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भैया, प्लीज कपड़े पहन लेने दो… शाकिर, शोएब और जावेद ने लड़की को नग्न कर घसीटा: 2 साल से हो रहा था बलात्कार, एक्शन में यूपी पुलिस

हाल ही में मणिपुर का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें 2 महिलाओं को नग्न कर उनका जुलूस निकालने जाने की घटना दिखी। बाद में पता चला कि 3 महिलाओं के साथ ऐसा किया गया था, साथ ही गैंगरेप ही हुआ। भले ही घटना के ढाई महीने बाद वीडियो सामने आया, लेकिन आरोपितों की ताबड़तोड़ गिरफ़्तारी इसके बाद ही हुई। अब उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसी ही हैवानियत का एक मामला सामने आया है।

नाबालिग लड़की के साथ दरिंदगी का जो वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा सकता है कि वो लगातार मिन्नतें कर रही हैं लेकिन उसे निर्वस्त्र कर के उसके साथ अभद्रता की जा रही है। खास बात ये रही कि यूपी पुलिस इस घटना के बाद तुरंत हरकत में आई और 3 आरोपितों को धर दबोचा। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि गाँव के ही एक युवक ने शादी का झाँसा देकर उसके साथ बलात्कार किया और ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो भी बना लिया।

वीडियो में लड़की लगातार कह रही है – “भैया, प्लीज कपड़े पहन लेने दो। प्लीज भैया।” ये वीडियो कुछ महीने पुराना बताया जा रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसके प्रेमी ने पहले उसे नशीला पदार्थ खिलाया और फिर जंगल में लेकर चला गया। वहाँ 4 लोगों के समूह ने उसकी पिटाई की, फिर नग्न कर वीडियो बना लिया। पुलिस ने इस मामले में 4 को नामजद बताया है, जिसमें से 3 गिरफ्तार हो गए हैं और एक की तलाश जारी है।

इस मामले में जो मुख्य आरोपित है, उसका नाम शाकिर है। पीड़ित परिवार ने बताया कि शाकिर ने झाँसा देकर 2 साल तक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया। लगभग 3 महीने पहले उसे जंगल में ले गए और उसके साथ बलात्कार किया। 3 अन्य आरोपितों के नाम शोएब गद्दी, गुलजार और पप्पू बताया जा रहा है, जिन्होंने पीड़िता के कपड़े उतार कर छीन लिए। वीडियो शोएब गद्दी ने अपने फोन से वायरल किया।

मेरठ (देहात) के एसपी कमलेश बहादुर ने बताया कि किठौर थाना क्षेत्र की महिला की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। किशोरी का 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया है, साथ ही मेडिकल भी कराया गया है। एक खबर में बताया गया है कि पीड़िता को खींच कर गन्ने के खेत से घसीट कर सड़क पर लाया गया। ज़ाहिद का बेटा शाकिर, पप्पू उर्फ़ जावेद और आलम – इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है। एक वीडियो बनाने वाला आरोपित फरार है।

उडुपी: कॉलेज टॉयलेट में कैमरा से गुप्त रिकॉर्डिंग के मामले में 3 मुस्लिम छात्राओं पर FIR, सांप्रदायिक एंगल से कर्नाटक पुलिस का इनकार

कर्नाटक के उडुपी पुलिस ने नेत्र ज्योति कॉलेज के हॉस्टल में हिंदू छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने वाली मुस्लिम छात्राओं के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज की है। एक मामला टॉयलेट में छात्रा के बनाए गए वीडियो को डिलीट करने को लेकर तीन छात्राओं और कॉलेज प्रशासन से जुड़ा है। दूसरा मामला यूट्यूब चैनलों पर हिडन कैमरे वाला वीडियो अपलोड करने से जुड़ा है।

बताते चलें कि कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्राइवेट कॉलेज नेत्र ज्योति की महिला हॉस्टल के टॉयलेट में मोबाइल कैमरा मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ था। कॉलेज में पढ़ने अलीमातुल शैफा, शबानाज़ और आलिया नाम की तीन मुस्लिम छात्राओं ने टॉयलेट में मोबाइल कैमरा लगा रखा था। इसमें हिंदू लड़कियों के प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड कर वे मुस्लिम लड़कों को भेजा करती थीं।

