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‘ये बनेगा कॉन्फ्रेंस टूरिज्म का माध्यम, कारीगरों-बुनकरों-कलाकारों को मिलेगा मंच’: PM मोदी ने ‘भारत मंडपम’ का किया उद्घाटन, आमिर खान भी रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भव्य और विशाल ‘भारत मंडपम’ के उद्घाटन के दौरान कहा कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। समारोह में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि ‘भारत मंडपम’ देखकर हर भारतीय आनंदित है, गौरव से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि ये भारत के सामर्थ्य और नई ऊर्जा का आह्वान है। उन्होंने इसे भारत की भव्यता और इच्छाशक्ति का दर्शन करार दिया।

देश के कॉन्फ्रेंस टूरिज्म का हब बनेगा ‘भारत मंडपम’

पीएम मोदी इस दौरान मजदूरों को सम्मान देना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि ‘भारत मंडपम’ के निर्माण से जुड़े हर श्रमिक भाई-बहन की मेहनत देख, पूरा भारत विस्मित है, चकित है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे जब कोरोना महामारी के दौर में सारे काम रुके हुए थे, तब हमारे श्रमजीवियों ने दिन-रात मेहनत कर के इसका निर्माण पूरा किया है। उन्होंने इसके लिए हर श्रमिक का अभिनंदन किया। वहीं कारगिल युद्ध में अपना बलिदान देने वाले प्रत्येक वीर को भी उन्होंने कृतज्ञ राष्ट्र की तरफ से ‘विजय दिवस’ पर श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने याद किया कि कैसे माँ भारती के बेटे-बेटियों ने अपने पराक्रम से देश के दुश्मनों द्वारा दिखाए गए दुस्साहस को परास्त कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हम आज़ादी के 75 वर्ष होने पर अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो ये ‘भारत मंडपम’ हम भारतीयों द्वारा अपने लोकतंत्र को दिया एक खूबसूरत उपहार है। उन्होंने कहा कि इस नाम के पीछे भगवान बशवेश्वर के ‘अनुभव मंडपम’ की प्रेरणा है। उन्होंने समझाया कि ये वाद-विवाद की एक लोकतांत्रिक पद्धति है, जिसका अर्थ है – अभिव्यक्ति या अभिमत।

पीएम मोदी ने कहा, “आज दुनिया ये स्वीकार कर रही है कि भारत लोकतंत्र की जननी है। तमिलनाडु के उत्तरामेरूर में मिले शिलालेखों से लेकर वैशाली तक, भारत का जीवंत लोकतंत्र सदियों से हमारा गौरव रहा है। 21वीं सदी के भारत में हमें 21वीं सदी की आवश्यकताओं को पूरा करने वाला निर्माण करना ही होगा। ‘भारत मंडपम’ देश-विदेश के बड़े एक्सहिबिटर्स की मदद करेगा। ये देश में कॉन्फ्रेंस टूरिज्म का एक बड़ा जरिया बनेगा। ये हमारे स्टार्टअप्स की शक्ति के शो-केस का माध्यम बनेगा।”

साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी कि ‘भारत मंडपम’ हमारे सिनेमा जगत और कलाकारों के परफॉर्मेंस का साक्षी भी बनेगा। ये हस्तशिल्पियों, कारीगरों-बुनकरों और परिश्रम को प्लेटफॉर्म भी देगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि ये आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का भी प्रतिबिंब बनेगा। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि कोई भी देश हो, कोई भी समाज हो, वो टुकड़ों में सोचकर, टुकड़ों में काम करके आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने कहा कि विकसित होने के लिए बड़ा सोचना होगा, बड़े सपने सोचने होंगे।

प्रगति मैदान की बदल गई तस्वीर, IECC सेंटर का उद्घाटन

बता दें कि इससे पहले हवन और पूजा-पाठ के साथ विधिवत हिन्दू परंपराओं के तहत प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रमजीवियों को भी सम्मानित किया। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में नए ‘इंटरनेशनल एक्सहिबिशन कम कन्वेंशन सेंटर (IECC)’ का निर्माण हुआ है। G20 समिट का भी उद्घाटन किया गया है। बुधवार (26 जुलाई, 2023) की सुबह पीएम मोदी यहाँ पहुँचे।

हवन पूजा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो भी सामने आया है। ‘इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO)’ के अंतर्गत ही IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है। इस कॉम्प्लेक्स को 2700 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। पीएम मोदी का लक्ष्य था कि बड़ी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और एक्सहिबिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए विश्व स्तर का एक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, उसी आधार पर इस नए IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है।

प्रगति मैदान में सुविधाएँ अब बीते जमाने की हो गई थीं और नए जमाने की तकनीकों का वहाँ अभाव था। इसीलिए, इसे एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। इसका कैम्पस 123 एकड़ का होगा। ये भारत का सबसे बड़ा ‘MICE (मीटिंग्स, इन्सेन्टिव्स, कॉन्फरेंसेज एवं एक्सहिबिशंस)’ डेस्टिनेशन होगा। विश्व के सबसे उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म्स में इसका स्थान आएगा। ये प्रगति मैदान में मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इसके आर्किटेक्चर की भव्यता पर विशेष ध्यान दिया गया है।

