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तमिलनाडु के मंदिरों में महिला पुजारियों की नियुक्ति द्रविड़ियन नहीं, सनातनी मॉडल है मिस्टर MK स्टालिन

तमिलनाडु के मंदिरों में तीन महिला पुजारियों की नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बृहस्पतिवार (14 सितंबर 2023) को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएँ मंदिरों में पुजारियों की भूमिका निभाएँगी, जो द्रविड़ियन मॉडल का उत्तम उदाहरण है। स्टालिन ने दावा किया कि ऐसा करके ‘उन्होंने’ पेरियार के ‘दिल का काँटा’ निकाल दिया है। हालाँकि, ये सच नहीं है क्योंकि मिस्टर स्टालिन जो कुछ भी कह रहे हैं, वो तथ्यात्मक रूप से न सिर्फ गलत है, बल्कि इतिहास के साथ ही वर्तमान से भी छेड़छाड़ है।

सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि स्टालिन ने दावा क्या किया है। दरअसल, तीन महिलाओं ने श्रीरंगम के तिरुचिरापल्ली में श्री रंगनाथर मंदिर द्वारा संचालित अर्चाकर (पुजारी) प्रशिक्षण स्कूल में प्रशिक्षण पूरा किया है। उन्हें सरकार की तरफ से सर्टिफिकेट और नियुक्ति पत्र मिला है। इसके बाद स्टालिन ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, “पायलट और अंतरिक्ष यात्री के तौर पर महिलाओं की उपलब्धियों के बावजूद, उनके मंदिर के पुजारी की पवित्र भूमिका निभाने पर रोक थी।”

स्टालिन ने आगे कहा, “उन्हें (महिलाओं को) अपवित्र माना गया है। यहाँ तक कि देवी मंदिरों में भी। लेकिन, अंततः परिवर्तन हुआ। तमिलनाडु में हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने सभी जातियों के लोगों को पुजारी के रूप में नियुक्त करके थानथाई पेरियार के दिल से काँटा निकाल दिया है। महिलाएँ अब गर्भगृह में कदम रख रही हैं। इससे समावेशी और समानता का एक नया युग आ रहा है।”

दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन उस बारे में बात कर रहे हैं, जिसमें ‘पेरियार’ ईवी रामासामी ने एक बार गैर-ब्राह्मणों को मंदिरों में पुजारी की भूमिका निभाने की अनुमति न दिये जाने को अपने दिल में ‘काँटा’ बताया था। पेरियार ने कहा था कि मंदिरों में सभी जाति के लोगों को पुजारी बनाना चाहिए।

एमके स्टालिन की मानें तो महिलाओं को पुजारी के तौर पर नियुक्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि सनातन परंपरा ऐसी ही है। हालाँकि, स्टालिन की बात पूर्ण रूप से असत्य है। वर्तमान समय में ही पूरे देश के अलग-अलग जगहों पर महिला पुजारी हैं और वह ईश्वर की आराधना भी कर रही हैं। हम कुछ ऐसे ही मंदिरों के बारे में आपको बता रहे हैं।

बिहार के दरभंगा का अहिल्या मंदिर

इस लिस्ट में पहला नाम दरभंगा स्थित अहिल्या मंदिर का है। दरभंगा से 26 किलोमीटर दूर कमतौल में स्थित अहिल्या माता के इस मंदिर की मुख्य पुजारी अवंतिका मिश्रा हैं। इस मंदिर की परंपरा ही है कि यहाँ कोई पुरुष पुजारी हो ही नहीं सकता, क्योंकि माता अहिल्या को छूने की अनुमति किसी पुरुष को नहीं है।

यह मंदिर न सिर्फ बहुत पुराना है, बल्कि सनातन परंपरा के अनुसार त्रेता युग और भगवान राम से भी जुड़ा है। इस पुरुष सिर्फ दूर से दर्शन कर सकते हैं।

उत्तराखंड के चमोली में स्थित फ्यूंला नारायण मंदिर

उत्‍तराखंड के चमोली-गढ़वाल जिले में स्थित फ्यूंला नारायण मंदिर में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है। यहाँ महिलाएँ ही भगवान की पूजा करती हैं और शृंगार करती हैं। हर साल सावन माह की संक्रांति पर मंदिर के कपाट खुलते हैं और डेढ़ माह बाद नंदा अष्टमी के दिन बंद हो जाते हैं। इस पूरे डेढ़ माह सिर्फ महिला पुजारी ही भगवान का शृंगार करती हैं।

पंढरपुर के विट्‌ठल-रुक्मिणी मंदिर

महाराष्ट्र के पुणे स्थित 900 साल पुराने पंढरपुर के विट्‌ठल -रुक्मिणी मंदिर में महिला पुजारी की नियुक्ति होती है। पारंपरिक तौर पर इस मंदिर में ब्राह्मण परिवार ही पुजारी बनते रहे हैं, लेकिन अब महिला पुजारी की भी नियुक्ति हो चुकी है। पिछले 9 वर्ष से अधिक समय से विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में महिला पुजारी अपनी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

जैसलमेर के लोकदेवता क्षेत्रपाल (खेतपाल) का मंदिर में दलित महिाल पुजारी

राजस्थान के जैसलमेर शहर से 6 किमी दूर बड़ाबाग में स्थित लोकदेवता खेतपाल जी के मंदिर में माली जाति की महिला पुजारी ही पूजा करा सकती हैं। ये परंपरा के साथ जुड़ा है। इस मंदिर की खासियत ये है कि यहाँ सिर्फ जोड़े ही पूजा कर सकते हैं। सभी रस्में भी सिर्फ माली समाज की महिला पुजारी ही कराती हैं। ये मंदिर एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है।

