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संजीव को बनाया अब्बास, संदीप नहीं बना मुस्लिम तो कर दिया केस: रैन बसेरा भी इस्लामी धर्मांतरण का सेंटर, कलीम के कनेक्शन खँगाल रही दिल्ली पुलिस

देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके स्थित रैन बसेरा (Night Shelter) से इस्लामी धर्मांतरण का मामला सामने आया। मुख्य आरोपित मोहम्मद कलीम के मोबाइल में कई व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिनमें मजहब से संबंधित प्रचार प्रसार की सामग्री और वीडियो मिले हैं। दिल्ली पुलिस कलीम के बैंक खातों की जाँच कर रही है। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं हो रही थी।

इस मामले में शिकायतकर्ता रैन बसेरा के केयरटेकर संदीप सागर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कलीम ने संदीप सागर पर भी इस्लाम कबूलने का दबाव डाला था। धर्मांतरण करने पर उसे पैसे, नौकरी और निकाह का लालच दिया गया था। संदीप के अनुसार जब उसने इससे इनकार कर दिया तो कलीम ने उस पर मोबाइल फोन और कैश लूटने का केस दर्ज करवा दिया। उसे अन्य मामलों में भी फँसाने की धमकी दी। कहा जा रहा है कि कलीम भारत को आने वाले समय का इस्लामिक मुल्क बताते हुए मुस्लिम न बनने वालों का सिर कलम करने की भी धमकी देता था। वह लोगों को ज़ाकिर नाइक के वीडियो भी दिखाया करता था।

संदीप का आरोप है कि कलीम ने कई हिंदुओं का धर्मान्तरण करवाया है। उसने संजीव को अब्बास बनाने के मामले की जानकारी भी दी है। संजीव मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी इलाके का रहने वाला है। परिवार वालों ने उसे घर से निकाल दिया था। पुलिस का कहना है कि जाँच में यह बात साबित हुई है कि अब्बास पहले हिन्दू था।

DCP सेंट्रल ने कलीम के मोबाइल फोन में मजहबी प्रचार-प्रसार की चीजें मिलने की जानकारी मीडिया से साझा की है। 5 ऐसे व्हाट्सएप ग्रुपों का पता चला है जिसके द्वारा मजहबी प्रचार किया जा रहा था। इन ग्रुपों का एडमिन खुद कलीम था। कलीम फिलहाल पुलिस की हिरासत में है। DCP का कहना है कि अगर जरूरी लगा तो कलीम को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। रैन बसेरा संचालकों का कहना है कि कलीम वहाँ गरीब और परेशान लोगों की तलाश में आता था।

संदीप की शिकायत पर कलीम के खिलाफ चाँदनी महल थाने में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने औ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने (153- A & 295-A) का मामला दर्ज किया गया है। कलीम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का रहने वाला है और पेशे से इंजीनियर है। उसने साल 2015 में नोएडा से बीटेक का कोर्स किया था और 2 साल जॉब किया। दावा किया जा रहा है कि पुलिस की जाँच में यह भी निकला है कि कलीम सोशल मीडिया पर नए-नए लोगों से दोस्ती करता था। बाद में वो नए दोस्तों को मज़हबी साहित्य आदि भेजता था।

गंभीर तूफान में तब्दील हुआ ‘बिपरजॉय’, गुजरात-महाराष्ट्र में मचा सकता है तबाही: बंदरगाहों में लगाया गया सिग्नल 9 और 10; जानिए इनका मतलब

अरब सागर में उठा इस साल का चक्रवात बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) भारत की ओर बेहद तेजी से बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घण्टे में यह चक्रवात अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। 15 जून की दोपहर इसके गुहार की सीमा में टकराने का अनुमान लगाया जा रहा है। तूफान के आगे बढ़ने के साथ ही सौराष्ट्र और कच्छ के बंदरगाहों में सिग्नल बदले जा रहे हैं। फिलहाल, कुछ बंदरगाहों में 9 तो कुछ में 10 नंबर का सिग्नल लगाया गया है।

