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CM योगी को भेजो, वो 24 घंटे में खत्म कर देंगे दंगे… जल रहा फ्रांस, उधर कंसर्ट में बीवी संग डांस करते नजर आए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों

जहाँ एक तरफ फंस इस्लामी कट्टरपंथी दंगों की आग में जल रहा है, वहीं दूसरी तरफ वहाँ के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक कंसर्ट में डांस करते हुए पाए गए। अब तो सोशल मीडिया पर ये तक कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फ़्रांस भेज देना चाहिए, वही दंगों को नियंत्रित कर सकते हैं। जहाँ एक तरफ दंगाई गाड़ियों-इमारतों को आग के हवाले कर रहे हैं और पत्थरबाजी-हिंसा में लगे हुए हैं, इमैनुएल मैक्रों की डांस करते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी खासी आलोचना हो रही है।

अब तक 1100 दंगाइयों की गिरफ़्तारी की बात सामने आई है। नहेल नामक एक 17 वर्षीय लड़के को पुलिस ने गोली मार दी थी, जिसके बाद ये दंगे शुरू हुए। इसमें 600 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। उत्तर-पश्चिमी पेरिस के नानटेररे में जली हुई गाड़ियों के बीच पुलिस को हथियारबंद गाड़ियों से गश्ती लगाते हुए देखा गया। ओबरवीलर्स में एक बस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं क्लीचि-सूस-बोइस में सिटी हॉल को ही दंगाइयों ने फूँक डाला।

उधर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिजिटि के साथ अक्सोड़ एरीना में एल्टन जॉन कंसर्ट में डांस करते हुए नजर आए। एक रियल एस्टेट एजेंसी को लूट लिया गया, जिसके बाद वहाँ मुआयना करने पहुँचे कर्मचारियों की आँखों में आँसू नजर आए। एक महिला के घर की बालकनी जला दी गई। उसके बच्चों की बाइक जला दी गई। कई रेस्टॉरेंट और कैफे की खिड़कियाँ टूटी हुई मिलीं। 40,000 पुलिसकर्मियों को दंगा रोकने के लिए लगाया गया है।

उधर ‘Prof.N.John Camn’ नामक ट्विटर हैंडल ने लिखा है कि भारत को योगी आदित्यनाथ को फ़्रांस भेजना चाहिए, क्योंकि वो मात्र 24 घंटे में वहाँ हो रहे दंगों को खत्म कर सकते हैं। सीएम योगी के दफ्तर ने इस पर टिप्पणी करते हुए जवाब भी दिया कि जहाँ भी कट्टरपंथी दंगे करते हैं और दुनिया के किसी भी हिस्से में जब अराजकता फैलती है तो कानून-व्यवस्था के ‘योगी मॉडल’ की माँग होने लगती है।

कृषि पर हर साल ₹6.5 लाख करोड़ खर्च, सालाना ₹50 हजार की गारंटी: 9 साल में किसानों को जो कुछ दिया, PM मोदी ने सहकारिता सम्मेलन में गिनाया

दिल्ली के प्रगति मैदान में 17वीं भारतीय सहकारी काॅन्ग्रेस (Indian Cooperative Congress) का आयोजन हुआ। शनिवार (1 जुलाई 2023) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (PM Narendra Modi) और केंद्रीय सहकारिकता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने नौ साल पहले देश के किसानों की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार ने बिचैलियों और फर्जीवाड़ों को समाप्त किया। पीएम किसान सम्मान निधि का हवाले देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने करोड़ों किसानों को सालाना आय की गारंटी प्रदान की है।

पीएम मोदी ने सहकारिता मंत्रालय बनाने का जिक्र करते हुआ कहा, “विकसित भारत के लिए बड़े लक्ष्यों की बात आई, तो हमने सहकारिता को एक बड़ी ताकत देने का फैसला किया। इसके लिए हमने पहली बार सहकारिता के लिए अलग मंत्रालय बनाया और अलग बजट का प्रावधान किया। सहकारिता क्षेत्र से जुड़े जो मुद्दे वर्षों से लंबित थे, उन्हें तेज गति से सुलझाया जा रहा है। हमारी सरकार ने सहकारी बैंकों को भी मजबूती दी है।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा है, “2014 से पहले किसान कहते थे कि उन्हें सरकार की मदद बहुत कम मिलती है। थोड़ी बहुत मदद जो मिलती भी थी वो बिचौलियों के खातों में जाती थी। सरकारी योजनाओं के लाभ से देश के छोटे और मध्यम किसान वंचित ही रहते थे। लेकिन बीते 9 वर्षों में यह स्थिति पूरी तरह बदल गई। आज करोड़ों छोटे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि मिल रही है। कोई बिचौलिया और फर्जी लाभार्थी नहीं है।”

