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व्हाइट हाउस के गुप्त दौरे पर पहुँचे राहुल गाँधी! किससे मिले और क्या बात हुई – सब कुछ सीक्रेट: 2024 चुनाव के लिए विदेशी हस्तक्षेप की तैयारी?

राहुल गाँधी अमेरिका के 10 दिनों के दौरे पर गए हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भारत को लेकर नकारात्मक बातें की। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम किया, बल्कि हिन्दुओं को नीचा दिखाने और मुस्लिमों के महिमामंडन का भरपूर प्रयास किया। लेकिन, अब सामने आ रहा है कि अपने अमेरिका दौरे में राहुल गाँधी चोरी-छिपे व्हाइट हाउस भी पहुँचे थे। वहाँ क्या सब हुआ, इसे गुप्त रखा गया है।

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि ऐसा क्या है जो कॉन्ग्रेस पार्टी देश से छिपाना चाहती है, क्योंकि व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के प्रशासन के कुछ मुख्य लोगों के अलावा कॉन्ग्रेस पार्टी के भी प्रतिनिधि राहुल गाँधी के साथ थे। ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ में सीमा सिरोही द्वारा लिखे गए एक लेख में राहुल गाँधी की जम कर प्रशंसा भी की गई है। साथ ही बताया गया है कि विदेशी नीतियों के मामले में वब वो परिपक्व हो गए हैं और एक रणनीतिक साझेदार के रूप में अमेरिका की महत्ता समझते हैं।

प्रवासी भारतीय समुदाय में उत्साह भरने के लिए भी उनकी प्रशंसा इस लेख में की गई। जब ट्विटर पर ‘हिन्दू एक्शन’ पेज ने राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आलोचक बताया तो वो कहने लगीं कि पीएम मोदी को प्रतिदिन साष्टांग प्रणाम न करने वालों को उनका आलोचक बता दिया जाता है। हालाँकि, सीमा सिरोही ने माना कि राहुल गाँधी द्वारा IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) को सेक्युलर बताया जाना ठीक नहीं था।

उन्होंने बेतुका कारण बताते हुए कहा कि राहुल गाँधी को ये जानकारी देते हुए IUML को सेक्युलर बताया जाना चाहिए था कि शाहबानो मामले में उसने राजीव गाँधी की सरकार के खिलाफ स्टैंड लिया। सच्चाई ये है कि IUML भारत का विभाजन करने वाली मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग से ही उपजा हुआ संगठन है। उन्होंने इस लेख में लिखा है कि रणनीतिक कारणों से राहुल गाँधी के व्हाइट हाउस दौरे को गुप्त रखा गया, लेकिन जो बायडेन की सरकार ने भारत के एक विपक्षी नेता के लिए दरवाजे बंद नहीं किए और बंद करना ही क्यों था।

2024 लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गाँधी के गुप्त रूप से व्हाइट हाउस जाने को लेकर चिंतित लोग पूछ रहे हैं कि ये क्यों नहीं बताया जा रहा है कि वो वहाँ किससे मिले। वैसे ये पहली बार नहीं है जब राहुल गाँधी विदेशी ताकतों से भारत में हस्तक्षेप की अपेक्षा कर रहे हों। उन्होंने अमेरिका से भारत में ‘लोकतंत्र पुनर्स्थापित करने’ का आग्रह किया था। उन्होंने कैम्ब्रिज में भाषण देते हुए पश्चिमी देशों से भारत में सरकार बदलने की प्रक्रिया में मदद करने को कहा था, इस दौरान वो ये भूल गए थे कि ये भारत की जनता का काम है।

‘दम भर मार खाए’ किसान की कहानी, जिसे देख रोने लगीं पहलवान साक्षी मलिक, AAP वाले संजय सिंह भी लाइन में… 4 साल पुराने फोटो से जानिए क्या है सच

7 जून 2023 को एक ट्वीट वायरल होता है। ट्वीट में 3 फोटो है। मार खाया हुआ शख्स है। बदन पर चोट के निशान हैं। पहलवान साक्षी मलिक (Sakshee Malikkh) के इस ट्वीट से पता चलता है कि मार खाया शख्स किसान है। फोटो देख कर दुख इतना कि उनकी आँखें नम हो गईं।

रेडियो मिर्ची में एक औरत काम करती है। नाम है सायमा। पहलवान साक्षी मलिक के ट्वीट को रिट्वीट करके लिखती हैं – कितनी शर्म की बात है!

