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कर्नाटक में बीवी के ‘प्रेमी’ का गला काट खून पीने का वीडियो बनवाया, दिल्ली में गर्लफ्रेंड के नए बाॅयफ्रेंड को साथियों के साथ मिलकर चाकुओं से गोदा

दिल्ली के सनलाइट काॅलोनी थाना क्षेत्र में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वहीं कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के प्रेमी का गला काट दिया। गला काटने के बाद उसने साथी का खून भी पिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित की जान बच गई है। दिल्ली में हुई हत्या के मामले में तीन की गिरफ्तारी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला मामला दिल्ली पुलिस को एम्स के ट्रामा सेंटर से एक युवक की मौत को लेकर फोन आया था। युवक को चाकू मारे गए थे। जाँच के दौरान पुलिस ने मृतक की पहचान 21 वर्षीय फैज़ल के रूप में की। फैज़ल नार्थ-ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में नूरुल्लाह मस्जिद के पास रहता था। पुलिस ने इस मामले में शोभित, रियाज़ और नावेद नाम के 3 युवकों को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में पता चला कि शोभित का एक लड़की से लंबे समय से प्रेम संबंध था। कुछ दिनों पहले लड़की ने शोभित को छोड़ कर फैज़ल से दोस्ती कर ली थी। शोभित को जानकारी मिली कि लड़की फैज़ल से निकाह भी करने वाली है। उसने फैज़ल को लड़की से दूर रहने की चेतावनी दी। इस चेतावनी का फैज़ल पर कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार शोभित ने अपने साथी रियाज़ और नावेद के साथ मिलकर फैज़ल को चाकुओं से गोद कर मौत के घाट उतार दिया। नाराज शोभित ने फैज़ल पर चाकुओं के 20 से अधिक वार किए थे। शोभित, नावेद और रियाज़ को जेल भेज दिया गया है।

दोस्त का गला काट खून पिया

दूसरा मामला कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर का है। यहाँ विजय नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध के शक में अपने दोस्त मारेश का गला काट दिया है। गला काटने के बाद आरोपित ने मृतक का खून भी पिया। आरोपित ने अपने एक अन्य साथी जॉन से इस पूरी घटना का वीडियो भी बनवाया। यह घटना 19 जून 2023 की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार (25 जून 2023) को वायरल हुआ। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपित विजय को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद घायल मारेश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के बाद उसकी जान बच गई।

गायब हुई लड़की मुस्लिम युवक के साथ थाने आई, पिता ने जिंदा बेटी को ओढ़ा दिया कफन: कहा- अब मेरे लिए मर गई… Video वायरल

मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक पिता ने जिंदा बेटी को कफन ओढ़ा दिया। थाने में हुई इस घटना का वीडियो वायरल है। दरअसल यह लड़की करीब साल भर पहले गायब हो गई थी। परिजनों ने इसकी रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी। 25 जून 2023 को लड़की एक मुस्लिम युवक के साथ नाहरगढ़ थाने पहुँची। उसने बताया कि वह निकाह कर चुकी है और अपने शौहर के साथ रहना चाहती है। इसके बाद पिता ने उस पर कफन डाल दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला मंदसौर जिले के कयामपुर गाँव का है। आस्था सोनी नाम की लड़की एक दिन अचानक गायब हो गई। उसके पिता ने नाहरगढ़ थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब आस्था को खोजा तो उसने साहिल नाम के मुस्लिम युवक से निकाह कर इस्लाम कबूलने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया।

इसकी जानकारी मिलने के बाद आस्था के पिता अन्य परिजनों के साथ थाने पहुँच गए। जब उन्हें निकाह का पता चला तो उन्होंने लड़की को समझाने की कोशिश की। लेकिन वह अपने शौहर साहिल को छोड़ने को तैयार नहीं हुई। इसके बाद पिता ने थाने में ही उसे कफन ओढ़ाते हुए कहा कि आज के बाद बेटी उनके लिए मर चुकी है। इस घटना के बाद लड़की अपने शौहर साहिल के साथ थाने से चली गई।