पीएम ने बताया, “पीएम किसान सम्मान निधि से बीते 4 सालों में 2.5 लाख करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए हैं। यह रकम कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगाया जा सकता है कि 2014 से पहले के 5 वर्षों का कुल कृषि बजट मिलाकर 90 हजार करोड़ रुपए से भी कम था। यानी तब पूरे देश की कृषि व्यवस्था पर जितना खर्च हो रहा था, उसका लगभग 3 गुना हम केवल किसान सम्मान निधि पर खर्च कर चुके हैं। सरकार के जितने भी मिशन हैं, उनको सफल बनाने में मुझे सहकारिता के सामर्थ्य में कोई संदेह नहीं है। सहकारिता ने आजादी के आंदोलन में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

प्रधानमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के मुद्दे पर कहा है कि किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत मिले इसको लेकर उनकी सरकार शुरुआत से ही गंभीर रही है। पिछले 9 साल में MSP को बढ़ाने तथा MSP पर खरीदी कर 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों को दी गई है। आज हर वर्ष केंद्र सरकार साढ़े 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक खेती और किसानों पर खर्च कर रही है। इसका मतलब है कि सरकार हर साल प्रत्येक किसान तक औसतन 50 हजार रुपए किसी न किसी रूप में पहुँचा रही है। भाजपा सरकार में किसानों को अलग-अलग तरह से हर साल 50 हजार रुपए मिलने की गारंटी है।

वहीं, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता आंदोलन हमारे देश में लगभग 115 वर्ष पुराना है। आजादी के बाद से सहकारिता क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की प्रमुख माँग थी कि अलग मंत्रालय अलग बनाया जाए। अलग मंत्रालय बनने से सहकारी के क्षेत्र में बहुत सारे परिवर्तन संभव हुए हैं।

‘तुरंत सरेंडर करो’: गुजरात हाईकोर्ट ने रद्द की प्रोपेगंडा एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका, गुजरात दंगों में निर्दोषों को फँसाने की रची थी साजिश

गुजरात उच्च न्यायालय ने प्रोपेगंडा एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका रद्द कर दी है। शनिवार (1 जुलाई, 2023) को हाईकोर्ट ने उन्हें तुरंत आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। मुंबई की प्रोपेगंडा एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ ने 2002 में हुए गुजरात दंगों में निर्दोष लोगों को फँसाने की कोशिश की थी। साथ ही उन्होंने कई बनावटी सबूत भी पैदा किए थे। पिछले वर्ष उन्होंने जमानत याचिका दायर की थी। अब इस आदेश के बाद उनका गिरफ्तार होना तय माना जा रहा है।

सितंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया था। जस्टिस निर्जर देसाई ने अब उनकी नियमित जमानत याचिका रद्द करने हुए तुरंत सरेंडर करने को कहा है। इस आदेश के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता मिहिर ठाकोर ने अदालत से आग्रह किया कि इस आदेश को लागू होने से 30 दिनों तक रोका जाए, अर्थात 1 महीने की राहत मिले, लेकिन जज ने इस निवेदन को अस्वीकार कर दिया।

इससे पहले जून 2022 में अहमदाबाद ‘डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB)’ की FIR के बाद तीस्ता सीतलवाड़ को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 7 दिनों के लिए पुलिस रिमांड में रखा गया था, उसके बाद 2 जुलाई, 2023 को जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया था। उनके अलावा पूर्व IPS अधिकारी आरबी श्रीकुमार को भी गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने ज़किया जाफरी की याचिका ख़ारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन-चिट दे दी थी, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया।

