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बेसुध लेटी लड़की, अस्त-व्यस्त पड़े कपड़े… ‘संतोषी माँ’ सीरियल की अभिनेत्री ने शेयर किया अपना कास्टिंग काउच अनुभव, बताया – कोल्डड्रिंक में नशा डाल पिलाया

‘महाभारत’ और ‘संतोषी’ माँ जैसे सीरियलों में अभिनय कर चुकीं प्रसिद्ध TV अदाकारा रतन राजपूत ने फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को ले कर अपने अनुभव साझा किए गए हैं। उन्होंने अपने ऑडिशन में खुद को नशा देने का आरोप लगाते हुए एक लड़की को बेसुध देखने का दावा किया। रतन के मुताबिक तब लड़की के कपड़े अस्त-व्यस्त थे। रतन को अकेले न आने के लिए भी डाँट पड़ी थी। उनका इंटरवियु शनिवार (15 जुलाई 2023) को आज तक पर प्रकाशित हुआ है।

15 जुलाई 2023 (शनिवार) को ‘आज तक’ को दिए गए एक इंटरव्यू में रतन सिंह ने अपना अनुभव साझा किया। कास्टिंग काउच को रतन ने नीयत का नाम दिया। कास्टिंग काउच पर बोलना आने वाली पीढ़ी के लिए जरूरी बताते हुए रतन ने कहा कि सभी को सच जानने का अधिकार है। कॉस्टिंग काउच की नीयत वालों को अभिनेत्री ने चावल में कंकड़ जैसा बताया। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने पूरी इंडस्ट्री को गलत न कहने की अपील की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि गलत सोच रखने वालों को निकाल दिया जाए।

बीते समय के ओशिवरा नाम के एक रेस्टोरेंट का जिक्र करते हुए रतन सिंह ने कहा कि उनको ऑडिशन के लिए बुलाया गया था। वहाँ रतन अपने एक साथी के साथ पहुँचीं थीं। तब रतन का ऑडिशन एक जूनियर कॉर्डिनेटर ने लिया था। कॉर्डिनेटर ने रतन और उसके साथी को अंदर बुला कर पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक दिया। कुछ सिप ले कर रतन और उनका साथी वापस घर लौट गए थे क्योंकि उन्हें कुछ समय बाद दूसरे ऑडिशन के लिए बुलावा आने की जानकारी दी गई। रतन का दावा है कि घर लौटने पर उन्हें और उनके साथी को एहसास हुआ कि कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीली चीज मिलाई गई थी।

रतन ने आगे बताया कि दूसरे ऑडिशन से पहले उन्हें एक बेकार सी स्क्रिप्ट भेजी गई थी। इस बार भी रतन अपने साथी के साथ ऑडिशन के लिए पहुँची। रतन के मुताबिक, दूसरे ऑडिशन की जगह बेहद अजीब सी थी जहाँ एक लड़की बेसुध लेटी थी। कमरे में लाइट भी बेहद मद्धिम थी। रतन का दावा है कि बेसुध लड़की के कपड़े बिखरे पड़े थे और उसके साथ गलत हो चुका था। इस दौरान ऑडिशन लेने वाला रतन के पास आया और लड़के को साथ लाने पर नाराजगी जताने लगा। हालाँकि, रतन ने उस लड़के को अपना भाई बताया और ऑडिशन वाली जगह से लौट आई।

‘मैं फूड पॉइजनिंग की शिकार हो गई हूँ, बुखार है’: वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज से पीछे हटीं विनेश फोगाट, डोपिंग एजेंसी की नोटिस का नहीं दिया है जवाब

भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) हंगरी में आयोजित बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2023 से हट गईं। उन्होंने बुखार और फूड पॉइजनिंग का हवाला देते हुए मैच से एक दिन पहले अपना नाम वापस लिया। कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर विनेश फोगाट लगातार चर्चा में थीं। हाल ही में नेशनल डोपिंग एजेंसी ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया था।

विश्व चैंपियनशिप में दो बार की पदक विजेता और पिछले एशियन गेम्स की विजेता विनेश फोगाट को 55 किग्रा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करना था। लेकिन अब बीमारियों के चलते उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। विनेश फोगाट ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज के आयोजकों और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को इस बारे में सूचित कर दिया है।

