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‘इसमें भगवान गणेश की क्या गलती?’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने गणपति पूजा की दी अनुमति, प्रशासन कह रहा था- यह दुर्गा पूजा की तरह सेक्युलर नहीं

पश्चिम बंगाल स्थित कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि धार्मिक त्योहारों का आयोजन करना ‘जीवन के अधिकार’ के विस्तृत छत्र तले आता है। आसनसोल के एक प्लॉट में गणेश चतुर्थी के आयोजन को लेकर श्रद्धालु हाईकोर्ट पहुँचे थे। इस मैदान में दुर्गा पूजा भी हो चुका है, साथ ही सरकारी आयोजनों के लिए भी इस मैदान का इस्तेमाल किया जा चुका है। ये मामला ‘आसनसोल-दुर्गापुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADDA)’ से जुड़ा हुआ है।

ADDA ने श्रद्धालुओं से कहा था कि गणेश चतुर्थी का आयोजन इस जमीन पर नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि इस जमीन का स्वामित्व उनके पास है और इस पर गणेश चतुर्थी के त्योहार का आयोजन नहीं किया जा सकता। इसके बाद आयोजकों ने न्यायपालिका का रुख किया। साथ ही माँग की कि उन्हें गणेश पूजा के लिए इस जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मिले। जहाँ ADDA ने इसका विरोध किया वहीं पश्चिम बंगाल की सरकार ने कहा कि वो इस माँग पर विचार कर सकती है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) को कहा कि ‘आसनसोल-दुर्गापुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADDA)’ का ये निर्णय स्पष्ट रूप से हास्यास्पद है। साथ ही इसे संविधान के अनुच्छेद-14 के खिलाफ भी करार दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इस मैदान पर दुर्गा पूजा के आयोजन की अनुमति दी जा सकती है, जो कि हिन्दुओं का ही त्योहार है, इसका अर्थ ये नहीं है कि दूसरे धर्मों के त्योहारों या फिर अन्य देवी-देवताओं के पूजा-पाठ की अनुमति यहाँ नहीं दी जा सकती है।

वहीं ADDA ने कहा कि अनुच्छेद-25 के तहत सभी को अपने धर्मों की प्रैक्टिस करने का अधिकार देता है, लेकिन ये किसी को संपत्ति का अधिकार नहीं देता, जब तक कि वो संपत्ति उनके धर्म से जुड़ी हुई ना हो। साथ ही संस्था ने ये दलील भी दी कि पश्चिम बंगाल में गणेश पूजा का उतना चलन नहीं है और ये दुर्गा पूजा की तरह सेक्युलर और बहुसांस्कृतिक व्यवहार वाला नहीं है। वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि जीवन के अधिकार के तहत किसी भी व्यक्ति को उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ कोई जाता है, तभी उस पर पाबंदियाँ लगाई जा सकती हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि ये मूलभूत अधिकार सभी नागरिकों के लिए है, विदेशियों के लिए भी। अनुच्छेद-21 के तहत जीवन और पर्सनल लिबर्टी का अधिकार मिलता है। जज सब्यसाची भट्टाचार्जी ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, “पुरुष देवताओं के साथ भेदभाव क्यों? इसमें भगवान गणेश की क्या गलती है?” साथ ही हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा की तुलना सरकारी आयोजनों से करने पर भी फटकार लगाई।

फेसबुक से दोस्ती, वाटर फॉल दिखाने के बहाने छत्तीसगढ़ में ST शिक्षिका से गैंगरेप: FIR दर्ज होने के बाद से फरार हैं NSUI के सद्दाम और इम्तियाज

छत्तीसगढ़ में एक जनजातीय महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपित सद्दाम खान और इम्तियाज अली फरार हैं। दोनों कॉन्ग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) से जुड़े बताए जा रहे हैं। घटना के विरोध में ABVP कार्यकर्ताओं ने 10 सितंबर 2023 को प्रदर्शन किया।

