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‘आपके नेतृत्व में आगे बढ़ेगा देश’: G20 के सफल आयोजन के बाद शाहरुख़ खान ने PM मोदी को दी बधाई, बोले – आज हर देशवासी के हृदय में गौरव और सम्मान

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान अपनी फिल्म ‘जवान’ को लेकर चर्चा में हैं। उनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इस बीच शाहरुख खान ने G20 समिट की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। साथ ही कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश एकता के साथ आगे बढ़ेगा।

G20 की सफलता को लेकर पीएम मोदी को बधाई देने के लिए शाहरुख खान ने प्रधानमंत्री द्वारा शेयर किए गए वीडियो को रिपोस्ट किया। इस वीडियो में जी20 की बैठक, डिक्लरेशन, डिनर समेत अन्य चीजों को दिखाया गया है। 

अपने पोस्ट में शाहरुख ने लिखा है, “भारत की G20 अध्यक्षता की सफलता और दुनिया के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए देशों के बीच एकता को बढ़ावा देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई देता हूँ। इस आयोजन ने हर भारतीय के दिल में सम्मान और गौरव की भावना पैदा की है। सर, आपके नेतृत्व में हम अलग-थलग रहकर नहीं बल्कि एकता के साथ आगे बढ़ेंगे। एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य।”

इससे पहले अनुपम खेर ने भी प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो शेयर उन्हें बधाई दी थी। साथ ही जी-20 को लेकर की गई तैयारियों पर उन्होंने लिखा था, “जय जय भारतम्! जब कोई G20 शिखर सम्मेलन के लिए की गई विस्तृत तैयारियों को देखता है तो उसे यही अनुभूति होती है। हाई टेक, नए युग की तरह, पूरी तरह विश्व स्तरीय लेकिन हमारी सभ्यतागत मूल्यों, संस्कृति और समृद्ध विरासत से परिपूर्ण। यह वह भारत है जिसे हम चाहते हैं कि दुनिया देखे, अपनाए और उससे जुड़े।”

अनुपम खेर ने यह भी लिखा था, “यह सब कुछ थोड़ी देर में खत्म हो जाएगा। लेकिन दुनिया भारत और भारतीयता के बारे में जो यादें और धारणा अपने साथ लेकर जाएगी वह हमेशा के लिए रहेगी। G20 का इतना लोकतंत्रीकरण पहले कभी नहीं हुआ। पूरे भारत में लगभग 60 शहर और 210 से अधिक बैठकें। प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी के संबंध में बात की है। यह सबका G20 बन गया है। क्योंकि बीते एक साल में भारत के हर कोने ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की है। यह हमारा स्वर्णिम समय है। भारत का भविष्य उज्ज्वल और चमकदार है। बधाई और शुभकामनाएँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी।”

इस्लामी आतंकवाद की विरोधी, PM मोदी को बताती हैं ‘चहेता नेता’, अब चीन को झटका: जानिए कौन हैं इटली की PM जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर मचा रहीं धमाल

G-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आई इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी मीडिया-सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मलेन के दौरान उन्होंने दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों लीडर्स के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसके बाद दोनों लीडर्स ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

इस दौरान इटली की पीएम मेलोनी ने मोदी को दुनिया का मोस्ट लव्ड (सबसे चहेता) नेता बताया। जिसके बाद से मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी की कई तस्वीरें वायरल हैं। जियोर्जिया मेलोनी इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि वह इटली की पहली दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री हैं। साथ ही लोग उनके खूबसूरत अंदाज, ड्रेसिंग सेन्स और सुंदरता के भी कायल हो गए हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने भी शनिवार (9 सितम्बर, 2023) को जियोर्जिया मेलोनी के साथ वार्ता के बाद सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ मेरी मुलाकात बहुत अच्छी रही। हमारी बातचीत में व्यापार, वाणिज्य, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा हुई। भारत और इटली वैश्विक समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।”

वहीं ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेलोनी ने यह कहकर अपने भारत के प्रति प्रेम का इजहार किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के मोस्ट लव्ड (सबसे चहेते) लीडर हैं। ये बात साबित हो चुकी है कि वाकई वो वर्ल्ड के कितने बड़े नेता हैं। इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई।”

मजेदार बात यह है कि मेलोनी की बात सुनकर प्रधानमंत्री मोदी भी मुस्कुरा दिए। वहीं जियोर्जिया मेलोनी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी जानते हैं कि वे इटली के साथ संबंधों को बढ़ाने के लिए हम पर पूरा भरोसा कर सकते हैं। ऐसे में मेलोनी के भारत के प्रति प्रेम को देखकर भी लोग खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक नहीं पा रहे। सोशल मीडिया पर उनके काफी मीम्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं। 