लड़की के पिता ने बताया, “मेरी बच्ची पढ़ने के लिए कॉलेज जाती थी। डेढ़ साल पहले बस स्टैंड से उसका अपहरण हुआ या किसी के साथ भाग गई, कुछ पता नहीं चला था। अब वह अपने वकील के साथ थाने आई और निकाह के बारे में बताया। अब वह लड़की न तो मुझे मान्य है और न ही समाज और धर्म को मान्य है। मैंने उसे मरा मानकर कफन पहनाते हुए उसको अंतिम विदाई दे दी।”

जबलपुर में भी हुई थी ऐसी ही घटना

बता दें कि 11 जून 2023 को मध्य प्रदेश के जबलपुर से भी ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया था। मुस्लिम युवक से निकाह करने के चलते लड़की का उसके घरवालों ने कार्ड छपवाकर उसका पिण्डदान कर दिया था। घरवालों ने मृत्युभोज का भी आयोजन किया था। लड़की के परिजनों ने मीडिया से कहा था, “जिस लड़की को किसी पौधे की तरह सींचकर 22 साल तक पाला-पोसा, भगवती की तरह पूजते रहे, उसने बेटी शब्द का ही गला घोंटकर रख दिया।”

‘ऐसा सच जो देश को हिला देगा’: एक और फिल्म लेकर आ रही ‘The Kerala Story’ की टीम, वामपंथी हिंसा की पोल खोलेगी ‘बस्तर’

द केरल स्टोरी की सफलता के बाद अब इस फिल्म के मेकर्स ने ‘बस्तर’ नाम से फिल्म बनाने का ऐलान किया है। फिल्म का पोस्टर रिलीज हो चुका है। इस पोस्टर में लिखा गया है- “छिपा हुआ सच जो देश को हिला देगा- बस्तर।”

फिल्म 5 अप्रैल 2024 को रिलीज होगी। इसमें स्टारकास्ट कौन होगा ये अभी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन इसका निर्माण लास्ट मान्क मीडिया के सहयोग से सनशाइन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड बैनर तले हो रहा है। फिल्म के पोस्टर में बिखरा जंगल और बंदूके नजर आ रही है।

जहाँ तक है शायद ये फिल्म नक्सलवाद के मुद्दे पर हो। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स अंदाजा लगाकर तंज कस रहे हैं कि इसे भी कम्युनिस्ट लोग नक्सल विरोधी करार दे देंगे। वहीं कुछ कह रहे हैं कि भले ही टाइम लगे लेकिन इस फिल्म की क्वालिटी बेहतरीन होनी चाहिए।

बता दें कि पोस्टर में जैसा कि दिख रहा है इस फिल्म को विपुल अमृतलाल शाह द्वारा प्रोड्यूस किया जा रहा है। इससे पहले विपुल को द केरल स्टोरी बनाकर अपार सफलता मिली थी। सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी फिल्म ने 256 करोड़ की कमाई की थी। द केरल स्टोरी के अलावा अमृतलाल शाह ने “आँखे, हॉलिडे, फोर्स, कमांडो, वक्त, नमस्ते लंदन, सिंह इज किंग” जैसी फिल्म बनाई हैं।

कोर्ट के आदेश के बावजूद मनीष कश्यप को लेकर बिहार नहीं पहुँची तमिलनाडु पुलिस: चल सकता है अवमानना का केस, सुशील मोदी बोले – इमरजेंसी थोपने वालों की गोद में लालू-नीतीश

YouTuber मनीष कश्यप पिछले 3 महीनों से तमिलनाडु के मदुरै जेल में बंद हैं। अदालत के आदेश के बाद उम्मीद थी कि उन्हें बिहार लाया जाएगा, लेकिन अब इस पर भी पानी फिर गया है। सोमवार (26 जून, 2023) को बेतिया व्यवहार न्यायालय ने मनीष कश्यप को पेश किए जाने का आदेश दिया था, लेकिन तमिलनाडु पुलिस ने इसका पालन नहीं किया। इस इस मामले में तमिलनाडु पुलिस पर अवमानना का मामला चल सकता है।

