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‘भारतीय दर्शन और परंपरा को नमन’: भारत का कायल हुआ ‘मुस्लिम वर्ल्ड लीग’, उधर जावेद अख्तर बोले – UCC लागू करना संभव नहीं

मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉक्टर मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-ईसा भारत दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार (12 जुलाई 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ईसा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य धार्मिक नेताओं से मुलाकात पर खुशी जताते हुए भारत के लोकतंत्र एवं बहुलतावाद की जमकर तारीफ की। उधर, बॉलीवुड अभिनेता जावेद अख्तर को अलग तरह का दुख है।

अल-ईसा ने संबोधित करते हुए कहा, “मैं भारतीय लोकतंत्र को तह-ए-दिल से सलाम करता हूँ। मैं भारत के संविधान को सलाम करता हूँ। मैं दुनिया को सद्भावना सिखाने वाले भारतीय दर्शन और परंपरा को भी नमन करता हूँ। भारत में जो मैंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व देखा, वह भी अपने आप में यूनिक है।”

‘Harmony of Dialogue among Religions’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “जब भी संवाद की कमी होती है तो दो लोगों के बीच में गलतफहमी और समस्या खड़ी होती है। इसलिए संवाद का पुल बनाना आवश्यक है। सांस्कृतिक टकराव (Clash of Civilisation) को रोकने के लिए हमें अगली पीढ़ी का बचपन से ही मार्गदर्शन करना होगा और उन्हें इससे बचाना होगा।”

आतंकवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “गलतफहमी, घृणा और गलत अवधारणाओं ने कट्टरपंथ फैलाकर आतंकवाद बढ़ाने में सहयोग दिया है। अपनी ताकत को बढ़ाने वाले बहुत से नेता हेट नैरेटिव का प्रयोग करते हैं और अपनी प्रासंगिकता एवं नियंत्रण सुनिश्चित करते हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ ही संस्थाएँ इस तरह की गलत विचार परोसते हैं।

इससे पहले मंगलवार (11 जुलाई 2023) को सऊदी अरब के पूर्व न्याय मंत्री अल-ईसा ने कहा था, “भारत ने हिंदू बहुल राष्ट्र होने के बाद भी धर्मनिरपेक्ष संविधान अपनाया। विभिन्न संस्कृतियों में संवाद स्थापित करना समय की माँग है। सहनशीलता जीवन का हिस्सा है। इस्लाम प्यार और संवाद के लिए खुला है।”  

अल-ईसा ने कहा, “भारत के बारे में पाकिस्तान दुष्प्रचार किया करता है। भारत में मुस्लिम और उनके मज़हब को कोई खतरा नहीं है। मुस्लिम देश इंडोनेशिया को छोड़ दें तो भारत में विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम आबादी रहती है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 33 सदस्य देशों के बराबर मुसलमान भारत में रहते हैं।”

एक तरफ सऊदी अरब के नेता भारत की तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जावेद अख्तर का अपना रोना है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता (यानी अलग-अलग धर्म के लोगों के रहने की वजह से) देखते हुए भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा, “भारत एक औसत यूरोपीय देश की तरह नहीं है जहाँ एक धर्म, एक संस्कृति और एक परंपरा है। यहाँ संस्कृतियों, उप-संस्कृतियों, रीति-रिवाजों, परंपराओं की विविधता है। यह विविधता इतनी अधिक है कि यह कल्पना करना बहुत मुश्किल हो जाता है कि इसे कैसे हासिल किया जा सकता है।”

भारत में अलग-अलग रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए अख्तर ने कहा, “दक्षिण भारतीय राज्यों में एक लड़की अपने मामा से शादी कर सकती है। उत्तर भारत में यह अकल्पनीय है। इसे अनाचार माना जाएगा। समान नागरिक संहिता के तहत इन चीजों को कैसे संतुलित किया जा सकता है?”

मेरे बाबा को मार डाला, घर गिरा दिया, एनकाउंटर की कोशिश… कॉन्ग्रेस पर बृजभूषण के 11 आरोप, प्रियंका गाँधी को चुनौती – मेरे खिलाफ चुनाव लड़ कर दिखाएँ

कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी को खुली चुनौती दी है। बता दें कि दिल्ली पुलिस द्वारा न्यायालय में दायर आरोप-पत्र में WFI अध्यक्ष द्वारा महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामला चलाए जाने की बात कही गई है, जिसके बाद उन्हें समन किया गया। इसके बाद प्रियंका गाँधी ने ट्वीट कर इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप रहने का आरोप लगाया था। अब भाजपा सांसद ने एक नोट के जरिए निशाना साधा है।

