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​’मुझे तो आप अपना बना लो…’: कमलनाथ-पायलट ने जिस सुरेश राजे का किया था प्रचार, उस कॉन्ग्रेसी विधायक का अश्लील वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के डबरा विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस के विधायक सुरेश राजे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। 6 मिनट 37 सेकेंड के इस वीडियो में सुरेश राजे किसी होटल में एक युवक के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहे हैं। हालाँकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब का है। इस वीडियो को लेकर भाजपा ने कॉन्ग्रेस से जवाब माँगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो की शुरुआत में युवक विधायक राजे से कहता है कि ‘आप कभी मौका दीजिए। आप मुझे अपना बना लो। हम आपको खुश कर देंगे’। इसके बाद वीडियो में पोर्न ऑडियो सुनाई देने लगता है। उनका वीडियो वायरल होने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे प्रतिक्रिया पूछी, तो उन्होंने कहा कि ये वीडियो एडिटेड है।

यह वीडियो होटल में बनाया जाता दिख रहा है। युवक जब बाथरूम जा रहा होता है, उस दौरान भी वीडियो शूट किया जाता रहा है। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि विधायक को वीडियो बनने की जानकारी है, लेकिन वे इसका विरोध नहीं करते हैं।

2020 में मंत्री इमरती देवी को हराकर चर्चा में आए थे सुरेश राजे

सुरेश राजे 2020 के उपचुनाव में मंत्री इमरती देवी को हराकर विधायक बने थे। इमरती देवी सिंधिया कैंप की मानी जाती थीं। इन्होंने इस्तीफा देकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थामा था। उनके इस्तीफा देने से यहाँ उपचुनाव हुए थे। हालाँकि, उपचुनाव में उन्हें सुरेश राजे ने हरा दिया था। चुनाव से पहले ही राजे कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे।

कमलनाथ और सचिन पायलट ने किया था चुनाव प्रचार

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरेश राजे पहले भी चुनाव लड़ चुके थे, लेकिन तीन चुनावी हार के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दिया और कॉन्ग्रेस की टिकट पर अपनी किस्मत को आजमाया था। उनके लिए चुनाव प्रचार में कमलनाथ और सचिन पायलट जैसे दिग्गज पहुँचे थे।

उस चुनाव में सुरेश राजे ने इमरती देवी को हरा दिया था। चूँकि इमरती देवी मंत्री थी, ऐसे में उनकी जीत को बड़ा माना गया। हालाँकि, आगामी चुनाव से पहले उनका वीडियो वायरल होना उनके लिए मुसीबत लेकर आ सकता है।

सुरेश राजे ने बताया साजिश

कॉन्ग्रेस विधायक सुरेश राजे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ये वीडियो एडिटेड है। उनसे लोगों ने 50 लाख की वसूली करने की कोशिश की थी और कहा था कि पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। अब वो पुलिस को पूरी जानकारी देंगे।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस वीडियो के बारे में उड़ती-उड़ती खबर पहले से मिल रही थी, लेकिन अफवाहों के आधार पर उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। अब वो पुलिस के सामने सबूत रखेंगे और जिन्होंने ऐसा काम किया है, उनके खिलाफ स्टैंड लेंगे।

वहीं, भाजपा के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने इस वीडियो को लेकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, “कॉन्ग्रेस के एक विधायक का अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। कॉन्ग्रेस नेताओं को जवाब देना होगा कि क्या यही उनकी पार्टी के संस्कार हैं? इनके कई और बड़े नेताओं के इसी प्रकार के कुकर्मों की चर्चा बाजार में जोरों पर है।”

‘मैं गे नहीं हूँ…’: बंगाल के जादवपुर यूनिवर्सिटी में नंगा घुमाने पर गुहार लगा रहा था नाबालिग छात्र, यौन उत्पीड़न के कारण गई जान!

जादवपुर विश्वविद्यालय में 9 अगस्त 2023 को छात्र के इमारत से गिरने और अगले दिन अस्पताल में उसकी मौत होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में पुलिस ने कहा है कि छात्र की रैगिंग हुई थी। समलैंगिक होने का आरोप लगाते हुए उससे मर्दानगी का सबूत माँगा गया था। एक कमरे से दूसरे कमरे में उसे घुमाया गया था। वो रोता रहा और चिल्लाता रहा कि वो ‘गे नहीं है, गे नहीं है’। इस मामले में पुलिस ने 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इस भयावह कांड में शामिल थे 12 लोग

इस मामले की जाँच कर रही कोलकाता पुलिस ने बताया है कि 17 साल के लड़के के साथ बहुत ज्यादती हुई थी। उसे 9 अगस्त को मुख्य हॉस्टल में नंगा करके घुमाया गया था। इसी के बाद वो दूसरे मंजिल से गिरा था। जाँच में पता चला है कि इस मामले में कुल 12 लोग शामिल थे। उन्होंने पुलिस की जाँच से बचने के लिए वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया था।