महोबा के विंदेश्वरी मंदिर में दलित महिला पुजारी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में विंदेश्वरी (विंध्यवासिनी) मंदिर है। चरखारी स्थित इस देवी मंदिर में दलित महिला पुजारी पार्वती ही पूजा-पाठ कराती रही हैं। 30 वर्षों से वो पूजा कराती हैं। इससे पहले उनके ससुर इस मंदिर में पुजारी थे। उन्हीं विंध्यवासिनी का मुख्य धाम विंध्यांचल (मिर्जापुर) मंदिर में है, जो कई राज्यों में फैली आबादी की कुलदेवी भी हैं।

ओडिशा की माँ पंचुबरही मंदिर में दलित महिला पुजारी

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में माँ पंचुबरही का सदियों पुराना प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में पुजारी होने की शर्त ही है कि महिला दलित होगी। यहाँ पाँच शताब्दियों से, काले ग्रेनाइट में तराशी गई पाँच देवियों की पूजा होती है। ये मंदिर बागपतिया में स्थित है, जहाँ के स्थानीय लोग ही दलित महिला पुजारियों को अनाज, सब्जियाँ और फल आदि देते हैं।

दावा करना ही काफी नहीं, तथ्यों की जाँच-परख भी जरूरी

तो मिस्टर एमके स्टालिन, हमने महज कुछ ही मंदिरों के नाम और उनके पुजारियों के बारे में बताया है। इन मंदिरों में न सिर्फ महिला पुजारी हैं, बल्कि दलित महिला पुजारी भी अपना काम संभाल रही हैं। ऐसे में मिस्टर स्टालिन, आपका ये दावा कि सनातन मंदिरों में महिला पुजारी नहीं हैं, ये बिल्कुल गलत है।

इसके साथ ही आपका ये दावा भी कि तमिलनाडु में तीन महिला पुजारियों की नियुक्ति से द्रविड़ियन परंपरा जुड़ी है और ऐसा पहली बार है तो ये भी गलत है। मैं आपसे यही निवेदन करूँगा कि समाज को बाँटने वाला कोई भी दावा करने से पहले तथ्यों की जाँच और पड़ताल जरूर कर लें।

क्या है द्रविड़ियन मॉडल?

द्रविड़ियन मॉडल एक सामाजिक और राजनीतिक सिद्धांत है, जो तमिलनाडु और अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों में शुरू हुआ। इस सिद्धांत के अनुसार, द्रविड़ लोग भारत के मूल निवासी हैं, जबकि आर्य लोग बाहरी आक्रमणकारी हैं। द्रविड़ियन मॉडल के अनुसार, आर्य लोग ही भारत में जाति व्यवस्था लेकर आए।

इसके अनुसार, इस व्यवस्था में महिलाओं को हीन माना जाता है, इसलिए उन्हें मंदिरों में प्रवेश और पूजा की अनुमति नहीं थी। हालाँकि, इतिहास के प्रमाण बताते हैं कि तमिलनाडु के मंदिरों में महिला पुजारियों की नियुक्ति सदियों से चली आ रही है। उदाहरण के लिए, 11वीं शताब्दी में लिखे ग्रंथ में भी महिला पुजारी का उल्लेख है। ऐसे में सनातन परंपरा पर लगाए गए आरोप निरर्थक ही मालूम पड़ते हैं।

दावा गलत, लेकिन महिला पुजारियों की नियुक्ति का स्वागत

तमाम उदाहरणों के साथ, मेरा मानना है कि तमिलनाडु के मंदिरों में महिला पुजारियों की नियुक्ति द्रविड़ियन नहीं, बल्कि सनातनी मॉडल का हिस्सा है। इसका उदाहरण हम कई मंदिरों से दे ही चुके हैं। सनातन मॉडल के हिसाब से सभी लोग, चाहे वो किसी भी लिंग या जाति के हों, को धर्म का पालन करने का अधिकार है।

हालाँकि, हम मानते हैं कि तमिलनाडु के मंदिरों में महिला पुजारियों की नियुक्ति एक प्रगतिशील कदम है। यह कदम महिलाओं के अधिकारों और समानता को बढ़ावा देता है। ऐसे में मैं इसका तहेदिल से स्वागत भी करता हूँ।

बेटे ने कही थी सनातन को जड़ से खत्म करने की बात

यहाँ ये भी बता देना आवश्यक समझता हूँ कि एमके स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि स्टालिन ने कुछ दिनों पहले सनातन धर्म की तुलना डेंगू-मलेरिया से करते हुए इसके संपूर्ण नाश की बात कही थी। सीएम स्टालिन ने इस मामले में अपने बेटे उदयनिधि का बचाव भी किया था।

उदयनिधि ने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

यहाँ बताना जरूरी है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पिता करुणानिधि भी हिंदी और हिंदुत्व विरोध की राजनीति करते रहे हैं। इतना ही नहीं, इनकी राजनीतिक चेतना के प्रमुख केंद्र पेरियार हिंदू धर्म के खिलाफ पूरा जीवन जहर उगलते रहे हैं।

‘पूछताछ के लिए हिरासत की जरूरत नहीं’: राज्य पुलिस से बोला कर्नाटक हाईकोर्ट- सुधीर चौधरी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई ना करें

