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विपक्षी गठबंधन ने UPA से छुड़ाया पीछा, 26 दलों ने मिल कर बनाया ‘INDIA’: मुंबई में होगी अगली बैठक, 11 नेताओं की समिति भी बनेगी

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुई 26 दलों की बैठक के बाद विपक्षी एकता गठबंधन का नया नामकरण किया गया है – ‘INDIA (Indian National Democratic Inclusive Alliance)’। अब UPA नहीं, बल्कि नए विपक्षी गठबंधन का नाम ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायन्स’ होगा। इसका नेता कौन है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। राजद ने इसे ‘देश बचाने की विपक्षी एकता के महाअभियान की शुरुआत’ करार दिया है।

विपक्षी दलों की अगली बैठक मुंबई में होगी। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि मुंबई में होने वाली ‘INDIA’ की बैठक के लिए तारीख़ का ऐलान जल्द कर दिया जाएगा। साथ ही एक 11 सदस्यीय समन्वयक समिति का गठन किया जाएगा, जिसके सदस्यों के नामों की घोषणा मुंबई में ही होगी। हिंदी में विपक्षी एकता गठबंधन का नाम होगा – ‘भारतीय राष्ट्रीय लोकतांत्रिक समावेशी गठबंधन’। खड़गे ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए ये बैठक बहुत महत्वपूर्ण है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी ‘टुकड़ों’ को जोड़ने में लगे हुए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नए नामकरण के साथ चुनौती की शुरुआत हो गई है। उन्होंने पूछा, “NDA, क्या तुम INDIA को चुनौती दे सकते हो? हम देशभक्त लोग हैं, अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं।” वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय इतिहास आज के दिन को देशभक्ति और सकारात्मक राजनीति के ‘बेंगलुरु आंदोलन’ के दिन के रूप में याद रखेगा।

वहीं AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि युवा, किसान, कारोबारी और उद्योगपति – सभी NDA सरकार से परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 9 वर्षों में भाजपा की सरकार ने सभी सभी क्षेत्रों को बर्बाद कर दिया है, सब कुछ सबसे ऊँची बोली लगाने वालों को बेच दिया गया है। वहीं राहुल गाँधी ने कहा कि भारत की सारी संपत्ति चंद लोगों के हाथ में हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना है। खड़गे ने मीडिया पर पीएम मोदी का कब्ज़ा होने का दावा करते हुए कहा कि अपने 52 वर्षों के करियर में विपक्ष की आवाज इस तरह से दबाए जाते हुए उन्होंने कभी नहीं देखा।

छत्तीसगढ़ की सड़कों पर पूरी तरह नंगे हो गए युवा, प्रदर्शन के बीच गुजरा मंत्रियों का काफिला: कॉन्ग्रेस सरकार पर SC-ST की नौकरी दूसरों को देने का आरोप

छत्तीसगढ़ के SC-ST युवक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार (18 जुलाई, 2023) की सुबह को राज्य की सड़कों पर तब अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला जब दलित-जनजातीय समाज के युवकों ने नग्न होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी युवक पूरी तरह नग्न थे और राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे। बता दें कि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं और राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं।

रायपुर की सड़कों पर 50 से भी अधिक SC-ST युवकों ने विरोध प्रदर्शन किया। ये युवक पूरी तरह नंगे होकर नारेबाजी कर रहे थे, आसपास से गुजरने वाले लोग भी इन्हें देख कर आश्चर्यचकित थे। पुलिस-प्रशासन इन्हें हटाने के लिए प्रयास करता रहा। इन युवकों का कहना है कि आरक्षित सीटों पर बिना आरक्षण वाले अभ्यर्थियों को नौकरी दे दी गई है। इन युवकों ने अमानसिवनी से विधानसभा की तरफ मार्च किया। इन्होंने अपने हाथों में तख्तियाँ ले रखी थीं।

इन तख्तियों पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाने के आरोप लगाते हुए नारे लिखे हुए थे। कुछ युवकों ने इन तख्तियों को ऊपर उठा रखा था तो कुछ ने इसका इस्तेमाल अपने प्राइवेट पार्ट्स को ढँकने के लिए किया क्योंकि वो पूरी तरह नंगे थे। विधानसभा के पास बैरिकेडिंग कर के पुलिस तैनात थी, जिसने प्रदर्शनकारी युवकों को हिरासत में ले लिया। युवकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में गैर-आरक्षित लोग ऊपर से नीचे तक नौकरियों में आरक्षित सीटों पर कब्जे किए बैठे हैं।

