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फ्रांस के दंगाई स्नैपचैट और टिकटाॅक पर बना रहे प्लान, राष्ट्रपति बोले- वीडियो गेम्स के कारण भी हिंसा: आपातकाल लगाने की तैयारी

यातायात रोकने के दौरान गोली लगने से अफ्रीकी मूल के 17 वर्षीय किशोर नहेल एम (Nahel M) की मौत के बाद यूरोपीय देश फ्रांस (France) जल रहा है। दंगाई वाहन से लेकर घर-मकान और पुस्तकालय तक फूँक रहे हैं। पुलिस ने अब तक 875 से अधिक दंगाइयों को गिरफ्तार किया है। पिछले चार दिनों से जारी हिंसा को देखते हुए फ्रांस आपातकाल (Emergency) घोषित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने दंगों के लिए ‘वीडियो गेम’ को जिम्मेदार ठहराया। देश में जारी संकट सुरक्षा को लेकर बैठक के दौरान मैक्रॉन ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि किशोर वीडियो गेम्स की कॉपी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कभी-कभी ऐसा लगता है कि कुछ युवा सड़कों पर उन वीडियो गेम्स को फिर से जी रहे हैं, जिन्होंने उन्हें नशे में डाल दिया है।”

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि दंगा के लिए गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक तिहाई ऐसे हैं, जिनकी उम्र 14 से 18 साल के बीच है। उन्होंने माता-पिता से बच्चों को घर में रखने और हिंसा से दूर रखने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि हर किसी की मानसिक शांति के लिए यह महत्वपूर्ण है कि अभिभावक होने की जिम्मेदारी का पूरी तरह से पालन किया जाए।

मैक्रों ने यह भी कहा कि दंगों के लिए स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आयोजित बैठकें की जा रही थीं। दंगों के दौरान वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाया गया। इससे दंगा और भड़की। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों से ऐसे कंटेंट हटाने के लिए कहा है।

यह हिंसा तब भड़की, जब अफ्रीकी मूल का 17 वर्षीय नहेल एम मंगलवार (27 जून 2023) की सुबह पेरिस के उपनगर नैनटेरे में पीली मर्सिडीज चला रहा रहा था। यातायात नियमों का उल्लंघन को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने उसे रोकने की कोशिश तो उसने पुलिस पर कार चढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान अधिकारी ने उसे करीब से गोली मार दी।

हालाँकि, एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो पुलिसकर्मी खड़ी कार के पास खड़े दिख रहे हैं। इनमें से एक अधिकारी ड्राइवर पर हथियार तान रखा है। वीडियो में एक आवाज भी सुनाई देती है कि ‘तुम्हें सिर में गोली लगने वाली है’। अचानक गाड़ी चलने लगती है और इसी दौरान पुलिस अधिकारी गोली चला देता है।

इसके बाद फ्रांस में हिंसा भड़क उठी। दंगाई अब तक दर्जनों वाहनों और मकानों को आग के हवाले कर चुके हैं। बैंकों को लूटने से लेकर पुलिस पर हमले तक किए जा रहे हैं। दंगाइयों ने फ्रांस के अधिकारियों को भी निशाना बनाया है। अपने घर के बालकनी में खड़े फ्रांस के अधिकारी को एक दंगाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। शहर-शहर में हो रहे दंगों को रोकने के लिए 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

शुक्रवार (30 जून 2023) की रात में पुलिस ने 270 दंगाइयों को गिरफ्तार किया। इनमें 80 दंगाई सबसे अधिक हिंसा प्रभावित मार्सिले शहर से गिरफ्तार किए गए हैं। मार्सिले में दंगाइयों ने एक गन स्टोर पर हमला कर सारे हथियार लूट लिए। इसके अलावा भी कई दुकानों को लूटा लिया गया। पिछले चार दिनों में कुल 875 दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।

गदर-2 फिल्म के डायरेक्टर पर भड़कीं अमीषा पटेल: बोलीं- शूटिंग के वक्त ठहरने-खाने की नहीं थी व्यवस्था; प्रोडक्शन कंपनी ने कई को पैसा भी नहीं दिया

ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की सीक्वल गदर-2 को लेकर अभिनेत्री अमीषा पटेल (Amisha Patel) ने निर्देशक अनिल शर्मा पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ‘गदर 2’ (Gadar 2) के प्रोडक्शन काम अनिल शर्मा ही देख रहे थे और उनकी कंपनी ने फिल्म की शूटिंग के दौरान बहुत से लोगों को परेशानी में डाल दिया।

बता दें कि सनी देओल और अमीषा पटेल अभिनीत गदर फिल्म 22 साल पहले 2001 में रिलीज हुई थी। अब इस फिल्म की सीक्वल गदर-2 बनकर तैयार है। यह फिल्म 11 अगस्त 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

गुरुवार (29 जून 2023) को गदर फिल्म का पहला गाना ‘उड़ जा काले कावा’ का नया वर्जन रिलीज किया गया। इसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में निर्देशक अनिल शर्मा के बेटे उत्कर्ष शर्मा के अलावा लव सिन्हा और सिमरत कौर अहम भूमिका में हैं।

भारत के बँटवारे की पृष्ठभूमि में मुस्लिम लड़की सकीना और सिख लड़के तारा सिंह की लव स्टोरी पर बनी गदर फिल्म की अगले सीक्वल की दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था। अब रिलीज से पहले अमीषा पटेल ने निर्देशक अनिल शर्मा पर भड़क गई हैं।

अमीषा पटेल ने ट्वीट की एक सीरीज की। उन्होंने कहा कि गदर2 का अंतिम शेड्यूल मई के अंत में चंडीगढ़ में था। इस दौरान अनिल शर्मा प्रोडक्शन कंपनी ने कई तकनीशियनों, मेकअप कलाकारों, पोशाक डिजायनरों आदि का भुगतान नहीं किया और उनका उनका बकाया भी नहीं दिया।

अमीषा ने ये भी कहा कि इन सभी को शूटिंग में ठहरने के लिए खर्चे और फ्लाइट के टिकट्स जैसे बिलों का भी पैसा नहीं मिला। यहाँ तक कि शूटिंग पर आने वाले कई लोग ऐसे भी थे, जिनके लिए कोई कार उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे वो रास्तों में फँसे रहे। 

उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि रहने खाने से लेकर कलाकारों के आने-जाने के लिए गाड़ी का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद जी स्टूडियो ने कदम आगे बढ़ाया और सभी तकनीशियनों एवं अन्य लोगों की बकाया राशि का भुगतान किया। उन्होंने जी स्टूडियो को एक पेशेवर कंपनी बताया।

अपने अंतिम ट्वीट में अमीषा पटेल ने कहा, “फिल्म से जुड़े सभी लोग जानते हैं कि गदर 2 का निर्माण अनिल शर्मा प्रोडक्शंस द्वारा किया जा रहा था, जो दुर्भाग्य से कई बार विफल रहा। हालाँकि, जी स्टूडियो ने हमेशा मुद्दों को संभाला।”

लड़कियों पर अश्लील कमेंट, ‘मस्जिद’ से पत्थरबाजी : सोनीपत की खान कॉलोनी में मुस्लिम युवकों ने किया हिंदुओं का जीना दूभर, 2 गिरफ्तार

सोनीपत में कथिततौर पर अवैध रूप से बसी खान कॉलोनी में हिंदू महिलाओं को मस्जिद गली के आसपास घूमने वाले लड़कों ने परेशान कर रखा है। इस संबंध में एक खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि खान गली में करीबन 250 परिवार रहते हैं। इनमें बिहार-यूपी से आए 150 मुस्लिम परिवार हैं। वहीं हिंदू परिवारों की संख्या 100 के करीब। यहाँ हिंदू लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें ऐसे माहौल की वजह से बेटियों की शादी करने में परेशानी आ रही है। मुस्लिम युवक इकट्ठा होकर औरतों पर अश्लील कमेंट करते हैं।