बता दें कि विनेश फोगाट का शनिवार (15 जुलाई 2023) को मैच था। लेकिन इससे एक दिन पहले शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को ही उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। हालाँकि यह खबर अब सामने आई। विनेश फोगाट के हटने के बाद संगीता फोगाट टूर्नामेंट में एकमात्र महिला पहलवान बची थीं। संगीता ने 59 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।

ज्ञात हो कि विनेश फोगाट ने आखिरी बार सितंबर 2022 में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। इसके बाद से वह मैट से बाहर थीं। यानी कि करीब 11 महीने से वह कुश्ती से दूर थीं। चूँकि अब उन्होंने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है। ऐसे में विनेश के फैंस को कुश्ती की मैट में देखने के लिए कुछ और समय का इंतजार करना पड़ेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले विनेश फोगाट को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने उन्हें घर पर न मिलने के चलते नोटिस जारी किया। डोपिंग एजेंसी के अधिकारी विनेश फोगाट के घर गए थे। लेकिन वह घर पर नहीं मिलीं। इसके अलावा अधिकारियों ने उनसे फोन के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की थी। लेकिन विनेश ने फोन रिसीव नहीं किया।

बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन

विनेश फोगाट कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को लेकर लगातार चर्चा में रहीं हैं। विनेश व अन्य पहलवानों ने बृजभूषण पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की है। बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2023 में कांस्य पदक जीतने वाली संगीता फोगाट भी बृजभूषण के खिलाफ धरना प्रदर्शन में शामिल थीं।

भारत की ‘रॉकेट वुमन’, जो ‘चंद्रयान 3’ मिशन का कर रही हैं नेतृत्व: जानिए कौन हैं यूपी की रितु श्रीवास्तव, बचपन में इकट्ठे करती थीं NASA की पेपर कटिंग

भारत ने चंद्रयान-3 को प्रक्षेपित कर दिया है। यह अब तक अपनी नियत शर्तों के तहत काम कर रहा है और उम्मीद है कि अगले महीने के तीसरे सप्ताह में चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग भी करेगा। इस मिशन के पीछे भारत की ‘रॉकेट वुमन’ के नाम से प्रसिद्ध रितु करिधल श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पूरे मिशन का नेतृत्व किया था।

जब चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण हुआ और वह लगभग 3.85 लाख किलोमीटर की अपनी यात्रा पर निकला तो ISRO की वरिष्ठ वैज्ञानिक और मिशन की निदेशक डॉक्टर रितु के घर में जश्न मनाया जाने लगा। रितु के परिजनों ने मिठाइयाँ बाँटीं।

रितु लखनऊ की रहने वाली हैं। उन्होंने साल 1996 में उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय से भौतिकी (Physics) में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ इंजनीयरिंग (ME) किया।

साल 1997 में रितु भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) में शामिल हो गईं। वह चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर और मंगलयान मिशन की डिप्युटी ऑपरेशंस डायरेक्टर थीं। उन्होंने अब तक देश-विदेश की जर्नल में 20 से अधिक शोध पत्र छपवा चुकी हैं।

रितु करिधल ISRO और NASA की पेपर कटिंग को इकट्ठा करती हुई बड़ी हुई हैं। वह बड़ी होकर अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थीं। आखिरकार उनका सपना साकार हुआ और उन्होंने आगे चलकर ISRO को जॉइन कर लिया।

उनके योगदान के लिए रितु को कई पुरस्कार मिल चुके हैं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) ने उन्हें ‘ISRO यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। साल 2007 में मिला यह अवॉर्ड रितु के लिए गौरव का क्षण था।

इसके अलावा, उन्हें सोसाइटीज ऑफ इंडियन एयरोस्पेेस टेक्नोलॉजिज एवं इंडस्ट्रीज (SIATI) द्वारा दिया गया वीमन अचीवर्स ऑफ एयरोस्पेस अवॉर्ड 2017 शामिल है। उन्हें ISRO Team Award for MOM (2015) और ASI Team Award’ भी मिल चुका है।