घटना जशपुर जिले के बागीचा थाना क्षेत्र की है। 26 वर्षीय पीड़िता (कुछ रिपोर्टों में उम्र 19 साल बताई गई है) एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। आरोपितों से उसकी जान पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। 4 सितंबर को आरोपित उसे जशपुर जिले के दनगरी वाटर फॉल घुमाने ले गए थे। वहीं झाड़ियों में उसके साथ जबर्दस्ती की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मूल रूप से मनोहरपुर की रहने वाली पीड़िता शंकरगढ़ इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है। थोड़े दिन पहले उसे सोशल मीडया पर सद्दाम और इम्तियाज नाम के 2 युवकों की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। रिक्वेस्ट स्वीकार किए जाने के कुछ समय बाद दोनों ने पीड़िता से नंबर साझा कर बातचीत करनी शुरू कर दी। इसी बातचीत के दौरान सद्दाम और इम्तियाज ने पीड़िता को वाटर फॉल दिखाने का ऑफर दिया।

4 सितंबर 2023 को पीड़िता दनगरी वाटर फॉल पहुँची। वहीं उसे 25 वर्षीय सद्दाम और 28 वर्षीय इम्तियाज उर्फ़ सोनू अली मिला। दोनों बलरामपुर जिले के कुसुमी क्षेत्र के निवासी हैं। थोड़ी देर झरने के आसपास घूमने के बाद तीनों एक साथ टहलते हुए सुनसान इलाके में पहुँच गए। यहाँ जंगली झाड़ियाँ थीं। सद्दाम और इम्तियाज की नीयत खराब हो गई। पीड़िता को अकेला पा कर दोनों उससे छेड़खानी करने लगे। महिला टीचर ने जब इस हरकत का विरोध किया तो दोनों ने पिटाई की और फिर बारी-बारी से रेप किया।

शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपितों ने घटना का जिक्र करने पर उसे जान से मार डालने की भी धमकी दी थी। बावजूद पीड़िता ने अपने परिजनों को सारी बात बता दी। पंड्रापाट थाने में शिकायत की। यहाँ पीड़िता का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए बागीचा थाने भेज दिया गया। यह केस IPC की धारा 376, 506, 323, 294 और 34 के तहत दर्ज हुआ है। पुलिस ने आरोपितों के घर दबिश दी, लेकिन तब तक वो फरार हो चुके थे। SHO बगही अखिलेश सिंह के मुताबिक टीमें गठित कर आरोपितों की तलाश चल रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भाजपा नेता और जशपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत के मुताबिक नामजद आरोपित सद्दाम खान युवा कॉन्ग्रेस का पूर्व सचिव और सोशल मीडिया प्रभारी भी रह चुका है। सद्दाम की कई तस्वीरें भी इंटरनेट पर वायरल हो रही है। इन तस्वीरों में वह कॉन्ग्रेस नेता और जशपुर विधायक विनय भगत के साथ नजर आ रहा। भाजपा ने विनय भगत से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगा है। घटना के विरोध में ABVP ने 10 सितंबर 2023 (रविवार) को सरगुजा में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का पुतला दहन भी किया।

तिलक और कलावा देख रमेश बाबू को मारी गोली, ISIS आतंकी आतिफ और फैजल को अब मिलेगी सजा: सीरिया भेजा था हत्या का Video

कानपुर के जाजमऊ में 24 अक्टूबर 2016 को हुए शिक्षक रमेश बाबू हत्याकांड में अदालत आज फैसला सुनाएगी। इस मामले में आरोपित फैज़ल और आतिफ हैं जिन्हे NIA/ATS के विशेष अदालत ने 4 सितम्बर 2023 को ही दोषी ठहरा चुकी है। अभियोजन पक्ष जहाँ फैज़ल और आतिफ के लिए मृत्युदंड की माँग कर रहा है वहीं बचाव पक्ष दोनों की सजा को कम से कम कराने का प्रयास करेगा। बता दें कि ISIS की विचारधारा वाले फैज़ल और आतिफ ने रिटायर्ड टीचर रमेश बाबू को माथे पर तिलक और हाथ में कलावा देख कर मार डाला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह केस लगभग 78 महीने तक चला। जहाँ अभियोजन पक्ष ने फैज़ल और आतिफ द्वारा रमेश बाबू हत्याकांड में शामिल होने के तमाम सबूत पेश किए गए वहीं बचाव पक्ष आरोपों को नकारता रहा। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 29 गवाह पेश हुए थे। इन गवाहों में उत्तर प्रदेश सरकार में वर्तमान राज्यमंत्री असीम अरुण भी शामिल हैं। ट्रायल के दौरान असीम अरुण ATS के IG पद पर तैनात थे। हालाँकि जाँच एजेंसी ने कुल 64 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। सबूत के तौर पर 61 दस्तावेज भी जमा हुए थे। मृतक की पत्नी ने आतिफ और फैसल को फाँसी की ही सजा मिलने पर अपने कलेजे को ठंडक मिलने की बात कही है।

