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‘जनसंघ के जमाने से ही ये क्षेत्र हमारी विचारधारा का मजबूत किला’: PM मोदी ने तेलंगाना में की भद्रकाली की पूजा, ₹6100 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के तेलंगाना के वारंगल में भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना की, उसके बाद विभिन्न योजनाओं का भी शुभारंभ किया। उन्होंने तेलंगाना की स्थापना के 9 वर्ष पूरे होने की बात करते हुए कहा कि ये राज्य भले ही नया हो लेकिन भारत के इतिहास में यहाँ के लोगों का योगदान हमेशा से बहुत बड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि तेलुगू लोगों के सामर्थ्य ने हमेशा भारत के सामर्थ्य को बढ़ाया है और आज जब भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बना है, तो उसमें भी तेलंगाना के लोगों की बड़ी भूमिका है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया भारत में निवेश के लिए आगे आ रही है, विकसित भारत को लेकर इतना उत्साह है, तब तेलंगाना के सामने अवसर ही अवसर हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आज का नया भारत, युवा भारत है, ऊर्जा से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में हमारे पास ये गोल्डन पीरियड आया है और हमें इस गोल्डन पीरियड के हर सेकेंड का पूरा इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी कोना, तेज विकास की किसी भी संभावना से पीछे नहीं रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि आज हर प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहले से कई गुना तेजी से काम हो रहा है और आज पूरे देश में हाइवे, एक्सप्रेस वे, इकोनॉमिक कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का जाल बिछ रहा है। पीएम मोदी ने वारंगल में 6100 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पुराने बुनियादी ढाँचे को लेकर भारत का विकास संभव नहीं था, इसीलिए सरकार ने गति बढ़ा दी। इस दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी पीएम मोदी की तारीफ़ की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में कहा, “बीते 9 वर्षों में पूरी दुनिया में देश का गौरव बढ़ा है, भारत को लेकर आकर्षण बढ़ा है। इसका भी फायदा तेलंगाना को हुआ है। यहाँ पहले के मुकाबले अब ज्यादा निवेश आ रहा है और इसका फायदा तेलंगाना के युवाओं को हो रहा है, उन्हें नौकरी मिल रही है। भाजपा का लक्ष्य यही है – तेलंगाना विकसित बने, तेलंगाना भारत को विकसित बनाए। आज मैं एक भाजपा कार्यकर्ता के रूप में वारंगल में आप सबके बीच आया हूँ। ये क्षेत्र जनसंघ के जमाने से ही हमारी विचारधारा का मजबूत किला है।”

बंगाल में BJP प्रत्याशी के बूथ एजेंट पर बम से हमला, अब तक 8 की मौत: बैरक में महिलाएँ बैलेट बॉक्स लेकर भागीं, भाजपा बोली- 90 के दशक के बिहार वाली स्थिति

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए शनिवार (8 जुलाई 2023) को जारी मतदान के बीच भी हिंसा जारी है। राज्य में कई इलाकों में बैलेट पेपर जलाने से लेकर हत्या की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कई जगहों पर लोग सुरक्षा बलों की कमी को देखते हुए मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। बैरकपुर में महिलाओं ने बैलट बॉक्स लूट लिया।

हुबली में निर्दलीय उम्मीदवार की बेटी को गोली मार दी गई। वहीं, कूचबिहार के फलीमारी के बूथ पर गुंडों के हमले में भाजपा प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट माधव विश्वास की मौत हो गई है। भाजपा उम्मीदवार माया बर्मन ने आरोप लगाया है कि TMC के गुंडों ने उनके एजेंट पर बम फेंका। इसमें उनकी मौत हो गई।

बंगाल में सिर्फ शनिवार को हिंसा में 7 लोगों की मौत हो गई है और 10 से अधिक लोग घायल हैं। ऐसे ही निर्दलीय उम्मीदवार अरिजीत दास के एजेंट पर चार बम फेंके गए। इनमें से दो बम फटे। बाकी बमों को पुलिस ने बरामद कर लिया।कई जगह पोलिंग अधिकारियों को भी पीटने की खबर है।

उत्तर 24 परगना जिले के पीरगाछा में एक निर्दलीय उम्मीदवार के बूथ एजेंट अब्दुल्ला की हत्या कर दी गई। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्या के पीछे TMC उम्मीदवार मुन्ना बीबी के पति का हाथ है।

