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पाकिस्तान में भीड़ ने तोड़ दी अहमदिया मुस्लिमों की मस्जिद: हथौड़ा लेकर घुसे और दीवार पर लिखी दी आपत्तिजनक बातें, अब तक 11 ऐसे हमले


पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिमों पर अत्याचार और उनकी मस्जिदों को तोड़ने की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। अब कराची में दिन-दहाड़े अहमदिया मुस्लिमों की एक मस्जिद में तोड़फोड़ करने मामला सामने आया। कहा जा रहा है कि सोमवार (24 जुलाई, 2023) दोपहर करीब एक दर्जन लोगों ने हथौड़ा से मस्जिद की मीनार तोड़ दी। इसके बाद मस्जिद की दीवारों पर विवादास्पद बातें लिख दीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना कराची के ड्रिघ रोड इलाके में शाह फैसल कॉलोनी में स्थित ‘बैत उल मुबारिक’ मस्जिद की है। इस मामले में जमात-ए-अहमदिया के प्रवक्ता आमिर महमूद ने कहा है कि दोपहर करीब 3:45 बजे एक दर्जन लोग मस्जिद में घुस आए। हमलवारों ने हथौड़ों से मीनार को तोड़ दिया और दीवारों पर विवादास्पद बातें लिख दीं।

आमिर महमूद का दावा है कि इस साल अब तक पाकिस्तान में अहमदिया मुस्लिमों की 11 मस्जिदों पर हमले हो चुके हैं। इससे पहले सदर और मार्टिन क्वार्टर में भी दो मस्जिदों में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। इस मामले में स्थानीय पुलिस का कहना है कि मस्जिद में हमला हुआ है। लेकिन एक दर्जन नहीं बल्कि 4-5 लोगों ने ही घटना को अंजाम दिया। कुछ हमलावर हेलमेट पहने हुए थे। वहीं कुछ ने कपड़े से अपना चेहरा ढँक रखा था।

पुलिस ने आगे कहा है कि मस्जिद तोड़ने वाले लोग सीढ़ी के सहारे मस्जिद में घुसे थे। इसके बाद मीनार तोड़ी और फरार हो गए। अहमदिया मुस्लिमों से इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए कई बार कहा गया है। लेकिन उन्होंने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई। पुलिस का यह भी कहना है कि अहमदिया मुस्लिमों को मीनार बनाने की इजाजत नहीं थी। इसके बाद भी मीनार बनाई गई थी।

हालाँकि, अहमदिया मुस्लिमों को दावा है कि उन्होंने मामले की पूरी जानकारी पुलिस को देते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी कहा है कि शिकायत में मस्जिद के अंदर घुसकर हुए हमले की बात कही गई है। साथ ही इसके सबूत के लिए सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए गए हैं। हमले के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में टूटी हुई मीनार व मस्जिद के बगल से खड़ी हुई सीढ़ी देखी जा सकती है। साथ ही वीडियो में एक व्यक्ति कह रहा है कि हमलावर नकाब लगाए हुए थे और बाइक से आए थे।

बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जेहलम जिले में पुलिस ने ही अहमदिया मुस्लिमों की मस्जिद तोड़ दी थी। दरअसल, पाकिस्तान की इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने पाकिस्तान सरकार से मस्जिद की मीनारें तोड़ने के लिए कहा था। मीनार न तोड़ने पर TLP द्वारा खुद ही उसे ध्वस्त करने की धमकी दी गई थी। ज्ञात हो कि साल 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने संविधान में संशोधन कर अहमदिया मुस्लिमों को गैर मुस्लिम घोषित करार दिया था। इसके बाद से अहमदिया मुस्लिमों को भेदभाव, उत्पीड़न और हमलों का सामना करना पड़ रहा है।

अहमदिया मुस्लिमों को ‘काफ़िर’ बताने पर मोदी सरकार ने जताई नराजगी

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड ने एक फतवा जारी कर  अहमदिया समाज को ‘ग़ैर-मुस्लिम’ और ‘काफ़िर’ घोषित कर दिया है। इसको लेकर केन्द्र सरकार ने घृणा फैलाने वाली हरकत बताते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। साथ ही पूछा था कि किस ‘आधार’ और ‘अधिकार’ से यह फतवा जारी किया गया।