ऐसे में भारत और इटली के बीच बढ़ते प्रगाढ़ संबंधों के बीच आइए जानते हैं प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बारे में, उनका इस बार भारत आना भी क्यों खास है। साथ ही भारत के साथ मिलकर उठाए गए उनके कई कदमों ने चीन की नींद उड़ा दी है। 

बता दें कि जियोर्जिया मेलोनी ऐसे समय में भारत आई हैं, जब पहले से चीन के BRI प्रोजेक्ट को लेकर ड्रैगन के साथ उनके संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। इटली ने चीन के BRI (Belt and Road Initiative) प्रोजेक्ट से अपने हाथ पीछे खींचने का फैसला किया है। अगर इटली ऐसा करता है तो चीन को अरबों डॉलर का नुकसान होगा, वहीं दूसरी ओर G20 समिट के दौरान पीएम मोदी ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा शुरू करने का ऐलान किया। इसमें भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, यूरोपीय संघ, फ्रांस, इटली, जर्मनी और अमेरिका शामिल हैं। ये बात चीन को परेशान कर सकती है।

कौन हैं जियोर्जिया मेलोनी

जियोर्जिया मेलोनी का जन्म 15 जनवरी 1977 को हुआ। प्रधानमंत्री बनने से पहले वह एक इतालवी पत्रकार और पॉलिटिशियन थीं। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी के समर्थकों ने एक आंदोलन शुरू किया था। इसे इटालियन सोशल मूवमेंट नाम दिया गया था। 15 साल की उम्र में मेलोनी ने इसके यूथ विंग में काम किया। मेलोनी के पिता अकाउंटेंट थे। रोम में जन्मीं मेलोनी अंग्रेजी, स्पेनिश और फ्रेंच बोलती हैं। उनकी एक बेटी है, जिसका जन्म 2006 में हुआ।

इटली की पहली दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री 

बता दें कि जियोर्जिया मेलोनी साल 2008 में 31 साल की उम्र में इटली की सबसे युवा मंत्री बनी थीं। वहीं साल 2012 में उन्होंने ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी की स्थापना की। इसके बाद 2021 में मेलोनी की किताब आई ‘आइ एम जियोर्जिया’, जिसमें उनके विजन और विचारों पर खूब बात हुई है 

जियोर्जिया मेलोनी के बारें में एक तथ्य ये भी है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद इटली में ये पहली बार हुआ है जब राइट विंग कि कोई नेता प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठी हों। ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी की नेता मेलोनी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले ही मुस्लिम अप्रवासियों को शरण देने का खुलकर विरोध किया था और इसके साथ ही समलैंगिकों (LGBT) का भी उन्होंने जमकर विरोध किया था।

कहते हैं कि बेनिटो मुसोलिनी के बाद इटली की पहली दक्षिणपंथी नेता का खिताब भी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के नाम पर है। जियोर्जिया की पार्टी इटली के तानाशाह रहे मुसोलिनी की खुली समर्थक है। उन्होंने इटली में प्रधानमंत्री बनने के दौड़ के दौरान ही ‘इटली फर्स्ट’ कहकर अपनी सांस्कृतिक पसंद की ओर इशारा कर दिया था कि किस तरह से अब इटली में राष्ट्रवाद की बात होगी। प्रधानमंत्री पद के चुनाव के दौरान से ही वह सुर्खियों में हैं। देश की बहुसंख्यक जनता ने जियोर्जिया मेलोनी और उनकी स्पष्ट नीतियों को पसंद किया। परिणाम स्वरुप उन्हें इटली के आम चुनावों में भारी सफलता मिली और अब वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं।

कट्टरपंथी इस्लाम, आतंकवाद और समलैंगिकता की मुखर विरोधी 

25 सितंबर, 2022 को अपनी जीत के बाद से ही मेलोनी समर्थक जहाँ खुश हैं वहीं उनके आलोचक उनकी दक्षिणपंथी ब्रदर्स ऑफ़ इटली पार्टी के उदय के बाद से ही लगातार हमले कर रहे हैं। मेलोनी जिन मुद्दों पर चुनाव जीतकर आईं थीं, उन्होंने प्रधानमंत्री बनते ही स्पष्ट कर दिया है कि वह एलजीबीटी लॉबी, जेंडर आइडियोलॉजी और कट्टरपंथी इस्लाम का विरोध करती हैं, इसके साथ अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोप की वह नव-फासीवादी हैं, उन्होंने साफ़ मना कर दिया था।

बता दें कि जियोर्जिया मेलोनी पर एलजीबीटी, फासीवादी और इस्लामोफोबिक होने के आरोप शुरू से ही लगते रहे हैं लेकिन वो इनसे इनकार करती रहीं हैं। लेकिन उन्होंने चुनाव जीतने के बाद से ही अपनी प्राथमिकताएँ गिनाते हुए एलजीबीटी लॉबी और प्रवासन पर विरोध जताया था। साथ ही उन्होंने इस्लामिक आतंकवाद को काबू में करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खासतौर से मुस्लिम आप्रवासियों को इटली के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। 