क्या था घटनाक्रम

कानपुर के चकेरी थानाक्षेत्र के विष्णुपुरी कालोनी में रहने वाले रमेश बाबू 24 अक्टूबर 2016 को कॉलेज से पढ़ा कर घर लौट रहे थे। रास्ते में खड़े 2 युवकों ने उन्हें गोली मार दी। इस हमले में रमेश बाबू की मौके पर ही मौत हो गई। तब पुलिस ने अज्ञात हमलावरों पर FIR दर्ज कर के जाँच शुरू की। हालाँकि घटना के 7 माह बीत जाने पर भी हमलावरों का कुछ अता-पता नहीं चल पाया। इस बीच 7 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश ATS की लखनऊ में उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट के साजिशकर्ता सैफुल्लाह से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में सैफुल्लाह मारा गया पर उसके पास से बरामद हथियार चकेरी में रमेश बाबू की हत्या में प्रयोग हुए पाए गए।

सैफुल्लाह केस की जाँच में UP ATS के साथ NIA भी शामिल हो गई। NIA ने हथियारों के कनेक्शन जोड़ते हुए पहले फैज़ल और बाद में आतिफ को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने खुद को ISIS के खुरसान मॉड्यूल का सदस्य बताया। सैफुल्लाह भी इसी नेटवर्क से जुड़ा था। फैज़ल और आतिफ को ISIS के नेटवर्क से हथियार मिले थे। इन सभी ने भारत में जिहाद फैलाने की कसम भी खाई थी। इन हथियारों को चलाने की प्रैक्टिस वो नदी के किनारे किया करते थे। रमेश बाबू की हत्या करके दोनों ने हथियारों की टेस्टिंग की थी। एक बार दोनों ने लखनऊ के ऐशबाग में IED ब्लास्ट का भी प्रयास किया था। हालाँकि वो विस्फोटक फट नहीं पाया।

खासतौर पर कत्ल के लिए रमेश को ही चुनने की वजह दोनों ने उनके हाथ में कलावा और माथे पर तिलक होना बताया था। जाँच के दौरान यह भी सामने आया था कि आतिफ और फैज़ल ने रमेश बाबू की हत्या से पहले वीडियो रिकार्डिंग भी की थी। यह वीडियो सीरिया में आतंकियों को भेजी थी। पुलिस ने इस हत्याकांड के बाद आस-पास के कुछ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था। हालाँकि सबूत न मिलने के कारण बाकियों को छोड़ दिया गया था।

सहदुल शेख ने किया गाय की बछिया के साथ दुष्कर्म, CCTV में कैद हुई शर्मनाक हरकत: झारखण्ड के जमशेदपुर की घटना, FIR दर्ज

झारखंड के जमशेदपुर में गाय की बछिया के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम सहदुल शेख है जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला है। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने सहदुल के बांग्लादेशी होने की आशंका जताई है। शनिवार (9 सितंबर 2023) को हुई इस घटना पर स्थानीय हिन्दू और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। वहीं FIR दर्ज होते ही सहदुल शेख फरार हो गया है। उसके 2 सहयोगी पुलिस हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जमशेदपुर के बागबेड़ा थानाक्षेत्र की है। यहाँ रविवार (10 सितम्बर, 2023) की सुबह पीड़ित गोवंश के मालिक श्याम बहादुर प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में श्याम बहादुर ने बताया कि उनकी गाय की बछिया के साथ कुकर्म किया गया है। घटना 1 दिन पहले शनिवार की रात लगभग 8 बजे की बताई गई। शिकायत में आरोपित के तौर पर 32 वर्षीय सहदुल शेख को नामजद करते हुए श्याम बहादुर ने पुलिस को सबूत के तौर पर CCTV फुटेज सौंपे। वायरल CCTV फुटेज में सड़क के किनारे बँधे गोवंश से सहदुल कुकर्म कर रहा है।

