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‘दुनिया में शांति हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता’: अमेरिका दौरे पर PM मोदी, एलन मस्क समेत 24 दिग्गजों से होगी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राजकीय दौरे पर निकल गए हैं, जहाँ वो न सिर्फ राष्ट्रपति जो बायडेन, बल्कि 24 बड़ी हस्तियों से मुलाकात करेंगे। इनमें हाल ही में ट्विटर को खरीदने वाले दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क भी शामिल हैं। इस सूची में नोबेल विजेताओं से लेकर कलाकारों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक के नाम शामिल हैं। एलन मस्क ‘Tesla’ और ‘SpaceX’ जैसी बड़ी कंपनियों कंपनियों के मालिक हैं।

इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन लोगों से मिलेंगे, वो हैं – एलन मस्क, एस्ट्रोफिजिक्स के विशेषज्ञ नील देग्रासे टायसन, ग्रैमी अवॉर्ड जीतने वालों भारतीय-अमेरिकी गायिका फाल्गुनी शाह (फालू), पॉल रोमर, निकोलस नसीम तालिब, रे डेलियो, जेफ़ स्मिथ, माइकल फोरमैन, डेनियल रसेल, एल्ब्रिज कौलबी, डॉ पीटर एग्रे, डॉ स्टेफेन क्लासको और चन्द्रिका टंडन। चन्द्रिका ग्रैमी नॉमिनेटेड कलाकार हैं और साथ ही एक सफल कारोबारी भी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले 2015 में एलन मस्क से मिले थे, जब उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित टेस्ला फैक्ट्री का दौरा किया था। तब एलन मस्क ने ट्विटर को नहीं खरीदा था। अब ये मुलाकात ऐसे समय में होने वाली है, तब टेस्ला भारत में फैक्ट्री लगाने के लिए लोकेशन और जमीन भी खोज रही है। पीएम मोदी ने अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ)’ को इंटरव्यू भी दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि विश्व में शांति भारत की पहली प्राथमिकता है।

इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना हमारी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए हम मुद्दों को सुलझाते हैं, लेकिन हम अपनी अखंडता की रक्षा में भी सक्षम हैं। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान किए जाने की अपील करते हुए कहा कि विवादों को कूटनीति और बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए, युद्ध से नहीं। उन्होंने कहा कि हमें कुछ लोग न्यूट्रल कहते हैं, लेकिन हम शांति की तरफ हैं।

उन्होंने चीन से अच्छे संबंधों के लिए सीमा पर शांति को पहली ज़रूरत करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में दुनिया आज सबसे ज्यादा कनेक्टेड है। बकौल पीएम मोदी, सप्लाई चेन में विवधता आज बहुत आवश्यक है। उन्होंने WSJ से कहा कि भारत किसी देश को पीछे नहीं छोड़ रहा है, बल्कि अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। उन्होंने भारत के लिए और बड़े रोल की बात करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका के नेताओं का एक-दूसरे में बड़ा भरोसा है।

आउट करने पर गेंदबाज को पिच पर पटका, भाई के साथ मिलकर पीटा, फिर गला दबाकर मार डाला: 14 साल के सचिन की कानपुर में हत्या

उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्रिकेट मैच के दौरान एक लड़के की हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के अनुसार आउट होने पर बैट्समैन ने गेंदबाज को पिच पर ही पटक दिया। फिर भाई के साथ मिलकर उसे पीटा और गला दबाकर उसकी जान ले ली। मृतक 14 वर्षीय सचिन है। आरोपितों की पहचान हरगोविंद और बृजेश के तौर पर बताई गई है। मामला सोमवार (19 जून 2023) का है। हैं। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र का है। यहाँ के गाँव रहटी डेरा में सोमवार को कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इस दौरान सचिन नाम के गेंदबाज की बॉलिंग पर हरगोविंद नाम का बल्लेबाज क्लीन बोल्ड हो गया। बताया जाता है कि इससे हरगोविंद नाराज हो गया। अपने भाई बृजेश के साथ मिल कर सचिन को पहले पिच पर पटक-पटक कर मारा और बाद में उसका गला दबा दिया। सचिन को पिच पर बेसुध छोड़कर हरगोविंद और बृजेश भाग निकले।