मालदा जिले में भी कॉन्ग्रेस और तृणमूल कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर है। इसी तरह हुगली, हावड़ा व पूर्व मेदिनीपुर जिले में भी छिटपुट हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं। दर्जनों लोग बम-गोली से जख्मी हुए हैं। सबसे अधिक हिंसा 24 परगना जिले और मुर्शिदाबाद जिले से सामने आ रही हैं।

उत्तर 24 परगना में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, “मैं सुबह से ही मैदान में हूँ। रास्ते में मेरा काफिला रोका गया। उन्होंने मुझे अपने आसपास हो रही हत्याओं के बारे में बताया और कहा कि गुंडों द्वारा उन्हें मतदान केंद्रों पर जाने से रोका जा रहा है। चुनाव गोलियों से नहीं बल्कि मतपत्रों से होना चाहिए।”

बता चलें कि बंगाल के पंचायत चुनाव में कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर 822 कंपनी केंद्रीय बलों एवं 1.70 लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद रात से ही हिंसा जारी है। अब तक हिंसा में 8 लोगों की मौत की खबर है, जबकि दर्जनों लोग बम-गोली से जख्मी हुए हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक हिंसा में 28 लोग मारे जा चुके हैं।

बंगाल में हिंसा को लेकर भाजपा ने राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि वर्तमान हालात 1990 के दशक के बिहार के हालात की याद दिला रहे हैं।

हिन्दू महिला कर्मचारी से नगर पालिका के क्लर्क गफ्फार ने की अश्लील हरकत, करतूत CCTV में कैद: शाहजहाँपुर पुलिस ने केस दर्ज किया

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में नगरपालिका के एक क्लर्क पर अपनी हिन्दू महिला सहकर्मी से अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। शनिवार (7 जुलाई 2023) को इस हरकत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरोपित क्लर्क का नाम गफ्फार उर्फ़ शफीक है। पुलिस ने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए गफ्फार पर FIR दर्ज कर ली है और मामले की जाँच कर रही है। नगरपालिका अध्यक्ष ने भी गफ्फार को नोटिस जारी कर के जवाब तलब किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक यह मामला शाहजहाँपुर जिले के थानाक्षेत्र जलालाबाद का है। दर्ज FIR में शिकायतकर्ता खुद पुलिस ही है। पुलिस के मुताबिक 7 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जब इस वीडियो की जाँच थाने पर की गई थी महिला से अश्लील हरकतें करने वाला नगर पालिका में बड़े बाबू (हेड क्लर्क) के पद पर तैनात गफ्फार निकला। गफ्फार के अब्बा का नाम दूल्हा खाँ है जो जलालाबाद के ही नवीननगर मोहल्ले का रहने वाला है। पीड़िता हिन्दू महिला भी स्थानीय जलालाबाद की रहने वाली है।

पीड़िता भी उसी नगरपालिका ऑफिस में काम करती है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने आरोपित हेड क्लर्क गफ्फार पर IPC की धारा 294 (सार्वजानिक स्थल पर अश्लील हरकत) के आरोप में FIR दर्ज किया है। मामले की जाँच व आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो में पहले आरोपित द्वारा महिला को अपने पास बुलाया गया। जब पीड़िता गफ्फार की कुर्सी के पास पहुँची तब उस से अश्लील हरकतें की गईं। यह हरकत ऊपर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो पुराना है। आरोप यह भी है कि इसका संबंध पेंडिंग पड़े 70 लाख रुपयों के पेमेंट से भी है। जलालाबाद के नगरपालिका चेयरमैन शकील अहमद के मुताबिक उन्होंने हेड क्लर्क गफ्फार को नोटिस दे कर जवाब तलब किया है। आरोपित गफ्फार ने वीडियो को एडिटेड बताते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया है।

हिंदू लड़कियों के साथ सेक्स/रेप करने पर जन्नत: 13 साल की बच्ची के साथ गट्टू खान, ईदू खां, शेरु खान ने किया दुष्कर्म… बताया ’72 हूरों’ वाली बात

मध्य प्रदेश में इंदौर के खुड़ैल क्षेत्र में तीन मुस्लिम युवकों ने जनजाति समाज के मकान मालिक की 13 वर्षीय बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस ने तीनों आरोपित- गट्टू खान, ईदू खां, शेरु खान को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को पुलिस-प्रशासन ने आरोपितों के मकान पर बुलडोजर चला चलाकर ढहा दिया।