यहाँ एक बड़ा लाउंज भी है। व्यापारिक बैठकों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। जहाँ सुविधाएँ आधुनिक हैं, वहीं आर्किटेक्चर के मामले में भारत कके इतिहास और संस्कृति का ध्यान रखा गया है। इसकी इमारत को शंख का आकार दिया गया है, वहीं इसकी दीवारें ‘सूर्य शक्ति’ (सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का उत्तम प्रदर्शन) का प्रदर्शन करती हैं। भारतीय कलाकृतियों को उकेरा गया है। अंतरिक्ष में भारत की सफलता दिखाने के लिए ‘जीरो टू इसरो’ थीम भी है।

विश्व के निर्माण की सनातन थ्योरी को दिखाने के लिए ‘पंच महाभूत’ को भी दर्शाया गया है। विभिन्न जनजातीय समाज की कलाकृतियों को भी दिखाया गया है। 5G इंटरनेट, 10G इंट्रानेट, 16 कम्प्यूटर भाषाओं में तकनीक, बड़े-बड़े वीडियो वॉल्स के साथ एडवांस AV सिस्टम, एनर्जी-लाइट के लिए अत्याधुनिक सिस्टम और तगड़ा सर्विलांस सिस्टम इसकी पहचान है। इसमें 7 एक्सहिबिशन हॉल्स हैं।

‘गाँव में आएँ पुलिस वाले तो उनके हाथ-पैर तोड़ कर छिद्दी-छिद्दी कर दो’: हरियाणा के मेवात से जुटी भीड़ का ऐलान, कॉन्ग्रेस नेता आफताब अहमद भी सक्रिय

सोशल मीडिया पर हरियाणा के फरीदाबाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मुस्लिमों की भीड़ में से एक व्यक्ति पुलिस वालों के हाथ-पैर तोड़ देने के लिए बाकी लोगों को उकसा रहा है। लगभग 3 मिनट लम्बे इस वीडियो में भड़काऊ बयान दे रहे व्यक्ति ने किसी से भी न डरने और पुलिस वालों को अपने हवाले करने जैसी बातें कहीं। यह वीडियो मंगलवार (25 जुलाई, 2023) को DTV न्यूज़ ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

भड़काऊ बयान देने वाले व्यक्ति का नाम जाबिर घाटमिका बताया जा रहा है जो मूल रूप से हरियाणा के मेवात का रहने वाला है। वीडियो की शुरुआत में जाबिर ने खुद को किसी से भी न डरने वाला बताते हुए खट्टर सरकार को गोली मारने की चुनौती दी। नेताओं से कोई मतलब न होने की बात कहते हुए जाबिर ने आगे कहा, “मैं जनता से कह रहा हूँ। अगर CIA पुलिस किसी गाँव में बिना इन्फॉर्मेशन के घुसे, आपका मुकामी थाना न रहे। हाथ-पैर तोड़ दो। छिद्दी-छिद्दी कर दो। क्योंकि सेल्फ डिफेन्स के लिए धारा है। कह देना साहब कि गुंडे हैं हमें क्या पता। स्टार थोड़ी लग रही है। माथे पर थोड़े लिखा है। ये हमारी रक्षा करने के लिए आए हैं? क्योंकि ये आतंकी बन चुके हैं मेरे भाई।”

इसी वीडियो के एक अन्य हिस्से में जाबिर ने पुलिस कस्टडी में मेवातियों की लगातार मौतों का आरोप लगाया। सुरक्षा के लिए तैनात जवानों पर सवाल उठाते हुए जाबिर ने वापस लौटने की शर्त पुलिस वालों पर FIR दर्ज करना बताया। जाबिर ने आगे कहा, “नहीं तो जिन पुलिस वालों ने इसे जान से मारा है अगर आपको पता है कि 2 ने मारा है तो उन्हें पकड़ कर हमें दे दीजिए। हम भी उनको मार देते हैं। हम भी मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे। कह देंगे कि अटैक से मर गया।”

जाबिर ने यह भी कहा कि न तो उन्हें नौकरियों की जरूरत है और न ही पैसे ही। माँग के तौर पर भीड़ ने ‘302 के मुल्जिम’ (हत्या आरोपित) की डिमांड की। जाबिर ने इसी वीडियो में देश के अंदर मेवातियों की संख्या पौने 3 करोड़ बताई।

ऑपइंडिया से बात करते हुए हरियाणा में हिन्दू संगठन के पदाधिकारी बिट्टू बजरंगी ने बताया कि यह वीडियो 25 जुलाई (मंगलवार) का है। साथ ही उन्होंने वीडियो की जगह के तौर पर फरीदाबाद के सरकारी बी के अस्पताल का नाम लिया। बिट्टू बजरंगी ने भड़काऊ बयान दे रहे जाबिर को मूल रूप से मेवात का रहने वाला और कुछ समय पहले जुनैद-नासिर केस (मुस्लिमों को जलाने का आरोप लगा कर हिन्दुओं के खिलाफ घृणा भड़काई गई थी) में भी सक्रिय बताया।

