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रखैल बना कर रखेंगे… यूपी की शादीशुदा दलित महिला को सनाउल्लाह ले गया मुंबई, मुस्लिम बना कर किया निकाह: दोस्तों और अब्बा ने भी दिया साथ

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में दलित महिला से ‘लव जिहाद’ और धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। यहाँ बुधवार (31 मई, 2023) को सनाउल्लाह पर एक शादीशुदा महिला को धोखे से मुंबई ले जाने और वहाँ धर्म परिवर्तन करा के निकाह करने का आरोप लगा है। पीड़िता के पति द्वारा जब इसकी शिकायत आरोपित के परिवार में की गई तो वहाँ उसे जातिसूचक शब्द बोलते गए और जो करना है कर लेने की चुनौती दी गई। पुलिस ने कुल 5 आरोपितों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता को नासिक से बरामद कर लिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, मामला थाना क्षेत्र मिश्रौलिया का है। यहाँ पीड़िता के पति ने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, 31 मई को उनकी लगभग 20 वर्षीया पत्नी को रात लगभग 11 बजे सनाउल्लाह, अरमान और परवेज मिल कर बहला-फुसलाकर अपने साथ मुम्बई लेकर चले गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुंबई में आरोपितों द्वारा पहले उनकी पत्नी का धर्म परिवर्तन करा कर इस्लाम कबूल करवाया गया और बाद में उनसे निकाह किया गया।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उनकी पत्नी जाते समय घर में रखे 55 हजार रुपए नकद के साथ सोने और और चाँदी के आभूषण भी ले गई है। जब पीड़ित पति को मामले की जानकारी हुई तो उसने सनाउल्लाह के घर वालों से सम्पर्क किया। आरोप है कि इस सम्पर्क में सनाउल्लाह के घर वालों ने उसे गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए जातिसूचक शब्द कहे। पीड़ित की मानें तो सनाउल्लाह के अब्बा बाबूल्लाह और भाई सफीउल्लाह दोनो ने ‘जो करना है कर लो’ की चुनौती देते हुए पीड़िता को अपनी रखैल बना कर रखने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता ने आरोपित सनाउल्लाह को पहले से शादीशुदा बताया है और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 504 व 506 के साथ SC/ST एक्ट और उत्तर प्रदेश धर्मांतरण निरोधक कानून अधिनियम 2021 के तहत FIR दर्ज की है। मामले में सनाउल्लाह, बाबूल्लाह, अरमान, परवेज और सफीउल्लाह को नामजद किया गया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पति ने बताया कि सनाउल्लाह मुंबई में कोई नौकरी करता था और वही वो उनकी पत्नी को भी ले गया है। पीड़ित ने सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित की पत्नी ने मुंबई से अपने घर फोन कर के खुद को ले जाने के लिए कहा लेकिन बाद उनका फोन बंद हो गया। थोड़े समय पीड़िता ने नासिक से फोन कर के अपनी लोकेशन बताई तो घर वाले वहाँ पहुँच कर उन्हें साथ ले आए। बताया यह भी जा रहा है कि शिकायतकर्ता की साली ने अपने जीजा को अपनी बहन के फेसबुक से किसी सनाउल्लाह के सम्पर्क होने की जानकारी दी थी।

सिर्फ कमरे में न रहें… काशी को महसूस करें: G-20 बैठक में डेलीगेट्स से बोले PM मोदी, बताया- भारत में डिजिटलाइजेशन से आया क्रांतिकारी परिवर्तन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोजी ने वाराणसी में चल रहे जी 20 सम्मेलन को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जी 20 सदस्य देशों के मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने वाराणसी के आध्यात्मिक महत्व पर खास चर्चा की। उन्होंने कहा कि काशी सदियों से ज्ञान, चर्चा, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र रही है। जी-20 डेलीगेट्स केवल कमरे में न रहें बल्कि आकर वाराणसी घूमें।

पीएम मोदी ने जी20 में कई देशों के प्रतिनिधियों से कहा कि वो काशी को महसूस करें, इसकी अनुभूति करें। पीएम बोले वाराणसी सिर्फ उनका निर्वाचन क्षेत्र नहीं है बल्कि यहाँ माँ गंगा के साथ सारनाथ जैसे स्थल हैं। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि विकास को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत अपने अनुभव बाँटने को तैयार है। दुनिया को बचाने के लिए पर्यावरण पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। हम तो नदियों, पेड़ों का सम्मान करते हैं।

