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‘विदेशों में जैसा PM मोदी का स्वागत, वैसा कभी नहीं देखा’: काशी पहुँचे विदेश मंत्री S जयशंकर ने दलित के घर किया भोजन, G-20 बैठक के लिए लगा जमावड़ा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) वाराणसी पहुँच गए हैं और 12-13 जून 2023 के बीच होने वाले G-20 के विकास मंत्रियों के साथ शाम को डिनर करेंगे। इससे पहले उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक कर बात की और फिर कैलाश मठ में ही उन्होंने महादेव के दर्शन किए।

उधर, वाराणसी पहुँचे जी-20 के विदेश मंत्रियों का स्वागत करने के लिए विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर भी वाराणसी पहुँचे हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पैट्रिक कॉनरॉय, भारत में ब्राजील के राजदूत मौरिसियो लिरियो, यूरोपीय आयुक्त जट्टा उरपिलैनेन, जर्मनी के विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज़, जापानी मंत्री शुनसुके टेकी और चीन के झाओ यिफ़ान सहित कई देशों के नेता पहुँच चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ होटल ताज में डिनर से पहले शाम को ये वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर शाम की गंगा आरती में शामिल होंगे। इसके अलावा, ये विदेशी मेहमान सारनाथ और नमो घाट पर भी भ्रमण करने के लिए जाएँगे। उनके आगमन को देखते हुए दशाश्वमेध घाट की सजावट की गई है। घाट की सीढ़ियों पर सोफा लगाया गया है और फूलों से सजावट की गई है।

उधर, वाराणसी पहुँचे जयशंकर ने पार्टी की दलित बूथ अध्यक्ष सुजाता के आवास पर जाकर नाश्ता किया। जयशंकर ने साथ अन्य स्थानीय नेता भी मौजूद थे। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुजाता ने कहा, “हम कल से उनके स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। मेरा पूरा परिवार घर की सफाई में लगा हुआ है। मुझे खुशी है कि उनके जैसा कोई नेता हमारे घर आ रहा है।”

जी-20 सदस्य देशों के विकास मंत्रियों की तीन दिवसीय बैठक महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में शुरू हुई और इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं। इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक विशेष वीडियो के जरिए संबोधित किया।

अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि उन्होंने अपने 45 साल के करियर में किसी प्रधानमंत्री का उस तरह स्वागत होते हुए नहीं देखा, जैसा कि फिजी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने पीएम मोदी का किया था।

विदेश ने कहा कि विदेशी प्रतिनिधियों के लिए दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक वाराणसी की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की एक झलक देने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और भ्रमण की योजना बनाई गई है।

‘स्टार किड्स के लिए करियर बनाना नहीं आसान, मेरे मुँह से खून आ गया था’ : नेपोटिज्म पर संगीतकार अनु मलिक (अनवर), कहा- बेटी ने मुझसे ज्यादा संघर्ष किया

बॉलीवुड संगीतकार अनवर सरदार “अनु” मलिक ने नेपोटिज्म पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बॉलीवुड में करियर बनाना आज स्टार किड्स के मुकाबले बाहरी लोगों के लिए आसान है। उन्होंने बताया कि जैसे उन्हें इस इंडस्ट्री में स्ट्रगल करना पड़ा था। वैसे ही उनकी बेटियों को इंडस्ट्री में स्ट्रगल करना पड़ा।

उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, “जो लोग सोचते हैं कि स्टार किड्स के लिए करियर बनाना आसान है तो ऐसा नहीं होता। मुझको तो लगता है कि किसी बाहरी के लिए यहाँ स्टार किड्स से ज्यादा आसान है करियर बनाना। मेरी बेटी लाजवाब सिंगर है। मैंने अपने जीवन में तमाम गायकों की मदद की लेकिन क्या कोई मेरी बेटी के साथ काम करने की इच्छा लेकर आगे आया। उसने नागिन डांस, टल्ली और तमाम गाने गए। उसने मुझसे ज्यादा संघर्ष किया।”

अनु मलिक कहते हैं, “मेरी बेटी ने कभी किसी से काम नहीं माँगा। कई दरवाजे उसके मुँह पर बंद कर दिए गए। मेरी बेटी ने बहुत कठिनाइयाँ देखीं। मुझसे भी ज्यादा। मेरी छोटी बेटी अदा ने भी बहुत मेहनत की। वो फैशन डिजाइनर है। मैंने और मेरी पत्नी ने अपने बच्चों को पढ़ाया और समाज में सिर उठाकर चलना सिखाया।”