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्य सभा सांसद संजय सिंह भी एक ट्वीट करते हैं। 2 फोटो वाला ट्वीट। वो लिखते हैं कि फोटो भारत के अन्नदाता की है। इन पर हरियाणा की खट्टर सरकार ने जानलेवा हमला किया क्योंकि ये अनाज का दाम माँग रहे थे।

साक्षी मलिक (Sakshee Malikkh) 7 जून 2023 को 8:48 बजे रात में ट्वीट करती हैं। सायमा का रिट्वीट होता है उसी रात 9:02 बजे। AAP सांसद संजय सिंह का ट्वीट आता है रात के 9:51 पर। आप क्रोनोलॉजी समझिए।

कौन किसान मार खाया, कब की है घटना?

7 जून 2023 के बाद चलते हैं 17 जून 2019 को। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का एक ट्वीट देखिए। किसी पलंग पर बैठे हैं। उनके साथ में 3 आदमी और एक बच्चा भी है। संजय सिंह के अलावे उसी तारीख में @SikhSangarsh नामक ट्विटर हैंडल वाले का भी ट्वीट देखिए।

अब दोनों ट्वीट का मिलान कर लेते हैं। जो ट्वीट साल 2023 में किया गया, उससे साल 2019 में किए गए ट्वीट का। जिस मार खाए किसान की कहानी 2019 में बताई गई, उसके चेहरे को मिला लेते हैं अभी वाली कहानी से।

पहलवान साक्षी मलिक (Sakshee Malikkh) और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के ट्वीट में पगड़ी पहने इंसान के अलावे भी एक शख्स है। वो शख्स जिसके सिर से खून बह रहा है।

यह शख्स कौन है? 2 साल पीछे चलते हैं। 29 अगस्त 2021 का दिन। ‘छोटा-मोटा गंवई पत्रकार’ मनदीप पूनिया एक ट्वीट करता है। सेम-टू-सेम यही आदमी, यही घाव।

साक्षी मलिक, संजय सिंह, सायमा… सब ने फैलाया झूठ

क्रोनोलॉजी समझ गए। 2 से 4 साल पुराने ट्वीट से मिलान भी कर लिए। तो पहलवान साक्षी मलिक, आम आदमी पार्टी वाला सांसद संजय सिंह और रेडियो मिर्ची वाली जॉकी सायमा… इन लोगों ने ट्वीट किसके लिए किया, क्यों किया?

अब इस लाइन का कोई मतलब नहीं, फिर भी इतिहास में दर्ज करने के लिए लिख देना अच्छा है कि इन तीनों ने झूठ फैलाया। तीनों का मकसद भी सेम-टू-सेम: भाजपा सरकार को बदनाम करना। हुआ लेकिन उल्टा, खुद ही झूठ की टट्टी में सन गए!

वैसे आपको बता दें कि रेडियो मिर्ची की RJ सायमा वही शख्स हैं, जिसने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर भीड़ जुटाने के लिए उस समय ट्वीट किया था, जब दिल्ली जल रही थी, जामिया के बाहर बसों में आग लगाई जा रही थी। सोशल मीडिया पर लोग हर हमेशा आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को सिनेमा हॉल के बाहर ब्लैक में टिकट बेचने वाला कह कर मजे लेते हैं। एक बार तो यहाँ तक कहा जा चुका है कि इनकी अपनी ही पार्टी के दलित कार्यकर्ताओं ने इनकी पिटाई करके मुँह काला किया था।

मस्जिद से भी दमोह के हिजाबी स्कूल का रास्ता, तिलक लगाने-कलावा बाँधने पर पाबंदी: भारत के मानचित्र से भी छेड़छाड़

मध्य प्रदेश के दमोह के गंगा जमुना हायर सेकेंडरी स्कूल को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार स्कूल से एक रास्ता मस्जिद को भी जाता है। छात्रों के तिलक लगाने और कलावा बाँधने पर पाबंदी थी। हिजाब पहनना और उर्दू पढ़ना अनिवार्य था।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने इस स्कूल की मान्यता स्थायी रूप से समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 7 जून 2023 को किए एक ट्वीट में बताया है, “दमोह के कलेक्टर को नया नोटिस जारी किया है। जिला प्रशासन द्वारा दर्ज FIR में बच्चों के बयान के आधार पर मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, राष्ट्र के मानचित्र के साथ छेड़खानी एवं संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की धाराएँ बढ़ाने तथा स्कूल के अस्थायी निलंबन के स्थान पर स्थायी रूप से मान्यता समाप्त करने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।”