रितु करिधाल श्रीवास्तव एक शानदार इंजीनियर और समर्पित लीडर हैं। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह STEM क्षेत्रों में महिलाओं के लिए एक आदर्श हैं और वह दुनिया भर के कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं।

‘किरदार की तैयारी के लिए मैंने पढ़ी भगवद्गीता, ये बहुत सुंदर और प्रेरणादायी पुस्तक’: आयरिश अभिनेता का खुलासा, ‘फादर ऑफ एटम बम’ पर आ रही है फिल्म

परमाणु बम के जनक कहे जाने वाले जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर पर फिल्म आ रही है। फिल्म के निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन हैं, जिन्होंने ‘मोमेंटो (2000)’, ‘Batman’ सीरीज की तीन फिल्मों (2005 में ‘बैटमैन बेगिंस’, 2008 में ‘द डार्क नाइट’ एवं 2012 में ‘द डार्क नाइट राइजेज’), ‘Inception (2010)’, ‘Interstellar (2014)’ और ‘Tenet (2020)’ जैसी बड़ी फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी ताज़ा फिल्म ‘Oppenheimer’ में सिलियन मर्फी टाइटल किरदार में हैं।

सिलियन मर्फी ‘प्रोजेक्ट वाई’ के डायरेक्टर जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर का किरदार अदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनके परमाणु बम बनाए जाने के बाद अमेरिका ने हिरोशिमा पर बमबारी की। अब सिलियन मर्फी ने बताया है कि इस किरदार की तैयारी के लिए उन्होंने भगवद्गीता पढ़ी थी। उन्होंने बताया कि रॉबर्ट ओपेनहाइमर के दिमाग और उनकी सोच को पकड़ने के लिए उन्होंने हिन्दू धर्मग्रन्थ का अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि गीता पूरी तरह से एक सुंदर पुस्तक है, इसे बहुत प्रेरणादायक है।

सिलियन मर्फी ने कहा कि एक तरह से रॉबर्ट ओपेनहाइमर को उस समय इसकी ज़रूरत थी। इससे उन्हें सांत्वना मिली। सिलियन मर्फी ने ये भी बताया कि दिग्गज अमेरिकी थ्योरेटिकल फिजिसिस्ट को जीवन भर भगवद्गीता से सांत्वना मिली। ‘Oppenheimer’ 21 जुलाई, 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। सिलियन मर्फी आयरलैंड के अभिनेता हैं, जिनका जन्म शिक्षकों के परिवार में हुआ था। 10 वर्ष की उम्र से ही उन्होंने गाने लिखना और परफॉर्म करना शुरू कर दिया था।

‘यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क (UCC)’ से उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की। वो ‘Batman Begins’ में विलेन का किरदार निभा चुके हैं और तभी से क्रिस्टोफर नोलन उनसे प्रभावित हैं। अंत में आपको बता दें कि रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने कहा था कि जब दुनिया का पहला परमाणु ब्लास्ट सफल रहा, तब उनके मन में भगवद्गीता से भगवान श्रीकृष्ण के ये शब्द गूँजे – “अब मैं मृत्यु बन गया हूँ, संसारों का विध्वंस करने वाला।” उन्होंने गीता पढ़ने के लिए संस्कृत भी सीखी थी।

पुलिस ने अहमदिया मुस्लिमों के मस्जिद को ध्वस्त करवाया: कट्टरपंथियों ने कहा था – गिराओ वरना हम खुद ढाह देंगे: अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कमिटी ने की निंदा