उन्होंने प्रियंका गाँधी के ट्वीट को देश को गुमराह करने का षड्यंत्र बताते हुए कहा कि पुलिस की जाँच रिपोर्ट किसी को अपराधी नहीं बनाता, ये अधिकार न्यायालय का है और वहाँ अपनी बात रखने का अधिकार संविधान देता है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी को न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, इसीलिए वो मीडिया ट्रायल चाहती हैं। उन्होंने इतिहास की कई घटनाएँ गिनाते हुए बड़ा आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने हमेशा उनके और उनके परिवार के खिलाफ साजिश रची है।

महिला पहलवानों द्वारा यौन शोषण के आरोपों से पहले की 10 घटनाएँ उन्होंने उदाहरण के रूप में गिनाई हैं। पहली घटना उन्होंने अपने दादा चंद्रभान सिंह का उदाहरण देते हुए बताया है कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक बने थे, लेकिन रहस्यमयी परिस्थितियों में अस्पताल में उनकी मौत कॉन्ग्रेस की साजिश थी। इसी तरह उन्होंने 1974 में कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा उनका घर गिराए जाने और उनके परिवार वालों को जेल में बंद करने का आरोप भी लगाया।

सांसद ने तीसरी घटना का जिक्र किया है आपातकाल के दौरान का। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस पूर्वांचल में उनके वजूद को अपने लिए चुनौती मानती है, इसीलिए पार्टी नेताओं के दबाव में उन पर गैंगस्टर एक्ट और IPC की धाराओं में 3 दर्जन से अधिक केस इसीलिए कर दिए गए क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था। उन्होंने 1980 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उन पर ऑटोमैटिक हथियारों से प्राणघातक हमला हुआ था, जिसमें वो तो बच गए लेकिन उनके सहयोगी की मौत हो गई।

उन्होंने याद दिलाया है कि तब केंद्र और उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस ही सत्ता में थी। उन्होंने दावा किया है कि विश्वनाथ प्रताप सिंह के आदेश के बाद उनका एनकाउंटर करने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन भारी जनसमर्थन के कारण ये साजिश विफल हो गई। उन्होंने छठा आरोप लगाया है कि 1989 के विधानसभा चुनाव में वो हारे नहीं थे, बल्कि कॉन्ग्रेस ने साजिश कर के 4 वोटों से उन्हें हरवाया था और उनके राजनीतिक सफर को रोकने का प्रयास किया था।

1989 में राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी पहली गिरफ़्तारी का ठीकरा भी उन्होंने कॉन्ग्रेस पर ही फोड़ा है। 8वीं घटना का जिक्र उन्होंने 1992 का किया है, जब बाबरी का ढाँचा गिराया गया और उन्हें भी केंद्र सरकार के इशारे पर गिरफ्तार किया गया था। साथ ही 1995 में टाडा लगा कर उन्हें देशद्रोही साबित करने की कोशिश की गई, ये आरोप भी उन्होंने लगाया है। उन्होंने बताया है कि 2004 में एक दुर्घटना को हत्या बता कर उन्हें उसमें फँसाया गया, लेकिन CBI ने उन्हें क्लीन-चिट दी।

बृजभूषण शरण सिंह ने इन 10 घटनाओं के अलावा 11वें बिंदु के रूप में ताजा प्रकरण की बात की है। उन्होंने पहलवानों वाले प्रकरण में प्रियंका गाँधी और कॉन्ग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश की कानून व्यवस्था पर यकीन रखते हैं। उन्होंने चुनौती दी है कि प्रियंका गाँधी ट्विटर-ट्विटर खेलना बंद करें और उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ कर दिखाएँ। उन्होंने लिखा कि जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।

‘हिंसा के लिए राम, श्याम और वाम जिम्मेदार’: CM ममता बनर्जी ने पुलिस को ‘खुली छूट’ देने का किया ऐलान, BJP को पंचायत चुनाव में 9700+ सीटें

पंचायत चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए वहाँ की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने ‘राम, श्याम और वाम’ को जिम्मेवार ठहराया है। बनर्जी ने ‘राम, श्याम और वाम’ के जरिए भाजपा, कॉन्ग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी ने कहा, “मेरा कोई अपराध हो तो जनता मुझे सजा दे सकती है। मैं यह कहनी चाहती हूँ कि जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया। हम महात्मा गाँधी, सुभाषचंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद जैसे लोगों के अनुयायी हैं।”

सीएम ममता ने कहा, “मैं हिंसा का समर्थन नहीं करती, ना ही नफरत एवं हिंसा की राजनीति में पड़ती हूँ। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि राम, श्याम और वाम ने मिलकर चुनाव में खलल डालने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया।”

