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12वीं बार विदेशी संसद को संबोधित करेंगे PM मोदी, नेहरू-इंदिरा सब हैं पीछे: अमेरिकी संसद को 2 बार संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (20 जून, 2023) को अमेरिका की राजकीय यात्रा पर रवाना हुए। वह 21-24 तक अमेरिका में रहेंगे। इस यात्रा में वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समेत कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए 22 जून को दूसरी बार अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे। PM मोदी से पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने अमेरिकी संसद को 2 बार संबोधित नहीं किया है।

पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और प्रथम महिला जिल बायडेन के आमंत्रण पर अमेरिका की यात्रा पर निकले हैं। यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है। बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 9 वर्ष के कार्यकाल में 11 देशों की संसद को संबोधित किया है। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले भूटान की संसद को संबोधित किया था। इसके बाद उसी साल नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और फिजी की संसद में भी प्रधानमंत्री ने भाषण दिया था।

वहीं, साल 2015 में PM मोदी ने श्रीलंका, मंगोलिया, ब्रिटेन और अफगानिस्तान की संसद को संबोधित किया था। इसके बाद साल 2016 में प्रधानमंत्री ने अमेरिकी संसद में संबोधन दिया था। वहीं, साल 2018 में युगांडा और फिर साल 2019 में मालदीव की संसद को संबोधित किया था। अब आगामी 22 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे।

नेहरू, इंदिरा, मनमोहन से कहीं आगे PM मोदी

भारत के कई प्रधानमंत्री विदेशी संसद को संबोधित कर चुके हैं। हालाँकि, इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी कहीं आगे हैं। वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी 12वीं बार विदेशी संसद को संबोधित करेंगे। इस मामले में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का नंबर दूसरे स्थान पर हैं। मनमोहन सिंह ने 7 बार विदेशी संसद को संबोधित किया था।

इसके अलावा, इंदिरा गाँधी तीसरे नंबर हैं, उन्होंने 4 बार विदेशी संसद को संबोधित किया था। इसके बाद जवाहर लाल नेहरू का नाम आता है। जिन्होंने 3 बार विदेशी संसद में भाषण दिया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राजीव गाँधी ने 2-2 बार विदेशी संसद में उद्बोधन दिया था। इसके अलावा, मोरारजी देसाई और वीपी सिंह ने बतौर प्रधानमंत्री 1-1 बार विदेशी संसद को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी की पहली राजकीय यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 9 सालों के कार्यकाल में 7 बार अमेरिका जा चुके हैं। यह उनकी 8वीं यात्रा होगी। दोनों देशों के संबंधों को लेकर यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन इस यात्रा की खासबात यह है कि यह यात्रा PM मोदी की पहली राजकीय यात्रा है। ऐसे में दुनियाभर की नजर पीएम मोदी की इस यात्रा पर होगी। राजकीय यात्रा का मतलब यह है कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के आधिकारिक निमंत्रण पर अमेरिका की यात्रा पर जाएँगे।

अमेरिका की राजकीय यात्रा कई मायनों में बहुत खास होती है। प्रसिद्ध अमेरिकी इतिहासकार और डेविड एम रुबेनस्टीन नेशनल सेंटर फॉर व्हाइट हाउस हिस्ट्री के उपाध्यक्ष और अंतरिम निदेशक मैथ्यू कॉस्टेलो ने कहा है कि किसी भी राजकीय यात्रा को लेकर व्हाइट हाउस (अमेरिका का राष्ट्रपति भवन) 6 महीने पहले ही तैयारियाँ शुरू कर देता है।

बता दें कि अमेरिका में किसी भी राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 सालों का होता है। इसमें वह सिर्फ एक बार ही किसी भी नेता को राजकीय यात्रा के लिए निमंत्रण दे सकता है। जो बायडेन ने यह सम्मान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। इस दौरे पर बायडेन और मोदी के बीच उपहारों का आदान-प्रदान होगा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को 21 तोपों की सलामी भी दी जा सकती है।

हज के दौरान BJP-RSS की बर्बादी की दुआ… BJP के मुस्लिम नेता ने की नागरिकता रद्द करने की माँग तो बिफरे कट्टरपंथी, कहा – अपने ही भाइयों को बदनाम कर रहा है

उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मोहसिन राजा ने मंगलवार (20 जून 2023) को एक वीडियो ट्विट किया है। 53 सेकेंड के इस वीडियो में मुस्लिमों का एक जमावड़ा अरबी भाषा में कुछ बोलता दिखाई दे रहा है। एक व्यक्ति द्वारा कहे गए शब्द को कई लोग दोहरा रहे हैं। इसी में RSS का भी जिक्र किया जा रहा है। वीडियो को हज से संबंधित बताते हुए मोहसिन राजा ने दिख रहे लोगों को देश विरोधी ताकतों के हाथों के खिलौने कहा है।

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री रहे मोहसिन रजा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “हज जैसी पवित्र यात्रा और काबा जैसे मुक़द्दस स्थान पर भी देश विरोधी विदेशी ताकतों के हाथ के खिलौने ये चंद लोग जिन्होंने अपनी नकारात्मकता वाली सोच का प्रदर्शन किया है। ये लोग देश की भाजपा सरकार और आरएसएस के नाश की बद्दुआ कर रहे हैं।” मोहसिन रजा ने वीडियो में दिख रहे लोगों और उनसे ऐसा करवा रहे संदिग्धों की जाँच करवा कर देशद्रोह के तहत केस दर्ज करने की माँग की है।

नरेंद्र मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा सहित कई अन्य लोगों को अपने ट्विटर पर टैग करते हुए मोहसिन रज़ा ने वीडियो में दिख रहे लोगों की नागरिकता भी रद्द करने की अपील की है। वीडियो में आसमानी रंग के कपड़ों में महिलाएँ आगे खड़ी दिख रहीं हैं। उनके पीछे सफेद रंग के कपड़ों में कई पुरुष दिख रहे हैं। हालाँकि, लोगों से अपनी लाइनों को बुलवाता शख्स पूरे वीडियो में कहीं भी नहीं दिखाई दिया। कथित तौर पर बर्बादी की माँग वाले इस वीडियो की शुरुआत ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’ शब्द से की गई है।

कट्टरपंथी दे रहे हैं गालियाँ

मोहसिन रजा के इस ट्वीट पर कुछ कट्टरपंथी उन पर नाराजगी दिखा रहे हैं तो कुछ उनका मजाक उड़ा रहे हैं। सामी खान ने लिखा, “अमूल बटर खाता है इंडिया तो अब्दुर रब खान ने इसे चाटुकारिता बताया है। एक अन्य यूजर फखरुद्दीन ने रज़ा के इस ट्वीट पर लिखा, “डूब के मर जा भ%वे भाईयों को बदनाम कर रहा है।”

चित्र साभार- @Mohsinrazabjpup

हालाँकि इसी ट्वीट पर कई लोग इस बद्दुआ पर नाराजगी भी जता रहे हैं। अमल अवस्थी के मुताबिक, दूसरों को दी गई बद्दुआ खुद पर लौट कर आती थी। वहीँ जितेंद्र तिवारी ने लिखा, ‘संघ इतना मजबूत हुआ कि इन्हे अल्लाह के दरबार में जा कर दुआ माँगनी पड़ी।”

इंफोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने IIT बॉम्बे को दान किए ₹315 करोड़, पहले भी दे चुके हैं ₹85 करोड़: बोले डायरेक्टर – संस्थान के विकास को मिलेगी गति

आईटी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani) ने आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) को 315 करोड़ रुपए की राशि दान में दी है। उन्होंने यह दान IIT बॉम्बे से अपने जुड़ाव के 50 वर्ष पूरे होने पर किया है। इस दान का उद्देश्य इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में रिसर्च को आगे बढ़ाना है। नीलेकणी ने इससे पहले भी IIT बॉम्बे को 85 करोड़ रुपए दान में दिए थे।

इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने ट्वीट कर इस दान के बारे में जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने कहा है, “IIT बॉम्बे मेरे जीवन की आधारशिला रहा है। इस संस्थान ने शुरुआती सालों में मुझे आगे बढ़ने और मेरी यात्रा की नींव रखी। मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान के साथ अपने जुड़ाव के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा हूँ। मैं आगे बढ़ने और इसके भविष्य में योगदान देने के लिए आभारी हूँ। यह दान किसी भी आर्थिक योगदान से कहीं अधिक है। यह एक ऐसे संस्थान के लिए एक आभार है जिसने मुझे बहुत कुछ दिया है। साथ ही यह उन छात्रों के प्रति प्रतिबद्धता है जो कल हमारी दुनिया को आगे बढ़ाएँगे।”

वहीं, इस दान को लेकर IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर सुभासीस चौधरी ने कहा है, “हम अपने पूर्व छात्र नंदन नीलेकणि के इस योगदान से काफी खुश हैं। यह ऐतिहासिक दान आईआईटी बॉम्बे के विकास को महत्वपूर्ण रूप से गति देगा और इसे वैश्विक नेतृत्व के मार्ग पर मजबूती से स्थापित करेगा।” इस दौरान, नंदन नीलेकणि ने IIT बॉम्बे के डायरेक्टर के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।

इस दान को लेकर जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नंदन नीलेकणि IIT बॉम्बे को इससे पहले 85 करोड़ रुपए दान कर चुके हैं। ऐसे में 315 करोड़ रुपए के हालिया दान और पुराने दान को जोड़ा जाए तो नीलेकणि द्वारा IIT बॉम्बे को दिया गया दान 400 करोड़ रुपए हो जाएगा। यह देश के किसी पूर्व छात्र द्वारा उस संस्थान को दिया गया सबसे बड़ा दान है। इस दान का उद्देश्य IIT बॉम्बे में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना है। साथ ही इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिसर्च को प्रोत्साहित करना है। बता दें कि नंदन नीलेकणि ने साल 1973 में IIT बॉम्बे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए एडमिशन लिया था।

जिसने मनोहर को 8 टुकड़ों में काटा, उसके अब्बा मोहम्मद शरीफ का 100 बीघा जमीन पर कब्जा: हिमाचल के पूर्व CM का खुलासा, कहा- नरमी बरत रही कॉन्ग्रेस सरकार

हिमाचल प्रदेश के चंबा में मुस्लिम लड़की से प्रेम करने वाले दलित युवक मनोहर की हत्या के मामले में भाजपा ने प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। पूर्व CM ने आरोपितों पर सरकारी जमीन को कब्ज़ा करने और अवैध कमाई का आरोप लगाया है। 18 जून (रविवार) को किए गए ट्वीट में उन्होंने मामले की जाँच NIA से कराने की माँग की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 19 जून (सोमवार) को एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान मनोहर हत्याकांड के आरोपित मोहम्मद शरीफ द्वारा कई संदिग्ध आर्थिक लेन-देन का दावा किया है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के दौरान मोहम्मद शरीफ ने बैंकों से न सिर्फ 95 लाख रुपए की अदला-बदली की है बल्कि 2 करोड़ रुपए उसके खाते में भी जमा हुए थे। पूर्व CM के अनुसार, आरोपितों के पास कुल जमीन महज 3 बीघे है लेकिन उन्होंने सरकार की 100 बीघे जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है।

मनोहर हत्याकांड के आरोपित मोहम्मद शरीफ के बारे में आगे बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वो हर साल 200 बकरियाँ और भेड़ें बेचता है जबकि उसके पास महज 100 बकरियाँ ही होती हैं। ठाकुर ने मनोहर के कातिलों के आपराधिक रिकार्ड और आतंकियों से रिश्तों का भी दावा किया। उदाहरण के तौर पर उन्होंने साल 1998 में चंबा में सतरंडी आतंकी हमले का जिक्र किया जिसमें 35 लोगों की जान गई थी। जयराम ठाकुर का दावा है कि मनोहर केस के आरोपित उस घटना में शामिल थे।