किसी भी चक्रवात या तूफान को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी के साथ ही बंदरगाहों में सिग्नल बदलने की घटनाएँ सामान्य हैं। वास्तव में किसी भी तूफान की चेतावनी देने के लिए बंदरगाह में हर वक्त सिग्नल लगा होता है। इसके लिए कुछ देशों में झंडे और लाइट्स का उपयोग किया जाता है। वहीं भारत में तूफान की चेतावनी के लिए बेलनाकार कोन लगाए जाते हैं। वहीं, रात में लाल और सफेद लैंप से चेतावनी दी जाती है। इसके लिए 1 से लेकर 11 नंबर तक के सिग्नल होते हैं। इन्हीं सिग्नलों से समुद्री जहाजों को चेतावनी मिलती है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) बंदरगाहों को आमतौर पर एक दिन में 4 बार सूचनाएँ भेजता है। वहीं, चक्रवाती तूफान की चेतावनी को लेकर हर तीन में सूचना भेजी जाती है। फिलहाल, बिपरजॉय के लिए 9 और 10 नंबर के सिग्नल लगाए हैं। इसका मतलब यह है कि चक्रवाती तूफान काफी गंभीर रूप से आगे बढ़ रहा है।

जानिए सिग्नल 1 से 11 तक का मतलब

किसी भी बंदरगाह पर सिग्नल 1 के जरिए समुद्र में कहीं दूर पर मौसम खराब होने की चेतावनी दी जाती है। साथ ही इससे बंदरगाह के प्रभावित नहीं होने का भी सिग्नल होता है हालाँकि जब सिग्नल 2 होता है तो समुद्र में तूफान होने की सूचना व बंदरगाह के जहाजों को मौसम खराब होने की चेतावनी दी जाती है। सिग्नल 3 और 4 बंदरगाह के पास में ही मौसम व स्थानीय वातावरण के खराब होने की सूचना होती है। साथ ही इसका असर जल्द ही बंदरगाह पर होने की चेतावनी होती है।

सिग्नल 5, 6 और 7समुद्र की ओर बढ़ रहे तूफान की स्थिति को दर्शाते हैं। साथ ही इसका संकेत है कि तूफान के तट को पार करने की संभावना है। ऐसे में सभी को सावधान रहने के लिए चेतावनी जारी की जाती है। यदि किसी बंदरगाह में सिग्नल 8 या 9 लगाया गया है इसका मतलब यह है कि चक्रवात बेहद खतरनाक हो चुका है। यह तट को पार कर सकता है। वहीं सिग्नल 10 का मतलब है कि विशालकाय चक्रवात बंदरगाह के पास आ चुका है। सिग्नल 11 किसी भी बंदरगाह में आखिरी चेतवानी के लिए होता है। इसका सीधा मतलब है कि चक्रवात की चेतावनी देने वाले ऑफिस के सभी कम्युनिकेशन फेल हो चुके हैं। बता दें कि चक्रवात या तूफान को गुजराती में वावाजोडुं कहा जाता है।

‘मैं ‘जय श्री राम’ का नारा लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले’: हिन्दू लड़के से शादी करने के बाद मुस्लिम लड़की को मिल रही धमकियाँ, CM योगी और बागेश्वर बाबा से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में मुस्लिम लड़की ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से शादी की थी। हालाँकि, अब लड़की ने पुलिस पर उसे व उसके पति के परिवार वालों को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही युवती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मदद की अपील की है।

दरअसल, पीड़ित युवती ने एक वीडियो जारी कर कुशीनगर जिले के रवींद्रनगर थाने के इंस्पेक्टर पर परेशान करने का आरोप लगाया है। 6 मिनट 27 सेकंड के इस वीडियो में लड़की ने कहा है, “मैं मुस्लिम थी और भाग कर हिंदू लड़के से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म से शादी की हूँ। अब मैं सनातन धर्म स्वीकार कर चुकी हूँ। लेकिन मुझे रवींद्र नगर थाने के इंस्पेक्टर मुझे परेशान कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि मुस्लिम लड़की सनातन धर्म स्वीकार नहीं कर सकती। मैं सनातन धर्म में क्यों नहीं जा सकती, वह मुझे रोकने वाले कौन होते हैं?”