तीनों आरोपित खुड़ैल क्षेत्र में एक मकान का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माणाधीन मकान में तीनों मजदूर के रूप में काम करते थे। यहीं पर तीनों ने मकान मालिक की 13 साल की बेटी का अपहरण करके बारी-बारी से गैंगरेप किया।

एसपी (ग्रामीण) हितिका वासल ने बताया कि घटना गुरुवार (6 जुलाई 2023) की दोपहर की है। किशोरी की माँ खेत में मकान बनवा रही थी। यहाँ ठेकेदार अशरफ ने काजी पलासिया के रहने वाले तीनों आरोपितों- अरमान उर्फ गट्टू खान, रईस ईदू खां और रईस शेरुखान निवासी को सरिया काटने के बुलाया था।

एसपी के अनुसार, दोपहर को किशोरी की माँ किसी काम से पुराने मकान पर गई थी और किशोरी घर में अकेली थी। किशोरी को अकेला पाकर गट्टू ने उसका मुँह दबाया और उसे छत पर ले गया। वहाँ उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बाकी दोनों आरोपित नीचे खड़े रहकर आने-जाने वालों पर नजर रख रहे थे।

घटना से किशोरी बुरी तरह घबरा गई थी और जोर-जोर से रोने लगी। बच्ची की रोने की आवाज सुन उसके नाना आए तो गट्टू खान ने उन पर हमला बोल दिया और फरार हो गया। वह दौड़कर नाना के पास गई, लेकिन खुलकर नहीं बोली। कुछ देर बाद उसकी माँ आई तो उसने सारी बात उसे बताई।

इसके बाद माँ किशोरी को लेकर थाने पहुँची। एसपी हितिका खुद थाने पहुँची और पीड़िता से बात की। किशोरी ने बताया कि 20-22 साल के युवक ने उसे पानी पीते वक्त देख लिया और मुँह दबा कर छत पर ले गया। वह चीखने लगी तो उसका मुँह दबा दिया।

पुलिस ने ठेकेदार अशरफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद अशरफ ने तीनों आरोपितों के नाम और पता बताया। पुलिस के गाँव पहुँचने से पहले तीनों आरोपित अपने-अपने मोबाइल फोन को बंद करके फरार हो गए। उसके परिजनों से कड़ाई से पूछताछ करने के बाद तीनों को जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, जाँच अधिकारी ने बताया कि आरोपित गट्टू दुष्कर्म से इनकार करता रहा। हालाँकि, सख्ती के बाद वह टूट गया। वह हिंदू युवतियों से शारीरिक संबंध बनाने की मानसिकता रखता है। गट्टू ने बताया कि उसने सुना है कि हिंदू लड़कियों से संबंध बनाने पर जन्नत मिलती है।

गोरखपुर से ISIS का संदिग्ध आतंकी मोहम्मद तारिक गिरफ्तार: देश में शरिया लागू करवाने का देख रहा था सपना, मुजाहिद बन जिहाद करना चाहता था

उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोध शाखा (ATS) विंग ने आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा वाले 1 संदिग्ध आतंकी को गोरखपुर जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकी का नाम मोहम्मद तारिक अतहर है जिसे सेल्फ रेडिक्लाइज्ड बताया जा रहा है। आतंकी की गिरफ्तारी के लिए गुजरात ATS ने UP पुलिस को इनपुट दिए थे। पूछताछ में तारिक ने खुद को बगदादी से प्रभावित बताया है। उसने कुछ अन्य युवाओं को आतंक की राह दिखाने का प्रयास भी किया। तारिक की गिरफ्तारी गुरुवार (6 जुलाई 2023) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तारिक गोरखपुर जिले के खूनीपुर मोहल्ले में अंजुमन स्कूल के पास रहता है। उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल DG प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि ATS को गुजरात पुलिस से तारिक की संदिग्ध हरकतों के बारे में इनपुट मिल रहे थे। इन इनपुट के आधार पर तारिक को ATS मुख्यालय बुला कर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि वह अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से बेहद प्रभावित था। तारिक अक्सर बगदादी के वीडियो देखा करता था और उसके आतंकियों की बंदूकों को काफी पसंद करता था।