गायक नेपोटिज्म पर बात करते हुए कहते हैं, “जो लोग नेपोटिज्म पर चर्चा करते हैं उन्हें पता होना चाहिए कि स्टार किड्स के बच्चे भी मेहनत करते हैं। न मेरी बेटी को पता था वो अनु मलिक की बेटी है और न ही उनको पता था कि वो म्यूजिशियन सरदार मलिक के बेटे होंगे। लोगों ने गाने सुने। मगर उन्हें मेहनत का नहीं पता। मैंने अपने आप को बनाने के लिए बहुत मेहनत की है।”

समाचार एजेंसी से बात करते हुए अनु कहते हैं, “तन की, मन की, धन की तकलीफ देखी है मैंने। एक बार मैंने तेज आवाज में गाना शुरू किया मेरे मुँह से खून आ गया। ये सिर्फ आपकी मेहनत और भगवान में आस्था है जो आपको आपके करियर में आगे बढ़ने का मौका देती है।”

अहमदनगर और कोल्हापुर के बाद अब हिंसा की आग में जला जलगाँव: मंदिर में तोड़फोड़ और पुलिस पर पत्थरबाजी, कर्फ्यू लगा

महाराष्ट्र के अहमदनगर और कोल्हापुर के बाद अब जलगांव जिला हिंसा की आग में जल रहा है। यहाँ के अलमनेर कस्बे में बच्चों के खिलौने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को धारा 144 लगानी पड़ी है। वहीं, इलाके के मंदिर और दुकानों में भी तोड़फोड़ की खबर है। इस मामले में पुलिस ने 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए 60 लोगों को हिरासत में लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार (9 जून, 2023) की रात करीब 10 बजे बच्चों के खिलौने को लेकर तीखी नोंक-झोंक के बाद मामला हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर एक दूसरे पर जमकर पथराव किया गया। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने जब दोनों गुटों को शांत होने के लिए कहा तो उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया।

इसके बाद उपद्रवियों को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान 4 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। उधर हिंसक झड़प के बाद एक गुट ने मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। इससे दूसरा पक्ष भड़क गया और एक बार दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई। 

फिलहाल हालात देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 10 जून से लेकर 12 जून तक तक कर्फ्यू लगाया दिया है। जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू बढ़ने की भी संभावना है। जलगांव पुलिस अधीक्षक एम राजकुमार ने लोगों से अफवाह फैलाने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। 

पुलिस अधीक्षक ने कहा है, “मामूली बात को लेकर 2 गुटों में झगड़ा हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई। हम लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील करते हैं।” वहीं, SDM कैलास कडलग ने लोगों से कर्फ्यू के दौरान अपने घरों में रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने अब 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 353 (सरकारी काम में बाधा का प्रयास), 143 (गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना), 148 (दंगे) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा कुल 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात कही जा रही है। वहीं, पुलिस ने अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 60 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि गत सप्ताह औरंगजेब और टीपू सुल्तान की फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट करने को लेकर कोल्हापुर में हिंसा भड़क गई थी। दोनों पक्षों को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन को यहाँ भी धारा 144 लगाना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, अहमद नगर में छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद यहाँ हिंसा भड़क गई थी।

व्हाट्सएप्प पर लगा दी औरंगजेब की तस्वीर: कोल्हापुर-अहमदनगर के बाद अब नवी मुंबई में दंगे की कोशिश, हिन्दू संगठनों की शिकायत पर FIR दर्ज

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में सोशल मीडिया के प्रोफाईल पिक्चर में क्रूर मुगल आक्रांता औरंगजेब (Aurangzeb) की तस्वीर लगाने पर वाशी थाने की पुलिस ने एक शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित जियो गैलरी (Jio Gallery) में काम करता है। उसके खिलाफ हिंदू संगठनों ने शिकायत दी थी।

छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के राज्याभिषेक के दिन कुछ मुस्लिमों द्वारा मोबाइल पर औरंगजेब और टीपू सुल्तान के स्टेट्स लगाने के बाद महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान जमकर पथराव हुआ था। हालात को सँभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था।