हाल की घटना है कि खान कॉलोनी के एक शख्स ने अपनी बेटी की सगाई की थी। लेकिन जैसे ही सगाई खत्म हुई वहाँ मुस्लिम समुदाय के युवक आए उन्होंने लड़की को अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। इसके बाद हिंदुओ पर पत्थरबाजी कर दी गई जिसकी वजह से कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन युवकों ने लड़की के भाई से भी मारपीट की। जब इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई तो उन्होंने केस दर्ज करने में 24 घंटे लगाए। वहीं बाद में पुलिस ने शिकायत पर सोहिल व शहिद व 20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है और 2 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

हरियाणा पंजाब केसरी में प्रकाशित रिपोर्ट बताती है कि इन मुस्लिम युवकों ने उस लड़की की सगाई तुड़वाने के लिए लड़की के मंगेतर को कई उलजुलूल और अश्लील संदेश तक भेजे थे ताकि रिश्ता टूट जाए। लेकिन जब इस संबंध में घरवालों को बताया गया तो वो लोग आरोपितों की शिकायत लेकर उनके घर जाने लगे। इसी बात पर लड़के भड़क गए। उन्होंने मस्जिद में खड़े होकर पत्थरबाजी की। घटना की शिकायत हुई। भाजपा नेता राजीव जैन ने भी मौके पर पहुँच पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

सेक्टर 27 थाना प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि खान कॉलोनी में रहने वाले एक शख्स ने उन्हें शिकायत दी थी कि कॉलोनी के ही रहने वाले कुछ युवा उनकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ करते हैं और पत्थरबाजी भी की है। इस संबंध में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दूसरी ओर रिपोर्टें बताती हैं कि आक्रोशित हिंदुओं ने घटना के बाद इलाके में ‘जयश्रीराम’ के नारे लगाए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं महिलाओं ने दुख जताया कि इन छेड़खानियों की शिकायत पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही। राजनीति के लिए मुस्लिम आकर कॉलोनी में बस रहे हैं और राजनीतिक हस्तक्षेप से अपना आधार कार्ड बनवा रहे हैं।

खबर में ये भी दावा है कि इलाके में एक मकान तोड़कर अवैध रूप से मस्जिद बनाया जा रहा है। वहाँ खंभे खड़े करके उनपर गुंबद बना दिए गए हैं। इसमें दोनों मंजिलों पर निर्माण हो रहा है। बताया जा रहा है कि यहीं छत पर खड़े होकर हिंदुओं पर पथराव किया गया। मस्जिद के इमाम मोहम्मद सलीम ने पूछताछ में खुद को बचाते हुए बताया कि घटना के समय वह बाहर था। लेकिन सीसीटीवी फुटेज में झगड़े के दौरान कुछ युवक सीढ़ियों से छत की ओर जाते दिख रहे हैं। अब पुलिस इन सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है। उन्होंने कहा है कि ये मामला दो वर्गों का है। दो संप्रदायों का नहीं है।

पाकिस्तानी पुलिस पढ़ती रही बकरीद पर नमाज, जेल से भाग निकले 17 कैदी: फायरिंग में 1 की मौत, खूँखार आतंकी भी फरार

पाकिस्तान (Pakistan) में बकरीद के दिन नमाज के दौरान 17 कैदी बलूचिस्तान की चमन जेल (Balochistan Jail) से फरार हो गए। इस दौरान जेल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने फायरिंग, जिसमें एक कैदी की मौत हो गई। हिंसा और गोलीबारी में कुछ पुलिस गार्ड और कैदी घायल हो गए हैं। भागने वालों में कुछ आतंकी भी हैं।

बलूचिस्तान जेल के महानिरीक्षक मलिक शुजा काजी ने बताया कि गुरुवार (29 जून 2023) को जेल में ही खुली जगह पर बकरीद के मौके पर नमाज अता की जा रही थी। इस दौरान कुछ कैदी वहाँ से भाग निकले। उन्होंने आगे बताया कि इन कैदियों ने भागने की योजना पहले ही बना रखी थी।

काजी का कहना है कि कैदियों ने नमाज के लिए बैरक से बाहर लाया गया था। भागने वाले कैदी जैसे ही अपने बैरक से बाहर आए, उन्होंने पुलिस गार्डों पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद वे वहाँ से भाग निकले। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने उन पर फायरिंग की।

