Home Blog Page 1667

सीमा हैदर को 3 दिन में बेल, अवैध रह रहे नाइजीरियाई 2 महीने से जेल में: UP पुलिस के एक्शन और कोर्ट कार्रवाई की पूरी डिटेल

मीडिया से लेकर सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर इस समय पाकिस्तान की सीमा हैदर की प्रेम कहानी सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस में सीमा हैदर को 4 जुलाई 2023 को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया था। इस मामले में सीमा हैदर के प्रेमी सचिन और सचिन के पिता नेत्रपाल पर भी पुलिस ने आईपीसी की साजिश रचने की धारा 120 B व विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत FIR दर्ज की थी।

जब सीमा हैदर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए माना जा रहा था कि उन्हें और उनके प्रेमी को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा। हालाँकि ये तमाम कयास गलत साबित हुए। महज 3 दिनों में पाकिस्तानी महिला को उसके प्रेमी सहित नोएडा की एक अदालत ने जमानत दे दी।

ऑपइंडिया को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश शासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। शासन ने नोएडा पुलिस से जवाब तलब किया है कि सीमा हैदर को इतनी आसानी व जल्दी से जमानत कैसे मिल गई। इस पूरे मामले में नोएडा प्रशासन ने अपनी आख्या शासन को भेज दी है।

सीमा हैदर को 3 दिन में बेल क्यों?

सीमा हैदर केस की सुनवाई ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नाजिम अकबर की कोर्ट में हुई। मजिस्ट्रेट नाजिम ने सीमा को 30-30 हजार रुपए के 2 स्थानीय जमानतियों की जमानत पर रिहा कर दिया। इसी के साथ यहीं से सचिन और नेत्रपाल को भी जमानत मिल गई।

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक जमानत की शर्तों में बिना अनुमति देश व वर्तमान पता न छोड़ना और दोबारा कोई अपराध न करना शामिल है। सीमा के जमानतदार सचिन मीणा के परिचित व करीबी हैं। हमारी पड़ताल में यह भी निकल कर सामने आया है कि मजिस्ट्रेट नाजिम अकबर ने सीमा हैदर की जमानत स्वीकृत करने से पूर्व पुलिस से काउंटर नहीं माँगा। साथ ही आरोपितों को रिहा करने से पहले जमानतदारों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं हुआ।

सीमा हैदर केस की FIR में वादी खुद पुलिस बनी है। शिकायतकर्ता SHO रबूपुरा इंस्पेक्टर सुधीर कुमार हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक यह केस निष्पक्ष जाँच के लिए अब थाना जेवर भेज दिया गया है। इसकी आगे की जाँच SHO जेवर कर रहे हैं। कोर्ट में एक महिला कॉन्स्टेबल इस केस की पैरोकारी भी कर रही है। इस मामले में शुरू से अब तक हुए तमाम अपडेट को उच्चाधिकारियों और उत्तर प्रदेश शासन को अवगत भी करवाया जा रहा है।

सीमा हैदर और अवैध रह रहे नाइजीरियाई में फर्क क्या?

जब हमने सीमा हैदर केस का उसी जगह और उसी तरह के दूसरे केसों से तुलनात्मक अध्ययन किया तो यह मामला बाकियों से थोड़ा अलग निकला। 2 जून 2023 को नोएडा पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाते हुए सूरजपुर थानाक्षेत्र में रह रहे 23 अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। मूल रूप से ये सभी नाइजीरिया के निवासी थे, जो अवैध तौर पर नोएडा में बिना वीजा के रह रहे थे। इसमें 15 पुरुष व 8 महिलाएँ शामिल थीं।

सीमा हैदर पर लगाई गई विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 ही इन सब नाइजीरिया लोगों पर भी लगाई गई थी। इसके अलावा अफ्रीकी नागरिकों पर आपराधिक अधिनियम की धारा 7 के साथ IPC 332, 353 व 147 भी लगी थी। सीमा हैदर पर विदेशी अधिनियम के साथ साजिश रचने की धारा 120 B भी लगी हुई है।

उल्लेखनीय यह है कि लगभग डेढ़ माह से वो सभी नाईजीरियाई अभी तक जेल में हैं। इन सभी द्वारा निचली अदालत में दिए जमानती प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने केस के पुलिस विवेचक तक को तलब कर लिया था। लेकिन सीमा हैदर केस में मजिस्ट्रेट नाजिम अकबर द्वारा महज 3 दिनों में जमानत दे दी गई।

ऑपइंडिया के पास सीमा हैदर और नाइजीरिया मामले से संबंधित दोनों FIR मौजूद हैं।

यदि कोई व्यक्ति पुलिस की मौजूदगी में संज्ञेय अपराध करता है तो 41 (1) के खंड क के अनुसार उसकी गिरफ्तारी होगी। इसमें ये नहीं देखा जाएगा कि उस मामले में कितनी सजा है। 332 आईपीसी लगी है तो इस बात की ज्यादा संभावना है कि पुलिस के साथ मारपीट की गई हो। चूँकि 332आईपीसी गैर जमानती है, इसलिए नाइजीरिया के लोग अभी भी जेल में हैं।

वकील, पुलिस की क्या है सीमा हैदर मामले में राय?