ज़किया नफरी के पति और तत्कालीन कॉन्ग्रेस सांसद एहसान जाफरी की दंगों के दौरान ही हत्या कर दी गई थी। गोधरा में महिलाओं-बच्चों समेत 59 श्रद्धालुओं को जलाने के बाद गुजरात में ये दंगे भड़के थे। SIT के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी नरेंद्र मोदी को क्लीन-चिट दे दी थी, जो उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करने वालों पर मामला चलाए जाने की बात कही थी। तीस्ता सीतलवाड़ पीएम मोदी सहित गुजरात सरकार के तत्कालीन नेताओं के खिलाफ झूठे सबूत जुटाती रही हैं।

कभी क्रिश्चियनिटी का बोलबाला, अब ईसायत को मानने वाले 55% ही बचे: होटल, नाइट क्लब और कैफे में बदल रहे बेल्जियम के चर्च

यूरोप के बेल्जियम में कई चर्चों को अब होटल, कैफे और नाइट क्लब में तब्दील किया जा रहा है। वहाँ एक सैकर्ड हर्ट चर्च है जिसके एक कोने में खड़े होकर कभी बेल्जियम के लोग आकर अपने गुनाह कबूलते थे, अब वही जगह है जब कैफे में बदल गई है। इसी तरह फ्रांसिस्कन चर्च को एक लक्सरी होटल में तब्दील किया जा चुका है। यहाँ म्यूजिक स्टार स्ट्रोमे ने अपनी शादी के बाद रात बिताई थी।

बता दें कि बेल्जियम में ईसाई धर्म के ज्यादातर लोग रहते हैं। एक समय में वहाँ 83% लोग ईसाई थे जिनकी वजह से बेल्जियम के 300 कस्बों में कई चर्च, कैथ्रेडल और चैपल बनाए गए। लेकिन अब समय के साथ यहाँ धर्म का अनुसरण करने वालों की संख्या कम हुई और खुद को ईसाई बताने वाले केवल 55% लोग बचे। इनमें भी 10% ऐसे हैं जो रेगुलर चर्च जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक धर्म को लेकर खत्म होती आस्था के कारण बहुत कम लोग लगातार चर्च जाते हैं। ऐसे में चर्चों का रखरखाव काफी मुश्किल हो गया था। इसी कारण इन इमारतों को किसी और कार्य में लाते हुए होटल सुपरमार्केट आदि बना दिया गया। अब कुछ लोग ऐसे हैं जो ऐसे बदलाव के विरोध कर रहे हैं। मे

मेयर समबार्ट जो खुद चर्चों को विभिन्न रूप देने में लगे हैं वो भी कहते हैं कि होटल में आकर लोग सोते हैं, सेक्स भी करते हैं तो क्या ये कहना ठीक है कि चर्च को होटल बना लिया जाए? ऐसे बदलावों पर एंटवर्प के बिशप भी नाराज हैं। उनका कहना है कि अतीत में वापसी संभव नहीं लग रही। पवित्र स्थलों को कपड़ों की दुकान से लेकर नाइट क्लबों में बदला जा रहा है।

इनमें से एक चर्च आज बेल्जियम का मशहूर चर्च बन चुका है। उसका नाम मार्टिन पैटरशॉफ होटल है। इस होटल की इमारत पहले चर्च थी जिसे बाद में होटल बनाया गया। इसकी खिड़कियों को बाहर देखने पर ऐसा लगता है जैसे किसी म्यूजियम को देखा जा रहा हो। लोग इसकी बनावट और सुंदरता देखकर हार्ट ऑफ मेकेलन भी कहते हैं।

जिस बस में जलकर मरे 26, उसे चला रहा दानिश शेख हिरासत मेंः रिपोर्ट में दावा- टायर फटने के सबूत नहीं, जिंदा बचे यात्री ने बताया- बाहर निकलते ही हो गया ब्लास्ट

महाराष्ट्र के बुलढाणा में समृद्धि महामार्ग पर शनिवार (1 जुलाई 2023) की तड़के हुई बस दुर्घटना में 3 बच्चों सहित 26 लो जिंदा जलकर मौत के मुँह में समा गए। इस भयानक दुर्घटना में बस का ड्राइवर दानिश शेख इस्माइल शेखला और कंडक्टर अरविंद मारूति जाधव बच गए हैं। दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है।