फायरिंग के दौरान एक कैदी को गोली लग गई और वह उसकी मौत हो गई। हालाँकि, इस दौरान 17 कैदी भागने में सफल रहे। जेल महानिरीक्षक ने कहा कि ऐसा लगता है कि कैदियों को भागने की उनकी योजना को सफल बनाने के लिए बाहर से मदद मिली थी। 

काजी का कहना है कि जो कैदी भागे हैं, उनमें कुछ आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने के दोषी थे और उसकी सजा काट रहे थे। उन्होंने कहा कि चमन जेल ईरान के सीमावर्ती शहर के करीब है और सुरक्षा बलों को शक है कि कैदियों ने साथियों की मदद से सीमा पार की होगी और ईरान भाग गए होंगे। 

स्थानीय मीडिया के अनुसार, भागने वाले कैदियों में अधिकांश बैरक नंबर-4 के कैदी थे। ये सभी हत्या, आतंकवाद जैसे अत्यंत गंभीर अपराधों के दोषी थे। इनमें से कुछ विकलांग कैदियों की बैसाखियों से लैस थे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस पर कर दिया। उन्होंने जेल के मुख्य द्वार पर तैनात एक संतरी से कलाश्निकोव राइफल छीन लिया और गोलियाँ चलाने लगे।

इसके बाद कैदियों ने गोली मारकर मुख्य द्वार का ताला खोल दिया और भागने में सफल हो गये। इसके बाद हुडी पख्त और गोराई कहोल के इलाकों में पुलिस और भागे हुए लोगों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक भगोड़े कैदी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। घायल कैदी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भागने वाले कैदियों की सूची तैयार की जा रही है। वहीं, भागने वाले कैदियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तानी सेना को दी गई है। पाकिस्तानी मीडिया में कहा जा रहा है कि भागने वाले कैदियों की संख्या 12 है।

इसके अलावा, बलूचिस्तान में ही एक आत्मघाती हमले को भी अंजाम दिया गया है। एक महिला आत्मघाती हमलावर ने बलूचिस्तान के तुरबत शहर में फ्रंटियर कोर के एक वाहन को टक्कर मार दी। इसके बाद हुए विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई है।

‘हिंदुओं से मत खरीदों सामान, पेट्रोल भी मत भरवाओ’ : वायरल हुई ‘जमात’ की वीडियो, बाड़मेर पुलिस ने सच्चाई बताई

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम शख्स का वीडियो वायरल हुआ है। दावा है कि इस वीडियो में वो मुस्लिमों से कह रहा है कि हिंदुओं से कोई सामान या वस्तु न खरीदी न जाए और न ही इनकी उनकी गाड़ी में बैठा जाए। इस वीडियो को शेयर करके लोग कट्टरपंथियों पर अपना गुस्सा उतार रहे हैं।

लिखा जा रहा है कि ये बंगलुरू के मुस्लिम हैं जो हिंदुओं से सामान न खरीदने की कसमें खा चुके हैं और अब हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं। ये वीडियो एडिट नहीं है। लेकिन ये वीडियो कब की है और किस संदर्भ में है इसके बारे में बाड़मेर पुलिस ने बीते दिनों बताया था।

दरअसल, मार्च में एक अकॉउंट से शेयर करते हुए लिखा गया था, “आज राजस्थान के अंदर बाड़मेर में मौलाना ने फतवा जारी किया है कि जाट, गुर्जर,चौधरीयों से कोई समान कोई भी वस्तु ना खरीदें साथ ही इनकी किसी भी गाड़ी में ना बैठें… यह जमात के लोग पूरे भारत की मस्जिदों में घूम घूम कर मुसलमानों को इकट्ठा करके इस तरह का फतवा देते रहे हैं”

बाड़मेर पुलिस ने इस वीडियो पर लिखा था, “उक्त वीडियो ग्राम भोजारिया पुलिस थाना बिजराड का 2019 का है। पुलिस थाना रामसर के गागरिया गांव में पेट्रोल पंप के सामने दिनांक 28.6.2019 को एक प्राइवेट बस से एक्सीडेंट होने से एक व्यक्ति की मृत्यु एवं तीन व्यक्ति घायल हो गई थे।”

