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2024 में भी वही होगा, हमें पता है… राहुल गाँधी पर बरसे विदेश मंत्री S जयशंकर, कहा – विदेश जाकर भारत विरोधी नैरेटिव बनाना उनकी आदत

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ़ किया है कि भारत अब वो देश नहीं है तो दबाव, प्रलोभन और झूठे नैरेटिव के सामने झुक जाए। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र है जो...

विदेशी धरती पर बैठ कर भारत के बारे में नकारात्मक बातें करने वाले कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विदेश में राहुल गाँधी जो नैरेटिव बना रहे हैं, वो भारत के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा आज हमें न सिर्फ विकास साझीदार के रूप में देखता है, बल्कि एक ऐसे साझीदार के रूप में देखता है जहाँ के प्रधानमंत्री जो अभिव्यक्त करते हैं वो कर के दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा भारत की दूसरी छवि है एक आर्थिक साझीदार की। S जयशंकर ने मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गाँधी को विदेश में जाकर भारत की आलोचना करने और भारत को लेकर राजनीतिक टिप्पणियाँ करने की आदत हो गई है। केंद्रीय विदेश मंत्री ने कहा कि दुनिया तो यही देख रही है कि भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होते रहते हैं, कभी कोई पार्टी जीतती है तो कभी दूसरी।

उन्होंने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र नहीं होता तो इस तरह के बदलाव देखने को नहीं मिलते, सारे चुनावों के परिणाम एक समान ही होते। उन्होंने कहा, “2024 का चुनाव परिणाम भी वही होगा, हमें पता है। वो देश के भीतर रह कर जो कुछ भी करते हैं इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन देश की राजनीति को विदेश में लेकर जाना मेरे हिसाब से राष्ट्रीय हित में तो नहीं है।” बता दें कि राहुल गाँधी ने अमेरिका में ये दावा कर डाला कि उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को रोकने के लिए भाजपा की सरकार ने हरसंभव कोशिश की।

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ़ किया है कि भारत अब वो देश नहीं है तो दबाव, प्रलोभन और झूठे नैरेटिव के सामने झुक जाए। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र और मजबूत राष्ट्र है जो विदेशी दबाव में आसानी से नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी जो सरकार विरोधी नैरेटिव बना रहे हैं वो भारत में नहीं चलता और कोई इसे गंभीरता से नहीं लेता, इसीलिए इसीलिए अब इसे बाहर ले जाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी ये सोचते हैं कि इसे बाहर ले जाकर वो भारत में अपना काम बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को विदेशी धरती पर ले जाकर राहुल गाँधी की विश्वसनीयता बढ़ जाएगी, ऐसा उन्हें नहीं लगता। एक्सपोर्ट्स और FDI बढ़ने का उदाहरण देते हुए S जयशंकर ने कहा कि विश्वसनीय साझेदारियों का भारत हिस्सा बन रहा है। उन्होंने याद किया कि कैसे उनके अमेरिका दौरे में वहाँ के ‘सेमीकंडक्टर एसोसिएशन’ ने बताया था कि भारत में उनके 40,000 इंजीनियर भारत में केवल चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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