जानकारी के मुताबिक तारिक ने ATS को यह भी बताया कि वह मुजाहिद बन कर भारत में जेहाद करना चाहता था। उसने अपना मकसद भारत में शरिया कानून लागू करना बताया। तारिक ने ऑनलाइन ही ISIS संगठन के लिए वफादारी की बैय्यत (कसम) ली थी। वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को ISIS में भर्ती होने के लिए उकसाया करता था। इन हरकतों के पीछे उसका मकसद जेहाद के लिए अपने साथी तैयार करना था। जेहादी वीडियो और सामग्री शेयर करने के लिए तारिक टेलीग्राम एप का प्रयोग करता था। उस पर IPC की धारा 121- A/123 के साथ 13/18/38 विधि विरुद्ध क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1967 के तहत FIR दर्ज हुई है।

ATS प्रेसनोट

ATS ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी ISIS के प्रचारक अबु सईद अल ब्रितानी व अल अदनानी द्वारा लिखे गए लेखों को अक्सर पढ़ता था। वह इन्ही लेखों को पढ़ कर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह भारत के मुस्लिम युवाओं को जेहाद के लिए विदेश ले जाने की सोच रखता था। तारिक ने ATS के आगे तमाम गुनाह कबूल कर लिए हैं। एडीजी एटीएस नवीन अरोड़ा के मुताबिक कोर्ट से मुहम्मद तारिक अतहर का रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा। ATS उसके बाकी नेटवर्क को खँगालना चाहती थी। तारिक के पास से मोबाइल, एक सिम कार्ड, आधार कार्ड, एक हजार नकद रुपए नकद बरामद हुआ है। उसके मोबाइल फोन में आपत्तिजनक कन्टेन्ट भी मिले हैं।

‘कटी-फटी जींस वाले बाहर से करें दर्शन, अंदर मर्यादित कपड़ों में आएँ’ : जयपुर के महादेव मंदिर में प्रशासन की अपील, जम्मू में भी ‘सिर ढककर’ आने को कहा गया

जम्मू स्थित एक मंदिर के पुजारी ने यहाँ दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पहनावे को लेकर गाइडलाइन जारी किया गया है। श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर सिर ढँककर आने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जम्मू के बावे वाली माता मंदिर ने भक्तों से अपने सिर को ढँकने और परिसर में शॉर्ट्स, कैपरी पैंट आदि पहनने से परहेज करने का आग्रह किया है। मंदिर के महंत बिट्टा ने कहा, “हम लोगों से शॉर्ट्स पहनकर न आने की अपील कर रहे हैं और हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। भक्तों को अच्छे कपड़े पहनने चाहिए और मंदिर के अंदर अपना सिर ढँकना चाहिए।”

जम्मू शहर के बाहू किला क्षेत्र स्थित इस काली मंदिर के गेट पर इस संबंध में नोटिस चिपकाया गया है। नोटिस में लिखा है कि ‘मंदिर की मर्यादा बनाए रखने में हमारा साथ दें और अनुशासन का पालन करें’। इसके साथ ही नोटिस में श्रद्धालुओं से हाफ पैंट, बरमूडा, शॉर्ट्स, मिनीस्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस और कैपरी पैंट आदि पहनकर नहीं आने के लिए कहा गया है।

पुजारी महंत बिट्टा ने कहा कि यह आदेश नहीं, बल्कि सलाह है। उन्होंने कहा कि लोगों ने मंदिर को पिकनिक स्थल बना दिया है। इसी को देखते हुए ऐसा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले सभी भक्तों से अनुशासन बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।

बिट्टा ने कहा कि श्रद्धालु निक्कर या कैपरी पहन कर आ रहे हैं। महिलाएँ बिना सिर ढँके खुले केश के साथ पहुँच रही हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में धोती, रुमाल और महिलाओं के लिए चुनरियाँ रखी गई हैं। यह सब धार्मिक स्थलों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए किया गया है।

श्रद्धालुओं ने मंदिर के इस निर्णय का स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालु धनंजय ने कहा, “हिंदू संस्कारों के पुनर्रुद्धार के लिए यह अच्छा कदम है।” श्रद्धालु मनमीत कौर बोलीं, “मैं फैसले का स्वागत करती हूँ। इस आदेश को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए।” 

जम्मू-कश्मीर के राजपरिवार से संबंध रखने वाले कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉक्टर कर्ण सिंह ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए ‘ड्रेस कोड’ लागू किए जाने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इन पवित्र स्थानों पर आने वाले लोगों को शालीन कपड़े पहनकर आना चाहिए।

राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित झारखंड महादेव मंदिर में भी भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है। इसमें रिप्ड जींस, शॉर्ट्स, फ्रॉक, नाइट सूट और मिनी स्कर्ट पहनने से परहेज करने के लिए कहा गया है। एक भक्त ने कहा, “यह एक अच्छा निर्णय है। इससे सनातन संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।”

झारखंड महादेव मंदिर में लिखा गया है कि सभी महिला और पुरुष भक्त मर्यादित कपड़े पहनकर आएँ। छोटे वस्त्र- हाफ पेंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटे फटे जीन्स, फ्रॉक आदि पहनकर आने पर बाहर से ही दर्शन करें।

‘मानता हूँ भावनाएँ हुईं आहत’ : मनोज मुंतशिर ने आदिपुरुष के लिए ‘हाथ जोड़कर’ माँगी माफी, लोग बोले- जब काम मिलने हो गए बंद तब होश ठिकाने आए

आदिपुरुष फिल्म में निम्न स्तर के डॉयलॉग्स देने वाले मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी हरकत के लिए माफी माँग ली है। उन्होंने स्वीकार किया है कि आदिपुरुष फिल्म से लोगों की भावनाएँ हुईं। इसलिए वो बिन शर्त माफी माँगते हैं।

मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपने ट्विटर पर लिखा, “मैं स्वीकार करता हूँ कि फ़िल्म आदिपुरुष से जन भावनाएँ आहत हुईं हैं। अपने सभी भाइयों-बहनों, बड़ों, पूज्य साधु-संतों और श्री राम के भक्तों से, मैं हाथ जोड़ कर, बिना शर्त क्षमा माँगता हूँ। भगवान बजरंग बली हम सब पर कृपा करें, हमें एक और अटूट रहकर अपने पवित्र सनातन और महान देश की सेवा करने की शक्ति दें!”

उनके इस माफी वाले ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अब प्रतिक्रिया आ रही है। लोग उन्हें समझा रहे हैं कि आखिर क्यों उन्होंने इस माफी को माँगने में इतना समय लगाया। कुछ लोग कह रहे हैं कि फिल्म फ्लॉप होने के बाद मनोज मुंतशिर की अकड़ ढीली हुई वरना उससे पहले तो वो देश को आभार लिख-लिखकर फिल्म का कलेक्शन गिनवा रहे थे।

इसके अलावा कुछ लोग इसे उन खबरों को असर भी बता रहे हैं जो बीते दिनों आई थी कि मनोज मुंतशिर को इंडियाज गॉट टैलेंट में इस बार जज नहीं बनाया जाएगा

एक यूजर इस खबर पर लिखते हैं, जब लोगों ने शो से बाहर कर दिया, “एंकरिंग से बाहर कर दिया, नए कॉंट्रैक्ट मिलने बंद हो गए…तब जाके माफ़ी माँग रहे हो। अब बहुत देर हो चुकी है मुंतशीर जी। लोगों ने आपके सच्चाई को जान लिया है। आपके ‘अर्थ’ प्रेम को पहचान लिया है। अब माफ़ी का कोई मतलब नहीं…।”

कुछ यूजर्स ने ये भी कहा कि मुंतशिर को ये माफी पहले माँगने चाहिए थी लेकिन उस समय तो वो इंटरव्यू में ज्ञान देने में व्यस्त थे कि कैसे उन्होंने रामायण पर आदिपुरुष फिल्म बनाकर एक मास्टरपीस बना दिया है।

गौरतलब है कि आदिपुरुष फिल्म को रिलीज हुए एक माह पूरा होने वाला है। लेकिन इस फिल्म की आलोचना पहले दिन से हो रही है। ऐसे में दर्शक उम्मीद करके बैठे थे कि मुंतशिर भावनाएँ आहत करने के लिए माफी माँगेंगे। हालाँकि तब ऐसा नहीं हुआ और आज जब फिल्म हर जगह से नकारी जा चुकी है। इसका असर मुंतशिर के करियर पर पड़ता दिख रहा है तब उनकी ओर से ये माफी आई है। ऐसे में नेटीजन्स ने उनसे पूछा है कि क्या जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया तब उनके होश ठिकाने आए।

बंगाल में मतदान से पहले तोड़ा गया पोलिंग बूथ, बैलट-पेपर भी जलाए गए: हालात देख मतदाता बोले- केंद्रीय बल नहीं रही तैनात, तो नहीं देंगे वोट