बाड़मेर पुलिस ने बताया कि उसी घटना के विरोध में मृतक के परिजनों द्वारा उनके घर पर जनाजे के दौरान विरोध प्रदर्शन के दौरान मांगे की गई थी गई थी। उसी दौरान मृतक के परिजन द्वारा इस तरह का भाषण भी दिया गया था। तत्समय नियमानुसार कार्रवाही की गई थी।

बाड़मेर पुलिस के 15 मार्च को किए गए ट्वीट से यह तो साफ है कि वीडियो बंगलुरू का नहीं है। लेकिन इसमें कही जा रही बातें जो हैं उस पर लोगों की आपत्ति है। इसमें एक शख्स अन्य मुसलमानों से कह रहा है- अगर मुसलमानों के अंदर एक राई के दाने के बराबर भी ईमान बाकी है तो वो हिंदुओं के पेट्रोल पंप से पेट्रोल न भराएँ, इनकी गाड़ी के अंदर कोई न चढ़ें, मेडिकल स्टोर से दवाई न ले। अगर आप ईमान दिखाओगे तो जन्नत मिलेगी।

उत्तराखंड सरकार ने किया UCC का पूरा ड्राफ्ट तैयार: संसद के मानसून सत्र में ‘समान नागरिक संहिता’ बिल आने के कयास, नजरें फिर 5 अगस्त पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का पुरजोर समर्थन करने के संसद के बाद इस मॉनसून सत्र में बिल लाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। उधर, उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Singh) सरकार ने UCC का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी ने बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्टिंग कमिटी ने शुक्रवार (30 जून 2023) को इसकी घोषणा की।

ड्राफ्टिंग कमिटी की अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट सेवानिवृत जज रंजना प्रकाश देसाई ने UCC को लेकर कहा, “उत्तराखंड के प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का मसौदा अब पूरा हो गया है। ड्राफ्ट के साथ विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मुद्रित की जाएगी और उत्तराखंड सरकार को सौंपी जाएगी।”

बताते चलें कि उत्तराखंड के राजनीतिक रिवाज को तोड़ते हुए पिछले साल भाजपा ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी और पुष्कर सिंह धामी लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। फरवरी 2022 में शपथ ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने UCC बनाने की घोषणा की थी।

इसके बाद 27 मई 2022 को सीएम धामी ने पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमिटी बनाने की घोषणा की थी। इस समिति में कुल 5 सदस्य हैं। इस समिति राज्य में जगह-जगह जाकर सभी धर्मों, वर्गों और जातियों के प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क और उनसे संवाद के आधार पर ड्राफ्ट तैयार की है।

इधर, संसद के मानसून सत्र में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बिल लाए जानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालाँकि, मानसून सत्र कब से कब तक होगा, इसकी अभी घोषणा नहीं की गई। माना जा रहा है कि यह सत्र 17 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा।

संसद में UCC बिल को लेकर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार इस बिल को संसद में 5 अगस्त को रख सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि उसने अपनी घोषणा पत्र के जो भी बड़े निर्णय लिए हैं, वह 5 अगस्त को ही लिए हैं।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले धारा 370 और 35A को निरस्त करने को लेकर 5 अगस्त 2019 को संसद में अध्यादेश लाया गया था। इसके बाद अयोध्या में बाबरी ढाँचा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला देने के बाद पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भूमि पूजन किया था।

इस तरह भाजपा के तीन बड़े मुद्दे- धारा 370, राम मंदिर और समान नागरिक संहिता में से दो मुद्दों का समाधान हो चुका है और दोनों मुद्दे 5 अगस्त से संबंधित हैं। अब भाजपा का सिर्फ तीसरा मुद्दा बाकी है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए माना जा रहा है कि 5 अगस्त को UCC बिल पेश किया जा सकता है।

₹46 लाख खर्च किए, बकरीद पर हलाल करने के लिए लाए गए 250 बकरों को खरीदकर बचाई जान: अब ‘बकराशाला’ में सुरक्षित रहेंगे