सचिन के परिजनों को जैसे ही मामले की जानकारी हुई वे मैदान पर पहुँचे। सचिन के पिता मोहन सिंह के मुताबिक उन्हें फोन पर सचिन के बेहोश होने की सूचना दी गई थी। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से नाराज सचिन के परिजनों ने शव को अपने घर के बाहर रख दिया। उनका कहना था कि आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही वे शव को सौंपेंगे। पुलिस ने मृतक के परिजनों को समझाया-बुझाया। देर रात लगभग 10 बजे मृतक के परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सौंपा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार यह मैच 10 रुपए के लिए हो रहा था। कानपुर पुलिस के मुताबिक मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। आरोपित हरगोविंद और बृजेश को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गईं हैं।

‘भगवान नहीं हनुमान जी, हमने उन्हें बना दिया’: मनोज मुंतशिर के बयान से नया विवाद, चौथे दिन ही ₹20 करोड़ पर लुढ़की आदिपुरुष

फिल्म ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर ने दावा किया है कि हनुमान जी भगवान नहीं थे। उन्होंने कहा कि हनुमान जी भगवान नहीं, बल्कि भक्त थे। उन्होंने कहा कि बजरंग बली श्रीराम की तरह बात नहीं करते हैं और हमने उन्हें भगवान बनाया है। मनोज मुंतशिर ने कहा कि जब रावण ने पूछा कि उन्होंने अशोक वाटिका में विध्वंस क्यों मचाया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें भूख लगी थी। बकौल मनोज मुंतशिर, ये अपनी-अपनी चॉइस है कि कैसे दिखाएँ।

कई अन्य डायलॉग्स के बारे में पूछने पर मनोज मुंतशिर ने कहा कि उनकी फिल्म रामायण से प्रेरित है, रामायण नहीं है। उन्होंने श्रीराम के अन्य डायलॉग्स के बारे में बताते हुए कहा कि इन सबकी बात नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि हनुमान जी दार्शनिक बातें नहीं करते थे। लोगों ने मनोज मुंतशिर को सलाह दी है कि वो इंटरव्यू देने बंद कर दें, क्योंकि वो गलती मानने की बजाए हुए गलती पर गलती किए जा रहे हैं, कुछ भी बोले जा रहे हैं।

उधर अब सामने आया है कि सोमवार (19 जून, 2023) को वीकेंड खत्म होते ही बॉक्स ऑफिस पर ‘आदिपुरुष’ ढह गई। फिल्म समीक्षक तरन आदर्श ने भी बताया है कि ‘नेगेटिव वर्ड ऑफ माउथ’ के कारण ये फिल्म नहीं चल रही है। खासकर के फिल्म का हिंदी वर्जन पूरी तरह धड़ाम हो गया है। पहले 3 दिन में फिल्म का वीकेंड की छुट्टियों, प्रभास के स्टार पॉवर और रामायण के प्रति लोगों की श्रद्धा के कारण फिल्म ने 340 करोड़ रुपए कमाए थे।

चौथे दिन फिल्म दुनिया भर में 30 करोड़ रुपए कमाने के लिए भी तरस गई। उधर कॉन्ग्रेस पार्टी ने स सवाल उठाया है कि क्या ‘आदिपुरुष’ देखते और इसे पास करते समय सेंसर बोर्ड सो रहा था? उधर इंस्टाग्राम पर फिल्म की अभिनेत्री कृति सेनन ने एक पोस्ट शेयर कर के लिखा है कि वो तालियों और प्रशंसा पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, उन्होंने इशारों में कहा कि विवाद पर उनका ध्यान नहीं है। विरोध प्रदर्शनों के बाद मनोज मुंतशिर को मुंबई पुलिस ने सुरक्षा भी दे दी है।

आम पर छिड़क दिया जहर, फिर लाशों को कैरेट में भर डाल दिए पत्ते: उत्तराखंड में बंदरों की हत्या, साथियों के साथ जान मोहम्मद गिरफ्तार