पुलिस के मुताबिक, 9 अगस्त की रात मृतक को दूसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 70 में बुलाया गया था। वो कमरा नंबर 68 में रहता था। वहाँ उसे नग्न होने को मजबूर किया गया, फिर कमरा नंबर 65 तक ले जाया गया। वहाँ उसने खुद को उस कमरे में बंद करने की कोशिश की, लेकिन विफल रहा। इसके बाद वह एक कमरे से दूसरे कमरे की ओर बचने के लिए भागता रहा। ये सब कुछ रात 11 बजे तक चलता रहा, इसके बाद वो दूसरी मंजिल से रात करीब 11 बजे गिर गया।

शुरुआत में पुलिस ने माना था आत्महत्या

पुलिस ने बताया कि उसके पास रात 11.45 बजे छात्र के कूदने की खबर आई थी। पहली नजर में लगा कि छात्र ने आत्महत्या की है, लेकिन जाँच में पता चला कि वो खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। उसने कई छात्रों से चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि वो समलैंगिक नहीं है, लेकिन उसे परेशान करने वाले लोग मान नहीं थे। पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपित का नाम सौरव चौधरी है। इसके अलावा, मनोतोन घोष नाम के भी आरोपित की पहचान हुई है। पुलिस ने हॉस्टल के रसोइए से भी पूछताछ की है।

आरोपितों की हो चुकी है पहचान

जाँच के दौरान ये भी पता चला कि सभी आरोपित एक वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़े थे, जो उन्होंने पुलिस की आँखों में धूल झोंकने के लिए बनाया था। इस मामले में हिरासत में लिए गए लोगों में 6 मौजूदा छात्र हैं, तो 6 पूर्व छात्र। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया है, जबकि मृतक नाबालिग था और उसको नंगा करके घुमाया गया था। इस मामले में सौरव चौधरी और मनोतोन घोष के अलावा मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद आसिफ अजमल, अंकन सरदार, सत्यब्रत राय, सप्तक कमिल्या (पूर्व छात्र), असित सरदार, सुमन नास्कर, एसके नसीम अख्तर और हिमांशु कर्माकर (सभी पूर्व छात्र) शामिल हैं।

पिता ने लगाया था रैगिंग का आरोप

बता दें कि 9 अगस्त की रात स्वप्नोदीप कुंडू नाम के बीए के छात्र की जादवपुर विश्वविद्यालय में मौत हो गई थी। वह हॉस्टल की दूसरी मंजिल से गिर गया था। कुंडू नादिया जिले के हंसखाली का रहने वाला था। उसके परिजनों ने रैगिंग का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने उस समय ऐसी बात से इंकार किया था। हालाँकि, अब पुलिस ने अदालत से रैगिंग की धाराएँ बढ़ाने की अपील की थी, जिसे अदालत ने मान लिया है।

छात्र की मौत का मामला पश्चिम बंगाल की विधानसभा तक पहुँच गया है। 22 अगस्त 2023 को सदन में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मामला उठाया। भाजपा नेता ने कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी राष्ट्र-विरोधी तत्वों का केंद्र बन गई है। यहाँ खुलेआम ड्रग्स और शराब का सेवन होता है और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

गुल मोहम्मद ने विवाहित हिंदू महिला को प्यार के जाल में फँसाया, फिर कबूल कराया इस्लाम: संभल पुलिस ने आरोपित को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के संभल से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है जहाँ पर एक विवाहित हिंदू महिला को मुस्लिम युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इस मामले में ब्रेन वॉश कर इस्लाम कबूल कराने की बात भी की जा रही है। हालाँकि, पुलिस ने हिन्दू महिला को ढूँढ निकाला है और आरोपित गुल मोहम्मद के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में यह बात भी सामने आई है कि महिला का बयान दर्ज करके उसे वापस घर भेजा दिया गया है। 

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना 16 अगस्त, 2023 की बताई जा रही है। दरअसल, संभल जिले के चंदौसी थाना क्षेत्र में रहने वाली विवाहिता महिला 6 दिन पहले अपने 4 साल के बच्चे को छोड़कर अचानक लापता हो गई थी। जिसके बाद 19 अगस्त की शाम के वक्त पति थाने पहुँचकर पुलिस को इस बात की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

पुलिस ने जाँच शुरू कि तो महिला का मुस्लिम युवक द्वारा भगाए जाने की बात सामने आई। पता चला कि हिन्दू विवाहित महिला मुरादाबाद के लालपुर हमीरपुर गाँव में गुल मोहम्मद के घर पर रह रही है। गुल मोहम्मद को लेकर यह भी खुलासा हुआ है कि वह संभल में किराए पर रह रहा था। जहाँ से उसने विवाहिता को प्यार के जाल में फँसाकर, बहला-फुसलाकर अपने गाँव ले गया।

यह बात जैसे ही हिन्दू संगठनों तक पहुँची राजपूत करणी सेना, भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. विशाल चौहान सहित कई हिंदूवादी संगठन के लोग कोतवाली चंदौसी पहुँच गए और इंस्पेक्टर चंदौसी से महिला को बरामद करने एवं आरोपित गुल मोहम्मद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की थी।

इस मामले में पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों का दबाव बनने के बाद विवाहिता को पहले ही गुल मोहम्मद के गाँव से बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं संभल पुलिस ने लव जिहाद मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपित गुल मोहम्मद पर के कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा है। 