‘अदालती निर्णयों और कुछ घटनाओं के कारण हिंसा’: संसद में मणिपुर पर चर्चा के लिए अमित शाह का विपक्षी नेताओं को पत्र, लिखा – दलगत राजनीति से ऊपर उठिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के मॉनसून सत्र को बाधित कर रहे विपक्षी दलों पर जम कर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि इन्हें न तो सहकार में रुचि है और न ही सहकारिता में, इन्हें न दलितों में इंटरेस्ट है और न ही महिलाओं के कल्याण में। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इनके द्वारा नारे लगाना स्वभाविक है, लेकिन उन्होंने दोनों ही सदन के नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखा है कि सरकार चर्चा के लिए एकदम तैयार है, जनता देख रही है, आप चर्चा होने दीजिए।

बता दें कि अमित शाह ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी, दोनों को पत्र लिख कर मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा है। अधीर रंजन चौधरी को लिखे पत्र में उन्होंने लोकसभा का लोकतंत्र की जननी भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे में विशेष स्थान बताते हुए कहा कि ये सदन भारत की 140 करोड़ जनता की आशाओं, आकांक्षाओं, समस्याओं और चिंताओं का प्रतिनिधित्व करता है।

अमित शाह ने लिखा कि लोकसभा हमारे भारत के जीवंत लोकतंत्र की आधारशिला है, जहाँ लोगों की आवाज उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की विविधता के साथ यह सदन राष्ट्रीय महत्व की मामलों में रचनात्मक बहस में शामिल होने के लिए आदर्श मंच प्रदान करता है। अमित शाह ने मणिपुर को भारत का बहुत महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य बताते हुए लिखा कि इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत संपूर्ण भारत की संस्कृति का गहना है।

अमित शाह ने पत्र के माध्यम से बताया कि पिछले 6 वर्षों से मणिपुर भाजपा के शासनकाल में शांति और विकास का अनुभव कर रहा था, लेकिन कुछ अदालती निर्णयों और कुछ घटनाओं के कारण मई महीने में हिंसा की घटनाएँ घटीं। अमित शाह ने कहा कि जनता को ये अपेक्षा है कि देश दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर मणिपुर के लोगों के साथ खड़ी हो। उन्होंने कहा कि संसद में हम सभी को जनता को विश्वास दिलाना चाहिए कि हम सब मणिपुर के साथ खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न सिर्फ बयान, बल्कि इस मुद्दे पर पूरी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने अच्छे वातावरण में चर्चा के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत भारत के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता में उन्हें विपक्षी दलों से सहयोग की उम्मीद है। वहीं खड़गे को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि चुनौतियों के न्यायसंगत समाधान खोजने के लिए हमें पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर सद्भाव से काम करना चाहिए। उन्होंने लिखा कि हमें मणिपुर की जनता को विश्वास दिलाना चाहिए कि हम सब वहाँ शांति स्थापना के लिए संकल्पबद्ध हैं।

मुस्लिम प्रेमिका के परिजनों ने हिन्दू युवक का कर दिया खतना, अपनी लड़की को भी पीटा: इस्लाम कबूलने का दबाव, बंधक बना कर रखा

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक हिन्दू युवक का जबरन खतना कर देने का मामला सामने आया है। पीड़ित का नाम विशाल है जो मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। शिकायत में विशाल ने खुद को एक मुस्लिम लड़की से प्रेम में बताया। खतना करने का आरोप युवक की प्रेमिका के परिजनों पर लगा है। नोएडा पुलिस में सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए युवक और उसकी प्रेमिका ने मंगलवार (25 जुलाई, 2023) को बुलंदशहर जिले में शिकायत दर्ज करवाई है। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित का नाम विशाल है। वह मूल रूप से बुलंदशहर जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। विशाल नोएडा के थाना क्षेत्र फेज 2 की एक कम्पनी में नौकरी करता था। यही पर उसकी मुलाक़ात अपने साथ काम करने वाली एक मुस्लिम लड़की से हुई। दोनों में बातचीत शुरू हुई तो थोड़े ही समय में प्यार में बदल गई। दोनों ने शादी करने का फैसला किया तो लड़की के परिजनों ने इस रिश्ते पर नाराजगी जताई। हालाँकि, लड़की ने अपने घर वालों को मनाने की कोशिशें जारी रखीं।

इस बीच लड़की की उसके घर वालों ने पिटाई भी की। मीडिया से बातचीत के दौरान विशाल ने आगे बताया कि 21 जुलाई, 2023 (शुक्रवार) को लड़की के परिजनों ने उसे अपने घर बुलाया। इस दौरान विशाल को खाने के लिए कुछ दिया गया जिस से वो बेहोश हो गया। विशाल की प्रेमिका के मुताबिक, बेहोशी के दौरान उनके प्रेमी को अस्पताल ले जाया गया। यहाँ विशाल का खतना किया गया जिसकी जानकारी पीड़ित को होश आने के बाद हुई।

