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कोटा में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की आत्महत्या को मंत्री ने दिया ‘प्रेम प्रसंग’ का मोड़, पहले भी रेप पर बोल चुके हैं ‘राजस्थान मर्दों का प्रदेश’

राजस्थान के कोटा में  मेडिकल और IIT की तैयारी कर रहे बच्चों द्वारा की जाने वाली सुसाइड की आए दिन आने वाली खबरों ने तमाम पैरेंट्स को चिंता में डाल दिया है। वहीं राजस्थान सरकार पर इस मामले में अनदेखी का आरोप लग रहा है। हाल ही में NEET की तैयारी कर रही 16 साल की छात्रा के सुसाइड मामले में राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल के बयान से बवाल मचा हुआ है। 

क्या कहा था मंत्री शांति धारीवाल ने 

दरअसल, कोटा के कोचिंग से मेडिकल की तैयारी कर एक छात्रा की आत्महत्या को मंत्री शांति धारीवाल ने प्रेम प्रसंग से जोड़ दिया। इस मामले में राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, “कोटा में रिलेशनशिप की वजह से सुसाइड होते हैं। आपको सुनकर दुख होगा कि आज भी एक लड़की ने आत्महत्या की है, लेकिन आत्महत्या का कारण यह था कि उसने जो लेटर छोड़ा वह लव अफेयर का था। अब तक जितनी भी आत्महत्या हुई है उनमें स्टडी करने की जरूरत है कि यहाँ पर ऐसा क्यों हुआ?”

वहीं उनके इस बयान पर मृतक छात्रा के परिवार का गुस्सा फूट पड़ा है। इस मामले में मृतका के पिता ने कहा, “ऐसी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है, यदि उनके पास इस बात के सबूत हैं तो वो हमें दिखाएँ। मेरी बेटी ऐसा नहीं कर सकती।”

मंत्री के बयान से नाराज हुए मृतक छात्रा के पिता ने बताया, “पुलिस प्रशासन भी यही कह रहा है कि ऐसा कोई नोट नहीं मिला है जिसमें प्रेम प्रसंग जैसा कोई मामला सामने आया हो। फिर मंत्री शांति धारीवाल के पास यह जानकारी कहाँ से आई।”

परिवार ने लगाया आवारा लड़कों द्वारा छेड़ने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोटा से हाल ही में ये खबर सामने आई थी कि NEET की तैयारी कर रही एक 16 साल की बच्ची ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। बच्ची की पहचान रिचा सिन्हा के रूप में हुई है। इस मामले में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार वह 5 महीने पहले ही नीट की तैयारी करने के लिए कोटा आई थी। वहीं छात्रा के आत्महत्या करने के बाद पिता ने कोटा में आवारा लड़कों द्वारा छेड़ने की भी बात कही है। 

हालाँकि, इस मामले में विज्ञान नगर थाना पुलिस जाँच कर रही है। बता दें कि इससे पहले 10 सितंबर, 2023 को भी कोटा में सुसाइड का एक मामला सामने आया था, जिसमें एक माँ-बेटे ने कथित तौर पर जहर खाकर सुसाइड कर ली थी। मृतकों की पहचान सतविंदर कौर (50) और उसके बेटे रोबिन सिंह (29) के रूप में हुई थी। इस मामले में पुलिस का कहना था कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन प्राथमिक तौर पर ये आत्महत्या का मामला लग रहा है। 

पहले भी विवादित बयान दे चुके है मंत्री धारीवाल

आत्महत्या की तरह ही राजस्थान रेप के मामलों में भी लगातार घिरा हुआ है। ऐसे ही रेप के मामले में मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में खड़े होकर कहा था, “राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश है। यहाँ पर बलात्कार क्यों नहीं होंगे।” बता दें कि तब भी उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। 

आपके फोन में तेज आवाज के साथ आया अलर्ट मैसेज? इमरजेंसी के लिए टेस्टिंग कर रही है सरकार, जानिए क्यों आया मैसेज

शुक्रवार (15 सितंबर 2023) को दोपहर लाखों लोगों को उनके मोबाइल पर तेज बीप की आवाज के साथ एक मैसेज मिला। मैसेज देखकर लोग चौंक गए। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि उनके फोन को क्या हो गया है। यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो परेशान होने वाली बात नहीं है। दरअसल, सरकार आपातकालीन स्थिति में अलर्ट भेजने के लिए इस मैसेज का टेस्टिंग कर रही है।

दूरसंचार विभाग द्वारा भेजे गए इस अलर्ट मैसेज में लिखा था, “यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है। कृपया इस संदेश पर ध्यान न दें, क्योंकि इस पर आपकी ओर से किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम को जाँचने हेतु भेजा गया है। इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है।”