उत्तराखंड के काशीपुर में बंदरों की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बाग के आम बचाने के लिए बंदरों को जहर देकर मारा गया था। इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम हैं- जान मोहम्मद, इनामुद्दीन, छोटे खां, इमरान, अफजाल, अनवार, इकरार, नदीम और मुबारिक। 8 बंदरों के शव रविवार (18 जून 2023) को बगीचे में गई महिलाओं को मिले थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना काशीपुर के ITI थाना क्षेत्र की है। यहाँ दिल्ली के संदीप शर्मा का आम का एक बाग़ है। 2 साल पहले इस बाग़ की लीज संदीप ने बरेली जिले के जान मोहम्मद को दी थी। जान मोहम्मद फिलहाल काशीपुर के जैतपुरा फार्म में रहता है। उसने अपने साथ इस बाग के कामकाज के लिए इनामुद्दीन, छोटे खां, इमरान, अफ़ज़ाल, अनवार, इकरार, नदीम और मुबारिक को भी रखा था।

DSP वंदना शर्मा के मुताबिक आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि बाग को लीज पर लेने के बाद उन्हें धंधे में घाटा हो रहा था। इसकी वजह बंदरों द्वारा आम के बाग में किया जाने वाला उत्पात था। आखिरकार बंदरों से छुटकारा पाने के लिए आरोपितों ने आम पर जहरीली दवाओं का छिड़काव कर दिया। इसके कारण 8 बंदरों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपितों ने गड्ढा खोद आम के कैरेट में शव रख उसे पत्तों से ढक दिया।

बताया जा रहा है कि रविवार को जब बाग में कुछ महिलाएँ घास काटने आईं तो उन्हें बंदरों के शव एक जगह पड़े मिले। कुछ ही देर में इसकी जानकारी आसपास के लोगों को हुई और वे मौके पर जमा हो गए। लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर बंदरों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच केस दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पूछताछ के लिए बाग के ठेकेदार सहित उसके अन्य साथियों को बुलाया गया तो सारा राज खुल गया।

पुलिस को आम के बाग में जहरीली दवाओं की बोतलें भी पड़ी मिली हैं जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस के आगे बंदरों को जहर देने की बात कबूल की है। पुलिस ने सभी 9 आरोपितों का वन्य जीव क्रूरता अधिनियम वन्य जीव संरक्षण अधिनियम और IPC की धारा 295- A में चालान कर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि बाग के मालिक संदीप शर्मा का भी पुलिस एक्ट में चालान किया जाएगा।

माँस खिलाया, रेप किया, इस्लाम कबूलने का डाला दबाव: दलित महिला को पति के ‘दोस्त’ अमजद खान ने घर से अगवा किया, बंधक बना कई दिनों तक दरिंदगी

मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक शादीशुदा दलित महिला को अगवा कर उससे रेप करने और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डालने का मामला सामने आया है। आरोपित अमजद खान फरार है। अमजद की पीड़ित महिला के पति से दोस्ती थी। कथित तौर पर इसका फायदा उठाकर उसने महिला को उसके घर से ही अगवा कर लिया। फिर भोपाल में बंधक बनाकर उसके साथ कई दिनों तक रेप किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला जबलपुर के थाना क्षेत्र कैंट का है। 40 वर्षीय पीड़िता दो बच्चों की माँ है। 19 जून 2023 (सोमवार) को उसने अमजद खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। थाने में उसके साथ पति और हिंदू धर्म सेना नाम के संगठन के सदस्य भी थे। शिकायत के मुताबिक महिला का पति मजदूरी करता है। उसकी अमजद से दोस्ती थी जिसके कारण वह उसके घर आता-जाता रहता था।

आरोप है कि अमजद ने 2 जून 2023 को महिला को उसके घर से चाकू की नोक पर अगवा कर लिया। महिला को अपहरण कर वह भोपाल ले गया और वहाँ उसके साथ कई दिनों तक रेप किया। इस दौरान अमजद ने पीड़िता को जबरन माँस खिलाया। धर्म बदलने का दबाव बनाया। इस बीच महिला के पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराते हुए अमजद द्वारा अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने 8 जून 2023 को महिला को भोपाल से बरामद कर लिया। लेकिन इस दौरान अमजद पकड़ में नहीं आया।