जब ऑपइंडिया ने इस मामले का कानूनी पक्ष जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल को कॉल किया, तब उन्होंने बताया कि धाराओं में आरोपित कर के कोर्ट तक भेजना पुलिस का काम है लेकिन उसे छोड़ना या जेल भेजना न्यायालय तय करता है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी एसपी विवेकानंद तिवारी और अवनीश गौतम से बात की।

विवेकानंद तिवारी ने हमें बताया कि जब तक सीमा हैदर मामले का सरकार के स्तर पर कोई स्थाई समाधान ना हो जाए तब तक उनका मुक्त होकर घूमना देश हित में फिलहाल तो नहीं है। विवेकानंद तिवारी ने यह भी बताया कि सीमा हैदर की जमानत को ऊपरी अदालत में पुलिस द्वारा चैलेंज किया जाना चाहिए। सीमा हैदर की नेपाल में हुई शादी को भारत में वैलिड न मानते हुए विवेकानंद तिवारी ने बताया कि इस मामले में पुलिस के खुफिया विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी ही होगी।

वहीं पूर्व डिप्टी एसपी अवनीश गौतम ने भारत के विदेशी अधिनियम कानून को काफी कमजोर बताते हुए इसे और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। अवनीश गौतम ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को दो में से एक विकल्प पर पहुँचना ही होता है। इसमें पहला विकल्प सीमा हैदर को उसके देश वापस कर देना और दूसरा विकल्प यदि ये संभव न हो तो भारत की नागरिकता देना होता है।

‘हमारे यहाँ भी क्रिकेट का स्टेडियम बनवा दो’ : ईरानी कोच ने BCCI से माँगी सहायता, बोले- हमारे खिलाड़ी धोनी को देखकर सीखते हैं

ईरान की अंडर-19 क्रिकेट टीम के कोच असगर अली रईसी ने कहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते यहाँ इंटरनेशनल स्टेडियम नहीं बन पा रहा है इसलिए वह चाहते हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इसमें मदद करे। उन्होंने बीसीसीआई से ईरानी क्रिकेटरों को ट्रेंड करने में मदद की भी माँग की। इसके अलावा रईसी ने कहा है कि एमएस धोनी को देखकर वह क्रिकेटरों को ट्रेंड करते हैं।

ANI से हुई बातचीत में असगर अली रईसी ने कहा है, “हम चाहते हैं कि बीसीसीआई आए और हमारे खिलाड़ियों और अंपायरों को ट्रेंड करे। हमारे खिलाड़ियों को भारत बुलाकर भी ट्रेंड करे। इस तरह के काम होंगे तो हमारे खिलाड़ी अच्छे से क्रिकेट खेल सकेंगे।” उन्होंने कहा है, “चाबहार में क्रिकेट स्टेडियम न मिलने की वजह ईरान पर लगे प्रतिबंध हैं। यहाँ की सरकार की स्थिति भी ऐसी है कि हम इसे नहीं बना पा रहे। कोई दूसरा इन्वेस्टर यहाँ आए और इन्वेस्ट करे ताकि स्टेडियम बन सके। यहाँ सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि फुटबॉल स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, इंडोर गेम्स की भी जगह है।”

रईसी ने यह भी कहा है, “हम अपनी अंडर-16 की टीम लेकर भारत भी गए थे। हमने वहाँ पंचकुला में मैच खेले हैं। भारत में आईपीएल होने से युवा क्रिकेटर सामने आ रहे हैं। हम भी ऐसा ही चाहते हैं। जब बाहर की टीमें आएँगी और क्रिकेट खेलेंगी तो यहाँ के क्रिकेटरों का खेल भी अच्छा हो जाएगा। यहाँ अफगानिस्तान, पाकिस्तान और इंडिया के काफी लोग रहते हैं। इसलिए यह जगह क्रिकेट के लिए बहुत बेहतरीन है। इसलिए यदि कोई यहाँ आकर इस स्टेडियम को बना देगा तो बहुत अच्छा होगा।”

भारत के फेवरेट खिलाड़ियों को लेकर असगर अली रईसी ने कहा है, “मुझे इस वक्त यंग क्रिकेटरों में यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ बहुत पसंद हैं। लीजेंड क्रिकेटर में महेंद्र सिंह धोनी फेवरेट हैं। उन्हें देख-देखकर हमने सीखा है कि कैसे खिलाड़ियों को ट्रेंड करना है और उन्हें किस तरह की क्रिकेट के लिए तैयार करना है। हमने एमएस धोनी से बहुत कुछ सीखा है। धोनी के अलावा विराट कोहली ईरानी क्रिकेटरों के बीच मे बहुत अधिक फेमस हैं। ईरानी क्रिकेटर धोनी, कोहली समेत भारत के अन्य युवा खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते हैं।”

गौरतलब है कि ईरान ने साल 1992 में चाबहार मुक्त व्यापार-औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की थी। इसके साथ ही चाबहार में खेल गाँव बनाने के लिए 40 हेक्टेयर जमीन दी गई थी। इसमें से 10 हेक्टेयर जमीन क्रिकेट स्टेडियम के लिए आवंटित की गई थी। स्टेडियम बनने के बाद 4000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। हालाँकि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते ईरान स्टेडियम बनाने की स्थिति में नहीं है।

हिन्दू नाबालिग लड़की का रेप और धर्मांतरण, मौलानाओं ने पिलाया जमजम का पानी: खालिद अंसारी साथी सहित गिरफ्तार, आरोप – हिन्दू लड़कियों को फँसा कर बेच देता है गिरोह