उन्होंने कहा कि ये हिंसा राज्य के कुछ ही इलाकों में हुई हैं। 70 हजार बूथों में से सिर्फ 60 बूथों पर हिंसा देखने को मिली। इस हिंसा के लिए उन्होंने भाजपा को दोषी ठहराया और कहा कि भारतीय जनता दल को राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

ममता ने कहा, “लोकतंत्र की हत्या करने वालों को राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है। मैं लंबे वक्त तक चुप रही, लेकिन मेरे सब्र की भी एक सीमा है। सत्ताधारी बीजेपी ने फर्जी प्रोपगेंडा फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।”

उन्होंने राज्य में हुई हिंसा की जाँच के लिए पुलिस को खुली छूट दे दी है। सीएम ममता ने कहा कि पुलिस पता लगाएगी कि इस हिंसा के पीछे कौन है। मारे गए लोगों में सबसे तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता हैं।

ममता ने हिंसा में जान गँवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि हिंसा में 19 लोगों की जान गई है और उनके परिजनों को सरकार 2-2 लाख रुपए मुआवजा देगी। इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को स्पेशल होमगार्ड की नौकरी दी जाएगी। 

पंचायत चुनाव में जीत पर उन्होंने लोगों को बधाई भी दी। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के बुधवार की शाम बजे तक के आँकड़ों के मुताबिक, टीएमसी ने 63,229 ग्राम पंचायत सीटों में से 34,901 पर जीत दर्ज कर ली ,है जबकि अन्य 613 पर उसके उम्मीदवार आगे हैं। 

वहीं, दूसरे नंबर पर बीजेपी चल रही है। भाजपा शाम के चार बजे तक 9,719 सीटें जीत चुकी है और 152 सीट पर आगे चल रही है। CPIM ने 2,938 सीटों पर जीत हासिल की है। कॉन्ग्रेस ने 2,542 सीट जीती है और 66 पर आगे चल रही है। 

सड़क पर क्यों बन जाते हैं गुफानुमा गड्ढे? बारिश में बड़े-बड़े शहरों में ये समस्या, समझें इसके पीछे का कारण

मॉनसून 2023 में पूरे उत्तर भारत में भारी बारिश हो रही है और देश के कई बड़े-बड़े शहरों की भी हालत खराब हो गई है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश बारिश से बेहाल हैं। इससे जगह-जगह पानी लगने की घटनाएँ सामने आई हैं। बाढ़, इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान, पेड़ों का उखड़ना और सड़कों पर गुफानुमा गड्ढे बन जाना – ये सब समस्याएँ देखने को मिल रही हैं। कई शहरी इलाकों में अच्छे-अच्छे पिच रोडों पर भी ऐसे ही हालात हैं।

कई ऐसे शहर हैं जहाँ सड़कों पर ही गुफानुमा गड्ढे बन गए, यहाँ तक कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में कम से कम 3 ऐसे मामले आ चुके हैं। 9 जुलाई को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नजफगढ़ रोड पर बने ऐसे ही एक गड्ढे को लेकर लोगों को सावधान किया। पानी की पाइपलाइन लीक होने की वजह से मोती नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में ये हालत बन गए थे। इसी तरह, इंडिया गेट के पास शेरशाह रोड मोड़ पर ऐसा ही बड़ा सा गड्ढा देखने को मिला।

तीसरी घटना रोहिणी के सेक्टर 24 से सामने आई। भारी बारिश के कारण ऐसा गड्ढा बन गया जो एक बड़े स्विमिंग पूल जैसा लग रहा था। इसका आकार ऐसा था जैसे बड़े-बड़े कार भी इसके भीतर समा जाएँ। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन घटनाओं पर जाँच के आदेश भी दिए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बलरामपुर हॉस्पिटल के पास इसी तरह का गड्ढा देखा गया। इसी तरह मुंबई के चेम्बूर में ऐसे ही एक गड्ढे में कार गिर गई।

असल में ये गड्ढे बनते कैसे हैं? इन्हें अंग्रेजो में ‘Road Cave-In’ या फिर ‘Sinkhole’ कहा जाता है। अधिकतर जगह पर ऐसी घटनाएँ 2 प्रमुख कारणों से होती हैं। सड़क के नीचे रोड के सपोर्ट के लिए एक सब-स्ट्रक्चर बनाया जाता है। अगर उसमें खराबी आ जाती है तो सड़क में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट और मिट्टी गिरने लगते हैं, जिससे ये गड्ढे बन जाते हैं। मतलब, वो स्ट्रक्चर सड़क का भारत वहन करने की क्षमता खो देता है। अगर मिट्टी ठीक से नहीं बैठी हुई है तो वो धीरे-धीरे नीचे जाने लगती है।