परिजनों ने लगाया ब्रेनवॉश और धर्म परिवर्तन का आरोप 

गौरतलब है कि इस मामले में महिला के परिजनों ने आरोपित गुल मोहम्मद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में परिजनों ने बताया है कि मुस्लिम युवक विवाहिता को करीब एक हफ्ते पहले अपने साथ बहला-फुसला कर ले गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम युवक ने महिला का ब्रेनवॉश करके उसका धर्म परिवर्तन भी करवाया है इसके बाद उससे निकाह भी की है। 

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने WFI की रद्द की सदस्यता, अब तिरंगे के तले नहीं लड़ सकेंगे पहलवान: संघ का चुनाव नहीं कराने पर लिया गया ऐक्शन

दुनिया में कुश्ती की नियामक संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सदस्यता अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दी है। कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को लेकर महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान से ही विवादों में रहा है। इस वजह से UWW की सदस्यता जारी रखने के लिए जरूरी चुनाव कराने से वह चूक गया।

बताते चलें कि भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख रहे बृजभूषण शरण सिंह का कार्यकाल बहुत पहले खत्म हो चुका था। महिला पहलवानों की माँग की थी कि बृजभूषण शरण सिंह के किसी परिवार या जानकारी को WFI का चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी जाए। इतना ही नहीं, उनकी सांसदी खत्म करने और तत्काल गिरफ्तार करने की माँग को लेकर भी पहलवान सड़कों पर बैठे रहे और खापों के जरिए राजनीति करते रहे।

भारतीय पहलवानों के अड़ियल रूख और बाद में कई राज्य इकाइयों की कानूनी याचिकाओं की वजह से भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव बार-बार टलते रहे। इसको लेकर UWW ने मई में सदस्यता रद्द करने की चेतावनी दी थी। आखिरकार इस चेतावनी को अमलीजामा पहना दिया। सदस्यता रद्द होने का खामियाजा भारतीय पहलवानों को भुगतना पड़ेगा। इससे आने वाली वैश्विक चैंपियनशिप में पहलवान देश के झंडे तले कुश्ती के दांव नहीं दिखा पाएँगे।

UWW की तरह ही WFI देश में कुश्ती का शासी निकाय है। इसे जून 2023 में चुनाव कराने थे। विवादों की वजह से ये चुनाव 12 अगस्त के लिए टल गए थे, लेकिन चुनाव से एक दिन पहले ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया। यही वजह रही की UWW ने यह सख्त कार्रवाई की। इससे पहले जुलाई में असम रेसलिंग एसोसिएशन अपनी मान्यता को लेकर असम हाईकोर्ट पहुँची था और कोर्ट ने चुनावों पर स्टे लगा दिया था।

UWW ने 45 दिन का दिया था वक्त

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की सदस्यता की रद्द होने से भारतीय पहलवानों को 16 सितंबर से शुरू होने जा रही ओलंपिक-क्वालीफाइंग विश्व चैंपियनशिप के कुश्ती के रिंग में बगैर तिरंगे के ही उतरना होगा। देश के पहलवान इसमें शिरकत तो करेंगे, लेकिन वो ‘तटस्थ एथलीटों’ के तौर पर कुश्ती के दाँव लगाएँगे।

हालाँकि, भारतीय पहलवानों को 23 सितंबर से हांगझू में होने जा रहे एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज तले कुश्ती लड़ पाएँगे, क्योंकि इसके लिए डब्ल्यूएफआई ने नहीं, बल्कि भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) ने एंट्रीज भेजी थीं। UWW ने मई में WFI से 45 दिनों के अंदर चुनाव करवाने को कहा था।

लगभग 3 महीने बीत जाने पर भी जब चुनाव नहीं हुए तो UWW ने WFI की सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया। इससे पहले आईएओ के कार्यकारी परिषद के सदस्य भूपेंद्र सिंह बाजवा और खिलाड़ी सुमा शिरूर वाली एक अस्थाई कमेटी बनाई थी, जिसके कंधे पर कुश्ती महासंघ के चुनाव 45 दिन के अंदर करवाने की जिम्मेदारी थी। ये चुनाव पहले 7 मई को कराए जाने थे।

भूपेंदर सिंह बाजवा के नेतृत्व वाली एडहॉक कमेटी चुनाव कराने के लिए दी गई 45 दिन की डेड लाइन को पूरा करने में कामयाब नहीं हो पाई। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने बुधवार (23 अगस्त) की रात को एडहॉक कमेटी को बताया कि कार्यकारिणी के चुनाव नहीं कराने के कारण डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया गया है।

चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने कर दिया था नामांकन

डब्ल्यूएफआई के शासी निकाय में 15 पदों के लिए चुनाव 12 अगस्त 2023 को होने वाले थे। इसमें भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व चीफ बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह सहित चार उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद के लिए दिल्ली के ओलंपिक भवन में नामांकन दाखिल किया था।

चंडीगढ़ कुश्ती संस्था के दर्शन लाल को महासचिव पद के लिए नामांकित किया गया था, जबकि बृजभूषण सिंह कैंप के उत्तराखंड के एसपी देसवाल को कोषाध्यक्ष के लिए नामांकित किया गया था। डब्ल्यूएफआई को पहले जनवरी में और फिर मई में निलंबित कर दिया गया था। उस वक्त भारत के टॉप पहलवानों ने इसकी कार्यप्रणाली का विरोध किया था।