आरोप लगे कि उडुपी के नेत्रज्योति कॉलेज के महिला शौचालय में हिंदू लड़कियों के टॉपलेस वीडियो रिकॉर्ड किए गए और बाद में मुस्लिम समूहों के साथ साझा किए गए। कॉलेज प्रबंधन ने मामले की जाँच की और निष्कर्ष निकाला कि वीडियो डिलीट कर दिया गया था। इसके बाद मामला खत्म हो गया। हालाँकि, लोगों के आक्रोश के कारण उडुपी जिले के मालपे पुलिस स्टेशन में मामले का स्वत: संज्ञान लिया FIR दर्ज की।

वीडियो बनाने के लिए ज़िम्मेदार अलीमतुल शैफ़ा, शबानाज़ और आलिया नाम के तीन मुस्लिम छात्रों के साथ-साथ नेत्रज्योति कॉलेज के प्रबंधन बोर्ड पर सबूत नष्ट करने का आरोप है। पुलिस ने IPC की धारा 509, 204, 175 और 34 के तहत मामले दर्ज किए हैं। मामला दर्ज करने का निर्णय राज्य भर में भाजपा नेताओं, विभिन्न हिंदू संगठनों और महिलाओं के विरोध के बीच आया।

उडुपी के टॉयलेट कांड तो संभालने में राज्य सरकार के लापरवाह रवैया के जवाब में राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले की जाँच करने की पहल की है। घटना की गहन जाँच के लिए आयोग उडुपी में एक टीम भेजेगा। राष्ट्रीय महिला आयोग की दक्षिण भारतीय सदस्य खुशबू सुंदर इस जाँच का नेतृत्व करेंगी। इस फैसले का खुलासा पूर्व सदस्य श्यामला कुंदर ने किया है।

एक्टिविस्ट रश्मि सामंत ने मामले को हाईलाइट किया, जुबैर जैसे लोग डाल रहे हैं पर्दा

इस सप्ताह की शुरुआत में हिंदू अधिकार कार्यकर्ता रश्मि सामंत ने ट्विटर पर उडुपी कांड पर फैली आसपास की चुप्पी पर सवाल उठाया। सामंत ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई गई कई लड़कियाँ इस हद तक उदास और परेशान थीं कि वे खुद को नुकसान पहुँचाने या आत्महत्या करने के बारे में सोच सकती हैं। उन्होंने लिखा, “फिर भी, इस मुद्दे की उस गंभीरता से निंदा नहीं की जा रही है।”

उन्होंने साल 1992 के अजमेर सामूहिक बलात्कार की घटना से इसकी तुलना करते हुए लिखा, “मैं आपको याद दिला दूँ कि वर्ष 1992 में अजमेर में क्या हुआ था, जहाँ अवैध रूप से ली गईं नग्न तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देकर सैकड़ों लड़कियों का बलात्कार किया गया था। मैं यह सोचकर डर जाती हूँ कि उडुपी दूसरा अजमेर में बदल सकता था।”

ट्वीट करने पर रश्मि सामंत को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा

उडुपी पुलिस ने 24 जुलाई 2023 को पीड़ित हिंदू महिलाओं की आवाज उठाने वाली हिंदू मानवाधिकार कार्यकर्ता रश्मि सामंत का पता लगाने के लिए एक अभियान शुरू किया। सामंत का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील आदित्य श्रीनिवासन ने रश्मि सामंत के परिवार द्वारा सामना की गई विस्तृत पूछताछ को साझा किया।

वकील आदित्य श्रीनिवासन ने कहा कि रात आठ बजे पुलिसकर्मियों का एक समूह रश्मि के आवास पर गया। उस समय वह अपने घर पर नहीं थीं। इसके बाद कर्नाटक पुलिस ने उनके माता-पिता से पूछताछ की। उनसे बार-बार रश्मि के ठिकाने के बारे में पूछा गया।

पुलिस का दावा: इसमें कोई सांप्रदायिक रंग नहीं

द न्यूज मिनट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि मामले में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं था। यही बात इंडिया टुडे ने एक पैनल डिस्कशन के दौरान बताई। इस पैनल में रश्मि सामंत भी मौजूद थीं। टीएनएम और इंडिया टुडे, दोनों ने कहा कि पुलिस ने मामले में किसी भी सांप्रदायिक कोण से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।

