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फ्रांस में चाकू से हमला: पार्क में खेल रहे छोटी उम्र के बच्चों को बनाया निशाना, सीरिया से आया शरणार्थी है हमलावर

फ्रांस में बच्चों पर चाकू से हमले की खबर है। हमलावर सीरिया से आया शरणार्थी बताया जा रहा है। घटना फ्रांस के फ्रैंच आल्प्स के एनेसी कस्बे की है। निशाना बने बच्चे एक पार्क में खेल रहे थे। बच्चों का इलाज चल रहा है। वहीं हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सीएनएन के अनुसार हमले में एक वयस्क सहित आठ जख्मी हुए हैं। इनमें चार बच्चों को गहरे घाव हैं। हमला गुरुवार (8 जून 2023) की सुबह किया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट कर कहा है कि इस कायराना हमले से उनके देश को गहरा आघात लगा है।

रिपोर्ट के अनुसार सुबह के करीब 9 बजकर 45 मिनट पर हमलावर चाकू के साथ उस पार्क में घुसा जिसमें बच्चे खेल रहे थे। हमले के शिकार बने बच्चों की उम्र तीन साल के आसपास है। एनेसी झीलों और अपनी प्राकृति खूबसूरती के कारण प्रसिद्ध है। फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने हमलावर के गिरफ्तारी की पुष्टि की है। लेकिन उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। द मिरर ने सूत्रों के हवाले से हमलावर की पहचान अब्देल मसीह एच के तौर पर बताई है।

हमले के बाद फ्रांस के संसद में एक मिनट का मौन रखा गया। हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री के भी एनेसी जाने की सूचना है। गार्डियन के अनुसार 32 साल के हमलावर के पास से सीरियाई पहचान पत्र मिले हैं। बीएफएमटीवी के अनुसार उसे शरणार्थी का दर्जा हासिल था। रिपोर्टों में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह छोटे बच्चों का डराने का कोई ड्रामा है। लेकिन जब बच्चों के चीखने चिल्लाने की आवाज आने लगी तो आसपास के लोगों को वास्तविकता का एहसास हुआ। इसके बाद हमलावर वहाँ से निकल गया, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे पकड़ लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार हमलावर झील के आसपास के इलाकों में कई दिनों से भटक रहा था। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार बच्चों पर चाकू से वार करने से पहले हमलावर अंग्रेजी में बात कर रहा था। वहीं एक महिला ने स्थानीय रेडियो स्टेशन को बताया कि बाड़ से छलांग लगाकर हमलावर पार्क में घुसा और उसने एक छोटी लड़की तथा एक बच्चे को चाकू मार दिया।

15 दिन में ही ₹2000 के 50% नोट लौटे, फेल हुआ कॉन्ग्रेस का ‘2.5 करोड़ घंटे’ वाला गणित: जानिए 1000 रुपए के नोट को लेकर क्या बोले RBI गवर्नर

19 मई 2023 को भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपए के नोट वापस लेने की घोषणा की थी। 23 मई से इन नोटों को बैंक में जमा करने या बदलने की अनुमति दी गई थी। एक बार में 20 हजार रुपए तक के ऐसे नोट बदलने की अनुमति है। गुरुवार (8 जून 2023) को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि अब तक ऐसे 50 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं।

यानी चलन में जितने 2000 रुपए के नोट थे उनमें से आधे 15 दिन के भीतर ही सरकार के पास लौट चुके हैं। दास ने बताया, “3.62 लाख करोड़ के दो हजार रुपए के नोट 31 मार्च 2023 तक चलन में थे। घोषणा के बाद 1.8 लाख करोड़ रुपए के नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं। 2000 रुपए के करीब 85 फीसदी नोट बैंक खातों में जमा किए जा रहे है और यह हमारी उम्मीदों के अनुसार है।”

आरबीआई ने 2000 के नोट बैंकों में जमा करने या बदलने के लिए 30 सितंबर तक का समय दे रखा है। मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए आरबीआई गवर्नर ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि दो हजार के नोट अभी लेन-देन में मान्य हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि 500 रुपए के नोट वापस लेने या 1000 रुपए के नोट फिर से चलन में लेने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने लोगों से भी इस तरह की अटकलें नहीं लगाने का अनुरोध किया।