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं, सिखों और ईसाइयों के साथ वहाँ अहमदिया समुदाय के मुस्लिम भी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। ताजा मामले में पंजाब प्रान्त की एक मस्जिद की मीनार को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को पाकिस्तान सरकार से इस मस्जिद की मीनारों को गिराने के लिए कहा था। मीनार न गिराए जाने पर TLP द्वारा उसे खुद से ध्वस्त करने की धमकी भी दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रदेश में जेहलम जिले का है। यहाँ के काला गुजरान इलाके में अहमदिया लोगों ने अपनी इबादतगाहें बनवा रखीं हैं। इन इबादतगाहों के खिलाफ TLP नेता असीम अशफाक रिज़वी ने मुहिम चला रखी थी। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से इन्हे गिराने की अपील करते हुए कार्रवाई न होने पर खुद ही इबादतगाओं को ध्वस्त करने की धमकी दी थी। ये धमकियाँ सार्वजानिक मंचों से लोगों के बीच दी गईं थी जहाँ बाकी लोगों को भी अहमदी लोगों की इबादतगाहों को नष्ट करने के लिए उकसाया गया था। इन धमकियों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इन धमकियों के बाद पाकिस्तान सरकार के पंजाब प्रान्त के अधिकारी सक्रिय हुए। उन्होंने अहमदी लोगों की मीटिंग बुलाई और उनके निर्माण को अवैध बताया। आखिरकार तमाम विरोधों के बावजूद 14 जुलाई की रात को पुलिस ने अहमदी समुदाय की मस्जिदों की मीनारों को ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि आधी रात के अँधेरे में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न सिर्फ अहमदी लोगों के फोन जमा कर लिए थे बल्कि आस-पास लगे कैमरों को भी बंद करवा दिया था। इस दौरान अहमदी लोगों को बंधक बना लिया गया था जिन्हें मीनारों को गिराने के बाद छोड़ा गया।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कमेटी (IHRC) ने अहमदिया समुदाय को खतरे में बताते हुए पाकिस्तान पुलिस की इस हरकत को उन पर हमले के जैसा बताया है। कमेटी ने ऐसे मामलों में पाकिस्तान सरकार का रवैया भी निराशाजनक बताते हुए उन पर कट्टरपंथियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। IHRC का मानना है कि अपनी मज़हबी मान्यताओं के चलते ही पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय चरमपंथियों के निशाने पर हैं। इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की माँग की गई है।

ओमप्रकाश राजभर की ‘सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी’ बनी NDA का हिस्सा: चिराग पासवान और जीतन राम माँझी पहले ही आ चुके हैं साथ, 18 जुलाई को बड़ी बैठक

 ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन गई है। राजभर ने रविवार (16 जुलाई 2023) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और रविवार (16 जुलाई) को इसकी घोषणा की गई है। बता दें कि NDA के सहयोगियों की 18 जुलाई को दिल्ली में बैठक होने वाली है।

अमित शाह ने SBSP के NDA में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “राजभर के आने से एनडीए को मजबूती मिलेगी। इससे पहले दोनों नेताओं की 14 जुलाई 2023 को मुलाकात हुई थी। राजभर के साथ उनके बेटे भी थे। अमित शाह ने राजभर और उनके बड़े बेटे अरविंद राजभर के साथ मुलाकात की एक तस्वीर की साझा की।

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, “श्री ओपी राजभर जी से दिल्ली में भेंट हुई और उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में आने का निर्णय लिया। मैं उनका NDA परिवार में स्वागत करता हूँ। राजभर जी के आने से उत्तर प्रदेश में एनडीए को मजबूती मिलेगी और मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए द्वारा गरीबों व वंचितों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों को और बल मिलेगा।”

गठबंधन को घोषणा करने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने भी ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी के राषट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा को धन्यवाद दिया। बताते चलें कि बिहार के चिराग पासवान और जीतनराम मांझी पहले ही NDA का हिस्सा बन चुके हैं।

NDA हिस्सा बनने पर राजभर ने कहा, “भाजपा और सुभासपा आए साथ। सामाजिक न्याय देश की रक्षा-सुरक्षा, सुशासन और वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं, किसानों, नौजवानों, हर कमजोर वर्ग को  सशक्त बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी मिलकर लड़ेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत सरकार में गृहमंत्री आदरणीय अमित शाह जी से दिल्ली में भेंट हुई और माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में शामिल होने का निर्णय लिया। मैं माननीय अमित शाह जी, माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय जेपी जेपी नड्डा को धन्यवाद देता हूँ।”

रिपोर्ट के मुताबिक ओपी राजभर ने NDA में शामिल होने की तीन शर्तें रखी थीं। ये तीनों शर्तें पूर्वांचल की तीन सीटें– आजमगढ़, चंदौली और गाजीपुर सुभासपा को देने को लेकर थीं। कहा जा रहा है कि इसमें से एक सीट पर बात बनी है। इस सीट पर ओपी राजभर अपने छोटे बेटे अरुण राजभर को चुनाव मैदान में उतारेंगे। इसके अलावा, राजभर को योगी सरकार में मंत्री पद भी दिया जा सकता है।