पीड़िता ने आगे कहा, “वो मेरे घरवालों से पैसे लेकर वह मुझे रोक रहे हैं। मैं सनातन धर्म अपना चुकी हूँ, ‘जय श्री राम’ का नारा लगा रही हूँ और ये नारे लगाती रहूँगी, जिसे जो करना है कर ले। मैं यूपी की हूँ, पुलिस वाले मुझे रोक रहे हैं योगी जी कहाँ हैं क्या वह मुझे सपोर्ट नहीं करेंगे। बागेश्वर बाबा कहाँ हैं, वह बहुत फेमस हैं क्या मेरी मदद नहीं करेंगे।”

उसने आगे कहा है, “मैं जिनसे शादी की है उसको भी टॉर्चर कर रहे हैं। उनकी क्या गलती है। मेरे हसबैंड की माँ घर में नहा रहीं थीं तब पुलिस वाले दरवाजा तोड़कर कर घुस गए थे। मेरी सास ने कपड़े नहीं पहने थे। जब वो कपड़े पहनने जा रहीं थीं तो पुलिस वालों ने उन्हें रोककर कहा कि कपड़े बाद में पहनिएगा। पहले ये बताइये लड़का-लड़की कहाँ हैं?”

वहीं, इस मामले में रवींद्र नगर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा का कहना है कि लड़का-लड़की 10 मई को घर से भागे थे। 16 मई को लड़की के पिता ने लड़की के अपहरण की शिकायत की थी। इसके बाद केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने लड़की के परिजनों से कहा है कि लड़की बालिग है। इसलिए थाने में आकर बयान दर्ज कराकर और केस निरस्त कराएँ। पुलिस युवक के घर नहीं गई थी, उसके रिश्तदार के घर गई थी।

5 महीने, उत्तराखंड में ‘लव जिहाद’ के 50 मामले… लोगों ने मेडिकल छात्रा की अश्लील तस्वीरें लेकर ब्लैकमेल करने वाले का जुलूस निकाला, धुनाई कर पुलिस को सौंपा

उत्तराखंड के देहरादून में ‘लव जिहाद’ और ब्लैकमेल का मामला सामने आया है। यहाँ मुस्लिम युवक पर अश्लील फोटो के जरिए हिंदू लड़की को धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। इसी बीच आरोपित युवक लोगों के हत्थे चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने उसे पीटते हुए जुलूस निकाला। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला देहरादून जिले में डोईवाला थाना क्षेत्र के जॉली ग्रांट इलाके का है। यहाँ मेडिकल की पढ़ाई कर रही छात्रा का आरोप है कि मुस्लिम युवक ने पहले तो उससे दोस्ती की। फिर अश्लील फोटो लेकर उसे धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल करने लगा। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त था।

इसी बीच युवक घूमता हुआ स्थानीय जनता के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद लोगों ने पकड़कर उसकी धुनाई कर दी और इलाके में जुलूस निकाला। फिर थाने जाकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोपित युवक को इतना मारा कि उसके कपड़े तक फट गए। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं।

आरोपित मुस्लिम युवक के साथ हुई मारपीट की जानकारी मिलने पर अन्य मुस्लिम भी वहाँ पहुँच गए। मुस्लिमों का आरोप है कि जिस इलाके में आरोपित की पिटाई की गई, उसी इलाके में उनकी दुकान है। दुकान के पास ही भीड़ ने उनके साथ भी मारपीट की। यही नहीं, पुलिस स्टेशन में दोनों पक्षों के बीच आपस में कहासुनी हो गई। इसके बाद मामला बिगड़ता चला गया और थाने में ही हाथपाई शुरू हो गई। मामला शांत न होता देख पुलिस को बीच बचाव करना। इसके बाद मामला शांत हुआ।

वहीं, जागरण ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा है कि हिंदू संगठन के नेताओं का आरोप है कि मुस्लिम युवक ने 1 नहीं बल्कि 3 छात्राओं का शोषण किया है। आरोपित इन लड़कियों को नशीला पदार्थ देता था। इसके बाद उनके साथ संबंध बनाते हुए फोटो, वीडियो बनाए। इन्हीं फोटोज के सहारे वह लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था।

‘लव जिहाद’ के मामलों में हुआ इजाफा

उत्तराखंड में लव जिहाद के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। जहाँ साल 2022 में लव जिहाद के 76 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस साल शुरुआती 5 महीनों में ही मुस्लिम युवकों द्वारा लड़कियों को बहला फुसलाकर ले जाने के करीब 50 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश लड़कियाँ नाबालिग बताई जा रहीं हैं।

कॉन्ग्रेस विधायक चलाने लगी सरकारी बस, पार्किंग में लगी गाड़ियों में ठोक दिया… ड्राइवर ने किसी तरह संभाला, देखिए वीडियो