उल्लेखनीय है कि 2000 रुपए के नोट वापस लेने के आरबीआई के ऐलान के बाद कॉन्ग्रेस ने एक अलग तरह का गणित पेश किया था। कॉन्ग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ (Gaurav Vallabh) ने इन नोटों को बदलने में लगने वाले समय का अनुमान रखते हुए कहा था कि इसके लिए बैंकों को अगले चार महीने तक अन्य जरूरी काम बंद करने होंगे।

उन्होंने कहा था, “देश में करीब 181 करोड़ 2000 रुपए के नोट बाजार में मौजूद हैं। यदि एक बार में कोई व्यक्ति 10 के बजाय सिर्फ 5 नोट भी बदलता है, तो बैंकों को अगले चार महीने में 36 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शंस करने होंगे। मान लीजिए एक ट्रांजेक्शन में बैंक चार मिनट का समय लगाता है तो इन 36 करोड़ ट्रांजेक्शंस में 144 करोड़ मिनट खर्च होंगे। अगले 4 महीने में नोट बदलने में बैंकों के लगभग 2.5 करोड़ घंटे लगेंगे। यानी अगले 4 महीनों में बैंक की शाखाएँ सिर्फ एक्सचेंज में व्यस्त रहेंगी।”

जी-20 बैठक को यादगार बनाएगी योगी सरकार: अतिथि देख सकेंगे अतुल्य काशी मॉडल, जैन तीर्थंकर गंगा घाट को भी हरी झंडी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जी-20 के मंत्री समूह की बैठक की तैयारियाँ जोरों पर है। यूपी की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार चाहती है कि जब विदेशी मेहमान काशी की धरती पर आएँ तो उन्हें अतुल्य काशी की झलक मिले और जब वे यहाँ से जाएँ तो काशी की परंपरा की छवि अपने साथ लेकर जाएँ।

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि काशी में जी-20 सम्मेलन की यह दूसरी बैठक होने जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में आए मेहमान यहाँ की संस्कृति से प्रभावित होकर लौटे हैं। बैठक में शामिल होने आने वाले अतिथियों का एयरपोर्ट पर चंदन लगाकर और अंगवस्त्रम देकर स्वागत किया जाएगा।  

उधर सरकार ने जैन तीर्थंकर चंद्र महाप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपए की परियोजना की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ इसकी पहली किस्त के रूप में 1.50 करोड़ रुपए भी जारी कर दी है।

चंद्रावती में गंगा तट पर पक्के घाट का निर्माण किया जाएगा और पर्यटन की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि इससे गंगा किनारे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

जैन तीर्थंकर चंद्र महाप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती जैन धर्मावलंबियों के लिए एक पवित्र स्थल है। यह गंगा तट पर बसा है और लंबे समय से इस तीर्थ क्षेत्र में पक्के घाट के निर्माण की माँग की जा रही थी। पर्यटन मंत्रालय की ओर से इस परियोजना को स्वीकृति दे दी गई है।

वृद्धाश्रमों-अनाथालयों को ‘आदिपुरुष’ के 10000 टिकट बाँटेंगे अभिषेक अग्रवाल: उधर रणबीर-आलिया को लेकर बनेगी नई रामायण, रावण के किरदार में दिख सकते हैं यश

रामायण पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ शुक्रवार (16 जून, 2023) को रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म में जहाँ प्रभास भगवान श्रीराम के किरदार में दिखाई देंगे, वहीं कृति सेनन उनकी पत्नी सीता के किरदार में दिखेंगी। सैफ अली खान ने रावण का किरदार अदा किया है। अब इस फिल्म को लेकर ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल ने बड़ा ऐलान किया है। अभिषेक अग्रवाल फ़िलहाल ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में भी व्यस्त हैं, जो ‘मास महाराजा’ रवि तेजा की पहली पैन-इंडिया फिल्म होगी।