उत्तर प्रदेश के अयोध्‍या जिले में नाबालिग हिन्दू लड़की से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़िता को कुछ इस्लामी मौलानाओं ने जमजम का पानी पिला कर धर्मान्तरण का प्रयास किया। पीड़िता के धर्मान्तरण की भी कोशिश की गई। लड़की के पिता ने शुक्रवार (14 जुलाई 2023) को पुलिस में खालिद अंसारी और मोहित यादव के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने शिवम और खालिद को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मौलानाओं की पहचान अभी तक सार्वजानिक नहीं हुई है।

यह मामला अयोध्या जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र का है। यहाँ की एक 16 वर्षीया लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनकी बेटी की एक सहेली ने शिवम यादव नाम के युवक से जान-पहचान करवाई थी। थोड़े समय बाद शिवम ने पीड़िता को अयोध्या के ही हसनू कटरा के रहने वाले खालिद अंसारी से मिलवाया। खालिद और शिवम पर पीड़िता को गिफ्ट आदि दे कर इस्लाम कबूल करवाने का लालच देने का आरोप है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि दोनों आरोपित धर्मांतरण का गिरोह चला कर भोली-भाली हिन्दू लड़कियों को अपने जाल फँसा कर बेच देते हैं।

16 वर्षीया पीड़िता अयोध्या के एक डिग्री कॉलेज से पढ़ाई कर रही है। लड़की के पिता ने बताया कि खालिद उनकी कई मज़ारों, मस्जिदों पर ले गया। यहाँ पीड़िता को कई मौलानाओं से मिलवाय गया। इन मौलानाओं ने लड़की को जमजम का पानी पिला कर पवित्र करने का ढोंग किया। बाद में शिवम यादव और खालिद ने लड़की से निकाह का वादा कर के कई बार रेप किया। 13 जुलाई, 2023 को पीड़िता अपने पिता को अयोध्या के ही जनौरा में रहने वाली एक लड़की के घर मिली। यहाँ उसने अपने परिवार वालों को अपनी आपबीती बताई। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

आरोपित खालिद शादीशुदा और बाल-बच्चेदार बताया जा रहा है। लड़की के पिता के मुताबिक खालिद लड़कियों को बाहर भी भेजता है। खालिद और शिवम यादव के साथ उसके अन्य साथियों पर लड़की का मोबाइल छीन लेने का भी आरोप है। शिकायत में ऐसा आरोपितों द्वारा सबूत मिटाने के लिए किया गया कृत्य बताया गया है। पुलिस ने खालिद अंसारी और शिवम यादव को नामजद करते हुए IPC की धारा 376- D (गैंगरेप) के साथ पॉक्सो और धर्मान्तरण विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया है।

रविवार (16 जुलाई 2023) को पुलिस ने खालिद और शिवम को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अन्य मौलानाओं और मस्जिद मदरसों की संलिप्तता के बारे में जानकारी माँगने पर अयोध्या के SP सिटी ने DSP सिटी से बात करने के लिए कहा। DSP सिटी को कॉल करने पर उनका फोन नहीं उठा। इस मामले पर पुलिस वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

मोमोज चैलेंज के कारण चली गई युवक की जान, दोस्तों के उकसाने पर खा गया था 150 मोमो: पिता का आरोप- जहर देकर की बेटे की हत्या

बिहार के गोपालगंज में मोमोज खाने को लेकर दोस्तों के बीच लगी शर्त एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गई। दरअसल, दोस्तों के बीच अधिक से अधिक मोमोज खाने की शर्त लगी थी। इस शर्त के चलते युवक करीब 150 मोमोज खा गया। इसके चलते उसकी मौत हो गई। हालाँकि मृतक के पिता ने दोस्तों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना गुरुवार (13 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृत युवक गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के सिहोरवा गाँव का निवासी है। उसकी पहचान विपिन कुमार पासवान के रूप में हुई। वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। घटना के दिन यानि गुरुवार को भी वह अपनी दुकान पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसके कुछ दोस्त दुकान आए। दोस्तों के बीच अधिक मोमोज खाने को लेकर शर्त लग गई। इसके बाद विपिन अपने दोस्तों के साथ मोमोज की दुकान पहुँच गया। जहाँ उसने करीब 150 मोमोज खा लिए।

इसके बाद वह वापस अपनी दुकान आ गया। जहाँ कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया। विपिन को बेहोश देख उसे आनन-फानन में सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक विपिन के पिता विशुन ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दो लड़के दुकान आकर उनके बेटे को ले गए थे। इसके बाद उन लोगों ने जहर देकर विपिन की हत्या कर दी।

इस घटना पर थावे थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार का कहना है कि दोस्तों के बीच मोमोज खाने को लेकर शर्त लगी थी। अधिक मोमोज खाने के चलते ही उसकी मौत हुई। हालाँकि पुलिस घटना की जाँच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सारी चीजें क्लियर होंगी। इस मामले में सदर हॉस्पिटल के डॉ. एसके रंजन ने कहा है कि मोमोज को ठीक से चबाकर नहीं खाना मौत का कारण बन सकता है। यदि मोमोज को ठीक से चबाए बिना सीधा निगल लिया जाएगा। तो वह गले में फँस सकता है। इससे जान जा सकती है।