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 377 (अप्राकृतिक यौनाचार) के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। केस दर्ज होते ही सहदुल शेख फरार हो गया। बागबेड़ा थाने के प्रभारी के के झा ने बताया कि आशंका है कि सहदुल को उसके खिलाफ दर्ज FIR की जानकारी मिल गई हो और वो फरार हो गया हो। फिलहाल आरोपित की तलाश में दबिश दी जा रही है। सहदुल शेख दिहाड़ी मजदूर है। वह पिछले कुछ वर्षों से बागबेड़ा इलाके में रह रहा था।

माई दरबार संगठन के अध्यक्ष और स्थानीय निवासी संदीप सिंह ने मीडिया को बताया कि सहदुल शेख बांग्लादेशी है। उन्होंने पुलिस से इस मामले की गहराई से जाँच करने की माँग की। इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस स्टेशन पर हिन्दू संगठनों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। भाजपा नेता आनंद कुमार ने सहदुल शेख की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। फ़िलहाल पुलिस सहदुल के 2 सहयोगियों को हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है।

‘सनातन डेंगू की तरह, इसका खात्मा जरूरी’: प्रकाश राज ने उदयनिधि के बयानों का किया समर्थन, कलबुर्गी में सड़क पर उतरे लोग

अभिनेता प्रकाश राज ने रविवार (10 सितम्बर, 2023) को कलबुर्गी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए फिर से हिन्दू और सनातन धर्म विरोधी बयान दिए हैं। यहाँ तमिलनाडु के मंत्री और सीएम स्टालिन के बेटे उदयनिधि द्वारा दिए गए हिन्दू विरोधी बयान को दोहराते हुए प्रकाश राज ने कहा, “सनातन डेंगू की तरह है और इसका खात्मा होना जरूरी है।” इससे पहले वो सनातन को ‘तनातन’ कहकर भी हिन्दू धर्म का मजाक उड़ाते आए हैं।

ऐसे समय में जब सनातन धर्म पर वामपंथी और हिन्दू विरोधी ताकतों द्वारा सार्वजनिक रूप से हमले हो रहे हैं। अक्सर हिन्दू विरोधी बयानों से चर्चा में रहने वाले अभिनेता प्रकाश राज ने आग में घी डालने का काम करते हुए न सिर्फ सनातन धर्म विरोधी बयान दिए बल्कि यह भी कहा कि जो लोग सनातन धर्म को कायम रखने पर आक्रामक तरीके से बोलते हैं, वे हिंदू नहीं हैं।

दरअसल, रविवार शाम को कलबुर्गी के एस.एम. पंडित रंगमंदिर में लेखकों, कलाकारों और एक्टिविस्टों के साथ एक कार्यक्रम में बातचीत करते हुए प्रकाश राज ने कहा, “जो लोग सनातन धर्म और हिंदुत्व को कायम रखने पर आक्रामक रूप से बोलते हैं, वे हिंदू नहीं हैं। वे खुद को हिंदुत्व के ठेकेदार के रूप में पेश करते हैं। हमें उन्हें बताना होगा कि वे अपने राजनीतिक गलत इरादों को आगे बढ़ाने के लिए बोल रहे हैं। लोगों को इसे अवश्य समझना चाहिए और मुझे आशा है कि वे समझेंगे।”

इसी कार्यक्रम में प्रकाश राज ने उदयनिधि स्टालिन के बयान को दोहराते हुए कहा कि सनातन डेंगू बुखार की तरह है और इसे मिटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 8 साल के बच्चे को धर्म से जोड़ना ही सनातन धर्म है। प्रकाश राज ने एक मुस्लिम बस कंडक्टर की कहानी भी सुनाई कि कैसे एक महिला ने उसे मुस्लिम टोपी उतारने को कहा। उन्होंने कहा कि हर किसी को इस देश में रहना चाहिए। 