सरदार उधम सिंह, रॉकेट्रीः द नंबी इफेक्ट, द कश्मीर फाइल्स… नेशनल फिल्म अवॉर्ड में भारत और भारतीयों की बात पर्दे पर दिखाने वाली फिल्मों ने मारी बाजी

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड ‘रॉकेट्रीः द नंबी इफेक्ट’ को मिला है। वहीं, सरदार उधम सिंह को बेस्ट हिंदी फिल्म का अवॉर्ड मिला है। अल्लू अर्जुन को फिल्म पुष्पा के लिए बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया है। वहीं, बेस्ट ऐक्ट्रेस की कैटेगरी में यह पुरस्कार आलिया भट्ट और कृति सेनन को संयुक्त रूप से मिला है।

69वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार साल 2021 की फिल्मों के लिए दिया जा रहा है। बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड पाए रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट नंबी नारायणन नाम के एक वैज्ञानिक के जीवन पर आधारित है। उन पर जासूसी का झूठा आरोप लगा था। इस फिल्म में नंबी नारायणन की भूमिका आर माधवन ने की है।

हिंदी कैटेगरी में उस साल का बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म सरदार उधम सिंह को चुना गया है। यह फिल्म भारतीय क्रांतिकारी उधम सिंह के जीवन पर आधारित है। इसमें विक्की कौशल उधम सिंह की भूमिका में हैं। इस फिल्म का निर्देशन शूजित सरकार ने किया हैं।

बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म की कैटेगरी में यह अवॉर्ड ‘एक था गाँव’ को मिला है। यह फिल्म गढ़वाली और हिंदी भाषा में बनाई गई है। सृष्टि लखेरा ने इसे प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया है। वहीं, एनिमेशन कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मलयालम फिल्म कांडीट्टूंडू को मिला है।

वहीं, बेस्ट ऐक्ट्रेस की कैटेगरी में यह अवॉर्ड आलिया भट्ट और कृति सेनन को संयुक्त रूप से मिला है। आलिया भट्ट को गंगूबाई काठियावाड़ी और कृति सेनन को फिल्म मिमी के लिए बेस्ट ऐक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। वहीं, पल्लवी जोशी को फिल्म कश्मीर फाइल्स में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है, जबकि पंकज त्रिपाठी को फिल्म मिमी के लिए बेस्टर सपोर्टिंग ऐक्टर का अवॉर्ड मिला है।

देखें विनर्स की पूरी लिस्ट:

बेस्ट एक्टर: अल्लू अर्जुन (पुष्पा द राइज)

बेस्ट एक्ट्रेस: आलिया भट्‌ट (गंगूबाई काठियावाड़ी) और कृति सेनन (मिमी)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: पंकज त्रिपाठी (मिमी)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस: पल्लवी जोशी (द कश्मीर फाइल्स)

बेस्ट फीचर फिल्म: रॉकेट्री- द नंबी इफेक्ट

बेस्ट डायरेक्टर: निखिल महाजन (गोदावरी द होली वाटर)

बेस्ट हिंदी फिल्म: सरदार उधम

बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: सरदार उधम

बेस्ट चिल्ड्रन मूवी: गांधी एंड कंपनी

बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट: भावेन राबरी (छेल्लो शो)

बेस्ट गुजराती फिल्म: छेल्लो शो

बेस्ट मराठी फिल्म: एकदा कायझाला

बेस्ट मलयालम फिल्म: होम

बेस्ट तेलुगु फिल्म: ओपन्ना

​​​​​​​बेस्ट कन्नड़ फिल्म- 777 चार्ली

बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर: एम एम कीरवानी (RRR) और देवी श्री प्रसाद (पुष्पा)

बेस्ट लिरिक्स: चंद्र बोस (कोंडा पोलम)

बेस्ट एडिटिंग: संजय लीला भंसाली (गंगूबाई काठियावाड़ी)

बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर: काल भैरव (RRR)

बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर: श्रेया घोषाल (इराविन निझल)

बेस्ट कोरियोग्राफी: प्रेम रक्षिष्ठ (RRR)

स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड: विष्णु वरधान (शेरशाह)

बेस्ट स्पेशल इफेक्ट: वी. श्रीनिवास मोहन (RRR)

बेस्ट नरगिस दत्त अवार्ड फॉर बेस्ट फिल्म ऑन नेशनल इंटीग्रेशन- द कश्मीर फाइल्स

बीते साल इस अवार्ड को बेस्ट एक्टर के लिए अजय देवगन और साउथ एक्टर सूर्या ने साझा किया था। अजय को फिल्म तान्हाजी और सूर्या को फिल्म सोरारई पोटरू के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड की स्थापना साल 1954 में हुई थी। यह सिनेमा में भारत का सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत के माननीय राष्ट्रपति विजेताओं को यह पुरस्कार प्रदान करते हैं। इसके विजेताओं की लिस्ट एक जूरी तैयार करती है।