इसके बाद सोमवार को अमजद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए महिला ने अपने साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया है। कैंट थाने के एसएचओ आरके सोनी ने मीडिया को बताया है कि बरामदगी के दौरान पीड़िता ने अमजद पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया ने इस मामले में हिन्दू धर्म सेना के प्रमुख योगेश अग्रवाल से बात की। योगेश ने बताया कि बरामदगी के बाद महिला अमजद के दिखाए खौफ और लोकलाज से चुप रही। बाद में उसने अपने पति को आपबीती बताई। इसके बाद उसने शिकायत दर्ज करवाने का फैसला किया।

योगेश अग्रवाल का आरोप है कि 50 वर्षीय अमजद इससे पहले भी हिंदू महिला के साथ रेप कर चुका है। वह आपराधिक छवि का है। उस पर पहले से ही कई केस दर्ज हैं। योगेश ने बताया कि अमजद की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 2 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।

बालासोर रेल हादसा: सिग्नल JE आमिर खान के लापता होने की रिपोर्टों को CPRO ने नकारा, CBI के पूछताछ करने और घर सील करने का किया गया था दावा

दक्षिण-पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने सिग्नल जूनियर इंजीनियर के लापता होने की खबरों का खंडन किया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि ओडिशा के बालासोर रेल हादसे (Odisha Train Tragedy) की जाँच कर रही सीबीआई (CBI) ने सेक्शन सिग्नल जूनियर इंजीनियर आमिर खान का घर सील कर दिया है। दावा किया गया था कि वे बालासोर के सोरो में किराए के घर में रहते थे। लेकिन सीबीआई पूछताछ के बाद से परिवार के साथ गायब हैं।

सीपीआरओ चौधरी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि बहानागा स्टेशन के कर्मचारी के लापता होने के लेकर मीडिया में कुछ रिपोर्टें आई हैं। यह गलत है। सभी कर्मचारी मौजूद हैं और जाँच के दायरे में हैं। मीडिया रिपोर्टों में लापता होने वाले ​सेक्शन सिग्नल जेई (Signal JE) का नाम आमिर खान (Amir Khan) बताया गया था। कहा गया था कि उनसे सीबीआई ने किसी अज्ञात जगह पर पूछताछ की थी। लेकिन अब वह अपने घर से गायब हैं। इसके बाद सोमवार (19 जून 2023) को जाँच एजेंसी ने किराए का उसका घर सील कर दिया।

बालासोर के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास 2 जून 2023 को हुए भीषण रेल हादसे में 292 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जाँच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (Railway Electronic Interlocking) में बदलाव के कारण यह दुर्घटना होने की बात सामने आई थी। 6 जून को मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी गई थी। रिपोर्टों में बताया गया था कि जाँच टीम 16 जून को बालासोर से लौट गई थी। लेकिन सोमवार को अचानक से जाँच टीम वापस आई और सिग्नल जेई को परिवार सहित गायब पाने के बाद उसके घर को सील कर दिया। सिग्नल उपकरण, ट्रैक सर्किट, प्वाइंट मशीन और इंटरलॉकिंग सिस्टम की स्थापना, रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी सहित सिग्नल जेई की होती है। मोटे शब्दों में कहें तो ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में इसकी काफी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

क्या हुआ था बालासोर में?

ओडिशा रेल दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस (Coromandel Express Train) मेन लाइन से लूप लाइन पर चली गई थी। यह ट्रेन बाहानगा बाजार स्टेशन से थोड़ा सा पहले लूप लाइन (Loop Line) पर चली गई थी, जहाँ पहले से ही एक मालगाड़ी खड़ी थी। इसी मालगाड़ी से कोरोमंडल एक्सप्रेस टकरा गई थी। इस टक्कर के बाद ट्रेन के कुछ डिब्बे दूसरी लाइन पर जा गरे।

जिस मेन डाउन लाइन पर डिब्बे गिरे, उस पर बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट जा रही थी, जिसकी टक्कर इन डिब्बों से हो गई और यह बड़ा हादसा हो गया। इसमें सिग्नल मेन लाइन पर सेट किया जाना था, लेकिन सेट कर दिया गया लूप लाइन पर। यही जाँच की कोशिश की जा रही है कि जानबूझकर किसी ने ऐसा किया या फिर किसी अन्य कारणों से यह हुआ। यदि ऐसा हुआ तो वो कौन से कारण थे।