उन्होंने जी-20 बैठक को संबोधित करते हुए खुशी जाहिर की कि जी-20 का विकास एजेंडा काशी तक भी पहुँचा। उन्होंने कहा, “वैश्विक दक्षिण के लिए विकास एक प्रमुख मुद्दा है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सतत विकास लक्ष्यों को पीछे न जाने दें। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न रहे।”

पीएम मोदी ने भारत में डिजिटलाइजेशन से आए क्रांतिकारी परिवर्तन पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर भी बात की। उन्होंने कहा इस बैठक में कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने, डेटा को सुलभ बनाने और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए एक उपकरण के रूप में किया जा रहा है। भारत महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं है बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास तक फैला हुआ है।

‘एक ट्रैक पर फिर 2 ट्रेनें आईं आमने-सामने’ : सपा नेता ने भ्रामक Video से ट्विटर पर फैलाई सनसनी, रेलवे ने झूठ की पोल खोली

भारतीय रेलवे ने उन खबरों को भ्रामक और आधारहीन बताया है जिसमें बिलासपुर में एक ही पटरी पर 2 ट्रेनें आ जाने का दावा किया जा रहा है। इस दावे का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को समाजवादी पार्टी के नेता IP सिंह सहित नवभारत टाइम्स के पत्रकार सोमेश पटेल ने भी शेयर किया है। इन सभी ने वीडियो को बालासोर से जोड़ते हुए एक और ट्रेन हादसा टल जाने जैसे कैप्शन भी दिए हैं।

क्या है वायरल वीडियो में

समाजवादी पार्टी के नेता I P सिंह ने रविवार (11 जून 2023) को इस वीडियो को शेयर किया है। यह वीडियो 29 सेकेंड का है जिसमें ट्रैक पर कुछ ही दूरी पर 2 अलग-अलग ट्रेनें खड़ी दिखाई दे रहीं हैं। दोनों ट्रेनों के बीच में कुछ लोग खड़े दिख रहे हैं। इन्ही में से एक व्यक्ति वीडियो बना रहा है। वीडियो बनाने वाले ने मेमो ट्रेन और मालगाड़ी को एक ही ट्रैक पर दिखाते हुए जगह बिलासपुर बताई है। दोनों ट्रेनों के बीच 2 खम्बो की दूरी बताई गई। साथ ही वीडियो में भारतीय रेलवे पर टिप्पणी की गई है।

सपा नेता और पूर्व मंत्री I P सिंह ने इस वीडियो के बहाने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा, “21वीं सदी का भारत है। बड़े-बड़े झूठे दावे मोदी सरकार करती है। पड़ोसी देश चीन में 400km प्रति घण्टे की स्पीड से ट्रेन चलती हैं। वहीं भारत में 2000-3000 लोग उड़ीसा मारे गए आज के युग में एक साथ 3 ट्रेन हादसे। आज छत्तीसगढ़ बिलासपुर का वीडियो है एक ही ट्रैक पर दो रेलगाड़ियाँ आ गईं।”

समाजवादी नेता के इस ट्वीट पर उनके समर्थकों ने बिना पूरे मामले को जाने या समझे उनके ही सुर में सुर मिला दिए। तमाम लोगों ने आनन-फानन में रेलमंत्री और मोदी सरकार पर हमले शुरू कर दिए मोहम्मद वसीम रज़ा ने तो कमेंट में तंज के तौर पर ‘जय श्री राम’ लिख डाला।

चित्र साभार- @IPSinghSp

न सिर्फ समाजवादी पार्टी के नेता और उनके समर्थक बल्कि कुछ पत्रकारों ने भी इस वीडियो को एक और ट्रेन हादसे की आशंका के साथ शेयर किया है। ETV ने बाकायदा इस पर एक खबर भी बनाई है।

रेलवे ने बताई सच्चाई

इस वीडियो के वायरल होने के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे ने पूरे मामले की असलियत बताई है। रेलवे के मुताबिक जिस जगह है वीडियो वायरल हो रहा है वो स्थान जयरामनगर-बिलासपुर सेक्शन है। यह जगह ऑटोमेटिक सिग्नलिंग ब्लॉक सेक्शन में आता है। नियमानुसार जहाँ भी ऑटोमेटिक सिग्नलिंग ब्लॉक सेक्शन होता है वहाँ एक ही लाइन पर एक से अधिक गाड़ियों को एक ही समय में सिग्नल के आधार पर सुरक्षित तौर पर चलाया जाता है। जिस गाड़ी का वीडियो वायरल हो रहा उसका भी परिचालन इसी ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम के मुताबिक ही किया गया था।