बकरीद पर हर साल करोड़ों पशुओं की कुर्बानी होती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बागपत में बकरों को बचाने के लिए जैन समाज की अनोखी पहल सामने आई है। जैन संतों से प्रभावित होकर लोगों ने बकराशाला का निर्माण किया है। इस साल बकरीद में हलाल करने के लिए लाए गए करीब 250 बकरों को खरीदकर यहाँ रखा गया है। फिलहाल इस बकराशाला में 450 बकरे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बकराशाला बागपत जिले के अमीनगर सराय कस्बे में है। जैन समाज के लोगों ने संतों से प्रभावित होकर साल 2016 में ‘जीव दया संस्थान’ की स्थापना की थी। इस संस्थान के तहत ही बकराशाला का निर्माण भी किया गया है। इस संस्थान से जुड़े लोगों का उद्देश्य बेजुबान जीवों की रक्षा करना है। इसी उद्देश्य के तहत हर साल बकरीद पर बकरे खरीदकर बकराशाला में सुरक्षित रखे जाते हैं। 

साल 2016 में यहाँ 45 बकरे रखे गए थे। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती चली गई। इस साल बकरीद पर 250 बकरों की जान बचाकर इस बकराशाला में लाया गया है। इन बकरों को खरीदने के लिए ‘जीव दया संस्थान’ से जुड़े लोगों ने करीब 46 लाख रुपए खर्च किए हैं। 5000 वर्ग फ़ीट में बने इस बकराशाला में फिलहाल 450 बकरे रखे गए हैं। इन बकरों के खाने-पीने से लेकर उनके इलाज के लिए डॉक्टर की भी व्यवस्था की गई है। 

बकराशाला चलाने वाली संस्था, ‘जीव दया संस्थान’ के अधिकारियों का कहना है कि वे आने वाले दिनों में जानवरों के साथ ही पक्षियों को सुरक्षित करने का भी काम करेंगे। इसके लिए संस्थान द्वारा 45 मंजिल ऊँचा टॉवर बनाया जाएगा। इस टॉवर में पक्षी अपना घोंसला बनाकर सुरक्षित तरीके से रह सकेंगे। इस बकराशाला के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जैन परिवार आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।

राजस्थान में भी है ऐसी ही बकराशाला

बता दें कि राजस्थान के पाली जिले खौड़ गाँव में भी ऐसी ही एक बकराशाला संचालित हो रही है। यहाँ भी हर साल कटने जा रहे बकरों को खरीदकर उन्हें सुरक्षित रखा जाता है। इस बकराशाला का निर्माण स्थानीय व्यापारी ज्ञानचंद लूंकड़ ने जैन संतों की प्रेरणा से कराया है। ज्ञानचंद ने करीब 5 साल पहले अपनी 225 बीघा जमीन में इस बकराशाला को बनवाया था। यहाँ रहने वालों बकरों के खाने-पीने व इलाज की व्यवस्था है।

स्कूल, लाइब्रेरी, बैंक… फ्रांस में सब कुछ फूँक रहे दंगाई, तीन दिनों से जारी है हिंसा: अब तक 667 गिरफ्तार, 200 पुलिसकर्मी जख्मी

फ्रांस में 17 साल के लड़के की हत्या के बाद वहाँ हिंसक प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। कई जगहों से तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आई। वहीं कई जगह स्कूल, लाइब्रेरी से लेकर बैंक तक में आगजनी की गई। इस बीच 200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की खबर है। ऐसी परिस्थिति देखते हुए फ्रांस में पुलिस ने 667 दंगाइयों को रातोंरात गिरफ्तार किया।

खबरों के अनुसार, सेंट्रल पेरिस में एक नाइक का शोरूम पूरा तोड़ा गया और उसके बाद वहाँ से चीजें लूट ली गई। इस मामले में पेरिस पुलिसने एक केस में 14 और लूटपाट के मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वर्तमान में फ्रांस की स्थिति संभालने के लिए रकार ने 40000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है। भीड़ को रोकने के लिए आँसू गैस छोड़े जा रहे हैं।