नोट: सीपीआरओ का बयान आने के बाद इस रिपोर्ट को अपडेट किया गया है

पेड़ की टहनियों के बीच मिली पोलैंड के महिला की नंगी लाश, बांग्लादेशी गिरफ्तार: पाकिस्तानी प्रवासियों की भी मिलीभगत की आशंका

यूरोपीय देश ग्रीस के कोस द्वीप में एक लड़की का नग्न अवस्था शव में मिलने का मामला सामने आया। मृतक लड़की की पहचान अनास्ताजा रुबिनस्का के रूप में हुई। वह मूल रूप से पोलैंड की रहने वाली है। इस मामले में पुलिस ने एक बांग्लादेशी युवक को हिरासत में लिया है। अनास्ताजा को आखिरी बार पाकिस्तान और बांग्लादेश के 4 युवकों के साथ देखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनास्ताजा रुबिनस्का 12 जून 2023 को ग्रीस के कोस द्वीप में आयोजित एक पार्टी में गई थी। इसके बाद वहाँ से उसने अपने बॉयफ्रेंड को फोन किया था। फोन पर अनास्ताजा ने अपने बॉयफ्रेंड को बताया था कि उसने बहुत अधिक शराब पी ली है और नशे में है। यही नहीं, उसने बॉयफ्रेंड से यह भी कहा था कि वह उससे मिलने आ रही है। इसके लिए उसे एक बाइक से लिफ्ट मिल गई है।

हालाँकि काफी देर हो जाने के बाद भी अनास्ताजा बॉयफ्रेंड के पास नहीं पहुँची। ऐसे में उसके बॉयफ्रेंड ने उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी। मामले की जाँच कर रही पुलिस को अनास्ताजा के फोन की आखिरी लोकेशन के आधार पर एक जगह का पता चला। इस जगह पर अनास्ताजा रुक चुकी थी।  

इसके बाद पुलिस ने उस जगह से एक बांग्लादेशी युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बांगलादेशी युवक के घर से दो चाकू, अनास्ताजा का स्वेटर और उसके लापता होने के बाद इटली जाने के लिए खरीदा गया फ्लाइट का एक टिकट बरामद किया है। यही नहीं, बांग्लादेशी युवक के घर से मिले DNA का भी मृतक लड़की से मिलान हो गया है।

पेड़ के नीचे नग्न मिला शव

अनास्ताजा रुबिनस्का का शव रविवार (18 जून, 2023) को एक पेड़ के नीचे पत्तियों और पेड़ की टहनियों से ढका हुआ मिला। रुबिनस्का के शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं था। पुलिस ने जिस संदिग्ध बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया है, उसके घर से शव मिलने की जगह महज 1 किलोमीटर दूर है। वहीं, अनास्ताजा का मोबाइल बांग्लादेशी युवक के घर से महज 500 की दूरी पर मिला।

शव मिलने के बाद बांग्लादेशी युवक ने कथित तौर पर पुलिस से कहा है कि उसने अनास्ताजा के साथ घर पर सेक्स किया था। इसके बाद उसे एक जगह पर छोड़ दिया। वहाँ से उसे उसका साथी ले गया। हालाँकि सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उसके दावे फर्जी साबित हुए। 

पाकिस्तानी और बांगलादेशी युवकों के साथ दिखी थी अनास्ताजा

लापता होने से पहले अनास्ताजा आखिरी बार एक रेस्टोरेंट के सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई थी। इसके बाद उसे आखिरी बार एक मिनी मार्केट में देखा गया था। मिनी मार्केट में वह नशे में धुत थी। इस दौरान वह 4 पाकिस्तानी और बांग्लादेशी युवकों के साथ थी। इसके बाद वह उनमें से एक व्यक्ति की बाइक पर बैठकर चली गई थी। अनास्ताजा की हत्या में बांगलादेशी युवक के अलावा पाकिस्तानी युवकों पर संदेह की सुई मंडरा रही है।

साढ़े 8 करोड़ रुपए लूटने वाली हसीना, जिसे ₹10 की फ्रूटी FREE लेने के लालच ने पहुँचा दिया जेल…

लालच के चक्कर में पड़कर बड़े से बड़ा शातिर भी मुसीबत में फँस जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ ‘डाकू हसीना’ के साथ। दरअसल, साढ़े 8 करोड़ रुपए की लूट की मास्टरमाइंड मनदीप कौर उर्फ मोना महज 10 रुपए की फ्रूटी की लालच में आकर पुलिस के हत्थे चढ़ गई। ‘डाकू हसीना’ को फँसाने के लिए पुलिस ने फ्री में फ्रूटी का लंगर लगाया था।