‘आदिपुरुष’ के 10000 फ्री टिकट्स अपनी तरफ से देंगे अभिषेक अग्रवाल

कंपनी ‘अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स’ ने आगे बढ़ कर ‘आदिपुरुष’ फिल्म को लेकर बड़ा ऐलान किया है। प्रोडक्शन हाउस ने कहा है कि तेलंगाना के सभी सरकारी स्कूलों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों को ‘आदिपुरुष’ के 10,000 फिल्म टिकट्स फ्री में दिए जाएँगे। इन टिकट्स का खर्च अभिषेक अग्रवाल वहन करेंगे। इसके लिए एक गूगल फॉर्म लाया गया है, जिसे भर कर रजिस्टर करने के बाद कंपनी टिकट्स को बताए गए पत्र पर पहुँचा देगी।

अभिषेक अग्रवाल की कंपनी ने कहा, “आइए, इस जून हम सबसे महान व्यक्ति का जश्न मनाएँ। आइए, मर्यादा पुरुषोत्तम को मनाएँ। ‘आदिपुरुष’ को मनाएँ। भगवान श्रीराम का हर अध्याय मानव जाति के लिए एक बड़ी सीख है। इस पीढ़ी को उनके बारे में जानने और उनके पदचिह्नों पर चलने की ज़रूरत है। आइए, ऐसे ही एक महान अनुभव में डूब जाएँ।” अभिषेक अग्रवाल भारतीय स्वतंत्राता क्रांतिकारियों पर आधारित फिल्म ‘द इंडिया हाउस’ का भी निर्माण कर रहे हैं।

उधर बॉलीवुड में एक और ‘रामायण’ को लेकर चल रही चर्चा

उधर बॉलीवुड में एक और ‘रामायण’ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसमें रणबीर कपूर और उनकी पत्नी आलिया भट्ट को राम और सीता के किरदार में दिखेंगे, वहीं ‘KGF’ से धूम मचाने वाले यश को दर्शक रावण के किरदार में दिखेंगे। कन्नड़ अभिनेता यश से इस संबंध में बातचीत ‘एडवांस लेवल’ पर है, ये भी जानकारी दी गई है। नितेश तिवारी रामायण पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन करेंगे।

बता दें कि नितेश तिवारी को ‘दंगल (2016)’ और ‘छिछोड़े (2019)’ के अलावा ‘चिल्लर पार्टी (2011)’ और ‘भूतनाथ रिटर्न्स (2014)’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। रणबीर कपूर लुक टेस्ट के लिए कई बार एक प्रोडक्शन हाउस के दफ्तर में जा चुके हैं। सब सही रहता है तो इसके बाद वो शारीरिक बदलाव की शुरुआत करेंगे। अल्लू अरविंद, मधु मंतेना और नामित मल्होत्रा रामायण वाली इस नई फिल्म का निर्माण करेंगे।

बिहार में 2 दिन से लापता 11 साल का बच्चा पुल के पिलर में फँसा मिला, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: बाँस से दिया जा रहा खाना, पाइप से ऑक्सीजन

बिहार के पुल इन दिनों चर्चा में हैं। पिछले दिनों भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा पुल भरभरा कर गिर गया था। अब रोहतास में सोन नदी पर बने पुल के पिलर में एक बच्चे के फँसे होने की खबर आई है। करीब 24 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। लेकिन बच्चे को अभी तक बाहर निकालने में कामयाबी नहीं मिली है।

यह पुल नासरीगंज दाऊदनगर में है। बच्चे की पहचान खिरियाव गाँव के रंजन कुमार के तौर पर हुई है। वह पुल के पिलर नंबर 1 और स्लैब के बीच की गहराई में फँसा हुआ है। एक महिला ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी उसके बाद यह घटना सामने आई। इसके बाद बुधवार (7 जून 2022) की दोपहर बचाव दल मौके पर पहुँचा और बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास शुरू हुए।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार यह बच्चा दो दिन से लापता था। बच्चे के मानसिक तौर पर विक्षिप्त होने की बात उसके पिता शत्रुघ्न प्रसाद ने कही है। रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार दोपहर को शुरू किया गया था। बाँस से बच्चे को भोजन और पाइप से ऑक्सीजन दिया जा रहा है। अब तक 35 ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो चुके है। मौके से जो वीडियो आ रहे हैं उसमें घटनास्थल पर भारी भीड़ देखी जा सकती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे को निकालने के लिए गुरुवार दोपहर पिलर में तीन फीट चौड़ा छेद किया गया है। पिलर को आठ से 10 फीट काटा जा रहा है। रेस्क्यू टीम के हवाले से कहा गया है कि बच्चा स्वस्थ है और प्रतिक्रिया दे रहा है।

