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PM मोदी और CM योगी को गाली दे रहा था अमजद, राजेश दुबे ने रोका तो बोलेरो से कुचलकर मार डाला: UP के मिर्जापुर की घटना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करने पर एक व्यक्ति को कुचलकर मार डालने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान राजेश दुबे के तौर पर हुई है। आरोपित का नाम अमजद बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। घटना यूपी के मिर्जापुर की है।

बताया जा रहा है कि सोमवार (12 जून 2023) को अमजद की बोलेरो में सवार होकर दुबे बारात से लौट रहे थे। इस दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी की प्रशंसा करने पर उनका अमजद से विवाद हो गया। अमजद गाली-गलौज पर उतर आया। उन्होंने उसे ऐसा करने से रोका। विवाद बढ़ने पर गाड़ी में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। लेकिन बाद में अमजद ने दुबे को गाड़ी उतारकर कुचल दिया और फरार हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र का है। यहाँ के कोलाही गाँव के 52 साल के राजेश दुबे रविवार को अपने भतीजे की शादी में शामिल होने मिर्जापुर गए थे। सफर के लिए उन्होंने एक बोलेरो बुक करवाई थी, जिसे अमजद चला रहा था। अमजद भी मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र का ही रहने वाला बताया जा रहा है। सोमवार को जब राजेश दुबे बारात से लौट रहे थे तो उनकी बोलेरो में बैठे एक अन्य व्यक्ति से राजनैतिक मुद्दों पर बातचीत होने लगी।

मृतक के भाई राकेश दुबे ने बताया कि इसी बातचीत के दौरान राजेश का ड्राइवर अमजद से विवाद हो गया। कथित तौर पर अमजद ने मोदी-योगी के खिलाफ अपशब्द का प्रयोग किया। इसका राजेश दुबे ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर बोलेरो में बैठे अन्य यात्रियों ने मामले में बीच-बचाव किया। कुछ देर में बोलेरो सवार सभी यात्री बारी-बारी से उतर गए। अंतिम सवारी के तौर पर राजेश दुबे बचे जिन्हें अमजद ने घर के बजाए सड़क पर ही उतार दिया। आरोप है कि सड़क पर उतरने के बाद जब राजेश दुबे पैदल घर की तरफ जा रहे थे तो अमजद ने पीछे से उन पर बोलेरो चढ़ा दी।

इससे राजेश दुबे की मौके पर ही हो मौत गई। दुबे की मौत की खबर सुन कर ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने मिर्जापुर-प्रयागराज हाइवे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने नाराज लोगों को समझाया। लगभग 3 घंटे बाद जाम खुल पाया।

अपडेट: यूपी पुलिस ने 6 घंटे के भीतर हत्यारे अमजद को गिरफ्तार कर लिया है।

अमेरिका देगा PM मोदी को 21 तोपों की सलामी, बायडेन ने खुद दिया ‘राजकीय यात्रा’ का निमंत्रण: प्रवासी भारतीय खुश, बोले- 10 सालों में बदली भारत की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21-24 जून तक अमेरिकी यात्रा पर रहेंगे। यह उनकी अमेरिका में पहली राजकीय यात्रा होगी। PM मोदी के स्वागत के लिए न केवल व्हाइट हाउस तैयारियाँ कर रहा है। बल्कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा को लेकर ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा यूएसए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अडापा प्रसाद ने ANI से हुई बातचीत में कहा है, “यह पीएम मोदी की पहली राजकीय यात्रा है। इसको लेकर अमेरिका में रह रहा भारतीय समुदाय काफी उत्साहित है। आजादी के बाद से दोनों देशों के संबंध अच्छे रहे हैं। यहाँ रह रहे भारतीयों को लगता है कि वे भी इस कहानी का हिस्सा हैं। लोगों को इस बात का गर्व है कि प्रधानमंत्री ऐसे मौके पर अमेरिका आ रहे हैं जब भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।”

अडापा प्रसाद ने आगे कहा है, “पीएम मोदी यहाँ 20 जून को आ रहे हैं। लेकिन 18 जून को भारतीय अमेरिकी समुदाय 20 शहरों में ‘वेलकम मोदी यूनिटी डे’ का आयोजन कर रहा है। वाशिंगटन डीसी में उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला यूनिटी मार्च होगा। यह  कार्यक्रम आगामी कार्यक्रमों के लिए टोन सेट करेगा।”

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य ने कहा है, “पहले भारत को एक अविकसित देश के रूप में जाना जाता था। लेकिन बीते 10 सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को बदल दिया है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर आर्थिक विकास तक सब कुछ बदल गया है। इसके लिए पीएम का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