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस विधयक रूपकला ने बस ड्राइव करने के दौरान रिवर्स गियर लगा कर बस को पार्किंग में लगी गाड़ियों में ठोक दिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त टिकटों की व्यवस्था की है। ऐसे ही एक कार्यक्रम के दौरान कॉन्ग्रेस विधायक रूपकला मीडिया और कैमरों की मौजूदगी में बस की स्टीयरिंग अपने हाथ में लेकर उसे ड्राइव करना शुरू कर दिया।

ये घटना रविवार (11 जून, 2023) को कर्नाटक की ‘शक्ति योजना’ की शुरुआत के दौरान की है। इसी के तहत कॉन्ग्रेस ने अपने घोषणापत्र के वादे के हिसाब से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में यात्रा फ्री कर दिया है। योजना को लॉन्च किए जाने के कार्यक्रम के दौरान कॉन्ग्रेस MLA रूपकला बस चलाने लगीं। उन्होंने बैक गियर लगाया, जिससे बस पार्किंग में खड़ी गाड़ियों से टकरा गई। इससे कई गाड़ियाँ भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

फिर किसी तरह ड्राइवर ने बीच-बचाव करते हुए स्टीयरिंग अपने हाथ में थामा और बस को संभाला। लोग कह रहे हैं कि ड्राइवर अगर सतर्क होकर एक्शन नहीं लेता तो कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। लोग ये भी पूछ रहे हैं कि क्या कॉलर गोल्ड फील्ड विधानसभा क्षेत्र से विधायक रूपकला के पास बस चलाने का ड्राइविंग लाइसेंस है? अगर नहीं है तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति किए दी गई? ट्रैफिक पुलिस ने क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की है?

ज्ञात हो कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी है और सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने हैं। डीके शिवकुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। रूपकला 2018 के बाद 2023 में जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार विधायक बनी हैं। जिस बस से उन्होंने गाड़ियों को ठोका, वो ‘कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC)’ की है। जब वो बस ड्राइव कर रही थीं, तब ड्राइवर उनके बगल में ही खड़ा था। अन्यथा, कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

गंगोत्री के कारोबारियों ने भी ‘लव जिहाद’ के विरोध में बंद रखी दुकानें, पुलिस ने शुरू किया बाहरियों का सत्यापन: VHP नेता बोले – कार्रवाई में विफल रही पुलिस

उत्तराखंड के पुरोला में हुई ‘लव जिहाद’ की घटना के विरोध में गंगोत्री में भी व्यापारियों ने शनिवार (11 मई, 2023) को अपनी दुकानें बंद रखीं। यहाँ के भी व्यापारियों का आरोप है कि क्षेत्र में बाहरी लोगों की घुसपैठ से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। विरोध कर रहे लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उधर अब तक 11 दुकानदारों के पुरोला और आस-पास के इलाकों से चले जाने की खबर है।

इसमें से कुछ व्यापारी बरकोट और नौगाँव इलाके के भी हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, स्थानीय निवासियों की माँग पर पुलिस ने भी बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है।

पुरोला के विश्व हिन्दू परिषद अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कुछ मुस्लिम दुकानदारों के बाजार छोड़ने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि बाजार छोड़ने वालों ने यह कदम सत्यापन की प्रक्रियाओं के बाद उठाया है। रावत ने आगे बताया कि व्यापारियों और खास तौर पर बेटियों के चिंतित परिवारों की माँग पर पुलिस बाहरी लोगों का सत्यापन करवा रही है। हमें बताया गया कि उत्तरकाशी इलाके में ‘लव जिहाद’ की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है।

उदहारण के तौर पर हाल में घटी आराकोट की घटना का जिक्र किया गया जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति पर 2 हिन्दू महिलाओं से ‘लव जिहाद’ का आरोप लगा था।

VHP नेता रावत ने आगे बताया कि उत्तरकाशी में पहले भी ‘लव जिहाद’ की घटनाएँ हुईं हैं लेकिन पुलिस हर मामले में कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने बताया कि जिस मामले में पुरोलावासी विरोध कर रहे हैं उसमें भी पुलिस आरोपितों पर कार्रवाई से ज्यादा मुस्लिमों की सुरक्षा पर ध्यान दे रही है। रावत ने ऐसे माहौल में हिन्दू बेटियों की चिता जलाई। मिल रही जानकारी के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने माहौल सामान्य करने के लिए दोनों समुदायों के बीच बातचीत करवाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी किसी को कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ न करने की चेतावनी दी है।

