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‘तुम्हें तुम्हारे ही मंदिरों में लटका देंगे, जिंदा जला देंगे’: केरल में UCC के विरोध में रैली, INDIA में शामिल मुस्लिम लीग ने दिखाई हिंदू घृणा

केरल में ‘समान नागरिक संहिता (UCC)’ के खिलाफ आयोजित एक रैली में हिन्दू विरोध नारेबाजी की गई है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ की रैली में इस तरह की हरकत की गई। संगठन ने अपने एक नेता के निलंबन का ऐलान किया है। भाजपा ने इस घटना की निंदा की है। कन्हागड़ निवासी अब्दुल सलाम को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। MYL ने अब डैमेज कंट्रोल के लिए बयान जारी करते हुए कहा है कि ये एक अक्षम्य गलती है।

घटना कासरगोड जिले की है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ ने UCC के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया था। इसी में भड़काऊ नारे लगे। बता दें कि ये संगठन IUML का यूथ विंग है। IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) केरल में कॉन्ग्रेस की गठबंधन साझीदार है। वायनाड लोकसभा क्षेत्र से राहुल गाँधी ने जब चुनाव लड़ा था, तब IUML का समर्थन मिला था और इसके हरे रंग के चाँद-तारे वाले झंडों के साथ मुस्लिम कैडर सड़क पर भी उनके समर्थन में उतरे थे। ये राजनीतिक दल विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A’ का भी हिस्सा है।

नारेबाजी के दौरान हिन्दुओं को धमकी दी गई कि उन्हें उनके मंदिरों के सामने ही फाँसी पर लटका दिया जाएगा और फिर ज़िंदा जला दिया जाएगा। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार का ऐसे तत्वों को समर्थन नहीं रहता, तो इस तरह के नारे नहीं लगते। उन्होंने पूछा कि क्या केरल में हिन्दू और ईसाई सुरक्षित हैं? उन्होंने याद दिलाया कि कुछ ही महीनों पहले एक बच्चे ने अपने पिता के कंधे पर चढ़ कर नारा लगाया था कि हिन्दू-ईसाई अपने अंतिम संस्कार की तैयारी कर लें।

अमित मालवीय ने कहा कि केरल अब पूरी तरह कट्टरता की ओर अग्रसर है। ‘तुम्हें तुम्हारी मंदिरों में ही लटका देंगे’ और ‘तुम्हें जला देंगे’ जैसे नारों की निंदा करते हुए केरल भाजपा ने कहा कि राहुल गाँधी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। वहीं विवाद होने के बाद संगठन के जनरल सेक्रेटरी पीके फिरोज ने इसे संगठन की विचारधारा के खिलाफ बताते हुए एक सदस्य के निलंबन की घोषणा की। हालाँकि, रैली में कई लोग भड़काऊ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकते हैं।

फरजाना का झाड़-फूँक करवाने वीरेंद्र के पास ले गए अब्बा, हो गया प्यार: अब सरस्वती बन मंदिर में लिए फेरे, प्रशासन से सुरक्षा की लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से शादी की है। फरजाना नाम की इस युवती ने अपना नया नाम सरस्वती रखा है। उसने वीरेंद्र कश्यप के साथ 25 जुलाई 2023 को एक मंदिर में वैदिक विधि-विधान से शादी की। दोनों के बीच करीब तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। फरजाना ने हिन्दू धर्म अपनाने की कानूनी प्रक्रियाओं को भी शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन से अपनी और अपने पति की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

फरजाना मूल रूप से बरेली के शेरगढ़ थानाक्षेत्र के गाँव गहलुईंया की रहने वाली है। वीरेंद्र कश्यप उसके पड़ोसी गाँव माधोपुर का रहने वाला है। वीरेंद्र झाड़-फूँक का काम करता है। फरजाना को उसके अब्बा उपचार के लिए वीरेंद्र कश्यप के पास ले गए थे। इस दौरान दोनों में प्यार पनप गया। दोनों ने अपने परिवार को भी राजी करने की कोशिश की। लेकिन फरजाना के घर वालों ने उनकी एक न सुनी। उलटे दोनों के मिलने-जुलने पर पाबंदियाँ लगा दी।

22 जुलाई को फरजाना को लेकर वीरेंद्र उसके गाँव से कहीं चला गया। फरजाना के अब्बा ने वीरेंद्र के खिलाफ थाना शेरगढ़ में FIR दर्ज करवाते हुए अपनी बेटी को नाबालिग बताया है। पुलिस ने IPC की धारा 363 व 366 के तहत केस दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है। इस बीच प्रेमी जोड़े ने बरेली के एक मंदिर में विवाह कर लिया।