दाऊद ने ‘राहुल’ बन दलित लड़की से मंदिर में की शादी, बेटी के जन्म के बाद मारपीट कर बोला – अब मुस्लिम बनो: जान से मारने की धमकी भी

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू धर्म की दलित महिला ने दाऊद नाम के युवक पर हिन्दू नाम से खुद को प्रेम के जाल में फँसाने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, शादी के बाद न सिर्फ उसकी बेरहमी से पिटाई की गई बल्कि दाऊद ने उस पर इस्लाम कबूलने का भी दबाव बनाया। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार (9 सितंबर, 2023) को पीड़िता जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँची। यहाँ उसने शिकायत देते हुए खुद को अम्बेडकरनगर के ही मालीपुर थाना क्षेत्र की निवासी बताया। पीड़िता के मुताबिक, उसी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव मिर्जापुर कोड़रा का दाऊद उसे लगभग 3 वर्ष पूर्व मिला था। यह मुलाकात फोन पर हुई बातचीत से शुरू हुई थी। तब पीड़िता के बार-बार मना करने पर भी दाऊद उसे फोन करता रहा।

मुलाकात के दौरान दाऊद ने अपना नाम ‘राहुल’ बताया था। बातचीत का सिलसिला चल पड़ा और इस दौरान ‘राहुल’ बने दाऊद ने पीड़िता को प्यार के जाल में फँसा लिया। मालीपुर के ही एक मंदिर में दाऊद ने पीड़िता से हिन्दू विधि-विधान से शादी भी कर ली।

बताया जा रहा है कि शादी बाद आरोपित लड़की को ले कर अकबरपुर चला गया। यहाँ एक किराए के मकान में वो पीड़िता को ले कर साथ रहा। इस बीच महिला ने एक बच्ची को भी जन्म दिया। फिलहाल बेटी की उम्र लगभग 2 वर्ष है। शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि नवंबर 2022 से आरोपित उसके साथ मारपीट करने लगा। एक दिन आरोपित ने पीड़िता का फोन भी छीन लिया। यहाँ से वो पीड़िता को अपने साथ अपने गाँव ले गया। शिकायत में बताया गया है कि तब पहली बार पीड़िता को आरोपित के मुस्लिम होने का शक हुआ।

शिकायत कॉपी

पीड़िता का कहना है कि आरोपित के घर वाले इस्लामी तौर-तरीके अपना रहे थे जहाँ से उसे राहुल के दाऊद होने का पता चला। इसी के बाद पीड़िता को इस्लाम कबूलने का दबाव दिया जाने लगा। शिकायत में बताया गया है कि धर्मांतरण न करने पर उसे न सिर्फ मारा-पीटा जाने लगा बल्कि जान से मारने की धमकियाँ भी दी जाने लगी। दाऊद और उसके परिवार के चंगुल से किसी तरह बच कर निकली महिला ने जिले के पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाने को जाँच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

अद्भुत डांस, मजेदार दृश्य, अंग्रेजी शासन की आलोचना… ब्राजील के राष्ट्रपति बोले – RRR ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया, मैं सबसे पूछता हूँ कि क्या आपने देखी

भारत की ऑस्कर अवार्ड विजेता फिल्म ‘आरआरआर’ (RRR) एक बार फिर चर्चा में हैं। G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इंसियो लूला डा सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) ने ‘RRR’ की तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया है। इस पर फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजमौली ने लूला डा सिल्वा को धन्यवाद दिया है।

भारत दौरे पर आए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इंसियो लूला डा सिल्वा ने ‘फर्स्टपोस्ट’ से बातचीत की है। इस बातचीत में उनसे कहा गया कि बहुत सारे लोग नहीं जानते कि आप भारत की फिल्में देखते हैं। ऐसे में क्या आप उन्हें बता सकते हैं कि आपको कौन सी फिल्म पसंद है। इस पर इनासियो ने ‘आरआरआर’ का जिक्र करते हुए कहा, “RRR तीन घंटे की फीचर फिल्म है। इसमें अद्भुत डांस के साथ कई मजेदार सीन भी हैं। फिल्म में भारत और भारतीयों पर अंग्रेजों के नियंत्रण की आलोचना की गई है।”

उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर्स की तारीफ करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि यह फिल्म पूरी दुनिया में ब्लॉकबस्टर होनी चाहिए थी। क्योंकि जब भी कोई मुझसे बात करता है तो मैं उससे कहता हूँ कि क्या आपने तीन घंटे की फिल्म में विद्रोह, बगावत और क्रांति देखी है? इसलिए, मैं फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर्स को बधाई देता हूँ। क्योंकि इस फिल्म ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया।”