वाशिंगटन में रहने वाले कश्मीरी हिंदू प्रवासियों के सदस्य मोहन ने कहा है, “प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए सभी प्रवासी भारतीय एकजुट हो रहे हैं। कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को हटाने के लिए मैं उनका धन्यवाद करना चाहता हूँ। कश्मीरी हिंदुओं की सभी समस्याओं को हल करने और सुरक्षित तरीके से उनके पुनर्वास के लिए सभी कश्मीरी प्रधानमंत्री के साथ हैं।”

भारतीय अमेरिकी समुदाय की एक अन्य सदस्य ने कहा है, “PM मोदी अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इससे पता चलता है कि जिओपॉलिटिक्स किस हद तक काम कर रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री ने जिओपॉलिटिक्स को किस हद तक प्रभावित किया है।”

क्या होती है राजकीय यात्रा…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 9 सालों के कार्यकाल में 7 बार अमेरिका जा चुके हैं। यह उनकी 8वीं यात्रा होगी। दोनों देशों के संबंधों को लेकर यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन इस यात्रा की खासबात यह है कि यह यात्रा PM मोदी की पहली राजकीय यात्रा है। ऐसे में दुनियाभर की नजर पीएम मोदी की इस यात्रा पर होगी। राजकीय यात्रा का मतलब यह है कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के आधिकारिक निमंत्रण पर अमेरिका की यात्रा पर जाएँगे।

अमेरिका की राजकीय यात्रा कई मायनों में बहुत खास होती है। प्रसिद्ध अमेरिकी इतिहासकार और डेविड एम रुबेनस्टीन नेशनल सेंटर फॉर व्हाइट हाउस हिस्ट्री के उपाध्यक्ष और अंतरिम निदेशक मैथ्यू कॉस्टेलो ने कहा है कि किसी भी राजकीय यात्रा को लेकर व्हाइट हाउस (अमेरिका का राष्ट्रपति भवन) 6 महीने पहले ही तैयारियाँ शुरू कर देता है।

बता दें कि अमेरिका में किसी भी राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 सालों का होता है। इसमें वह सिर्फ एक बार ही किसी भी नेता को राजकीय यात्रा के लिए निमंत्रण दे सकता है। जो बायडेन ने यह सम्मान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। इस दौरे पर बायडेन और मोदी के बीच उपहारों का आदान-प्रदान होगा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को 21 तोपों की सलामी भी दी जा सकती है।

₹4 लाख में स्वीपर, ₹5 लाख में मास्टर, इंजीनियर के लिए ₹6 लाख: पश्चिम बंगाल में नौकरी का ‘रेट कार्ड’, ED के हवाले से रिपोर्ट में दावा

पश्चिम बंगाल में ‘रुपए के बदले नौकरी’ के चौंकाने वाले डिटेल्स सामने आए हैं। असल में अलग-अलग नौकरियों के लिए रेट कार्ड्स भी तय किए गए थे। उदाहरण के लिए, मजदूर, स्वीपर, पियों, एम्बुलेंस अटेंडेंट, ड्राइवर, सेनेटरी असिस्टेंट और डम्पर ऑपरेटर नौकरी के लिए 4 लाख रुपए तय किए गए थे। इसी तरह म्युनिसिपल्टी स्कूल के शिक्षक, पाइपलाइन इंस्पेक्टर और अस्सिस्टेंट कैशियर की नौकरी देने के लिए 5 लाख रुपए लिए जाते थे।

वहीं सब अस्सिस्टेंट इंजीनियर के लिए 6 लाख रुपए की रकम तय की गई थी पश्चिम बंगाल की नगरपालिकाओं और महानगरपालिकाओं के अंतर्गत आने वाली ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों के लिए ‘रेट कार्ड’ बनाया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच में ये खुलासा हुआ है। असल में शिक्षक भर्ती घोटाला की जाँच के दौरान ये एक नया घोटाला खुल गया। कई डिजिटल और कागजी दस्तावेज अभियुक्तों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिले।

ED ने बताया है कि 2014-15 में 60 नगरपालिकाओं में ग्रुप C और ग्रुप D में 17 पदों के लिए 6000 नौकरियाँ देने के बदले रुपए लिए गए। सबसे ज्यादा घोटाले कंचनपारा, न्यू बैरकपुर, कमरहटी, टीटागढ़, बारानगर, हालीशहर, साउथ दमदम और नॉर्थ दमदम नगरपालिकाओं में हुए हैं। ‘न्यूज 18’ के ED के दस्तावेजों के हवाले से ये दावा किया है। जो एजेंट्स रुपए के लेनदेन का काम करते थे, उनकी सूची भी ED को मिल गई है।

पश्चिम बंगाल में पैसों के बदले नौकरी का ‘रेट कार्ड’