स्वावलंबी सारथी योजना में कर्नाटक सरकार के झूठ को उजागर करने के बाद राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा टीवी एंकर सुधीर चौधरी दर्ज कराए गए मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनवाई की। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (15 सितंबर 2023) की सुनवाई में एंकर के खिलाफ कठोर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है।

हाईकोर्ट के न्यायधीश हेमंत चंदनगौदर ने कहा कि इस मामले पर वह अगले बुधवार (20 सितंबर 2023) को याचिका पर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बीच पुलिस सुधीर चौधरी के खिलाफ कोई भी कठोर कदम न उठाया जाए। कोर्ट ने माना कि एंकर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी जानकारी पब्लिक डोमेन में है।

हालाँकि, न्यायाधीश ने मौखिक रूप से कहा कि प्रथम दृष्ट्या सुधीर चौधरी के खिलाफ मामला बनता है, लेकिन वे इस पर बुधवार को निर्णय लेंगे। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में आगे कहा कि सुधीर चौधरी की न्यूज रिपोर्ट में किसी धर्म के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दिया गया है या नहीं, इसकी जाँच की जा सकती है।

दरअसल, कर्नाटक सरकार की स्वावलंबी सारथी योजना को लेकर पत्रकार सुधीर चौधरी ने 12 सितंबर 2023 को आजतक पर एक शो किया था। इसमें उन्होंने योजना के बारे में बताया था कि कैसे इसे हिंदुओं के लिए नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के लिए लागू किया जा रहा है। चौधरी ने अंबेडकर विकास निगम के प्रमुख पी नागेश के हवाले से कहा था कि यह योजना अभी सिर्फ अल्पसंख्यकों के लिए लागू है।

हालाँकि, नागेश का हवाला देते हुए ही एंकर ने यह भी कहा था कि इसे SC-ST समुदायों के लिए शुरू करने पर चर्चा चल रही है। शो का वीडियो सामने आते ही कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने ट्वीट किया कि सुधीर चौधरी गलत सूचना फैला रहे हैं और वह एंकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। इसके बाद सुधीर चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया।

एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक शरारत के लिए उकसाने वाले बयान) के तहत दर्ज की गई थी। इसे कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक विकास निगम लिमिटेड (KSMDC) के प्रशासनिक अधिकारी

हाईकोर्ट में सुधीर चौधरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता उदय होल्ला ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने साथ होने वाले भेदभाव के बारे में बोलता है तो क्या इसे घृणास्पद भाषण कहा जा सकता है। इस पर न्यायाधीश ने पूछा कि क्या यह योजना सभी के लिए उपलब्ध है तो होल्ला ने बताया कि यह केवल अल्पसंख्यकों के लिए ही लागू है।

अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले के खिलाफ चौधरी की याचिका में कहा गया है कि लोकतंत्र में प्रेस और मीडिया को तत्कालीन सरकार से सवाल करने का अधिकार है। मीडिया द्वारा सरकार के खिलाफ सवाल उठाने पर आपराधिक मामले दर्ज हो रहे हैं और प्रेस की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।

इस पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा, “मीडिया की भूमिका जानकारी देने है, लेकिन यह जानकारी देने का ये तरीका नहीं है। आम आदमी के मन में अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत पैदा हो सकती है। वह कह सकता है कि उन्हें दिया गया है, मुझे नहीं।”

राजस्थान में कानून-व्यवस्था की फिर खुली पोल, अस्पताल में घुस पति-पत्नी को चाकुओं से गोदा: हत्या का खौफनाक वीडियो

कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानी मंडी कस्बे से एक दिल दहला देने वाली हत्या का एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो गुरुवार (14 सितंबर, 2023) को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए आए शादीशुदा जोड़े को दिनदहाड़े मौत के घाट उतारे जाने का है। कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाते हुए तीन लोग अस्पताल में घुसते हैं और दिनदहाड़े इस जोड़े पर हमला कर देते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित कई दिनों से जितेंद्र को धमका रहे थे। उसने 4 महीने पहले पुलिस को भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस जोड़े पर करीब 50-60 लोगों की मौजूदगी में तीन लोगों ने कंटीले तार लिपटे बेसबॉल के डंडे और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया और लोग मूक दर्शक बने देखते रहे।

इस दौरान पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल हुए पति ने इलाज के लिए ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के मुताबिक, वारदात का मुख्य आरोपित भैरू गुर्जर और मृतक जितेंद्र सुनेल थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं।

पहले दोनों में अच्छी दोस्ती थी लेकिन कुछ महीने पहले ही सरकारी भूमि पर भैरू गुर्जर ने गौशाला की आड़ में गौ तस्करी करनी चाही तो मृतक के साथियों ने इसका विरोध किया। इससे दोनों में रंजिश हो गई। उनका कहना है कि भैरु के अलावा करण गुर्जर और दिनेश का नाम इस केस में सामने आया है। पुलिस ने अस्पताल में लगी सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली है और आरोपितों की तलाश कर रही है।