इस मैसेज में साफ तौर पर लिखा है कि यह मैसेज आपातकालीन स्थिति में अलर्ट भेजने के उद्देश्य से परीक्षण यानि कि टेस्टिंग के तौर पर भेजा गया है। दरअसल, सरकार किसी भी आपात स्थिति में लोगों को एक अलर्ट भेजकर सजग करने का प्लान बना रही है। इसके लिए इस तरह की टेस्टिंग कर यह जाँचने का प्रयास किया जा रहा है कि अलर्ट सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।

वहीं, भेजे गए एक अन्य फ्लैश मैसेज में लोगों से कहा गया है कि उन्हें इमरजेंसी अलर्ट मैसेज मिल रहे हैं। क्या वे इस सर्विस को चालू रखना चाहते हैं? इसमें नीचे No और Yes चुनने का विकल्प था। जिन लोगों ने Yes क्लिक किया होगा, हो सकता है कि उन्हें और भी इस तरह के अलर्ट आएँ।

बताते चलें कि भूकंप, सुनामी, तूफान, बाढ़, आग जैसी विभिन्न आपदाओं में लोग घरों या अन्य जगहों में फँसे रह जाते हैं। कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। अब इन आपदाओं को लेकर सरकार लोगों को पहले ही अलर्ट करेगी। इससे समय रहते लोगों को अपनी और अपने लोगों की जान-माल की हिफाजत करने में आसानी होगी।

ये मैसेज एक साथ 1-2 नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों को भेजे जा सकते हैं। इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के जरिए किसी एक क्षेत्र विशेष, शहर या राज्य या फिर पूरे देश के लोगों को एक साथ मैसेज भेजा जा सकता है। यह अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम (AIEAS) से जुड़ा है।

अर्जुन के लिए हिंदू बनी मुस्कान अली, अगस्त मुनि आश्रम में लिए फेरे: अब तक 85 मुस्लिम लड़कियों ने घर वापसी कर की है शादी

बदायूँ के अर्जुन सागर के प्यार में 18 साल की मुस्कान अली अब मुस्कान सागर बन गई हैं। दरअसल, मुस्लिम परिवार से आने वाली मुस्कान ने गुरुवार (14 अगस्त, 2023) रात में हिन्दू धर्म अपनाकर बरेली के मणिनाथ स्थित अगस्त मुनि आश्रम में हिंदू रीति रिवाज से अपने प्रेमी अर्जुन के साथ सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बँध गईं। आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखदार ने पहले दोनों का गंगाजल से शुद्धिकरण किया, और उसके बाद मंत्र उच्चारण कर हिंदू रीति रिवाज से शादी कराई। इस अवसर पर मुस्कान ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से हिन्दू धर्म अपनाया है।

2 साल पहले हुई थी दोस्ती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बदायूँ जिले के गुराई गाँव की निवासी मुस्कान अली पुत्री हम सफर आठवीं पास हैं। और इसी माह बालिग हुई हैं। मुस्कान अली से मुस्कान सागर बनी लड़की का कहना है कि बदायूँ के अर्जुन सागर मोहल्ला नाहर खाँ नई बस्ती लालपुर में अर्जुन अपने रिश्तेदारी में आता था। यहीं दोनों की दो साल पहले मुलाकात हुई। फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। 

आश्रम में विवाह के बाद दोनों ने कहा कि हमें शांति से जीने दिया जाए। पेशे से टेम्पो ड्राइवर अर्जुन ने कहा कि वह मुस्कान को पूरा सम्मान देंगे। वहीं इस मामले में आचार्य ने बताया कि दोनों के बालिग होने और विवाह संबंधी सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद ही विवाह कराया गया है।

आजीवन हिन्दू ही रहूँगी 

अर्जुन से विवाह के लिए हिन्दू बनीं मुस्कान का कहना है कि अब आजीवन हिंदू ही रहूँगी। यह बात मुस्कान ने आचार्य को दिए गए शपथ पत्र में कही है। जिसने अपना नया नाम मुस्कान सागर रख लिया।

परिवार से जान का खतरा

कहते हैं कि दो साल पहले जब प्यार परवान चढ़ा तो अर्जुन और मुस्कान ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं, लेकिन उनके प्यार के आड़े मुस्कान अली की मजहब दीवार बन कर खड़ी हो गई। क्योंकि अर्जुन हिन्दू थे। ऐसे में मुस्कान अली के परिवार वाले शादी कराने को तैयार नहीं थे। 

रिपोर्ट के अनुसार, जब घरवाले शादी कराने को तैयार नहीं हुए तो अर्जुन और मुस्कान दोनों ने घर छोड़कर शादी करने का फैसला कर लिया। मुस्कान ने बताया कि तीन तलाक और हलाला जैसी बातों से डर लगता था। मुस्कान ने बताया कि उसकी हिंदू धर्म में पहले से ही आस्था थी। हिंदू धर्म अपनाने से इस्लाम की कुरीतियों से मुक्ति मिल गई है, डर निकल गया है। मुस्कान का कहना है, “मुझे मेरे परिवार से जान का खतरा है, वह हम दोनों को कभी भी मार सकते हैं।”