‘पुलिस हमें टॉर्चर कर रही है, झूठ बोला जा रहा कि वो बीमार थे’: मृत BJP नेता के बेटे ने बयाँ किया दर्द, प्रत्यक्षदर्शी ने कहा – पुलिस की लाठी से हुई मौत

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार (13 जुलाई, 2023) को भाजपा नेताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान बिहार पुलिस ने भाजपा नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। महराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल पर भी लाठियाँ बरसाई गईं। भाजपा ने आरोप लगाया कि उसके नेता विजय सिंह की पुलिस के लाठीचार्ज के बाद मौत हो गई। हालाँकि, बिहार पुलिस ने नकारते हुए कहा कि वो घटनास्थल पर थे ही नहीं और उनकी मौत लाठीचार्ज से नहीं हुई है।

अब जहानाबाद के मृत भाजपा नेता के बेटे ने बताया है कि उस दिन सुबह में करीब 10 बजे उनकी बातचीत उनके पिता से हुई थी, उस समय उन्होंने बताया था कि वो डाकबंगला चौराहे पर भाजपा के विरोध प्रदर्शन में आए हुए हैं। बेटे ने फ्री होने पर मुलाकात की बात कही तो विजय सिंह ने कहा था कि वो खुद उससे मिलने आएँगे। विजय सिंह के बेटे ने बताया कि 1 घंटे बाद कॉल किए जाने पर फोन उठा नहीं, फिर उन्होंने उनके दोस्त को कॉल कर के पूछा। पिता के दोस्त ने बताया कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें तारा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

पिता के अंतिम क्रिया-कर्म में व्यस्त बेटे ने ‘बिहार तक’ को बताया, “उस समय मैं इनकम टैक्स चौराहे पर था। मैं तुरंत वहाँ से अस्पताल के लिए निकला। ट्रैफिक जाम काफी ज्यादा था, इसीलिए वहाँ पहुँचने में मुझे आधे घंटे लग गए। वहाँ मेरे पिता को PMCH भेजे जाने की बात कही गई। वहाँ गया तो देखा कि दृश्य ही दूसरा था। उन्हें बेटे से ज्यादा BJP से लगाव था। वो समर्पित थे पार्टी के प्रति। लोग कह रहे हैं कि मेरे पिता की तबीयत खराब थी।”

इस दौरान विजय सिंह के बेटे ने बड़ा खुलासा किया कि परिवार को टॉर्चर करने के लिए बिहार पुलिस आई थी और उसने भी उनके पिता के तबीयत खराब होने की बात कही। बेटे ने बताया कि उनके पिता ने कभी कोई दवा वगैरह खाई ही नहीं थी और न ही किसी डॉक्टर के पास उनके नाम का प्रिस्क्रिप्शन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिवार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गाँव वाले भी कभी ऐसा नहीं कहेंगे कि वो बीमार थे, वो पैदल गाँव से जहानाबाद चले जाते थे।

बेटे ने बताया कि वो उस दिन ट्रेन से पटना गए थे। साथ ही पूछा कि ट्रेन से जाने वाला व्यक्ति बीमार कैसे होगा और अचानक से मृत्यु कैसे हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी उन्हें सच्चाई की उम्मीद नहीं है, सरकार जैसा चाहेगी डॉक्टर वैसा रिपोर्ट तैयार कर देंगे। परिवार को अब तक पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट नहीं दी गई है। पटना के डीएम ने भी बीमारी थी उन्हें। बेटे ने पूछा कि क्या सरकार ने जो बोल दिया वही सही है, मानवता नाम की कोई चीज नहीं होती है?

उन्होंने कहा कि जो उनके साथ हुआ है वो किसी के साथ हो सकता है, लेकिन फ़िलहाल वो जो झेल रहे हैं और उनके ऊपर कितने लोग निर्भर होंगे अब – इसे केवल वो ही महसूस कर रहे हैं। बेटे ने कहा कि आरा से उनका इलाज चलने के बयान भी दिए जा रहे हैं, जबकि ये सच्चाई नहीं है। वहीं इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह रहे भरत चंद्रवंशी ने भी कहा कि लाठी चलने के कारण विजय सिंह की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने हड़बड़ी में कुछ बयान दे दिया था।

बता दें कि बिहार सरकार और प्रशासन ने विजय चंद्रवंशी को ही प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए उनका बयान जारी कर दावा किया था कि लाठीचार्ज से विजय सिंह की मौत नहीं हुई। कलपा गाँव निवासी विजय सिंह की मौत के मामले में भरत प्रसाद चंद्रवंशी अब अपने बयान से पलट गए और कहा कि पुलिस के दबाव में उन्होंने वो बयान दिया था। वो विजय सिंह के साथ ही वहाँ गए थे। उन्होंने बताया कि वहाँ लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई और विजय सिंह को आंतरिक चोट लगी।

उन्होंने बताया कि 102 नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आया। फिर रिक्शा पर डाल कर नजदीकी तारा हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहाँ पचासों कार्यकर्ता जुट गए थे। वहीं बताया गया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। फिर प्राइवेट एम्बुलेंस से उन्हें PMCH ले जाया गया। भरत चंद्रवंशी ने कहा कि अंधाधुंध लाठी चली थी, पहले उन्होंने अकुलाहट में भूल से वो बयान दे दिया था। उन्होंने कहा कि वास्तविकता ये है कि लाठी चलाए जाने के कारण उनकी मौत हुई है।