पीड़ित परिवार से मिलने जाने के दौरान खुद को प्रशसन द्वारा रोके जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने राज्य सरकार पर मनोहर के हत्यारों का साथ देने का भी आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से सवाल किया है कि सरकार की तरफ से कोई पीड़ित परिवार से मिलने क्यों नहीं गया। बाद में उन्होंने इसे प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा तुष्टिकरण बताया। मनोहर हत्याकांड की NIA जाँच माँगते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस तरह से अपराध होते रहे तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर DC (उपयुक्त) अपूर्व देवगन का बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि आरोपितों के खातों में जमा हुए पैसों की जाँच इनकम टैक्स विभाग से करवाई जाएगी। साथ ही आरोपितों द्वारा संचुरी क्षेत्र में निजी व वन विभाग की जमीन कब्ज़ा कर के मकान बनवाने के आरोपों की भी जाँच करवाई जा रही है। इस बावत उन्होंने राजस्व विभाग को भी निर्देश जारी किए जाने की बात कही।

बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में 21 वर्षीय मनोहर 6 जून 2023 से लापता मनोहर का शव पुलिस ने 9 जून 2023 को सलूनी इलाके के एक नाले से बरामद किया। शव के 8 टुकड़े किए गए थे। आरोप है कि रुखसाना नाम की लड़की से प्यार करने की वजह से मोहम्मद शरीफ और उसके साथियों ने पहले मनोहर को बेरहमी से पीटा और बाद में लाश को टुकड़ों में काट कर नाले में फेंक दिया। इस मामले में अभी तक कुल 11 गिरफ्तारियाँ की गईं हैं। घटना से नाराज लोगों ने आरोपितों के घर में आग भी लगा दी थी।

‘सुबह-सुबह पिता पढ़ते थे शिव स्तोत्र, मैं लगा देता था रसूल अल्लाह’: मनोज शुक्ला के ‘मुंतशिर’ बनने का किस्सा वायरल, रेख्ता के मंच से हिंदी का भी उड़ाया था मजाक

फिल्म ‘आदिपुरुष’ के डायलॉग्स जिस तरह से मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं, उसे लेकर उनकी खासी आलोचना हो रही है। इसके बावजूद वो अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं हैं। अब उनका जश्न-ए-रेख़्ता’ कार्यक्रम का 5 साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनसे सवाल पूछा गया था कि आखिर वो मनोज शुक्ल से मनोज ‘मुंतशिर’ कैसे बन गए? जनवरी 2018 में ये कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें उन्होंने कुछ ऐसा कहा था जो अब विवाद का विषय बन रहा।

इस वीडियो में मनोज मुंतशिर ने बताया था कि उनके पिता एक पुरोहित हैं, जो शादी और हवन वगैरह करवाते हैं। वो खेती भी करते हैं और फिर कृषि का सीजन खत्म होने पर पंडित वाला कार्य करते हैं। मनोज मुंतशिर ने बताया कि उन पर उर्दू जबान और रेख़्ता का प्रभाव पड़ना शुरू हो गया था और उन्होंने उसका पहला मंजर सुनाया। बकौल मनोज मुंतशिर, तब उनके पिता सुबह-सुबह उठ का शिव स्तोत्र का पाठ किया करते थे।

उन्होंने बताया कि उनके पिता ऊँची आवाज में शिव स्तोत्र का पाठ किया करते थे। उन्होंने पढ़ कर भी सुनाया कि शिव स्तोत्र इस प्रकार से है – “नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विंभुं ब्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरींह। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं।।” उन्होंने बताया कि उनके पिता इसका पाठ कर रहे होते थे लेकिन मनोज मुंतशिर ने बगल में लगाया होता था – “ख़याल-ए-गैर को दिल से मिटा दे, या रसूल अल्लाह।”

मनोज मुंतशिर के इतना कहने पर शो की एकरिंग कर रहीं सौम्या कुलश्रेष्ठ वाह-वाथ कर उठती हैं। ‘जश्न-ए-रेख़्ता’ के चौथे संस्करण पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ऐसा कहा था। इस वीडियो में मनोज मुंतशिर ने हिंदी भाषा का भी मजाक उड़ाया था और कहा था कि आम बोलचाल में लोग अधिकतर उर्दू भाषा का ही इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि ‘दोपहर’ शब्द का प्रयोग लोग करते हैं लेकिन अपराह्न कौन कहता है।