अगर नीचे कोई माइनिंग का काम कभी हुआ हो, तो वो गुफा जैसे स्ट्रक्चर रह जाते हैं। अगर स्ट्रक्चर बहुत पुराना हो गया हो तो वो वाहनों के आवागमन को झेल नहीं पाता। निर्माण कार्य में गड़बड़ी, खुदाई जैसी गतिविधियाँ और भारी मशीनों से तेज वाइब्रेशन – इन कारणों से भी जमीन की स्थिरता पर दुष्प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी प्राकृतिक कारणों से भी ऐसा होता है। सड़क के नीचे अगर पानी जमा हो जाए तो इससे भी जमीन कमजोर पड़ जाती है। ड्रेनेज सिस्टम की गड़बड़ी या जल-जमाव से भी ऐसा होता है।

जब मिट्टी तर-बतर होती है तो उसमें पानी की बूँदे घुसने लगती हैं और बाद में यही पानी ऊपर की तरफ दबाव लगाता है। इससे मिट्टी कमजोर होती है। सड़क बनाने के समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो इससे बचा जा सकता है। जैसे, सब-स्ट्रक्चर की मजबूती पर विशेष ध्यान देना। समय-समय पर ड्रेनेज या पानी के लीक होने की जाँच होनी चाहिए। बारिश के पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। लाइमस्टोन जैसे पत्थरों को वहाँ से हटा दिया जाना चाहिए।

आँखों में झोंकी लाल मिर्च और गोलियों से भून डाला: BJP नेता की हत्या करने वाले गैंगस्टर की पुलिस कस्टडी में हत्या, राजस्थान में टोल प्लाजा के पास वारदात

राजस्थान के भरतपुर जिले में एक गैंगस्टर की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम कुलदीप जघीना है जो एक भाजपा नेता की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। घटना को एक टोल टैक्स पर तब अंजाम दिया गया जब कुलदीप को एक रोडवेज बस से पुलिस पेशी के लिए ले जा रही थी। हमले में कुछ यात्रियों को भी चोटें आईं हैं। पुलिस ने हत्या में शामिल 4 हमलावरों की गिरफ्तार का दावा किया है। घटना बुधवार (12 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला भरतपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बीकानेर-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित अमोली टोल प्लाजा का है। बुधवार को जयपुर सेंट्रल जेल में बंद 7 आरोपितों को भरतपुर के जिला न्यायालय में पेश होना था। ये सभी आरोपित 4 सितम्बर, 2022 हो भरतपुर में हुए भाजपा नेता कृपाल सिंह हत्याकांड में आरोपित थे। पुलिस इन सभी को एक रोडवेज बस से ला रही थी जिसमें अन्य सवारियाँ भी मौजूद थीं।

जैसी ही ये बस अमोली टोल प्लाजा के पास पहुँची इस पर हमला हो गया। हमले के बाद के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। भाजपा ने इस घटना को प्रदेश सरकार के ध्वस्त लॉ एन्ड आर्डर का सबूत बताया है।

बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर जैसे ही रोडवेज बस ड्राइवर ने रसीद कटवाने के लिए बस रोका तो बाइक और स्कार्पिओ से आए बदमाशों ने अंदर घुस कर आरोपितों की सुरक्षा में तैनात पुलिस वालों की आँखों में लाल मिर्च झोंक दी। इसके बाद गैंगस्टर कुलदीप जघीना को निशाना बना कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। कुलदीप को 20 से 25 गोलियाँ लगी और उसकी मौत मौके पर ही हो गई। गोलियों के छर्रे से बस में सवार अन्य यात्री और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिनका इलाज करवाया जा रहा है।

इस घटना का संज्ञान पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने लिया। भारी पुलिस बल ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और हमलावरों की कॉम्बिंग शुरू कर दी। राजस्थान पुलिस ने दावा किया है कि सभी हमलावरों को 3 घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए हमलावरों की संख्या 4 बताई जा रही है। इनके नाम बबलू मालीपुरा,सौरभ,विष्णु और धर्मराज बताए जा रहे हैं। इसमें 2 आरोपितों के पैर में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान गोली लगने की खबर है।

प्रॉपर्टी के विवाद में हुआ था कृपाल का कत्ल

बताते चलें कि 4 सितम्बर, 2022 को भरतपुर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र में भाजपा नेता कृपाल सिंह की हत्या गोलियों से भून कर तब कर दी गई थी जब वो कार से अपने घर आ रहे थे। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपित के तौर पर कुलदीप सिंह जघीना का नाम सामने आया था। कुलदीप के अलावा 11 हमलावरों में विश्वेन्द्र, राहुल, विजय पाल और प्रभाव के नाम सामने आए थे। हत्या की वजह कृपाल सिंह और कुलदीप के बीच प्रॉपर्टी का विवाद बताया गया था।