दरअसल, इसी महीने 10 जून को पंजाब के लुधियाना में 8 करोड़ 49 लाख रुपए की भारी भरकम लूट हुई थी। इस मामले में पुलिस 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। लेकिन, लूट की मास्टरमाइंड मनदीप कौर उर्फ मोना उर्फ ‘डाकू हसीना’ और उसका पति पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। लेकिन, इनका सुराग नहीं मिल पा रहा था।

इसी बीच पुलिस को काउंटर इंटेलिजेंस की मदद से यह पता चला कि मनदीप कौर अपने पति जसविंदर के साथ उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने जा रही है। फिर क्या था पुलिस एक्टिव हुई और दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें हेमकुंड साहिब भेज दी गई। इसी दौरान पुलिस को यह पता चला कि ‘डाकू हसीना’ ने स्काई ब्लू और पिंक रंग के मोटे तले वाले जूते पहन रखे हैं। लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि हजारों कि भीड़ में इन दोनों को पकड़ा कैसे जाए? 

ऐसे में पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया और हेमकुंड साहिब के रास्ते पर फ्रूटी और बिस्किट का लंगर लगा दिया। यह सब बाँटने के लिए सादे वेश में पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया था। चूँकि फ्रूटी और बिस्किट फ्री थी, इसलिए लोग लंगर में आकर इसे ले रहे थे। पुलिस के इस जाल से अनजान मनदीप कौन उर्फ़ डाकू हसीना भी फ्री की लालच में पड़कर पुलिस के लंगर में पहुँच गई। इस दौरान उसका पति भी उसके साथ ही था।

हालाँकि, पहले दोनों ने ही मुँह बाँध रखे थे। लेकिन फ्रूटी पीने के लिए जैसे ही मुँह खोला पुलिसकर्मियों ने उसे पहचान लिया। हालाँकि, इसके बाद भी पुष्टि करने के लिए उसकी फोटो खींच ली गई। फ्रूटी पीने के बाद पुलिस ने दोनों को वहाँ से जाने दिया और दोनों हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। इस दौरान पुलिस ने ‘डाकू हसीना’ और उसके पति की पहचान पुख्ता कर ली। दोनों के मत्था टेकने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि मनदीप कौन उर्फ मोना उर्फ ‘डाकू हसीना’ अमीर बनकर विदेश जाना चाहती थी। इसलिए उसने यह लूट की। इस लूट की कामयाबी के लिए उसने मन्नत भी माँगी थी। उसकी मन्नत थी कि अगर लूट कामयाब हुई तो वह उत्तराखंड के धर्म स्थलों के दर्शन करेगी। लूट पूरी होने के बाद ही वह हेमकुण्ड साहिब गई थी। यहाँ से उसका नेपाल भागने का प्लान था। लेकिन 10 रुपए की फ्रूटी ने उसके प्लान पर पानी फेर दिया।

इस गिरफ्तारी के बाद लुधियाना के पुलिस आयुक्त मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा है कि मनदीप कौर के दोपहिया वाहन से पुलिस ने 12 लाख रुपए और उसके पति जसविंदर सिंह के बरनाला स्थित घर से 9 नौ लाख रुपए बरामद किए हैं।

क्या है मामला

दरअसल, 10 जून 2023 को डाकू हसीना और उसके अन्य साथियों ने लुधियाना के न्यू राजगुरु नगर इलाके में स्थित सीएमएस सिक्योरिटीज कंपनी के ऑफिस में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। यह कंपनी एटीएम में नकदी का मैनजेमेंट करती है। ऐसे में ऑफिस में करोड़ों की नकदी होती थी। इस पूरी वारदात में कंपनी का ड्राइवर मनजिंदर सिंह उर्फ मन्नी भी शामिल था। मनदीप कौर और उसके साथियों ने 10 जून की रात कंपनी के ऑफिस में घुसकर 5 कर्मचारियों को बंदी बनाकर 8.49 करोड़ रुपए की लूट की थी।

इस दौरान आरोपित कैश के साथ ही ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे। 