इससे पहले उन्होंने स्कूल के लोगो में भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ को भी उजागर किया था। यह स्कूल जाँच के दायरे में भी NCPCR की पहल के बाद ही आया था। आयोग को स्कूल की गैर मुस्लिम छात्राओं को भी हिजाब पहनाने की शिकायत मिली थी। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन को कानूनगो ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

टीवी9 भारतवर्ष ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस स्कूल के पास एक मस्जिद भी है। इस मस्जिद से भी एक रास्ता स्कूल को जाता है। हिंदू छात्रों से बातचीत का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों को एक भी श्लोक या सरस्वती वंदना नहीं आती। लेकिन कुरान की आयतें उन्हें याद है। बच्चों के अनुसार कुरान की आयतें याद नहीं होने पर शिक्षक पिटाई करते थे। रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के किए जा रहे ब्रेनवॉश की अभिभावकों को खबर नहीं थी।

दैनिक भास्कर ने इस स्कूल की कक्षा 9 की एक छात्रा के हवाने से बताया है कि हिजाब पहनना अनिवार्य था। उसने बताया, “मैं नर्सरी से गंगा जमुना स्कूल में पढ़ रही हूँ। ड्रेस हमें स्कूल से ही मिलती है। हिजाब पहनना अनिवार्य है। नहीं पहनने पर शिक्षक टोकते हैं। हम घर से हिजाब पहनकर नहीं निकलते थे। स्कूल गेट पर पहुँचकर हिजाब पहनते थे।” इस छात्रा के अनुसार, “पहली कक्षा से ही उर्दू की पढ़ाई अनिवार्य है। स्कूल में तिलक लगाना और कलावा बाँधना प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर शिक्षक रोकटोक करते हैं।”

उल्लेखनीय है कि जब गैर मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनाने का मामला सामने आया था तो स्कूल प्रबंधन ने सफाई देते हुए इसे ‘स्कार्फ’ बताया था। साथ ही कहा था कि इसे पहनना जरूरी नहीं है। बाद में प्रबंधन ने इसके लिए खेद भी जताया था। लेकिन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश पर जब मामले की जाँच आगे बढ़ी तो इस स्कूल की पोल पट्टी खुलती गई। यह बात भी सामने आ चुकी है कि स्कूल में काम कर रही कई शिक्षिकाओं ने इस्लामी धर्मांतरण कर रखा है।

आरी से 32 साल की सरस्वती के किए टुकड़े, प्रेशर कुकर में उबाला: आफताब के तरीकों को देख लिव इन पाटर्नर ने बनाया मर्डर प्लान

मुंबई में 32 साल की एक महिला की उसके ही लिव इन पाटर्नर ने निर्मम तरीके से हत्या कर दी। मृतका की पहचान सरस्वती वैद्य के तौर पर हुई है। आरोपित लिव इन पाटर्नर 56 साल का मनोज सहनी है। रिपोर्टों के अनुसार गला दबाकर सरस्वती की हत्या की गई। आरी से उसकी लाश के टुकड़े टुकड़े किए गए। फिर प्रेशर कुकर में उबालकर कुछ टुकड़े कुत्तों को आरोपित ने खिला दिए तो कुछ टॉयलेट में फ्लश कर दिया।

नया नगर पुलिस ने मनोज सहनी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका और आरोपित करीब पाँच साल से मीरा रोड के एक फ्लैट में किराए पर रह रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों ने फ्लैट से बदबू आने की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आकाशदीप बिल्डिंग के जे विंग स्थित इस फ्लैट का दरवाजा खुलवाया तो सहनी अंदर ही था। पुलिस को एक कमरे में लाश के टुकड़े भी मिले।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने पुलिस के हवाले से बताया है कि सरस्वती की हत्या तीन-चार दिन पहले की गई थी। हत्या के बाद मनोज पेड़ काटने वाला आरी खरीद कर लाया। इससे उसने लाश के टुकड़े किए। इन टुकड़ों को प्रेशर कुकर में उबालने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने के लिए एक प्लास्टिक की थैलियों में भर लिए। पुलिस ने मौके से महिला के शव के 12-13 टुकड़े बरामद किए हैं।