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो की इस तारीफ का वीडियो जहाँ एक ओर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजमौली ने इस तारीफ के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। राजमौली ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सर लुइज़ इनासियो, आपके खूबसूरत शब्दों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। यह जानकर खुशी हुई कि आपने भारतीय सिनेमा का जिक्र किया और आरआरआर का आनंद लिया। हमारी टीम बहुत खुश है। आशा है कि आप हमारे देश में बहुत अच्छा समय बिता रहे होंगे।”

बता दें कि जूनियर एनटीआर और रामचरण स्टारर फिल्म RRR ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। फिल्म ने पूरी दुनिया में 1236 करोड़ रुपए की ताबड़तोड़ कमाई की थी। एसएस राजमौली के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अजय देवगन, आलिया भट्ट, पोसानी कृष्णा मुरली ने भी बेहतरीन भूमिका निभाई थी। फिल्म के गाने ‘नाटू-नाटू’ को ऑस्कर अवार्ड मिला था।

‘हमारे साथ धोखा हो गया’: G20 समिट के बाद बौखलाया चीन, कहा – भारत ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ा दिया, हमारे हितों को पहुँचा दिया नुकसान

भारत द्वारा जी20 के शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। लेकिन, चीन के एक थिंक-टैंक ने भारत पर G20 शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करने का आरोप लगाया है। थिंक-टैंक ने कहा कि भारत ने शिखर सम्मेलन में अपने हितों के मुद्दों को उठाकर और चीन विरोधी कामों को अंजाम देकर चीन के साथ धोखा किया है।

इस थिंक-टैंक का कहना है कि भारत ने विवादित क्षेत्रों (कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश) में जी-20 की बैठकों का आयोजन करके उन क्षेत्रों पर अपने कब्जे की मान्यता लेने की कोशिश की है।

ये है चीन को हुई तकलीफ की मुख्य वजह

बता दें कि G-20 सम्मेलन के पहले दिन भारत ने इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का ऐलान किया। इस प्रोजेक्ट में मध्य पूर्व और यूरोपीय देशों के अलावा अमेरिका भी अहम साझीदार है। इस कॉरिडोर को चीन के BRI (बेल्ट एन्ड रोड) के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच आर्थिक एकीकरण का प्रभावी माध्यम होगा। यह पूरे विश्व में कनेक्टिविटी और विकास को सस्टेनेबल दिशा प्रदान करेगा।

इस बात से चीन को इतनी मिर्ची लगी है कि वो बौखला गया है। चीनी सरकार भले ही सीधे तौर पर कुछ नहीं बोल रही हो, लेकिन वो अपने कथित थिंक-टैंक्स के माध्यम से भारत को धमकाने की कोशिश कर रही है।

अपना एजेंडा बढ़ा रहा भारत : चीनी थिंक-टैंक

इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्परेरी इंटरनेशनल रिलेशंस नाम के एक थिंक-टैंक ने अपने लेख में कहा कि भारत ने “जी20 के मंच का इस्तेमाल अपने स्वयं के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया है, जो वैश्विक मुद्दों पर सहयोग की बजाय विभाजन को बढ़ावा देने के लिए है।” थिंक-टैंक ने कहा कि चीन विरोधी मुद्दों को उठाकर भारत ने “जी20 की एकता को तोड़ा और चीन के हितों को नुकसान पहुँचाया।”

अपने मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा चीन!

थिंक-टैंक का लेख स्पष्ट रूप से राजनीतिक विचारों से प्रेरित है। चीन अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड और दक्षिण चीन सागर में आक्रामक व्यवहार के लिए बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। भारत पर G20 को कमजोर करने का आरोप लगाकर, चीनी सरकार अपने स्वयं के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

वैसे, लेख तथ्यात्मक रूप से भी गलत है। उदाहरण के लिए, यह दावा करता है कि भारत “चीन की कीमत पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।” हालाँकि, उसने अपने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत नहीं रखा है।

इस चीनी थिंक टैंक के दावों के उलट भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

1-जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैश्विक कार्रवाई को बढ़ावा देना

2-वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देना

3-आतंकवाद और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करना

4-अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना

5-स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सामाजिक सेवाओं में निवेश को बढ़ावा देना

भारत जी-20 का जिम्मेदार सदस्य

बता दें कि G20 शिखर सम्मेलन ने भारत की वैश्विक नेतृत्व की स्थिति को मजबूत किया है। भारत हमेशा से जी20 का एक जिम्मेदार सदस्य रहा है और उसने हमेशा वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया है। भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और वह चीनी आक्रामकता का विरोध करेगा।

‘तुमने कुरान के पन्ने फाड़े हैं’: पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून में फँसा कर ईसाई दंपति को जेल में डाला, चीखते रहे – मेरे बच्चे छोटे हैं, उन्होंने किया होगा…