बुलढाणा बस हादसे पर महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि बस से ड्राइवर और कंडक्टर को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा, “बस के ड्राइवर और कंडक्टर को खरोंच भी नहीं आई है। कूद पड़े बाहर। कहा जा रहा है कि ड्राइवर को थोड़ी नींद लग गई, इसलिए हादसा हुआ। ड्राइवर का कहना है कि टायर फट गया। देखना पड़ेगा कि सच में क्या हुआ है।”

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस घटनास्थल पर पहुँचने वाले हैं। इसके अलावा, शव इतनी बुरी तरीके से जले हैं कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए फोरेंसिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुँच गई है और शवों को पहचानने में मदद कर रही है।

वहीं, हादसे की शिकार बस के मालिक वीरेंद्र डारना का कहना है, “ये हमारे परिवार की बस है और इसे हमने जनवरी 2020 में लिया था। लॉकडाउन के दौरान यह बस पूरे एक साथ बंद थी। इस तरह ये बस पूरी तरह नई है। इसका डॉक्यूमेंटेशन भी ओके है।”

ड्राइवर दानिश को लेकर उन्होंने कहा, “वह अनुभवी ड्राइवर है। उसने कहा कि टायर फट गया और बस डिवाइडर से भिड़ गई। यात्रा में जो अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ रहता है… फेवीकॉल रहता है, प्लाई रहता है, फोम रहता है और डीजल रहता है 300-400 लीटर… इन सबकी की वजह से उसमें आग लगी। ऐसा हमें लगता है। हमारे लिस्ट के मुताबिक इसमें कुल 27 यात्री थे।”

इस घटना में बाल-बाल बचे यात्री लोकेश रामदास गवई ने बताया, “मैं नागपुर और औरंगाबाद के लिए विदर्भ ट्रैवल में बैठा था। समृद्धि पर हमारी गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ और गाड़ी पलटने के बाद तुरंत उसमें आग लग गई। फिर हम 3-4 लोगों ने शीशे तोड़े और बाहर आए। एक लड़के को मैंने बाहर खींच लिया। फिर जैसे ही हमने नीचे छलांग लगाई, उस गाड़ी में ब्लास्ट हो गया।”

बस का टायर फटने के कारण एक्सीडेंट की बात सिर्फ ड्राइवर दानिश शेख कर रहा है। ऐसे में जाँच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उसके दावे में सच्चाई है या मामला कुछ और है। बस में आग लगने के बाद उसके सभी टायर पूरी तरह जल चुके हैं। ऐसे में उसके दावे की पुष्टि करना बहुत मुश्किल है।

बताते चलें कि इस घटना में 3 बच्चों सहित 26 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई है। सभी शवों का DNA टेस्ट करने के लिए उन्हें बुलढाणा के सरकारी अस्पताल में लाया गया है। वहीं, 33 लोगों में 5 पैसेंजर घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। बाकी दो यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

स्वीडन में कुरान जलाना अवैध नहीं, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: NATO में एंट्री का अमेरिका ने किया समर्थन, तुर्की कर रहा विरोध

NATO प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने कुरान जलाए जाने की घटना को लेकर कहा है कि ये अपमानजनक और आपत्तिजनक तो है, लेकिन अवैध नहीं है। उन्होंने इस दौरान स्वीडन को NATO में शामिल किए जाने को लेकर समझौते की भी वकालत की। बता दें कि ‘द नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन’ 31 देशों का सैन्य गठबंधन है, जिसमें 29 यूरोपीय देशों के अलावा नॉर्थ अमेरिका के 2 देश भी शामिल हैं।

स्वीडन भी इसका हिस्सा बनना चाहता है, लेकिन तुर्की बार-बार वीटो लगा कर NATO में उसकी एंट्री को रोक देता है। तुर्की का आरोप है कि कुर्द विद्रोहियों को स्वीडन का संरक्षण प्राप्त है। कुर्द को तुर्की आतंकवादी मानता है। उधर अमेरिका ने भी कहा है कि वो स्वीडन में कुरान जलाए जाने की निंदा करता है। लेकिन, साथ में उसने ये भी जोड़ा कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति जारी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी के समर्थन में था और इसका मतलब ये नहीं है कि इस कृत्य को बढ़ावा दिया गया।