एनबीटी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि लाश के टुकड़ों को उबालने के बाद सहनी उसे पीसकर टायॅलेट में फ्लश कर देता था। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि उबालने के बाद टुकड़े कुत्तों को खिला देता था। पुलिस को लाश के जो टुकड़े मिलने हैं उसे सहनी ने सरस्वती के पैर का हिस्सा बताया है। कहा है कि वह तीन दिन से लाश को टुकड़े कर ठिकाने लगा रहा था। हत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने लाश को टुकड़े करने के लिए इस्तेमाल की गई आरी जब्त कर ली है।

मनोज सहनी राशन ऑफिस में काम करता है। यहीं उसकी करीब 5 साल पहले अहमदनगर की रहने वाली सरस्वती से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों कपल की तरह रहने लगे। पुलिस के अनुसार श्रद्धा वाल्कर की हत्या को देखकर ही सहनी ने अनाथ सरस्वती की हत्या का प्लान बनाया था। श्रद्धा की हत्या के बाद उसके लिव इन पाटर्नर आफताब पूनावाला ने लाश के टुकड़े करकर उन्हें दिल्ली के जंगलों में फेंक दिया था।

तिरुपति मंदिर में ‘आदिपुरुष’ के डायरेक्टर ने कृति सेनन को दिया विदाई चुम्मा, बोले पुजारी- होटल रूम में जाकर ये सब करो

फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) एक नए विवाद में घिर गई है। एक वीडियो में फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत (Om Raut) मंदिर परिसर में अभिनेत्री कृति सेनन (Kriti Sanon) को विदाई चुम्मा (Goodbye Kiss) देते हुए दिख रहे हैं। मंदिर प्रांगण (Kiss In Tirupati Temple) में इस हरकत पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है।

दरअसल तिरुपति में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किए जाने के बाद फिल्म की स्टारकास्ट ने 7 जून 2023 को वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए थे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि फिल्म से जुड़े लोग मंदिर परिसर में हैं। दर्शन के बाद जब कृति सेनन वहाँ से निकलने लगती हैं तो ओम राउत उन्हें विदा करने आते हैं। वे अभिनेत्री को गले से लगाते हुए उनके गाल पर ‘गुडबाय किस’ करते हैं।

मंदिर प्रांगण में ‘गुडबाय किस’ पर मंदिर के प्रधान पुजारी ने भी आपत्ति जताई है। इंडिया टुडे ने उनके हवाले से कहा है, “यह निंदनीय कृत्य है। यहाँ तक कि पति और पत्नी भी वहाँ (मंदिर) एक साथ नहीं जाते। आप होटल के कमरे में जाकर यह सब कर सकते हैं। आपका व्यवहार रामायण और देवी सीता का अपमान करने जैसा है।”

इससे पहले जब कृति सेनन नासिक के पंचवटी स्थित सीता गुफा और कालाराम मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचीं थी तब भी कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। कई लोगों का कहना था कि फिल्म की रिलीज नजदीक आते ही बॉलीवुड वाले धार्मिक हो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों ने फिल्म के प्रमोशन के लिए धार्मिक स्थलों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।

गौरतलब है कि प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म ‘आदिपुरुष’ 16 जून 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रामायण की कहानी पर आधारित इस फिल्म में जहाँ प्रभास भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, वहीं माँ सीता के किरदार में कृति सेनन और रावण के किरदार में सैफ अली खान दिखेंगे। ‘आदिपुरुष’ के निर्माताओं ने हनुमान जी के लिए हर थिएटर में एक सीट खाली छोड़ने का भी फैसला किया है।

‘आदिपुरुष’ को तेलुगु, तमिल, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान प्रभास ने कहा कि वो तिरुपति में ही शादी करेंगे। बता दें कि कई अभिनेत्रियों के साथ अब तक प्रभास का नाम जोड़ा जा चुका है। वो बैचलर हैं, ऐसे में उनकी शादी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। प्रभास ने कहा, “मैं तिरुपति में विवाह करूँगा।” इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में ये भी कहा कि वो अब हर साल 2 फ़िल्में करेंगे और ज़रूरत पड़ी तो तीसरी भी करेंगे। 