वेटिंग हॉल में दिया हमले को अंजाम

एएसपी चिरंजीलाल मीणा के मुताबिक, 35 साल के जितेंद्र उर्फ जीतू और 30 साल की पत्नी अनिता (अनु) भवानी मंडी के गाँधीनगर कॉलोनी के रहने वाले थे। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे दोनों भवानी मंडी के लीला प्राइवेट हॉस्पिटल में चेकअप कराने आए थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों वहाँ वेटिंग हॉल में बैठे थे। दिन के करीब 1.30 बजे तीन लोग बाइक पर सवार होकर हॉस्पिटल पहुँचे। उनके हाथों में काँटेदार तार लगी लाठी थी। ये लोग सीधे जीतू के साथ मारपीट करने लगे। इस वारदात से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान वहाँ खड़े मरीज, तीमारदार सहित स्टाफ भी अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए, लेकिन मृतकों को बचाने की किसी ने भी पहल नहीं की।

वहीं अस्पताल में मौजूद एक चश्मदीद के हवाले से दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट किया है कि जीतू पर हमला करने वालों में से एक हिस्ट्रीशीटर भैरू गुर्जर था। भैरू ने जीतू के पैरों पर लाठियों से काँटेदार लाठियों से मारा जिससे उसके दोनों पैर लहूलुहान हो गए। इस दौरान बीच-बचाव करने आई जीतू की पत्नी अनु पर भी एक हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया।

इस वजह से वह वहीं फर्श पर गिर पड़ी और कुछ सेकेंड्स में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हमलावारों ने इसके बाद जितेंद्र पर भी चाकू से हमला किया और फरार हो गए। जितेंद्र की हालत गंभीर होने पर उन्हें भवानी मंडी सीएचसी रेफर किया गया। वहाँ से डॉक्टर्स ने झालावाड़ भेज दिया। हालाँकि, इस दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

मृतक ने जताया था जान का खतरा

पुलिस के मुताबिक, भैरु गुर्जर ने जितेंद्र को मारने की धमकी दी थी। इसे लेकर मृतक जितेंद्र ने 28 मई को भवानी मंडी थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। वहीं डीएसपी मनोज कुमार गुप्ता के मुताबिक, जितेंद्र के मामा ऋषिराज सिंह ने आरोपित भैरू गुर्जर, करण गुर्जर, दिनेश भील के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।

एक दिन में 7 निकाह, 100 बच्चे पैदा करने के लिए खोज रहा और बीवी: अब्बा की 4, दादा की 5, परदादा की थी 6 बीवियाँ

अफ्रीकी देश युगांडा में रहने वाले हबीब एनसिकोनेने नामक व्यक्ति ने एक दिन में 7 महिलाओं से निकाह करके सनसनी मची दी है। 43 साल की उम्र पार कर चुके हबीब ने कहा है कि वह आगे और भी निकाह करेगा। उसका लक्ष्य 100 बच्चे पैदा करना है। हबीब के गाँव वालों का कहना है कि 7 शादियों के चलते उनके गाँव का नाम रोशन हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हबीब ने ये सभी निकाह 10 सितंबर को की है। वह इस निकाह से बहुत खुश है। हबीब का कहना है कि उसके परिवार में बहुत कम लोग हैं। इसलिए वह कई बच्चे पैदा कर अपने परिवार को बड़ा करना चाहता है। उसने आगे कहा कि वह अब भी जवान है और अल्लाह ने चाहा तो वह आगे और निकाह करेगा।

हबीब पेशे से बिजनेसमैन और पारंपरिक चिकित्सक हैं। निकाह की तैयारियों के दौरान हबीब ने अपनी होने वाली सभी बीवियों को नई कारें और उनके अम्मी-अब्बू को कई गिफ्ट दिए। इनमें से दो बीवियों आपस में सगी बहनें हैं। उनके माता-पिता को गिफ्ट में मोटरसाइकिल दी। निकाह के कार्यक्रम में 40 बड़ी कारों और 30 मोटरसाइकिलों के साथ सातों लड़कियाँ पहुँची थीं।

दिलचस्प बात यह है कि यह हबीब की पहली शादी नहीं है। 7 साल पहले उसने मुसानियुसा नामक लड़की से शादी की थी। इस कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि उसे भरोसा नहीं हो रहा है कि कोई 7 शादियाँ कर रहा है। वह पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देख रहा है। वहीं इस दौरान हबीब ने कहा कि उसकी बीवियाँ एक-दूसरे से ईर्ष्या नहीं रखती हैं।

युगांडा में बहुविवाह की प्रथा है। हबीब के पिता हज अब्दुल सेमकुला ने कहा, “मेरे दादा ने 6 निकाह किए थे। मेरे अब्बू ने 5 निकाह थे और मेरी खुद की 4 बीवियाँ हैं, जो एक ही घर में रहती हैं।” ऐसा कहा जा रहा है कि हबीब नसिकोनेने ने एक साथ 7 शादियाँ कर युगांडा में नया रिकॉर्ड बनाया है।

कोटा में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की आत्महत्या को मंत्री ने दिया ‘प्रेम प्रसंग’ का मोड़, पहले भी रेप पर बोल चुके हैं ‘राजस्थान मर्दों का प्रदेश’

राजस्थान के कोटा में  मेडिकल और IIT की तैयारी कर रहे बच्चों द्वारा की जाने वाली सुसाइड की आए दिन आने वाली खबरों ने तमाम पैरेंट्स को चिंता में डाल दिया है। वहीं राजस्थान सरकार पर इस मामले में अनदेखी का आरोप लग रहा है। हाल ही में NEET की तैयारी कर रही 16 साल की छात्रा के सुसाइड मामले में राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल के बयान से बवाल मचा हुआ है। 

क्या कहा था मंत्री शांति धारीवाल ने 

दरअसल, कोटा के कोचिंग से मेडिकल की तैयारी कर एक छात्रा की आत्महत्या को मंत्री शांति धारीवाल ने प्रेम प्रसंग से जोड़ दिया। इस मामले में राजस्थान सरकार में मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, “कोटा में रिलेशनशिप की वजह से सुसाइड होते हैं। आपको सुनकर दुख होगा कि आज भी एक लड़की ने आत्महत्या की है, लेकिन आत्महत्या का कारण यह था कि उसने जो लेटर छोड़ा वह लव अफेयर का था। अब तक जितनी भी आत्महत्या हुई है उनमें स्टडी करने की जरूरत है कि यहाँ पर ऐसा क्यों हुआ?”