बिट्टू बजरंगी ने इस बयान पर जाबिर के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, जाबिर इसी माह धारा 307 के अपराध में जेल से जमानत पर बाहर आया है।

जाबिर घाटमिका मोनू मानेसर के खिलाफ धरना देता हुआ

क्या है पूरा मामला

यह पूरा मामला मेवात के रहने वाले शेकुल खान नाम के व्यक्ति की मौत से जुड़ा हुआ है। हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता सूबे सिंह के मुताबिक, 13 जुलाई 2023 को फरीदाबाद में दर्ज साइबर ठगी की जाँच के दौरान हरियाणा पुलिस ने अलीगढ़ से 4 आरोपित पकड़े थे। चारों ने पूछताछ में शेक़ुल खान का भी नाम लिया था जिसे 20 जुलाई, 2023 को गिरफ्तार किया था। 21 जुलाई को पुलिस ने शेकुल खान को कोर्ट में पेश कर के 10 दिनों का कस्टडी रिमांड लिया था।

इसी दिन 21 जुलाई को शेकुल ने खुद को साँस लेने में दिक्कत और कमजोरी की शिकायत की जिसके बाद उसे पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, 21 जुलाई को ही अस्पताल में आरोपित को दवा दी गई और फिर से उसे पुलिस वापस अपने साथ ले आई। 22 जुलाई को भी शेकुल को साँस लेने में दिक्कत आई थी जिसका अस्पताल से इलाज करवा कर फिर वापस थाने लाया गया था। 23 जुलाई को शेकुल को फिर साँस लेने में आ रही दिक्कत के चलते अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

आरोपित की मौत के बाद तमाम कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के साथ केस की मजिस्ट्रेट द्वारा जाँच भी करवाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम भी जज की निगरानी में होगा।

पुलिस वालों पर हत्या की FIR

फ़िलहाल 24 जुलाई, 2023 को मृतक के परिजन साबिर नाम के व्यक्ति की शिकायत पर पुलिसकर्मियों पर IPC की धारा 302 और 34 के तहत FIR भी दर्ज कर ली गई है। एक पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर भी कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।

FIR कॉपी

कॉन्ग्रेस द्वारा आंदोलन का एलान

इस मामले में राजनेता भी मैदान में कूद पड़े हैं। हरियाणा के नूह से कॉन्ग्रेस विधायक आफ़ताब अहमद खान ने शुरू से ही शेकुल खान की मौत केस में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार रखा।

उन्होंने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने की दशा में सड़क से विधानसभा तक आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

बिजली माँग रहे थे लोग, बिहार पुलिस की गोली से प्रदर्शनकारी की मौत: 2 की हालत नाजुक, भाजपा ने नीतीश कुमार को बताया ‘जनरल डायर’

RJD और JDU गठबंधन वाली बिहार की नीतीश कुमार सरकार की खीझ बीत रहे हर एक दिन के साथ बढ़ती जा रही है। परीक्षार्थियों और शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बाद अब बिजली कटौती को रोकने की माँग कर रहे लोगों पर आफत बनकर टूट पड़ी। कटिहार में पुलिस की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस घटना के बाद भाजपा ने नीतीश कुमार की तुलना जनरल डायर से की है।

दरअसल, भीषण गर्मी में बिजली कटौती से परेशान कटिहार के लोग बिजली विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। बिजली कटौती के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क जाम कर रखा था। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की, जिसमें 5 लोगों को गोली लगी है। इसमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने एक की मौत की पुष्टि की है। मृतक का नाम बासल गाँव निवासी 34 वर्षीय खुर्शीद आलम (34) है। वहीं, बारसोई के चापाखोड़ पंचायत निवासी नियाज आलम (32) की हालत नाजुक है।

कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल में बुधवार (26 जुलाई 2023) की दोपहर स्थानीय लोग बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव करने पहुँचे। इस दौरान लोगों ने प्राणपुर के बस्तौल चौक और बारसोई प्रखंड मुख्यालय का मेन रोड जाम कर दिया और प्रदर्शन किया।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पुलिस पहुँची। पुलिस को देखते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव कर दिए। इसके बाद पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी। कहा जा रहा है कि इसी फायरिंग में खुर्शीद की मौत हुई है।

फायरिंग में मौत क बाद बिहार की राजनीति गर्मा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना अंग्रेजी हुकूमत के दौरान जालियाँवाला बाग नरसंहार को अंजाम देने वाले जनरल डायर से की।

शहजाद ने कहा, “बिहार के जनरल डायर ने कटिहार में बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलवा दीं। एक की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल हैं। बिहार में युवा, किसान, शिक्षक, आम आदमी… जो भी अपना अधिकार माँगता है, उसे लाठियाँ या गोली मिलती है।”

सीएम नीतीश कुमार को तानाशाह बताते हुए भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, “हाल ही में एक भाजपा नेता को भी पीटा गया और उनकी मृत्यु हो गई! यह जनरल नीतीश डायर और उनकी तानाशाही सरकार का असली चेहरा है। यह लोकतंत्र का बचाव है या लोकतंत्र की हत्या? क्या यह I.N.D.I.A के लोकतंत्र का यही विचार है? बंगाल से बिहार तक – गोली, बम, विस्फोट?”