होश आने पर विशाल पर इस्लाम कबूलने का भी दबाव बनाया गया। लड़की एक परिजनों द्वारा विशाल को 2 दिनों तक बंधक बना कर रखने का अभी आरोप है।

विशाल की प्रेमिका के मुताबिक वह इस मामले की शिकायत करने नोएडा के थाना फेज- 2 गई थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार 25 जुलाई को विशाल और उनकी प्रेमिका बुलंदशहर जिले के SSP के पास शिकायत ले कर गए। यहाँ उन्होंने न्याय की गुहार लगाई। SSP श्लोक कुमार के मुताबिक, केस नोएडा जिले से संबंधित है। उन्होंने बताया कि मामले की जाँच के लिए DSP सिकंदराबाद को निर्देशित कर दिया गया है। फिलहाल लड़की ने आगे अपने प्रेमी विशाल के ही साथ रहने का फैसला किया है।

अंजू बन गई मुस्लिम, फातिमा बन नसरुल्लाह से किया निकाह: प्री वेडिंग शूट का Video वायरल, पर पाकिस्तानी मीडिया के दावों को रहे नकार

फेसबुक प्रेमी से मिलने भारत से पाकिस्तान गई अंजू की कहानी में एक और मोड़ आया है। पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि उसने नसरुल्लाह के साथ निकाह कर लिया है। अंजू मुस्लिम बन गई है। इस्लाम कबूलने के बाद उसका नया नाम फातिमा रखा गया है। दोनों के कोर्ट जाने और प्री वेडिंग शूट के वीडियो आए हैं। लेकिन निकाह की बात से दोनों अब भी मुकर रहे हैं।

पाकिस्तानी चैनल जिओ टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अंजू ने दीर के रहने वाले नसरुल्लाह से कोर्ट में निकाह कर ली है। मलकंद डिवीजन के उप महानिरीक्षक नासिर महमूद सत्ती के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है। बताया गया है कि अंजू ने इस्लाम कबूल कर अपना नाम फातिमा रखा है। पुलिस सुरक्षा में दोनों को कोर्ट से घर भेजा गया है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने 164 के तहत बयान भी दर्ज कराया है। अंजू ने कोर्ट को बताया कि वह अपनी मर्जी से पाकिस्तान आई है और यहाँ बहुत खुश है।

सोशल मीडिया में एक वीडियो भी वायरल है। यह निकाह से पहले प्री वेडिंग शूट का बताया जा रहा है। इस वीडियो में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे घूमते दिख रहे हैं। वैसे आज तक से बातचीत में नसरुल्लाह ने निकाह से इनकार किया है। उसने कहा है, “झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। मेरा निकाह नहीं हुआ है। हम सिर्फ कोर्ट में असिस्टेंट जज के सामने पेश हुए हैं। हमें सरकार ने 50 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा दी है, क्योंकि अंजू विदेशी है।” जज के सामने पेशी की वजह उसने ‘सुरक्षा’ बताई है। कहा है कि उनकी जान को खतरा है। अंजू के विदेशी होने के कारण उन पर कभी भी हमला हो सकता है। उसने अंजू के इस्लाम कबूलने और सोशल मीडिया में वायरल निकाहनामे को भी झूठा बताया है।

इससे पहले बीबीसी से बातचीत में अंजू ने इस्लाम कबूलने से इनकार किया था। उसने कहा था कि वह धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहती है। उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव भी नहीं है। साथ ही उसने कहा था कि भारत लौटने से पहले वह नसरुल्लाह से सगाई कर सकती है। गौरतलब है कि राजस्थान के भिवाड़ी में अपने पति और बच्चों के साथ रहने वाली 34 साल की अंजू 21 जुलाई 2023 को जयपुर जाने की बात कहकर घर से निकली और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के दीर बाला पहुँच गई। यहाँ वह नसरुल्लाह के घर में ठहरी हुई है। उसे ‘भारत की सीमा हैदर’ कहा जा रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए अंजू ने कहा था कि सीमा हैदर से उसकी तुलना गलत है। वह 2-4 दिन में ही वापस आ जाएगी। उसने यह भी कहा था कि वह बच्चों को पढ़ाने और नौकरी करने के लिए पति के साथ रह रही थी। लेकिन भारत वापस आने के बाद बच्चों को लेकर पति से अलग हो जाएगी। इसके अलावा अंजू ने एक वीडियो जारी कर अपने रिश्तेदारों और बच्चों को परेशान न करने की रिक्वेस्ट भी की थी।