विवाह के लिए दिए गए शपथ-पत्र में फरजाना ने खुद को बालिग बताया है। अपनी उम्र 23 वर्ष बताते हुए फरजाना ने अपना आधार कार्ड भी अटैच किया है। आधार कार्ड के मुताबिक भी फरजाना का जन्मवर्ष 2000 है। फरजाना ने 32 वर्षीय वीरेंद्र से अपने विवाह को किसी भी प्रकार के दबाव व लालच से मुक्त बताया है। शादी में हिन्दू संगठन के लोग मौजूद थे, जिनसे फरजाना ने खुद को अब से सरस्वती कहने की अपील की। बाद में फरजाना ने एक वीडियो जारी कर अपनी और अपने पति की सुरक्षा की माँग भी की।

‘इतनी तैयारी करो कि साल 2023 में फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने का मौका मिले’: कॉन्ग्रेस पर PM मोदी की कटाक्ष का पुराना वीडियो हो रहा वायरल, विपक्षी ला रहे हैं प्रस्ताव

विपक्षी दलों के गठबंधन ‘I.N.D.I.A.’ ने घोषणा की है कि वह नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। नोटिस सौंपने का फैसला कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) की ऑफिस में विपक्षी दलों की बैठक के दौरान लिया गया।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Choudhary) ने इसकी पुष्टि की है। चौधरी ने इसकी एक न्यूज एजेंसी को जानकारी देते हुए कहा, “विपक्षी दल कल सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएँगे।”

“आज यह निर्णय लिया गया है कि हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव का सहारा लेने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा, क्योंकि सरकार विपक्षी दलों की इस माँग को स्वीकार नहीं कर रही है कि मणिपुर के मुद्दे पर कम-से-कम प्रधानमंत्री को संसद में बयान देना चाहिए। वह (पीएम मोदी) भारत के प्रधानमंत्री के अलावा संसद में हमारे नेता हैं। लेकिन, वह (प्रधानमंत्री) हमारी माँग को अस्वीकार कर रहे हैं।”

चौधरी ने आगे कहा, “यह एक सहज माँग है, फिर भी प्रधानमंत्री हमारी माँग पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसीलिए हमने अविश्वास प्रस्ताव लाने के बारे में सोचा। विपक्ष का मुख्य तर्क है… माना जाता है कि सरकार के खिलाफ लगे आरोपों का जवाब खुद प्रधानमंत्री देंगे। कोई अन्य विकल्प न मिलने पर हम इस संसदीय उपकरण का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं, जिसे अविश्वास प्रस्ताव कहा जाता है।”

उधर, विपक्ष की इस कार्यवाही को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नरेंद्र मोदी सरकार का जमकर बचाव किया। जोशी ने कहा, “लोगों को पीएम मोदी और बीजेपी पर भरोसा है। वे (विपक्षी दल) पिछले कार्यकाल में भी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये थे। इसके बाद देश के लोगों ने उन्हें सबक सिखाया।”

विपक्षी दलों द्वारा एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साल 2019 का एक वीडियो वायरल हो रहा है। पीएम मोदी ने 7 फरवरी 2019 को विपक्षी दलों से कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया था, ताकि वे साल 2023 में वे अविश्वास प्रस्ताव ला सकें।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 1 घंटे 37 मिनट लंबे अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा था, “2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मेरी आवाज का भरपूर गला घोंटने का प्रयास किया गया था। डेढ़-पौने दो घंटे की नारेबाजी के बीच, ईश्वर की कृपा से मैंने अपनी बात देश और दुनिया के सामने रखी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “उस समय मैंने आपको एक शुभकामनाएँ दी थीं। एक बार फिर मैं आपको शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ कि आप इतनी तैयारी करो… इतनी तैयारी करो कि साल 2023 में फिर से आपको अविश्वास प्रस्ताव लाने का मौका मिले।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि कॉन्ग्रेस के अहंकार ने उसे 400 से घटाकर 40 सीटों पर ला दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा के कारण ही भाजपा 2 से वर्तमान स्थिति (प्रचंड बहुमत) तक पहुँचे हैं। इसके बावजूद भी कॉन्ग्रेस गलतफहमी में जी रही है। बताते चलें कि जुलाई 2018 में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।

उन्होंने कहा था, “पहले मुट्ठी भर लोग विशेषाधिकार का आनंद ले रहे थे, वे इसे अपना विशेष अधिकार मानते थे। जब इस विशेषाधिकार को लोगों के जनादेश द्वारा चुनौती दी जाने लगी तो उनकी समस्याएँ बढ़ने लगीं। जब व्यवस्था को प्रभावित करने की परंपरा बंद हो गई तो उन्हें परेशानी होनी ही थी। जब भ्रष्टाचार से आय बंद हो गई तो उनकी बेचैनी बढ़ गई।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन यह कहते हुए समाप्त किया, “मैं एक बार फिर इन महान व्यक्तियों को 2024 में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आमंत्रित करते हुए अपनी बात समाप्त करता हूँ और मैं सदन से इस अविश्वास प्रस्ताव को गिराने का भी आग्रह करता हूँ।”