NATO प्रमुख ने कहा कि वो इस घटना को पसंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन वो असहमति के अधिकार का बचाव कर रहे हैं। हालाँकि, तुर्की के राष्ट्रपति तय्यिप एर्दोआँ का कहना है कि कुरान जलाने वाले भी उतने ही दोषी हैं, जितना कि इसकी अनुमति देने वाले। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता मैट मिलर ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन ने एक डर के वातावरण को जन्म दिया है, जो मुस्लिमों के खुल कर अपने मजहब को मानने के अधिकार को दबाता है।

उन्होंने अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को लेकर भी डर जताया। बता दें कि कुरान जलाने वाले व्यक्ति पर स्वीडन की पुलिस ने केस भी दर्ज किया है। इस घटना के बाद उस पर एक समुदाय विशेष के खिलाफ उत्तेजना फैलाने का आरोप लगाया गया। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद स्वीडन ने NATO की सदस्यता के लिए आवेदन किया था, लेकिन तुर्की ने इसमें अड़ंगा लगा दिया। हालाँकि, अभी भी अमेरिका ने कहा है कि स्वीडन को नाटो का हिस्सा बनना चाहिए।

‘ये महिलाओं की राहुल गाँधी हैं’ : PM मोदी के बगल में बैठी लड़की पर कॉन्ग्रेसी सुप्रिया श्रीनेत ने फैलाया झूठ, पोल खुली तो ट्वीट डिलीट करके भागीं

कॉन्ग्रेस की महिला नेता और फेक न्यूज फैलाने के लिए कु्ख्यात सुप्रिया श्रीनेत झूठ परोसने के लिए इतनी हड़बड़ी में रहती हैं कि उनकी आए दिन फजीहत होती है। हाल में सुप्रिया ने दिल्ली मेट्रो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बगल में बैठी लड़की को ‘भाजपाई’ सिर्फ इसलिए करार दे दिया था क्योंकि उसकी फोटो भारतीय जनता युवा मोर्चा की दीक्षा वर्मा ने शेयर कर दी थी। सुप्रिया ने उस फोटो को दीक्षा की फोटो बताकर आगे बढ़ाया था। बाद में खुद दीक्षा ने इसकी पोल खोली जिसके बाद कॉन्ग्रेस नेत्री ने फौरन अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

दरअसल, दीक्षा ने अपने ट्वीट में नरेंद्र मोदी की फोटो के साथ उस लड़की की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- ‘ड्रीम’ इस ट्वीट को देखने के बाद सुप्रिया ने दीक्षा की प्रोफाइल निकाली, भीतर प्रोफाइल में बीजेपी का नाम खोजा और उसके बाद शेयर करते हुए लिखा- “ये मोदी जी ने अच्छा किया। आज मेट्रो में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ थोड़ा वक्त गुजारा। अब आप कहेंगे- जनता के नाम पर झूठ बोल भाजपाई क्यों बिठाए। तो भाई, PR के लिए भाजपाई ही सही हैं। असली युवा बेरोजगार पर सवाल पूछने लगते हैं तब क्या होता। वैसे अकेले बैठे ज्यादा अजीब लग रहे थे।”

इस ट्वीट पर जब भाजपा कार्यकर्ता दीक्षा वर्मा की नजर पड़ी तो उन्होंने कहा, “मैडम सुप्रिया हमेशा कम कम दिमाग की थी लेकिन ये नहीं पता था कि ये अनपढ़ भी हैं। ड्रीम और ड्रीम कम ट्रू में कॉन्ग्रेसियों फर्क करना सीखो।”

दीक्षा की इस क्लैरिटी के बाद नेटीजन्स ने सुप्रिया की क्लास लगा दी। किसी ने सुप्रिया से पूछा कि आखिर दीक्षा के साथ उस लड़की की तस्वीर कैसे मिल रही है जो नरेंद्र मोदी के बगल में बैठी है।

एक ने सुप्रिया की हरकत देख उन्हें महिलाओं की राहुल गाँधी कहा।

विक्रम मित्तल ने लिखा, “झूठ की दुकान 2 मिनट में फुस हो गई सुप्रिया श्रीनेत। डिलीट करके क्यों भाग गई। किसी को भी भाजपा से जोड़कर महिला को बदनाम करने की ओछी हरकत आप ही कर सकते हो। शर्म आनी चाहिए।”