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। हिंदू, ईसाई, अहमदिया व अन्य को ईशनिंदा कानून में फँसाकर जेल भेजने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब लाहौर में शौकत मसीह और किरण मसीह पर कुरान के पन्ने फाड़कर फेंकने का आरोप है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर की चौधरी कॉलोनी इलाके में मुहम्मद तमूर नामक व्यक्ति ने एक घर की छत से कुरान के पन्ने गिरते देखे थे। इसके बाद तमूर उस घर में जाकर किरण मसीह से कुरान के पन्ने फेंकने को लेकर बात की। जवाब में किरण ने कहा कि हो सकता है यह उनके नाबालिग बच्चों ने किया हो। लेकिन तमूर किरण की बात नहीं माना और उसने घर के अंदर जाकर देखने की माँग की।

इस पर किरण ने उसे घर के अंदर जाने की अनुमति दे दी। तमूर जब घर की छत पर पहुँचा तो वहाँ पानी की टंकी के पीछे एक बैग में कुरान के पन्ने डले मिले। इसके बाद उसने गुस्सा दिखाते हुए पुलिस को इसकी सूचना दे दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने कुरान के पन्ने और बैग बरामद किया।

साथ ही पुलिस ने किरण और उसके पति शौकत मसीह को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। दोनों ने पुलिस से कहा कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। हो सकता है कि बच्चों ने ऐसा किया हो। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने दोनों के खिलाफ कुरान का अपमान करने के आरोप में ईशनिंदा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पाकिस्तान में ईशनिंदा के मामले में आजीवन कारावास से लेकर फाँसी की सजा तक का प्रावधान है।

अल्पसंख्यकों को कानूनी सहायता देने वाले संगठन (CLAAS-UK) के डायरेक्टर नासिर सईद ने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि ईशनिंदा कानून में लोगों को फँसाना उन्हें पाकिस्तान से भगाने की प्लानिंग का हिस्सा है। 

इस्लाम कबूलने से मना किया तो मारी गोली

बता दें कि बीते कुछ दिनों में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने की घटनाएँ तेजी से सामने आईं हैं। इससे पहले 2 सितंबर को फैसलाबाद जिले के जरानवाला में ईसाई पादरी को गोली मारने की घटना सामने आई थी। पादरी ने आरोप लगाया था कि कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के सदस्य उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर उन लोगों ने उसे गोली मार दी।

वहीं इससे पहले 16 अगस्त, 2023 को फैसलाबाद के जरानवाला तहसील में ही इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने ईसाइयों को निशाना बनाकर हमले किए थे। इस हमले में 21 चर्चों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। वहीं ईसाइयों के कई दर्जन घरों पर हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 135 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं करीब 600 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

‘जहाँ हो रहा G20 समिट, वहाँ बढ़ रहा विस्फोटक-हथियार लदा ऑटो’: जिस फोन कॉल के बाद पुलिस महकमे में मची खलबली, वो निकली फर्जी

दिल्ली के भलस्वा डेयरी और जामा मस्जिद इलाकों से पुलिस को फर्जी कॉल कर के गड़बड़ी की सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों मामलों की जाँच की और सूचनाओं को अफवाह बताया। भलस्वा डेयरी से बंदूक और विस्फोटक वाले संदिग्ध की अफवाह उड़ाने वाला 21 वर्षीय एक युवक निकला। जामा मस्जिद इलाके से इसी तरफ की अफवाह उड़ाने वाला मदरसे का एक नाबालिग छात्र। पुलिस ने शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) को भलस्वा डेयरी के आरोपित को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है।

पहले मामले में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को फोन पर एक अज्ञात कॉलर ने एक संदिग्ध ऑटो रिक्शा के प्रगति मैदान की तरफ बढ़ने की जानकारी दी। इसी जगह पर G 20 के सम्मेलन का एक हिस्सा आयोजित हो रहा है जिसमें देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियाँ मौजूद हैं। कॉलर ने आगे बताया कि ऑटो में संदिग्ध विस्फोटक और हथियारों के साथ मौजूद है। मामले की सूचना पर पुलिस फ़ौरन हरकत में आई। पुलिस ने कॉलर के बताए रास्तों की तलाशी ली तो सूचना झूठी पाई गई। अंत में कॉलर की लोकेशन ट्रेस की गई तो वो भलस्वा डेयरी की निकली।

पुलिस ने शुक्रवार को ही संदिग्ध आरोपित को हिरासत में ले कर पूछताछ की। आरोपित ने झूठी सूचना देना कबूल किया। पुलिस ने उसे समुचित धाराओं में गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। साथ ही मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस प्रेसनोट