नवी मुंबई के आरोपित ने जब WhatsApp के अपने प्रोफाईल पिक्चर में औरंगजेब की तस्वीर डाली तो एक शख्स ने इसका स्क्रीनशॉट ले लिया और इसे वायरल कर दिया। इसके बाद यह वायरल तस्वीर सकल हिंदू समाज (SHS) संगठन के कार्यकर्ताओं के पास पहुँची। इसके बाद कार्यकर्ता वाशी थाना पहुँचे और आरोपित के खिलाफ शिकायत दी।

थाना पहुँचने के साथ ही संगठन के कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के जमकर नारे लगाए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने इनकी बातों को ध्यान से सुनने के बाद मुकदमा दर्ज किया और आरोपित को CrPC की धारा 41A का नोटिस दिया। समाज में द्वेष फैलाने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

बताते चलें इससे पहले, छत्रपति शिवजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस 6 जून 2020 (मंगलवार) को मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने आपत्तिजनक पोस्टर अपने व्हाट्सएप स्टेटस के तौर पर लगाए थे। इन पोस्टरों में टीपू सुल्तान और औरंगजेब की तस्वीरें थीं। स्टेट्स लगाने वाले तीनों आरोपित नाबालिग बताए जा रहे हैं।

इन पोस्टरों के वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई की माँग उठाई। हिन्दू संगठनों ने इसे राष्ट्र पुरुषों का अपमान करने वाली पोस्ट करार दिया है। इसके बाद। अहमदनगर में तनाव फैल गया और कोल्हापुर में में हिंसा भड़क उठी। ऐसा ही अहमदनगर में हुआ, जिसके कारण वहाँ भी हिंसा हुई।

लड़की ने इस्लाम अपना कर मुस्लिम युवक से किया निकाह तो परिवार ने कर दिया पिंडदान, ‘कुपुत्री’ के लिए शोक सन्देश भी लिखवाया: कहा – 22 साल पाला, उसने गला घोंट दिया

मध्य प्रदेश के जबलपुर में मुस्लिम युवक से लव मैरिज करने वाली लड़की के घर वालों ने उसका पिंडदान कर दिया है। इस अनोखे अंतिम संस्कार के बाकायदा कार्ड भी छपवाए गए।। लड़की की माँ ने अपनी बेटी को लव जिहाद का शिकार बताते हुए उसने अपने लिए मर जाने की बात कही है। पिंडदान रविवार (11 जून 2023) को नर्मदा नदी के तट पर किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लड़की के घर वालों ने उसका सिर्फ पिंडदान करवाया गया है मृत्युभोज का भी आयोजन किया। अयाज से शादी कर के उजमा फातिमा बनी अनामिका के परिजनों ने कहा है कि उनकी बेटी ने उन्हें समाज में कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। वहीँ लड़की के भाई ने भी पिंडदान किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि, “हमने सोचा था कि कन्यादान करेंगे लेकिन पिंडदान करना पड़ रहा है।” लड़की के घर वालों ने पूरी घटना पर ‘जो होता है वो अच्छे के लिए’ की टिप्पणी भी की।

इस पूरे कार्यक्रम के दौरान साधु-साध्वियों के बीच में लड़की के परिजनों ने रोते हुए दुःख को व्यक्त किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कार्ड में ऊपर ‘ॐ शाँति’ से शुरुआत की गई है। फिर बड़े-बड़े अक्षरों में शोक संदेश लिख कर लड़की के पिता ने अपनी बेटी को कुपुत्री लिखवाया है। वायरल कार्ड में लड़की के के पिता चंद्रिका ने अपनी बेटी की मौत 2 अप्रैल 2023 (रविवार) को होना बताया है। कार्ड में लोगों से पिंडदान में शामिल हो कर ‘नरकगामी’ आत्मा की शाँति की प्रार्थना की कामना की गई है। कार्ड के सबसे ऊपर अनामिका उर्फ़ उजमा फातिमा की फोटो लगाई गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अनामिका के परिजनों ने मीडिया से कहा, “जिस लड़की को किसी पौधे की तरह सींचकर 22 साल तक पाला-पोसा, भगवती की तरह पूजते रहे, उसने बेटी शब्द का ही गला घोंटकर रख दिया।” गौरतलब है कि इसी माह जून 2023 में उजमा फातिमा उर्फ़ अनामिका की अयाज से शादी का कार्ड वायरल हुआ था। कार्ड के वायरल पर लड़की की माँ सामने आई थी और इसे ‘लव जिहाद’ बताते पुलिस से बेटी को वापस दिलाने की माँग की थी।