इन सबके बावजूद TMC नेता इन छापों को भाजपा द्वारा बदले की राजनीति बता रहे हैं। सांसद सौगात रॉय ने चुनौती दी है कि अगर जाँच एजेंसियों के पास सबूत है तो इसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि पश्चिम बंगाल कभी भ्रष्टाचारियों को नहीं बचाता। ED पहले ही बता चुका है कि ये घोटाला 200 करोड़ रुपए का है। एक कंपनी के मालिक अयान सील समेत कई लोगों के नाम इसमें सामने आए हैं।

डच यूट्यूबर के साथ चोर बाजार में बदसलूकी, कैमरे पर मरोड़ा गया हाथ: बेंगलुरु पुलिस ने नवाब हयात शरीफ को पकड़ा

बेंगलुरु में एक विदेशी व्लॉगर के साथ बदसलूकी करने के आरोप में पुलिस ने एक नवाब हयात शरीफ नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। शरीफ को चोर बाजार से पकड़ा गया है। उसने डच यूट्यूबर पेड्रो मोटा के व्लॉग में उससे बदसलूकी करता दिखाई दिया था।

सामने आई वीडियो में देखा गया कि व्लॉगर को चलते में नवाब ने रोका और उसके बाद उनसे पूछा ये क्या हो रहा है। इसके बाद नवाब यूट्यूबर का हाथ पकड़कर खींचने लगा। वीडियो में देख सकते हैं व्लॉगर आराम से “नमस्ते सर” कहता है पर तभी नवाब हयात उसका हाथ मरोड़ते हुए कहता है- ये क्या है। इस पर यूट्यूबर उसे कहता है- “प्लीज मुझे जाने दो।” इसके बाद वो किसी तरह वहाँ से भागता है।

बेंगलुरु के वेस्ट डिविजन के डीसीपी लक्ष्मण नीमबर्गी ने इस संबंध में बताया कि घटना की मद्देनजर एक्शन लेते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। विदेशी टूरिस्टों के साथ ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसीपी ने जानकारी दी कि नवाब हयात शरीफ के खिलाफ कर्नाटक पुलिस एक्ट सेक्शन 92 के तहत केस दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, ये घटना कुछ समय पहले घटी थी। लेकिन ये प्रकाश में तब आई जब यूट्यूबर ने अपना एक्सपीरियंस 11 जून को साझा किया। अपने वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, “बेंगलुरु को एक्सप्लोर करते हुए एक गुस्सैल आदमी ने मुझे पकड़ा और मेरा हाथ मरोड़ने लगा। मैं बड़ी मुश्किल से भागने में सफल हुआ।”

डच व्लॉगर में दो यूट्यूब चैनल हैं- एक का नाम @MadlyRover है जिसमें 30.2 K सब्सक्राइबर हैं और दूसरे का नाम @iPedroMota है जिसमें 77.9K सब्सक्राइबर हैं। अपने साथ घटित घटना का यह व्लॉग उन्होंने अपने चैनल @MadlyRover पर डाला था।

मुंबई में कोरियाई यूट्यूबर के साथ बदसलूकी

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में एक साउथ कोरिया की यूट्यूबर के साथ मुंबई की सड़क पर बदसलूकी हुई थी। घटना की वीडियो तेजी से वायरल हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मोबिन चांद मोहम्मद शेख और मोहम्मद नकीब सदरेआलम अंसारी को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने कोरियन यूट्यूबर को संरक्षण दिया था।

‘हिंदुओं के सामने बेइज्जती हो रही है, मुस्लिमों की नाक कटवा रही हो, गर्दन काट दूँगा’: बुर्के में दारू खरीदने आई औरतों को घेरा, देखिए Video

हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जहाँ मुस्लिम महिलाओं को सिर्फ इसीलिए प्रताड़ित किया गया क्योंकि वो हिन्दू दोस्त के साथ घूम रही थीं। उनके हिन्दू दोस्तों को भी मारा-पीटा गया। अब उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बुर्का पहनी मुस्लिम महिलाओं को ही ‘सर तन से जुदा’ की धमकी दी जा रही है। ये महिलाएँ शराब खरीदने के लिए गई थीं, जिसके बाद मुस्लिम युवकों ने उन्हें धमकियाँ दी।

ये घटना मिजाफफरनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र के बकरा मार्किट का है। पिछले महीने मुजफ्फरनगर से एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें बाइक पर सवार होकर जाती मुस्लिम युवती का हिजाब खींच लिया गया था। बोलेरो सवार युवक इसीलिए नाराज थे, क्योंकि ये महिला हिन्दू युवक के साथ थी। यूपी पुलिस ने इस मामले में पीड़ित युवक की शिकायत के बाद FIR भी दर्ज की थी। अब नया वीडियो सामने आ गया है।