‘मम्मी मेरे पापा को पैंट खोलकर…’: ‘सुपर डांसर 3’ में जज और बच्चे की ‘चड्डी चर्चा’ पर NCPCR सख्त, अश्लील सवाल-जवाब पर 7 दिन में माँगा जवाब

सोनी पिक्चर्स पर प्रसारित होने वाला डांस रियलिटी शो ‘सुपर डांसर चैप्टर 3’ विवादों में आ गया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क को नोटिस जारी किया है। शो के बाल प्रतिभागी और जजों के बीच ‘अश्लील चर्चा’ पर आपत्ति जताई है। इस क्लिप को हटाने के निर्देश दिए हैं।

NCPCR अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने 25 जुलाई 2023 को चैनल की शिकायत अधिकारी शाइस्ता नकवी को भेजे पत्र में कहा है, “आयोग को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित डांस शो सुपर डांसर चैप्टर 3 का एक वीडियो ट्विटर पर मिला है। इसमें शो के जज नाबालिग बच्चे से उसके माता-पिता के बारे में अश्लीलता से भरे सवाल पूछ रहे हैं। ये सवाल नाबालिग बच्चे से पूछे जाने वाले नहीं थे। ये सवाल बच्चों के लिहाज से अनुचित थे।”

आयोग ने कहा है कि यह किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत प्रावधानों का उल्लंघन है। कंटेंट आयोग के दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन करती है। पत्र में कहा गया है, “इस वीडियो को फौरन हटाएँ। आयोग को बताएँ कि बच्चों के डांस शो में ऐसे अनुचित सवाल क्यों पूछे गए। इस तरह के भद्दे कंटेंट को अपने चैनल पर स्ट्रीम न करें।” आयोग ने 7 दिन के भीतर एक्शन रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

क्या है विवादित कंटेंट में

जिस शार्ट ट्विटर वीडियो का संज्ञान NCPCR ने लिया है उसे @GemsOfBollywood ने 24 जुलाई 2023 (सोमवार) को शेयर किया है। यह वीडियो लगभग 2 मिनट लम्बा है। हैशटैग #BollywoodKiGandagi के साथ इसे शेयर किया गया है।

वीडियो में आपत्तिजनक कंटेंट हैं। दर्शकों को अपने विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।

इस वीडियो में शो के जज शिल्पा शेट्टी, अनुराग बसु और गीता को एक बच्चे के साथ ‘अश्लील चर्चा’ करते और ठहाके लगाते देखा जा सकता है। यह चर्चा चड्डी पर अनुराग बसु के सवाल से शुरू होती है। जब बच्चा मंच पर आता है तो अनुराग बसु उससे पूछते हैं कि उसने लुंगी के अंदर कुछ पहना है या नहीं। बच्चा जवाब में चड्डी बोलता है तो सभी लोग हँसने लगते हैं। इसके बाद बच्चा कहता है उसने वैसी ही चड्डी पहनी जैसे उसके पिता पहनते हैं। इसके बाद बासु उससे कहते हैं कि क्या उसकी चड्डी उसके पिता की चड्डी से अच्छी है। वह पिता की चड्डी को सूँघने और बदबू आने की बात कहता है। इसके बाद शिल्पा शेट्टी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए पूछती है कि वह अपने पिता की चड्डी क्यों सूँघता है। इस दौरान बच्चा यह भी कहता है कि उसकी मम्मी उसके पापा के पैंट खोलकर पिछवाड़े पर मारती है। उससे उसके माता-पिता के किस करने को लेकर भी सवाल पूछे जाते हैं। इसी पूरी चर्चा के दौरान जजों को ठहाके लगाते देखा जा सकता है, जबकि इसे प्रसारित करने से पहले एडिट कर हटाया भी जा सकता था।

वीडियो में आपत्तिजनक कंटेंट हैं। दर्शकों को अपने विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।

फ़िलहाल अभी तक सोनी पिक्चर्स की तरफ से नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया है।

हवनपूजा के साथ PM मोदी ने किया IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, श्रमजीवियों को दिया सम्मान: 123 एकड़ में फैला है, शंख जैसा है आकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस दौरान हवन और पूजा-पाठ के साथ विधिवत हिन्दू परंपराओं के तहत प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रमजीवियों को भी सम्मानित किया। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में नए ‘इंटरनेशनल एक्सहिबिशन कम कन्वेंशन सेंटर (IECC)’ का निर्माण हुआ है। G20 समिट का भी उद्घाटन किया गया है। बुधवार (26 जुलाई, 2023) की सुबह पीएम मोदी यहाँ पहुँचे।