कटिहार जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि फायरिंग कैसे हुई, इसका आदेश किसने दिया… इसकी जाँच कराई जाएगी। वहीं, इस मामले पर बिहार पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

अपने कई ट्वीट में बिहार पुलिस ने कहा, “बिजली विभाग के कार्यालय पर लगभग एक हजार की संख्या में स्थानीय नागरिकों के द्वारा उग्र प्रदर्शन किया गया। उग्र प्रदर्शन के क्रम में भीड़ में सम्मिलित असामाजिक तत्वों के द्वारा बिजलीकर्मियों पर हमला कर दिया गया। सूचना पर विधि व्यवस्था संधारण हेतु बिजली विभाग के कार्यालय पर पहुँची।”

पुलिस ने आगे कहा, पुलिस टीम पर भी उग्र असामाजिक तत्वों के द्वारा लाठी-डण्डा, ईंट तथा पत्थर से जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के द्वारा उपद्रवियों को सर्वप्रथम चेतावनी दी गयी। चेतावनी नहीं मानने पर सीमित बल प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, किन्तु भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तथा हमला करती रही। अनियंत्रित भीड़ के हमलावर होने तथा नियंत्रित नहीं होने की स्थिति में पुलिस बल के द्वारा बिजली कर्मियों के प्राण रक्षा हेतु एवं आत्मरक्षार्थ नियंत्रित एवं सीमित फायरिंग की गयी। उग्र भीड़ मेें सम्मिलित 1 व्यक्ति की मृत्यु होने तथा 2 अन्य के जख्मी होने की सूचना है।”

पुलिस ने कहा कि उग्र भीड़ के हमले में लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी तथा बिजली विभाग के कर्मियों के जख्मी होने की सूचना है। जख्मी लोगों का इलाज अनुमण्डल अस्पताल, बारसोई में चल रहा है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद देने की अपील की है।

भैया, प्लीज कपड़े पहन लेने दो… शाकिर, शोएब और जावेद ने लड़की को नग्न कर घसीटा: 2 साल से हो रहा था बलात्कार, एक्शन में यूपी पुलिस

हाल ही में मणिपुर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें 2 महिलाओं को नग्न कर उनका जुलूस निकालने जाने की घटना दिखी। बाद में पता चला कि 3 महिलाओं के साथ ऐसा किया गया था, साथ ही गैंगरेप ही हुआ। भले ही घटना के ढाई महीने बाद वीडियो सामने आया, लेकिन आरोपितों की ताबड़तोड़ गिरफ़्तारी इसके बाद ही हुई। अब उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसी ही हैवानियत का एक मामला सामने आया है।

नाबालिग लड़की के साथ दरिंदगी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा सकता है कि वो लगातार मिन्नतें कर रही हैं लेकिन उसे निर्वस्त्र कर के उसके साथ अभद्रता की जा रही है। खास बात ये रही कि यूपी पुलिस इस घटना के बाद तुरंत हरकत में आई और 3 आरोपितों को धर दबोचा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि गाँव के ही एक युवक ने शादी का झाँसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो भी बना लिया।

वीडियो में लड़की लगातार कह रही है – “भैया, प्लीज कपड़े पहन लेने दो। प्लीज भैया।” ये वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसके प्रेमी ने पहले उसे नशीला पदार्थ खिलाया और फिर जंगल में लेकर चला गया। वहाँ 4 लोगों के समूह ने उसकी पिटाई की, फिर नग्न कर वीडियो बना लिया। पुलिस ने इस मामले में 4 को नामजद बताया है, जिसमें से 3 गिरफ्तार हो गए हैं और एक की तलाश जारी है।

इस मामले में जो मुख्य आरोपित है, उसका नाम शाकिर है। पीड़ित परिवार ने बताया कि शाकिर ने झाँसा देकर 2 साल तक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया। लगभग 3 महीने पहले उसे जंगल में ले गए और उसके साथ बलात्कार किया। 3 अन्य आरोपितों के नाम शोएब गद्दी, गुलजार और पप्पू बताया जा रहा है, जिन्होंने पीड़िता के कपड़े उतार कर छीन लिए। वीडियो शोएब गद्दी ने अपने फोन से वायरल किया।

मेरठ (देहात) के एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि किठौर थाना क्षेत्र की महिला की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। किशोरी का 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया है, साथ ही मेडिकल भी कराया गया है। एक खबर में बताया गया है कि पीड़िता को खींच कर गन्ने के खेत से घसीट कर सड़क पर लाया गया। ज़ाहिद का बेटा शाकिर, पप्पू उर्फ़ जावेद और आलम – इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है। एक वीडियो बनाने वाला आरोपित फरार है।

उडुपी: कॉलेज टॉयलेट में कैमरा से गुप्त रिकॉर्डिंग के मामले में 3 मुस्लिम छात्राओं पर FIR, सांप्रदायिक एंगल से कर्नाटक पुलिस का इनकार