कृपाल सिंह को 3 गोलियाँ मार कर कृपाल साथियों सहित गोवा चला गया था। हालाँकि 7 सितम्बर 2022 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से कुलदीप सिंह जेल में ही था। इस केस में कुलदीप सिंह जघीना ने मुख्य गवाह लोकेन्द्र को भी धमकी दी थी।

भगवान हनुमान बने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के शुभंकर, मेजबान थाईलैंड कहा- सेवा, गति, शक्ति, साहस और बुद्धि की उनमें असाधारण क्षमता

भगवान बजरंग बली बुधवार (12 जुलाई 2023) को शुरू हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships 2023) का शुभंकर (Mascot) बनाया गया है। यह चैंपियनशिप थाईलैंड में 12 जुलाई से 16 जुलाई 2023 तक खेली जा रही है और इसमें कई देशों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

भगवान हनुमान वाली इस मैस्कॉट का चयन एशियन चैंपियनशिप की 50वीं वर्षगाँठ पर मेजबान देश थाईलैंड द्वारा किया गया है। मैस्कॉट का चयन मेजबान देश की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी करती है। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 की वेबसाइट पर मेजबान देश ने भगवान राम और हनुमान के बारे में भी लिखा है।

उस पर लिखा है- ‘हनुमान (भगवान) राम की सेवा में गति, शक्ति, साहस और बुद्धि सहित असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन करते है। हनुमान की सबसे बड़ी क्षमता उनकी अविश्वसनीय रूप से दृढ़ निष्ठा और भक्ति है। 25वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2023 का लोगो खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों, कौशल, एथलीटों की टीम वर्क, एथलेटिकिज्म, समर्पण और खेल कौशल के प्रदर्शन को दर्शाता है।’

शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के नेतृत्व में भारत चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन करेगा। पाँच दिन चलने वाली एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम शनिवार रात दिल्ली और बेंगलुरु से बैंकॉक के लिए रवाना हुई। इस चैंपियनशिप में एशिया के तमाम एथलीट भाग ले रहे हैं।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा थाईलैंड में आयोजित होने वाली इस चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगे। नीरज चोपड़ा ने थाईलैंड जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों के दल को अपनी शुभकामनाएँ दी हैं।

बैंकॉक में मौजूद एथलीट 45 अलग-अलग ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करेंगे। थाईलैंड के अलावा आठ देशों की टीमें इवेंट के हर गेम में हिस्सा लेंगीं। इसमें हॉन्गकॉन्ग, चीन, भारत, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर शामिल हैं।

आजमगढ़ में ईसाई धर्मांतरण करवाती 5 महिलाएँ गिरफ्तार; मज़हबी साहित्य बरामद… बहराइच में बजरंग दल पदाधिकारी पर पादरी का हमला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक गाँव से 5 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है। इन पर प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को ईसाई बनाने का आरोप है। वहीं बहराइच में धर्मांतरण का विरोध करने के कारण बजरंग दल पदाधिकारी पर हमले की घटना सामने आई है। हमले का आरोप एक पादरी और उसके सहयोगियों पर लगा है। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज़मगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में आने वाले गाँव सिकंदर पट्टी के बृजेश पांडेय ने रविवार (10 जुलाई 2023) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए अपने गाँव में धर्मान्तरण की सूचना दी। उन्होंने बताया कि विजय बिन्द्र नाम के व्यक्ति के खेत में बने घर में कुछ लोग जमा हो कर हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले संगीत बजा रहे हैं। बृजेश ने खेत में बाहरी लोगों की मौजूदगी बताते हुए धर्मांतरण की आशंका जताई। सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुँची तो वहाँ लोगों का जमावड़ा मिला।

पूछताछ के दौरान एक महिला ने पहले अपने शरीर पर छाले होने और प्रार्थना में आने के बाद सब ठीक होने का दावा किया। तलाशी के दौरान पुलिस को मज़हबी साहित्य और तस्वीरें, झाड़-फूँक से जुड़ी चीजें और वाद्य यंत्र मिले। पुलिस ने डरा-धमका और बहला-फुसला कर धर्मान्तरण कराने के आरोप में 5 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनके नाम कुसुम, संगीता, सोनवर्षा, आशा और लक्ष्मी हैं। ये सभी सुल्तानपुर और जौनपुर जिलों की रहने वाली हैं।