हवन पूजा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो भी सामने आया है। ‘इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO)’ के अंतर्गत ही IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है। इस कॉम्प्लेक्स को 2700 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। पीएम मोदी का लक्ष्य था कि बड़ी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और एक्सहिबिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए विश्व स्तर का एक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, उसी आधार पर इस नए IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है।

प्रगति मैदान में सुविधाएँ अब बीते जमाने की हो गई थीं और नए जमाने की तकनीकों का वहाँ अभाव था। इसीलिए, इसे एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। इसका कैम्पस 123 एकड़ का होगा। ये भारत का सबसे बड़ा ‘MICE (मीटिंग्स, इन्सेन्टिव्स, कॉन्फरेंसेज एवं एक्सहिबिशंस)’ डेस्टिनेशन होगा। विश्व के सबसे उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म्स में इसका स्थान आएगा। ये प्रगति मैदान में मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इसके आर्किटेक्चर की भव्यता पर विशेष ध्यान दिया गया है।

यहाँ एक बड़ा लाउंज भी है। व्यापारिक बैठकों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। जहाँ सुविधाएँ आधुनिक हैं, वहीं आर्किटेक्चर के मामले में भारत कके इतिहास और संस्कृति का ध्यान रखा गया है। इसकी इमारत को शंख का आकार दिया गया है, वहीं इसकी दीवारें ‘सूर्य शक्ति’ (सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का उत्तम प्रदर्शन) का प्रदर्शन करती हैं। भारतीय कलाकृतियों को उकेरा गया है। अंतरिक्ष में भारत की सफलता दिखाने के लिए ‘जीरो टू इसरो’ थीम भी है।

विश्व के निर्माण की सनातन थ्योरी को दिखाने के लिए ‘पंच महाभूत’ को भी दर्शाया गया है। विभिन्न जनजातीय समाज की कलाकृतियों को भी दिखाया गया है। 5G इंटरनेट, 10G इंट्रानेट, 16 कम्प्यूटर भाषाओं में तकनीक, बड़े-बड़े वीडियो वॉल्स के साथ एडवांस AV सिस्टम, एनर्जी-लाइट के लिए अत्याधुनिक सिस्टम और तगड़ा सर्विलांस सिस्टम इसकी पहचान है। इसमें 7 एक्सहिबिशन हॉल्स हैं।

अहमदिया पर अब जमीयत ने उगला जहर, बताया मुस्लिमों का दुश्मन: केंद्र की सख्ती के बाद भी आंध्र वक्फ बोर्ड के ‘फतवा’ का किया समर्थन

केंद्र की मोदी सरकार की सख्ती के बावजूद जमीयत उलेमा हिंद ने आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के उस फतवा का समर्थन किया है, जिसमें अहमदिया समाज को ‘गैर मुस्लिम’ और ‘काफिर’ घोषित किया गया है। जमीयत ने अहमदिया समाज को मुस्लिमों का दुश्मन और गैर इस्लामी बताया है।

जमीयत ने 25 जुलाई 2023 को इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया है। इसमें कहा है कि वक्फ बोर्ड की स्थापना मुस्लिमों की वक्फ संपत्तियों और उनके हितों के संरक्षण के लिए की गई है। जो समुदाय मुस्लिम नहीं हैं उसकी संपत्तियाँ और इबादत के स्थान बोर्ड के दायरे में नहीं आते हैं। ऐसे में इस मामले में केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री का एक अलग दृष्टिकोण पर जोर देना अनुचित और अतार्किक है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश सरकार को लिखे पत्र में कहा था कि वक्फ बोर्ड के पास अहमदिया सहित किसी भी समुदाय की धार्मिक पहचान निर्धारित करने का अधिकार नहीं है। वक्फ अधिनियम 1995 के तहत बोर्ड को भारत में वक्फ संपत्तियों की देखरेख और उनका मैनेजमेंट का अधिकार है। राज्य वक्फ बोर्ड को किसी समुदाय के खिलाफ आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है।

जमीयत ने आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के फतवे को उम्मत की राय बताई है। कहा है कि इस्लाम दो बुनियादी मान्यताओं पर आधारित है। पहला, तौहीद यानी अल्लाह एक हैं और दूसरा, रिसालत यानी पैगंबर मुहम्मद अंतिम नबी हैं। ये दोनों मान्यताएँ इस्लाम के पाँच बुनियादी स्तंभों के अभिन्न अंग हैं। लेकिन मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी का मत इसके बिल्कुल उलट है। इस्लाम की बुनियादी मान्यताओं के खिलाफ है।