शानम खातून घर-वापसी कर बनी शालिनी, हिन्दू युवक को चुना जीवनसाथी: परिजनों ने प्रेमी का कर लिया था अपहरण, बोलीं – मुझे कट्टरपंथी सोच वालों से परेशानी

उत्तर प्रदेश के शामली में शानम नामक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपने प्रेमी रूपक से मंदिर में शादी कर ली। शानम अब शालिनी के नाम से जानी जाएगी। इससे पहले लड़की के परिजनों ने रूपक का अपहरण कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गुर्जरपुर गाँव निवासी शानम खातून और पास के गाँव मछरौली में रहने वाले रूपक के बीच करीब डेढ़ साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन लड़की के परिजन इसके लिए राजी नहीं हो रहे थे। ऐसे में दोनों घर से भाग गए। इसको लेकर लड़की के परिजनों ने शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) को रूपक पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था।

हालाँकि, बाद में पुलिस ने दोनों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया था। जहाँ लड़की ने अपहरण की बात से इनकार करते हुए युवक के पक्ष में बयान दिए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया था। लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। लड़की के परिजनों ने मौका पाकर युवक का अपहरण कर लिया। इस पर उसके घरवालों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण करने के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया था।

शानम से शालिनी बनी लड़की और रूपक ने भाजपा नेताओं की मौजूदगी में सोमवार (24 जुलाई, 2023) को मंदिर में शादी कर ली। अब शालनी का कहना है कि उसके पूर्वज कभी हिंदू थे। इसलिए हिंदू धर्म अपनाकर रूपक से शादी की है। शालिनी ने यह भी कहा है कि उसे कट्टरपंथी सोच रखने वाले मुस्लिमों से परेशानी है। इसलिए बिना किसी दबाव के घर वापसी कर रूपक को अपना जीवन साथी बनाया है। अब वह रूपक के साथ ही रहना चाहती है।

वहीं इस पूरे मामले में थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों ने मंदिर जाकर शादी की है। 

ट्रस्ट ने बताया राम मंदिर में कब होगी प्राण प्रतिष्ठा, शुरू हो गई तैयारियाँ: PM मोदी को भी भेजा गया न्योता, गाँव-गाँव में लगेंगे होर्डिंग

धर्म नगरी अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। वहीं, प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियाँ भी जोरों पर हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण पत्र भेजा गया है। यह कार्यक्रम 15-24 जनवरी के बीच होगा।

मीडिया से बात करते हुए चंपत राय ने कहा है, “हमने प्रधानमंत्री जी को एक निवेदन पत्र भेजा है। इस पत्र में लिखा है कि आप आएँगे तो दुनिया में हिंदुस्तान का सम्मान बढ़ेगा। अपने व्यस्त कार्यक्रम से थोड़ा समय निकाल लीजिए। प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम 15 जनवरी से लेकर 24 जनवरी के बीच कभी भी होगा।”

बता दें कि राम मंदिर भवन निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक के समाप्त होने के बाद सोमवार (24 जुलाई, 2023) को चंपत राय ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। उन्होंने कहा है कि इस कार्यक्रम के लिए मंदिर परिसर में 10 हजार कुर्सियाँ लगाए जाने की योजना है। ये कुर्सियाँ कहाँ लगेंगी इस पर अभी विचार किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा है कि इस कार्यक्रम में कितने श्रद्धालु आएँगे इसका कोई आँकड़ा नहीं है। लोग आएँगे तो भोजन व्यवस्था कैसे होगी? शौचालय कहाँ बनेगा? इस तरह की बहुत सी छोटी-छोटी बातों पर हमारा प्राण प्रतिष्ठा प्रबंधन ग्रुप स्टडी कर रहा है। परकोटे में बन रहे मंदिरों की मूर्तियाँ जयपुर से आएँगीं। इन मूर्तियों को लेकर ट्रस्ट के लोग जयपुर जाने वाले हैं।