गौरतलब है कि 4 जून 2023 को भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा पुल गिर गया था। 1700 करोड़ की लागत से बन रहा यह पुल एक साल के भीतर दूसरी बार गिरा था। भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने के लिए अगुवानी व सुल्तानगंज के बीच यह पुल बनाया जा रहा है। बीते एक साल में राज्य में 7 बार पुल गिरने की घटनाएँ हो चुकीं हैं।

CM योगी ने किया कानपुर टर्मिनल का उद्घाटन, अब मुंबई-बंगलुरु के लिए उड़ान शुरू, वाटर कैनन से स्वागत: आजमगढ़ से राजधानी बस सेवा भी शुरू

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार राज्य में आधारभूत ढाँचा के विकास विशेष रूप से ध्यान दे रही है। यूपी के कानपुर में बनाए गए नए टर्मिनल से हवाई जहाजों का संचालन शुरू हो गया। वहीं, आजमगढ़ जिले से राजधानी दिल्ली के लिए यूपी परिवहन निगम ने राजधानी एक्सप्रेस सेवा शुरू की है।

बुधवार (7 जून 2023) से कानपुर में नए टर्मिनल से हवाई जहाजों का संचालन शुरू हो गया। इस मौके पर उड़ान भरने वाले यात्रियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। वहीं, आने वाले विमानों का पानी की बौछार कर स्वागत किया गया। 

कानपुर से उड़ान

कानपुर से मुंबई और बंगलुरु के लिए सीधा उड़ान शुरू होने पर यात्रियों ने खुशी जताई और साथ ही यह भी उम्मीद भी जताई कि देश के दूसरे प्रमुख शहरों के लिए भी यहाँ से उड़ान सेवा जल्दी ही शुरू होगी।

नए टर्मिनल पर बुधवार को बंगलुुरु और मुंबई की फ्लाइट जैसे ही आई, वैसे ही रन-वे पर दोनों तरफ खड़ीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने वाटर कैनन से पानी फेंक कर सलामी दी। इस दौरान यात्री बेहद खुश नजर आए और टर्मिनल पर इधर-उधर घूम कर उसका आनंद उठाया।

नए टर्मिनल पर मुंबई और बंगलुरु से कुल 345 यात्री आए, जबकि कानपुर से 236 यात्री दोनों शहरों के लिए गए। इस दौरान यात्री बेहद खुश नजर आए। उन्होंने भाजपा की सरकार के कार्यों की तारीफ की।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 मई 2023 को कानपुर के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया था। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जनरल वीके सिंह भी मौजूद थे। टर्मिनल को विभिन्न कलाकृतियों से सजाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जमकर तारीफ की थी।

एयरपोर्ट से IIT तक ई बस सेवा

नए टर्मिनल से उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही यात्रियों को एयरपोर्ट तक ले जाने और लाने के लिए कल्याणपुर में स्थित IIT तक दो ई-बसें चलाई गई हैं। 28 सीटर इस ई-बस का किराया 150 रुपए रखा गया है। यह बस रामादेवी, टाटमिल, झकरकटी होते हुए आईआईटी तक चलेगी।

दिल्ली के बस सेवा

यूपी परिवहन निगम ने राजधानी दिल्ली के लिए सेवाओं की शुरुआत की है। इसके लिए फिलहाल निगम को दो बसें मिली हैं। इन बसों का मंगलवार (6 जून 2023) से शुरू हो गया। ये बसें आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एवं यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए दिल्ली के लिए गईं।

इन बसों का किराया अन्य बसों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक होगा। ये बसें करीब 12 घंटे का सफर पूूरा करके दिल्ली के आनंद विहार पहुँचेगी। यह बस सेवा यात्रियों के लिए प्रतिदिन उपलब्ध होंगी। आजमगढ़ से ये बसे सुबह 10 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी, जबकि दिल्ली के आनंद विहार से आजमगढ़ के लिए 11 बजे बसे खुलेंगी।