टीएनएम ने उडुपी के एएसपी सिद्धलिंगप्पा के हवाले से कहा, “हमने फोन देखा और ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला। हमने मामले की गहन जाँच की। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वीडियो साझा किया गया था। यह कॉलेज में एक अनोखी घटना थी और इसका कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं था। कथित पीड़िता पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहती।”

आपराधिक इरादे को छिपाने की कोशिश

अपराधी और पीड़िता के अलग-अलग समुदाय होने की बात स्पष्ट रूप से कही जा रही है। इसके बावजूद वामपंथी प्रोपगेंडा पोर्टल ऑल्ट न्यूज़ (AltNews) और उसके सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने रश्मि और अन्य लोगों पर गलत सूचना फैलाने और घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है।

हिंदुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर पर्दा डालने के लिए कुख्यात मोहम्मद जुबैर ने इस जघन्य घटना के खिलाफ आवाज उठाने वालीं शेफाली वैद्य और रश्मि सामंत सहित तमाम महिला दक्षिणपंथियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक क्रूर हमला किया। जब उस पर सवाल उठे तो जुबैर ने विक्टिम कार्ड खेला और कहा कि जब वह फर्जी खबरें उजागर करता है तो लोग उसे टारगेट करते हैं।

दरअसल, जुबैर ने द न्यूज मिनट की रिपोर्ट पर बहुत भरोसा किया, जिसमें पहले पैराग्राफ में ही उल्लेख किया गया था कि तीन मुस्लिम लड़कियों को वॉशरूम में कथित तौर पर गुप्त रूप से हिंदू लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए निलंबित कर दिया गया था। टीएनएम ने इसे “बदमाशी” का स्पष्ट मामला बताया, लेकिन यह नहीं कहा कि यह अफवाह थी कि मुस्लिम लड़कियों ने एक हिंदू लड़की का वीडियो रिकॉर्ड किया था।

यहाँ टीएनएम की रिपोर्ट का अर्काइव लिंक है। इसके बाद, कई वामपंथी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और उनके मीडिया संगठनों ने तीन मुस्लिम छात्रों द्वारा किए गए अपराध को कम बताना शुरू कर दिया और इसे ‘शरारत’ बताया।

नए संसद भवन का हो गया उद्घाटन, फिर भी पुरानी इमारत में ही क्यों चल रहा मॉनसून सत्र? – प्रोपेगंडा में न आएँ, जानें कारण

संसद का मॉनसून सत्र भी जारी है। गुरुवार (20 जुलाई, 2023) से शुरू हुआ ताज़ा सत्र लगातार विपक्ष के हंगामे का शिकार बन रहा है। हालाँकि, इस दौरान कई बिल भी पेश किए जा रहे हैं। अब आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ रहा होगा कि जब 28 मई, 2023 को नए संसद भवन का उद्घाटन को चुका है, फिर भी संसद का मॉनसून सत्र पुरानी वाली इमारत में ही क्यों चल रहा है? ‘सेंगोल’ की स्थापना के कारण नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह काफी चर्चा का विषय बना था।

संसद के पुराने वाले भवन का निर्माण ब्रिटिश सरकार ने सन् 1927 में करवाया था। वहीं नए वाले संसद भवन का निर्माण दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था। उम्मीद थी कि नया सत्र भी इसी में आयोजित किया जाएगा। हालाँकि, इसके तुरंत पहले केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि मॉनसून सत्र 2023 पुरानी वाली इमारत में ही होगा और नए वाले में तब शिफ्ट किया जाएगा जब वहाँ ज़रूरी तैयारियाँ कर ली जाएँगी।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि साउंड और AC से लेकर ऑटोमेटेड सिक्योरिटी तक, नई वाली इमारत में सभी व्यवस्थाओं की जाँच अच्छे से कर ली गई थी। लोकसभा और राज्यसभा में ऑडियो-वीडियो सिस्टम की अच्छी तरह से जाँच की गई। नए संसद भवन में मॉनसून सत्र शिफ्ट नहीं हो पाया, इसके 2 कारण हैं। पहला कारण है – कुछ अंतिम काम हैं जो अभी चल रहे हैं और उन्हें फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।