हर गाँव, शहर, कस्बे में लगेंगी होर्डिंग्स

चंपत राय ने यह भी कहा है कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान इच्छा है कि हिंदुस्तान का कोई मंदिर अछूता ना रहे। देश का कोई भी गाँव, कस्बा ऐसा ना हो जहाँ होर्डिंग्स न लगी हों। इनमें क्या लिखना है यह मैटर ट्रस्ट दे देगा। जो लोग आ नहीं सकते होर्डिंग तो लगा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा है कि रामलला के मंदिर बनने में कोई समस्या न आए इसके लिए अनेकों प्रकार के अनुष्ठान चल रहे हैं। तीर्थ क्षेत्र भवन रामकोट में ऋग्वेद, साम वेद, कृष्ण यजुर्वेद, शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों की आहुतियाँ दी जा रही हैं। वाल्मीकि रामायण व श्रीमद्भागवत का भी पाठ हो रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले 16 जुलाई को चंपत राय ने कहा था कि मंदिर के गर्भगृह में स्थापित होने वाली मूर्ति भगवान राम के 5 वर्षीय बालक रूप की है। प्रतिमा भूतल में मौजूद रहेगी। इन प्रतिमाओं का निर्माण भी अयोध्या में शुरू हो गया है जिसे अक्टूबर तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। राम मंदिर की चौखट मार्बल की है। इसके दरवाजे महाराष्ट्र से आई लकड़ी के बने हैं जिन पर अयोध्या में ही नक्काशी करवाई जा रही है।

चम्पत राय ने फिनिशिंग टच जैसे छोटे-मोटे काम दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद जताई थी। साथ ही कहा था कि अनुमान के मुताबिक मंदिर निर्माण में 21 लाख ग्रेनाइट, घनपुट, सैंड स्टोन और मार्बल प्रयोग हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर के हर हिस्से को ऐसी मजबूती से बनाया जा रहा है जिसे लगभग 1 हजार वर्ष तक मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।

‘श्रीकांत पासवान के शव को पीटा, फेंका, मूता’: मीडिया के सारे दावों को दरभंगा पुलिस ने किया खारिज, अंतिम संस्कार रोकने वाला ‘समुदाय’ कौन

मृतक: श्रीकांत पासवान
ग्राम: धर्मपुर
थाना: कमतौल
पंचायत: हरिहरपुर
प्रखंड: सिंहवाड़ा
जिला: दरभंगा
राज्य: बिहार
देश: भारत

62 साल के श्रीकांत पासवान कैंसर से पीड़ित थे। मौत हो गई तो परिजन अंतिम संस्कार के लिए 23 जुलाई 2023 को शव श्मशान में ले गए। दूसरे ‘समुदाय’ के लोगों ने श्मशान की जमीन अपनी बताकर अंतिम संस्कार का विरोध किया। पत्थरबाजी से लेकर घरों पर हमले तक हुए। मीडिया रिपोर्टों में शव के साथ अमानवीयता के दावे भी किए गए हैं। लेकिन बिहार पुलिस ने इन दावों को नकार दिया है। अंतिम संस्कार को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद कबूली है। पर दूसरे पक्ष की पहचान आधिकारिक तौर पर नहीं बताई है।

मीडिया रिपोर्ट में शव के साथ अमानवीयता का दावा

दैनिक भास्कर के दरभंगा संस्करण में 25 जुलाई 2023 को इस घटना पर एक रिपोर्ट विस्तार से प्रकाशित हुई है। इस खबर की हेडलाइन है- कमतौल में शव को पीटा ही नहीं, फेंका भी: विरोध किया तो पुलिस के सामने घरों में लगाई आग-तोड़फोड़

इसी खबर को दैनिक भास्कर ने ऑनलाइन जिस हेडलाइन से प्रकाशित किया है, वो है- दरभंगा में जलती चिता से शव को फेंका… लोगों को पीटा: श्मशान की जमीन को लेकर हुआ बवाल, पुलिस पर पथराव; घर में आगजनी, गाड़ियां फूंकीं

इन दोनों रिपोर्टों में जो विवरण दिए गए हैं, उसके मुताबिक ‘समुदाय विशेष’ के लोगों ने शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया। शव को पीटा। चिता से शव उठाकर नीचे फेंक दिया। शव पर पेशाब की। मृतक के घर में आगजनी की। तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। पत्थरबाजी हुई। पुलिस और स्थानीय मुखिया के वाहनों को निशाना बनाया। पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में भी रोड़ेबाजी की बात कही गई है। लेकिन किसी भी रिपोर्ट में ‘समुदाय’ की पहचान उजागर नहीं की गई है।