रमेश बाबू प्रज्ञानानंद: चेस वर्ल्ड कप-2023 में सिल्वर, मैग्नस कार्लसन बने विश्व चैंपियन… दिल जीता 18 साल के भारतीय ने

भारतीय शतरंज के ग्रैंडमास्टर रमेश बाबू प्रज्ञानानंद ने फाइड वर्ल्ड कप शतरंज टूर्नामेंट-2023 (FIDE Chess World Cup 2023 Final) के फाइनल मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करने के बावजूद खिताब जीतने से चूक गए। प्रज्ञानानंद को नॉर्वे के दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ खेलते हुए फाइनल के दूसरे टाई ब्रेकर में हार का सामना करना पड़ा। इस कारण वह महज़ 18 साल की उम्र में चैंपियन बनने से चूक गए।

बता दें कि फाइनल के तहत दो दिन में दो बाजी खेली गईं लेकिन दोनों ही ड्रॉ पर खत्म हुईं। इसके बाद टाईब्रेकर से नतीजा निकला। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन दिन तक चले फाइनल मुकाबले में 4 बाजियों के बाद नतीजा निकला। प्रज्ञानानंद ने शुरुआती दोनों बाजियों में कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। दोनों के बीच मंगलवार (22 अगस्त, 2023) को पहली बाजी खेली गई, जो 34 चालों तक गई थी, मगर नतीजा नहीं निकल सका। वहीं, पहले टाई ब्रेकर तक प्रज्ञानानंद ने कार्लसन को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन दूसरे टाई ब्रेकर में कार्लसन की चाल का तोड़ प्रज्ञानानंद नहीं निकाल पाए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। प्रज्ञानानंदा इस मुकाबले में रनर अप रहे, उन्हें सिल्वर मैडल मिला।

कार्लसन ने प्रज्ञानानंद के खिलाफ दूसरा टाई-ब्रेकर ड्रॉ करने के बाद विश्व कप जीता। दोनों के बीच अंतिम स्कोर, कार्लसन-1.5, प्रज्ञानानंद का- 0.5 रहा। 

बता दें कि प्रज्ञानानंद ने सोमवार (21, अगस्त 2023) को अमेरिकी ग्रैंड मास्टर फैबियानो कारूआना को हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह फाइड शतरंज विश्व कप 2023 के फाइनल में पहुँच गए। थे। जहाँ उनका मुकाबला विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) से था लेकिन अब वह इतिहास रचाने से चूक गए हैं। हालाँकि,भारत के महान शतंरज खिलाड़ी और पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आंनद ने भी प्रज्ञानानंद की तारीफ की थी।

गौरतलब है कि 10 अगस्त 2005 को जन्मे रमेश बाबू प्रज्ञानानंद चेन्नई के रहने वाले हैं। वह साल 2016 में महज 10 साल, 10 महीने और 19 दिन की उम्र में इंटरनेशनल मास्टर बन गए। वह सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मास्टर बनने वाले खिलाड़ी हैं। दो साल बाद यानी साल 2018 में वह सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने थे।

इससे पहले प्रज्ञानानंद ने साल 2013 में 7 साल की उम्र में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप अंडर-8 का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद साल 2015 में अंडर-10 का खिताब जीता। प्रज्ञानानंद की बहन वैशाली रमेश बाबू भी शतरंज खिलाड़ी हैं। वह भी अंडर-12 और अंडर-14 की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने साल 2016 में विमेन इंटरनेशनल मास्टर का खिताब जीता था।

दक्षिण अफ्रीका में मिले PM मोदी-जिनपिंग के हाथ, चीनी राष्ट्रपति से कुछ सेकेंड की बात भी: ब्रिक्स का हुआ विस्तार, 6 नए देश होंगे शामिल

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह ब्रिक्स का बड़ा विस्तार हुआ है। ब्रिक्स ने एक साथ 6 नए सदस्य देशों को अपने समूह में जोड़ा है। ब्रिक्स के साथ नए जुड़ने वाले देश अर्जेंटीना, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इथियोपिया और मिस्र हैं। इनकी सदस्यता 1 जनवरी 2024 से शुरू होगी।

इसी के साथ ब्रिक्स दुनिया में संयुक्त राष्ट्र के बाद सबसे बड़ी आबादी, सबसे ज्यादा जमीन, सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला समूह बन गया है। दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मेजबान देश के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने इसकी घोषणा की, जिसका भारत समेत सभी सदस्य देशों ने स्वागत किया।

पीएम मोदी ने किया सदस्य देशों का स्वागत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि लगातार 3 दिनों तक चले विचार-विमर्श के बाद हम एक सकारात्मक नतीजे तक पहुँचने में सफल रहे हैं। भारत की ओर से मैं सभी नए 6 सदस्य देशों का स्वागत करता हूँ और उनके साथ भविष्य की साझेदारियों को लेकर बहुत आशान्वित हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपने साथियों अर्जेंटीना, इजिप्ट, इथिओपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई का स्वागत करता है।

पीएम मोदी-शी जिनपिंग में हुई बात?

इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता तो नहीं हुई, लेकिन बैठक के दौरान ही दोनों आसपास कुछ बोलते दिखे। उस समय दोनों नेता कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी-अपनी सीटों पर जा रहे थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने सीमा पर तनाव को कम करने को लेकर चर्चा की।

डॉलर को मिलेगी चुनौती?