दूसरा कारण है – ज़रूरी चीजों को पुराने संसद भवन से नए संसद भवन में स्थानांतरित करने में पेचीदगियाँ। इस प्रक्रिया में काफी समय और मेहनत लगनी है, ऐसे में निर्णय लिया गया कि मॉनसून सत्र पुरानी वाली बिल्डिंग में ही चलेगा। विपक्षी दलों ने भी इस देरी का इस्तेमाल अपने प्रोपेगंडा के लिए किया। ‘राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP)’ के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने दावा कर डाला कि नए संसद भवन में बाढ़ का पानी घुस गया है, इसीलिए वहाँ सत्र का आयोजन नहीं हो पाया।

संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इन दावों को नकार दिया है। उन्होंने इन दावों को पूर्णरूपेण गलत और तथ्यहीन करार दिया। उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ही निर्णय लिया कि संसद का मॉनसून सत्र पुरानी इमारत में ही आयोजित किया जाएगा। 11 अगस्त तक चलने वाले मौजूदा सत्र में 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। जल्द ही केंद्र सरकार इसकी घोषणा करेगी कि कब से नई इमारत में संसद सत्र चलेगा।

नए संसद भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम खासा चर्चा का विषय बना था। तमिल राजचिह्न ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राजदंड को सांष्टांग प्रणाम किया था। तमिल अधीनम पुरोहितों की मौजूदगी में प्रक्रियाएँ पूरी की गई थीं। कार्यक्रम स्थल पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सहित विभिन्न धर्मों के आचार्य मौजूद थे। नए संसद भवन के लिए नागपुर से सागौन की लकड़ी, राजस्थान के सरमथुरा से सैंडस्टोन, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन, अगरतला से बाँस की लकड़ी और महाराष्ट्र के औरंगाबाद और जयपुर से अशोक प्रतीक को मँगवाया गया था।  

भगवान राम और महाराणा प्रताप पर अश्लील पोस्ट, बिहार के वैशाली में मोहम्मद शाकिब गिरफ्तार: थाने में हिंदू संगठनों के जमावड़े के बाद हुई कार्रवाई

बिहार के वैशाली जिले की पुलिस ने हिन्दू देवी-देवताओं के साथ महापुरुषों का अपमान करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम मोहम्मद शाकिब अहमद है। शाकिब ने फेसबुक पर भगवान राम और महाराणा प्रताप के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद हिन्दू संगठनों के सदस्य कार्रवाई की माँग को लेकर थाने पर जमा हो गए थे। आरोपित के खिलाफ मंगलवार (25 जुलाई 2023) को शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

यह मामला वैशाली जिले के थाना क्षेत्र हाजीपुर का है। इस मामले में वादी स्वयं पुलिस है। पुलिसकर्मी काजू कुमार ने मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक 25 जुलाई को वह सुबह लगभग 8:30 पर नखास चौक पर 2 महिला पुलिसकर्मियों के साथ गश्त कर रहे थे। इस बीच थाने से उन्हें सूचना मिली कि चौक क्षेत्र के कटरा मस्जिद का रहने वाला 23 वर्षीय मोहम्मद शाकिब अहमद सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट वायरल कर रहा है। शाकिब के अब्बा का नाम मुश्ताक बताया गया है।

पुलिस बल शाकिब के घर पहुँची और जरूरी पूछताछ की। पुलिस ने शाकिब के मोबाइल की जाँच की तो उसका इंस्टाग्राम ID itts_shaqib के नाम से पाया गया। जब इस ID को जाँचा गया तो यह सामने आया कि शाकिब ने लगभग 1 हफ्ते पहले भगवान राम और महाराणा प्रताप पर अश्लील फोटो शेयर किए थे। पुलिस ने इन चित्रों को लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। शाकिब की करतूत को संज्ञेय अपराध बताते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मोहम्मद शाकिब का मोबाइल भी ज़ब्त कर लिया गया है, जिसे फॉरेन्सिक जाँच के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। आरोपित पर IPC की धारा 295 A, 153 A के साथ IT एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पत्रकार अश्वनी श्रीवास्तव ने बताया कि वे और बजरंग दल के पदाधिकारी आरोपित की गिरफ्तारी की माँग को ले कर थाने में जमा हुए थे।

झूठ बोले कौवा काटे… संसद भवन में राघव चड्ढा पर कौवे ने किया हमला, अपना सिर बचाते दिखे AAP सांसद