प्रदर्शनकारी युवकों ने इससे पहले प्रेस रिलीज भी जारी किया था, जिसमें निर्वस्त्र प्रदर्शन की बात कही भी गई थी। विधानसभा का अभी सत्र भी चल रहा है और इलाके में VIP मूवमेंट भी था। नेताओं के काफिले के पीछे भी ये प्रदर्शनकारी भागे। कॉन्ग्रेस इसे डॉ रमन सिंह के मुख्यमंत्रीत्व काल का मामला बता रही है, जबकि युवक पूछ रहे हैं कि साढ़े 4 सालों में कॉन्ग्रेस ने इस पर क्या किया। मई 2022 में इन युवकों ने इसी मामले को लेकर अनशन भी किया था।

भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ में अनुसूचित वर्गों के साथ शोषण का दर दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा हैं! विधानसभा के मॉनसून सत्र के बीच राजधानी की सड़कों पर एसटी-एससी वर्ग के युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया गया है। मंत्रियों का काफिला सड़कों से गुजर रहा था। फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी करने वालों पर कार्रवाई की माँग को लेकर एससी-एसटी वर्ग के युवाओं ने ये प्रदर्शन किया है।”

बेटी के साथ बांग्लादेश से आई जूली, हिंदू बन शादी कर मुरादाबाद के अजय को साथ ले गई: अब सास को भेजी बेटे की खून से लथपथ तस्वीरें

पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर और सचिन की ‘लव स्टोरी’ फिलहाल सुर्खियों में है। अब एक मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया है। इस मामले में करीब सालभर पहले बांग्लादेश की जूली नाम की मुस्लिम महिला अपनी 11 साल की बेटी के साथ भारत आई। हिंदू बनकर मुरादाबाद के अजय से शादी की। फिर उसने साथ बांग्लादेश ले गई। अब अजय की खून से लथपथ तस्वीरें वह उसके माँ को भेजती है। अजय ने कॉल कर अपनी माँ से कहा है कि जूली उसे पीटती है। वह यहाँ आकर फँस गया है। इसके बाद अजय के परिजनों ने शनिवार (15 जुलाई 2023) को प्रशासन से उसे बचाने की गुहार लगाई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मुरादाबाद के थाना क्षेत्र सिविल लाइन्स का है। यहाँ किराए के मकान में रहने वाली सुनीता नाम की महिला ने मीडिया को बताया कि उनकी 5 संतानों में बड़ा बेटा अजय टैक्सी चलाकर घर का गुजारा करता था। 2 साल पहले फेसबुक से उसकी बातचीत बांग्लादेश की एक मुस्लिम लड़की जूली से हुई। जूली बांग्लादेश के गाजीपुर की रहने वाली है। फेसबुक पर ही अजय और जूली ने मोबाइल नंबर शेयर किए और दोनों में बातें शुरू हो गई।

अजय की माँ सुनीता के अनुसार करीब साल भर पहले जूली पहली बार मुरादाबाद के उनके घर आई। साथ में उसकी 11 साल की एक बेटी भी थी। जूली के पासपोर्ट और वीजा वैध थे। वह 15 दिनों तक मुरादाबाद में अजय के घर में रही। इस दौरान हिंदू धर्म अपनाकर उससे शादी कर ली। उसने बताया कि उसके शौहर की मौत हो चुकी है। इसके बाद वह बांग्लादेश लौट गई और दोबारा करीब साढ़े तीन महीने पहले फिर से बांग्लादेश से मुरादाबाद आई। इस बार वह अजय के घर करीब 20 दिनों तक रही। फिर वीजा रिनुअल कराने की बात कहकर अजय से कहा कि वह उसे बांग्लादेश बॉर्डर तक छोड़ आए।