पश्चिम बंगाल के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में आज शनिवार (8 जुलाई 2023) को मतदान जारी है। इस बीच कई इलाकों में बवाल की खबरें आ रही हैं। कहीं पर बैलट लूट लिया गया तो कहीं बूथ पर तोड़फोड़ की गई है। कई जिलों से मारपीट की भी खबरें आ रही हैं। वहीं, मतदान से पहले रात में तीन लोगों की हत्या कर दी गई।

कूचबिहार के सीताई में बाराविटा प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र में तोड़फोड़ की गई। भीड़ के रूप में आए उपद्रवियों ने मतपत्रों में आग लगा दी गई। यहाँ पर वोटिंग रुक गई है। केंद्र पर भारी पुलिस फोर्स और केंद्रीय बल तैनात है। हुबली में दो गुटों में मारपीट हो गई।

पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम ब्लॉक 1 के निवासियों चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि यहाँ केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं की गई है। यहाँ के मतदाताओं का कहना है कि टीएमसी द्वारा यहाँ बूथ कैप्चरिंग होती रहती है। मृतकों के नाम पर फर्जी वोटिंग होती हैं।

सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने से पहले तक यहाँ हिंसा होता रहा। शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के तीन कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। वहीं, TMC कार्यकर्ता ने कॉन्ग्रेस-सीपीएम गठबंधन के एक कार्यकर्ता को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल ने कहा, “मैं खाना खाकर घर से बाहर जा रहा था तभी टीएमसी के लोगों ने मुझे गोली मार दी। लोगों को वोट देने से रोकने के लिए टीएमसी ऐसा कर रही है।”

हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिला है। वहाँ के कपसडांगा इलाके में टीएमसी कार्यकर्ता बाबर अली की हत्या कर दी गई। बहरामपुर के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर में क्रूड बम विस्फोट में एक टीएमसी कार्यकर्ता की मौत हो गई। जिले के खारग्राम में एक और तृणमूल कार्यकर्ता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

कूच बिहार में टीएमसी बूथ समिति के अध्यक्ष गणेश सरकार की रामपुर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। सरकार को अलीपुरद्वार के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, 24 परगना में एक व्यक्ति की कार में लाश मिली है। मुर्शिदाबाद में टीएमसी और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भिड़ गए हैं।

उधर हिंसा को देखते हुए राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने एक ‘शांति गृह’ खोला है। यहाँ पर लोग हिंसा से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। वहीं राज्यपाल और राजभवन के अधिकारी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों से मिल रहे हैं और उनकी बातों को सुन रहे हैं।

बताते चलें कि पंचायत चुनाव के घोषणा के बाद से पश्चिम बंगाल में अब तक लगभग 20 लोगों की हत्या की जा चुकी है। बंगाल में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत के लिए मतदान हो रहा है। 22 जिला परिषदों, 9730 पंचायत समितियों और 63,229 ग्राम पंचायतों की लगभग 928 सीटों के लिए प्रतिनिधी चुने जाएँगे।

इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 5.67 करोड़ मतदाता अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं, सुरक्षा को देखते हुए इलाकों में स्थानीय पुलिस सहित लगभग 1.50 लाख सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव के लिए लगभग 65,000 सक्रिय केंद्रीय बल और 70,000 राज्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

बंगाल में चुनाव आते ही बढ़ता है बम का कारोबार, राजनीतिक पार्टियाँ होती हैं खरीददार: रिपोर्ट का दावा- ₹500-1000 में मिलता है राज्य में ग्रेनेड

चुनाव की घोषणा होते ही पश्चिम बंगाल हिंसा (West Bengal Violence) की आग में जलने लगता है। राज्य में पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही हिंसा भड़क गई है। शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं पर क्रूड बम फेंका गया और फायरिंग की गई। इस बीच शनिवार (8 जुलाई 2023) को होने वाले मतदान से पहले बंगाल में देसी बम बनाने की फैक्ट्रियों को लेकर खुलासा हुआ है। इनमें 500 रुपए से 1000 रुपए में देसी बम राजनीतिक दलों को बेचा जा रहा है।

इसको लेकर आजतक ने एक स्टिंग ऑपरेशन किया है। आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में देसी बमों की सप्लाई करने वाले लोगों ने बम बेचने की बात को कबूल किया है। उन्होंने बताया कि पंचायत चुनावों के दौरान इन बमों की माँग में बढ़ोतरी हो गई। इसमें बम फैक्ट्री से जुड़े कई सफेदपोशों का भी नाम लिया गया है।