संसद भवन परिसर में एक कौवे ने फोन पर बात कर रहे AAP के सांसद राघव चड्ढा पर हमला कर दिया। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। दिल्ली भाजपा ने इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए ‘झूठ बोले, कौवा काटे’ कहावत की याद दिलाई और कहा कि आज तक तो सिर्फ सुना था लेकिन अब देख भी लिया कि झूठे को कौवा काटता है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि राघव चड्ढा के एक हाथ में कुछ फाइल्स हैं तो दूसरे हाथ से वो फोन से किसी से बात कर रहे हैं।

इसी दौरान एक कौवा उन पर झपट्टा मारता है। ये तस्वीरें संसद के मॉनसून सत्र के दौरान की हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कौवा राघव चड्ढा के सिर को निशाना बना रहा है जबकि वो उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “माननीय सांसद जी पर कौवे द्वारा हमले की खबर से हृदय बहुत व्यथित हैं। आशा हैं आप स्वस्थ होंगे।”

कई अन्य ट्विटर यूजर्स ने भी इस पर तरह-तरह की टिप्पणियाँ दीं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रभाकर सिंह परिहार ने लिखा कि कौवा, कुत्ता या बिल्ली, इन ‘आपियों’ को कोई नहीं छोड़ेगा। वहीं विपुल सक्सेना नामक यूजर ने कौवे के लिए सहानुभूति जताते हुए लिखा कि उसे ही चोट आ गई होगी, क्योंकि AAP नेताओं की चमड़ी मोटी होती है। हिमांश नामक यूजर ने आशंका जताई कि कहीं अब विपक्षी दल कौवे के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव न लेकर आ जाएँ।

बता दें कि मणिपुर हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सदन में बयान दिए जाने की माँग करते हुए समूचे विपक्ष ने संसद की कार्यवाही को बाधित कर रखा है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और फ्लोर टेस्ट की माँग भी स्पीकर से की गई है। लोकसभा में इसी बीच ‘फॉरेस्ट कंजर्वेशन एमेंडमेंट बिल’ भी पास हुआ, जो 1980 के इस एक्ट को संशोधित करेगा। इससे सीमा से 100 किलोमीटर भीतर के क्षेत्र को इस अधिनियम से छूट दी गई है।

मोदी के मंत्री को आया कॉल, उठाते ही चलने लगा पोर्न: राजस्थान से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब गिरफ्तार, साबिर को तलाश रही दिल्ली पुलिस

आम लोगों को शिकार बनाने वाले अपराधी अब मंत्रियों को भी निशाना बनाने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के साथ सेक्सटॉर्शन (Prahlad Patel Sextortion Case) का मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के भरतपुर से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब को गिरफ्तार किया है।

इस साल जून के अंतिम सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिमंडल में जल-शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री प्रह्लाद पटेल के वॉट्सऐप पर एक वीडियो कॉल आई। उन्होंने कॉल उठाया तो स्क्रीन पर अश्लील वीडियो चलने लगा। इसको देखकर मंत्री ने कॉल को तुरंत काट दिया।

इसके बाद भी ठग नहीं माने। थोड़ी देर बाद दोबारा कॉल आई। कॉल करने वाले ने पॉर्न देखते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और कहा कि अगर बेइज्जती से बचना है तो उसकी माँग के अनुसार मंत्री उसे पैसे दें।

इसके बाद मंत्री पटेल ने अपने कानूनी सलाहकार से परामर्श लिया। सलाह के बाद उनके निजी सचिव (PS) अलोक मोहन ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा से संपर्क किया और एक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 419 (प्रतिरूपण) (इंपर्सोनेशन) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस ने आरोपियों के दोनों फोन नंबर को ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वीडियो कॉल को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेज दिया गया है। क्राइम ब्रांच की जाँच में पूरा खेल सामने आ गया। एजेंसी को पता चला कि यह काम किसी ऑर्गेनाइज सेक्सटॉर्शन गैंग का है और यह गैंग राजस्थान से जुड़ा हुआ है।

क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के भरतपुर से मोहम्मद वकील और मोहम्मद साहिब नाम के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, इस गैंग का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस गैंग के मास्टरमाइंड की पहचान मोहम्मद साबिर के तौर पर की गई है।

जिस नजीबुर के लिए संघमित्रा ने माँ-बाप की नहीं सुनी, उसने ही कुल्हाड़ी से सबको काट डाला: फेसबुक पर हुआ था प्यार, भागकर की थी शादी