हालाँकि, जान के खतरे को देखते हुए शुक्रवार (15 सितम्बर, 2023) को आईजी से भी शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। मुस्कान सागर का कहना है कि यदि हम दोनों के साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए मेरे परिवार वाले जिम्मेदार होंगे।

9 साल में 85 मुस्लिम लड़कियों की हिंदू लड़कों से शादी

बता दें कि पंडित केके शंखदार पिछले 9 साल में 85 मुस्लिम लड़कियों की हिंदू लड़कों से शादी करा चुके हैं। इससे पहले 5 साल के लम्बे इंतजार और संघर्षों के बाद आकाश और इकरा बी का विवाह भी इसी आश्रम में हुआ था। 8 सितम्बर, 2023 को अगस्त मुनि आश्रम में ही शुद्धिकरण के बाद इकरा बी प्रीति बन गई थीं। इस मामले में भी इकरा बी नाम की एक मुस्लिम लड़की ने अपने प्‍यार के लिए न सिर्फ हिन्‍दू धर्म अपनाया था बल्कि लम्बा इंतज़ार भी किया।

बिहार के शिक्षा मंत्री ने अब रामचरितमानस को बताया ‘पोटैशियम साइनाइड’, पहले कहा था- नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ: BJP बोली- जनता करेगी बायकॉट

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने रामचरितमानस की तुलना बेहद खतरनाक जहर पोटैशियम साइनाइड से की है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड है। जब तक यह रहेगा, तब तक इसका विरोध करते रहेंगे। इससे पहले वे मानस को बाँटने वाला ग्रंथ बता चुके हैं।

चंद्रशेखर ने कहा कि 55 तरह का व्यंजन परोस कर उसमें पोटैशियम साइनाइड मिला दीजिए तो क्या होगा? रामचरितमानस के साथ भी यही हाल है। बिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी में कार्यक्रम में उन्होंने रामचरितमानस के अरण्य कांड की चौपाई ‘पूजहि विप्र सकल गुण हीना, शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा’ की चर्चा की।

इस चौपाई का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से पूछा कि ये क्या है? क्या इसमें जाति को लेकर गलत बात नहीं कही गई है? शिक्षा मंत्री ने कहा, “पिछली बार रामचरितमानस के सुंदर कांड के दोहे पर जीभ काटने की कीमत 10 करोड़ रुपए लगाई गई थी तो मेरे गले की कीमत क्या होगी?”

चंद्रशेकर यादव ने वहाँ उपस्थित लोगों से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या गुणहीन विप्र (ब्राह्मण) पूजनीय है और गुणयुक्त शूद्र वेद का जानकार होने पर भी पूजनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन चीजों का विरोध डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और नागार्जुन ने भी किया था।

बिहार के शिक्षा मंत्री और सरकार में सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से विधायक चंद्रशेखर ने कहा, “एकलव्य का अंगूठा काटा गया। आप लोग जगदेव प्रसाद को गोली मारने के कारण को जरा गूगल करके पढ़िएगा तो पता चल जाएगा कि मैं किन चीजों का विरोध कर रहा हूँ।”

भाजपा ने बोला हमला

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने चंद्रशेखर यादव के बयान पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी अलायंस (I.N.D.I. Alliance) के अंदर हिंदू धर्म को लेकर जहर भरा हुआ है। कोई बोल रहा है कि हिंदू धर्म डेंगू-मलेरिया है तो कोई एड्स बता रहा है। चंद्रशेखर यादव रामचरितमानस को पोटैशियम साइनाइड कह रहे हैं।

संबित पात्रा ने आगे कहा, “जिस राम नाम को लेकर हम परलोक जाते हैं, उसे ये जहर बता रहे हैं। करोड़ों लोगों की आस्था है कि ‘राम नाम सत्य है’ कहकर परलोक जाते हैं। उस राम के नाम को जहर बताने वाले इस देश की मूल आस्था पर चोट करते हैं।”

पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं चंद्रशेखर

ये पहली बार नहीं है, जब बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर इस तरह का बेतुका बयान दिया हो। कुछ दिनों पहले ही चंद्रशेखर ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम‘ बता दिया था। उनके इस बयान पर भी भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए थे। दरअसल, मर्यादा पुरुषोत्तम सिर्फ भगवान राम को कहा जाता है।

दरअसल, चंद्रशेखर ने कहा था, “जब शैतानियत बढ़ गई दुनिया में, ईमान खत्म हो गया, बेईमान और शैतान ज्यादा हो गए तो मध्य एशिया के इलाके में ईश्वर ने… प्रभु ने… परमात्मा ने… मर्यादा पुरुषोत्तम पैगंबर मुहम्मद साहब को पैदा किया। ईमान लाने के लिए। इस्लाम ईमान लाने के लिए आया। इस्लाम बेइमानी और शैतानी के खिलाफ आया। अगर बेईमान भी खुद को मुस्लिम कहते हैं तो इसकी इजाजत खुदा नहीं देता है।”