इसी मामले को थोड़ा और स्पष्ट करते हुए रेलवे ने बताया कि ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम में 2 गाड़ियों के बीच का फासला लगभग 150 मीटर तक होता है। हालाँकि MEMU ट्रेन होने पर यह दूरी 75 मीटर तक भी हो सकती है। जिस MEMU ट्रेन की चर्चा वायरल वीडियो में हो रही है उसके पीछे LV का बोर्ड लगा हुआ है | इसके मतलब ये है कि आगे मेमू ट्रैन है और पीछे निश्चित दूरी पर दूसरी ट्रेन मौजूद है। रेवले ने इसमें किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं बताई है। पहले भी इसी तरह की एक भ्रामक खबर वायरल होने की जानकारी देते हुए रेलवे ने इसे शेयर कर रहे लोगों से सनसनी न बनाने की अपील की है। रेलवे का मानना है कि ऐसा करने से यात्रियों पर गलत प्रभाव पड़ता है।

चित्र साभार- दक्षिण पूर्व रेलवे

धोनी की तारीफ से हरभजन सिंह किलसे, फैन पर निकाली खुंदस: बोले- हाँ, उसने अकेले जिताए वर्ल्ड कप

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के लिए उनकी तारीफ होना सोशल मीडिया पर कोई नया नहीं हैं। उनके फैंस अक्सर उनके बनाए रिकॉर्ड्स को सोशल मीडिया पर साझा करते ही रहते हैं। 11 जून को भारत के WTC फाइनल हारने के बाद कुछ लोगों को फिर धोनी की कप्तानी की याद आ गई और उन्होंने वो समय याद करना शुरू कर दिया जब महेंद्र सिंह धोनी की सूझबूझ से भारत ने कई टूर्नामेंट जीते। हालाँकि, ट्विटर पर धोनी की होती तारीफ पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को रास नहीं आई और ट्वीट करके उन्होंने अपनी खुंदस निकाली।

यूजर पर भड़के हरभजन सिंह

एक यूजर ने धोनी के लिए लिखा, “कोई कोच नहीं था, कोई मेंटर नहीं था, सारे नए लड़के थे, बड़े खिलाड़ियों ने खेलने से मना कर दिया था, पहले कभी कप्तानी नहीं की थी…. फिर भी इस शख्स ने सेमीफाइनल्स में ऑस्ट्रेलिया को हराया और कप्तान बनने के 48 दिन में टी 20 वर्ल्ड कप जीता।”

इस कमेंट पर हरभजन सिंह ने लिखा, “हाँ जब ये मैच खेले गए थे तो यह युवा लड़का भारत से अकेले खेल रहा था। बाकी 10 नहीं.. इतना अकेले होकर उन्होंने विश्व कप ट्राफियाँ जीतीं.. विडंबना यह है कि जब ऑस्ट्रेलिया या कोई अन्य देश विश्व कप की सुर्खियाँ जीतता है तो कहता है कि ऑस्ट्रेलिया या आदि देश जीत गए। लेकिन जब भारत जीतता है तो कहा जाता है कि कप्तान जीत गया, यह एक टीम खेल है। एक साथ जीतें एक साथ हारते हैं।”

यूजर्स ने लिए मजे

हरभजन के खीझ भरे ऐसे ट्वीट को देखने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स अपनी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कोई कह रहा है कि आज जाकर हरभजन ने मन की भड़ास निकाली है तो कोई कह रहा है कि उन्होंने नशे में दिल की बात बोल दी है।

मधुर सिंह लिखते हैं, “आज भज्जी ने 2 पेग ज्यादा मार लिए हैं। कल सुबह बेचारा रिग्रेट करेगा। नशे में दिल की बात बोल गया अब पूरा देश गाली दे रहा है।”

आरायांश ने हरभजन को धोनी की क्वालिटी गिनवाई। उन्होंने कहा, “कम से कम उन्होंने कभी ग्राउंड पर किसी को थप्पड़ नहीं मारा। उनके जाने के बाद अब भी ये 10 खिलाड़ी आईसीसी ट्रॉफी नहीं ला पाए। तुम्हारे जैसे दोस्त होते हुए ये इतना शांत रहे कि भारत को कई जीत दिलाई।”

मेजर नील नाम के यूजर्स हरभजन से पूछते हैं, “हम लोग 2007 के टी 20 फाइनल की बात कर रहे हैं, तो आप बताओ आपने आखिरी ओवर में बॉल क्यों नहीं डाला था। कई क्रिकेटरों ने बताया कि आपने बॉल डालने से मना कर दिया था। इसलिए धोनी ने जोगिंदर को बॉल दिया ये जानते हुए कि अगर पाकिस्तान जीती तो फाइनल ओवर के कारण सारे आरोप उन पर लगेंगें।”