कर्नाटक के उडुपी पुलिस ने नेत्र ज्योति कॉलेज के हॉस्टल में हिंदू छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने वाली मुस्लिम छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज की है। एक मामला टॉयलेट में छात्रा के बनाए गए वीडियो को डिलीट करने को लेकर तीन छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से जुड़ा है। दूसरा मामला यूट्यूब चैनलों पर हिडन कैमरे वाला वीडियो अपलोड करने से जुड़ा है।

बताते चलें कि कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्राइवेट कॉलेज नेत्र ज्योति की महिला हॉस्टल के टॉयलेट में मोबाइल कैमरा मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। कॉलेज में पढ़ने अलीमातुल शैफा, शबानाज़ और आलिया नाम की तीन मुस्लिम छात्राओं ने टॉयलेट में मोबाइल कैमरा लगा रखा था। इसमें हिंदू लड़कियों के प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर वे मुस्लिम लड़कों को भेजा करती थीं।

आरोप लगे कि उडुपी के नेत्रज्योति कॉलेज के महिला शौचालय में हिंदू लड़कियों के टॉपलेस वीडियो रिकॉर्ड किए गए और बाद में मुस्लिम समूहों के साथ साझा किए गए। कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जाँच की और निष्कर्ष निकाला कि वीडियो डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद मामला खत्म हो गया। हालाँकि, लोगों के आक्रोश के कारण उडुपी जिले के मालपे पुलिस स्टेशन में मामले का स्वत: संज्ञान लिया FIR दर्ज की।

वीडियो बनाने के लिए ज़िम्मेदार अलीमतुल शैफ़ा, शबानाज़ और आलिया नाम के तीन मुस्लिम छात्रों के साथ-साथ नेत्रज्योति कॉलेज के प्रबंधन बोर्ड पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। पुलिस ने IPC की धारा 509, 204, 175 और 34 के तहत मामले दर्ज किए हैं। मामला दर्ज करने का निर्णय राज्य भर में भाजपा नेताओं, विभिन्न हिंदू संगठनों और महिलाओं के विरोध के बीच आया।

उडुपी के टॉयलेट कांड तो संभालने में राज्य सरकार के लापरवाह रवैया के जवाब में राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की जाँच करने की पहल की है। घटना की गहन जाँच के लिए आयोग उडुपी में एक टीम भेजेगा। राष्ट्रीय महिला आयोग की दक्षिण भारतीय सदस्य खुशबू सुंदर इस जाँच का नेतृत्व करेंगी। इस फैसले का खुलासा पूर्व सदस्य श्यामला कुंदर ने किया है।

एक्टिविस्ट रश्मि सामंत ने मामले को हाईलाइट किया, जुबैर जैसे लोग डाल रहे हैं पर्दा

इस सप्ताह की शुरुआत में हिंदू अधिकार कार्यकर्ता रश्मि सामंत ने ट्विटर पर उडुपी कांड पर फैली आसपास की चुप्पी पर सवाल उठाया। सामंत ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई गई कई लड़कियाँ इस हद तक उदास और परेशान थीं कि वे खुद को नुकसान पहुँचाने या आत्महत्या करने के बारे में सोच सकती हैं। उन्होंने लिखा, “फिर भी, इस मुद्दे की उस गंभीरता से निंदा नहीं की जा रही है।”

उन्होंने साल 1992 के अजमेर सामूहिक बलात्कार की घटना से इसकी तुलना करते हुए लिखा, “मैं आपको याद दिला दूँ कि वर्ष 1992 में अजमेर में क्या हुआ था, जहाँ अवैध रूप से ली गईं नग्न तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर सैकड़ों लड़कियों का बलात्कार किया गया था। मैं यह सोचकर डर जाती हूँ कि उडुपी दूसरा अजमेर में बदल सकता था।”

ट्वीट करने पर रश्मि सामंत को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा

उडुपी पुलिस ने 24 जुलाई 2023 को पीड़ित हिंदू महिलाओं की आवाज उठाने वाली हिंदू मानवाधिकार कार्यकर्ता रश्मि सामंत का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया। सामंत का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील आदित्य श्रीनिवासन ने रश्मि सामंत के परिवार द्वारा सामना की गई विस्तृत पूछताछ को साझा किया।

वकील आदित्य श्रीनिवासन ने कहा कि रात आठ बजे पुलिसकर्मियों का एक समूह रश्मि के आवास पर गया। उस समय वह अपने घर पर नहीं थीं। इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने उनके माता-पिता से पूछताछ की। उनसे बार-बार रश्मि के ठिकाने के बारे में पूछा गया।

पुलिस का दावा: इसमें कोई सांप्रदायिक रंग नहीं

द न्यूज मिनट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि मामले में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं था। यही बात इंडिया टुडे ने एक पैनल डिस्कशन के दौरान बताई। इस पैनल में रश्मि सामंत भी मौजूद थीं। टीएनएम और इंडिया टुडे, दोनों ने कहा कि पुलिस ने मामले में किसी भी सांप्रदायिक कोण से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।

टीएनएम ने उडुपी के एएसपी सिद्धलिंगप्पा के हवाले से कहा, “हमने फोन देखा और ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला। हमने मामले की गहन जाँच की। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वीडियो साझा किया गया था। यह कॉलेज में एक अनोखी घटना थी और इसका कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं था। कथित पीड़िता पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती।”