सुनीता के अनुसार घर से जाने के करीब तीन दिन बाद अजय का कॉल आया। उसने बताया कि गलती से वह भी बॉर्डर पार कर बांग्लादेश चला गया है। उस समय उसने कोई जुगाड़ कर 10 से 15 दिनों में घर लौट आने की बात अपनी माँ से कही थी। सुनीता के अनुसार 5 दिन पहले अजय ने उनसे कॉल कर कहा था कि वह बांग्लादेश में फँसने की बात कहकर कुछ पैसे भेजने को कहा। इसके बाद उसके ही नंबर से जूली ने सुनीता को कुछ तस्वीरें भेजी। इसमें अजय के सिर और चेहरे से खून बह रहा था

अजय की माँ सुनीता ने अपने बेटे के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए मुरादाबाद प्रशासन से उसे वापस लाने की गुहार लगाई है। मुरादाबाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। इंटेलिजेंस विभाग को मामले की जाँच के आदेश दिए गए हैं।

कॉन्ग्रेस ने माना- विपक्षी दलों में है मतभेद, बेंगलुरु में नीतीश कुमार की ‘बेइज्जती’ पर बिहार से उठे सवाल: जानिए NDA की बैठक में शामिल होंगे कौन से 38 दल

जहाँ कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक तरफ 26 विपक्षी दलों की बैठक चल रही है, वहीं दूसरी तरफ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में NDA के बैनर तले 38 दलों की बैठक होने वाली है। उधर विपक्ष की बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राज्य स्तर पर हमारे बीच कुछ मतभेद हैं, लेकिन ये विचारधारा पर नहीं है। उन्होंने कहा कि ये मतभेद उतने बड़े भी नहीं हैं कि आम जनों, मध्यम वर्ग, युवा, दलित, गरीब, अल्पसंख्यक और जनजातीय समाज के हित में हम इन्हें किनारे न रख सकें।

उन्होंने दावा किया कि चुपके से इन सभी के अधिकारों को कुचला जा रहा है। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हैं, जिन पर बिहार में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी अपने युवराज को प्रधानमंत्री बनाना चाहती है, जबकि राजद अपने युवराज को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का स्वरूप यही है कि लोग खुद के कुछ बनने के लिए दौड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि CM नीतीश कुमार जैसे ही बेंगलुरु पहुँचे, कॉन्ग्रेस के लोगों ने उनकी सारी बेइज्जती कर दी। सम्राट चौधरी ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने उन्हें बता दिया है कि आप Unstable प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं, आप पर भरोसा नहीं किया जा सकता और आप तो पानी के नीचे पुल बनाने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने पूछा कि नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति से अप्रासंगिक हो चुके हैं तो देश में कहाँ से जाएँगे? उन्होंने कहा कि बिहार भाजपा में कोई मतभेद नहीं है और पीएम मोदी के नेतृत्व में हम चुनाव में उतरेंगे।

उन्होंने लोकसभा चुनाव में राजग गठबंधन के 400 से अधिक सीटें जीतने की भी भविष्यवाणी की। उधर विपक्ष की बैठक में खड़गे ने आईडिया ऑफ इंडिया, संविधान, सेक्युलरिज्म और लोकतंत्र को बचाने की बड़ी-बड़ी बातें करते हुए कहा कि कहा कि यहाँ जुटे 26 दल 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकार चला रहे हैं। वहीं कॉन्ग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सुझाव दिया है कि UPA का नया नाम हिंदी में रखा जाए, जबकि पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी का सुझाव है कि नए नाम में ‘मोर्चा’ और ‘फ्रंट’ शब्द न हो।

जो 38 दल NDA की बैठक में शामिल हो रहे हैं, वो हैं – भाजपा, शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे), NCP (अजित पवार गुट), राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति कुमार पारस), लोजपा (रामविलास), ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम, अपना दल (सोनेलाल), नेशनल पीपल्स पार्टी, नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, मिजो नेशनल फ्रंट, इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, नागा पीपल्स फ्रंट, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (रामदास अठावले), असम गण परिषद, पट्टाली मक्कल काची, तमिल मानिला कॉन्ग्रेस, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, जननायक जनता पार्टी, प्रहार जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, जन सुराज शक्ति पार्टी, कुकी पीपल्स अलायन्स, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायन्स (मेघालय), हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, निषाद पार्टी, ऑल इंडिया NR कॉन्ग्रेस, HAM (जीतम राम माँझी का ‘हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा’), जनसेना पार्टी, हरियाणा लोकहित पार्टी, भारत धर्म जनसेना, केरल कामराज कॉन्ग्रेस, पुठिया तमिलगम, गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट।