पादरी का बजरंग दल पदाधिकारी पर हमला

वहीं बहराइच जिले में एक पादरी पर साथियों सहित बजरंग दल के पदाधिकारी पर हमले का आरोप लगा है। थाना नानपारा में दर्ज FIR में बजरंग दल के अवध प्रान्त विभाग संयोजक दीपांशु श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने हिन्दू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे जाने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। इसके चलते पादरी अनिल ने उन्हें देख लेने की धमकी दी थी। दीपांशु ने बताया है कि 11 जुलाई 2023 को एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वे अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में 2 बाइकों पर सवार 4 लोगों ने उन पर घात लगा कर हमला किया।

दीपांशु ने बताया कि हमलावर डंडों और लोहे की रॉड से लैस थे। हमलावरों ने उन्हें जान से मार डालने की भी धमकी दी। पुलिस ने दीपांशु की शिकायत पर IPC की धारा 307 और 504 के तहत FIR दर्ज किया है। FIR में पॉस्टर अनिल और राम नारायण नामजद हैं जबकि 2 अन्य अज्ञात हैं। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

बहराइच पुलिस ने दोनों नामजदों सहित 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपित का नाम रोहित मौर्य है। पुलिस के मुताबिक चौथे आरोपित की तलाश की जा रही है।

आल्हा, बिरहा, चालीसा, बेवफा SDM, मेहरी नहीं पढ़ाएँगे… आलोक मौर्या में भोजपुरी ने देखी ज्योति: खान सर बोले- 93 लोग अपनी पत्नी को कोचिंग से ले गए

जब नोटबंदी हुई थी तो ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ वाला 10 रुपए का नोट सोशल मीडिया में छा गया था। अब सोशल मीडिया में ऐसे संदेशों की भरमार है जो बताते हैं कि ‘ज्योति मौर्या बेवफा है’। दरअसल ऐसा ज्योति के पति आलोक मौर्या जो कि सफाई कर्मचारी हैं का एक रोते हुए वीडियो सामने आने के बाद हुआ। इसमें आलोक ने कहा कि जिस ज्योति को उन्होंने पढ़ाया-लिखाया वह एसडीएम बनने के बाद उन्हें धोखा दे रही है। अपनी पत्नी का होम गार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के साथ अफेयर का दावा किया। दोनों पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। विभागीय जाँच में दुबे को दोषी मानते हुए सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है।

पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी इस कहानी में कई मोड़ आ चुके हैं। कई वीडियो, कई दावे, कई चैट, फोन कॉल रिकॉर्डिंग से लेकर वसूली वाली डायरी तक। तलाक की अर्जी से लेकर दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप तक लग चुके हैं।खान सर का दावा है कि इस घटना के कारण करीब 93 पति अपनी पत्नियों का नाम कोचिंग से कटा चुके हैं।ऐसे में भोजपुरी इंडस्ट्री भी कहां पीछे रहने वाली थी। ज्योति और आलोक मौर्या प्रकरण पर भोजपुरी में दर्जनभर गाने अब तक आ चुके हैं। इन पर चालीसा से लेकर आल्हा तक गायकों ने गा दिया है।

जब इस कहानी का इतना बाजा बज रहा हो तो भोजपुरी गायक ही क्यों पीछे रहें। ज्योति और आलोक मौर्या प्रकरण पर भोजपुरी में दर्जनभर गाने अब तक आ चुके हैं। चालीसा से लेकर बिरहा तक गायकों ने गा दिया है। इनमें से कई गानों में ज्योति को बेवफा बताया गया है। कुछ में उनके लिए छिनार जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया है। कुछ गानों के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि बेटी को पढ़ाना चाहिए, न कि पत्नी को।

एसडीएम ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या पर बनी चालीसा को चंदा शर्मा ने आवाज दी है। 5 जुलाई को रिलीज हुए इस चालीसा को 12 लाख से ज्यादा व्यूज रिपोर्ट लिखे जाने तक मिल चुके थे।

रितीक पांडे ने इस प्रकरण पर जो गाना गाया है वह ‘एसडीएम बनते ही भूल गईलु’। इसे लिखा है गुरुदेव ने। साढ़े 6 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुके इस गाने को 29 जून को जारी किया गया था।

भोजपुरी के अलावा ज्योति और आलोक मौर्या की कहानी पर आल्हा के भाव में रोशन खरवार का गाया गाना भी खूब चल रहा है। 3 जुलाई को इसे रिलीज किया गया था। 20 लाख से अधिक व्यूज आ चुके हैं।

ओमप्रकाश का गाया ‘बेवफा एसडीएम ज्योति उर्फ आलोक मौर्या को इंसाफ’ गाना भी चर्चा में है। इस बिरहा को 12 जुलाई को ही रिलीज किया गया है और 10 घंटे में ही इसे डेढ़ लाख के करीब व्यूज मिल चुके थे।