फारूक अब्दुल्ला ने ‘बेटी’ का हाथ पकड़ा, पूछा- निकाह कब करोगी, शौहर खुद चुनोगी: पूर्व CM का वीडियो वायरल, महिला पत्रकार के साथ सलूक पर फँसे

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वे एक युवा महिला पत्रकार के साथ अजीबोगरीब व्यवहार और सवाल करते दिख रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में उनकी आलोचना हो रही है।

हालाँकि वीडियो में दिखने वाली युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर का कहना है कि फारूक अब्दुल्ला के साथ उनकी बातचीत ‘शानदार’ रही और पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें ‘बेटी’ की तरह मानते हैं।

85 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला का यह वीडियो ऐसे वक्त में वायरल हो रहा जब INDI गठबंधन ने ऐसे 14 पत्रकारों के बायकॉट का ऐलान किया है जो कठिन सवाल पूछते रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अब्दुल्ला विपक्ष के इस गठबंधन के हिस्सा हैं।

वीडियो में अब्दुल्ला को युवा महिला पत्रकार का हाथ पकड़ते और कंधा छूते दिख रहे हैं। उससे पूछते हैं कि क्या उसने अपना शौहर चुन लिया है। अब्दुल्ला की इस हरकत पर आसपास खड़े कुछ लोग हँसते हुए भी दिख रहे हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने महिला पत्रकार से पूछा- निकाह कब करोगी

इस वीडियो में महिला पत्रकार उरफाना मुनीर कहती हैं कि सर एक लास्ट सवाल यह जानना चाहूँगी कि इनका कहना… लेकिन उनका सवाल पूरा होने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला उनसे स्थानीय भाषा में उससे पूछते हैं- तुमने निकाह कर ली, तुम निकाह कब करोगी? क्या तुमने अपना शौहर चुना? क्या तुम्हारे अब्बू-अम्मी तुम्हारा शौहर चुनेंगे या तुम चुनोगी।

इस पर युवा महिला पत्रकार जवाब देती है, “मैं अभी बहुत छोटी हूँ सर अभी।” इसके बाद बुजुर्ग अब्दुल्ला उससे निकाह में सावधान रहने को कहते हैं। कहते हैं- क्या पता वो औरतों के साथ घूम रहा हो और तुम्हें पता भी न चले। इसके बाद वे जोर से हँसने लगते हैं।

इसके बाद फारूक अब्दुल्ला महिला पत्रकार से पूछते हैं- यह (मेहंदी) आपके हाथों पर क्यों है? इसके बाद वे हिंदी में कहते हैं- तेरी किसी की शादी थी? जवाब में महिला पत्रकार कहती हैं- मेरे बड़े भाई की शादी थी। इसके बाद अब्दुल्ला उससे हँसते हुए कहते हैं- शादी ठीक थी, बीवी रहेगी कुछ दिन या भाग जाएगी। जवाब में महिला पत्रकार कहती है- रहेगी सर।

बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट करते कहा है कि फारूक अब्दुल्ला अपने सबसे घृणित रूप में दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा है, “रिपोर्टर शायद उनकी पोती की उम्र या उससे भी छोटी है। लेकिन यह तथ्य उन्हें असहज सवाल पूछने से नहीं रोकता है।”

वहीं पत्रकार आदित्य राज कौल ने लिखा है, “महिला विरोधी फारूक अब्दुल्ला से मिलिए।” साथ ही पूछा है कि क्या फारूक अब्दुल्ला सार्वजानिक तौर पर कैमरे के सामने अपने बेटे या बेटी की शादी के बारे में उनसे ऐसे ही सवाल पूछते?

वहीं बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि यह सिर्फ गैर पेशवर ही नहीं है। यह महिला विरोधी और बेहद घिनौना भी है। लेकिन उस गठबंधन के लिए यह हैरानी की बात नहीं है जो सवाल पूछने वाले पत्रकारों का बहिष्कार करता है।

वीडियो वायरल होने के बाद युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है, “फारूक अब्दुल्ला साहब के साथ बातचीत शानदार थी। उन्होंने हमेशा मुझे एक बेटी की तरह माना है। नेटिजन्स से अनुरोध है कि वे इसका मजाक न बनाएँ।”

टेलर भाई उमर और शकील ने 100+ छात्राओं से की गंदी हरकत, चप्पल कुटाई के बाद हुए गिरफ्तार: हाल में ही राष्ट्रपति से मिलकर लौटी हैं कई पीड़ित छात्राएँ

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में दो दर्जियों की काली करतूत सामने आई है। आरोप है कि मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील नाम के दर्जियों ने यूनिफॉर्म का माप लेने के नाम पर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ की। मामले का खुलासा होने के बाद छात्राओं और उनके परिजनों ने आरोपितों की जमकर पिटाई कर दी। फिलहाल दोनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उधमसिंह नगर जिले के खटीमा में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का है। यहाँ स्कूल प्रबंधन ने 22 अगस्त और 6 सितंबर को लड़कियों की यूनिफॉर्म का माप लेने के लिए दो दर्जियों को बुलाया था। इसके बाद एक निजी कारखाने की ओर से मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील स्कूल आए।