बताते चलें कि 31 मई 2023 को उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में एक हिंदू नाबालिग लड़की का उवैद खान और जितेंद्र सैनी नाम के दो युवकों ने अपहरण कर लिया था। जितेंद्र की पुरोला में साइकिल रिपेयरिंग की दुकान है जबकि उबैद खान इसी बाजर में कंबल बनाता है। पीड़िता क्लास 9 की छात्रा है जो माता-पिता की मौत के बाद अपने मामा के साथ रहती है। फ़िलहाल दोनों आरोपितों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस घटना से नाराज हो कर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन प्रदर्शनों में बाहरी मुस्लिमों को उनके मूल घर भेजने की माँग की जा रही है।

हिजाब-धर्मांतरण वाले स्कूल पर चलेगा बुलडोजर, मस्जिद तक था गुप्त रास्ता: गेस्ट हाउस-हॉस्टल से लेकर हार्डवेयर-कपड़ों तक के व्यवसाय में फैला है कारोबार

जिस स्कूल में हिन्दू छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया गया, अब उस पर मध्य प्रदेश सरकार बुलडोजर चलाएगी। स्कूल में प्रधानाध्यापिका समेत 3 शिक्षिकाओं द्वारा इस्लामी धर्मांतरण करने की बात भी सामने आई थी। बुलडोजर चलाने से पहले दमोह के ‘गंगा जमना स्कूल’ को 3 दिनों की मोहलत दी गई है। रविवार (11 जून, 2023) को नगरपालिका की तरफ से स्कूल को नोटिस भी भेज दिया गया है। असल में स्कूल की एक इमारत को बिना अनुमति के ही बनाया गया है।

उक्त स्कूल का मालिक राशिद खान है, लेकिन दस्तावेजों में इसकी मालकिन उसकी बीवी रश्क-ए-जहाँ है। हाल ही में ये भी खुलासा हुआ कि मस्जिद तक इस स्कूल से गुप्त रास्ता बनाया गया था। स्कूल से जुड़े लोगों को हिरासत में भी लिया जा रहा है। कई फरार हैं। पेट्रोल पंप और दुकानें सहित स्कूल संचालक और उसके रिश्तेदारों के कई अन्य व्यवसायों पर भी छापा पड़ा है। प्रिंसिपल आफसा शेख, गणित शिक्षक अनस अतहर और चौकीदार रुस्तम पहले से ही जेल में हैं।

3 दिन के भीतर अगर ‘गंगा जमना स्कूल’ द्वारा नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो बुलडोजर चला कर इमारत को ध्वस्त कर दिया जाएगा। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आश्वासन दिया है कि जाँच सही दिशा में जा रही है और प्याज के छिलके की तरह परतें उघड़ रही हैं। मुख्य नगरपालिका अधिकारी भैया लाल ने स्कूल का निरीक्षण भी किया है। तीनों गिरफ्तार लोगों की जमानत याचिका न्यायलय ने ख़ारिज कर दी है।

ये भी खुलासा हुआ है कि भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में उसका गंगा जमना नाम से ही बहुमंजिला इमारत में बॉयज हॉस्टल, गेस्ट हाउस और रेडीमेड गारमेंट्स का शोरूम चल रहा है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने पूछा है कि क्या नाम बदल कर भोपाल में हॉस्टल चलाया जा रहा है? असल में हॉस्टल का नाम ‘श्रीराम’ है और उसका संचालक खुद को उपाध्याय बता रहा है। जबकि ये हॉस्टल ‘गंगा जमना स्कूल’ से जुड़ा है। हॉस्टल और शोरूम पर भी नोटिस चस्पा कर डिटेल्स माँगे गए हैं।

मैच फीस से भी 15% एक्स्ट्रा शुभमन गिल को देना होगा जुर्माना, टीम इंडिया पर 100% तो ऑस्ट्रेलिया पर 80% फाइन: WTC फाइनल के बाद ICC का डंडा

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC Final) के फाइनल में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया ने 209 रनों से हराया था। अब दोनों टीमों पर धीमी ओवर गति के कारण जुर्माना लगाया गया है। भारतीय टीम को पूरा मैच फीस बतौर जुर्माना देना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम को मैच फीस का 80 प्रतिशत जुर्माना भरना होगा। अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताने के कारण भारत के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल पर 15 प्रतिशत का जुर्माना लगा है। यानी टीम इंडिया को मैच फीस का 100 प्रतिशत तो शुभमन गिल को 115 प्रतिशत फाइन देना होगा।