₹2000 के नोटों की वापसी से भारतीय अर्थव्यवस्था की बल्ले-बल्ले, GDP विकास भी बढ़ेगा: SBI की रिसर्च में सामने आया – खर्च से बढ़ी बाजारों में रौनक

2000 रुपए के नोटों का सर्कुलेशन बंद होना और इसके वापस लिए जाने के फैसले का भारतीय अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)’ के रिसर्च में ये बात सामने आई है। SBI ग्रुप के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने इस रिसर्च को प्रकाशित किया है। संस्था का मानना है कि इससे बैंक डिपॉजिट बढ़ेंगे और लोन के रिपेमेंट भी तेजी से होंगे। साथ ही सामने आया है कि कंजम्प्शन में भी तेजी आएगी।

SBI की रिसर्च में ये भी सामने आया है कि ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)’ की डिजिटल करेंसी को भी इस फैसले से मजबूती मिलेगी। इन सबसे बड़ी बात ये है कि भारत के GDP विकास में भी इस फैसले का योगदान होगा। इसे एक सही समय पर किया गया स्ट्राइक करार देते हुए SBI ने कहा है कि बैंकिंग सिस्टम डिपॉजिट की समस्या से जूझ रहा था लेकिन सही समय पर इस फैसले ने ‘Sustainability’ को मजबूत किया है।

SBI का मानना है कि इस मामले में युद्ध जैसी समस्या पैदा हो गई थी। इससे बैंक के पास बड़ी संख्या में कैश जमा होगा, जिससे अन्य सेक्टरों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। बता दें कि बैंकों के लिए C/D अनुपात (कैश-डिपॉजिट रेश्यो) को नियंत्रण में रखना एक बड़ी चुनौती होती है। इससे ‘कंजम्प्शन डिमांड’ में भी 55000 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी। कंजम्प्शन इसीलिए बढ़ेगा, क्योंकि ये नोटेबंदी नहीं है और 2000 के नोट एक समयसीमा तक इस्तेमाल किए जाते रहेंगे।

उम्मीद जताई जा रही है कि लोग सोना से लेकर अन्य प्रकार के निवेश में ज़्यादा रुपए खर्च करेंगे। साथ ही एसी-फ्रिज वगैरह खरीदने में बही खर्च करेंगे, जिससे बाजार की रौनक बढ़ेगी। पेट्रोल पम्पों पर 2000 के नोट बड़ी संख्या में आ रहे हैं। लोग ऑनलाइन सामान मँगा रहे हैं। मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं को दान बढ़ेंगे। अब तक 1.8 लाख करोड़ रुपए बैंकों में वापस आ चुके हैं। फ़ूड डिलीवरी के मामले में 75% लोग ‘कैश ऑन डिलीवरी (COD)’ से ऑर्डर कर रहे हैं।

‘मणिपुर में ईसाइयों को किया जा रहा है प्रताड़ित’: कॉन्ग्रेस-AAP वाले शेयर कर रहे म्यांमार का वीडियो, जानें क्या है सच्चाई

कॉन्ग्रेसी लंबे समय से आग में घी डालने का काम करते आ रहे हैं। मणिपुर में हो रही हिंसा भड़काने के लिए कॉन्ग्रेस समर्थकों ने अफवाह फैलाने की कोशिश की है। इसमें उन्हें AAP का भी भरपूर सहयोग मिलता दिखाई दिया। दरअसल, कॉन्ग्रेस और ‘आप’ समर्थकों ने म्यांमार के एक वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया है कि मणिपुर में ईसाइयों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

अफवाह फैलाते हुए कॉन्ग्रेस समर्थक मनीष कुमार ने सोमवार (19 जून, 2023) को ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उसने लिखा, ”मणिपुर मोदी और शाह के नियंत्रण से बाहर हो गया है। ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सशस्त्र नागरिक एक कुक्की ईसाई युवा लड़की को यातना दे रहे हैं और अंत में गोली मार कर उसकी हत्या कर रहे हैं। मणिपुर जल रहा है और मोदी खामोश हैं।” हालाँकि मनीष ने अब यह ट्वीट को डिलीट कर दिया है। इस ट्वीट का आर्काइव वर्जन यहाँ देखा जा सकता है।