इसमें मुस्लिम लोग बुर्कानशीं महिलाओं से कह रहे हैं कि मुस्लिम होकर शराब खरीद रही हो, जिससे हिन्दुओं में हमारे कौम की बेइज्जती हो रही है। दोनों मुस्लिम महिलाएँ नावेल्टी चौराहा स्थित सरकारी दुकान से शराब खरीद कर जा रही थीं। इसके बाद कुछ युवक उनका पीछा करने लगे और उन्हें रास्ते में रोक लिया। उनका सिर कलम करने की धमकी देते हुए कहा गया कि तुम मुस्लिमों की नाक कटवाने का काम कर रही हो, तुम्हारा सिर कलम कर देंगे।

मुस्लिमों में से एक कहता है, “अभी दोनों को गिराकर मार दूँगा, चाहें जेल जाना पड़े, 4-5 केस हैं मेरे ऊपर।” लड़कियों से बहस करता हुआ एक दाढ़ी वाला मुस्लिम अधेड़ भी दिख रहा है। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने शराब नहीं बल्कि बीयर खरीदी है। अंत में मजबूरी में उन्हें कहना पड़ा कि आगे से वो ऐसा नहीं करेंगी। उन्हें जबरन ये कबूल करवाया गया कि उन्होंने गलती की है। मुफ्फरनगर पुलिस ने ‘गर्दन उतारने’ की धमकी वाले इस प्रकरण पर जानकारी दी है कि थाना कोतवाली नगर पुलिस को जाँच कर वैधानिक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।

ताज़ा खबर ये है कि इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लॉकअप में बंद किया गया है। तीनों बदमाशों ने हाथ जोड़ कर अपनी गलती भी स्वीकारी है।

नाबालिग हिंदू को अगवा कर ले गया शाह आलम, रेप के बाद इरफान और नदीम के हवाले किया: कई दिनों की दरिंदगी के बाद ₹500 दे ट्रेन में बिठाया

उत्तर प्रदेश के बरेली से एक नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा कर 50 साल का शाह आलम उत्तराखंड के काशीपुर ले गया। रेप करने के बाद उसे इरफान के हवाले कर दिया। इरफान से लड़की नदीम कुरैशी को मिली। उसने भी रेप कर पीड़िता को 500 रुपए दे ट्रेन में बिठा दिया। नाबालिग लड़की बरामद कर ली गई है। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मामला बरेली के थाना मीरगंज क्षेत्र का है। गाँव परौरा की रहने वाली 17 वर्षीय पीड़ित के अपहरण की शिकायत उसके भाई ने दर्ज करवाई थी। FIR में शाह आलम को मुख्य आरोपित बताया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक 6 जून को उसकी बहन दर्जी की दुकान पर अपनी माँ के कपड़े लेने गई थी। लेकिन लौटकर घर नहीं आई। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने IPC की धारा 363 के तहत केस दर्ज कर जाँच शुरू की। पुलिस ने 11 जून 2023 (रविवार) को पीड़िता को काशीपुर रेलवे स्टेशन से बरामद किया। इसके बाद शाह आलम, इरफ़ान और नदीम कुरैशी की गिरफ्तारी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि शाह आलम और उसके दोनों साथियों ने उसके साथ कॉल गर्ल जैसा बर्ताव किया।

शाह आलम पहले लड़की को लेकर उत्तराखंड के काशीपुर गया, जहाँ उसने किराए के मकान में पीड़िता से रेप किया। कुछ समय बाद शाह आलम वहाँ से चला गया और इरफ़ान को कमरे में भेज दिया। इरफ़ान शाह आलम का ही पड़ोसी है। इरफ़ान ने भी नाबालिग से उसी कमरे में धमका कर रेप किया। रेप के बाद इरफ़ान ने पीड़िता को नदीम को सौंप दिया। नदीम पीड़िता को नोएडा ले आया जहाँ एक होटल में रखकर उसने रेप किया। रेप के बाद नदीम ने पीड़िता को 500 रुपए देकर काशीपुर की ट्रेन पर बिठा दिया। काशीपुर स्टेशन से पुलिस ने लड़की को बरामद किया।

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपितों पर IPC 366, गैंगरेप की धारा 376 (2) N के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएँ बढ़ाई गईं हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपित शाह आलम पर पहले से 5 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, अपहरण और जुआ जैसे केस शामिल हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के भाई ने बताया कि लगभग 50 वर्षीय शाह आलम गाँव के प्रधान का रिश्तेदार है। उस पर नाबालिग पीड़िता को लंबे समय से ब्रेनवॉश करने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने बताया कि शाह आलम ने इससे पहले भी गाँव में एक अन्य हिन्दू लड़की का अपहरण कर रेप किया था। लेकिन उसके परिवार वालों ने पुलिस से शिकायत नहीं की।