‘वो अब मुस्लिम नहीं रही, हिन्दू के साथ रह रही है’: परिवार और पड़ोसियों ने किया सीमा हैदर का बहिष्कार, मौलाना बोला – उसने मुस्लिमों को शर्मसार किया

चार बच्चों के साथ पाकिस्तान से भारत में आकर अपने प्रेमी सचिन मीणा के साथ रह ही सीमा हैदर को उसके अम्मी-अब्बू सहित पड़ोसियों ने बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि सीमा एक हिंदू के साथ रह रही है। इसलिए सीमा से उनका अब कोई नाता नहीं है। परिजनों ने कहा कि वे नहीं चाहते कि सीमा दोबारा इस्लामी मुल्क पाकिस्तान लौटे।

सीमा के मकान मालिक के 16 साल के बेटे ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीमा भारत आने से पहले उसी के मकान में किराए पर रहती थी। मकान मालिक के लड़के ने कहा, “उसे अपने बच्चों को वापस पाकिस्तान भेज देना चाहिए। वह वहाँ रह सकती है। अब वह मुस्लिम भी नहीं रही।”

पाकिस्तान में रहने वाले सीमा के पड़ोसी आश्चर्यचकित हैं कि चार बच्चों की लगभग अशिक्षित माँ अपने हिंदू प्रेमी के साथ रहने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने का साहस कैसे किया। उसमें भी उसका प्रेमी उससे कई साल छोटा बताया जा रहा है।

सीमा हैदर का घर पाकिस्तान के गुलिस्तान-ए-जौहर के बीचो-बीच भिट्टैयाबाद के पड़ोस में स्थित कच्ची आबादी में है। सीमा का घर तीन कमरों वाली एक इमारत है। उसमें किसी तरह का कोई रंग-रोगन नहीं है और यह एक संकरी गली में स्थित है। उस गली में कचरा फैला हुआ है और नाली बह रही है।

पड़ोसियों का कहना है कि 12 लाख रुपए में यह मकान सीमा को उसके पति हैदर द्वारा देने की बात गलत है। मकान मालिक के बेटे नूर मुहम्मद ने बताया, “नहीं, वह अपने बच्चों के साथ तीन साल तक हमारे यहाँ किरायेदार थी। वह अपने बच्चों के साथ अकेली रहती थी। उसके ससुर यहाँ से कुछ दूरी पर रहते हैं।”

पड़ोसियों का यह भी कहना है कि सीमा हैदर और गुलाम हैदर ने 10 साल पहले अपने अम्मी-अब्बू की इच्छा के खिलाफ कराची भागकर निकाह किया था।

सीमा के पड़ोसी जमाल जखरानी नाम के बुजुर्ग कहते हैं, “एक दिन हमने उसे टैक्सी बुलाते और अपने बच्चों एवं कुछ बैग के साथ निकलते हुए देखा था। हमने सोचा कि वह जैकोबाबाद में अपने गाँव जा रही है, लेकिन लगभग एक महीने के बाद टीवी चैनलों पर उसके भागने के बारे में सुना तो हम सभी हैरान रह गए।”

जिस इलाके में सीमा हैदर का घर है वहाँ ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के जनजाति पश्तून, सिंधी और सेराइकी समुदाय के लोग रहते हैं। ये लोग अपनी महिलाओं को किसी अजनबी से बात करने की अनुमति नहीं देते हैं और उन्हें बुर्का अथवा हिजाब में हमेशा रहना पड़ता है।

समाचार न्यूज एजेंसी के अनुसार, सीमा के पड़ोसी जमाल का कहना है, “अगर वह (सीमा हैदर) कभी वापस आने के बारे में सोचती है तो ट्राइबल समाज उसे माफ नहीं करेगा। दूसरी बात यह है कि एक हिंदू के साथ रहने के उसके फैसले ने अब सभी को नाराज कर दिया है।”

सिंध में हिंदू लड़कियों का अपहरण कर इस्लाम में धर्मांतरित करने और फिर उनका किसी मुस्लिम से निकाह करने के लिए कुख्यात भूरचूंडी दरगाह के मियाँ मिट्ठू ने वापस आने पर सीमा हैदर को सजा देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं, उसके समर्थकों ने हिंदुओं के मंदिरों को हमला करन धमकी दी है।

हालाँकि, काश्मोर-कंधकोट के एसएसपी इरफान सामू ने इलाके के हिंदुओं और सिखों को आश्वासन दिया कि उनकी रक्षा की जाएगी। सामू ने कहा, “सीमा का राष्ट्रीय पहचान पत्र कहता है कि उसका जन्म 2002 में हुआ था। इसलिए, उसकी उम्र अभी 21 साल होनी चाहिए और फिर भी उसके 6 साल की उम्र तक के चार बच्चे हैं।”

सामू ने यह भी कहा कि पुलिस ने सीमा के पति गुलाम हैदर को सऊदी अरब से लौटने के लिए कहा है, लेकिन वह केवल वीडियो या फोन कॉल पर ही उनके संपर्क में है। सामू को यकीन नहीं है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि वाली एक महिला दुबई और काठमांडू के रास्ते भारत जाने की योजना बनाने का साहस कर पाएगी।