वहीं, NDA की बैठक में शामिल होने के लिए 19 दलों को न्योता भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक को साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। वर्तमान में बीजेपी नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह NDA के अध्यक्ष हैं।

बैठक में शामिल होने के लिए जिन दलों को न्योता भेजा गया है, उनमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), उपेंद्र कुशवाहा की लोक समता पार्टी, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा, संजय निषाद की निर्बल इंडियन शोषित हमारा अपना दल (Nishad)- निषाद पार्टी, अनुप्रिया पटेल का अपना दल (सोनेलाल), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)- हरियाणा, जनसेना- पवन कल्याण, आंध्र प्रदेश, एआईएमडीएमके- तमिलनाडु शामिल हैं।

इसके अलावा, तमिल मनिला कॉन्ग्रेस, इंडिया मक्कल कलवी मुनेत्र कड़गम, झारखंड की आजसू, एनसीपी- कोनरॉड संगमा, नागालैंड की एनडीपीपी, सिक्किम की एसकेएफ, जोरमथंगा की मिजो नेशनल फ्रंट, असम गण परिषद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी- ओमप्रकाश राजभर, शिवसेना (शिंदे ग्रुप) और एनसीपी (अजित पवार ग्रुप) को भी निमंत्रण भेजा गया है।

बताते चलें कि मई 1998 में NDA का गठन किया गया था। भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी को इसका पहला अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद NDA ने केंद्र में अपनी पहली सरकार बनाई थी। गठन के बाद से अब तक एनडीए में करीब 41 राष्ट्रीय एवं राज्य की पार्टियाँ सदस्य रह चुकी हैं। आज विपक्ष में खड़ीं ममता बनर्जी की टीएमसी, स्टालिन की डीएमके, फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की पीडीपी और नीतीश कुमार की जेडीयू भी इसका हिस्सा रह चुकी हैं।

हिन्दू लड़की से शादी करने जा रहा था आमिर अली, बीवी ने ही पहुँचवा दिया जेल: पूरा परिवार करता था मारपीट और गाली-गलौज, 3 बार कराया गर्भपात

उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने हिन्दू धर्म अपना कर एक लड़की से शादी का प्रार्थना पत्र देने वाले आमिर अली को गिरफ्तार कर लिया है। आमिर अली पर उसकी बीवी गुलफशा ने बुधवार (12 जुलाई, 2023) को दहेज़ माँगने, मारपीट और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस शिकायत में आमिर के अब्बा-अम्मी, सहित कुल 7 लोग नामजद हैं। आमिर की बीवी का आरोप है कि उसके शौहर का एक हिन्दू लड़की से साल 2014 से अफेयर है और दोनों मिल कर उसे रास्ते से हटाना चाहते हैं। आमिर की गिरफ्तारी शुक्रवार (14 जुलाई, 2023) को हुई है।

मुरादाबाद पुलिस के मुताबिक, आमिर अली पर उनकी बीवी ने धोखा देकर निकाह करने, दहेज़ माँगने और गाली-गलौज कर प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी मामले की जाँच करते हुए पुलिस टीम को फरार चल रहे आमिर अली की लोकेशन मुरादाबाद के मुगलपुरा में प्रिंस पब्लिक स्कूल के पास मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँच करआमिर अली को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आगे की जाँच चल रही है।

आमिर की बीवी गुलफशा के मुताबिक उनका निकाह 20 फरवरी 2022 को हुआ था। आरोप है कि निकाह से पहले ही आमिर एक हिन्दू लड़की के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था जिसे लड़की के घर वालों से छिपाया गया। इस हरकत को एक साजिश बताते हुए गुलफशा ने इसमें आमिर के अब्बा आरिफ, अम्मी हमीदा, बहन लुबना और उजमा के साथ उसके जीजा इमरान और आसिफ को भी इसमें शामिल बताया है। इन सभी 7 आरोपितों पर दहेज के लिए पीड़िता को मारने-पीटने के साथ धमकी और गालियाँ देने का आरोप है।