‘मेहरी को नहीं पढ़ाएँगे’ को लाल बाबू और खुशी कक्कड़ ने गाया है। 7 जुलाई को इसे जारी किया गया और करीब 13 लाख व्यूज इसे मिल चुके हैं।

यूट्यूब पर आप जैसे ही ज्योति और आलोक मौर्या के नाम से बने भोजपुरी गानों को सर्च करेंगे ऐसे कई गाने मिलेंगे। एसडीएम जइसन मउगी छिनार न मिले, समय समय के खेला बा, बदलल नियतिया एसडीएम साहिबा के, हट गईल एसडीएम ज्योति मौर्या, बेवफा एसडीएम, ज्योति मौर्या छिनार भईली जैसे टाइटल से कई गाने रिलीज किए गए हैं।

‘पत्नी ही नहीं, उसके 3 कुत्तों को भी दो गुजारा भत्ता’: तलाक के बाद पति को मुंबई कोर्ट का आदेश, कहा- भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं पालतू जानवर

घरेलू हिंसा (डीवी) अधिनियम के तहत 55 वर्षीय महिला ने अपने अलग होने वाले पति से अपनी उम्र, स्वास्थ्य और आश्रित तीन कुत्तों को देखते हुए भरण-पोषण की माँग की है। महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई की एक अदालत ने कहा कि पालतू जानवर भी एक सभ्य जीवनशैली के अभिन्न अंग हैं और मनुष्य के लिए स्वस्थ जीवन जीने के लिए आवश्यक हैं।

अदालत ने कहा कि पालतू जानवर रिश्तों के टूटने के बाद होने वाली भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं। कोर्ट ने महिला के पति द्वारा दी जाने वाली भरण-पोषण राशि को कम करने की माँग को खारिज कर दिया। पति ने कोर्ट में दलील दी कि उससे व्यवसाय में घाटा हुआ है। वहीं, महिला के पास रॉटविलर नस्ल के तीन कुत्ते हैं।

बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोमल सिंह राजपूत ने कहा, “पालतू जानवर भी स्वस्थ जीवनशैली के अभिन्न अंग हैं। मनुष्य के स्वस्थ जीवन जीने के लिए पालतू जानवर आवश्यक हैं, क्योंकि वे टूटे रिश्तों के कारण हुई भावनात्मक कमी को पूरा करते हैं। इसलिए, भरण-पोषण की राशि को कम करने का आधार नहीं हो सकता है।”

महिला ने अपनी मुख्य याचिका में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा के आरोप लगाए गए हैं। वर्तमान आवेदन ₹70,000 प्रति माह के भरण-पोषण की माँग के लिए दायर किया गया था। अदालत ने 20 जून 2023 को आंशिक रूप से याचिका स्वीकार कर ली और पति को मुख्य मामले के निपटारे तक पत्नी को 50,000 रुपए अंतरिम गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया।

अदालत ने पाया कि दोनों पक्षों की वित्तीय पृष्ठभूमि अच्छी थी। पति के इस दावे को साबित नहीं कर पाया कि उसे कोई व्यावसायिक घाटा हुआ है। इसके अलावा, न्यायालय ने कहा कि पत्नी को दिया जाने वाला गुजारा भत्ता उसकी जीवनशैली और अन्य आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

महिला ने अपने आवेदन में कहा था कि उसके पास आय का कोई स्रोत नहीं है और उसका स्वास्थ्य भी खराब रहता है। उसने अदालत को यह भी बताया कि उसके पास तीन रॉटवीलर कुत्ते हैं, जो उस पर निर्भर है। इसको देखते हुए महिला ने भरण-पोषण की राशि को बढ़ाने की माँग की।

इस दंपति की शादी 1986 में हुई थी और उनकी दो बेटियाँ हैं, जो विदेश में बस गई हैं। साल 2021 में दंपति के बीच मतभेद पैदा हो गया। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी को मुंबई भेज दिया और कहा कि वह उसके भरण-पोषण और अन्य बुनियादी जरूरतें पूरा करेगा। पत्नी का आरोप है कि इस वादे का पालन नहीं किया गया।

महिला ने यह भी कहा कि जब दोनों साथ रहते थे तो उसका पति उस पर घरेलू हिंसा करता था। महिला ने यह कहते हुए अपनी भरण-पोषण के लिए माँगी गई राशि को उचित ठहराया कि उसका पति दूसरे मेट्रो शहर में व्यवसाय चला रहा है और उसके पास आय के अन्य स्रोत भी हैं।