जमीयत ने कहा है कि ऐसे समुदाय को इस्लाम में शामिल करने का कोई आधार और औचित्य नहीं है। आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के फैसले से मुस्लिम समाज के सभी तबके एकजुट हैं। जमीयत ने 10 अप्रैल 1974 को आयोजित इस्लामी संगठन राब्ता आलम-ए-इस्लामी (मुस्लिम वर्ल्ड लीग) के सम्मेलन का भी हवाला दिया है। तब 110 देशों से आए मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों ने अहमदिया समुदाय को इस्लाम से बाहर बताते हुए मुसलमानों का दुश्मन घोषित किया था।

जमीयत उलेमा के इस प्रस्ताव पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के एक अधिकारी का बयान आया है। TOI से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि इससे लगता है कि आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड भारत की संसद के बजाय जमीयत उलेमा के आधीन काम करता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड के पास ये अधिकार नहीं है कि वो किसी को मुस्लिम या गैर मुस्लिम घोषित करें।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड फतवे पर केंद्र की मोदी सरकार ने सख्त नाराजगी जताई थी। इस फतवे के जरिए अहमदिया समाज को ‘गैर मुस्लिम’ और ‘काफिर’ घोषित किया गया था। केंद्र ने इसे घृणा फैलाने वाली हरकत बताते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि किस ‘आधार’ और ‘अधिकार’ से यह फतवा जारी किया गया है। अहमदिया मुस्लिमों ने इसके खिलाफ केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय से शिकायत की थी।

इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2012 में हुई। आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड ने अहमदिया को गैर-मुस्लिम घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। वक्फ बोर्ड के इस फैसले को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। बावजूद आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड ने इसी साल फरवरी में एक और प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में कहा गया कि 26 मई, 2009 को जमीयत उलेमा द्वारा जारी किए फतवे को देखते हुए ‘कादियानी समुदाय’ को ‘काफिर’ घोषित किया जाता है। ये मुस्लिम नहीं हैं। बता दें कि अहमदिया मुस्लिमों को कादियानी भी कहा जाता है।

पंजाब के लुधियाना जिले के कादियान गाँव में मिर्जा गुलाम अहमद ने साल 1889 में अहमदिया समुदाय की शुरुआत की। मिर्जा गुलाम अहमद खुद को पैगंबर मोहम्‍मद का अनुयायी और अल्‍लाह की ओर से चुना गया मसीहा बताते थे। मिर्जा गुलाम अहमद ने इस्लाम के अंदर पुनरुत्थान की शुरूआत की थी। इसे अहमदी आंदोलन और इससे जुड़े मुस्लिमों को अहमदिया बोला गया। अहमदिया मुस्लिम गुलाम अहमद को पैगंबर मोहम्मद के बाद का एक और पैगंबर या आखिरी पैगंबर मानते हैं। इसी कारण अन्य मुस्लिम उनका विरोध करते हैं। चूँकि गुलाम अहमद कादियान गाँव से थे। इसलिए अहमदिया मुस्लिमों को कादियानी भी कहा जाता है।

ब्रिटेन में शरिया लाएँगे, बकिंघम पैलेस को मस्जिद बनाएँगे… मौलाना पर आतंक के 3 केस, हिंदुओं के खिलाफ उगलता रहता है जहर

कट्टरपंथी मौलाना अंजेम चौधरी पर ब्रिटेन में आतंकवाद के तीन मामले दर्ज किए गए हैं। पाकिस्तानी मूल का 56 वर्षीय ब्रिटिश मौलाना पिछले सप्ताह लंदन में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया है कि उस पर एक प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता लेने, एक आतंकवादी संगठन को निर्देश देने और एक प्रतिबंधित संगठन के लिए समर्थन जुटाने को लेकर बैठकों को संबोधित करने का आरोप लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 56 वर्षीय मौलाना अंजेम चौधरी को ब्रिटिश पुलिस ने 17 जुलाई को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद 24 जुलाई को अदालत में पेश किया गया। अंजेम चौधरी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-मुहाजिरौन का पूर्व प्रमुख है। इस संगठन को 2006 में ब्रिटिश सरकार ने प्रतिबंधित किया था। चौधरी इंग्लैंड में रहने वाले हिन्दुओं के खिलाफ नफरत भरे बयान दे कर लोगों को भड़काता रहता है। वह ब्रिटेन में खलीफा का शासन लागू करना चाहता था। ब्रिटिश शाही परिवार के आधिकारिक निवास बकिंघम पैलेस को मस्जिद में बदलने की बात भी वह कर चुका है।

पुलिस के मुताबिक अंजेम चौधरी ने अमेरिका पर हुए 9/11 के हमले में शामिल आतंकियों की तारीफ की थी। ब्रिटिश अभियोजन ने अदालत में यह भी बताया कि अंजेम चौधरी ने छोटे-छोटे समूहों को ऑनलाइन कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया और मुस्लिमों को अल-मुहाजिरौन में भर्ती होने के लिए उकसाया। वह जून 2022 से लगातार साप्ताहिक लेक्चर दे रहा था। इसमें वह इंग्लैंड को एक इस्लामिक मुल्क बनाने के लिए मुस्लिमों को उकसा रहा था।