गुलफश का आरोप है कि आरोपितों द्वारा कई बार गर्भ गिराने के बाद भी उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पैसा होने के 3 माह बाद उसका शौहर दूसरे निकाह की जिद करने लगा। गुलफशां के अनुसार उसने अपने शौहर की इस जिद का विरोध करने के साथ उसका मोबाइल भी चेक किया। आरोप है कि चैटिंग में आमिर और उसकी लिव इन पार्टनर मिल कर गुलफ़शा की हत्या की साजिश रच रहे थे। शिकायत में आमिर को उसकी लिव इन पार्टनर के साथ साल 2014 से रिलेशन में बताया गया है।

आमिर की बीवी की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 498- A, 420, 323, 504 के साथ दहेज़ अधिनियम 3/4 के तहत 7 आरोपितों पर केस दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

बताते चलें कि 3 जुलाई 2023 को आमिर अली ने मुरादाबाद के जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिख कर हिन्दू बनने की अनुमति माँगी थी। तब उसने पत्र में अपनी आस्था हिन्दुओं में बताते हुए इसे बिना किसी दबाव के लिया गया निर्णय बताया था। अपने पत्र में आमिर ने अपना नया नाम अमित माहेश्वरी रखने की इच्छा जताई थी। इस पत्र के सामने आने के बाद आमिर की बीवी गुलफशा ने अपने शौहर पर गंभीर आरोप लगाए थे। तब उन्होंने इसे हिन्दू लड़की से शादी करने की आमिर की साजिश बताया था।

‘सबसे अच्छे राजनयिक हैं भगवान हनुमान’: विदेश मंत्री ने PM मोदी की भी जमकर की तारीफ, बोले- उनका प्रधानमंत्री बनना देश के लिए सौभाग्य की बात

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने बैंकॉक में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जैसा व्यक्ति मिलना देश के लिए सौभाग्य की बात है। वे कई चीजों को नीतियों और कार्यक्रमों में बदल देते हैं।

जयशंकर ने पीएम मोदी को असाधारण व्यक्तित्व का स्वामी बताया। राजनयिक से नेता बनने तक की अपनी यात्रा पर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने एक राजनयिक के रूप में हमेशा राजनेताओं के साथ काम किया, लेकिन 24×7 वाली राजनीति की दुनिया में बिना थके और किसी छुट्टी के काम करना अलग बात है।

कोरोना के दौर में पीएम मोदी द्वारा लिए गए निर्णयों को याद करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि इस समय पीएम मोदी जैसा व्यक्ति मिलना देश का बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूँ, क्योंकि वे आज प्रधानमंत्री हैं और मैं उनके मंत्रिमंडल का सदस्य हूँ।” उन्होंने कहा कि महिलाएँ पैसे का बेहतर ढंग से प्रबंधन करती हैं, यह विचार बहुत से लोगों के मन में नहीं आया होगा, लेकिन पीएम ने ऐसा सोचा।

जयशंकर ने आगे कहा, “मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ, क्योंकि जब आपके सामने सदी में एक बार होने वाली स्वास्थ्य चुनौती होती है तो केवल वही व्यक्ति जो इतना जमीन से जुड़ा हो, कह सकता है कि ठीक है स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है, लेकिन घर जाने वाले व्यक्तियों के लिए क्या किया जाएगा, उन्हें खिलाने के लिए क्या करेंगे, उनके खाते में पैसे कैसे डालेंगे।”

एक अच्छे नेता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “अच्छे नेता वे लोग होते हैं जो बहुत ज़मीन से जुड़े होते हैं और जो हो रहा है उसके लिए बहुत अनुभवी होते हैं, लेकिन उनमें देश को एक अलग स्तर पर ले जाने का जुनून भी होता है। ये ज़मीन से गहराई से जुड़े हुए और बहुत दूरदर्शी होते हैं। ऐसे लोग कभी-कभार पैदा होते हैं।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उनके अनुसार अब तक के सर्वश्रेष्ठ राजनयिक भगवान हनुमान हैं। जयशंकर ने कहा, “मैं अपने राजनयिक करियर और राजनीति में प्रवेश के बीच के अंतराल के दौरान एक किताब लिखी थी कि कैसे महाभारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक मार्गदर्शक के रूप की भूमिका निभा सकता है। महाभारत शासन करने कला की तरह है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप रामायण को भी देखें और मुझसे पूछें कि मेरे हिसाब से सबसे अच्छा राजनयिक कौन है तो मेरा जवाब होगा- भगवान हनुमान। आप इसे भगवान राम की ओर से देख रहे हैं, लेकिन अगर हम इसे एक देश के रूप में देखें तो वे किसी अज्ञात व्यक्ति से निपट रहे हैं, जिसकी उतनी जानकारी नहीं है… आपको वहाँ जाना है, खुफिया जानकारी ढूंढनी है, सीता का पता लगाना है…”