ब्रिक्स में शामिल देशों में भारत का चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। जमीन के लिहाज से रूस, ब्राजील, चीन, भारत दुनिया के सबसे बड़े 7 देशों में से हैं, तो आबादी के लिहाज से चीन, भारत, इथिओपिया, सऊदी अरब, ब्राजील जैसे देश अग्रणी हैं। इनकी सामूहिक अर्थव्यवस्था दुनिया की दो तिहाई से भी अधिक है। वहीं, इस ब्लॉक में अधिकतर देशों के आपसी संबंध भी बेहतर हैं।

चीन अपनी मुद्रा युआन के माध्यम से डॉलर को चुनौती दे रही है, तो भारत रूपए के माध्यम से। रूस अपनी मुद्रा में लेन-देन कर रहा है, क्योंकि अमेरिका-ईयू के देशों ने उस पर बैन लगा रखे हैं। ऐसे में ये तीनों ही देश अपनी मुद्राओं में लेन-देन को बढ़ावा दे रहे हैं। यूएई में तो भारतीय रुपए में लेन देन शुरू भी हो गया है।

वहीं, सऊदी अरब जैसे देश भारत के पारंपरिक सहयोगी रहे हैं। फिर रूस की भारत-चीन से दोस्ती और अमेरिका से दूरी किसी से छिपी नहीं है। यही नहीं, भारत और चीन अगले चार वर्षों में दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से क्रमश: तीसरे और दूसरे स्थान पर होंगे। ऐसे में ब्रिक्स का विस्तार डॉलर के दबदबे को चुनौती देने वाला साबित हो सकता है।

दिल्ली के CM का ‘शीशमहल’, केजरीवाल के निजी सचिव को भी ‘औकात’ से बड़ा बंगला: विजिलेंस ने आवंटन रद्द करने का PWD को दिया निर्देश

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमों और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का हाल ही में बंगला विवाद सामने आया था। इस मामले में नई दिल्ली के सिविल लाइन्स स्थित अपने आधिकारिक बंगले के नवीनीकरण के लिए उन्होंने लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च कर सुर्ख़ियों में थे। वहीं अब उनके निजी सचिव को अवैध तरीके से बड़ा बंगला देने को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। 

दरअसल, मुख्यमंत्री केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को पहले गलत तरीके से आवंटित टाइप-6 बंगले को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद सतर्कता निदेशालय ने पीडब्ल्यूडी को आवास आवंटन नियमों का पालन करते हुए  उन्हें टाइप-4 बंगला आवंटित करने का आदेश दिया है। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट् के अनुसार, एजेंसी ने पाया कि कुमार को दिल्ली सरकारी आवास आवंटन (सामान्य आवास पूल) के नियमों का उल्लंघन करते हुए गैरकानूनी तरीके से उन्हें टाइप -6  घर दे दिया गया था, जबकि वह टाइप-4 आवास के लिए पात्र थे। इसी मामले में बुधवार (23 अगस्त, 2023) को विभाग ने इस मुद्दे को लेकर पीडब्ल्यूडी सचिव को पत्र लिखा। उस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुमार को शुरू में टाइप-5 आवास आवंटित किया गया था।

वहीं पीडब्ल्यूडी सचिव को भेजे गए इस पत्र में साफ़-साफ उल्लेख है, “यह पाया गया है कि बिभव कुमार को टाइप-5 आवास आवंटन रूल बुक के नियम (20) डी के अनुसार नहीं है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जाँच में यह पाया गया है कि आवंटन नियमों के अनुसार… वह केवल टाइप-4 आवास के पात्र हैं क्योंकि यह बिना बारी का आवंटन है। चूँकि, उन्हें एक बड़ा क्वार्टर यानी टाइप-5 आवंटित किया गया था, इसलिए कुमार को इस प्रकार के आवंटन को नियमित करने के लिए पिछले डेट से एलजी की मंजूरी लेने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव ने 18 अगस्त 2016 को एक प्रस्ताव पेश किया था।”

जिस पर उपराज्यपाल ने अपने जवाब में निर्देश दिया कि इस मामले को मौजूदा कानूनो और नियमों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि कुमार ने दिल्ली जल बोर्ड द्वारा आवंटित टाइप-6 आवास (बंगला) पर कब्जा जमा लिया है जबकि वह उसके योग्य नहीं हैं।

सतर्कता विभाग ने अपने पत्र में लिखा, “मौजूदा नियमों के अनुसार राजपुर रोड पर टाइप-5 आवास का आवंटन अवैध है। टाइप-5 आवास को नियमित करने के प्रस्ताव को भी एलजी ने अनुमति नहीं दी। इसलिए,  विभाग पीडब्ल्यूडी आवंटन के नियमों का पालन करते हुए कुमार को आवंटित टाइप-6 बंगले को रद्द कर उन्हें उनकी श्रेणी के अनुसार, टाइप-4 बंगला आवंटित कर सकता है।” 