पुलिस ने अंजेम चौधरी के साथ खालिद हुसैन नाम के एक अन्य आतंकी को भी कोर्ट में पेश किया था। 28 वर्षीय खालिद हुसैन पर भी अल-मुहाजिरौन का सदस्य होने का आरोप है। खालिद हुसैन मूल रूप से कनाडा का रहने वाला है। उसे भी 17 जुलाई को लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। खालिद और अंजेम चौधरी पर एक साथ ऑनलाइन काम करने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप है। दावा किया जा रहा है कि अदालत की 23 मिनट की सुनवाई में अंजेम चौधरी ज्यादातर खामोश ही रहा। उसने सिर्फ अपना परिचय बताने के लिए मुँह खोला था। कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त 2023 की तारीख तय की है।

अंजेम चौधरी कभी ब्रिटेन का सबसे हाई प्रोफाइल इस्लामी ‘उपदेशक’ माना जाता था। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) का समर्थन करने के लिए मुस्लिमों को प्रोत्साहित करने पर उसे 2016 में ब्रिटेन में कैद किया गया था। 2018 में उसकी रिहाई हुई थी। उस पर सार्वजनिक संबोधनों को लेकर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन कुछ समय शांत रहने के बाद वह फिर से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया।

‘अब वो हमारे लिए मर गई’: पाकिस्तान में नसरुल्लाह से निकाह की खबरों पर बोले अंजू के पिता – उससे अब कोई लेना-देना नहीं, नहीं बुलाना चाहता

अपने फेसबुक प्रेमी से मिलने बॉर्डर पार कर पाकिस्तान गई अंजू के नसरुल्लाह से निकाह खबरें तेजी से वायरल हो रहीं हैं। नसरुल्लाह के साथ अंजू के वीडियो भी सामने आए हैं। इन तमाम बातों के बीच अंजू के पिता का कहना है कि वह उनके लिए मर चुकी है। पाकिस्तान जाने से पहले उसने यह नहीं सोचा कि उसके दो बच्चे हैं उन्हें कौन पालेगा।

अंजू के निकाह की खबरों को लेकर उसके पिता गया प्रसाद का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं अंजू के इस्लाम कबूल करने और अपना नाम फातिमा रखने को लेकर अंजू के पिता साफ तौर पर कहा है कि उन्हें अब उससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा है कि अंजू का उनके घर ज्यादा आना-जाना नहीं होता था। कभी-कभार शादी या किसी कार्यक्रम में ही वह आती थी। वे भी उसके घर नहीं जाते थे।

यही नहीं, अंजू के पिता का कहना है कि साल में 1-2 बार ही उससे बात होती थी। वह भी उसकी माँ से ही बात करती थी। वह अंजू से बात नहीं करते थे। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि अंजू के वीजा बनवाने और पाकिस्तान जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं थी। जो लड़की घर से बाहर चली गई, वह उनके लिए मर गई। पाकिस्तान जाने के सवाल पर अंजू के पिता गया प्रसाद ने भड़कते हुए कहा है वह उसके दिमाग के बारे में क्या जानेगें? उनकी अंजू से एक साल से बातचीत नहीं हुई थी।

गया प्रसाद ने आगे कहा है कि वह इस तरह से कदम उठाकर घर से चली गई है। इसलिए उनका अब अंजू से कोई लेना-देना नहीं है। उसके पति को तो छोड़िए ही जो अपने बच्चों को छोड़ कर चली गई उससे हमारा रिश्ता अब खत्म हो गया है। उसे अपने बच्चों का ख्याल नहीं आया। अगर उसको ऐसा ही करना था तो पहले यहाँ तलाक देती फिर वहाँ जाती। अब उसके पति की भी जिंदगी खराब। उसके दो बच्चे हैं – 14 साल की बेटी है 5 साल का लड़का है उसको कौन पालेगा? उन्होंने यह भी कहा है कि अब वह उसे भारत वापस नहीं बुलाना चाहते। उसे वहीं मरने देना चाहिए।

अंजू ने फातिमा बन नसरुल्लाह से किया निकाह?

पाकिस्तानी चैनल जिओ टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अंजू ने दीर के रहने वाले नसरुल्लाह से कोर्ट में निकाह कर लिया है। मलकंद डिवीजन के उप महानिरीक्षक नासिर महमूद सत्ती के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है। बताया गया है कि अंजू ने इस्लाम कबूल कर अपना नाम फातिमा रखा है। पुलिस सुरक्षा में दोनों को कोर्ट से घर भेजा गया है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने 164 के तहत बयान भी दर्ज कराया है। अंजू ने कोर्ट को बताया कि वह अपनी मर्जी से पाकिस्तान आई है और यहाँ बहुत खुश है।

सोशल मीडिया में एक वीडियो भी वायरल है। यह निकाह से पहले प्री वेडिंग शूट का बताया जा रहा है। इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे घूमते दिख रहे हैं। वैसे आज तक से बातचीत में नसरुल्लाह ने निकाह से इनकार किया है। उसने कहा है, “झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। मेरा निकाह नहीं हुआ है। हम सिर्फ कोर्ट में असिस्टेंट जज के सामने पेश हुए हैं। हमें सरकार ने 50 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दी है, क्योंकि अंजू विदेशी है।” जज के सामने पेशी की वजह उसने ‘सुरक्षा’ बताई है। कहा है कि उनकी जान को खतरा है। अंजू के विदेशी होने के कारण उन पर कभी भी हमला हो सकता है। उसने अंजू के इस्लाम कबूलने और सोशल मीडिया में वायरल निकाहनामे को भी झूठा बताया है।

इससे पहले बीबीसी से बातचीत में अंजू ने इस्लाम कबूलने से इनकार किया था। उसने कहा था कि वह धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहती है। उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव भी नहीं है। साथ ही उसने कहा था कि भारत लौटने से पहले वह नसरुल्लाह से सगाई कर सकती है। गौरतलब है कि राजस्थान के भिवाड़ी में अपने पति और बच्चों के साथ रहने वाली 34 साल की अंजू 21 जुलाई 2023 को जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकली और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के दीर बाला पहुँच गई। यहाँ वह नसरुल्लाह के घर में ठहरी हुई है। उसे ‘भारत की सीमा हैदर’ कहा जा रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए अंजू ने कहा था कि सीमा हैदर से उसकी तुलना गलत है। वह 2-4 दिन में ही वापस आ जाएगी। उसने यह भी कहा था कि वह बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए पति के साथ रह रही थी। लेकिन भारत वापस आने के बाद बच्चों को लेकर पति से अलग हो जाएगी। इसके अलावा अंजू ने एक वीडियो जारी कर अपने रिश्तेदारों और बच्चों को परेशान न करने की रिक्वेस्ट भी की थी।

कप्तान हरमनप्रीत कौर पर लगा 2 मैच का बैन, 75% मैच फी का जुर्माना भी: अंपायरों से ले लिया था पंगा, स्वीकार की गलती

बांग्लादेश के खिलाफ हुए आखिरी वनडे मैच में अपने व्यवहार को लेकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरमनप्रीत कौर पर 2 मैचों का बैन लगा दिया। इसके साथ ही उन्हें मैच फीस का 75% बतौर जुर्माना भरना होगा।

आईसीसी ने हरप्रीत कौर को यह सजा 2 अलग-अलग मामलों में दी है। हालाँकि दोनों ही मामले बांग्लादेश के खिलाफ हुए तीसरे और आखिर वनडे मैच से जुड़े हुए हैं। 22 जुलाई 2023 को हुए इस मैच के 34वें ओवर में हरमनप्रीत कौर नाहिदा अख्तर की गेंद पर आउट कर दीं गई थीं। नाहिदा की गेंद हरमनप्रीत कौर स्वीप शॉट खेलने गईं थीं। गेंद हवा में उठी और स्लिप पर खड़ी फील्डर के हाथों में चली गई।

इस पर बांगलादेशी खिलाड़ियों ने अपील की और अंपायर ने उन्हें कैच आउट करार दिया। अंपायर के इस फैसले से हरमनप्रीत कौर खुश नजर नहीं आईं। पहले तो उन्होंने अपना बैट विकेट पर मारा। फिर पवेलियन लौटते हुए अंपायर पर भी कमेंट्स कर दिए। इसको लेकर ICC ने हरमनप्रीत कौर को लेवल 2 का दोषी माना। यही नहीं उन्हें आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का भी दोषी पाया गया। यह अनुच्छेद अंपायर के फैसले पर असहमति दिखाने से संबंधित है। ऐसे में आईसीसी ने हरमनप्रीत कौर पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना ठोंका है। साथ ही उनके खाते में 3 डिमेरिट अंक भी जोड़े हैं।

वहीं दूसरा मामला अंतरराष्ट्रीय मैच में हुई घटना की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने से जुड़ा हुआ है। दरअसल, मैच खत्म होने के बाद हरमनप्रीत कौर ने अंपायरिंग पर हैरानी जताते हुए कहा था कि अगली बार जब वह बांग्लादेश आएँगी तो इस तरह की अंपायरिंग से निपटने के लिए तैयार रहेंगीं। यही नहीं, जब दोनों टीम के खिलाड़ी फोटो शूट करा रहे थे तब हरमनप्रीत कौर ने बांग्लादेशी कप्तान पर ताना मारा। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि फोटो खिंचाने के लिए अंपायर्स को भी ले आओ। वह भी बांग्लादेश क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। इस मामले में ICC ने उन्हें लेवल 1 का दोषी पाया है। इसके तहत हरमनप्रीत कौर को मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना भरना होगा।