भगवान हनुमान के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री आगे कहते हैं, “हनुमान गुप्त रूप से सीता से संपर्क स्थापित करते हैं, उनका मनोबल ऊँचा रखते हैं, उस स्थान को आग लगा देते है जो राजनयिकों के लिए मेरा नुस्खा नहीं है… लेकिन यदि आप समग्रता से देखें तो वे इन सबको सफलतापूर्वक अंजाम देकर सुरक्षित वापस आ जाते हैं।”

‘मुसलमान लोग अच्छे होते ही नहीं’: अलवर में जुनैद ने रोहित बन हिन्दू लड़की का किया रेप, ₹8 लाख भी ठगे; गाँव पहुँचने पर खुली सच्चाई

राजस्थान के अलवर जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ जुनैद नाम के लड़के पर रोहित नाम से हिन्दू लड़की को प्यार के जाल में फँसाने और रेप करने का आरोप लगा है। लड़की के मुताबिक जुनैद ने उसके अश्लील वीडियो बनाए और उसे ब्लैकमेल कर के लाखों रुपए भी ठगे। शनिवार (15 जुलाई 2023) को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच करने की जानकारी दी है। फिलहाल जुनैद फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला अलवर के गाँव ककराली का है। दिल्ली की रहने वाली एक 24 साल की लड़की ने यहाँ के रहने वाले जुनैद के खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लड़की ने बताया कि वह दिल्ली में ब्यूटी पॉर्लर का काम करती है। फ़रवरी 2022 में अलवर में हुई एक शादी समारोह में वह पहली बार जुनैद से मिली थी। यहाँ जुनैद ने अपना परिचय रोहित के नाम से दिया। आरोप है कि इसी नाम से जुनैद ने अपनी इंस्टाग्राम ID भी बना रखी थी।

शिकायत में बताया गया है कि जुनैद ने रोहित नाम की इंस्टा ID से लम्बे समय तक पीड़िता से बात की। कुछ समय बाद दोनों में दोस्ती हो गई। इस बीच जुनैद ने खुद को बेहद गरीब बताते हुए लड़की से पैसों को माँग की। बदले में पीड़िता ने रोहित बने जुनैद को थोड़े-थोड़े मिला कर कुल 8 लाख रुपए दे दिए। 11 अप्रैल 2022 को जब पीड़िता अपने एक काम के सिलसिले में अलवर गई तो उसे होटल में जुनैद मिला। यहाँ उसने नशीला पदार्थ देकर पीड़िता से रेप किया और अश्लील फोटो व वीडियो ले लिए।

बाद में इसी वीडियो का डर दिखा कर जुनैद लड़की से कई बार रेप किया और पैसे ऐंठे। लड़की ने बताया कि जुनैद उसका पीछा भी कर रहा था। इसी के चलते जब 3 जुलाई 2023 को वह किसी काम से जोधपुर गई तो वहाँ जुनैद भी पहुँच गया। यहाँ उसने पीड़िता से रेप किया और शादी का झाँसा दे कर उसे अलवर ले गया। अलवर में जुनैद ने हिन्दू विधान से दिखावे की एक शादी कर के किराए पर एक कमरा ले लिया और 12 जुलाई 2023 को फिर पीड़िता से रेप किया। बताया जा रहा है कि जब लड़की जुनैद के बारे में जानकारी जुटाने के मकसद से उसके गाँव ककराली पहुँची तब उसे जुनैद के मुस्लिम होने की जानकारी हुई।

