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दिल्ली में टुकड़ों में कटी लाश मिली, एक बैग में सिर तो दूसरे में बॉडी पार्ट्स: लोगों का याद आई श्रद्धा जिसके 35 टुकड़े कर आफताब ने फेंके थे

दिल्ली में बुधवार (12 जुलाई 2023) को टुकड़ों में कटी लाश मिली। लाश के टुकड़े गीता कॉलोनी के पास यमुना पुल के बगल में फेंके हुए थे। शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। टुकड़ों से यह लाश किसी महिला के होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार की सुबह पुलिस को पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में एक इंसानी शव के टुकड़े होने की जानकारी मिली। सुबह 9:15 पर आई कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस को यमुना पुल के बगल मानव अंग पड़े मिले। जगह को सील कर जाँच शुरू कर दी गई है। मौके पर FSL की टीम भी पहुँची है।

अब तक शव के 6 टुकड़े बरामद होने की जानकारी मिली है। जिस जगह शव मिला है, वहाँ बगल से यमुना नदी बह रही है। एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार लाश के टुकड़े दो पॉलिथीन बैग में थे। एक में सिर और दूसरे में शरीर के अन्य टुकड़े। लंबे बालों के कारण शव किसी महिला का होने की आशंका जताई जा रही है। सबूतों की तलाश में पुलिस झाड़ियों को खंगाल रही है।

हफ्ते भर पहले भी मिली थी एक लाश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस को पिछले सप्ताह भी एक लावारिश लाश मिली थी। सफदरजंग अस्पताल के पीछे जंगल में मिली ये लाश 15 दिन पुरानी थी जो बुरी तरह से सड़-गल चुकी थी। शव के हालत से ये पता नहीं चल पाया कि वो महिला का है ये पुरुष का। उसे गलाने के लिए नमक का प्रयोग किया गया था। पुलिस इस मामले की भी पड़ताल कर रही है।

लोगो के जेहन में घूमा श्रद्धा-आफ़ताब केस

दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में टुकड़ों में कटी लाश मिलने कर बाद लोगों के जेहन में श्रद्धा की हत्या की यादें फिर से ताजा हो गईं। तब आफ़ताब ने अपने साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही दलित लड़की श्रद्धा को 35 टुकड़ों में काट कर जंगल में फेंक दिया था। आफ़ताब जेल में है और उसका ट्रायल कोर्ट में शुरू हो चुका है।

‘अब तुम मुस्लिम बन गई’: हिंदू नाबालिग को ईंट भट्ठे में ले गया सैफ अली, मौलवी को बुलाकर कबूल करवाया इस्लाम; फिर वहीं किया रेप

हिंदू नाबालिग लड़की की किडनैपिंग, रेप और धर्मांतरण के आरोप में उत्तर प्रदेश की फतेहपुर पुलिस ने सैफ अली को गिरफ्तार किया है। बाल-बच्चेदार सैफ अली 16 साल की पीड़िता को बहला-फुसलाकर ईंट भट्ठे में ले गया। वहाँ किसी मौलवी को बुलाकर उससे इस्लाम कबूल करवाया। फिर वहीं उसके साथ रेप किया। पीड़िता के अनुसार धर्मांतरण के बाद उससे मौलवी ने कहा कि तुम अब मुस्लिम बन गई हो। मौलवी की तलाश जारी है।

पीड़िता 7 जुलाई 2023 को लापता हुई थी। 11 जुलाई को उसे बरामद करते हुए पुलिस ने ईंट भट्ठे पर काम करने वाले सैफ को गिरफ्तार किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामला फतेहपुर के थाना क्षेत्र जाफरगंज का है। 7 जुलाई को एक महिला ने अपनी 16 वर्षीया बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में सैफ अली पर लड़की को बहला-फुसला कर ले जाने का आरोप लगा था। पुलिस ने मामला अपहरण की धारा IPC 363 व 366 के तहत दर्ज किया था। आखिरकार लड़की को मंगलवार (11 जुलाई) को खोज निकाला गया। पीड़िता को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है।