45 दिनों में बैंक अकाउंट में आ जाएगा सहारा का पैसा, 1.7 करोड़ लोगों को फायदा: अमित शाह ने लॉन्च किया रिफंड पोर्टल

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 जुलाई 2023 को सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल के जरिए शुरुआती चरण में करीब 1.7 करोड़ निवेशक खुद को रजिस्टर कर सकेंगे। आवेदन करने के 45 दिनों के भीतर उनका पैसा उनके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। सहारा इंडिया की कोऑपरेटिव सोसायटीज में करीब 10 करोड़ निवेशकों के पैसे फँसे हुए हैं। मोदी सरकार के इस पहल से चार कोऑपरेटिव सोसायटीज के निवेशकों को तत्काल फायदा मिलेगा।

रिफंड पोर्टल को लॉन्च करते हुए अमित शाह ने कहा, “मोदी सरकार ने छोटे निवेशकों की चिंता की है। सहारा रिफंड पोर्टल एक पारदर्शी जरिया है। इसके जरिए निवेशकों को 5000 करोड़ रुपए वापस मिलेंगे। साथ ही 1 करोड़ लोगों को शुरुआती तौर पर फायदा होगा। करोड़ों ऐसे लोग जिनकी गाढ़ी कमाई कोऑपरेटिव सोसायटी में फँसी हुई है, उनके पैसों की वापसी के लिए कानूनी लड़ाई जारी है।”

उन्होंने कहा, “सहारा का केस कई सालों तक कोर्ट में चला। मल्टी एजेंसी सीजर हुआ। मोदी सरकार ने ऐसे हालात में निवेशकों के हितों को लेकर रिफंड पोर्टल के जरिए एक पहल की है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज निवेशकों की परेशानी समझ कर काम करेंगे ये हमारे लिए गौरव की बात है। जिन लोगों ने निवेश किया है उनके पैसों को वापस करने से कोई नहीं रोक सकता। यह बहुत बड़ी शुरुआत है।”

उन्होंने आगे कहा है, “सभी 4 सोसायटी का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। करीब 1 करोड़ 7 लाख निवेशकों को इस पोर्टल में रजिस्टर होने का अधिकार है। ऐसे निवेशकों को पूरी राशि वापस की जाएगी। कुल मिलाकर 4 करोड़ ऐसे निवेशक हैं, जिन्हें 10 हजार रुपए तक की राशि पहली बार में दी जाएगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि 45 दिन के अंदर पैसा आपके बैंक अकाउंट में जमा हो जाएगा। इसमें निवेशकों को चिंता नहीं करनी है।”

बता दें कि पैसा वापस पाने के लिए सहारा के चार कोऑपरेटिव सोसायटी के निवेशक आवेदन कर सकेंगे। ये चार सोसायटी हैं- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड।

सहारा में जिनलोगों के पैसे फँसे हैं, उनमें ज्यादा संख्या बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों की बताई जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोर्टल में निवेशक अपना दावा ऑनलाइन पेश कर सकेंगे। पोर्टल पर एक लिंक होगा जिसे क्लिक करने के बाद सेबी सहारा ऑनलाइन एप्लीकेशन-2023 का वेब पेज खुलेगा। दावेदारों को उस फॉर्म में माँगी गई सभी जानकारियाँ भरनी होंगी।

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने 29 मार्च 2023 को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सहारा की 4 समितियों के निवेशकों को 9 माह में पैसे लौटा दिए जाएँगे। सुप्रीम कोर्ट में सहारा समूह के निवेशकों को राहत देने की अर्जी केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने लगाई थी। इस अर्जी के बाद उच्चतम न्यायालय ने ‘सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट’ से 5000 करोड़ रुपए सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटीज (CRCS) में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे।

‘सजा पर रोक नहीं लगाई तो मेरे करियर के 8 साल बर्बाद हो जाएँगे’: राहुल गाँधी की याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई 2023 को सुनवाई करेगा। उन्होंने याचिका में गुजरात हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था। कॉन्ग्रेस नेता ने शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में कहा है कि यदि उनकी सजा पर रोक नहीं लगाई गई तो उनके करियर के आठ साल बर्बाद हो जाएँगे।