आईसीसी का कहना है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इसलिए इस मामले में किसी प्रकार की सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। बता दें कि हरमनप्रीत कौर ऐसी पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन्हें लेवल 2 का दोषी पाया गया है।

बता दें कि आईसीसी की आचार संहिता के लेवल 2 के उल्लंघन करने पर खिलाड़ी को सजा तौर के तौर मैच फीस का 50 से 100 प्रतिशत तक जुर्माना भरना होता है। साथ ही उसके रिकॉर्ड में 3 या 4 डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिए जाते हैं। वहीं, लेवल 1 के उल्लंघन पर फटकार, मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइन्ट जुड़ते हैं। हालाँकि जब किसी खिलाड़ी के रिकॉर्ड पर 24 महीने के भीतर 4 या इससे अधिक डिमेरिट पॉइंट जुड़ते हैं तो इसका सीधा मतलब है कि खिलाड़ी को उतने ही मैच का बैन झेलना होगा।

‘OMG 2 को सेंसर बोर्ड से A सर्टिफिकेट, वो भी 20 कट्स के साथ’: रिपोर्ट; फिल्म का रिलीज टलने की भी चर्चा, लोग पूछ रहे – आखिर गड़बड़ क्या है?

अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘OMG 2’ को लेकर सेंसर बोर्ड एकदम फूँक-फूँक कर कदम रख रहा है, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि फिल्म में ऐसा क्या विवादास्पद है जिसके कारण ये नौबत आ गई है? CBFC की रिवाइजिंग कमिटी ने इस फिल्म को देखा है और स्क्रीनिंग में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी खुद मौजूद थे। बताया जा रहा है कि फिल्म में 20 कट्स के सुझाव दिए गए हैं और साथ ही इसे ‘A’, यानी एडल्ट वाला सर्टिफिकेट देने की पेशकश की गई है।

अगर ऐसा होता है तो 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सिनेमा हॉल में जाकर इस फिल्म को नहीं देख पाएँगे। ‘ETimes’ ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बताया है कि अब तक फिल्म के निर्माताओं को इस संबंध में ‘शो कॉज नोटिस’ नहीं भेजी गई है। बता दें कि फिल्म को 11 अगस्त को रिलीज किया जाना है, ‘ग़दर 2’ के लिए इसे क्लैश कराया जाने वाला है, लेकिन CBFC वाली स्क्रीनिंग के बाद फिल्म का जो गाना रिलीज हुआ उसमें से फिल्म की रिलीज डेट ही गायब है।

अक्षय कुमार फ़िलहाल देश से बाहर हैं। फिल्म की रिलीज को अब मात्र 16 दिन ही बचे हुए हैं। बताया जा रहा है कि अब निर्माता-निर्देशक रिलीज डेट को लेकर अक्षय कुमार की सहमति से दूरी तारीख़ पर निर्णय लेंगे। इस विवाद के कारण फिल्म ‘OMG 2’ के प्रोमोशंस पर भी असर पड़ा है। न तो सेंसर बोर्ड और न ही फिल्म के निर्माताओं की तरफ से इस संबंध में कुछ भी कहा गया है। अमित राय ने इस फिल्म का निर्देशन किया है, जिसमें पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम भी हैं।

मीडिया ने जब सेंसर बोर्ड से संपर्क किया तो गोपनीयता का हवाला देते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया गया। फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर चंद्रप्रकाश द्विवेदी भी फ़िलहाल लंदन में हैं। निर्माताओं का कहना है कि ट्रेलर रिलीज के लिए कम से कम 10 दिन का समय चाहिए। मीडिया में कहा जा रहा है कि अक्षय कुमार अपने संपर्कों के जरिए पूरी कोशिश कर रहे हैं कि तय तारीख़ पर फिल्म रिलीज हो। वहीं सेंसर बोर्ड ‘आदिपुरुष’ के बाद हुई आलोचना के कारण अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहता।

फिल्म के एक अन्य अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से अपील की है कि वो जो भी देख-सुन या पढ़ रहे हैं इस फिल्म के बारे में उस पर यकीन न करें। ‘OMG 2’ के अभिनेता ने कहा कि काफी अफवाहें फ़ैल रही हैं, लेकिन फिल्म की रिलीज के साथ ही सच्चाई सामने आ जाएगी। अब देखना ये है कि ‘OMG 2’ का ट्रेलर कब आता है और उसमें फिल्म की रिलीज डेट क्या रहती है।