23 वर्षीय सैफ अली मूल रूप से फतेहपुर के जहानाबाद का रहने वाला है। वह शादीशुदा और 1 बच्चे का अब्बा भी है। पीड़िता के अनुसार सैफ और उसकी मुलाकात ईंट भट्ठे के पास एक दुकान पर डेढ़ महीने पहले हुई थी। नंबर शेयर होने के बाद दोनों में बातचीत होने लगी थी। पीड़िता का कहना है कि सैफ ने उससे शादीशुदा होने की बात छिपाई थी। लड़की को साथ ले जाने के बाद सैफ ने उसे कैद कर दिया। बलात्कार किया। मौलवी को बुलाकर उसका धर्म परिवर्तन करवाया।

पीड़िता के अनुसार मौलवी और सैफ ने उर्दू में उससे कुछ बुलवाया और कहा कि अब वह मुस्लिम बन चुकी है। इस्लाम कबूल करवाने के बाद सैफ ने पीड़िता का नाम रुबीना रखा और उसके साथ रेप किया। नाबालिग ने यह भी बताया कि एक दिन उसने सैफ की कैद से निकल कर भागने का प्रयास किया था। लेकिन वह पकड़ी गई और सैफ ने उसकी पिटाई की। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर सैफ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और धर्म परिवर्तन की धारा भी जोड़ी है। सैफ को जेल भेज दिया गया है। लड़की का धर्मान्तरण करवाने वाले मौलवी की तलाश हो रही है।

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगे: ताहिर हुसैन को 5 मामलों में हाई कोर्ट ने दी बेल

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों से जुड़े 5 मामलों में ताहिर हुसैन को जमानत मिल गई है। आप के पूर्व पार्षद हुसैन को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने बुधवार (12 जुलाई 2023) को यह राहत प्रदान की। इससे पहले 20 अप्रैल को जस्टिस दयाल ने उसकी जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उसे जिन मामलों में जमानत दी गई है उससे संबंधित प्राथमिक दयालपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की कई धाराओं के तहत दर्ज है। ये मामले हत्या, दंगा, आगजनी, उपद्रव और आपराधिक साजिश से जुड़े हुए हैं। हाई कोर्ट में ताहिर हुसैन की तरफ से सलमान खुर्शीद हुसैन ने दलीलें दी। उन्होंने कहा कि इन मामलों में सभी सह अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है। ताहिर हुसैन एकमात्र व्यक्ति है जो बीते तीन साल से जेल मे है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे। दंगे में मुस्लिमों ने मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, पेट्रोल बम, चाकू, तलवार, पत्थरबाजी समेत अन्य तरह से हमले किए थे। इस दंगे में कई पुलिसकर्मियों सहित 53 लोग मारे गए थे। जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

पुरानी कंपनी में घुसा फेलिक्स, तलवार से टेक फर्म के CEO और MD को काट डाला: डबल मर्डर से सहमा बेंगलुरु, हमलावर की तलाश जारी

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक आईटी फर्म में मंगलवार (11 जुलाई 2023) को डबल मर्डर की घटना को अंजाम देने वालों की तलाश जारी है। मुख्य आरोपित कंपनी का पूर्व कर्मचारी फेलिक्स है। उसके साथ दो और हमलावर थे। फेलिक्स ने एरोनिक्स इंटरनेट नामक टेक फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पर ऑफिस में घुस कर तलवार से हमला किया और फरार हो गया। इसके बाद अन्य कर्मचारी एमडी और सीईओ को लेकर अस्पताल गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना उत्तरी बेंगलुरु के पम्पा एक्सटेंशन अमृतहल्ली इलाके की है। मंगलवार को शाम लगभग 4:30 पर फेलिक्स कम्पनी में आया। उसने लगभग आधे घंटे तक MD (प्रबंध निदेशक) फणींद्र सुब्रमण्यम और CEO वीनू कुमार से बात की। इसके बाद तलवार से दोनों पर हमला कर दिया। तलवार वह साथ लेकर आया था। हमले से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फ़ैल गई। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुँची। फणींद्र और वीनू को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