वहीं उनके इस बयान पर मृतक छात्रा के परिवार का गुस्सा फूट पड़ा है। इस मामले में मृतका के पिता ने कहा, “ऐसी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है, यदि उनके पास इस बात के सबूत हैं तो वो हमें दिखाएँ। मेरी बेटी ऐसा नहीं कर सकती।”

मंत्री के बयान से नाराज हुए मृतक छात्रा के पिता ने बताया, “पुलिस प्रशासन भी यही कह रहा है कि ऐसा कोई नोट नहीं मिला है जिसमें प्रेम प्रसंग जैसा कोई मामला सामने आया हो। फिर मंत्री शांति धारीवाल के पास यह जानकारी कहाँ से आई।”

परिवार ने लगाया आवारा लड़कों द्वारा छेड़ने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोटा से हाल ही में ये खबर सामने आई थी कि NEET की तैयारी कर रही एक 16 साल की बच्ची ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। बच्ची की पहचान रिचा सिन्हा के रूप में हुई है। इस मामले में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार वह 5 महीने पहले ही नीट की तैयारी करने के लिए कोटा आई थी। वहीं छात्रा के आत्महत्या करने के बाद पिता ने कोटा में आवारा लड़कों द्वारा छेड़ने की भी बात कही है। 

हालाँकि, इस मामले में विज्ञान नगर थाना पुलिस जाँच कर रही है। बता दें कि इससे पहले 10 सितंबर, 2023 को भी कोटा में सुसाइड का एक मामला सामने आया था, जिसमें एक माँ-बेटे ने कथित तौर पर जहर खाकर सुसाइड कर ली थी। मृतकों की पहचान सतविंदर कौर (50) और उसके बेटे रोबिन सिंह (29) के रूप में हुई थी। इस मामले में पुलिस का कहना था कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन प्राथमिक तौर पर ये आत्महत्या का मामला लग रहा है। 

पहले भी विवादित बयान दे चुके है मंत्री धारीवाल

आत्महत्या की तरह ही राजस्थान रेप के मामलों में भी लगातार घिरा हुआ है। ऐसे ही रेप के मामले में मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में खड़े होकर कहा था, “राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश है। यहाँ पर बलात्कार क्यों नहीं होंगे।” बता दें कि तब भी उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। 

आपके फोन में तेज आवाज के साथ आया अलर्ट मैसेज? इमरजेंसी के लिए टेस्टिंग कर रही है सरकार, जानिए क्यों आया मैसेज

शुक्रवार (15 सितंबर 2023) को दोपहर लाखों लोगों को उनके मोबाइल पर तेज बीप की आवाज के साथ एक मैसेज मिला। मैसेज देखकर लोग चौंक गए। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि उनके फोन को क्या हो गया है। यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो परेशान होने वाली बात नहीं है। दरअसल, सरकार आपातकालीन स्थिति में अलर्ट भेजने के लिए इस मैसेज का टेस्टिंग कर रही है।

दूरसंचार विभाग द्वारा भेजे गए इस अलर्ट मैसेज में लिखा था, “यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है। कृपया इस संदेश पर ध्यान न दें, क्योंकि इस पर आपकी ओर से किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम को जाँचने हेतु भेजा गया है। इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है।”

इस मैसेज में साफ तौर पर लिखा है कि यह मैसेज आपातकालीन स्थिति में अलर्ट भेजने के उद्देश्य से परीक्षण यानि कि टेस्टिंग के तौर पर भेजा गया है। दरअसल, सरकार किसी भी आपात स्थिति में लोगों को एक अलर्ट भेजकर सजग करने का प्लान बना रही है। इसके लिए इस तरह की टेस्टिंग कर यह जाँचने का प्रयास किया जा रहा है कि अलर्ट सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं।

वहीं, भेजे गए एक अन्य फ्लैश मैसेज में लोगों से कहा गया है कि उन्हें इमरजेंसी अलर्ट मैसेज मिल रहे हैं। क्या वे इस सर्विस को चालू रखना चाहते हैं? इसमें नीचे No और Yes चुनने का विकल्प था। जिन लोगों ने Yes क्लिक किया होगा, हो सकता है कि उन्हें और भी इस तरह के अलर्ट आएँ।

बताते चलें कि भूकंप, सुनामी, तूफान, बाढ़, आग जैसी विभिन्न आपदाओं में लोग घरों या अन्य जगहों में फँसे रह जाते हैं। कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। अब इन आपदाओं को लेकर सरकार लोगों को पहले ही अलर्ट करेगी। इससे समय रहते लोगों को अपनी और अपने लोगों की जान-माल की हिफाजत करने में आसानी होगी।