आपराधिक इरादे को छिपाने की कोशिश

अपराधी और पीड़िता के अलग-अलग समुदाय होने की बात स्पष्ट रूप से कही जा रही है। इसके बावजूद वामपंथी प्रोपगेंडा पोर्टल ऑल्ट न्यूज़ (AltNews) और उसके सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने रश्मि और अन्य लोगों पर गलत सूचना फैलाने और घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है।

हिंदुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर पर्दा डालने के लिए कुख्यात मोहम्मद जुबैर ने इस जघन्य घटना के खिलाफ आवाज उठाने वालीं शेफाली वैद्य और रश्मि सामंत सहित तमाम महिला दक्षिणपंथियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक क्रूर हमला किया। जब उस पर सवाल उठे तो जुबैर ने विक्टिम कार्ड खेला और कहा कि जब वह फर्जी खबरें उजागर करता है तो लोग उसे टारगेट करते हैं।

दरअसल, जुबैर ने द न्यूज मिनट की रिपोर्ट पर बहुत भरोसा किया, जिसमें पहले पैराग्राफ में ही उल्लेख किया गया था कि तीन मुस्लिम लड़कियों को वॉशरूम में कथित तौर पर गुप्त रूप से हिंदू लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए निलंबित कर दिया गया था। टीएनएम ने इसे “बदमाशी” का स्पष्ट मामला बताया, लेकिन यह नहीं कहा कि यह अफवाह थी कि मुस्लिम लड़कियों ने एक हिंदू लड़की का वीडियो रिकॉर्ड किया था।

यहाँ टीएनएम की रिपोर्ट का अर्काइव लिंक है। इसके बाद, कई वामपंथी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और उनके मीडिया संगठनों ने तीन मुस्लिम छात्रों द्वारा किए गए अपराध को कम बताना शुरू कर दिया और इसे ‘शरारत’ बताया।

नए संसद भवन का हो गया उद्घाटन, फिर भी पुरानी इमारत में ही क्यों चल रहा मॉनसून सत्र? – प्रोपेगंडा में न आएँ, जानें कारण

संसद का मॉनसून सत्र भी जारी है। गुरुवार (20 जुलाई, 2023) से शुरू हुआ ताज़ा सत्र लगातार विपक्ष के हंगामे का शिकार बन रहा है। हालाँकि, इस दौरान कई बिल भी पेश किए जा रहे हैं। अब आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि जब 28 मई, 2023 को नए संसद भवन का उद्घाटन को चुका है, फिर भी संसद का मॉनसून सत्र पुरानी वाली इमारत में ही क्यों चल रहा है? ‘सेंगोल’ की स्थापना के कारण नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह काफी चर्चा का विषय बना था।

संसद के पुराने वाले भवन का निर्माण ब्रिटिश सरकार ने सन् 1927 में करवाया था। वहीं नए वाले संसद भवन का निर्माण दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था। उम्मीद थी कि नया सत्र भी इसी में आयोजित किया जाएगा। हालाँकि, इसके तुरंत पहले केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि मॉनसून सत्र 2023 पुरानी वाली इमारत में ही होगा और नए वाले में तब शिफ्ट किया जाएगा जब वहाँ ज़रूरी तैयारियाँ कर ली जाएँगी।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि साउंड और AC से लेकर ऑटोमेटेड सिक्योरिटी तक, नई वाली इमारत में सभी व्यवस्थाओं की जाँच अच्छे से कर ली गई थी। लोकसभा और राज्यसभा में ऑडियो-वीडियो सिस्टम की अच्छी तरह से जाँच की गई। नए संसद भवन में मॉनसून सत्र शिफ्ट नहीं हो पाया, इसके 2 कारण हैं। पहला कारण है – कुछ अंतिम काम हैं जो अभी चल रहे हैं और उन्हें फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।

दूसरा कारण है – ज़रूरी चीजों को पुराने संसद भवन से नए संसद भवन में स्थानांतरित करने में पेचीदगियाँ। इस प्रक्रिया में काफी समय और मेहनत लगनी है, ऐसे में निर्णय लिया गया कि मॉनसून सत्र पुरानी वाली बिल्डिंग में ही चलेगा। विपक्षी दलों ने भी इस देरी का इस्तेमाल अपने प्रोपेगंडा के लिए किया। ‘राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)’ के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने दावा कर डाला कि नए संसद भवन में बाढ़ का पानी घुस गया है, इसीलिए वहाँ सत्र का आयोजन नहीं हो पाया।

संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इन दावों को नकार दिया है। उन्होंने इन दावों को पूर्णरूपेण गलत और तथ्यहीन करार दिया। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ही निर्णय लिया कि संसद का मॉनसून सत्र पुरानी इमारत में ही आयोजित किया जाएगा। 11 अगस्त तक चलने वाले मौजूदा सत्र में 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। जल्द ही केंद्र सरकार इसकी घोषणा करेगी कि कब से नई इमारत में संसद सत्र चलेगा।