नाबालिग पहलवान का नहीं हुआ था यौन शोषण: पिता बोले- बृजभूषण ने मेरी बेटी से भेदभाव किया, गुस्से में दर्ज कराई थी शिकायत

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने नाबालिग महिला पहलवान का यौन शोषण नहीं किया था। यह बात मीडिया रिपोर्टों में नाबालिग पहलवान के पिता के हवाले से कहा गया है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ भेदभाव हुआ था। उन्होंने गुस्से में आकर शिकायत दर्ज कराई थी।

नाबालिग पहलवान द्वारा यौन शोषण के आरोप वापस लेने की खबरें ऐसे समय में आई है, जब केंद्र सरकार ने पहलवानों को 15 जून तक जाँच पूरा होने का भरोसा दिलाया है। वैसे इससे पहले भी मीडिया में इस तरह की खबरें आईं थी कि नाबालिग पहलवान ने कोर्ट से शिकायत वापस ले ली है। लेकिन तब इस पहलवान के पिता ने ऐसी खबरों को खारिज कर दिया था।

दैनिक भास्कर से बातचीत में नाबालिग पहलवान के पिता ने कहा, “बेटी के साथ भेदभाव के कारण हमारे अंदर गुस्सा था। फेडरेशन ने हमारी अपील नहीं सुनी। हमने पुलिस को जो शिकायत दी थी, उसमें कुछ सच और कुछ गलत था। सही और गलत को कोर्ट में जाकर स्पष्ट कर दिया है।” हिंदुस्तान ने उनके हवाले से कहा है, “यौन उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई। लेकिन मेरी बेटी के साथ भेदभाव किया गया। मैंने 5 जून को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया था कि महासंघ के अध्यक्ष (बृजभूषण शरण सिंह) ने किसी तरह का उत्पीड़न नहीं किया। लेकिन मैं भेदभाव की शिकायत से पीछे नहीं हट रहा।”

न्यूज 18 के साथ बातचीत में भी नाबालिग पहलवान के पिता ने बयान बदले जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है, “हमने किसी लालच, डर या दबाव में बयान नहीं बदला है। यह पूरी तरह सत्य है कि मेरी बेटी नाबालिग है। हमने केस वापस नहीं लिया है। बस बयान बदला है।” आज तक से नाबालिग महिला पहलवान के पिता ने कहा है, “बृजभूषण और WFI ने एशियाई चैंपियनशिप के लिए चयन में पक्षपाती फैसले लिए थे। इससे मेरी बेटी प्रभावित हुई थी। जब पहलवान शुरू में विरोध पर बैठे तो उन्होंने गुस्से में आकर शिकायत की थी। उन्हें अब भी लगता है कि चयन प्रक्रिया में उनकी बेटी के साथ भेदभाव हुआ था।”

गौरतलब है कि पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर रखी है। इनमें यौन उत्पीड़न के 15 मामलों का जिक्र है। इनमें से 10 में गलत तरीके से छूने की शिकायत की गई है। शिकायत में बिना सहमति के गलत तरीके से छूना, स्तनों और पेट पर हाथ फेरना, पीठ पर हाथ रखना, डराना-धमकाना और पीछा करना शामिल है। एक एफआईआर नाबालिग पहलवान की शिकायत पर दर्ज है। इसमें POCSO अधिनियम की धारा 10 जोड़ी गई है।

मंदिर से लौट रही लड़की को अरमान उस्मानी ने दिया फ्लाइंग किस; विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी… पीड़ितों से उसका अब्बा बोला- जो करना है कर लो

उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार (7 जून 2023) को एक हिन्दू लड़की से छेड़छाड़ करने और विरोध पर मारपीट का मामला सामने आया है। अरमान उस्मानी उर्फ़ छोटू नाम के व्यक्ति पर यह आरोप लगा है। घटना के विरोध में पीड़ित परिवार सहित हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित परिवार ने अरमान उस्मानी को पास की मुस्लिम बहुल बस्ती का निवासी बताया है। पीड़ित परिवार लोहामंडी थाना क्षेत्र में आलमगंज पुलिस चौकी के पास रहता है। घटना का जिक्र करते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि बुधवार की सुबह लगभग 9:30 बजे उसकी 20 वर्षीया बेटी मंदिर में पूजा करने गई थी।