बागेश्वर धाम में हथियार लेकर घुसा रज्जन खान, पुलिस को देखते ही परिक्रमा पथ से अंदर भागा: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सुरक्षा बढ़ाई गई

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में अवैध हथियार के साथ घुसे एक युवक को पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े गए युवक का नाम रज्जन खान है। वह शिवपुरी जिले का रहने वाला है। रज्जन खान के पास से देशी कट्टा और कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। घटना के बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घटना रविवार (18 जून 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को बागेश्वर धाम के अंदर कुछ श्रद्धालु परिक्रमा कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक युवक के हाथ में देशी कट्टा नजर आया। इसके चलते थोड़ी देर के लिए वहाँ अफरातफरी मच गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस को आता देख रज्जन खान बागेश्वर धाम के अंदर तेजी से भागने लगा। काफी मशक्क्त के बाद आखिरकार वह पकड़ा गया। उसके पास से कट्टा और कारतूस बरामद हुआ।

रज्जन के पास जो कट्टा बरामद हुआ है वो 315 बोर का है। वह शिवपुरी के इंद्रपुरी कॉलोनी का रहने वाला है। फ़िलहाल अभी तक उसके मंदिर में हथियर लेकर घुसने की वजह सामने नहीं आई है। छतरपुर के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। प्रारम्भिक जाँच में रज्जन खान के आपराधिक पृष्ठभूमि का होने की बात सामने आई है। रज्जन के खिलाफ थाना बमीठा में धारा 25/27 के तहत कार्रवाई की गई है।

बताते चलें कि हिन्दू राष्ट्र की माँग अपने मंचों से उठाने वाले बागेश्वर बाबा पंडित धीरेन्द्र शास्त्री को सरकार द्वारा Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 13 मई से 17 मई के बीच उनके बिहार के कार्यक्रम में भी पुलिस ने आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया था। आयोजकों ने पटना के गाँधी मैदान में कार्यक्रम की अनुमति माँगी थी, लेकिन भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वहाँ प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। इसके बाद आयोजन समिति ने नौबतपुर के तरेत पाली मठ में कथा और कार्यक्रम की अनुमति माँगी थी। इस स्थल पर पटना जिला प्रशासन ने कथा और दिव्य दरबार की अनुमति दे दी थी।

बंगाल में सौरव गांगुली की जमीन पर कब्जे की कोशिश, सुरक्षा गार्ड ने रोका तो किया हमला, गाली-गलौच: पुलिस ने शुरू की जाँच

पश्चिम बंगाल में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया। गांगुली की पर्सनल सेकेट्री तान्या भट्टाचार्य ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि सुप्रियो भौमिक नामक व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। सुरक्षागार्ड ने रोकने की कोशिश की तो सुप्रियो व उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया। गाली-गलौज की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला थाना क्षेत्र का है। सौरव गांगुली की पर्सनल सेकेट्री तान्या भट्टाचार्य ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि सुप्रियो भौमिक और उसके साथियों ने ताला तोड़कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद एक सुरक्षा गार्ड ने जब रोकने की कोशिश की तो उन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। 

तान्या भट्टाचार्य ने शिकायत में यह भी कहा है कि आरोपित ने जमीन की सुरक्षा में लगे सुरक्षा गार्ड को फोन पर भी धमकी दी। बताया जा रहा है कि यह जमीन गांगुली की क्रिकेट एकेडमी के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस जमीन पर स्कूल बनना है। सौरव गांगुली की पर्सनल सेकेट्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उसे पूछताछ करने के लिए थाने बुलाया है।

रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आरोपित सुप्रियो भौमिक ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही कहा है कि सुरक्षा गार्ड गलत काम कर रहा था, जिसका उसने विरोध किया। इसलिए झूठे मामले में उसे फँसाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक निरूपम घोष इंडिया टुडे को बताया, “हमें एक शिकायत मिली है। आरोपित को पुलिस स्टेशन बुलाया गया है। पूछताछ करने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएँगे।”

हस्तमैथुन कैसे करें, LGBTQ क्या होता है, एनल सेक्स कैसे किया जाता है… सेक्स एजुकेशन के नाम पर UK के बच्चों को परोसी जा रही अश्लील सामग्रियाँ