36 राफेल एयरक्राफ्ट के बाद अब Rafel-M के लिए फ्रांस से सौदा: PM मोदी के दौरे पर फाइनल होगी डील, वायुसेना वाले से अलग हैं नौसेना के ये ‘फाइटर’

36 राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट्स के बाद भारत अब फ्रांस से 26 Rafale-M फाइटर्स खरीदने जा रहा है। खाद बात ये है कि ये खरीद भारतीय नौसेना के लिए की जा रही है। फ्रांस की सबसे बड़ी ऐरोस्पेस कंपनी ‘Dassault Aviation’ से ही इस संबंध में करार होता, जिससे भारतीय वायुसेना के लिए 36 राफेल फाइट्स जेट्स खरीदने गए थे। ये सभी डिलीवर किए जा चुके हैं। 2016 में हुए इस करार से ये वाली डील अलग होगी। डिजाइन और क्षमताओं की बात करें तो नौसेना के नवल फाइटर जेट्स वायुसेना वाले से अलग होते हैं।

ये अंतर इसीलिए होता है, क्योंकि जमीन से हवा में उड़ने वाले फाइटर जेट्स और समुद्र में चलने वाले एयरक्राफ्ट कैरियर के माध्यम से मार करने वाले फाइटर जेट्स के संचालन के माहौल में भी अंतर होता है। 22 फाइटर जेट्स को INS विक्रांत और विक्रमादित्य पर तैनात किए जाने की योजना है। दक्षिण भारत में एयरक्राफ्ट कैरियर सिर्फ भारत और चीन के पास हैं। ये राफेल-एम एयरक्राफ्ट्स क्षयकारी नमकीन पानी वाले माहौल में रहेंगे, इसीलिए इन्हें उसी हिसाब से डिजाइन किया जाता है।

इन्हें एयरक्राफ्ट कैरियर से संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रख कर तैयार किया जाता है। साथ ही हाई-इम्पैक्ट वाली लैंडिंग की क्षमता इनमें होती है। Catapult (किसी चीज को दूर से फेंकने वाला टूल) या रैंप-लॉन्च की तकनीक इसमें होती है। नौसेना के इन एयरक्राफ्ट फाइटर्स का लैंडिंग गियर बाकियों से ज़्यादा मजबूत होता है, इनमें मजबूत एयरफ्रेम्स होते हैं और इनके विंग्स फोल्डिंग वाले होते हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर संचालित होने और स्टोरेज के लिए ये फोल्डिंग विंग्स की ज़रूरत पड़ती है।

जबकि जमीन से उड़ान भरने वाले एयरक्राफ्ट्स को इन फीचर्स की ज़रूरत नहीं पड़ती क्योंकि उनके लिए तो बना-बनाया रनवे होता है। भारत में अब तक MiG-29K एयरक्राफ्ट कैरियर्स से संचालित होने वाला फाइटर जेट रहा है। इसमें आसान लैंडिंग के लिए एक टेलहुक भी है। एक एयरक्राफ्ट कैरियर पर कई विमान लैंड हो सकें, इसके लिए फोल्डिंग विंग्स चाहिए होती है। जबकि आप Sukhoi Su-30MKI को देखेंगे तो ऐसा कोई फीचर नहीं दिखेगा क्योंकि इसकी लैंडिंग और रख-रखाव के लिए जमीन पर पर्याप्त जगह होती है।

जबकि एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक का आकार सीमित होता है। नवल फाइटर जेट्स को उनके जमीनी समकक्षों की तुलना में हल्का और छोटा बनाया जाता है। साथ ही उनकी रेंज भी तुलनात्मक रूप से छोटी होती है। लेकिन, उनमें इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग की क्षमता होती है। इनमें राडार सिस्टम भी होता है। साथ ही समुद्र को ध्यान में रखते हुए इसका नेविगेशन सिस्टम डिजाइन किया जाता है। इन्हें बनाने में ऐसे मैटेरियल्स और कोटिंग्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो समुद्री नमकीन पानी के दुष्प्रभावों को झेल सकें।

किसी जहाज या सबमरीन के खिलाफ इस्तेमाल करने में ये ज्यादा प्रभावी होते हैं। इनके पायलट भी विशेष प्रकार के होते हैं, क्योंकि उन्हें रनवे पर नहीं बाकि एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक पर लैंडिंग करानी होती है। इनमें सामने का नुकीला हिस्सा थोड़ा लंबा होता है। बताया जा रहा है कि फ्रांस और भारत के बीच Rafale-M को लेकर 5.5 बिलियन यूरोप (49879.49 करोड़ रुपए) की डील होगी। साथ ही फ्रांस से भारत 3 स्कॉर्पीन सबमरीन्स भी खरीदेगा।