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उमर और शकील ने 100 से अधिक छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की है। इस मामले में अभिभावक संघ ने पुलिस को शिकायत दी है। दी गई शिकायत में कहा गया है कि यूनिफॉर्म का माप लेते हुए दोनों दर्जी छात्राओं को गलत तरीके से छू रहे थे। इस दौरान अश्लील शब्दों का भी उपयोग किया।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित छात्राओं ने इस मामले में पहले स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज छात्राओं और अभिभावकों ने स्कूल पहुँचकर हंगामा किया। मामले की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुँच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान छात्राओं और अभिभावकों ने दोनों दर्जियों की चप्पल से पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह दोनों दर्जियों को गुस्साई छात्राओं और अभिभावकों की भीड़ से बचाया और अपने साथ ले गई। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

अभिभावकों का कहना है कि जिस दौरान दोनों दर्जी मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील लड़कियों से नाप लेने के नाम पर छेड़छाड़ कर रहे थे। उस दौरान स्कूल कर्मचारी अशोक आर्य, ममता खोलिया और चन्द्रशेखर भी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि सब कुछ देखने के बाद भी ये लोग चुप रहे। स्कूल प्रबंधन ने इन तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

इस मामले में अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह राणा का कहना है कि छात्राओं ने इसकी शिकायत की तो स्कूल के प्रधानाचार्य ने उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपित दर्जियों मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील के खिलाफ IPC की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। 

ऑपइंडिया से बातचीत में सिद्धार्थ गारमेंट के मालिक ने बताया कि दोनों आरोपित भाई हैं। उसने बताया कि कि जिन लड़कियों के साथ अश्लील हरकत की गई है, उनमें से कुछ लड़कियाँ हाल ही मेें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर आई हैं। बता दें कि स्कूल प्रशासन ने लड़कियों की यूनिफॉर्म के कपड़े इसी दुकान से लिए थे।

‘मेरा बेटा देश की शान… मेरी पोती बदला लेगी’: पंचतत्व में विलीन हो गया बेटा, गर्व से देखती रही माँ, अनंतनाग एनकाउंटर में बलिदान हुए थे मेजर आशीष

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पिछले तीन दिनों से चल रही मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ के दौरान बुधवार (13 सितंबर 2023) को वीरगति को प्राप्त हुए मेजर आशीष धौंचक पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। मेजर आशीष को उनके भाई विकास ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ आखिरी विदाई दी गई।

उनकी अंतिम यात्रा में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। उनका पार्थिव शरीर पानीपत के उसी घर में पहुँचा, जिसे वो बनवा रहे थे। इस घर का गृह प्रवेश 23 अक्टूबर 2023 को तय हुआ था और इस दिन मेजर छुट्टी लेकर आने वाले थे। उन्हें इस साल 15 अगस्त को सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।

“मैंने शेर को जन्म दिया है, बेटा देश की शान… पोती बदला लेगी”

मेजर आशीष की अंतिम यात्रा में ‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, मेजर आशीष तेरा नाम रहेगा‘ के नारे लगते रहे। इस दौरान उनकी बहन ने सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी। वहीं, उनकी माँ कमला देवी जब उनके पास आईं तो उनके मुख से दो ही लाइन निकल रही थी, “मेरा बेटा देश की शान, मेरी पोती बदला लेगी।”

वीरगति को प्राप्त हुए मेजर आशीष धौंचक की माँ ने हरियाणवी में कहा कि मेजर आशीष की बेटी भी पिता की तरह सेना में अधिकारी बनेगी और आतंकियों को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा, “मैं क्यों रोऊँ? मैं सैल्यूट करूँगी, क्योंकि मैंने शेर को जन्म दिया है।”

मेजर के परिवार ने दी विदाई, फोटो साभार : भास्कर

23 अक्टूबर को नए घर में गृह प्रवेश करने वाले थे मेजर

अनंतनाग में वीरगति को प्राप्त हुए 19 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) के मेजर आशीष धौंचक का परिवार किराए के मकान में रह रहा था। वो अपने लिए टीडीआई में नया घर बना रहे थे, और 23 अक्टूबर को अपने नए घर में गृह प्रवेश करने वाले थे। वो जीते जी तो उस घर में रह नहीं पाए, लेकिन उनका पार्थिव शरीर उसी टीडीआई सिटी वाले घर पर लाया गया। यहीं से उन्हें आखिरी विदाई दी गई।

बहादुर और निडर थे मेजर आशीष

मेजर आशीष धौंचक के दोस्तों का कहना है कि वो हमेशा से निडर थे। आतंकियों के खिलाफ कई ऑपरेशन चला चुके थे और ऑपरेशन्स को लीड करते थे। कई ऑपरेशन में वो आतंकियों को ढेर कर चुके थे। अनंतनाग के सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से छिपकर की गई गोलीबारी की चपेट में आकर वो वीरगति को प्राप्त हुए।