असम में नजीबुर रहमान नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी संघमित्रा और पत्नी के माता-पिता को मार डाला। इसके बाद वो 9 महीने के बच्चे को लेकर पुलिस थाने पहुँच गया। राज्य में इस ट्रिपल मर्डर की घटना सामने आने के बाद सनसनी मच गई है। नजीबुर रहमान ने इस वारदात को अंजाम देने के बाद आत्मसमर्पण कर दिया है। संघमित्रा की उम्र 24 साल थी। हत्यारा नजीबुर रहमान पेशे से मेकेनिकल इंजीनियर है। मामला ‘लव जिहाद’ का भी लग रहा है।

इसकी शुरुआत जून 2020 में हुई, जब नजीबुर रहमान ने फेसबुक के माध्यम से संघमित्रा से दोस्ती की। ये वो समय था, जब कोरोना संक्रमण अपने शिखर पर था और देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ था। अक्टूबर 2020 आते-आते दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे और कोलकाता भाग कर उन्होंने शादी तक कर ली। हालाँकि, संघमित्रा के परिजनों को ये रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था। इसके बावजूद उसने नजीबुर रहमान से कोर्ट में शादी कर ली थी।

माता-पिता ने बेटी के खिलाफ चोरी का मामला भी दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और एक महीने उसे न्यायिक हिरासत में गुजारने पड़े। इसके बाद संघमित्रा घर लौट आई थी और अपने माता-पिता के साथ रहने लगी थी। लेकिन, जनवरी 2022 में दोनों एक बार फिर से भाग गए थे। जब अगस्त में दोनों लौटे तब संघमित्रा गर्भवती थी। दोनों 5 महीने चेन्नई में रहे थे। नवंबर में नजीबुर रहमान के घर में ही संघमित्रा ने एक बेटे को जन्म दिया।

मार्च 2020 में दोनों में फिर से झगड़ा हुआ और संघमित्रा अपने बेटे के साथ माँ-बाप के पास रहने चली गई। नजीबुर रहमान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध FIR भी दर्ज की गई थी। 28 दिन बाद आखिरकार उसे जमानत मिली और वो बाहर निकला था। जेल से निकलने के बाद वो बार-बार बच्चे से मिलने की जिद कर रहा था, लेकिन संघमित्रा के माता-पिता ने मना कर दिया। 29 अप्रैल को नजीबुर रहमान के भाई ने संघमित्रा के परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया।

सोमवार (24 जुलाई, 2023) को दोनों पक्ष एक बार फिर से भिड़े। नजीबुर ने न सिर्फ संघमित्रा, बल्कि अपने ससुर संजीव घोष और सास जुनू घोष का भी क़त्ल कर डाला। फिर वो अपने 9 महीने के बच्चे को लेकर भाग गया। अंततः उसे थाने में सरेंडर करना पड़ा। कुल्हाड़ी से काट कर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। तीनों के शव खून से लथपथ अवस्था में मिले। नजीबुर रहमान ने काफी निर्ममता से तीनों को कुल्हाड़ी से काट डाला था। तीनों के शरीर पर कई जख्म मिले हैं।

‘तुम्हें तुम्हारे ही मंदिरों में लटका देंगे, जिंदा जला देंगे’: केरल में UCC के विरोध में रैली, INDIA में शामिल मुस्लिम लीग ने दिखाई हिंदू घृणा

केरल में ‘समान नागरिक संहिता (UCC)’ के खिलाफ आयोजित एक रैली में हिन्दू विरोध नारेबाजी की गई है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ की रैली में इस तरह की हरकत की गई। संगठन ने अपने एक नेता के निलंबन का ऐलान किया है। भाजपा ने इस घटना की निंदा की है। कन्हागड़ निवासी अब्दुल सलाम को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। MYL ने अब डैमेज कंट्रोल के लिए बयान जारी करते हुए कहा है कि ये एक अक्षम्य गलती है।

घटना कासरगोड जिले की है। ‘मुस्लिम यूथ लीग’ ने UCC के खिलाफ एक रैली का आयोजन किया था। इसी में भड़काऊ नारे लगे। बता दें कि ये संगठन IUML का यूथ विंग है। IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) केरल में कॉन्ग्रेस की गठबंधन साझीदार है। वायनाड लोकसभा क्षेत्र से राहुल गाँधी ने जब चुनाव लड़ा था, तब IUML का समर्थन मिला था और इसके हरे रंग के चाँद-तारे वाले झंडों के साथ मुस्लिम कैडर सड़क पर भी उनके समर्थन में उतरे थे। ये राजनीतिक दल विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A’ का भी हिस्सा है।