एक यूजर ने लिखा, हम हमेशा आभारी है धोनी के कि उन्होंने 2007 में लास्ट ओवर डालने का मौका जोगिंदर शर्मा को दिया, हरभजन सिंह को नहीं।

जब हरभजन की जगह जोगिंदर शर्मा को दिया धोनी ने लास्ट ओवर

बता दें कि साल 2007 के जिस टी 20 मैच पर हरभजन सिंह को लेकर यूजर्स सुना रहे हैं। उस मैच में धोनी के पास आखिरी ओवर कराने के लिए हरभजन सिंह और जोगिंदर शर्मा का विकल्प था। लेकिन इस मैच के 17वें ओवर में हरभजन की गेंदों पर मिस्बाह उल हक ने 3 छक्के मारे थे और इसी के बाद धोनी ने बड़ा जोखिम लेते हुए जोगिंदर शर्मा को फाइनल ओवर दिया था। मैच आखिरकार भारत ने जीता। लेकिन धोनी के इस फैसले पर बहुत सवाल उठे। इस पर धोनी ने कहा भी हरभजन श्योर नहीं थे कि उनकी योर्कर सही होगी या नहीं इसलिए उन्होंने जोगिंदर को बॉलिंग दी थी।

जोगिंदर जब गेंद करने आए तो पहले एक वाइड और एक डॉट बॉल गई। फिर दूसरी गेंद पर छक्का दे दिया। सबको लगा कि शायद धोनी ने गलत फैसला ले लिया। मगर तभी अगली गेंद गई और स्कूप शॉट खेलने की कोशिश में मिस्बाह कैच आउट हो गए। अब इसी मैच की बात छेड़ते हुए लोग कह रहे हैं कि धोनी का फैसला सही था। वरना हरभजन ने तो उस समय मन बना ही लिया था कि भारत को न जिताने का।

‘प्रसाद खाने से लौटी बेटे की आँख की रौशनी’ : रानी बेगम और जुनैद ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया, अब मिल रही कत्ल की धमकियाँ

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मुस्लिम महिला ने अपने बेटे सहित हिंदू धर्म अपना लिया है। दिव्यांग रानी बेगम नाम की इस महिला का दावा है कि मंदिर का प्रसाद खाने से उनके बेटे जुनैद की आँखों की रौशनी लौटी आई है। जुनैद की आँखें बचपन में ही खराब हो गईं थीं। हिंदू धर्म अपनाने के बाद जुनैद को अब उसकी ससुराल से मौत की धमकियाँ मिल रहीं हैं। शुक्रवार (9 जून 2023) को जुनैद ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने इन धमकियों का संज्ञान ले कर जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कानपुर के बाबूपुरवा का है। यहाँ एक किराए के मकान में दिव्यांग महिला रानी बेगम अपने 26 वर्षीय बेटे जुनैद के साथ रहती है। रानी के शौहर खुर्शीद का इंतकाल काफी समय पहले हो गया था। रानी का दावा है कि हिंदू धर्म में उनकी आस्था बचपन से थी। जुनैद के जन्म के समय उनकी आँखों में कुछ दिक्कत थी। थोड़े समय बाद उनके बेटे को पूरी तरह से दिखना बंद हो गया। रानी ने अपने बेटे का कई जगहों पर इलाज करवाया लेकिन उस से कोई फायदा नहीं हुआ।

रानी बेगम कुछ समय तक कानपुर के भाजपा नेता सतीश महाना के घर भी किराए पर रहीं हैं। इस दौरान उनकी एक हिंदू पड़ोसन उन्हें ले कर शोभन सरकार के मंदिर गईं। रानी का दावा है कि यहाँ मिले प्रसाद से उनके बेटे की आँखों की रौशनी लौट आई। इस चमत्कार के बाद रानी और उनके बेटे की हिंदू धर्म में और आस्था बढ़ गई। इस बीच जुनैद की शादी साल 2019 में कानपुर के ही बिंदकी इलाके की रहने वाली एक लड़की से हुई। जब लड़की के घर वालों को जुनैद की हिंदू धर्म में आस्था के बारे में पता चला तो वो काफी नाराज हुए।