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में आया जब खुद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बंगले को लेकर जाँच चल रही है। बता दें कि दो-तीन महीने पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बँगले और उसके भीतर की तस्वीरें सामने आई थीं। और यह खुलासा हुआ था कि घर को चमकाने में 45 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। तस्वीरों में अरविंद केजरीवाल का बँगला देखने में काफी भव्य लग रहा था। साथ ही इसके भीतर काफी चमक-धमक भी है। दिल्ली के भाजपा नेताओं ने भी इस तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्हें ‘अरविंद केजरीवाल का शीशमहल’ बताया था।

मोदी सरकार ने दिए ₹12543 करोड़, 389 विदेशी सैटेलाइट लॉन्च कर ₹3300 करोड़ कमाए भी: जानिए UPA जमाने के मुकाबले कैसे अंतरिक्ष पर बदला भारत का फोकस

चंद्रयान 3 मिशन की सफलता के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार (23 अप्रैल 2023) को अंतरिक्ष क्षेत्र में कामयाबियों की रिपोर्ट कार्ड पेश की। यह रिपोर्ट कार्ड साल 2014 से 2023 के बीच का है। इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार ढंग से बताया गया है कि वर्तमान सरकार ने अंतरिक्ष बजट में 100% से अधिक की बढ़ोतरी की है। साथ ही, इन 9 वर्षों में लगभग 3,300 करोड़ रुपए की कमाई के साथ भारत द्वारा कई देशों से अंतरिक्ष जगत में की गई साझेदारी का भी जिक्र है।

मोदी सरकार ने पिछले 9 साल का लेखा-जोखा माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर शेयर किया है। रिपोर्ट कार्ड की हेडिंग ‘अंतरिक्ष में भारत का शानदार दशक’ दी गई है। रिपोर्ट के शुरुआत में साल 2020 से 140 स्टार्टअप को लेकर जानकारी दी गई है। इसके फायदे के तौर पर लोगों में अंतरिक्ष के प्रति रूचि बढ़ना और ब्रह्माण्ड के बारे में नई खोजें होना बताया गया है।

इसी रिपोर्ट कार्ड में भारत की अंतरिक्ष जगत में दुनिया के बाकी देशों से की गई साझेदारियों का जिक्र गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत अब नासा (NASA) के नेतृत्व वाले समूह से जुड़ गया है। अब नासा और भारत मिलकर एक साथ कई अंतरिक्ष खोजों पर काम कर रहे हैं।

रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक, पिछले 9 वर्षों में भारत सरकार ने अंतरिक्ष जगत से युवाओं को भी बड़े पैमाने पर जोड़ने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने में सफलता पाई है। इसमें बताया गया है कि SSLV D 2 से 3 उपग्रह लॉन्च किए गए हैं। इन उपग्रहों के नाम EOS-7, AzaadiSAT-2 और Janus-1 हैं।

इन तीनों की लॉन्चिंग में 750 छात्राओं ने अपना योगदान दिया है। 25 नवंबर 2022 को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई उड़ान का दिन बताया गया है। इस दिन प्राइवेट लॉन्चपैड और मिशन कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना की गई थी।

जारी रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक पिछले 3 वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े देश के अलग-अलग स्थानों पर संस्थानों में 603 छात्रों ने एडमिशन लिया। ये संस्थान त्रिवेंद्रम, जम्मू और अगरतला में मौजूद हैं जहाँ पढ़ने वाले छात्रों का 100% प्लेसमेंट किया गया।

इस प्रयास को सरकार ने भावी वैज्ञानिकों की पौध तैयार करने का प्रयास बताया है, जिसे ‘युवा विज्ञानी कार्यक्रम’ नाम दिया गया है। भारत सरकार के अनुसार, चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर ज्ञान का भंडार है, जिसका डाटा पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।

मोदी सरकार द्वारा पेश रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक, साल 2014 से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की छात्र सैटेलाइट प्रक्षेपण की सीमा 4 हुआ करती थी। यह संख्या बढ़कर अब 11 हो चुकी है। साथ ही साल 2014 से पहले का 1.2 वार्षिक लॉन्च रेट अब बढ़कर 2014 के बाद से 5.7 हो चुका है।

भारत सरकार के मुताबिक, पिछले 9 वर्षों में कुल 389 विदेशी उपग्रह लॉन्च किए गए हैं। इन लॉन्चिंग के चलते साल 2014 से अब तक कुल ₹3,300 करोड़ से अधिक की कमाई भी हुई है। इस बढ़ोतरी को भारत की उभरती अंतरिक्ष शक्ति और वैश्विक साझेदारी का एक प्रमाण बताया गया है।

रिपोर्ट कार्ड में भारत के अंतरिक्ष बजट को लेकर भी चर्चा की गई है। इसमें कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अपने अंतरिक्ष बजट में 100% से अधिक की बढ़ोतरी की है। 2013-14 के लिए सरकार द्वारा यह 5,615 करोड़ रुपए बजट हुआ करता था, जो कि 2023-24 में बढ़कर 12,543 करोड़ रुपए का हो गया है।

भारत सरकार ने अपनी रिपोर्ट कार्ड में यह भी बताया है कि पिछले 9 वर्षों में अंतरिक्ष के लिए कुल 424 विदेशी उपग्रहों को लॉन्च किया गया है। इस लॉन्चिंग में 389 उपग्रह सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित हो गए। यह संख्या साल 2014 से पहले महज 35 थी।