सरकारी अधिवक्ता ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी से अनुरोध किया है कि न्यायपालिका के आदेश का पालन न करने के लिए मदुरै पुलिस पर अवमानना का मामला चलाया जाए। ये मामला मझौलिया के पारस पकड़ी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ दुर्व्यवहार करने एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपों से जुड़ा हुआ है। CJM न्यायालय ने मनीष कश्यप को पेश किए जाने के लिए चेन्नई पुलिस के अलावा मदुरै सेन्ट्रल जेल को भी नोटिस जारी किया था।

इस पर मदुरै के जेल अधीक्षक ने आग्रह किया था कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही उनकी पेशी की जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। साथ ही कहा था कि 26 जून को हर हाल में उन्हें पेश किया जाए। ये घटना इसी साल 17 मार्च की है, जिस संबंध में मझौलिया पुलिस को कुर्की-जब्ती का आदेश भी मिला था। 18 मार्च को मनीष कश्यप ने आत्मसमर्पण कर दिया था। 29 मार्च को तमिलनाडु पुलिस उन्हें ले गई।

बिहार की आर्थिक अपराध शाखा को भी मनीष कश्यप के पीछे लगा दिया गया था। मनीष कश्यप पर तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की प्रताड़ना को लेकर फर्जी वीडियोज चलाने का आरोपित बनाया गया है। मनीष कश्यप की गिरफ़्तारी पर बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि लालू-नीतीश देश पर इमरजेंसी थोपने वालों की गोद में जा बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मनीष कश्यप पर राजद्रोह का मामला चलाया जा रहा है, सूचना के अधिकार से जुड़े एक दर्जन लोगों की राज्य में हत्या हो चुकी है।

क्या दिल्ली में अब फ्री नहीं मिलेगी बिजली? 10% तक एक्स्ट्रा चार्ज का ठीकरा AAP ने केंद्र पर फोड़ा, BJP बोली- यह केजरीवाल सरकार और कंपनियों की मिलीभगत

दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली कंपनियों को इसकी इजाजत दे दी है। AAP ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं बीजेपी ने इसे बिजली कंपनियों और केजरीवाल सरकार के बीच मिलीभगत का परिणाम बताया है।

दिल्ली में बिजली वितरण की जिम्मेदारी BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL), BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और टाटा पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDL) के पास है। 10 प्रतिशत तक एक्स्ट्रा चार्ज लेने की जो इजाजत मिली है उससे टाटा पावर के उपभोक्ता बेअसर रहेंगे। BYPL के उपभोक्ताओं पर 9.42%, BRPL के उपभोक्ताओं पर 6.39% और NDMC के उपभोक्ताओं पर 2% अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि 200 यूनिट तक फ्री बिजली वाली स्कीम अब भी जारी रहेगी। यानी जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आ रहा था उन पर भी इस फैसले का बोझ नहीं पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार हर महीने 200 यूनिट बिजली की खपत पर 100 प्रतिशत और 201 से 400 यूनिट मासिक खपत पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी देती है।

आतिशी मार्लेना ने बिजली की बढ़ी हुई कीमतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में बिजली की कीमत बढ़ रही है तो इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ केंद्र सरकार है। केंद्र सरकार के मिस मैनेजमेंट की वजह से देश में कोयले की कीमत बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोयला खरीदने वाली कंपनियों को 10 प्रतिशत विदेशी कोयला भी खरीदना होगा। विदेशी कोयले की कीमत भारत के कोयले से करीब 10 गुना अधिक है।”

बिजली की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता हरीश खुराना ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने AAP और बिजली कंपनियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है, “दिल्ली में बिजली महँगी हो गई है। यह सब दिल्ली सरकार और बिजली कंपनियों की मिलीभगत से हो रहा है। दिल्ली सरकार कह रही है कि यह हर गर्मी में होता है। उपभोक्ताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हर तिमाही में बढ़ जाते हैं फिर घट जाते हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने जून 2022 में पॉवर परचेज एग्रीमेंट 16% से बढ़ाकर 22% कर दिया और वह आज तक है। अब 22% से 29% कर रहे हैं। यह दिल्ली की जनता की मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है।”