दरअसल WTC के फाइनल में शुभमन गिल के कैच आउट होने पर ग्राउंड से लेकर सोशल मीडिया तक जमकर चर्चा हुई थी। गिल ने भी अंपायर के फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर कमेंट किया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए शुभमन गिल पर मैच फीसदी का 15% जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, उन्हें अपनी पूरी मैच फीस भी बतौर जुर्माना ICC को देनी होगी।

क्या है मामला

टीम इंडिया की दूसरी पारी में शुभमन गिल ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज स्कॉट बोलैंड की गेंद पर कैमरून ग्रीन को कैच थमा बैठे थे। गिल के बल्ले से लगने के बाद गेंद काफी नीचे थी। ऐसे में फील्ड अंपायर इस बात से संतुष्ट नहीं थे कि कैच पकड़ा गया है या नहीं। मामला टीवी अंपायर तक जा पहुँचा। थर्ड अंपायर रिचर्ड केटलब्रॉ ने रीप्ले देखने के बाद शुभमन गिल को आउट करार दिया था। 

(फोटो साभार: शुभमन गिल का इंस्टाग्राम अकाउंट)

दिन का खेल खत्म होने के बाद कुछ ही देर बाद शुभमन गिल ने थर्ड अंपायर के फैसले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर कैच लेते हुए कैमरून ग्रीन की फोटो के साथ ताली बजाते हुए इमोजी शेयर की थी। यही नहीं, ट्विटर पर भी वह थर्ड अंपायर के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते नजर आए थे।

चूँकि, किसी भी क्रिकेट मैच में अंपायर का फैसला ही आखिरी फैसला होता है। ऐसे में फैसले के खिलाफ किसी प्रकार की आलोचना या कमेंट करना ICC के अनुच्छेद 2.7 का उल्लंघन है। इसलिए आईसीसी ने शुभमन गिल पर जुर्माना लगाया है।

टीम इंडिया पर 100 फीसदी जुर्माना

टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों को WTC का फाइनल हारने के साथ ही अपनी पूरी मैच फीस ICC को देनी होगी। दरअसल, नियम के अनुसार किसी भी मैच में निर्धारित समय के भीतर की गेंदबाजी खत्म करनी होती है। यदि निश्चित समय के बाद भी ओवर बचे रह जाते हैं तो प्रत्येक ओवर के हिसाब से सभी खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया जाता है। 

यदि निश्चित समय के बाद एक ओवर बचा हुआ होता है तो मैच फीसदी का 20% जुर्माना भरना होता है। लेकिन टीम इंडिया पूरे 5 ओवर पीछे थी। ऐसे में ICC ने अनुच्छेद 2.22 के अनुसार मैच फीसदी का 100% जुर्माना ठोंका गया है। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम 4 ओवर पीछे थी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ियों पर मैच फीसदी का 80% जुर्माना देना होगा।

कस्तूरबा हॉस्टल की लड़कियों को पूजा-पाठ करने से रोकती थी वार्डन शमीम बानो, अवैध तरीके से बेटे को भी नौकरी पर रखा: MP के नर्मदापुरम का मामला

हाल के समय में मध्य प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में मजहबी घुसपैठ के कई मामले सामने आए हैं। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के सेमरी हरचंद स्थित कस्तूरबा गाँधी छात्रावास का है। हॉस्टल की वार्डन शमीम बानो पर छात्राओं पर मजहबी बातें थोपने, अपने बेटे को नियम के विरुद्ध नौकरी पर रखने जैसे आरोप लगे हैं। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की जाँच चल रही है।

बताया जा रहा है कि शमीम बानो छात्राओं को पूजा-पाठ से रोकती थी। अपने बेटे शफीक खान को उसने नियमों का उल्लंघन कर कम्प्यूटर ऑपरेटर रखा था। गर्ल्स हॉस्टल में उसकी बेरोकटोक आवाजाही थी। छुट्टियाँ होने के बाद भी वह छात्राओं को हॉस्टल बुलाता था। छात्राओं से छेड़छाड़ का भी उस पर आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के चलते छात्रावास में रहने वाली लड़कियाँ अपने घर जा चुकीं थीं। आरोप है कि इसके बाद भी हॉस्टल वार्डन शमीम बानो के बेटे शफीक खान ने दो लड़कियों को हॉस्टल में बुलाया था। कन्या छात्रावास में पुरुष ऑपरेटर की नियुक्ति समझ से परे है।

