल, DMK से टीआर बालू, आरजेडी से तेजस्‍वी यादव, शिवसेना (यूटी) के संजय राउत, जेडीयू के संजय झा, जेएमएम के हेमंत सोरेन, आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, सीपीआई के डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्‍दुल्‍ला, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती और समाजवादी पार्टी के जावेद अली शामिल हुए।