पिता ने बताया कि जब उसकी बेटी पूजा करके मंदिर से लौट रही थी, तब रास्ते में अरमान उस्मानी लड़की को देखकर फ़्लाइंग किस करने लगा। अरमान ने इसी के साथ लड़की को उल्टे-सीधे तंज भी कसे। पीड़िता ने अरमान की इस हरकत का विरोध किया और एक थप्पड़ रसीद कर दिया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़िता के विरोध से नाराज होकर अरमान ने उसे धक्का देकर गिरा दिया। उस लड़की को थप्पड़ मारने का भी आरोप है। इसके बाद गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए वह मौके से भाग निकला। आरोपित ने जाते-जाते लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी है।

पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर अरमान उस्मानी के खिलाफ IPC की धारा 354, 323, 504 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया है। लोहामंडी क्षेत्र के ACP ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के विरोध में नाराज लोगों ने थाने के आगे प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाएँ भी शामिल थीं। नाराज लोगों ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई न होने पर बाजार बंद करने की चेतावनी दी। हालाँकि, लोहामंडी के ACP ने लोगों को समझाकर शांत किया।

आगरा पुलिस ने बताया, “थाना लोहामंडी क्षेत्रांतर्गत युवती से छेड़छाड़, अभद्रता/मारपीट करने वाले अभियुक्त को थाना लोहामंडी पुलिस ने मात्र 12 घंटे में किया गिरफ्तार। अभियुक्त से 01 अवैध तमंचा व 02 जिंदा कारतूस बरामद।”

पीड़िता अपनी पढ़ाई घर में रहकर प्राइवेट के तौर पर कर रही है। इसके साथ ही वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती है। ऑपइंडिया से बात करते हुए लड़की के चचेरे भाई ने बताया कि आरोपित अरमान उस्मानी उसके घर से थोड़ी दूर तेलीपाड़ा इलाके में रहता है।

तेलीपाड़ा को मुस्लिम बहुल बताते हुए पीड़िता के भाई ने बताया कि वहाँ जाना खतरे से खाली नहीं है। लड़की के भाई ने आगे कहा कि घटना के बाद जब वो लोग अरमान उस्मानी के अब्बा से शिकायत करने के लिए गए तो उसने ‘जो करना हो जाओ, कर लो’ का ताव दिया।

बकौल पीड़ित, अरमान उस्मानी दिन भर हिन्दू मोहल्ले के आगे सिगरेट पीता है और लड़कियों से बदतमीजी करता है। उसे पहले भी कई बार टोका जा चुका है, लेकिन वो नहीं माना। पीड़ित परिवार ने कहा कि अरमान ने यह हरकत पुलिस चौकी के ठीक बगल में की है। उसे कानून का कोई डर नहीं है।

रेहान ने हिन्दू महिला को नौकरी का लालच दिया, फिर दोस्त संग किया गैंगरेप: वीडियो बनाकर 7 महीने तक ब्लैकमेल, अलीगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नौकरी का झाँसा देकर एक हिन्दू महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का पति नहीं है। आरोपित रेहान उर्फ़ फुरकान ने खुद को निहाल चौधरी बताकर महिला को धोखे में रखा था। रेहान पर पीड़िता से 7 माह तक अपने एक साथी से मिलकर गैगरेप करने और फिर धर्मान्तरण का दबाव डालने का आरोप है। पुलिस ने बुधवार (7 जून 2023) को रेहान को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला अलीगढ़ के सासनीगेट थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने मीडिया को बताया कि वह विधवा है और छोटे-मोटे काम करके घर का ख़र्च चलाती है। वह किसी अच्छी नौकरी की तलाश में थी। लगभग 7 महीने पहले रेहान की उसकी मुलाकात फेसबुक पर हुई थी।

रेहान ने निहाल चौधरी के हिंदू नाम से अपनी फेसबुक ID बनाई थी। बातचीत के दौरान निहाल ने कई कंपनियों में जान-पहचान होने और पीड़िता की अच्छी नौकरी दिलाने का झाँसा दिया। महिला उसके झाँसे में आ गई। एक दिन निहाल बने रेहान ने पीड़िता को इंटरव्यू के नाम पर मिलने के लिए बुलाया और महिला आरोपितों से मिलने चली गई।