हालाँकि, मध्य प्रदेश पुलिस ने लड़की के माँ के आरोपों का खंडन करते हुए इसे दोनों परिवारों की आपसी सहमति से बना रिश्ता बतया था।

दलित महिला की मजहर के 4 बेटों ने मिलकर की पिटाई, गाली-गलौच और धमकी देकर फरार हुए: UP पुलिस ने इरफान को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दलित महिला की पिटाई का मामला सामने आया है। पीड़िता का नाम शिवकली है। शिवकली के साथ उनके बेटे रामू को भी पीटा गया है और जातिसूचक शब्द बोले गए हैं। पिटाई का आरोप मजहर नाम के व्यक्ति के 4 बेटों पर लगा है। पुलिस ने 1 आरोपित इरफ़ान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि फरार चल रहा आरोपित नन्हे पीड़िता के घर पहुँच कर केस वापसी का दबाव बना रहा है। घटना शुक्रवार (9 जून 2023) की है।

मामला सीतापुर जिले के थानाक्षेत्र पिसांवा का है। यहाँ गाँव सेजखुर्द के रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के रामू ने 9 जून को पुलिस को सूचना दी कि घटना के दिन वह गाँव के पास किसी व्यक्ति से खेतों की बुवाई-जुताई की बात कर रहा था। रामू की माँ शिवकली भी यहाँ मौजूद थीं। इस दौरान हो रही बातचीत में मज़हर का बेटा इरफ़ान भी बेवजह दखलंदाजी करने लगा। रोके जाने पर इरफ़ान ने रामू को जातिसूचक गालियाँ देना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में इरफ़ान के अन्य भाई नन्हे, नंगई और ताहर भी वहाँ पहुँच गए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि इरफ़ान ने अपने 3 भाइयों के साथ मिलकर उन्हें और उनकी माँ शिवकली को मारा-पीटा। इस मारपीट में आरोपितों द्वारा लात-घूँसों के साथ लाठी-डंडों का भी प्रयोग किया गया। घटना को देख कर आस-पास के ग्रामीण जमा हुए और उन्होंने बीच-बचाव किया। थोड़ी देर बाद सभी 4 आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए घटनास्थल से भाग गए। पुलिस ने आरोपितों पर IPC की धरा 323, 504 और 506 के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपित इरफ़ान को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपित इरफ़ान पीड़ितों से वीडियो बनाने पर नाराजगी दिखा रहा है। इरफ़ान ने कहा, “वीडियो बना कर हमारी $% टें बनवा लेना।”

नामजद आरोपित पहुँच गया पीड़ित के घर

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित रामू से बात की। पीड़ित मेहनत मजदूरी कर के अपना गुजारा करता है। रामू ने हमें बताया कि FIR दर्ज करवाने के बाद केस ने नामजद इरफ़ान को भले पकड़ लिया गया लेकिन एक अन्य आरोपित नन्हे (इरफ़ान का ही भाई) 11 जून (रविवार) की सुबह उनके घर पहुँच गया है। नन्हे पर आरोप है कि उसने पीड़ित पर केस वापसी का दबाव बनाया। हालाँकि पीड़ित ने सिर्फ कार्रवाई की माँग करते हुए केस में पीछे हटने से मना कर दिया। रामू ने बताया कि नामजद हुए मजहर के चारों बेटे कोई अच्छा काम धंधा नहीं करते बल्कि उनका गुजरा ठगी कर के होता है।

पहले रेस्क्यू में दिन-रात जुटे रहे, अब कर रहे श्राद्ध… ओडिशा में जहाँ हुई ट्रेन दुर्घटना, वहाँ के लोगों ने सिर मुँड़वाया: गायत्री यज्ञ भी

ओडिशा के बालासोर में 2 जून 2023 को हुए भीषण ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 290 हो गई है। इस हादसे में लगभग 1000 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में से अभी 81 शवों की पहचान अभी भी नहीं हो पाई है। जो लोग घायल हुए हैं, वे पोस्ट ट्रॉमा डिस्ऑर्डर से पीड़ित हैं। वे कभी डर जा रहे हैं तो कभी चिल्लाने लग रहे हैं। डॉक्टर उनकी सामान्य जिंदगी के लिए काउंसलिंग कर रहे हैं।