शव के साथ अमानवीयता को पुलिस ने किया खारिज

दरभंगा पुलिस ने इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया है। ट्वीट में 8 लोगों की गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था नियंत्रण में होने, हालात पर कड़ी निगरानी रखने, अफवाह से बचने जैसी बातें कही गई है। बताया है कि धर्मपुर गाँव के श्रीकांत पासवान के अंतिम संस्कार का मालपट्टी गाँव के ‘अन्य समुदाय’ के लोगों द्वारा विरोध किया गया। अंतिम संस्कार नहीं करने देने पर दोनों पक्षों के बीच रोड़ेबाजी और एक-दूसरे के घरों में तोड़फोड़ करने की घटना हुई है।

ऑपइंडिया को कमतौल के थाना प्रभारी ने बताया है कि शव के साथ अमानवीयता के जो दावे किए जा रहे हैं, वे झूठे हैं। विवाद की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुँची तो शव गड्ढा खोदकर चिता पर रखा हुआ था। प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करवाया गया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार ने भी अपनी शिकायत में शव के साथ किसी तरह की अभद्रता का जिक्र नहीं किया है। उन्होंने उपद्रव के दौरान तीन पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की बात कही है। कहा है कि फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। हमने उनसे पूछा कि अंतिम संस्कार का विरोध करने वाले लोग कौन हैं? पासवान के परिवार ने ​क्या किसी के खिलाफ नामजद शिकायत की है? लेकिन हमारे इन सवालों का थाना प्रभारी ने जवाब देने से इनकार कर दिया।

अंतिम संस्कार का विरोध करने वाला ‘समुदाय’ कौन

आधिकारिक तौर पर अंतिम संस्कार का विरोध करने वाले ‘समुदाय’ की पहचान नहीं बताई गई है। दरअसल, जिस श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए श्रीकांत पासवान का शव ले जाया गया था, वह मालपट्टी गाँव की सीमा से लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मालपट्टी गाँव के मुस्लिम इस जमीन पर अपना दावा जता रहे हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट कहती है कि इस भूमि को लेकर दो साल से विवाद चल रहा है। यह जमीन ग्राम पंचायत की है। पहली बार अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ है। अंतिम संस्कार का विरोध करने वाले लोगों के मालपट्टी के मुस्लिम होने की पुष्टि ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के एक पत्र से भी होती है। यह पत्र 24 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा गया है। इसमें स्थानीय मुखिया अजय कुमार झा पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि मालपट्टी के दो दर्जन से अधिक मुस्लिमों के घरों में मुखिया के आदमी और पुलिस ने घुसकर मारपीट की है। इस पत्र की कॉपी ऑपइंडिया के पास है। दरभंगा पुलिस के ट्वीट से भी पता चलता है कि अंतिम संस्कार का विरोध करने वाले मालपट्टी के ही हैं।

लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार अजय झा अंतिम संस्कार को लेकर विवाद होने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ मौके पर पहुँचे थे। उपद्रवियों ने इस दौरान उनकी बाइक भी जला दी। दावा किया जा रहा है कि मुस्लिमों की शिकायत के बाद उपद्रव के अगले दिन बहाने से अजय झा को बुलाकर हिरासत में ले लिया गया। ऑपइंडिया से बात करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के सदस्य नज़रे आलम ने बताया है कि अजय कुमार झा को हिरासत में लेकर थाने में रखे जाने की जानकारी उन्हें भी है। ऑपइंडिया से बातचीत में कमतौल थाना प्रभारी ने भी उनके पुलिस हिरासत में होने की पुष्टि की है।

दलित समाज अब लाश भी नहीं जला सकता: बीजेपी

बिहार बीजेपी ने अपने आधिकारिक हैंडल से इस घटना को लेकर ट्वीट किया है। इसमें कहा गया है, महागठबंधन सरकार में दलित समाज अब लाश भी नहीं जला सकता। दरभंगा में श्मशान में जलती हुई लाश को एक विशेष समुदाय ने निकालकर फेंका। फिर लाश जलाने आए लोगों का घर भी फूँक दिया। पासवान समाज के लोगों का सिर भी फोड़ा।”

ट्ववीट के साथ एक वीडियो भी संलग्न है। जो इस घटना की मीडिया रिपोर्टिंग से जुड़ा है। साथ ही इस घटना पर सरकार की चुप्पी को लेकर भी बीजेपी ने सवाल उठाए हैं।

मदरसा शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला ने नाबालिग छात्रा का किया बलात्कार, पीट कर बाथरूम में कर दिया बंद: पिता बोले – TMC के गुंडों ने धमकाया