UK के स्कूलों में बच्चों को ‘सेक्स एजुकेशन’ के नामक अश्लील चीजें दिखाई और बताई जा रही हैं। 17 से भी कम उम्र के बच्चों को हस्तमैथुन, ऑर्गेज्म और अप्राकृतिक सेक्स के बारे में बताया जा रहा है। ये सब ‘रेलशनशिप एन्ड सेक्स एजुकेशन (RSE)’ के नाम पर किया जा रहा है। इसके लिए रंग-बिरंगी किताबों के अलावा कार्टून ड्रॉइंग्स और वर्ड सर्च गेम्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतना ही नहीं, आजकल आ रहे अलग-अलग जेंडरों के बारे में भी बच्चों को बताया जा रहा है।

जो किशोरावस्था में भी नहीं पहुँचे हैं, उन्हें भी एडल्ट ग्राफिक्स दिखाए जा रहे हैं और सेक्स और रिलेशनशिप की शिक्षा के नाम पर अश्लील चित्र-वीडियोज दिखाए जा रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि नॉन-बाइनरी (ना लड़का न लड़की) क्या होता है। इसके लिए ‘Coram लाइफ एजुकेशन’ और ब्रूक एन्ड सेक्स एजुकेशन फोरम (SEF) जैसी कई संस्थाएँ इन सब में घुस गई हैं। साथ ही कई एक्टिविस्ट शिक्षक बन कर ये सब कर रहे हैं।

अब स्थिति यहाँ तक जा पहुँची है कि ‘बायोलॉजिकल सेक्स’ और ‘अंडरएज सेक्स’ को लेकर चीजें बच्चों को बताई जा रही हैं। ये संस्थाएँ पर्सनल, सोशल, हेल्थ और इकोनॉमिक एजुकेशन पर कार्यक्रम आयोजित करती हैं। हर साल 6 लाख बच्चे इन वर्कशॉप्स का हिस्सा बनते हैं। ये संस्थाएँ सरकारी नीतियों में हस्तक्षेप भी करती हैं। 9 साल के बच्चों को बताया जा रहा है कि लड़का और लड़की मास्टरबेशन कैसे करते हैं। उन्हें LGBTQ और हस्तमैथुन के बारे में बताया जा रहा है।

इससे यूके के अभिभावक भी नाराज़ हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि बच्चों को बच्चा ही रहने दिया जाना चाहिए। ‘नेशनल काउंसिल ऑफ इंटीग्रेटेड साइकोथेरेपिस्ट’ के निदेशक रे फ्रीमैन ने कहा कि कहीं इससे ऐसी स्थिति न पैदा हो जाए कि कुछ लड़कियाँ खुद को अलग जेंडर का बताते हुए अलग क्लासरूम की माँग करने लगे। विशेषज्ञों ने कहा है कि बच्चों को विचारधाराओं से दूर ही रखा जाना चाहिए और उन्हें मूलभूत चीजें ही सिखाई जानी चाहिए।

‘आदिपुरुष’ पर सिने वर्कर्स का PM मोदी को पत्र, कहा- बैन करें फिल्म, डायरेक्टर-लेखक पर हो FIR: नेहा सिंह राठौर ने गाया ‘राइटर मउगा’

फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने पत्र में फिल्म को बैन करने की माँग की है। कहा है कि डायरेक्टर ओम राउत, लेखक मनोज मुंतशिर और फिल्म मेकर्स के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। वहीं, ‘का बा’ फेम नेहा सिंह राठौर ने अपना नया गाना इसी फिल्म के विरोध में जारी किया है।

AICWA ने पत्र में कहा है, इस फिल्म की कहानी और डायलॉग स्पष्ट रूप से भगवान राम और भगवान हनुमान जी की छवि को बदनाम कर रहे हैं। आदिपुरुष मूवी हिंदुओं और सनातन धर्म की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है। प्रभु श्री राम भारत में सभी के लिए अराध्य हैं। लेकिन इस फिल्म में भगवान राम और यहाँ तक ​​कि रावण को भी एक वीडियो गेम कैरेक्टर की तरह दिखाया गया है। फिल्म के डायलॉग देश और दुनिया भर में हर भारतीय को आहत कर रहे हैं।”