मदरसा छात्र ने भी उड़ाई अफवाह

दूसरा मामला जामा मस्जिद इलाके से सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ,घटना शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) की है। इस दिन सुबह 7:50 पर दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले कॉलर ने जामा मस्जिद के आगे एक संदिग्ध व्यक्ति के मूवमेंट की जानकारी दी। कॉलर ने संदिग्ध के पास बंदूक होने का भी दावा किया। साथ ही जामा मस्जिद में बम होने की भी सूचना दी। आनन-फानन में सक्रिय हुआ पुलिस दस्ता घटनास्थल पर पहुँचा और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। पुलिस को गहन छानबीन के बावजूद कुछ नहीं मिला।

बाद में सूचना देने वाले मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया। कॉलर का नंबर मदरसे में पढ़ रहे एक 14 साल के नाबालिग का निकला। यह मदरसा जामा मस्जिद के पास ही है। कॉल करने वाले छात्र से पूछताछ की गई तब उसने इस करतूत में अपने एक साथी और उसी मदरसे के छात्र के भी शामिल होने की सूचना दी। दोनों ने बताया कि वो मदरसे में छुट्टी करवाना चाह रहे थे इसलिए उन्होंने फर्जी कॉल पुलिस को की। दोनों नाबालिगों से पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने भी पूछताछ की। हालाँकि इस पूछताछ में कुछ भी संदिग्ध निकल कर नहीं आया।

पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। बताते चलें कि G20 सम्मेलन को देखते हुए प्रशसन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जमीन से आसमान तक नजर रखने के साथ सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है। पुलिस बार-बार लोगों को अफवाहों से बचने की अपील भी जारी कर रही है।

अक्षरधाम मंदिर में दर्शन के बाद सोशल मीडिया पर छाए ऋषि सुनक और उनकी पत्नी, जानिए क्यों एक तस्वीर में नहीं दिख रहीं अक्षता मूर्ति

जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक रविवार (सितंबर 10, 2023) को अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले दर्शन के लिए दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर पहुँचे। यहाँ वह अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ करीब 45 मिनट तक रुके, पूजा-अर्चना की, आरती में हिस्सा लिया और साधु-संतों से मुलाकात भी की। अक्षरधाम की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं जिनमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अकेले नजर आ रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ी है। 

दरअसल, ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति की अक्षरधाम यात्रा की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। अलग-अलग तस्वीरों में यूके के पीएम और उनकी पत्नी को अक्षरधाम मंदिर परिसर में घूमते और दर्शन और आरती करते देखा जा सकता है। लोग उनकी तस्वीरों को शेयर कर उनकी तारीफ भी कर रहे हैं। उनकी ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

जहाँ बाकी सभी तस्वीरों में अक्षता मूर्ति ऋषि सुनक के साथ नजर आ रही हैं, वहीं एक-दो तस्वीरें ऐसी भी हैं, जिनमें सिर्फ ऋषि सुनक ही नजर आ रहे हैं। एक तस्वीर में ऋषि सुनक अक्षरधाम मंदिर के प्रांगण में  स्वामीनारायण संस्था के साधु-संतों के साथ दोनों हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं। एक अन्य फोटो में उन्हें संतों को तिलक करते हुए देखा जा सकता है। इन्हीं तस्वीरों में उनकी पत्नी के साथ न होने से लेफ्ट-लिबरल गैंग सहित कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं। 

तस्वीरों में उनकी पत्नी के न होने की क्या है वजह 

बता दें कि दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर का पूरा प्रबंधन बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था करती है। जिन तस्वीरों में साधु-संत होते हैं, उनमें ऋषि सुनक अकेले नजर आते हैं, इसका कारण यह है कि स्वामीनारायण संप्रदाय के नियमों के मुताबिक दीक्षित संतों को ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। इसलिए वे कभी भी किसी भी तरह से महिलाओं के संपर्क में नहीं आते हैं। प्रारंभ से ही संप्रदाय का यही नियम रहा है, जो आज भी जारी है। ये नियम संप्रदाय के संस्थापक सहजानंद स्वामी की शिक्षाओं में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन तस्वीरों में वह साधु-संतों के साथ अकेले नजर आ रहे हैं। 

स्वामीनारायण संप्रदाय और ब्रह्मचर्य

स्वामीनारायण संप्रदाय की स्थापना सहजानंद स्वामी (1781-1830) ने की थी। उन्होंने संतों से निष्काम,  निःस्वार्थता, स्नेह, अस्वाद, निर्माण और निर्लभता का अभ्यास करने को कहा। जिनमें से पहला है निष्काम अर्थात कर्म रहित जीवन। इसके लिए उन्होंने अष्टांग ब्रह्मचर्य का पालन करने को कहा। जिसमें आठ प्रकार से स्त्री-संग का त्याग करने की बात कही गई है।