यहाँ पीड़िता को जुनैद के पहले से शादीशुदा होने की भी सूचना मिली। लड़की का आरोप है कि उसने जुनैद से अपने पैसे वापस माँगे तो 13 जुलाई को रात 8 बजे जुनैद उसके कमरे पर चाकू ले कर आया। यहाँ उसने पीड़िता को शादी या पैसे की बात करने पर जान से मार डालने की धमकी दी। साथ ही उसने कहा कि वह सभी अश्लील वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। शिकायत में लड़की का यह भी आरोप है कि हिन्दू बन कर उसे 2 साल तक लूटने में जुनैद के परिवार के अन्य लोग भी शामिल हैं।

लड़की ने एक बयान में कहा कि अगर उसे रोहित बने जुनैद के मुस्लिम होने की जानकारी होती तो वो बात भी न करती। पीड़िता ने आगे कहा, “मुझे पता है कि मुसलमान लोग अच्छे होते ही नहीं है। सब फ्रॉड होते हैं।” लड़की ने जुनैद के साथ उसकी माँ और बहनों पर भी अक्सर खुद से बात करने और धोखे में रख कर पैसे माँगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने जुनैद के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। केस दर्ज होने के बाद जुनैद फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

रुपए में व्यापार, आबू धाबी में IIT कैंपस: PM मोदी के UAE दौरे से हुए महत्वपूर्ण समझौते, प्रधानमंत्री बोले- राष्ट्रपति जायेद से मिला भाई का प्यार

एक दिवसीय यात्रा पर शनिवार (15 जुलाई 2023) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का भव्य स्वागत हुआ। अबू धाबी में पीएम मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस दौरान रुपयों में व्यापार करने और अबू धाबी में IIT खोलने जैसे महत्वपूर्ण समझौते हुए।

इस मुलाकात में भारत और UAE के बीच बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान स्थानीय मुद्राओं में व्यापार शुरू करने, तेज़ भुगतान प्रणाली को जोड़ने और आईआईटी-दिल्ली का कैंपस खोलने पर सहमति व्यक्त की। खाड़ी देश में IIT का कैंपस खुलने से भारतीय शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण होगा और उससे देश को फायदा मिलेगा।

पीएम मोदी की UAE दौरा का समापन हो गया है और वे भारत लौट आए हैं। इसको लेकर पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “उपयोगी UAE यात्रा का समापन। हमारा देश इस दुनिया को बेहतर बनाने के उद्देश्य से काम कर रहा है। मैं गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद देता हूँ।”

दोनों देशों के बीच व्यापार में डॉलर के बजाय रुपए में भुगतान से लेनदेन की लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही दोनों देश आसान धन हस्तांतरण की सुविधा के लिए भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) और यूएई के इंस्टेंट पेमेंट प्लेटफॉर्म (IPP) को जोड़ने पर भी सहमत हुए।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर के बाद से भारत-यूएई व्यापार में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी ने कहा कि यूएई के साथ व्यापार को भारत 85 से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाएगा।

दोनों देशों के प्रमुखों के सामने आरबीआइ के गवर्नर डॉक्टर शक्तिकांत दास और रिजर्व बैंक ऑफ यूएई के गवर्नर खालेद मोहम्मद बालमा ने हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति भवन कसर-अल-वतन में आयोजित भोज में UAE के राष्ट्रपति ने पूर्ण शाकाहारी भोजन लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से हमेशा एक भाई का प्यार मिला है। उन्होंने UAE के राष्ट्रपति से कहा, “जिस तरह से हमारे देशों के बीच संबंधों का विस्तार हुआ है, उसमें आपका बहुत बड़ा योगदान है। भारत का हर व्यक्ति आपको एक सच्चे दोस्त के रूप में देखता है।”

इसके अलावा, पीएम मोदी ने COP28 के मनोनीत अध्यक्ष सुल्तान बिन अहमद अल जाबेर से मुलाकात की और उन्हें खाड़ी देश के राष्ट्रपति पद के लिए भारत का समर्थन दिया। पीएम मोदी ने सतत विकास और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर सुल्तान जाबेर के साथ बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने विकसित देशों को 100 अरब अमेरिकी डॉलर देने की प्रतिबद्धता को जल्द पूरा करना चाहिए।