सचिन ने लिखा, “जैसे भैंस पूँछ उठाएगी तो क्या करेगी सबको पता है वैसे सुप्रिया आँटी मुँह खोलेगी तो क्या करेगी सबको पता है।”

यूजर्स के अलावा भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी सुप्रिया को झाड़ा। उन्होंने लिखा- “ऐ फेक न्यूज की चाची सुप्रिया श्रीनेत। झूठ फैलाकर ये पोस्ट डिलीट क्यों किया। दीक्षा उस लड़की की बात कर रही थीं जिसे पीएम मोदी के साथ बात करने का मौका मिला। लेकिन झूठ की चाची ने लड़की को दीक्षा ही बता दिया जो हमारी सहकर्मी है। वो फैक्ट चेकर इसका फैक्ट चेक भी नहीं कर पाए। गजब है। उम्मीद है जो मीडिया चाची की फेक न्यूज को गंभीरता से लेता है वो ये देख रहा होगा।”

स्कूटी पर नाबालिग के साथ सवार होकर आया मोहम्मद अजीम, मंदिर के सामने पशु का कटा सिर डालकर चला गया: दिल्ली की घटना से लोगों को याद आया मुंबई का बकरा विवाद

दिल्ली के शाहदरा में बकरीद के बाद एक मंदिर के सामने भैंसे का कटा सिर मिलने से इलाके में तनाव फैल गया है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है नमाजी टोपी पहने एक व्यक्ति सहित दो लोग स्कूटी से आते हैं और कटे सिर को फेंक देते हैं। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों- अजीम (27) और 16 साल के एक लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, दिल्ली के वेलकम इलाके में एक मंदिर के बाहर शुक्रवार (30 जून 2023) को भैंस का कटा हुआ सिर मिला। सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के बाबरपुर निवासी अजीम और एक किशोर को पकड़ लिया है। तनाव को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के डीसीपी जॉय टिर्की ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे एक कॉलर ने वेलकम पुलिस स्टेशन को सूचना दी कि वेस्ट गोरखपार्क के नाला रोड स्थित मंदिर के बाहर भैंस का कटा हुआ सिर पड़ा है। इसके बाद पुलिस टीम वहाँ पहुँची और कटे सिर को मंदिर के सामने से हटाकर अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295 ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना) के तहत मामला दर्ज किया है।

इस घटना को लेकर इलाके में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों में गुस्सा है। पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने कहा कि दिल्ली की इस घटना से अनजान लोगों को यह सीख मिलनी चाहिए कि महाराष्ट्र में बकरीद से पहले हाउसिंग सोसायटी में लाए गए एक बकरे से वहाँ के निवासी इतने परेशान क्यों हुए थे।

उन्होंने आगे कहा, “बकरीद के एक दिन बाद मोहम्मद अज़ीम और उसका नाबालिग साथी स्कूटर पर एक कटी हुई भैंस लेकर आए और सिर को एक मंदिर के बाहर फेंक दिया। भले ही कई लोग मीट खाते हैं, लेकिन मारकर फेंके गए जानवरों को देखना अधिकांश हिंदुओं के लिए एक घृणित दृश्य है। मारे गए जानवर को उनके मोहल्ले और विशेषकर मंदिर के बाहर फेंकना भावनाओं का जानबूझकर मजाक उड़ाना है।”

चद्दर में चुम्मा-चाटी से कैमरे पर लिपलाॅक तक पहुँच गया बिग बॉस: मनोरंजन के नाम पर भोंडापन, संस्कृति पर सुनियोजित हमला

फैमिली कंटेंट के नाम पर अब तक बिग-बॉस में लड़ाई-झगड़ों को दिखाना गाली-गलौच करना आम बात थी। वहीं किसी का चोरी-छिपे कोने में जाकर या चद्दर के अंदर किस कर लेना सेंसेशन हो जाता था। लेकिन अब बिग-बॉस का कंटेंट बदल गया है। टीआरपी के लिए शो में खुलेआम स्मूच हो रहा है वो भी टास्क के नाम पर। हाल में कंटेस्टेंट जैद हदीद ने आकांक्षा पुरी के साथ लिपलॉक किया और सरेआम कैमरे पर ये भी कह दिया कि आकांक्षा बहुत बुरा किस करती हैं।