कराची के जिस पुलिस स्टेशन में सीमा के ससुर ने एफआईआर दर्ज कराई थी, वहाँ के एक अधिकारी का कहना है कि यह साधारण मामला नहीं है। अधिकारी ने कहा, “पति भी पुलिस के सामने अपनी कहानियाँ बदलता रहता है। पहले उसने कहा कि उसने घर खरीदा है। अब वह कहता है कि जब वे कराची भागे तो ट्राइबल मामले को निपटाने के लिए सीमा के परिवार को दस लाख रुपए दिया था।”

पड़ोस की मस्जिद के मौलाना समीउद्दीन ने कहा कि सीमा बुरी औरत थी। मौलाना के अनुसार, “पतियों को कभी भी अपनी पत्नियों को वर्षों तक अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और माता-पिता को अपनी बहन-बेटियों नजर रखनी चाहिए, वर्ना भविष्य में भी ऐसी और भी घटनाएँ होंगी। मौलवी ने कहा कि सीमा ने मुस्लिमों को शर्मसार किया है। वह देर-सबेर सजा भुगतेगी।

8 साल के जैन बच्चे का करा दिया खतना: इलियास कुरैशी ने माँ को भी फँसा कर बना दिया ‘जिहादी’, बेटे को मजहबी स्कूल में भेजने लगा

मध्य प्रदेश के इंदौर में 8 साल के बच्चे का खतना कर धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया। यही नहीं बच्चे का नाम बदलकर फर्जी कागजात भी बनवा दिए गए। आरोप है कि इलियास कुरैशी ने बच्चे की माँ को प्रेम जाल में फँसाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित इलियास को गिरफ्तार किया।

मामला इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र का है। पीड़ित पिता महेश कुमार नहाटा राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं। महेश ने शनिवार (15 जुलाई 2023) को पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि जून 2014 में उसकी शादी मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में रहने वाली प्रार्थना से हुई थी। इस शादी से 2015 में उन्हें एक बेटा हुआ था। फरवरी 2018 में वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने शाजापुर आए थे। शाजापुर से वापस बाड़मेर लौटने के दौरान उनकी पत्नी प्रार्थना और बेटा गायब हो गए।

महेश ने दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट मध्य प्रदेश के रतलाम थाने में लिखाई। ढूँढने पर पुलिस को दोनों इलियास के साथ रहते मिले। पूछताछ के बाद पुलिस ने इलियास को गिरफ्तार करके जेल में भी डाला था। हालाँकि जेल से बाहर आने के बाद इलियास ने  प्रार्थना से मिलने की कोशिश की और उसे खजराना बुला लिया। इसके बाद महेश अपनी पत्नी और बेटे की तलाश करते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी और 8 साल का बेटा खजराना की रजा कॉलोनी में इलियास कुरैशी के साथ रह रहे हैं। 

महेश ने यह भी कहा है कि इलियास को पता था कि वह जैन समाज से हैं इसके बाद भी उसने उनके बेटे का जबरदस्ती खतना कराकर उसका धर्मांतरण करा दिया। यही नहीं उसने खुद को बच्चे का पिता बताकर उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उसका नाम भी बदलवा दिया। बच्चे को पढ़ने के लिए किसी सामान्य स्कूल में भेजने की जगह उसका एडमिशन एक मजहबी स्कूल में करवाया गया।

पीड़ित पिता ने शिकायत में यह भी कहा है कि जिहादी विचारों से उसकी पत्नी और बच्चे की मानसिकता बदल गई है। साथ ही दोनों को जैन से इस्लाम मजहब में धर्मांतरण कर मुस्लिम तौर तरीकों और परिवेश में रहने के लिए विवश किया गया। शिकायत के अंत में महेश कुमार नहाटा ने जिहादी मानसिकता के जरिए उनके परिवार को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। महेश की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित इलियास कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इलियास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा धारा 420, 467, 468,471, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 3 व 4 के तहत किया केस दर्ज कर किया है। 

‘हमलोग अपने भगवान से मिले और आशीर्वाद देने का आग्रह किया’: अचानक शरद पवार से मिलने पहुँचे अजित समेत NCP के बागी नेता, बताया – उन्होंने सिर्फ सुना, कुछ कहा नहीं

महाराष्ट्र की राजनीति लगातार दिलचस्प होती जा रही है। NCP के दो फाड़ होने के बाद अब अजित पवार अपने चाचा शरद राव पवार से मिलने पहुँचे। इतना ही नहीं, उनके साथ वो बागी विधायक भी थे जिन्होंने NCP के 2 फाड़ करने में उनकी मदद की। अजित पवार ने कई विधायकों-सांसदों के साथ NDA सरकार को समर्थन करने का फैसला लिया था, जिसके बाद वो राज्य के उप-मुख्यमंत्री बने। उन्हें वित्त मंत्रालय भी दिया गया। शरद पवार द्वारा अपनी बेटी सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद ये प्रकरण हुआ।

हाल ही में अजित पवार अपने चाचा के घर पहुँचे थे। बताया गया था कि बीमार चाची को देखने के लिए वो गए हैं। अब महाराष्ट्र के YB चव्हाण सेंटर में उन्होंने वरिष्ठ नेताओं सांसद प्रफुल्ल पटेल और मंत्री छगन भुजबल के साथ शरद पवार से मुलाकात की। प्रफुल्ल पटेल ने इसके बाद कहा कि आज हम सब अपने नेता से मिलने आए हैं और हमने उनसे आशीर्वाद माँगा। उन्होंने कहा कि हमने इच्छा जताई कि ‘राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी’ एकजुट रहे और मिलजुल कर सभी नेता काम करें।