नए संसद भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम खासा चर्चा का विषय बना था। तमिल राजचिह्न ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजदंड को सांष्टांग प्रणाम किया था। तमिल अधीनम पुरोहितों की मौजूदगी में प्रक्रियाएँ पूरी की गई थीं। कार्यक्रम स्थल पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सहित विभिन्न धर्मों के आचार्य मौजूद थे। नए संसद भवन के लिए नागपुर से सागौन की लकड़ी, राजस्थान के सरमथुरा से सैंडस्टोन, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन, अगरतला से बाँस की लकड़ी और महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जयपुर से अशोक प्रतीक को मँगवाया गया था।  

भगवान राम और महाराणा प्रताप पर अश्लील पोस्ट, बिहार के वैशाली में मोहम्मद शाकिब गिरफ्तार: थाने में हिंदू संगठनों के जमावड़े के बाद हुई कार्रवाई

बिहार के वैशाली जिले की पुलिस ने हिन्दू देवी-देवताओं के साथ महापुरुषों का अपमान करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम मोहम्मद शाकिब अहमद है। शाकिब ने फेसबुक पर भगवान राम और महाराणा प्रताप के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद हिन्दू संगठनों के सदस्य कार्रवाई की माँग को लेकर थाने पर जमा हो गए थे। आरोपित के खिलाफ मंगलवार (25 जुलाई 2023) को शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

यह मामला वैशाली जिले के थाना क्षेत्र हाजीपुर का है। इस मामले में वादी स्वयं पुलिस है। पुलिसकर्मी काजू कुमार ने मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक 25 जुलाई को वह सुबह लगभग 8:30 पर नखास चौक पर 2 महिला पुलिसकर्मियों के साथ गश्त कर रहे थे। इस बीच थाने से उन्हें सूचना मिली कि चौक क्षेत्र के कटरा मस्जिद का रहने वाला 23 वर्षीय मोहम्मद शाकिब अहमद सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट वायरल कर रहा है। शाकिब के अब्बा का नाम मुश्ताक बताया गया है।

पुलिस बल शाकिब के घर पहुँची और जरूरी पूछताछ की। पुलिस ने शाकिब के मोबाइल की जाँच की तो उसका इंस्टाग्राम ID itts_shaqib के नाम से पाया गया। जब इस ID को जाँचा गया तो यह सामने आया कि शाकिब ने लगभग 1 हफ्ते पहले भगवान राम और महाराणा प्रताप पर अश्लील फोटो शेयर किए थे। पुलिस ने इन चित्रों को लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। शाकिब की करतूत को संज्ञेय अपराध बताते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मोहम्मद शाकिब का मोबाइल भी ज़ब्त कर लिया गया है, जिसे फॉरेन्सिक जाँच के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। आरोपित पर IPC की धारा 295 A, 153 A के साथ IT एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पत्रकार अश्वनी श्रीवास्तव ने बताया कि वे और बजरंग दल के पदाधिकारी आरोपित की गिरफ्तारी की माँग को ले कर थाने में जमा हुए थे।

झूठ बोले कौवा काटे… संसद भवन में राघव चड्ढा पर कौवे ने किया हमला, अपना सिर बचाते दिखे AAP सांसद

संसद भवन परिसर में एक कौवे ने फोन पर बात कर रहे AAP के सांसद राघव चड्ढा पर हमला कर दिया। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। दिल्ली भाजपा ने इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए ‘झूठ बोले, कौवा काटे’ कहावत की याद दिलाई और कहा कि आज तक तो सिर्फ सुना था लेकिन अब देख भी लिया कि झूठे को कौवा काटता है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि राघव चड्ढा के एक हाथ में कुछ फाइल्स हैं तो दूसरे हाथ से वो फोन से किसी से बात कर रहे हैं।

इसी दौरान एक कौवा उन पर झपट्टा मारता है। ये तस्वीरें संसद के मॉनसून सत्र के दौरान की हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कौवा राघव चड्ढा के सिर को निशाना बना रहा है जबकि वो उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “माननीय सांसद जी पर कौवे द्वारा हमले की खबर से हृदय बहुत व्यथित हैं। आशा हैं आप स्वस्थ होंगे।”

कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने भी इस पर तरह-तरह की टिप्पणियाँ दीं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रभाकर सिंह परिहार ने लिखा कि कौवा, कुत्ता या बिल्ली, इन ‘आपियों’ को कोई नहीं छोड़ेगा। वहीं विपुल सक्सेना नामक यूजर ने कौवे के लिए सहानुभूति जताते हुए लिखा कि उसे ही चोट आ गई होगी, क्योंकि AAP नेताओं की चमड़ी मोटी होती है। हिमांश नामक यूजर ने आशंका जताई कि कहीं अब विपक्षी दल कौवे के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव न लेकर आ जाएँ।

बता दें कि मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सदन में बयान दिए जाने की माँग करते हुए समूचे विपक्ष ने संसद की कार्यवाही को बाधित कर रखा है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और फ्लोर टेस्ट की माँग भी स्पीकर से की गई है। लोकसभा में इसी बीच ‘फॉरेस्ट कंजर्वेशन एमेंडमेंट बिल’ भी पास हुआ, जो 1980 के इस एक्ट को संशोधित करेगा। इससे सीमा से 100 किलोमीटर भीतर के क्षेत्र को इस अधिनियम से छूट दी गई है।