जिन 81 शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है, उनके सामूहिक दाह-संस्कार की योजना सरकार बना रही है। वहीं, इस हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि एवं उनकी आत्मा की शांति के लिए बहानगा बाजार के लोगों ने रविवार (11 जून 20211) को हिंदू रीति-रिवाज में मृत्यु के दसवें दिन को होने वाले दसकर्म (दसवाँ) और सामूहिक मुंडन का आयोजन किया।

दुर्घटना के 10वें दिन स्थानीय लोगों ने कराया मुंडन

दुर्घटना के समय स्थानीय लोगों ने पूरी लगन के साथ बचाव कार्य किया था और घायलों को बचाने अस्पताल में भर्ती कराने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रक्तदान किया था। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह त्रासदी उनकी अपनी है। इसमें 200 से अधिक युवा और बुजुर्ग ‘मुंडन’ करा रहे हैं।

तीन दिन तक चलने वाला यह कार्यक्रम घटना के 10वें दिन रविवार से शुरू हुआ और यह मंगलवार (13 जून 2023) को गायत्री महायज्ञ के साथ समाप्त होगा। सोमवार से विश्व शांति महायज्ञ के साथ एक अष्टपराहार नाम का यज्ञ (इसमें 24 घंटे हरे राम हरे कृष्ण का जप होगा) का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही मृतकों की आत्मा की शांति के लिए एक सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है।

महायज्ञ का आयोजन

इसके बाद वेद का पाठ किया जाएगा। दुर्घटना स्थल पर गायत्री मंत्र का जाप किया जाएगा। इसके लिए चार जिलों से गायत्री परिवार के सदस्य पहुँच चुके हैं। तीसरे और अंतिम दिन शांति, समृद्धि और शुद्धिकरण के लिए विशाल गायत्री महायज्ञ के साथ इस कार्यक्रम संपन्न होगा। इस दौरान कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 5,008 दीपदान (दीये जलाने के बाद कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम प्रभावित परिवारों और समुदाय को आराम पहुँचाने में मदद करने के उद्देश्य से किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए बहानागा उच्च विद्यालय के मैदान में तैयारी की गई है। दुर्घटना के बाद इस स्कूल को अस्थाई मुर्दाघर बनाया गया था, जहाँ 288 शवों को रखा गया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

जिस स्कूल में रखे थे शव, उसमें जाने से बच्चे भयभीत

बताते चलें कि रेल दुर्घटना 2 जून 2023 को बालासोर जिले के बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन के पास हुई थी। स्टेशन के पास ही स्थित एक विद्यालय में मृतकों के शवों को रखा गया था। बाद में स्कूल के छात्र और शिक्षक इस स्कूल आने से डरने लगे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने स्कूल में इतनी बड़ी संख्या में अंग-भंग वाले शवों को देखा था, इसलिए वे विचलित हो रहे हैं।

शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने कहा था कि ये दृश्य देखकर उन्हें स्कूल में ना पढ़ाई में मन लगा रहा है और ना ही वे घर पर चैन से रह पाते हैं। उन्हें रातों में नींद भी नहीं आती। इसके लोगों ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूल के भवन को तोड़कर नई इमारत तैयार करने और विद्यालय में पूजा-पाठ कराने का आग्रह किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने आग्रह पर तुरंत संज्ञान लिया।

जिलाधिकारी ने स्कूल का दौरा करने के बाद इसकी बिल्डिंग को ढहा करके नया बिल्डिंग बनाने का आदेश दिया। इसके बाद यह काम शुरू हो गया। डीएम ने कहा कि स्कूल की इमारत जर्जर हो गई थी, इसलिए उसका जो हिस्सा जर्जर हुआ था, उसका पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने भूत-प्रेत जैसी अंधविश्वास को पूरी तरह खारिज कर दिया था। भवन पुनर्निर्माण को इससे अलग मुद्दा बताया था।

दुर्घटना के घायल रोने और चीखने लगते हैं

इस दुर्घटना में जो लोग घायल हुए हैं, वे अब शारीरिक चोट से उबर रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से पोस्ट ट्रॉमा डिस्ऑर्डर से ग्रसित हो रहे हैं। कोई अचानक रोने लगता है तो किसी को रात में नींद नहीं आ रही है। कटक के SCB मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती 105 मरीजों में से 40 मरीजों में ये लक्षण देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टरों ने अब सभी मरीजों को काउंसलिंग शुरू कर दी है।