शिकायत में महिला ने बताया कि जिस घर में उसे ऑफिस बताकर बुलाया गया था, उसके नीचे रेहान मिला। उसने ऊपर अपने भाई के होने की बात कही और वहीं भेज दिया। जब महिला ऊपर गई तो उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दोनों आरोपितों ने रेप किया।

महिला ने आगे कहा कि इस दौरान आरोपितों ने उसके अश्लील वीडियो बना लिए गए। जब उसने विरोध किया तो रेहान और उसके साथी ने अश्लील वीडियो वायरल करने और बच्चों का क़त्ल कर देने की धमकी दी। यही डर दिखाकर रेहान और उसका साथी पीड़िता से 7 महीने तक रेप करते रहे।

पीड़िता के मुताबिक, कुछ दिनों के बाद रेहान उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। महिला ने जब इसका विरोध तो आरोपितों ने एक बार महिला का गले दबाकर मारने का प्रयास किया। इस बीच हिंदूवादी संगठनों के संपर्क में आई और उनकी मदद से शिकायत दर्ज कराई।

हिन्दू संगठनों ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मुख्य आरोपित रेहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘8 दिन में चार्जशीट, पहलवानों पर से मुकदमे हटाने, बृजभूषण सिंह से संबंधित लोगों की WFI से दूरी’: जानिए मंत्री अनुराग ठाकुर संग बैठक में किन मुद्दों पर बनी सहमति

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और प्रदर्शनकारी पहलवानों के बीच बुधवार (7 जून 2023) को बैठक हुई। बैठक में पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) की गिरफ्तारी सहित अपनी माँगें रखीं।

मुलाकात के दौरान पहलवानों ने WFI (भारतीय कुश्ती संघ) का अध्यक्ष किसी महिला को बनाए जाने और उन पर दर्ज मुकदमों को हटाने की माँग रखी। वहीं, अनुराग ठाकुर ने इस मीटिंग को बेहद सफल और सकारात्मक बताया है। खेल मंत्री ने महिला पहलवानों को भी सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

मीडिया से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलवानों से हुई बातचीत में उनके द्वारा बृजभूषण सिंह पर लगाए आरोपों के मामले में 15 जून तक चार्जशीट दाखिल करने की माँग शामिल है। उन्होंने कहा कि 30 जून तक WFI चुनाव कराए जाने पर सहमति बनी है।

अनुराग ठाकुर ने आगे बताया कि खिलाड़िओं के साथ उनके कोच ने भी सकारात्मक माहौल में बात की है। इन माँगों में WFI की अध्यक्ष किसी महिला को बनाए जाने की माँग शामिल थी। 15 जून तक खिलाडियों की तरफ से कोई प्रदर्शन न किए जाने का भी भरोसा सरकार को दिया गया है।

खेल मंत्री ने कहा कि जब तक WFI के चुनाव नहीं होते हैं, तब तक IOA की एढॉक कमिटी में दो कोचों का नाम प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि पहलवानों की यह भी माँग थी कि WFI की आंतरिक शिकायत समिति बनाई जाए और उसकी अध्यक्षता कोई महिला करे।

खेल मंत्री के मुताबिक, लगभग 6 घंटे तक चली बैठक में पहलवानों ने यह भी कहा कि कुश्ती संघ का अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह या उनके सहयोगी को नहीं दिया जाए। पहलवान साक्षी मलिक ने बैठक के बाद कहा कि दिल्ली पुलिस खिलाड़ियों के खिलाफ 28 मई को दर्ज FIR वापस लेगी। वहीं, बजरंग पूनिया ने कहा कि प्रदर्शन 15 जून तक स्थगित हुआ है, खत्म नहीं।

गौरतलब है कि इससे पहले पहलवानों ने यूपी के कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी होने तक प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया था। केंद्र सरकार के साथ बैठकों से विनेश फोगाट नदारद थीं, क्योंकि वो फ़िलहाल खापों के साथ बैठक में थीं।

पहलवानों का यह आंदोलन लगभग 5 महीने से चल रहा है। इसको लेकर उन्होंने जनवरी 2023 में भी प्रदर्शन किया था। इसके बाद 23 अप्रैल से उन्होंने दोबारा धरना शुरू किया है। पिछले महीने पहलवानों ने रेलवे में नौकरी भी फिर से शुरू कर दी। बजरंग और साक्षी रेलवे में स्पेशल ऑफिसर्स हैं।