आरोपित ने ज्यादातर वार मृतकों के सिर और पेट पर किए थे। पुलिस को आशंका है कि दोहरे हत्याकांड में फेलिक्स का साथ 2 अन्य लोगों ने भी दिया है। एरोनिक्स इंटरनेट कम्पनी लगभग 1 साल पुरानी बताई जा रही है। ये 7 नवम्बर 2022 को रजिस्टर्ड हुई थी। शुरुआत में फेलिक्स यहाँ नौकरी करता था। बाद में उसने काम छोड़कर खुद की टेक कम्पनी शुरू की। बताया जा रहा है कि फेलिक्स को लगता था कि फणीन्द्र और वीनू उसके काम में अड़ंगा डालते हैं। इससे वो काफी नाराज रहता था। पुलिस फरार चल रहे फेलिक्स और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

बिंदी लगाकर सेंट जेवियर्स में पढ़ने गई छात्रा, टीचर ने सरेआम मारे थप्पड़; प्रिंसिपल ने स्कूल से भगाया: फाँसी लगाकर मर गई, NCPCR करेगी जाँच

झारखंड के धनबाद के तेतुलमारी का सेंट जेवियर्स स्कूल विवादों में घिर गया है। बिंदी लगाकर आने पर एक छात्रा को शिक्षिका ने सरेआम थप्पड़ मारे। कथित तौर पर उसकी माँ को भी बेइज्जत कर स्कूल से निकाल दिया। इससे आहत छात्रा ने 10 जुलाई 2023 को घर लौटने के बाद फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से सुसाइड नोट भी मिला है।

आत्महत्या करने वाली दलित छात्रा की पहचान उषा कुमारी के तौर पर हुई है। वह 10वीं की छात्रा थी। घटना से नाराज लोगों ने स्कूल के बाहर धरना दिया। इसके बाद 11 जुलाई को स्कूल के प्रिंसिपल और महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृत छात्र के पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। 3 भाई-बहनों को उनकी माँ पढ़ा रही थी। मृतका की माँ ने बताया कि उनकी बेटी को सिर्फ बिंदी लगाने के चलते सबके सामने पीटा गया, जबकि उसने मिस (टीचर सिंधु) को देख कर बिंदी उतार भी दिया था। जब छात्रा ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की तो उन्होंने भी इसे अनदेखा कर दिया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने छात्रा को डाँटते हुए कहा, “तुम स्कूल का बैग लो और निकलो यहाँ से।”

मृतका की माँ ने बताया कि उनकी बेटी रोते हुए घर आई तो वह उसके साथ स्कूल गई। प्रिंसिपल से माफी माँगी। लेकिन प्रिंसिपल पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने माँ-बेटी को बाहर निकाल दिया। इसके बाद छात्रा घर लौटी और फाँसी लगा ली। पीड़ित माँ के मुताबिक उनकी बेटी ने सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा है, जिसके आधार पर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। छात्रा के सुसाइड की खबर मिलते ही स्कूल बंद कर दिया गया। आरोपितों पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवजा की माँग करते अन्य स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।

प्रिंसिपल और महिला टीचर गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपित प्रिंसिपल आर के सिंह और महिला टीचर सिंधु को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

चित्र साभार- धनबाद पुलिस

NCPCR ने लिया संज्ञान

राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) की टीम ने इस मामले का संज्ञान लिया है। NCPCR के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो के मुताबिक जाँच के लिए आयोग की एक टीम धनबाद जाएगी।

स्कूल की मान्यता रद्द करने की माँग

झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “पता नहीं ऐसे विद्यालयों को सनातन प्रतीकों से चिढ़ क्यों है? मुख्यमंत्री जी, इस मामले पर संज्ञान लीजिए और स्कूल की मान्यता रद्द करने हेतु संबंधित विभाग को पत्र लिखिए।”