मंगलवार (18 जुलाई, 2023) को राहुल गाँधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायाधीश पीएस नरसिम्हा और न्यायाधीश मनोज मिश्रा की पीठ के सामने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने अर्जेंट सुनवाई की अपील करते हुए 21 या 24 जुलाई की तारीख देने की माँग की। इसके बाद चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख निर्धारित कर दी।

राहुल गाँधी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक के एक भाषण में कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। गुजरात से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पूर्णेश मोदी ने इसे पूरे समाज का अपमान बता कर सूरत की मेट्रोपोलिटन कोर्ट में राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का आपराधिक केस दर्ज करवाया था। 23 मार्च 2023 को सूरत के मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेस्ट ने राहुल गाँधी को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के दौरान राहुल गाँधी केरल में वायनाड से सांसद थे। सजा के बाद नियमानुसार उनकी संसद सदस्यता समाप्त हो गई थी। 20 अप्रैल को मजिस्ट्रेट अदालत ने भी सजा निलंबित करने की राहुल गाँधी की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी थी।

हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दलील दी है कि अगर उन्हें राहत प्रदान नहीं की जाती है तो वे अपने करियर के 8 साल गँवा देंगे। 2 साल या उससे अधिक की सज़ा होने पर सज़ा की अवधि और उसके बाद 6 वर्ष तक कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।

‘हमारे शेयर्स गिरा कर कमाई की, भारतीय बाजार को अस्थिर करने के लिए किया टार्गेट’: बोले अडानी – कच्छ से लेकर केरल तक, अडानी समूह के कई बड़े प्रोजेक्ट्स ट्रैक पर

हिंडेनबर्ग की एक एक रिपोर्ट के बाद अडानी समूह की कई कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए थे और भारत में भी विपक्षी दलों ने उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ खूब माहौल बनाया था। हालाँकि, अब निवेशकों और कर्मचारियों को अडानी समूह की वार्षिक जनरल मीटिंग में गौतम अडानी ने आश्वस्त किया है कि कंपनी में सब ठीक है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट की एक एक बिंदु पर बारीकी से जवाब दिया और उसे काटा। उन्होंने कहा कि कइयों ने अपना हित साधने के लिए हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को प्रमोट किया।

उन्होंने इस दौरान हिंडेनबर्ग को ‘शॉर्ट सेलर’ करार दिया, अर्थात जो कंपनियों के शेयर्स गिरने पर कमाई करते हों। गौतम अडानी ने इस दौरान याद दिलाया कि कैसे इन तत्वों ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से कई झूठे नैरेटिव चलाए। उन्होंने बताया कि मामले को देखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमिटी बनाई और मई 2023 में रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। इस रिपोर्ट में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमिटी ने पाया कि कोई अनियमितता नहीं थी।

उन्होंने ये जानकारी भी दी कि एक्सपर्ट कमिटी ने यह टिप्पणी भी की कि भारतीय बाजार को अस्थिर करने के लिए जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर के दौरान हमारी कठिनाइयों से उबरने की जो क्षमता है उसने हमें परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि हमारी मातृभूमि में हमारा विश्वास और सपनों को लक्ष्य बना कर चलने में भी यही क्षमता हमारे काम आती है। उन्होंने कहा कि इस साल अमेरिकी शॉर्ट सेलर ने हमारी कंपनियों के शेयर्स को शॉर्ट करने के लिए रिपोर्ट प्रकाशित किया।

उन्होंने इस रिपोर्ट को जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना और निशाना बना कर अविश्वसनीय आरोपों के जरिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा कर और शेयर्स को शॉर्ट कर के कमाने के लिए ये रिपोर्ट बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि कैसे निवेशों के हितों की रक्षा के लिए अडानी समूह ने पूरी तरह सब्स्क्राइब किए गए FPO को वापस ले लिया। उन्होंने बताया कि अभी SEBI की रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन हम हर एक दिन खुद को बेहतर बनाते रहेंगे।