इतना ही नहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश राज ने अपने हिन्दू धर्म विरोधी बातों के समर्थन में कई दलीलें दी। उन्होंने कहा, “छुआछूत की मानसिकता अभी भी है। यह सिर्फ इसलिए दूर नहीं हुआ है क्योंकि वहाँ एक नियम है और यह कानून के खिलाफ है। कर्नाटक में, एक मुस्लिम बस कंडक्टर था जिसने अपनी धार्मिक टोपी पहन रखी थी। एक महिला ने उससे इसे हटाने को कहा। ऐसे बोलने वाले और भी लोग होंगे। वहाँ आस-पास कौन से लोग थे जो ऐसा करते हुए देख रहे थे? कल एक कंडक्टर इयप्पा माला (धार्मिक माला) पहनेगा तो क्या आप उन्हें एक कंडक्टर के रूप में देखेंगे या उनकी भक्ति के रूप में? एक कंडक्टर वह भी होगा जो हनुमान टोपी पहनेगा और प्रार्थना करेगा। क्या हर कोई अपने कपड़े उतार कर बैठ सकता है? सभी को अपने धर्म का पालन करना चाहिए। इस देश में सभी को जीवित रहना चाहिए ना? समाज में सभी को रहना चाहिए।” 

प्रकाश राज ने दक्षिणपंथी विचारधाराओं को वैज्ञानिक स्वभाव के विकास के लिए बाधक बताते हुए कहा कि वे हमेशा सभी के लिए समान शिक्षा की अवधारणा को हतोत्साहित करते हैं क्योंकि वे इसे कायम रखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “वे वैज्ञानिक सोच को फैलने नहीं देते। वे गरीबी और अशिक्षा को बरकरार रखना चाहते हैं। उन्होंने कभी भी समान शिक्षा की माँग नहीं की, क्योंकि वे जानते हैं कि अगर लोग शिक्षित हो गए और गरीबी से बाहर आ गए, तो वे सवाल करना शुरू कर देंगे।”

विरोध में उतरे लोग 

प्रकाश राज के हिंदू विरोधी बयानों के कारण रविवार (10 सितम्बर, 2023) को उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुआ। साथ ही कलेक्टर से प्रकाश राज के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की गई। हालाँकि, यह प्रदर्शन प्रकाश राज के कलबुर्गी दौरे से पहले हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर, काले झंडे दिखाते हुए नजर आए। विरोध के बाद भी कलबुर्गी में प्रकाश राज सनातन धर्म के खिलाफ बोलने से बाज नहीं आए। 

हिन्दू विरोधी बयानों से अक्सर चर्चा में

बता दें कि प्रकाश राज अक्सर हिंदू विरोधी बयानों को लेकर लगातार विवाद में रहते हैं। 3 सितंबर, 2023 को भी प्रकाश राज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ईवी रामास्वामी उर्फ पेरियार और डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो शेयर की थी। साथ ही लिखा था, “हिंदू तनतानी नहीं हैं। तनातनी मानवता विरोधी हैं।” तनतानी या TanaThanis शब्द का उपयोग वामपंथी, इस्लामवादी और ईसाई, हिंदुओं और सनातन धर्म का मजाक उड़ाने के लिए करते हैं। ऐसे में उन्होंने न केवल में सनातन धर्म का मजाक उड़ाने की पहले भी कोशिश की है बल्कि एक बार फिर अपना हिंदू विरोधी चेहरा स्पष्ट कर दिया था।

यही नहीं साल 2019 में उन्होंने रामलीला की तुलना चाइल्ड पॉर्न से की थी। साथ ही कहा था कि रामलीला जैसे आयोजनों से अल्पसंख्यकों के मन में डर पैदा हो जाता है। तब भी उनके इस बयान पर जमकर बवाल हुआ था।

14 दिनों के लिए जेल भेजे गए पूर्व CM चंद्रबाबू नायडू: गिरफ़्तारी से आंध्र की राजनीति में बड़ी हलचल, ₹371 करोड़ का है APSSDC घोटाला

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को विजयवाड़ा की एक अदालत ने 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया। उन्हें आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में 9 दिसंबर, 2021 को आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में 371 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें नायडू समेत 25 लोगों के नाम थे। इस मामले में नायडू को आरोपित नंबर-1 बनाया गया था।

निजी कंपनी को अनुचित लाभ दिलाने के आरोप

भ्रष्टाचार के इस मामले में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उन्हें विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया गया था। नायडू को गिरफ्तार करने के लिए सीआईडी की स्पेशल टीम ने बीड़ा उठाया था और कई कार्यकर्ताओं के सामने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अपनी गिरफ्तारी के समय नायडू ने पूछा भी था कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