‘जब चाँद पर उतरे राकेश रोशन’: ममता बनर्जी के बयान के बाद चर्चा में ‘कोई मिल गया’, चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ट्रोल हुए प्रभास

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद बॉलीवुड की दो फिल्में भी सोशल मीडिया में चर्चा में हैं। इनमें से एक ऋतिक रोशन की ‘कोई मिल गया’ और दूसरी प्रभास स्टारर ‘आदिपुरुष’ है। कोई मिल गया की चर्चा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान के कारण हो रही है।

दरअसल, ममता बनर्जी ने राकेश शर्मा की जगह बॉलीवुड के डॉयरेक्टर राकेश रोशन को भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री बता दिया है। साथ ही सोयुज टी-11 को एक चंद्रयान बताया, जबकि ये एक अंतरिक्ष कार्यक्रम था।

इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से नेटिजन्स पूछ रहे हैं कि कहीं उन्होंने चंद्रयान-3 की लैंडिंग का लाइव प्रसारण देखने की जगह राकेश रोशन की फिल्म ‘कोई मिल गया’ तो नहीं देख ली। दूसरी तरफ एक्टर प्रभास यूजर्स के निशाने पर इसलिए हैं, क्योंकि चंद्रयान-3 का बजट उनकी फिल्म ‘आदिपुरुष’ से भी कम है।

‘जब राकेश रोशन चाँद पर उतरे थे’

चंद्रयान-3 मून की कामयाबी के बधाई संदेशों के बीच ममता बनर्जी की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही। वीडियो में वो कहती नजर आ रही हैं, “मुझे याद है, जब राकेश रोशन चाँद पर उतरे थे तो इंदिरा गाँधी ने उनसे पूछा था कि वहाँ से भारत कैसा दिखता है।”

दरअसल चाँद पर सबसे पहले कदम रखने वाले भारतीय अंतरिक्ष यात्री का नाम राकेश शर्मा है। भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर शर्मा ने अप्रैल 1984 में सोवियत अंतरिक्ष यान सोयुज टी-11 में उड़ान भरी थी। तब उस वक्त प्रधानमंत्री रही इंदिरा गाँधी ने शर्मा से पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो शर्मा ने जवाब दिया, “सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।”

सीएम की इस वीडियो क्लिप के वायरल होते ही उनसे सवाल होने लगे कि क्या वो ‘कोई मिल गया’ फिल्म देख के आई हैं। इस पर फैक्ट एक्स हैंडल यूजर ने ट्वीट किया, “दीदी चंद्रयान-3 की लैंडिग की जगह ‘कोई मिल गया’ देख के आई है, राकेश रोशन वाली।”

फिल्म ‘कोई मिल गया’ में राकेश रोशन ने अंतरिक्ष में एलियन के जीवन में विश्वास रखने वाले वैज्ञानिक का किरदार निभाया था। ये किरदार अंतरिक्ष में कुछ ध्वनि संकेत भेजता है। वर्षों बाद ‘जादू’ नाम का एक एलियन धरती पर आता है और उसका दोस्त बन जाता है।

एक्स हैंडल पर यूजर चार्ली के अकाउंट से लिखा गया है, “ममता दीदी और उनका राकेश रोशन कनेक्शन, दीदी कोई मिल गया नहीं चल रही है।” इसके साथ ही एक्टर राकेश रोशन के स्पेससूट पहने हुए मीम्स भी वायरल होने लगे हैं।

अरुण अधिकारी अपने एक्स हैंडल से लिखते हैं, “इंदिरा गाँधी के कार्यकाल में राकेश रोशन अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री। मुझे लगता है कि माननीय ममता बनर्जी मंच पर अपने भाषण से पहले ‘कोई मिल गया’ देख रही थीं।”

आदिपुरुष और एक्टर प्रभास भी हुए ट्रोल

इसरो के चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी के बीच प्रभास और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ एक बार फिर अपने भारी-भरकम बजट के लिए यूजर्स के निशाने पर हैं। रेडिट पर वायरल पोस्ट के मुताबिक, ओम राउत डॉयरेक्शन में ये फिल्म कथित तौर पर 600 करोड़ रुपए के बजट पर बनाई गई थी।

चंद्रयान-3 का बजट महज 615 करोड़ रुपए है। चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करते ही नेटिज़न्स ने एक फिल्म पर इतना पैसा खर्च करने के लिए इसके निर्माताओं और एक्टर प्रभास की आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। एक्टर प्रभास फिल्म में भगवान राम के किरदार में दिखे थे।

एक यूजर ने लिखा, ”आदिपुरुष के लिए 600 करोड़ रुपए , इसरो वैज्ञानिकों को देना चाहिए था।” एक अन्य ने कहा, ”एक और वजह है कि मशहूर हस्तियों को इतनी अहमियत नहीं दी जानी चाहिए। इन वैज्ञानिकों को सुरक्षा दीजिए। इन ‘सुपरस्टारों’ को नहीं।” एक यूजर ने कमेंट किया, ”यह काफी दुखद है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि आदिपुरुष एक अच्छा प्रोडक्ट नहीं था।”