मुफ्त शिक्षा के नाम पर बच्चों को ईसाइयत का पाठ, येशु वाला क्विज: झारखंड में 3 महिलाओं समेत 4 मिशनरी हिरासत में, धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में शिक्षा की आड़ में ईसाई धर्मांतरण के रैकेट का खुलासा हुआ है। यहाँ बच्चों को मज़हबी सहित बाँटने के आरोप में पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार आरोपितों में 3 महिलाएँ शामिल हैं। धर्म-परिवर्तन की साजिश रचने के ये आरोपित गाँव में बच्चों को फ्री शिक्षा के बहाने पढ़ा रहे थे। मामले की जानकारी होने पर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना बुधवार (7 जून 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला चक्रधरपुर के देवगाँव का है। यहाँ के पोनसाई टोले में 3-4 दिन पहले 3 महिलाओं और 1 युवक ने बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने के लिए पाठशाल लगाई थी। इन सभी ने बच्चों को फ्री में किताबें और पेंसिलें बाँट कर उनके माता-पिता को विश्वास में लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पढ़ाई के नाम पर यहाँ बच्चों को ईसाई मत की किताबें बाँटी जा रहीं थीं। इन किताबों में ईसा मसीह की फोटो के साथ ‘यीशु ने कहा मैं जगत की ज्योति हूँ’ जैसे शब्द लिखे गए थे। आरोपितों द्वारा इन चित्रों और शब्दों में बच्चों को रंग भरने का टारगेट दिया जा रहा था। ये लाइनें पाठ-3 की थीं।

वहीं पाठ 2 में भी ईसा मसीह के बारे में लिखा गया था। इस चैप्टर में ‘प्रभु यीशु ने कहा जीवन का जल मैं हूँ जो कोई यह जल पिएगा वो अनंत काल तक प्यासा न रहेगा’ की लाइन लिखी हुई थी। बच्चों से इसे रेखांकित करने के लिए कहा गया था। बाईं तरफ एक व्यक्ति की ईसाई मसीह से मुलाकात का चित्र छापा गया है। वहीं अन्य अध्यायों में क्विज के तौर पर ईसा मसीह तक पहुँचने का रास्ता खोजने और ईसाईयत से जुड़े लोगों के नाम आदि सोच कर लिखने के सवाल दिए गए थे।

इस किताब के एक हिस्से में बच्चों को परमेश्वर की संतान बताते हुए लोगों के आगे प्रस्तुत होने का तरीका बताया गया है। इन तरीकों में ‘दूसरों को यीशु के बारे में बताते हुए’ जैसे कॉलम लिखे हुए हैं। एक दिन जब यह क्लास चल रही थी तब पास से कुछ ग्रामीण गुजरे। उन्हें इस पढ़ाई पर शक हुआ तो जा कर किताबों को चेक किया। आखिरकार सच्चाई सामने आ गई। जब बच्चों के माता-पिता को इन किताबों के बारे में पता चला तो उन्होंने हंगामा कर दिया।

ग्रामीणों ने शिक्षा के नाम पर ईसाईयत का प्रचार कर रहे आरोपितों से पूछताछ का वीडियो भी बनाया। वीडियो में आरोपित ईसा मसीह के बारे में बच्चों को पढ़ाना स्वीकार कर रहे हैं।

आखिरकार मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने गाँव में पहुँच कर 3 महिला व 1 पुरुष को हिरासत में ले लिया। चक्रधरपुर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार ने मीडिया को बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।

2024 में भी वही होगा, हमें पता है… राहुल गाँधी पर बरसे विदेश मंत्री S जयशंकर, कहा – विदेश जाकर भारत विरोधी नैरेटिव बनाना उनकी आदत

विदेशी धरती पर बैठ कर भारत के बारे में नकारात्मक बातें करने वाले कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विदेश में राहुल गाँधी जो नैरेटिव बना रहे हैं, वो भारत के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा आज हमें न सिर्फ विकास साझीदार के रूप में देखता है, बल्कि एक ऐसे साझीदार के रूप में देखता है जहाँ के प्रधानमंत्री जो अभिव्यक्त करते हैं वो कर के दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत की दूसरी छवि है एक आर्थिक साझीदार की। S जयशंकर ने मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गाँधी को विदेश में जाकर भारत की आलोचना करने और भारत को लेकर राजनीतिक टिप्पणियाँ करने की आदत हो गई है। केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया तो यही देख रही है कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होते रहते हैं, कभी कोई पार्टी जीतती है तो कभी दूसरी।