‘भ्रष्टाचार का राजमहल’ के साथ सेल्फी ले रहे लोग, सड़क पर लगा अरविंद केजरीवाल के ‘₹178 करोड़ के शीशमहल’ का वीडियो

बीते दिनों दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आवास ‘शीशमहल’ के नाम से काफी चर्चा में रहा। 45 करोड़ रुपए खर्च करके रेनोवेट हुए घर को भाजपा ने भ्रष्टाचार का राजमहल कहा है। इस आवास की एक छोटा मॉडल बनाकर कनॉट प्लेस में लगाया गया है जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर हो रहीं है। भाजपा ने लोगों को इसके साथ सेल्फी लेकर पोस्ट करने को कहा है। इसे भाजपा ने ‘सेल्फी विद भ्रष्टाचार का राजमहल’ अभियान का नाम दिया है।

भाजपा दिल्ली ने इस संबंध में कहा दिल्ली भाजपा अरविंद केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए एक नए राजनीतिक अभियान की शुरुआत कर रही है। वहीं भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने लिखा, “अब आप भ्रष्टाचार के राजमहल के साथ सेल्फी ले सकते हो। भाजपा हर विधानसभा में जाएगी और केजरीवाल के भ्रष्टाचार को दिखाएगी।”

इस ट्वीट के बाद कई भाजपा नेता राजमहल के साथ अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लिखा, “सरकारी सुख-सुविधाओं को न लेने का झांसा देकर सत्ता में आए अरविंद केजरीवाल रह रहे हैं 178 करोड़ के राजमहल में। हजारों करोड़ रुपए के कर चुके हैं घोटाले। अब और भ्रष्टाचार के लिए चाहते हैं ज्यादा अधिकार! कनॉट प्लेस में भाजपा ने दिखाई केजरीवाल के भ्रष्टाचार की झाँकी!”

विरेंद्र सचदेवा ने लिखा, “आज कनॉट प्लेस में सेल्फी विद भ्रष्टाचार का राजमहल अभियान का आरंभ किया। इस अभियान के माध्यम से हम जनता के साथ मिलकर केजरीवाल के भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की पोल खोलेंगे।”

मनोज तिवारी ने लिखा, “अपना राजमहल अपना शीशमहल तो बना लिया, मगर दिल्ली को साफ पानी पीने को नहीं दिया। खुद करोड़ों के पर्दे,विदेशी मार्बल लगा। राजा समझ लिया मगर दिल्ली को तिल तिल रुला दिया। ये देखिए सेल्फी विद भ्रष्टाचार का राजमहल।”

इरम सैफी ने ‘नेहा’ बन हिन्दू विधवा से की दोस्ती, फिर दोस्तों से बलात्कार करवा बनाया वीडियो: इंस्टाग्राम पर ‘हिन्दू राष्ट्र’ और बॉलीवुड के बहिष्कार की बातें, मंदिर जाती थी

उत्तर प्रदेश के बरेली में इस्लामवादियों की काली करतूत के दो मामले सामने आए हैं। यहाँ एक विधवा महिला का आरोप है कि मुस्लिम युवती ने अपने दोस्तों से उसका दुष्कर्म कराया। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। यही नहीं, मुस्लिम युवती के भाई ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की और दोनों पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाया। वहीं, दूसरी ओर अरमान नामक युवक को आकाश बन हिंदू लड़कियों को छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरेली के बारादरी इलाके में रहने वाली विधवा महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि करीब 3 महीने पहले इरम सैफी नामक महिला से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद वे दोनों एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे। इसी दौरान जब पीड़िता एक दिन इरम सैफी के घर पर थी, तब उसने वहाँ अपने कुछ दोस्तों को बुला लिया। इसके बाद उसे उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। यही नहीं, आरोपितों ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल भी किया। 

पीड़िता का आरोप है कि इरम सैफी का भाई बल्लू कई बार उसके घर आता था। इस दौरान बल्लू ने उसकी 12 साल की बेटी के साथ छेड़छाड़ की और बलात्कार करने की कोशिश की। यही नहीं, इरम सैफी ने पीड़ित महिला और उसकी नाबालिग बेटी को गुरुवार (8 जून, 2023) को अपने घर बुलाया। जहाँ मौलवी की उपस्थिति में दोनों पर धर्मांतरण कर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया गया। जब महिला व उसकी बेटी ने धर्मांतरण करने से इनकार कर दिया तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की।