उन्होंने निवेशकों और अन्य हितधारकों का शुक्रिया अदा किया, जो इस संघर्ष में कंपनी के साथ रहे। उन्होंने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भी अडानी समूह में भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि आज के युग में दुनिया के सामने कई चुनौतियाँ हैं। उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक परिस्थितियों और उसमें भारत की स्थिति का अवलोकन करना चाहिए। उन्होंने ध्यान दिलाया कि भारत 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2050 में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था में नीतियों को लागू करना और विकास की आधारशिला रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत में बढ़ती इंटरनल डिमांड की बात करते हुए कहा कि इससे विकास दर बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि 2050 में भी भारत की औसत उम्र 38 साल होगी और जनसंख्या 1.6 बिलियन हो जाएगी। लेकिन, पर कैपिटा इनकम 700% बढ़ जाएगी और ये 16,000 डॉलर हो जाएगी। इस दौरान उन्होंने अडानी समूह के कई प्रोजेक्ट्स की भी बात की।

उन्होंने जानकारी दी कि नवी मुंबई का एयरपोर्ट दिसंबर 2024 तक चालू हो जाएगा। इसी तरह गुजरात में 8600 करोड़ रुपए की लागत से कॉपर प्लांट भी बन रहा है। उन्होंने 2030 तक 45GW रिन्यूएबल इनर्जी प्रोडक्शन के लक्ष्य को भी दोहराया। कच्छ के खावडा में 20GW का हाइब्रिड रिन्यूएबल पार्क बन रहा है। तिरुवनंतपुरम के विझिंजम में देश का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब बन रहा है। मध्य प्रदेश के महन में एक बड़ी बिजली परियोजना पर काम चल रहा है।

‘ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए’: गुजरात कोर्ट ने करामत अली, अयूब और नौशाद को सुनाई उम्रकैद, ISI के लिए करते थे भारतीय सेना की जासूसी

गुजरात की एक अदालत ने पाकिस्तान के तीन जासूसों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इनकी पहचान करामत अली फकीर उर्फ सिराजुद्दीन, मोहम्मद अयूब शेख और नौशाद अली के तौर पर सामने आई है। 17 जुलाई 2023 को इन्हें सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों को खुद से देश छोड़ देना चाहिए। उन्हें अपने देश के 140 करोड़ लोगों की चिंता नहीं है। इनमें पाकिस्तान के प्रति प्रेम दिखता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अहमदाबाद सत्र न्यायालय में करीब 10 साल चली सुनवाई के बाद तीनों जासूसों को जज अम्बालाल पटेल ने सजा सुनाई है। तीनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी भेजते थे। इन्हें सजा सुनाते हुए जज ने कहा, “ये भारत में रहते हैं। लेकिन इनमें देश प्रेम नहीं है। पाकिस्तान के प्रति इनका प्रेम झलकता है। इन्होंने खुद की और पाकिस्तान के हित की सोची। देश के लिए खतरा पैदा किया। ऐसे लोगों की पहचान कर सरकार को उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए या फिर ऐसे लोगों को खुद से देश छोड़ देना चाहिए।”

क्या है मामला

करामत अली उर्फ सिराजुद्दीन, मोहम्मद अयूब शेख और नौशाद अली को अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने साल 2012 में भारतीय सेना की ख़ुफ़िया जानकारी पाकिस्तान को भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ये तीनों तैमूर और ताहिर नाम के ISI एजेंट के सम्पर्क में थे। पूछताछ में पता चला कि सिराजुद्दीन और अयूब के रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं। ये दोनों साल 2007 में रिश्तेदारों से मिलने के लिए कराची गए थे। वहीं पर वे ISI के सम्पर्क में आए। उन्हें भारत से सूचनाओं को भेजने की ट्रेनिंग दी गई। बाद में इनके साथ नौशाद अली भी शामिल हो गया। इन तीनों ने कच्छ, अहमदाबाद, गाँधीनगर और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौजूद सैन्य ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान को भेजी थी।

ख़ुफ़िया सूचनाओं को भेजने के लिए इन्होंने ईमेल ID [email protected] और nandkeshwar@yahoo. com बना रखी थी। इसी में वो संदेशों को ड्राफ्ट कर देते थे। पाकिस्तानी एजेंटों के पास भी इस मेल आईडी का पासवर्ड हुआ करता था, जहाँ से वो कोड में भेजे गए ख़ुफ़िया संदेशों को पढ़ लिया करते थे। इन संदेशों में लिखा था- भाई मैं ठीक हूँ। 085 वाले मामू के बच्चे बाड़मेर से आ गए हैं। हवाई वाले मामू के बच्चे 3118 नए भर्ती हुए हैं, 5 हजार अंडे भिजवा देना। जब पुलिस ने इसे डिकोड किया तो 085 का मतलब गाँधीनगर मिलिट्री कैम्प निकला। वहीं अंडा का अर्थ पैसे से था।