जनजातीय लड़कियों को फँसा कर जल-जंगल-जमीन पर कब्ज़ा, प्रशासन-राजनीति में घुसपैठियों का रसूख, स्कूल बन रहे मदरसे: संथाल परगना अब ‘ग्रेटर बांग्लादेश’

झारखंड के संथाल परगना में जिहाद की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। यहाँ ‘लव जिहाद’ से लेकर ‘दुल्हन जिहाद’ और ‘जमाई जिहाद’ तक चल रहा है। ‘संथाल’ भारत का एक प्राचीन जनजातीय समूह है, वहीं ‘परगना’ का प्रयोग मध्यकालीन भारत में प्रशासनिक रूप से बाँटे गए इलाकों के लिए होता था। झारखंड के 6 जिले संथाल परगना प्रमंडल के अंतर्गत आते हैं – गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़। इस क्षेत्र को तिलका माँझी, बिरसा मुंडा और सिद्धू एवं कान्हू मुर्मू जैसे क्रांतिकारियों के लिए भी जाना जाता है।

‘TV9 भारतवर्ष’ ने अपनी रिपोर्ट्स में संथाल परगना में चल रही जिहादी साजिश का पर्दाफाश किया है। इसमें बताया गया है कि बांग्लादेश सीमा से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस इलाके को ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ या ‘बांग्लादेश एक्सटेंशन’ बनाया जा रहा है। यहाँ मूल रूप से जनजातीय समाज रहता आ रहा है, जिनकी जनसंख्या कम कर के मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ाने की साजिश चल रही है। बांग्लादेश से आने वाले मुस्लिम यहाँ की स्थानीय लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फँसाते हैं।

संथाल परगना में जिहाद: ‘जमाई बनो, जमीन पर कब्ज़ा करो’ की नीति

फिर ये घुसपैठिये इलाके में अपनी जड़ें जमाने के लिए उनसे शादी कर लेते हैं। इसके बाद एक ‘जमाई जिहाद’ भी चल रहा है, जिसके कारण इलाके में कई ‘जमाई टोले’ बस गए हैं। जनजातीय समाज की लड़कियों को फँसाने वाले ये मुस्लिम घुसपैठिये उनसे शादी कर के उनके यहाँ ही बस जाते हैं। यानी, वो ‘घरजमाई’ बन कर लड़की के घर को अपना घर बना लेते हैं। इसके बाद परत दर परत सिस्टम को हाईजैक करने का काम किया जाता है।

इसके तहत फर्जी आधार कार्ड्स बनवाए जाते हैं और घुसपैठियों पर सरकारी ठप्पा लगाने के लिए हर कदम उठाए जाते हैं। जो लड़कियाँ इसके खिलाफ मुँह खोलती हैं, उनकी हत्या तक भी कर दी जाती है। लड़कियों से शादी के पीछे मंशा होती है उनके जमीन-जायदादों पर कब्ज़ा करना। इलाके के स्कूलों को मदरसों में तब्दील किया जा रहा है, जहाँ रविवाद की जगह शुक्रवार (जुमा) को छुट्टी होती है। अंत में इनकी मंशा होती है – इलाके के प्रशासन में अपनी पैठ बनाना।

इसका नतीजा ये हुआ कि संथाल परगना में इलाके का नाम भले ही ‘नारायणपुर’ या ‘सीतापुर’ हो, लेकिन वहाँ रहने वाले अधिकतर मुस्लिम ही हैं। असल में 1980 के दशक से ही ये शुरू हो गया था। उस समय बांग्लादेश नया-नया आज़ाद हुआ था और वहाँ भुखमरी के हालात थे। इससे भारत में घुसपैठ शुरू हुआ। पहले पश्चिम बंगाल, फिर झारखंड को निशाना बनाया गया। जनजातीय समाज के इलाके खास कर के चुने गए। डेमोग्राफी बदलने की कोशिश दशकों से चल रही है।

बांग्लादेश से संथाल परगना के इलाकों में आने में 3 घंटे के आसपास लगते हैं। बोलचाल और भाषाई संस्कृति में समानता होने के कारण ज्यादा लोगों का इनकी तरफ ध्यान भी नहीं जाता। 1990 के दशक में इसका पहली बार खुलासा हुआ है, जब भाजपा नेता अनंत ओझा ने 7500 अवैध बांग्लादेशियों के नाम वोटर लिस्ट से हटवाए। ये मामला उच्च न्यायालय में भी गया। न्यायपालिका ने पुलिस से कहा कि वो अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू करे।