इस खुलासे में सामने आया है कि एक-एक फैक्ट्री से दो-दो हजार से ज्यादा बमों की डिलीवरी हुई है। इन अवैध फैक्ट्रियों में 24 घंटे के अंदर लगभग 100 बम तैयार हो जाते हैं। आजतक की अंडरकवर टीम ने बाँकुरा जिले के ऐसे सी एक बम सप्लायर से बात की। उस सप्लायर ने कहा कि वह कच्चा बम और नारियल बम बनाता है और कई राजनीतिक दलों को सप्लाई करता है।

वहीं, पूर्वी वर्धमान जिले के एक सप्लायर ने बताया कि उसके बाद देसी बम से लेकर ग्रेनेड तक हैं और चुनावों के दौरान उसने 2000 बम राजनीतिक दलों को सप्लाई किए हैं। इस व्यापार को इस तरह तैयार किया गया है कि पुलिस या किसी अन्य एजेंसी से इसे गुप्त रखा जा सके।

मतदान से एक दिन पहले यानी शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को मुर्शिदाबाद में कॉन्ग्रेस के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। वहीं, कूचबिहार के दिनहाटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर क्रूड बम से हमला कर दिया गया। इतना ही नहीं, इन पर फायरिंग भी की गई। इस हमले में चार कार्यकर्ता घायल हो गए हैं।

बताते चलें कि राज्य में पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य में हिंसा का दौर शुरू हो गया। इस हिंसा में अब तक लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले साल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान भी जमकर हिंसा हुई थी। इस दौरान 25 लोगों की मौत हुई थी।

पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही शुरू हुई हिंसा को पर बंगाल के राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा था कि चुनावों का फैसला वोटों की गिनती से होनी चाहिए, न कि लाशों की गिनती से। बयान में कहा गया, “बंगाल में चुनाव से पहले मृतकों की बढ़ती संख्या हैरान करने वाली है। विडंबना यह है कि मीडिया भी गुंडों के निशाने पर है। चुनाव में जीत वोटों की गिनती पर निर्भर होनी चाहिए, न कि लाशों की गिनती पर।”

राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि मीडिया पर हमले का मतलब है कि संविधान, लोकतंत्र, आम आदमी व नई पीढ़ी पर हमला हो रहा है। लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करना उनका अधिकार है। लोकतांत्रिक चुनावों में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। हर हाल में इस हिंसा को खत्म कर पंचायत चुनाव कराया जाएगा।

दिल्ली शराब घोटाला केस में ED ने लिया फिर एक्शन: इस बार ₹52 करोड़ की संपत्ति जब्त, मनीष सिसोदिया की प्रॉपर्टी पर भी शिकंजा

दिल्ली शराब घोटाला मामले में ED ने शुक्रवार (7 जुलाई 2023) को बड़ी कार्रवाई करते हुए केस में पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपितों की 52 करोड़ रुपए की संपत्ति को अटैच किया है। आरोपितों में सिसोदिया के अलावा अमनदीप सिंह ढल्ल, राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा का भी नाम है।

जानकारी के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत अन्य अचल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए एक अंतिम आदेश जारी किया गया था।

ईडी ने बताया कि इस 52 करोड़ की चल-अचल संपत्ति में 7 करोड़ 29 लाख रुपए की 2 प्रॉपर्टी मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया की है। साथ ही राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा के प्लॉट और फ्लैट शामिल हैं।

इस कुर्की में 44 करोड़ 29 लाख रुपए की कैश और चल संपत्ति भी है। इसमें से 11 लाख 49 हजार रुपए मनीष सिसोदिया और 16 करोड़ 45 लाख रुपए बृंदको सेल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के हैं।

ईडी की इस कार्रवाई पर भाजपा ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर अरविंद केजरीवाल चुप क्यों हैं। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया और उनकी पत्नी की 52 करोड़ की संपत्ति कुर्की कर ली है।

गौरतलब है कि सिसोदिया इस समय दिल्ली शराब घोटाला मामले में फरवरी से तिहाड़ जेल में बंद हैं। पहले उन्हें इसे केस में सीबीआई ने गिरफ्तार किया और उसके बाद उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया गया था।