जैद जहाँ एक मॉडल हैं। वहीं आकांक्षा पुरी भी टीवी एक्ट्रेस हैं। कुछ समय पहले वह राहुल गाँधी की भारत जोड़ों यात्रा में राहुल गाँधी का हाथ थामकर चलने की वजह से चर्चा में आई थीं। उससे पहले उन्हें मीका सिंह के साथ शादी करने की खबरों के कारण खबरों में देखा गया था। इसके अलावा आकांक्षा को बिग बॉस 13 के पूर्व कंटेस्टेंट पारस छाबड़ा के साथ रिलेशन की वजह से जाना गया था।

आज जैद-आकांक्षा के ऑन कैमरा किस पर हर जगह बातें हैं। ये भी कहा जा रहा है कि शायद शो की शुरुआत में पुनीत सुपरस्टार को इसलिए निकाला गया क्योंकि वो ऐसी गंदगी करके टीआरपी नहीं दिलाते बल्कि सिर्फ कॉमेडी से जनता का ध्यान अपने ऊपर खींचे रखते… उन्हें निकालने के बाद अब शो वाले वो सब कर पा रहे हैं जो उन्हें करना था।

एक ऐसी भी क्लिप सामने आई है कि जिसमें जैद हदीद आकांक्षा को जबरदस्ती पकड़कर खींच रहे हैं। इस पर आकांक्षा थोड़ा उनसे दूर होकर कहती भी हैं कि उन्हें ये सब नहीं पसंद इसलिए ऐसे न छुआ जाए। लेकिन जैद हदीद पर खासा फर्क नहीं दिखता।

जैद का शो में लड़कियों को चूमना नया नहीं है। मनीषा रानी की कॉमेडी पर इससे पहले जैद हदीद ने खुद उन्हें अपने गाल आगे करके दिए थे कि उसका वो चुम्मा ले सकती हैं। इसके बाद किसी कंटेस्टेंट के हाथ को चूमना किसी से फ्लर्ट करना बिग बॉस में उनके बिहेव का एक पार्ट हो गया है जो कि उन्हें ट्रेंड में लाने के लिए और बिग बॉस की टीआरपी बढ़ाने में शायद कारगर हो लेकिन सवाल ये है कि क्या फैमिली कंटेंट के नाम पर सरेआम ऐसी हरकतें दिखाना आने वाले समय में और आम हो जाएगा या ये एक लिमिट है।

बिग बॉस के पिछले सीजन में इससे पहले कई सीन्स ऐसे हुए हैं जिनकी चर्चा आज भी इसलिए होती है क्योंकि उसमें सीमा लांघी गई थी। जैसे पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक द्वारा अश्मित पटेल को दी घई मसाज, उनके बीच आई करीबियाँ या सना और अली मर्चेंट के निकाह के बाद उनको बिग बॉस में दिया गया सुहागरात के लिए बिस्तर… कुछ ऐसे मामले हैं जब लोगों को इस शो को फैमिली के साथ देखना थोड़ा अटपटा लगा… लेकिन तब, शायद शुरुआत थी। किसी को नहीं पता था कि कुछ साल बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बिगबॉस आने के बाद इस तरह के कारनामे देखे जाएँगे।

आज की स्थिति देखते हुए तो सोशल मीडिया पर कुछ लोग बिग बॉस शो को लवजिहाद फैलाने का एक माध्यम कहने लगे हैं। उदाहरण में रश्मि देसाई-अरहान के लव एंगल को दिखाना, अली-जैसमीन की लव स्टोरी पर इमोशनल करना, आसिम-हिमांशी को पर्फेंक्ट कपल दिखाना आदि शामिल था और अब ये जैद हदीद का मामला।