उन्होंने कहा कि हम सब नेताओं ने शरद पवार के समक्ष इच्छा जताई कि NCP मजबूती से काम करे। इन नेताओं ने शरद पवार से आग्रह किया कि वो इस दिशा में विचार करें। प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि शरद पवार ने उन सबकी बातों को ध्यान से सुना, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। प्रफुल पटेल ने कहा कि हम सबकी नजर इस पर है कि शरद पवार क्या भूमिका निभाएँगे। विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले अजित पवार गुट के मंत्रियों मंत्रियों की बैठक भी उप-मुख्यमंत्री के आवास पर ही हुई।

प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि इसी बैठक के दौरान उन्हें शरद पवार के YB चव्हाण सेंटर में उपस्थित होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वो उन्हें सूचित किए बिना यहाँ पहुँचे और उन्हें प्रणाम कर के आशीर्वाद लिया। उन्होंने शरद पवार को अपना भगवान भी बताया। 5 जुलाई को शरद पवार की बैठक में शामिल न होने वाले विधायकों को नोटिस जारी किया गया है। उस दिन ये सभी नेता अजित पवार की बैठक में मौजूद थे। 1999 में स्थापित NCP के 40 विधायकों ने अजित पवार का समर्थन किया है।

‘मम्मी-मम्मी’ कह कर रोते-चीखते रह गए बच्चे, महिला को बहा ले गया समुद्र… वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर, पत्थर पर बैठ फोटो खिंचवा रहा था कपल

मोबाइल फोन में रील्स और शॉर्ट्स वाला कल्चर शुरू होने के बाद अक्सर देखा जाता है कि सेल्फी और वीडियो बनाने के चक्कर में लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। कभी ऊँचाई तो कभी पानी की परवाह किए बिना सोशल मीडिया के लिए ये सब किया जाता है। ये चर्चा इसीलिए भी ज़रूरी हो गई है, क्योंकि मुंबई से एक डरावना वीडियो सामने आया है। एक महिला अपने पति के साथ समुद्र किनारे बैठ कर वीडियो बनवा रही थी, तस्वीरें क्लिक करवा रही थी – तभी हादसा हो गया। घटना रविवार (9 जुलाई, 2023) की है।

उक्त घटना में जहाँ पति की जान बच गई, वहीं 32 वर्षीय ज्योति सोनार की मौत हो गई। मुंबई के बांद्रा स्थित बैंडस्टैंड पर उक्त परिवार पिकनिक मनाने गया था। इस दौरान पति-पत्नी सौंदर्य किनारे एक पत्थर पर बैठे हुए हुए थे और बच्चे उनका वीडियो बना रहे थे, तस्वीरें ले रहे थे। इसी दौरान अचानक से चीख-पुकार मच गई। पीछे से आ रहे तेज बहाव को लेकर बच्चे ने माता-पिता को आगाह भी किया, लेकिन इसके बावजूद वो बैठे रहे और ये हादसा हो गया। कूपर हॉस्पिटल में महिला का पोस्टमॉर्टम हुआ।

दर्दनाक वीडियो में बच्चों को ‘मम्मी-मम्मी’ कह कर रोते-चिल्लाते हुए देखा जा सकता है। इससे पहले एक बच्चे ने ‘मम्मी-मम्मी’ की आवाज लगा कर पीछे से आ रही तेज धार को लेकर सजग भी किया था। ओस दौरान किसी वयस्क व्यक्ति की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो पहले कहता है ‘अभी मस्त आया (तस्वीर)’, लेकिन फिर हादसे के दौरान वो कहता है – “बोल रहे हैं उनकी कि आ जाओ।” इस वीडियो को शेयर कर लोग फोटो-वीडियो बनवाने के लिए जान का रिस्क न लेने की सलाह दे रहे हैं।

परिवार पहले जुहू चौपाटी पर जाने वाला था, लेकिन ऊँचे ज्वार के कारण वहाँ एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई थी। इसके बाद वो बांद्रा का किला घूमने पहुँचे और समुद्र के काफी नजदीक जाकर फोटो क्लिक करवाने लगे। मुकेश मुंबई के रबाले के रहने वाले हैं। उन्होंने ज्योति को बचाने के लिए उनकी साड़ी पकड़ी, लेकिन बचा नहीं सके। फिर वहाँ मौजूद लोगों ने किसी तरह मुकेश का पाँव पकड़ कर उन्हें खींचा। इंडियन कोस्टगार्ड को महिला का शव मिला है। मुकेश ने अब कहा है कि सोशल मीडिया लाइक्स के ऊपर अपनी सुरक्षा को तरजीह देनी चाहिए।

‘यह महाभारत कालीन मंदिर, पांडवों से संबंध’: कलेक्टर ने रुकवा दी नमाज तो हाईकोर्ट पहुँचा मुस्लिम पक्ष, कहा- ये ‘जुम्मा मस्जिद’ है

महाराष्ट्र के जलगाँव में स्थित स्थान और उस पर बनी एक बेहद पुरानी मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर ने एक अंतरिम आदेश में इस मस्जिद में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। कलेक्टर के आदेश के खिलाफ मस्जिद प्रशासन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रूख किया है।