वर्ष 1826 में सहजानंद स्वामी ने एक ‘शिक्षापत्री’ लिखी, जिसमें एक सामान्य व्यक्ति से लेकर राजा और साधु तक को कैसे व्यवहार करना चाहिए, आदर्श जीवन कैसे जीना चाहिए, इसकी शिक्षा दी गई है। इस शिक्षापत्री में साधुओं के लिए भी नियम हैं।

स्वामी सहजानंद धार्मिक ब्रह्मचारियों के लिए कहते हैं, ऐसे साधुओं को महिलाओं को छूना या उनके साथ संवाद नहीं करना चाहिए और जानबूझकर महिलाओं की ओर नहीं देखना चाहिए। (शिक्षापत्री-175) उन्होंने भिक्षुओं से महिलाओं के बारे में बात करने से भी परहेज करने को कहा गया है। (शिक्षापत्री- 176, 179)

इसके अलावा किसी महिला द्वारा पहने गए वस्त्र को न छूना और जो महिला देवी न हो उसकी मूर्ति को न छूना जैसी बातें भी कही गई हैं। हालाँकि, यह भी कहा गया था कि अगर किसी महिला की जान या खुद की जान खतरे में है और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के लिए महिलाओं को छूना या उनसे संवाद करना है, तो ऐसा करें और उनकी रक्षा करें। (शिक्षापत्री-182)

‘हमारे बचपन के नायक नायक एक-एक कर गिर रहे’: वेंकटेश प्रसाद ने मोहम्मद ज़ुबैर को दिखाया आईना तो पीछे पड़ा कॉन्ग्रेसी-वामपंथी-इस्लामी गिरोह, कहा – आपका फैन था, दिल तोड़ दिया

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के लिए मोहम्मद जुबैर को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बस कॉन्ग्रेसी, वामपंथी और इस्लामवादी एकजुट होकर फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर के बचाव में उतर आए।

दरअसल, वेंकटेश प्रसाद ने ‘भ्रष्ट और अहंकारी व्यक्ति द्वारा पूरे संस्थान को खराब करने’ को लेकर एक पोस्ट किया था। बाद में उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दिया था। इसको लेकर फेक खबर फैलाने के लिए कुख्यात ऑल्टन्यूज के सह-संस्थापक जुबैर ने उन पर निशाना साधा था।

इस पर वेंकटेश प्रसाद ने जुबैर को उसकी ‘औकात’ याद दिलाई थी। इससे कॉन्ग्रेस का यूथ यूनियन, यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवासन BV को तकलीफ हो गई। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वेंकटेश प्रसाद जुबैर को बदनाम करने में उतर आए हैं। वेंकटेश प्रसाद ने याद किया था कि कैसे मोहम्मद ज़ुबैर ने एडिट किया हुआ वीडियो डाल कर नूपुर शर्मा की जान खतरे में डाली।

ओवरसीज कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया समन्वयक विजय थोट्टाथिल ने लिखा, “अपने बचपन के हीरो को इतना नीचे गिरते देखना दुःखद है। आमिर सोहेल का विकेट अभी भी खुशी देता रहता है और भारतीय क्रिकेट के सबसे बेहतरीन पलों में से एक है। लेकिन आकाओं को खुश करने में लोग अपनी गरिमा, आत्मसम्मान और विश्वसनीयता भूल जाते हैं। एक फ्लैश में हीरो से जीरो।”

कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने लिखा, “प्रिय वेंकटेश प्रसाद आप हर किसी के लिए हीरो की तरह हैं। इस दुनिया ने आपको बहुत कुछ दिया है। कृपया कृतज्ञ रहें। जिस तरह आप जुबैर के लिए निगेटिव हैं, दूसरों के लिए निगेटिव न बनें। आपके पास जो कुछ भी है उसकी खुशी मनाएँ। आप पॉवर में हैं, उसे टारगेट न करें। ये उचित नहीं है।”

प्रोपेगेंडा कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य ने लिखा, ‘मैं दशकों से आपका फैन रहा हूँ। लेकिन इस भाषा ने मेरा दिल तोड़ दिया, वेंकी सर।”

रेडियो जॉकी से न्यूजपेडलर बनी सायमा ने लिखा, “एक-एक करके सभी हीरो गिर रहे हैं। यह कितना निराशाजनक है। अपनी भाषा देखिए। कैसी बीमार मानसिकता है। यह बेहद शर्मनाक है।”

कथित पत्रकार जोया रसूल ने अपना परमानेंट टाइप ‘विक्टिम कार्ड’ खेलते हुए लिखा, “एक पूर्व क्रिकेटर अब एक ट्रॉल बन गया है। सामूहिक हत्यारों का समर्थक और मॉब लिंचर से सहानुभूति रखने वाला आतंकियों के बारे में बात कर रहा है? आप कायर हैं जो हर दिन हत्या करने वाले आतंकियों को मौन समर्थन देते हुए एक मुस्लिम को आतंकी कहने से पहले दो बार नहीं सोचते।”