मोदी के मंत्री को आया कॉल, उठाते ही चलने लगा पोर्न: राजस्थान से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब गिरफ्तार, साबिर को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आम लोगों को शिकार बनाने वाले अपराधी अब मंत्रियों को भी निशाना बनाने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के साथ सेक्सटॉर्शन (Prahlad Patel Sextortion Case) का मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के भरतपुर से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब को गिरफ्तार किया है।

इस साल जून के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिमंडल में जल-शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल के वॉट्सऐप पर एक वीडियो कॉल आई। उन्होंने कॉल उठाया तो स्क्रीन पर अश्लील वीडियो चलने लगा। इसको देखकर मंत्री ने कॉल को तुरंत काट दिया।

इसके बाद भी ठग नहीं माने। थोड़ी देर बाद दोबारा कॉल आई। कॉल करने वाले ने पॉर्न देखते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और कहा कि अगर बेइज्जती से बचना है तो उसकी माँग के अनुसार मंत्री उसे पैसे दें।

इसके बाद मंत्री पटेल ने अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श लिया। सलाह के बाद उनके निजी सचिव (PS) अलोक मोहन ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा से संपर्क किया और एक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 419 (प्रतिरूपण) (इंपर्सोनेशन) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस ने आरोपियों के दोनों फोन नंबर को ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वीडियो कॉल को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है। क्राइम ब्रांच की जाँच में पूरा खेल सामने आ गया। एजेंसी को पता चला कि यह काम किसी ऑर्गेनाइज सेक्सटॉर्शन गैंग का है और यह गैंग राजस्थान से जुड़ा हुआ है।

क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के भरतपुर से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब नाम के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, इस गैंग का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस गैंग के मास्टरमाइंड की पहचान मोहम्मद साबिर के तौर पर की गई है।

जिस नजीबुर के लिए संघमित्रा ने माँ-बाप की नहीं सुनी, उसने ही कुल्हाड़ी से सबको काट डाला: फेसबुक पर हुआ था प्यार, भागकर की थी शादी

असम में नजीबुर रहमान नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी संघमित्रा और पत्नी के माता-पिता को मार डाला। इसके बाद वो 9 महीने के बच्चे को लेकर पुलिस थाने पहुँच गया। राज्य में इस ट्रिपल मर्डर की घटना सामने आने के बाद सनसनी मच गई है। नजीबुर रहमान ने इस वारदात को अंजाम देने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। संघमित्रा की उम्र 24 साल थी। हत्यारा नजीबुर रहमान पेशे से मेकेनिकल इंजीनियर है। मामला ‘लव जिहाद’ का भी लग रहा है।

इसकी शुरुआत जून 2020 में हुई, जब नजीबुर रहमान ने फेसबुक के माध्यम से संघमित्रा से दोस्ती की। ये वो समय था, जब कोरोना संक्रमण अपने शिखर पर था और देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ था। अक्टूबर 2020 आते-आते दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे और कोलकाता भाग कर उन्होंने शादी तक कर ली। हालाँकि, संघमित्रा के परिजनों को ये रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था। इसके बावजूद उसने नजीबुर रहमान से कोर्ट में शादी कर ली थी।

माता-पिता ने बेटी के खिलाफ चोरी का मामला भी दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और एक महीने उसे न्यायिक हिरासत में गुजारने पड़े। इसके बाद संघमित्रा घर लौट आई थी और अपने माता-पिता के साथ रहने लगी थी। लेकिन, जनवरी 2022 में दोनों एक बार फिर से भाग गए थे। जब अगस्त में दोनों लौटे तब संघमित्रा गर्भवती थी। दोनों 5 महीने चेन्नई में रहे थे। नवंबर में नजीबुर रहमान के घर में ही संघमित्रा ने एक बेटे को जन्म दिया।

मार्च 2020 में दोनों में फिर से झगड़ा हुआ और संघमित्रा अपने बेटे के साथ माँ-बाप के पास रहने चली गई। नजीबुर रहमान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध FIR भी दर्ज की गई थी। 28 दिन बाद आखिरकार उसे जमानत मिली और वो बाहर निकला था। जेल से निकलने के बाद वो बार-बार बच्चे से मिलने की जिद कर रहा था, लेकिन संघमित्रा के माता-पिता ने मना कर दिया। 29 अप्रैल को नजीबुर रहमान के भाई ने संघमित्रा के परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया।

सोमवार (24 जुलाई, 2023) को दोनों पक्ष एक बार फिर से भिड़े। नजीबुर ने न सिर्फ संघमित्रा, बल्कि अपने ससुर संजीव घोष और सास जुनू घोष का भी क़त्ल कर डाला। फिर वो अपने 9 महीने के बच्चे को लेकर भाग गया। अंततः उसे थाने में सरेंडर करना पड़ा। कुल्हाड़ी से काट कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। तीनों के शव खून से लथपथ अवस्था में मिले। नजीबुर रहमान ने काफी निर्ममता से तीनों को कुल्हाड़ी से काट डाला था। तीनों के शरीर पर कई जख्म मिले हैं।