ऑपइंडिया से हुई बातचीत में पीड़ित महिला ने कहा, “इरम सैफी हिंदुओं जैसे कपड़े पहनती है। वह मंदिर भी जाती थी। पहली बार मिलने पर उसने अपना नाम नेहा बताया था। इसलिए मेरी उससे दोस्ती हो गई। इसके बाद वह जबरदस्ती मेरे घर आने लगी। बाद में मुझे उसकी सच्चाई पता चली। वो मेरे घर में मुस्लिम लड़कों को बुलाने लगी थी। मेरे घर आकर यहाँ मौलाना को भी बुलाती थी। इरम के अब्बा का नाम मदन है। वह भी हिंदुओं के जैसे नाम और हिंदुओं की तरह ही कपड़े पहनकर घूमता है। इरम के भाई बल्लू सैफी ने मेरी बेटी के साथ बहुत बार गलत किया है। वह डर जाती थी। इसलिए उसने मुझे नहीं बताया था।”

इरम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भगवान भोलेनाथ की फ़ोटो, भजन, संतों की फोटो से लेकर हिंदूराष्ट्र बनाने तक को लेकर पोस्ट की गईं हैं। 

पीड़ित महिला अपने व बेटी के साथ हुई इन घटनाओं को लेकर शुक्रवार (9 जून 2023) को पुलिस से शिकायत की है। पीड़िता की शिकायत और बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपित इरम सैफी, बल्लू सैफी, अज्ञात मौलवी व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। 

आकाश बन हिंदू लड़कियों को छेड़ता था अरमान

बरेली के आंवला थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय से पुलिस ने अरमान नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह हाथ में कलावा बाँधकर खुद को हिंदू और अपना नाम आकाश बताते हुए लड़कियों से छेड़छाड़ करता था। वह कॉलेज का छात्र भी नहीं है। ऐसे में इसकी जानकारी हिंदू संगठनों को हुई तो उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद चौकी इंचार्ज विश्व देव सिंह ने अरमान के खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। 

मंदिर में घुस कर फाड़ डाला रामचरितमानस, देवी-देवताओं के वस्त्र नोच कर फेंक दिए: यूपी पुलिस के हत्थे चढ़ा नफीस, विरोध में हिन्दू संगठनों ने गाँव में की परिक्रमा

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मंदिर में घुस कर रामचरितमानस फाड़ने का मामला सामने आया है। मंदिर में देवी-देवताओं के कपड़े फाड़ कर उन्हें गाँव के अलग-अलग हिस्सों में बिखेर दिया गया है। घटना का आरोप नफीस नाम के एक स्थानीय व्यक्ति पर लगा है जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नाराज ग्रामीणों ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। घटना 8 जून, 2023 (गुरुवार) की है।

यह मामला सीतापुर जिले के थाना क्षेत्र रेउसा का है। घटनास्थल गाँव करसा के रामलखन रस्तोगी ने मामले की शिकायत पुलिस में दी है। रामलखन के मुताबिक, उसी गाँव के रफीक का बेटा नफीस 8 जून की रात लगभग 12 बजे गाँव के शिव मंदिर में घुसा था। यहाँ उसने रामचरितमानस को फाड़ दिया। फिर महादेव शिव की मूर्ति से वस्त्र उतारे। उन कपड़ों को भी फाड़ कर फेंक दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नफीस की इस हरकत से पूरे गाँव में ग़ुस्सा है।

अपनी शिकायत में रामलखन रस्तोगी ने आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने नफीस पर IPC की धारा 295-A के तहत FIR दर्ज की। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। आरोपित को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। मामले की जानकारी जब हिन्दू संगठनों को हुई तो वो भी मौके पर पहुँचे। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि नफीस महज एक मोहरा है और किसी ने उस से इस कृत्य को करवाया है। हिन्दू संगठनों ने गाँव में परिक्रमा कर के रोष जताया। इस परिक्रमा में गाँव के स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

हिन्दू संगठनों का यह भी आरोप है कि देवताओं के वस्त्रों को फाड़ कर नाली में फेंक दिया गया था। फ़िलहाल पुलिस मामले में जाँच के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही मौके पर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बताई गई है। घटनास्थल पर पहुँचे राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकरियों ने आरोपित पर कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई पर आंदोलन की चेतावनी दी है।