हालाँकि जुनैद इस बीच में भगवा वस्त्र पहनने लगे थे और हाथों में अक्सर भगवान गणेश की मूर्ति रखा करते थे। आरोप है कि इन बातों से नाराज हो कर जुनैद की ससुराल वालों ने एक बार रानी बेगम को करेंट से मारने की भी साजिश रची। गले में रुद्राक्ष की माला डाल कर मीडिया से बात करते हुए जुनैद ने कहा, “भगवा वस्त्र हमें सुकून देता है। हिंदुओं ने हमारे साथ हमेशा अच्छा किया है। हम उन्हीं के बीच रहते आए हैं। गणेश जी हमारे लिए बहुत शुभ हैं। वो 5 वर्षों से घर में विराजमान हैं। समस्या सिर्फ ससुराल वालों से है। वो हमारे कत्ल की धमकी दे रहे हैं।”

जुनैद ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार 9 जून को जुनैद कानपुर के DCP दक्षिणी शिवजी शुक्ला से मिला और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। DCP के निर्देश पर पुलिस ने जुनैद को उनकी ससुराल से मिल रही धमकियों पर जाँच शुरू कर दी।

बंगाल की ‘हिंसक घटनाओं’ की रिपोर्ट्स पर NHRC ने लिया संज्ञान: ममता सरकार को नोटिस भेजा, चुनाव से पहले अपना ऑब्जर्वर भी नियुक्त किया

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेते हुए अपने एक सीनियर अधिकारी को पश्चिम बंगाल में मानवाधिकार पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया है। DG स्तर के ये पर्यवेक्षक राज्य चुनाव आयोग से बातचीत कर के आने वाले पंचायत चुनावों में संवेदनशील स्थानों की पहचान करेगा। आयोग ने ममता सरकार के गृह मंत्रालय को भी नोटिस जारी करते हुए उनके द्वारा मानवाधिकार संरक्षण के प्रयासों पर रिपोर्ट तलब की है। NHRC ने अपने इस कदम की जानकारी रविवार (11 जून 2023) को दी है।

NHRC के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा के दौरान घटी घटनाओं के बारे में मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया गया है। इस रिपोर्ट में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। पहले उदाहरण के तौर पर पूर्वी मेदिनीपुर जिले में एक 60 वर्षीय बूथ ध्यक्ष की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या का जिक्र है। इस हत्याकांड में मृतक के परिजनों ने विरोधी दल के 34 स्थानीय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था। दूसरे मामले में संजय तांती नाम के व्यक्ति को कथित तौर पर अज्ञात स्थान पर ले जा कर बुरी तरह से पीटा गया था।

NHRC ने तीसरे मामले के तौर पर आसनसोल (पश्चिम बर्धमान) के राजेंद्र शॉ नाम के नेता की हाईवे पर गोली मार कर हुई हत्या का जिक्र किया है। मानवाधिकार आयोग ने यह भी माना है कि इन घटनाओं के अलावा भी पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं। इन हिंसाओं में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत शामिल है। NHRC ने अपनी प्रेसनोट में पश्चिम बंगाल में साल 2018 के चुनावों को सबसे हिंसक और खूनी माने जाने की टिप्पणी की है।

पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए मानवाधिकार आयोग ने भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय रहते कदम उठाए जाने की जरूरत पर जोर दिया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए बताया है कि कोई राज्य सरकार किसी एक समूह द्वारा दूसरे समूह को दी जा रही धमकियों को सहन नहीं कर सकती। आयोग द्वारा किसी भी राज्य सरकार द्वारा हर किसी की सुरक्षा उसका संवैधानिक कर्तव्य भी बताया गया है। आयोग ने NHRC ने अपने जाँच विभाग के DG (महानिदेशक) विशेष मानवाधिकार पर्यवेक्षक के रूप में पश्चिम बंगाल में नियुक्त करने का फैसला लिया है।

DG जाँच के नेतृत्व में मानवाधिकार आयोग की टीम पश्चिम बंगाल राज्य में घटने वाली किसी भी घटना का ऑन द स्पॉट सर्वेक्षण करेगी। साथ ही यही टीम राज्य चुनाव आयोग के साथ मिल कर उन संवेदनशील स्थानों को भी चिन्हित करेगी जहाँ हिंसा की आशंका अधिक रहती है। जब संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान हो जाएगी तो उसके बाद डीजी (जाँच) पंचायत चुनावों को भयमुक्त और निष्पक्ष सम्पन्न करवाने को ले कर एक रिपोर्ट पेश करेंगे। इस रिपोर्ट में संवेदनशील इलाकों में माइक्रो ह्यूमन राइट्स ऑब्जर्वर की तैनाती जैसे कदम शामिल होंगे।