कूनो नेशनल पार्क में 7वें चीते की मौत: मॉनिटरिंग टीम को घायल मिला था ‘तेजस’, गर्दन में मिले घाव की होगी जाँच

दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए एक और चीते की मौत हो गई। चीता तेजस, मॉनिटरिंग टीम को घायल अवस्था में मिला था। इलाज के बाद भी कुछ घण्टों तक बेहोश रहने के बाद उसने दम तोड़ दिया। तेजस की गर्दन  पर मिले घाव देखकर कहा जा रहा है कि चीतों के बीच हुए आपसी संघर्ष के दौरान वह घायल हुआ था। हालाँकि, जाँच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि होगी। 4 महीनों के भीतर 7 चीतों की मौत हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीता तेजस की मौत को लेकर आधिकारिक बयान में कहा गया है, “11 जुलाई 2023 की सुबह करीब 11 बजे मॉनिटरिंग टीम को तेजस नामक नर चीता मिला था। उसकी गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चोट के निशान मिले। मॉनिटरिंग टीम ने पालपुर मुख्यालय में मौजूद वन्यजीव पशु चिकित्सकों को तुरंत सूचित किया। वन्यजीव पशु चिकित्सक मौके पर पहुँचे और तेजस चीता की जाँच की। शुरुआती जाँच में उसके शरीर पर गंभीर चोटें मिलीं।”

बयान में यह भी कहा गया है, “तेजस का इलाज करने से पहले अनुमति की गई थी। पशु चिकित्सकों की एक टीम को प्राथमिक उपचार देने के बाद तेजस का इलाज करने के लिए आवश्यक तैयारियों के मौके पर भेजा गया था। दुर्भाग्य से, करीब 2 बजे तेजस की मौत हो गई। तेजस को लगी चोटों के कारणों की जाँच की जा रही है। पोस्टमार्टम से मौत का कारण पता चलेगा।”

प्रोजेक्ट चीता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 साल बाद देश में चीतों की वापसी का प्रयास किया था। इसके तहत उन्होंने अपने जन्मदिन 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद इसी साल 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 और चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। यानि कुल मिलाकर 20 चीते कूनो में छोड़े गए थे। 

साशा की मौत से शुरू हुआ सिलसिला

इसी साल 27 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इंफेक्शन के चलते मौत हो थी। भारत आने से पहले ही उसके किडनी में इंफेक्शन पाया गया था। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 को दक्षिण अफ्रीका से लाए गए नर चीते उदय की मौत हो गई थी। उसकी मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने के चलते हुई थी। दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाई गई मादा चीता दक्षा की 9 मई 2023 को मौत हो गई थी। दक्षा को मेटिंग के लिए नर चीतों के बाड़े के पास छोड़ा गया था। मेटिंग के दौरान नर चीता हिंसक हो गया। बुरी तरह घायल होने के चलते उसकी मौत हो गई थी।

इसके बाद 23 मई को मादा चीता ज्वाला के एक नवजात शावक की मौत हो गई थी। इसके ठीक 2 दिन बाद यानी 25 मई को 2 और शावकों ने दम तोड़ दिया था। अब नर चीते तेजस की भी मौत हो गई है। इस तरह बीते 4 महीनों में कूनो नेशनल पार्क में 3 शावकों को मिलाकर 7 चीतों की मौत हो चुकी है। अब कूनो में एक शावक समेत कुल 17 चीते शेष हैं।

’17 साल की उम्र से तुम्हारी बेटी का रेप कर रहा हूँ, जो करना है कर लो’: क्रिकेट कोच महबूब ने कराया हिन्दू लड़की का धर्मांतरण, कहाँ है अब तक सुराग नहीं