(फोटो साभार: @manishkumarttp का ट्विटर अकाउंट)

आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने भी इस वीडियो को कॉन्ग्रेस समर्थकों द्वारा शेयर किए गए टेक्स्ट के साथ शेयर किया। राजस्थान आम आदमी पार्टी के जॉइंट सेकेट्री कैलाश मीणा थानागाजी ने इस वीडियो को शेयर किया है। खबर लिखे जाने तक कैलाश मीणा ने इस फेक वीडियो को डिलीट नहीं किया है। डिलीट होने की स्थिति में इसका आर्काइव वर्जन यहाँ देख सकते हैं।

(फोटो साभार: @kailashmina001 का ट्विटर अकाउंट)

ट्विटर यूजर @BefittingFacts ने इस वायरल वीडियो को फर्जी बताया। उन्होंने ट्वीट में लिखा, “यह म्यांमार का एक पुराना वीडियो है। चूँकि आप कॉन्ग्रेसी हैं, इसलिए आपको बता दूँ कि म्यांमार भारत में नहीं है।”

कॉन्ग्रेस और आप समर्थकों द्वारा किए जा रहे दावों की ऑपइंडिया ने जाँच की। इस जाँच में हमने पाया कि यह वीडियो दिसंबर 2022 का है। ‘Mizzima – News in Burmese’ ने 5 दिसंबर, 2022 को इस वीडियो पर एक रिपोर्ट शेयर की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना 3 दिसंबर की शाम को हुई थी। सेना ही तरह वर्दी पहने पुरुषों और महिलाओं के एक समूह को हथकड़ी लगी एक युवती के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है।

इस खुलासे के बाद, ट्विटर पर लोग मनीष के द्वारा शेयर किए वीडियो को फर्जी बताते हुए स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे थे। मनीष ने अंकुर सिंह नामक यूजर को  कोट् करते हुए लिखा, “सर, मेरी तस्वीर का दुरुपयोग न करें। मैंने गलत वीडियो ट्वीट किया और उसे डिलीट कर दिया। अब आप मेरी प्राइवेसी में दखल दे रहे हैं। आईटी एक्ट के तहत आप पर केस होगा। आपको मेरी प्रोफ़ाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए था।” हालाँकि मनीष ने अब यह ट्वीट भी डिलीट कर दिया है।

कॉन्ग्रेस समर्थक मनीष कुमार ने अपने द्वारा शेयर किए गए फर्जी वीडियो को तो डिलीट कर दिया। लेकिन इस वीडियो से जुड़े रीट्वीट को उन्होंने अब तक नहीं हटाया है।

(फोटो साभार: @manishkumarttp का ट्विटर अकाउंट)

गौरतलब है कि वामपंथी और लिबरल गिरोह मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हो रही हिंसा में हिंदुओं को दोषी और ईसाइयों को पीड़ित बताने का एजेंडा चला रहे हैं। इस एजेंडे के चलते ही कॉन्ग्रेस और AAP समर्थकों ने फर्जी वीडियो शेयर किया था।

उदाहरण के लिए देखें तो वामपंथी कविता कृष्णन ने ‘द हिंदू’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए दावा किया, “मेइती महिलाओं ने रास्ता बंद कर दिया ताकि भीड़ बिना किसी रुकावट के कुकी का नरसंहार कर सके। “भले ही प्रभावित ग्रामीण संकट की स्थिति में फोन करते हैं। लेकि सुरक्षा बल पहुँचने में असमर्थ हैं। हिंसक पुरुषों के विपरीत शांति और प्रेम चाहने वाली महिलाओं के बारे में यह कहावत कभी भी सच नहीं हो सकती।

एक अन्य ट्वीट में कविता कृष्णन ने कहा कि इस रिपोर्ट को “मेन लैंड मीडिया” द्वारा गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया है। बल्कि यह एक ग्राउंड रिपोर्ट है। इसमें यह भी बताया गया था कि कुकी “राज्य में आने वाली आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालने के लिए सड़कों को जाम कर रहे थे।” हालाँकि उन्होंने कुकी को एक तरह से क्लीन चिट देते हुए कहा, “लेकिन एक जाति के नरसंहार के लिए रास्ते को बंद करने की तुलना किसी भी तरह से चक्का जाम से नहीं की जा सकती।”