हालाँकि, पुलिस में भी अधिकतर इन घुसपैठियों से मिले हुए हैं और कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया। कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन भी हुआ, लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी अब इस मुद्दे को उठाया है। कई गाँवों का दौरा कर के पत्रकारों ने बताया कि सिस्टम में इन अवैध घुसपैठियों की गहरी पैठ है। जनजातीय समाज में भी पहाड़िया समाज एक है, उसका ज्यादा पलायन हो रहा है।

सिर्फ प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रसूख भी बढ़ाया जा रहा है। फर्जी आईडी कार्ड्स को लेकर कइयों के खिलाफ केस भी चल रहा है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा। अनंत ओझा ने बताया कि छात्र राजनीति के समय में संयुक्त बिहार में उन्होंने इस मामले को उठाया है। कइयों को पकड़ कर पुलिस को सौंपा गया, लेकिन उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि जब वो MLA बने, उसके बाद से वो सदन में लगातार यहाँ की डेमोग्राफी बदलने और जल-जंगल-जमीन पर घुसपैठियों के कब्जे की बात उठा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के माध्यम से घुसपैठिए झारखंड में घुस रहे हैं। इन इलाकों में इबादतगाहों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। झारखंड पुलिस ने इन गतिविधियों को लेकर एक पत्र जारी करते हुए हर थाने से रिपोर्ट भी माँगी है। सबसे ज्यादा आधार कार्ड भी तथाकथित अल्पसंख्यकों के नाम ही हैं। हाईकोर्ट घुसपैठ की जानकारी राज्य सरकार से तलब कर चुका है। राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार इस मुद्दे को लेकर शांत है, क्योंकि मुस्लिम तुष्टिकरण को उसने अपनी नीतियों में स्थान दे रखा है।

संथाल परगना: क्रांतिकारियों की भूमि, अब मुस्लिमों के कब्जे में

1857 के स्वतंत्रता संग्राम से 2 साल पहले ही झारखंड में आज़ादी का बिगुल फूँका जा चुका था। अंग्रेजों के खिलाफ संगठित लड़ाई लड़ कर उन्हें भगाया गया था। इसी की याद में हर साल 30 जून को ‘हूल दिवस’ मनाया जाता है। कार्ल मार्क्स ने भी इस विद्रोह को अपने पुस्तक में स्थान दिया है। सिदो और कान्हा मुर्मू के नेतृत्व में हुए इस विद्रोह में 30,000 जनजातीय लोगों ने अंग्रेजों का बहिष्कार किया था। इसी के कारण संथाल क्षेत्र को भागलपुर और वीरभूम से हटा दिया गया, पुलिस एक्ट लागू किया गया और संथाल परगना ‘नॉन रेगुलेशन’ जिला बना।

इसके बाद 1860-75 तक सरदारी लड़ाई चली और 1895-1900 तक बिरसा मुंडा ने स्वतंत्रता संग्राम की बागडोर अपने हाथ में ली। ‘हूल विद्रोह‘ बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के इलाकों में फैला था। संथाली ही नहीं, कई जातियों के लोग इसमें शामिल थे। इलाके में अंग्रेजों को मार्शल लॉ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इस विद्रोह को कुचलने वाले मेजर जर्विस ने लिखा है कि इन विद्रोहियों को समर्पण का अर्थ पता ही नहीं था, जब तक इनके नगाड़े बजते रहते ये गोली खाने को भी तैयार रहते थे।

इस दौरान ‘अबुआ राज’, ‘करो या मरो’, ‘अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो’ और ‘हमने खेत बनाए हैं, इसलिए ये हमारे हैं’ जैसे कई नारे भी स्थानीय भाषाओं में इलाके की क्रांति की पहचान बने। ये भी दुखद है कि हमारी पाठ्य-पुस्तकों में इस क्रांति को वो स्थान नहीं मिलता। अंग्रेजों से युद्ध में 10,000 से भी अधिक लोगों ने यहाँ बलिदान दिया। 3 वर्षों तक ये लड़ाई चलती रही। 1857 को तो वो स्थान मिला, लेकिन इस क्रांति को नहीं।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी महिलाओं और बच्चों को बना रहे हथियार, संदेश भेजने से लेकर ड्रग्स और आर्म्स की सप्लाई में हो रहा इस्तेमाल: सेना ने किया खुलासा

जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी समूह इनके जरिए अपने संदेश और हथियारों को इधर-उधर पहुँचाने का काम कर रहे हैं।

श्रीनगर स्थित 15 कोर (चिनार कोर) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीपसिंह औजला ने इस संबंध में कहा कि अब सुरक्षा बलों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने जानकारी दी कि एलओसी के पार बैठे आतंकी मौजूदा शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के लिए साजिश रचने में जुटे हैं और अपने साथ महिलाओं-बच्चों को जोड़ रहे हैं