कुछ वीडियो सामने आई है जिसमें प्रदर्शनकारी पुलिस वाहन में आग लगा रहे हैं। ग नानतेरे की बिल्डिंग्स पर नाहेल के लिए न्याय की बात लिखी गई है। गुरुवार को फ्रांस के मारसेले , लियोन, पाउ, टौलूज में गोलीबारी की घटनाएँ भी हुई हैं।

फ्रांस में एक पुलिसकर्मी द्वारा 17 साल के नाबालिग लड़के की हत्या किए जाने के बाद वहाँ हिंसा भड़क रखी है। टना के समय वह अपनी मर्सिडीज से जा रहा था। लेकिन ट्रैफिक नियम का उल्लंघन का इल्जाम लगाकर उसे गोली मार दी गई। शुरू में इस मामले में कहा गया कि युवक पुलिस पर गाड़ी चढ़ा रहा था।

हालाँकि बाद में एक वीडियो सामने आई जिसमें दिख रहा था कि कैसे पुलिस वाले एक खड़ी कार में बैठे युवक को धमकी दे रहे थे- “हम तुम्हारे सिर में गोली मारेंगे।” इस वीडियो से बोले गए झूठ की पोल खुली और लोग भड़क उठे। कल तक खबर थी कि पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन करने पर 150 लोगों को पकड़ा है। लेकिन अब ये संख्या 667 हो गई है।

सालभर बाद भी कन्हैया लाल के हत्यारों को सजा क्यों नहीं: उदयपुर में बोले अमित शाह- NIA ने चार्जशीट फाइल की, पर गहलोत सरकार ने नहीं बनाई स्पेशल कोर्ट

राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने गला रेत कन्हैया लाल तेली (Murder of Kanhaiya Lal) की हत्या कर दी थी। इस बर्बर हत्याकांड में सालभर बाद भी किसी को सजा नहीं हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इसकी वजह बताई है। उन्होंने कहा है कि यदि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व वाली राजस्थान की काॅन्ग्रेस सरकार ने इस मामले में स्पेशल कोर्ट का गठन किया होता तो अब तक हत्यारों को फाँसी की सजा हो चुकी होती।

अमित शाह शुक्रवार को उदयपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “गहलोत सरकार ने कन्हैया लाल को सुरक्षा नहीं दी थी। उनकी मौत तक ये लोग चुप रहे। यहाँ की सरकार कन्हैया लाल की हत्या के आरोपितों को पकड़ना भी नहीं चाहती थी। NIA ने उन्हें गिरफ्तार किया। सीएम अशोक गहलोत झूठ बोल रहे हैं कि इस मामले में चार्जशीट नहीं हुई है। 22 दिसंबर 2022 को चार्जशीट पेश की जा चुकी है।”

शाह ने कहा, “स्पेशल कोर्ट बनाने का काम राज्य सरकार का है, जिससे आरोपितों को जल्द से जल्द सजा दी जा सके। लेकिन राजस्थान सरकार ने स्पेशल कोर्ट नहीं बनाई। अन्यथा आज तक कन्हैया लाल की हत्या के आरोपित फाँसी पर लटक चुके होते।” अमित शाह ने साल 2000 में हुए जयपुर ब्लास्ट पर राजस्थान सरकार को घेरते हुए कहा है कि अशोक गहलोत के एडवोकेट जनरल के पास सुनवाई के लिए समय नहीं था। इसलिए 50 लोगों को मारने वाले निर्दोष छूट गए।

गृह मंत्री कहा, “पीएम मोदी ने PFI पर बैन लगाया। लेकिन गहलोत सरकार में कोटा में PFI की रैली निकलती है। चित्तौड़गढ़ में रतन सोनी की हत्या होती है। करौली में हिंदू त्योहार बंद कर दिए जाते हैं। संघ का पथसंचलन रोक दिया जाता है। अलवर में 300 साल पुराना शिव मंदिर ढहा दिया गया। भगवा ध्वज उतारने की हिमाकत गहलोत सरकार ही कर रही है। आजादी के इतने सालों बाद भी बहुसंख्यक वर्ग पर अत्याचार हो रहे हैं। यह सब वोट बैंक की राजनीति वाले ही कर सकते हैं। हमारी सरकार में यह नहीं हो सकता।”