‘सिर्फ महाराष्ट्र में गिरोह ने बनाए 400 मुस्लिम’: ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए नाबालिगों का ब्रेनवॉश, 4 राज्यों में फैला है पाकिस्तान से जुड़ा धर्मांतरण रैकेट

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार मौलवी ने गेमिंग एप के जरिए धर्मान्तरण करवाने के मामले में कई खुलासे किए हैं। इस गैंग के तार पाकिस्तान से जुड़तेे दिख रहे हैं। गिरोह का सरगना शाहनवाज नाबालिगों को जाकिर नाइक और पाकिस्तानी मौलानाओं का वीडियो दिखाकर उन्होंने कट्टरपंथी बनाता था। अब तक 4 राज्यों में इस गैंग का नेटवर्क पाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपित शाहनवाज मकसूद खान नाबालिग छात्रों का ब्रेनवॉश करने के लिए बनाए गए सोशल मीडिया ग्रुप में पाकिस्तानी चैनल यूथ क्लब के वीडियो को शेयर करता था। इसमें पाकिस्तानी मौलाना तारिक जमील और भारत के भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक ज़ाकिर नाइक के वीडियो भी शामिल हैं।

देश के अंदर तेजी से फैल रहे धर्मान्तरण के इस रैकेट के तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र से जुड़े पाए गए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के एक अनजान कॉलर ने महाराष्ट्र पुलिस को फोन करके बताया कि इस गैंग ने सिर्फ महाराष्ट्र में 400 से अधिक लोगों का धर्मान्तरण कराए हैं।

शाहनवाज और उसके गैंग के निशाने पर ज्यादातर नाबालिग हुआ करते थे। गाजियाबाद में मामला उजागर होने के बाद फरीदाबाद के एक छात्र ने पुलिस को बताया की एक ऐप पर शेमलेस नाम का एक ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में कई नाबालिग बच्चे मौजूद हैं, जिन्हें इस्लाम की बारीकी बताई जाती थी।

छात्र का आरोप है कि इस ग्रुप में अन्य धर्म के लोगों को मुस्लिमों से नीचे साबित करने की कोशिश की जाती थी। फरीदाबाद के इस छात्र का भी धर्मान्तरण करवाने का प्रयास हुआ, लेकिन उसकी माँ के विरोध के चलते साजिश में सफलता नहीं मिल पाई।

इन तमाम इनपुट के बाद अब NIA और ATS भी इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। मुंबई के मुंब्रा क्षेत्र के रहने वाले शाहनवाज उर्फ़ बद्दो के फंडिंग सोर्स की भी जाँच पुलिस कर रही है। फ़िलहाल पुलिस की अलग-अलग टीमें अलग-अलग ठिकानों पर भेजी गईं हैं।

गाजियाबाद की एक मस्जिद की भूमिका संदिग्ध

पीड़ित के पिता द्वारा दर्ज करवाई गई FIR में गाजियाबाद शहर की एक मस्जिद की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। यह मस्जिद संजय नगर इलाके में बनी हुई है। इसी मस्जिद में जैन परिवार का लड़का नमाज पढ़ने जाया करता था।

पीड़ित पिता का दावा है कि उनके बेटे से कहा गया था कि इस्लाम कबूलने की वजह से अगर उसे घर से निकाला गया तो मस्जिद में उसे रहने की जगह दे दी जाएगी। बच्चे के पिता जब इस बावत मस्जिद में सवाल-जवाब करने गए तो उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला था।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से धर्मांतरण का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया था। जैन परिवार के एक 17 साल के लड़के का ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ब्रेनवॉश किया गया था। फिर वह 5 वक्त की नमाज पढ़ने मस्जिद जाने लगा था।

जब परिवार को इसका पता चला तो उसने भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाईक से प्रभावित होकर मुस्लिम बन जाने की बात कबूली। पीड़ित पिता ने बेटे की धर्मांतरण की कोशिश और ब्रेनवॉश करने के आरोप में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में केस दर्ज करवाया है। इसके बाद जाँच में इस गिरोह का खुलासा हुआ है।