पत्रिका ने अपनी पड़ताल में खुलासा किया है कि हॉस्टल वार्डन शमीम बानो छात्राओं से जबरदस्ती मजहबी बातें करती थी। वह हॉस्टल में रह रही लड़कियों को पूजा करने से भी रोकती थी। इस मामले में छात्र संगठन ABVP ने एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस ज्ञापन में भी हॉस्टल वार्डन पर मजहबी बातें करने का आरोप लगाया गया है। 

दैनिक भास्कर से बातचीत में ABVP के नगर इकाई अध्यक्ष निपुण खंडेलवाल ने कहा है कि हॉस्टल वार्डन शमीम बानो ने नियम विरुद्ध तरीके से ऑपरेटर पद पर शफीक खान को रखा था। शमीम बानो आमतौर पर हॉस्टल में नहीं रहती थी, शफीक ही हॉस्टल में रहता था। शमीम छात्राओं पर मजहबी बातें भी थोपती थी। मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस बिसन ने वार्डन शमीम बानो को निलंबित कर दिया है और उसके बेटे को ऑपरेटर पद से हटा दिया है।

भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में जाँच अधिकारियों पर मामले की लीपापोती की आशंका जताई है, क्योंकि शुरुआती के बाद कहा जा रहा है कि छात्राएँ सप्लीमेंट्री एग्जाम की जानकारी लेने के लिए हॉस्टल गईं थी। मजहबी बातों से भी इनकार किया जा रहा है। शमीम बानो का कहना है कि उसे कम्प्यूटर चलाना नहीं आता है। इसलिए मदद के लिए बेटे को हॉस्टल बुलाती थी। गौरतलब है कि दमोह के गंगा जमुना स्कूल में भी जब गैर मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनाने का मामला सामने आया था तो शुरुआती जाँच में लीपापोती कर स्कूल प्रबंधन को क्लीनचिट देने की कोशिश हुई थी। लेकिन शिवराज सरकार की सख्ती के बाद जब जाँच हुई तो स्कूल में मजहबी घुसपैठ को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।

दामाद है वो पाकिस्तान का, इस बार दहेज में लाहौर ले जाएगा… टीजर में तारा सिंह की एंट्री ने मचाई ‘गदर 2’, इस बार चक्के से चटा रहा धूल

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सनी देओल की गदर-2 फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान हो गया। 11 अगस्त 2023 ये फिल्म पर्दे पर आएगी। उससे पहले आज इसका टीजर सामने आया।

जी स्टूडियोज ने अपने यूट्यूब चैनल पर 1 मिनट 8 सेकेंड का ये टीजर डाला। इसे देखने के बाद दर्शक काफी उत्साहित हैं। 4 ही घंटे में इस वीडियो को 30 लाख 80 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लोगों को इसके डॉयलॉग्स काफी पसंद आ रहे हैं।

टीचर में तारा सिंह इज बैक के साथ ही 1971 का समय दर्शाया गया है। देख सकते हैं वीडियो की शुरुआत में एक महिला की आवाज आती है- दामाद है वो पाकिस्तान का, उसे नारियल दो, टीका लगाओ, वरना इस बार दहेज में लाहौर ले जाएगा।

इसके बाद इसमें पाकिस्तान के इस्लामी कट्टरपंथियों को ‘क्रश इंडिया और अगला जुम्मा दिल्ली में’ जैसे नारे लगाते देखा जा सकता है। सनी देओल के उसी पुराने एक्शन को भी फिल्म में दिखाया गया जो पहली गदर में उन्होंने किया था। हालाँकि इस बार हैंडपंप की जगह हाथ में चक्का है। अंत में वह एक कब्र के पास हाथ जोड़कर दिखाई देते हैं और गाना चलता है- ओह घर आजा परदेसी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में भारत के विभाजन और लोगों के जीवन पर इसके प्रभाव का चित्रण दिखाया गया गै। सनी देओल ने इस फिल्म को लेकर बताया है कि ये फिल्न ‘गदर 2’ अपने पहले पार्ट की कहानी का विस्तार है। भारत की सबसे पसंदीदा पारिवारिक फिल्मों में से एक को वापस लाने में सक्षम होना एक आशीर्वाद है। फिल्म हमेशा प्यार, साहस और देशभक्ति की एक प्रेरक कहानी होगी। आशा है कि दुनिया तारा और सकीना का फिर से खुले दिल से स्वागत करेगी।