Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'मैं मेक इन इंडिया का बेहतरीन उदाहरण, स्कूल-कॉलेज सब यहीं किया': वर्ल्ड बैंक के...

‘मैं मेक इन इंडिया का बेहतरीन उदाहरण, स्कूल-कॉलेज सब यहीं किया’: वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- G20 से हुई भारत की जबरदस्त ब्रांडिंग

G20 की सफलता पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि G20 में भारत ने जो किया है उससे देश की अलग छवि बनी है।"

वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा है कि वह ‘मेक इन इंडिया’ के सबसे अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि उनका पालन-पोषण भारत में हुआ और पढ़ाई भी यहीं हुई है। इसके अलावा उन्होंने G20 की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। अजय बंगा ने कहा कि पीएम मोदी ने बहुत अच्छा काम किया है।

इंडिया टुडे ग्रुप से हुई बातचीत में अजय बंगा ने कहा, “मैंने पीएम मोदी से मजाक में कहा था कि मैं तो ‘मेक इन इंडिया’ का अल्टीमेट उदाहरण हूँ। मेरा जन्म यहाँ हुआ है। मेरी स्कूलिंग यहीं हुई। कॉलेज भी भारत में ही किया। मैंने बाहर कोई पढ़ाई नहीं की है। ट्रेनिंग कोर्स तक करने कहीं नहीं गया हूँ।” G20 की सफलता पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि G20 में भारत ने जो किया है उससे देश की अलग छवि बनी है।”

बंगा ने आगे कहा है, “G20 के डिक्लेरेशन को लेकर लोगों ने किसी भी प्रकार की संभावना नहीं जताई थी। लेकिन वो आया, वह बहुत महत्वपूर्ण चीज है। इन सबके अलावा पूरी दुनिया में भारत की जो ब्रांडिग हुई है वह साधारण नहीं है। यह सिर्फ G20 की अध्यक्षता की बात नहीं है। बल्कि ग्लोबल इमेज जिस तरह से बनी हुई है। मुझे लगता है कि उसको बहुत अच्छी तरह से निभाया गया है।”

विश्व बैंक का अध्यक्ष बनने को लेकर उन्होंने कहा, “जीवन में सफलता का 50 प्रतिशत हिस्सा भाग्य है। भाग्य का सहारा लेकर कड़ी मेहनत करें तो सफलता मिलती है।” चीन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि दुनिया में चुनौतियाँ बहुत अधिक हैं। पूरी दुनिया को जिस तरह की वित्तीय ऊर्जा की आवश्यकता है, उससे एक संस्थान के हावी होने से कुछ भी नहीं होगा।

वहीं जी-20 डिक्लेरेशन पर PM मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “भारत की अध्यक्षता में G20 ने दुनिया के लिए एक रास्ता तय किया है। तभी डिक्लरेशन पर सभी देशों की आम सहमति आसानी से बन पाई। दुनिया की 80% जीडीपी एक कमरे में बैठी हुई थी। अगर वे किसी विषय पर सहमत नहीं होंगे तो इससे अच्छा संदेश नहीं जाएगा। मैं वास्तव में डिक्लरेशन पर आम सहमति बनाने में सक्षम होने के लिए भारत, उसके नेतृत्व और G20 लीडर्स की सराहना करता हूँ। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने एक सफल डिक्लरेशन दिया है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -