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‘तेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया…’: शिफत अंसारी ने अपनी दलित दोस्त को खिलाया गोमांस, नदीम-शोएब से करवाया रेप; ब्लैकमेल कर माँगे ₹5 लाख

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक दलित युवती से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस मामले में शिफत नाम की लड़की के अलावा शोएब और नदीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने और फिर अश्लील वीडियो बनाकर 5 लाख रुपए के लिए ब्लैकमेल करने का भी आरोप है।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि आरोपितों ने उसे गोमांस खाने के लिए भी मजबूर किया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस शिफत और उसके पुरुष साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटना शनिवार (2 सितम्बर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बरेली के बारादरी थाने का है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि वो हुसैनबाग निवासी शिफत नाम की एक लड़की से पहले से ही परिचित थी। शिफत ने कुछ दिन पहले कुछ जरूरी काम बताकर पीड़िता। से 30 हजार रुपए उधार लिए थे।

पीड़िता का कहना है कि 1 सितम्बर 2023 को उसने अपने पैसे वापस माँगे तो शिफत ने उसे अगले दिन 2 सितम्बर को डीडीपुरम स्थित टपरी कैफे पर बुलाया। यहाँ शिफत के साथ शोएब और नदीम पहले से ही मौजूद थे। तीनों कुछ जरूरी काम बताकर रजनी होटल चले गए और पीड़िता को वहीं आकर पैसे लेने के लिए कहा।

लगभग 2 घंटे बाद जब पीड़िता रजनी होटल पहुँची तो रिसेप्शनिष्ट ने उन्हें कमरे में शिफत के होने की बातकर कर अंदर जाने को कहा। कमरे में शिफत के साथ मौजूद शोएब और नदीम ने पीड़िता को कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिला के पिला दिया। तीनों ने उसे नशे की हालत में गोमांस का कबाब भी खिलाया।

पीड़िता जब बेसुध हो गई तो शोएब और नदीम ने उसके साथ रेप किया। होश आने पर तीनों ने गैंगरेप के दौरान लड़की की अश्लील वीडियो बनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमने तेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया है। अब तू अपने 30 हजार रुपए भूल जा और हमें 5 लाख रुपए कहीं से भी लाकर दे।” पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।

जब पीड़िता इतने पैसे नहीं जुटा पाई तो तीनों आरोपितों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो उसके मंगेतर को भेज दिया। तीनों पर आरोप है कि वो पीड़िता पर दूसरे मुस्लिम युवकों से शारीरिक संबंध बनाने का दबाव दे रहे हैं। आरोपित शोएब बी फार्मा का छात्र है, जबकि नदीम सैलून चलाता है। इन दोनों की दोस्त शिफत अंसारी क्लास 12 पास है।

डिप्टी SP आशीष प्रताप सिंह के मुताबिक, आरोपित कश्मीर भागने की तैयारी में थे। वहाँ नदीम का सैलून है। शिकायत के आधार पर तीनों आरोपितों के खिलाफ SC/ST एक्ट, गैंगरेप, धमकी और रंगदारी जैसी धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, लड़की को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

मेरे बेटे को जेल तो CM स्टालिन के बेटे को क्यों नहीं: मनीष कश्यप की माँ ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा- उदयनिधि पर भी लगे NSA

तमिलनाडु में यूपी-बिहार के आप्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाने के कारण वहाँ के स्टालिन सरकार के निशाने पर आए यूट्यूबर मनीष कश्यप की माँ ने राष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखी है। तमिलनाडु के साथ ही बिहार सरकार ने मनीष कश्यप पर NSA लगाकर जेल में डाल दिया है। कश्यप की माँ ने अपनी चिट्ठी में स्टालिन सरकार और उदयनिधि के बयान को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

मनीष कश्यप की माँ मधु देवी ने बुधवार 6 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर तमिलनाडु पुलिस द्वारा उनके बेटे के खिलाफ कथित तौर पर दो राज्यों के बीच तनाव पैदा करने के लिए लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) पर सवाल उठाए। वहीं, उन्होंने डीएमके नेता और राज्य के मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा ‘सनातन धर्म के उन्मूलन’ की बात करने पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए और भी बड़ा खतरा बताया।

पत्र में मनीष कश्यप की माँ मधु देवी ने कहा कि उनके बेटे ने अपने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से तमिलनाडु में कुछ बिहारी मजदूरों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया था। हालाँकि, तमिलनाडु पुलिस ने इसे झूठा पाया और छह अलग-अलग मामले दर्ज किए। उनके बेटे के खिलाफ सख्त एनएसए लगाने के अलावा एफआईआर भी दर्ज की गई।

इसके अलावा, पत्र में उल्लेख किया गया है कि विचाराधीन वीडियो इस साल 15 फरवरी से तमिलनाडु से प्रसारित किया जा रहा था, केवल यह जोड़ा गया कि देश के प्रिंट मीडिया ने 21 फरवरी के बाद इसके बारे में समाचार लेख प्रकाशित किए। इसके बाद, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने भी इस मुद्दे को उठाया और अंततः राजनेताओं ने इस खबर पर टिप्पणी की।

मधु देवी ने कहा कि तमिलनाडु और बिहार सरकार ने मनीष कश्यप को फँसाने की साजिश रची, जबकि उनका ‘विवादास्पद’ वीडियो मार्च में सामने आया था। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे ने भी मार्च में बिहारी प्रवासी मजदूरों की खबर पर एक वीडियो बनाया और बिहार सरकार से सवाल किया कि बिहारी मजदूरों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जाता है, लेकिन बिहार सरकार और तमिलनाडु सरकार ने मिलकर सख्त एनएसए लागू कर दिया।” पत्र में लिखा है।

मनीष कश्यप की माँ द्वारा लिखी गई चिट्ठी (साभार: सच तक)

उन्होंने पत्र में आगे कहा, “अगर मेरे बेटे की वजह से दो राज्यों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई तो एक मुख्यमंत्री का बेटा, जो तमिलनाडु में मंत्री भी है, उस उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तो पूरे देश में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी, फिर भी उन्हें NSA में गिरफ्तार करके जेल में क्यों नहीं डाला जा रहा है? अगर संविधान सबके लिए बराबर है तो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे पर भी NSA लगाई जाए।”

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के साथ जो घटना हुई थी, उसकी जाँच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र कमिटी द्वारा कराई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के बेटे उदयनिधि को भी वही सजा दी जाएगी, जो भारत के एक आम नागरिक द्वारा गलती करने पर कोर्ट द्वारा उसे दी जाती है।

दलित महिला ने बनाया खाना, पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों ने खाने से किया मना: DM की चेतावनी के बाद भी नहीं माने, कहा- स्कूल छोड़ देंगे

तमिलनाडु के एक सरकारी स्कूल में छात्रों ने दलित महिला कुक के हाथों से बना खाना खाने से मना कर दिया। ये घटना राज्य के करूर जिले के अरवकुरिची के पास वेलन चेट्टियार गाँव के पंचायत यूनियन प्राइमरी स्कूल की है।

यहाँ स्कूल के आधे छात्रों ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की तरफ से राज्य के सरकारी स्कूलों में हाल ही में शुरू की गई मुफ्त नाश्ता योजना के तहत परोसे गए नाश्ते को खाने से इनकार कर दिया। इसे लेकर करूर जिला कलेक्टर प्रभुशंकर मंगलवार (5 सितंबर, 2023) को स्कूल का दौरा किया, लेकिन अभिभावकों ने कहा कि अगर स्कूल जोर देगा तो वे अपने बच्चों को स्कूल से निकालने को तैयार हैं।

मजबूरन उन्हें अभिभावकों को चेतावनी देने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने अभिभावकों से बातचीत की और उन्हें चेतावनी दी कि यदि वे सरकार के नियुक्त रसोइये के साथ भेदभाव करना जारी रखेंगे तो उन्हें नतीजे भुगतने होंगे। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

पिछड़ी जाति-अति पिछड़ी जाति के अभिभावकों को ऐतराज

वेलन चेट्टियार गाँव के पंचायत यूनियन प्राइमरी स्कूल में 30 छात्र हैं। इनमें से 15 छात्रों के अभिभावकों ने उन्हें स्कूल में नाश्ता करने से मना किया। अधिकारियों के मुताबिक, पिछड़ी जाति और अति पिछड़ी जाति समुदायों से संबंधित कुछ माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार कर दिया था। उन्होंने अपने बच्चों को सरकार की तरफ से दिए जा रहे नाश्ते खाने से रोक दिया।

अभिभावकों ने ये फैसला केवल इसलिए लिया कि सरकार की तरफ से स्कूल में नियुक्त की गई दलित महिला कुक ने ये खाना पकाया था। दलित समुदाय की कुक के साथ जाति-आधारित भेदभाव की घटना के बाद कलेक्टर प्रभुशंकर टी गुनालन स्कूल पहुँचे। उन्होंने वहाँ एकजुटता दिखाने के तौर पर स्कूल की रसोईयाँ के हाथों से बना नाश्ता खाया। दरअसल महिला कुक अरुंथथियार समुदाय से हैं। ये समुदाय अनुसूचित जाति के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।

डीएम की हुई तीखी बहस

टीएनएम से कलेक्टर प्रभुशंकर ने कहा, “यह मुद्दा हमारी जानकारी में तब आया जब हमें पता चला कि योजना शुरू होने के बाद से आधे छात्रों ने कुछ दिनों तक स्कूल में नाश्ता नहीं किया। जब हमारे एक अधिकारी ने वहाँ जाकर मामले के बारे में पूछताछ की, तो हमें पता चला कि ये हिंदुओं और अरुंथथियारों के बीच का मुद्दा था और वे स्कूल में दलित महिला के रसोइया होने का विरोध करते हैं।

कलेक्टर प्रभुशंकर टी गुनालन ने छात्रों को नाश्ता खाना से मना करने वाले उनके अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान थोटिया नाइकर समुदाय (अति पिछड़ी जाति) के एक शख्स ने दलित महिला स्कूल में खाना पकाने पर खासा विरोध किया।

कलेक्टर ने कहा, “चर्चा के दौरान, थोटिया नायकर समुदाय के एक शख्स को छोड़कर, अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को नाश्ता योजना का लाभ उठाने के लिए स्कूल भेजने पर राजी हुए।।” उन्होंने बताया कि थोटिया नायकर समुदाय के इस शख्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह अपने बच्चों को नाश्ता नहीं करने देंगे।

थोटिया नायकर समुदाय के इस ने शख्स कहा कि अगर वह स्कूल में काम करना जारी रखेगी, तो उसके बच्चे खाना नहीं खाएँगे। इस बात को लेकर उसकी कलेक्टर से तीखी बहस हुई। इसके बाद कलेक्टर ने पुलिस को उसे थाने ले जाने का निर्देश दिया।

कलेक्टर ने खुलासा किया कि इस पर उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहाँ उन्हें महिला के खिलाफ जातिगत भेदभाव न करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि उनके खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है। हालाँकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

दरअसल, इस घटना की जानकारी के बाद नाश्ता योजना के निदेशक श्रीनिवासन ने नाश्ते का विरोध करने वाले 15 छात्रों के माता-पिता से अनुरोध किया था कि वे अपने बच्चों को स्कूल में नाश्ता करने की अनुमति दें। हालाँकि, अभिभावक अनुरोध पर सहमत नहीं हुए। स्कूल में 30 अगस्त से केवल दो छात्रों ने खाना खाना शुरू किया। इससे इस मामले ने तूल पकड़ लिया।

गौरतलब है कि ये नई नाश्ता योजना 25 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए शुरू की थी। इस योजना के तहत राज्य भर में कुल 17 लाख छात्रों को फायदा मिलेगा। तमिलनाडु सरकार ने इस योजना के लिए 404.41 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

बिहार में SSB जवान की गोली मारकर हत्या, रिपोर्ट में दावा- सड़क पर तड़पते रहे पर पुलिस ने नहीं रोकी गाड़ी: माँ का इलाज करवाकर लौट रहे थे घर

बिहार के मोतिहारी जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम धर्मेंद्र कुमार है, जो मधुबनी में तैनात थे। 40 वर्षीय धर्मेंद्र अपनी बीमार माँ के इलाज के लिए 15 दिनों की छुट्टी पर मोतिहारी आए थे। घटना बुधवार (6 सितंबर 2023) की है। पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र में पड़ने वाले नयाका टोला की है। मृतक के भाई मनोेज ने बताया कि वो अपने भाई के साथ बीमार माँ का इलाज करवाने ट्रेन से पटना गए थे। बुधवार रात वो अपनी माँ और अपने भाई धर्मेंद्र के साथ हनुमान मंदिर के पास बाइक से अपने घर की तरफ लौट रहे थे।

इसी दौरान एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार होकर 2 संदिग्ध बदमाश वहाँ पहुँचे। दोनों ने धर्मेंद्र की बाइक रुकवाई और सारे पैसे उन्हें देने के लिए दबाव बनाया। जब मनोज ने पैसे न होने की बात कही तो आरोपितों ने गोली मारने की धमकी दी। मनोज का दावा है कि इस दौरान 2 अन्य संदिग्ध भी मौके पर मौजूद थे, जो थोड़ी दूर पर खड़े थे।

बताया जा रहा है कि थोड़ी ही देर में एक बदमाश ने धर्मेंद्र को निशाना बनाकर गोली मार दी। गोली SSB जवान की बाँह में लगी और वो जमीन में गिर पर छटपटाने लगे। मौका देखकर दोनों बदमाश वहाँ से भाग निकले। मनोज का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर लगभग आधे घंटे बाद आई।

मृतक के भाई का कहना है कि उन्होंने पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके। पुलिस की गाड़ी को भी मृतक के भाई ने बीच सड़क पर खड़े होकर रोका। पुलिस की गाड़ी से मनोज अपने भाई को लेकर मोतिहारी के रहमानिया मेडिकल सेंटर पहुँचे। डॉक्टरों ने घायल का इलाज शुरू किया, लेकिन इसी दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक जवान बिहार के ही जिला मधुबनी में तैनात थे। वह मूल रूप से घोड़ासहन थाना क्षेत्र के सेखौन बगहा गाँव के निवासी थे। धर्मेंद्र 18 और 15 साल की 2 बेटियों के साथ 14 वर्षीय एक बेटे के पिता थे। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक आरोपित को गिरफ्तार करने का दावा किया है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश जारी होने की जानकारी दी है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

‘मोदी-मोदी’ के नारों से राजस्थान के CM अशोक गहलोत का ‘स्वागत’, कॉन्ग्रेस में किनारे लगे सचिन पायलट: 8 चुनाव कमिटी में से एक की भी नहीं दी कमान

राजस्थान के भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने ही मोदी-मोदी के नारे लगने से जहाँ राज्य की चुनावी हवा बदली हुई नजर आ रही है। वहीं पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट को पार्टी द्वारा गठित किसी भी चुनाव पैनल कमेटी में बड़ा पद नहीं दिया गया है। पार्टी ने बुधवार (6 सितम्बर, 2023) को 8 चुनाव समितियों की घोषणा की लेकिन सचिन को किसी भी समिति की अध्यक्षता नहीं दी गई है। हालाँकि उन्हें कुछ समितियों में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

वहीं दूसरी ओर भीलवाड़ा में युवाओं को देखकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जैसे ही अपना काफिला रोका तो युवा मुख्यमंत्री के सामने ही मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे जिससे मुख्यमंत्री झेंपते नजर आए। इससे बीजेपी के परिवर्तन यात्रा का प्रभाव भी देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इससे लोग राजस्थान के बदलते माहौल का कयास लगा रहे हैं।  

हालाँकि, मोदी-मोदी के नारेबाज़ी के बीच CM अशोक गहलोत अपनी गाड़ी से निकलकर सभी का हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए मुस्कुराए और वापस गाड़ी में बैठ कर चले गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। 

कॉन्ग्रेस की चुनाव समितियों में सचिन पायलट को नहीं मिली बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान कॉन्ग्रेस ने पहले राज्य चुनाव समिति, राजनीतिक मामलों की समिति और स्क्रीनिंग समिति नाम से तीन चुनाव पैनल बनाए थे। इन सभी समितियों में से किसी भी समिति की कमान सचिन पायलट को न देकर पार्टी हाईकमान ने क्या सन्देश देना चाहा यह साफ नहीं है। लेकिन उन्हें सदस्य बनाया गया है। हालाँकि, उनके करीबी उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें पार्टी का चुनाव अभियान चलाने वाली कैंपेन कमेटी की अध्यक्षता मिलेगी, लेकिन इस कमेटी के अध्यक्ष सीएम अशोक गहलोत के करीबी कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल को बनाया गया है। कहीं न कहीं राजस्थान में पार्टी अशोक गहलोत के सामने सचिन पायलट को उनका कद बताती नजर आ रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से कहा जा रहा है कि पार्टी द्वारा गठित चुनाव पैनल से पता चलता है कि यह केवल अशोक गहलोत का शो होने वाला है। बता दें कि पार्टी द्वारा गठित दो सबसे महत्वपूर्ण समितियाँ कोर कमेटी और समन्वय समिति (Coordination Committee) हैं।

जहाँ कोर कमेटी की अध्यक्षता पार्टी के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा करेंगे वहीं समन्वय समिति की अध्यक्षता खुद अशोक गहलोत करेंगे, क्योंकि वह मुख्यमंत्री हैं। प्रचार समिति और मीडिया समिति की जिम्मेदारी भी गहलोत कैबिनेट के करीबी मंत्रियों को दी गई है। घोषणापत्र समिति की अध्यक्षता डॉ. सीपी जोशी करेंगे जो राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष हैं। अभी तक जिस तरह से पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान में कोई बड़ी जिम्मेदारी देती नजर नहीं आ रही है इससे ​​साफ पता चलता है कि चुनाव का नेतृत्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही करेंगे।

‘होश आया तो शरीर पर एक कपड़ा नहीं था’: घर में घुस शारीरिक संबंध बनाता था बचपन का दोस्त शुएब, निकाह को कहा तो भाई और दोस्तों के हवाले किया

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की गैंगरेप पीड़िता आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर 6 सितंबर 2023 को SSP ऑफिस पहुँची। इस मामले में केस 19 अगस्त को दर्ज किया गया था। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़िता के अनुसार गैंगरेप की घटना 18 जून 2023 की है। पर शुरुआत में लोकलाज के कारण उसने मुकदमा दर्ज नहीं कराया था।

पीड़िता ने अपने प्रेमी, उसके भाई सहित 2 अन्य आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज करवा रखी है। उसका कहना है कि पहले प्रेमी शुएब ने उससे रेप किया। फिर उसे अपने भाई और दोस्तों के सामने परोस दिया। कथित तौर पर आरोपितों ने गैंगरेप का वीडियो बना कर उसे वायरल करने की भी धमकी दी थी।

मुरादाबाद के पत्रकार सुमित टंडन ने ऑपइंडिया को बताया कि उनको आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने धमकी मिलने की भी बात कही है। उसका कहना है उस पर केस वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है। कथित तौर पर आरोपित पीड़िता के रिश्तेदारों पर फर्जी केस करने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता की माने तो उसके फुफेरे भाइयों पर एक फर्जी केस करवा भी दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मुरादाबाद के थाना क्षेत्र मझोला की है। पीड़िता और शुएब एक-दूसरे के पड़ोसी थे। बचपन में ही पीड़िता की माँ की मौत हो गई थी। शुएब से उसकी बचपन से दोस्ती थी। बालिग होने पर दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद शुएब ने निकाह का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता के अनुसार जब भी उसके पिता नहीं होते शुएब घर में घुस जाता और शारीरिक संबंध बनाता था। वह पीड़िता को अपने घर भी बुलाया करता था। लेकिन जब लड़की ने शुएब के परिजनों के सामने निकाह की इच्छा जताई तो उन्होंने इसका विरोध किया। शुएब भी रिश्ते से मुकर गया।

बचपन की दोस्ती और डेढ़ साल के रिश्ते के धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने मझोला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके शुएब और उसके परिजनों ने रिश्ते के लिए हामी भर दी। पीड़िता के अनुसार यह साजिश थी। आरोप है कि 18 जून 2023 को शुएब एक कार में अपने भाई उवैश और 2 अन्य साथियों के साथ पीड़िता से मिला। उसने लड़की को हाइवे पर घुमाने के बहाने कार में बिठा लिया। कार में ही लड़की को समोसा खिला कर कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई। इसके बाद लड़की बेहोश हो गई।

लड़की का आरोप है कि लगभग आधी रात को जब उसे होश आया तो उसने खुद को कुंदरकी में टॉवर के पास खड़ा पाया। उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। वहाँ शुएब भी था जो मोबाइल से उसका वीडियो बना रहा था। आरोपित ने पीड़िता को उसका न्यूड वीडियो दिखा वायरल करने की धमकी दी। लड़की ने बदनामी के डर से काफी दिनों तक मुँह बंद रखा। 30 जुलाई को शुएब की अम्मी ने पीड़िता को धमकी दी। इस धमकी के बाद पीड़िता ने अपने प्रेमी शुएब, उसके भाई ओवैसी और 2 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। लड़की का कहना है कि आरोपितों की तरफ से उसे लगातार धमकियाँ मिल रही है।

मीडिया से बात करते हुए थाना प्रभारी कुंदरकी ने बताया कि अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच की जा रही है।

‘जैसे HIV और कुष्ठ सामाजिक कलंक, वैसा ही है सनातन’: उदयनिधि के बाद अब ए राजा के बिगड़े बोल, RJD नेता बोले- तिलकधारियों ने देश को गुलाम बनाया

सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि के बाद अब डीएमके सांसद ए राजा ने सनातन धर्म की तुलना HIV और कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों से तुलना की है। वहीं, राजद नेता जगदानंद सिंह ने कहा कि तिलक लगाकर घुमने वालों ने देश को गुलाम बनाया।

दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया के मच्छर तथा कोरोना से की थी। साथ ही कहा था कि सनातन ने लोगों को जातियों के आधार पर बाँटा। अब ए राजा ने इसकी तुलना असाध्य बीमारियों से की है। इतना ही नहीं, ए राजा ने उदयनिधि का बचाव भी किया।

डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि सनातन धर्म पर उदयनिधि का रुख बहुत नरम था। इसकी तुलना सामाजिक कलंक वाली कुछ बीमारियों से की जानी चाहिए, जबकि उदयनिधि ने इसकी तुलना डेंगू और मलेरिया से की है। राजा ने कहा, “सनातन धर्म की तुलना HIV और कुष्ठ रोग जैसी सामाजिक कलंक वाली बीमारियों से की जानी चाहिए।” 

वहीं, I.N.D.A. गठबंधन का हिस्सा बिहार के राष्ट्रीय जनता दल के नेता जगदानंद सिंह ने भाजपा और RSS पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि तिलक लगाकर घुमने वालों ने भारत को गुलाम बनाया। RJD बिहार के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा, “देश गुलाम किस समय हुआ? क्या उस समय कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद, राम मनोहर लोहिया जैसे नेता थे?”

राजद के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जगदानंद सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में हिंदू मुस्लिम को बाँटने से काम नहीं चलेगा और ना ही देश मंदिर बनाओ या मस्जिद तोड़ो से चलेगा।

जगदानंद सिंह के बयान पर बिहार भाजपा के प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि भारत को गुलाम वैसे टीकाधारी लोगों ने बनाया, जो सत्ता के लिए, कुर्सी के लिए, पद के लिए, राज्य के लिए अपना सब कुछ…. जमीर से लेकर जागीर और धर्म तक को बेच दिया। उन्होंने लालू यादव और नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग पुत्र को मुख्यमंत्री बनाने के लिए और कुछ लोग खुद प्रधानमंत्री बनने के लिए नकली जनेऊ पहन रहे हैं और नकली बाइबल पढ़ रहे हैं। 

उधर, एमके स्टालिन ने अपने बेटे उदयनिधि के बयान के बाद उनका बचाव किया है। स्टालिन ने कहा कि उदयनिधि ने अनुसूचित जातियों, जनजातियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करने वाले सनातन सिद्धांतों पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या धार्मिक मान्यताओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था।

दरअसल, सनातन धर्म मिटाने की बात कही थी। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए जा रहे उनके भाषण की एक वीडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “सनातन धर्म को खत्म करने के लिए इस सम्मेलन में मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूँ। मैं सम्मेलन को ‘सनातन धर्म का विरोध’ करने के बजाय ‘सनातन धर्म को मिटाओ‘ कहने के लिए आयोजकों को बधाई देता हूँ।”

उदयनिधि ने कहा, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू, मलेरिया, कोरोना ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

उन्होंने सवालिया लहज़े में पूछा, “सनातन क्या है? यह संस्कृत भाषा से आया शब्द है। सनातन समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ होने के अलावा कुछ नहीं है। सनातन का क्या अभिप्राय है? यह शाश्वत है, जिसे बदला नहीं जा सकता, कोई सवाल नहीं कर सकता है। यही इसका मतलब है। सनातन ने लोगों को जातियों के आधार पर बाँटा है और इसे बदला नहीं जा सकता।”

चीन का जहर रहा बेअसर, बोले नेपाल के विदेश मंत्री- भारत जैसा पड़ोसी होना सौभाग्य और गर्व की बात, हमारे विकास में है योगदान

भारत और नेपाल सदाबहार पड़ोसी रहे हैं। लेकिन चीन दोनों के रिश्तों में जहर घोलने की कोशिश करता रहता है। चीनी राजदूत की ऐसी ही कोशिशों का जवाब देते हुए नेपाल ने भारत का पड़ोसी होना सौभाग्य और गर्व की बात बताई है।

नेपाल के विदेश मंत्री नारायण प्रकाश सऊद ने बुधवार (6 सितंबर 2023) को कहा कि उनका देश भाग्यशाली है कि उसे भारत जैसा पड़ोसी मिला। उनके इस बयान से ठीक पहले नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने पड़ोसी देश के साथ ‘गलत’ व्यवहार का आरोप भारत पर लगाया था। यह दर्शाने की कोशिश की थी कि भारत के साथ संबंध रखना नेपाल के हित में नहीं है।

सऊद ने संखुवासभा में शैक्षणिक संस्थान हिमालय किरण पब्लिक कैंपस भवन का उद्घाटन करते हुए कही। यह स्कूल भारत के आर्थिक सहयोग से बनाया गया है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी इस दौरान मौजूद थे। नेपाल के भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें भी साझा की है।

क्या बोले नेपाल के विदेश मंत्री

नेपाल के भारतीय दूतावास ने सऊद की टिप्पणी का जिक्र अपने बयान में किया है। इसमें कहा गया है, “यह गर्व की बात है और नेपाल भाग्यशाली है कि उसके पास भारत जैसे पड़ोसी हैं, जिसने नेपाल और उसके लोगों के विकास में योगदान दिया है।”

नेपाल के विदेश मंत्री ने कहा कि यह विकासात्मक परियोजना खास तौर से अहम है, क्योंकि यह नेपाली छात्रों की पीढ़ियों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करेगी और उनके भविष्य के करियर में मदद करेगी। सऊद ने यह भी कहा कि वह नेपाल के विकास में भारत से लगातार समर्थन की आशा रखते हैं।

कार्यक्रम में भारत के राजदूत श्रीवास्तव ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों की मजबूत विकास साझेदारी का अहम हिस्सा है। बयान के अनुसार, यह परियोजना नेपाल के साथ भारत की विकास साझेदारी का प्रतिबिंब है और नेपाल में शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने में नेपाल सरकार की कोशिशों की पूरक है।

क्या थी परियोजना?

हिमालय किरण पब्लिक कैंपस से जुड़ी परियोजना 37.40 मिलियन नेपाली रुपए की लागत यानी 23 करोड़ भारतीय रुपए की है। नेपाल में भारतीय दूतावास के बयान के मुताबिक, हिमालय किरण पब्लिक कैंपस की स्थापना 1949 में हिमालय मिडिल स्कूल के रूप में की गई थी।

साल 2005 में इस स्कूल को हिमालय किरण पब्लिक कैंपस नाम देकर डिग्री पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अपग्रेड किया गया था। इस परिसर में 600 से अधिक छात्र हैं, जिनमें से 60 फीसदी लड़कियाँ हैं। यह परिसर वर्तमान में बैचलर इन मैनेजमेंट एंड एजुकेशन और मास्टर इन एजुकेशन कार्यक्रमों की पेशकश कर रहा है।

साल 2003 से नेपाल में भारत लगभग 550 सामुदायिक विकास परियोजनाएँ शुरू कर चुका है। इनमें से 483 पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 84 परियोजनाएँ कोशी प्रांत में हैं। इसके अलावा भारतीय स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर नेपाल के विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों को 974 एम्बुलेंस और 234 स्कूल बसें उपहार में दी गई हैं।

गौरतलब है कि नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने भारत के साथ नेपाल के संबंधों को नकारात्मक तौर से पेश करने की कोशिश की थी। सोंग ने ‘नेपाल में भारत के प्रभाव’ के बारे में बात करते हुए उसे सावधानी से चलने की सलाह दी थी।

लव जिहाद के खिलाफ बंद रहा लेह, बौद्ध लड़की को लेकर भागे मुस्लिम युवक का अब तक पता नहीं: धर्मांतरण विरोधी कानून की उपराज्यपाल से माँग

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से इसी साल जुलाई में लव जिहाद का एक मामला सामने आया था। बौद्ध लड़की को लेकर भागे मंजूर अहमद का अब तक पता नहीं चल पाया है। इसके विरोध में बुधवार (6 सितंबर 2023) को लेह बंद रहा। बौद्धों की एसोसिएशन ने उपराज्यपाल से इस तरह की घटनाओं पर रोक के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून की माँग की है।

बुधवार को लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन ने उपराजयपाल बी डी मिश्रा से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की माँग की। दावा किया कि इलाके में लव जिहाद का गिरोह सक्रिय है। एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रधान छीरिंग दोरजे ने मंजूर अहमद पर बौद्ध लड़की को पैसे का लालच देकर साथ ले जाने का आरोप लगाया। बंदी के दौरान प्रशासन से भी लव जिहाद के आरोपित पर सख्ती और लड़की को मंजूर अहमद की कैद से छुड़ा कर परिवार के हवाले करने की अपील की गई।

इस बंदी के दौरान निकले एक जुलूस में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। जुलूस अंत में एक सभा के रूप में समाप्त हुआ। सभा में बौद्धों ने अपने समाज से भी लव जिहाद के खिलाफ जागरूकता की अपील की।

गौरतलब है कि आरोपित मंजूर अहमद कारगिल का रहने वाला है। उसके पिता नजीर अहमद बीजेपी से जुड़े थे। इस घटना के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। 74 साल के नजीर अहमद उस समय लद्दाख भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हुआ करते थे। उनके 39 वर्षीय बेटे मंजूर अहमद पर 35 साल की बौद्ध लड़की को भगाकर ले जाने का आरोप जुलाई 2023 में लगा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नजीर का कहना था कि घटना के समय वे हज करने गए थे। उनका दावा था कि उनके बेटे ने बौद्ध महिला से साल 2011 में ही निकाह कर लिया था। कोर्ट मैरिज जुलाई 2023 में दोनों ने की। नजीर ने खुद को इस मामले में बेकसूर बताते हुए कहा था कि उनका पूरा परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। तब लद्दाख के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष प्रमुख फुंचोक स्टैनजिन ने कहा था कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएँगी।

लद्दाख में धर्म से बाहर जाकर शादी करने को लेकर वहाँ का बौद्ध समुदाय हमेशा संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ समय में मुस्लिम समुदाय के द्वारा बौद्ध समुदाय की लड़कियों से शादी की घटनाओं को लेकर तनाव की स्थिति सामने आती रही है।

जकार्ता से PM मोदी ने दिया ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का मंत्र, ASEAN को बताया भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का स्तंभ

दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन ASEAN का शिखर सम्मेलन इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में चल रहा है। 7 सितंबर 2023 से 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का मंत्र दिया। आसियान को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ बताया।

पीएम मोदी ने कहा, “पिछले साल हमने भारत-आसियान मैत्री दिवस मनाया और इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप दिया। हमारी साझेदारी (भारत-इंडोनेशिया) चौथे दशक में पहुँच गई है। इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को बधाई देना चाहता हूँ।”

21वीं सदी को एशिया का बताते हुए पीएम मोदी ने कहा है कि वैश्विक विकास में आसियान की भूमिका अहम है। आसियान में सभी देशों की आवाज सुनी जाती है और हम पूरी दुनिया में ग्लोबल साऊथ की आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे यकीन है कि आज हमारी बातचीत से भारत और आसियान क्षेत्र के भावी भविष्य को और सुदृढ़ बनाने के लिए नए संकल्प लिए जाएँगे।

आसियान को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत की इंडो-पैसिफिक पहल में भी आसियान क्षेत्र का प्रमुख स्थान है। वैश्विक अनिश्चितताओं के माहौल में भी हर क्षेत्र में हमारे आपसी सहयोग में लगातार प्रगति हो रही है। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम का जिक्र करते हुए कहा कि ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की भावना भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम है।

इससे पहले जकार्ता में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। गौरतलब है कि आसियान की स्थापना 1976 को हुई थी। मौजूदा वक्त में इसमें 10 देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्वी एशिया में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग स्थापित करना है। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन के बाद पीएम मोदी 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वह जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली लौटेंगे। भारत 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।