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि हाथ के दाँत दिखाने और खाने के अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा, “केजरीवाल सरकार ने कहा था कि आम आदमी को हम सस्ती बिजली मुहैया कराएँगे। लेकिन अब हाथ खड़े कर दिए। सरकार का यह कहना कि यह नियमित प्रक्रिया है, गले के नीचे नहीं उतर रहा। मैं सीएम केजरीवाल से अनुरोध करूँगा कि इसे स्वीकार न करें। दिल्ली की आम जनता को खासतौर से वेतनभोगी, छोटे और गरीब लोगों पर जो बोझ बढ़ेगा उनको ध्यान में रखते हुए सरकार ये बढ़ोतरी स्वीकार न करे। बिजली की कीमतें वही रहने दें।”

‘इतने चाटे मारूँगा सालों’: जिस काॅमेडियन ने सलमान खान को सुनाया उसके फाॅलोअर्स 2 से हुए 24 लाख, घर से निकालने पर बिग बाॅस की रेटिंग घटी

बिग बॉस ओटीटी 2 से निकलने के बाद पुनीत सुपरस्टार के इंस्टा फॉलोवर्स 2-3 लाख से बढ़ कर 24 लाख से ज्यादा हो गए हो गए हैं। सोशल मीडिया पर हर जगह उनकी वीडियोज वायरल हैं। हर कोई उनके कॉमेडी अंदाज की तारीफ कर रहा है। उनके इंटरव्यू लिए जा रहे। वहीं उनके कंटेंट को क्रिंज बोलने वाले एम सी स्टैन की फॉलोइंग इंस्टा पर खासी घटकर 11.1 मिलियन से 10.9 मिलियन हो गई है।

पुनीत को फैंस इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने बिग-बॉस में कोई दिखावा नहीं किया। लोग उन्हें जैसा जानते थे वो वैसे ही रहे। प्रकाश कुमार उर्फ ‘लॉर्ड पुनीत सुपरस्टार’ ने 24 घंटों में अपने फैंस का खूब मनोरंजन किया। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने बिग बॉस ओटीटी पहली बार सिर्फ पुनीत के कारण देखा। हालाँकि जब खबर आई कि पुनीत सुपरस्टार को 24 घंटे में वहाँ से निकाल दिया गया तब पुनीत की फॉलोइंग तो और बढ़ गई, लेकिन शो को देखने वालों की संख्या और जियो सिनेमा की रेटिंग घट गई।

पुनीत की शो में जाने के बाद शिकायत थी कि जब लोगों ने उन्हें 2 रैंकिंग पर रखा है तो शो में बैठे लोग उन्हें 10-12 रैंक कैसे रख सकते हैं। उन्होंने माँग की थी कि उनकी 2 रैंक उन्हें दी जाए। वरना वो हल्ला मचाते रहेंगे। लक्ष्य चौधरी को दिए इंटरव्यू में पुनीत ने कहा भी है कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें क्यों निकाला गया लेकिन ये साफ है कि उन्हें देख बाकी कंटेस्टेंट डर गए थे कि अगर वो शो में रहे तो वो लोग कभी नहीं जीत पाएँगे। इसीलिए हो सकता है कि उन्हें निकलवाया गया हो।

पुनीत सुपरस्टार के 24 घंटे के सफर में बाकी कंटेस्टेंट ने बार-बार पुनीत को अपने बाकियों जैसे रहने की सलाह दी। लेकिन पुनीत ने सबको अपने फेमस डॉयलॉग से चुप करवा दिया- “मेरे आगे रहना है तो झुककर रहा पड़ेगा।” पुनीत ने बिग बॉस को “सॉरी या थैंक्यू” बोलने से साफ भी मना कर दिया था।

पुनीत ने बिग बॉस को ही चैलेंज देते हुए कहा था कि उन्हें हाउस से निकालने की धमकी न दी जाए। उनकी वजह से शो में टीआरपी मिल रही है और अगर कोई उन्हें निकाल भी देता है तो इससे उनकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वो पहले से सुपरस्टार हैं और हमेशा रहेंगे।