कर्नाटक के उडुपी में हुए टॉयलेट कांड में लीपापोती करने की कोशिश करने वाली ‘पत्रकार’ अनुषा रवि सूद ने लिखा कि हमारे बचपन के नायक आखिर कितना नीचे गिरेंगे।

वेंकटेश प्रसाद ने दिया जवाब

कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथियों और इस्लामवादियों के गुट द्वारा वेंकटेश प्रसाद को भला-बुरा कहे जाने के बाद पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने ‘बाउंसर’ के जरिए जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कैसे मोहम्मद जुबैर एक पार्टी विशेष के खिलाफ एजेंडे के तहत काम कर रहा है, पैसे बनाने के लिए। उन्होंने कहा कि वो सब कुछ है, लेकिन फैक्ट-चेकर नहीं।

प्रोपेगेंडाधीश सतीश आचार्य को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “ऐसे कई उदाहरण हैं जिनसे यह साबित होता है कि यह व्यक्ति अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहा है। वीडियो को आसानी से एडिट कर रहा है। पैसे कमाने के लिए किसी राजनीतिक दल के खिलाफ चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है। वह एक फैक्ट-चेकर के अलावा कुछ भी नहीं है। सच्चाई को न देखने के लिए किसी का अंधा होने की जरूरत नहीं है।”

तहसीन पूनावाला को जवाब देते हुए लिखा कि स्वघोषित फैक्ट-चेकर जुबैर फैक्ट-चेक के नाम पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कई लोगों की जान खतरे में डाल चुका है। लेकिन इसके बाद भी वह अब तक नहीं सुधरा है। अनजाने में ही सही लेकिन शायद आप भी उसे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

वेंकटेश ने आगे लिखा, “बीसीसीआई ने विश्व कप की टिकट को लेकर जिस तरह का रवैया अपनाया है। उसकी आलोचना करता रहा हूँ। लेकिन अब इस तरह के एजेंडा पेडलर्स का एक उदाहरण दिखाइए जहाँ वह अपने मालिकों के खिलाफ बोल रहा हो। उनकी गै-रजिम्मेदारी और हरकतों ने कई लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।” इन तमाम बातों के बीच वेंकटेश प्रसाद ने डिलीट किए गए पोस्ट को फिर से शेयर किया है।

मछली खरीदने निकला, पुलिस के हत्थे चढ़ गया… NIA-ATS को थी PFI आतंकी रियाज़ मारूफ की तलाश, फरारी में ही भाभी के लिए किया था चुनाव प्रचार

बिहार पुलिस ने प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया’ (PFI) के राज्य सचिव को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आतंकी का नाम रियाज़ मारूफ है। उसे पूर्वी चम्पारण के चकिया क्षेत्र से पकड़ा गया है। ATS और NIA लम्बे समय से रियाज़ की तलाश कर रहीं थीं। शनिवार (9 सितम्बर, 2023) को पकड़े गए आतंकी से किसी गुप्त स्थान पर पूछताछ चल रही है। पूछताछ में रियाज़ के बाकी साथियों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। NIA और ATS को रियाज़ की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है।

रियाज़ मारूफ PFI का बिहार राज्य सचिव है। प्रतिबंध लगने के बाद से वह फरार था। उसकी तलाश में ATS और NIA लगातार छापेमारी कर रहीं थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को पूर्वी चम्पारण जिले के चकिया क्षेत्र की पुलिस को PFI के भगोड़े रियाज़ मारूफ के होने की सूचना मिली। मुखबिर ने मारूफ के बाजार जा कर मछली खरीदने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की। थोड़े समय बाद आखिरकार सूचना सही पाई गई और मारूफ को बाजार से घर लौटने के दौरान दबोच लिया गया।

तस्दीक हो जाने के बाद पुलिस मारूफ को किसी अज्ञात जगह ले गई। वहाँ आरोपित से पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि मारूफ अपने बाकी साथियों की भी जानकारी पुलिस को दे सकता है। इस बीच कार्रवाई की जानकारी NIA और ATS को भी दे दी गई है। जल्द ही केंद्रीय एजेंसियाँ भी मारूफ से पूछताछ कर सकती हैं। पूर्व में NIA की तमाम दबिश के दौरान आरोपित भाग निकला था। हालाँकि, दावा किया जा रहा है कि मारूफ फरारी के बावजूद भी कई बार घर आया था। इसी दौरान उसने अपनी भाभी रजिया खातून को चकिया नगर परिषद का चुनाव भी लड़ाया था।

मारूफ पर आरोप है कि उसने चकिया और मेहसी के आस-पास के कुछ मुस्लिम युवाओं का ग्रुप बनाया। यहाँ वो उन युवाओं को मज़हबी कट्टरता का पाठ पढ़ाया करता था। वह युवाओं को देश विरोधी बातें बताया करता था। पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में मारूफ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।