इस मामले में सीआईडी ने आरोप लगाया है कि नायडू ने आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में रिश्वत के बदले में एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ दिलाया। कंपनी को कौशल विकास योजनाओं के लिए काम करने का ठेका मिला था। हालांकि नायडू ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें राजनीतिक बदले का शिकार बनाया जा रहा है।

तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं नायडू

चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर मानी जा रही है। नायडू तीन बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वह एक प्रमुख राजनीतिक नेता हैं। उनकी गिरफ्तारी से आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है।

गौरतलब है कि जब आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार थी तो युवाओं के कौशल का विकास करने के लिए एक योजना शुरू की गई थी। इस योजना पर कुल 3300 करोड़ रुपए खर्च होने थे। इसमें राज्य सरकार के बजट के अलावे प्राइवेट कंपनी सीमेंस भी शामिल थी। आरोप है कि घोटाला राज्य सरकार के बजट में किया गया। पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियों को पैसे ट्रांसफर किए और दस्तावेज भी नष्ट कर दिए।

‘मैं मेक इन इंडिया का बेहतरीन उदाहरण, स्कूल-कॉलेज सब यहीं किया’: वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- G20 से हुई भारत की जबरदस्त ब्रांडिंग

वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा है कि वह ‘मेक इन इंडिया’ के सबसे अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि उनका पालन-पोषण भारत में हुआ और पढ़ाई भी यहीं हुई है। इसके अलावा उन्होंने G20 की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। अजय बंगा ने कहा कि पीएम मोदी ने बहुत अच्छा काम किया है।

इंडिया टुडे ग्रुप से हुई बातचीत में अजय बंगा ने कहा, “मैंने पीएम मोदी से मजाक में कहा था कि मैं तो ‘मेक इन इंडिया’ का अल्टीमेट उदाहरण हूँ। मेरा जन्म यहाँ हुआ है। मेरी स्कूलिंग यहीं हुई। कॉलेज भी भारत में ही किया। मैंने बाहर कोई पढ़ाई नहीं की है। ट्रेनिंग कोर्स तक करने कहीं नहीं गया हूँ।” G20 की सफलता पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि G20 में भारत ने जो किया है उससे देश की अलग छवि बनी है।”

बंगा ने आगे कहा है, “G20 के डिक्लेरेशन को लेकर लोगों ने किसी भी प्रकार की संभावना नहीं जताई थी। लेकिन वो आया, वह बहुत महत्वपूर्ण चीज है। इन सबके अलावा पूरी दुनिया में भारत की जो ब्रांडिग हुई है वह साधारण नहीं है। यह सिर्फ G20 की अध्यक्षता की बात नहीं है। बल्कि ग्लोबल इमेज जिस तरह से बनी हुई है। मुझे लगता है कि उसको बहुत अच्छी तरह से निभाया गया है।”

विश्व बैंक का अध्यक्ष बनने को लेकर उन्होंने कहा, “जीवन में सफलता का 50 प्रतिशत हिस्सा भाग्य है। भाग्य का सहारा लेकर कड़ी मेहनत करें तो सफलता मिलती है।” चीन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दुनिया में चुनौतियाँ बहुत अधिक हैं। पूरी दुनिया को जिस तरह की वित्तीय ऊर्जा की आवश्यकता है, उससे एक संस्थान के हावी होने से कुछ भी नहीं होगा।

वहीं जी-20 डिक्लेरेशन पर PM मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “भारत की अध्यक्षता में G20 ने दुनिया के लिए एक रास्ता तय किया है। तभी डिक्लरेशन पर सभी देशों की आम सहमति आसानी से बन पाई। दुनिया की 80% जीडीपी एक कमरे में बैठी हुई थी। अगर वे किसी विषय पर सहमत नहीं होंगे तो इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा। मैं वास्तव में डिक्लरेशन पर आम सहमति बनाने में सक्षम होने के लिए भारत, उसके नेतृत्व और G20 लीडर्स की सराहना करता हूँ। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने एक सफल डिक्लरेशन दिया है।”

बारिश में धुल गया भारत-पाकिस्तान का मुकाबला, लेकिन अभी बाकी है रोमांच… जान लीजिए ‘रिजर्व डे’ को लेकर क्या है नियम

भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2023 का दूसरा मुकाबला 10 सितंबर, 2023 को कोलंबो के आर प्रेमदास स्टेडियम में खेला जा रहा था। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय पारी के 25वें ओवर में बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण मैच को रोक दिया गया। जब मैच रोका गया, तब भारत का स्कोर 147/2 था। के एल राहुल 17 और विराट कोहली 8 रन बनाकर नाबाद थे। वहीं, रोहित शर्मा और शुभमन गिल अर्धशतक लगाकर आउट हुए। आज रविवार (10 सितंबर, 2023) को जिस स्कोर पर मैच रुका है, सोमवार को उसी स्कोर से मैच फिर से शुरू होगा।

25वें ओवर में बारिश ने लगाया ब्रेक

इस महत्वपूर्ण मैच में पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीता और पहले गेदबाजी का निर्णय लिया। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के इस फैसले को भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने गलत साबित करने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने दूसरे ओपनर शुभमन गिल के साथ पहले विकेट के लिए 16.4 ओवरों में 121 रन जोड़ दिए। इसी स्कोर पर वो कुल 56 रनों के निजी योग पर शादाब खान की गेंद पर कैच आउट हो गए। इसके दो ही रन बाद शुभमन गिल 58 रन बनाकर आउट हो गए।

इन दोनों विकेटों के गिरने के बाद रन गति में काफी कमी आ गई। इस बीच मैच 25वें ओवर में पहुँचा ही था, कि बारिश शुरू हो गई।

पाकिस्तानी तेज गेदबाज रहे बेअसर

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पारी की शुरुआत से ही पाकिस्तानी गेदबाजों की जमकर खबर ली। रोहित ने 56 रन बनाने के लिए महज 49 गेंदों का सामना किया और 6 चौकों के साथ ही 4 गगनचुंबी छक्के भी लगाए। वहीं, शुभमन गिल ने महज 52 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली। उन्होंने 10 चौके लगाए। हालाँकि इसके बाद विराट कोहली और के एल राहुल ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों ने अब तक 38 गेंदों पर 24 रनों की नाबाद साझेदारी की है।

चूँकि दो विकेट लगातार गिर गए थे, इसकी वजह से दोनों ने संभलकर खेलना ही बेहतर समझा। वहीं, पाकिस्तान के शाहीन शाह अफरीदी को भले ही शुभमन गिल का विकेट मिला हो, लेकिन उन्हें 5 ओवरों में 37 रन बन गए।

अगले दिन को फिर से यहीं से बढ़ेगा मैच

सोमवार (11 सितंबर, 2023) को दोनों टीमें फिर से मैदान पर उतरेंगी और इसी स्कोर पर कोहली-राहुल अपनी पारी को आगे बढ़ाएँगे। श्रीलंका की राजधानी में लगातार हो रही बारिश की वजह से एशिया कप के मैचों में बार-बार समस्याएँ आई हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया पहला मैच भी बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसीलिए दूसरे मैच से ठीक पहले ही एक रिजर्व डे की भी घोषणा की गई थी। इसी के साथ ये वनडे मैच आधिकारिक रूप से दो दिनों का हो गया है। रविवार को खेल का जो हिस्सा नहीं खेला जा सका, सोमवार को मैच वहीं से शुरू होगा।

‘हमारे शहर में उसके घुसने पर लगे बैन’: कर्नाटक में प्रकाश राज के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, हिन्दू विरोधी बयानों को लेकर हुआ प्रदर्शन

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में हिंदू विरोधी बयानों के लिए कुख्यात दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ रविवार (10 जून, 2023) को विरोध प्रदर्शन हुआ। साथ ही कलेक्टर से प्रकाश राज के शहर में प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की गई। यह प्रदर्शन प्रकाश राज के कलबुर्गी दौरे से पहले हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर, काले झंडे दिखाते हुए नजर आए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कलबुर्गी में युद्ध की मानव त्रासदी पर आधारित एक नाटक ‘ग्यागालु’ की स्क्रीनिंग का आयोजन होना है। प्रकाश राज के इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने आना है। लेकिन उनके हिंदू विरोधी बयानों के चलते हिंदू संगठन काफी नाराज हैं। ऐसे में कलबुर्गी में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यही नहीं, एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कलबुर्गी के कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है।