चचेरा भाई भी सेना में मेजर, उन्होंने ही ने दी मुखाग्नि

मेजर आशीष धौंचक की तीन बहनें हैं और वो अकेला भाई थे। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। वो अपने पीछे पत्नी ज्योति और 2 साल की बेटी वामिका को छोड़ गए हैं। उनके पिता लालचंद एनएफएल से रिटायर्ड हैं। वहीं, उनका चचेरा भाई विकास भी सेना में मेजर हैं।

मेजर आशीष को मुखाग्नि मेजर विकास ने ही दी। मेजर आशीष 25 साल की उम्र में बतौर लेफ्टिनेंट साल 2012 में सेना में भर्ती हुए थे और अपनी साहसिक सेवा के दम पर साल 2018 में प्रमोट होकर मेजर बने थे। वो ढाई साल से राजौरी में तैनात थे।

कर्नल मनप्रीत सिंह और जेके पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट्ट को भी वीरगति

बता दें कि अनंतनाग एनकाउंटर में मेजर आशीष धौंचक के साथ ही कर्नल मनप्रीत सिंह और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूँ भट्टे को भी वीरगति प्राप्त हुई है। इस एनकाउंटर में एक जवान को आज (15 अक्टूबर 2023) को वीरगति प्राप्त हुई है।

अनंतनाग एनकाउंटर के दौरान वीरगति पाने डीएसपी हुमायूँ भट्ट को पूरे राजकीय सम्मान के आखिरी विदाई दी गई। हुमायूँ भट्ट के पिता DIG रह चुके हैं। वहीं, सैनिकों के परिवार से आने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह को चंडीगढ़ में आखिरी विदाई दी गई।

‘प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश इमरजेंसी जैसा’: बीजेपी ने INDI अलायन्स द्वारा 14 एंकर्स के बहिष्कार का किया विरोध, कहा- घमंडिया गठबंधन को सच सुनने में लगता है डर

INDI अलायंस ने न्यूज एंकर्स की एक लिस्ट जारी कर खुले तौर पर उनका बहिष्कार करने का फैसला लिया है। वहीं इस पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से एक प्रेस बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि घमंडिया INDI अलायंस का मीडिया को सीधी धमकी देना सच बोलने पर मीडिया का मुँह बंद करने जैसा है।

बीजेपी ने अपने बयान में कहा है कि इससे यह भी पता चलता है कि ‘घमंडिया’ गठबंधन में सच्चाई का सामना करने का साहस नहीं है। पार्टी इस गठबंधन के दुर्भाग्यपूर्ण कदम की सख्त आलोचना और खंडन करती है।

दरअसल, विपक्षी दलों के INDI गठबंधन द्वारा बुधवार (13 सितंबर, 2023) को दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि वो अपने नेताओं और प्रवक्ताओं को कुछ टीवी एंकर्स के शो का बहिष्कार करते हुए नहीं भेजेंगे। इसके लिए गठबंधन की तरफ से 14 एंकर्स की लिस्ट भी जारी कर दी गई थी।

इसके बाद से बीजेपी विपक्षी गठबंधन पर हमलावार है और इसका करारा जवाब दे रही है। इसी कड़ी में पार्टी की तरफ से ये आधिकारिक बयान राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की तरफ से जारी किया गया है। बीजेपी के इस आधिकारिक बयान में कहा गया है कि INDI अलायंस के दलों द्वारा पत्रकारों के बहिष्कार और उन्हें धमकाने का निर्णय घोर निंदनीय और आलोचना के योग्य है।

इस गठबंधन में शामिल दलों ने ऐसा निर्णय लेकर अपनी दमनकारी, तानाशाही और नकारात्मक सोच को जाहिर किया है। बीजेपी इस दुर्भाग्यपूर्ण कदम की कड़ी निंदा करती है। बीजेपी ऐसी विकृत सोच का घोर विरोध करती है जो विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोके।

पार्टी ने कहा, “इस गठबंधन में शामिल दलों के पत्रकारों के बहिष्कार की धृष्टता से ऐलान उनकी इमरजेंसी वाली सोच को दर्शाता है। हम सब जानते हैं कि अतीत में भी इसी तरह से आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का गला घोंटा गया था। आज भी घमंडिया गठबंधन के दल उसी अराजकतावादी और इमरजेंसी वाली सोच के तहत काम कर रही है।”

बीजेपी ने कहा कि इस गठबंधन द्वारा खुलेआम मीडिया को धमकी देना देश की आवाज को कुचलने जैसा है। इससे ये भी लगता है कि घमंडिया दलों में सच का सामना करने की हिम्मत नहीं है। इससे ये भी लगता है कि ये गठबंधन किसी बाहरी दबाव में मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