उन्होंने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र नहीं होता तो इस तरह के बदलाव देखने को नहीं मिलते, सारे चुनावों के परिणाम एक समान ही होते। उन्होंने कहा, “2024 का चुनाव परिणाम भी वही होगा, हमें पता है। वो देश के भीतर रह कर जो कुछ भी करते हैं इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश की राजनीति को विदेश में लेकर जाना मेरे हिसाब से राष्ट्रीय हित में तो नहीं है।” बता दें कि राहुल गाँधी ने अमेरिका में ये दावा कर डाला कि उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को रोकने के लिए भाजपा की सरकार ने हरसंभव कोशिश की।

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ़ किया है कि भारत अब वो देश नहीं है तो दबाव, प्रलोभन और झूठे नैरेटिव के सामने झुक जाए। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र है जो विदेशी दबाव में आसानी से नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी जो सरकार विरोधी नैरेटिव बना रहे हैं वो भारत में नहीं चलता और कोई इसे गंभीरता से नहीं लेता, इसीलिए इसीलिए अब इसे बाहर ले जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी ये सोचते हैं कि इसे बाहर ले जाकर वो भारत में अपना काम बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को विदेशी धरती पर ले जाकर राहुल गाँधी की विश्वसनीयता बढ़ जाएगी, ऐसा उन्हें नहीं लगता। एक्सपोर्ट्स और FDI बढ़ने का उदाहरण देते हुए S जयशंकर ने कहा कि विश्वसनीय साझेदारियों का भारत हिस्सा बन रहा है। उन्होंने याद किया कि कैसे उनके अमेरिका दौरे में वहाँ के ‘सेमीकंडक्टर एसोसिएशन’ ने बताया था कि भारत में उनके 40,000 इंजीनियर भारत में केवल चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं।

हत्या कर कैसा लगता है, कैसे छिपा सकते हैं लाश… यह जानने के जुनून में महिला शिक्षिका के किए टुकड़े, ‘छात्रा’ बन मिलने आई थी

अपराध की सच्ची घटनाओं पर आधारित किताबें पढ़कर और क्राइम शो देखकर एक युवती पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने एक महिला शिक्षक की हत्या कर दी। इस युवती की पहचान जंग यू जंग (Jung Yoo Jung) के तौर पर हुई है। वह यह जानना चाहती थी कि हत्या के बाद कैसा अनुभव होता है। कैसे लाश को ठिकाने लगाकर अपराध को छिपाया जाता है।

यह हैरान करने वाली घटना दक्षिण कोरिया के बुसान के जिमजोंग जिले की है। 27 मई को जंग को 20 साल की महिला शिक्षक की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया गया। शुरुआत में उसने कहा कि बहस के दौरान उसने शिक्षिका को मार डाला। लेकिन बाद में पाया गया कि क्राइम शो और किताबों से पैदा हुए जुनून में उसने इस घटना को अंजाम दिया।

कोरिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार घटना 26 मई की है। अपराध की सत्य घटनाओं पर आधारित टीवी शो और किताबों का जंग पर असर था। इस जुनून में उसने हत्या कर महिला के टुकड़े टुकड़े कर दिए। अपराध को छिपाने के तरीकों से रूबरू होने के लिए उसने वास्तविक हत्या का प्लान बनाया। बुसान पुलिस के अनुसार इसके लिए उसने फोन का इस्तेमाल किया। लाइब्रेरी से किताबें लेकर पढ़ी। फिर हत्या को अंजाम दिया।

अपना शिकार खोजने के लिए जंग ने एक ट्यूटर एग्रीगेटर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया। यह ऐप बच्चों के अभिभावकों को प्राइवेट ट्यूटर्स से जोड़ता है। जुंग ने पीड़िता से फोन पर संपर्क किया। उन्हें बताया कि वह नौवीं कक्षा की एक छात्रा की माँ है। उसकी बेटी उनसे अंग्रेजी सीखना चाहती है। फोन पर बातचीत के बाद उसने शिक्षिका को बताया कि उसकी ‘बेटी’ दो दिन बाद उनसे मिलने उनके घर आएगी।