उनकी इन्हीं हरकतों के बाद बिग बॉस ने घर के लोगों से वोटिंग करवाई और पूछा कि क्या वो पुनीत सुपरस्टार के साथ रह सकते हैं। इस पर ज्यादातर लोगों ने मना कर दिया और पुनीत 24 घंटे में शो से निष्काषित हो गए। ऐसा बिग बॉस के इतिहास में पहली दफा हुआ कि किसी कंटेस्टेंट को एक दिन में ही शो से निकाला गया हो। इस शो से बाहर आने के बाद ही उनके फॉलोवर्स अचानक बढ़ने लगे। हाल में पुनीत सुपरस्टार ने अपना टीशर्ट ब्रांड भी लॉन्च किया है।

उनकी एक वीडियो भी वायरल है जिसमें वो फेमस डॉयलॉग- ‘इतने चांटे मारूँगा सालों’ कहकर इंडस्ट्री में अपनी वैल्यू बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास लोगों के मैसेज आ रहे हैं- पुनीत भाई तुम्हें बिगबॉस से निकाले जाने के बाद हमने जियो सिनेमा अनइंस्टाल कर दिया है। अब हम शो नहीं देखेंगे क्योंकि पुनीत कुमार बाप था, बाप है और इंडस्ट्री का बाप रहेगा।”

इस शो के बाद सलमान खान की भी काफी आलोचना हो रही है। सलमान खान ने पुनीत से पूछा था कि क्या उनकी गर्लफ्रेंड है। जब पुनीत ने इस पर मना किया तो सलमान ने कहा कि ऐसी बात करेंगे तो बनेगी भी नहीं। शो में तो पुनीत ने कह दिया कि उन्हें जरूरत नहीं है। लेकिन घर से बाहर आने के बाद जब पुनीत ने सवाल किया गया तो पुनीत ने जवाब दिया कि गर्लफ्रेंड न होने से क्या होता है। सलमान खान की भी तो नहीं है।

हिंदू बच्चे का खतना करने वाले डॉक्टर एम खान अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड, जीभ का इलाज कराने आया था: डिप्टी CM ने बनाई जाँच कमेटी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिला प्रशासन ने डॉक्टर एम खान अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इस अस्पताल में जीभ का इलाज कराने के लिए लाए गए बच्चे का खतना किए जाने का मामला सामने आया था। लाइसेंस सस्पेंड किए जाने के बाद अस्पताल में अन्य मरीजों को इलाज के लिए दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। राज्य सरकार को भेजने के लिए जिला प्रशासन रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले की जाँच के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन अस्पताल के कागजातों की जाँच कर रहा है। प्रथम दृष्टया जाँच कमेटी ने हिंदू बच्चे के खतना मामले में अस्पताल को दोषी पाया है। इसी आधार पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया गया है। 4 सदस्यीय जाँच टीम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है। जाँच टीम में अस्पताल मैनेजमेंट का बयान दर्ज कर चुकी है। 24 जून को जाँच टीम ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। अपने बयान में अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि पीड़ित परिवार ने बच्चे के गुप्तांग का इलाज करने की लिखित सहमति दी थी।

जानकारी के मुताबिक पीड़ित परिवार ने बताया है कि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती। उनसे अंग्रेजी के पर्चे पर दस्तख्त लिए गए थे। हस्ताक्षर लेने से पहले डॉक्टरों ने कहा था कि कोई गंभीर बात नहीं है। ऑपरेशन के बाद बच्चे को जब वार्ड में लाया गया तब उन्हें खतने की जानकारी मिली। पीड़ित परिवार ने अस्पताल पर साजिश रचकर बच्चे का खतना करने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि बारादरी थाना क्षेत्र में हरिमोहन यादव ने आरोप लगाया था कि डॉक्टर जावेद ने उनके बच्चे की जीभ का इलाज करने के बहाने खतना कर दिया। 23 जून को बरेली पुलिस मामले की जाँच की जानकारी ट्वीट कर दी थी।

‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में जाने से रोका, जनजातीय समाज से होने के कारण भेदभाव’: सोशल मीडिया पर चल रहे प्रोपेगंडा का सच जानिए

सोशल मीडिया में कुछ तत्व जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ जातीय भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। अब राजधानी नई दिल्ली के हौज खास स्थित जगन्नाथ मंदिर के ‘श्री नीलाचल सेवा संघ’ के सेक्रेटरी रवींद्र नाथ प्रधान ने इन आरोपों को नकारते हुए तथ्य बताए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर ये झूठ फैलाए जाने की सूचना मिली है कि जनजातीय समाज से होने के कारण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।

जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ भेदभाव? – जानें सच

ऑपइंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान के सामने भेदभाव के लिए कोई जगह ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह का ऑनलाइन प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है, उससे वो व्यथित महसूस कर रहे हैं। उन्हें एक दिन पहले ही इस मामले की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इस तरह का झूठ फैला कर राष्ट्रपति द्वारा भविष्य में मंदिरों के किए जाने वाले दौरों को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मंदिर में दर्शन किया था।

उसी दिन जगन्नाथ यात्रा भी थी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यात्रा के समय भी आ सकती थीं, लेकिन उन्होंने इससे बहुत पहले आने का निर्णय लिया ताकि यात्रा के समय उनकी उपस्थिति के कारण श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। राष्ट्रपति के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होती है। उनका कार्यक्रम 5-10 मिनट का ही प्रस्तावित था, लेकिन वो वहाँ 45 मिनट तक रहीं। रवींद्र नाथ प्रधान ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा मंदिर में आकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेना वहाँ मौजूद लोगों के लिए भी गौरव का क्षण था।

उन्होंने कहा, “ये झूठ है कि मंदिर में राष्ट्रपति के साथ भेदभाव हुआ। प्रतिवर्ष गर्भगृह को मात्र 30 मिनट के लिए ही खोला जाता है, जब रथयात्रा के मौके पर भगवान जगन्नाथ का आवाहन किया जाता है। आवाहन में मुख्य अतिथि के भाग लेने की परंपरा रही है। उस समय केवल पुजारी और मुख्य अतिथि को ही गर्भगृह में जाने की अनुमति होती है। जब राष्ट्रपति आईं, तब तड़के सुबह था। हमने मंदिर परिसर में नियमों के पालन के साथ-साथ प्रोटोकॉल्स भी मेंटेन किया।”

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लकड़ी की बाउंड्री के पास खड़े होकर पूजा करने का निर्णय लिया। उनके लिए कुर्सी की व्यवस्था की गई, लेकिन भगवान जगन्नाथ की भक्त होने के कारण उन्होंने कुर्सी पर बैठने से इनकार करते हुए कहा कि वो या तो खड़े होकर या फर्श पर बैठ कर पूजा करेंगी। 6 पंडितों में से 2 को उनके नजदीक जाने की अनुमति थी, जबकि सुरक्षा गार्ड्स ने बाकी 4 को दूर से पूजा कराने को कहा था। रवींद्र नाथ प्रधान ने कहा कि अगर द्रौपदी मुर्मू चाहतीं तो हम उन्हें गर्भगृह में ले जा सकते थे।

उन्होंने कहा कि आखिर वो राष्ट्रपति हैं, उनके कहने पर ये सब किया जा सकता था। लेकिन, उन्होंने ऐसा कुछ करने को कहा ही नहीं जो मंदिर के नियमों के अनुरूप नहीं हो। पूजा के दौरान रवींद्र नाथ प्रधान भी राष्ट्रपति के करीब नहीं गए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्याज-लहसुन को छूती भी नहीं हैं। ये भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी श्रद्धा को बताता है। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू को ओडिशा की शान बताते हुए कहा कि भेदभाव का सवाल कहाँ से आया उन्हें पता ही नहीं था।

रवींद्र नाथ प्रधान ने कहा, “दिल्ली के LG या अन्य की तस्वीरों का सवाल है तो ये लोग यात्रा के मुख्य अतिथि थे। पुरी में राजा हर साल ये परंपरा निभाते रहे हैं। किसी भी मंत्री की तस्वीर अगर गर्भगृह के भीतर की है, तो बतौर यात्रा के मुख्य अतिथि के रूप में। गर्भगृह में मंदिर प्रशासन के परिवार वाले तक नहीं आते हैं। भगवान की प्रतिमाओं के नीचे शालिग्राम पत्थर होते हैं, जिन्हें पाँव से छुआ नहीं जा सकता। पुरी में पुजारी पैसे लेकर गर्भगृह में एंट्री कराते थे, लेकिन ये नियम कब का खत्म हो गया है।”