इन सभी तैयारियों के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपने DG जाँच को सहयोग करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया है। नोटिस में इन सभी से राज्य में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी माँगी गई है। NHRC ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर के अपने इस कदम की जानकारी दे दी है।

पीना पड़ा टॉयलेट का पानी, कई बार हुआ मलेरिया-बुखार: नाइजीरिया की जेल से 9 माह बाद छूटे भारतीय नाविकों ने सुनाया हाल, मोदी सरकार को धन्यवाद कहा

अफ्रीकी देश नाइजीरिया में तेल तस्करी के आरोप में पकड़े गए भारत के 3 नाविकों के दल को लगभग 9 माह बाद आखिरकार रिहा कर दिया गया है। ये तीनों शनिवार (10 जून 2023)को सकुशल केरल पहुँच गए हैं। वतन वापसी के बाद रिहा हुए नाविकों ने भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया है। इस दौरान उन्होंने नाइजीरिया की जेल में अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में भी बताया है। नाविकों का आरोप है कि जेल में उन्हें टॉयलेट के लिए प्रयोग होने वाला पानी पीने पर मजबूर होना पड़ा था। इस दौरान कई बंदी बीमार भी हो गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों नाविकों को अगस्त 2022 में नाइजीरिया की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके नाम सानू जोसेफ, वी विजिथ और वीर इदुन हैं। इन तीनों को नाइजीरया की जेल में अमानवीय ढंग से रखा गया। रिहा होने के बाद तीनों नाविकों ने बताया है कि उन्होंने अपनी घर वापसी की उम्मीदें छोड़ ही दीं थीं। जेल में रहने के दौरान इन तीनों को वो पानी पीने के लिए मजबूर किया गया जो शौचालय में प्रयोग होता था। साथ ही कैदियों को अक्सर मलेरिया बीमारी हो जाया करती थी। बीमारी के दौरान इन तीनों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया जाता था।

कैदियों ने आगे बताया कि जेल में उन्हें तरह-तरह के डर दिखाए जाते थे। इसमें कभी न छूटने जैसी बातें भी शामिल होती थीं। रिहा हुए कैदियों का मानना है कि उनकी रिहाई में भारत सरकार ने काफी प्रयास किए। भारतीय पासपोर्ट की पहचान की प्रसंशा करते हुए नाविकों ने इसे दुनिया के लिए मूलयवान बताया। इन तीनों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, केरल सरकार के साथ नाइजीरिया में भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रह्मण्यम को भी उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

इन सभी का कोच्चि एयरपोर्ट इनके परिजनों और भारतीय अधिकारियों ने स्वागत किया। बताते चलें कि अगस्त 2022 में जब इन तीनों को सानू जोसेफ, वी विजिथ और वीर इदुन को नाइजीरिया में तेल की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। तब उस जहाज पर चालक दल के कुल 26 लोग सवार थे जिसमें 16 भारतीय थे। गिरफ्तार किए गए सोनू जोसेफ इस पानी के जहाज के मुख्य ऑफिसर थे।

बस रुकवाकर 2 मुस्लिमों ने नमाज ही तो पढ़ी… क्या कयामत आ गई: UP की घटना पर बोले असदुद्दीन ओवैसी

उत्तर प्रदेश के बरेली में यूपी रोडवेज की बस रुकवाकर नमाज पढ़ने के मामले में ओवैसी का बयान आया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि क्या नमाज पढ़ ली अगर दो मुसलमानों ने तो कयामत आ गई।

ओवैसी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के बरेली से बस जा रही थी। बस रास्ते में रुकी तो किसी मुसलमान ने कहा कि भाई तीन मिनट रुक जाओ। हम नमाज पढ़ लेते हैं। सिर्फ दो मुसलमानों ने वहाँ नमाज पढ़ी… तो कृष्णपाल सिंह ड्राइवर को सस्पेंड और मोहित यादव को बर्खास्त कर दिया गया।”

ओवैसी ने पूछा, “अगर नमाज पढे तो क्या कयामत आ गई? अगर नमाज पढ़ना गुनाह है तो पूरे सरकारी दफ्तरों में किसी के धार्मिक निशान नहीं होने चाहिए। किसी भी कलेक्टर के दफ्तर का उद्धाटन हो.. सचिवालय हो, कोई भी मजहबी त्यौहार नहीं होना चाहिए। दो मिनट के लिए बस रुकी तो आपने बस के ड्राइवर को सस्पेंड और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी कंडक्टर मोहित यादव को बर्खास्त कर दिया। आप सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की बात करते हैं।”