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में मदरसा शिक्षक की हैवानियत का मामला सामने आया। आरोप है कि मदरसा शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला ने 8वीं क्लास की छात्रा का रेप किया।  इसके बाद मारपीट कर उसे बाथरूम में बंद कर दिया। पीड़ित लड़की के पिता का कहना है कि आरोपित के खिलाफ शिकायत करने पर टीएमसी नेता उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। घटना शुक्रवार (21 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दक्षिण 24 परगना जिले के धोलाहाट थाना क्षेत्र का है। पीड़ित लड़की के परिजनों का का आरोप है कि उनकी बेटी मदरसे में बाथरूम की ओर जा रही थी। इसी दौरान मदरसे का शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला पीछा करता हुआ वहाँ आ धमका। इसके बाद बाथरूम में ही उसका बलात्कार किया। इस दौरान खुद को बचाने के लिए लड़की ने शोर किया तो आरोपित शिक्षक ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद बाथरूम में ही बंद कर बाहर से तला जड़ दिया।

वहीं दूसरी ओर काफी देर तक लड़की के घर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान पीड़िता के दोस्त न घर जाकर उसकी माँ को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि लड़की को बाथरूम में बंद कर दिया गया है। इसके बाद लड़की की माँ मदरसा पहुँची। जहाँ उसने देखा कि बाथरूम का ताला बाहर से बंद है। वहीं अंदर से आवाजें आ रहीं थीं। इस पर उसने मदरसा के शिक्षकों से ताला लगाने को लेकर सवाल किया। लेकिन कोई भी जवाब को तैयार नहीं था। बाद में शिक्षकों और मदरसा के अन्य बच्चों की सहायता से लड़की को बचाकर उसे घर ले जाया गया। घर पहुँचने पर पीड़ित लड़की ने अपनी माँ को आपबीती सुना दी।

इस पर पीड़ित परिवार लड़की को लेकर स्थानीय धोलाहाट थाने जाकर आरोपित मदरसा शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज कराई। वहीं लड़की के पिता का आरोप है कि बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता उन पर थाने जाकर शिकायत न करने का दबाव बना रहे थे। लेकिन, जब उन्होंने शिकायत कर दी तो TMC की ओर से उन्हें धमकी दी गई।

पीड़ित लड़की के बयान और शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POSCO) के तहत मामला दर्ज कर आरोपित शिक्षक फैजुद्दीन मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित लड़की के परिवार को TMC नेताओं द्वारा धमकाने को लेकर भाजपा हमलवार है। ऑपइंडिया से हुई बातचीत में पश्चिम बंगाल भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रत्युष सिंह ने कहा है, “तुष्टिकरण की राजनीति के चलते ममता बनर्जी सरकार मदरसों से नियंत्रण खो चुकी है। इसलिए इस तरह की घटनाएँ सामने आ रहीं हैं। ये इतने आगे निकल चुके हैं कि ममता बनर्जी अब चाहें भी तो मदरसों पर कंट्रोल नहीं कर सकतीं। कानून-व्यवस्था लचर हो चुकी है। इसलिए रेप और हत्याएँ हो रहीं हैं। अब अपनी फटी हुई चादर को सिलने के लिए TMC के गुंडे पीड़ितों को धमका रहे हैं।”

‘अंग-अंग काट कर BJP कार्यकर्ता को मार डाला’: बिहार में दवा दुकानदार की नृशंस हत्या, नेता प्रतिपक्ष ने पहुँच कर दी श्रद्धांजलि

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमराई हुई है। अब पूर्णिया में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है। भाजपा भाजपा ने इसे नृशंस हत्याकांड करार देते हुए बताया कि महागठबंधन सरकार के गुंडाराज में पूर्णिया जिले के झुन्नी निवासी, भाजपा कार्यकर्ता राज कुमार मेहता की अपराधियों द्वारा छुरा और चाकू से अंग-अंग काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने भी दिवंगत मेहता के परिजनों से मुलाकात की।

पार्टी ने भरोसा दिलाया है कि वो हर एक कार्यकर्ता के साथ मुसीबत के समय में खड़ी है। विजय कुमार सिन्हा ने राजकुमार मेहता के पार्थिव शरीर पर पार्टी का ध्वज ओढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बताया जा रहा है कि ये घटना केनगर प्रखंड झुन्नी कला निवासी रोहिक टोला के रहने वाले 45 वर्षीय राजकुमार मेहता सोमवार (24 जुलाई, 2024) को हुई। उन्हें 12 बार चाकू गोदा गया। उनकी उम्र 45 वर्ष थी। FSL की टीम ने अगले दिन घटनास्थल का दौरा कर जाँच शुरू की।