गुजरात के राजकोट में हिंदू लड़की का बलात्कार और धर्मांतरण के आरोप में महबूब बुखारी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि महबूब बुखारी क्रिकेट कोचिंग के बहाने 17 साल की उम्र से पीड़िता का बलात्कार कर रहा है। यही नहीं, उसने लड़की का धर्मांतरण कराकर उसका नाम नाजनीन रख दिया था। पीड़िता गत 26 जून से लापता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता का परिवार मूल रूप से भावनगर जिले के तलाजा का रहने वाला है। लेकिन वे लंबे समय से राजकोट में रह रहे हैं। क्रिकेटर बनने का सपना लिए पीड़ित लड़की ने 17 साल की उम्र में महबूब बुखारी नामक व्यक्ति की क्रिकेट कोचिंग जॉइन की थी। जहाँ महबूब ने इउसे अपने प्रेम जाल में फँसा लिया। इसके बाद बीते 4 साल से वह पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बना रहा था। पीड़ित लड़की के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी गत 26 जून को महबूब बुखारी के घर से लापता हुई है।

‘जय द्वारकाधीश बोलने वाली लड़की लगाती थी अल्लाहु अकबर के नारे’: पीड़ित परिवार

पीड़िता के परिवार ने शिकायत में कहा है “हमारी बेटी कुंडलिया कॉलेज में पढ़ रही है। उसे बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। इसलिए हमने क्रिकेट कोच महबूब अंसारी से बात करके उसे कोचिंग भेजना शुरू कर दिया। वह 17 साल की उम्र से क्रिकेट सीखने जा रही है। लेकिन महबूब बुखारी ने कोचिंग में क्रिकेट सिखाने के बजाय नाबालिग बेटी को प्रेम जाल में फँसाया और उसका ब्रेनवॉश कर दिया। महबूब ने उसका नाम बदलकर नाजनीन रख दिया था। ‘जय द्वारिकाधीश’ बोलने वाली हमारी बेटी ने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाने लगी। यही नहीं उसने नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया था।”

पीड़ित लड़की के पिता का कहना है उनकी बेटी अब 21 साल की हो चुकी है। घर पर रहने के दौरान वह अक्सर मस्जिद जाकर नमाज पढ़ती थी। परिवार ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन महबूब के दबाव के आगे वह सब करती जा रही थी। जब पीड़ित लड़की के पिता महबूब बुखारी से बात करने गए तो उसने उन्हें हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही कहा, “मैं तुम्हारी बेटी के साथ तब से बलात्कार कर रहा हूँ जब वह 17 साल की थी। अब तुम जो कर सकते हो कर लो”

महबूब बुखारी की हवस का शिकार हुई पीड़ित हिंदू लड़की के परिजन का कहना है, “मेरी बेटी अक्सर कहती थी कि अब जिंदगी बर्बाद हो गई है। अगर मैं किसी और से शादी करूँगी तो महबूब मुझे मार देगा और अगर मैं महबूब के साथ रही तो वह मेरी जिंदगी नर्क बना देगा। क्रिकेटर बनने का मेरा सपना भी एक तरीके से खत्म हो गया है।” परिजनों का यह भी कहना है कि महबूब के उकसाने और धमकी देने के चलते पीड़ित लड़की ने अपने घर से डेढ़ लाख रुपए के सोने के गहने चुराकर महबूब को दे दिए।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत और बयानों के आधार पर मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने आरोपित कोच महबूब बुखारी को गिरफ्तार कर किया है। हालाँकि, गत 26 जून से लापता हिंदू लड़की का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। 

काउंटिंग सेंटर में घुस महिलाओं को पीटा, BJP विधायक पर हमला, मतगणना कर्मचारियों की पिटाई: देखें बंगाल पंचायत चुनाव के आँकड़े

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों के दौरान जिस तरह से हिंसा हुई और बूथ लूटने की कई घटनाएँ सामने आईं, वो दौर मतगणना के बाद भी थमता हुआ नहीं दिख रहा है। TMC 18,606 से भी अधिक सीटें जीत गई हैं और भाजपा 4482 के साथ दूसरे स्थान पर है। कॉन्ग्रेस ने 1071 सीटें अपने नाम की हैं। TMC नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ये परिणाम उनकी पार्टी को एक बड़ी मजबूती देंगे।