गौरतलब है कि 3 जून 2023 को जनरथ बस बरेली से गाजियाबाद के कौशाम्बी स्टॉप तक जा रही थी। इसी दौरान एक जगह बस रुकी जहाँ 2 मुस्लिमों ने उतरकर नमाज पढ़ी। घटना के बाद शनिवार (4 जून 2023) को सत्येंद्र नाम के एक व्यक्ति ने खुद को बस यात्री बता कर परिवहन विभाग मुख्यालय से इस संबंध में एक शिकायती ट्वीट किया। अपनी शिकायत के समर्थन में सत्येंद्र ने टिकट के साथ एक वीडियो भी अटैच किया था।

इस वीडियो में इस्लामी वेशभूषा में सड़क पर 2 लोगों को नमाज़ पढ़ते देखा गया। बस के यात्री कंडक्टर से नमाज़ के लिए यात्रा रोके जाने का विरोध करते दिखाई दे रहे थे। हालाँकि इन सभी के जवाब में कंडक्टर उन्हें हिन्दू-मुस्लिम न करने की नसीहत देता दिखाई दे रहा था। घटना की जब वीडियो वायरल हुई तो प्रशासन ने ड्राइवर को सस्पेंड और कंडक्टर की कॉन्ट्रैक्ट सेवा को समाप्त कर दिया।

खेले 9 ICC टूर्नामेंट, जीता एक भी नहीं: WTC फाइनल में भारत की हार से इंडियन फैंस नाराज, पूछ रहे- और कितना करें इंतजार

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC FINAL) के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत (IND vs Aus) को 209 रनों से करारी शिकस्त दी है। ऑस्ट्रेलिया के 444 रनों के लक्ष्य के सामने टीम इंडिया 270 रन ही बना सकी। इस हार के साथ ही भारत का ICC ट्रॉफी जीतने का एक और सपना चकनाचूर हो गया। बीते एक दशक में भारत ने 9 ICC टूर्नामेंट खेले हैं। लेकिन किसी मे भी जीत नहीं मिल सकी।

टीम इंडिया की हार के कारण…

टीम इंडिया की हार का सबसे कारण उसकी बल्लेबाजी रही। अजिंक्य रहाणे के अलावा कोई भी बल्लेबाज मैदान में रुककर खेलने की कोशिश करता दिखाई नहीं दिया। इसके अलावा, भारतीय गेंदबाजी में भी वह धार नजर नहीं आई, जिसकी फैंस उम्मीद कर रहे थे। यही कारण है कि पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हेड ने शतक जड़ते हुए टीम के लिए 284 रन जोड़ दिए थे। वहीं, टीम इंडिया शतक तो दूर शतकीय साझेदारी के लिए भी तरसती नजर आई। 

टीम इंडिया की इस हार पर कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है, “ट्रेविस हेड और स्मिथ के कारण ऑस्ट्रेलिया यह मैच जीतने में कामयाब हुआ। ऑस्ट्रेलिया की जीत का श्रेय उन्हें ही जाता है।  हमारे बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। दूसरी पारी में गेंदबाजों ने लय हासिल कर ली थी। लेकिन हम इसका भी फायदा नहीं उठा सके। ओवल क्रिकेट ग्राउंड में आए दर्शक बेहतरीन हैं, उन्होंने हमेशा की तरह उत्साह बढ़ाया। मैं सभी फैंस का शुक्रिया अदा करता हूँ। हम अपना मनोबल बनाए रखेंगे और अगले WTC फाइनल की तैयारी करेंगे।”

वहीं, टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने कहा, “हमने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। इस फैसले से हम काफी खुश थे। ऑस्ट्रेलिया को 70 पर 3 झटके भी दे दिए थे। लेकिन यह पिच 469 रन देने लायक नहीं थी। हालाँकि यह हुआ। बल्लेबाजों ने जिस तरह का शॉट सलेक्शन किया उसका खामियाजा हमें भुगतान पड़ा। मैं यहाँ शिकायत नहीं कर रहा हूँ। लेकिन IPL के बाद हमारे पास तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था।”

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी भारतीय बल्लेबाजों के शॉट सलेक्शन पर निराशा जताई। उन्होंने कहा है, “रोहित, विराट और रहाणे अपने शॉट सलेक्शन से खुश नहीं होंगे। तीनों बेहतरीन खेल रहे थे। लेकिन गलत तरीके से आउट हो गए।”

भले ही इस मैच में विराट कोहली कुछ खास नहीं कर पाए। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने उनकी तारीफ की है। स्मिथ ने कहा है, “विराट कोहली एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। हम सभी यह जानते हैं लक्ष्य का पीछा करते हुए उनके बल्ले से काफी रन निकलते हैं। उनका विकेट हासिल करने के लिए हमें काफी मेहनत करनी पड़ी।”

टीम इंडिया बन चुकी है असली चोकर…?