ये घटना झुन्नी इस्तमरार पंचायत और बेला रिकावगंज बॉडर स्थित बड़ी नहर के कलवर्ट के पास हुई। घटनास्थल से 2 चाकुओं के अलावा एक बाइक की चाबी भी बरामद की गई है। राजकुमार मेहता दवा की दुकान चलाते थे। वारदात के बाद जल्दी-जल्दी में आसपास के लोगों ने उन्हें पूर्णिया मैक्स अस्पताल में पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजकुमार मेहता पथ निर्माण विभाग में भी कार्यरत थे। ड्यूटी के बाद वो नाजिर चौक स्थित अपनी दुकान को खोलते थे।

घटना रात के 9 बजे हुई, जब वो दुकान बंद कर के अपनी सुपर स्प्लेंडर बाइक से घर जा रहे थे। उनके घर के पास के ही एक व्यक्ति ने दवा लेने के लिए उन्हें फोन किया तो चीखने-चिल्लाने की आज सुनाई दी। जब उसने जाकर देखा तो राजकुमार मेहता को खून से लथपथ पाया। उनकी बाइक अब तक गायब है। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया लूटपाट की घटना बता रही है।एक खबर में मृतक का नाम राजीव मेहता भी बताया गया है।

मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, इनको सजा मिले… लिखकर फँदे से झूल गई गीतिका, 11 साल बाद हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा बरी

हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा को गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में बरी कर दिया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार (25 जुलाई, 2023) को फैसला सुनाते हुए गोपाल कांडा के साथ ही अन्य आरोपित अरुणा चड्ढा को भी बरी कर दिया। गीतिका शर्मा ने अगस्त 2012 में आत्महत्या की थी।

11 साल के लंबे वक्त के बाद आए इस फैसले पर गोपाल कांडा ने कहा है, “मेरे खिलाफ एक भी सबूत या कुछ नहीं था। ये सिर्फ और सिर्फ बनाया गया था। यह किस सोच से और क्यों बनाया गया था, ये कोर्ट ने आज फैसला दे दिया है। ये सब कुछ आपके सामने है।” वहीं, कांडा के वकील आरएस मलिक ने भी कहा है कि उनके क्लाइंट के खिलाफ कोई सबूत नहीं था। इस मामले में गोपाल कांडा के साथ ही उनकी MDLR एयरलाइंस कंपनी की मैनेजर रहीं अरूणा चड्‌ढा को भी बरी कर दिया गया।

वहीं, दोनों ही आरोपितों के बरी होने के बाद गीतिका शर्मा के भाई अंकित शर्मा ने कहा है, “मैं अभी बात करने की स्थिति में नहीं हूँ। अभी सोचूँगा कि आगे क्या करना है।”

क्या है मामला

गीतिका शर्मा गोपाल कांडा की एयरलाइंस कंपनी MDLR में एयर होस्टेस के तौर पर काम करती थीं। लेकिन महज 23 साल की उम्र में 5 अगस्त, 2012 को गीतिका ने दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने ही फ्लैट में सुसाइड कर लिया था। गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए कांडा और MDLR कंपनी की मैंनेजर रहीं अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहराया था। बता दें कि गीतिका शर्मा की आत्महत्या के 6 महीने बाद फरवरी 2013 में उनकी माँ अनुराधा शर्मा ने भी आत्महत्या कर ली थी।

दाँव पर था राजनीतिक करियर

इस केस से बरी होने के बाद गोपाल कांडा की विधायकी बच गई। यदि कोर्ट उन्हें दोषी ठहरा देती तो जेल जाने के साथ ही उनकी विधायकी भी जा सकती थी। इस फैसले के बाद अब उनका राजनीतिक करियर भी बच गया है। बता दें कि जब गीतिका शर्मा सुसाइड केस सामने आता था, तब गोपाल कांडा तत्कलीन हुड्डा सरकार में गृह राज्यमंत्री थे। हालाँकि, सुसाइड केस में नाम आने के बाद उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। यही नहीं, इस मामले में उहें 18 महीनों तक जेल में रहना पड़ा था। हालाँकि इसके बाद मार्च 2014 में उन्हें जमानत मिल गई थी।

बता दें कि गोपाल कांडा हरियाणा की सिरसा सीट से विधायक हैं। हरियाणा की BJP-JJP सरकार को समर्थन दिया हुआ है। विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कांडा एक बार फिर मंत्री बनने का सपना देख रहे थे। लेकिन माना जाता है कि गीतिका शर्मा सुसाइड केस के चलते ही उन्हें मंत्री पद नहीं मिल सका।