ये मैसेज एक साथ 1-2 नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों को भेजे जा सकते हैं। इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के जरिए किसी एक क्षेत्र विशेष, शहर या राज्य या फिर पूरे देश के लोगों को एक साथ मैसेज भेजा जा सकता है। यह अखिल भारतीय आपात अलर्ट सिस्टम (AIEAS) से जुड़ा है।

अर्जुन के लिए हिंदू बनी मुस्कान अली, अगस्त मुनि आश्रम में लिए फेरे: अब तक 85 मुस्लिम लड़कियों ने घर वापसी कर की है शादी

बदायूँ के अर्जुन सागर के प्यार में 18 साल की मुस्कान अली अब मुस्कान सागर बन गई हैं। दरअसल, मुस्लिम परिवार से आने वाली मुस्कान ने गुरुवार (14 अगस्त, 2023) रात में हिन्दू धर्म अपनाकर बरेली के मणिनाथ स्थित अगस्त मुनि आश्रम में हिंदू रीति रिवाज से अपने प्रेमी अर्जुन के साथ सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बँध गईं। आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखदार ने पहले दोनों का गंगाजल से शुद्धिकरण किया, और उसके बाद मंत्र उच्चारण कर हिंदू रीति रिवाज से शादी कराई। इस अवसर पर मुस्कान ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से हिन्दू धर्म अपनाया है।

2 साल पहले हुई थी दोस्ती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बदायूँ जिले के गुराई गाँव की निवासी मुस्कान अली पुत्री हम सफर आठवीं पास हैं। और इसी माह बालिग हुई हैं। मुस्कान अली से मुस्कान सागर बनी लड़की का कहना है कि बदायूँ के अर्जुन सागर मोहल्ला नाहर खाँ नई बस्ती लालपुर में अर्जुन अपने रिश्तेदारी में आता था। यहीं दोनों की दो साल पहले मुलाकात हुई। फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। 

आश्रम में विवाह के बाद दोनों ने कहा कि हमें शांति से जीने दिया जाए। पेशे से टेम्पो ड्राइवर अर्जुन ने कहा कि वह मुस्कान को पूरा सम्मान देंगे। वहीं इस मामले में आचार्य ने बताया कि दोनों के बालिग होने और विवाह संबंधी सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद ही विवाह कराया गया है।

आजीवन हिन्दू ही रहूँगी 

अर्जुन से विवाह के लिए हिन्दू बनीं मुस्कान का कहना है कि अब आजीवन हिंदू ही रहूँगी। यह बात मुस्कान ने आचार्य को दिए गए शपथ पत्र में कही है। जिसने अपना नया नाम मुस्कान सागर रख लिया।

परिवार से जान का खतरा

कहते हैं कि दो साल पहले जब प्यार परवान चढ़ा तो अर्जुन और मुस्कान ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं, लेकिन उनके प्यार के आड़े मुस्कान अली की मजहब दीवार बन कर खड़ी हो गई। क्योंकि अर्जुन हिन्दू थे। ऐसे में मुस्कान अली के परिवार वाले शादी कराने को तैयार नहीं थे। 

रिपोर्ट के अनुसार, जब घरवाले शादी कराने को तैयार नहीं हुए तो अर्जुन और मुस्कान दोनों ने घर छोड़कर शादी करने का फैसला कर लिया। मुस्कान ने बताया कि तीन तलाक और हलाला जैसी बातों से डर लगता था। मुस्कान ने बताया कि उसकी हिंदू धर्म में पहले से ही आस्था थी। हिंदू धर्म अपनाने से इस्लाम की कुरीतियों से मुक्ति मिल गई है, डर निकल गया है। मुस्कान का कहना है, “मुझे मेरे परिवार से जान का खतरा है, वह हम दोनों को कभी भी मार सकते हैं।”

हालाँकि, जान के खतरे को देखते हुए शुक्रवार (15 सितम्बर, 2023) को आईजी से भी शिकायत कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। मुस्कान सागर का कहना है कि यदि हम दोनों के साथ कोई घटना होती है तो इसके लिए मेरे परिवार वाले जिम्मेदार होंगे।

9 साल में 85 मुस्लिम लड़कियों की हिंदू लड़कों से शादी

बता दें कि पंडित केके शंखदार पिछले 9 साल में 85 मुस्लिम लड़कियों की हिंदू लड़कों से शादी करा चुके हैं। इससे पहले 5 साल के लम्बे इंतजार और संघर्षों के बाद आकाश और इकरा बी का विवाह भी इसी आश्रम में हुआ था। 8 सितम्बर, 2023 को अगस्त मुनि आश्रम में ही शुद्धिकरण के बाद इकरा बी प्रीति बन गई थीं। इस मामले में भी इकरा बी नाम की एक मुस्लिम लड़की ने अपने प्‍यार के लिए न सिर्फ हिन्‍दू धर्म अपनाया था बल्कि लम्बा इंतज़ार भी किया।

बिहार के शिक्षा मंत्री ने अब रामचरितमानस को बताया ‘पोटैशियम साइनाइड’, पहले कहा था- नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ: BJP बोली- जनता करेगी बायकॉट

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने रामचरितमानस की तुलना बेहद खतरनाक जहर पोटैशियम साइनाइड से की है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में पोटेशियम साइनाइड है। जब तक यह रहेगा, तब तक इसका विरोध करते रहेंगे। इससे पहले वे मानस को बाँटने वाला ग्रंथ बता चुके हैं।

चंद्रशेखर ने कहा कि 55 तरह का व्यंजन परोस कर उसमें पोटैशियम साइनाइड मिला दीजिए तो क्या होगा? रामचरितमानस के साथ भी यही हाल है। बिहार हिंदी ग्रंथ अकादमी में कार्यक्रम में उन्होंने रामचरितमानस के अरण्य कांड की चौपाई ‘पूजहि विप्र सकल गुण हीना, शुद्र न पूजहु वेद प्रवीणा’ की चर्चा की।

इस चौपाई का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से पूछा कि ये क्या है? क्या इसमें जाति को लेकर गलत बात नहीं कही गई है? शिक्षा मंत्री ने कहा, “पिछली बार रामचरितमानस के सुंदर कांड के दोहे पर जीभ काटने की कीमत 10 करोड़ रुपए लगाई गई थी तो मेरे गले की कीमत क्या होगी?”