टीम इंडिया को एक के बाद एक जिस तरह से बड़े टूर्नामेंट के फाइनल या सेमीफाइनल में पहुँचने के बाद हार का सामना करना पड़ रहा है, उससे यह सवाल उठता है कि क्या अब टीम इंडिया का नाम भी दक्षिण अफ्रीका की तरह चोकर्स की श्रेणी में आएगा। आँकड़ों पर नजर डालें तो भारतीय क्रिकेट टीम ने बीते एक दशक में 9 ICC टूर्नामेंट खेले हैं। इन सभी में टीम इंडिया को हार का मुँह देखना पड़ा।

टीम इंडिया ने आखिरी बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2013 में ICC चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। इसके बाद से आईसीसी ट्रॉफी जीतना महज एक सपने की तरह बन कर रह गया है। टीम इंडिया ऐन मौके पर हार जाती है और फैंस के हाथों सिर्फ निराशा लगती है। ICC ट्रॉफी में भारत की हार का सिलसिला साल 2014 से लगातार चला आ रहा है। टीम इंडिया को साल 2014 के टी20 विश्व कप के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2015 में हुए आईसीसी वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर टीम इंडिया बाहर हो गई थी।

इसके अलावा, साल 2016 में हुए टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल, 2017 में हुई चैंपियन्स ट्रॉफी के फाइनल, 2019 में हुए वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल, 2021 में हुए WTC के फाइनल, साल 2022 में टी20 विश्व कप के फाइनल और अब साल 2023 में हुए एक और ICC WTC फाइनल में टीम इंडिया को हार झेलनी पड़ी है। यदि भारतीय क्रिकेट टीम की हार का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता तो वह दिन दूर नहीं जब इस टीम पर भी चोकर्स का तमगा लग जाएगा।

WTC फाइनल में हार के बाद टीम इंडिया के फैंस बेहद नाराज नजर आए। आइए देखते हैं कुछ सोशल रिएक्शन:

पहले किया नाबालिग दलित लड़की का गैंगरेप, फिर बच्ची को फंदे पर लटकाया: सीतापुर में आलम, कैफ और आकिब गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में दलित समुदाय की एक नाबालिग लड़की के गैंगरेप के बाद हत्या की खबर है। पीड़िता के पिता ने अपनी FIR में आकिब, आलम और कैफ नाम के 3 मुस्लिम युवकों को नामजद किया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। घटना 9 जून 2023 (शुक्रवार) की है।

यह मामला सीतापुर के थानाक्षेत्र तम्बौर का है। यहाँ रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के पीड़ित पिता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित की शिकायत के मुताबिक मृतका की उम्र 16 साल है। 9 जून 2023 (शुक्रवार) की घटना बताते हुए मृतका के पिता ने बताया कि पठनपुरवा के रहने वाले आलम, कैफ और आकिब ने उनकी बेटी से बारी-बारी गैंगरेप किया। आरोप है कि इसी दिन तीनों ने मिल कर पीड़िता को फाँसी लगा कर मार डाला और उसके पिता को थाने तक नहीं जाने दिया।

आखिरकार अगले दिन मृतका का पिता जैसे-तैसे थाने पहुँचा और अपनी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आलम, आकिब और कैफ के खिलाफ IPC की धारा 341, 376 DA, 302, SC/ST एक्ट और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। पीड़िता का शव घर में फाँसी के फंदे पर लटकता मिला था। पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ समय पहले आरोपितों और मृतका के परिवार के बीच झगड़ा हुआ था। इस झगड़े को स्थानीय संभ्रांत नागरिकों ने बीच-बचाव कर के खत्म करवा दिया था।

इस घटना की जानकारी होते ही हिन्दू संगठनों ने आक्रोश जताया। ऑपइंडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय हिन्दू शेर सेना के अध्यक्ष विकास हिन्दू ने मृतका के परिजनों को मुआवजा और आरोपितों को फास्टट्रैक कोर्ट में केस चला कर फाँसी देने की माँग की। विकास हिन्दू ने हमें बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वो मृतका के घर जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें प्रशासन ने रोक लिया था। उन्होंने सीतापुर में बढ़ रही ऐसी घटनाओं पर भी अंकुश लगाने की अपेक्षा जताई।