बीजेपी ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर बोलते हुए कहा, “देश में लोकतंत्र है किसी को भी प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ये गठबंधन हताश और निराश है। बीजेपी मीडिया संस्थानों और अपने कर्तव्य के लिए समर्पित सभी पत्रकारों से आग्रह करती है कि आप ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ऐसी विकृत सोच का विरोध करें।”

पार्टी ने कहा, “सभी पत्रकार साथी घमंडिया गठबंधन के दलों की ऐसी तानाशाही मानसिकता के आगे बिल्कुल न डरते हुए बगैर किसी फियर (डर) और फेवर (पक्षपात) के उच्च भारतीय मूल्यों का पालन करते हुए ऐसी घटिया सोच का बहिष्कार करें।”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी सोशल मीडिया पर शेयर एक पोस्ट में लिखा, “झूठ बोलने के एक सूत्रीय कार्यक्रम के तहत बने सनातन विरोधी INDI एलायंस को सच सुनने में डर लगता है। इसलिए वे घमंडिया गठबंधन के आगे न झुकने वाले पत्रकारों के खिलाफ प्रतिबंध का ऐलान कर रहे हैं।”

वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने लिखा- “पत्रकारों का बायकॉट, उनके ऊपर मुकदमे INDI एलायंस में इतनी छटपटाहट क्यों है?”

नूहं में घर के बाहर नहीं पढ़ सकेंगे जुमे की नमाज, इंटरनेट बंद; धारा 144 लागू: मामन खान की कोर्ट में पेशी से पहले प्रशासन ने की तैयारी

हरियाणा के मेवात क्षेत्र के नूहं में हिंदुओं की शोभायात्रा पर हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान को गिरफ्तार कर लिया है। आज शुक्रवार (15 सितंबर 2023) को पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने जा रही है। इस बीच तनाव और हिंसा की आशंका के चलते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लगा दिया है।

प्रशासन ने धारा 144 के साथ ही इस इलाके में इंटरनेट सेवा को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने मुस्लिमों से शुक्रवार की यानी जुमे की नमाज को अपने-अपने घरों में पढ़ने की अपील की है। जो इस निर्देश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

ANI ने हरियाणा की एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) ममता सिंह के हवाले से कहा है कि मामन खान को कोर्ट में पेश किया जाना है। इसको देखते हुए नूहं जिला अदालत के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए प्रशासन ने कहा कि हरियाणा के नूहं जिले में धारा 144 लागू की जा रही है।

बयान में यह भी कहा गया है कि 15 सितंबर 2023 को सुबह 10:00 बजे से लेकर 16 सितंबर की रात 11:59 बजे तक के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। प्रशासन ने संदेह जताया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक इत्यादि द्वारा अफवाहें फैलाई जा सकती हैं।

प्रशासन को आशंका है कि गिरफ्तारी के चलते इलाके में तनाव, हिंसा, प्रदर्शन या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के प्रयास हो सकते हैं। इसके अलावा, बल्क मैसेज पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी संभावित दुर्घटना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शुक्रवार की नमाज अपने घरों में ही पढ़ने का अनुरोध किया है।

कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान को राजस्थान से उठा लाई हरियाणा पुलिस

नूहं हिंसा मामले की जाँच के लिए गठित SIT ने हरियाणा के फिरोजपुर झिरका से कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए मामन ने 12 सितंबर 2023 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि हिंसा वाले दिन और उससे पहले वह इलाके में नहीं थे।

मामन खान ने कोर्ट से उच्च अधिकारियों की देखरेख में SIT जाँच कराने और जाँच पूरी होने तक उसके खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने की माँग की थी। इस याचिका पर 14 सितंबर को सुनवाई हुई, जहाँ SIT ने मामन खान के खिलाफ सारे सबूत कोर्ट में पेश कर दिए। सबूतों को देखते हुए कोर्ट ने मामन की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई थी।

इसके बाद SIT ने कॉन्ग्रेस विधायक को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने मामन खान को दो बार नोटिस भेजा था और हिंसा के संदर्भ में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया था, लेकिन मामन खान ने पुलिस को सहयोग नहीं किया और वे पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए।

बता दें कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज नूहं हिंसा के पीछे मामन खान के हाथ होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि नूहं हिंसा के गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में कहा है कि वे कॉन्ग्रेस विधायक मामन खान के संपर्क में थे। उन्होंने कहा था कि हिंसा से पहले मामन खान ने 29 से 31 जुलाई को नूहं का दौरा किया था। दंगे के दौरान वह लोगों के साथ लाइव कॉन्टैक्ट में था।

क्या है मामला

हरियाणा के मेवात क्षेत्र के नूहं जिले में 31 जुलाई 2023 को हिंदू संगठन श्रावण की सोमवारी के अवसर पर बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा निकाल रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे इस्लामिक दंगाइयों ने उन पर हमला बोल दिया था। इस दौरान श्रद्धालुओं जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी की गई थी।

