Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयG-20 में शामिल होने दिल्ली आए ऋषि सुनक का 'जय सियाराम' से अभिवादन, दामाद...

G-20 में शामिल होने दिल्ली आए ऋषि सुनक का ‘जय सियाराम’ से अभिवादन, दामाद के रूप में स्वागत: बोले ब्रिटिश PM- समय मिला तो मंदिर जाऊँगा

ऋषि सुनक ने कहा, "मुझे लगता है कि आस्था एक ऐसी चीज है, जो हर उस व्यक्ति की मदद करती है जो अपने जीवन में आस्था रखता है, खासकर जब आपके पास मेरी तरह तनावपूर्ण नौकरी होती है। आपको लचीलापन देने के लिए, आपको ताकत देने के लिए आस्था और विश्वास महत्वपूर्ण है…।"

भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वैश्विक नेता नई दिल्ली पहुँच चुके हैं। दिल्ली पहुँचने वालों में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल हैं। उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव करने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पहुँचे थे। चौबे ने पीएम सुनक का ‘जय सियाराम’ से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री के तौर पीएम ऋषि सुनक की यह पहली भारत यात्रा है। वे तीन दिन यहाँ रहेंगे और जी-20 में भाग लेंगे। दिल्ली पहुँचने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने खुद को गौरवान्वित हिंदू बताया। उन्होंने बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान वे किसी मंदिर का भी दौरा करेंगे।

अश्विनी चौबे के मीडिया सलाहकार ने बताया कि स्वागत के दौरान केंद्रीय मंत्री चौबे ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री को उनके पूर्वजों की धरती पर अभिनंदन किया और ‘जय सियाराम’ कहकर अभिवादन किया। इसके अलावा, भारत की बेटी अक्षिता मूर्ति के पति होने के कारण उन्हें भारत के दामाद के रूप में भी स्वागत किया।

चौबे ने पीएम ऋषि सुनक को बताया कि वे बिहार के बक्सर से सांसद हैं। बक्सर प्राचीन काल से ही एक आध्यात्मिक नगर के रूप में विख्यात है। उन्होंने बताया कि इसी जगह पर भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण ने अपने गुरु ब्रह्मगुरु विश्वामित्र से शिक्षा-दीक्षा लेकर ताड़का नामक असुर का वध किया था।

उधर, भारत में ANI से बात करते हुए ऋषि सुनक ने कहा, “मैं एक गौरवान्वित हिंदू हूँ और मेरा पालन-पोषण इसी तरह हुआ है। मैं ऐसा ही हूँ। मैं अगले कुछ दिनों के लिए यहाँ हूँ तो उम्मीद है कि इस दौरान मैं किसी मंदिर में जाऊँगा।”

ब्रिटिश पीएम ने आगे कहा, “अभी रक्षा बंधन था तो मेरी बहन और चचेरी बहनों ने मुझे राखियाँ भेजीं। जन्माष्टमी को ठीक से मनाने के लिए मेरे पास समय नहीं था। हालाँकि, उम्मीद है कि इस बार किसी मंदिर में जाकर इसकी भरपाई कर लूंगा। यह कुछ ऐसा है जो मेरे लिए महत्वपूर्ण है।”

ऋषि सुनक ने कहा, “मुझे लगता है कि आस्था एक ऐसी चीज है, जो हर उस व्यक्ति की मदद करती है जो अपने जीवन में आस्था रखता है, खासकर जब आपके पास मेरी तरह तनावपूर्ण नौकरी होती है। आपको लचीलापन देने के लिए, आपको ताकत देने के लिए आस्था और विश्वास महत्वपूर्ण है…।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के पादरी बिनु वझामुट्टोम पर नाबालिगों से मारपीट, बंधक बनाकर जबरदस्ती काम कराने के आरोप: ईसाई नेता के...

केरल के पथानामथिट्टा में BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पादरी बिनू वझामुट्टोम के गिरफ्तारी की माँग की है।

महरंग बलोच पर मलाला का मौन… अफगान महिलाओं के लिए मंच-मंच भाषण, लेकिन पाकिस्तानी फौज के बलोचों के दमन पर नोबेल विजेता खामोश क्यों?

दुनिया के कोने-कोने से मानवाधिकार का झंडा उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला पाकिस्तान में महरंग को उम्रकैद मिलने पर मौन बैठी है।
- विज्ञापन -