नारेबाजी के दौरान हिन्दुओं को धमकी दी गई कि उन्हें उनके मंदिरों के सामने ही फाँसी पर लटका दिया जाएगा और फिर ज़िंदा जला दिया जाएगा। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार का ऐसे तत्वों को समर्थन नहीं रहता, तो इस तरह के नारे नहीं लगते। उन्होंने पूछा कि क्या केरल में हिन्दू और ईसाई सुरक्षित हैं? उन्होंने याद दिलाया कि कुछ ही महीनों पहले एक बच्चे ने अपने पिता के कंधे पर चढ़ कर नारा लगाया था कि हिन्दू-ईसाई अपने अंतिम संस्कार की तैयारी कर लें।

अमित मालवीय ने कहा कि केरल अब पूरी तरह कट्टरता की ओर अग्रसर है। ‘तुम्हें तुम्हारी मंदिरों में ही लटका देंगे’ और ‘तुम्हें जला देंगे’ जैसे नारों की निंदा करते हुए केरल भाजपा ने कहा कि राहुल गाँधी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। वहीं विवाद होने के बाद संगठन के जनरल सेक्रेटरी पीके फिरोज ने इसे संगठन की विचारधारा के खिलाफ बताते हुए एक सदस्य के निलंबन की घोषणा की। हालाँकि, रैली में कई लोग भड़काऊ नारेबाजी करते हुए देखा जा सकते हैं।

फरजाना का झाड़-फूँक करवाने वीरेंद्र के पास ले गए अब्बा, हो गया प्यार: अब सरस्वती बन मंदिर में लिए फेरे, प्रशासन से सुरक्षा की लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से शादी की है। फरजाना नाम की इस युवती ने अपना नया नाम सरस्वती रखा है। उसने वीरेंद्र कश्यप के साथ 25 जुलाई 2023 को एक मंदिर में वैदिक विधि-विधान से शादी की। दोनों के बीच करीब तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। फरजाना ने हिन्दू धर्म अपनाने की कानूनी प्रक्रियाओं को भी शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन से अपनी और अपने पति की सुरक्षा की गुहार लगाई है।

फरजाना मूल रूप से बरेली के शेरगढ़ थानाक्षेत्र के गाँव गहलुईंया की रहने वाली है। वीरेंद्र कश्यप उसके पड़ोसी गाँव माधोपुर का रहने वाला है। वीरेंद्र झाड़-फूँक का काम करता है। फरजाना को उसके अब्बा उपचार के लिए वीरेंद्र कश्यप के पास ले गए थे। इस दौरान दोनों में प्यार पनप गया। दोनों ने अपने परिवार को भी राजी करने की कोशिश की। लेकिन फरजाना के घर वालों ने उनकी एक न सुनी। उलटे दोनों के मिलने-जुलने पर पाबंदियाँ लगा दी।

22 जुलाई को फरजाना को लेकर वीरेंद्र उसके गाँव से कहीं चला गया। फरजाना के अब्बा ने वीरेंद्र के खिलाफ थाना शेरगढ़ में FIR दर्ज करवाते हुए अपनी बेटी को नाबालिग बताया है। पुलिस ने IPC की धारा 363 व 366 के तहत केस दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है। इस बीच प्रेमी जोड़े ने बरेली के एक मंदिर में विवाह कर लिया।

विवाह के लिए दिए गए शपथ-पत्र में फरजाना ने खुद को बालिग बताया है। अपनी उम्र 23 वर्ष बताते हुए फरजाना ने अपना आधार कार्ड भी अटैच किया है। आधार कार्ड के मुताबिक भी फरजाना का जन्मवर्ष 2000 है। फरजाना ने 32 वर्षीय वीरेंद्र से अपने विवाह को किसी भी प्रकार के दबाव व लालच से मुक्त बताया है। शादी में हिन्दू संगठन के लोग मौजूद थे, जिनसे फरजाना ने खुद को अब से सरस्वती कहने की अपील की। बाद में फरजाना ने एक वीडियो जारी कर अपनी और अपने पति की सुरक्षा की माँग भी की।