इस्लामी दंगाइयों ने नल्हड़ के महादेव मंदिर को तीन ओर से घेरकर फायरिंग की थी। इसके चलते 1500 से अधिक हिंदू मंदिर में फँस गए थे। आरोप है कि इस्लामवादियों ने हिंदुओं को घेरकर उन्हें जान से मारने की प्लानिंग की थी। हालाँकि, हरियाणा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला था।

‘अदालत के फैसले राजनीति से अलग नहीं’: रिटायर हो चुके जज मुरलीधर ने कहा, अर्बन नक्सल गौतम नवलखा के हाउस अरेस्ट को इन्होंने ही किया था रद्द

ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस एस मुरलीधर ने गुरुवार (14 सितंबर, 2023) को कहा कि न चाहते हुए भी जज राजनीतिक विकल्प चुनते हैं, जबकि उन्हें लगता है कि वे तटस्थ हैं। दरअसल, ये दिल्ली हाई कोर्ट के वही पूर्व जज हैं जिन पर भीमा कोरेगाँव केस के 2018 के फैसले पर उन पर पक्षपाती होने का आरोप लगा था।

तब इस फैसले में उन्होंने अर्बन नक्सल गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड और हाउस अरेस्ट को रद्द कर दिया था। आज वही जज परोक्ष तौर पर ये कह रहे हैं कि अदालत के फैसलों में राजनीतिक चयन रहता है। ये बात उन्होंने एडवोकेट गौतम भाटिया की पुस्तक “अनसील्ड कवर्स: ए डिकेड ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन, द कोर्ट्स एंड द स्टेट” के लॉन्च पर कही।

राजनीति से अलग नहीं हैं जज

किताब की लॉन्च के बाद जस्टिस मुरलीधर, सीनियर वकील रेबेका जॉन, पत्रकार सीमा चिश्ती और एडवोकेट गौतम भाटिया के पैनल के बीच चर्चा भी हुई। इस दौरान रिटायर्ड जज एस मुरलीधर ने कहा कि जज कहाँ से आते हैं? गौतम का लेखन आपको ये बताता है कि जज नियत (Definitive Positions) पदों से आते हैं यानी सीमाओं में बँधकर आते हैं।

उन्होंने कहा, “इस तरह के केस में जज राजनीतिक विकल्प चुनते हैं। वे ये सोच सकते हैं कि वे तटस्थ हैं कि उनके पास कोई सीमा नहीं है। लेकिन चाहे आप किसी तर्क को स्वीकार कर रहे हों या अस्वीकार कर रहे हों, आप एक राजनीतिक विकल्प चुन रहे होते हैं।”

यह किताब वास्तव में आपको बताती है कि अदालत के सामने ऐसे कई मुद्दे आते हैं जहाँ एक राजनीतिक मुद्दे को कानूनी मुद्दे का रूप दे दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे पास दो खबरें थी। इनमें से एक लक्षद्वीप के स्कूलों में भोजन की पसंद पर और दूसरा केरल के एक मंदिर में झंडा फहराने के बारे में थी।

रिटायर्ड जज मुरलीधर ने आगे कहा, “यह किताब बहुत साफ तौर बताती है कि राजनीति और न्यायिक कामकाज उतने अलग नहीं हैं जितना हम चाहते हैं। हम क्या पहनते हैं, क्या खाते हैं या क्या बोलते हैं जैसे सभी मुद्दे अदालत के सामने आने वाले संवैधानिक मुद्दे बनते जा रहे हैं। जजों को सार्वजनिक तौर पर फैसलों में चुनाव के लिए मजबूर किया जाता है।”

रिटायर्ड जज मुरलीधर के फैसलों पर लगे थे सवालिया निशान

साल 2022 में फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने भीमा कोरेगाँव मामले में तब दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस रहे एस मुरलीधर पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया था। उनका ये आरोप जस्टिस मुरलीधर के गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड और हाउस अरेस्ट को रद्द करने फैसले पर था।

हालाँकि, बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, 6 दिसंबर 2022 को विवेक अग्निहोत्री ने जस्टिस मुरलीधर के खिलाफ किए गए कॉमेंट्स पर बगैर शर्त दिल्ली हाईकोर्ट से माफी भी माँगी थी। इस आरोप पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्निहोत्री और भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व निदेशक एस गुरुमूर्ति के खिलाफ 2018 में अवमानना का केस किया था।

गौरतलब है कि पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगाँव मामले में अगस्त 2018 में नवलखा को दिल्ली से हिरासत में लिया था और उन्हें घर में नजरबंद करने के लिए महाराष्ट्र ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड ली थी। उस साल अक्टूबर में जस्टिस मुरलीधर ने इस ट्रांजिट रिमांड को रद्द करते हुए नवलखा को हाउस अरेस्ट से रिहा करने का आदेश दिया था। बता दें कि जस्टिस मुरलीधर साल 2021 में उड़ीसा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे और 7 अगस्त, 2023 को रिटायर हुए थे।