औजला ने बताया, “आज नया खतरा, जो मैं देख रहा हूँ वो महिलाओं और लड़कियों का इस्तेमाल है जिसे संदेश भेजने के लिए, ड्रग्स पहुँचाने के लिए और हथियार इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा है। ये तरीका आईएसआई से लेकर कई प्रमुख आतंकवादी समूह अपना रहे हैं।”

ऐसे खुलासे के बाद जब पूछा गया कि क्या आतंकियों ने मोबाइल वगैरह इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। इस पर सेना अधिकारी ने बताया कि अब तकनीकी संपर्क कम हो गए हैं। वो लोग बातचीत पहुँचाने के लिए मैसेज या मोबाइल नहीं प्रयोग कर रहे बल्कि ओवर ग्राउंड वर्कर्स को वो अपना संदेश पहुँचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि इंटेलिजेंस एजेंसियाँ और सुरक्षाबलों के स्लीपर सेल पर तेजी से कार्रवाई की है। इसलिए आतंकी इस रास्ते को अपना रहे हैं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सेना लगातार कट्टरपंथियों की योजना तोड़ने का प्रयास कर रही है। सेना ने प्रशासन के सहयोग से वहाँ सही रास्ता अभियान चलाया हुआ है। सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार अलर्ट हैं। घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकामयाब करने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सेना की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसे निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सेना अराजक तत्वों का सफाया करके किसी भी खतरे को लगातार दूर करने के लिए तत्पर है।

सेना अधिकारी ने कहा कि भले ही वो एकदम सही आँकड़े नहीं दे सकते, लेकिन ये कह सकते हैं कि पिछले 33 साल से आतंकियों की संख्या अब बहुत कम है। लेफ्टिनेंट जनरल ने इस दौरान घाटी में आयोजित जी-20 बैठक शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न होने के लिए सभी सुरक्षा बलों के बीच तालमेल की सराहना की।

‘लागू हो UCC, यह इस्लाम विरोधी नहीं’: लव जिहाद पर बोले इंद्रेश कुमार- प्यार के नाम पर हत्या और धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता इंद्रेश कुमार (Indresh Kumar) ने समान नागरिक संहिता (UCC) की वकालत की है। कहा है कि यह इस्लाम विरोधी नहीं है। वहीं लव जिहाद को लेकर कहा है कि पहचान छिपाकर प्यार करना फ्रॉड है। प्यार के नाम पर हत्या और धर्मांतरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। रविवार (11 जून, 2023) को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

इंद्रेश कुमार ने कहा, “समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को एक देश, एक नागरिक और एक कानून के रूप में तैयार किया जाना चाहिए। समान नागरिक संहिता किसी भी प्रकार से मुस्लिम या इस्लाम विरोधी नहीं है। यह सभी धर्मों के लिए सुरक्षा कवच है। इसलिए किसी को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि इसका स्वागत होना चाहिए।”

लव जिहाद के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “लड़का और लड़की रात के दो बजे तक बात करते हैं। फिर ऐसा क्या हो जाता है कि लड़की का कत्ल कर दिया जाता है। यह सचमुच में प्यार है या वासना, देश को इस बारे में सोचना चाहिए। लड़का, लड़की में प्रेम होता है। बाद में पता चलता है कि लड़के की वास्तविक पहचान कुछ और है। धोखे में रखकर प्रेम करना, प्यार है या वासना? इसके बाद जब सच्चाई का पता चलता है, यह पता चलता है कि लड़के का महजब दूसरा है, तब लड़की से पहचान बदलने को कहा जाता है।”

उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा है, “सब कुछ छुपाकर प्रेम करना, बहुत बड़ी मक्कारी है। आज प्रेम के नाम पर वासना का व्यापार चल रहा है। अगर आप अपने पार्टनर से अपनी पहचान छुपाते हैं तो यह धोखा है। आज प्रेम को बदनाम किया जा रहा है। हिंदुस्तान प्रेम की धरती थी, है और रहेगी। लेकिन प्रेम के नाम पर हत्याएँ होना या धर्मांतरण कराना या फिर किसी तरह का फ्रॉड का रचा जाना, इसे ही लव जिहाद कहा जाता है। हमारा यह कहना है कि प्रेम को प्रेम रहना दिया जाए। प्रेम की आड़ में फ्रॉड हो, वासना हो या मक्कारी और हिंसा हो हम इसकी घोर निंदा करते हैं।”