‘इतनी तैयारी करो कि साल 2023 में फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने का मौका मिले’: कॉन्ग्रेस पर PM मोदी की कटाक्ष का पुराना वीडियो हो रहा वायरल, विपक्षी ला रहे हैं प्रस्ताव

विपक्षी दलों के गठबंधन ‘I.N.D.I.A.’ ने घोषणा की है कि वह नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। नोटिस सौंपने का फैसला कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) की ऑफिस में विपक्षी दलों की बैठक के दौरान लिया गया।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Choudhary) ने इसकी पुष्टि की है। चौधरी ने इसकी एक न्यूज एजेंसी को जानकारी देते हुए कहा, “विपक्षी दल कल सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएँगे।”

“आज यह निर्णय लिया गया है कि हमारे पास अविश्वास प्रस्ताव का सहारा लेने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा, क्योंकि सरकार विपक्षी दलों की इस माँग को स्वीकार नहीं कर रही है कि मणिपुर के मुद्दे पर कम-से-कम प्रधानमंत्री को संसद में बयान देना चाहिए। वह (पीएम मोदी) भारत के प्रधानमंत्री के अलावा संसद में हमारे नेता हैं। लेकिन, वह (प्रधानमंत्री) हमारी माँग को अस्वीकार कर रहे हैं।”

चौधरी ने आगे कहा, “यह एक सहज माँग है, फिर भी प्रधानमंत्री हमारी माँग पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसीलिए हमने अविश्वास प्रस्ताव लाने के बारे में सोचा। विपक्ष का मुख्य तर्क है… माना जाता है कि सरकार के खिलाफ लगे आरोपों का जवाब खुद प्रधानमंत्री देंगे। कोई अन्य विकल्प न मिलने पर हम इस संसदीय उपकरण का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं, जिसे अविश्वास प्रस्ताव कहा जाता है।”

उधर, विपक्ष की इस कार्यवाही को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नरेंद्र मोदी सरकार का जमकर बचाव किया। जोशी ने कहा, “लोगों को पीएम मोदी और बीजेपी पर भरोसा है। वे (विपक्षी दल) पिछले कार्यकाल में भी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये थे। इसके बाद देश के लोगों ने उन्हें सबक सिखाया।”

विपक्षी दलों द्वारा एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साल 2019 का एक वीडियो वायरल हो रहा है। पीएम मोदी ने 7 फरवरी 2019 को विपक्षी दलों से कड़ी मेहनत करने का आग्रह किया था, ताकि वे साल 2023 में वे अविश्वास प्रस्ताव ला सकें।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 1 घंटे 37 मिनट लंबे अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा था, “2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मेरी आवाज का भरपूर गला घोंटने का प्रयास किया गया था। डेढ़-पौने दो घंटे की नारेबाजी के बीच, ईश्वर की कृपा से मैंने अपनी बात देश और दुनिया के सामने रखी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “उस समय मैंने आपको एक शुभकामनाएँ दी थीं। एक बार फिर मैं आपको शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ कि आप इतनी तैयारी करो… इतनी तैयारी करो कि साल 2023 में फिर से आपको अविश्वास प्रस्ताव लाने का मौका मिले।”

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि कॉन्ग्रेस के अहंकार ने उसे 400 से घटाकर 40 सीटों पर ला दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा के कारण ही भाजपा 2 से वर्तमान स्थिति (प्रचंड बहुमत) तक पहुँचे हैं। इसके बावजूद भी कॉन्ग्रेस गलतफहमी में जी रही है। बताते चलें कि जुलाई 2018 में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।

उन्होंने कहा था, “पहले मुट्ठी भर लोग विशेषाधिकार का आनंद ले रहे थे, वे इसे अपना विशेष अधिकार मानते थे। जब इस विशेषाधिकार को लोगों के जनादेश द्वारा चुनौती दी जाने लगी तो उनकी समस्याएँ बढ़ने लगीं। जब व्यवस्था को प्रभावित करने की परंपरा बंद हो गई तो उन्हें परेशानी होनी ही थी। जब भ्रष्टाचार से आय बंद हो गई तो उनकी बेचैनी बढ़ गई।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन यह कहते हुए समाप्त किया, “मैं एक बार फिर इन महान व्यक्तियों को 2024 में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आमंत्रित करते हुए अपनी बात समाप्त करता हूँ और मैं सदन से इस अविश्वास प्रस्ताव को गिराने का भी आग्रह करता हूँ।”