जहाँ दुबई का मॉडल खुलेआम शो में आकर हिरोइनों से करीबी बढ़ा रहा है और पीठ पीछे उनके बारे में उलटी बातें कर रहा है। लोगों को दुख तो इस बात का भी हैं कि आकांक्षा पुरी जिन्होंने ऐसा करने में जैद का साथ दिया वो कभी माता पार्वती का रोल अदा कर चुकीं है। इसलिए एक ओर लोगों को लग रहा है कि कम से कम अपने पुराने किरदार और छवि का ख्याल रखते हुए उन्हें ऐसी हरकत नहीं करनी चाहिए थी। लेकिन दूसरी तरफ सब ये भी जान रहे हैं कि मनोरंजन के नाम पर गंद परोसना ऐसे प्लेटफॉर्म और शो की मजबूरी है और इन हरकतों से हिंदुओं को आहत करना बॉलीवुड प्रेमियों की आदत।

ओटीटी पर कंटेंट सेंसर की माँग बहुत पहले से होती रही है। कारण इस प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली अश्लील सामग्री ही है। स्थिति ये है कि ये लोग भूल चुके हैं कि फैमिली कंटेंट होता क्या है। शायद इनसे अगर सफाई माँगी जाए तो ये भी कह सकते हैं कि क्या फ्रेंच किस फैमिली का पार्ट नहीं है? ऐसे कंटेंट पर तब तक रोक नहीं लगेगी जब तक सरकार खुद संज्ञान लेकर ऐसी अश्लीलता पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी। अगर ऐसा नहीं होता तो संभव है कि आज 30 सेकेंड का स्मूच कंटेंट है, कल को कैमरे पर फिजिकल इंटीमेसी ही टीआरपी का साधन बचे तो उसे भी दिखाने से कोई गुरेज न रहे। पाश्चात्य संस्कृति और उनके शो कॉपी करने के चक्कर में ये लोग भूल चुके हैं कि भारत की भी अपनी एक संस्कृति है जिसपर रोज नए हमले हो रहे हैं। मनोरंजन के नाम पर इनका काम हिंदुओं की भावनाओं को आहत करना ही बचा है। ज्यादा समय नहीं बीता जब लोगों ने देखा कि कैसे आदिपुरुष जैसी फिल्मों के नाम पर रामायण से खिलवाड़ हो रहा है और अब दूसरी ओर मॉर्डन होने के नाम पर बिग बॉस में पार्वती का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस के स्मूच ऑन कैमरा किया जा रहा है।

टायर में ब्लास्ट, डिवाइडर से टकरा कर पलट गई AC बस: 3 बच्चों सहित 26 जलकर मरे, महाराष्ट्र के बुलढाणा में हुआ हादसा

महाराष्ट्र के बुलढाणा में एक बस में आग लगने से उसमें सवाल 26 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। टायर फटने से AC बस डिवाइडर से टकरा गई और उसमें आग लग गई। पीएम मोदी ने घटना पर शोक जताया है। सीएम एकनाथ शिंदे ने हर मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।

इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, प्रत्येक घायल को 50,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी मृतकों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना के मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएँगे।

दुर्घटना समृद्धि महामार्ग एक्सप्रेसवे पर बुलढाणा के नजदीक सिंदखेड़ाराजा के पिंपलखुटा गाँव के शनिवार (1 जुलाई 2023) के तड़के 2 बजे के करीब हुई। इस घटना में 26 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 7 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि विदर्भ ट्रैवल्स की लग्जरी बस महाराष्ट्र के यवतमाल से पुणे जा रही थी। बुलढाणा के एसपी सुनील कड़ासेन ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर जा रही बस का अचानक टायर फट गया। इसके बाद अनियंत्रित होकर बस डिवाइडर और खंभे से टकराकर पलट गई। पलटने के बाद बस का डीजल टैंक फट गया और उसमें आग लग गई।

नींद में होने के कारण यात्री बस से जल्दी निकल नहीं पाए और वे हादसे का शिकार बन गए। इस घटना में बस का ड्राइवर बच गया है। वहीं, 7 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। बस में कुल 33 यात्री सवार थे। घटना स्थल पर वरिष्ठ अधिकारी पहुँचे हैं और मामले की जाँच की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस बायीं तरफ पलटी थी, जिससे बस का दरवाजा नीचे आ गया। ऐसे में लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। वहीं, 7 लोग खिड़की में लगे शीशे को तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब रहे। हादसे में बुरी तरह जलने से शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।