इसके बाद जंग ने एक स्कूल यूनिफॉर्म खरीदी ताकि वह छात्रा की तरह दिख सके। फिर पीड़ित शिक्षिका के घर गई और चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने और मौके से क्राइम के सबूत मिटाने के लिए उसने पास के सुपरमार्केट से ब्लीच और सूटकेस खरीदे। लाश के टुकड़े कर सूटकेस में भरा और उसे नदी में फेंक दिया।

जंग ने महिला शिक्षक का मोबाइल फोन, आईडी कार्ड समेत कई अन्य चीजें भी गायब कर दी ताकि यह लगे कि वह गायब हो गई। लेकिन जिस कैब से वह लाश वाला सूटकेस फेंकने नदी तक गई थी उसके ड्राइवर को उसकी हरकतों पर शक हो गया। उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जंग के घर से खून से कपड़े और शव के कुछ हिस्से मिले। बताया जा रहा है कि जंग तीन महीने से इस हत्या की प्लानिंग कर रही थी। उसकी पहचान का खुलासा पुलिस ने 1 जून को किया। मृत शिक्षिका की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।

उत्तर भारत का पहला तिरुपति बालाजी मंदिर जम्मू में भक्तों के लिए खुला: ग्रेनाइट पत्थर से 6 और 8 फुट की भगवान वेंकटेश्वर की स्थापित की गई है प्रतिमा

केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के जम्मू में गुरुवार (8 जून 2023) को भगवान तिरुपति बालाजी के मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया। यह उत्तर भारत में तिरुपति बालाजी का पहला मंदिर है और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसका उद्घाटन किया है। उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री जी कृष्ण रेड्डी सहित अन्य नेता और अधिकारी भी मौजूद थे।

यह मंदिर 62 एकड़ भूमि पर बनाया गया है और इसे बनाने में लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत आई है। मंदिर के निर्माण में दो साल का समय लगा है। इस मंदिर का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह को करना था, लेकिन किसी कारण से वे नहीं आ पाए।

हालाँकि, तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बनाए गए इस मंदिर के उद्घाटन के दौरान गृहमंत्री अमित शाह वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया और मंदिर का कपाट खुलने पर लोगों को शुभकामनाएँ दीं। अमित शाह ने कहा कि वह जब भी प्रदेश दौरे पर आएँगे तो इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जरूर आएँगे।

तिरुपति बालाजी के मंदिर को सिद्दड़ा के मजीन गाँव में बनाया गया है। बुधवार (7 जून 2023) को मंदिर में आठ और छह फुट की भगवान वेंकटेश्वर की मूर्तियाँ प्रतिष्ठित की गईं। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में 8 फुट ऊँची भगवान वेंकेटेश्वर की मूर्ति प्रतिष्ठापित की गई है। वहीं, गर्भगृह के बाहर 6 फुट ऊँची प्रतिमा स्थापित की गई है।

इन मूर्तियाँ का निर्माण ग्रेनाइट से किया गया है। ये मूर्तियाँ आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर से लाई गई हैं। प्राण-प्रतिष्ठा का काम 6 मई 2023 से शुरू हो गई थी और इसके लिए विशेष पूजा शुरू की गई थी। मूर्तियों की स्थापना आंध्र प्रदेश से आए लगभग 45 विद्वानों ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना के बाद मूर्तियाँ स्थापित की थीं।  

इस मंदिर का निर्माण तिरुमाला तिरुपति देवस्थान बोर्ड द्वारा कराया गया है। जून 2021 में मंदिर का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद आंध्र प्रदेश के 50 से अधिक कारीगरों ने निर्माण शुरू किया था। पहले चरण में भगवान बालाजी का मंदिर, पुजारियों और बोर्ड के स्टाफ के लिए आवास और पार्किंग आदि बनाई गई है। दूसरे चरण में वेद पाठशाला, आध्यात्मिक केंद्र आदि बनाए जाएँगे।

जम्मू में बना यह मंदिर आंध्र प्रदेश से बाहर देश का छठा बालाजी मंदिर है। इससे पहले तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम हैदराबाद, चेन्नई, कन्याकुमारी, दिल्ली और भुवनेश्वर में बालाजी मंदिर बनवा चुका है। इस मंदिर में वही रीति-रिवाज अपनाए जाएँगे, जैसे तिरुमाला के बालाजी मंदिर में अपनाए जाते हैं।