अमित शाह ने आगे कहा है कि गहलोत सरकार 3D से घिरी हुई सरकार है- दंगा, महिलाओं से दुर्व्यवहार और दलितों पर अत्याचार। 3D से घिरी हुई सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। गौरतलब है कि राजस्थान में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। सभा के दौरान मोदी सरकार के गाम गिनाते हुए शाह ने कहा कि देश में पहली बार किसानों को सालाना 6 हजार रुपए मिल रहा है। मोदी सरकार अब तक राजस्थान के 80 लाख किसानों के खाते में 16 हजार करोड़ रुपए भेज चुकी है। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत राजस्थान के 43 लाख परिवारों तक घरों तक पीने का शुद्ध पानी पहुँच रहा है। मोदी सरकार ने 86 लाख शौचालय बनाए हैं। 4.2 करोड़ लोगों को हर माह मुफ्त अनाज दे रही है। उज्ज्वला योजना के तहत 5.75 करोड़ गैस कनेक्शन बाँटे गए हैं। 

मणिपुर के CM बने रहेंगे बीरेन सिंह, गवर्नर के पास जाने की खबर सुनते ही उमड़ पड़े समर्थक: महिलाओं ने फाड़ दिया इस्तीफा

हिंसाग्रस्त मणिपुर (Manipur) के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (CM N Biren Singh) के समर्थक शुक्रवार (30 जून 2023) को उनके इस्तीफे विरोध में आ गए। उनके आवास के बाहर उनके उनके समर्थक में जमकर नारे भी लगाए गए। उन्हें अपना त्याग पत्र फाड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद सीएम ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे।

सीएम बीरेन सिंह की इस्तीफे की खबर के बाद उनके समर्थक उनके आवास के बाहर इकट्ठा हो गए। राजधानी इंफाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर उनके समर्थक उनके समर्थन में नारे लगाए और इस्तीफा नहीं देने की गुजारिश की।

सीएम बीरेन सिंह के समर्थन में इकट्ठा हुए मणिपुर के स्थानीय लोगों का कहना है, “हम नहीं चाहते कि सीएम इस्तीफा दें, उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। वह हमारे लिए बहुत काम कर रहे हैं। इसलिए हम सीएम को समर्थन दे रहे हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम बीरेन सिंह मणिपुर हिंसा को लेकर नैतिक के आधार पर मुख्यमंत्री का पद छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद वे अपना इस्तीफा लेकर राज्यपाल अनुसूइया उइके के ऑफिस जाने लगे। इसकी जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में समर्थक इकट्ठा हो गए।

कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि सीएम ने एक त्याग पत्र टाइप किया था, लेकिन समर्थकों के दबाव में उन्हें इसे फाड़ना पड़ा। कुछ रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि महिला समर्थकों ने त्याग पत्र को फाड़कर फेंक दिया।

इससे पहले दोपहर में काली शर्ट पहने सैकड़ों युवक और महिलाएँ सीएम आवास के सामने बैठ गए और इस्तीफा नहीं देना चाहिए। जब समर्थकों को बताया गया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे, तब भीड़ छँटी।

अपने समर्थकों की भावनाओं को देखते हुए सीएम बीरेन सिंह ने अपना निर्णय बदल दिया है। उन्होंने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूँगा।” उन्होंने राज्य के लोगों के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है।

सीएम बीरेन सिंह का कथित त्याग पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीर में त्याग पत्र की टाइप कॉपी तुड़ा-मुड़ा और फटा हुआ दिख रहा है। बता दें कि एक दिन कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी मणिपुर के चुड़ाचाँदपुर में जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान स्थानीय लोग उनका विरोध कर रहे थे। भाजपा ने उन पर चिंगारी भड़काने का आरोप लगाया था।

दरअसल, गुरुवार को कांगपोकपी जिले के हरओथेल गाँव में सुरक्षा बलों और हथियारबंद दंगाइयों के बीच गोलीबारी हो गई थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।