उन्होंने इस पर ख़ुशी जताई कि भाजपा, कॉन्ग्रेस और लेफ्ट की सीटें जितनी हैं, उससे दोगुनी से भी ज्यादा पर अकेले टीएमसी ने जीत दर्ज की है। मतगणना के दिन भी हिंसा जारी रही। कहीं क्रूड बम फेंके गए तो कहीं भाजपा प्रत्याशियों पर हमले हुए। राज्यपाल CV आनंद बोस ने कहा है कि राजनीतिक दलों को ये समझना चाहिए कि चुनाव शारीरिक बल प्रदर्शन के लिए नहीं होता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजनीतिक कंट्रोल रूम में बैठ कर सड़क पर हिंसा भड़काने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुर्शिदाबाद और मालदा में AIMIM ने भी 2 सीटें अपने नाम की हैं। वहीं CPI(M) ने कहा है कि पंचायत चुनाव परिणाम जमीनी वास्तविकता को नहीं दर्शाते हैं, क्योंकि चुनाव की पूरी प्रक्रिया हिंसा के साये मर करवाई गई, गुंडों और पुलिस का भी इस्तेमाल किया गया। भाजपा नेता अग्निमित्र पॉल ने कहा कि पार्टी को पंचायत चुनाव से कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि ममता बनर्जी के गुंडों ने बल प्रयोग कर के बूथ लूटे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों को बूथों पर नहीं भेजा गया और CCTV कैमरे भी नहीं लगे थे।

कूच बिहार में तो जब रिकाउंटिंग की बात नहीं मानी गई तो TMC के गुंडों ने चुनाव आयोग के कर्मचारियों की ही पिटाई कर दी। भाजपा ने इस चुनाव में 45 हत्याओं का आरोप लगाया है। अशोकनगर में ISF (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) के कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए। भाजपा विधायक चांदना बाउरी की कार पर बाँकुरा के शाल्तोरा में हमला किया गया, पत्थरबाजी हुई। टीएमसी ने हिंसा के लिए राज्यपाल को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि धनियाखली में काउंटिंग सेंटर में बाहरी लोग घुस गए, महिलाओं से मारपीट हुई।

‘ED डायरेक्टर का कार्यकाल बढ़ाना अवैध’: सुप्रीम कोर्ट ने संजय कुमार मिश्रा को दिया पद छोड़ने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा (ED Director Sanjay Kumar Mishra) को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने मिश्रा के तीसरे कार्यकाल विस्तार को अवैध ठहराते हुए उन्हें 31 जुलाई तक पद छोड़ने के लिए कहा है। इससे पहले केंद्र सरकार ने नवंबर 2022 में एसके मिश्रा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया था। हालाँकि ईडी और सीबीआई डायरेक्टरों के कार्यकाल बढ़ाने को लेकर केंद्र द्वारा किए गए कानून संशोधनों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सही ठहराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी डायरेक्टर संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल विस्तार तथा सेवा विस्तार के कानून में हुए संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर मंगलवार (11 जुलाई 2023) को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश संजय करोल की बेंच ने संजय कुमार मिश्रा के तीसरे कार्यालय विस्तार को अवैध करार दिया। 

यही नहीं कोर्ट ने मिश्रा के कार्यकाल को घटाकर 31 जुलाई 2023 कर दिया। इससे पहले केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2022 में संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाकर 18 नवंबर 2023 तक कर दिया था। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ईडी डायरेक्टर मिश्रा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा सकता था। लेकिन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा की जा रही समीक्षा में व्यवधान उत्पन्न न हो और ईडी के अगले डायरेक्टर को कार्यभार सौंपने के लिए कोर्ट ने मिश्रा को 31 जुलाई तक पद पर बने रहने की अनुमति दी है। 