इन सभी को दुबई जैसी जगहों से हर माह 5 से 8 हजार रुपए भेजे जा रहे थे। नौशाद और अयूब को गिरफ्तारी के कुछ समय बाद जमानत मिल गई थी, जबकि सिराजुद्दीन 2012 से ही जेल में है।

गाइत कुछ है, हाल कुछ है, लेबल कुछ है, माल कुछ है… PM मोदी ने बताया 24 के लिए 26 हुए विपक्षी दलों का एजेंडा – ‘परिवार बचाओ, भ्रष्टाचार बढ़ाओ’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक पर निशाना साधा है। बता दें कि 26 दलों का बेंगलुरु में जुटान हुआ है, जिनके नेताओं ने सोमवार (17 जुलाई, 2023) की शाम को दावत उड़ाया। वहीं 18 जुलाई को बृहद बैठक की योजना है। इसी दिन शाम को NDA की बैठक भी है, जिसमें 38 दल उपस्थित होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम भी अब तक फाइनल नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पोर्ट ब्लेयर स्थित ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्यादा फ्लाइट्स और ज्यादा पर्यटक आने का सीधा मतलब है ज्यादा से ज्यादा रोजगार। उन्होंने जानकारी दी कि पोर्ट ब्लेयर की इस नई टर्मिनल बिल्डिंग से आवागमन में आसानी होगी, व्यापार में भी मदद मिलेगी और कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु में जुटी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल उन्हीं कामों को प्राथमिकता देते थे, जिसमें इनका खुद का भला हो, इनके परिवार का भला हो और नतीजा ये हुआ कि हमारे जनजातीय क्षेत्रों और द्वीपों की जनता विकास से वंचित रही, विकास के लिए तरसती रही। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे लंबे समय तक भारत में विकास का दायरा कुछ बड़े शहरों और कुछ क्षेत्रों तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि कुछ दलों की स्वार्थ भरी राजनीति के कारण विकास का लाभ देश के दूर-दराज वाले इलाकों तक पहुँचा ही नहीं।

पीएम मोदी ने कहा, हमारे से पहले की सरकार के 9 साल में अंडमान निकोबार को करीब 23,000 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया था। जबकि हमारी सरकार के दौरान अंडमान निकोबार के विकास के लिए 9 वर्षों में करीब 48 हजार करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। पिछली सरकार में अंडमान निकोबार में करीब 28 हजार घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ा गया था। हमारी सरकार में यहाँ के करीब 50 हजार घरों में पानी का कनेक्शन पहुँचाया गया है।”

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये उनका सौभाग्य है कि 2018 में उन्होंने अंडमान में उसी स्थान पर तिरंगा लहराया जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने झंडा फहराया था। उन्होंने याद दिलाया कि ये हमारी ही सरकार है जिसने रॉस आइलैंड को नेताजी सुभाष का नाम दिया और ये हमारी ही सरकार है जिसने हेवलॉक और नील आइलैंड को स्वराज और शहीद आइलैंड का नाम दिया है। पीएम मोदी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्षों में हमारा भारत कहीं से कहीं पहुँच सकता था।

उन्होंने कहा कि हम भारतीयों के सामर्थ्य में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन सामान्य भारतीय के इस सामर्थ्य के साथ भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों ने अन्याय किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज देश के लोग 2024 के चुनाव में फिर एक बार हमारी सरकार वापस लाने का मन बना चुके हैं, निर्णय ले चुके हैं, ऐसे में भारत की बदहाली के जिम्मेदार कुछ लोग अपनी दुकान खोलकर बैठ गए हैं।

उन्होंने विपक्षी दलों के जुटान में अवधि भाषा में एक कविता की पंक्तियाँ भी पढ़ीं – “गाइत कुछ है, हाल कुछ है, लेबल कुछ है, माल कुछ है।” उन्होंने कहा कि 24 के लिए 26 होने वाले राजनीतिक दलों पर ये बिल्कुल सटीक बैठता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग देश के लोकतंत्र और संविधान को अपना बंधक बनाना चाहते हैं। उन्होंने इन दलों के लिए अपनी पंक्तियाँ पढ़ीं – “नफरत है घोटाले हैं, तुष्टीकरण है मन काले हैं, परिवारवाद की आग के दशकों से देश हवाले है।”