चंद्रशेकर यादव ने वहाँ उपस्थित लोगों से सवालिया लहजे में पूछा कि क्या गुणहीन विप्र (ब्राह्मण) पूजनीय है और गुणयुक्त शूद्र वेद का जानकार होने पर भी पूजनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि इन चीजों का विरोध डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और नागार्जुन ने भी किया था।

बिहार के शिक्षा मंत्री और सरकार में सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से विधायक चंद्रशेखर ने कहा, “एकलव्य का अंगूठा काटा गया। आप लोग जगदेव प्रसाद को गोली मारने के कारण को जरा गूगल करके पढ़िएगा तो पता चल जाएगा कि मैं किन चीजों का विरोध कर रहा हूँ।”

भाजपा ने बोला हमला

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने चंद्रशेखर यादव के बयान पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी अलायंस (I.N.D.I. Alliance) के अंदर हिंदू धर्म को लेकर जहर भरा हुआ है। कोई बोल रहा है कि हिंदू धर्म डेंगू-मलेरिया है तो कोई एड्स बता रहा है। चंद्रशेखर यादव रामचरितमानस को पोटैशियम साइनाइड कह रहे हैं।

संबित पात्रा ने आगे कहा, “जिस राम नाम को लेकर हम परलोक जाते हैं, उसे ये जहर बता रहे हैं। करोड़ों लोगों की आस्था है कि ‘राम नाम सत्य है’ कहकर परलोक जाते हैं। उस राम के नाम को जहर बताने वाले इस देश की मूल आस्था पर चोट करते हैं।”

पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं चंद्रशेखर

ये पहली बार नहीं है, जब बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने रामचरितमानस को लेकर इस तरह का बेतुका बयान दिया हो। कुछ दिनों पहले ही चंद्रशेखर ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम‘ बता दिया था। उनके इस बयान पर भी भाजपा ने गंभीर सवाल उठाए थे। दरअसल, मर्यादा पुरुषोत्तम सिर्फ भगवान राम को कहा जाता है।

दरअसल, चंद्रशेखर ने कहा था, “जब शैतानियत बढ़ गई दुनिया में, ईमान खत्म हो गया, बेईमान और शैतान ज्यादा हो गए तो मध्य एशिया के इलाके में ईश्वर ने… प्रभु ने… परमात्मा ने… मर्यादा पुरुषोत्तम पैगंबर मुहम्मद साहब को पैदा किया। ईमान लाने के लिए। इस्लाम ईमान लाने के लिए आया। इस्लाम बेइमानी और शैतानी के खिलाफ आया। अगर बेईमान भी खुद को मुस्लिम कहते हैं तो इसकी इजाजत खुदा नहीं देता है।”

फारूक अब्दुल्ला ने ‘बेटी’ का हाथ पकड़ा, पूछा- निकाह कब करोगी, शौहर खुद चुनोगी: पूर्व CM का वीडियो वायरल, महिला पत्रकार के साथ सलूक पर फँसे

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वे एक युवा महिला पत्रकार के साथ अजीबोगरीब व्यवहार और सवाल करते दिख रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में उनकी आलोचना हो रही है।

हालाँकि वीडियो में दिखने वाली युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर का कहना है कि फारूक अब्दुल्ला के साथ उनकी बातचीत ‘शानदार’ रही और पूर्व मुख्यमंत्री उन्हें ‘बेटी’ की तरह मानते हैं।

85 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला का यह वीडियो ऐसे वक्त में वायरल हो रहा जब INDI गठबंधन ने ऐसे 14 पत्रकारों के बायकॉट का ऐलान किया है जो कठिन सवाल पूछते रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अब्दुल्ला विपक्ष के इस गठबंधन के हिस्सा हैं।

वीडियो में अब्दुल्ला को युवा महिला पत्रकार का हाथ पकड़ते और कंधा छूते दिख रहे हैं। उससे पूछते हैं कि क्या उसने अपना शौहर चुन लिया है। अब्दुल्ला की इस हरकत पर आसपास खड़े कुछ लोग हँसते हुए भी दिख रहे हैं।

फारूक अब्दुल्ला ने महिला पत्रकार से पूछा- निकाह कब करोगी

इस वीडियो में महिला पत्रकार उरफाना मुनीर कहती हैं कि सर एक लास्ट सवाल यह जानना चाहूँगी कि इनका कहना… लेकिन उनका सवाल पूरा होने से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला उनसे स्थानीय भाषा में उससे पूछते हैं- तुमने निकाह कर ली, तुम निकाह कब करोगी? क्या तुमने अपना शौहर चुना? क्या तुम्हारे अब्बू-अम्मी तुम्हारा शौहर चुनेंगे या तुम चुनोगी।