जलगाँव के जिला कलेक्टर अमन मित्तल द्वारा 11 जुलाई 2023 को जारी किए गए आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के सामने याचिका दायर की गई है। इस याचिका में कलेक्टर के आदेश को निरस्त करने की माँग की गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 18 जुलाई 2023 को होगी।

आम लोगों को नमाज पढ़ने पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश में कलेक्टर ने ट्रस्टियों से मस्जिद की चाबियाँ जिला अधिकारियों को सौंपने के लिए कहा। हालाँकि, आदेश में दो व्यक्तियों को रोज नमाज पढ़ने की अनुमति दी, ताकि आदेश पारित होने तक मस्जिद की पवित्रता बनी रहे।

इस आदेश के बाद मस्जिद की चाबी मस्जिद कमिटी द्वारा तहसीलदार को सौंप दी गई है। नमाज पढ़ने वाले दो व्यक्ति वहाँ मौजूद अधिकृत कर्मियों से चाबी ले सकेंगे। इसके बाद नमाज पढ़कर फिर उन्हीं व्यक्तियों को वह चाबी सौंप देनी होगी। यहाँ दो से अधिक लोग नमाज ना पढ़ सकें, इसके लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत धारा 144 भी लागू की गई है।

मस्जिद कमिटी की ओर से पेश वकील एसएस काजी ने कहा कि याचिका 13 जुलाई 2023 को दायर की गई थी। वकील एसएस काज़ी ने बताया कि अदालत ने उसी दिन पहली सुनवाई की और अगले दिन दूसरी सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने निर्देश दिया कि याचिका की एक प्रति उत्तरदाताओं को दी जाए और अगली सुनवाई 18 जुलाई को तय की गई।

दरअसल, जिस प्राचीन इमारत के खंडहर को मुस्लिम मस्जिद का हिस्सा बता रहे हैं, उसे हिंदूवादी संगठन महाभारतकालीन स्थल बता रहे हैं। हिंदू संगठन पांडववाड़ा संघर्ष समिति का कहना है कि मुंबई से 350 किलोमीटर दूर एरंडोल में एक मंदिर जैसी है। स्थानीय मुस्लिमों ने इस पर अतिक्रमण कर रखा है और नमाज पढ़ रहे हैं।

जानकार लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला जुम्मा मस्जिद कमिटी द्वारा मौजूदा ढाँचे में बदलाव करते हुए इसका विस्तार करना शुरू किया। विस्तार के दौरान कुछ टिन शेड डाले गए। इसी दौरान लोगों का इस पर ध्यान गया और मामले ने तूल पकड़ लिया। अब हिंदू संगठन ने मुस्लिम समाज के इस अतिक्रमण को हटाने की माँग की है।

जलगाँव के कलेक्टर अमन मित्तल को हिंदू संगठन पांडववाड़ा संघर्ष समिति ने एक आवेदन भेजा था। इसमें कहा किया गया था कि मस्जिद एक अतिक्रमण है। यह स्थान एक प्राचीन हिंदू स्थान है, यहाँ मौजूद प्राचीन ढाँचा एक मंदिर का है। समिति ने कहा कि यहाँ महाभारत काल की कलाकृतियाँ अभी भी पाई जा सकती हैं। 

कलेक्टर का कहना है कि हिंदूवादी समूह 1980 के दशक से इस ढाँचे पर दावा कर रहे हैं। हिंदू समूहों का कहना है कि यह ढाँचा महाभारत के पांडवों से जुड़ा है, क्योंकि उन्होंने इस क्षेत्र में कुछ साल बिताए थे। मौजूदा विवाद पांडववाड़ा संघर्ष समिति द्वारा 18 मई को जिला कलेक्टर को सौंपे गए एक आवेदन से सामने आई है।

वहीं, मस्जिद की कथित देखभाल करने वाली जुम्मा मस्जिद ट्रस्ट समिति का दावा है कि यह ढाँचा उसके पास 1861 ईस्वी से है। मस्जिद समिति ने उस पर अपना मालिकाना हक जताया है और कहा है कि इसे साबित करने के लिए उसके पास रिकॉर्ड मौजूद हैं।

मस्जिद का कहना है कि उसके पास सबसे पहला उपलब्ध रिकॉर्ड 31 अक्टूबर 1861 का है। इसमें ‘जुम्मा मस्जिद’ नाम से एरंडोल तालुका के विस्थापित गाँवों और भूमि के रजिस्ट्रार में दर्ज है। महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड ने भी कलेक्टर के आदेश पर आपत्ति जताई है। बोर्ड ने कहा है कि मस्जिद 2009 से राज्य वक्फ बोर्ड के तहत पंजीकृत संपत्ति है।

वक्फ बोर्ड के सीईओ मोइन तहसीलदार ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा और इस मामले में सुनवाई करने के कलेक्टर के अधिकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “यह वक्फ द्वारा पंजीकृत संपत्ति है, इसलिए रोक लगाने का निर्णय जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।”

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, मोइन तहसीलदार ने आगे कहा, “कलेक्टर के पास कानून और व्यवस्था के मामलों को संभालने का अधिकार है, लेकिन वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, इस विषय पर सुनवाई करने का अधिकार उन्हें नहीं है।”