सुप्रीम कोर्ट ने संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को भले ही अवैध ठहरा दिया है। लेकिन बेहद दिलचस्प बात यह है कि कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों को सही ठहराया है। ज्ञात हो कि इन दोनों कानूनों में संशोधन होने के बाद केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल अधिकतम 5 साल तक बढ़ा सकती है।

क्या है मामला

संजय कुमार मिश्रा को साल 2018 में ईडी का डायरेक्टर बनाया गया था। उनका यह कार्यकाल नवंबर 2020 में खत्म होना था। लेकिन केंद्र सरकार ने 13 नवंबर 2020 को एक आदेश जारी कर उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया। इस आदेश में कहा गया था कि राष्ट्रपति ने साल 2018 के आदेश में बदलाव को मंजूरी दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी से संजय मिश्रा का 2 साल का कार्यकाल बढ़कर 3 साल का हो गया था।

सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गईं थीं। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2021 में संजय कुमार मिश्रा के कार्यालय विस्तार अनुमति दे दी थी। लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि अब उनका कार्यकाल और अधिक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बाद केंद्र सरकार ने 15 नवंबर 2021 को सेवा विस्तार के कानूनों में संशोधन कर दिया। फिर नवंबर 2022 में संजय कुमार मिश्रा को एक और साल के लिए ईडी का डायरेक्टर नियुक्त किया था। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। जहाँ अब मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे कार्यालय विस्तार को निरस्त कर दिया।

‘बृजभूषण शरण सिंह ने बार-बार किया यौन उत्पीड़न’: दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के बाद सांसद को कोर्ट का समन, गिरा दी महिला पत्रकार की माइक

दिल्ली पुलिस ने महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले WFI (राष्ट्रीय कुश्ती संघ) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दायर कर दी है। इसमें अब तक की गई जाँच के आधार पर लिखा है कि बृजभूषण शरण सिंह पर उनके अपराधों के लिए मामला चलाया जाना चाहिए और उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए। उनके खिलाफ 6 FIR दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उनके द्वारा यौन प्रताड़ना की घटनाएँ लगातार होती रहीं और कई बार हुई।

इस चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ ‘भारतीय दंड संहिता (IPC)’ की धारा-506 (आपराधिक धमकी), 354 (किसी महिला की इज्जत को भंग करना) और 354A (यौन प्रताड़ना) के अलावा 354D (पीछा करना) के तहत आरोप तय किए गए हैं। अगर बृजभूषण शरण सिंह दोषी साबित होते हैं तो उन्हें 5 साल तक की सज़ा सुनाई जा सकती है। 108 गवाहों से पूछताछ के बाद ये चार्जशीट तैयार की गई है। 15 पहलवानों, रेफरियों और कोचों ने इन आरोपों की पुष्टि की है।

इसके साथ ही मंगलवार (18 जुलाई, 2023) को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा समन किया गया है। कोर्ट ने कहा कि मामला चलाए जाने के लिए पुलिस ने पर्याप्त सबूत पेश कर दिए हैं। भाजपा सांसद को अदालत में खुद पेश होना होगा। बता दें कि इस मामले में शिकायत दर्ज करने वाली पीड़िताओं में एक नाबालिग भी शामिल थी, लेकिन उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान बदलते हुए आरोप वापस ले लिए। विनेश फोगट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक सहित कई पहलवानों ने इस मामले में जंतर-मंतर पर लंबा धरना दिया था।

उधर ‘टाइम्स नाउ’ द्वारा इस पर सवाल किए जाने पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके पास मीडिया के लिए कोई मसाला नहीं है, कोर्ट में देखेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगे। ‘टाइम्स नाउ’ की महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि बृजभूषण शरण सिंह ने उनकी माइक को तोड़ दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद ने जब कार का दरवाजा बंद किया तो महिला पत्रकार की माइक उसमें फँस कर नीचे गिर गई।