खुद को दलितों का ठेकेदार बताने वाले हैंडल्स न फैलाया झूठ

‘द दलित वॉइस’ नामक ट्वटर हैंडल ने लिखा, “अनुमति मिली – अश्विनी वैष्णव (केंद्रीय रेल मंत्री)। अनुमति नहीं मिली – द्रौपदी मुर्मू (भारत की राष्ट्रपति।”।

इसी तरह प्रोपेगंडाबाज दिलीप मंडल ने पुजारियों पर कार्रवाई करने की माँग तक कर दी। उसने तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को गर्भगृह में जाने की अनुमति दी गई, जबकि भारत की प्रथम नागरिक को नहीं।

वैभव कुमार नामक यूजर ने तो लिख दिया कि लकड़ी का बैरियर सिर्फ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए ही लगा दिया गया। उसने लिखा कि भारत में जाति के आधार पर सम्मान मिलता है, भले ही राष्ट्रपति ही क्यों न हों।

जैसा कि ऑपइंडिया को मंदिर के सेक्रेटरी ने ही बताया, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव हों या धर्मेंद्र प्रधान, दोनों ही यात्रा के मुख्य अतिथि के रूप में गर्भगृह में गए थे। जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मामले में ऐसा नहीं था। उन्होंने बैठने के लिए कुर्सी तक ठुकरा दी थी और मंदिर के नियमों के हिसाब से पूजन-दर्शन का निर्णय लिया। मंदिर के सेक्रेटरी खुद कह रहे हैं कि नियम के बावजूद अगर वो कहतीं तो गर्भगृह में वो जा सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।

देश लौटते ही PM मोदी ने मणिपुर पर लिया अपडेट: एक्शन में सुरक्षा बल, 12 बंकर ध्वस्त; 135 दंगाई दबोचे

मणिपुर में शान्ति बहाली के प्रयासों में लगे सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में 12 बंकरों को ध्वस्त कर दिया है। ये बंकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बनाए गए थे। इन बंकरों से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में मणिपुर राज्य पुलिस बल के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल शामिल हैं। तलाशी के साथ उपद्रवियों की धरपकड़ का अभियान अभी जारी है। पुलिस ने हालात को तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण ने बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर के उन्हें अब तक के हालत से अवगत करवाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 25 जून, 2023 (रविवार) को मणिपुर पुलिस ने एक बयान जारी कर के अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि केंद्रीय बलों के साथ कर तलाशी अभियान पूर्वी इंफाल, तामेंगलॉन्ग, विष्णुपुर, कांगपोकरी, चूड़ाचंदपुर और ककचिंग जिलों में चलाया गया। इस दौरान पुलिस को पहाड़ों की घाटी और चोटी दोनों स्थानों पर दर्जन भर बंकर बने मिले। ये बंकर उपद्रवियों द्वारा बनाए गए थे जिन्हें नष्ट कर दिया गया है।

नष्ट करने से पहले इन बंकरों की तलाशी ली गई। इस तलाशी में 51 mm और 84 mm के 3-3 मोर्टार सेल पाए गए। ये हथियार साहूमफाई नामक गाँव में एक धान के खेत में बने बंकर में छिपाए गए थे। इसके अतिरिक्त कांगवाई गाँव के पास एक खेत में विस्फोटक IED बरामद हुई है। मोर्टार और IED को छापेमारी दस्ते के साथ चल रहे बम निरोध दस्ते ने फ़ौरन ही निष्क्रिय कर दिया। मणिपुर पुलिस ने कई जिलों में हालत सामान्य बताया है। हालाँकि कुछ जिलों में हालात तनावपूर्ण होना स्वीकार करते हुए पुलिस ने वहाँ स्थिति नियंत्रण में बताया।

पुलिस ने बताया कि अब तक कुल 135 उपद्रवियों की गिरफ्तारियाँ हुई हैं। ये उपद्रवी दुकानों-मकानों को लूटने, कर्फ्यू का उल्लंघन करने, चोरी करने और तनाव फैलाने जैसे मामलों में आरोपित हैं। हिंसा के बाद कुल 1100 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 13702 गोलियाँ और 250 बमों को भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस ने बताया कि तनावपूर्ण क्षेत्रों में तलाशी अभियान के साथ फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