इस ज्ञापन में हिंदू संगठन ने प्रकाश राज के कलबुर्गी आने पर आपत्ति जताते हुए उनके शहर में प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की है। ऐसा पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज को हिंदू संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा है। कुछ सप्ताह पहले प्रकाश राज शिवमोग्गा गए थे। वहाँ से उनके जाने के बाद हिंदू संगठनों ने गोमूत्र का छिड़काव कर स्थान को शुद्ध किया था।

बता दें कि प्रकाश राज दिन हिंदू विरोधी बयान को लेकर लगातार विवाद में रहते हैं। 3 सितंबर को प्रकाश राज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ईवी रामास्वामी उर्फ पेरियार और डॉ. भीमराव अंबेडकर की फोटो शेयर की थी। साथ ही लिखा था, “हिंदू तनतानी नहीं हैं। तनातनी मानवता विरोधी हैं।” तनतानी या TanaThanis शब्द का उपयोग वामपंथी, इस्लामवादी और ईसाई हिंदुओं और सनातन धर्म का मजाक उड़ाने के लिए करते हैं। ऐसे में उन्होंने न केवल में सनातन धर्म का मजाक उड़ाने की कोशिश की है बल्कि एक बार फिर अपना हिंदू विरोधी चेहरा स्पष्ट कर दिया था।

यही नहीं साल 2019 में उसने रामलीला की तुलना चाइल्ड पॉर्न से की थी। साथ ही कहा था कि रामलीला जैसे आयोजनों से अल्पसंख्यकों के मन में डर पैदा हो जाता है। उनके इस बयान पर जमकर बवाल हुआ था।

‘खालिस्तानी आतंकियों को नहीं देंगे बढ़ावा’: प्रधानमंत्री मोदी के कड़े सन्देश के बाद बैकफुट पर कनाडा के PM जस्टिन ट्रुडो, मंदिरों पर हमले रोकने के लिए भी कहा गया

कनाडा में खालिस्तानी कट्टरपंथियों पर कोई कार्रवाई न करने के मामले में भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। G20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 दिनों में दुनिया के कई शीर्ष देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने शिखर सम्मेलन से इतर कई राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी की। इसी मौके पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से भी उन्होंने मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान भारत ने कनाडा के सामने काफी कड़े शब्दों में अपनी बात रखी।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रेस रिलीज की भाषा कड़ी

विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि भारत सरकार ट्रूडो सरकार की ‘अस्वीकार्य’ नीति की निंदा करती है। इस प्रेस रिलीज में काफी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसके बाद कनाडाई प्रधानमंत्री बैकफुट पर आते दिख रहे हैं। भारत सरकार ने कनाडा के प्रधानमंत्री से साफ तौर पर कहा कि खालिस्तानी गतिविधियों से भारत और कनाडा दोनों को ही नुकसान होता है, इसे तुरंत प्रभाव से रोका जाना चाहिए।

विदेशी मामलों के मंत्रालय (MEA) की तरफ से जारी प्रेस रिलीज

पीएम मोदी के साथ वार्ता के बाद पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा, “कनाडा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता की हमेशा रक्षा करेगा और हम नफरत को पीछे धकेलने के लिए हमेशा तैयार हैं।”

‘कुछ लोगों की हरकतें सभी का प्रतिनिधित्व नहीं करती’

इस बातचीत के दौरान जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि कुछ लोगों की हरकतों की वजह से सभी लोगों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि हम अतिवाद के मामले को गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा सरकार खालिस्तानी आतंकवाद को कभी भी नहीं बढ़ावा देगी। ट्रूडो ने कहा कि कुछ लोगों की हरकतें पूरे समुदाय या कनाडा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की असाधारण रूप से एक अहम अर्थव्यवस्था है और जलवायु परिवर्तन से निपटने से लेकर नागरिकों के लिए विकास और समृद्धि के लिए कनाडा का एक बड़ा भागीदार है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष मौजूदा सहयोग को बढ़ाने पर विचार करना जारी रखेंगे।

बता दें कि भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी आतंकवाद के मुद्दे पर लंबे समय से तनाव है। भारत ने कनाडा से कई बार खालिस्तानी आतंकवादियों को गिरफ्तार करने और उन्हें भारत को सौंपने की माँग की है, लेकिन कनाडा ने इस माँग को नहीं माना है।