पीएम मोदी ने कहा, “इनके लिए देश के गरीबों के बच्चों का विकास नहीं बल्कि अपने बच्चों और भाई-भतीजों का विकास मायने रखता है। इनकी एक ही विचारधारा और एजेंडा है – अपना परिवार बचाओ, परिवार के लिए भ्रष्टाचार बढ़ाओ। ये जो जमात इकट्ठी हुई है, उनके कुनबे में बड़े से बड़े घोटालों पर, अपराधों पर इनकी जुबान बंद हो जाती है। जब किसी एक राज्य में इनके कुशासन की पोल खुलती है, तो दूसरे राज्यों के ये लोग फौरन उसके बचाव में तर्क देने लगते हैं। कहीं बाढ़ घोटाला होता है, किसी का अपहरण होता है तो कुनबे के सारे लोग चुप हो जाते हैं। कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में सरेआम हिंसा हुई, लगातार खून-खराबा हो रहा है, इस पर भी इन सबकी बोलती बंद है।”

प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि राजस्थान में बेटियों से अत्याचार हो या परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हों, इन्हें कुछ दिखाई नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि परिवर्तन की बातें करके जनता से विश्वासघात करके जब करोड़ों का शराब घोटाला करते हैं, तो ये कुनबा फिर उन्हें कवर देने लगता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भ्रष्टाचार और घोटाले के अनेक मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इनके कुनबे के सारे दलों ने पहले ही सबको क्लीनचिट दे दी है। इन लोगों की साजिशों के बीच हमें देश के विकास के लिए खुद को समर्पित रखना है।

उज्जैन में महाकाल की सवारी पर छत से थूका, वे तीनों नाबालिग हैं इसलिए हम उनका नाम और मजहब नहीं बता सकते: वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्तारी

मध्य प्रदेश के उज्जैन में हिंदुओं की एक धार्मिक यात्रा पर थूकने की घटना सामने आई है। तीनों आरोपित नाबालिग हैं इसलिए हम उनका नाम और मजहब नहीं बता सके। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें एक घर की छत से कुछ लोग थूकते दिख रहे हैं। घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। जिस घर से हिन्दुओं पर थूका गया था उसके कागजातों की भी जाँच की जा रही है। घटना सोमवार (17 जुलाई 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला उज्जैन के थानाक्षेत्र खारा कुँआ का है। सोमवार को यहाँ भगवान महाकाल की सवारी निकली थी, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। यह सवारी शाम लगभग 6:30 पर टंकी चौराहे पर थी। देखने के लिए लोग सड़क के दोनों तरफ छतों पर जमा थे। इस दौरान एक लड़का नीचे मुँह कर थूकता नजर आया। उसके साथ 2 अन्य लोग भी खड़े दिखाई पड़े। यात्रा में शामिल किसी श्रद्धालु ने इस हरकत का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में मुँह में पानी भर कर नीचे थूकने जैसी हरकत दिखाई दे रही है।

कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद हिन्दू संगठन के लोग थाने पहुँचे। रात लगभग 9 बजे खारा कुँआ थाने के बाहर आरोपितों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की माँग को लेकर लोग जमा हो गए। उज्जैन के एडिशनल एसपी आकाश भूरिया ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने तीन नाबालिगों के खिलाफ IPC की धारा 295 A ,153 A, 296 व 505 के तहत FIR दर्ज की गई है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद समुदाय विशेष के लोग भी थाने पहुँचे। उन्होंने पुलिस के आगे अपना पक्ष रखा।

बताया जा रहा है कि जिस घर से श्रद्धालुओं पर थूकने की हरकत की गई है उसके कागजातों की भी जाँच करवाई जा रही है। संतोषजनक न पाए जाने पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की भी संभावना है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं तीनों आरोपितों का पिछला कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है। बताते चलें कि जिस जगह हिन्दू श्रद्धालुओं पर थूकने की घटना हुई है, वहीं से कुछ ही दूर पर साल 2020 में राम मंदिर के लिए धन संग्रह कर रहे हिन्दू संगठन के लोगों पर हमला हुआ था। तब प्रशासन ने आरोपितों के मकानों पर बुलडोजर चलवाया था।