किसी भी प्रकार की अफवाह फैलने पर उसकी पुष्टि के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसका नंबर 9233522822 है। पुलिस ने लोगों से शांति स्थापना में सहयोग करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने लिया हालात का अपडेट

एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी दौरे से लौट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर के हालात की जानकारी ली। सोमवार (26 जून) को उन्होंने इस मामले के तमाम अपडेट पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बुला कर पूरे मामले पर बातचीत की। रविवार (25 जून) को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने दिल्ली में अमित शाह से मिल कर उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया था। अमित शाह ने राज्य सरकार को हर सम्भव मदद कर भरोसा दिया था और उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के निर्देश दिए थे। इस बीच प्रदेश में इंटरनेट बैन को 30 जून तक बढ़ा दिया गया है।

बताते चलें कि 3 मई 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन (ATSU) की रैली के बाद मणिपुर में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा का कारण बहुसंख्यक मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का फैसला और सरकारी भूमि का सर्वेक्षण है। मैतेई को जनजाति का दर्जा देने का विरोध कुकी और नागा समुदाय कर रहे हैं। आजादी के बाद से कुकी और नागा समुदायों को आदिवासी का दर्जा मिला हुआ है। मैतेई बहुसंख्यक हैं और पड़ोसी देशों से हो रहे लगातार घुसपैठ को लेकर वे चिंतित हैं।

उनका कहना है कि म्यांमार और बांग्लादेश के अवैध प्रवासी पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर बस रहे हैं। इससे उनकी सांस्कृतिक पहचान को खतरा उत्पन्न हो गया है।

राहुल गाँधी के कार्यक्रम से जुड़े संगठन ने अमेरिका में कराया इस्लामी धर्मांतरण, एजुकेशनल टूर पर गए पाकिस्तानी क्रिकेटर बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान भी बने गवाह

अमेरिका के बाल्टीमोर शहर में इस्लामी धर्मांतरण का एक वीडियो वायरल है। काॅन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के अमेरिकी दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम से जुड़े इस्लामी संगठन का हाथ इसके पीछे है। धर्मांतरण के गवाह बने लोगों में पाकिस्तान के क्रिकेटर बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान भी शामिल थे। दोनों हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल होने के लिए अमेरिका गए थे।

यह धर्मांतरण इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA) कन्वेंशन 2023 कार्यक्रम में हुआ। इसका आयोजन 27-28 मई 2023 को किया गया था। पाकिस्तानी क्रिकेटरों की मौजूदगी में हुए धर्मांतरण का वीडियो मोहिब आसिफ नामक ब्लॉगर ने 28 मई को यूट्यूब पर अपलोड किया था। क्रिक डेन नामक यूट्यूब चैनल के शेयर करने के बाद यह वीडियो वायरल हो गया। 

इस कार्यक्रम के दौरान दोनों पाकिस्तानी आजम और रिजवान ने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित भी किया था। इसका वीडियो आईसीएनए के यूट्यूब चैनल पर यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है। गौरतलब है कि 4 जून 2023 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में राहुल गाँधी का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के आयोजकों में कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन आईसीएनए का भी हाथ था। दरअसल, कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म वायरल हुआ था। इस फॉर्म में कार्यक्रम के लिए मुस्लिमों से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई थी। यह विशेष रजिस्ट्रेशन फॉर्म राहुल गाँधी की अमेरिका यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था। लेकिन सोशल मीडिया समेत कुछ अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इसे शेयर किया गया था।

डिसइंफो लैब के अनुसार, आईसीएनए के लश्कर-ए-तैयबा और जमात-ए-इस्लामी जैसे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से संबंध हैं। ICNA ने कश्मीर को भारत से अलग करने के अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन सहित कई इस्लामिक आतंकियों का महिमामंडन किया है। आईसीएनए, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) से भी जुड़ा हुआ है। आईएएमसी के संस्थापक शेख उबैद और सदस्य अब्दुल मलिक मुजाहिद आईसीएनए के प्रमुख हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पीएम मोदी के स्टेट डिनर के खिलाफ पत्र लिखने वालों में भी IAMC का भी नाम शामिल था।