इस पर युवा महिला पत्रकार जवाब देती है, “मैं अभी बहुत छोटी हूँ सर अभी।” इसके बाद बुजुर्ग अब्दुल्ला उससे निकाह में सावधान रहने को कहते हैं। कहते हैं- क्या पता वो औरतों के साथ घूम रहा हो और तुम्हें पता भी न चले। इसके बाद वे जोर से हँसने लगते हैं।

इसके बाद फारूक अब्दुल्ला महिला पत्रकार से पूछते हैं- यह (मेहंदी) आपके हाथों पर क्यों है? इसके बाद वे हिंदी में कहते हैं- तेरी किसी की शादी थी? जवाब में महिला पत्रकार कहती हैं- मेरे बड़े भाई की शादी थी। इसके बाद अब्दुल्ला उससे हँसते हुए कहते हैं- शादी ठीक थी, बीवी रहेगी कुछ दिन या भाग जाएगी। जवाब में महिला पत्रकार कहती है- रहेगी सर।

बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट करते कहा है कि फारूक अब्दुल्ला अपने सबसे घृणित रूप में दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा है, “रिपोर्टर शायद उनकी पोती की उम्र या उससे भी छोटी है। लेकिन यह तथ्य उन्हें असहज सवाल पूछने से नहीं रोकता है।”

वहीं पत्रकार आदित्य राज कौल ने लिखा है, “महिला विरोधी फारूक अब्दुल्ला से मिलिए।” साथ ही पूछा है कि क्या फारूक अब्दुल्ला सार्वजानिक तौर पर कैमरे के सामने अपने बेटे या बेटी की शादी के बारे में उनसे ऐसे ही सवाल पूछते?

वहीं बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि यह सिर्फ गैर पेशवर ही नहीं है। यह महिला विरोधी और बेहद घिनौना भी है। लेकिन उस गठबंधन के लिए यह हैरानी की बात नहीं है जो सवाल पूछने वाले पत्रकारों का बहिष्कार करता है।

वीडियो वायरल होने के बाद युवा महिला पत्रकार उरफाना मुनीर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है, “फारूक अब्दुल्ला साहब के साथ बातचीत शानदार थी। उन्होंने हमेशा मुझे एक बेटी की तरह माना है। नेटिजन्स से अनुरोध है कि वे इसका मजाक न बनाएँ।”

टेलर भाई उमर और शकील ने 100+ छात्राओं से की गंदी हरकत, चप्पल कुटाई के बाद हुए गिरफ्तार: हाल में ही राष्ट्रपति से मिलकर लौटी हैं कई पीड़ित छात्राएँ

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में दो दर्जियों की काली करतूत सामने आई है। आरोप है कि मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील नाम के दर्जियों ने यूनिफॉर्म का माप लेने के नाम पर स्कूली छात्राओं से छेड़छाड़ की। मामले का खुलासा होने के बाद छात्राओं और उनके परिजनों ने आरोपितों की जमकर पिटाई कर दी। फिलहाल दोनों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उधमसिंह नगर जिले के खटीमा में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का है। यहाँ स्कूल प्रबंधन ने 22 अगस्त और 6 सितंबर को लड़कियों की यूनिफॉर्म का माप लेने के लिए दो दर्जियों को बुलाया था। इसके बाद एक निजी कारखाने की ओर से मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील स्कूल आए।

रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उमर और शकील ने 100 से अधिक छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की है। इस मामले में अभिभावक संघ ने पुलिस को शिकायत दी है। दी गई शिकायत में कहा गया है कि यूनिफॉर्म का माप लेते हुए दोनों दर्जी छात्राओं को गलत तरीके से छू रहे थे। इस दौरान अश्लील शब्दों का भी उपयोग किया।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित छात्राओं ने इस मामले में पहले स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज छात्राओं और अभिभावकों ने स्कूल पहुँचकर हंगामा किया। मामले की जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुँच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान छात्राओं और अभिभावकों ने दोनों दर्जियों की चप्पल से पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह दोनों दर्जियों को गुस्साई छात्राओं और अभिभावकों की भीड़ से बचाया और अपने साथ ले गई। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।

अभिभावकों का कहना है कि जिस दौरान दोनों दर्जी मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील लड़कियों से नाप लेने के नाम पर छेड़छाड़ कर रहे थे। उस दौरान स्कूल कर्मचारी अशोक आर्य, ममता खोलिया और चन्द्रशेखर भी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि सब कुछ देखने के बाद भी ये लोग चुप रहे। स्कूल प्रबंधन ने इन तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

इस मामले में अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह राणा का कहना है कि छात्राओं ने इसकी शिकायत की तो स्कूल के प्रधानाचार्य ने उन्हें स्कूल से निकालने की धमकी दी। फिलहाल पुलिस ने आरोपित दर्जियों मोहम्मद उमर और मोहम्मद शकील के खिलाफ IPC की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। 

ऑपइंडिया से बातचीत में सिद्धार्थ गारमेंट के मालिक ने बताया कि दोनों आरोपित भाई हैं। उसने बताया कि कि जिन लड़कियों के साथ अश्लील हरकत की गई है, उनमें से कुछ लड़कियाँ हाल ही मेें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर आई हैं। बता दें कि स्कूल प्रशासन ने लड़कियों की यूनिफॉर्म के कपड़े इसी दुकान से लिए थे।