नाबालिग ने जनेऊ तोड़ा, पढ़ने लगा नमाज: प्रयागराज में भी गाजियाबाद जैसा ‘गेम’, महाराष्ट्र से पकड़ा गया मास्टरमाइंड शाहनवाज उर्फ बद्दो

गाजियाबाद के बाद अब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से भी ऑनलाइन गेम के जरिए एक नाबालिग का ब्रेनवॉश करने का मामला सामने आया है। इस 16 साल के लड़के का अब उसके परिजन मनोचिकित्स से इलाज करवा रहे हैं। बताया जाता है कि जनेऊ तोड़ लड़के ने नमाज पढ़नी शुरू कर दी थी। जालीदार टोपी पहनने लगा था। दूसरी ओर गाजियबाद धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड शाहनवाज खान उर्फ बद्दो रविवार (11 जून 2023) को महाराष्ट्र के ठाणे से पकड़ा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला मामला प्रयागराज के झलवा इलाके में 16 वर्षीय हिन्दू लड़का पिछले 6 वर्षों से अपने माता-पिता और 4 अन्य भाई-बहनों के साथ रहता था। मूल रूप से यह परिवार चित्रकूट का रहने वाला है। लड़के के पिता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। लड़के की माँ के मुताबिक पिछले कुछ समय से उसके बेटे के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया। जनेऊ तोड़ वह जालीदार टोपी पहनने लगा था। अक्सर मस्जिद जाने लगा था।

बताया जा रहा है कि नाबालिग ने घर में कव्वाली सुननी शुरू कर दी थी। जब वह मजारों पर जाता तो उर्दू में लिखी इबादतों को चूमता था। उसने अपने पिता के ई-रिक्शा में लगी मंदिर की फोटो निकालकर उस पर मस्जिद की स्टीकर चिपका दी। परिजनों के समझाने का जब उस पर असर नहीं हुआ तो उसे प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में मनोचिकित्स्कों से दिखाया गया।

जब मनोचिकित्स्कों ने लड़के से बात की तो उसने बताया कि चार मुस्लिम लड़के उसका धर्म बदलवाना चाहते हैं। वे हिन्दू धर्म के बारे में भड़का कर उसका ब्रेनवाश कर रहे थे। इन मुस्लिम दोस्तों से उसकी मुलाकात एक मोबाइल गेमिंग एप के जरिए हुई थी। ये चारों लड़के प्रयागराज के ही चकिया इलाके के रहने वाले थे। कुछ समय पहले शूटआउट में मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद का घर इसी चकिया इलाके में पड़ता है। डॉक्टरों ने लड़के को दवाएँ दी हैं। फ़िलहाल पीड़ित काफी डरा-सहमा बताया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियाँ सक्रिय हो गईं हैं। पड़ताल की जा रही है कि कोई धर्मान्तरण गिरोह तो सक्रिय नहीं है। साथ ही ऐसे कितने लड़कों का ब्रेनवॉश किया गया है, इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

गाज़ियाबाद ऑनलाइन गेमिंग धर्मान्तरण गिरोह का सरगना गिरफ्तार

गाजियाबाद ऑनलाइन गेमिंग धर्मान्तरण मामले का मुख्य आरोपित शाहनवाज गिरफ्तार हो गया है। मामले की जाँच कर रही गाजियाबाद पुलिस ने मुंबई पुलिस से उसकी गिरफ्तारी में मदद माँगी थी। कार्रवाई की भनक मिलते ही शहनवाज फरार हो गया था। रविवार (11 जून) को मुंबई पुलिस को उसकी लोकेशन मुम्ब्रा के अलीबाग इलाके में मिली थी। मुंबई पुलिस ने फ़ौरन दबिश देकर शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में शाहनवाज ने बताया कि दिसंबर 2021 में उसकी पीड़ित लड़के से मुलाकात ऑनलाइन गेम के दौरान हुई थी। कुछ समय बाद दोनों खेल को जीतने की ट्रिक आदि के बारे में बात करने लगे। शाहनवाज ने पीड़ित लड़के से पहली बार ज़ाकिर नाइक की तकरीर के बहाने मजहबी चर्चा की थी। 23 वर्षीय शाहनवाज का मोबाइल और कम्प्यूटर सीज कर पुलिस ने कब्ज़े में लिया है।

बतातें चलें कि गाजियाबाद पुलिस ने 30 मई को FIR दर्ज कर ऑनलाइन धर्मान्तरण के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। इस नेटवर्क के तार 4 राज्यों में जुड़े पाए गए थे। धर्मान्तरण के इस रैकेट के आरोपित नाबालिग बच्चों का गेम के बहाने ब्रेनवॉश करते थे। इस काम के लिए पाकिस्तानी मौलानाओं की वीडियो दिखाई जाती थी।