सिने एसोसिएशन ने कहा है, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करते हैं कि इस फिल्म की स्क्रीनिंग बंद करने का आदेश दें। साथ ही सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफार्मों पर आदिपुरुष की स्क्रीनिंग पर रोक लगाई जाए। निर्देशक ओम राउत, लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला और फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इन लोगों ने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाई है और हमारे भगवान श्री राम, माता सीता और रामसेवक भगवान हनुमान की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की है।” पत्र में फिल्म के कलाकारों की भी आलोचना की गई है। कहा गया है कि प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान को भारतीय सिनेमा के इतिहास में बनी इस तरह की शर्मनाक फिल्म का हिस्सा नहीं होना चाहिए था।

नेहा सिंह राठौर ने गाने से मनोज मुंतशिर पर साधा निशाना

वहीं नेहा सिंह राठौर ने ‘धत्त तेरी की राइटर मऊगा’ गाने के जरिए आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर गाने का वीडियो शेयर करते हुए मनोज मुंतशिर को टैग भी किया है। गाने में नेहा ने कहा है कि राम नाम को गिरवी रखकर खूब पैसा कमाया जा रहा है।

जिस हिंदू युवक को बनाया कुत्ता उसे 40 दिनों से किया जा रहा था टॉर्चर, वायरल करने की धमकी दे पैसे भी ऐंठे: सभी 6 आरोपित गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिस हिंदू युवक को कुत्ता बनाकर मुस्लिम बनने का दबाव बनाया गया था, उसे करीब 40 दिनों से टॉर्चर किया जा रहा था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपितों ने उससे कई बार पैसे भी ऐंठे। इस घटना के सभी 6 आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

पीड़ित युवक भोपाल के लालघाटी स्थित पंचवटी कॉलोनी का रहने वाला है। वायरल हुआ वीडियो 9 मई 2023 का है। दैनिक भास्कर को पीड़ित ने बताया है कि 9 मई की रात उसने एक शादी में शामिल होने के बाद पहले अपने दोस्त शाहरुख को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वह अपने घर जाने लगा तो समीर, फैजान और एक अन्य आरोपित बाइक से वहाँ आ गए। उसकी स्कूटी की चाबी, उसका मोबाइल और पैसे छीन लिए। इसके बाद तीनों उसके साथ मारपीट करने लगे।

इसके बाद समीर और फैजान उसे अपनी बाइक में ज़बरदस्ती बैठाकर PGBT कॉलेज ग्राउंड ले गए। यहाँ उन लोगों ने मुफीद, साहिल और बिलाल को भी बुला लिया। इसके बाद आरोपितों ने मारपीट कर उसके गले में पट्टा डाल उसे कुत्ते की तरह भौंकने को मजबूर किया। उस धर्मांतरण का दबाव बनाया।

पीड़ित युवक ने बताया कि वह उस रात अकेला था जबकि मारपीट करने वाले छह लोग थे। उनकी बात मानना उसकी मजबूरी थी। इस पूरी घटना का वीडियो एक नाबालिग आरोपित ने बनाया था। पीड़ित के अनुसार आरोपितों ने उससे उसके बड़े भाई का नंबर माँगा था। उसे कॉल कर भी गाली दी। रात के करीब ढाई बजे आरोपितों ने उसे छोड़ दिया और स्कूटी की चाबी वापस कर दी। पीड़ित का यह भी कहना है कि घटना के अगले दिन वह पुलिस के पास शिकायत लेकर गया था। लेकिन उससे सबूत माँगे गए थे।

पीड़ित के अनुसार उस घटना के बाद करीब 40 दिनों तक आरोपित उसे टॉर्चर करते रहे। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूलते। वह आरोपितों को करीब 10 हजार रुपए दे चुका था। बावजूद धमकी और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला नहीं थमा तो उसने 18 जून 2023) की रात खुद ही वीडियो वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोपितों पर एनएसए लगाया गया है। उनके घरों पर बुलडोजर भी चलाया गया है।